0:01 यस >> ओके गुड मॉर्निंग ऑल ऑफ यू आई एम डॉक्टर जयश्री टुडे आई गॉट ऑनर टू इंट्रोड्यूस प्रोफेसर आर एस तोमर सर प्रोफेसर तोमर इज द वाइस चांसलर ऑफ एमटी मध्य प्रदेश ग्वालियर एंड द फाउंडर कैंपस हेड ऑफ एमटी ग्वालियर विद मोर देन थ्री डिकेड्स ऑफ डिस्टिंग्विश एक्सपीरियंस इन टीचिंग रिसर्च एंड एकेडमिक एडमिनिस्ट्रेशन अक्रॉस यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज एजुकेशन ही हैज़ सिग्निफिकेंटली कंट्रीब्यूटेड टू द एडवांसमेंट ऑफ साइंस पर्टिकुलरली इन लाइफ साइंस ह रिसर्च एक्सपर्टीज लाइ इन एनवायरमेंटल बायोटेक्नोलॉजी एंड नैनो बायोटेक्नोलॉजी
0:46 विद अ स्पेशल फोकस ऑन बायोमीग्रेशन ऑफ एनवायरमेंटल हेल्थ इशू प्रोफेसर तोमर हैज़ ऑथर्ड ओवर 120 रिसर्च पेपर्स इन रेपुटेड नेशनल एंड इंटरनेशनल ल जर्नल्स फाइल्स नाइन पेटेंट्स थ्री पब्लिश्ड इन द पेटेंट जर्नल ऑफ इंडिया एंड रिटन फाइव बुक्स अलोंग विद सेवरल बुक्स चैप्टर विद लीडिंग पब्लिशर वर्ल्ड वाइड ह रिसेंटली एडिटेड बुक नैनो बायोटेक्नोलॉजी कांसेप्ट्स एंड एप्लीकेशन इन हेल्थ एग्रीकल्चर एंड एनवायरमेंट एप्पल एकडमी प्रेस सीआरसी प्रेस टेलर एंड फ्रांसिस ग्रुप यूएसए रिफ्लेक्स इज एकेडमिक लीडरशिप इन द फील्ड ही हैज़ बीन एन इनवाइटेड स्पीकर
1:33 एट मोर देन 45 नेशनल एंड इंटरनेशनल सेमिनार्स कॉन्फ्रेंसेस एंड वर्कशॉप एंड कंटिन्यूस टू कंट्रीब्यूट एक्टिवली एज अ मेंबर ऑफ प्रोफेशनल साइंटिफिक बॉडीज एज वेल एज अ रिव्यूअर ऑफ एंड एडिटर फॉर रेपुटेड जर्नल्स प्रोफेसर थॉमर्स विजनरी लीडरशिप एंड स्कॉलरली कंट्रीब्यूशन हैव एस्टैब्लिश्ड हिम एज अ प्रोमिनेंट एकेडमशियन रिस्चर एंड इनोवेटर इन कंटेंपरेरी हायर एजुकेशन एंड साइंटिफिक रिसर्च आई वेलकम यू सर एंड काइंडली एनलाइटन अस विद योर वर्ड्स ऑफ विज़डम वेलकम सर >> थैंक यू डॉक्टर जयश्री फर्स्ट ऑफ ऑल आई वुड लाइक टू थैंक डॉक्टर
2:21 हेलो आई ऑडिबल >> यस सर >> यस सर ऑडिबल >> यस सर यस सर >> फर्स्ट ऑफ आई लाइक टू थैंक यू डॉक्टर संजीव फॉर इनवाइटिंग मी टू हैव एन इंटरेक्शन विद ऑल ऑफ यू दिस इज़ अ पर्टिकुलरेंट टॉपिक दैट इज़ एक्चुअली चूजन फॉर दिस कोर्स एंड आई थिंक इट्स ओपन टू ऑल व्हाट काइंड ऑफ़ जेंट्रीज आर देयर बाय द वे हु आर द पार्टिसिपेंट व्हिच बैकग्राउंड >> सर ऑल ऑफ़ देम आर असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर हायर एजुकेशन >> हायर एजुकेशन >> ओके दे आर ऑल असिस्टेंट प्रोफेसर आई नो आई जस्ट वांट टू द बैकग्राउंड ऑफ एजुकेशन बिकॉज़ हाइब्रिड हाइब्रिड मोर सर इट >> इट्स अ मल्टीडिसिप्लिनरी >> सर मल्टी साइंस आर्ट्स >> ओके ओके आई गॉट इट राइट सो माय टॉक शुड बी
3:07 ऑफ दैट पर्टिकुलर लेवल आई डोंट हैव एनी प्रेजेंटेशन टुडे बट आई वुड लाइक टू हैव अ इंट्रोडक्शन विद ऑल ऑफ यू सो दैट वी कैन एक्चुअली अंडरस्टैंड दिस पर्टिकुलर रिफ्रेशर कोर्स मेन थीम दैट इज़ बेस्ड ऑन द एनवायरमेंटल साइंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट बेसिकली एनवायरमेंटल स्टडीज एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट हियर इट मीन्स टू से दैट हाउ वी कैन एम्प्लाई वेरियस काइंड्स ऑफ टेक्नोलॉजिकल एम्लीकेशनेशंस और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन फॉर दी सस्टेनेबल ग्रोथ ऑफ द कंट्री एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट यू ऑल नो व्हेन वी से सस्टेनेबल इट इज ओनली फ्रॉम द एनवायरमेंट पॉइंट ऑफ व्यू। सो इन श वी कैन से दैट इट सस्टेनेबल
3:53 ग्रोथ और सस्टेनेबल डेवलपमेंट और दी सस्टेनेबिलिटी ऑफ द एनवायरमेंट। सो इन श वी कैन से इट्स एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी। हाउ वी कैन प्लान डिफरेंट स्ट्रेटजीस। सो दैट आवर डेवलपमेंटल अप्रोचेस आर ऑलवेज इक्विप विद सम सॉर्ट ऑफ टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन बाय वि कैन हैव ए लेसर डिटेरेशन टू द एनवायरमेंट हियर आई विल नॉट से नो डिटोरिएशन बिकॉज़ व्हनेवर देयर इज़ डेवलपमेंट डिटेशन इस वांट टू हैपन डिटेशन एक्सटेंट टू व्हिच डिटेशन कैन बी डन इट शुड बी टेकन केयर ऑफ इफ इट इज द सेटअप ऑफ
4:39 एनी काइंड ऑफ इंडस्ट्री एनी काइंड ऑफ डेवलपमेंट ऑफ एनी इंस्टिट्यूशन यू नो दिस इज ऑलवेज एट द कॉस्ट ऑफ एनवायरमेंट व्हनेवर वी आर कमिंग अप विद बिल्डिंग्स देन वी आर सर्टेनली रिप्लेसिंग सम फॉरेस्ट एरिया फॉरेस्ट कवर एंड कमिंग अप वि द कंक्रीट फॉरेस्ट यू ऑल नो द मीनिंग ऑफ़ कंक्रीट फॉरेस्ट दिस कंक्रीट जंगल दैट इज़ रिप्लेस इन द एक्चुअल जंगल और नेचुरल जंगल दैट वाज़ दी मेन पर्पस ऑफ दी होल एनवायरमेंटल स्टेबिलिटी वास टू कंजर्व द एनवायरमेंट यू ऑल नो एनवायरमेंट इन शॉर्ट कंसिस्ट ऑफ टू मेजर कंपोनेंट्स एबायोटिक एंड बायोटिक
5:25 व्हेन वी टॉक अबाउट एनवायरमेंटल स्टेबिलिटी देन वी जनरली थिंक ऑफ डू नॉट कट द ट्रीज ट्राई टू कंजर्व द सोइल ट्राई टू डिटोरिएट और ट्राई टू मिटगेट दी एयर पोलशन बाय वेरियस काइंड्स ऑफ टेक्निक्स एंड मेथड्स दिस इज नॉट इनफ बिकॉज़ हियर वी से व्हेन बायोटिक एस्पेक्ट देन वी आर कंसीडरिंग द अदर एस्पेक्ट्स एस वेल। सो व्हाटएवर दी इनोवेशन हैज़ टू टेक प्लेस और व्हाटएवर दी एफर्ट्स वी कैन टेक अप दे शुड बी कंसीडरिंग द बोथ द कंपोनेंट्स ऑफ़ एनवायरमेंट। एनवायरमेंट एस अ होल यू ऑल नो इफ समबडी आस्क एनवायरमेंट देन एनवायरमेंट इज दैट व्हिच इज सराउंडिंग अस
6:11 नाउ दिस सराउंडिंग अस है नो लिमिट सिंग इन रूम योर रूम इज एनवायरमेंट योर बिल्डिंग इज इन अ पर्टिकुलर सेटअप दैट पर्टिकुलर सराउंडिंग ऑफ द बिल्डिंग इज द एनवायरमेंट एंड द सिटी होल सिटी इज द एनवायरमेंट सो वन ऑफ द अनदर स्मॉल टू द नेक्स्ट लेवल ऑफ द यूनिट्स यू आर फाइंडिंग दैट दे आर इंटरकनेक्टेड टू ईच अदर एंड दिस इज़ हाउ द एनवायरमेंट इज कनेक्टेड एंड इट इज नॉट नॉट हैविंग दैट काइंड ऑफ अप्रोच दैट यस आई एम लिविंग इन ए आयरन कर्टेन और एन आइसोलेटेड एरिया डू एनीथिंग दैट विल रिफ्लेक्ट ऑन होल एनवायरमेंट एंड दैट्स व्हाई यू नो इन द प्रेजेंट कॉन्टक्स्ट एनवायरमेंट लिस्ट व्हेन दे टॉक दे टॉक एट ग्लोबल लेवल आप सबको पता होना चाहिए कि जो एनवायरमेंट प्रॉब्लम है वो सिर्फ हमारे एक दो कंट्री
6:56 की नहीं है। एनवायरमेंट प्रॉब्लम उन सभी कंट्रीज की है जहां पर डेवलपमेंट हो रहा है। और सबसे ज्यादा डेवलपमेंट जिन कंट्री का हुआ है उन्होंने सबसे ज्यादा एनवायरमेंट को डिटे लीडिंग रोल इज प्लेड बाय द डेवलप कंट्रीज इन वि यूएस इज लीडिंग यूके इस फॉलोइंग जर्मनी इस फॉलोइंग फ्रांस इस फॉलोइंग यह सभी कंट्री सब मिलकर के जिस एक्सटेंट तक डिटोरेट किए एनवायरमेंट को और अब जब उसका रिपकरशन हो रहा है तो फिर पूरे वर्ल्ड को सिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि एनवायरमेंट का सस्टेनेबिलिटी होनी चाहिए। अब डेवलपमेंट जो होगा हर कंट्री को होगा। तो हाउ समबडी कैन स्टॉप देयर डेवलपमेंट बाय सिंपली वि द एडवाइस देयर लॉट ऑफ कार्बन क्रेडिट लॉट ऑफ सॉर्ट ऑफ पोलशन आर टेकिंग प्लेस प्लीज स्टॉप दिस एंड डू दिस
7:42 एंड दैट मेनी मेजर्स यू कैन टेक टू कटे दी दिस एनवायरमेंट पोलशन बट दे नॉट इनफ जस्ट अ मिनट
9:31 सॉरी एक्चुअली सिंग इन द ऑफिस मेनी पीपल कीप ऑन कॉलिंग ना ये बड़ी प्रॉब्लम होती है। मैंने ऐसे डॉक्टर साहब से निवेदन किया था कि अपन सैटरडे आई रिमेन फ्री। सो आई कुड हैव अ बेटर इंस्ट्रक्शन विद ऑल ऑफ यू। >> नहीं। डॉक्टर साहब >> कल कल कल कल भी आप रहेंगे 12 बजे से >> क्लोजिंग आपकी है ना इसलिए ठीक कोई बात नहीं >> फिर भी आप >> ठीक है आप आप चीफ गेस्ट रहेंगे हम लोग के बीच अभी सर ने भी बोला कि तोमर सर से बोल दो कि वो कल भी रहेंगे 12:00 बजे >> थोड़ा सा उम्र का फर्क है बाकी हम सब फैकल्टी है वी आर ऑल टीचर्स >> संधू सर संधू सर से बात हुई थी तो वो बोल रहे थे किमर सर से बोल देना मैं भी आ रहा हूं अभी थोड़ी देर में कल भी सर को बोलना 12 बजे रहने के लिए देखिए लेट्स सी ओके तो मैं आपको बता रहा था कि सशनेबिलिटी
10:18 कितनी इंपॉर्टेंट है हर कंट्री के डेवलपमेंट के लिए एनवायरमेंट डिटेशन जरूरी है। लेकिन उसे कैसे हम कम कर सकते हैं इसके बारे में बात कर सकते हैं अपुन जैसे कि अगर आप लोगों ने अभी लेटेस्ट सुना हो दी यूनाइटेड नेशन हैज़ सेट द 17 एसडीजीस। आप सबको आईडिया है इसके बारे में? 17 सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स >> यस सर। सर तो >> सरस >> पहला काम तो आप सब बीइंग अ फैकल्टी सबसे पहला काम आप लोग को ये करना चाहिए कि अपनी जितनी भी आपकी कोर्स हैं करिकुलम है एक्टिविटीज हैं उनको पहले एसडीजी से अलाइन करिए। यह मैं आपको टास्क दे रहा हूं। एस ए फैकल्टी दिस माय एडवाइस टू ऑल ऑफ यू कि फर्स्ट ऑफ ऑल अलाइन योर सिलेबस एस पर द
11:06 एसडीजीस एंड आल्सो वेरियस काइंड्स ऑफ इवेंट्स लाइक कॉन्फ्रेंस सेमिनार सिमफोजिया एफडीपी व्हाट वी ऑर्गेनाइज कैन वी अलाइन देम विद सम और अदर एसडीजी क्योंकि 17 एचडीजी में कहीं ना कहीं आपका कोई ना कोई एक्टिविटी ऐसी इन्वॉल्व होती है वो चाहे लाइफ ऑन लैंड हो लाइफ अंडर वाटर हो एनवायरमेंट तो अपने आप में है ही उसके अंदर एक गोल टूर्नामेंट की तो रिलेटेड इसमें ये आपको शायद जानकर आश्चर्य होगा कि जो 176 सेक्शन में डेवलपमेंट गोल्स हैं हमारे एक मिनट राइट जो 70 सेक्शन लेवल गोल्स हैं उन 70 सिस्टम गोल्स में से सेवन गोल ऐसे हैं जो कि एनवायरमेंट सस्टेनेबिलिटी के लिए बनाए गए।
