Introduction To DDU के महत्वपूर्ण प्रश्न | DDU Semester Exam | Important questions

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और दर्शन पर केंद्रित है, जो छात्रों को उनके आगामी परीक्षा के लिए तैयार करने में मदद करता है। इसमें उनके विचारों, कार्यों और दर्शनों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर शामिल हैं। वीडियो में एकात्म मानव दर्शन, राष्ट्र धर्म, और उनके जीवन के महत्वपूर्ण घटनाओं पर प्रकाश डाला गया है।

मुख्य बातें:

  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और दर्शन का परिचय।
  • महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर जो परीक्षा में आ सकते हैं।
  • एकात्म मानव दर्शन और राष्ट्र धर्म जैसे विषयों पर जोर।
  • बीकॉम के छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने की घोषणा।

परिचय

वीडियो की शुरुआत में, वक्ता दर्शकों का स्वागत करते हैं और 24 जनवरी को होने वाले "इंट्रोडक्शन टू दीनदयाल उपाध्याय" के अनिवार्य माइनर पेपर के बारे में बात करते हैं। वे बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्रों की चिंताओं को दूर करते हैं और घोषणा करते हैं कि बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के लिए गोरखपुर में ऑफलाइन कक्षाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी, जिसके लिए एक गूगल फॉर्म भरना होगा।

भगवान श्री राम का आगमन

वक्ता अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बारे में बात करते हैं, इसे एक ऐतिहासिक और खुशी का अवसर बताते हैं। वे दर्शकों को बधाई देते हैं और इस खुशी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

कक्षा की शुरुआत और महत्वपूर्ण प्रश्न

वक्ता "इंट्रोडक्शन टू दीनदयाल उपाध्याय" के संभावित प्रश्नों पर चर्चा शुरू करते हैं। वे कहते हैं कि आजादी तभी सार्थक हो सकती है जब वह हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का जरिया बने, यह विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय का है। वे कृषि के महत्व, धर्म के आदर्श राज्य, और एकात्म मानव दर्शन पर भी चर्चा करते हैं।

भारतीय जनसंघ और समस्याएं

वक्ता बताते हैं कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय 1967 से 1968 तक भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष थे। उनके अनुसार, भारत के सामने समस्याओं का मुख्य कारण राष्ट्रीय पहचान की उपेक्षा है।

पूंजीवाद और पश्चिमीकरण

वक्ता पूंजीवाद के सिद्धांतों और पश्चिमीकरण के बढ़ते प्रभाव पर दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को साझा करते हैं। वे उनकी प्रमुख पत्रिकाओं, जैसे राष्ट्रधर्म, पंचजन्य, और स्वदेश का उल्लेख करते हैं।

दीनदयाल उपाध्याय के प्रमुख विचार

वक्ता दीनदयाल उपाध्याय के प्रमुख विचारों पर प्रकाश डालते हैं, जिसमें हिंदुत्व की अवधारणा, समानता, और सनातन धर्म संस्कृति के प्रति उनका समर्थन शामिल है। वे एकात्म मानव दर्शन को संपूर्ण मानव जाति के लिए चिंतन का विषय बताते हैं।

लक्ष्य और भारी उद्योग

दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के लक्ष्यों, राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा पर चर्चा की जाती है। वक्ता बताते हैं कि वे भारी उद्योगों के खिलाफ क्यों थे, क्योंकि वे प्रत्येक बड़े काम के लक्ष्य के प्रतिकूल होते हैं और उनकी उत्पादन प्रणाली जटिल होती है।

राजनीतिक सम्मेलन और उपभोग वाद

वक्ता बताते हैं कि दीनदयाल उपाध्याय ने 1951 में लखनऊ में एक राजनीतिक सम्मेलन का आयोजन किया था। वे उपभोग वाद, स्पर्धा वाद, और वर्ग संघर्ष के आधार पर भी चर्चा करते हैं।

अर्थ संस्कृति और आरएसएस

वक्ता दीनदयाल उपाध्याय की अर्थ संस्कृति के सूत्र और आरएसएस में उनके शामिल होने के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि वे भाऊराव जुगाड़े और नाना जी देशमुख की सहायता से आरएसएस में शामिल हुए थे।

आजादी और संस्कृति

वक्ता दीनदयाल उपाध्याय के अनुसार आजादी के महत्व पर जोर देते हैं, जो तभी सार्थक होती है जब वह हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बन जाए।

अनमोल विचार और एकात्म अर्थनीति

वक्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अनमोल विचारों को साझा करते हैं, जिसमें हमारी राष्ट्रीयता का आधार भारत माता है। वे एकात्म अर्थनीति को भारतीय संस्कृति के एकरूप दर्शन में तीसरा विकल्प बताते हैं।

मानव प्रगति और पूंजीवाद

वक्ता दीनदयाल जी के अनुसार मानव की प्रगति और पूंजीवाद के सिद्धांतों पर चर्चा करते हैं। वे बताते हैं कि मानव की प्रगति का मतलब है अर्थ शरीर का प्रगति, मन बुद्धि की प्रगति, और आत्मा की प्रगति।

सनातन धर्म कॉलेज और जनसंघ सिद्धांत

वक्ता सनातन धर्म कॉलेज में दीनदयाल उपाध्याय की मित्रता और जनसंघ सिद्धांत और नीति पुस्तक के बारे में बताते हैं।

मानवीय स्वभाव और एकात्म मानव दर्शन

वक्ता दीनदयाल जी के अनुसार मानवीय स्वभाव की प्रवृत्तियों और एकात्म मानव दर्शन में परिवार संस्था के महत्व पर प्रकाश डालते हैं।

भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष और व्यक्ति का मूल्य

वक्ता भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष और समष्टि के बिना व्यक्ति के मूल्य पर चर्चा करते हैं।

दार्शनिक और अर्थव्यवस्था का आधार

वक्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय को एक गंभीर दार्शनिक और गहन विचारक बताते हैं। वे उनके अनुसार अर्थव्यवस्था का आधार ग्राम और जनपद को मानते हैं।

मानव प्रकृति और औद्योगीकरण

वक्ता मानव प्रकृति में क्रोध और लोभ के साथ प्रेम और त्याग की बात करते हैं। वे दीनदयाल जी के अनुसार कृषि के विकास के बिना देश की औद्योगीकरण नहीं हो सकती, इस पर जोर देते हैं।

एकात्म मानव दर्शन और पूंजीवाद

वक्ता एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता और पूंजीवाद एवं साम्यवाद से ग्रसित विश्व के लिए उनके सिद्धांत पर चर्चा करते हैं।

अर्थ संस्कृति और पुस्तकें

वक्ता उपाध्याय की अर्थ संस्कृति के सूत्र और उनके द्वारा लिखित पुस्तकों, जैसे चंद्रगुप्त मौर्य, अखंड भारत, और टेम्स और विश्वासघात का उल्लेख करते हैं।

शंकराचार्य और प्रधानमंत्री

वक्ता जगतगुरु शंकराचार्य की रचना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं, जिसमें वे भारत के प्रधानमंत्री नहीं थे, लेकिन भारतीय जनसंघ के नेता, अर्थशास्त्री, और आरएसएस के चिंतक थे।

डाक टिकट और राष्ट्र धर्म

वक्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर डाक टिकट जारी होने की तिथि और राष्ट्र धर्म मासिक पत्रिका के प्रथम संपादक के बारे में बताते हैं।

जन्म और महामंत्री

वक्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म की तिथि और उनके अखिल भारतीय जनसंघ के महामंत्री बनने के बारे में बताते हैं।

पंचजन्य और एकात्म मानववाद

वक्ता पंचजन्य पत्रिका और एकात्म मानववाद के प्रतिपादक के बारे में बताते हैं।

अंतिम व्यक्ति का उत्थान और धर्म

वक्ता दीनदयाल उपाध्याय के समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान की अवधारणा और उनके धर्म के अनुयायी होने पर चर्चा करते हैं।

राष्ट्र जीवन की दिशा और समाचार पत्र

वक्ता राष्ट्र जीवन की दिशा पुस्तक और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दैनिक समाचार पत्र से जुड़े होने के बारे में बताते हैं।

जनसंघ और पंचजन्य का प्रकाशन

वक्ता अखिल भारतीय जनसंघ के संस्थापक और पंचजन्य के प्रथम अंक के प्रकाशन के बारे में बताते हैं।

औद्योगिक नीति और मृत्यु

वक्ता दीनदयाल की औद्योगिक नीति से संबंधित अवधारणा और उनकी मृत्यु के स्थान पर चर्चा करते हैं।

राष्ट्र धर्म और महत्वपूर्ण प्रश्न

वक्ता राष्ट्र धर्म पत्रिका और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नों पर जोर देते हैं।

शुभम सर का मार्गदर्शन

शुभम सर छात्रों को परीक्षा के लिए मार्गदर्शन देते हैं और प्लेलिस्ट को पूरा करने की सलाह देते हैं।

ऐप डाउनलोड और क्लास की शुरुआत

शुभम सर ऐप डाउनलोड करने और क्लास को लाइक करने के लिए कहते हैं।

कक्षा का पुनरारंभ और ऊर्जा

कक्षा को फिर से शुरू किया जाता है और छात्रों को ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

बीकॉम ग्रुप और सेकंड सेमेस्टर

बीकॉम के छात्रों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और सेकंड सेमेस्टर की कक्षाओं के बारे में जानकारी दी जाती है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जन्म, संघ के प्रचारक बनने, माता का नाम और प्रसिद्ध रचनाओं पर चर्चा की जाती है।

राजनीतिक दलों का विभाजन और बीटीसी परीक्षा

उपाध्याय जी की राजनीतिक दलों को विभाजित करने, बीटीसी परीक्षा देने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आने पर चर्चा की जाती है।

पिता का नाम और राष्ट्रीय अध्यक्ष

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के पिता का नाम और भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में बताया जाता है।

मानव की प्रवृत्ति और आर्थिक प्रजातंत्र

मानव की संभावित प्रवृत्ति और उपाध्याय जी के अनुसार आर्थिक प्रजातंत्र के मापदंड पर चर्चा की जाती है।

छोटे भाई का नाम और मूलभूत आवश्यकताएं

दीनदयाल उपाध्याय जी के छोटे भाई का नाम और मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं पर चर्चा की जाती है।

बुद्धि और माता का स्वर्गवास

बुद्धि को विवेक पथ पर अग्रसर रखने का कार्य और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के माता का स्वर्गवास कब हुआ, इस पर चर्चा की जाती है।

पूंजीवाद और भारतीय संस्कृति

पूंजीवाद एवं समाजवाद अवधारणा के समान अवधारणा और भारतीय संस्कृति के अनुसार मनुष्य पर तीन ऋणों पर चर्चा की जाती है।

नाना जी का नाम और ऋषि

उपाध्याय जी के नाना जी का नाम और समष्टि के हित में अस्थियों को समर्पित करने वाले ऋषि के बारे में बताया जाता है।

भूमि और पुस्तकें

भूमि एवं जन को मिलाकर क्या बनता है और उपाध्याय जी की प्रमुख पुस्तकें कौन सी हैं, इस पर चर्चा की जाती है।

परदादा और पत्रिका

दीनदयाल उपाध्याय के परदादा का नाम और वे किस समाचार पत्रिका से जुड़े थे, इस पर चर्चा की जाती है।

मृत्यु और विदेशी नीति

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की मृत्यु के समय उनकी उम्र और विदेशी नीति के संबंध में उनके व्यवहारिक सूत्र पर चर्चा की जाती है।

संघ के प्रचारक और दादा जी का नाम

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी संघ के प्रचारक के रूप में अपना कार्य कहां से आरंभ किए और उनके दादा जी का क्या नाम था, इस पर चर्चा की जाती है।

महामंत्री और बचपन

उपाध्याय जी को भारतीय जनसंघ के महामंत्री कब नियुक्त किया गया और उन्होंने बचपन का अधिकांश समय कहां व्यतीत किया, इस पर चर्चा की जाती है।

धर्म और पिता का पद

धर्म को कौन सा पुरुषार्थ माना गया है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के पिता किस पद पर कार्यरत थे, इस पर चर्चा की जाती है।

विद्यार्थी जीवन और पालन पोषण

दीनदयाल उपाध्याय जी के विद्यार्थी जीवन के साथी और उनके माता-पिता की मृत्यु के बाद उनका पालन पोषण किसने किया, इस पर चर्चा की जाती है।

सुरक्षा नीति और प्रथम विद्यालय

उपाध्याय जी की सुरक्षा नीति और उनका प्रथम विद्यालय कौन सा था, इस पर चर्चा की जाती है।

राष्ट्रीय स्मारक और शिक्षा का माध्यम

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक राजस्थान में कहां है और उनके अनुसार शिक्षा का माध्यम क्या है, इस पर चर्चा की जाती है।

निधन और जनसंघ

दीनदयाल उपाध्याय जी का निधन कब हुआ और जनसंघ ने एकात्म मानववाद को अपनी मार्गदर्शक विचारधारा के रूप में कब अपनाया, इस पर चर्चा की जाती है।

आय का वितरण और मुगल सराय जंक्शन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अनुसार आय के वितरण में समता स्थापित करने के लिए न्यूनतम व अधिकतम आय के बीच क्या अनुपात होना चाहिए और रेलवे स्टेशन मुगल सराय जंक्शन का वर्तमान नाम क्या है, इस पर चर्चा की जाती है।

स्नातक और राष्ट्रीय अध्यक्ष

पंडित दीनदयाल ने अपने स्नातक की शिक्षा कहां से प्राप्त की और उन्हें भारतीय संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कब निर्वाचित किया गया, इस पर चर्चा की जाती है।

बेकारी और डाक टिकट

देश में बेकारी की समस्या के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी किसको दोषी मानते हैं और उन पर डाक टिकट कब जारी किया गया, इस पर चर्चा की जाती है।

स्कूल और इंटरमीडिएट

उपाध्याय जी प्रथम बार किस वर्ष की आयु में स्कूल गए थे और उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा कहां से उत्तीर्ण की थी, इस पर चर्चा की जाती है।

प्रथम पुस्तक और लोकतंत्र

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा लिखी गई प्रथम पुस्तक कौन सी थी और भारत के लोकतंत्र के इतिहास में विरोध पक्ष को विकसित करने में कौन दो महापुरुषों का निर्णायक योगदान है, इस पर चर्चा की जाती है।

