How a 19 Year Old Created 130 Crore Business Empire with 0 money | Case Study Gymshark hindi

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो बेन फ्रांसिस की कहानी बताता है, जिन्होंने 19 साल की उम्र में जिमशार्क नामक एक बिलियन-डॉलर की कंपनी शुरू की। वीडियो में उनकी शुरुआती चुनौतियों, सफलता की रणनीतियों और महत्वपूर्ण व्यावसायिक सबक शामिल हैं।

मुख्य बातें:

  • तेजी से शुरुआत करना और जल्दी असफल होना
  • पैसा समस्या को हल करने का एक तरीका है, समाधान नहीं
  • अपने व्यवसाय को एक काम के रूप में न देखें
  • सही बाजार में मार्केटिंग करना
  • एक मजबूत नींव बनाना

आप सभी के लिए एक प्रश्न

वीडियो की शुरुआत में, दर्शकों से एक सवाल पूछा जाता है कि कैसे एक 19 साल का लड़का बिना पैसे के एक बिलियन-डॉलर की कंपनी बना सकता है, जबकि कई स्मार्ट लोग करोड़ों की फंडिंग के बाद भी ऐसा नहीं कर पाते। दो विकल्प दिए गए हैं: भाग्य या सीखे जा सकने वाले कदम।

19 वर्षीय बेन फ्रांसिस की कहानी

बेन फ्रांसिस 16 साल की उम्र में बहुत पतले थे और उनका आत्मविश्वास कम था। उन्होंने जिम जाना शुरू किया और महसूस किया कि निरंतरता कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने एक साल तक एक संरचित कसरत रूटीन का पालन किया, जिससे उन्हें बहुत अच्छे परिणाम मिले। इसी अनुशासन को उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा में भी लागू किया, जिससे उनके ग्रेड में सुधार हुआ। यहां से उन्होंने पहला कोर बिजनेस लेसन सीखा: अनुशासन, निरंतरता और संरचना का महत्व।

बेन से 5 पेंटागन बिजनेस सबक

कॉलेज में, बेन को आईटी में दिलचस्पी हुई और उन्होंने लाइसेंस प्लेट बेचने के लिए एक वेबसाइट बनाई। स्कूल खत्म होने के बाद, उन्होंने iPhone के लिए ऐप्स बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने दो फिटनेस ऐप बनाए जो यूके के टॉप चार्ट्स में आ गए। इसके बाद, उन्होंने फिटनेस के लिए एक सोशल नेटवर्क बनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास विफल रहा। इन अनुभवों से उन्हें पता चला कि उन्हें फिटनेस, टेक्नोलॉजी और क्रिएशन में मजा आता है, और जितना हो सके उतना जल्दी असफल होना चाहिए ताकि पता चल सके कि क्या काम करता है।

फिटनेस के लिए लिंक्डइन बनाया

बेन ने फिटनेस से संबंधित उत्पादों को बेचने का फैसला किया, लेकिन सप्लीमेंट्स बहुत महंगे थे। उन्होंने अपने एक दोस्त से सबसे सस्ते उत्पाद के बारे में पूछा, लेकिन उन्हें 8000 पाउंड का न्यूनतम ऑर्डर देना पड़ता। इसके बाद, उन्होंने ड्रॉपशिपिंग का आइडिया आजमाया, जो उस समय इतना प्रसिद्ध नहीं था। उन्होंने एक वेबसाइट बनाई और सप्लायर्स को अरेंज किया, लेकिन शुरुआत में उन्हें कोई सेल नहीं मिली।

चीजें बेन की उम्मीद के मुताबिक नहीं हुईं

एक दिन, बेन ने जिम में महसूस किया कि जिम के लिए कोई अच्छे कपड़े नहीं हैं। उन्होंने एक स्क्रीन प्रिंटर और सिलाई मशीन खरीदी और अपने हाथ से कपड़े बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी माँ और नानी की मदद ली। उन्होंने पहले अपने लिए कपड़े बनाए और फिर अपनी वेबसाइट पर लॉन्च कर दिए, जिसका नाम उन्होंने जिमशार्क रखा।

जिमशार्क लॉन्च किया गया

2011 में, बेन ने जिम के लिए शॉट्स बनाने का फैसला किया, लेकिन उनकी मशीन कैपेबल नहीं थी। उन्होंने पाकिस्तान के तनवीर से संपर्क किया, जिन्होंने उन्हें एक परफेक्ट शॉट बना कर भेजा। बेन के पास पैसे नहीं थे, लेकिन उन्होंने तनवीर से 250 शॉट्स बनाकर यूके भेजने का अनुरोध किया और वादा किया कि वह उन्हें पैसे लौटा देंगे। तनवीर ने हां कह दी और शॉट्स भेज दिए।