11:52 मैंने कुछ नोट किया है। मैं आपको बताना चाहूंगा। पहला है गोल सिक्स। एसडीजी सिक्स ही इज डिवोटेड फॉर द क्लीन वाटर एंड सनिटेशन एसडीजी से दैट इज फॉर अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी देन एसडीजी 11 इट इज फॉर सस्टेनेबल सिटीज एंड कम्युनिटीज एसडीजी 12 इट इज फॉर रिस्पांसिबल कंजमशन एंड प्रोडक्शन एसडीजी 13 क्लाइमेट एक्शन एसडीजी 14 लाइफ बिलो वाटर एंड एसडीजी 15 इज द लाइफ ऑन लैंड। तो आप देख सकते हैं कि 17 में से सात ऐसे एचडीजी है जो कि एनवायरमेंट फोकस्ड है। अगर अपुन इनहीं पर बात कर ले ना तो शायद
12:39 है कि हमारा इस पूरे रेफरल कोर्स का पर्पस सॉल्व हो जाएगा और कुछ एक्शन में लेकर के आ जाए तो शायद एक हमारा बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन होगा सोसाइटी के लिए। एक फैकल्टी होने के नाते हम लोग टॉर्च बियरर हैं सोसाइटी के लिए। टीचिंग से बड़ा कोई प्रोफेशन नहीं होता। टीचर अपने आप में टीचिंग कह सकते हैं आप, टीचिंग प्रोफेशन कह सकते हैं आप। टीचिंग प्रोफेशन इस मदद ऑफ ऑल दी प्रोफेशंस। तो वी शुड फील प्राउड ऑफ दैट। कि हम जिस प्रोफेशन में काम कर रहे हैं वो प्रोफेशन हमारा छोटा मोटा प्रोफेशन नहीं है। ऐसा प्रोफेशन है जो कि सारे प्रोफेशन को जन्म देता है। आप किसी एग्जांपल ले लीजिए। जुडिशरी, पुलिस, डॉक्टर, इंजीनियर, यू मेंशन एन नंबर ऑफ प्रोफेशन। आई विल टेल यू दे आर ऑल ओरिजनेटेड फ्रॉम द टीचिंग
13:24 प्रोफेशन। किसी न किसी टीचर ने किसी ने किसी आईएएस को पढ़ाया है, किसी आईपीएस को पढ़ाया है, किसी कलेक्टर को पढ़ाया है, किसी प्राइम मिनिस्टर को पढ़ाया है, किसी प्रेसिडेंट को पढ़ाया है। ये सब कहीं ना कहीं किसी किसी टीचर के स्टूडेंट रहे हैं। तो आप एक ऐसे नवेल प्रोफेशन में हैं जहां पर आपको इसकी नोबेल्टी मेंटेन करना बहुत बड़ा चैलेंज है हमारे सामने। और चैलेंज क्यों है? उसके पीछे बताता हूं। प्रोविजन यह है कि हम जिस सोसाइटी में रहते हैं उस सोसाइटी में हमारा अपना एक सोशल स्टेटस होता है और उसको मेंटेन करना अपने आप में एक बहुत बड़ा हमारे लिए चैलेंज है और आप जानते हैं कि जब हम सिटी में रहते हैं तो सिटी में आप सुबह से ले शाम तक अगर आपकी जेब खाली है तो आप किसी
14:10 काम के नहीं है। सुबह सोके उठते हो तो दूध लेने से लेकर के और शाम को सब्जी लेके वापस आना घर तक जेब में हाथ डालते हो, पैसे निकालते हो, देते रहते हो। आजकल खैर आप मोबाइल ऑन करते हैं, फोन पे चालू करते हैं, Google पे करते होंगे। लेकिन कहीं ना कहीं आप देखते हैं मॉर्निंग से ले इवनिंग तक यू आर पेइंग पेइंग एंड पेइंग एक दिन सैलरी आती है और पूरे 30 दिन खर्च करते हैं आप। तो कहीं ना कहीं हमें लगता है कि सैलरी कम पड़ रही है तो कुछ और किया जाए। ये और क्या होता है? कहीं ना कहीं टीचर्स को इसने भड़का दिया और ऐसा भटका दिया है कि वो अपनी जो होते जा रहे हैं। मैं नहीं कहूंगा खो दिए। आज भी आपको ऐसे टीचर मिलेंगे जो कि मैं आप लोगों के लिए नहीं कह रहा हूं। मैं उनके लिए कह रहा हूं जो खो चुके हैं। मुझे पता
14:56 है आप लोग इतने सीरियसली एफडीपी अटेंड कर रहे हैं तो सबके अंदर ये दिमाग में है कि एफडीपी का पर्पस क्या है हमारे आने का यहां पर? तो हमें उस चीज को कहीं ना कहीं उसको फिर से जब तक हम लोग अपना आचरण नहीं सुधारेंगे तब तक हम किसी भी चेंज की संभावना या चेंज के बारे में बात नहीं कर सकते। सोसाइटी में चेंज तभी आएगा जब हम खुद अपने आप को चेंज करेंगे। चेंज बिगिंस फ्रॉम आवरसेल्फ अगेन फोन। यू विल गेट दिस सच काइंड ऑफ़ इंट्रोडक्शन अगेन अगेन। डॉक्टर संजीव बियर विद मी। तो टीचिंग का कह रहा था आपसे मैं तो हम
15:41 कैसे इस मैसेज को आगे पहुंचाए सोसाइटी में मैं ये कहना चाह रहा था जो सेवन हमारे गोल है उन गोल्स में से कितने गोल्स पर हम काम कर सकते हैं बेसिकली द फर्स्ट गोल दैट इज क्लीन वाटर एंड सनिटेशन क्लीन वाटर एंड सनिटेशन क्या हम सोसाइटी में छोटी छोटी चीजें लोगों को बता करके और उनका पपस सॉल्व कर सकते हैं क्या उनको बता सकते हैं कि क्लीन वाटर की कितनी जरूरत है हमारे लिए सैनिटेशन कितनी आवश्यकता है हमारे क्योंकि घर के आसपास गंदगी करना और प्रॉपर सैनिटेशन ना होना यह भी अपने आप में बहुत सारी बीमारियों की जड़ है। घर में साफ पानी ना आना आप जानते हो बहुत सारी बीमारियों की जड़ है। कई सारी वाटर डिजीज है दैट दे आर बिकॉज़ ऑफ़ अनसेफ वाटर दैट वी आर कंजमिंग। हम कोशिश करते हैं आरो वाटर यूज़ करें। सब कुछ करते हैं। लेकिन आरो वाटर की अपनी लिमिटेशंस है। उसमें कहीं ना
16:27 कहीं अभी भी हम उन चीजों को नहीं ठीक कर पा रहे हैं जो कि हमें सही मायने में करनी चाहिए थी। और उसका भी एक एडस इफेक्ट ये हो रहा है कि जो वाटर प्रोड्यूस होता है आर ओ से दैट समट बिकम अल्कलाइन टू एसिडिक और इस प्रोसेस में वो वाटर एक एक तरह से अपनी जो केमिकल प्रॉपर्टी है उसको लूज कर देता है तब आज एक नया इनशन चालू हो गया है अल्कलाइन वाटर अल्कलाइन वाटर नाउ इज बीइंग प्रोड्यूस्ड जो आप आरओ सिस्टम में 15000 का लेते हैं वो 60000 का आ रहा है अल्कलाइन वाला ये टेक्नोलॉजी इनोवेशन है तो ये हमारी नीड के नीड बेस्ड है लेकिन उससे जो एनवायरमेंट का डिटेशन हो रहा है उसके बारे में कोई बात नहीं हो रही है। आपके एक बोतल पानी को आरओ सिस्टम से प्रोड्यूस करने पर कम से कम एक से दो बोतल पानी आपका वेस्ट होता है। उस
17:13 वेस्ट वाटर को हम क्या करते हैं? उस वाटर को आप चैनलाइज कर दीजिए। इट कैन गो टू दी किचन गार्डन। इट कैन बी स्टर्ड समवेयर व्हिच कैन बी यूज्ड फॉर आवर डे टू डे एक्टिविटीज और सम काइंड ऑफ़ एक्टिविटीज़ व्हिच आर नॉट डायरेक्टली फॉर दी बाथिंग एंड वाशिंग। अदर एक्टिविटीज़ कैन बी यूज़्ड फॉर लाइक इरीगेशन एटसेट्रा। यह हो सकता है। सनिटेशन ऑफ कोर्स वेरीेंट देन गोल सेवन अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी गोल अफोर्डेबल क्लीन एनर्जी क्या है? एनर्जी तो हमने सब जानते हैं एनर्जी क्या है? बट क्लीन एनर्जी क्या हो सकती है? आज के टाइम में गवर्नमेंट इतनी सारी स्कीम लेकर के आई है। व्हाई वी कांट हैव ए रूफ टॉप सोलर सिस्टम फॉर आवर हाउस। जो आपकी रिक्वायरमेंट है 3 किलोवाट, 5 किलो वाट, 6
17:59 किलो वाट की उसके बेसिस पर आप अपने रूफ टॉप लगवाइए। आपका बिल का बिल भी कम होगा एंड यू विल कंट्रीब्यूट इनडायरेक्टली टू द नेशन बिल्डिंग। बिल तो कम हो ही रहा है। साथ में आपका एक तरह से जो भी उसमें खर्चा आएगा नेचुरली खर्चा बहुत ज्यादा नहीं आता है। आप मान के चले एक रफली 70-800 पर किलोवाट खर्चा आता है। अगर आप 3 किलोवाट का लगाते हैं तो यू कैन से समथिंग अराउंड 2.10 और समथिंग लाइक दैट। क्योंकि उसमें गवर्नमेंट की सब्सिडी मिल जाती है। तो इस तरह से एक काम हम ये कर सकते हैं। आप करेंगे तो दूसरे आपको देख करेंगे। पूछेंगे क्यों किया आपने यह? तो आप उनको ये मत बताना कि हम बहुत एनवायरमेंट एनवायरमेंट कंसर्न है। हम इंग्रेजी यूज़ करना चाहते हैं। क्यों सोचेंगे अरे पता नहीं क्या बोल रहे हैं। साइंटिस्ट लोग हैं ये लोग तो उनको बोलना पैसे बचते हैं इसमें। आम पब्लिक से उसकी
18:45 भाषा में बात की जाती है। कैसे पैसे बचते हैं? बोले बिजली पैदा होती है। ग्रिड में जाती है। हम उसको यूज़ करते हैं। प्लस माइनस जो निकलता है हमारा उसमें जहां बिल हमारा 10,000 का था अब कम हो 2000 का हो गया। जिसका बिल 2000 का होगा उसका बिल जीरो हो जाएगा। उसके बाद तो यानी ऐड होना चालू हो जाएगा। दिस गुड इनू द क्रेडिट। ये समझा सकते हैं हम लोग। तो इस तरह से इन गोल के अचीवमेंट में हम कैसे हेल्प कर सकते हैं? एक और गोल है सस्टेनेबल सिटीज एंड कम्युनिटीज। अब सस्टेनेबल सिटीज क्या होती है? सस्टेनेबल सिटीज एंड कम्युनिटी का मतलब क्या हुआ? हमारी जितनी भी एक्टिविटीज होती है एक पर्टिकुलर सिटी की बाउंड्री में होती है। और उस सिटी की बाउंड्री का मतलब यह है कि उसमें आपकी जो बेसिक रिक्वायरमेंट्स है दे मस्ट बी फुलफिल्ड।
19:32 और जो आपके लिए फैसिलिटीज होनी चाहिए दे शुड बी प्रोवाइडेड। ये कौन प्रोवाइड करेगा? यह प्रोवाइड करने का काम गवर्नमेंट का अकेले का नहीं है। वी हैव टू अंडरस्टैंड दिस थिंग दैट गवर्नमेंट इज नेवर कमिंग फॉरवर्ड टू अंडरस्टैंड प्रॉब्लम। गवर्नमेंट ऐसे है जैसे कि जब बच्चा रोता है तब मां दूध पिलाती है। जब आप जाओगे दो तीन बार बोलोगे तब प्रॉब्लम सॉल्व होगी। कहीं आपकी सिविल लाइन चौक हो गई है तो आपको जाना ही पड़ेगा। वी विल टेल देम कि भाई ये प्रॉब्लम हो रही है। पूरा एरिया बेकार हो रहा है और हो सकता है कोई एपिडेमिक फैल जाए। तो उसका आप ध्यान दे इसी चीज का तो हम कैसे अपनी कम्युनिटीज को अपनी सोसाइटी अपनी सिटी को इस मॉडल में कन्वर्ट कर सकते हैं दैट यू कैन से द सस्टबल सिटी और सस्टेनेबल कम्युनिटी
