0:03 हम तो हमारा नया टॉपिक है उसको बोलते हैं उत्तर भारत का विशाल मैदान। मेरे पहले अभी मैथ्स क्लास था। मैथ्स क्लास था ना अभी हैं। हां वही मैथ्स रीजनिंग उत्तर भारत का विशाल मैदान।
0:54 ठीक है। तो उत्तर भारत के विशाल मैदान में ग्रेट प्लेन ऑफ नॉर्थ इंडिया। तो बेसिकली हम लोग उस वाले भाग की बात कर रहे हैं जो पर्वत, हिमालय और नीचे प्रायवी पठार के बीच में है। ठीक? तो उसी को हम लोग क्या करेंगे? यहां पर एक्सप्लेन करेंगे वन बाय वन। तो पहले इसको दो भाग में डिवाइड करना है आपको और दो भाग में डिवाइड होगा मतलब फिर यह दो प्रकार से इसको मैं पढ़ाऊंगा मैदान को दो प्रकार से हम लोग बांटते हैं तो जो पहला प्रकार है वो क्या रहेगा देखो मतलब बेसिकली पहला जो
1:40 डिवीजन है वो कहलाता है क्षेत्रीय आधार पर क्षेत्रीय आधार पर जो हम लोग वर्गीकरण कर रहे हैं जो क्लासिफिकेशन कर रहे हैं वर्गीकरण ठीक है? क्लासिफिकेशन इसको जैसा जितना मैं लिखूंगा उसको उतना ही घर में कॉपी में नोट करके जस का तस नोट करना है। ठीक है? अलग से हम लोग लिखेंगे नहीं इसको। डायग्राम को ध्यान से देखना। पहला जो वर्गीकरण है वर्गीकरण में होता है बांटना। उसको क्लासिफाई करना। तो पहला आधार होगा क्षेत्रीय। क्या होगा? क्षेत्रीय ऑन बेसिस ऑफ
2:27 ऑन रीजनल बेसिस नहीं ऑन बेसिस ऑफ रीजन रीजन पहला और जो दूसरा है उसको बोलते हैं हम लोग कणों के आधार पर वर्गीकरण ऑन बेसिस ऑफ मॉलिक्यूल्स। ठीक? मॉलिक्यूल मतलब मिट्टी के अलग-अलग कण होते हैं। कहीं पर कण छोटे हैं, कहीं पर कण बड़े हैं। देखो जैसे मान लो बेसिकली मैदान वहीं बनता
3:15 है जहां पर माउंटेन रहता है। माउंटेन के ही ठीक नीचे यहां पर बनता है। क्या बनता है यहां पर? मैदान माने अगर आज हिमालय नहीं होता तो मैदान भी नहीं होता क्योंकि हिमालय जब यह टूटा क्योंकि देखो ऊपर से जो टूटेगा जैसे मान लो टूटे कैसे हो सकता है बहुत सारे फैक्टर होते हैं टूटने के कभी-कभी मान लो तेज हवाएं चल रही हैं। कभी-कभी मान लो बारिश बारिश हो रही है। कभी-कभी मान लो यहां से अर्थ पैक उठ रहा है। कभी-कभी कोई मान लो पूरा हिस्सा ही गिर के नीचे आ गया। लैंड स्लाइडिंग इसको बोलते हैं। ऐसे बहुत सारे रीज़न है जिसकी वजह से ये टूट सकता है। और जब ये टूटेगा या हम ही तोड़ दिए। हम क्यों तोड़ेंगे? हम चाह रहे हैं कि इसको तोड़ करके हम यहां पे नया एक बहुत बड़ा कॉम्प्लेक्स बनाएं। अर्बनाइजेशन शहरीकरण जिसे कहते हैं लोग जहां पर रह पाए। तो ऐसे में इस वाले भाग
4:02 को तोड़ करके हम जब मतलब ऐसे बहुत सारे इंटरनल फैक्टर और एक्सटर्नल फैक्टर हैं जिसकी वजह से पूरा का पूरा हिस्सा टूटेगा और वहीं पर उसके टूटने से एक नया स्ट्रक्चर बनता है। उसको क्या बोलते हैं हम लोग? मैदान। प्लेन यह माउंटेन का ही रिजल्ट है। मैदान जो है यह पर्वतों का ही एक बदला हुआ एक फॉर्म है। उसका एक दूसरा शिफ्टेड फॉर्म है। तो ये मैदान जो है हिमालय के ठीक नीचे बना है। जहां-जहां आप देखोगे माउंटेन उसके आसपास आपको मैदान मिलेगा। तो पहला जो क्षेत्रीय आधार पर देख रहे हैं वो क्षेत्रीय आधार पर वर्गीकरण क्या है? तो इस वर्गीकरण को हम लोग समझते हैं। क्षेत्र के बेसिस पर जैसे मैप अपन बना लेते हैं। ठीक है? हिमालय पढ़ लिए हो। उसके बाद हम लोग पठार पढ़ लिए हैं। पठार में अरावली पढ़ लिए हैं। विंध्यांचल पढ़ लिए हैं। सतपुड़ा पढ़ लिए हैं। पश्चिमी घाट पढ़े हैं। पूर्वी घाट पढ़े हैं। ठीक
4:49 है? उसके बाद हम लोग सारे पठार को पढ़े हैं। दक्कन का लावा पठार पढ़े हैं। मैसूर का पठार पढ़े हैं। बुंदेलखंड, मालवा ये सब पढ़े हो। ठीक है ना? सब कंप्लीट हो चुका है। अब हम तीसरे पार्ट की बात कर रहे हैं। वह है कौन सा? आपका उत्तर भारत का विशाल मैदान। मतलब छोटा-मोटा मैदान बहुत बड़ा मैदान है यह। इसलिए विशाल मैदान बोलते हैं। ठीक है? अब उत्तर भारत के विशाल मैदान में जो हम इसको बांटते हैं बेसिकली क्षेत्र के आधार पर बांटते हैं तो पहला मैदान आपको यहां पर मिलेगा। दूसरा मैदान हमको इसके नीचे यह दूसरा मैदान तीसरा मैदान हमको और आगे और चौथा मैदान जो है और पांचवा
5:35 ठीक तो अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मैदान आपको दिख रहा है। तो सबसे पहले जो मैदान है उसका नाम क्या है? सबको अपन नंबरिंग कर देते हैं। देख के समझ में आ गया होगा कि सबसे बड़ा मैदान कौन सा दिख रहा है आपको? चार। ठीक? जो भी नाम है। तो जो पहला मैदान है, इसका नाम होता है यह कहलाता है सिंध का मैदान। काहे का मैदान? सिंध का मैदान। सिंध का मैदान। क्या बोलेंगे इसको? सिंध का मैदान। मतलब मैदान तो माउंटेन से बनता है। ठीक है? बट मैदान माउंटेन के नीचे बनेगा। बट वो मैदान आगे भी तो फ्लो करेगा कहीं ना कहीं। तो मान लो एक मैदान का सेक्शन यहां, दूसरा सेक्शन यहां, तीसरा सेक्शन यहां। तो क्या लगता है? सारे मैदान का दिखने का जो तरीका होगा, उनका जो चेहरा, मोहरा, रूप, रंग,
6:20 दिखने में सब तो अलग-अलग होंगे कहीं ना कहीं। क्योंकि ये जब नदी आगे बहेगी तो नदी आगे बहाते-बहते-बहते इसको आगे तोड़ेगी, यहां बनेगा। इसको आगे तोड़ेगी, यहां बनेगा। इसको आगे तोड़ के एक नया प्लेन बनाएगी। मतलब ये बोल रहा बोल रहा हूं कि हर जगह के मॉलिक्यूल्स क्या होंगे? अलग-अलग होंगे। ठीक है? तो ऐसे कंडीशन में जो आपको ये सारा का सारा हिस्सा दिख रहा है वो दूसरा मैदान जो दिखता है उसको बोलते हां तो नदियां ही मैदान बनाती है तो यहां पे जो नदी है उसका नाम क्या नाम है सिंध सिंधु नदी को हमने क्या नाम दिया है सिंध इसके पहले सिंधु नदी के बारे में पढ़े होंगे सिंधु नदी बहती है ऊपर में ठीक है लद्दाख और जास्कर की काराकोरम और लद्दाख किसके बीच में >> लद्दाख और जास्कर ठीक है दूसरा इसको बोलते हैं पंजाब का मैदान
7:07 पहला सिंध का मैदान दूसरा कौन सा मैदान बोलेंगे पंजाब का मैदान तीसरा तीसरा बोलेंगे राजस्थान का मैदान क्षेत्र है ना क्षेत्र के हिसाब से बांट रहा हूं और चौथा बोलते हैं इसको गंगा यमुना का मैदान और यह कहलाता है असम का मैदान ठीक है? पहला मैदान कौन सा है? सिंध, दूसरा पंजाब। तीसरा राजस्थान, फिर गंगा, यमुना और लास्ट में असम। ठीक है? ये तो हो गया क्षेत्र के बेसिस पर क्लासिफिकेशन। अब हम आते हैं कणों के आधार पर क्या क्लासिफिकेशन बनता है। तो इसका एक नाम है।
7:52 और जो नाम मैं लिख रहा हूं उसको उसी क्रम में याद रखना है। और इसी क्रम में आपको इस पूरे हिमालय के मतलब कि पूरा जो हिस्सा हमारे पास है ऐसा तो एक लेयर वाइज आपको यहां पर मैदान मिलेगा। चारों का नाम हम लोग यहां पर लिख लेते हैं। ठीक है। अलग-अलग लेयर है तो सबके अपने-अपने नाम हैं। तो सबसे पहले वाले का
8:39 नाम पड़ता है भाबर। भाबर। क्या बोलेंगे? भाबर। दूसरा बोलते हैं तराई। क्या बोलेंगे? तराई। फिर मिलता है बांगर। क्या मिलेगा? बांगर। और चौथा मिलता है खादर। क्या रहेगा? खादर। इंग्लिश में नाम सेम। सीक्वेंस यही रहेगा। नॉर्थ से साउथ और बहुत सरल और बहुत बार-बार पूछे जाने वाला प्रश्न है। ईजी क्वेश्चन है ये। तो पहला नाम क्या बोला? भाबर। दूसरा तराई। फिर बांगर और खादर। देख लो ये बांगर है। और ये क्या है? भाबर। नाम थोड़ा-थोड़ा सेम है। तो ऐसे में ध्यान से देखना। पहला क्या बोलेंगे? भाबर। फिर तराई। फिर बांगर और खादर। तो ये क्या होगा? भाबर। फिर यह तराई और यह बांगर और यह खादर। हिमालय से सबसे
9:27 दूर कौन सा है? हिमालय से दूर >> और सबसे नजदीक >> माने हिमालय के ठीक नीचे हिमालय मतलब वो चौथा जो रेंज था शिवालिक। तो शिवालिक के ठीक नीचे पैर के नीचे कौन सा बनेगा? >> भाबर। तो अभी जो मैं डायग्राम बनाया था इसके पहले मैं बहा रहा था नदी को ऐसे करके और बोल रहा था वन बाय वन आगे वो जाते जा रहा है तो जब चीजें टूट-टूट करके आगे मिलते जाएंगी माने बड़ा चट्टान था वो टूटा नया चट्टान बना वो टूटा नया चट्टान बना एक मैदान यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर चार मैदान हो गए तो क्या लगता है सबसे छोटे-छोटे मॉलिक्यूल्स कहां के होंगे सबसे छोटे-छोटे कण ये भाबर के होंगे कि खादर के >> किसके >> म हिमालय के ठीक नजदीक है जो कौन है?