जनसंघ मंत्री और अमेरिका यात्रा

पंडित जी के जनसंघ मंत्री बनते समय कश्मीर आंदोलन का प्रमुख नारा क्या था और दिसंबर 1963 में दीनदयाल उपाध्याय फ्रेंड्स ऑफ इंडियन सोसाइटी के निमंत्रण पर यात्रा करने के लिए कहां गए थे, इस पर चर्चा की जाती है।

खेती और ट्रेन

उपाध्याय जी के अनुसार खेती के विकास के लिए किस प्रकार की बांध परियोजनाएं उपयुक्त हैं और वे निधन के समय किस ट्रेन में यात्रा कर रहे थे, इस पर चर्चा की जाती है।

निबंध और प्रजातंत्र

दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लिखित निबंध राष्ट्र जीवन की समस्या किस वर्ग से के संबंध में था और उनके अनुसार राजनीतिक प्रजातंत्र का प्रमुख मापदंड क्या है, इस पर चर्चा की जाती है।

जनसंघ पार्टी और अध्यक्ष

वर्तमान में भारतीय जनसंघ पार्टी किस नाम से जानी जाती है और उपाध्याय जी कितने दिनों के लिए जनसंघ के अध्यक्ष रहे थे, इस पर चर्चा की जाती है।

समाज और पत्रिका

समाज किसका चलता फिरता रूप है और उपाध्याय जी ने कौन सी पत्र पत्रिका का शुभारंभ किया था, इस पर चर्चा की जाती है।

दृष्टि और बंदरगाह

जगत की संपूर्णता की दृष्टि से उपाध्याय जी ने किस तत्व का उल्लेख नहीं किया है और किस बंदरगाह का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय बंदरगाह कर दिया गया है, इस पर चर्चा की जाती है।

हाई स्कूल और महामंत्री

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने हाई स्कूल की परीक्षा कहां से उत्तीर्ण की थी और उपाध्याय जी जन संघ के महामंत्री कितने वर्षों तक रहे, इस पर चर्चा की जाती है।

एमए और प्रकाशन

उपाध्याय जी ने एमए में किस विषय में प्रवेश लिया था और उन्होंने प्रकाशन का कार्य कब आरंभ किया, इस पर चर्चा की जाती है।

छात्रवृत्ति और कॉलेज

दीनदयाल उपाध्याय जी को हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर छात्रवृत्ति किसने प्रदान की थी और उन्होंने एमए के लिए किस कॉलेज में प्रवेश लिया था, इस पर चर्चा की जाती है।

अंतिम बातें

वीडियो के अंत में, वक्ता छात्रों को टारगेट गुरुकुल ऐप डाउनलोड करने और चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

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Transcript

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0:00 शुरू में गरा कर वसूल पे गरा चाए तो टकराना जरूरी है वसूंजी है जो जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है और कौन बताए इन नए उम्र की खुद मुख्तार हों को कि कहां से बच के चलना और कहां जाना जरूरी है तो बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से आपके अपने चैनल टारगेट सेमेस्टर में उम्मीद करते हैं कि आप सभी लोग काफी बेहतर होंगे और कल 24 जनवरी को आपका 9:00 बजे से इंट्रोडक्शन टू दीन दयाल उपाध्याय जो कि कंपलसरी माइनर पेपर है उसका एग्जाम होने वाला है और सबसे ज्यादा डर बीकॉम फर्स्ट

0:47 सेमेस्टर के बच्चों का है बीकॉम थर्ड सेमेस्टर के भी कुछ बच्चे ऐसे हैं जो इस इस कोर्स को लिए हैं इस पर्टिकुलर सब्जेक्ट को चूज किए हैं इसके अलावा बीए बीएससी बीकॉम बीबीए एलएलबी बहुत सारे ऐसे कोर्स जिसम इंट्रोडक्शन टू दीनदयाल उपाध्याय एक माइनर का कंपलसरी सब्जेक्ट होता है जो सबको लेना ही पड़ता है तो उम्मीद करते हैं कि आप में से जो भी बच्चे अभी आए हैं वह दीनदयाल उपाध्याय माइनर कंपलसरी पेपर को अपने सब्जेक्ट में चूज जरूर किए होंगे चलिए तो थोड़ी सी डिस्कशन कर लेते हैं आप सभी से और आज सर हम रिक्वेस्ट करना चाहेंगे आपसे कि जो भी बच्चे बीकॉम के हैं आप सभी के लिए बहुत ही शानदार अनाउंसमेंट किया जा रहा है मैं आपको एक बार ध्यान से बता देता हूं सभी लोग जो बीकॉम फर्स्ट सेमेस्टर के

1:32 स्टूडेंट्स हैं आप सभी के लिए बहुत जल्द आपकी ऑफलाइन क्लासेस गोरखपुर में स्टार्ट की जाने वाली है उस ऑफलाइन क्लासेस से संबंधित आपको एक ग फॉर्म भराया जा रहा है उस ग फॉर्म को जरूर फिल कर दीजिए उसमें आपसे कोई चार्जेस नहीं लिए जा रहे हैं अभी तो आप लोग google2 सेमेस्टर में जाने वाले हैं उनका डाटा कलेक्ट किया जा सके कि आप में से कौन से ऐसे बच्चे हैं जो इंटरेस्टेड है पढ़ने ऑफलाइन क्लासेस में तो जो भी बच्चे ऑफलाइन क्लासेस में पढ़ने में इंटरेस्टेड है गोरखपुर में आपकी ऑफलाइन क्लासेस चलने वाली है वो सारे के सारे बच्चे अपने गल फॉर्म को जरूर फिल कर देंगे चलिए तो बहुत-बहुत स्वागत है आप सभी का और उम्मीद करते हैं कि आप सभी लोग कल

2:20 दिवाली जरूर सेलिब्रेट किए होंगे भगवान श्री राम का आगमन एक बार फिर से पांच सदी का जो यह बहुत लंबा वनवास था भगवान नाम का अपने देश में होते हुए भी अपने देश में वो विराजमान नहीं थे वो सपना जो हमारे देश के अलग-अलग महान व्यक्तियों ने महान विभूतियों ने आज से 500 100 200 साल पहले देखा था कि अयोध्या में श्री राम भगवान का मंदिर का निर्माण हो वो सपना कल साकार हुआ और भगवान की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा कल की गई उम्मीद करते हैं आप सभी लोग इस खुशी से सराबोर होंगे और आप सभी लोग इस खुशी में शरीक जरूर हुए होंगे चलिए तो आप सभी के कमेंट्स एक बार देख लेते हैं देर आफ्टर हम क्लास को स्टार्ट करते हैं और कल की जो दिवाली थी मुझे पर्सनली लग

3:07 रहा था कि इससे अच्छी दिवाली आज तक मुने मैंने कभी सेलिब्रेट ही नहीं किया वह जो दिवाली में कल के उत्साह था जो एक्साइटमेंट था जो हैप्पीनेस था वह आज तक की दिवाली में हमने नहीं देखा था और एक बार फिर से आप सभी को बहुत-बहुत बधाई भगवान श्री राम के आगमन की चलिए जय श्री राम सबको जय श्री राम शिवम एनिमेशन क्रिएटर सर क्लास स्टार्ट कीजिए बिल्कुल बिल्कुल स्टार्ट करते हैं आदित्य विश्वकर्मा जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम तो भगवान श्री राम के नाम पर लाइव और लाइक के बीच में कोई दायरा नहीं होना चाहिए इस बार मेरे लिए नहीं इस चैनल के के

3:56 लिए नहीं यह लाइक जो है वो भगवान श्री राम के लिए हो होना चाहिए आज का लाइक जिसको जो भी बच्चा भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा से अयोध्या में उनके आगमन से पूरी तरह से प्रसन्न चित है खुश है वह बच्चा जरूर इस लाइव सेशन को लाइक करें चलिए नाथ पंथ इंपॉर्टेंट एमसीक्यू अभिषेक मधेसिया जी अपलोड किया जा चुका है वीडियो दोदो वीडियोस अपलोड किए जा चुके हैं और उसकी प्लेलिस्ट आपको चैनल पर मिल जाएगी चलिए जय श्री राम वीरेंद्र कनौज जी एजुकेशन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का भी क्लास होगा संभवी आप निश्चिंत रहे बिल्कुल भी परेशान ना हो आप लोग तो अभी लाइव क्लास

4:42 में 229 बच्चे हैं 240 बच्चे हैं और लाइव और लाइक के बीच में अभी भी फासला दिख रहा है तो लाइव और लाइक के बीच में कोई फासला नहीं होना चाहिए जैसे भगवान श्री राम का आगमन हो गया है वैसे ही आप सभी लोग का जैसे ही आगमन हो रहा तो सभी लोग अपना अपना अटेंडेंस लाइक बटन को हिट करके देंगे चलिए सर फैशन डिजाइनिंग एंड क्राफ्ट डिजाइनिंग का भी क्लास करवा दीजिए सुभोजित चक्रवर्ती हो जाएगा इसका भी क्लास हो जाएगा आप लोग निश्चिंत रहे बिल्कुल जो भी पॉसिबल होगा हमारे एंड से व सारी क्लासेस आपको प्रोवाइड की जाएंगी जय श्री राम जय श्री राम सबको जय

5:30 श्री राम उदय स उदय सॉर्ट्स हम अच्छे हैं आप कैसे हैं आप भी अच्छे होंगे उम्मीद करते हैं चलिए तो क्लास को स्टार्ट करते हैं बिना किसी देरी के एक बार फिर से सभी को पूरी शिद्दत के साथ पूरे दिल से जय जय जय श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम से हमें बहुत कुछ सीखना चाहिए बहुत सारे लेसंस लेने चाहिए जो उन्होंने अपने जीवन में करके दिखाया है हमें भी कोशिश करनी चाहिए कि हम भी अपने जीवन में भगवान श्री राम जैसे काम करें और अपने अंदर भगवान श्री राम की छवि को उतारे ये हमारी कोशिश हमेशा से होनी

6:15 चाहिए चलिए तो क्लास को स्टार्ट करते हैं दोस्तों तो आज हम डिस्कस करने वाले हैं इंट्रोडक्शन टू दीन दयाल उपाध्याय कि वो सारे पॉसिबल क्वेश्चन जो आपके कल एग्जाम में छप सकते हैं और जब तक आप लोग की संख्या इस क्लास में बराबर रहेगी संख्या आप लोग की अच्छी रहेगी तब तक की क्लासेस निरंतर चलती रहेंगी चलिए तो क्लास को स्टार्ट करते हैं सबसे पहला क्वेश्चन है आजादी केवल तभी सार्थक हो सकती है जब यह हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का जरिया बनती है यह किसके विचार है दैट मींस फ्रीडम कैन बी मीनिंगफुल ओनली व्हेन इट बिकम अ मीडियम फॉर द एक्सप्रेशन ऑफ आवर कल्चर हुज व्यूज आर दिस तो ये जो विचार है ये पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के है पंडित

7:03 दीनदयाल उपाध्याय जी कहते थे कि आजादी केवल तभी सार्थक है जब हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का जरिया बन जाती है आजादी इसका ऑप्शन डी हो जाएगा ये कथन जो है स्टेटमेंट जो है ये पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का है अगला है क्वेश्चन नंबर सेकंड पंडित जी कृषि के विरुद्ध क्यों थे तो यह क्वेश्चन गलत है पंडित जी कृषि के विरुद्ध नहीं थे पंडित जी हमेशा से कृषि के पक्ष में थे क्योंकि वो जानते थे कि कृषि की वजह से ही हमारे देश की अर्थव्यवस्था में 60 प्र से अधिक आर्थिक मदद मिलती है और हमारे देश में जितनी भी इंडस्ट्रीज होती है जितने भी उद्योग होते हैं उन सभी को रॉ मैटेरियल्स भी एग्रीकल्चर सेक्टर यानी कृषि के माध्यम से ही मिलता है चलिए अगला है क्वेश्चन नंबर सेकंड

7:50 धर्म सर्वोच्च है हमारे राज्य के लिए आदर्श चाहिए यह स्टेटमेंट क्या है धर्म सर्वोच्च है हमारे राज्य के लिए क्या आदर्श चाहिए तो धर्म सर्वोच्च है और हमारे राज्य के लिए धर्म का राज्य चाहिए मतलब हमारा जो राज्य होना चाहिए वो धर्म के अनुसार होना चाहिए इंग्लिश में रिलीजन इज सुप्रीम व्हाट आइडियल इज रिक्वायर्ड फॉर आवर स्टेट दैट इज स्टेट ऑफ रिलीजन रिलीजन तो सुप्रीम है लेकिन जो आइडियल हमें जिस आइडियल की आवश्यकता है वो है स्टेट ऑफ रिलीजन यानी धर्म का राज्य चलिए अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर फोर उपाध्याय जी के अनुसार भारतीय संस्कृति का जीवन दर्शन है तो आपको बार-बार बताया गया उपाध्याय जी के अनुसार भारतीय संस्कृति का

8:36 जो जीवन दर्शन है वो एकात्म मानव दर्शन है इंटीग्रल ह्यूमन फिलोसोफी इज द फिलॉसफी ऑफ लाइफ ऑफ इंडियन कल्चर अकॉर्डिंग टू दीनदयाल उपाध्याय ठीक है चलिए आगे डिस्कस करते हैं क्वेश्चन नंबर फाइव क उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पद पर कार्य किए कब से कब तक तो उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पद पर कार्य किए थे 1967 1967 से 1968 तक 1967 से 1968 तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी वर्क किए थे एस प्रेसिडेंट ऑफ भारतीय जनसंघ चलिए आगे डिस्कस करते हैं क्वे नंबर सेन का दीनदयाल उपाध्याय के अनुसार भारत के

9:21 सामने समस्याएं आने का कारण है ऑप्शन है राष्ट्रीय पहचान की उपेक्षा समाज की पहचान की उपेक्षा सांस्कृतिक पहचान की उपेक्षा इंग्लिश में अकॉर्डिंग टू दन दल उपाध्याय व्ट इज द रीजन बिहाइंड द प्रॉब्लम्स फेसिंग इंडिया यानी कौन-कौन से कारण है जिसकी वजह से इंडिया में प्रॉब्लम्स आ रही है ऑप्शन आपके सामने है इसमें से जो करेक्ट ऑप्शन होगा वो होगा राष्ट्र पहचान की उपेक्षा यानी नेगलेक्ट ऑफ नेशनल आइडेंटिटी हम अपने नेशनल आइडेंटिटी को नेगलेक्ट कर रहे हैं अपनी राष्ट्रीय पहचान को नेगलेक्ट कर रहे हैं उसको इग्नोर कर रहे हैं यही हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या है अकॉर्डिंग टू पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी चलिए अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर सेवन पूंजीवाद किन सिद्धांतों पर खड़ा है तो पूंजीवाद इन

