0:00 इमेजिन करो एक बैंक अकाउंट में सिर्फ 70 पैसे यानी कि $01 थे और दूसरे अकाउंट में $158 यानी कि $2.26। अब सोचो इतने कम पैसे के साथ कोई कैसे जिंदगी चलाएगा। यह वो टाइम था जब ग्रांड को उसकी जॉब से निकाल दिया गया था। उनके पास कोई ऑप्शन नहीं बचा था तो मजबूरी में उन्हें अपने पेरेंट्स के घर पर शिफ्ट होना पड़ा। वो कहते हैं कि उनके देश में अगर कोई 24 साल का लड़का अपने मां-बाप के साथ रहने वापस आ जाए तो लोग उसे लूजर समझते हैं। और सच कहें तो ग्रांट भी अपने आप को लूजर ही फील करते थे। हर रात डिनर टाइम पर उनके पेरेंट्स उनसे एक ही सवाल पूछते थे। बेटा जॉब मिली कि नहीं? और वह शर्मिंदगी से आंखें झुका कर जवाब देते, नहीं, अभी ढूंढ रहा हूं। पिछले 2 महीने में वह लगभग 200 से ज्यादा कंपनियों में
0:46 अपने रिज्यूे को भेज चुके थे। दिन रात मेहनत की लेकिन कहीं से एक भी कॉल नहीं आई। एक दिन की बात है कि वह इतने फ्रस्टेट हो गए कि एक खाली ग्राउंड में जाकर लेट गए। आसमान को देखते हुए उनके दिमाग में कई सवाल घूमने लगे। यार मैंने तो अच्छी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। वहां अच्छे ग्रेड्स भी लाए थे। फिर भी मेरी यह हालत क्यों हो गई? उन्हें अपने डैड की बात याद आई जो कहते थे जॉब कर ले। शुरू में पसंद ना भी हो तो बाद में आदत हो जाएगी। ग्रैंड ने वैसा ही किया था। एक हाई सैलरी जॉब ज्वाइन की जो उन्हें पसंद नहीं थी। सिर्फ इसीलिए कि उनके डैड को लगता था कि यह सही रास्ता है। लेकिन इतना कुछ करने के बाद भी उनकी जिंदगी उस मोड़ पर आ गई जहां बैंक में गिनती के ₹10 थे और वह बेरोजगार थे। उनके कई दोस्त जिन्होंने पढ़ाई में
1:32 ज्यादा मेहनत भी नहीं की थी। उनसे कहीं बेहतर सिचुएशन में थे। कोई बिजनेस कर रहा था, कोई जॉब में सेटल हो गया था और ग्रांट वो अपने पेरेंट्स के घर पर डिपेंडेंट थे। उस पल उन्हें लगा कि अब तो बहुत हो गया। अब कुछ तो करना पड़ेगा। तभी उन्होंने अपने लिए एक बड़ा गोल सेट किया कि उनके बैंक अकाउंट में कम से कम 7.5 करोड़ तो होना चाहिए। उन्हें किसी भी हाल में फाइनेंसियल फ्रीडम चाहिए थी। लेकिन सवाल यह था कि इतना बड़ा गोल हासिल कैसे करेंगे? रास्ता अभी भी क्लियर नहीं था। लेकिन फिर भी ग्रांट ने हार नहीं मानी। अगले 5 साल तक उन्होंने जी तोड़ मेहनत की। जो भी पर्सनल फाइनेंस की किताब उनके हाथ लगी उसे पढ़ डाला। वह बताते हैं कि उन्होंने हर उस चीज को समझने की कोशिश की जो पैसों को मैनेज करने और बढ़ाने में मदद कर सकती थी। इस