10:12 >> हिमालय के ठीक नजदीक कौन है? >> भाबर। >> कौन है? भाबर। तो उसका कण बड़ा होगा या छोटा होगा? >> बड़ा। कौन बड़ा होगा? ठीक है? वो जैसे और आगे जाएगा फिर लुड़केगा। फिर छोटा होगा कण। और आगे जाएगा और टूटेगा फिर छोटा होगा। तो ऐसे में सबसे छोटा कण किसका मिलता है अपने को? खादर। तो मैदान में खेती जनरली होती है और मैदान में लोग रहते हैं। इसलिए इस वाले हिस्से में बहुत सारे लोग रहते हैं। पंजाब बहुत सारी आबादी वाला एरिया। राजस्थान भी अच्छी आबादी है। यूपी बिहार बहुत आबादी है। वेस्ट बंगाल बहुत आबादी है। साथ में इधर असम बहुत आबादी है। तो आबादी ज्यादा होने का रीजन है वहां पे रहने के लायक कंडीशन। अगर मान लो ये छत्तीसगढ़ पूरा पहाड़-पहाड़ से भरा पड़ा होता तो यहां पे आबादी उतनी
10:59 नहीं होती और नहीं भी होती। आबादी नहीं है हमारे पास। हम आबादी के मामले में पूरे इंडिया में 16वें नंबर पे आते हैं। पूरे माने हमारी जो आबादी है 2011 की जनगणना के आधार पर हमारा जो रैंकिंग है पूरे इंडिया में ठीक है? राज्यों के आधार पर माने अगर हम टोटल 28 नहीं 29 राज्य ले लें क्योंकि उस समय 29 राज्य था 2011 में। तो 29 राज्यों के आधार पे हमारा जो रैंक है छत्तीसगढ़ वो 16वें नंबर पर है। माने हमसे ऊपर ऑलरेडी 15 लोग हैं जिनकी जनसंख्या हमसे क्या है? ज्यादा। क्योंकि हमारे पास रहने लायक कंडीशंस नहीं है। कंडीशन मतलब यह नहीं कि हमारे पास क्या कहते हैं? मौसम अच्छा नहीं है। मौसम भी ठीक-ठाक है। लेकिन हमारे यहां पर्वत, पठार, जंगल ये ज्यादा है। तो जहां पहाड़ है, जहां पर हिल एरिया है, जहां पे माउंटेंस है, जहां पे हिल एरिया है, वहां पे जहां पे जंगल है, वहां
11:44 पे लोग कम रहते हैं। रहते वहां पर हैं, जहां पर मैदानी इलाका ज्यादा है। और मैदान वहीं बनेगा, जहां पर नदियां भयंकर बहेंगी। और नदियां वहीं पर मैदान बनाएंगी जहां पर नदियों में 12 महीने पानी पैक चलेगा। हमारे यहां देखो नदियां हैं। ऐसा नहीं है। हमारे पास महानदी है। हमारे पास अर्पा नदी है। हमारे पास शिवनाथ है। बट ये नदियां 12 महीने नहीं चलती। जबकि यहां की नदियां कभी सूखती नहीं है। ये 12 महीने चलेंगी। इस कारण से ये प्रॉपर मैदान का निर्माण करती हैं। इस कारण से यहां पे यूपी बिहार जैसे भयंकर जनसंख्या वाले जो क्षेत्र रहते हैं। तो ऐसे में क्षेत्रीय आधार पर सबसे ज्यादा आबादी आपको यहीं पर मिलती है। कहां मिलेगी? गंगा यमुना के मैदान। अगर हमारी भी 12 महीने वाली नदियां होती महानदी या शिवनाथ या इंद्रावती तो ऐसे में वहां पर लोग रहते क्योंकि नदियों का पानी बहुत सारे फायदे में आता है। ठीक है? चाहे वो
12:30 ट्रांसपोर्ट के पर्पस से हो चाहे फिर वो किसी बिजली उत्पादन को लेकर के हो चाहे फिर वो पीने के पानी को लेकर के हो चाहे कृषि को लेकर के हो। कृषि की व्यवस्था सिंचाई और सिंचाई अगर मिल गई तो वहां हम कृषि करेंगे। बिल्कुल और कृषि जब करेंगे तो बहुत सारी आबादी वहां पर रहेगी। जहां ज्यादा खेती की होती है वहीं पे आबादी क्या रहती है? ज्यादा जैसे हमारे छत्तीसगढ़ में जांजगीर चापा जिला बहुत अधिक आबादी वाला माना जाता है। रीजन यह है क्योंकि वहां पर नदियों का जाल है बहुत सारा और नदियों का जाल है। दूसरा है कि वहां पर पूरा मैदान एरिया है। बट वहीं पर अबूजमा चले जाओ नारायणपुर चले जाओ आबादी कम मिलेगी। ऐसा नहीं कि नदी नहीं बहती। नदी बहती है। बट नदी के साथ-साथ वहां पर रहने के लायक जगह भी तो होना चाहिए। तो ऐसे वहां मैदान नहीं है। वहां पूरे पहाड़ पहाड़ है। इसलिए पहाड़ में आबादी क्या रहती है? कम रहती है। ठीक है? पापुलेशन कम है। लोग दूर-दूर हमारे यहां है। ठीक है?
13:15 तो ये हमारे छत्तीसगढ़ में कम होने का जनसंख्या के कम होने का एक रीजन है क्योंकि हमारे पास मैदान उतना ज्यादा नहीं है। हमारे पास पहाड़ ज्यादा है। बट इंडिया में देखोगे तो मैदान पर्याप्त मात्रा में आपको यहां पर मिलते हैं। ठीक है? सिंध, पंजाब, राजस्थान, गंगा, यमुना और लास्ट में क्या है? असम। और कण के आधार पे माने सबसे बड़े कण किसके होते हैं? भाबर। सबसे छोटे किसके? खादर। उसको पढ़ेंगे। पहले हम इसको वन बाय वन पढ़ते हैं। ठीक है ना? पहला मैदान एक्सप्लेन कर रहा हूं। उसका नाम है क्या नाम है? सिंध का मैदान। मैदान बनाती है नदियां। कौन बनाती है? नदियां तो पहली नदी ठीक है कौन सी नदी होगी सिंध वही एक मैदान बनाती है कौन सा मैदान सिंध का मैदान चलो देखते हैं
14:09 तो पहला मैदान देखो छोटा सा मैदान है सिंध का मैदान। तो इस सिंध के मैदान को अगर मैप में लोकेट करके छोड़ दें तो समझ में आ ही गया होगा कि मैं कौन से मैदान की बात कर रहा हूं। माने इस वाले हिस्से की बात अपन अपन कर रहे हैं। तो पहला क्वेश्चन तो यही बनता है। पहला पॉइंट इसमें यही बनेगा कि सिंध के मैदान को बनाने वाली नदी का नाम क्या है? कौन है? सिंधु। इसका जो निर्माण है कौन करती है? कौन करती है? सिंधु नजदी।
14:59 ठीक है? पहला सरल है। दूसरा अब थोड़ा समझना भाई। एक सवाल ये है कि यदि मान लो सिंधु जैसे शायद जानते होंगे। सिंधु हिमालय वाले हिस्से में बहती है। हिमालय मतलब पर्वत। सवाल एक सिंपल सा यह है। अगर कोई नदी पर्वत में बह रही है। आंसर देना। ठीक है? अगर कोई नदी पर्वत में बह रही है। अगर कोई नदी मैदान में बह रही है। एक कहां बह रही है? पर्वत और एक मैदान। तो दोनों में ज्यादा फ्लो किसका होगा? >> मैदान में। >> स्पीड। >> पर्वत में होगा ना? पक्का। ठीक है? ये हुई बात। अब सिंधु ऐसी नदी है जो 12 महीने बहती है। सूखती नहीं है। तो जब नदी ऐसे पर्वत से आ रही है मान रहे हो तो कहीं ना कहीं वो स्विंग होगी। इधर-उधर जाएगी। एक रास्ता फिक्स रहेगा नहीं। बट हां ये है
15:46 बहुत अमाउंट ऑफ वाटर एक रास्ता चलेगा। बट कभी-कभी पानी की मात्रा ज्यादा होने के कारण से वो छलक करके बाहर निकल जाता है। जो साइड की छोटी-मोटी धाराएं होती है जो स्टीम्स होता है ना, वह भी बहुत तेज निकलती है। और जब वह ऐसे उछल-उछल करके जब नीचे जाएंगी, ठीक है? तो जहां-जहां जंप करती है उस पूरे हिस्से को जहां-जहां जंप करेगी उस पूरे जगह काटेगी, डैमेज करेगी। तो वहां पे गड्ढा हो जाएगा। क्या हो जाएगा? गड्ढा। ठीक है? गड्ढा हुआ फिर निकल गया आगे। लेकिन ये जो साइड वाला हिस्सा है जो एक्स्ट्रा अमाउंट ऑफ वाटर निकल गया है वो तो एक समय के बाद बंद हो जाएगा। क्यों? क्योंकि पानी की मात्रा क्या हो जाएगी? कम हो जाएगी। 12 महीने पानी का लेवल एकदम बराबर नहीं रहता है। किसी समय पानी का मात्रा बहुत क्या हो जाता है? ज्यादा। तो जहां पर पानी जमा हो रहा है क्योंकि जैसे पानी साइड वाला जो गया तो पानी जब साइड वाला गया है तो जब पानी की मात्रा कम होगी
16:33 तो पानी ने जहां पर गड्ढा किया था और जब बह रहे थे तो बहने वाला अगर सिस्टम कम हुआ बंद हुआ तो जहां पे पानी भरा है वो पानी भरा रहेगा। इमेजिन करना कि मेन नदी के ठीक किनारे में कुछ ऐसे ऐसे गड्ढे बन जाए रहते हैं। और उन्हीं गड्ढों में जहां गड्ढा है वहां पे क्या जमा रहेगा? पानी। और जब किसी गड्ढे में पानी जमा हो जाए तो हम उसे झील कह देते हैं। क्या बोलते हैं? झील। अब जैसे मान लो पानी स्विंग किया, गड्ढा किया आगे चला गया। तो भाई जो स्ट्रक्चर बन रहा है जो स्ट्रक्चर बन रहा है वो स्ट्रक्चर जो है गहरा होगा। कैसा होगा? गहरा और साथ में चौड़ा होगा कि सकरा होगा? चौड़ा कि सकरा? अगर आप कहीं पर देख रहे हो पानी एकदम ज्यादा डीप कर दे रहा है उसको। गहरा
17:18 तो हो जाएगा। बट चौड़ा नहीं होगा। क्या होगा? सकरा। मैदान का हिस्सा थोड़ी ना है। कहां का हिस्सा है? पहाड़ों का हिस्सा है। पहाड़ों में जब नदियां स्प्रे स्विंग करेंगी, गिरेंगी, फिर आगे जाएंगी तो जहां-जहां गिर रही है वहां पे गड्ढा तो करेगा। तो ये गहरा हो गया। और गहरे के साथ-साथ वो जो स्ट्रक्चर है वो गहरा तो होगा लेकिन साथ-साथ क्या हो जाएगा? सकरा। लेकिन जैसे अभी देखो अरपा में पानी फूल चल रहा है। शाम को पानी कम हो जाएगा। आप अरपा किनारे जाओगे तो भले नदी वहां पर नहीं है बट फिर भी देख के बता सकते हो कि हां भाई आज ना अरपा का फ्लो यहां तक आ गया था। नदी वहां पर नहीं है बट नदी का एक कुछ ऐसा इमेज है। नदी का एक ऐसा एविडेंस है जो यह बता रहा है कि नदी यहां पर आई थी। उसे कहते हैं नदी के अवशेष रिवर एविडेंस। तो
18:03 ऐसे एरिया में सिंध के मैदान में एक ऐसा हमको स्ट्रक्चर दिखाई पड़ता है। जब नदियों में फ्लो कम हो जाता है तो ऐसे में जो स्ट्रक्चर है उस स्ट्रक्चर को हम लोग क्या बोलते हैं? उसको बोलते हैं हम लोग थोरोस। ये ज्योग्राफिकल टर्म है। भूगोल का शब्द है ये। क्या बोलते हैं इसको? धरोस। क्या बोलेंगे इसको? धौरोस। ठीक है? धरोस कहां बनता है? कहां बनता है? सिंध के मैदान में। पहला क्वेश्चन धरोस कहां बनेगा? सिंध के मैदान में। दूसरा इसी धरोस की बात करें। धरोस है क्या? बेसिकली तो ये अपन बताएंगे कि सिंध के मैदान में सिंध के मैदान में जो