20:19 ऐसे ही कुछ चीजें और है जैसे रिससिबल कंजमशन एंड प्रोडक्शन दैट इज एचडीजी 12 ये कहता है कि आपका जो कंजमशन है वो कंजमशन रिसोंसिबल होना चाहिए कैसा रिससिबल कि एक सिंपल सी देसी कहावत है कि उतना लो थाली में व्यर्थ न जाए नाली में है ना अब हम क्या करते हैं जैसे किसी सिस्टम में गए पार्टी है बुफे में गए हैं भीड़ ज्यादा है तो एक बार भी प्लेट में इतना भर लेते हैं कि वो अपने से खातिर ही बनता है और उठा के उसको फेंक देते हैं अब वो तो कोई नहीं खाएगा तो कहीं ना कहीं क्या हमारा कंजमशन रिसोंसिबल हुआ ये कहीं नहीं हुआ
21:04 अरे एक दो बार जाओ ले उसको जितना खाना है उतना ले लो। घर में भी हम यही कर सकते हैं। घर में भी कई बार ज्यादा प्रोसेस के फ्लो में जैसे आज हम चपाती चार खाते हैं तो आज इच्छा नहीं हो रही खाने की तब भी आज दो खाने की इच्छा हो रही तब भी घर में बोला क्यों दो खाओगे? बीमार हो क्या? दो और खाओ चार खाओ। चार खाते रोज बीमार पड़ गए क्या? तो ये कहीं ना कहीं समझने वाली बातें हैं। छोटी-छोटी बातें हैं जिसमें हम एक तरह से रिससिबल कंजमशन का मतलब समझे। अपनी बॉडी के रिक्वायरमेंट के अकॉर्डिंग कंजमशन करें और उसके हिसाब से हम रिससिबिली प्रोड्यूस भी करें। अब प्रोड्यूस कैसे करेंगे? हम तो शहरों में रहते हैं। हम कैसे प्रोड्यूस करेंगे? कर सकते हैं। आपके पास जितनी भी जमीन हो, आपके पास जमीन हो, छत होगी आपके पास। जौनपुर में आपके डिपार्टमेंट में डॉक्टर
21:50 साहब के संजीव जी के डिपार्टमेंट में सुरेंद्र सिंह जी हमारे हैं। सुरेंद्र सिंह जी हमारे ट्रेस फार्मिंग करते हैं। उनके घर की जो रिक्वायरमेंट होती है सब्जी की वो अपने घर से पूरी करते हैं। यस सर उनका लेक्चर हुआ था सर >> हुआ था ना तो आप सोचो बताओ एग्जांपल दे रहा हूं बिकॉज़ आई नो हिम पर्सनली और वो काफी उसमें इन्वॉल्व रहते हैं इससे आपको सिर्फ आपकी प्रोडक्शन रिक्वायरमेंट पूरी नहीं हो रही है आपकी रिक्वायरमेंट पूरी नहीं हो रही है आपको आपका घर भी अच्छा लगेगा आपको बैठते हुए अच्छा लगेगा उनके बीच में जाकर के पेड़ पौधों के पास बैठ के अपने आप ही मन अच्छा हो जाता है ध्यान रखिए अगर आप अपनी दो आदतें जीवन में उतार ले पहली यह कि आप पेड़ पौधों के पास खड़े हो उनको ए्ब्रेस करें, आलिंगन करें उनका।
22:38 बड़े-बड़े ट्रीज होते हैं। और दूसरा आप जिस पर्टिकुलर एनिमल को पालते हैं, मैं डॉग लवर नहीं हूं और ना मैं पालता हूं और ना मैं किसी को रिकमेंड करता हूं। कम से कम गौ माता को ही आप आलिंगन कर ले। आप देखना इतनी सीधी होती है कि आप प्यार से पहले हाथ फेरना उनके ऊपर। फिर आराम से आहिस्ता-आहिस्ता आपसे फ्रेंडशिप हो जाएगी और फिर आप जो टाइम फिक्स कर दोगे मॉर्निंग में अपने घर के सामने उसी टाइम पर आपके पास पहुंचेंगे आने के लिए। चाहे एक चपाती दे चाहे दो चपाती दे उन्हें खाने के लिए। ये आपका दिन एकदम सेट हो जाता है। दो काम कर ले आसपास कोई पेड़ हो आपको कितनी भी स्ट्रेस हो रही हो। कितनी परेशानी में आप हो किसी बात करने की जरूरत नहीं है। रह रहे मन निज मन की व्यथा
23:25 मन ही राखो गोए। सुन इठले है लोग सब बांटने ल है कोई जाके पेड़ों से बट जाओ रोना है जाकर रो लो पेड़ से पट के उसको बता दो कि देखो आज मेरे साथ ये हो गया आप देखना विद इन अ वीक आप में चेंज आएगा और गौ माता क्या नहीं किया है तो ये जो हमारी इंडजीनियस नॉलेज है इसका हम एज ए साइंटिस्ट एज अ फैकल्टी क्या यूज़ कर रहे हैं नो वी आर नॉट टेकिंग केयर ऑफ़ ऑल दी थिंग्स कहीं ना कहीं हमारे लाइफ में अगर स्ट्रेस है तो स्ट्रेस इस बिकॉज़ ऑफ़ आवर लाइफ लाइफ स्टाइल वी हैव फॉरगॉटन आवर दोस इंडजीनियस थिंग्स व्हिच कैन कंट्रीब्यूट लॉट इन द डेवलपमेंट ऑफ आवर फ आवर सोसाइटी आवर कंट्री एस वेल इस पर हमें ध्यान देना पड़ेगा वापस आना पड़ेगा हमें उन चीज में
24:11 लौट करके और आज की डेट में हमारे बहुत सारे बच्चे जो आईआईटी और आईएम करके फॉरेन चले गए थे और उसके बाद पैकेज उनके अच्छे खासे थे करोड़ों के पैकेज छोड़ के बच्चे वापस आ रहे हैं एंड नाउ दे हैव स्टार्टेड फार्मिंग खेती करना शुरू कर दिया है क्योंकि उनको पता है कि खेती साइंटिक तरीके से कैसे की जाती है। अब आप सोचो कि एक 10 हेक्टेयर का आपका एक कोई एग्रीकल्चर फील्ड है और उसमें कुछ प्लांट्स मर रहे हैं। आपका ड्रोन उड़ता हुआ जा रहा है। जहां पर प्लांट्स मर रहे हैं। उन्हीं पे जाकर के दवाई छिड़ गया। उसी पॉइंट पे जाकर के। पहले किसान क्या करता था? ढेर सारी दवाई छ दिया करता था पूरे खेत में। के एक एक दो पौधों को लगा पूरे पौधों को दिया जा रहा है। जैसे एक पर्टिकुलर कम्युनिटी में सिटी में दो चार लोग बीमार पड़ जाए तो हम पूरे मोहल्ले को ही दवाई देना चालू कर दे। ऐसे तो यह जो
24:57 एक रफ सिस्टम था वो कहीं ना कहीं प्रिसाइज हो रहा है। यही है प्रिशन एग्रीकल्चर। रिशन एग्रीकल्चर की शुरुआत की थी इजराइल ने और आज इंडिया उसको धीरे-धीरे अडॉप करती जा रही है और बहुत सारी टेक्नोलॉजी इस तरह की आती जा रही है कि डे बाय डे इनोवेशन हो रहे हैं और हम आने वाले समय में हम तो वैसे भी कृषि विधान देश है तो क्यों ना हम कृषि के बारे में बात करें और होता है देखो हम सबके कहीं ना कहीं पेरेंट्स या ग्रैंड पेरेंट्स या उनके पेरेंट्स जमीन से जुड़े हुए रहे होंगे आई एम श्योर यहां कोई ऐसा नहीं होगा जिनके कोई ना कोई जनरेशन जमीन से जुड़ी हुई ना रही हो तो वो हमारे रूट्स में है। रूट्स हमारी वही है। हमारे नेचर में है। तो हमें समझना चाहिए इस चीज को कि हम कैसे रिससिबल कंसमशन और प्रोडक्शन कर सकते हैं। नेक्स्ट
25:44 पॉइंट है क्लाइमेट एक्शन। क्लाइमेट एक्शन बेसिकली हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। क्योंकि क्लाइमेट तो एक बहुत बड़ी चीज है। लेकिन कंट्रीब्यूट क्या कर सकते हैं? वी कैन डू ए फॉरेस्टेशन। आप स्टार्ट करें अपने घर के आसपास से। आप घर के आगे पार्क हो, घर में जगह हो या छत पर जगह हो तो कुछ ऐसे ट्रीज आप लगा सकते हैं, सैपलिंग लगा सकते हैं ट्रीज की जो कि आगे चलके बहुत कुछ कंट्यूट कर सकती है और जितनी सिटी ऐसी है जहां पर के फॉरेस्टेशन अच्छा हो गया है। तो वहां पर टेंपरेचर ऑटोमेटिकली 45 डिग्री कम हो जाता है। ये तो आप फील भी करते हो गर्मियों के दिनों में जिन रोड्स के किनारे पेड़ बहुत सारे लगे होते हैं वहां टेंपरेचर ऑटोमेटिकली कम होता है। तो क्या हम ऐसा कोई इनिशि ले
26:29 सकते हैं क्या जिसको हम एनवायरमेंटल एक्टिविटी कह सकते हैं कि हम कैसे इसको एनवायरमेंट को और ज्यादा अच्छा बना सकते हैं सिटी के लिए सिटी की एनवायरमेंट बनाने में टाइम लगेगा लेकिन बन जाएगा ये निश्चित है इट मे टेक 10 20 इयर्स बट इफ यू स्टार्ट समथिंग पीपल सर्टली फॉलो यू आप क्या कर रहे हैं आप भी मान के चलो कि गॉड्स मैसेज कि मुझे नेचर कुछ ठीक करना है क्लाइमेट में बहुत हमारा बिगड़ गया हमारा क्लाइमेट या कहीं का भी क्लाइमेट हो उसको क्या हम कैसे ठीक कर सकते हैं तो योर कंट्रीब्यूशन कैन गो ए बिग वे। दूसरा किस तरह से हमारे व्हीकुलर ट्रैफिक है या और बहुत सारी चीजें जो सिटी के अंदर होती है उनको हम किस तरह से और मैनेज कर सकते हैं जिससे कि क्लाइमेट पर एक मिनिमम इफेक्ट हो। इसके लिए हमें अपनी सारी बसेस हुई है
27:15 हमारे जो लोकल ट्रांसपोर्ट है उनको सीएनजी पे लाना पड़ेगा। अभी एक और सिस्टम आ गया है बीएजी बायोगैस कंप्रेस्ड बायोगैस सीबी सीएनजी एंड सीबीजी ग्वालियर में 10,000 गौशाला 10,000 गौओं की ये गौशाला यहां पर है और उसका जो डंग निकलता है गोबर निकलता है उसको कहीं ना कहीं वो लोग प्रोसेस नहीं कर पा रहे ठीक से तो जनरली वो जो अपने नॉर्मल तरीका होता है उपले बनाने में और उसमें यूज़ कर रहे थे। कुछ खाद बनाने में यूज़ कर रहे होंगे। लेकिन एक अच्छा इनिशिएटिव ये हुआ कि इसमें एमटी का भी अपना रोल है थोड़ा सा। एमटी यूनिवर्सिटी नगर निगम ग्वालियर एंड गौशाला
28:00 ग्वालियर जो कि लालटेपरा पर है। ग्वालियर गौशाला नगर निगम और एमटी हम तीनों ने मिलकर के एमओयू साइन किया है। और ये एमओयू अपने साइन किया है। एक बहुत बड़ी यहां परस्टब्लिमेंट हो चुकी। उसके बाद उसका पार्ट हम नहीं थे। आई एम नॉट सेइंग आई एम अ पार्ट ऑफ दैट। और वो था इनिशिएटिव बाय आईओसीएल इंडियन ऑल कॉरपोरेशन लिमिटेड आईओसीएल ने एक प्लांट लगाया है जो कि 100 टन गोबर को यूज़ कर सकता है उसके अंदर और उससे जो गैस निकलती है उस गैस को ऑटो में कुकिंग में सब में यूज़ किया जा रहा है एक दिन में कम से कम एक लाख से लेकर दो लाख तक का गैस वो लोग सेल आउट कर रहे हैं। अब सोचिए कितना सस्टेनेबल अप्रोच है ये कि सिर्फ गाय के गोबर को जिसको हम सोचते हैं किसी काम का नहीं है। आज उसकी जो स्लरी निकल रही है उस