तनवीर से बात की - एहसान मांगा

शॉट्स अच्छे थे और 48 घंटों के अंदर ही सारे बिक गए। बेन ने तनवीर को उनकी पूरी पेमेंट कर दी।

जिमशार्क में 2 साल तक कोई विकास नहीं

जिमशार्क शुरू करने के 2 साल बाद भी, बेन पूरा दिन काम करते थे, क्लास जाते थे, पिज्जा डिलीवरी का काम करते थे और कस्टमर्स से बातें करते थे। वह स्विंग मशीन से कपड़े भी सिलते थे। बेन ने हर चीज को एक गेम जैसा बना दिया था और उनका पॉजिटिव एटीट्यूड था।

लेक्स लिटिल जिमशार्क के पहले एथलीट बने

जिमशार्क अब 300 से 400 पाउंड डेली करने लग गया था, लेकिन यह इतना काफी नहीं था। बेन ने महसूस किया कि उन्हें कुछ एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी करना पड़ेगा। उन्होंने बॉडी पावर एक्सपो में एक स्टॉल लगाया और कई सारे बॉडी बिल्डर्स और सेलिब्रिटीज ने उनके प्रोडक्ट को ट्राई किया। लेक्स लिटिल ने जिमशार्क का टीशर्ट पहनकर एक वीडियो बनाया, जिसके बाद वह जिमशार्क के पहले एथलीट बने।

30 हजार पाउंड के बाद पिज्जा डिलीवरी की नौकरी छोड़ने का फैसला

2012 में, बेन ने एक ट्रैक सूट डिजाइन किया और सारा पैसा लगाकर नेक्स्ट ईयर के बॉडी पावर एक्सपो में वापस एक जगह ली। उनका प्रोडक्ट लोगों को इतना ज्यादा पसंद आया कि 2 दिन के अंदर उनका सारा प्रोडक्ट बिक गया। इसके बाद, बेन ने पिज्जा डिलीवरी और यूनिवर्सिटी दोनों को क्विट कर दिया और अपनी जॉब पर पूरा फोकस किया।

1,43,000 डॉलर का नुकसान

2015 में ब्लैक फ्राइडे के दौरान, उनकी वेबसाइट क्रैश हो गई, जिससे उन्हें $143000 का नुकसान हुआ और उनका ब्रांड खराब हो गया। इसके बाद, बेन ने पर्सनली हैंड रिटन अपोलॉजी सेंड करी सबको।

पहला सबक तेजी से शुरू करना, जल्दी असफल होना

बेन ने महसूस किया कि उन्हें स्ट्रक्चर और फाउंडेशन पर फोकस करना पड़ेगा। उन्होंने अपने ऑपरेशंस, एसओपीस और स्ट्रक्चर्स पर काम करना स्टार्ट किया, जिससे उनकी कंपनी 900 लोगों तक पहुंच गई। 2020 में, कंपनी की वैल्यूएशन 1.45 बिलियन तक पहुंच गई।

सबक 2 पैसा समस्या को हल करने का एक तरीका है, समाधान नहीं

कोविड-19 के दौरान भी जिमशार्क यूनिकॉर्न के लेवल तक पहुंच गई और यूके की उन दो में से एक यूनिकॉर्न बनी जिसने बिना फंडिंग के इतना बड़ा ब्रांड क्रिएट कर दिया।

सबक 3 अपने व्यवसाय को एक काम के रूप में न देखें

बेन की कहानी से पांच मुख्य सबक मिलते हैं:

  1. तेजी से शुरुआत करना और जल्दी असफल होना
  2. पैसा समस्या को हल करने का एक तरीका है, समाधान नहीं
  3. अपने व्यवसाय को एक काम के रूप में न देखें
  4. सही बाजार में मार्केटिंग करना
  5. एक मजबूत नींव बनाना