18:49 सककरे और गहरे गहरे मतलब डीप नदी अवशेष मतलब रिवर एविडेंस। रिवर एविडेंस को धोस कहते हैं। समझ गए? तो सिंध के मैदान में जो मिला है नदी अवशेष मिला है। क्या मिला है? नदी अवशेष। उसका आकृति कैसा है? क्या बताएंगे? सकरा
19:36 भी है और कैसा है? गहरा। आकृति कैसा बताएंगे? सकरा और गहरा। तो उस सककरे गहरे नदी अवशेष को हमने क्या नाम दिया? क्या नाम दिया? धोरोस। धोरोस कहां मिलता है? सिंध के मैदान। आकृति कैसा रहेगा? सकरा और गहरा। और कहां बनता है? कहां बताएंगे? सिंध के मैदान। ये धरोस क्या है बताएंगे? नदी अवशेष। नदी अवशेष। आकृति कैसा रहेगा? सकरा और गहरा। तो सकरे और गहरे नदी के अवशेष को सिंध के मैदान में क्या बोलते हैं? धोरोस बोल दिए। अब मैंने बोला ना उस गड्ढे में पानी जमा हो जाएगा। अब पानी जमा होगा तो पानी तो भाई जब पानी नहीं बह रहा है तो केवल वहां पानी को स्टोर होना पड़ता है। और जब पानी बहेगा तो पानी उसको धकेल देगा और नया पानी भर जाएगा। तो बहुत समय तक पानी वहां पर भरा पड़ा रहता है और ऐसे
20:22 छोटी-छोटी झीलों का निर्माण हो जाता है। तो वो छोटी-छोटी झील जहां पे पानी जमा है उन झीलों को हम लोग क्या नाम देते हैं? उसको बोलते हैं धंड। क्या बोलते हैं? धंड। धनुष के धा। क्या बोलेंगे? धंड। ये क्या लिखा हूं यहां पे? धौरोस। अब लिख रहे हैं क्या लिख रहे हैं हम लोग यहां पे? धंड। ठीक है? तो धंड है क्या? बेसिकली देखो। धोरोस में खारे पानी से मीठा पानी नहीं भाई। कैसा पानी रहेगा? खारा पानी। तोस में खारे पानी से बना झील क्या कहलाएगा धंड
21:08 धंड क्या है बताओगे क्या है झील धंड एक क्या है झील किस में बनता है धरोस धोरोस क्या है धरोस क्या है >> सककरे और गहरे नदी के अवशेष सकरा गहरा नदी का अवशेष है उसको बोलते हैं क्या बोलते हैं धरोस उसमें जब पानी जमा होता है तो पानी का स्वाद कैसा रहता है खारा और उसी पानी को बोलते हैं क्या बोलते हैं ध्यांड ठांड एक झील है बस समझ में आ गया इतना ही पढ़ना है सिंध के मैदान में पहला सवाल सिंध का मैदान कौन बनाती है सिंधु नदी सवाल नंबर दूसरा इस एरिया में नदी का जो अवशेष है उसको हम लोग क्या बोलते हैं धोरोस और उसमें जो झील बनता है झील को क्या बोलते हैं धानंड धानंड का पानी कैसा खारा और धरोस क्या है नदी का अवशेष आकृति
21:54 सकरा और गहरा आकृति सकरा और गहरा ठीक है तो ऐसे में उस सककरे और गहरे नदी के अवशेष को हम लोग बोलते हैं क्या बोलते हैं उसको धोरोस और उसमें बनने वाला झील क्या कहलाता है धांड धांड का पानी कैसा खारा धंड जहां बनता है जिस स्ट्रक्चर में बनता है जिस संरचना में बनता है उसको अपन क्या बोलते हैं धंड जिसमें बनेगा उसको अपन क्या बोलेंगे अरे बताओ धोरोस और धोरोस का स्ट्रक्चर कैसा है? >> गहरा। >> हां। सकरा और गहरा। उसी धरोस में जो झील बनेगा उसको हम लोग क्या बोलेंगे? धान। ठीक है? और धानंड का पानी कैसा? खारा। बस ये दो टर्म है। बाकी ये लाइन बस खत्म। समझ में आ गया सबको? ये मैदान कौन सा मैदान है? सिंध का मैदान। इसको कई किताबें नहीं
22:40 मानती। रीज़ क्योंकि पहाड़ में क्या मैदान बनेगा? बनता है। ठीक है? दूसरा देखते हैं। दूसरा मैदान है पंजाब। कौन सा मैदान है? पंजाब। वेरीेंट। वो आज तक आया नहीं। ठीक है? इसलिए मैं जो पढ़ा रहा हूं वो आज तक कई सारे चीज ऐसा है जो अभी तक आया नहीं है। पहला चीज और आगे चल के आएगा तो आपसे बनना चाहिए। फिर ठीक? इसलिए बोलते हैं नोट्स के अलावा अगर नहीं भी पढ़ पाते हो सिवाय घटनाचक्र लगा के काम चला लोगे तो भी तुम्हारा सिलेबस कवर हो जाएगा। एक्स्ट्रा बुक जो पूछते हो ना म बता देता हूं लेकिन वह नहीं भी पढ़ोगे तो भी नोट्स से पर्याप्त है लेकिन बुक पढ़ना चाहिए एक
23:27 आध लेकिन पूरा नोट्स और घटनाचक्रो को पढ़ने के बाद जो लोग घटनाचक्र लगा रहे होंगे उनको मालूम पड़ रहा होगा कि जितना सारा पढ़ाता हूं ना उससे आपको 95% से ज्यादा क्वेश्चन बन जाते हैं। जो लगाते होंगे उनकी बात कर रहे हैं। ठीक है? इसलिए बोलता हूं लगाइए और इस चीजों को फील करिए कि जो पढ़ाया जा रहा है वो एग्जाम में बनता है। जो आए हुए प्रश्न उससे बन रहे हैं कि नहीं बन रहे हैं। तभी तो मालूम पड़ेगा ना कि हम जो पढ़ रहे हैं वो सही डायरेक्शन में पढ़ रहे हैं कि नहीं पढ़ रहे हैं। और क्वेश्चन नहीं लगाओगे तो पढ़ तो लोगे याद हो जाएगा। बट क्वेश्चन आ कैसा रहा है? उसको बनाना कैसा? कैसे समझेंगे अपन? इसलिए घटनाचक्र लेना चाहिए। लेना ही है। लेना क्या चाहिए? अनिवार्य है। लेना है और उससे आपको क्वेश्चन बनाना है। ठीक है? ये जरूरी है। और फोन ऑन चला रहे हो क्या? रख लो यार प्लीज। कल एक लड़के के ना मैं ऐसे ही फोन चला रहा था। फोन जब्त हो गया
24:13 है और फोन मेरे पास रखा हुआ है। सॉरी वाली बात नहीं। फोन जब्त कर लूंगा। फिर तुम मांगने आओगे। सर वही एकदम गरीबों की तरह सर प्लीज दे दीजिए। फिर तुम घर में जाकर बताओगे। पिछले एकेडमी में एक लड़के एक लड़के का जो एकदम एकदम मेरा खास स्टूडेंट है। एकदम खास मतलब वो अभी भाई टाइप का है। उसको फोन रख लिया था। उसको मैं दो दिन फोन नहीं दिया था। वो यहां से पैदल घर गया था। ठीक है ना? मैं बता दे रहा हूं। उस समय उसको फोन दो दिन नहीं दिया था। उसके पेरेंट्स भी कॉल नहीं किए थे। बोले कि ठीक है अच्छा किए कोई बात नहीं है। वह बंदा यहां से पैदल घर गया। लिफ्ट ले घर गया। उसके दोस्त मिलने आए थे। फोन मेरे पास था। मिल नहीं पाए। बहुत सारे नुकसान हो गए थे। इसलिए फोन मत चलाना मेरी क्लास में। दो दिन बाद फोन दिया था। दो दिन बाद ठीक। इतने कॉल आए उसमें। ठीक है। रात में ही फोन आ रहा था। बाबू कहां हो?
24:59 तो बताया मैं तुम्हारा बाबू अभी रिजर्व है। ठीक है। सुरक्षित है। टेंशन मत लो। फोन मेरे पास है तो बोली ठीक है सर अच्छा किए मतलब तुम पढ़ाए पढ़ने दो बाबू को उसको तुम्हारा फोन भी रख लूंगा फिर पता चल जाएगा तुम्हारा वाला भी फिर मैं बता दूंगा तुम्हारे घर में यह नंबर है ये तुम्हारी बहू आपकी बहू होने वाली फिर देख लेना शादी एग्जाम से पहले बारात जाना पड़ेगा चलो इसलिए फोन ऑन मत चलाया करो इसी चीज को बोलने का तरीका मेरा पहले अलग था अब अलग तरीके से बोल रहा हूं। पहले अभी तक तुम क्लास में बैठे नहीं होते। उठ के चले जा रहे थे। हम चलो अंदर वही चल रहा है। लेकिन अब क्या बताऊं चलो। दिखावा ही करना पड़ता है ना कि मैं अच्छा
25:45 हूं। चलो। तो पंजाब का मैदान जो अपने को मिलता है वो पंजाब का मैदान बेसिकली जो यहां पर देखो पढ़ने क्लास के समय फोन मत चलाया करो। रीजन उसके बहुत सारे हैं। ठीक है? फोन मेरे पास भी है। फोन पलट के रखना पड़ता है। कॉल वाला आएगा। डिस्टरबेंस होता है। एकदम इंपॉर्टेंट कॉल है तो ठीक है। लेकिन दो-ती घंटे फोन को बैग में डाल के बैठा करो। आराम से अच्छा लगता है। फोन से थोड़ा डिस्टेंस मेंटेन करिए। लाइफ थोड़ी इजी लगेगी। एक आध दिन रूम में छोड़ के आना अपना फोन। सब अगर कोई अर्जेंट कॉल ना आता होगा। अगर कोई एकदम सक्की बॉयफ्रेंड नहीं होगा तो। जब सक्की गर्लफ्रेंड नहीं होगी तो किसके साथ बैठे हो? है ना? अगर वैसा वाला सीन नहीं होगा रिश्ता तोड़ने वाला तो ऐसे रिश्तों को आप
26:31 तोड़ दो ज्यादा अच्छा। ठीक है? फ्री रहिए और फ्री रखिए। तनाव मुक्त रहिए और तनाव मुक्त रहने दीजिए किसी को। तनाव मुक्त रहो। कह रहा हूं। ये नहीं कि फोन बार-बार मैसेज हर दो घंटे में उनको क्लास खत्म हुआ नहीं। फोकट छाप उधर आदमी कोई बैठा है या बैठी है। तुम्हारा क्लास खत्म हुआ कि नहीं हुआ? मैसेज क्यों नहीं किए? ठीक है। सांस अटक रही थी। अगर वैसे वाले सीन में जी रहे हो तो मैं कहता हूं कि उसको बोल दो सॉरी भैया सॉरी बहन आज तक ऐसा करके है ना खत्म कर दो जो भी इस तरह के बंधन में बंधे हो कितना भी इंपॉर्टेंट आता है मैसेज हटा दिया करो क्लियर उसमें ऐसे रिश्तों से आपकी तैयारी का जो समय है ना वो बहुत बढ़ जाएगा ध्यान
27:16 रखना ब्रिलियंट लोग भी ऐसे चीजें गलत नहीं है इनका इंपैक्ट गलत पड़ता है उसका भी इंटेंशन गलत नहीं है आपके इंटेंशन गलत नहीं है धीरे-धीरे इस जो टाइम हमारा खपता चला जाता है और हमारी अननेसेसरी जो मेंटल एनर्जी है वो वहीं चली जाती है और धीरे-धीरे हमारे पूरी पढ़ाई का एक बहुत बड़ा सेक्शन उधर चला जाता है और हम पूरी तरीके से बर्बाद होते चले जाते हैं और मालूम पड़ता है और बर्बाद हो जाते हैं। फिर दोबारा से हम क्या करते हैं? स्टार्ट करते हैं। इसलिए कह रहा हूं कि थोड़ा सा इन सब चीजों में बहुत कम ध्यान दो। मतलब बिलीफ सिस्टम पे काम करना पड़ेगा। पहला चीज दूसरा यह है कि आपको पढ़ाई को प्रायोरिटी रखनी है। चाहे आपका जो भी खास है वह आपका यहीं है, चाहे कहीं बाहर है। इस बात को ध्यान रखें कि वो सब चीज बन जाता है अगर यह बन जाएगा तो। और वो