2:18 दौरान उन्होंने जॉब्स भी की। छोटी-मोटी जॉब से लेकर कुछ ठीक-ठाक वाली तक हर तरह की। लेकिन सिर्फ जॉब करने से काम नहीं चला तो उन्होंने दो कंपनियां भी शुरू की। यह सब आसान नहीं था। वो कई बार फेल हुए, कई बार नुकसान हुआ, लेकिन वो रुके नहीं। 5 साल की मेहनत का नतीजा यह निकला कि उनके पास 7.5 करोड़ से ज्यादा हो गए थे। अब वह सोचने लगे कि 75 करोड़ तक कैसे पहुंचा जाए और सिर्फ अपने लिए नहीं वह चाहते थे कि बाकी लोग भी फाइनेंसियल फ्रीडम हासिल कर सकें। इसीलिए उन्होंने अपनी जर्नी को एक किताब में लिखा फाइनेंशियल फ्रीडम अ प्रूवन पाथ टू ऑल द मनी यू विल एवर नीड। इस किताब में उन्होंने अपनी जिंदगी के हर स्टेप को डिटेल में बताया कि कैसे वह उस मुश्किल वक्त से निकलकर यहां तक पहुंचे हैं। आज हम उसी जर्नी को थोड़ा और डीपली
3:05 समझने की कोशिश करेंगे। सो लेट्स स्टार्ट। अकॉर्डिंग टू ऑथर फाइनेंशियल फ्रीडम के सात स्टेजेस हैं। ग्रांट ने अपनी फाइनेंशियल जर्नी में सात इंपॉर्टेंट स्टेजेस आइडेंटिफाई किए जो हर उस इंसान के लिए रोड मैप की तरह काम करते हैं जो फाइनेंशियल फ्रीडम पाना चाहते हैं। ये स्टेजेस सिर्फ थ्यरी नहीं है बल्कि प्रैक्टिकल स्टेप्स हैं जो हम अपनी रियल लाइफ में अप्लाई कर सकते हैं। तो चलो इन्हें एकदम सिंपल और रिलेटिबल तरीके से समझते हैं ताकि तुम भी अपने फाइनेंससेस को कंट्रोल में लाओ और फाइनेंसियल फ्रीडम की जर्नी कॉन्फिडेंटली शुरू कर सको। पहला क्लेरिटी सबसे पहला और सबसे जरूरी स्टेप। फाइनेंसियल फ्रीडम की जर्नी स्टार्ट करने से पहले एक चीज क्रिस्टल क्लियर होनी चाहिए कि आपको एग्जैक्टली कितना पैसा चाहिए। सोचो आपको हर महीने ₹50,000 चाहिए
3:51 अपनी लाइफ स्मूथली चलाने के लिए। तो साल का खर्चा हो गया ₹6 लाख। अब सोचो अगर आपको 10, 20 या 30 साल के लिए काम नहीं करना है तो आपको कितना पैसा चाहिए होगा? यही क्लेरिटी सबसे पहला स्टेप है। जब तक यह नंबर आपके दिमाग में क्लियर नहीं होगा ना तब तक आपकी जर्नी बस अंधेरे में तीर चलाने जैसी होगी। फाइनेंसियल फ्रीडम सिर्फ एक आईडिया नहीं है। यह एग्जैक्ट नंबर है जो आपको ढूंढना है। इसके बाद आता है सेकंड स्टेज। सेल्फ सफिशिएंसी। इस स्टेज पर आप इतना कमा लेते हो कि किसी से फाइनेंशियल हेल्प लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती। मान लो आप ₹15,000 महीना कमा रहे हो और उतना ही खर्च भी कर रहे हो। ना किसी पर बोझ हो, ना किसी की मदद की जरूरत है। आप अपने पैरों पर खड़े हो, अपने दम पर जी रहे हो।
4:37 यह लेवल छोटा लग सकता है, लेकिन यही तो पहली जीत होती है। जब पैसा आपके लिए टेंशन नहीं बल्कि एक टूल बन जाता है। जब आप इस स्टेज को पूरा कर लेते हो, तो आप थर्ड स्टेज में आ जाते हो जो कि है ब्रीथिंग रूम। अब आपके पास थोड़ा एक्स्ट्रा पैसा बचने लगा है। अरे मान के चलो कल को आपकी जॉब ही चली जाए या कोई इमरजेंसी ही आ जाए तो कम से कम एक-द महीने का खर्चा तो निकाल ही लोगे ना। हां, यह सोच के ही थोड़ा सुकून मिलता है। है ना? यह स्टेज आपको एक छोटी सी फाइनेंशियल आजादी देता है। जहां आप थोड़ा सा ले सकते हो बिना हर वक्त टेंशन लिए हुए। इसमें एक तरफ से आपको कंफर्ट मिलता है। लेकिन फिर भी इसमें आपको काम करना पड़ता है। पर जब आप इस स्टेज को पार कर लेते हो तो आप फोर्थ स्टेज में आ जाते हो जो कि है स्टेबिलिटी। इस स्टेज पर
