0:00 360 करा या नहीं? कर लिया तो प्रेजेंट लिख डालो। दूसरा सवाल आज तैयारी करते हुए खुश रहे या नहीं? और तीसरा सवाल आज पूरे दिन में कभी यह ख्याल आया या नहीं कि स्नेहित मिश्रा जो बातें बता रहा है ये बहुत ज्यादा मेंटल प्रेशर क्रिएट कर रही हैं। क्योंकि अभी तक अगर तुम नहीं पढ़ रहे थे या अभी तक तुम अपने मनमौजी तरीके से पढ़ रहे थे ना तो ये जो 360 वाली बात है ये तुम्हें बांध देगी और काम पे लगाएगी। जो बच्चे डिस्ट्रैक्टेड होते हैं वो नहीं पढ़ते वो तो दिख जाता है लेकिन जो बच्चे हाईली मोटिवेटेड होते हैं उन्हें अगर अपने काम को टालना होता है ना तो वो
0:45 डिस्ट्रैक्ट नहीं करते किसी खराब चीज से वो खुद को डिस्ट्रैक्ट करते हैं अच्छी चीज से तो तुम में से जो बच्चे अच्छे हैं मुझे अच्छे ही बच्चे सुन रहे हैं ये बात मैं जानता हूं तुम सभी अच्छे बच्चे हो लेकिन तुम सभी को जब मक्कारी करना होगा तो तुम ऐसे डिस्ट्रैक्शन में फसोगे कि भैया कौन सा बैच बेस्ट है भैया भैया बेस्ट टीचर कौन सा है भैया भैया मैं बेस्ट किताबों से ही पढूंगा भैया भैया आईआईटी कुछ नहीं है। एमआईटी है भैया असली चीज। तो भैया मैं कोई बुरी चीज तो नहीं सोच रहा ना। मैं तो अच्छे के ही तलाश में हूं ना। लेकिन मैं आज काम नहीं कर रहा भैया क्योंकि मुझे अच्छा मिला नहीं है। इन सारी मक्कारियों को तुम्हारा 360 हटाएगा। मैं पूछूंगा एमआईटी बेस्ट होगी। हम रिसर्च करेंगे। लेकिन आज का 360 कर लिया। उसके बाद जो तुम्हारा समय बचा उसमें जाएंगे। क्योंकि एमआईटी एमआईटी एमआईटी करते-करते
1:31 चाचा अब 2 साल बड़े आराम से निकालोगे और एमआईटी से अमटी कब पहुंच जाओगे पता भी नहीं पड़ेगा क्योंकि एमआईटी तुम जाना नहीं चाहते एमआईटी एमआईटी करके आईआईटी के लिए जो मेहनत करनी है ना उससे बचना चाहते हो समझा हमार बात तो ये थी आज की शुरुआत कि 360 करा करा करा या नहीं और करना ही पड़ेगा ऐसे कैसे नहीं करोगे 10 दिन बोलूंगा इग्नोर कर लोगे 11व दिन बोलूंगा इग्नोर कर लोगे कभी तो एकदम अंदर से फ्रस्ट्रेशन निकले कि मैं जो कर रहा हूं वो हो नहीं रहा। चलो स्नेह मिश्रा की बात मान के देखते हैं। और पहले दिन तुम जब बात मानोगे ना सुबह में बात मानना स्टार्ट करोगे और शाम तक तुम्हारा कॉन्फिडेंस इस लेवल पे होगा कि मैंने बहुत दिनों के बाद आज मेहनत की और मेहनत करने का जो सुख होता है सुना है वो स्वर्ग में मिला करता है। स्वर्ग पहुंच जाओगे। ठीक है? तो ये बात।