10:06 तीनों सिद्धांतों पर परखर है पहला है सिद्धांत अस्तित्व के लिए संघर्ष दैट इज स्ट्रगल फॉर द एक्जिस्टेंस सर्वोत्तम का अस्तित्व यानी बेस्ट सर्वाइवल एंड इंडिविजुअल राइट्स यानी व्यक्तिगत अधिकार तो ये सभी के सभी प्रिंसिपल्स है जिस पर कैपिट जम यानी पूंजीवाद स्थापित किया गया है पूंजीवाद का आधार है चलिए आगे डिस्कस करते हैं क्वेश्चन नंबर एट को किसके विचार है जब अंग्रेज हम पर राज कर रहे थे तब हमने उनके विरोध में गर्व का अनुभव किया लेकिन हैरत की बात यह है कि अब अंग्रेज चले गए हैं पश्चिमीकरण प्रगति का पर्याय बन गया है मतलब यह कहा जा रहा है कि जब हमारे देश में अंग्रेज हम पर राज करते थे तो हम जब अंग्रेजों से लड़ते थे तो हमें गर्व का

10:53 अनुभव होता था लेकिन आज अंग्रेज तो हमें छोड़ के चले गए हैं लेकिन जो वेस्टर्न कल्चर है वो धीरे-धीरे हमारे देश के यूथस में हमारे देश के नौजवानों में आगे बढ़ रहा है हमारे देश के नौजवानों में फैल रहा है इसको लेकर स्टेटमेंट किसने दिया था तो स्टेटमेंट पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने दिया था इसका ऑप्शन हो जाएगा डी दैट इज पंडित दीनदयाल उपाध्याय अगला है क्वेश्चन नंबर नाइन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रमुख पत्रिकाएं कौन सी थी तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रमुख पत्रिकाओं में राष्ट्रधर्म भी आता है पंचजन्य भी आता है और स्वदेश भी आता है यानी पंडित दीन देल उपाध्याय की ये तीनों पत्रिकाए जो थी वो प्रमुख पत्रिकाओं में से थी राष्ट्र धम पंचजन्य और स्वदेश इंग्लिश में व्हाट वर द मेजर मैगजीन ऑफ पंडित दीनद्याल उपाध्याय तो जो मेजर मैगजीन थी पंडित दनल उपाध्याय

11:39 की उसम नेशनल रिलीजन भी आता है उसमें पंचजन्य भी आता है उसमें होम कंट्री भी आता है ये सभी के सभी उनके प्रमुख पत्रिकाओं में आते हैं चलिए अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर दनल उपाध्याय के प्रमुख विचार थे तो दनल उपाध्याय के जो प्रमुख विचार थे उसमें से पहला विचार था हिंदू वाद की अव अवधारणा समानता की अवधारणा सनातन धर्म संस्कृति के पक्षधर यानी वो हिंदुइज्म के कांसेप्ट में विश्वास रखते थे वो इक्वलिटी यानी समानता में विश्वास रखते थे और वो सनातन धर्म के संस्कृति को प्रमोट करते थे ये सभी की सभी जो विचारधाराएं थी वो दीनदयाल उपाध्याय के थे चलिए इसका ऑप्शन डी हो जाएगा उपरोक्त सभी अगला है क्वेश्चन नंबर 12 दीनदयाल ने विश्व को कौन सा सिद्धांत दिया जो संपूर्ण

12:25 मानव जाति के लिए चिंतन है तो दीनदयाल उपाध्याय जी ने एक सबसे इंपॉर्टेंट जो सिद्धांत दिया है जो पूरे विश्व के लिए चिंतन का विषय है वह है एकात्म मानव दर्शन दैट इज इंटीग्रल ह्यूमन फिलोसोफी इंटीग्रल ह्यूमन फिलोसोफी इज सच काइंड ऑफ फिलॉसफी चच हैज बिकम अ थॉट फॉर द वर्ल्ड वो एक पूरे विश्व के लिए विचार बन गया है कौन सा विचार है इंटीग्रल ह्यूमन फिलोसोफी का विचार एकात्म मानव दर्शन का विचार अगला क्वेश्चन नंबर 13 दिन देल उपाध्याय के किस ने किसका लक्ष्य बनाकर जीवन भर कार्य किया तो दीनदयाल उपाध्याय ने दो चीजों को लक्ष्य बनाया था राष्ट्र निर्माण दैट इज नेशन कंस्ट्रक्शन नेशन बिल्डिंग और समाज सेवा तो राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा यही दो मकसद थे जिनके लिए दीनद्याल उपाध्याय

13:13 जी जीवित े जिनके लिए दन दन दयाल उपाध्याय जी काम करते थे इसका ऑप्शन हो जाएगा डी ए और बी ये दोनों के दोनों ऐसे मकसद थे ये दोनों के दोनों ऐसे लक्ष्य थे जिसके लिए दनल उपाध्याय जी काम करते थे अगला क्वेश्चन नंबर 14 उपाध्याय भारी उद्योगों के खिलाफ थे क्योंकि मतलब उपाध्याय भारी उद्योगों के खिलाफ क्यों थे क्योंकि जो भारी उद्योग होते हैं उसमें प्रत्येक बड़े काम के के लक्ष्य के प्रतिकूल होते हैं इनकी उत्पादन व प्रबंध प्रणाली जटिल होती है और यह पूंजी प्रधान होते हैं दैट मींस उपाध्याय वाज अगेंस्ट द हैवी इंडस्ट्रीज बिकॉज दिस इज कंटरी कांट्रेरी टू द गोल ऑफ एवरी मेजर वर्क एंड देर प्रोडक्शन एंड मैनेजमेंट सिस्टम इज कॉम्प्लेक्शन इंट ये सभी के सभी कारण थे जिनकी वजह से जो दन उपाध्याय जी थे वो

13:59 बड़े उद्योगों यानी भारी उद्योगों के खिलाफ रहते थे चलिए अगला क्वेश्चन नंबर 15 दनल उपाध्याय जी ने किस वर्ष में लखनऊ में राजनीतिक सम्मेलन का आयोजन किया था तो दनल उपाध्याय जी ने 21 सितंबर 1951 में लखनऊ में एक राजनीतिक सम्मेलन का उद्घाटन किया था आयोजन किया था सॉरी याद रखिएगा 21 सितंबर 1951 को दनल उपाध्याय जी ने लखनऊ में एक राजनीतिक सम्मेलन यानी एक पॉलिटिकल कान्फ्रेंस को ऑर्गेनाइज किया था कब ऑर्गेनाइज किया था 21 सितंबर 1951 याद रखिएगा लखनऊ में जो पोलिटिकल कान्फ्रेंस ऑर्गेनाइज किया गया था पंडित दीनद्याल उपाध्याय जी के द्वारा वो 21 सितंबर 1951 यानी 21 सितंबर 1951 को किया गया था अगला

14:46 क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 16 उपभोग वाद स्पर्धा वाद व वर्ग संघर्ष का आधार है यानी व्हाट इज द बेसिस ऑफ कंज्यूमर जम कंपटीशन एंड क्लास स्ट्रगल तो कंज्यूम जम कंपटीशन और क्लास स्ट्रगल का जो बेसिस है जो आधार है वह है अनियंत्रित उपभोग अनकंट्रोल्ड कंजमेट दनल उपाध्याय जी की अर्थ संस्कृति का सूत्र निम्नलिखित में से नहीं है तो असमान वितरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की अर्थ संस्कृति का सूत्र नहीं है अनइक्वल डिस्ट्रीब्यूशन इज नॉट अ फार्मूला फॉर द अर्थ संस्कृत ऑफ पंडित दीन दयाल उपाध्याय याद रखिएगा पंडित दन उपाध्याय जी हमेशा से समानता में विश्वास रखते थे इक्वलिटी में

15:32 बिलीव करते थे व ऊंच नीच बड़े छोटे में विश्वास नहीं रखते थे अगला क्वेश्चन नंबर 18 पंडित जी किसकी सहायता में से आरएसएस में सम्मिलित हुए तो पंडित जी दो लोगों की सहायता से आरएसएस में सम्मिलित हुए थे वो दो लोग कौन-कौन से थे तो पहले थे भाऊराव जुगाड़े जुगाड़े सॉरी और नाना जी देशमुख तो भाऊराव जुगा दे और नाना जी देशमुख के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी आरएसएस आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जवाइन किए थे उसके सदस्य बने थे अगला है क्वेश्चन नंबर 19 दनल उपाध्याय ने अपने विचारों में कृषि को विशेष स्थान दिया है क्योंकि यह क्वेश्चन कल करवाया गया था इसको ते हां अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नं 20 य नहीं करवाया गया था दिन दल के अनुसार

16:18 आजादी सार्थक तभी हो सकती है जब हमारी तो दिन दल उपाध्याय जी के लिए के अनुसार आजादी तभी सार्थक हो सकती है जब हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बन जाए हमने आपको ऑलरेडी बता रखा है कि जब आजादी संस्कृति का अभिव्यक्ति का साधन बन जाती है तभी आजादी सार्थक मानी जाती है तभी आजादी सार्थक मानी जाती है जब वो आजादी संस्कृति की अभिव्यक्ति का एक साधन बन जाती है इंग्लिश में व्हेन डज द फ्रीडम बिकम मीनिंगफुल तो फ्रीडम मीनिंगफुल तब बनता है व्हेन व्हेन द स्पिरिट ऑफ सॉरी इसका हो जाएगा व्हेन वी बिकम अ मींस ऑफ एक्सप्रेशन व्हेन लिबर्टी बिकम अ मींस ऑफ एक्सप्रेशन ऑफ कल्चर देन द लिबर्टी दैट इज फ्रीडम

17:04 बिकम मीनिंगफुल चलिए आगे डिस्कस करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की क्वेश्चन नंबर 21 पंडित दनल उपाध्याय के अनमोल विचार कौन-कौन से थे तो पंडित दीनद्याल उपाध्याय के अनमोल विचार में से पहला विचार था हमारी राष्ट्रीयता का आधार भारत माता है द बेसिस ऑफ आवर नेशनलिटी इज मदर इंडिया दिस वाज द प्रेशियस थॉट ऑफ पंडित दनल उपाध्याय पंडित दनल उपाध्याय जी कहते थे कि हमारी जो राष्ट्रीयता है हमारी जो नेशनलिटी है उसका बेस मदर इंडिया है दैट इज भारत माता है अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर टू 22 किसने कहा है कि भारतीय संस्कृति के एकरूप दर्शन में एकात्म अर्थनीति तीसरा विकल्प बन सकता है तोय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा है

17:51 क्योंकि एकात्म मानववाद का एकात्म मानव दर्शन का इंटीग्रल ह्यूमन फिलोसोफी का जो कांसेप्ट है वो पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने ही दिया है चलिए अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर थ्री दीनदयाल जी के अनुसार मानव की प्रगति क्या है तो दीनदयाल जी के अनुसार मानव की प्रगति का मतलब है अर्थ शरीर का प्रगति मन बुद्धि की प्रगति आत्मा की प्रगति अकॉर्डिंग टू दीन देल उपाध्याय व्हाट इज द ह्यूमन प्रोग्रेस तो ह्यूमन प्रोग्रेस को हम अर्थ बॉडी प्रोग्रेस के माध्यम से नापते हैं प्रोग्रेस ऑफ माइंड एंड इंटेलेक्ट के माध्यम से मापते हैं और प्रोग्रेस ऑफ द सोल के माध्यम से नापते हैं आज हमारे समाज में लोग प्रोग्रेस का मतलब क्या समझते हैं कि कोई इंसान अगर पैसा कमा रहा है तो प्रोग्रेस कर रहा है लेकिन पंडित दनल उपाध्याय जी कहते थे कि

18:36 प्रगति का मतलब होता है जब अर्थ शरीर का प्रगति होता है जब मन बुद्धि का प्रगति होता है जब आत्मा की प्रगति होती है तभी ऐसा माना जाता है कि इंसान की सम सर्वांगीण प्रगति हो रही है उसका सर्वांगीण विकास हो रहा है उसका ओवरऑल डेवलपमेंट हो रहा है उसका ऑप्शन डी हो जाएगा ल ऑफ दीज ये सभी के सभी आपके प्रगति के लिए जरूरी होते हैं अगला क्वेश्चन नंबर फोर पूंजीवाद कितने सिद्धांतों पर टिका हुआ है तो पूंजीवाद चार सिद्धांतों पर टिका हुआ है फोर प्रिंसिपल्स पे आपका जो कैपिट जम है वो बेस्ड है अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर फ सनातन धर्म कॉलेज में उनकी मित्रता किससे हुई थी तो सनातन धर्म कॉलेज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जो मित्रता थी वो दो लोगों से हुई थी पहले थे बलवंत

19:23 महाशब्दे ध्यान से पंडित दीन देल उपाध्याय जी की सनातन धर्म लेज में किससे मित्रता हुई थी तो बलवंत महाशब्दे से मित्रता हुई थी और सुंदर सिंह भंडारी से मित्रता हुई थी तो ये दो लोग थे जिनसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की फ्रेंडशिप हुई थी कहां पे सनातन धर्म कॉलेज में किनसे किन से हुई थी बलवंत महाशब्दे और सुंदर सिंह भंडारी याद रखिएगा ये दो लोग थे जिनसे पंडित दीन देल उपाध्याय जी की मित्रता यानी फ्रेंडशिप हुई थी अगला क्वेश्चन नंबर सिक्स 26 जन संघ सिद्धांत और नीति किसकी पुस्तक है तो भाई हम लोग पढ़ रहे हैं पंडित दीनद्याल उपाध्याय जी के के विषय में तो जाहिर सी बात है इस बुक के राइटर भी वही होंगे तो पंडित दनल उपाध्याय जी की ये बुक है बुक का नाम क्या है जनसंघ सिद्धांत और नीति जनसंघ सिद्धांत और नीति जो है यह पंडित

20:09 दनल उपाध्याय जी की पुस्तक है तो इसका ऑप्शन हो जाएगा डी दैट इज पंडित दीनदयाल उपाध्याय अगला क्वेश्चन नंबर सेवन दीनदयाल ने मानवीय स्वभाव की प्रवृत्तियां बताई है तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने ह्यूमन नेचर की टेंडेंसी को कैसे कैसे बताया तो पंडित दनल उपाध्याय जी ने बताया है कि जो ह्यूमन नेचर है उसमें कौन-कौन सी टेंडेंसी होती है उसमें क्रोध होता है लालच होता है प्यार होता है बलिदान होता है घृणा होती है और नफरत होती है ठीक है ऑप्शन ए है क्रोध और लालच एक हाथ प्यार और बलिदान दूसरे हाथ घृणा और नफरत दोनों हाथ तोय सभी के सभी सॉरी ए और बी क्रोध और लालच एक हाथ प्यार और बलिदान दूसरे हाथ यह दोनों जो

