BPSC TRE 3.0 ReExam | Complete Indian National Movement, Bihar Teacher SST Marathon By Vipin Sir

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर एक व्यापक मैराथन क्लास है, जिसमें कांग्रेस की स्थापना से पहले के संगठनों, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, क्रांतिकारी आंदोलन, गांधी युग और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।

मुख्य बातें:

  • कांग्रेस से पहले के संगठन और उनकी भूमिका
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना और विकास
  • क्रांतिकारी आंदोलनों के विभिन्न चरण
  • गांधी युग और उनके महत्वपूर्ण आंदोलन
  • भारत छोड़ो आंदोलन और स्वतंत्रता की प्राप्ति

परिचय

विपिन तिवारी छात्रों का स्वागत करते हैं और बताते हैं कि यह क्लास टीआर 3.0 री-एग्जाम के लिए है। वे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने की योजना बनाते हैं और छात्रों से सेशन को शेयर करने का आग्रह करते हैं। तिवारी जी वर्ड हिस्ट्री और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी क्लास लाने का वादा करते हैं।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

विपिन तिवारी भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की पृष्ठभूमि बताते हैं। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार करने आई थी, लेकिन धीरे-धीरे भारत को राजनीतिक रूप से जीत लिया। उन्होंने भारत के संसाधनों का दोहन किया और अपनी शासन व्यवस्था थोप दी। भारतीयों ने अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन किए, जिसका उद्देश्य देश को आजाद कराना और एक नई शासन व्यवस्था स्थापित करना था। यह आंदोलन 1885 में शुरू हुआ और 1947 में भारत की स्वतंत्रता तक जारी रहा।

कांग्रेस के स्थापना से पूर्व भारत में बने संगठन

विपिन तिवारी कांग्रेस की स्थापना से पहले भारत में बने संगठनों के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि यह कहना सही नहीं होगा कि राष्ट्रीय आंदोलन सिर्फ कांग्रेस से शुरू हुआ। उन्होंने 10 महत्वपूर्ण पूर्ववर्ती संस्थाओं की एक सूची बनाई है, जिनमें लैंड होल्डर सोसाइटी, बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी और ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन शामिल हैं। वे इन संस्थाओं की स्थापना, उद्देश्य और विलय की प्रक्रिया को समझाते हैं।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

विपिन तिवारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के बारे में बताते हैं। ए.ओ. ह्यूम, एक रिटायर्ड आईसीएस अधिकारी, ने 28 दिसंबर 1885 को कांग्रेस की स्थापना की। लाला लाजपत राय ने यंग इंडिया में एक लेख लिखकर सेफ्टी वाल्व थ्योरी दी, जिसके अनुसार कांग्रेस की स्थापना अंग्रेजों ने अपनी सुरक्षा के लिए की थी। कांग्रेस का पहला अधिवेशन पुणे में होना था, लेकिन हैजा फैलने के कारण इसे बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय में आयोजित किया गया। इसमें 72 सदस्यों ने हिस्सा लिया था। दादा भाई नौरोजी ने इसका नाम बदलकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कर दिया।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन

विपिन तिवारी कांग्रेस के महत्वपूर्ण अधिवेशनों पर चर्चा करते हैं। वे पहले छह अधिवेशनों के बारे में बताते हैं, जिनमें 1885 में बॉम्बे अधिवेशन, 1886 में कलकत्ता अधिवेशन और 1887 में मद्रास अधिवेशन शामिल हैं। वे इन अधिवेशनों के अध्यक्षों और महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख करते हैं। इसके बाद, वे 1896 का कलकत्ता अधिवेशन, 1905 का बनारस अधिवेशन, 1906 का कलकत्ता अधिवेशन और 1907 का सूरत अधिवेशन जैसे महत्वपूर्ण अधिवेशनों पर भी प्रकाश डालते हैं।

बंगाल विभाजन

विपिन तिवारी बंगाल विभाजन के कारणों और परिणामों पर चर्चा करते हैं। वे बताते हैं कि अंग्रेजों ने बंगाल में बढ़ते राष्ट्रवाद को समाप्त करने के लिए यह विभाजन किया था। विभाजन का कारण प्रशासनिक सुधार बताया गया, लेकिन इसका असली उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ना था। 20 जुलाई 1905 को विभाजन की घोषणा हुई और 16 अक्टूबर 1905 को इसे लागू कर दिया गया। भारतीयों ने इसका पुरजोर विरोध किया और स्वदेशी आंदोलन शुरू किया।

दिल्ली दरबार

विपिन तिवारी दिल्ली दरबार के बारे में बताते हैं। दिल्ली दरबार तीन बार लगा - 1877, 1903 और 1911 में। 1911 के दरबार में किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी भारत आए थे। इसी दरबार में बंगाल विभाजन को रद्द करने, बंगाल से बिहार को अलग करने और राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की गई।

क्रांतिकारी आंदोलन

विपिन तिवारी क्रांतिकारी आंदोलन के बारे में बताते हैं, जिसे दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण 1905 से 1910 तक चला, जिसकी शुरुआत बाल गंगाधर तिलक ने की थी। उन्होंने युवाओं को एकजुट होने, राष्ट्रवाद की भावना भरने और शस्त्र प्रशिक्षण देने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान व्यायाम मंडल, मित्र मेला और अनुशीलन समिति जैसी संस्थाएं सक्रिय थीं। दूसरा चरण 1922 में असहयोग आंदोलन की समाप्ति के बाद शुरू हुआ, जिसमें हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचआरए) और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआरए) जैसी संस्थाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विदेश में हुए क्रांतिकारी आंदोलन

विपिन तिवारी विदेश में हुए क्रांतिकारी आंदोलनों पर प्रकाश डालते हैं। इंडिया हाउस की स्थापना 1905 में लंदन में श्याम जी कृष्ण वर्मा ने की थी। 1907 में स्टटगार्ट सम्मेलन में मैडम भीकाजी कामा ने तिरंगा झंडा फहराया था। 1913 में लाला हरदयाल ने यूएसए के सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी की स्थापना की। 1914 में कामागाटामारू प्रकरण हुआ, जिसमें बाबा गुरुदत्त सिंह ने एक जापानी जहाज किराए पर लेकर भारतीयों को कनाडा ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें वहां उतरने नहीं दिया गया।

गाँधी युग

विपिन तिवारी गांधी युग के बारे में बताते हैं, जो 1919 से 1947 तक चला। वे महात्मा गांधी के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हैं। गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने 1883 में कस्तूरबा बाई से विवाह किया। 1888 में वे उच्च शिक्षा के लिए लंदन चले गए और वहां वकालत की पढ़ाई पूरी की। 1893 में वे एक गुजराती व्यापारी का केस लड़ने के लिए साउथ अफ्रीका चले गए, जहां उन्हें रंगभेद का सामना करना पड़ा।

रोलेक्ट एक्ट

विपिन तिवारी रोलेट एक्ट के बारे में बताते हैं, जिसे 19 मार्च 1919 को लागू किया गया था। इस एक्ट के तहत पुलिस शक के आधार पर किसी को भी गिरफ्तार कर सकती थी और कोई भी सुनवाई नहीं होती थी। गांधी जी ने इसे काला कानून कहा था। इस एक्ट के विरोध में 13 अप्रैल 1919 को जलियावाला बाग हत्याकांड हुआ, जिसमें जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवा दीं।

असहयोग आंदोलन

विपिन तिवारी असहयोग आंदोलन के बारे में बताते हैं, जो 1 अगस्त 1920 को शुरू हुआ था। यह महात्मा गांधी द्वारा चलाया गया पहला जन आंदोलन था। गांधी जी ने कहा था कि यदि हम सब मिलकर अहिंसक रूप से अंग्रेजी वस्तुओं का बहिष्कार करें तो निश्चित ही एक साल के अंदर आजादी मिल जाएगी। 5 फरवरी 1922 को चौरी चौरा कांड के बाद गांधी जी ने इस आंदोलन को वापस ले लिया।

साइमन कमीशन

विपिन तिवारी साइमन कमीशन के बारे में बताते हैं, जिसका गठन 1919 के अधिनियम की जांच के लिए किया गया था। इस कमीशन में सभी सदस्य अंग्रेज थे, इसलिए इसका भारत में विरोध हुआ। 1928 में लाहौर में लाला लाजपत राय के ऊपर लाठी चार्ज किया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

सविनय अवज्ञा आंदोलन

विपिन तिवारी सविनय अवज्ञा आंदोलन के बारे में बताते हैं, जो 1930 में दांडी यात्रा के साथ शुरू हुआ था। गांधी जी ने नमक कानून तोड़कर इस आंदोलन की शुरुआत की। इस आंदोलन के दौरान खान अब्दुल गफ्फार खान ने खुदाई खिदमतगार संस्था का गठन किया और लाल कुर्ती सेना का गठन किया। 5 मार्च 1931 को गांधी-इरविन समझौता हुआ, जिसके तहत गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित कर दिया और गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए लंदन गए।

मुस्लिम लीग

विपिन तिवारी मुस्लिम लीग के बारे में बताते हैं, जिसकी स्थापना 1906 में ढाका में आगा खान और सलीम उल्ला खान ने की थी। 1909 में मुस्लिम लीग की मांग पर मुसलमानों को पृथक निर्वाचन क्षेत्र मिल गया। 1940 में मुस्लिम लीग ने लाहौर अधिवेशन में स्पष्ट रूप से पृथक पाकिस्तान की मांग कर ली। 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग ने प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया, जिसके तहत पूरे भारत में सांप्रदायिक दंगे फैलाए गए।

सुभाषचंद्र बोस

विपिन तिवारी सुभाष चंद्र बोस के बारे में बताते हैं, जिनका जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था। उन्होंने 1920 में इंडियन सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी, लेकिन 1921 में इस्तीफा दे दिया। 1938 में वे हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष चुने गए। 1939 में उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक नाम की एक नई संस्था बनाई। उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन किया और "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" का नारा दिया।

भारत छोड़ो आंदोलन

विपिन तिवारी भारत छोड़ो आंदोलन के बारे में बताते हैं, जो 9 अगस्त 1942 को शुरू हुआ था। इस आंदोलन के दौरान अंग्रेजों ने ऑपरेशन जीरो आवर के तहत सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा झंडा लहराने के लिए विद्यार्थियों का एक समूह आगे बढ़ा, जिस पर गोली चलाई गई और सात विद्यार्थी शहीद हो गए। 1947 में माउंटबेटन योजना के तहत भारत का विभाजन कर दिया गया।

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Transcript

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0:06 हेलो स्टूडेंट्स कैसे हैं आप लोग आशा करता हूं बहुत बेहतर होंगे और साथ-साथ अपनी प्रिपरेशन बहुत ही शानदार तरीके से कर रहे होंगे जैसा कि बच्चों आप जानते हैं मेरा नाम विपिन तिवारी है और आज हम जिस पर्पस के लिए यहां पर इकट्ठा हुए हम जब मैं कहता हूं तो मैं और आप दोनों को इंक्लूड करता हूं टीआर 3.0 जो अभी री एग्जाम में तब्दील हो गया है उसके लिए इकट्ठा हुए हैं राष्ट्रीय आंदोलन एक बहुत ही इंपोर्टेंट सेक्शन है उसको हम पढ़ेंगे शैलेश यादव जी कह रहे हैं कि सर ऐसा ही एक क्लास वर्ड हिस्ट्री पर लाओ बिल्कुल बिल्कुल वर्ड हिस्ट्री पर लाएंगे और ऐसा ही ये क्लास लेखक और उनकी पत्रिकाओं पर लाओ चलो ठीक है दो क्लास इस पर भी लाएंगे शैलेश यादव बहुत बढ़िया तो चलो क्लासेस को प्रारंभ करते हैं लेकिन उससे पहले एक बार जोरदार अंदाज में सेशन को शेयर कर देंगे सारे बच्चे जिससे कि सबको पता चल जाए कि यह सेशन हो

0:52 चुका है प्रारंभ तो एक बार सारे बच्चे क्या करेंगे सेशन को बहुत जोरदार अंदाज में शेयर कर देंगे बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया ऐसी ही क्लासेस ला वर्ड हिस्ट्री के लिए मिलाएंगे इंपोर्टेंट टॉपिक्स को क्योंकि बच्चों जो तथागत बैच हमने कराई हुई है तथागत बैच में पूरा वर्ड हिस्ट्री का पूरा एक सीक्वेंस से आपको पूरी सीरीज मिल जाएगी वहां पे तो वहां पर जाकर आप देख सकते हैं लेकिन इसमें हम आपकी यह मदद करेंगे कि कुछ महत्त्वपूर्ण टॉपिक्स पे ऐसे ही बड़ी लंबी क्लासेस लाकर उसको आपको रिवीजन कराएंगे देखो अभी पढ़ाना नहीं रिवीजन कराना है क्योंकि हमने लास्ट टाइम पढ़ा हुआ है तो इस क्लास को आप रिवीजन क्लास ही समझ के चलना ठीक है तो बच्चों भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन मैराथन क्लासेस कोशिश करेंगे आज की जो भी क्लासेस हैं जितने भी घंटे की क्लासेस है उसको मैंने डिसाइड नहीं करूंगा कोशिश करेंगे कि संपूर्णता के साथ कंप्लेसेंसी के साथ इसको

1:38 हम समाप्त कर दें ठीक है तो एक बार सारे बच्चे सेशन को शेयर कर देंगे जिससे कि क्लासेस बहुत ही बेहतरीन अंदाज में प्रारंभ हो जाए ठीक है तो चलो प्रारंभ करते हैं आज की क्लासेस भाई बहुत बढ़िया तो बच्चों सबसे पहले सबसे पहले हम भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को पढ़ें लेकिन उससे भी पहले एक छोटा सा बैकग्राउंड मैं आपको बताता हूं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का वो बैकग्राउंड जब आप जान जाते हो तब आपको राष्ट्रीय आंदोलन समझने में कोई भी दिक्कत नहीं आती है राइट तो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की बात करें तो सबसे पहली बात जो आपको जाननी चाहिए भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के बारे में बच्चों इंडियन नेशनल मूवमेंट जो है जिसको हम हिंदी में कहते हैं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन बहुत ध्यान से समझेंगे छोटा सा एक बैकग्राउंड है