2:19 अब आज का मुद्दा क्या है? आज का मुद्दा ये है कि भैया हमको सब कुछ पता है कि करना क्या है? फिर भी नहीं कर पाते। यह समझने की कोशिश करेंगे और इस प्रॉब्लम की आज धज्जियां उड़ाएंगे कि आज से जब भी तुम्हें कुछ पता होगा और उस पर एक्शन नहीं ले पाओगे तो आज की वीडियो मेरी काम आएगी। हम हर दिन हर वीडियो में एक-एक प्रॉब्लम सॉल्व करते जा रहे हैं। एटलीस्ट मैं वो तरीका बता दे रहा हूं जिससे वो प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी। तुम्हारे एंड पे अगर सिर्फ सुनना हो रहा है और अप्लाई करना नहीं हो रहा है तो सर हमें माफ करना। गॉट इट? अप्लाई करना। तो आज की हम बातचीत करेंगे कि भैया पता सब कुछ है। कर क्यों नहीं पा रहे? शुरुआत के 10 15 वीडियो बच्चा मैं तुम्हारा बेस बनाने को लूंगा क्योंकि ना तुम लोग बहुत ज्यादा माइंडसेट खराब करके आते हो अलग-अलग जगहों से। तो पहले मैं तुम्हारा माइंड साफ
3:07 करूंगा। एक बेस बनाऊंगा ताकि तुम्हें कोई मैनपुलेट ना कर पाए। उसके बाद फिर हम उन चीजों पे बात करेंगे जो तैयारी में बहुत कम मायने रखती है। टेस्ट मॉड्यूल कोचिंग। हां ये तैयारी में बहुत कम मायने रखती है। हां क्योंकि बेस्ट मॉड्यूल मैं तुम्हें दे दूं क्योंकि तुम्हारा प्रॉब्लम यह रहेगा कि भैया मुझे पता सब है मैं कर नहीं पा रहा तो बेस्ट मॉड्यूल भी तुम्हें पता है वो भी कैसे कर पाओगे? तो आज का हमारा मुद्दा है कि भैया पता सब कुछ होता है। लेकिन हम खुद की ही बात नहीं मान पाते। नॉर्मल प्रॉब्लम है। कॉमन प्रॉब्लम है। यह सिर्फ तुम्हारे साथ नहीं भगवानों के साथ भी हुआ है। एक ग्रीक फिलोसफी के भगवान है। उनकी कहानी से आज स्टार्ट करूंगा और तुम समझोगे कि फिर इस प्रॉब्लम से निकले कैसे? उनका नाम था उलसियस। उलिसियस या उलिपस ऐसा
3:55 कुछ ना। तुम इमेजिन करो रामू। रामू एक ग्रीक गॉड है। ठीक है? रामू एक ग्रीक देश के भगवान थे। उनकी कहानी मैं सुनाता हूं। काल्पनिक नाम है। कहानी वहां की है पुलिसियस राम के भगवान की। बट तुम्हारे रिलेटिबिलिटी के लिए रामू की कहानी बना के सुनाऊंगा। रामू बहुत बड़ा राजा था। पूरी दुनिया जीत सकता था वो और जीत भी लिया। दुनिया जीततेजीत जीतते वो इतना दूर पहुंच गया कि घर से बहुत दूर निकल गया। अब उसको वहां से अपने घर वापस आने में 10 साल का समंदर का यात्रा तय करना पड़ता। अब वहां से वो चलना स्टार्ट करता है। उस समंदर में हजारों मुश्किलें उसकी आती हैं और वो घर पहुंच जाता है। उन हजारों मुश्किलों में एक मुश्किल तुम्हारे लिए जानना जरूरी है जो आज काम आएगा। उस समंदर के बीच में एक सायरन नाम का आइलैंड था। जहां के जो लोग
4:41 थे वह इतना मधुर गाते थे। इतना मधुर गाते थे कि जब भी कोई वहां से नाव गुजरती थी वो गाना स्टार्ट करते थे और जो सेलर था जो नाव चला रहा होता था वो उसमें एकदम खो जाता था गाने में और वो अपना नाव जो है वो पत्थर में टकरा देता था। नाव डूबने लगती थी। वो सायरन आइलैंड के लोग उस नाव को लूटते थे। और उनसे उनका जीवन चलता था। तो इस रामू राजा को पहले किसी ने बता दिया था कि उस सायरन नाम के आइलैंड से जैसे ही क्रॉस करोगे तुम सभी अपने कानों में मोम डाल लेना ताकि सुनाई ना दे। ठीक है? तो अब रामू राजा ने सोचा कि ठीक है डाल लूंगा। लेकिन रामू राजा ने सोचा कि यार मैं नाव चला रहा हूं। ये सारे जो लोग मेरे नाव पे हैं। क्यों ना मैं इन सबके कानों में मोम