सबक नंबर 4 इसे सही तरीके से बाजार में उतारें

सही मार्केट पर फोकस करना बहुत जरूरी है।

सबक 5 एक मजबूत नींव बनाएं

फाउंडेशन और बेसिक्स पर फोकस करना चाहिए।

निष्कर्ष

वीडियो के अंत में, दर्शकों को अपने सबक कमेंट करने के लिए कहा जाता है।

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Transcript

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0:00 हे दोस्तों, आपके लिए ना एक क्वेश्चन है। स्पेशली अगर आप बिज़नेस में इंटरेस्ट रखते हो, तो ये क्वेश्चन आपके लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। आपको क्या लगता है? जहां एक तरफ कई बार कई स्मार्ट लोग करोड़ों रुपए की फंडिंग उठाने के बाद बिज़नेस स्टार्ट करते हैं। बट फिर भी वो लोग बिलियन डॉलर कंपनी नहीं खड़ी कर पाते हैं। वहीं दूसरी तरफ एक 19 साल का एवरेज लड़का बिना पैसे के बिज़नेस स्टार्ट करता है। और कुछ टाइम बाद उसे बिलियन डॉलर प्लस की कंपनी बना देता है। तो, यह अमेजिंग चीज कर पाने के पीछे का रीजन क्या है? ऑप्शन ए लक किस्मत बाबू भैया किस्मत की चाबी बस मिल गई होगी इसीलिए दरवाजा खुला और बूम और बिलियन डॉलर बिजनेस का खजाना सामने या फिर ऑप्शन टू आपको लगता है कि यार उस लड़के ने कुछ तो सही स्टेप्स लिए होंगे लर्नेबल चीजें जिससे हम भी कुछ ना कुछ सीख सकते हैं और अपनी लाइफ और बिनेस में अप्लाई करके थोड़ा बहुत आगे बढ़ सकते हैं। वेल

0:45 अगर आप ऑप्शन टू चूज़ करते हो तो वेलकम। मेरा नाम है जीशान और आपका स्वागत है सीकन पे जहां मैं बुक्स और मेंटर्स की नॉलेज आप लोगों के साथ शेयर करता हूं। बिकॉज़ मैं पर्सनली इस चीज को एकदम दिल से बिलीव करता हूं कि आप में और मुझ में बहुत सारी कैपेबिलिटीज हैं। बस अगर हमें सही मेंटर्स, सही बातें हम सीखें जिससे हम सही एक्शंस ले सके तो हम अपनी बिजनेस और लाइफ दोनों में बहुत आगे बढ़ सकते हैं। और अगर आप भी इस बात पर जरा भी बिलीव करते हो तो आज का वीडियो ट्रस्ट मी आपके लिए बहुत ज्यादा काम का होने वाला है। आज हम सीखने वाले हैं कि कैसे एक 19 ईयर ओल्ड लड़का जिनका नाम बन फ्रांसिस था। उन्होंने 19 साल की ऐज में अपना बिजनेस स्टार्ट किया और एक बिलियन डॉलर का जिम शार्क नाम की कंपनी खड़ी कर दी। आज उनकी नेटवर्थ अगर आप देखोगे तो वह 120 करोड़ यूएसडी है जो इंडियन रूपीस में इतने होते हैं। कैसे उन्होंने किया आज हम इस वीडियो में वही

1:31 देखेंगे। उनकी पूरी डिटेल स्टोरी और केस स्टडी से सीख के। स्टेप बाय स्टेप मैं आपको उनकी स्टोरी बताऊंगा और आप खुद से ट्राई करना बिजनेस लेसंस निकालने का या लाइफ लेसंस निकालने का इस स्टोरी से। बिकॉज़ वो चीज ज्यादा पावरफुल होगी। एंड में तो मैं अपने लेसंस बता ही दूंगा बट मैं चाहता हूं कि आप भी आपके भी कुछ लेसंस जो आपको स्टोरी से मिलते हैं वो आप कमेंट करके जरूर बताना। नाउ लेट्स स्टार्ट। बेन फ्रांसिस जब 16 साल के थे तो वह बहुत ज्यादा पतले थे। जिसकी वजह से ना उनका कॉन्फिडेंस काफी कम रहता था। तो उन्होंने सोचा कि यार चलो जिम जाते हैं मसल ग्रो करते हैं जिससे उनकी बॉडी भी बड़ी होगी और उनका कॉन्फिडेंस भी। नाउ एक तरफ पे ना बन जो थे ना वो स्कूल में इतने अच्छे नहीं थे। वहीं दूसरी तरफ वो जिम को काफी सीरियसली लेते थे। इनफैक्ट उन्होंने एक चीज करना स्टार्ट करी। कुछ हफ्ते जिम जाने के बाद ही उन्होंने रियलाइज करा कि यार कंसिस्टेंट रहना कितना ज्यादा इंपॉर्टेंट है। और उन्होंने ठान लिया कि कुछ भी हो