20:56 मानवीय गुण है जो मानवीय स्वभाव गुण नहीं मानवीय स्वभाव है उसके विषय में दनल उपाध्याय जी ने बताया क्या बताया है क्रोध और लालच एक हाथ और प्यार और बलिदान दूसरे हाथ मतलब एक हाथ में हमारे पास क्रोध है लालच है तो दूसरे हाथ में हमारे पास प्यार है और बलिदान है तो ह्यूमन नेचर की टेंडेंसीज है इंग्लिश में दिन देल हैज डिस्क्राइब द टेंडेंसी ऑफ ह्यूमन नेचर एंगर एंड एग्रीड गो हैंड इन हैंड लव एंड सैक्रिफाइस सेकंड हैंड इसका ऑप्शन हो जाएगा बोथ ए एंड बी ये दोनों के दोनों आपके मानवीय स्वभाव की प्रवृत्तियों में आती है अकॉर्डिंग टू दिनद्याल उपाध्याय अगला क्वेश्चन नंबर ए 28 सॉरी एकात्म मानव दर्शन में किस संस्था का बहुत महत्व है तो

21:41 एकात्म मानव दर्शन में हमने आपको ऑलरेडी बताया कि फैमिली इंस्टिट्यूशन का परिवार संस्था का सबसे ज्यादा महत्व है इन इन इंटीग्रल ह्यूमन फिलोसोफी द फैमिली इंस्टिट्यूशन प्लेज अ वेरी वेरी वेरी वाइटल रोल कौन प्ले करता है वाइटल रोल फैमिली इंस्टिट्यूशन दैट इज परिवार संस्था अगला क्वेश्चन नंबर नाइन भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन थे तो भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष थे वो डॉकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे इसका ऑप्शन हो जाएगा ए डॉकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी क्या क्वेश्चन पूछा गया कि भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन थे तो भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे इंग्लिश में हु वाज द फर्स्ट नेशनल प्रेसिडेंट ऑफ भारतीय जनसंघ सो द फर्स्ट नेशनल

22:27 प्रेसिडेंट भारतीय जनसंघ वाज डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 10 ट इज क्वेश्चन नंबर 30 किसके बिना व्यक्ति का मूल्य शून है शून्य है विदाउट म द वैल्यू ऑफ पर्सन इ जीरो तो बिना एग्रीगेट के विदाउट एग्रीगेट द वैल्यू ऑफ ह्यूमन इज जीरो इंसान का जो मूल्य है वो शून्य है समष्टि के बिना विदाउट एग्रीगेट अगला क्वेश्चन नंबर 31 पंडित दनल उपाध्याय थे तो पंडित दनल उपाध्याय एक गंभीर दार्शनिक थे और एक गहन विचारक थे क्या थे पंडित दनल उपाध्याय वो एक गंभीर दार्शनिक थे यानी वो एक सीरियस फिलोसोफर थे और वो एक गहन विचारक थे एक डीप थिंकर थे ये दोनों की दोनों विशेषताएं ये दोनों की दोनों खासियत पंडित दनल उपाध्याय जी के

23:14 अंदर थी अगला क्वेश्चन नंबर 32 उपाध्याय जी के अनुसार अर्थव्यवस्था का आधार क्या होना चाहिए तो उपाध्याय जी के अनुसार अर्थव्यवस्था का जो आधार होना चाहिए वो ग्राम यानी गांव और जनपद यानी जिला होना चाहिए अकॉर्डिंग टू उपाध्याय वट द बेसिस ऑफ इकोनॉमी सो द बेसिस ऑफ इकोनॉमी अकॉर्डिंग टू उपाध्याय शुड बी ग्राम ट इ विलेज एंड डिस्ट्रिक्ट दिस बोथ शुड बी द बेसिस ऑफ इकोनॉमी अकॉर्डिंग टू दल उपाध्याय अगला क्वेश्चन न 33 मानव प्रकृति में दोनों प्रकृति रही है एक तरफ क्रोध और लोभ तो दूसरी तरफ प्रेम और त्याग यह किसका कथन है तो हमने लडी देखा है यह पंडित दनल उपाध्याय जी का कथन है उन्होंने बताया है कि जो मूलभूत मानवीय अ गुण जो मूलभूत मानवीय नेचर होता है जो आपका प्रकृति होता

24:01 है मानव का जो प्रकृति होता है वह क्या होता है उसके विषय में उन्होंने बताया है कि एक हाथ में अगर क्रोध और लोभ है तो दूसरी हाथ में प्रेम और त्याग यानी प्रेम और बलिदान होता है अगला है क्वेश्चन नंबर 34 दीनदयाल के अनुसार किसको सुदी किए बिना देश की औद्योगीकरण नहीं हो सकती है तो अकॉर्डिंग टू दीनदयाल उपाध्याय द कंट्री कैन नॉट बी इंडस्ट्रियलिज्म होम तो बिना कृषि के विकास के बिना एग्रीकल्चर के डेवलपमेंट के कभी भी इंडस्ट्रियल इजेशन इंडिया में प्रमोट नहीं हो सकता है क्योंकि जब तक कृषि आगे नहीं बढ़ेगा जब तक एग्रीकल्चर सेक्टर आगे नहीं बढ़ेगा तब तक इंडस्ट्रीज के लिए रॉ मटेरियल नहीं मिल पाएंगे और जब तक इंडस्ट्रीज के लिए रॉ मटेरियल नहीं मिल पाएंगे तब तक इंडस्ट्रीज प्रोडक्शन नहीं कर पाएंगी यानी इंडस्ट्रियस हो ही नहीं पाएगा अगर एग्रीकल्चर सेक्टर का डेवलपमेंट

24:47 अगर कृषि क्षेत्र का विकास नहीं होता है चलिए आगे डिस्कस करते हैं एकात्म मानव दर्शन किसने दिया तो आप सभी लोग जानते हैं इंटीग्रल ह्यूमन फिलॉसफी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी ने दिया है एकात्म मानव दर्शन को अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 36 पूंजीवाद एवं साम्यवाद व्यवस्थाओं से ग्रसित विश्व की पंडित जी ने कौन सा सिद्धांत दिया तो एक ऐसा विश्व जो पूंजीवाद और साम्यवाद दैट मींस द द वर्ल्ड वच इज सफरिंग फ्रॉम द कैपिट जम एंड कम्युनिज्म उसके लिए उन्होंने एक प्रिंसिपल दिया था उस प्रिंसिपल का नाम क्या था उस प्रिंसिपल का नाम था इंटीग्रल ह्यूम निज्म यानी एकात्म मानववाद चलिए इंटीग्रल ह्यूमन फिलोसोफी थरी दी थी पंडित

25:34 दीन देल उपाध्याय जी ने किस विश्व के लिए एक ऐसे विश्व के लिए जो कैपिट ज्म और कम्युनिज्म यानी पूंजीवाद और साम्यवाद से ग्रसित है ऐसे विश्व के लिए ये सिद्धांत दिया गया था अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 17 उपाध्याय की अर्थ संस्कृति का सूत्र क्या था तो उपाध्याय की अर्थ संस्कृति के सूत्र में ये तीनों चीजें आती हैं पहला है अपर मात्रिक उत्पादन यानी नॉन क्वांटिटेशन प्रोडक्ट वितरण दैट इज डिस्ट्रीब्यूशन और संयमित उपभोग यानी मॉडरेट कंजमेट संस्कृति के सूत्र में आती है इसका ऑप्शन डी हो जाएगा उपरोक्त सभी ऑल ऑफ दीज अगला क्वेश्चन नंबर 18 पंडित जी द्वारा लिखित पुस्तक कौन सी है तो पंडित जी द्वारा लिखित पुस्तक में से तीन पुस्तकें जो दी गई है वो सभी के सभी है

26:19 पहला पुस्तक है चंद्रगुप्त मौर्य यह भी पंडित दनल उपाध्याय जी ने लिखा है अखंड भारत ये पुस्तक भी पंडित दनल उपाध्याय जी ने लिखा है और टेम्स और विश्वासघात इंग्लिश में थम्स रबरी एंड बेटल यह बुक भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के द्वारा लिखा गया है सभी के सभी जो पुस्तक है य पंडित दनल उपाध्याय जी के दवारा लिखी गई है इस ऑप्शन हो जाएगा ल ऑय सभी के सभी पुस्तक इनके द्वारा लिखी गई है अगला क्वे नंबर जगतगुरु शंकराचार्य किसकी रचना है तो जगतगुरु शंकराचार्य भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की रचना है क्वेश्चन नंबर पंडित दनल उपाध्याय क्या नहीं थे तो पंडित दनल उपाध्याय भारत के प्र प्रधानमंत्री नहीं थे व भारतीय जनसंघ के नेता भी थे व अर्थशास्त्री यानी इकोनॉमिस्ट भी थे और वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक भी थे

27:05 तो याद रखना है आपको पंडित दनल उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के नेता भी थे पंडित दनल उपाध्याय जी एक अर्थशास्त्री यानी इकोनॉमिस्ट भी थे और पंडित दनल उपाध्याय जी आरएसएस के थिंकर थे यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक थे इंग्लिश में व्हाट वाज पंडित दीन देल उपाध्याय नॉट तो पंडित दीन देल उपाध्याय वाज नॉट द प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया वो भारत के प्रधानमंत्री नहीं थे इसके अलावा वो भारतीय जनसंघ के लीडर भी थे वो इकोनॉमिस्ट भी थे वो थिंकर भी थे आरएसएस के आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अगला क्वेश्चन नंबर 41 पंडित दनल उपाध्याय पर डाक टिकट कब जारी हुआ तो पंडित दल उपाध्याय प जो डाक टिकट जारी हुआ था वो 1978 यानी 1978 में जारी हुआ था कब जारी हुआ था पंडित दीन देल उपाध्याय प जो

27:51 डाक टिकट जो पोस्ट टिकट पोस्ट ऑफिस का टिकट जारी हुआ था वो कब जारी हुआ था 1978 में क्वेश्चन शायद पिछली बार पूछा गया था याद रखिएगा पंडित दनल उपाध्याय जी पर पोस्टल स्टम कब जारी हुआ था तो पंडित दनल उपाध्याय जी पर जो पोस्टल स्टैंप जारी हुआ था वो 1978 यानी 1978 में जारी हुआ था अगला क्वेश्चन नंबर 42 राष्ट्र धम मासिक पत्रिका के प्रथम संपादक कौन थे तो राष्ट्र धम मासिक पत्रिका के प्रथम संपादक अटल बिहारी वाजपेई थे कौन थे अटल बिहारी वाजपेई वाज द फर्स्ट वाज द फर्स्ट एडिटर ऑफ राष्ट्रधर्म मंथली मैगजीन पहला क्वेश्चन ये बन सकता है कि जो राष्ट्रधर्म पत्रिका थी वो कैसी पत्रिका थी तो राष्ट्र धर्म पत्रिका एक मासिक प पत्रिका थी और इसके प्रथम संपादक

28:38 कौन थे तो इसके प्रथम संपादक अटल बिहारी वाजपेई थे जो हमारे देश के पहले प्राइम मिनिस्टर भी पहले नहीं मतलब हमारे देश के प्राइम मिनिस्टर भी रह चुके हैं अगला क्वेश्चन नंबर 43 पंडित दनल उपाध्याय जी ने राष्ट्र धम नामक मासिक पत्रिका की शुरुआत कब की तो पंडित दीन दल उपाध्याय जी ने राष्ट्रधर्म नामक पत्रिका की शुरुआत 1947 में की थी 1947 में की थी अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 44 जगतगुरु शंकराचार्य किसकी रचना है तो जगतगुरु शंकरा शंकराचार्य पंडित दीन देल उपाध्याय जी की रचना है इसका ऑप्शन डी हो जाएगा अगला है क्वेश्चन नंबर फाइव जैसे 45 राष्ट्र धर्म प्रकाशन लिमिटेड कब स्थापित हुआ तो राष्ट्रधर्म प्रकाशन लिमिटेड 1947 यानी 1947 में इब्लिस हुआ था चलिए अगला है

29:24 क्वेश्चन नंबर 46 प्रख्यात चिंतक पंडित दनल उपाध्याय जी का जन्म कब हुआ था तो प्रख्यात चिंतक ट इज फेमस थिंकर पंडित दीन देल उपाध्याय जी का जो जन्म हुआ था वो 25 सितंबर 1916 को हुआ था कब हुआ था 25 सितंबर 1916 को उनका जन्म हुआ था तो इसका ऑप्शन हो जाएगा सी 25 सितंबर 1916 1916 याद रखिएगा 25 सितंबर 1916 को पंडित दीन देल उपाध्याय जी का जन्म हुआ था आगे बात करते हैं क्वेश्चन नंबर सेवन की दनल उपाध्याय का जन्म निम्नलिखित में से किस जिले में हुआ था तो दन उपाध्याय जी का जन्म जो हुआ था वो मथुरा जिले में हुआ था इसका ऑप्शन ए हो जाएगा मथुरा जिले में चलिए अगला क्वेश्चन नंबर एट 48 सॉरी पंडित दीन दलो उपाध्याय अखिल भारतीय जनसंघ के

30:09 महामंत्री कब बने तो पंडित दीन दलो उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के महामंत्री बने थे 1952 में 1952 में क्वेश्चन नंबर 59 है 49 है पंचजन्य एक पत्रिका थी तो पंचजन्य एक साप्ताहिक पत्रिका थी एक वीकली मैगजीन थे याद रखिएगा पंच जन एक वीकली मैगजीन थी साप्ताहिक पत्रिका थी क्वेश्चन न 50 है निम्नलिखित में से कौन सा एकात्म मानववाद का प्रतिपादक था तो एकात्म मानववाद यानी इंटीग्रल ह्यूमिज का जो प्रोपोनेंट राइटर थे वो आपके दन देल उपाध्याय जी थे इसका ऑप्शन डी हो जाएगा दीन दयाल उपाध्याय अगला क्वेश्चन ं 51 दीन दयाल उपाध्याय के समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान की अवधारणा को किस नाम से जाना जाता है तो दीनदयाल उपाध्याय के का जो