28:45 सिलरी को हम कोशिश कर रहे हैं कंपोस्ट के पॉइंट ऑफ व्यू से जो गैस निकल रही है उसके हम कंप्रेस बायोगैस यानी सिलेंडर भर रहे हैं इनफ जो ऑटो रिक्शा चलते हैं उनको प्रोवाइड कर रहे हैं कुकिंग गैस में यूज़ कर रहे हैं एंड नंबर ऑफ यूज ऑफ़ दैट ये है एक हमारी अप्रोच जो कि छोटा सा एग्जांपल दिया आपको एक गौशाला ने स्टार्ट किया है ऐसी गौशाला हमारे हमारे हर शहर में होनी चाहिए जो गाय हमारी यानी रोड पे घूमती फिर रही है और कहीं ना कहीं ट्रैफिक फिक का ट्रैफिक में अटकती है एंड सो मेनी टेक प्लेस आई थिंक अगर हम उनको एक एक से दे दे तो भले ही दूध ना देती हो लेकिन जो गोबर दे रही है उससे आपको बहुत सारा बेनिफिट हो सकता है और कई लोग ऐसे हैं शहर के कई सारे पढ़े लिखे लोग चाहते हैं कहीं कहीं गाय मिल जाए उनको चारा खिला दे कुछ कर दे आप
29:33 खुद देखेंगे कि ऐसी गौशाला में लोग जाते हैं विजिट करने के लिए ग्वालर गौशाला में तो अपने निसिट भी लिया हुआ है कि आप अपना मैरिज एनिवर्सरी अब बच्चे का बर्थडे आप भले ही किसी होटल में मनाए कोई दिक्कत नहीं है। वो तो एक अपना ट्रेडिशन है। बच्चों को पसंद नहीं आता कहां ला खड़ा कर दिया पापा मम्मी ने गायों के बीच में। तो बच्चे तो बच्चे हैं। लेकिन पेरेंट्स समझदार है हम लोग। तो हम तो ये समझ सकते हैं इस चीज को। बच्चों को लेकर के जाए। उन्हें दिखाएं बेटा गाय क्या होती है। अपने हाथ से कुछ खिलाएं। उन बच्चों बच्चों के द्वारा उन्हें केले खिलाएं या जो भी उनका चारा है जो भी हरा चारा आप दे सकते हैं। उन्हें कुछ कंट्रीब्यूट कर दें। क्योंकि यहां पर जैसे ग्वालर गौशाला में कभी मैं विजिट करता हूं तो उनसे बोलता हूं एक ट्रॉली हरा चारा कितने कितने का आएगा? बोले सर ₹00 का मैं ठीक मंगवा दो। तो इस तरह के छोटे-छोटे काम हम लोग कर सकते हैं। बड़ा काम नहीं है। हम लोग जिस धर्म में
30:20 जिसमें पैदा हुए हैं उसमें हमें सिखाया गया है कि आप जो अर्न करते हैं उसका कम से कम कुछ परसेंट कहा तो 10% गया है लेकिन 10 नहीं तो 5% सही 1% सही कुछ ना कुछ थोड़ा सा हमें वापस भी देना चाहिए सोसाइटी को या कहां जहां भी आप कर सकते हैं किसी भी चैरिटी में यू शुड गिव इट बैक। तो इस तरह से हमारा कंट्रीब्यूशन इसमें हो सकता है। एज ए टीचर एस फैकल्टी मेंबर। इसके बाद दो है लाइफ बिलो वाटर एंड लाइफ ऑन लैंड। जो भी हम लाइफ देखते हैं दैट लाइफ इज अ पार्ट ऑफ इकोसिस्टम। एनीथिंग दैट यू आर सीइंग सराउंडिंग यू इज कनेक्टेड टू यू। बी इट ए बायोटिक और बायोटिक। उसका इफेक्ट आप पर होता ही होता है। आपके आसपास चाहे कोई एनिमल्स हो,
31:09 प्लांट्स हो, ट्रीज हो, कुछ भी हो अगर आप उनसे एक्सप्रेशन करेंगे तो आप उनका रिसोंस मिलेगा। आप चाहे जमीन के अंदर जमीन के अंदर क्या मिलेगा आपको? अंडर वाटर की बात हो रही है यहां पर अंडर वाटर या लैंड के ऊपर कोई भी ऑर्गेनिज्म्स हैं उन सब ऑर्गेनिज्म्स को अपने जीने का अधिकार है और जब मैं कहता हूं ऑर्गेनिज्म्स तो इट्स नॉट ओनली द ऑर्गेनिज्म व्हिच यू आर सीइंग वि द नेकेड आइस प्लांट्स टी यही नहीं वो भी जो आपको वो देखते नहीं है और वो है माइक्रोबायोटा माइक्रोबायोटा किसानों को भी समझाना पड़ेगा क्योंकि किसान बहुत सारा माइक्रोबायोटा डिस्ट्रॉय कर रहे हैं खेत काटने के बाद जो उसमें उसका रिमेंस बचता है उसमें आग लगा देते हैं। देखा होगा
31:54 आप लोगों ने खेत जलते हुए। आपको पता है जब खेत में आग लगाई जाती है तो जो सोइल फर्टिलिटी है वो कितनी डिटेट हो जाती है। उसके अंदर अर्थवार्म्स है। उसके अंदर बहुत सारे बैक्टीरिया है। वो आप जानते हो राइजोबियम वगैरह सब उसी में आते हैं। इतने सारे बेनिफिशियल बैक्टीरिया उसके अंदर हैं। वो सारे बैक्टीरिया डेड हो जाएंगे। सोइल अपने आप में डेड हो जाएगी। ऊपर से आपने खरपत्ता जला दिया है। आप सोच रहे आपने अच्छा काम कर दिया है। अब जो राख बची उसको मिला दोगे और खेत अच्छा हो जाएगा। नहीं होगा। आपने उसको टोटली डेड कर दिया सोइल को। अब उसको न्यूट्रिएंट्स जो आप देंगे वो देंगे आप केमिकल फॉर्म में। वो चाहे एनपीके हो और चाहे दूसरी यानी जो भी माइक्रो न्यूट्रिएंट्स है आप उसको उस फॉर्म में देंगे। नेचुरली ये सब केमिकल चीजें हैं। केमिकल बिकम द पार्ट ऑफ द फूड
32:40 चेन और वो केमिकल हमारी बॉडी में भी आता है। एक दिल्ली मास्क की न्यूज़ है बिल्कुल लेटेस्ट। उसमें यह न्यूज़ आई थी कि मदर के मिल्क में जो मदर अपने बच्चों को ब्रेस्ट फीड कराती है उनके मिल्क में पेस्टिसाइड मिला। कैन यू इमेजिन? क्योंकि पेस्टिसाइड, इंसेक्टिसाइड, हर्बीसाइड्स ये जितने भी केमिकल्स हैं, ये केमिकल्स एक बार अगर फूड चेन में एंटर हो जाते हैं तो ये एलिमिनेट नहीं होते। दे बिकम पार्ट ऑफ़ फूड चेन। और फूड चैन का मतलब है कि जो प्लांट्स ने प्रोड्यूस किया है उसके अंदर आ गया है। प्लांट्स को जो एनिमल्स कंजम करेंगे उनमें चला जाएगा। गाय भैंस जो भी होंगे दूध आप लेंगे उसमें जाएगा। मां जो भोजन खा रही है उस भोजन कंटमिनेशन होगा तो मां के मिल्क में आ
33:25 जाएगा और बच्चों को भी वही पे लेटन फूड मिल रहा है। इसीलिए आप देख रहे हैं आज की डेट में इनफेंट्स में वो प्रॉब्लम हो रही है जो ओल्ड एज में बच्चों को हुआ करती थी। ओल्ड एज लोगों को बच्चों को नहीं ओल्ड एज लोगों को हुआ करती थी और बहुत सारे ऐसे इश्यूज जो कि हमने कभी सुने नहीं थे वो इश्यूज एक 70 80 ऐ के बाद आते थे वो आजकल बिल्कुल दो तीन साल के बच्चों में मिल रहे हैं क्यों मिल रहे हैं ये सब इट इस बिकॉज़ ऑफ दिस अनस्ट यूज़ ऑफ पेस्टिसाइड इंसेक्टिसाइड हर्मीसाइड और इतना बेतायत यूज़ कर रहे हैं कि हम ध्यान ही नहीं दे रहे हम कर क्या रहे हैं तो हम क्या कर सकते हैं इस पर हमें सोचना पड़ेगा टेक्नोलॉजी हमारी ऐसी ऐसी बननी चाहिए जो कि हमारे सस्टेनेबल एनवायरमेंट ग्रोथ में हेल्प कर सके। सस्टेनेबिलिटी और सस्टेनेबल एनवायरमेंट तभी हो सकता है जब हमारा
34:11 टेक्नोलॉजी इनोवेशन उस उस डायरेक्शन में होगा। जैसे मैंने एग्जांपल दिया आपको कि ड्रोन से पेस्टिसाइड स्प्रे करना। ड्रोन से उन जगह पर पानी देना जहां पानी की जरूरत है। जहां नहीं है पानी नहीं देना। तो ड्रोन विल सेंस इटसेल्फ। सेंसर लगे हैं उसके अंदर। इजराइल के पास जमीन बहुत कम है लेकिन जो उसकी नीड्स है उसके पैदा कर लेता है और नीड से ज्यादा पैदा कर लेता है नहीं तो आप सोचो एक छोटी सी कंट्री जिसके पास कंट्री ही नहीं थी वो आज एक नहीं 10 10 कंट्री से युद्ध कर रहा है इतनी ताकत इतनी उसकी इकोनमिक जो पावर है कहां से आ गई उसके पास इट इज ओनली बिकॉज़ टेक्नोलॉजी इनोवेशन दे हैव डन हम लोग डिपेंड हुए थे हमारे ब्रह्मोस में जो
34:56 मिसाइल लगाकर हमने अटैक किया था पाकिस्तान पर वो मिसाइल तो हमने उससे सीखी है लेना प्रसीजन क्या होता है हमने इजरा से सीखा है के 100 200 किलोमीटर दूर मिसाइल जाकर के कोई चीज ब्लास्ट हो रही है और वहां पर बिल्कुल छोटे से एरिया में जनरली एक बाय एक मीटर के एरिया में जाके अटैक हो रहा है जहां करना था वही अटैक हो रहा है ये आप लोगों ने भी न्यूज़ में देखा होगा सुना होगा आपने तो जरूरत आज इस चीज की है कि एनवायरमेंट सस्टेबिलिटी की बात हम करते हैं हमें ध्यान देना पड़ेगा कि हम एनवायरमेंट सस्टेबिलिटी तभी कर पाएंगे जब हम टेक्न टेक्नोलॉजी का इनोवेशन एनवायरमेंट ओरिएंटेड करेंगे जब और तभी हम कुछ अचीव कर पाएंगे। कुछ एग्जांपल मैं देना चाहूंगा आपको। जैसे आईटी और आईटी रिलेटेड इक्विपमेंट्स में क्या हो रहा है? कंप्यूटर यूज़ करते हैं हम लोग मोबाइल यूज़ करते हैं। हम सभी यूज़ करते हैं उसको
35:42 क्योंकि हमारी लाइफ इससे इजी बनती है। और कभी-कभी क्या होता है? इसका जो यूज़ करने के बाद जो मिसयज होता है वो बड़ा खतरनाक होता है। व्हाट इज दैट? दैट इज डिस्पोजिंग ऑफ दी डिवाइसेस वि आर नॉट यूजेबल। ऐसी डिवाइसेस को डिस्पोज करना अपने आप में बहुत बड़ा चैलेंज है। सरप्राइज टू नो दैट दैट एनुअली वर्ल्ड जनरेट्स बिटवीन 20 टू 50 मिलियन मीट्रिक टन्स ऑफ ई वेस्ट। 20 से 50 मिलियन मीट्रिक टन ई वेस्ट निकलता है जिसमें आपके कंप्यूटर टूटे हुए, मोबाइल टूटे हुए वो सब उसमें शामिल होते हैं। और ये सब इन एन
36:27 एवरेज कह सकते हैं आप कि एक साल में लगभग 1.75 मिलियन मीट्रिक टन ई वेस्ट जनरेट होता है। और इसका डिस्पोजल अपने आप में एक बहुत बड़ा चैलेंज है। तो क्या होगा इसके लिए? क्या कर सकते हैं अपुन? कैन वी रिसाइकल देम? कैन वी यूज देम फॉर रिफ्रिकेशन? तो इससे कम से कम रिटोरेशन होगा। चीजों का यूज हो सकता है। ऐसे ही एनर्जी प्रोडक्शन अभी अपने बात की है कि एनर्जी का सस्टेनेबल यूज़ कैसे करें अपुन लोग एनर्जी का ग्रीन ग्रीन एनर्जी कैसे प्रोड्यूस करें। अभी जो एनर्जी हम प्रोड्यूस करते हैं एनर्जी में कोल मेजर रोल प्ले करता है। बहुत सारी एनर्जी का मेजर पार्ट कोल से पता होता है हमें और इस कोल की डिमांड डे बाय डे बढ़ती जा रही है और इसके जो कोल से जो डिफरेंट डिफरेंट