2:25 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन बच्चों ब्रिटिशर्स जो थे पहली बात तो भारत में बहुत सारी यूरोपियन कंपनियां आती हैं और उनमें से ही एक कंपनी थी ईस्ट इंडिया कंपनी बच्चों वो आते तो व्यापार करने हैं लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भारत को राजनैतिक रूप से जीत लिया था भारत को जो पॉलिटिकली उन्होंने जीत लिया तो भारत के रिसोर्सेस को उन्होंने अपने ही तरीके से यूज करना शुरू कर दिया भारत को पूरी तरह से गुलाम बना लिया गया था भारत पर अपनी शासन व्यवस्था थोप दी गई थी और भारत में उत्पादन होने वाली समस्त फसलों को

3:11 अपने हिसाब से अपने उत्पादन अपने हिसाब से अंग्रेजों ने उसे बनाया था क्योंकि उस सम औद्योगिक क्रांति चल रही थी ब्रिटेन में तो इस तरह से भारत एक बाजार के रूप में ब्रिटेन को मिला और उसको बहुत ही बुरी तरह से दहित करने का काम अंग्रेजों ने किया बच्चों कहते हैं कि जब आप किसी पर बहुत ज्यादा अत्याचार करते हो तो एक समय ऐसा आता है कि रिएक्शन होता है तो भारतीय लोगों ने एक होकर पूरे जनमानस ने एक होकर कुछ प्रबुद्ध क्रांतिकारी लोग या फिर अन्य राजनैतिक लोगों के नेतृत्व में बच्चों जो आंदोलन किए थे उसी को भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन कहते हैं बच्चों इसका उद्देश्य था कि अपने देश को आजाद कराना गुलामी की जंजीर से देश को आजाद कराकर उसके बाद एक नई शासन व्यवस्था के साथ भारतीयों द्वारा भारत को शासित किया जाए या चलाया जाए

3:58 बच्चों यह काम करने में बहुत सारा वक्त लगा और यह काम बच्चों अगर सही मायने में देखा जाए तो इसको कहा जाता है कि यह काम शुरू हुआ था 1885 में यह आंदोलन की शुरुआत 85 में होती है और 1947 में जब हमने भारत को आजाद करा लिया तब तक यह पूरी कवाद चलती रहती है तो बच्चों 1885 से लेकर 1947 तक यह पूरी व्यवस्थाएं चलती रही अब इसमें बहुत सारे घटनाक्रम आते हैं और वही घटनाक्रम जो होते हैं वही आपके एग्जाम के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं ठीक है इसमें बहुत बहुत सारे घटनाक्रमों का एक सम्मेलन है लेकिन आज मैं दो चीज इसमें और सम्मिलित करूंगा जो बी बीपीएससी के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है पहली चीज इसमें जो आज की क्लास में वो मेंशन होगा वह होगा कि कांग्रेस से पहले की कुछ भारतीय संस्थाएं

4:43 क्योंकि यह कहना कि सिर्फ कांग्रेस से ही राष्ट्रीय आंदोलन शुरू होता है थोड़ा सा यह सही नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस से पूर्ववर्ती कांग्रेस से पूर्ववर्ती संस्थाओं को भी आपको जानना होगा कांग्रेस से पूर्व संस्थाओं को भी जानना होगा तो कांग्रेस से पहले की बहुत सारी संस्थाओं को मैंने तो एक लिस्ट बनाई है बहुत इंपॉर्टेंट वाली 10 संस्थाओं को मैंने रखा हुआ है क्योंकि लास्ट टाइम जो लास्ट जिन्होंने बीपीएससी दिया होगा टीआर 2.2 वाले में बच्चों इंडियन एसोसिएशन के बारे में क्वेश्चन आया था राइट तो कांग्रेस की पूर्ववर्ती जो संस्थाएं हैं वह भी आपके लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हो जाती है राइट कांग्रेस से पूर्ववर्ती संस्थाओं को भी मैं इसमें रखूंगा और दूसरी चीज बच्चों राष्ट्रीय

5:29 आंदोलन में कई बार क्रांतिकारी आंदोलन छूट जाता है तो क्रांतिकारी आंदोलन मैं बहुत ही डिटेल से इस सेक्शन में कराने वाला हूं और इसको बच्चों क्रांतिकारी आंदोलन को मैं दो चरणों में आपके सामने रखूंगा ठीक है तो बहुत सारी क्रांतिकारी घटनाओं को रखूंगा और इसमें बच्चों जो तीसरी जो महत्त्वपूर्ण चीज है व है बच्चों गांधी युग ठीक है यह तीन चीजें इंपॉर्टेंट तौर पर इस पूरे लेक्चर में आपको मिलने वाली है राइट और उसके बाद अन्य घटनाएं भी हैं प्रमुखता से देखा जाए तो यहां हां से मैंने सेक्शन को शुरू किया है कि कांग्रेस से पहले भी क्या कुछ संस्थाएं थी इसकी बात हम करेंगे उसके बाद बच्चों कांग्रेस की बात करेंगे और इसमें एक चीज जो बड़ी बढ़िया तरीके से मेंशन किया मैंने वो है क्रांतिकारी आंदोलन कई बार वो छूट जाते हैं पीछे तो क्रांतिकारी आंदोलनों को मैंने दो हिस्सों

6:15 में बांट के एकदम बढ़िया तरीके से कुछ घटनाक्रमों को इसमें भी लिया है और उसके बाद बच्चों गांधी युग को विशेष तौर पे फोकस किया गया है क्योंकि क्वेश्चन मैक्सिमम गांधी युग से आते हैं गांधी और उनके महत्त्वपूर्ण आंदोलनों से क्वेश्चन आते हैं तो जल्दी से बताओ ये बातें आपको समझ में आई कि हमें क्या पढ़ना है आज के सेक्शन में हमें क्या पढ़ना है पहले तो मैं आपको यह बताता हूं कि हमें क्या पढ़ना है ये नहीं कि पहले ही प्रारंभ कर दूं और आपको पता ही ना चले कि क्या पढ़ना है तो यहां पर मैंने आपको एक छोटा सा बैकग्राउंड बताया है और साथ ही साथ हमें विशेष तौर पर किन तीन चीजों पे आज फोकस करना है उसको बताया है राइट तो जल्दी से एक बार हैशटैग कर देंगे इतनी बातें अगर मेरी आपको समझ में आ गई जल्दी से बताएं एक बार हैशटैग कर देंगे अब ये मैं जरूर उम्मीद करूंगा कि इससे बच्चों आपका लगभग चीज इससे आपकी लगभग चीजें रिवाइज हो जाएंगी इससे आपकी लगभग

7:03 चीजें बिल्कुल पीडीएफ आपको मिल जाएंगी इससे आपकी लगभग चीजें जो इंपॉर्टेंट है बी बीपीएससी के लिए वो लगभग चीजें आपको रिवाइज मिलेंगी बच्चों ठीक है तो बच्चों सबसे पहले सेशन की शुरुआत करते हैं सेशन की शुरुआत वहीं से होगा कि कांग्रेस की स्थापना से पहले भारत में बने संगठन कांग्रेस की स्थापना से पहले अगर ध्यान से देखा जाए तो जो सबसे पहला संगठन बना हुआ था वो थी लैंड होल्डर सोसाइटी बच्चों लैंड होल्डर सोसाइटी का एक और नाम आपको मिलता है वो है बच्चों जमीदारी एसोसिएशन क्या था जमीदारी एसोसिएशन अब आप कहोगे सर जमीदारी एसोसिएशन क्या था जमीदारी एसोसिएशन का मतलब अंग्रेजों ने जो बड़े-बड़े भूमा विक थे उनको जमीदार कहा था तो जमीदारों के हित को

7:50 साधने के लिए बच्चों यह एसोसिएशन बना था 1837 में और कई बार यहां से प्रश्न पूछा गया है तो संभवत है यह भारत की पहली संस्था थी लैंड होल्डर सोसाइटी जिसका नाम जमीदारी एसोसिएशन भी है और इसकी स्थापना बच्चों 1937 में होती है कहां पर होती है बच्चों कोलकाता में होती है और इसकी स्थापना द्वारकानाथ टैगोर द्वारा की गई थी बच्चों इतनी बातें कम से कम आपको याद होनी चाहिए छोटी सी संस्था की क्योंकि बहुत डिटेल से जानने का कोई आवश्यक तथ्य नहीं है ये सिर्फ इतना जान लो कि जो संभवत पहली संस्था थी जो पहली संस्था थी जो पहली संस्था थी ठीक है चलो बहुत ध्यान से समझो पहली जो संस्था थी वो है लैंड होल्डर सोसाइटी जिसका नाम जमीदारी एसोसिएशन है और साथ ही साथ इसकी

8:35 स्थापना 1937 में कलकत्ता में होती है और इसकी स्थापना द्वारकानाथ टैगोर द्वारा की गई थी बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट राइट याद हो गया सबको कि नहीं याद हो गया उसके बाद बच्चों एक और संस्था आती है बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी बच्चों 1843 में यह संस्था बनती है बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 1843 में बनती है और यह भी इसकी भी स्थापना कोलकात्ता में अब अब आप लोग देख रहे हो स्थापना प्रमुख रूप से कलकाता में क्यों हो रही है क्योंकि बच्चों सबसे पहले शिक्षा का प्रसार जहां पर होगा वहीं पर हक हुकूक की बात होती है शिक्षा एक ऐसी चीज है जो आपको गलत को गलत सही को सही बोलना सिखाती है तो बच्चों बंगाल ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन 1843 की स्थापना एक अंग्रेज द्वारा की जाती है जिसका नाम जॉर्ज थॉमसन

9:20 था और कोलकात्ता में इसकी स्थापना की जाती है लगभग इसका काम और जमीदारी एसोसिएशन का काम दोनों का काम लगभग एक जैसा था तो इसलिए बच्चों 18511 में इन दोनों संस्थाओं का विलय हो जाता है ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के नाम से एक संस्था बनती है राइट तो ये दोनों संस्थाओं का किसका किसका लैंड होल्डर सोसाइटी का और किसका भाई बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी का बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी का क्या हो जाता है बच्चों ये हो जाता है मर्जर हो जाता है विलय हो जाता है और एक नई संस्था बनती है जिसका नाम है ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन क्या बनती है ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन बनती है ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन बनती है एसोसिएशन बनती है

10:07 एसोसिएशन ठीक है और यह संस्था बनती है 185151 ईसवी में यह संस्था बन जाती है राइट इसकी स्थापना किसने की थी तो इसकी स्थापना राधाकांत देव ने की थी बों कहां पर कोलकात्ता की बनी एक संस्था है तो तीन संस्थाएं जो आपस में इंटररिलेटेड हैं क्या वो तीनों संस्थाएं आपके जहन का हिस्सा बनी सबसे पहले लैंड होल्डर सोसाइटी 1837 में बनती है द्वारकानाथ टैगोर द्वारा कोलकात्ता में जमीदारों के हितों की बात इसमें की गई थी इसके बाद बच्चों मैंने आपको क्या बताया बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 1843 में इसकी स्थापना होती है जॉर्ज थॉमसन नाम का अंग्रेज था लगभग दोनों संस्थाओं की कार्य प्रणाली एक जैसी थी इसलिए दोनों संस्थाएं 18511 हो जाती हैं

10:53 और ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के नाम से एक संस्था बनती है और इसकी स्थापना राधाकांत देव द्वारा किया गया था एक बार जल्दी से बताओ ये तीनों संस्थाएं आपको याद हो गई कि नहीं जल्दी से बताओगे ये तीनों संस्थाएं आपको याद हो गई एक बार सारे बच्चे बताएंगे और सेशन को भाई शेयर कर दो एक बार पहले जोरदार अंदाज में सेशन को शेयर कर देंगे बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया ठीक है बहुत शानदार ठीक चले आगे तो ये 1837 ये 1837 है बच्चे ये गलती से हो गया ये 1837 है इसको सही कर लेंगे ये 1837 है 1837 है ठीक है 1837 में लैंड होल्डर सोसाइटी 1837 में लैंड होल्डर सोसाइटी 1843 में बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन 18511 में यह दोनों संस्थाओं का मर्जर था अ ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन याद

11:41 करके रखोगे भाई ठीक है क्लियर 181 1837 उसे कर ले वो थोड़ा सा टाइपिंग मिस्टेक हो गई ठीक है हां भाई सारू सिंह सही कर ले उसे कोई ऐसी बड़ी दिक्कत नहीं 1837 कर ले अच्छा चौथी बात अगर हम आते हैं तो चौथा है बॉम्बे एसोसिएशन के नाम से एक संस्था बनती है देखो यह क्षेत्रीय संस्थाएं हैं है जहां से कई बार क्वेश्चन पूछे गए हैं बी बीपीएससी में ठीक है तो क्षेत्रीय संस्थाएं इसे सही कर लेंगे तो क्षेत्रीय संस्थाओं की बात करें तो बम्बे एसोसिएशन आता है जिसकी स्थापना बच्चों 18522 ईसवी में की गई थी ठीक है 18522 नौरोजी ने इसकी स्थापना की थी ये चौथी संस्था है बॉम्बे एसोसिएशन स्थापना 18522 नौरोजी द्वारा इसकी स्थापना की गई ठीक है उसके बाद जो पांचवीं संस्था है