2:17 जाए वो हफ्ते में पांच दिन जिम जरूर जाएंगे। उन्होंने ऑनलाइन जाकर एक वर्कआउट रूटीन डाउनलोड करी और एक साल तक लगातार स्ट्रक्चर को फॉलो किया। जहां वह पांच दिन जिम जाते थे और उसी रूटीन को फॉलो करते थे। यह उनका पहला सेल्फ इंपोज स्ट्रक्चर था जिसने उन्हें बहुत ज्यादा रिजल्ट दिया। यही सेम चीज फिर उन्होंने देखा कि जिम में काम करती है तो उसी चीज को उन्होंने स्कूल लाइफ में भी अप्लाई करना स्टार्ट किया। जिसकी वजह से जहां पहले वो स्कूल में इतने अच्छे नहीं थे, अब उनके ग्रेड्स काफी अच्छे आने लग गए। कंसिस्टेंटली एक स्ट्रक्चरर्ड चीज को फॉलो करते रहना। यह चीज ने उनके अंदर डिसिप्लिन डाली और उन्हें बहुत ज्यादा रिजल्ट दिया और यहीं से आप बोल सकते हो वह जो पहला कोर बिजनेस लेसन था उन्होंने सीखना स्टार्ट किया और यहीं से आप बोल सकते हो वो स्टार्टिंग का फंडामेंटल होता है ना बिजनेस के लिए डिसिप्लिन रिक्वायरमेंट कंसिस्टेंसी और बिजनेस में स्ट्रक्चर होना ये सारी चीजें उन्होंने इस चीज से सीख डाली नाउ इसके बाद

3:04 जब वो कॉलेज पहुंचे तो चीजें थोड़ी बदलना स्टार्ट हो गई। उन्होंने देखा कि आईटी में बहुत ज्यादा क्रेज चल रहा है और उनको भी वो चीज काफी इंटरेस्टिंग लग रही थी। इसीलिए वो आईटी में घुसे। इसके बाद वो बहुत ज्यादा हुक हो गए और उन्होंने एक वेबसाइट क्रिएट करी। उनकी पहली वेबसाइट थी जहां वह लाइसेंस प्लेट बेचते थे। वह क्या करते थे? अगर कोई इंसान लाइसेंस प्लेट का उन्हें ऑर्डर देता था तो वह अपने लोकल शॉप में जाते थे जो एरिया के पास थी वहां से लाइसेंस प्लेट बनाते थे और उसे ऑनलाइन डिलीवर करा देते थे। यहां से उन्होंने अपनी पहली ऑनलाइन इनकम करना स्टार्ट करी। जिसके लिए उन्हें पैसे भी नहीं लगे। कोडिंग की स्किल तो उनको आती ही थी। प्लस ऑर्डर मिलने के बाद जो पैसे आते थे उसी का वो यूज़ करके लाइसेंस प्लेट बनवाते थे। अपना कट रख के उसे शिप करवा देते थे। न ये चीज थोड़ी बहुत चल रही थी। बट फिर स्कूल खत्म होने के बाद उन्होंने एस्टर्न यूनिवर्सिटी जॉइ करी। यूनिवर्सिटी में पहली बार उनके हाथ में iPhone आया और

3:50 iPhone जैसे ही उनके हाथ में आया वो चीज उन्होंने और ज्यादा फैसिनेट कर दिया। टेक्नोलॉजी का कीड़ा और कोडिंग का कीड़ा तो उनके अंदर था ही। इसीलिए उन्होंने iPhone के जो एसडीके होता है ना उसके बारे में पढ़ना स्टार्ट कर दिया। उन्होंने कई सारी बुक्स पढ़ी। कई सारे YouTube वीडियोस देखे और फिर iPhone के एप्स बनाना स्टार्ट कर दिए। उन्होंने नोटिस करा कि iPhone एप्स में भी बहुत पैसे आ सकते हैं। इसीलिए उन्होंने चार iPhone के एप्स बनाए। दो फिटनेस से रिलेटेड थे। पहला ऐप यह था जहां से कोई भी इंसान अपनी एक वर्कआउट रूटीन क्रिएट कर सकता है। प्रीमेड वर्कआउट रूटीन अपने कैलेंडर में डाल सकता है और उसके हिसाब से एक्सरसाइज कर सकता है। सारी प्रोग्रेस भी रिकॉर्ड कर सकता है। फिर दूसरा ऐप उन्होंने बनाया था जो एक बेसिक ट्रेनिंग का ऐप था जहां एक यूजर अपने हिसाब से एक्सरसाइजज़ ले सकता है और वो कैसे अच्छे से करना चाहिए प्रॉपर्ली फॉर्म के साथ वो चीज वहां से सीख सकता है। नाउ इंटरेस्टिंगली ये दोनों ही जो ऐप थे ना वो