37:13 टाइप्स के ब्लूटेंट निकलते हैं ये हमारे पूरे प्लनेट्स को पूरी तरह से अफेक्ट कर रहे हैं। तो क्या हम कोल का अल्टरनेटिव ढूंढ सकते हैं? कोल का अल्टरनेटिव इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस करने के लिए धीरे-धीरे आ गया है। मैंने एग्जांपल भी दिया आपको। सोलर पावर प्लांट इंडिया विल बिकम द फर्स्ट कंट्री इन द वर्ल्ड प्रोड्यूसिंग मैक्सिमम एनर्जी रिक्वायरमेंट गेटिंग मैक्सिमम एनर्जी रिक्वायरमेंट फुलफ्ड थ्रू द सोलर सिस्टम और इसलिए गवर्नमेंट सब्सिडी भी दे रही है कि कम से कम अपनी एनर्जी रिक्वायरमेंट आप खुद पूरी करें और कंट्री में अपना कंट्रीब्यूशन दें। अब जब हर घर पर सोलर सिस्टम लगा होगा 3 किलोवाट का 5 किलो वाट का बहुत कॉस्टली नहीं होता है। उसकी कॉस्ट आपकी तीन चार साल निकल भी आएगी पूरी लेकिन उसका फ्री हो जाएगा। लेकिन आपने बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन नेचर को दे दिया है। तो कहीं भी जगह आपके घर में हो छत पर कहीं पर आप
38:00 प्लांट जरूर लगवाइए। इवन अगर कोई जगह ऐसी हो जो खेतों में जगह है जहां कुछ पैदा नहीं होता है। इवन वहां पर भी आजकल गवर्नमेंट सब्सिडी दे रही है। एक बड़ा प्लांट आप गवर्नमेंट के कोलबोरेशन में मिलकर के लगा सकते हैं। बहुत सारी स्कीमें हैं जिनके बारे में हमें पता नहीं है। हमें लोगों को बताना चाहिए बीइंग ए टीचर। दिस इस वन ऑफ द रिसोंसिबिलिटीज। आप सब जानते हैं एक बड़ी समस्या है अर्बनाइजेशन की और उसका कारण यह है कि हमारे गांव में वो सुविधाएं नहीं मिल पा रही है और इस वजह से बच्चे गांव छोड़ के सर की तरफ भागते हैं और इसका जो रिफेक्ट हो रहा है वो ये हो रहा है कि अर्बन पपुलेशन जिस तरह से बढ़ रही है आने वाले समय में ये एक एस्टीमेट है कि 60 70% पपुलेशन तो सिटी में ही होगी क्योंकि गांव में फैसिलिटीज नहीं है तो हमें करना ये है
38:45 कि हमें वापस जैसे मैंने एग्जांपल दिया आपको कि आईएम आईआईटी के बच्चे लौट के इंडिया आ रहे हैं और अपना एक करोड़ का पैकेज छोड़ के आ रहे हैं। अपने खेतों को फिर से देख रहे हैं जाकर के और फिर से उसमें काम करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या करना चाह रहे हैं वो? वो ये करना चाह रहे हैं कि भाई दिन में आपको तीन टाइम खाना खाना है। लेकिन वो खाना आपका शुद्ध नहीं है। आपको देखने में अच्छा लग रहा है। बहुत अट्रैक्टिव लग रहा है वो। लेकिन पूरी तरह से अल्टरेटेड है। नेचर की जो बेसिक क्वालिटी होती है वही डिटोरेट हो गई है। तो वो कहां से बचेगा? उसमें इतने केमिकल्स और इतने सारे बेकार चीजें आ गई है कि आपकी पूरी फैमिली उससे अफेक्ट हो रही है। पूरी ह्यूमन पापुलेशन अफेक्ट हो रही है। तो क्या हम ऑर्गेनिक फार्मिंग की तरफ कुछ नहीं कर सकते? भले ही कम प्रोडक्शन हो लेकिन फूड सेफ तो हो। लेट अस प्रोड्यूस द सेफ फूड नॉट ओनली आवरसेल्फ फॉर द नेशन
39:32 इटसेल्फ। और मार्केट है उसके लिए। ये नहीं है कि पैसे नहीं मिलेंगे। अगर कोई यह कहता है कि ऑर्गेनिक फार्मिंग करने से जो हमारी जो प्रोड्यूस होती है वह बहुत कम होती है। अगर हमारा 10 बीघा में सपोज करो अगर 50 क्विंटल पैदा होता है गेहूं तो ऑर्गेनिक से सिर्फ 25 क्विंटल ही पैदा हुआ या 30 क्विंटल पैदा होगा तो आप मान के चलो उसकी कॉस्ट बहुत ज्यादा होगी क्योंकि ऑर्गेनिक जो प्रोड्यूस है उसको जो समझदार है जानते हैं इसकी क्या वैल्यू है उसको हाथों हाथ ले रहे हैं एक बार जिसने खा लिया ऑर्गेनिक वो दोबारा लौट के इन उसप जाएगा ही नहीं इनऑर्गेनिक पे आप देखो ना आजकल जो बहुत सारे स्टोर है Reliance स्मार्ट जो खुले हुए हैं सिटीज में आप देखो वहां पर उन्होंने एक अपना स्टोर बना रखा अलग ऑर्गेनिक स्टोर करके ऑर्गेनिक सेल्फ लगा रखे है उसके अंदर उसमें सिर्फ ऑर्गेनिक आइटम रखे हुए है आपकी वही सारी दालें वही
40:19 सारी चीजें वो सब चीजें आपकी चाहे जैगरी हो चाहे शुगर हो चाहे आपके पल्ससेस हो कॉस्ट जस्ट डबल है तो नुकसान कहां हुआ हमें इसको हमें एजुकेट करना पड़ेगा तो धीरे-धीरे करके चेंज आ रहा है इट इट विल गो अ लॉन्ग वे एंड आई एम वेरी ऑप्टिमिस्टिक अबाउट दिस कि वेरी सून वी शल बी रिगेनिंग आवर दैट लॉस्ट ग्लोरी ऑफ इंडिया कि हमारी जो इंडस्ट नॉलेज थी हमारा जो एक फूड था वो फूड फिर से सेफ होगा और कहीं ना कहीं हम एक अच्छी हेल्थदी लाइफ जी रहे होंगे तो जितनी भी जो भी हमारी प्रॉब्लम्स है उन प्रॉब्लम्स के लिए एक बहुत ओल्ड सशन है आप सब जानते हैं और वो ओल्ड सशन है ट्रिपल आर ट्रिपल आर सब जानते हैं आप लोग रिड्यूस रयूज या रिसाइकल
41:05 रिड्यूस क्या रिड्यूस करना है आपको पोलशन एयर वाटर सोइल जहां पर आप कुछ प्रॉब्लम आ रही है थोड़ा उसका कम से कम यूज़ करेंगे। जितना रिड्यूस करेंगे पोलशन को उतना आपका कंट्रीब्यूशन होगा सस्टेनेबल डेवलपमेंट और एनवायरमेंट में सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए रीयूज कोई चीज आपने यूज़ कर ली है क्या उसका रीयज़ कर सकते हैं क्या? हम इंडियन से ज्यादा अच्छा रीयज़ कौन जानता है? घर में जो टॉवल हमारी हम यूज़ करते हैं बाथरूम में वो टॉवल जब फट जाती है तो वही टॉवल पोछा लगाने के काम आती है। है ना? जब तक जजर नहीं हो जाती है हम उसको फेंकते नहीं है। तो सही मायने में देखा जाए तो हम इंडियन से अच्छा कोई भी सिटीजन
41:52 नहीं होगा जो कि इतना अच्छा रीयज़ करना जानता हो। और बहुत सारे एग्जांपल आपके पास है। आप सब समझ रहे होंगे। क्या एग्जांपल देना चाहता हूं मैं? रिसाइकल जो टॉवल फट गई थी पोछा लगा लिया फेंकना मत उसको इकटठा करके दे दो किसी कबाड़ी को उसे रिसाइकल कर लेगा जाकर के रिसाइक है घर में आपके रद्दी आती है पेपर बजता है पेपर पूरा आप दे दो ये जो पेपर लेने आते हैं आपके ₹15 किलो खरीदते हैं जो वो क्यों खरीदते हैं पेपर पूरा का पूरा फिर से गला करके और इसका इसको डीलाइजेशन करके फिर से उसका यूज़ कर लिया जाता है तो इस तरह से ये ऐसी अप्रोचेस वेल नोन है बट प्रैक्टिस में ज्यादा नहीं है। जितनी प्रैक्टिस में होंगी उतना अच्छा होगा। उतना ज्यादा हम और अच्छा उसमें कंट्रीब्यूट कर पाएंगे। और
42:38 इसके लिए हमें क्या करना पड़ेगा वो आप सब जानते हैं जैसे कंजर्वेशन ऑफ नेचर रिसोर्सेज जैसे हमारे जो वाटर मिनरल्स फॉरेस्ट्री एनर्जी ये सब है हमारे लिए ही है लेकिन इनको हम एक जुडिशसली यूज़ करें और कभी भी कोई अगर ऐसी हमारे आसपास इंसिडेंस या कोई ऐसी इवेंट हो रही है जो हम देख रहे हैं अपनी आंखों से जो कहीं ना कहीं एनवायरमेंट डिटोरेशन हो रहा है तो करने वाले को पता नहीं कि रिटशन कर रहा है वो वो तो बिल्कुल अपने फोकस्ड है। उसको पैसे चाहिए वो करेगा वो। हम एस एनवायरमेंटलिस्ट या एस ए फैकल्टी क्या ऐसे लोगों को बोल सकते हैं कि तुम ये क्यों पोल्यूट कर रहे हो एनवायरमेंट को? हालांकि ये बोलना इतना आसान नहीं होता है। उनके अपने बहुत सारे कांटेक्ट्स होते हैं। वो
43:24 उसको यूज़ करते हैं। दादागिरी दिखाते हैं। बट ऐसे लोगों को भी समझाना पड़ेगा, एजुकेट करना पड़ेगा कि तुम सिर्फ हमारा ही नहीं अपनी हेल्थ भी खराब कर रहे हो। स्मोकर्स के साथ खड़े हो के अगर आप स्मोकिंग नहीं करते हैं तब भी यू बिकम पैसिव स्मोकर। योर स्मोकिंग इज इंजुरियस टू माय हेल्थ। ये स्लोगन सबसे सही स्लोगन है। स्लोगन था ना स्मोकिंग के लिए। स्मोकिंग इंजुरियस टू हेल्थ। वो सही स्लोगन ये होना चाहिए। योर स्मोकिंग इज इंजरियस टू माय हेल्थ। प्लीज डोंट स्मोक हियर। गो समवेयर एल्स। तो ये है कहीं ना कहीं हमें इसको समझना पड़ेगा कि रिसोर्सेज का हमें कैसे एक जुडिशियस यूज़ करना है। दूसरा है रिन्यूबल एनर्जी जो बताया मैंने अभी आपको सोलर है। सोलर के अलावा और भी तरह की
44:10 एनर्जी है जिसमें आपके विंड पावर है। हाइड्रो पावर तो है ही ऑलरेडी। और आजकल एक लेटेस्ट ट्रेंड चला है। दैट इज हाइड्रोजन सेल हाइड्रोजन। हाइड्रोजन फ्यूल आने वाला है कुछ समय के बाद। अभी हम बात कर रहे हैं ग्रीन एनर्जी की। तो बैटरी ऑपरेटेड कार, बैटरी ऑपरेटेड ऑटो रिक्शा, बैटरी ऑपरेटेड स्कूटर्स ये सब आ गए ऑलरेडी। बैटरी ऑपरेट बसेस भी आ गई है। सोलर फिटेड बसेस भी आ गई है। आने वाला जो फ्यूचर है उसमें फ्यूचर में जो फ्यूल यूज़ होगा दैट विल बी द हाइड्रोजन फ्यूल। आप सब जानते हैं हाइड्रोजन प्लटी ऑफ़ अवेलेबल है। प्ल ऑफ़ अवेलेबल तो है लेकिन उसको यूज़ नहीं कर सकते आप। पानी में तो हाइड्रोजन ही होता है। बट हाइड्रोजन पानी से अलग करना अपने आप में बहुत बड़ी एक टेक्नोलॉजिकल
44:55 कहना चाहिए चैलेंज है। बहुत कॉस्टली है। उसको हमें और चीप बनाना है। कैन वी आइडेंटिफाई सम मेथड्स? आप केमिस्ट्री के हो सकते हैं। कुछ लोग आप में से कुछ लोग दूसरे फील्ड के हो सकते हैं। कैन वी डेवलप सम मेथड्स बाय व्हिच वी कैन डिसोसिएट दी वाटर एंड कलेक्ट दी हाइड्रोजन? तो यह समय आने वाला है कि आने वाले समय में पेट्रोल डीजल का तो यूज़ वैसे ही बहुत काफी कम हो गया है और इसलिए शायद अरेबियन कंट्री बहुत परेशान है कि उनका भविष्य क्या होगा क्योंकि वो तो उसी पे डिपेंडेंट है उनका कोई सोर्स ऑफ़ इनकम ही नहीं है इसके अलावा तो जब हम धीरेधी स्विच कर रहे हैं इनकी तरफ तो ये भी ध्यान दें कि हम अपने देश को किस तरह से आत्मनिर्भर भारत बना रहे हैं। ये बहुत जरूरी है। आज इसकी हम बात करते हैं।
45:45 आज हम जो सेल्फ लाइन भारत की बात करते हैं या विकसित भारत 247 की बात करते हैं। ये विकसित कैसे होगा? विकसित होगा हमारी इंडजीनियस टेक्नोलॉजी के द्वारा। अमेरिका, रशिया, ब्रिटेन इनके डिपेंड होने नहीं बनेगा। हम उनसे उतना ही ले जितना हमें सीखने के लिए आवश्यक है। उसके बाद फदर हम खुद उस इनोवेशन करें। खुद एडवांसमेंट करें। तब हम जाके कुछ कर पाएंगे। हमारी पैसा बचेगा और हम सही मायने में कंट्री बन पाएंगे। एक