12:27 बच्चों पांचवीं संस्था अच्छा चौथी संस्था याद हो गई बॉम्बे एसोसिएशन 18922 में 18522 में और इसकी स्थापना किसने की है दादा भाई नरोजी में ठीक है क्लियर है ना अच्छा इसके बाद बच्चों ईस्ट इंडिया एसोसिएशन ऐसी संस्था जो लगभग यहां से प्रश्न पूछे गए लगभग क्वेश्चन पूछे गए हैं बच्चों ईस्ट इंडिया एसोसिएशन जिसकी स्थापना बच्चों 186 66 में होती है और इसकी स्थापना बच्चों लंदन में की गई थी दादा भाई नौरोजी के द्वारा और बच्चों ये एक ऐसी संस्था है जिसमें दादा भाई नौरोजी ने एक जो ब्रिटिश जनमानस है उसमें जो है भारत में क्या हो रहा है उसको बताने के लिए संस्था की स्थापना की थी राइट तो बच्चों ईस्ट इंडिया एसोसिएशन

13:28 1866mhz ठीक है ईस्ट इंडिया एसोसिएशन ठीक है कितनी संस्थाएं हो गई पांच संस्थाएं एक छोटा रिवीजन कर लेते हैं चलो सबसे पहली संस्था है लैंड होल्डर सोसाइटी जिसकी स्थापना 1837 में कलकाता में द्वारकानाथ टैगोर द्वारा किया गया फिर दूसरी संस्था है बंगाल ब्रिटिश एसोसिएशन बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 1843 में इसकी स्थापना होती है कोलकात्ता में जॉर्ज थॉमसन के द्वारा बाद में दोनों संस्थाओं का मर्जर हो जाता है विलय हो जाता है और दोनों संस्थाओं को मिलाकर 18511 में एक संस्था बनती है ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन इसकी स्थापना बच्चों कोलकाता में ही राधाकांत देव द्वारा की गई फिर बच्चों चौथा मैंने आपको बॉम्बे एसोसिएशन के बारे में बताया 18522 नौरोजी ने किया था पांचवी संस्था जो

14:16 बहुत इंपॉर्टेंट है वो है ईस्ट इंडिया एसोसिएशन 1866mhz कराया जाए बताया जाए कि भारत की क्या स्थिति चल रही है इस समय ठीक है तो ये पांच संस्थाएं अगर याद हो गई तो जल्दी से हैग फाइक करके बताएं कि कांग्रेस के पहले की पांच संस्थाएं क्योंकि बच्चों जब यहां से प्रश्न पूछता है ना तो ऐसे लगता है कि ये तो पढ़ा ही नहीं है तो इसलिए मैंने पहले प्रारंभिक रूप से यही लिया हुआ है तो जल्दी से एक बार बताएंगे इतनी बातें आपको समझ में आ गई कि नहीं एक बार जल्दी से सारे बच्चे बता देंगे कि इतनी बातें समझ में आ गई कि नहीं पांच संस्थाएं पांच संस्थाएं लैंड होल्डर सोसाइटी से लेकर उसके बाद तक की पांच संस्थाएं मैंने अब तक आपसे डिस्कस कर लिया

15:02 है और मुझे ऐसा लगता है कि आपको एकदम याद आ गया होगा एकदम याद आ गया होगा ठीक है भाई एकदम याद एकदम रिकॉल हो गया होगा अगर पढ़ा नहीं है तो एकदम याद कर लो अभी के अभी क्योंकि यहां से क्वेश्चन यदा कदा पूछ सकते हैं ठीक है भाई चलो बहुत बढ़िया अब आगे चलते हैं छठी संस्था की बात करते हैं बच्चों सिक्सथ नंबर की संस्था है पुणा सार्वजनिक सभा बहुत इंपॉर्टेंट बच्चों ये क्षेत्रीय के बात जैसे बॉम्बे एसोसिएशन पुना सार्वजनिक ये क्षेत्र विशेष की बात तो कर रही हैं लेकिन इनका जो नेचर है वो राष्ट्रीय नेचर है हालांकि ये क्षेत्र विशेष की संस्थाएं हैं नाम से लग रहा होगा आपको राइट तो बच्चों पुना सार्वजनिक सभा

15:48 18706 में पुणा सार्वजनिक सभा की बच्चों स्थापना की थी ठीक है सातवी जो सबसे इंपॉर्टेंट संस्था है वो है बच्चों इंडियन लीग बहुत इंपॉर्टेंट है 18753 5 में इसकी स्थापना कोलकात्ता में होती है शिशिर कुमार घोष द्वारा इसकी स्थापना की जाती है तो ये सात संस्थाएं पांच पहले पढ़ लिया था दो फिर से बताते हैं पुना सार्वजनिक सभा की बात करते हैं पुना सार्वजनिक सभा की बात करते हैं बिल्कुल पीआरटी के लिए सिक्स टू एट के लिए सबके लिए इंपोर्टेंट है भाई अब बार-बार पूछ के ना ये फ्लो खराब मत करें क्लास का बार-बार मत पूछे ना लास्ट टाइम हमने जब तथागत बैच किया था मुझे अभी भी याद है बच्चों ने पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक पूछा था कि ये पीआरटी में आता है कि सिक्स

16:36 टू 8 अंतिम दिन तक पूछा मैराथन में भी लिखा था कुछ बच्चों ने राइट तो ये बच्चों एक बार ध्यान से पढ़ ले इसे ठीक है बहुत ध्यान से क्योंकि जब मैं फ्लो में पढ़ा रहा हूं बीच में आपके क्वेश्चंस आते हैं फिर क्लास डिस्टर्ब होती है उससे ठीक है इसीलिए डाउट ग्रुप बनाया गया डाउट ग्रुप में तो आप लोग बातें करते हैं वहां कम से कम जेनुइन क्वेश्चन डाले ठीक है चलो क्या बात की थी पुणा सार्वजनिक सभा द्वारा पुणा में की गई इंडियन लीग बहुत बार पूछा गया है 18753 और उसके पहले के जो बीपीएससी के एग्जाम आप देखोगे उसमें भी पूछे गए इंडियन

17:23 नेशनल एसोसिएशन की बच्चों स्थापना 187 6 में होती है बच्चों याद रखेंगे इसकी स्थापना जो है कोलकाता में सुरेंद्रनाथ बैनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा की गई थी बच्चों सुरेंद्रनाथ बैनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा की गई थी याद करके रखोगे ठीक है इंडियन लीग याद हो गया 18753 में एम जी रानाडे द्वारा पुणा में स्थापित की जाती है इंडियन एसोसिएशन या इंडियन नेशनल एसोसिएशन 187 6 में इसकी स्थापना कहां होती है कलकाता में सुरेंद्र नाथ बैनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा इसकी स्थापना की गई ी थी इसको थोड़ा और ध्यान से अगर मैं बताऊं इसको बच्चों इंडियन एसोसिएशन के नाम से भी जानते हैं इंडियन एसोसिएशन अभी देखना

18:09 एसोसिएशन बच्चों इंडियन एसोसिएशन की अगर मैं बात करूं तो अभी बताया मैंने 18976 में इसकी स्थापना होती है किन दो लोगों के द्वारा एक तो सुरेंद्र नाथ बैनर्जी जी हैं सुरेंद्र नाथ बैनर्जी और साथ-साथ बच्चों एक और व्यक्ति है इनके जिनका नाम है आनंद मोहन बोस आनंद मोहन बोस बच्चों स्थापना इसकी कोलकाता में ही होती है बच्चों यह कुछ ऐसे कारणों को लेकर आंदोलन में उतरे जिसकी वजह से यह कुछ ही दिनों के अंदर नेशनल लेवल पर एक पार्टी के रूप में जाने जाने लगे कौन से कारण को लेकर उतरे पहली बात तो बच्चों भारत की जो एक परीक्षा होती थी इंडियन सिविल सर्विसेस इस परीक्षा को इनकी डिमांड थी कि लंदन के साथ भारत में भी करवाई जाए इन्हीं की

18:55 डिमांड थी कि लंदन में तो होती है भारत में कराई जाएगी तो ज्यादा से ज्यादा भारत इसमें पार्टिसिपेट करेंगे पहली चीज दूसरी बात जो ये इशू लेकर उतरे थे प्रशासनिक इशू लेकर उतरे थे बच्चों कि जो भारत में प्रशासनिक पद है प्रशासनिक पद है उसका भारतीय करण किया जाए मतलब उसमें ज्यादा से ज्यादा भारतीय आए बच्चों एक क्वेश्चन भी पूछा गया बी बीपीएससी में तो प्रशासनिक पदों का ज्यादा से ज्यादा भारतीय कारण किया जाए साथ ही साथ बच्चों एक व्यवस्था देखने को मिलती है जिसकी ऐज भारतीयों के लिए 21 वर्ष रखी गई थी उस व्यवस्था को क्या किया गया इसको कम कर दिया गया एज और 19 वर्ष कर दिया गया एज ठीक है पहली बात इस बात को लेकर बच्चों इंडियन एसोसिएशन ने बहुत तगड़ा विरोध दर्ज

19:43 कराया ठीक है पहली बात तो यह दूसरी चीज जो एक बच्चों कानून पारित हुआ था इस बात का भी इंडियन एसोसिएशन ने बहुत तगड़ा वाला विरोध किया था साथ-साथ बच्चों 18788 कहते हैं क्या कहते हैं वर्नाकुलर प्रेस एक्ट कहते हैं और बच्चों ये प्रेस एक्ट ऐसा था कि भारतीय भाषाओं में आप समाचार पत्र नहीं निकाल सकते थे ठीक है तो भारतीय भाषा के जो समाचार पत्र थे उसको बैन कर दिया था अंग्रेजों ने तो इसका विरोध इंडियन एसोसिएशन नाम की एक संस्था ने किया था तो इन सारे कामों की वजह से ये

20:31 पूरी तरह से भारत के जनमानस को प्रभावित कर सके और बच्चों एक वक्त आता है जब ये ऑल इंडिया एसोसिएशन मकल मतलब कि इंडियन एसोसिएशन ने पहली बार क्या किया था इंडियन एसोसिएशन ने बच्चों 1883 ईसवी में अखिल भारतीय सम्मेलन करके ये दिखाया कि हम ऑल इंडिया लेवल की पार्टी हैं अखिल भारतीय सम्मेलन किया बच्चों अखिल भारतीय सम्मेलन मतलब हम ऑल इंडिया लेवल पे हैं और हम अखिल भारतीय मतलब ऑल इंडिया के मुद्दों को उठाते हैं हम कोई क्षेत्र विशेष की पार्टी नहीं है राइट तो अखिल भारतीय सम्मेलन इंडियन एसोसिएशन का होता है 1883 ईसवी में कहां पर बच्चों कोलकात्ता में होता है ठीक है अच्छा इसके बाद बच्चों यह काफी सफल रहता है इसके बाद एक और सम्मेलन होता है बच्चों दूसरा अखिल भारतीय सम्मेलन इंडियन

21:17 एसोसिएशन का 1885 ईसवी में होता है ये वही वक्त था ये वही वक्त था बच्चों जब इंडियन नेशनल कांग्रेस की स्थापना कोलकात्ता में अ इंडिय नेशनल कांग्रेस की स्थापना कहां पर बॉम्बे में हो रही थी तो 1885 में अखिल भारतीय सम्मेलन एक बार फिर से होता है और इसमें बहुत सारी चीजों को डिस्कशन किया जाता है और इसी बीच में बच्चों यह बच्चों ये भी जो अखिल भारतीय सम्मेलन था ये भी कहां था कोलकात्ता में किया गया था दूसरा अखिल भारतीय सम्मेलन ठीक है ये पहला वाला अखिल भारतीय है ये दूसरा वाला अखिल भारतीय है बच्चों उसके बाद वक्त आता है 18864 में क्या होता है कि जो इंडियन एसोसिएशन था इसका बच्चों विलय कर दिया गया मर्जर हो गया क्योंकि इनका मानना था कि जो

22:02 हम करना चाहते हैं सेम वही मुद्दा कांग्रेस का भी है राइट तो बच्चों होता क्या है कि 18864 में होती है किसके द्वारा सुरेंद्र नाथ बैनर्जी और आनंद मोहन बोस के द्वारा आईसीएस की परीक्षा में आईसीएस की परीक्षा भारत में हो बहुत सारे जो प्रशासनिक पद हैं उन उनमें ज्यादा से ज्यादा भारतीयों की नौकरी लगे इन सारे इश्यूज के साथ आए थे उसी बीच में 18777 एज है भारतीयों की उसे कम करके 19 साल कर दिया गया और लगभग भारतीयों के लिए

22:49 असंभव हो गया सिविल सर्विसेस में जाना इस बात को विरो इस बात का विरोध करने के लिए इंडियन एसोसिएशन जमीन पर उतर गए बच्चों है और इंडियन एसोसिएशन ने इसका विरोध किया क्योंकि भारतीय शस्त्र नहीं रख सकते थे इसके तहत राइट 18788 3 ईसवी में पहला अखिल भारतीय सम्मेलन कोलकाता में होता है इंडियन एसोसिएशन का 1885 में दूसरा अखिल भारतीय सम्मेलन कोलकाता में होता है और उसके बाद

23:57 18864 जल्दी से एक बार बता देंगे फिर उसके बाद हम अगली संस्था की ओर चलेंगे इंडियन नेशनल एसोसिएशन अच्छे से देख लिया है एक बार सारे बच्चे बताएंगे सब कुछ ठीक है बहुत बढ़िया जल्दी से बताएंगे बहुत अच्छे बहुत अच्छे इतनी बातें समझ में आ रही है बहुत शानदार बच्चों सेशन को शेयर कर दो जिस जिस जिसकी वजह से यह सेशन ऐसे बच्चों तक भी पहुंचे जो अभी बिल्कुल तंत्रा में अभी सो रहे हैं ना कि एग्जाम री एग्जाम भी हो जाएगा तब तक भी सोते रहेंगे जग जाओ जग जाओ क्योंकि जिन्हें सफल होना है वो पढ़ रहे अभी भी राइट तो तंत्रा छोड़ो पढ़ाई करो नींद की तंत्रा से उठो और पढ़ाई करना शुरू कर दो बच्चों क्योंकि आप सो रहे हो बहुत सारे बच्चे पढ़ रहे हैं उन्हीं का हो जाएगा फिर बीपीएससी में आप सोते ही रह जाओगे राइट अभी जो वक्त मिला