30:54 सिद्धांत है जिसमें वो समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान करना चाहते हैं उसका ग्रोथ करना चाहते हैं उसको कहा जाता है अंतोदय क्या कहा जाता है दोस्तों उसको अंतोदय कहा जाता है तो अंतोदय के माध्यम से अंतोदय एक ऐसा अवधारणा एक ऐसा अजमन है जिसके माध्यम से पंडित दीन दल उपाध्याय जी समाज के जो सबसे नीचे सबसे पीछे वर्ग के जो लोग हैं उनको आगे लाने की कोशिश करते हैं पंडित दल उपाध्याय जी चलिए अगला क्वेश्चन नंबर 52 दीनदयाल उपाध्याय किस धर्म के अनुयाई थे तो दीनदयाल उपाध्याय जी सनातन धर्म यानी हिंदू धर्म के अनुय चलिए तो दनल उपाध्याय जी किस धर्म के अनुय थे वो सनातन धर्म के फॉलोअर थे सनातन धर्म के अनुयाई थे अगला क्वेन 53 राष्ट्र धम राष्ट्र जीवन की दिशा

31:40 नामक पुस्तक किसने लिखा है तो राष्ट्र जीवन की दिशा यह जो पुस्तक है यह दीन देल उपाध्याय जी ने लिखा है इंग्लिश में राष्ट्र जीवन की दिशा जो बुक है वह पंडित दीन देल उपाध्याय जी ने लिखा है क्वेश्चन नंबर 54 निम्नलिखित में से किस दैनिक समाचार पत्र के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी जुड़े थे तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी स्वदेश नामक दैनिक समाचार पत्र से जुड़े थे उसका ऑप्शन डी हो जाए ए हो जाएगा स्वदेश अखिल भारतीय जनसंघ का संस्थापक कौन था तो अखिल भारतीय जनसंघ का संस्थापक आपको ऑलरेडी बताया गया है डॉक श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे और यही अखिल भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने थे य वाज द फर्स्ट नेशनल प्रेसिडेंट ऑफ अखिल भारतीय जनसंघ कौन डॉक श्यामा प्रसाद मुखर्जी

32:29 क्वेश्चन नंबर 16 है पांच जन्य का प्रथम अंक कब प्र प्रकाशित हुआ तो पांच जन का जो प्रथम अंक था वो 14 जनवरी 1948 14 जनवरी 1948 में पंच जन्य का जो फर्स्ट पब्लिकेशन था वह पब्लिश हुआ था अगला क्वेश्चन ं 57 पांच जन्य का प्रथम संपादक कौन था तो पांच जन्य का जो प्रथम संपादक थे व अटल बिहारी वास्प थे इसका ऑप्शन सी हो जाएगा अटल बिहारी वास्प क्वेश्चन नंबर 18 दीनदयाल की औद्योगिक नीति से संबंधित अवधारणा में निम्नलिखित में से कौन सा तत्व सम्मिलित नहीं था तो दीनदयाल उपाध्याय जी की जो औद्योगिक नीति जो उनकी इंडस्ट्रियल पॉलिसी थी उसमें रिलेशनशिप यानी संबंध को नहीं रखा गया था उसमें मशीनस भी थी उसमें करेंसी भी थी उसम मैन भी था उसम मटेरियल

33:15 भी था लेकिन उसमें संबंध यानी रिलेशनशिप को नहीं रखा गया था क्वेश्चन नंबर 59 दनल उपाध्याय की मृत्यु निम्न में से किस स्थान पर हुई थी तो आप सभी को पता होगा सराय रेलवे स्टेशन पर बड़े ही रहस्यमय तरीके से पंडित दीन देल उपाध्याय जी की मृत्यु हो जाती है और आज तक इस बात का पता नहीं लगाया जा सकता कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की मृत्यु किस कारण वश हुई थी उसका आज भी पता नहीं लगाया जाए नहीं लगाया गया है और य एक रहस्यमय मृत्यु थी पंडित दल उपाध्याय जी जो हमारे देश के बहुत अच्छे थिंकर थे वो शायद अगर हमारे बीच आज होते तो हमारे देश की दशा और दिशा कुछ और ही होती चलिए अगला है क्वेश्चन नंबर 60 राष्ट्र धम

34:01 किस तरह की पत्रिका थी तो राष्ट्रधर्म एक मासिक पत्रिका थी आपको बताया गया है ऑलरेडी राष्ट्र धम एक मासिक मंथली मैगजीन था चलिए तो यह थे आपके 60 क्वेश्चंस जो सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट आप सभी के लिए इसके पहले कल भी आपकी एक लाइव क्लास की गई थी जिसमें आपको मोस्ट इंपॉर्टेंट क्वेश्चन कराए गए थे और आज की भी एक लाइव क्लास की गई है और यह लाइव क्लास अभी बंद नहीं हो रही है लेट मी टेल यू वंस अगेन दिस लाइव क्लास इज नॉट गोइंग टू एंड नाउ ये लाइव क्लास अभी और चलेगी बस आपको पूरी शिद्दत के साथ इस लाइव क्लास में बने रहना है और जो संख्या है वो संख्या कम नहीं होनी चाहिए और अभी मैं शुभम सर को बुलाना चाहूंगा शुभम सर आए और बाकी जो बच्चों को गाइडेंस देना है कल के एग्जाम के लिए आप सर कृपा करके सर आए शुभम सर आए सर बाकी जो ऑलरेडी आपको

34:51 प्लेलिस्ट प्रोवाइड किया गया है इंट्रोडक्शन टू दनल उपाध्याय उसको आपको आज रात को खत्म कर लेना है कल पेपर है बहुत आराम किया आपने काफी गैप मिला आपको और आज आपके पास समय है थोड़ा सा मेहनत करके सारे वीडियोस को देख लीजिएगा ताकि आपके 50 के 50 क्वेश्चन कल बिल्कुल सही हो कोई भी क्वेश्चन गलत नहीं हो अब माइनर का मतलब यह नहीं है कि इस क्वेश्चन इस पेपर में आपको कम सिक्योर करना है इसमें भी आप अच्छा सिक्योर करिए ताकि आपका जो ओवरऑल परसेंटेज बनेगा व जो सीजीपीए बनेगा वो काफी अच्छा बनेगा ठीक है सर आए शुभम सर बाकी हम शुभम सर से दरख्वास्त करना चाहेंगे कि आए और थोड़ा बच्चों को गाइड करें और बताएं कि कल के एग्जाम में क्या रणनीति होनी चाहिए क्या स्ट्रेटजी होनी चाहिए उनकी कैसे उनको कल के एग्जाम को टैकल करना है कैसे उनको एग्जाम को हैंडल

35:37 करना है य सारी चीजें शुभम सर आए और बिल्कुल सर तो देखिए अ स्टूडेंट्स अभी आप लोग जुड़े हुए थे तो काफी अच्छा लगा कितने ज्यादा सपोर्ट आप लोग किए हो अभी आप लोग के लिए एक अच्छी अनाउंसमेंट आप लोग के लिए अच्छी चीजें बता द आप लोगों को कि आप लोग परेशान रहे सर पीडीएफ इसका कैसे मिलेगा मैं पीडीएफ बहुत एप्लीकेशन पे चेक किया हूं लेकिन कहीं पीडीएफ दिख नहीं रही ठीक है पीडीएफ के लिए आपको कुछ भी नहीं करना ये टारगेट ग मोबाइल ऐप आपके पास होगा या फिर मैंने कमेंट बॉक्स में पिन कर दिया एप्लीकेशन की लिंक उसको आप जाके एप्लीकेशन से डाउनलोड कर लो ठीक है डाउनलोड करने के बाद क्या करना है कि आप जैसे ही ऐप डाउनलोड करोगे तो यहां पे आपको ऑप्शन पूछेगा सेमेस्टर एग्जाम की तैयारी करनी है या एंट्रेंस एग्जाम की तो अब सेमेस्टर

36:23 एग्जाम सिलेक्ट करने के बाद आपको यहां पे सिलेबस और प्रीवियस ईयर का ऑप्शन मिल जाएगा ठीक है फ्री ऑफ कॉस्ट इस पे क्लिक करेंगे तो पीडीएफ होंगी जो अभी क्लास में सर कराएंगे और जो करा चुके हैं उसकी आपको पीडीएफ मिल जाएगी तो वहां से जाके सारे एमसी क्यूज आप देख सकते हो ठीक और अगर आप चाहते हो कि जो आपके आने वाले सेमेस्टर है जसे आपका सेकंड सेमेस्टर हो गया फोर्थ सेमेस्टर हो गया उसकी तैयारी करना तो आप लोग का 1 फरवरी से पेड कोर्स पे क्लिक करोगे तो सारे कोर्सेस आपको मिल जाएंगे यहां से बहुत ही मिनिमम कास्ट में अपनी प्रिपरेशन आप कर सकते हो ठीक कोई अगर डाउट हो कुछ चीजें आपको जाननी हो तो यहां पे आपको हेल्प का ऑप्शन मिलेगा हेल्प पे क्लिक करके जो भी आपके सवाल है उसके जवाब आप ले सकते हो ठीक है ये सारे फीचर किए गए हैं जो हमारे सोशल मीडिया के लिंक है आप लिंक पे क्लिक करोगे सारे

37:26 को लाइक नहीं कि हो क्लास को लाइक कर देना ठीक बाकी एप्लीकेशन डाउनलोड कर लो ठीक है और क्लास अभी शुरू हो गई आपकी एप्लीकेशन डाउनलोड करके जो मैंने प्रोसेस बताया उस परे जाओगे तो सारी चीजें आपको मिल जाएंगी ठीक तो सर एक बार क्लास को सर बच्चों कंटिन्यू करिए कि समय काफी नहीं लेना है बच्चों का इसमें तो चलिए स्टूडेंट्स आपकी क्लास को कंटिन्यू करते हैं और एक बार फिर से आप सभी लोग उसी ऊर्जा के साथ इस क्लास में जुड़ जाएंगे जिस ऊर्जा के साथ आप लोग जुड़े थे इससे पहले माकर ऊर्जा किसी बच्चे की कम तो नहीं हुई है ना अगर ऊर्जा कम हो गई हो तो बताइए उस ऊर्जा को बढ़ा दिया

38:24 जाए अभी तो असली मंजिल पाना बाकी है अभी तो असली मंजिल पाना बाकी है अभी तो इरादों का इम्तिहान बाकी है अरे अभी तो तौला है मुट्ठी भर जमीन आपने अभी तो तोलना सारा आसमान बाकी है तो अभी आपने केवल 60 क्वेश्चन को सॉल्व किया है अभी और कम से कम 60 क्वेश्चन हम सॉल्व करेंगे और यह संख्या निरंतर इसी प्रकार से रहनी चाहिए यह आपसे अपील है ठीक है ये संख्या आपकी कम नहीं होनी चाहिए

39:20 स्टूडेंट्स जो भी बीकॉम फर्स्ट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स है जो भी ्र से ऐड नहीं हुए हैं तो सर आपसे मैं अपील करना चाहूंगा कि whatsapp2 3000 अधिक से अधिक बच्चे [संगीत] सेकंड सेमेस्टर के लिए स्टार्ट की जाएंगी चलिए तो क्वेश्चन को स्टार्ट करते हैं बाकी आपने अभी तक केवल एमसीक्यू एमसीक्यू एमसीक्यू सॉल्व किए थोड़ा सा नए तरीके से

40:06 मैंने शुभम सर से कहा था कि सर थोड़ा नए तरीके से पीडीएफ बच्चों को प्रोवाइड किया जाए और ये नए तरीके से आप लोग हम क्वेश्चन डिस्कस करेंगे इसमें से ध्यान से देखिएगा पहला क्वेश्चन है पंडित दीन दल उपाध्याय जी का जन्म कब हुआ था तो पंडित दीन दल उपाध्याय जी का जो जन्म हुआ था वो 25 सितंबर 1916 को हुआ था पंडित दीन देल उपाध्याय जी वाज बर्न इन बर्न ऑन 25 सितंबर 196 चलिए अगला है क्वेश्चन नंबर टू पंडित ददल उपाध्याय जी के संघ संघ के प्रचारक कब बने थे तो व्हेन डिड पंडित दनल उपाध्याय जी बिकम द प्रीचर ऑफ उपाध्याय संघ तो पंडित दनल उपाध्याय जी संघ के प्रचारक बने थे उपाध्याय संघ के प्रचारक बने थे जुलाई 1942 में याद रखिएगा पंडित दनल उपाध्याय जी उपाध्याय संघ के प्रचारक बने थे जुलाई 1942 में जुलाई 1942 में

40:52 पंडित दनल उपाध्याय जी प्रीचर बने थे किसके प्रीचर बने थे उपा अध्याय संघ के टीचर बने थे प्रचारक बने थे चलिए अगला क्वेश्चन नंबर थ्री पंडित दनल उपाध्याय जी की माता का नाम क्या था तो पंडित दनल उपाध्याय जी की माता का नाम राम प्यारी देवी था याद रखिएगा द मदर्स नेम ऑफ पंडित दनल उपाध्याय जी वाज राम प्यारी देवी अगला क्वेश्चन नंबर फोर पंडित दनल उपाध्याय जी की प्रसिद्ध रचनाएं कौन सी है तो पंडित दनल उपाध्याय जी की प्रसिद्ध रचनाओं में तीन रचनाएं जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य जगतगुरु शंकराचार्य और अखंड भारत ठीक है अखंड भारत क्यों दैट इज व्हाई यूनाइटेड इंडिया एंपरर चंद्रगुप्त मौर्य एंड जगतगुरु शंकराचार्य ये तीनों के तीनों उनकी प्रमुख रचनाएं हैं याद रखिएगा पंडित दीन दल उपाध्याय जी की

41:38 प्रमुख रचनाएं हैं वो कौन-कौन सी है जगतगुरु शंकराचार्य है सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य है और अखंड भारत क्यों है अगला क्वेश्चन नंबर फाइव उपाध्याय जी की राजनीतिक दलों को कितने भागों में विभाजित किया गया था उपाध्याय जी का जो पॉलिटिकल पार्टी थी उनको चार पार्ट्स में डिवाइड किया गया था याद रखिएगा उपाध्याय जी की जो पॉलिटिकल पार्टी थी उनको चार भागों में डिवाइड किया गया था अगला क्वेश्चन नंबर सिक्स पंडित दीन दल उपाध्याय जी बीटीसी की परीक्षा देने कहां और कब गए थे तो पंडित दीन दल उपाध्याय जी बीटीसी की परीक्षा देने प्रयाग में गए थे कब गए थे 1941 में याद रखिएगा 1941 में प्रयागराज में पंडित दनल उपाध्याय जी बीटीसी की परीक्षा देने के लिए गए थे क्वेश्चन नंबर सेन है पंडित दल