5:24 आपका सारा उधार खत्म हो चुका होता है। चाहे वह क्रेडिट कार्ड का बिल हो या किसी लोन का बर्डन सब सेटल हो गया है। साथ ही आपके पास कम से कम 6 महीने के खर्च के लिए इमरजेंसी फंड भी रेडी है। अब पहली बार आपको लगता है कि जमीन पैर के नीचे है। आपको मिलती है थोड़ी सी सुकून वाली सांस। थोड़ी सी फाइनेंशियल सिक्योरिटी महसूस होने लगती है। हालांकि इस स्टेज के बाद में आता है फिफ्थ स्टेज फ्लेक्सिबिलिटी। अब जब अगले 2 साल का खर्चा आपके पास ऑलरेडी सेफ है तो टेंशन लेने की जरूरत ही नहीं है। चाहे जॉब छूट जाए या कुछ अनएक्सेक्टेड हो जाए अब आपके फैसले दबाव में नहीं बल्कि अपनी मर्जी से होंगे। जिंदगी अब आपके टर्म्स पर चलेगी। फ्रीडम का असली मजा तो यही है ना। इस स्टेज में
6:09 आप शांति से अपनी लाइफ जी सकते हो। लेकिन, जब आप इस स्टेज को पार करते हो, तब असली मैजिक शुरू होता है। इस स्टेज के बाद आता है बहुत ही इंपॉर्टेंट स्टेज जो कि है फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस। यह वो गोल्डन स्टेज है जहां ऑथर सिर्फ 5 साल में पहुंच गए थे। सोचो सिर्फ 5 साल। इस स्टेज पर आपकी इन्वेस्टमेंट इतनी ग्रो हो जाती है कि आपके रोजमर्रा के खर्चे ईजीली कवर हो जाते हैं बिना किसी जॉब के टेंशन के। अब पैसा कमाने के लिए काम नहीं करना पड़ता। अब आप काम करते हो क्योंकि आपको वो काम पसंद है क्योंकि वो आपका पैशन है ना कि कोई मजबूरी। यहां से लाइफ एक नए लेवल पर चली जाती है फुल फ्रीडम, फुल कंट्रोल। और जब आप इसी स्टेज को पार कर लेते हो तब आप सेवंथ स्टेज में चले जाते हो जो कि है
6:57 अबंडेंस। यकीन मानो अब आपके पास में इतना पैसा हो चुका होता है कि चाहे जिंदगी भर आराम से खर्च करते रहो फिर भी खत्म नहीं होने वाला। अब टेंशन नहीं है। बस अपनों के साथ वक्त गुजारो। अपनी पसंद की चीज करो, हॉबीज जियो, सफर पर निकलो, घूमो, फिरो, जिंदगी के पूरे शौक को महसूस करो, मजे करो। यही तो होता है असली फाइनेंशियल फ्रीडम जब आपका पैसा काम करे और तुम जिंदगी के मजे लो। अब सवाल यह उठता है कि ये सारी स्टेज को एक्चुअली क्रॉस कैसे करें? सिर्फ प्लान बनाना तो काफी नहीं है ना। उसे पूरा करने के लिए सोचने का तरीका भी बदलना पड़ेगा। इसीलिए ग्रांट ने कुछ पावरफुल थिंकिंग मॉडल्स शेयर किए हैं जो आपकी माइंडसेट को शिफ्ट करने में हेल्प करेंगे। इन मॉडल्स की मदद से आप सिर्फ ज्यादा पैसा ही नहीं कमाएंगे बल्कि
7:43 स्मार्ट फैसले लेना भी सीखेंगे। चलिए अब इन्हें एक-एक करके गहराई से समझते हैं ताकि आप भी अपने फाइनेंशियल फ्रीडम के सफर में कॉन्फिडेंट कदम ले सकें। नंबर वन टाइम इज मोर वैल्यूुएबल देन मनी। ग्रांट कहते हैं कि पैसा तो हम फिर भी कमा ही लेंगे लेकिन टाइम। टाइम कभी वापस नहीं आएगा। क्रेट के फाउंडर कुणाल शाह कहते हैं कि मान लो आपकी इनकम प्रति घंटा ₹1000 है तो क्या आप ₹500 के डिस्काउंट के लिए 30 मिनट वेस्ट करेंगे? नहीं ना? भारत में ज्यादातर लोग अपने समय की वैल्यू यानी कि अपने 1 घंटे की वैल्यू ही नहीं जानते हैं। अगर आपको पता हो कि आपका टाइम कितना कीमती है तो आप उसे बेकार की चीजों में वेस्ट नहीं करेंगे। जैसे यदि आप वर्किंग मैन या वुमेन हैं तो घर में मेड रख सकते हैं। इससे आपका