24:42 है आपको उसका सदुपयोग करना सीखे ठीक है चलो बहुत बढ़िया आगे चलते हैं बच्चों तो एक और संस्था है मद्रास महाजन सभा मद्रास महाजन सभा की स्थापना बच्चों सभा की स्थापना मद्रास में की गई थी 18842 नाम की एक संस्था बनती है 1885 में महाराष्ट्र के क्षेत्र में खासकर बंबई में इस संगठन की स्थापना की गई थी 1885 ईसवी में इसकी इसके संस्थापक जो थे वो फिरोज शाह मेहता थे जो कि बच्चों एक उदारवादी कांग्रेस के नेता बने आगे चलकर राइट तो

25:28 1885 में बंबई प्रेसिडेंसी के अंदर बच्चों इसके बंबई प्रेसिडेंसी नाम की एक संस्था बनती है खासकर महाराष्ट्र वाले इलाका में इसके संस्थापक जो है फिरोज शाह मेहता हैं बदरुद्दीन तैयब जी हैं और केटी तैलंग जी हैं ठीक है कांग्रेस से ठीक पहले इसकी स्थापना की गई थी लेकिन जब कांग्रेस का जन्म हुआ तो इस तरह के क्षेत्रीय संगठन जितने भी थे उनका अस्तित्व लगभग समाप्त सा हो गया था बच्चों ठीक है तो ये दो संस्थाएं मद्रास महाजन सभा संस्था है बंबई प्रेसिडेंसी 1885 किसने भाई तो बच्चों फिरोज शाह मेहता बदरुद्दीन तैयब जी और केडी तैलंग ने मिलकर की लेकिन कांग्रेस के जन्म के बाद ऐसी संस्थाओं का औचित्य समाप्त हो गया बच्चों एक बार मैं फिर से यह 10 संस्थाओं को रिवाइज करने की कोशिश करूंगा तो सबसे पहले बच्चों

26:15 कांग्रेस की स्थापना से पूर्व बने संगठन में सबसे पहली संस्था है लैंड होल्डर सोसाइटी मेरे साथ रिवाइज करने की कोशिश करेंगे ठीक है क्लियर ना कांग्रेस की स्थापना से पहले भारत में बने संगठन तो सब से पहले लैंड हो होल्डर सोसाइटी है 1837 में इसकी स्थापना कलकाता में होती है द्वारकानाथ टैगोर के द्वारा दूसरी संस्था है बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी 1843 में इसकी स्थापना होती है कोलकात्ता में जॉर्ज थॉमसन के द्वारा तीसरी संस्था दोनों संस्थाओं को बच्चों मर्ज कर दिया जाता है और एक नई संस्था बनती है ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन 18511 में और इसकी संस्था संस्थापन स्थापना बच्चों कलकाता में राधाकांत देव द्वारा की गई ये तीन संस्थाएं एक साथ याद कर लो उसके बाद बाद आता है बॉम्बे एसोसिएशन इसकी स्थापना 18552 ईसवी में की जाती है बंबई में दादा

27:04 भाई नौरोजी ने इसकी स्थापना की थी बच्चों इसके बाद ईस्ट इंडिया एसोसिएशन सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है 1866mhz इंग्लैंड के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास किसने किया था दादा भाई नौरोजी ने किया था राइट क्लियर तो बच्चों पुना सार्वजनिक सभा इसके बाद 18702 एम जी रानाडे हैं पुणा में इसकी स्थापना होती है राइट इसके बाद इंडियन लीग आता है 1845 में सबसे ज्यादा बार पूछा गया क्वेश्चन है कोलकाता में शेशर कुमार घोष ने इसकी स्थापना की इंडियन एसोसिएशन सबसे

27:50 ज्यादा इंपॉर्टेंट है भाई ठीक है अच्छा इंडियन एसोसिएशन बच्चों सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है 187 6 में इसकी स्थापना स्थापना होती है कलकाता में सुरेंद्र नाथ बैनर्जी आनंद मोहन बोस ने इसकी स्थापना की थी इसके बाद बच्चों मैंने आपको क्या बताया इंडियन एसोसिएशन की स्थापना 187 6 में सुरेंद्र नाथ बैनर्जी आनंद मोहन बोस के द्वारा आईसीएस की परीक्षा भारत में हो पहली डिमांड यह थी प्रशासनिक जितने भी पद हैं उसमें ज्यादा से ज्यादा भारतीय आए दूसरी डिमांड ये थी उसके बाद 18777 के लिए जो अधिकतम आयु उस समय थी 21 साल थी उसको कम करके 19 साल इसलिए किया गया कि कम से कम भारतीय बड़े पदों पर आ पाए इसका विरोध किया गया और बाद में अधिकतम आयु 21 वर्ष करा ली गई बच्चों याद रखेंगे इसे ठीक है 18788 भी तरह का शस्त्र नहीं रख सकता था

28:38 इसका विरोध भी किया था इंडियन एसोसिएशन ने 18785 बना दिया मतलब ऑल इंडिया लेवल पे अपनी बात रखनी शुरू कर दी मतलब ऑल इंडिया लेवल की एक पार्टी बनके तैयार हो गई थी राइट तो 1883 ईसवी में इन्होंने ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस किया था कोलकाता में 1885 में भी ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस किया था कोलकाता में 86 में बच्चों यह कांग्रेस के कांग्रेस के अंदर इसका विलय हो जाता है 18864 में बनती है सुब्रमण्यम अयर के नेतृत्व में मद्रास महाजन सभा बंबई

29:24 प्रेसिडेंसी 1885 में बनती है खासकर बंबई वाले क्षेत्र में इसकी स्थापना की गई संस्थापक में फिरोज शाह मेहता हैं बदरुद्दीन तैयब जी हैं केटी तैलंग हैं कांग्रेस के ठीक पहले जितने भी ये क्षेत्रीय संगठन बने थे कांग्रेस की स्थापना के बाद इनका लगभग अस्तित्व समाप्त हो गया राइट भाई तो जल्दी से एक बार सारे बच्चे बताएंगे कि क्या आपको यह जो इंपॉर्टेंट 10 मैंने कांग्रेस की पूर्ववर्ती संस्थाएं कराई हैं वो समझ में आई अगर समझ में आई तो एक हैशटैग करके बताएंगे फिर हम और आगे बढ़ेंगे और कांग्रेस की स्थापना पे ध्यान देंगे तो जल्दी से एक बार बताएंगे हैग करके और सेशन पसंद आ रहा है भाई लाइक करें और इसे शेयर करने की भी कोशिश करें जितने सारे लोग देख रहे हैं जल्दी से एक बार सेशन को लाइक भी करें और शेयर करने की कोशिश करेंगे जितने सारे लोग देख रहे हैं बहुत बढ़िया इसके

30:11 बाद हम कांग्रेस की स्थापना और बहुत सारी गतिविधियों को भी समझने की कोशिश करेंगे जितने सारे लोग देख रहे हैं एक बार जल्दी से मुझे हैशटैग करके बताएंगे सब कुछ ठीक है सर बिल्कुल समझ में आ रहा है किसी तरह की कोई समस्या नहीं है बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया हैग हैग हैग बहुत अच्छे ठीक है अच्छा बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया लिखा हुआ है बहुत बढ़िया चलो प्रारंभ करते हैं क्लासेस को और आगे लेकर चलते हैं तो कांग्रेस की पूर्ववर्ती संस्थाओं वाला जो छोटा सा एक टॉपिक था उसकी बहुत महत्त्वपूर्ण संस्थाएं तो बहुत बनी क्षेत्रीय लेकिन कुछ महत्त्वपूर्ण 10 संस्थाओं पर हमने एकदम आराम से डिस्कशन किया और ऐसा उम्मीद है कि यह आपको बिल्कुल समझ में आ गया होगा राइट अच्छा तो अब आगे चलते हैं और हम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को समझने की कोशिश करते हैं हालांकि आप

30:58 आपका तैयार होगा तो आपका रिवीजन हो जाएगा अगर आपका तैयार नहीं है तो आप समझने की कोशिश करेंगे बच्चों इंडियन नेशनल कांग्रेस कांग्रेस की स्थापना कैसे किसने की या कैसे होती है तो बच्चों इस व्यक्ति ने की इनका नाम क्या है भाई तो इनका नाम है ए ओ ह्यूम क्या नाम है इनका ए ओ ह्यूम इनका नाम है ए ओ ह्यूम इनका नाम है बच्चों इन्होंने कांग्रेस की स्थापना की संस्थापक थे ये कांग्रेस के और बच्चों कांग्रेस की स्थापना की बात करें तो ये एओ ह्यूम जो थे ये आईसीए इंडियन सिविल सर्विसेस में रिटायर्ड अधिकारी थे पहली बात याद करके रखेंगे दूसरी बात बच्चों इनको हरमिटियन के नाम से इनको जाना जाता था

31:44 शिमला के संत के नाम से जाना जाता था बच्चों यह एक पक्षी विज्ञानी भी थे ठीक है यह एक पक्षी विज्ञानी भी थे तो ये बच्चों कांग्रेस की स्थापना करते हैं वैसे कांग्रेस की अगर स्थापना की बात की जाए तो स्थापना के लिए जो डेट निकल के आती है वह बताई जाती है 28 दिसंबर कब 1885 28 दिसंबर 1885 में ऐसा बताया जाता है कि कांग्रेस की स्थापना होती है लेकिन कांग्रेस की स्थापना किसने की कैसे की किन परिस्थितियों में की इसके लिए एक लेख में लिखा हुआ था ठीक है अच्छा क्षेत्रीय संगठन कहेंगे क्या नहीं इंडियन एसोसिएशन को अखिल भारतीय संगठन कहना ज्यादा उचित रहेगा क्योंकि वह पूरे भारत के मुद्दों को उठाने लगी थी ठीक है

32:29 इसमें से बहुत सारी संस्थाएं जो मैंने बताई है यह अखिल भारतीय प्रकृति की हो चुकी थी लेकिन उससे पहले कांग्रेस आ गई तो वो संस्थाओं का अस्तित्व समाप्त हो गया तो बच्चों अगर हम बात करें कि कांग्रेस की स्थापना कैसी हुई कि किसने की किन परिस्थितियों में की इसके लिए बच्चों एक व्यक्ति का नाम आता है लाला लाजपत राय लाला अब आप कहोगे सर लाला लाजपत राय तो बाद में हुए ठीक है लेकिन बच्चों लाला लाजपत राय ने बाद में एक लेख लिखा हुआ था 1916 में ठीक है लेख कहां पर लिखा हुआ था एक पत्रिका है जिसमें बाद में गांधी जी भी लिखने लगे यंग इंडिया जिसका नाम है तो बच्चों यंग इंडिया में एक लेख लिखा था लाला लाजपत राय ने 1916 में बच्चों लाला लाजपत राय ने जब लेख लिखा यंग इंडिया में तो बच्चों होता क्या है कि इसी यंग इंडिया

33:16 में एक कांसेप्ट दिया था कि कांग्रेस की स्थापना कैसे की गई थी ठीक है कांग्रेस की स्थापना कैसे की गई थी इस पर उन्होंने एक लेख लिखा हुआ था तो उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की स्थापना अंग्रेजों ने अपनी सुरक्षा के लिए किया हुआ को यह बात समझ में नहीं आई कि कैसे सुरक्षा के लिए किया हुआ था तो लाला लाजपत नाय ने इसको एक सिद्धांत दिया जिसका नाम था सेफ्टी वॉल्व थरी क्या नाम दिया था सेफ्टी वल्व थिरी सेफ्टी वल्व थिरी जिसको हिंदी में कहते हैं सुरक्षा कपाट का सिद्धांत क्या कहते हैं सुरक्षा कपाट का सिद्धांत कहते हैं सुरक्षा कपाट का सिद्धांत कहते हैं इसको लाला लाजपत राय ने बच्चों 1916 में

34:04 यंग इंडिया में एक लेख लिखते हुए बताया था कि कांग्रेस की स्थापना क्यों की गई थी राइट तो लाला लाजपत राय का मानना था कि ऐसा है कि जैसे मान लो कि ये भारतीय हैं अब 1857 की जब क्रांति हुई तो अंग्रेज बड़े सतर्क हो गए और क्योंकि उन्होंने 57 की क्रांति को प्रत्यक्ष रूप से झेला था अचानक बच्चों भारतीयों ने विद्रोह किया और अंग्रेजों को समझ भी नहीं आया कि करना क्या चाहिए एक अंग्रेज ने तो यहां तक लिख दिया था कि कुछ भारतीयों ने हमारी अगर मदद ना की होती तो हम उसी समय भारत से बाहर चले जाते राइट तो अंग्रेजों ने खूब विचार किया मंथन किया राइट उसके बाद उन्होंने कहा कि एक काम करते हैं यह जो भारतीय हैं इनकी असंतुष्ट जानने का कुछ प्रयास करते हैं यह क्यों कब असंतुष्ट होते हैं

34:49 असंतुष्ट को जानने के लिए बच्चों हम एक काम करते हैं एक संस्था बना देते हैं असंतुष्ट ठीक है इनके जो विरोध है इनके जो असंतुष्ट आं हैं इसको जानना है हमें तो हम एक काम करते हैं भारतीयों में से ही कुछ लोगों को लेकर एक पार्टी बना देते हैं तो बच्चों एक पार्टी बना दी गई ठीक है जिसका नाम था इंडियन नेशनल कांग्रेस वो क्या करेगी कि भारतीयों का जो विरोध हो रहा है उसको जानेगी और जानकर किसको बताएगी अंग्रेजों को बताएगी ब्रिटिशर्स को बताएगी कि हम ऐसे नाराज है तो हमारी मांगों को पूरा कर दो तो अंग्रेज सतर्क हो जाएंगे अगर मांग मानने वाली होगी तो मांग को मान लिया जाएगा नहीं तो अपने तरीके से उसको दबा दिया जाएगा राइट तो ध्यान से समझेंगे मेरी बातों को कलर वलर के चक्कर में ना रहे ध्यान से सुनने का की कोशिश करेंगे