42:25 उपाध्याय जी राष्ट्री स्वयंसेवक संघ के संपर्क में कब आए तो पंडित दीन देल उपाध्याय जी राष्ट्र स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के संपर्क में 1937 में यानी 1937 में आए थे चलिए अगला क्वेश्चन नंबर एट पंडित दनल उपाध्याय जी के पिता का नाम क्या था तो पंडित ददल उपाध्याय जी के पिता का नाम था भगवती प्रसाद क्या नाम था भगवती प्रसाद उपाध्याय पंडित दनल उपाध्याय जी के पिता का नाम था क्वेश्चन नंबर नाइन है भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन थे तो भारतीय जनसंघ के प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी वास द फर्स्ट नेशनल प्रेसिडेंट ऑफ भारतीय जनसंघ क्वेश्चन नंबर 10 है मानव की संभावित प्रवृत्ति क्या है तो मानव की संभावित प्रवृत्ति है जीवित रहने की इच्छा

43:12 विलिंग टू सरवाइव विलिंग टू सरवाइव इज द पॉसिबल टेंडेंसी ऑफ ह्यूमन बीइंग याद रखिएगा पॉसिबल टेंडेंसी ऑफ ह्यूमन बीइंग अकॉर्डिंग टू दनल उपाध्याय वास जीवित रहने की इच्छा विलिस टू सरवाइव क्वेश्चन नंबर 11 है उपाध्याय जी के अनुसार आर्थिक प्रजातंत्र का मापदंड क्या है उपाध्याय जी के अनुसार आर्थिक प्रजातंत्र का मापदंड है प्रत्येक को काम का अधिकार एवरीवन हैज राइट टू वर्क दिस इज द क्राइटेरिया फॉर इकोनॉमिक डेमोक्रेसी अकॉर्डिंग टू दीनद्याल उपाध्याय याद रखिएगा दीनद्याल उपाध्याय जी के हिसाब से आर्थिक प्रजातंत्र का मापदंड क्या है इकोनॉमिक डेमोक्रेसी का क्राइटेरिया क्या है प्रत्येक को काम का अधिकार एवरीवन शुड हैव राइट टू वर्क दिस इज द क्राइटेरिया ऑफ

43:58 इकोनॉमिक डेमोक्रेसी अकॉर्डिंग टू पंडित दीनद्याल उपाध्याय जी चलिए आगे डिस्कस करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन को क्वेश्चन नंबर 12 दनल उपाध्याय जी के छोटे भाई का क्या नाम था तो दनल उपाध्याय जी के छोटे भाई का नाम था शिवदयाल क्या नाम था शिवदयाल याद रखिएगा पंडित दीन देल उपाध्याय जी के जो यंगर ब्रदर थे जो छोटे भाई थे उनका नाम था शिवदयाल पंडित दनल उपाध्याय जी के अनुसार मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताएं क्या है तो पंडित ल उपाध्याय जी के अनुसार मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में रोटी एवं कपड़ा आता है पढ़ाई एवं दवाई आता है और मकान आता है ट मींस फूड्स एंड क्लॉथ एजुकेशन एंड मेडिसिन एंड हाउस दिस आर द बेसिक नेसेसिटीज ऑफ ह्यूमन बीइंग अकॉर्डिंग टू पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी क्याक है रोटी

44:44 एवं कपड़ा पढ़ाई एवं दवाई और मकान यह सभी की सभी मूलभूत आवश्यकता है पंडित दिल उपाध्याय जी के अनुसार मनुष्य की चलिए अगला क्वेश्चन नंबर 14 बुद्धि को विवेक पथ पर बराबर अग्रसर रखने का कार्य कौन करता है तो बुद्धि को विवेक पथ पर बराबर अग्रसर रखने का कार्य धर्म करता है कौन करता है धर्म करता है इसका ऑप्शन हो जाएगा सॉरी इसका आंसर हो जाएगा धर्म रिलीजन एक्ट एज अ टूल फॉर द वर्क ऑफ कीपिंग द इंटेलेक्ट मूविंग फॉरवर्ड ऑन द पाथ ऑफ विजडम दैट मींस आपका जो काम है आपका जो बुद्धि है उसको विवेक पथ पर बराबर अग्रसर रखने का जो काम है वो कौन करता है तो धर्म करता है वो रिलीजन करता है और ऐसा किसने कहा था ऐसा

45:29 पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा था चलिए अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 15 पंडित दनल उपाध्याय जी के माता का स्वर्गवास कब हुआ था तो पंडित दनल उपाध्याय जी के माता का स्वर्गवास आज 8 अगस्त 1924 को हुआ था कब हुआ था पंडित दनल उपाध्याय जी का जी की जो माता थी राम प्यारी देवी उनका स्वर्गवास 8 अगस्त 1924 को हुआ था क्वेश्चन नंबर 16 है पंडित ने पूंजीवाद एवं समाजवाद अवधारणा के समात कौन सी अवधारणा दी है तो पंडित दीन देल उपाध्याय जी ने पूंजीवाद एवं समाजवाद दैट इज कैपिट इजम और सोशलिज्म के इक्वल एक और एजमन दिया है और उस एजमन का नाम क्या है एकात्म मानववाद दैट इज इंटीग्रल ह्यूम निज्म याद रखिएगा कैपिट जम और सोशलिज्म के

46:15 बराबर एक और कांसेप्ट किसने दिया है पंडित दनल उपाध्याय जी ने दिया है और उस कांसेप्ट का नाम क्या है उस कांसेप्ट का नाम है इंटीग्रल ह्यूम निज्म दैट इज एकात्म मानववाद अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 17 भारतीय संस्कृति के अनुसार मनुष्य को के जन्म लेते ही उस पर तीर तीन ऋण होते हैं तीन कर्ज होते हैं वो कौन-कौन से ऋण होते हैं तो पहला होता है पित ऋण दूसरा होता है ऋषि ऋण तीसरा होता है देव ऋण चौथा होता है मातृ ऋण लेकिन मात्र ऋण नहीं होता है तीन ही ऋण होते हैं पिता का ऋण यानी पिता का कर्ज होता है ऋषि का कर्ज होता है यानी जो गुरु का कर्ज होता है देव का कर्ज यानी भगवान का कर्ज होता है लेकिन माता का कर्ज जैसा कोई कर्ज नहीं होता है भारतीय संस्कृति के अनुसार बस तीन ही ऋण होते हैं

47:01 इंसान के जन्म लेने के बाद कौन-कौन से ऋण होते हैं पितृ ऋण ऋषि ऋण और देव ऋण तो अकॉर्डिंग टू इंडियन कल्चर एज सून एज अ मैन इज बोर्न ही हैज द थ्री ड्यूटीज वच आर कौन-कौन सी ड्यूटीज है पहली ड्यूटी है डेट टू फादर डेट टू सेज डेट टू गॉड बट डेट टू मदर इज नॉट अ डेट अकॉर्डिंग टू इंडियन कल्चर अगला क्वेश्चन नंबर 18 उपाध्याय जी के नाना जी का नाम क्या था उपाध्याय जी के नाना जी का नाम था चुन्नी लाल शुक्ला याद रखिएगा उपाध्याय जी के नाना जी का नाम चुन्नी लाल शुक्ला था क्या था चुन्नी लाल शुक्ला था क्वे नंबर 19 है समष्टि के हित में अपने अस्थियों को हंसाते हुए समर्पित करने वाले ऋषि कौन थे हु वास द सेज हु

47:48 लफिंग ऑफर्ड हिज एसेस फॉर द वेलफेयर ऑफ द यूनिवर्स तो वो थे आपके महर्षि दधीच मदीची एक ऐसे ऋषि थे जिन्होंने हसते हुए अपने अस्थियों को समाज के कल्याण के लिए सोसाइटी के सॉरी समाज के नहीं पूरे ब्रह्मांड के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था उस ऋषि का नाम क्या था उस ऋषि का उस महान ऋषि का नाम था महर्षि दधीच चलिए अगला क्वेश्चन नंबर 20 भूमि एवं जन दोनों को मिलाकर क्या बनता है तो भूमि एवं जन दोनों को मिलाकर देश बनता है राष्ट्र बनता है कंट्री बनता है क्वेश्चन नंबर 21 है उपाध्याय जी की प्रमुख पुस्तकें कौन सी है तो उपाध्याय जी की प्रमुख पुस्तकों में राष्ट्र जीवन की एक दशा भी आती है एक प्रेम कथा भी आती है और जगतगुरु

48:35 शंकराचार्य ये तीनों की तीनों पुस्तकें पंडित दल उपाध्याय जी की प्रमुख पुस्तकों में से आती है कौन-कौन सा पहला है राष्ट्र जीवन की एक दशा अ कंडीशन ऑफ नेशन लाइफ अ लव स्टोरी जगतगुरु शंकराचार्य क्वेश्चन नंबर 22 है दनल उपाध्याय के परदादा का क्या नाम था तो दनल उपाध्याय के परदादा का नाम था हरि ओम उपाध्याय याद रखिएगा दन देल उपाध्याय के परदादा का नाम था हरिराम उपाध्याय हरि ओम नहीं हरिराम उपाध्याय किसका नाम था दीन देल उपाध्याय जी के परदादा या उनके दादा के पिताजी का जो नाम था वह हरिराम उपाध्याय था चलिए क्वेश्चन ं 23 है पंडित दल उपाध्याय जी की समाचार पत्रिका से जुड़े थे तो पंडित दल उपाध्याय जी किस समाचार पत्रिका से जुड़े थे तो वो जुड़े थे स्वदेश पत्रिका

49:20 से तो पंडित दनल उपाध्याय जी स्वदेश पत्रिका से जुड़े थे और जो बच्चे आंसर की के लिए परेशान है आंसर की आपको ठीक आपके एग्जाम खत्म होने के डेढ़ से दो घंटे के बाद आपको इसी चैनल पे टारगेट सेमिस्टर चैनल पे ही अपलोड कर दिया जाएगा तो आंसर की के लिए आप लोग बिल्कुल भी परेशान ना हो आपकी आंसर की मिल जाएगी कल आपके एग्जाम खत्म होने के डेढ़ से दो घंटे बाद चलिए अगला क्वेश्चन 24 पंडित दनल उपाध्याय जी की मृत्यु के समय उनकी उम्र क्या थी तो पंडित दनल उपाध्याय जी जब मरे थे उनकी जब मृत्यु हुई थी तो उनकी उम्र जब थी उस समय 51 वर्ष की थी जब पंडित दनल उपाध्याय जी की मृत्यु हुई थी तब वो 51 इयर्स के थे चलिए अगला क्वेश्चन 25 विदेशी नीति के संबंध में पंडित दनल उपाध्याय जी के

50:05 व्यवहारिक सूत्र क्या है तो विदेशी नीति के संबंध में पंडित दीन देल उपाध्याय जी के जो विदेशी व्यवहारिक सूत्र है वह कौन-कौन से हैं तो भारतीय परिस्थिति में पाकिस्तान और चीन प्राकृतिक शत्रु है राष्ट्रीय हितों में सहयोगी मित्र और असहयोग शत्रु होते हैं प्रतिरक्षा की पूरक परराष्ट्र नीति होनी चाहिए मतलब इंडियन सिचुएशन में पंडित दनल उपाध्याय जी ने जो प्रैक्टिकल प्रिंसिपल दिया है फॉरेन पॉलिसी के लिए उन्होंने कहा था कि हमेशा से हमेशा ही भारतीय परिस्थिति में जो पाकिस्तान और चीन होंगे वो नेचुरल एनिमी होंगे वो प्राकृतिक दुश्मन है वो हमेशा आपके लिए कुछ ना कुछ गलत ही प्लान करेंगे ठीक है यही उनका सिद्धांत था अगला क्वेश्चन नंबर 26 पंडित दल उपाध्याय जी संघ के प्रचारक के रूप में

50:52 अपना कार्य कहां से आरंभ किए थे तो पंडित दल उपाध्याय जी संघ के प्रचारक के रूप में अपना कार्य लखीमपुर खिरी से स्टार्ट किए थे याद रखिएगा लखीमपुर खिरी से पंडित दनल उपाध्याय जी प्रचारक के रूप में जन संघ के प्रचारक के रूप में अपना कार्य स्टार्ट किए थे चलिए क्वेश्चन 27 पंडित दनल उपाध्याय जी के दादा जी का क्या नाम था तो पंडित दनल उपाध्याय जी के दादा जी का नाम था राम प्रसाद जी उपाध्याय याद रखिएगा पंडित दनल उपाध्याय जी के ग्रैंडफादर का जो नेम था व राम प्रसाद उपाध्याय था चलिए क्वेश्चन नंबर 28 है उपाध्याय जी को भारतीय जनसंघ के प्रथम अधिवेशन कानपुर में कब महामंत्री नियुक्त किया गया था तो उपाध्याय जी को भारतीय जनसंघ के प्रथम अधिवेशन कानपुर में महामंत्री के रूप में

51:38 नियुक्त किया गया था 1952 यानी 1952 में कब नियुक्त किया गया था दोस्तों 1952 में उनको नियुक्त किया गया था क्वेश्चन नंबर 29 है पंडित दनल उपाध्याय जी ने बचपन का अधिकांश समय कहां व्यतीत किया तो पंडित दनल उपाध्याय जी ने बचपन का अधिकांश समय धानक में तीत किया था तो इसका हो जाएगा ऑप्शन धान क्या चलिए धर्म का कौन सा पुरुषार्थ धर्म को कौन सा पुरुषार्थ माना गया है तो धर्म को आधारभूत बुनियादी और मूलभूत पुरुषार्थ माना गया है धर्म को आधारभूत मूलभूत और बुनियादी पुरुषार्थ माना गया बच्चे कहेंगे सर ये पुरुषार्थ क्या होता है तो आपको पता होना चाहिए कि जीवन में आपके चार पुरुषार्थ होते हैं कौन-कौन से होते हैं

52:24 याद रखिएगा हमेशा धर्म अर्थ काम मोक्ष क्या होते हैं आपके चार पुरुषार्थ होते हैं आपके जीवन में धर्म अर्थ काम और मोक्ष जिसमें से जो धर्म पुरुषार्थ है वो सबसे आधारभूत बुनियादी और मूलभूत पुरुषार्थ होता है याद रखिएगा जीवन के चार पुरुषार्थ होते हैं धर्म अर्थ काम मोक्ष जिसमें से जो धर्म है वो सबसे बुनियादी सबसे आधारभूत सबसे मूलभूत पुरसत होता है क्वेश्चन नंबर 31 है पंडित ददल उपाध्याय जी के पिता किस पद पर कार्यरत थे तो पंडित दल उपाध्याय जी के जो पिताजी थे वो सहायक रेलवे स्टेशन मास्टर यानी बेसिक रेलवे स्टेशन मास्टर सॉरी उसका हो जाएगा