28:02 सब बिगड़ जाता है अगर यह ना बने तो। तो बहुत सारे ऐसे पास्ट में एग्जांपल हुए हैं जिसमें अच्छे खासे रिश्ते सिर्फ इसलिए टूट गए कि लड़की नौकरी पर रह गया, रह गई और लड़का बेरोजगार रह गया। तो उसने छोड़ दिया। घर वाले नहीं मान रहे हैं। तो भाई लड़के भी ऐसा करते होंगे कहीं ना कहीं कि सिर्फ आंखों देखा उदाहरण है। ठीक है? और जो लड़की है वह बहुत अच्छे पद पर गई है। और लड़का उसके बाद फूट-फूट कर रोया है कि मैंने इसके लिए क्या नहीं किया। मैंने इसके लिए अपने लाइफ का एक संपत्ति उधार लेकर इसको पढ़ाया। बट आज ये बनने के बाद मेरे को छोड़ के चली गई। मैं ऐसे मैं लड़कियों की स्कॉल नहीं कर रहा हूं। ठीक है? मैं सिर्फ बता रहा हूं कि इस वसा भी हो सकता है। लड़के भी क्विट कर सकते हैं। इसलिए आप अपना औकात बनाइए और अपने पसंद का जीवन साथी चुनिए। ठीक है? अपने हिसाब से
28:48 लाइफ को जिए। लेकिन वो दूसरों के पैसे पे नहीं पेरेंट्स के पैसे पे नहीं अपने पैसे पर। समय लगेगा उसमें। ठीक है? तो इन सब फोन को ना बैग में डाल के प्रॉपर रखा करो। तुम लोग जो जेबा में डाले रहते हो एकदम से ना। है ना? वो ईंटा टाइप वाला फोन बड़ा-बड़ा फोन आजकल आ ही गया वैसे भी। पॉकेट से हटा करके उसको रख लो। क्या बोलते हैं? बैग में रख लो। अच्छे से पढ़ पाओगे। नहीं तो फिर से एक आध वाइब्रेशन आएगा। फिर तुम चेक करोगे एकदम से धीरे से चोरी छुपे। एक आ तो हार्ट दिख गया तो तुम्हारा पूरा ध्यान वहां चला जाएगा। एक आठो गुस्सा दिख गया पूरा ध्यान वहां चला गया। क्या हो गया भाई? तुम रात में फोन क्यों नहीं किए? पढ़ रहा था। तो लाइन में रहते रहते नहीं पढ़ सकते क्या? है ना? सबको याद आ रहा होगा। समझ में आ रहा होगा? हां सर किसी बात का और यह फोन
29:34 में रह के पढ़ने वाला स्टोरी खत्म कर दो। जितना ध्यान बटाओगे कई लोग इसमें ऐसे टैलेंटेड भी होंगे लड़के या लड़कियां जो एक साथ दो तीन चला रहे होंगे तो एज ही ऐसा है क्या करोगे लेकिन दूसरा है कि आपका ध्यान तीन तरफ बटा है ध्यान रखें आपको वहां से चीजें छुटपुट मिल रही होंगे ऐसा नहीं है लेकिन इसका जो क्या कहते हैं फिर आपकी पढ़ाई का जो क्या कहते हैं इसमें जो कंसंट्रेशन का जो लेवल है कम हो जाएगा हां बहुत सारे एक्सपीरियंस हमारे फ्रेंड्स मतलब मेरा एक्सपीरियंस सेटल्ड हेड है समझ लो मैंने जो किया उसका एकदम अच्छा परिणाम मुझे मिला है और आई एम वेरी सेटिस्फाइड विथ माय पास्ट एज वेल प्रेजेंट ठीक है ना कन्वर्ट होना भी तो चाहिए ना ये हर किसी के नसीब में होता भी नहीं है ठीक है इसलिए
30:22 मैं कह रहा हूं कि सारी चीजें जो है ना गलतियां नहीं करना मैं तो बचते-बचते बच गया और फॉर्चूनेटली ऐसा साथ मिलता है कि जो आपको बचाए डूबाने वाला बहुत है ठीक तो इसलिए कह रहा हूं जितना मैंने एग्जांपल देखा है बहुत सारे जो मैं एग्जांपल दिया हूं डीसी का एग्जांपल है वो कि लड़की का डीसी बनना और लड़के कुछ ना बनना वो हमारे ही फील्ड से है जो लड़का रह गया वो अभी भी कहीं पढ़ा रहा है उसका नाम नहीं बताना उचित रहेगा ठीक है लेकिन यहां नहीं है दूसरे शहर में म छत्तीसगढ़ से बाहर चला गया वो सिर्फ इसलिए कि उसको देख नहीं पाऊंगा मैं और देखना पड़ेगा उसको यहां पर तो तो जो वैक्यूम उसने अब लाइफ में जनरेट किया है मतलब कि सारी चीजों से टूट गया है हर उस चीज से टूट भाग रहा है जिससे उसका संबंध पहले कहीं ना कहीं उससे रहा हो तो ऐसे कंडीशन उसको शहर क्या पूरा
31:10 राज्य छोड़ना पड़ा अब दूसरे राज्यों में बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। सोशल मीडिया में इतना एक्टिव था उसको सोशल मीडिया बंद करना पड़ रहा है। देख क्योंकि लड़की तो भाई अपना डीसी का जो जलवा तो दिखाएगी ना क्यों दिखाएगी? शॉट्स बनाना, रील्स बनाना तो उसको नहीं देख पाना। तो जो पहले कहीं और था अब वो अब वैक्यूम में चला गया। मतलब निर्वात बोलते हैं इसको। जीरो लाइफ कहते हैं। नो मोर कनेक्शन। किसी भी ऐसे व्यक्ति से मिलने से डर लगता है जिसका सम जो उसकी यादें उसको दिलाता हो। ठीक है? तो ऐसा भी है तो कल को ऐसा ना हो जाए कि हम फोन चेक कर रहे हैं। और इस फोन चेक करते-चलते ठीक आगे का लाइव डिरेल हो जाए। सो ध्यान रखना अभी सब एकदम छोटे-छोटे हो। एकदम छोटे भाई बहन हो तुम लोग। और दूसरा यह है कि तुम लोग क्या कहते हैं? अभी एकदम जस्ट
31:55 स्टार्ट कर रहे हो तैयारी। तो यहां से तैयारी नहीं यहां से बहुत सारी चीजें स्टार्ट हो जाती है। इसलिए मैं कहता हूं कि सब चीजों को ड्रॉप कर दीजिए। सब चीज सब चीज ड्रॉप कर दो फिर भी आप मानोगे नहीं क्योंकि मैनेज कर लेंगे। अरे मैनेज करना ही क्यों है ऐसी चीजों को? काहे के लिए इंपॉर्टेंट थोड़ी ना है। एकदम अति आवश्यक है कि हां चलो बचपन में ही बाल विवाह लिख दिया गया है कि होना इसी से ही है तो अलग बात है। लेकिन जब नहीं है ऐसा कुछ सीन तो बेवजह इन चीजों को मैं कह रहा हूं चीजें गलत नहीं है। ये जेन्युइन है। लेकिन इन चीजों के इफेक्ट गलत पड़ते हैं। यहां पर इसमें हां अगर आप कुछ नहीं कर रहे तो बहुत अच्छा चीज है। एक अच्छा टाइम ऑन चीज होता है। टाइम ऑन हो जाता है। लेकिन जब नहीं है आपके पास कुछ और कुछ आप करने आए हो तो ज्यादा
32:40 इंपॉर्टेंट यही है ये सबसे इंपॉर्टेंट है बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वो तो वहीं रहेगा उसको रहना होगा तो वो कहते हैं जिसको जाना है वो तो जाएगा ही आप रोक नहीं सकते और जिसको आना है वापस आएगा ही तो आप ऐसा बनाइए अपने आप में मैग्नेटिक इफेक्ट रखिए चुंबकत्व का गुण कि आपका स्थिति ऐसा हो कि लोग दुनिया जहान छोड़ के आपके पास दौड़े चले जाए आपको भागना ना पड़े इस बात को थोड़ा सा ध्यान रखना फोन फोन ऑन से डिस्टेंस हालांकि हम लोग भी काफी जुड़े रहते हैं फोन से बट हमारा दो प्रकार का काम है। एक तो पर्सनल भी रहता है। दूसरा यही रहता है काम कि सर इसका आंसर बताइए। इसलिए फोन देखना पड़ता है। आपके पास ऐसा कौन सा काम है? नहीं है। म आप फोन से थोड़ा सा मुक्ति पा सकते हो। ये कह रहा हूं।
33:25 और इतिहास ये है कि मैक्सिमम वो लोग पास हुए हैं। मैक्सिमम वो लोग सफल हुए हैं। ठीक है? जो इससे दूरी बना के रखे हैं। वो कहते भी ना कि थोड़ा सोशल मीडिया से दूर रहिए। माने अगर अपने आप में कंट्रोल नहीं है तो आप फिर ऐसा करिए इन सबको बंद कर दीजिए क्योंकि आपको भी पता है कि आप जब फोन उठाने उठाते हो तो धीरे-धीरे वो कब 10 मिनट से 20 मिनट और कब वो 20 मिनट से 1 घंटे हो जाता है आपको पता नहीं चलता है तो और जितने मैं कंसंट्रेशन से फोन चलाता हूं या आप चलाते हो उतने कंसंट्रेशन से आप पढ़ते नहीं हो तो जो आपने दिन भर का 10 घंटे पढ़ा भी होगा ना वो 10 मिनट 5 मिनट के ही फोन चलाने से ही ना आपका पूरा का पूरा यह जो पढ़ा हुआ है सब खत्म हो जाएगा। आप देख लो
34:11 ट्राई करके जो मन में खिन्नता आती है याद नहीं हो रहा है क्योंकि आपका ध्यान बटा ना मैं कह रहा हूं ना चीजों को बांटोगे तो फिर बटेगा यहां कम फोकस रहेगा इसे थोड़ा सा अपने आप को सिस्टेटिकली बना के रखो मतलब यहीं रखिए यहीं रखिए ठीक है ना दो तीन साल थोड़ा सा कष्ट रहेगा इन सब चीजों से आप देख के थोड़ा सा मतलब मेंटेन करो। डिस्टेंस यह ज्यादा जरूरी है। इस बात को मैं एज अ सीनियर भी एज अ प्रीवियस एस्पिरेंट ऑफ़ सीजीपीएससी भी ठीक है? एक एक्सपीरियंस होल्डर भी तरीके बोल सकते हो। ठीक है? अब तो लाइफ सेटल हो चुकी है। कोई दिक्कत नहीं है। और एक बड़े भाई के नाते भी कह रहा हूं कि ताकि गलतियां मत करो आप। नहीं तो फिर क्या है ना गलतियां हो जाती है। उसका मिस्टेक उसको म साफ करते-करते
34:56 आपको समय और लगेगा। बहुत जरूरी है। फोन से डिस्टेंस जैसे आप सुबह उठते हो तो मैं सुबह कह रहा हूं फोन को बिल्कुल भी मत छुओ। मत छुओ फोन को। हां। अब कोचिंग का मैसेज आ रहा है तो क्लास आने से पहले आप देख लीजिए ना। मान लो कहीं क्लास ब्रेक हो गई या कुछ हो गया चेंज हो गया तो क्लास आने से पहले देख लीजिए। लेकिन उठते ही फोन उठाएंगे तो फिर भाई 2 मिनट क्योंकि रात का पढ़ा हुआ सुबह कायदे से मेरे को उठकर उसको रिकॉल करना चाहिए ना कि क्या करना चाहिए उसको फोन उठाना चाहिए तो वो अगर आप रिकॉल करके सोए हैं तो उसको सुबह उठ के पढ़िए छात्र जीवन में बहुत सारी चीजें मैटर करती हैं कि आप किस प्रकार के छात्र हैं सीरियस सिंसियर जो भी हैं डिवोटेड हैं कि नहीं हैं कि कोचिंग