46:38 तो डेवलपमेंट का एक जो बेसिक हमारा अप्रोच होना चाहिए वो होना चाहिए इंडीजीनियस। क्योंकि कंट्री डेवलप तभी बनेगी जब हम मेक इन इंडिया करेंगे। ज्यादा से ज्यादा अपनी टेक्नोलॉजी नई टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगे। दूसरे की टेक्नोलॉजी लेकर के भी आप बहुत समय तक सर्वाइव नहीं कर सकते। वो टेक्नोलॉजी उसकी जिस दिन चाहेगा वो इस टेक्नोलॉजी को आपसे वापस ले सकता है। कह सकता है कि नहीं अब ये टेक्नोलॉजी बेकार हो गई। अब मैं आपको टेक्नोलॉजी देता हूं और हर बार आपको इतनी टेक्नोलॉजी आती रहेगी और इसका बेस्ट एग्जांपल है आपका iPhone। मुझे जो याद है iPhone की जर्नी पूरी आज कौन सा चल रहा पता नहीं नंबर क्यों पहुंच गया होगा। 16 या 17 चल रहा है शायद और हर बार वो अपने iPhone को लाता है और हर बार 1.5 लाख में बेचता है हर बार। चाहे वो iPhone 7 हो चाहे iPhone 17 हो क्या हो रहा है उसमें कुछ ना कुछ आपकी नीड वेस्ट
47:25 उसमें ऐड कर देता है बढ़िया डिजाइन बना देता है बाकी मोबाइल किस काम का होता है मोबाइल होता है सिर्फ बात करने के लिए WhatsApp चेक करने के लिए Facebook देखने के लिए अब ये भी एक सिंबल बन गया स्टेटस का मेरे पास एप्पल है एप्पल कौन सा है 17 है वेरी गुड लेटेस्ट है बिल्कुल ये ये जो अंधी दौड़ है ये कहीं ना कहीं हमें गड्ढे में लेके जा रही है बी बीइंग द एजुकेशन शुड थिंक अबाउट दिस कि आपके पास क्यों होना चाहिए एप्पल फोन भाई आपको पता है Apple फोन का एक जो एसएआर होता है एसआर एक बहुत इंपॉर्टेंट टर्म है। आप लोग सर्च करना वेबसाइट में ये वो रेशो होता है जो कि उसकी एनर्जी एनर्जी जो प्रोड्यूस होती है उसको बताता है। और कोई मोबाइल फोन ज्यादा एनर्जी प्रोड्यूस करता है तो आपकी हेल्थ को अफेक्ट करेगा। आपका Samsung का
48:11 मोबाइल का एसएआर Apple के एसआर से कम है। देखना चेक करके आप पता लग जाएगा आप लोगों को क्या एसआर है इसका। तो यह चीजें हमें समझनी चाहिए। कहीं ना कहीं हम टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट और इनोवेशन में कुछ अपना ही नुकसान तो नहीं कर रहे हैं कहीं। तो हम सोचे वी कैन प्लान अकॉर्डिंगली एंड वी कैन फदर प्लान दी टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन। टेक्नोलॉजी सब आगे चलके और टेक्नोलॉजी भी आई नहीं है। अभी तो स्टार्टिंग है ये। कई सारी टेक्नोलॉजी ऑलरेडी अभी आ चुकी है। बहुत सारी टेक्नोलॉजी भी आनी है। ये सब हम लोगों को खुद एफर्ट्स करके लाना पड़ेगा। तभी कुछ हो पाएगा। ऐसे ही हमारी जो अरुण प्लानिंग होती है उनमें हम क्या कुछ ऐसा कर सकते हैं कि एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग बने। एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग का मतलब ये होता है कि बिल्डिंगों में ऐसा मटेरियल यूज़ करना जिससे कि कम से कम एसी का उपयोग करना
48:59 पड़े। क्योंकि गर्मियों में बहुत ज्यादा एसी यूज़ होते हैं। तो एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग ऐसी बिल्डिंग जिनमें कि हम कैसी कोटिंग करें या किस तरह का हम उस प्लांटेशन करें। कुछ लोग वर्टिकल फार्मिंग कर देते हैं। आजकल एक नई टेक्नोलॉजी आई आर्किटेक्चर में वर्टिकल फार्मिंग से आपकी जितनी एरिया में जहां पर जहां मैक्सिमम लाइट रहती है उसको कवर कर देते हैं वो प्लांट से। आपके बिल्डिंग का टेंपरेचर ऑटोमेटिकली चार से पांच डिग्री कम हो जाता है। उतना ही आज आपका एसी कम यूज़ होगा। ऐसी कुछ टेक्नोलॉजी हमें डेवलप करनी पड़ेगी और ऐसे ही कुछ ऐसी हमें अपनी इकॉनमी बनानी पड़ेगी जिसको बोलते हैं हम सर्कुलर इकॉनमी। मींस डेवलप इंडस्ट्रीज दैट यूज़ इंडस्ट्रियल बेस्ड एज रॉ मटेरियल। इंडस्ट्री का जो वेस्ट निकले उसको दूसरी
49:44 इंडस्ट्री एज रॉ मटेरियल यूज़ कर ले। एग्जांपल देता हूं आपको मैं जो क्लिंस होते हैं ईंट भट्टे उनसे राख निकलती थी। वो राख का डिस्पोजल अपने बहुत बड़ी समस्या था। एक टेक्नोलॉजी डेवलप हुई और उसमें ये कहा कि कुछ परसेंट हम इसका सीमेंट में यूज़ कर सकते हैं। तो आज चाहे कोई भी सीमेंट आप ले ले अल्ट्रा ले ले या एसीसी ले लें या कोई भी कंपनी का सीमेंट ले लें आप जेके ले लें। हर एक में आपको कुछ परसेंट उसमें राख मिलती है। तो कहीं ना कहीं उसका डिस्पोजल हो गया। उसी राख को कंडेंस करके या कॉम्पैक्ट नॉट कंडेंस कंपैक्ट करके ब्रिक बनाना शुरू कर दिया। जो ब्रिक के ब्लॉक्स बन रहे हैं ये ब्रिक ब्लॉक अपने आप में जो हमारी सोइल जिससे ब्रिक्स बनती है उस सोइल को कंजर्व करने का एक अच्छा अल्टरनेटिव
50:30 मिल गया। आज बिल्डिंग मटेरियल्स में ईंटें यूज़ नहीं होती है। दे आर नॉट यूजिंग ब्रिक्स। दे आर यूजिंग ब्लक्स। और ब्लॉक सोइल से नहीं बनते। ब्लॉक ये इंडस्ट्री के बेस से ही बन रहे हैं। तो समवेयर यू कैन सी दैट दैट हाउ वन इंडस्ट्री इज प्रोवाइडिंग द रॉ मटेरियल टू द अदर इट्स नॉट रॉ मटेरियल इट्स दे आर वेस्ट मटेरियल दैट इज बीइंग यूज्ड एज अ रॉ मटेरियल बाय द अदर इंडस्ट्रीज टू प्रोड्यूस समथिंग इनोवेटिव एंड दैट इज़ हाउ द थिंग्स आर बी रिसाइकल्ड ये हमें करना पड़े दैट वी हैव टू थिंक ओवर सो दैट इट कैन बिकम अ सर्कुलर इकॉनमी देन वी कैन आल्सो डू सम एक्टिविटी लाइक सपोर्ट दी बिजनेसेस वि आर सस्टेनेबल कोई भी चीज लाइक वी चूज टू बाय फ्रॉम कंपनी दैट प्राय सस्टेनेबल प्रैक्टिससेस
51:17 एंड ऑफर इको फ्रेंडली प्रोडक्ट्स अपनी डे टू डे टू डे लाइफ में अपनी हैबिट में इसको लेकर के आए हम सिर्फ उन्हीं कंपनियों के प्रोडक्ट्स यूज़ करेंगे जो कंपनियां इन चीजों को रिसाइकल करने में जो चीज का अगर हम उसको वापस करेंगे अगर वेस्ट वेस्ट निकलेगा तो उसको रिसाइकल करेंगे और तरीके से उसका कहीं यूटिलाइजेशन करेंग उसको वेस्ट नहीं करेगी ज्यादा तो ऐसे ऐसे तरह के हमारे कुछ एफर्ट्स पर्सनल एफर्ट्स हो सकते हैं जिससे कि हम कुछ काम कर सकते हैं। ये सारे इश्यूज हमारे सामने है। बट द क्वेश्चन इज हाउ टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन कंट्रीब्यूट फॉर एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी। आई एक्सप्लेन यू सम ऑफ द थिंग्स एंड वांट टू मेंशन वन और टू मोर लाइक आई मेंशन ऑलवेज अबाउट द रिन्यूल एनर्जी सोलर विंड एंड हाइड्रोइिक पावर एनर्जी एफिशिएंसी एनर्जी एफिशिएंसी आल्सो
52:02 वन ऑफ़ द चैलेंज ग्रेड होते हैं ग्रेड में एनर्जी स्टोर हो रही है बट एनर्जी का सही मायने में उपयोग नहीं हो रहा है तरीके से तो बहुत सारी एनर्जी हमारी ट्रांसमिशन में वेस्ट हो जाती है इसको बोलते हैं ट्रांसमिशन लॉस हर एक कंपनी इलेक्ट्रिक कंपनी का अपना एक एनर्जी का लॉस होता है जो कि ट्रांसमिशन के लॉस कहते हैं उसको और अगर ग्रेड स्मार्ट नहीं है तो ट्रांसमिशन लॉस ज्यादा होता है। अब ग्रेट स्मार्ट क्या होती है? स्मार्ट ग्रेड ये होती है कि जिस पर्टिकुलर एरिया में रिक्वायरमेंट ज्यादा है उस तरफ ऑटोमेटिकली इलेक्ट्रिसिटी स्विच हो जाए। जैसे ट्रैफिक सिस्टम स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स जो होती है वो अपनी इंडिया में अभी नहीं लगी है। फॉरेन में ऑलरेडी इंस्टॉल कर दी गई है। उन्होंने अपने रोड्स में सेंसर लगा रखे हैं। जब वो देखते हैं कि रोड पे
52:49 लोड ज्यादा हो रहा है तो जिस एरिया में लोड ज्यादा हो रहा होता है उस उस तरफ की डायरेक्शन की टाइमिंग बढ़ा बढ़ा दी जाती है। और जिधर कम होता है वहां कम कर दी जाती है। यू हैव यूजली सीन दिस थिंग लाइक ऑन दिस ट्रैफिक सिग्नल्स द टाइमिंग इज फ्रॉम 30 सेकंड्स टू 90 सेकंड्स तो किस एरिया में 30 सेकंड्स हो किस डायरेक्शन में 30 हो किस में 90 हो दैट ऑटोमेटिकली वी डिसाइड बाय द सेंसर्स एंड टाइम विल बी सेट अकॉर्डिंगली द सेम थिंग कैन बी अप फॉर ग्रिड आल्सो इफ एन पर्टिकुलर एरिया ऑफ़ अ सिटी दैट डिमांड इज़ मोर द इलेक्ट्रिसिटी शुड गो मोर टुवर्ड दैट साइड सो ट्रांजक्शन लॉस विल बी लेसर दिस इज दी एग्जांपल ऑफ स्मार्ट ग्रेड सिमिलरली एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग्स आई ऑलरेडी टोल्ड यू सम स्मार्ट एप्लीकेशन टू
53:37 ऑप्टिमाइज एनर्जी यूज़ एंड रिड्यूसिंग द वेस्ट दैट आल्सो कैन बी अंडरटेकन लाइक आई गिव यू द एक्स ऑफ प्रिशन एग्रीकल्चर जो कि इजराइल में काफी हो रहा है। अपनी कंट्री में भी स्टार्ट हो चुका है ऑलरेडी। ऐसे ही वर्टिकल फार्मिंग जेनेटिकली मॉडिफाइड क्रॉप्स दे आर इंप्रूविंग द ईल्ड्स विद मिनिमाइजिंग एनवायरमेंटल इफेक्ट्स बट आई डोंट एडवोकेट दी जीएमओस लोग कितना भी करते आई एम मैन ऑफ़ लाइफ साइंसेस आई एम बायोटेक्नोलॉजिस्ट बट आई नेवर रिकमेंड जीएमओस रीज़ बीइंग जेनेटिकली मॉडिफाइड जो क्रॉप्स हैं ये सब वो क्रॉप्स है जो कि सीड तक नहीं पहुंचती है पर बढ़िया एक पर्टिकुलर क्रॉप देती है। चाहे वो फ्रूट्स हो और चाहे सीरियल्स हो या पल्ससेस हो। किसानों का क्या होगा?