5:27 डाल दूं और मैं सुन लूं गाने को। क्योंकि इतना अच्छा गाते होंगे तो देखता हूं कुछ तो बात होगी। तो उसने अपने सारे लोगों को कहा तुम सभी अपने कानों में मोम डालो लेकिन मैं नहीं डालूंगा। तो सब ने कहा कि सर आप नाव चला रहे हो आप अगर मंत्रमुग्ध हो गए उनपे अगर उसमें गाने में खो गए तो आप तो हमारा जहाज पत्थर में टकरा दोगे हम हमारा भी वही हाल होगा जो बाकी राजाओं का हुआ तो फिर रामू कहता है कि ठीक है मुझे ना एक खंभे से बांध दो और मैं चिल्लाता रहूं कि मुझे छोड़ो मुझे छोड़ो मुझे छोड़ो मुझे जाने दो मुझे जाने दो फिर भी तब तक मुझे मत खोलना जब तक हम सायरन आइलैंड को क्रॉस ना कर जाए और तुम में से जो भी एक व्यक्ति कान में मोम डालेगा वो नाव चला रहा होगा तो सबने वही किया। रामू राजा को एक बहुत बड़े खंभे से रस्सी से बांध दिया
6:13 गया और बांधने के बाद सारे लोगों ने अपने कान में मोम डाला। नाव सायरन आइलैंड के पास पहुंच गई। उसे क्रॉस कर रही थी। सायरन आइलैंड के लोगों ने गाना स्टार्ट करा। इतना सुंदर गाना गाना स्टार्ट करा कि रामू पागल होने लगा। चिल्लाने लगा पागलों की तरह। मुझे खोलो। मुझे जाने दो। मुझे उस आइलैंड पे जाना है। मुझे जाने ही दो। तड़प रहा था। फिर भी उसने जैसा ऑर्डर दे रखा था। उसे किसी ने नहीं खोला। एकदम यह पागल हो गया व्यक्ति रामू लेकिन उसे खोला नहीं गया ना सायराइड क्रॉस कर गई सब ने अपने कानों से मोम निकाला रामू को खोल दिया गया रामू ने कहा बहुत अच्छा था लेकिन मुझे तुमने बांध रखा था इसलिए मैं बच गया और इसी से फिर एक पुलिसियस लॉ नाम की एक चीज निकली कि बच्चा आपको चीजें पता है फिर भी आप ये सोचते हो कि आप कंट्रोल कर लोगे आप
6:59 कभी कंट्रोल नहीं कर पाओगे अगर रामू सोचता कि मैं गाना होता है बहुत अच्छा लेकिन मैं कुछ अलग हूं मैं कंट्रोल कर लूंगा। कभी नहीं ऐसा होने वाला। तो तुम में से बहुत सारे बच्चों के जीवन में ऐसी चीजें होंगी जो सुबह उठते हैं स्नेहित मिश्रा के कम्युनिटी पोस्ट में प्लान करते हैं। वहां से जैसे ही हटते हैं सायरन आइलैंड जैसा एक मोबाइल फोन आता है। उसमें से बहुत अच्छी-अच्छी ऐसी चीजें निकलती हैं कि हमें घर जाना है। हमने जो स्नेहित मिश्रा के कम्युनिटी में जो प्लान करा है डे उसे पूरा करना है। यह भूल करके हम उसे मंत्रमुग्ध हो जाते हैं और अपनी तैयारी की नाव मोबाइल नाम के पत्थर में दे मारते हैं और हजारों एस्पिरेंट हजारों सालों से डूबते आ रहे हैं। उस तरीके से डूब जाते हैं। तो सबसे पहले आप क्यों नहीं कर पाते जो आप जानते हो क्योंकि आपको लगता है कि आपको जो चीजें डिस्ट्रैक्ट करती हैं उनसे आज बच