35:42 करने वाले छात्र हैं कि बिलासपुर में भीड़ बनाने वाले छात्र हैं किस टाइप के छात्र हैं ये मैटर करता है हर प्रकार के बच्चे के है। अब जितनी बातें बोल रहा हूं वो सारी बातों में सहमत तो हो लेकिन इन बातों में अमल करने वालों की संख्या बहुत कम होगी। अब क्यों ही अमल करोगे मेरी बातों को? क्योंकि आपको भी अपनी लाइफ जीने का पूरा अधिकार है। कुछ लोग बोल रहे हैं सर अपन करिश तब सर तो नहीं है। अब हम मतलब मना कर रहे थे। एकदम के है सर भी। ठीक है। तो क्या करूं? अब मेरा काम जिस प्लेटफार्म में हूं उस हिसाब से बात कर रहा हूं मैं। कुछ लोग आते हैं सर वह भूला नहीं जा रहा है मेरे से तो मैं बोलूंगा भाई तू ना उसको याद करके पढ़ अब
36:29 मैं दो चार बार बोलूंगा छोड़ दो रहने दो जाने दो क्यों जबरदस्ती उसको मतलब याद कर रहे हो मुझ में क्या कमी थी सर भाई तेरे में क्या कमी मैं कैसे बताऊं वो बताएगी तो और दूसरा यह है जिस चीजों को आपको लग रहा है कि हां जैसे मान लो कुछ लोग रहते हैं। सयाना वाला भी ट्रेंड चल ही रहा था। कई लोग मरतेमरते बचे हैं। उसी में एक धड़क भी आ गई कहीं ऊपर से। तो ये आप लोगों का जनरेशन का मूवी है ये। ठीक है? तो इसका बहुत सारे लोग इमोशनल हो जा रहे हैं। देखो पिक्चर को एकदम हमेशा पिक्चर की तरह ही देखा करो। बहुत जरूरी है। पिक्चर में अपने आप को बैठे-बैठे हीरो मान लेना। अपने आप को हीरोइन मान लेना। ठीक है? उन लोग महंगी गाइ में गाड़ी में
37:15 बैठ के ऐसे बांध रहे हैं। आप भले साइकिल वाले होगे चल जाएगा लेकिन आप भी अपने आप को थोड़ा छोटा थोड़ी ना मानोगे। तो फिर वो वही है दिमाग वहीं जाएगा। देखो थोड़ा सा इमोशनली अपने को यहां इन्वेस्ट करने की जरूरत है यहां इसमें पढ़ाई में। चाहे इमोशनल हो, चाहे मेंटल हो, चाहे फिजिकल हो, चाहे इकोनॉमिकल हो, जैसा भी इन्वेस्टमेंट यहीं किया करो। इकोनॉमिकल इन्वेस्टमेंट कैसे करें? किताबों को लीजिए, पढ़िए, अच्छे-अच्छे सोर्सर्सेस उठाइए। ठीक है? एक बुक होती है प्रतियोगिता दर्पण की इसको लिया करो हर महीने। जिनको करंट अफेयर पढ़ना हो अभी से। ठीक है? विषय की समझ बनानी हो तो इंडिया लेवल का ये मैगज़ीन आता है। समथिंग 125 मैं आज भी बुक लेता हूं। मेरे पास हर मंथ का मैगज़ीन पढ़ा ही रहता है लगभग। ऐसे एक रो पूरी पड़ी है दो
38:02 साल की। तो काम क्या आता है? रद्दी में बेचने काम नहीं आता है। इसमें कभी-कभी हर हर बुक में कुछ ना कुछ सीखने को मिलता ही है। दो पेज उठाए कुछ आर्टिकल मिल गया। उसी आर्टिकल को मैंने पढ़ा। मेरा वैल्यू एडिशन हो गया। मैंने बता दिया क्योंकि ये भले ही दो साल की पुरानी किताबें हैं। बट इसमें जो चीजें होती है ना उसमें कुछ ऐसेसे लिख के आता है लेख निबंध आर्टिकल जिसको पढ़ोगे तो मजा आता है। पीछे एमसीक्यू क्वेश्चन होते हैं वन लाइनर वाले। यहां समय कमाइए ना। एक्स्ट्रा आप क्या करते हो? यही आपको एग्जाम के लिए यह बुक ले लेना याद से। पढ़ पाओ चाहे ना पढ़ पाओ। ठीक?
38:49 पढ़ पाओ चाहे ना पढ़ पाओ। उसमें मैटर नहीं करता। मैटर ये करता है कि इस बुक को ले रहो। पहली बात तो पढ़ते कैसा है क्या? और यह हर महीने की 10 तारीख को आता है। 9 10 तारीख के आसपास आता है। अर्जुन ठीक है। तो इस बुक को लेना पहली बात तो आज 10 तारीख है नहीं आज 14 तारीख है ना कल तुम लोग आजाद हो जाओगे। है ना? तो
39:35 यह बुक को लेना हर महीने 9 10 तारीख को आएगी तो आपका टारगेट होना चाहिए अगले 10 तारीख के पहले इसको खत्म करना एक बार नहीं कम से कम तीन बार कम से कम कितनी बार तीन बार तो सर इससे कवर हो जाएगा नहीं और आपको पढ़ना पड़ेगा तो यह कब काम आएगा जब एग्जाम से पहले कुछ मैगजीन आती हैं वह सारे के सारे मैगजीन जो हैं वह इन्हीं सारे के सारे मंथली मैगजीन का निचोड़ रहता है वह इनमें से कुछ एकदम इंपॉर्टेंट इंपोर्टेंट चीजों को ही उसमें क्या करेगा? शामिल करेगा। तो यह सारी जो बुक्स हैं, यह बुक्स धीरे-धीरे धीरे-धीरे आपको बताएंगी कि कैसे इसको पढ़ा जाता है। देखो ये वाला बुक है। जो लोग नहीं देखे हो देखो मैं अभी भी लेता हूं।
40:22 क्योंकि इसको लेने से माने आप इसको लीजिए। ऐसा नहीं है। माने इसके अलावा और भी ले सकते हो। ये ऐसा रहेगा हेडिंग। ठीक है? और इसको जब पढ़ोगे एक ही बुक पढ़ने के फायदे हैं। आपको हर बुक का फॉर्मेट समझ में आ जाता है। पैटर्न वैसे ही रहना है। ठीक है? जैसे इसमें शुरू में जो रहता है वो दिल्ली के कोचिंग संस्थान का एड्रेस रहता है। दिल्ली कोचिंग संस्थान का थोड़ा ऐड वेट रहेगा। ठीक है? जैसे दिल्ली जो संस्थान है। अब इसमें एक बहुत बड़ा आर्टिकल रहता है। इसमें लिखा है। दिखेगा नहीं दिखेगा देख लेना। व्यक्ति की आत्मा उसकी उसका सर्वोत्तम शिक्षक ऐसा लिखा है। एक पैराग्राफ है। लेकिन इसमें पढ़ते-पढ़ते आप थोड़ा सा बोर हो जाओगे। इसलिए उसके बाद सीधे आता है राष्ट्रीय घटनाक्रम नेशनल इवेंट्स।
41:10 तो पहले आप इसका हेडिंग पढ़िए। हेडिंग पढ़िए उसके बाद फिर अंदर पहले सबका हेडिंग पढ़ो। क्या कह रहा है? अरे 10 में से दो हेडिंग समझ में आएगा। जैसे मान लो पहला ही हेडिंग है नई खेल नीति 2025। अब समझ में आ ही रहा हो खेल के बारे में बात क्या होगा। ठीक है? कुछ तो मैं मालूम पड़ेगा। नौसेना क्या होता है? मजगांव अब इसमें देखो मजगांव डॉग शिप बिल्डिंग्स ऐसा लिख दिया है। अब जब पढ़ोगे आगे भूगोल में चलके तो इंडस्ट्री जो कि शिप बनाने का काम करती है। मजगांव मुंबई तो पूछ लेगा मजगांव शिप बिल्डिंग कंपनी कहां है? जब पढ़ोगे नहीं तो फिर करंट अफेयर रेडी कैसे होगा? ठीक? जैसे अभी देखो एक व्यक्ति बहुत चर्चा में थे। उनका नाम था जगदीप धनकड़ करके। इस्तीफा दे दिया उन्होंने। तो थोड़ा सा पढ़ लो ताकि जब संविधान स्टार्ट हो उस समय फिर क्या होगा? आप उनके समझ तो पाओगे हां
41:56 भाई इनके बारे में चर्चा की गई थी और नहीं तो जो पढ़ेगा वही बस लिंक कर पाएगा नहीं तो वो नहीं जानेगा जगदीप धनपड़ को किसी को ठीक तो ये पढ़ोगे इसमें दोनों रहता है नेशनल भी रहता है और इंटरनेशनल भी रहता है जैसे आसपास जितने कंट्री हैं उन सारे कंट्री में कौन सा संगठन चल रहा है क्या चल रहा है उसमें फिर इकोनॉमिक्स का भी दिया रहता है थोड़ा-थोड़ा इकोनॉमिक्स हालांकि समझ में नहीं आएगा आपको बिना पढ़े ठीक उसके बाद कुछ इसमें महत्वपूर्ण दिवस है कि 1 जुलाई क्या मनाते हैं? 1 जुलाई क्या मनाते हैं? 4 जुलाई क्या मनाते हैं? 5 जुलाई सब इसमें दिया है। लाइन से पढ़ोगे। उसके अलावा इसमें फिर आपको क्या कहते हैं? कुछ पुराने स्तर के क्वेश्चन माने जो पुराने वन लाइनर क्वेश्चन हर प्रकार के हिस्ट्री के, ज्योग्राफी के भी
42:41 रहते हैं। ठीक है ना? और पॉलिटी के भी रहेंगे, अर्थव्यवस्था के भी रहेंगे, पर्यावरण के रहेंगे। एक बार ले के देखना। यह प्री और मेंस दोनों में काम आता है। पूरा तो नहीं पढ़ना है। जैसे देखो एक कुछ क्वेश्चन एमसीक्यू यहां पर दिए हुए हैं। ठीक है ना? और अगर मान लो ऐसे एक दो प्रैक्टिस सेट नहीं है। बहुत सारे प्रैक्टिस होते हैं। इसमें लगभग मान के चलो कि एग्जांपल बता दे रहा हूं। इसमें 150 क्वेश्चन तो यहीं दिए हैं मैथ्स एंड रीजनिंग प्लस जीएस मिलाकर के। अगर हर महीने-150 क्वेश्चन कम से कम यहां से उठाओ। ये तो कम से कम बता रहा हूं आगे और इसमें मिलेगा आपको। ठीक है? तो सोच लो कि साल भर में कितना हो जाएगा। लेकिन इसको बार-बार पढ़ने बोला ना एक बार
43:27 नहीं कितनी बार? तीन बार। लिखते मत बैठना कि पता चला इसी को आपने छापना चालू कर दिया। पढ़िए एक आध दो बार। मैं बोला ना यही इकोनॉमिकल इन्वेस्टमेंट करो। ठीक है? फिर इकोनॉमिकल इकोनॉमिक्स में भी देखो आर्थिक घटनाक्रम वस्तुनिष्ठ प्रश्न इकोनॉमिक्स के क्वेश्चन इसमें दिए। अब इकोनॉमिक्स स्टार्ट हुआ नहीं है। इसके अपने 50 क्वेश्चन। फिर आगे आप और इसमें मिलेंगे। क्या आप जानते हो कि ठीक है ऐसा मतलब इसमें आपको मिलेगा कुछ अगर आप अभी अगर नहीं लेना चाहते हो लेकिन एटलीस्ट 5 महीने के बाद अभी तुम लोग पांच महीने हुआ नहीं पढ़ते-पढ़ते हो गया है क्या नहीं हुआ है ना कम से कम 4 महीने के बाद लेना चाहिए अभी नहीं और अभी लोगे तो भी समझ में आ जाएगा ऐसा नहीं है जैसे ग्रेमी अवार्ड्स क्या होता है उसमें दिया हुआ है ग्लोब