54:24 किसान बेचारा हर साल मार्केट से खरीदेगा और जो इच्छा है जो रेट मांगे वो रेट लिखेंगे ये लोग। इसलिए कंट्री में अपने देश में कम से कम हमने हमने जेनेटिकली मॉडिफाइड चीजों को पसंद नहीं किया। आज लेकिन आप लोग ये समझ लीजिए कि आप लोग बहुत सारी चीजें खा रहे हैं। जेनेटिकली मॉडिफाइड है। जितने भी आपके फ्रूट्स सीडलेस आ रहे हैं दे आर ऑल जेनेटिकली मॉडिफाइड। उनके सीड फॉर्मेशन की प्रोसेस को सेनस सेंच में डाल दिया गया है। जैसे ही सीड फॉर्मेशन स्टार्ट होगा सीड फॉर्मेशन स्टार्ट हो ही नहीं पाएगा। ऐसा उनका जीन वनपेशन कर दिया गया है। गलत है ये। तो एक क्रॉप होने के बाद अगली क्रॉप उससे आप नहीं ले सकते आप। जेनिकली मॉडिफाइड एनवायरमेंट पॉइंट ठीक है भाई। लेकिन ये है कि आप अगर एक अमरूद खाते हैं, एक सेब खाते
55:12 हैं, कुछ भी लिया तो उसमें बहुत सारे बीज निकलते हैं। बीज आप काट के फेंक देते हैं। तो वो इतना हिस्सा बेकार हो गया। अगर आपका सेब 100 ग्राम का है तो आपके 101 ग्राम बीज निकल गए या कुछ वेस्ट निकल गया। अब सेब सीडलेस है। बढ़िया है। पूरा खा लो। खजूर सीडलेस है। बढ़िया है। पूरा मिल रहा है। लेकिन सीडलेस खजूर में क्या किया होगा? जेनेटिकली मॉडिफाइड है। तो इस तरह की चीजें आप अपने कन्वीनियंस से ले तो रहे हैं। लेकिन उसका इफेक्ट क्या हो रहा है? आपकी हेल्थ इफेक्ट होगा उसका फ्यूचर में जा के। तो एनवायरमेंट के साथ साथ में अपनी हेल्थ का भी ख्याल रखना है। ऐसा ना हो कि सिर्फ एनवायरमेंट ही बचे बाद में और ह्यूमनसी खत्म हो जाए। व्हेन वी टॉक अबाउट एनवायरमेंट सस्टेनेबिलिटी वी शुड टॉक अबाउट द ह्यूमन रिस्क आल्सो कि बीइंग अ ह्यूमन आवर रिस्क शुड आल्सो कंटिन्यू एवरी
55:59 ऑर्गेनिज्म वांट्स दैट वेस्ट मैनेजमेंट कर सकते हैं अपुन लोग एडवांस रिसाइक् टेक्नोलॉजी के द्वारा। आजकल जितने भी अच्छे नगर निगम है उनमें वेस्ट बचता ही नहीं है। एक कंट्री ऐसी है जो कि कूड़ा कचरा खरीदती है दूसरे देशों से क्योंकि उसके जो थर्मल पावर प्लांट्स हैं उनमें कूड़ा कचरा जलाने के लिए कूड़ा कचरा नहीं बचता है। तो कई सारे शिपमेंट जाते हैं उस कंट्री में। आई डोंट नो नॉर्वे और सम अदर कंट्री जहां पर कि कचरा बेचा जाता है। मतलब कचरा मंगाता है बाहर से वो हमारे भेज दो कि हमारे जो थर्मल पावर प्लांट्स है उनमें नहीं बचा कचरा जलाने के लिए। तो क्यों ना अपन लोग ऐसा कुछ कर सकते हैं जिसमें थर्मल पावर प्लांट्स हमारे अपने वेस्ट से प्रोड्यूस हो। ईवी ऑलरेडी आ ही चुके हैं हमारे कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन कर सकते हैं अपुन लोग जिसमें हम लोग किस तरह से कार्बन
56:46 एमिशन को रिड्यूस कर सकते हैं और इसके लिए केमिस्टिक नॉलेज काम आ सकती है आपकी कि कार्बन कौन सा केमिकल अब्सॉर्ब करता है आप ऐसे कुछ टावर लगा सकते हैं क्या ट्रैफिक सिग्नल्स पर जहां पर कि कार्बन को अब्सॉर्ब करने के लिए वो केमिकल उसको अब्सॉर्ब करता रहे और एयर फ्रेश बनी रहे तो एयर फ्रेश करने के साथ में ये भी चीज हो जाए कितना अच्छा होगा ये दैट कैन ट्रैप द कार्बन डाइऑक्साइड फ्रॉम एनवायरमेंट एक्सेस में जो होगी क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड बहुत कम होती है। यू नो ऑल इट इज ओनली 0.03% लेकिन जब ज्यादा पोलशन होता है तो बहुत ज्यादा हो जाती है। देन इट बिकम्स पोइजनस। तो इस तरह से हमें ये कुछ चीजें हैं जिसप हमें अपने एफर्ट्स करने हैं। कुछ चैलेंजेस एंड ओपोरर्चुनिटीज भी है। जैसे कि स्किलेबिलिटी एंड अफोर्डेबिलिटी ये कई मायने में चीजें हमने आपसे जो बातें
57:32 कही है। इनकी अफोर्डेबिलिटी होनी चाहिए। तभी हम कोई टेक्नोलॉजी इनोवेशन को एक्सेप्ट कर पाएंगे। दूसरा है पॉलिसी एंड रेगुलेटरी फ्रेमवक्स। अभी जैसे पॉलिसी चेंज किया गवर्नमेंट ने कि आप अगर स्लो प्लान लगाते हैं तो विल गिव यू सब्सिडी ऑफ 78,000। तो ये पॉलिसी चेंज है और बहुत कुछ कर सकते हैं। गवर्नमेंट शुड थिंक फ्रॉम दैट पॉइंट ऑफ व्यू कि हम और क्या कर सकते हैं? अगर जैसे किसी को अभी हम कहते हैं आपसे कि आप फॉरेस्टेशन करिए, प्लांट लगाइए। गवर्नमेंट क्या ये कर सकती है कि अपनी सिटी के अंदर जितने भी हमारे हाउस होल्ड्स हैं उनको प्लांट फ्री बांट के आ जाए। उनको बता दे आपके आसपास जो जगह है उसमें प्लांट आप प्लांटेशन कर सकते हैं। ट्री गार्ड्स गवर्नमेंट प्रोवाइड कर सकती है क्या या हम खुद अपनी तरफ लगा सकते हैं क्या? प्लांट्स गवर्नमेंट दे दे ट्री गार्ड हम लगा दें। तो ऐसा कुछ अप्रोच हो सकती है क्या इस तरह
58:18 की? तो दैट वे वी कैन प्लान समथिंग। सो सम पॉलिसी और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क कैन बी फाउंड बाय द लोकल एडमिनिस्ट्रेशन। आई एम टॉकिंग अबाउट म्युनिसिपल कॉरपोरेशंस। दे कैन सर्टेनली डू सच काइंड ऑफ़ इनिशिएटिव। पैसे कभी इनके पास नहीं है। बहुत सारा टैक्स जाता है इनके पास में। फंड बहुत पहुंच गया है बट जुडिशियस यूटिलाइजेशन नॉट बीइंग डन और सबसे बड़ी समस्या है करप्शन आपके शहर जबलपुर में या और शहरों में भी जो भी वायरस में जो हालत खराब हुई है ये ओवर रेन से नहीं हुई है अगर ये अच्छी रोडे होती तो कितनी बारिश हो जाए रोडें टूटती नहीं है इस तरह से आप जिस एरिया में पानी का ज्यादा जमाव होता है या लो लाइन एरिया है तो वहां आप किस लिए बनाते हैं तारकुल की रोड्स व्हाई डोंट यू मेक द सीसी रोड्स कभी नहीं टूटेंगे। तो कहीं ना कहीं हमारी प्लानिंग में ही फौल्ट है और प्लानिंग
59:05 फॉल्ट है। यह सब जानते हैं। ठीक क्यों नहीं कर रहे? फिर आप सब जानते हैं क्यों नहीं ठीक कर रहे हैं? अगर रोड टूटेगी रोड बनेगी कहां से? जो आप टैक्स देते हो वो यूटिलाइज कैसे होगा? आई एम टॉकिंग टू यू फ्रैंकली ओपनली। दिस इज द फैक्ट ऑफ दी सोसाइटी। यह हमारे देश की हकीकत है कि हम किस तरह से एक कॉन्ट्रेक्टर को अगर 10 करोड़ या 20 करोड़ का ठेका दिया गया रोड बनाने के लिए तो उसके उस 20 करोड़ में से 10 करोड़ तो वो मान लेता है कि हमारे चले जाएंगे हमारे जेब से हमें लोगों को खिलाने पड़ेंगे बचे हुए 10 करोड़ में मटेरियल लेकर के आएगा लेबर लगाएगा सब कुछ करेगा अपना फायदा निकालेगा तो 10 करोड़ का काम वो 5 करोड़ में ही करेगा बजट तो 20 करोड़ का था काम कितने का हुआ 5 करोड़ का बस ऐसी नोटे बनेगी जो बन रही है आप लोगों की देख रहे हैं आप
59:51 दिस इज द फैक्ट बिटर ट्रुथ दैट वी आर ऑल फेसिंग अगर हम नहीं इसको काउंटर करेंगे तो फिर ऐसे ही चलता रहेगा आज हम इतना आरटीआई और ये सब बातें करते हैं लेकिन क्या हम कभी ये सोच कर कभी किसी आरटीआई लगाते हैं कि हमारे घर के सामने आपने रोड बनाई है उस रोड की सेंश थिकनेस क्या थी उस रोड में फर्स्ट लेयर किसकी थी सेकंड लेयर किसकी होगी तार कितना मोटा डालेंगे क्या ये स्पेसिफिकेशन आपने फॉलो किया है नहीं किया तो क्यों नहीं किया तो कम से कम शुरुआत हम अपने घर से ही कर मैं कर चुका हूं एक बार ऐसे ही मेरे घर के सामने रोड बन रही थी और रोड पे जिस तरह बना रहा था मैं समझ गया था यह सिर्फ लीपापोती करने आया है एंड ही इज नॉट मेकिंग इट प्रॉपर्ली मैंने एक एप्लीकेशन लिखी और एप्लीकेशन लिख के बस गया था दे भी नहीं पाया था पता लग गया कि
1:00:37 वो तोमर साहब आ रहे हैं आरटी लगाने के लिए अगले दिन ये लेके ट्रक पूरा पहुंच गया बोले सर बताओ कितनी मोटी रोड बना दूं मैंने मेरी मत बना दे पूरी रोड मोटी बननी चाहिए मेरे घर के सामने बनी है जो तो भाई एक रोड तो अच्छी बना गया वो हमारे घर के सामने आज भी बढ़िया चल रही है। इतनी बारिश होने के बाद भी आप बिलीव नहीं करोगे हमारे घर की रोड टूटी नहीं है लेकिन बाकी रोड टूट गई तो ये अवेयरनेस जैसे मैंने बताया आपको तो सबके अंदर होनी चाहिए। आरटीआई कौन सी बड़ी चीज है भाई? दो लाइन लिख के लगानी है। ₹1 का पोस्ट ऑर्डर लगता है। ₹1 खर्च करने खाली आपको। ₹1 का खर्च करके एक सिंपल हाथ से एप्लीकेशन लिख के और आप आरटीआई ऑफिसर को भेज दो। मैं कह रहा हूं कमाल कर देगी आपकी एप्लीकेशन। ये बच्चों को भी सिखाओ। हम जिन बच्चों को पढ़ाते हैं उनको सिखाएं इन चीजों को बेसिक चीजों को कि बेटा आरटीआई कैसे लगाई जाती है। जब तक हम
1:01:23 अपने बच्चों को अवेयर नहीं करेंगे सोसाइटी में ट्रांसफॉर्मेशन नहीं आ पाएगा। सस्टेन एनवायरमेंट की हम बात करते हैं। पहले हम इन चीजों को ठीक तो कर ले पहले। सस्टेनेबल एनवायरमेंट के पीछे अगर सबसे बड़ा अगर चैलेंज है तो चैलेंज मैंने जो आपको बताए वो चैलेंज अपनी जगह है। लेकिन इन सब में से बिगेस्ट चैलेंज है करप्शन जो कि कहीं लिस्टेड नहीं है। मेरे नोट्स में भी लिस्टेड नहीं है। कहीं ये हो भी नहीं सकता। लेकिन हमें समझना चाहिए कि हम कैसे इस चीज को खत्म कर सकते हैं। तो इस तरह से हमारे रिसर्च डेवलपमेंट नीड्स जो भी है हम उसको देखें पूरी करें। पब्लिक अवेयरनेस लाए बच्चों के थ्रू हम हम तो एक तरह सोसाइटी के ऑलरेडी हम पार्ट हैं। हम उन बच्चों से मिलते हैं जो बच्चे हमारे कॉलेज में आते हैं। ये बच्चे स्कूल के बच्चों से मिलते हैं। स्कूल के बच्चे किसी न किसी मां-बाप के बच्चे होते हैं। सोसाइटी में रहते हैं। तो हमारा मैसेज बहुत अच्छे से पहुंच जाता है नीचे तक। अगर आप देना चाहे तो बच्चों
1:02:11 को बताएं इस चीज के बारे में कभी अपने लेक्चर में थोड़ा समय कंट्री के लिए निकाला करिए जितनी देर आप पढ़ा रहे हो 30 40 50 मिनट उन 50 मिनट में कम से कम 10 मिनट आप जो है ना इस बात के दिया करो कि हम इन बच्चों को क्या मोटिवेट कर सकते हैं किसी चीज के लिए क्या चलो इसी की बात कर लेते हैं सस्टेनेबल एनवायरमेंटल ग्रोथ क्या इसकी बात कर सकते हैं बच्चों से बता सकते हैं बेटा इसका क्या यूटिलिटी है क्या इसका महत्व है इतना कर दोगे तो मैं समझता हूं आपका एक एज अ टीचर एक बहुत अच्छा कंट्रीब होगा जो बियोंड टीचिंग होगा। टीचिंग तो कर ही रहे हैं आप लोग। बट बियों्ड टीचिंग यू ऑल कैन डू दिस एंड वी शुड ऑल डू दिस। सो रे द अवेयरनेस एजुकेट द चिल्ड्रन टेल देम प्रो्ली। आई थिंक टुडे माय दिस मैसेज वै लाउड एंड क्लियर टू ऑल ऑफ यू कि सस्टेनेबल एनवायरमेंटल ग्रोथ या एनवायरमेंटल साइंस एंड सस्टेनेबल
1:02:57 डेवलपमेंट आप जो भी कहना चाहे ये तभी संभव है जब हम लोगों को इसके बारे में एजुकेट करेंगे और अवेयर करेंगे। तो यह बहुत बड़ा चैलेंज हमारे सामने है जिसको हमें समझना पड़ेगा और अब मैं बाकी का समय आप लोगों से इंटरेस्ट करना चाहूंगा इंस्टेड ऑफ स्पीकिंग वन वे थैंक यू वेरी मच >> थैंक यू सर >> थैंक यू सर थैंक यू सर >> थैंक यू बोल के चले जा रहे हैं कुछ >> नहीं सर अभी पूछेंगे >> सर आपने सच में एक बहुत बड़े इशू की तरफ >> मतलब इशू को पहचाना है कि करप्शन के कारण हमारे जो रिसोर्सेज का है हम प्रॉपर यूज़ ही नहीं कर रहे हैं। हम रिसोर्सेज को वेस्ट कर रहे हैं। भाई एक ही सड़क यदि