7:46 जाओगे आज बच जाओगे आज बच जाओगे आज बच जाओगे और रोज तुम अपना नाव देते जा रहे हो पत्थर में तो उलसियस वाला रामू वाला तरीका तुम्हें अपनाना होगा कि तुम्हें पत्थर से बांध देना होगा खुद को क्योंकि तुम्हें खुद पे इतना ज्यादा भरोसा नहीं होना चाहिए कि तुम उस सायरन आइलैंड की मधुर आवाज से बच सको। तुमने सुबह दिन प्लान करा। कल का तुम्हारे पास डाटा है ना कि कल तुम्हें क्या-क्या चीजें बर्बाद करती हैं। तो मान लो कि तुम्हारा फोन तुम्हें सबसे ज्यादा बर्बाद करता है। तो स्टार्ट करेंगे हम उसके उन एप्स को डिलीट, डिसएक्टिवेट, टाइमर जो भी लगा सकते हो लगाने से लेकिन बंद तो तुमने ही करा है ना तो खोल भी तुम सकते हो। अगर रामू खुद से खुद को बांधता तो खुद से खुद को खोल लेता। तो अगर पहले हमने ऐप डिलीट कर दिया। उसके बाद भी तुम डाउनलोड करके फिर तुम कमजोर पड़ जा रहे हो। तो फिर किसी थर्ड पर्सन को हम बोलेंगे कि ये लो मेरा फोन और मुझे तब तक मत देना
8:32 जब तक कि मैं अपना क्वेश्चन प्रैक्टिस का सेशन खत्म ना कर लूं। मम्मी को कह दो कि मम्मी मेरे रूम में बाहर से ताला लगा दो। मैं जितना भी दरवाजा ऐसे खटखटाऊं मुझे नहीं खोलना। तुम्हें खुद को मजबूर करना पड़ेगा फोकस रहने के लिए। क्योंकि तुम चाह करके तुम्हारे अंदर इतनी विल पावर नहीं है लाडले कि तुम चाह करके कुछ कर पाओ। इतना विल पावर तुम्हारे उम्र में नहीं होता। तुम्हें खुद को फोकस रहने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। डिस्ट्रैक्शन ऑटो पायलट मोड में होता है। फोकस रहना तुम्हारे लिए मजबूरी होना चाहिए कि करूं क्या? बाहर से ताला बंद है। मम्मी खोल नहीं रही। 3 घंटे मैं क्या करूंगा? एचसी वर्मा सर के लाइफ की कहानी है ना कि एससी वर्मा सर भी जब नहीं पढ़ते थे तो उनकी मम्मा ने उन्हें दरवाजा बंद करके एक किताब के साथ छोड़ दिया। उस रूम में कुछ नहीं था। अब कितने देर बोर हो लोगे? फिर धीरे-धीरे किताब पलटोगे धीरे-धीरे अच्छा लगेगा। तो तुम्हें जो पता
9:18 है वो तुम कभी नहीं कर पाओगे। ये फैक्ट है। कर नहीं पाते क्या? कभी कर ही नहीं पाओगे क्योंकि उसे करने के लिए आपकी विल पावर चाहिए और विल पावर बहुत कमजोर होता है तो आपसे मजबूरी में कर तुम जब तैयारी खत्म कर लोगे ना तुम्हें यह फील होगा कि काश मुझे कोई थप्पड़ मार के गला पकड़ के गाली दे के फॉलो करा देता जो मैं करना चाहता था अभी मैं तुम्हें गाली दे दूंगा अभी मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगा अभी मैं तुम्हें इंसल्ट कर दूंगा तुम कल से इस वीडियो में दिखोगे नहीं लेकिन तैयारी जब खत्म हो जाएगी उसके बाद तुम्हें महसूस होगा कि काश रुक जाता काश स्नेह भैया जो मेरा गला पकड़ रहे थे वो पकड़ने देता तो आज की वीडियो से हमें क्या कंक्लूजन ले जाना है कि हम जो चाहते हैं वो हम फॉलो नहीं कर पाते। ऐसा क्यों है? क्योंकि हम जो चाहते हैं उसे फॉलो करने के लिए हमारा