44:14 अवार्ड्स क्या होता है यह दिया है प्लेयर ऑफ द ईयर टूर्नामेंट किसको मिला मतलब ऐसा बहुत सारी चीजें आपको इसमें मिलेंग पढ़ने के लिए। जैसे हर साल देखो एक ओपन होता है। टेनिस आपने देखा होगा शायद टेनिस होता है। तो उसमें ओपन होता है। ऑस्ट्रेलियन होता है, फ्रेंच होता है, विंबल्डन होता है। ऐसा होता है। तो जब ओपन का समय यहां पर दिया है। देखो ओपन के साथ-साथ समय कि वो ओपन किस समय होता है? ये तो हर साल उसी टाइम पे होना है। विनर्स का नाम आपको बार-बार चेंज होता रहता है। बस हो गया। तो पहले ओपन का नाम, क्रम, समय और साथ में विनर का नाम, मेल में कौन है, फीमेल में कौन है? ऐसा करके। अब ये करंट अफेयर बन जाता है। जिनको अगले साल देना है उनको तो अभी पढ़ना पड़ेगा। जो अगले साल प्री देने वाले हो जो भी ग्रेजुएट्स हो कितने लोग दो अगले साल प्री माने एलिजिबल कितने लोग हो जाओगे जिनकी उम्र हो जाएगी 21 देने की हां जितने
45:01 लोग भी हैं वो इसको पढ़िए और जिनका अगले के अगले साल है वो एक दो चार महीने और रुक सकते हो। ठीक है? चलो ठीक है। तो बुक का नाम समझ में आ गया? इसको जरूर पढ़ना एक बार समय निकाल करके। ना समझ में आए लेकिन तो भी लेना कोई दिक्कत नहीं है। चलो और ऐसा नहीं कि इसका मैं प्रचार कर रहा हूं। इसमें कोई मेरा कमीशन अगर नहीं है ना पहले बता रहा हूं। ये नहीं कि अरे सर अपना कमाई दिखा रहे हैं। जानता है नहीं कौन राइटर है क्या है। देखो तो ये मैदान है। कौन सा मैदान बोलेंगे? पंजाब। तो पंजाब के मैदान में पहले तो देखो यह मैदान पंजाब का मैदान है और इसी मैदान का जो फॉर्मेशन है, इसका जो निर्माण है, इस पंजाब के मैदान का जो निर्माण अपन देख रहे हैं।
45:50 इस पंजाब के मैदान का जो निर्माण है, पहला पॉइंट, इसका निर्माण कौन करता है? इसका निर्माण करती हैं सिंधु की सहायक नदियां। इसका निर्माण कौन करती है? सिंधु की सहायक नदी। नदी अगला हमारा चैप्टर ही है। तब पढ़ेंगे इसमें आगे विस्तार से। अभी आप देख लो कि सिंधु की सहायक नदी कौन सी है? पहला पॉइंट। दूसरा तो पांच दब से पंजाब का निर्माण होता है। पंजाब बनता है। दोआब बेसिकली होता क्या है? दोआब मतलब
46:38 होता है दो नदी के बीच का क्षेत्र। दो और आब लिखा है। आब मतलब पानी। तो यहां लिखा है ना पंज आब लिखा है पांच पानी वाला क्षेत्र ऐसा समझेंगे। ठीक है? दो नदी के बीच का क्षेत्र क्या कहलाता है? बोलेंगे दोहा। इंग्लिश में बोलते हैं दोब। ठीक है? जैसे एक नदी इधर चली गई। एक वहां चला गया। बीच में पूरा ये जमीन है। इसी जमीन को बोलते हैं। क्या बोलते हैं इसको? दोहाब। ठीक है? अब दूसरा दो नदी के बीच का क्षेत्र दोब कहलाता है। अब इसी कंडीशन में पंजाब का मैदान जो है कैसे बनेगा? देखो सबसे पहली नदी का नाम सिंधु।
47:27 उसके बाद दूसरा नदी झेलम चिनाब रावी ब्यास और सतलज। जेसीआरबीएस जेसीआरबीएस क्या बोलेंगे? जेसीआरबीएस जेसीआरबीएस क्या बोलोगे? जे सी आर बी एस जे से झेलम झे से झेलम सी से चिनाब र से राबी बी से ब्यास और एस से सतलज ये तो पहले नाम सुने होंगे नदी का तो सिंधु झेलम चेनाब रावी व्यास और क्या है सतलज ये क्रम भी रहेगा तो हर दो नदी के
48:12 बीच में दआब है तो यहां जो दुआब बीच में मिलेगा इस दब को हम लोग बोलते हैं सिंध सागर द्वाब। सिंध सागर। क्या बोलोगे? सिंध सागर। क्या बोलेंगे? सिंध सागर। क्या बोलना है? सिंध सागर। एक द्वाब ये है। तो सिंध सागर द्वाब किसके-किसके बीच में बताओगे? सिंधु और झेलम। है ना? वही देख के बता सकते हैं। क्लियर है ना? दूसरा दूसरा बोलते हैं हम लोग। यहां पर उसको बोलेंगे चाज। क्या बोलेंगे? चाज। चाजदब। क्या बोलेंगे? चाजदब। क्या बोलना है? चाजब। झेलम और क्या रहेगा? चिनाब। झेलम और चिनाब। उसके बाद हमको मिलता है रेचना। रेचना। क्या बोलेंगे? रेचना। क्या बोलेंगे? रेचना। रेचना। क्या बोलेंगे? रेचना। चिनाब और क्या बोलेंगे? राबी। चिनाब और राबी के बीच में क्या रहेगा? रेचनाब। फिर मिलता है
48:58 बारी। बारी दुआब। क्या नाम रहेगा? बारी दुआब। और एक मिलता है बिस्तुआब। ठीक है? झेलम, चिनाब, रावी, व्यास और सतलज इन सारे के सारे दआब के बीच में आपको बहुत सारा आपको दआब मिलेगा। मतलब नदी के बीच का हिस्सा दुआब कहलाता है। पहला चीज तो एक दो तीन चार और कितना? पांच। बोला ना पांच दुआब का क्षेत्र। पांच दआब से क्या बनता है? पंजाब। अब ये ऐसी नदियां है जो 12 महीने बहती हैं। जब नदियां 12 महीने बह रही हैं तो नदी बहेगा। एक नया लेयर लेकर के आएगा। फिर बहेगा फिर नया लेयर मतलब हर बार इसको नया
49:43 एक इग्रेडिएंट्स एक नया एक पोषक तत्व वाला मिट्टी मिलता है। और जहां पर पोषक तत्व बार-बार नया हो जाए समझ जाना वहीं पर का भूमि वहीं पर का मिट्टी बहुत शानदार रहेगा। इसलिए पंजाब में बहुत अधिक मात्रा में खेती होती है। पंजाब एरिया में छोटा है छत्तीसगढ़ से। मध्य प्रदेश से लेकिन पंजाब में जो उत्पादन है जो प्रोडक्शन है अनाज का वह बहुत ज्यादा होता है। मतलब कि एरिया छोटा है उत्पादन क्या है? ज्यादा उसे कहते हैं प्रोडक्टिविटी। हिंदी में बोलते हैं उत्पादकता। दो शब्द होता है। एक होता है उत्पादन। और दूसरा शब्द होता है उसको बोलते हैं क्या बोलते हैं उसको? उत्पादकता। इंग्लिश में बोलते हैं दोनों टर्म को लिख दे रहा
50:28 हूं। यह हमारी पढ़ाई में भी काम आता है। एक होता है प्रोडक्शन और एक होता है प्रोडक्टिविटी। मतलब कि दैट शोज़ दी क्वांटिटी। एंड दैट शोज़ दी क्वालिटी। पढ़ाई में क्या चाहिए अपने को? क्वांटिटी की क्वालिटी? क्वालिटी। ये नहीं कि सर मैं दिन में 25 घंटे पढ़ता हूं। हो सकता है आप लोग पढ़ते हो बड़े लोग। दिन में 25 घंटे। तो ऐसे में क्या है कि वो यह है लेकिन क्या पढ़ते हो भगवान जाने सर समझ ही नहीं आ रहा है। फिर कोई बोला सर मैं दिन में सिर्फ तीन घंटे पढ़ता हूं बट ब्रिलियंस ही शानदार। आप देखते हो आपको कोई फ्रेंड अरे यार कम पढ़ता है इसका सिलेक्शन इसको कैसे याद हो जाता है? वही यह कहलाता है। क्या कहलाता है ये?
51:16 उत्पादकता या अंग्रेजी में क्या बोलते हैं उसको? प्रोडक्टिविटी। यह करना है अपने को। मतलब कि कम समय में ज्यादा उत्पादन। उसी को बोलते हैं। क्या बोलते हैं उसको? उत्पादकता। ठीक है? तो वही यहां पर दो शब्द एक बार व्यापम में पूछा गया था। अब ये जो पूछा गया था ना वो वैसा कुछ खास लिखा हुआ नहीं है। वो समझने वाली चीज थी। सबसे ज्यादा उत्पादकता मतलब कायदे से होता है हमारी भाषा में प्रति हेक्टेयर
52:03 खाद्यान्न उत्पादन की क्षमता प्रति हेक्टेयर खाद्यान्न उत्पादन की क्षमता को हम लोग बोलते हैं क्या बोलते हैं इसको उत्पादकता माने पर हेक्टेयर अगर मैं इन पांचों मैदान को ले लेता हूं तो मैं एक हेक्टेयर मान लो यहां का जमीन निकाल लूं एक हेक्टेयर यहां का जमीन निकालूं एक हेक्टेयर यहां का जमीन निकालूं ऐसा करके मैं अगर टेस्ट करूं तो सबसे ज्यादा प्रति हेक्टेयर में जो उत्पादन कहां पर आता में कहां आएगा? पंजाब के मैदान क्योंकि यहां का भूमि बहुत शानदार है और इसका क्रेडिट जाता है इन सारी नदियों को जो 12 महीने बहती है उसमें नाम है सिंध सागर, चाज, रेचना, बारी और क्या है? बेस। बनता कैसे देखो सिंध का सिंध कोई
52:51 दिक्कत नहीं है। यह भी यहां देखो चा है। कायदे से वो कभी-कभी इसमें देखना चा लिखा रहता है। चाज तो चिनाब का चा और झेलम का झ रेचना राबी का र और चिनाब का चना। ठीक है? बारी ब से व्यास और र से क्या होगा? राबी। बी से व्यास और स से क्या होगा? सतलज। ऐसा बन सकता है। बट ऐसा नहीं याद करना है। मैं बता रहा हूं कैसे बना है। ठीक है? तो ये एक तरीका है याद करने का। बट सीक्वेंस में याद होना चाहिए। नदी का सीक्वेंस भी एकदम कंपलसरी है और उसमें क्या कहते हैं आपका जो दवाब का नाम भी कंपलसरी लाइन से याद करना। क्योंकि सही जोड़ी मिलाओ में आता है क्योंकि नदी का सीक्वेंस बिगाड़ोगे तो फिर दवाब गलत हो जाएगा। इसलिए बोलता हूं इनको
53:37 रटना है लाइन से क्योंकि यह सब गलत क्या मतलब फिर ऐसे में जेसीआरबीएस मैं कोड भी दे रहा हूं आपको जे से झेलम सी से चिनाब आर से रावी बी से व्यास एस से सरल जेसी आरबीएस पहले सिंध सागर दो आप दूसरे का नाम क्या है चाज >> चाज क्या बोलेंगे चाज फिर क्या है रेचना फिर बारे फिर बेस्त हो गया ठीक है सबसे ज्यादा उत्पादता वाला मैदान और इसलिए हम लोग पंजाब को इसी में लिख दे रहा हूं पंजाब आपको हम दो चीज कहते हैं। एक कहलाता है धान्य का भंडार। धन नहीं बोल रहा हूं। क्या बोल रहा हूं? धान्य। और एक है अनाज का भंडार।
54:26 धान्य मतलब होता ही है फसल। वसल होता है। तो ये सब प्रॉपर्टी इसी मैदान की है। दो मैदान अपन पढ़े हैं। एक मैदान का नाम है कौन सा मैदान? सिंध का मैदान और दूसरे वाले का नाम क्या नाम है? पंजाब का मैदान। और एक छोटा सा मैदान हम देखते हैं इसमें। उस मैदान को हम लोग इसमें देखो दो मैदान और हैं। तीन मैदान और हैं। एक राजस्थान है। दूसरा कौन सा है? गंगा यमुना और एक कौन सा? असम। ठीक है? तो देखो दआब में पांचों द्वाब का नाम हमको याद होना चाहिए। तो पांचों दोआब में जो पांचों द्वाब है नदी का नाम बताओ। पहले क्या नाम है? >> सिंध फिर >> झेलम। फिर >> चिनाब फिर राबी फिर प्यास और फिर सतलज ठीक है दब का नाम बताओ पहले >> सिंध सागर क्या बोलेंगे सिंध सागर दूसरे