8:28 टाइम बचेगा। आप अपने गोल्स पर ज्यादा अच्छे से फोकस कर पाएंगे और किसी की जॉब भी क्रिएट हो जाएगी। ऑथर कहते हैं कि टाइम की वैल्यू समझो तो जिंदगी के सारे डिसीजंस आसान हो जाएंगे। अगर आपको अपने टाइम की वैल्यू समझ में आ गई तो हर फाइनेंशियल डिसीजन लेने में क्लेरिटी मिलने लगेगी और यही क्लेरिटी आपको ले जाएगी स्टेप नंबर टू की तरफ जो कि है योर नंबर मैटर्स। फाइनेंसियल फ्रीडम के लिए आपको कितना पैसा चाहिए? यह जानने के लिए आप 25x रिटायरमेंट रूल को फॉलो कर सकते हैं। यह रूल कहता है कि अपने सालाना खर्च का 25 गुना जमा कर लो। मान लो आपको हर साल ₹12 लाख चाहिए तो 12 लाख * 25 कर लो = ₹3 करोड़। अब इसे दो पार्ट में डिवाइड कर दो। ₹1.5 करोड़ एफडी
9:14 में डाल दो। यह 12 साल तक आपके खर्च के लिए चलेगा। इसके बाद 1.5 करोड़ को इंडेक्स फंड में डाल दो। अगर 15% रिटर्न मिला तो 12 साल में यह 8 करोड़ बन जाएगा। फिर 8 करोड़ को दोबारा दो हिस्सों में बांटो। 4 करोड़ एफडी में, 4 करोड़ इंडेक्स फंड में। बस यही साइकिल चलती रहेगी। हां, यह शॉर्ट टर्म के लिए परफेक्ट प्लान शायद ना हो। लेकिन लॉन्ग टर्म में डेफिनेटली अच्छा काम करेगा क्योंकि मार्केट शॉर्ट टर्म में ऊपर नीचे हो सकता है। लेकिन लॉन्ग टर्म में मार्केट का काम ही है ऊपर की तरफ जाना। आप हिस्ट्री उठा के देख सकते हो। यह प्लान एक दिशा देता है और जब आपका नंबर क्लियर हो तो आपका विज़न भी क्लियर हो जाता है और विज़न क्लियर हो जाए तो फिर कंपाउंडिंग का जादू समझ में आता है और तीसरा स्टेप भी यही है कंपाउंडिंग का जादू हर ₹1000 जो आप
10:01 आज सेव कर रहे हो वो 10 से 20 साल बाद आपको फाइनेंशियल फ्रीडम दिला सकता है। लेकिन इसके लिए बड़े खर्चे को बचाना जरूरी है। ग्रांट कहते हैं कि तीन चीजें हैं जहां लोग सबसे ज्यादा पैसा वेस्ट करते हैं। घर आप सस्ता घर ले सकते हो या रेंट पर रहो ना। इसके लिए आप थोड़े शहर से दूर में शिफ्ट कर सकते हो जिससे आपके खर्चे थोड़े कम हो जाएंगे और पैसा आपका सेव हो जाएगा। गाड़ी जरूरत की गाड़ी लो। दूसरों को सिर्फ शो ऑफ करने के लिए ओवरस्पेंड मत करो। खाना बाहर खाने की बजाय घर पर खाना खाओ ना। होटल में जो पैसा वेस्ट होता है उसे आप वाइजली इन्वेस्ट कर सकते हो। भारत में एक और चीज है शादियां। लोग ईएमआई भरते-भरते शादी का लोन चुकाते हैं। सोचो अगर यही पैसा इन्वेस्ट होता तो जब आप अननेसेसरी खर्च से बचते हो तभी तो आपके