10:04 विल पावर चाहिए और हमारा विल पावर कमजोर है। वो हमने पिछले दिनों से सीख लिया है। कि मैं 60 सवालों को करने की कोशिश करता हूं। 60 में से 10 होते हैं। फिर बैठता हूं। थोड़ी देर बाद फोन देखता हूं। फोन देखते पता नहीं पड़ता कब 3 घंटे चलेगा। और फिर दिन का एंड वही होता है कि स्नेह मिश्रा की रात 10:00 बजे वाली वीडियो में आता हूं। सॉरी भैया लिख के चला जाता हूं। तो ये डाटा हमारे पास है। तो हमें पता है कि हमारी विल पावर इतनी स्ट्रांग नहीं है तो हम खुद को मजबूर कर देंगे रामू की तरह। किसी के किसी से कह देंगे कि हमें बांध दो खंभे से। एग्जांपल दे रहा हूं कि इस सेंस को समझना कि जहां पे तुम सोते हो अलग सर ने ये कहानी सुनाई थी कि जहां पे तुम सोते हो उस बिस्तर में पानी डाल दो। सो ही नहीं पाओगे। लेकिन ये बहुत मुश्किल पड़ेंगे शुरुआत के पांच छ दिन। उस पर पानी डाला हुआ है। जमीन पर सो जाओगे। मजबूरियां आएंगी। लेकिन तुम्हें
10:52 अगर इससे भी तुम बच रहे हो तो फिर एक लेवल और बढ़ाना है। एक लेवल और बढ़ाना है। कब तक बचोगे? कितनी मजबूरियां सह लोगे? एक दिन लगेगा कि अब तो पढ़ना ही पड़ेगा। कब तक? ये मत सोचना कि ये करके मैं बच जाऊंगा कि मम्मी ने ताला लगा दिया बाहर रूम से। तो मैं उस दिन पढ़ लूंगा। हो सकता है कि तुम बैठे रहो। हो सकता है तुम दरवाजा बिल्कुल पागलों की तरह तोड़ने लगो। अम्मी खोल दे मजबूरी है। मजबूरी है। खोल दो। दरवाजा खोल लिया तुमने। फिर अगले दिन किसी मजबूत इंसान को बोलेंगे हम रुकेंगे नहीं। हम हम तब तक खुद को माफ नहीं करेंगे जब तक हम वो ना कर लें जो हमारे लिए करना जरूरी है। कब तक भागेगा? कितनी ताकत है तेरे में? ऐसे कैसे नहीं फोकस करेगा? लड़ाई मेरे वर्सेस मेरे की है। एक मैं जो चाहता है डिस्ट्रैक्टेड
11:38 रहे और एक मैं जो इसको इसकी औकात बताएगा कि देखता हूं तू कहां तक भाग के जाता है। टूलिपस लॉ को पुलिसियस लॉ को अपने लाइफ में लाओ। आज की वीडियो से हम यह लेसन लेकर के जा रहे हैं। कल सुबह फिर 5:00 बजे उठना। स्नेहित मिश्रा के कम्युनिटी पोस्ट में दिख जाना। शाम को 10:00 बजे इस चैनल पे आना। पूरा दिन का क्या हाल रहा? या तो प्राउड फीलिंग लेके जाना या अगले दिन के लिए रिग्रेट लेके जाना। दोनों शुभ है। प्राउड फीलिंग कल और मोटिवेट करेगी मेहनत करने को। रिग्रेट फीलिंग। कल सुबह से कि अब तो कब कर ले। अब नहीं करेगा तो कब करेगा? कैसे स्नेह मिश्रा से नजरें मिलाएगा जब उसके चैनल पे एक साल तक पड़ा रहेगा फिर भी कहेगा कि 300 में से 20 नंबर आ रहे हैं। कैसे हेल्प मांगेगा? दोनों सुबह।