35:36 ठीक है शैलेश यादव ध्यान से सुनेंगे ठीक है बहुत ध्यान से सुनेंगे ये कलर एक्सेसिबल ये तो कलर मैं अक्सर यूज करता हूं बहुत एक्सेसिबल है बच्चों के लिए राइट तो थोड़ा ध्यान से सुनेंगे उसे बहुत ध्यान से सुनेंगे मैं क्या कह रहा हूं नहीं तो निकल जाएगा और फिर आप एग्जाम में कहोगे सर ये तो मैंने पढ़ा ही नहीं है ध्यान से सुनेंगे यंग इ इंडिया एक पत्रिका है बहुत ध्यान से यंग इंडिया एक पत्रिका है जिसमें समय-समय पर अलग-अलग लोगों ने लेख लिखे हैं जैसे मैंने कहा लाला लाजपतराय ने 1916 में लिखा और उसके बहुत सालों बाद गांधी जी भी लिखते हैं राइट पहली चीज दूसरी चीज यंग इंडिया में कांग्रेस की स्थापना कैसे हुई थी क्यों हुई थी इसको लेकर एक सिद्धांत दिया था लाला लाजपत राय ने ठीक है किसने लाला लाजपत राय ने उस सिद्धांत का क्या नाम है उस सिद्धांत का नाम है सेफ्टी

36:22 वॉल्व थिरी सुरक्षा कपाट का सिद्धांत इसका मतलब क्या था भारतीयों का जो विरोध है इसे जानने के लिए एक संस्था बना दी गई जो कि विरोध जो है एक संस्था के माध्यम तक माध्यम से अंग्रेजों तक पहुंचेगा कि डायरेक्ट भारतीयों का विरोध अंग्रेजों तक नहीं पहुंचेगा इसी को कहते हैं सेफ्टी वॉल्व थरी ठीक है जल्दी से बताएं इतनी बातें समझ में आई कि नहीं जल्दी से एक बार सारे बच्चे बताएंगे जल्दी से बताओ इतनी बातें समझ में आई क्या दिक्कत आ रही कलर में भाई सारे बच्चों को समझ में आ रहा है अब आपके फेवरेट कलर को यूज करें यहां पे बताओ जल्दी से इतनी बातें समझ में आई कि नहीं एक बार जल्दी से सारे बच्चे बता देंगे इतनी सारी बातें समझ में आई कि नहीं जो मैं समझाना चाह रहा हूं उतनी बातें आपको समझ में आई कि

37:08 नहीं बहुत बढ़िया सुरक्षा कपाट का सिद्धांत समझ में आ गया बहुत अच्छे अब हम आगे चलते हैं और एओ ह्यूम के बारे में ये रिटायर्ड आईसीएस अधिकारी है हरमिटियन है और 28 दिसंबर 1885 को कांग्रेस की स्थापना करते हैं इतनी बातें मैंने बता दी द है बढ़िया अब ध्यान से सुनोगे कांग्रेस के संस्थापक स्कॉटलैंड के असैन्य अधिकारी ठीक है सिविल सर्विसेस के अधिकारी एओ ह्यूम थे इनको हरबेट ऑफ शिमला यह तो मैंने बता दिया कहा जाता था कांग्रेस के वार्षिक बैठक जो कांग्रेस की वार्षिक बैठक होती थी उसी को बच्चों कॉन्फ्रेंस या अधिवेशन के नाम से जाना जाता था यह तो बात आप जानते हैं ठीक है इसको बच्चों क्या कहा जाता था जो वार्षिक बैठक होती थी उसी को कांग्रेस का अधिवेशन

37:53 कहा जाता था ठीक अच्छा इसके बाद कांग्रेस का अशन पहले तो दिसंबर महीने में हुआ करता था यह तो बहुत ध्यान से समझेंगे पहले दिसंबर महीने में हुआ करता था क्योंकि दिसंबर में इसकी स्थापना हुई थी लेकिन बच्चों 1930 के बाद यह जो अधिवेशन था यह जनवरी में होने लगा था कब होने लगा था जनवरी में होने लगा था ठीक है तो याद हो गया कि 1930 से पहले कांग्रेस के अधिवेशन दिसंबर में होते थे लेकिन 30 के बाद यह अधिवेशन बच्चों जनवरी में होने लगे थे याद करके रखेंगे ठीक है याद करर के याद करके रख खें ठीक भाई अच्छा अब बच्चों जैसे एक एक एक बच्चे का भी प्रश्न था इसमें कि इसकी स्थापना कहां हुई थी तो बच्चों याद करके रखेंगे पहले तो जो मीटिंग थी वो रखी

38:39 गई थी कहां पर पुणा में रखी गई थी लेकिन वहां पर बच्चों हैजा फैल गया था महामारी वहां फैल रही थी इस वजह से बच्चों क्या हुआ पुना से यह जो मीटिंग थी स्थापना की इसको शिफ्ट किया गया और इसको लाया गया कहां पर बॉम्बे में बच्चों ठीक है बॉम्बे में एक स्कूल था एक विद्यालय था वहां पर स्थापना हुई जिसका नाम था क्या गोकुल दास तेजपाल संस्कृत विद्यालय क्या नाम था बताओ जल्दी से गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय तेजपाल संस्कृत विद्यालय बच्चों गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय नाम था यहां पर कांग्रेस की स्थापना होती है बच्चों ठीक है एक तो यह याद हो गया कि पहले पुणा में होना था

39:25 लेकिन वहां पर महामारी फैली थी इस वजह से बच्चों यह चेंज करके वन्यू चेंज किया गया और इसको गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय जो मुंबई में स्थित है वहां पर इसकी स्थापना होती पहली बात तो यह आप समझ लो कहां स्थापना होती है दूसरी बात बच्चों क्या होता है कि यह जो अ यहां पर स्थापना हुई थी संस्थापन के समय बच्चों कुल 72 मेंबर्स ने 72 रिप्रेजेंटेटिव्स ने हिस्सा लिया था यह क्वेश्चन बहुत बार पूछा गया है कुल 72 लोगों ने हिस्सा लिया था कांग्रेस की स्थापना में बहुत बार यह क्वेश्चन पूछा गया इसके बाद बच्चों अगर हम आगे आते हैं तो बच्चों नाम को लेकर कांग्रेस के नाम को लेकर कई बार प्रश्न पूछा जाता है ठीक है तो बच्चों कांग्रेस का पहले नाम क्या था इंडियन नेशनल क्या फेडरेशन क्या था इंडियन

40:12 नेशनल यूनियन था बच्चों क्या था इंडियन नेशनल यूनियन था आई एन यू जिसको हिंदी में कहते हैं भारतीय राष्ट्रीय संघ था क्या था भारतीय राष्ट्रीय संघ था बच्चों कांग्रेस का नाम तो कांग्रेस का नाम क्या था भारतीय राष्ट्रीय संघ था सारे बच्चे याद करके रखेंगे कांग्रेस का नाम क्या था भाई भारतीय राष्ट्रीय संघ इंडियन नेशनल यूनियन था ठीक है बाद में बच्चों क्या होता है कि दादा भाई नौरोजी जी को कहते हैं कि यह नाम पसंद नहीं आया दादा भाई नौरोजी जी ने कहा कि नहीं नहीं हम चेंज करेंगे नाम तो दादा भाई नौरोजी ने ही इसका नाम चेंज कर दिया था ठीक है दादा भाई नौरोजी नहीं पहले ही अधिवेशन में इसका नाम चेंज करके क्या कर दिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कर दिया

41:00 तो यूनियन की जगह कांग्रेस कर दिया इन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कर दिया भाई ठीक है भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कर दिया कांग्रेस शब्द इन्होंने जोड़ दिया यूनियन के स्थान पे बच्चों ठीक है अब किसी ने पूछा इनसे कि भाई साहब यह कांग्रेस का क्या मतलब है तो इन्होने कहा कांग्रेस का अर्थ होता है कॉन्फ्रेंस सम्मेलन ठीक है और कांग्रेस शब्द किसी ने पूछा कि आप कहां से कांग्रेस शब्द लेते हो भाई यह कांग्रेस शब्द आपने कहां से लिया इन्होंने कहा कि अमेरिका के संविधान थे तो यूएसए के संविधान से इन्होंने कांग्रेस शब्द उठा लिया था यहां पर संस्था के लिए राइट भाई इतनी बातें याद हो गई जल्दी से बताएंगे जल्दी से एक बार बताओ इतनी बातें याद हो

41:47 गई कि नहीं बहुत बढ़िया जल्दी से एक बार बताएंगे हां पार्लियामेंट का नाम है बिल्कुल सही कहा आपने एक बार जल्दी से एक बार बताएंगे इतनी बातें समझ में आ गई कि नहीं बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत अच्छे बहुत अच्छे बताएंगे एक बार जल्दी से सारे बच्चे जितने सारे लोग देख रहे हैं शैग कंफर्म क्लियर अच्छा तो कांग्रेस का अधिवेशन यह वाला फैक्ट भी याद कर लेना कि पहले दिसंबर महीने में होता था लेकिन 1930 के बाद क्या हो गया कि यह जनवरी महीने में होने लगा यह भी फैक्ट बहुत इंपॉर्टेंट है ये भी फैक्ट बच्चों बहुत इंपॉर्टेंट है पूछा गया फैक्ट है ठीक है अच्छा इसके बाद दादा भाई नौरोजी

42:32 ने इसका नामकरण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में किया पहले इसका नाम भारतीय राष्ट्रीय संघ था जो अभी-अभी हमने पढ़ा कांग्रेस का पहला अधिवेशन पुणा में प्रस्तावित था लेकिन वहां प्लेग फैल सॉरी मैंने शायद हैजा बोल दिया प्लेग फैल जाने के कारण इसे बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय में आयोजित किया गया और इसमें कुल मिलाकर 72 रिप्रेजेंटेटिव 72 रिप्रेजेंटेटिव भाई 72 रिप्रेजेंटेटिव्स इसमें उपस्थित थे बच्चा ठीक है तो बच्चों देखो ये सारी चीजें ये जितने भी तथ्य हम लोग पढ़ रहे हैं ना जब तक इसमें कनेक्टिविटी नहीं आएगी जब तक हम कनेक्ट नहीं होंगे तब तक हम इसे याद नहीं कर सकते अब आप कहोगे सर एक 50 की किताब में भी तो ये सारी चीजें हैं बिल्कुल है एक टीचर की आवश्यकता क्या है एक टीचर आपको

43:19 रिलेट कर सकता है एक टीचर आपके अंदर इमेज बनाएगा कि भैया प्लेग फैल गया पुना में सम्मेलन होना था इस वजह से से उसे कैंसिल करके मुंबई चले आए गोकुलदास तेजपाल संस्कृत विद्यालय राइट क्लियर हो गया ना तो ये एक टीचर कर सकता है लेकिन एक किताब से भी आप पढ़ सकते हो ये मैं नहीं कह रहा हूं किताब से मत पढ़ो पढ़ सकते हो तो पढ़ो लेकिन अगर वहां आपको समझ में नहीं आ रहा है तो आप यह सेशन ले सकते हो फ्री ऑफ कॉस्ट है आपको करना कुछ नहीं है भाई अगर इस चैनल पे नए हो तो आपका अपना चैनल है तुरंत सब्सक्राइब करेंगे भाई आपका अपना चैनल है ठीक है कहते हैं ना कि तुम्हारी वजह से ही हम लोग इस मुकाम पे हैं जहां गर्व कर सकते हैं और एकदम बड़ बिया तरीके से तथ्यों को पढ़ा सकते हैं तो आप लोगों का ही चैनल है इसको आप जितना प्रसारित कर सको इस सेशन को उतना करना होगा क्योंकि बच्चों मैं ऐसा चाहता हूं कि उड़ीसा की

44:06 गांव में कोई बैठा बच्चा बिहार के गांव में बैठा कोई बच्चा असम के गांव में बैठा कोई बच्चा सिर्फ इस वजह से अगर पढ़ाई नहीं कर पा रहा है कि उसके पास संसाधन नहीं है तो इस बात को हमें तोड़ना होगा बच्चों वो तोड़ने का काम आप करोगे क्योंकि वहां तक सेशन को पहुंचाओ आप क्योंकि एक गरीब बच्चा जो दिल्ली नहीं आ सकता जो इलाहाबाद नहीं आ सकता ऐसा गरीब बच्चा इस सेशन को देकर अगर उसकी तैयारी अच्छी हो जाती है उसकी तैयारी सफलता उसकी सुनिश्चित हो जाती है तो कितनी बढ़िया बात है ये भारत के लिए राइट लेकिन ये सब काम कैसे होगा ये सबके माध्यम आप बनोगे ठीक है ये सबके माध्यम आपको बनना पड़ेगा बहुत बढ़िया ठीक है चले आगे एसोसिएशन में विलय आनंद गंगवार जी बता तो दिया

44:56 18864 इस वीडियो के खत्म होने के बाद शैलेश यादव या जितने भी लोग हैं इस वीडियो के खत्म होने के बाद एक बार लिख देना कि सर हम इस इस टॉपिक पे क्लासेस चाहते हैं हम उस परे विचार करेंगे और आपके लिए तो समर्पित है आप देख ही रहे हैं ठीक है भाई एक दिन इसके पहले भी एक 12 घंटे की हिस्ट्री की क्लासेस ली गई है अगर आपने नहीं देखा प्लेलिस्ट में जाकर देख लो और उसमें जहां से खत्म हुआ है उसके आगे क्लासेस हम पार्ट्स में लाएंगे आपके लिए ठीक है आपके लिए सब कुछ हो रहा है भाई तो आपके लिए लाएंगे बहुत बढ़िया तरीके से जीएस हार्ड है कामिनी कह रही है नहीं बिल्कुल हार्ड नहीं है भाई बहुत सही है जीएस बहुत आसान है लेकिन आप उस स्तर पर नहीं पढ़ रहे हो ना राइट चलो बहुत बढ़िया तो अभी आगे चले इतनी बातें तो हमने पढ़ लिया चलो अब अपना काम की बातें भी थोड़ा कर लेते हैं ठीक है बच्चों वायसराय कौन था