1:03:44 बार-बार बनेगी तो उसको बनाने में जो नेचुरल रिसोर्सेज हैं वो बार-बार यूज़ में लिए जाएंगे। तो ये सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए बिल्कुल कंप्लीटली अगेंस्ट है। ये बहुत मतलब एक थॉट खोलने वाला आपने पॉइंट बताया सर। और रियल में बहुत अच्छा था। >> नहीं इसके लिए थोड़ी हमें डेरी चाहिए। डॉक्टर जाखड़ जब तक हम थोड़े डेर नहीं करेंगे ना हम क्या डरते हैं डरते इस चीज से कि पता नहीं कोई कुछ करेगा क्या बोलेगा ये हमारे पीछे पड़ जाएंगे अरे पड़ जाओ पीछे यार देखा जाएगा जो होगा सो जो राम रस डरना किस लिए है यार >> हां और क्या डरना क्या है >> मैंने उदाहरण दिया ना मैं आपको लाइव एग्जांपल दे रहा हूं जो मुझे मैंने बताया आपको मेरे घर के सामने रोड आज तक नहीं टूटी कम से कम चार से चार चार साल हो गए वो दोबारा बनाने भी नहीं आया सारी रोडे बन रही है हमारे आसपास मेरी रोड मेरी रोड आज तक नहीं बनी वो देख बोले आपकी रोड तो
1:04:31 बढ़िया है फर्स्ट क्लास चल रही है अरे चलती है भाई पांच साल गारंटी क्या होती की ओर सही बात है सर >> और कोई आप लोगों के दिमाग में ऐसा पॉइंट चल रहा हो जिसमें >> गुड आफ्टरनून सर >> बहुत क्लोज सर्किल में बात कर रहे हैं औरकि 70 80 लोग ही यहां पर है ज्यादा लोग नहीं है लेकिन ये 70 80 लोग कम से कम 7000 लोगों के बराबर है क्योंकि आपके ऊपर बहुत सारे बच्चे डिपेंडेंट है तो उनके थ्रू मैसेज सोसाइटी में जाएगा और बच्चों को जरूर अवेयर करो बच्चों को सिखाओ इन चीजों को आज हमारा बच्चा जब तक अवेयर नहीं होगा ना आप विश्वास नहीं करोगे आने वाले समय आने वाले 50 साल तक हम ऐसे ही रोरोते रहेंगे जैसे आज रो रहे हैं। करप्शन करप्शन करप्शन कर क्या रहे हैं हम लोग उसके लिए क्या हम इसको काउंटर कर पा रहे हैं काउंटर करो इसको काउंटर ऐसे ही होगा जब तक हम बच्चों को एजुकेट नहीं करेंगे इस चीज के
1:05:16 लिए हमारे बच्चे बहुत सारे लॉ के पढ़ते हैं >> हमारे लॉ की क्लास में पहली क्लास हमारे टीचर ये पढ़ाते हैं बेटा आरटीआई कैसे लगाई जाती है आपको पता है आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे एक बच्चे ने आरटीआई की क्लास अटेंड करने के बाद अपने डायरेक्टर पे आरटीआई लगा दी तो हमारा डायरेक्टर बोलता है कि यार बेटा मैंने तो पढ़ाया था किससे आरटीआई को लगाना है बोले सर ट्राई करा था आप बताओगे नहीं बताओगे तो ये >> सर आई हैव अ क्वेश्चन >> यस बेटा >> सर यस्टरडे की एक टॉप में हमने डिस्कस किया था दैट जीएमओस आर प्रॉमिसिंग एटलीस्ट दे डोंट यूज़ द हर्बीसाइड पेस्टिसाइड एंड फर्टिलाइज़र्स एंड ऑल एस वी ऑल नो दे मैग्नीिफाई इन द फदर ट्रॉपिक लेवल्स >> राइट >> तो सर अगर हम सिर्फ फार्मर्स के पॉइंट ऑफ
1:06:02 व्यू से देख एटलीस्ट दे गेट सफिशिएंट सीड इकोनमिकली हम उनके के पॉइंट ऑफ अगर गवर्नमेंट इन सीड्स को प्रोवाइड करे तो वेदर इट इज गुड टू यू जीएमओस >> नहीं जीएमओस क्या है जीएमओस की सबसे बड़ी खासियत ये है कि जिस कंपनी ने उसको बनाया है वही कंपनी उसको प्रोवाइड करेगी >> और गवर्नमेंट को उसप कंट्रोल बहुत ज्यादा नहीं हो सकता या तो गवर्नमेंट कोई रेगुलेटरी बॉडी बनाए उसके लिए उस पर कंट्रोल करे लेकिन फिर भी उसका हमें जस यूज़ करना पड़ेगा किस लिए कि जिस चीज को आपने मॉडिफाई कर दिया है ना वो नेचुरल तो नहीं रही नेचुरल नेचुरल ही होती है और मॉडिफाई करने के बाद उसके जो दूसरे जो उसके जो न्यूट्रिएंट्स या चीजें होंगी वो तो अभी इसकी स्टडी तो हुई नहीं अभी ऑल टगेदर हमने उसका साइज बड़ा कर दिया जैसे आप देख रहे हो आजकल बहुत सारे बड़े-बड़े यानी ग्वावा आते हैं अमरूद
1:06:48 >> ये सब जिओ है आज बहुत सारे एप्पल और बहुत सारे बहुत सारे ऐसे वेजिटेबल्स और फ्रूट्स मार्केट में आ रहे हैं जिनको देख के लगता होगा कितने अट्रैक्टिव लग रहे हैं ये ये सब उसी कैटेगरी के हैं। लेकिन इनमें जो मॉडिफिकेशन किए गए मॉडिफिकेशन का लॉन्ग टर्म इफेक्ट तो हुआ ही नहीं है। नेचुरल से हटके आपने कुछ यूज़ किया है तो उसका नेगेटिव इफेक्ट होगा ही होगा। >> नो सर ड्यूरिंग ग्रीन रिवोल्यूशन म्यूटेशन ब्रीडिंग यूज की गई थी थ्रू रेडिएशन >> गेट यू क्या दोबारा बोलेंगे >> सर ग्रीन रेवोल्यूशन के टाइम पे हमने जैसे म्यूटेशन रीडिंग यूज़ की थी टू रेडिएशन >> जस्ट होल्ड प्लीज >> यस सरस सर >> प्लीज रिपीट हां सर ग्रीन रिवोल्यूशन के
1:07:34 टाइम पर हमने टू कमट द कंप्लीट द फूड नीड्स ऑफ कंट्री हमने म्यूटेशन ब्रीडिंग यूज की थी थ्रू रेडिएशंस गामा रेडिएशन एंड तो सर वो भी मॉडिफाइड है >> क्या होता है जैसे आपको पता होना चाहिए कि नेचर में हाइब्रिडाइजेशन नेचुरल प्रोसेस है >> यस सर हाइब्रिडाइजेशन >> नेचुरल प्रोसेस है आप जो जो हीट यूज़ करते हैं वो पहचानते कितना यानी हाइब्रिड है वो >> सर नेचुरली टेक्स प्लेस जो चीज नेचुरल होती है उसको आप आर्टिफिशियली करोगे तो कहीं ना कहीं आप सिस्टम इंटरफेयर कर रहे हो और सिस्टम इंटरफेयर करोगे तो उसका साइड इफेक्ट होगा मैं एग्जांपल देता हूं आपको कैसे आयुर्वेदिक मेडिसिनस प्रिपरेशन कभी
1:08:19 साइड इफेक्ट नहीं दिखाती है ठीक है ना आयुर्वेद अगर अच्छी तरीके की अगर आप प्रिपरेशन यूज़ करोगे बढ़िया क्वालिटी की ऐसे नहीं अगर आप किसी उठा लो आप कोई बढ़िया ब्रांड हो उस ब्रांड का आप कोई आयुर्वेदिक चीज यूज़ करोगे तो उसके साइड इफेक्ट अगर अगर आपको वो ठीक नहीं करेगा तो साइड इफेक्ट तो नहीं होगा कम से कम उसका एट द सेम टाइम सर दर्द करने की भी आप दवाई खाओगे एलोपैथी की तो वो भी आपको सुबह कॉन्स्टिपेशन कर देगी एंटीबायोटिक खाओगे तो और प्रॉब्लम आएगी आपकी और कहीं ना कहीं वो आपको ठीक तो करेगी लेकिन आपकी बॉडी के बहुत सारे जो बेनिफिशियल बैक्टीरिया है उन्हें किल कर देगी फिर हम प्रोबायोटिक्स लेते हैं ऊपर से तो एक जो अप्रोच हमने चेंज की सिंथेटिक अप्रोच केमिकल क्या है ये जो एलोपैथिक मेडिसिन है ये क्या है दे आर ऑल सिंथेटिक जिनको हमने लेबोरेटरी बनाया है। एक्टिव प्रिंसिपल को हमने नेचर से समझ लिया और
1:09:05 उसका स्ट्रक्चर समझ लिया बायो मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर क्या है? फिर हमने उसी के हिसाब से लेबोरेटरी बनाना चालू कर दिया। तो उसका साइड इफेक्ट हो रहा है। अब आप कहोगे कि सर ये तो कंटेंट तो ये चीज तो वही है जो उसमें थी वो इफेक्ट दिखा रही है। लेकिन दिखा रही है। कैसे दिखा रही है? आइसोलेटेड फॉर्म में। उसका जो सिनेस्टिक इफेक्ट होता था दूसरे जो कंटेंट होंगे जो इसके इफेक्ट को डलीफाई कर सकते थे वो उसके साथ नहीं है। एक साइंटिस्ट ने रिसर्च की थी। फॉरेन साइंटिस्ट था। उसने कहा था कि मस्टर्ड ऑयल के अंदर एक ऐसा सब्सटेंस है जो कार्सजेनिक है। मस्ट तुम क्या मस्ट नहीं खाना चाहिए? मस्टर्ड ऑयल को हम सदियों से खाते आ रहे हैं। हमारे पूर्वज कब से खाते आ रहे हैं? किसे कैंसर हुआ? किसी को नहीं हुआ। लेकिन हां होगा। कैसे? जब उसी मस्टर्ड ऑयल को आप कई स्टेज से रिफाइन करोगे तो रिफाइनिंग
1:09:51 प्रोसेस में जो इसका एक काउंट जो एंटीडोट कहते हैं जिसको वो एंटीटोट अगर रिमूव हो गया तो जरूर हो जाएगा। >> यस सर। >> माय क्वेश्चन इज वेदर यूज फर्टिलाइजर्स व्हिच इज आल्सो हार्मफुल एंड जीएमओस हैव द डिफरेंट जीन फ्रॉम द अदर स्पीशीज? तो सर वि वन इज बेटर अमोंग देम देम। >> गो फॉर ऑर्गेनिक। >> भूखे मर जाएंगे सर। >> ऑर्गेनिक अप्रोच सर इज टोटली डिफरेंट। आई नो और सर इतना प्रैक्टिस आया नहीं है। यू नो आवर रिक्वायरमेंट आई टोल्ड यू ना यू हैव टू बी सेल्फ डिपेंडेंट मैंने आपको स्टिक में कहा कि आपको अपनी जो बेसिक
1:10:38 नीड्स है ना उसके लिए आपको प्रोड्यूस करना भी सीखना पड़ेगा क्यों नहीं टेल्स फार्म में करते हैं हम लोग क्यों नहीं अपनी जो भी कोई जमीन कहीं पर है तो उसमें कुछ ऐसा करें कि हमारे घर में कम से कम जो मेंबर हमारे हैं उन्हें कम से कम फूड अच्छा मिले ये तो कर ही सकते हैं ना >> सर मेरा एक और कन्फ्यूजन रहता है व्हेन आई थॉट अबाउट ऑर्गेनिक फार्मिंग सर हम जो सीड यूज करेंगे हम वो ओरिजिनल ऑर्गेनिक सीड कहां से लेंगे? सीड तो सर हम उन्हीं क्रॉप्स का लेंगे तो सर उनमें भी अल्टीमेटली फर्टिलाइज लॉन्ग टर्म में रिफाइन करना पड़ेगा। लॉन्ग टर्म में हमें भी कई क्रॉप लेने के बाद हमें अपना सीड प्रोड्यूस करना पड़ेगा। >> या इट्स अ लॉन्ग प्रोसेस करते थे। फार्मर्स वर नेवर डिपेंडेंट फॉर सीड्स ऑन एनीबडी। मक्का खत्म हुआ। उसे उठा के मक्के के जो बढ़िया-बढ़िया जो भुट्टे थे उनको बस
1:11:25 उन्होंने एक तरफ किया सेग्रगेट और वो रख दिया कोने में। अगली फसल जब बोएंगे तो इसी मक्के के दानों से बो देंगे। गेहूं गेहूं निकाला बढ़िया गेहूं क्वालिटी वाला था उसको अलग कर लिया। अगले साल जब टाइम लगा तो गेहूं इससे ही बोएंगे। धान मतलब हर चीज का किसान ने कभी मार्केट से सीड खरीदा ही नहीं। लेकिन जैसे जैसे चेंज होता गया देखो वो जो समय था ना ग्रीन रेवोल्यूशन वाला दैट वाज़ द नीड ऑफ द कंट्री। क्योंकि लोग भूखे मर रहे थे। शास्त्री जी ने ये कहा था कि एक बार खाना खाओ। राहुल शास्त्री सेड एक बार खाना खाओ क्योंकि खाना नहीं है देश हमारे तब यह कांसेप्ट आया था। ठीक है ना? तो उस समय जो कांसेप्ट था वो ठीक था। उस समय हमने इस पर ध्यान नहीं दिया और फिर इसका अनस्कप्चर जो यूज़ हुआ ना उस यूज़ का रिजल्ट ये हो रहा है कि पंजाब की मैक्सिमम इरीगेटिंग इरीगेशन
1:12:11 लैंड बिल्कुल बेकार हो चुकी है। पंजाबी कभी भी पंजाब का व्यक्ति अपना ही खाना नहीं खा रहा है और वो गेहूं जो हम यहां पैदा कर रहे हैं अपने अशोक नगर और गुना इस एरिया में वो उसको यहां से इंपोर्ट करके वहां खा रहा है। उसको पता है उसका जो जो पूरा जो प्रोड्यूस है वो पूरी तरह से कंटिनेट हो चुका है ड्यू टू ओवर यूज़ ऑफ़ पेस्टिसाइड्स एंड ऑल दिस। तो सर पेस्टिसाइड्स को यह बैन क्यों नहीं किया जा रहा है? मतलब एक बैन हो रहा है तो दूसरा उसका अल्टरनेटिव मार्केट में आ रहा है। तो ये भी हमारे पास पड़ेगा बीइंग साइंटिस्ट ये पॉलिसी मेकर्स की अपनी प्रॉब्लम है क्योंकि कंट्री को चलाना है उनको क्योंकि अगर उन्होंने पैसे बैन कर दिए तो कल को कोई गवर्नमेंट ही ना रहे यहां पर तो उनको वो हर चीज पोलिसा हो जाती है। कंट्री में देख तो रहे हो आप कि वोट चोरी वोट चोरी वोट चोर वोट चोर अरे आप भी
1:12:57 वोटर हो एक जमाने से वोटर लिस्ट ऐसी रही है फौ्टी हम तो कभी वोट लिस्ट आज तक ठीक नहीं देखी हमारा फोटो कभी कुछ सप देते हैं नाम कुछ लिख देते हैं कुछ वो तो करते रहते हैं वो तो एक है ना एक नरेटिव सेट हो जाता है तो इस समय जो हमें जरूरत है वो इस बात की है कि हम क्या कर सकते हैं रेगुलेटरी बॉडी बनेगी वो अपना काम करेंगी हम इसमें क्या अपना कंट्रीब्यूशन दे सकते हैं क्या हम कोई ऐसा मीन ढूंढ सकते हैं तरीका
…