4:37 यूके के टॉप चार्ट्स में आ गए थे और कई सारी दूसरी कंट्रीज के भी। फिर उनके दिमाग में आया कि यार चलो फिटनेस का एक सोशल नेटवर्क क्रिएट करते हैं। जहां सारे फिटनेस फ्रीक एक साथ रहेंगे, बातें करेंगे। आप बोल सकते हो Lindin जैसे प्रोफेशनल्स के लिए होता है वैसे ही फिटनेस के लिए उनको एक कम्युनिटी क्रिएट करनी थी। नाउ ये चीज भी उन्होंने जोश के साथ करना स्टार्ट करी। सेवरल थाउजेंड मेंबर्स भी जॉइ हुए। बट ऑब्वियसली ये चीज जितना उन्होंने सोचा था उतनी सिंपल थी नहीं। और आप बोल सकते हो यह वाला जो उनका एंडीवर था वो एक फेलियर साबित हुआ। बट ये सारी चीजें करते-करते ना उन्हें एक चीज तो रियलाइज हो गई थी कि उनको है ना फिटनेस, टेक्नोलॉजी और क्रिएशन ये तीनों चीजों में बहुत मजा आता है। और जब भी वो फिटनेस से रिलेटेड कोई भी चीज बनाते हैं तो वो थोड़ी बहुत काम भी ज्यादा करती है। यहां तक उन्होंने रियलाइज कर लिया था कि यार जितना उन्होंने डिफरेंट-डिफरेंट चीजें ट्राई करी है उससे एक चीज तो उन्हें क्लियर हो गई है कि जितना हो सकता है उतना फेल होना चाहिए और जितना हो सके उतना जल्दी फेल होना

5:23 चाहिए। ताकि हमें वह मालूम पड़ सके कि क्या चीजें काम करती है। क्या पैशन है हमारा। नाउ यह क्लेरिटी तो उनको मिल गई थी बट अभी भी उनका विज़न इतना क्लियर नहीं था। वो एक मल्टी मिलियन डॉलर बिजनेस खड़ा करेंगे, बिलियन डॉलर बिजनेस खड़ा करेंगे। ऐसा उनके दिमाग में अभी तक कुछ नहीं आया था। बस उनको फिटनेस से रिलेटेड कुछ ना कुछ करना था। इसलिए अब उन्होंने फिटनेस से रिलेटेड ही प्रोडक्ट्स को बेचने का डिसीजन लिया। बट बात यह थी ना कि फिटनेस से रिलेटेड जो प्रोडक्ट्स होते हैं, सप्लीमेंट्स ये सारी चीजें वो बहुत महंगी आती है। इसीलिए वो अपने एक फ्रेंड के पास गए जो यूएसए में काम करते थे। यूएसए बेसिकली एक बहुत बड़ी साउथ अफ्रीकन सप्लीमेंट का ब्रांड है। वहां जाकर उन्होंने पूछा कि यार मैं कौन सा सबसे चीपेस्ट प्रोडक्ट खरीद सकता हूं बल्क में और उसे ऑनलाइन बेच सकता हूं प्रॉफिट कमाने के लिए। नाउ इसके ऊपर उनके दोस्त ने कहा तुमको 8000 पाउंड अ मंथ का मिनिमम आर्डर देना पड़ेगा। तब जाके तुम यह चीज कर सकते