53:11 असिस्टेंट रेलवे स्टेशन मास्टर असिस्टेंट रेलवे स्टेशन मास्टर के रूप में व काम करते थे क्वेश्चन नंबर 32 है दनल उपाध्याय जी के विद्यार्थी जीवन के साथी कौन थे जिन्होंने दीनदयाल जी के विचारों के आधार पर ग्रामो थान कार्यक्रम चलाया मतलब कौन से ऐसे उनके स्टूडेंट लाइफ के ऐसे फ्रेंड थे जिन्होंने विलोज विलेज का जो लिफ मेंट का प्रोग्राम था दिनद्याल उपाध्याय जी का जो विचार था कि गांव को आगे बढ़ाना चाहिए उनका उत्थान उनका विकास करना चाहिए इसका जो विचारधारा था उनके कौन से दोस्त ने उस विचारधारा प काम किया था और गांवों को गांवों के उत्थान के लिए उनके प्रगति के लिए काम किया था तो वो थे आपके श्री नाना जी जी देशमुख ठीक है तो श्री नाना जी देशमुख एक

53:58 ऐसे मित्र थे दनल उपाध्याय जी के बचपन के विद्यार्थी जीवन के जिन्होंने ग्राम उत्थान के लिए कार्यक्रम चलाए थे ग्राम उत्थान मतलब गांवों के विकास के लिए गांवों के उत्थान यानी प्रगति के लिए उनके डेवलपमेंट के लिए क्वेश्चन नंबर 33 है पंडित दनल उपाध्याय जी के माता-पिता की मृत्यु के बाद उनका पालन पोषण किसने किया तो पंडित दनल उपाध्याय जी के माता-पिता के मृत्यु के बाद चुन्नी लाल शुक्ला जो उनके नाना जी पंडित दनल उपाध्याय जी के जो नाना जी थे उन्होंने उनकी आगे की पालन पोषण किया था चलिए क्वेश्चन ं 34 है उपाध्याय जी की सुरक्षा नीति का वाक्य क्या था तो उपाध्याय जी की सुरक्षा नीति का वाक्य था राष्ट्र का सैनिक करण एवं सेना का आधुनिक करण करो मतलब राष्ट्र का सैनिक करण करो

54:45 मतलब राष्ट्र में ज्यादा से ज्यादा सोल्जर्स होने चाहिए और जो सोल्जर्स को आप लोग तैयार कर रहे हैं जो सोल्जर्स को आप लोग ट्रेन कर रहे हैं उन सोल्जर्स को मॉडर्न तरीके से से मॉडर्न वेपंस के साथ ट्रेन करिए ये पंडित दनल उपाध्याय जी का सुरक्षा नीति था उनका सिक्योरिटी पॉलिसी था मिलिटराइज्ड गंगापुर का जो रेलवे स्कूल था वही उनका प्रथम विद्यालय था याद रखिएगा पंडित दनल उपाध्याय जी का जो प्रथम

55:32 विद्यालय था प्रथम स्कूल था जो पहला स्कूल था उस स्कूल का नाम था रेलवे स्कूल गंगापुर मतलब यह गंगापुर का रेलवे स्कूल था चलिए क्वेश्चन नंबर 36 है पंडित द उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक राजस्थान में कहां है पंडित द उपाध्याय का जो राष्ट्रीय स्थान स्मारक राजस्थान में राजस्थान में कहां है तो धनक जयपुर में है कहां है तोव धनक जयपुर में है क्या है वो वो है राष्ट्रीय स्मारक किसका पंडित दनल उपाध्याय जी का 37 है पंडित दल उपाध्याय जी के अनुसार शिक्षा का माध्यम क्या है तो पंडित दनल उपाध्याय जी का शिक्षा का माध्यम है उनके अनुसार शिक्षा का जो माध्यम है वह संस्कार होता है स्वाध्याय होता है अध्यापन होता

56:19 है समर्पण शिक्षा होता है सॉरी स्वाध्याय होता है संस्कार होता है अध्या होता है लेकिन समर्पण शिक्षा का माध्यम नहीं है मतलब तीन ही माध्यम है उनके हिसाब से संस्कार दो बच्चों को स्वाध्याय के लिए यानी सेल्फ स्टडी के लिए प्रोत्साहित करो और टीचिंग यानी अध्यापन कराओ उनका तो कल्चर सेल्फ स्टडी एंड टीचिंग दिस आर द मीडियम ऑफ एजुकेशन अकॉर्डिंग टू पंडित दनल उपाध्याय पंडित दनल उपाध्याय जी मानते थे कि किसी भी इंसान को पढ़ाना है तो उसे पहले संस्कार सिखाओ फिर उसको सेल्फ स्टडी के लिए प्रोत्साहित करो और फिर उसको अध्यापन दो उसको टीचिंग कराओ ट्स आफ्टर देयर आफ्टर आप एक अच्छे एजुकेशन ले सकते हैं 38 है दनल उपाध्याय जी का निधन कब हुआ था दनल उपाध्याय जी का जो निधन था वो 11 फरवरी 1968 11 फरवरी 1968 को हुआ था

57:10 चलिए क्वेश्चन नंबर 39 है जन संघ के एकात्म मानववाद को अपनी मार्गदर्शक विचारधारा के रूप में कब अपनाया गया था तो जन संघ ने एकात्म मानववाद को अपनी मार्गदर्शक विचारधारा अपने गाइडिंग आईडियोलॉजी के रूप में 1965 या 1965 में अपनाया था किसने अपनाया था जन संघ ने किसने जन संघ ने क कब अपनाया था 1965 में अगला क्वेश्चन नंबर 40 पंडित दल उपाध्याय जी के अनुसार आय के वितरण में समता स्थापित करने के लिए न्यूनतम व अधिकतम आय के बीच क्या अनुपात होना चाहिए ट इ अकॉर्डिंग टू पंडित दल उपाध्याय व्ट शुड बी द रेशो बिटवीन द मिनिमम एंड मैक्सिमम इनकम ू एब्लिश इक्वलिटी ऑफ इन इनकम डिस्ट्रीब्यूशन मतलब अगर हम चाहते हैं कि हमारे देश में सबके पास बराबर पैसा

57:57 हो तो अगर किसी के पास कम है किसी के पास ज्यादा है तो कैसे उस इनकम को डिस्ट्रीब्यूटर तो वो डिस्ट्रीब्यूशन का जो रेशियो होना चाहिए वो 1 20 1 20 यानी 1 अनुपात 20 होना चाहिए चलिए क्वेश्चन 41 है रेलवे स्टेशन मुगल सराय जंक्शन का वर्तमान नाम क्या है तो रेलवे स्टेशन मुगलसराय जनशन का जो वर्तमान नाम है वो पंडित दीनद्याल उपाध्याय जंक्शन के नाम से रख दिया गया है पहले इसको मुगल सराय रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाता था अब इसका नाम बदल के पंडित दीन देल उपाध्याय जंक्शन से रख दिया गया है चलिए क्वेश्चन नंबर 42 है पंडित दनल ने अपने स्नातक की शिक्षा कहां से प्राप्त की तो पंडित दनल उपाध्याय जी ने अपने स्नातक की जो शिक्षा थी वो सनातन धर्म कॉलेज

58:42 कानपुर से प्राप्त किया था कहां से प्राप्त किया था सनातन धर्म कॉलेज कानपुर से प्राप्त किया था क्वेश्चन नंबर 43 है पंडित दनल उपाध्याय को भारतीय संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कब निर्वाचित किया गया था तो पंडित दन उपाध्याय को भारतीय संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया था 29 दिसंबर 1967 1967 में याद रखिएगा पंडित दनल उपाध्याय जी को भारतीय संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में 29 दिसंबर 1967 को 29 दिसंबर 1967 को नेशनल प्रेसिडेंट के रूप में स्थापित किया गया था किसके नेशनल प्रेसिडेंट इंडियन यूनियन यानी भारतीय जनसंघ के नेशनल प्रेसिडेंट के रूप में उनको स्थापित किया गया था चलिए अगला क्वेश्चन 44 देश में बेकारी की

59:28 समस्या के लिए पंडित दनल उपाध्याय जी देश को किस देश किसको दोषी मानते हैं तो पंडित दनल उपाध्याय जी कहते हैं कि अगर हमारे देश में बेकारी है बिकारी मतलब जो अनइंप्लॉयमेंट है बेरोजगारी बेकारी नहीं बेरोजगारी होनी चाहिए वहां पे तो बेरोजगारी का जो मुख्य कारण है वो क्या है बेरोजगारी का मुख्य कारण है शिक्षा व्यवस्था हमारे यहां के एजुकेशन सिस्टम क्योंकि आप सभी लोग खुद महसूस कर पा रहे होंगे हमारे यहां का जो एजुकेशन सिस्टम है वो वो ज्यादा रट्टा अ रट्टा फिकेशन पे काम करता है रदर देन स्किल डेवलपमेंट अगर हमारे देश में ऐसा एजुकेशन सिस्टम हो जिससे हमारे देश के बच्चों का स्किल डेवलपमेंट हो उनके कौशल का विकास हो तो कहीं ना कहीं हमारे देश में कभी भी हमारे देश के युवा बेरोजगार नहीं होंगे अनइंप्लॉयड नहीं होंगे जबकि हमारे देश में

1:00:13 होता उल्टा है हमारे देश में बच्चों को चीजें रटवाई जाती हैं और यही मजबूरी है क्योंकि यही हमारे देश का शिक्षा तंत्र है और उनको स्किल डेवलपमेंट प काम करने नहीं दिया जाता है और यही चीज अपोजिट होती है डे डेवलप कंट्रीज में जैसे जापान में अमेरिका में वहां प स्किल डेवलपमेंट में काम किया जाता है और हमारे यहां रट्टू ता बच्चों को बनाया जाता है चीजों को रटवा जाता है चलिए तो क्वेश्चन नं 45 है पंडित निल उपाध्याय जी पर डाक टिकट कब जारी किया गया था तो पंडित दनल उपाध्याय जी पर जो डाक टिकट जारी किया गया था 1978 में जारी किया गया था कब जारी किया गया था 1978 में चलिए 46 क्वेश्चन है 45 हो गया 46 उपाध्याय जी प्रथम बार किस वर्ष की आयु में स्कूल गए थे तो उपाध्याय जी जब 9 साल

1:00:59 के थे न ही वाज नाइ इयर्स ओल्ड तो वो पहली बार स्कूल गए थे और उनके स्कूल का नाम क्या था रेलवे स्कूल गंगापुर याद रखिएगा 9 वर्ष की उम्र में वो सबसे पहली बार स्कूल गए थे और किस स्कूल में गए थे स्कूल का नाम था रेलवे स्कूल गंगापुर चलिए क्वेश्चन नंबर 47 है पंडित दनल उपाध्याय जी ने इंटरमीडिएट की परीक्षा कहां से उत्तीर्ण की थी तो पंडित दनल उपाध्याय जी ने इंटरमी ट की जो परीक्षा थी वो बिरला कॉलेज पिलानी से उत्तीर्ण की थी याद रखिएगा बिरला कॉलेज जो कि पिलानी में है वहीं से पंडित दीन देल उपाध्याय जी ने इंटरमीडिएट यानी क्लास 12थ का जो बोर्ड एग्जामिनेशन होता है उसको पास किया था अगला क्वेश्चन ं 48 पंडित दीन देल उपाध्याय जी द्वारा लिखी गई प्रथम पुस्तक कौन सी थी तो पंडित दीन दल उपाध्याय जी द्वारा लिखी जो प्रथम पुस्तक थी उस पुस्तक

1:01:46 का नाम था सम्राट चंद्रगुप्त जो 19446 में लिखी गई थी कब लिखी गई थी 1946 यानी 1946 में लिखी गई थी याद रखिएगा पहली पुस्तक जो पंडित दिल उपाध्याय जी के द्वारा लिखी गई थी उस पुस्तक का नाम था सम्राट चंद्रगुप्त और लिखा कब गया था 1946 या 1946 में लिखा गया था चलिए अगला क्वेश्चन 49 भारत के लोकतंत्र के इतिहास में विरोध पक्ष को विकसित करने में कौन दो महापुरुषों का निर्णायक योगदान है तो भारत के लोकतंत्र के इतिहास में विरोध पक्ष को विकसित करने में जिन दो महापुरुषों का हाथ रहा है निर्णायक योगदान रहा है वो लोग है पंडित दन दपा धय और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया याद रखिएगा जिन दो महापुरुषों की बदौलत हमारे देश का जो लोकतंत्र है उसमें विरोध पक्ष

1:02:34 को स्थापित करने का विकसित करने का जो काम किया गया है वह पंडित दनल उपाध्याय जी के माध्यम से और डॉक्टर राम मनोहर हिया के माध्यम से किया गया है इंग्लिश में एक बार पढ़ लेते हैं चच टू ग्रेट मैन हैव हैव हैड अ डिसि कंट्रीब्यूशन इन डेवलपिंग द अपोजिशन इन द हिस्ट्री ऑफ इंडियन डेमोक्रेसी तो वो लोग थे पंडित दीन देल उपाध्याय और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया चलिए अगला क्वेश्चन 50 पंडित जी के जनसंघ मंत्री बनते समय 1953 में भारतीय जनसंघ द्वारा चलाए गए कश्मीर आंदोलन का प्रमुख नारा था तो जब पंडित दनल उपाध्याय जी जनसंघ के मंत्री बने थे जनसंघ के मिनिस्टर बने थे तो उन्होंने सबसे पहला स्लोगन कश्मीर के आंदोलन के लिए कौन सा

1:03:20 स्लोगन दिया था तो दिया था एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे एक देश में दो प्रधान नहीं चलेंगे एक देश में दो निशान नहीं चलेंगे आप सभी को पता होगा कि अभी 2019 से पहले हमारे देश में कश्मीर हमारे देश का हिस्सा होते हुए भी हमारा नहीं था बिकॉज कश्मीर का एक अलग ही कांस्टिट्यूशन था उसका एक अलग ही गवर्नमेंट था एक पैरेलल गवर्नमेंट चलती थी इंडियन गवर्नमेंट और कश्मीर गवर्नमेंट ये दोनों अलग-अलग गवर्नमेंट चलती थी यहां का पूरा जो सिस्टम था वो अलग था उसके पीछे कारण था आर्टिकल 370 एंड आर्टिकल 35a जिसको 2019 में बीजेपी गवर्नमेंट की सरकार ने बीजेपी गवर्नमेंट ने रिमूव किया ए देयर आफ्टर