55:13 का नाम >> चार्ज क्या बोलेंगे चार्ज अगला >> रेचना क्या बोलेंगे रेचना अगला बारी फिर बिष्ट फिर से बोलो पहले वाले का नाम >> सेंद्र सागर दूसरे का नाम >> चार्ज फिर >> रेचना फिर >> बारी फिर >> बिष्ट नदी का नाम बताओ पहला पहला >> दूसरा >> फिर >> व्यास >> और >> ठीक है जेसीआरबीएस दो मैदान को ध्यान से देखना भाई एक कौन सा मैदान लिखा हूं यहां पे गंगा यमुना का मैदान तो ये है कहां तो भाई वही जो डायग्राम में दिख रहा है आपको
56:02 तो इस पूरे हिस्से को हम लोग गंगा यमुना का मैदान मानते हैं। ये पूरा जो मैदान है ये गंगा यमुना का है। तो इतना तो समझ में आ ही गया होगा ना कि गंगा यमुना के मैदान को गंगा और यमुना नदी ही बनाती है। मेन दोनों नदियां गंगा और कौन सी यमुना दोनों मिलकर बनाती है गंगा यमुना के मैदान को तो इसी दोनों मैदान को अपन क्या करेंगे या इसी दोनों नदी के द्वारा बने मैदान को हम लोग पढ़ेंगे अभी तो पहले तो ये जान लो कि सबसे बड़ा मैदान है तो भाई इसको ना तीन
56:47 भाग में डिवाइड करते हैं इतना बड़ा मैदान है कितने भाग में तीन तो जो पहला भाग है इसको इसका नाम क्या है क्या बताएंगे गंगा यमुना का मैदान ठीक है अब इसको हमने तीन भाग में डिवाइड ऐड किया। कितने भाग में? तीन। तो पहला भाग यहां पे रहेगा। दूसरा भाग यहां पे रहेगा। तीसरा भाग यहां पे रहेगा। तो जो पहला वाला हिस्सा है इसको हम कहते हैं ऊपरी गंगा। क्या बोलते हैं इसको? ऊपरी गंगा। अपरगंगा का मैदान। ऊपरी गंगा का मैदान। काहे का मैदान बोलेंगे? ऊपरी गंगा का मैदान। क्या बोलेंगे बताओ? ऊपरी गंगा का मैदान बोलोरी
57:34 गंगा का मैदान >> दूसरा है मध्य गंगा कौन सी गंगा मध्य गंगा एक ऊपरी गंगा दूसरा कौन सा मध्य गंगा का मैदान मध्य गंगा मतलब मिडिल गंगा और तीसरा जो मिल रहा है अपने को उसको हम कहते हैं निचली गंगा क्या बोलते हैं इसको? निचली गंगा का मैदान। निचली गंगा मतलब लोअर गंगा का मैदान। तीन गंगा में बांटा हूं। सोचो इतना बड़ा ये तीन भाग में बंट गया। पहला ऊपरी गंगा,
58:19 फिर मध्य गंगा और क्या होगा? निचली गंगा। इतना बड़ा मैदान है ये। तो अपन यह भी कह सकते हैं आराम से कि सबसे बड़ा मैदान अगर कोई है तो कौन सा होता है? गंगा यमुना का मैदान जो दिख रहा है वही अपन बोल रहे हैं और उसमें भी इसमें आगे काम नहीं माने काम खत्म होता नहीं है। इसको भी हम लोग क्या करेंगे? तीन भाग में आगे और डिवाइड करेंगे। मतलब कि ऊपरी गंगा के मैदान को दो भाग में और बांटा जाता है। तो एक नाम पड़ता है उसको बोलते हैं रुहेलखंड। क्या नाम लिखा है यह? रुहेलखंड। और दूसरे का नाम है अवध। यह किसका सब डिवीजन है? किसका है? ऊबरी
59:05 गंगा। ऊपरी गंगा कितने भाग बोले? दो। एक का नाम रुहेलखंड और एक का नाम अवध। फिर अपन चले यहां पे इसके भी तीन भाग। तो तीनों भाग में पहला नाम पड़ता है इसका नाम मगध। क्या नाम है? मगध। दूसरे का नाम मिथिला। क्या नाम रहेगा? मिथिला। और तीसरे का नाम सारण। का मैदान मगध का मैदान मिथिला का मैदान और सारण का मैदान मगध, मिथिला और सारण। क्या बोलेंगे? मगध, मिथिला और सारण। तो पहला है मगध का मैदान। दूसरा क्या बोलेंगे? मिथिला का मैदान। और तीसरा क्या है? सारण का मैदान। ये तीनों
59:50 किसको डिवीजन है? किसके बोलेंगे अपन? मध्य गंगा का बोलेंगे। फिर अपन चलते हैं यहां पे निचली गंगा। तो क्या बोलेंगे इसको? निचली गंगा। तो इसको हम बोलते हैं इसका एक ही नाम होता है और एक नाम है पश्चिमी। पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि। क्या बोलते हैं इसको? पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि। मतलब कि इसको हम देखें तो यह बोलते हैं इसको लो लैंड ऑफ वेस्ट बंगाल। तो यह सारा का सारा नाम यह जो तीन नाम अपने को दिख रहा है यह तीनों के तीनों जो नाम है ठीक है ना यह बीच में तीन नाम इसका होता है किसका होता है मध्य गंगा का ऊपरी गंगा के कितने भाग
1:00:37 बोलेंगे दो भाग एक का नाम कहलाता है रोहेलखंड और एक का नाम अवध फिर मध्य गंगा के कितने भाग रहेंगे तीन पहले का नाम मगध फिर मिथिला और सारण फिर निचली गंगा का एक ही नाम है क्या बोलेंगे पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि निम्न भूमि क्यों कह रहा हूं क्योंकि देखो हम जब ऐसा मूव करते हैं तो अगर मैं पूछूं नदी अगर ऐसे बह रही है तो इतना समझ में आता है ना कि जब आप ऐसे मूव करते हैं तो अगर मैं पूछूं कि वन टू और थ्री में ज्यादा नीचे कौन सा होगा? वन टू कि थ्री >> थ्री उसी थ्री को मैंने बोला क्या बोला यहां पे? निम्न भूमि लोलैंड। ठीक है? और अगर नदी इधर फ्लो कर रही है तो आपको ये मानना पड़ेगा कि नदी का फ्लो ऐसा है। और इधर का ढलान नीचे है। अगर ये ऊपर होता तो नदी ऐसे वापस आ जाती। इसलिए इस
1:01:23 वाले भाग को हमने नाम दिया है। क्या बोला हमने? पश्चिम बंगाल की निम्न भूमि लो लैंड ऑफ वेस्ट बंगाल। ठीक? अब उसके बाद जो है तीन भाग तो हो गए। इसी गंगा यमुना के मैदान में हम लोग यह कह सकते हैं कि इसका जो निर्माण है, इसका जो फॉरेशन है, यह जो फॉरेशन है, यह गंगा और यमुना नदी के द्वारा किया जाता है। फॉरेशन कौन करती है? कौन करती है? गंगा यमुना नदी करती है। म गंगा और यमुना मिलकर के अब इतनी बड़ी गंगा है और ये जो यमुना है जो कभी बंद होती नहीं है। कभी सूखती नहीं है। तो भाई ऐसे में यहीं पर बोला ना जहां पे नदियां ज्यादा रहेंग वहीं पर लोग ज्यादा निवास करेंगे और इसलिए बहुत ज्यादा आबादी का
1:02:10 एरिया है यह वाला हिस्सा गंगा यमुना का मैदान। म यह भी अपन कह सकते हैं कि सर्वाधिक आबादी वाला मैदान द मोस्ट पॉपुलेटेड प्लेन ऑफ इंडिया। ठीक। आबादी का ज्यादा होना यह स्वाभाविक है क्योंकि यहां पर नदी भी तो वैसे ही बह रही है ना गंगा और यमुना अगर मान लो कोई पूछा जाए कि उत्तर भारत के इस मैदान में
1:02:55 बहुत अधिक मात्रा में नदियां बहुत अधिक मात्रा में आबादी निवास करती है रीजन बताइए तो बताओगे ना क्योंकि इस एरिया में बहुत अधिक मात्रा में क्या बहती है नदियां और यहां पे हमको प्लेन की अवेलेबिलिटी मैदान की उपलब्धता यहां पे ज्यादा दिखाई पड़ती है और मैदान होना ही पर्याप्त नहीं है। मैदान के साथ-साथ वहां पर नदियों का होना और नदी ऐसी जो 12 महीने हो वैसी नदी का होना जरूरी है। तब जाकर के वहां पे आबादी ठीक-ठाक सेट हो पाएगी। एग्जांपल दिया ना कि मैदान तो रायपुर में भी है तो वहां ज्यादा आबादी है। तो रायपुर में मैदान है ऐसा नहीं है। इसलिए नहीं है क्योंकि रायपुर में स्कोप ऑफ एंप्लॉयमेंट ज्यादा है। महाराष्ट्र में नदियां नहीं है। फिर भी वहां पे क्या है? पापुलेशन ज्यादा है। क्योंकि वहां पे स्कोप ऑफ एंप्लॉयमेंट ज्यादा है। रोजगार के अवसर जहां पर ज्यादा होंगे वहीं पर क्या होंगे? जनसंख्या ज्यादा। या दूसरा खेती करने के लिए जगह
1:03:42 होगी तो ज्यादा रहेगा। यूपी बिहार में खेती करने की स्कोप ज्यादा है। इस कारण से यहां पर आबादी क्या है? ज्यादा है। और महाराष्ट्र में आबादी ज्यादा होने का रीज़न मैदान नहीं क्योंकि आप तो पढ़े हो ना नीचे दक्कन का लावा पठार तो कहीं ना कहीं महाराष्ट्र के हिस्से में आता है। और वहां पे आबादी बहुत ज्यादा है। मुंबई में वगैरह हम एकदम से भर-भर के बैठे हैं। तो ऐसा रीजन क्या? उसका रीजन है कि वहां पर मुंबई में रोजगार के अवसर क्या है? ज्यादा है। नौकरी के आसार ज्यादा जहां रहेंगे वहीं पर लोग ज्यादा रहते हैं। लेकिन वह लोग स्थाई नहीं होते हैं। वह लोग अस्थाई रहते हैं। क्या रहते हैं लोग? अस्थाई क्योंकि वो लोग प्रवास होकर के आते हैं। गांव से आते हैं फिर वापस चले जाते हैं। ठीक? तो अब एक इंपॉर्टेंट फैक्ट यहां पे तो देख लो। गंगा यमुना के मैदान को कौन बनाता है? कौन बनाएगा? गंगा और यमुना नदी। दूसरा पॉइंट ये सबसे ज्यादा क्या बोलेंगे? आबादी वाला।
1:04:28 आबादी समझते हो ना पापुलेशन। ठीक है? तीन भाग में बांटे हैं। पहला क्या बोलेंगे? उभरी गंगा। फिर मध्य गंगा और निचली गंगा। उभरी गंगा के कितने भाग होंगे? दो। पहले का नाम रुहेलखंड फिर अवध मध्य गंगा के कितने तीन पहले का नाम मगध फिर मिथिला और सारण ठीक है और लास्ट वाले का नाम क्या है विश्व बंगाल की निम्न भूमि ये उसी का ही नाम है ठीक दूसरा अब मेरे को ये बताना जब गंगा यमुना बहती है तो मान लो गंगा यमुना का फ्लो यहां से लेकर यहां तक है। ये अपन रूम मान लेते हैं। तो यह मैदान और वह पहाड़ नदी दोनों में ही बह रही है। लेकिन जैसा शुरू में पूछा था क्वेश्चन कि यार दोनों में कहां पर फ्लो ज्यादा होगा? पहाड़ों