45:42 अब आप कहोगे सर वाइस राय क्यों कह रहे हो भाई साहब एक बात देखो पहले वाइस राय मतलब देश का प्रमुख उस समय कौन था क्योंकि अंग्रेजों का शासन था तो अंग्रेज अपने तर तरीके से नाम देंगे जैसे अभी अगर मैं पूछूं अगर मैं पूछूं कि भारत का प्रमुख कौन है बताओगे एक बार सारे बच्चे जल्दी से बताओ एक बार जल्दी से बताओ कि भारत का प्रमुख कौन है अभी बताओ हेड ऑफ इंडिया कौन है अभी अगर आप आपको बताना है तो क्या बताओगे जल्दी से एक बार बताओगे अगर मैं आपसे यह पूछ लूं कि भारत का प्रमुख कौन है तो क्या बताओगे बताओ प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया बताओगे ना भारत का राष्ट्रपति बताओगे सब यही बताओगे देखो नीलम ने बता सबने बताया जेपी ने बताया

46:28 बहुत बढ़िया ठीक है तो बच्चों ऐसे ही अंग्रेजों ने भी एक पद बना रखा था उस समय जिसका नाम था वाइस राय तो क्वेश्चन क्या पूछते हैं जब कोई बड़ी घटना घटित हुई राष्ट्रीय आंदोलन में क्वेश्चन ऐसे पूछ सकते हैं कि उस समय गवर्नर जनरल कौन था उस समय वाइस सराय कौन था ऐसे पूछ सकते हैं क्वेश्चन पूछ सकते हैं कि नहीं पूछ सकते बिल्कुल पूछ सकते हैं तो जब कांग्रेस की स्थापना हुई तो उस समय वाइस राय कौन था भाई तो याद करके कहोगे सर डरेन था कौन था और यह बात बिल्कुल सत्य है बिना डफरिन के सहयोग के कांग्रेस की स्थापना नहीं हो सकती थी जोक लाल लाजपत राय ने कहा था किसमें यंग इंडिया में कि बिना अंग्रेजों के सहयोग के कांग्रेस की स्थापना हो ही नहीं सकती थी तो डफरिन भी चाहता था कि बच्चों कांग्रेस की स्थापना हो लेकिन बच्चों बाद में

47:15 कांग्रेस ने अपनी विचारधारा दे को देश के हित में समर्पित किया भारतीय को भारतीयों के समस्याओं को जब कांग्रेस उठाने लगी तो अंग्रेजों को यह बात बिल्कुल नागवार गुजरी राइट तो उनके द्वारा स्थापना की गई संस्था ने भारतीयों के हितों की बात करना शुरू कर दिया था लेकिन वोह करने में कम से कम 20 साल लग गए थे ठीक है तो देखो तो कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई और उस समय भारत के वाइस राय कौन थे भाई साहब डफरिन थे इन्हे लॉड ड करने कहने की आवश्यकता नहीं है बहुत बढ़िया कांग्रेस के जो पहले 20 साल है बहुत ध्यान से अब देखो कांग्रेस के काल को मैं आपको बता दूं अगर बहुत ध्यान से जो जो कांग्रेस है कांग्रेस के काल को कैसे डिसाइड किया गया है बच्चों ठीक है बच्चों राष्ट्रीय आंदोलन को भी लगभग वैसे ही डिसाइड किया गया है तो कांग्रेस के जो पहले 20 साल है देखो कांग्रेस के जो पहले

48:01 20 साल देखो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को कुछ इतिहासकारों ने कांग्रेस के काल से डिसाइड किया है ठीक है ऐसे ध्यान से सुनना इस चार्ट को मैंने बनवाया नहीं था लेकिन मैं बनवा देता हूं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को बच्चों कांग्रेस से कंपेयर किया हुआ है देखो ऐसे बच्चों 1885 से लेकर बहुत सारे लोगों ने 197 तक की स्थिति को राष्ट्रीय आंदोलन कहा है और उसे कांग्रेस से ही जोड़ने का प्रयास किया है जैसे बच्चों 185 से लेकर इसको डिवाइड किया है 1885 से लेकर 1905 तक 1885 से लेकर 1905 तक और इसको कहा है उदारवादी चरण क्या कहा है भाई उदारवादी चरण का है मॉडरेट फेज का है क्या काहा है उदारवादी चरण कहा है इसको मॉडरेट फेज कहा है याद करके रखो सारे लोग

48:47 क्या कहा है उदारवादी चरण और या तो उसे मॉडरेट फेज कहा है अब आप कहोगे सर उदारवादी चरण क्या था बच्चों यह लोग जो उदारवादी थे ना बड़े सीधे-साधे लोग थे बहुत सीधे-साधे लोग थे ये कहते थे हां अंग्रेज बहुत अच्छे लोग हैं बड़े अच्छे लोग हैं बड़े क्यूट से दिखते हैं अंग्रेज तो उदारवादी कहते थे कि अंग्रेज बहुत अच्छे हैं ठीक है उदारवादी बहुत अच्छे हैं लेकिन उदारवाद हों को असल भारतीयों की समस्याएं नहीं पता है यह कौन कह रहा है ये उदारवादी चरण की कांग्रेस कह रही है तो हम एक काम करते हैं हम लिख को चिट्ठी चिट्ठी whatsapp-web 20 साल के नेता कह रहे हैं तो ये बड़े सीधे-साधे लोग हैं और कांग्रेस को ये कहते हैं अंग्रेजों की हां में हां

49:32 मिला रहे हैं ठीक है भाई यह कर दो यह कर दो भारतीयों के लिए ये कर दो 20 साल तक यही चलता रहा इसको कहते हैं उदारवादी चरण यहां कांग्रेस को कहते हैं ना कि जैसे कोई बच्चा होता है धीरे-धीरे बड़ा होता है तो यह बच्चों कांग्रेस के अंकुरण का काल माना जाता है कि कांग्रेस धीरे-धीरे बड़ी हो रही है लेकिन बच्चों यहां पर कांग्रेस की समझ में आ गया 1905 से लेकर यह बच्चों जो समय है 1919 तक का यहां पर एक तल्ख राजनीति की शुरुआत हुई स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा जब मैं पैदा हुआ था तो मैं जंजीरों के साथ पैदा नहीं हुआ था अंग्रेजों ने हमें गुलाम क्यों बना रखा है आजादी कोई मांगने की भीख नहीं है आजादी तो नेचर प्रकृति के द्वारा प्राप्त होती ऐसे विचार अंग्रेजों से आप लिखकर मांग रहे हो हमें आजादी दे दो हम छीने हम हमारी आजादी है बाल गंगाधर तिलक

50:18 जैसे लोग लाल बाल पाल जैसे लोग आजादी को एक नया रुख मिल गया कांग्रेस हो गई समझदार तो इस काल को कहते हैं उग्रवादी चरण ठीक है क्या कहते हैं उग्रवादी चरण कहते हैं या उग्र पंथी चरण कहते हैं इसको उग्र पंथी चरण बोलना ज्यादा सही होगा और इसको बच्चों इंग्लिश में एक्सट्रीमिस्ट फेज कहते हैं इसमें विशेष तौर पर लाल बाल पाल का जिक्र होता है बंगाल विभाजन जैसी घटनाएं इसी काल में हुई थी और अंग्रेजों को उन्हीं की भाषा में जवाब देने की बात कर रहे थे 1905 से लेकर 1919 तक के जो नेता थे तो एक कांग्रेस में नई विचारधारा का उदय हो जाता है बच्चों 1919 से एक व्यक्ति जो कि सफल आंदोलन कर रहे थे यह कहां पर अफ्रीका में इनकी बड़ी ख्याति हो गई और बाद में इन्हें भारत बुलाया गया और

51:04 बच्चों इस व्यक्ति ने भारत के जनमानस को जोड़ के रख दिया कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी बच्चों ईस्ट से लेकर वेस्ट तक के लोगों को बताया कि तुम्हें अंग्रेजों ने गुलाम बना रखा है और हमें इसकी दास्ता को तोड़ना होगा गुलामी की जंजीरों को तोड़ना होगा और इसके लिए कोई हिंसा करने की आवश्यकता नहीं बल्कि अहिंसा को भी एक माध्यम बनाया जा सकता है इस तरह की राजनीति के साथ एक नए टेवर के साथ तीसरे तरह का चरण आया कांग्रेस के अंदर जिसको कहते हैं गांधीवादी चरण गांधीवाद जिसे कहते हैं गांधीवादी चरण और कुछ लोग कहते हैं यही समाप्त हो गया सब कुछ नहीं समाप्त हुआ भाई एक नए कलेवर के साथ बीच बीच में जब जब आंदोलन रुका है तब तक बच्चों कुछ युवा लोग आए हैं जिनको कहते हैं क्रांतिकारी चरण भी हुआ है बच्चों बीच-बीच

51:50 में बीच में आपको भगत सिंह भी दिखेंगे बीच में आपको बच्चों ऐसे लोग भी दिखेंगे जिन्होंने बम फेंक दिया वाइस सराय प ही जिन्होंने अपने जान की परवाह नहीं की फांसी के फांसी पर लटक गए अपने देश को आजाद कराने के लिए तो क्रांतिकारियों का भी अपना योगदान है और कांग्रेस ने इन चरणों के माध्यम से देश को आजाद कराने के लिए एक संगठित आंदोलन भी चलाया तो पहले 20 साल जो है 1885 से 1905 उदारवाद के हैं जब अंग्रेज बहुत अच्छे लगते थे इनको धीरे-धीरे अंग्रेज बुरे लगने लगे कि ना ना यही तो दुश्मन है यहां तक आते आते तो विरोध बहुत ज्यादा बढ़ गया राइट तो जल्दी से एक बार सारे बच्चे बताओ यह वाला चार्ट आपको समझ में आया कि नहीं जल्दी से एक बार बताओ भाई यह चार्ट समझ में आया तो मेरी उपलब्धि है ये क्योंकि यहां से अगर यह चार्ट समझ में आ गया है काफी चीजें आपको समझ में आ गई

53:02 बढ़िया बहुत अच्छे बहुत अच्छे हैग हैग हैग बिल्कुल सही सबसे बड़ी बात खुदीराम बोस सिर्फ 19 साल के थे सोचो आप आज बच्चों 19 साल का जो बच्चा होता है उसके बारे में सोचो वह अपने जीवन का यह फैसला लेने में असमर्थ रहता है कि उसे साइंस स्ट्रीम में जाना है आर्ट्स स्ट्रीम में जाना है उसे जीवन में क्या करना कौन सी कोचिंग जाना है मैथ्स की कोचिंग लगाओ या फिर साइंस की कोचिंग लगाओ इस तरह के तथ्यों से हम गुजर रहे होते हैं लेकिन इसी बीच में एक लड़का आता है वो कहता है देश को आजाद कराना है ये जो किंग्स फोर्ड है ना इसे उड़ा देंगे क्योंकि ये क्रांतिकारियों को परेशान कर रहा है बम फेंक के चले आते हैं परवाह नहीं कि फांसी हो जाएगी अगले दिन फांसी हो जाती

53:48 है उनको गीता को हाथ में लेकर उन्होंने फांसी की सजा झेल ली थी ठीक है अरे सब करा देंगे भाई क्वेश्चन वेश्चन सब करा देंगे ठीक है चलो बहुत बढ़िया इस सेशन में नहीं तो एक सेशन लेकर आएंगे जिसमें सिर्फ क्वेश्चन रहेंगे बस थ्योरी तो पढ़ लो पहले रिवाइज कर लो ठीक भाई तो बच्चों मैंने आपको बताया कि कांग्रेस की जब स्थापना हुई 1885 में तो उस समय जो भारत का वाइस राय था वो डफरिन था और पहले 20 साल का जो काल है याद करो उदारवाद हों का काल उदारवादी कहते थे अंग्रेज बहुत अच्छे याद है ना वही वाले ठीक है तो बच्चों कांग्रेस के पहले 20 साल का काल उदारवादी काल कहलाता है क्योंकि इस समय कांग्रेस अंग्रेजों के हां में हां मिला रही है कि हां भैया तुम ठीक कह रहे हो कसे होता है ना कि कोई आपके पास आ जाता है हां हां ठीक है सब बढ़िया बात करते रहते हो बढ़िया कई बार ऐसी बातों पर भी आप

54:35 रिएक्ट नहीं करते हो कि क्या ही इससे बात करें तो कुल मिलाकर कांग्रेस ने हां में हां मिलाई थी 20 साल तक ठीक है उदारवादी काल को बीजी तिलक ने कहा कि ये राजनीति शिक्षा का काल है ये हम सीख रहे थे राजनीति इस समय किसने कहा है बीजी तिलक ने कहा है कि ये राजनीति शिक्षा का काल है भाई ठीक है और उदारी उदारवादी काल के प्रमुख नेता डब्ल्यू स बैनर्जी दादा भाई नौरोजी और टैगोर जैसे लोग थे फिरोज शाह मेहता भी इसमें आएंगे और बहुत सारे लोग ठीक है फिरोज शाह मेहता फिरोज शाह मेहता भी आएंगे बच्चों इसमें एम जी रानाडे भी आएंगे एम जी रानाडे भी आएंगे बच्चों इसमें बहुत सारे लोग आएंगे ठीक है एम जीी रानाडे भी इसमें आ जाएंगे ठीक है गोपाल कृष्ण गोखले सबसे उदार सबसे कट्टर वाले उदारवादी थे