1:04:06 हमारे देश को अखंड बनाया हमारा देश आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है और 100% इक्वल है विदाउट एनी डिस्क्रिमिनेशन 100% यूनाइट हो चुका है क्योंकि पहले क्या था पहले कश्मीर में आप जाकर जमीन नहीं खरीद सकते थे कश्मीर में आप जाकर बस नहीं स लेकिन कश्मीर के लोग आके आपके यहां उत्तर प्रदेश में कहीं भी बस सकते थे मुंबई में जहां व बसना चाहे वहा बस सकते थे लेकिन यह चीज तो गलत है ना कश्मीर तो हमारे देश का हिस्सा है और व हमारे देश का हिस्सा होने के बावजूद भी व हमसे अलग क्यों रहेगा व आज 2019 के बाद जो कश्मीर आपसे अलग था य आपके देश का हिस्सा हो गया और अब यह भारत का जो अखंड भारत का सपना देखा गया था वो सपना कहीं ना कहीं धीरे धीरे साकार होता जा रहा

1:04:52 है चलिए तो यही वह स्टेटमेंट था जो पंडित दनल उपाध्याय जी ने 1953 में भारतीय जनसंघ द्वारा चलाए गए कश्मीर आंदोलन में कहा था क्या कहा था एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे देश एक है तो लॉस दो कैसे जैसे आपने इससे पहले जो बच्चे बीकम थर्ड सेमेस्टर के होंगे वो जो भी लॉज पढ़ रहे होंगे या फिर जो बच्चे सीए या सीएस कर रहे होंगे वो जो भी लॉज पढ़ रहे होंगे तो उस लॉज में जभी आप एप्लीकेबिलिटी की बात करते तो एप्लीकेबिलिटी में आप एक क्लज पढ़ते हैं कि दिस लॉ इज एप्लीकेबल टू होल इंडिया जम्मू एंड कश्मीर पहले ऐसा था 2019 के पहले ऐसा था कि जितने भी कानून थे वो सारे देश प तो लगते थे पूरे इंडिया पर लगते थे लेकिन जम्मू एंड कश्मीर प नहीं लगते थे उसका एक अलग ही कानून था तो उसी के विषय

1:05:37 में उन्होंने कहा था कि एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे एक दोश में एक देश में दो प्रधान नहीं चलेंगे और एक देश में दो निशान नहीं चलेंगे देश एक है तो प्रधान एक होना चाहिए विधान एक होना चाहिए और निशान भी एक ही होना चाहिए चलिए अगला क्वेश्चन नंबर 51 दिसंबर 1963 में दनल उपाध्याय फ्रेंड्स ऑफ इंडियन सोसाइटी के निमंत्रण पर यात्रा करने के लिए कहां गए थे तो फ्रेंड्स ऑफ इंडियन सोसाइटी के निमंत्रण पर दिसंबर 1963 में वो अमेरिका यात्रा करने गए थे चलिए 52 की बात करते हैं उपाध्याय जी के अनुसार खेती के विकास के लिए किस प्रकार की बांध परियोजनाएं उपयुक्त है तो छोटी बांध परियोजनाएं ही उपयुक्त है खेती के

1:06:22 विकास के लिए क्योंकि बड़ी बांध परियोजनाओं से उनके हिसाब से नुकसान हो सकता है जो बड़े छोटे-छोटे किसान हैं उनका फसल दह सकता है उनका फसल बर्बाद हो सकता है अगला क्वेश्चन ं 53 उपाध्याय जी निधन के समय किस ट्रेन में यात्रा कर रहे थे तो उपाध्याय जी निधन के समय पठानकोट सया दह एक्सप्रेस याद रखिएगा पठानकोट सया दह एक्सप्रेस में वो ट्रेवल कर रहे थे जब उनकी मौत हुई थी और मौत किस स्टेशन प हुई थी तो मौत हुई थी मुगल सराय रेलवे स्टेशन पे जिसको आज पंडित दीन देलो उपाध्याय जंक्शन के नाम से जाना जाता है अगला क्वेश्चन 54 दनल उपाध्याय द्वारा लिखित निबंध राष्ट्र जीवन की समस्या किस वर्ग से के संबंध में था तो व राजनीतिक दल यानी पॉलिटिकल पार्टी के संबंध में था याद रखिएगा दनल उपाध्याय द्वारा जो लिखित

1:07:08 निबंध था उस निबंध का नाम था राष्ट्र जीवन की समस्याएं यह किस वर्ग के संबंध में था य राजनीतिक दल के संबंध में था य पॉलिटिकल पार्टीज के संबंध में था अगला क्वेश्चन ं 55 उपाध्याय जी के अनुसार राजनीतिक प्रजातंत्र का प्रमुख मापदंड क्या है तो उपाध्याय जी के अनुसार राजनीतिक प्रजातंत्र का जो प्रमुख मापदंड है वो है प्रत्येक को वोट का अधिकार दैट इज एवरीवन हैज राइट टू वोट दिस इज द क्राइटेरिया ऑफ पॉलिटिकल डेमोक्रेसी अकॉर्डिंग टू उपाध्याय जी 57 है वर्तमान में भारतीय जनसंघ पार्टी किस नाम से जानी जाती है तो वर्तमान में भारतीय जनसंघ पार्टी को भारतीय जनता पार्टी के नाम से जाना जाता है बीजेपी के नाम से जाना जाता है ये बात बहुत से बहुत से कम लोगों को पता होगी भारतीय जनसंघ

1:07:55 पार्टी को का नाम बदल के आज भारतीय जनता पार्टी कर दिया गया है इससे पहले य भारतीय जनसंघ पार्टी के नाम से जानी जाती थी अगला क्वेश्चन 58 उपाध्याय जी कितने दिनों के लिए जनसंघ के अध्यक्ष रहे थे तो उपाध्याय जी केवल 43 दिनों के लिए 43 डेज के लिए जनसंघ भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे थे वो उसके प्रेसिडेंट के रूप में इलेक्ट हुए थे फॉर 40 43 डेज अगला 59 समाज किस किसका चलता फिरता रूप है तो समाज भगवान का परमेश्वर का चलता फिरता रूप है किसका चलता फिरता रूप है तो समाज परमेश्वर का भगवान का चलता फिरता रूप है अगला है क्वेश्चन ं 60 उपाध्याय जी ने कौन सी पत्र पत्रिका का शुभारंभ किया था उपाध्याय जी ने राष्ट्र धम पांचजन्य और

1:08:41 स्वदेश याद रखिएगा राष्ट्र धम पांच जन्य और प्रदेश सॉरी स्वदेश इन तीनों पत्रिकाओं का संपादन पंडित दनल उपाध्याय जी ने किया था अगला है क्वेश्चन नं 61 जगत की संपूर्णता की दृष्टि से उपाध्याय जी ने किस तत्व का उल्लेख नहीं किया है तो उन्होंने दृष्टि का उन्होने विजन शब्द का उल्लेख नहीं किया है इसके अलावा जितने भी तत्व है उनका उल्लेख उन्होने किया है सिवाय दृष्टि के सिवाय विजन के याद रखिएगा जगत की संपूर्णता की दृष्टि से उपाध्याय जी ने दृष्टि तत्व का उल्लेख नहीं किया है विजन एलिमेंट का एक्सप्लेनेशन नहीं किया इसके अलावा सबको मेंशन किया है सब एक्सप्लेन किया है अगला क्वेश्चन नंबर 62 किस बंदरगाह का नाम

1:09:27 बदलकर दनल उपाध्याय बंदरगाह कर दिया गया है तो कांधला बंदरगाह का नाम बदलकर कांधला सी पोर्ट है उसका नाम बदलकर अब दीनदयाल उपाध्याय बंदरगाह से रख दिया गया है चलिए आगे डिस्कस करते हैं 63 को पंडित दनल उपाध्याय जी ने हाई स्कूल की परीक्षा कहां से उत्तीर्ण की थी तो पंडित दनल उपाध्याय जी ने हाई स्कूल की परीक्षा श्री कल्याण हाई स्कूल शिखर से उती ने की थी और आपको पता होगा कल्याण कल्याण हाई हाई स्कूल शिखर से जब उन्होंने हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी तो उससे पहले शायद उनको एक छात्रवृति भी मिली थी उसके विषय में भी हम चर्चा करेंगे थोड़ा सा आगे चलिए अगला है 64 उपाध्याय जी जन संघ के महामंत्री कितने वर्षों तक रहे तो उपाध्याय जी जन संघ के महामंत्री के रूप में 15 वर्षों तक रहे

1:10:14 लेकिन उपाध्याय जी जन संघ के अध्यक्ष के रूप में केवल 43 दिन तक रहे यहां पे मंत्री को पूछा गया तो महामंत्री पूछा गया तो महामंत्री के रूप में तो वो 15 वर्ष तक रहे लेकिन अध्यक्ष के रूप में केवल 43 केवल 43 डेज तक रहे अगला है 65 उपाध्याय जी ने एमए में किस विषय में प्रवेश लिया था तो उपाध्याय जी ने एमए में अंग्रेजी साहित्य यानी इंग्लिश लिटरेचर में प्रवेश लिया था अगला 66 उपाध्याय जी ने प्रकाशन का कार्य कब आरंभ किया उपाध्याय जी ने प्रकाशन का जो कार्य था व 1945 में 1945 में स्टार्ट किया था लास्ट क्वेश्चन ऑफ द डे नहीं अभी और क्वेश्चन बचे हैं शायद नहीं दो क्वेश्चन बचे हैं 68 69 68 की बात करते हैं दनल उपाध्याय जी को हाई स्कूल की

1:11:00 परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50 का नगद इनाम और आगे की पढ़ाई के लिए ₹ प्रति माह छात्रवृत्ति किसने प्रदान की थी तो ये महाराजा कल्याण सिंह ने प्रदान की थी कब प्रधान की थी ध्यान से देखिएगा इन्होंने 50 का नगद इनाम दिया था और ₹ पर मंथ की छात्रवृत्ति दी थी किसके लिए हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए जब उन्होंने हाई स्कूल का परीक्षा पास किया था न्हों पंडित दनल उपाध्याय जी ने तो उनको ₹ पर मंथ का स्कॉलरशिप अभी आपको 0 कम लग रहा होगा लेकिन उस जमाने के लिए ₹ काफी थे उस जमाने के लिए समझ ₹ आज के 10000 के बराबर होंगे 10000 से अधिक के ही बराबर होंगे और 50 का नगद इनाम मिला था मतलब समझ लीजिए 25 00 का उनको नगद इनाम मिला था और 10000 से अधिक का

1:11:45 उनको 10 10 का उनको प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान किया गया था किसके द्वारा किया गया था तो महाराजा कल्याण सिंह जी के द्वारा प्रदान किया गया था चलिए अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 69 पंडित दनल उपाध्याय जी ने एमए के लिए किस कॉलेज में प्रवेश लिया था तो पंडित दनल उपाध्याय जी ने एमए के लिए सेंट जॉन्स कॉलेज कॉलेज याद रखिएगा सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा में एडमिशन लिया था किसके लिए एमए के लिए तो एमए के लिए पंडित दनल उपाध्याय जी ने सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा में प्रवेश लिया था तो ये थे आपके लगभग 120 से अधिक क्वेश्चन जिसको हमने आज डिस्कस किया और अगर आप लोग चाहते हैं और भी क्वेश्चन डिस्कस किए जाए वैसे तो मतलब कोई नहीं है क्योंकि ऑलरेडी आपको प्लेलिस्ट में मुझे लग रहा है कि कुल मिलाजुला के अभी अगर इस

1:12:33 क्लास को मैं जोड़ लूं और इसके पहले जोड़ लूं तो दो 250 से अधिक क्वेश्चन डिस्कस कर लिए गए हैं और बाकी आपका जो पीडीएफ है वो आपको आपके टारगेट गुरुकुल पप प मिल जाएगा और सभी के सभी बच्चे टारगेट गुकुल पप को डाउनलोड जरूर कर लेंगे क्योंकि वहां प आपको पीडीएफ मिल जाएगा अभी तो आप लेक्चर देख सकते हैं लेकिन जब आप एग्जाम में जाएंगे तो उसके पहले आप 20 मिनट में 25 मिनट में रिवाइज करने के लिए पीडीएफ की आवश्यकता पड़ेगी और पीडीएफ बना बनाया इतने शानदार तरीके से आपको आपके टारगेट गक ऐप में मिल जाएगा और एक और काम कर दीजिएगा टारगेट गुरुकुल की पूरी टीम आपकी टेक्निकल टीम आपके जो लेक्चरर्स है सभी लोग निरंतर मेहनत करते हैं आपके बीकॉम बीएससी बीए जितने भी आपके सेमेस्टर एग्जाम्स होते हैं इंटरेंस एग्जाम होते हैं सबके लिए और आपसे बस एक ही गुजारिश करते हैं कि आप सभी लोग रेटिंग जरूर देंगे फाइव स्टार की हमारे टारगेट गुल प को प्ले स्टोर

1:13:18 पे और अगर आपके कोई जानने वाले ऐसे स्टूडेंट्स हैं आपके जो कोई जूनियर्स है जो क्लास 12थ में है 11थ में है स्पेशली 12थ में है और वो अब एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करना चाहते हैं गोरखपुर यूनिवर्सिटी के लिए लखनऊ यूनिवर्सिटी के लिए या सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए तो उनको टारगेट गुरुकुल चैनल को आप लोग सजेस्ट कर सकते हैं टारगेट गुरुकुल ऐब को आप सजेस्ट कर सकते हैं जहां पे बिल्कुल मिनिमम कॉस्ट में उनकी तैयारी की जाती है तो सजेस्ट जरूर करिए अपने जूनियर्स को अपने क्लासमेट्स को आपके जो क्लासमेट्स जो जूनियर्स थे जो एक साल आपसे पीछे रहे हैं उनको जरूर सजेस्ट करिएगा कि टारगेट गुरुकुल पप से आप तैयारी कर सकते हैं बिल्कुल मिनिमम कॉस्ट में दैट्ची जरूर दे दीजिएगा ट्स इट मिलते हैं नेक्स्ट क्लास में पूरी ऊर्जा के

1:14:03 साथ

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