1:05:14 में मैदान में पहाड़ और मैदान में फ्लो क्या होगा? स्लो हो जाएगा। मैदान में फ्लो स्लो रहेगा। ये मानते हैं। अब लेकिन अगर पानी की मात्रा ज्यादा होगी तो पानी बाहर तो निकलेगा ही। छलक करके बाहर एक नया धारा निकल जाएगा, नया स्टीम निकल जाएगा, नया ब्रांच निकल जाएगा। वो भले ही फिर जाके 10 12 कि.मी. घूम घम के आगे दोबारा मिल जाए। अलग बात है क्योंकि पानी ही पानी खींचेगा। जैसे कभी-कभी नोटिस करना जब आप कभी पानी खोलते हो, टैप खोलते हो और नीचे अगर बाल्टी रखा है तो टप टप करके उस नल से पानी गिर रहा है। अगर उसमें बाल्टी में पानी भरा है तो गिरता ही रहेगा। जैसे ही बाल्टी हटाओगे पानी की बूंद क्या हो जाएगी? बंद हो जाएगी। ट्राई करके देखना। क्योंकि वह जो वाटर है सेम सेम मॉलिक्यूल में एक अफेक्शन होता है। दैट इज अ फिजिक्स
1:05:59 फिनोमिना। मतलब कि उसको खींचने वाला ऑब्जेक्ट तो था ना पहले। तो वो जब वो टफ से गिरता है तो पानी की थोड़ी सी जो वहां पे लेवल है वो थोड़ा ऊपर उठती है। वही उसको क्या करती है? वो खींचती है। जैसे ही आप बाल्टी हटाओगे पानी का बूंद क्या होगा? बंद हो जाएगा। मतलब यह कह रहा हूं कि वो वाटर और उसका होना जरूरी है। अगर आप चाह रहे हो कि लिंक बना रहे। दूसरा और कभी-कभी आप लोग जब मान लो किसी की गाड़ी से पेट्रोल चोरी करते हो। ठीक है? तो पाइप लगा के अपन खींचते हैं। आपका डब्बा नीचे है या ऊपर भी रहेगा ना। अगर मान लो यह टंकी है। यहां आपने डब्बा रखा है। पाइप से आपने मान लो पेट्रोल खींचा एक बार खींचे और छोड़ दिए। फिर वो कंटिन्यूटी क्या होती है? बनी रहती है। तो आपको उस मॉलिक्यूल को जितना जोड़ के रखोगे उतना ज्यादा फ्लो बना रहे। बस वही यहां पर भी है। तो कहने का मतलब यह है कि
1:06:45 इस पूरे हिस्से में जब मेन स्टीम से बाहर नदियां चली जाती हैं वो घूम-घूम करके वापस आगे मिल जाती है। तो भाई इसके और उसके बीच में ना एक झील बनना चालू हो जाता है साइडसाइड में। वहां भी साइड में झील बना था। सिंध के मैदान में उस झील को हमने बोला था धोरोस। क्या बोला था? धोरस। अब वो झील भैया ऊपर नीचे पानी आ रहा है। उससे बन रहा है। गड्ढा हो रहा है। सकरा हो रहा है। बट यहां तो प्यार से निकल जा रहे हैं साइड से। और घूम फिर के दोबारा मिल जा रहे हैं। मतलब झील तो यहां भी बनेगा साइड में। लेकिन फर्क सिर्फ इतना रहेगा कि वहां के झील और यहां के झील में अंतर यह है कि यह पहले गंगा नदी का पानी है और गंगा का पानी होता है फ्रेश। मतलब यह मीठा पानी होगा ना कि क्या होगा? खारा। वो पानी कैसा था? खारा। ये पानी कैसा होगा? मीठा। तो ध्यान रखना यहां पर एक पॉइंट और लिख रहा हूं। इस गंगा यमुना के मैदान में
1:07:32 खारे सॉरी मीठा पानी का झील रहता है। इसी मैदान में एक बनता है गोखुर झील। गोखुर क्या बोलोगे? गोखुर गोखुर क्या बोलोगे? गोखुर इंग्लिश में बोलते हैं इसको ऑक्सबो। गोखुर झील। क्या बोलेंगे उसको? गोखुर झील। इंग्लिश में क्या बोलते हैं? क्या बोलेंगे? ऑक्सभो। गो मतलब गाय और खुर मतलब पैर। भैया उसका पैर कैसा रहता है? जैसे मान लो गाय है। तो गाय का पैर ऐसे और फिर ऐसे रहेगा। दो पैर मिला लो। फिर ऐसे और ऐसे रहेगा। फिर एक मिला लो। फिर ऐसे ऐसे रहेगा। मतलब ये कह रहा हूं एक सांप की तरह ऐसा आपका स्ट्रक्चर बन रहा है। गोखुर लिखा हूं। क्या लिखा हूं यहां पे? गोखुर।
1:08:19 नाम क्लियर है सबको? गोखुर को इंग्लिश में क्या बोलते हैं? क्या बोलते हैं? ऑक्सबो। तो पहली बात तो ये कहां बन रहा है? सिंध के मैदान में कि पंजाब के मैदान में कि गंगा यमुना के मैदान में? गंगा यमुना। झील का नाम क्या बोलेंगे? गोखुर। क्या बोलोगे? गोखुर। तो गोखुर झील का पानी होता है। गोखुर झील में दो चीजें हैं। इसकी आकृति और दूसरा इसका टेस्ट। तो टेस्ट तो मालूम पड़ गया। टेस्ट कैसा होता है? मीठा। ठीक है? और आकृति होती है सर्पीलाकार। कैसी होती है? सर्पीलाकार मतलब स्पायरल शेप्ड। स्ट्रक्चर
1:09:04 ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे करते हुए तो यह क्वेश्चन एग्जाम में आया है कि गोखुर झील का पानी कैसा होता है? कैसा होता है? मीठा एक पॉइंट दूसरा इसकी आकृति क्या होती है? सर्पिलाकार और ये किस मैदान में बनता है? क्या बताओगे? गंगा यमुना के मैदान में बनता है। ठीक है? और ये नदियां झील बनाती हैं। तो गोखुर एक झील है। गोखुर क्या है? एक झील। जैसे वहां धौरस बोला था। धांड बोला था। ढंड था कि धोरस्त झील वहां पे >> धंड यहां पे झील का नाम है क्या नाम है गोखुर का पानी कैसा मीठा और आकृति कैसा सर्पिलाकार झील का नाम गोखुर आकृति सर्पिलाकार स्वाद मीठा मैदान गंगा यमुना मैदान गंगा यमुना झील का नाम गोखुर स्वाद
1:09:50 मीठा आकृति सर्पिलाकार और स्वाद मीठा आकृति सर्पिलाकार मैदान >> और झील का नाम क्या है गोखुर घुर झील। अब जैसे-जैसेजैसे मैं आगे बढ़ रहा हूं तो यह मालूम पड़ा ना कि इधर आगे गड्ढा है। माने नदी तो इधर फ्लो तभी करेगी जब इसकी तुलना में यह गड्ढा होगा और जब इसकी तुलना में यह गड्ढा होगा। माने आगे जाते-जाते ना मेरे को गड्ढा दिख रहा है। गड्ढा को बोलते हैं भूगोल की भाषा में गर्त। गर्त। क्या बोलेंगे? गर्त। गर्त मतलब क्या होता है? गड्ढा। आगे गए अग्रगर्त आगे गए अग्रगर्त अग्रगर्त ही यहां पे बताना चाह रहा हूं उसको हिंदी में बोल सकते हो आगे गड्ढा अग्र मतलब आगे और पश्य मतलब पीछे आगे
1:10:37 गड्ढा है उसको बोलते हैं अग्रगर्त बोलते हैं क्या बोलते हैं अग्रगर्त मतलब ये जो बताना चाह रहा हूं दूसरा पॉइंट कि हमारा जो गंगा यमुना का मैदान है ये अग्रगर्त का उदाहरण है कौन सा मैदान गंगा यमुना का मैदान काहे का उदाहरण है बताओगे अग्रगर्त अर्थ इसको अंग्रेजी में बोलते हैं फोर डीप अग्रगर्त का उदाहरण है कौन उदाहरण है क्या बताओगे गंगा यमुना का मैदान अग्र मतलब आगे और गर्त मतलब गड्ढा तो है तो ना यहां से आगे गया तो गड्ढा यहां से आ गया तो गड्ढा अगर गड्ढा नहीं होगा तो नदी जाएगी कैसे ऐसे बात समझ में आ रही है क्या बोल रहा हूं आगे गड्ढा है उसी को बोलते हैं क्या
1:11:23 बोलते हैं अग्रगर्ध इंग्लिश में क्या बोलेंगे पोरडी ठीक है ना? तो देखो गंगा यमुना का मैदान कौन बनाता है? कौन बनाएगा? गंगा यमुना। दूसरा पॉइंट ये क्या बोलेंगे? सर्वाधिक आबादी वाला मैदान। तीसरा ये झील क्या बनाएगा? गोखुर झील। का पानी कैसा रहेगा? मीठा। अग्रदी क्या रहेगी? सरपीलाकार। और इसी गोखुर इसी गंगा यमुना के मैदान का जो एग्जांपल है कैसा है? अग्रगर्त का एग्जांपल या फोर डीप का एग्जांपल है। यह यह मैदान पढ़ेंगे कल। कौन सा मैदान होगा? असम का मैदान। ठीक है? कल पढ़ते हैं इसको और कल ही हम लोग पढ़ेंगे राजस्थान का मैदान पढ़ेंगे। इसका विस्तार देखो क्योंकि देखो है तो ये फिजिकल डिवीजन वो हम जो बोल रहे हैं स्टेट वो राज्य का
1:12:09 प्रशासनिक विभाजन होता है। फिर भी समझ जाओ। देखो यहां पे ध्यान से एक ऊपरी गंगा और दूसरा कौन सा? मध्य गंगा और तीसरा कौन सा? निचली गंगा। तो यहां समझ में आ गया। कहां पर है? वेस्ट बंगाल। सवाल अगर ऐसा है कि विस्तार कहां है? है तो देखो ध्यान ध्यान ध्यान देखना यहां पे यह पड़ता है बिहार समझ जाओगे बिहार और प्लस क्या होगा वेस्ट बंगाल क्लियर है ना सबको ये मैं किसकी बात किया हूं मैं निचली गंगा दूसरा मध्य गंगा पड़ता है यूपी और बिहार मध्य गंगा कहां पड़ेगा यूपी और बिहार और ऊपरी गंगा पड़ता है उत्तराखंड प्लस उत्तर प्रदेश क्लियर है।
1:12:55 हां। ठीक है? तो ऊपरी गंगा गोखुर झील कहीं बन सकता है। ऐसा नहीं कि ऊपरी गंगा बनेगा। गोखुर झील इस के ढलान पे बहने बनेगा मैदान में ही बनेगा। क्योंकि उत्तराखंड में पूरा पहाड़ ही पहाड़ है। तो वहां पॉसिबल तो है नहीं झील बनना। झील बनेगा तो इधर ही कहीं बनेगा। मध्य गंगा में बनेगा या तो कहां बनेगा? ऊपरी गंगा के यूपी वाले भाग में बनेगा। हमको उतना नहीं फोकस करना है। हमको सिर्फ याद करना है कि यह अगर विस्तार अगर जानना चाहते हो तो पहले वाले का विस्तार कहां-कहां लिखा हूं। कहां लिखा हूं मैं? उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश। मध्य गंगा कहां लिखा हूं मैं? उत्तर प्रदेश और बिहार। निचली गंगा कहां लिखा हूं मैं? बिहार और वेस्ट बंगाल। ठीक है? क्लियर हो गया? ये हमारे पास विस्तार है। बाकी पढ़ेंगे कल। ठीक? चलो इसको ऐसे ही नोट करके आना। एक फुल पेज में