10:48 ₹1000 कंपाउंडिंग के सफर पर निकलते हैं और यही सेविंग आप इन्वेस्ट कर सकते हो साइड इनकम बनाने में। स्टेप नंबर फोर साइड बिजनेस से कमाई। ग्रांट कहते हैं कि आपकी एक्टिव इनकम के साथ में कुछ ना कुछ साइड इनकम भी होनी चाहिए। साइड इनकम जनरेट करने के लिए ग्रांट ने खुद रियलस्टेट में पैसा लगाया हुआ है। ऑथर कहते हैं कि आप दो तरीके से रियलस्टेट में इन्वेस्ट कर सकते हो। फ्लिपिंग सस्ती प्रॉपर्टी लो थोड़ा रिनोवेट करो महंगे में बेच दो। रेंटल इनकम लोन पर घर लो किराए से लोन चुकाओ। लोन खत्म होने के बाद घर और किराया दोनों आपका। इसके अलावा साइट हसल भी शुरू कर सकते हो। आपकी स्किल जो भी हो उसे पैसा बनाना सीखो। और उसमें आता है सबसे इंपॉर्टेंट स्किल सेलिंग। और यह है अगला स्टेप। सेलिंग सीखो। बिजनेस में सबसे बड़ी
11:35 स्किल है सेलिंग। ग्रैंड कहते हैं कि इसके लिए कुछ अच्छी किताबें पढ़ो। जैसे कि डन कैनडी की द अल्टीमेट सेल्स लेटर। रॉबर्ट चलनी की इन्फ्लुएंस या रसेल ब्रसन की डॉट सीक्रेट्स। अगर पढ़ना बोरिंग लगता है तो कोई प्रैक्टिकल सेल्स कोर्स ट्राई करो। सेलिंग एक ऐसी स्किल है जो आपको जिंदगी भर काम आएगी। नौकरी में, बिजनेस में, रिलेशनशिप्स में। इसके अलावा आप खुद कोई स्किल सीखकर उसे अच्छे से मोनेटाइज कर सकते हो। जैसे कि इसी वीडियो का उदाहरण ले लेते हैं। आप भी इस तरह के एनिमेटेड वीडियो बनाकर फ्रीलांसिंग या अपना खुद का फेसलेस YouTube चैनल खोलकर कंटेंट क्रिएशन की जर्नी शुरू कर सकते हो और अच्छे खासे पैसे कमा सकते हो। यकीन मानो। इस तरह के एनिमेटेड वीडियोस का डिमांड डे बाय डे बढ़ता ही जा रहा है। जिससे यदि आप इसे सीख लेते हो तो आप आसानी से किसी भी तरह का
12:21 कार्टून वीडियो, मोरल स्टोरी, एजुकेशनल वीडियो, हॉरर स्टोरी और इस तरह के फाइनेंस वाले वीडियो, एडवरटाइजमेंट या एक्सप्लेनर वीडियो बहुत ही आसानी से बना सकते हो और फाइनेंशियल फ्रीडम अचीव कर सकते हो जल्दी से जल्दी। मैं डिस्क्रिप्शन में लिंक दे दूंगा। वहां से आप क्लास जॉइ करके बस एक से 1ढ़ महीने में ही आप प्रो एनिमेटर बन सकते हो। तो दोस्तों, यह कहानी थी ग्रैंड की। एक ऐसे इंसान की जिन्होंने जीरो से शुरू करके फाइनेंसियल फ्रीडम सिर्फ 5 साल में अचीव कर ली थी। यह उनका सफर था। उनकी जर्नी ने हमें सिखाया कि चाहे हालात कितने भी खराब क्यों ना हो। अगर इरादे मजबूत हो और दिशा सही तो कुछ भी मुमकिन है। अगर आप भी चाहते हो कि एक दिन पैसा आपके लिए काम करें और आप अपने सपने जी सकें, अपनी लाइफ जी सकें तो आज ही से एक्शन लो। समय को
13:07 बर्बाद मत करो। छोटे कदम भी कल को बड़ा फर्क ला सकते हैं। अगर आपको यह वीडियो पसंद आई हो तो लाइक करना मत भूलना। सब्सक्राइब जरूर कर लेना ताकि ऐसे ही और भी फाइनेंसियल फ्रीडम वाले वीडियो और टिप्स तुम तक मैं डायरेक्टली पहुंचा सकूं। और हां बेल आइकॉन दबाना मत भूलना। वरना अगली इंपॉर्टेंट वीडियो मिस हो गई तो फिर कहना मत। बताया नहीं मुझे यार वीडियो आ गई। चलो, मिलते हैं अगले एपिसोड में, एक नए आइडिया, नए जज्बे के