55:21 गोपाल कृष्ण गोखले गोपाल कृष्ण गोखले जो गांधी जी के राजनैतिक गुरु भी हैं यह सब क्या है यह सब बच्चों यह सब उदारवादी प्रमुख नेताओं की हम बात कर रहे हैं ये प्रमुख उदारवादी नेता है भाई ठीक है अच्छा और कुछ चीजों को जान ले ठीक है इसके बाद बच्चों कुछ बयान देख लेते हैं कांग्रेस को लेकर कुछ एक दो बयान देख लेते हैं जहां से क्वेश्चन पूछे जा सकते हैं तो कुछ बयान है जैसे फिरोज शाह मेहता कहते हैं कि कांग्रेस की आवाज जनता की आवाज नहीं है फिरोज शाह मेहता ऐसे कहते हैं कांग्रेस कुछ चंद लोगों की बात कर रही है कुछ पढ़े लिखे क्य कांग्रेस में ज्यादातर लोग विदेशों से पढ़ के आए हुए तो यह कहते हैं कि नहीं नहीं यह जनता की आवाज नहीं है कांग्रेस की आवाज जनता आम जनता जनमानस की आवाज नहीं ऐसा कौन कहते हैं फिरोजशाह मेहता कहते हैं डफरिन खूब खुश हो

56:08 रहा था ये कहता है कि ये जो कांग्रेस है ना पहले तो डफरिन नहीं स्थापना करने में मदद की थी राइट और उसके बाद डफरिन कह रहा था कि ये जो कांग्रेस है ना ये माइक्रोस्कोपिक माइक्रोस्कोपिक वर्ड यूज किया उन्होंने उन्होंने कहा ये माइक्रोस्कोपिक माइनॉरिटी की संस्था है मतलब नहीं समझ पाए पहली बात तो कुछ लोगों का रिप्रेजेंटेशन कर रही है कुछ लोगों का और ये जल्दी ही समाप्त हो जाएगी तो डफरिन ने कहा कि ये माइक्रोस्कोपिक माइनॉरिटी की संस्था है मतलब बहुत कम लोगों का रिप्रेजेंटेशन है यह और जल्द से जल्द य समाप्त हो जाएगी राइट हां शहर से लोग ज्यादा थे बहुत बाद में जाकर गांव तक य विस्तार कर पाए थे बिल्कुल सही बात है तो बच्चों यह वाला जो डफर वाला स्टेटमेंट है ना यह बहुत बार पूछा गया है ठीक है तो डरेन माइक्रोस्कोपिक अल्पसंख्यकों की

56:54 संस्था कहते हैं कांग्रेस को अरविंदो घोष जो कि एक गर्म पंथी नेता थे ये कहते हैं कांग्रेस भीख मांगने वाली संस्था है अब आप कहोगे सर इसका क्या ही मतलब है तो ये कहते थे कि आजादी भीख में मांग रहे हैं ये लोग अरे दे दो भाई प्लीज दो दो किलो चावल दे दो मुझे खाना है भूख लगी है तो आजादी भीख मांगने से नहीं मिलेगी ये गर्म पंती नेता थे ये कह रहे कांग्रेस भीख मांगने वाली संस्था है कौन कहते हैं और इन्होंने बच्चों एक लेख लिखा था ठीक है एक लेख लिखा था अ न्यू लैंप फॉर ओल्ड एक लेख था पुराने लोगों के लिए टर्च दिखा रहा हूं मैं पुराने लोग मॉडरेट विचारधारा वालों के कट्टर विरोधी थे अरविंदो घोष ठीक है क्लियर ना बहुत बढ़िया गांधी की अगर हम बात करें तो गांधी ने आजादी जब भारत को मिल गई थी 1947 के पास आसपास उन्होंने यह बात कही थी कि अब कांग्रेस जो है कांग्रेस

57:41 का लक्ष्य क्या था कांग्रेस का लक्ष्य क्या था तो इन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य था भारत को आजाद करवाना तो भारत क्या हो गई है आजाद हो गई है राइट भारत अब आजाद हो गया है तो अब कांग्रेस को क्या कर देना चाहिए समाप्त कर देना चाहिए ये बात किसने कहा था गांधी जी ने कहा था तो फिरोज शाह मेहता कहते हैं कि भारत जो कांग्रेस है वो कांग्रेस जो है आम लोगों की आवाज नहीं है आम जनता की आवाज नहीं डफरिन कहते हैं माइक्रोस्कोपिक माइनॉरिटी है कांग्रेस ठीक है कुछ लोगों का रिप्रेजेंटेशन है अरविंदो घोष कहते हैं कांग्रेस भीख मांगने वाली संस्था है गांधी कहते हैं 47 में जब देश आजाद होने वाला था कि कांग्रेस का औचित्य समाप्त हो गया अब इसे जो है यही समाप्त कर देना चाहिए लेकिन बाद में मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू ने कहा नहीं नहीं कांग्रेस को चलना चाहिए और उसके बाद भी कांग्रेस को रन कराया गया तो 47 में ार था गांधी का कि कांग्रेस को बंद कर

58:27 देना चाहिए राइट क्लियर हो गई इतनी बातें भाई अच्छा अब देखो कांग्रेस के कुछ अधिवेशन की हम चर्चा करेंगे ऐसे अधिवेशन जो बहुत बार पूछे गए लेकिन एक बार जल्दी से बताओ इतनी बातें समझ में आए गई कि नहीं एक बार जल्दी से सारे बच्चे बताए इतनी बातें समझ में आ गई कि नहीं जल्दी से जितने सारे लोग देख रहे हैं जल्दी से एक बार बताएंगे जल्दी से एक बार बताएंगे भाई बहुत

59:17 बढ़िया क्लियर है अब कांग्रेस के कुछ बहुत प्रमुख अधिवेशन की हम चर्चा करेंगे देखो जो नॉर्मल कॉम्पिटेटिव एग्जाम होते हैं उसमें मैं पहले चार अधिवेशन को लर्न करने के लिए कहता हूं ठीक है कि पहले चार अधिवेशन आप लर्न कर लो काम हो जाता है और उसके बाद कुछ महत्त्वपूर्ण संस्थाएं लर्न कर लो ठीक है लेकिन बच्चों यहां पर जो है आपको कम से कम पहले छह अधिवेशन लर्न कराऊंगा मैं पहले छह अधिवेशन देखो कुछ लोग करते क्या है कि सारे अधिवेशन लर्न कर लेते हैं आवश्यकता नहीं है ठीक है बच्चों आवश्यकता नहीं है कि आप सारे अधिवेशन को

1:00:02 लर्न करो लेकिन हां कुछ महत्वपूर्ण अधिवेशन आपके काम आ सकते हैं जैसे प्रारंभिक छह अधिवेशन तो लर्न होने चाहिए बीपीएससी के लिए अगर बात करें पहले छह अधिवेशन लर्न होने चाहिए जो मैं लर्न करा दूंगा अभी आप खुद ही देखोगे दूसरी चीज दूसरी चीज क्या है भाई तो दूसरी चीज यह है कि कुछ प्रमुख अधिवेशन को मैं अलग से लिस्ट किया है मैंने तो उसको याद करूंगा तो एक साथ अके अकेले क्या खा रहे हैं कुछ नहीं खा रहे कॉफी पी रहे थे बस ठीक है एनर्जी मिल जाए और एक बूस्ट अप मिल जाए कॉफी पी रहे थे ठीक है बहुत बढ़िया तो बताओ हां एक बार जल्दी से बताओ मेरी बातों को समझ पाए इतनी चीजें जो मैं आपको बता रहा हूं सबसे पहले पहले छह अधिवेशन याद करेंगे उसके बाद कुछ महत्त्वपूर्ण अधिवेशन पर चर्चा करेंगे जल्दी से एक बार हैशटैग कर दोगे इतनी बातें अगर क्लियर हो गई जितनी मैं बता रहा हूं बताओ जल्दी

1:00:49 से हां एक बार लर्न कराया है फिर से कर लेंगे भाई बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत अच्छा एक बार वाइज हो जाएगा आपका ना बहुत अच्छे एक बार सारे बच्चे मुझे बता देंगे पहले छह अधिवेशन उसके बाद महत्त्वपूर्ण अधिवेशन और एक बार ध्यान से अगर समझ पाएंगे ठीक है एक बार ध्यान से समझ पाएंगे तो आपको हमेशा के लिए लर्न हो जाएगा देखो जैसे बच्चों पहले अधिवेशन की बात करें बहुत ध्यान से समझेंगे सारे बच्चे बात करें अगर हम बात करें अगर हम बात करें भाई पहले अधिवेशन की तो कांग्रेस का जो पहला अधिवेशन हुआ है वो तो आपको याद ही हो गया होगा 1885 में सर हुआ है देखो ती तीन चीजें बस याद करनी है अधिवेशन नंबर एक कब हुआ है 1885 में हुआ है याद हो गया इसके अध्यक्ष कौन थे भाई वमेश चंद्र बैनर्जी जी जो थे

1:01:37 इसके अध्यक्ष थे ठीक है और बाकी चीजें पहले अधिवेशन के रिप्रेजेंटेटिव याद कर लो कुल 72 लोगों ने हिस्सा लिया था पहले तो ये याद कर लो फिर दूसरे अधिवेशन यहां पर याद कर लो कि सर दूसरे अधिवेशन में क्या बताया था कि दूसरा अधिवेशन कब हुआ था 18864 वाला तो बम्बे में सर आपने बताया हुआ है बिल्कुल बम्बे में हुआ था ठीक है दूसरा वाला कहां पर हुआ है भाई कोलकात्ता में हुआ है कहां पर हुआ है कलकत्ता में हुआ है सर ठीक है अच्छा दूसरे वाले के अध्यक्ष कौन है दादा भाई नौरोजी जी जो है दूसरे वाले के अध्यक्ष ठीक है और दादा भाई नौरोजी जी के बारे में बहुत कुछ बातें हैं जो आपको शायद पता नहीं होगी दादा भाई नौरोजी एक तो याद है ईस्ट इंडिया एसोसिएशन ठीक है ईस्ट इंडिया

1:02:23 एसोसिएशन ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना दादा भाई नौरोजी ने की थी अभी बताया 1866mhz बच्चों दादा भाई नौरोजी तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं कितनी बार तीन बार दादा भाई नौरोजी अध्यक्ष रह चुके तो बच्चों

1:03:13 18864 7 में हुआ है 1887x बदरुद्दीन तैयब जी क्या नाम है बदरुद्दीन तैयब जी बदरुद्दीन तैयब जी पावर्टी एंड अनब्रिटिश रूल इन इंडिया करके किताब थी ना वेल्थ ऑफ नेशंस ठीक है जो भारत का पैसा दूसरे देशों में बटे ब्रिटेन में जा रहा है उसकी बात की थी बिल्कुल सही कहा आपने बहुत बढ़िया तो बच्चों ये 1887x चौथा अधिवेशन प्रयागराज में हुआ था कहां पर हुआ था प्रयागराज में हुआ था अगर आपको

1:04:00 याद है प्रयागराज में बच्चों जब ये प्रयागराज में हो रहा था तो अंग्रेज जो है बड़ा विरोध कर रहे थे यहां पर कांग्रेस का कांग्रेस का यह अधिवेशन प्रयागराज में नहीं होने दे रहे थे अंग्रेज मतलब जो भूमि थी जहां पर अधिवेशन होना था उसको आवंटित नहीं कर रहे थे ना जगह आवंटित नहीं कर रहे थे कह रहे थे नहीं कोई जगह नहीं मिलेगी आपको यहां पर ठीक है किराए के लिए कोई जगह नहीं मिल रही थी जहां पर बैठकर लोग अधिवेशन कर सके इसी बीच बच्चों महाराजा दरभंगा आते हैं और वह जब पता करते हैं कि कांग्रेस का अधिवेशन सिर्फ इसलिए नहीं हो रहा है कि उनके पास पैसे नहीं है और उनको कोई भी जमीन नहीं दी जा रही यहां पर बच्चों वहां पर एक एक हाउस खरीद लेते हैं इसके लिए एक बड़ा सा हॉल खरीद लेते हैं खरीद लेते हैं और कांग्रेस को दे देते हैं कि ठीक है इसका प्रयोग करते रहना जब तुम्हें अधिवेशन करना हो यही करना लाउडेन

1:04:48 हॉल के नाम से वह जाना गया इलाहाबाद में वो जगह जो है तो बच्चों प्रयागराज दरभंगा के राजा अब बिहार स्पेशल है तो ये इंपॉर्टेंट है कि बच्चों कांग्रेस का जो चौथा अधिवेशन था प्रयागराज में होना था लेकिन अंग्रेज उसे होने नहीं दे रहे थे जमीन आवंटित दे नहीं रहे थे तो इसी बीच में दरभंगा के राजा ने वहां पर पूरी जमीन ही एक पूरा घर ही खरीद लिया था इनके लिए राइट याद करके रखेंगे इसे तो बच्चों लाउडेन हॉल प्रयागराज में अधिवेशन था और एक अंग्रेज को यहां पर अध्यक्ष बनाया गया था जिसका नाम क्या था जॉर्ज यूल क्या नाम था भाई जॉर्ज यूल नाम था अगर आपने मुझसे 10थ की एनसीआरटी बीपीएससी में लास्ट टाइम पढ़ी होगी तो ये वही जॉर्ज यूल है जो बहुत सारे बाघों का शिकार कर था वन्य वाला जो एक चैप्टर नहीं है 10थ क्लास एनसीआरटी में ये वही वाला वन्यजीव है ठीक है वही वाला वो व्यक्ति है जिन्होंने बहुत सारे शिकार

1:05:34 बहुत सारे शिकार किए थे किसके टाइगर के ठीक है ये वही वाला व्यक्ति है ठीक है लक्ष्मेश्वर सिंह जी बिल्कुल सही कहा आपने तो बच्चों याद रखेंगे जॉर्ज यूल को चौथा अधिवेशन जॉर्ज यूल अध्यक्ष है प्रयागराज और थोड़ा सा उसका बिहार स्पेशल से जुड़ा हुआ है पांचवें अधिवेशन की बात करें बच्चों फिफ्थ वाला अधिवेशन 188 में हुआ है ठीक है कब 188 में हुआ है 15th वाला और बच्चों यह वाला अधिवेशन कहां पर बॉम्बे में हुआ है बॉम्बे में हुआ है पांचवा अधिवेशन इसके अध्यक्ष जो हैं एक अध्यक्ष ही है कौन विलियम वेडेन बर्न कौन विलियम वेडेन बर्न विलियम वेडेन बर्ग विलियम वेडेन बर्ग इसके अध्यक्ष हैं ये दो बार अध्यक्ष रहा था एक बार 1910 में

1:06:19 भी रहा था ये ठीक है भाई अच्छा अब जो सिक्स नंबर का अधिवेशन है वो 1890 में होता है और यह अधिवेशन बच्चों 1890 वाला कहां पर कोलकात्ता में होता है कहां पर कोलकात्ता में होता है कलकाता में होता है ये ठीक है और इसकी अध्यक्षता किसने की थी फिरोज शाह मेहता ने की थी फिरोज शाह मेहता ठीक है फिरोज शाह मेहता ने की थी ठीक तो प्रारंभिक छह अधिवेशन हमने पढ़ लिया एक बार रिवाइज कर ले सबसे पहला 1885 में योमेश चंद बैनर्जी बॉम्बे में दूसरा 18864 जीी कोलकाता में तीसरा 1887x जी मद्रास में उसके बाद चौथा 1888 में प्रयागराज जॉर्ज यूल चौथा के बाद पांचवा 188 बॉम्बे में विलियम बैटनबर्ग पांचवें के बाद जो छठा अधिवेशन है कोलकाता में

1:07:07 फिरोज शाह मेहता द्वारा किया गया था राइट इसकी अध्यक्षता की गई थी याद करके रखें आप बिल्कुल 400 भागों का शिकार अकेले ही कर लिया था भाई साहब ने बिल्कुल सही कहा वही वाले व्यक्ति हैं ठीक है भाई अब देखो ध्यान से समझेंगे मेरी बातों को अब हम एक बार रिवीजन डालते हैं बच्चों एक छोटा सा रिवीजन डालते हैं तो सबसे पहले मेरे साथ आप बताओ कि जो छठा अधिवेशन हुआ है 1890 ईस्वी में यह वाला अधिवेशन कहां हुआ है जल्दी से बताओगे यह जो छठा अधिवेशन 1890 में हुआ है यह अधिवेशन कहां हुआ है जल्दी से बताओगे सारे बच्चे बताएं एक बार देखते हैं कौन बताएगा एक बार सारे बच्चे बताएंगे बहुत बढ़िया एक बार सारे बच्चे बताएंगे 1890 का जो अधिवेशन है 1890 का जो अधिवेशन

1:07:54 है जल्दी से बताओ एक बार 1890 का अधिवेशन कलकाता सबको याद है बहुत बढ़िया कलकाता को लॉक कर देते हैं फिर कोलकाता और इसके अध्यक्ष का नाम भी बता दो सारे बच्चे रिवीजन के साथ अध्यक्ष का नाम बताओ अध्यक्ष का नाम क्या है अध्यक्ष का नाम सारे बच्चे बताएंगे जल्दी से बताओगे अध्यक्ष का नाम क्या है भाई देखते हैं किसका आंसर आएगा देखते

1:09:22 फिरोज शाह मेहता फिरोज शाह मेहता ठीक है अच्छा जल्दी से पांचवां अधिवेशन बता दो पांचवां अधिवेशन कब 188 में कहां पर हुआ था बताओ अभी-अभी बताया विलियम एडेनबर्ग और कोई पूछ रहा था ना कि महिलाओं ने भाग लिया था तो इसी में बच्चों महिलाओं ने भाग लिया था ठीक है ये 188 वाला जो अधिवेशन था इसी में 10 महिलाओं ने भाग लिया था जिनमें से कादंबिनी गांगुली भी थी अब जो ये कादंबिनी गांगुली थी ना ये पहली ग्रेजुएट महिला थी कोलकाता विश्वविद्यालय की ग्रेजुएट थी पहली हिस्ट्री ऑनर्स ऐसे कुछ किया था इन्होंने ठीक

1:10:23 है बताएं भाई 188 बहुत बढ़िया 188 की बात करें तो यह वाला अधिवेशन कहां पर हुआ है बॉम्बे में हुआ है विलियम बडनगर है विलियम वेडेन बर्ग ऐसे ही याद होता है भाई ठीक है अच्छा इसके बाद चौथा अधिवेशन रिवाइज करो जो कि 1888 में हुआ है यह वही वाला है भंगा के राजा ने जिसमें पूरा लाउड एन हाउस ही दे दिया था कांग्रेस को याद है ना बताओ सारे बच्चे मेरे साथ 1888 वाला अधिवेशन कहां पर हुआ है सर तो यह प्रयागराज में हुआ है प्रयागराज याद है बिल्कुल अध्यक्ष वही अंग्रेज है जॉर्ज यूल

1:11:11 अब ये जो जॉर्ज यूल है ना बच्चों जिसको जॉर्ज यूलें पहला यूरोपियन अध्यक्ष है या पहला अंग्रेज अध्यक्ष है ठीक है स्नातक थी ना बिल्कुल सही बात है ठीक सारे बच्चों को याद है चलो बहुत अच्छे बहुत अच्छे तो इसके बाद चलते हैं थर्ड वाले पर बच्चों थर्ड वाला 1887x मद्रास में दूसरे वाले की बात करें

1:11:57 तो कब 18864 वाला अधिवेशन जो कि कहां पर हुआ है बम्बे में हुआ है भाई ठीक है अध्यक्ष इसके कौन है योमेश चंद बैनर्जी इसके अध्यक्ष हैं जो कि पहले बंगाली अध्यक्ष हैं ठीक है भाई और पहले जो है मुस्लिम अध्यक्ष हैं बदरुद्दीन तैयब जी यह कई बार प्रश्न पूछा गया है भाई ठीक तो पहले छह अधिवेशन याद हो गए जल्दी से एक बार हैशटैग बताए करके बताएंगे पहले छह अधिवेशन याद हो गए जल्दी

1:12:43 से एक बार हैशटैग करके सारे बच्चे बता देंगे भाई कि पहले छह अधिवेशन हमें बिल्कुल अच्छे से याद हो गए हैं फिर हम और आगे बढ़ चलेंगे और बहुत चीजों को और सीखने का प्रयास करेंगे बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया ठीक है पहले छह अधिवेशन हमें याद हो गए बहुत अच्छे ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाने जाते हैं दादा भाई बिल्कुल सही बात तो पहले छह अधिवेशन को हमने बढ़िया से चर्चा के माध्यम से पढ़ लिया है अब कुछ बहुत इंपॉर्टेंट अधिवेशन की हम चर्चा करेंगे कुछ बहुत इंपॉर्टेंट अधिवेशन ठीक जैसे बच्चों बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया जैसे बच्चों 18966 का एक अधिवेशन हुआ है और ये अधिवेशन कहां पर हुआ है भाई कलक में हुआ है कहां पर कोलकात्ता में हुआ है बच्चों इस अधिवेशन के वैसे अध्यक्ष कौन थे तो एक

1:13:31 मुस्लिम थे रहीम तुल्ला सयानी कौन थे रहीम तुल्ला सयानी जी इसके अध्यक्ष थे ठीक है रहीम तुल्ला सयानी जी इसके अध्यक्ष थे और इसकी विशेषता यह थी कि जो भारत का राष्ट्रीय गीत है वंदे मातरम यह पहली बार पहली बार कांग्रेस के अंदर गाया गया था याद करके रखोगे है रहीम तुला सयानी और यह पहली बार कांग्रेस के अंदर क्या गाया गया था बच्चों वंदे मातरम सजला सुफलाम मलयज सीतलाम करके है ना आपने सुना होगा काफी बढ़िया से राइट तो बच्चों यही गीत गाया गया था ठीक है और यह गीत कहां से लिया गया है तो बंम चंद चैटर्जी की पुस्तक है आनंद मठ जिसमें

1:14:17 उन्होंने सन्यासी विद्रोह की बात की हुई है जिसमें उन्होंने किसकी बात की हुई है सन्यासी विद्रोह की बात की हुई है और इसी सन्यासी विद्रोह की बात जब की गई है आनंद मठ में तो उन्होंने उसी में जो है राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का जिक्र किया हुआ है पहली बार इसी में ऐसे ही लिखा हुआ था और यही गीत को पहली बार कांग्रेस के अंदर 18960 5 की बात करें 1905 में बनारस अधिवेशन बहुत इंपॉर्टेंट हो जाता है बनारस अधिवेशन बहुत महत्त्वपूर्ण हो जाता है बनारस अधिवेशन और बनारस अधिवेशन की बात करें तो इस अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी बच्चों ठीक

1:15:02 है तो अध्यक्षता किसने की थी याद नहीं है तो याद कर लो तुरंत के तुरंत गोपाल कृष्ण गोखले ने की है गोपाल कृष्ण गोखले ने इसकी अध्यक्षता की है बच्चों याद करके रखेंगे ठीक है और इसी अधिवेशन में बच्चों स्वदेशी आंदोलन पारित हुआ था बच्चों अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन कर दिया था ठीक है और इसके इसके बच्चों प्रति उत्तर में भारतीयों ने स्वदेशी आंदोलन चलाया था राइट स्वदेशी आंदोलन जो चलाया गया था वह बनारस बनारस अधिवेशन में ही पारित हुआ था तो याद रखेंगे इसी अधिवेशन में क्या हुआ था स्वदेशी आंदोलन पारित हुआ था याद हो गया 1905 का बनारस अधिवेशन जिसके अध्यक्ष कौन है गोपाल कृष्ण गोखले हैं भाई ठीक है भाई अच्छा गोपाल कृष्ण गोखले हैं और इसी

1:15:49 अधिवेशन में स्वदेशी आंदोलन का जो प्रस्ताव था वो बच्चों पारित हो गया था ठीक है भाई उसके बाद अगले ही साल क्या होता है 1906 में कोलकात्ता अधिवेशन होता है 1906 का कौन सा अधिवेशन होता है भाई सबसे महत्त्वपूर्ण अधिवेशन में से एक है कोलकाता अधिवेशन बच्चों कोलकत्ता अधिवेशन जो 1906 में होता है इसकी अध्यक्षता जो है बच्चों दादा भाई नौरोजी ने की थी किसने दादा भाई नौरोजी ने की थी और इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने भारतीय जनता के लक्ष्य के रूप में स्वराज को अपनाया था किसको अपनाया था स्वराज को अपनाया था बताओ बताओ जल्दी से एक बार जल्दी से बिल्कुल एक बार फिर से बताएंगे एक बार मैं रिवाइज कर दूं

1:16:49 18960 जीी की एक किताब है आनंद मठ उसी किताब से यह लिया गया है राइट उसके बाद 1905 का बनारस अधिवेशन जिसके अध्यक्ष गोपाल कृष्ण गोखले थे यहां पर स्वदेशी आंदोलन का जो प्रपोजल था प्रस्ताव था वोह यहां पर पारित हुआ था 1906 का जो कोलकात्ता अधिवेशन था जिसकी अध्यक्षता दादा भाई नौरोजी ने की थी इस अधिवेशन में कांग्रेस ने भारतीय जनता के लक्ष्य के रूप में स्वराज प्रस्ताव को पारित किया था स्वराज ठीक है कि अभी कांग्रेस का लक्ष्य क्या है स्वराज लक्ष्य जल्दी से बताओ ये तीन अधिवेशन याद हो गए तो हैशटैग करेंगे जल्दी से जल्दी से बताएंगे भाई बच्चे इतना ही पूछेगा कि अध्यक्षता किसने की थी अब किसने गाया था किसने गीत

1:17:34 किसने म्यूजिक दिया था यह सब प्रश्न एग्जाम में नहीं आते अगर ऐसे आते तो किसी के नहीं होंगे फिर कि जब वह गा रहे थे तो उस समय कौन खड़ा था कौन बैठा था आगे की कुर्सियां पीली थी कि नीली थी इसका कोई लॉजिक ही नहीं है भाई लॉजिक यह है कि जो कोई भी बड़ी बात हुई है वह किसकी अध्यक्षता में हुई है ऐसे प्रश्न पूछा गया पूछा जाता है ठीक है तो एक बार सारे बच्चे बता देंगे बहुत बढ़िया हां यह किस ईयर का सेशन था यह भी आपको याद रखना है ना तो यह

1:18:20 18960 7 का सूरत अधिवेशन पे आते हैं 1907 का अगले ही साल आता सूरत अधिवेशन बच्चों सूरत अधिवेशन होता है 1907 का और यह एक अजीब सा अधिवेशन था ऐसा अधिवेशन था जिसमें कांग्रेस दो हिस्सों में बढ़ गई क्योंकि बच्चों बहुत ध्यान से यूपीएससी में लॉजिकल क्वेश्चन निधि वरुण पूछता है ना यूपीएससी में बहुत लॉजिकल क्वेश्चन पूछे जाते हैं बहुत ज्यादा कांसेप्चुअल प्रश्न ठीक है बच्चों ध्यान से जो सूरत अधिवेशन है बच्चे सूरत अधिवेशन की बात अगर हम करें तो इसमें बच्चों कांग्रेस का दो वर्गों में क्या हो गया था डिवीजन हो गया था विभाजन हो गया था कारण क्या था विचारधाराओं का टकराव बच्चों आप भी यह जानते होंगे आप में से बहुत सारे लोगों के घरों से ही प्रारंभ करता हूं आपके घरों घरों में जो थोड़ा सा बुजुर्ग लोग होंगे वो बहुत रेयर है कि नए विचारों

1:19:07 को स्वीकार करें बहुत रेयर तो नए विचार नए परिवर्तन नई चीजें जब आती हैं तो बहुत सारे रूढ़ीवादी लोग जिनकी पहले से ही वह काम पहले किसी और तरीके से काम कर रहे थे बहुत रेयर है कि वो उसे समझे या उसे स्वीकार करें अपने अपने कंसेप्ट के रूप में विचारों के रूप में यही कांग्रेस के साथ हुआ कि जो उदारवादी थे एक पहले से विचारधारा लेकर आ रहे थे लेकिन जो गर्म दल की विचारधारा थे उससे वो थोड़ा सा इत्तेफाक नहीं रखते थे

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