6:09 हो। नाउ बेन ने अपनी पूरी जिंदगी में 8000 पाउंड्स नहीं देखे थे। इसीलिए वो यह चीज नहीं कर पाए। बट फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। वो सोचने लग गए। उनके दिमाग में आया कि यार क्यों ना जैसा मैं लाइसेंस प्लेट के साथ करता था वैसे ही यहां पे भी करना चालू करूं। पहले ऑर्डर ले लूं और फिर सप्लीमेंट खरीदूं। उसकी पैकेजिंग करके उसको शिप कर दूं। बट यहां पे प्रॉब्लम यह थी ना कि अगर वह ऐसे ही चीज को करते तो प्रॉफिट मार्जिन उनको बहुत कम मिलता और बिज़नेस सक्सेस नहीं हो पाता। बट यहां पे पैसे ना होने को अगेन उन्होंने एक्सक्यूज की तरह पकड़ के छोड़ा नहीं बल्कि उन्होंने और दिमाग लगाना स्टार्ट किया। और फिर उनको आया आईडिया ड्रॉपशिपिंग का। अब मैं आपको बता दूं इन्होंने जब ड्रॉपशिपिंग करना स्टार्ट करी थी बन ने तब ड्रॉपशिपिंग नाम इतना फेमस था भी नहीं। किसी को पता भी नहीं था कि ड्रॉपशिपिंग होती क्या है। बट इनके दिमाग में आ गया था कि हां यार ऐसा कर सकते हैं। सेल्स तो मैं करूंगा कस्टमर

6:55 तो मैं लेके आऊंगा लेकिन डायरेक्टली जो प्रोडक्ट भेजने का काम होगा वो मैन्युफैक्चरर ही कर देगा जिससे थाउज्स एंड थाउजेंड्स ऑफ पाउंड्स के और बहुत सारे अलग-अलग प्रोडक्ट्स खरीदने भी नहीं पड़ेंगे और कस्टमर को बहुत सारे ऑप्शन भी मिल जाएंगे। अब अपने टाइम के हिसाब से यह आईडिया काफी ज्यादा इंटरेस्टिंग और नवेल था। इसीलिए उन्होंने बहुत मेहनत करके वेबसाइट क्रिएट करी, सप्लायर्स अरेंज करे, सब कुछ अरेंज कर दिया और बस अपनी वेबसाइट लॉन्च कर दी और देखते ही देखते उनको करोड़ों की सेल आने लग गई। ऐसा उनको लगा था। बट एक्चुअल में ऐसा हुआ नहीं। इनफैक्ट उनको स्टार्टिंग के एकद महीने एक भी सेल नहीं आई। 2 महीने बाद उनको एक सेल आई 52 पाउंड्स की जिसके अंदर उनको सिर्फ 2 पाउंड्स का प्रॉफिट हुआ। अब यह पैसे सिर्फ 2 पाउंड थे। बट एक्चुअल में वो बोलते हैं कि वो 2 पाउंड ने उनको बहुत ज्यादा खुश किया। बट आप बोल सकते हो अगेन यह वाला

7:41 आईडिया भी उनका इतना काम नहीं किया। फिर एक दिन बन जब जिम में थे ना उन्होंने रियलाइज करा कि यार देखो हर चीज के लिए ना कुछ कपड़े होते हैं। जैसे बीच पे जाने के अलग होते हैं कपड़े घूमने के अलग होते हैं। शादी पे जाने के लिए अलग कपड़े होते हैं। लेकिन जिम के लिए कोई अच्छे क्लोथ्स नहीं होते हैं। हां कई सारे ब्रांड nकी आईडीस वाले लोग बना तो रहे थे इस मार्केट को सर्व करने के लिए बट वो भी जनरलाइज टीशर्ट्स या ट्रैक पैंट्स ही होते थे। उनको स्टिल एक गैप दिखा कि यार कोई एक क्लियर डिजाइन नहीं है। कोई एक ऐसा पीस ऑफ क्लोथ नहीं है जो दिखाए कि हां जिम जाने के लिए यह पहनना चाहिए। सो बस यह आईडिया उनको काफी प्रॉमिसिंग लगा और बस फिर उन्होंने सोचना बंद किया और सीधा एक्शन लेना स्टार्ट किया। उन्होंने एक स्क्रीन प्रिंटर लिया, सिलाई की मशीन होती है वो खरीद ली और अपने हाथ से ही कपड़े बनाना स्टार्ट कर दिए। उन्होंने अपनी मॉम, अपनी नानी की हेल्प ली कपड़े बनाने के लिए। उनके दिमाग में अभी भी ऐसा कुछ नहीं था कि

8:28 यार इससे मैं बहुत बड़ी मिलियन डॉलर कंपनी खड़ी करूंगा। नहीं। उन्होंने बस एज अ पैशन उस चीज को करना स्टार्ट किया। उन्होंने पहले अपने लिए कपड़े क्रिएट किया और जितने भी पैसे उनके पास बचे हुए थे वो सारे पैसों से फिर फैबिक्स, मशीन प्रिंटर्स सारी चीजें खरीद ली। कुछ टीशर्ट्स उन्होंने बनाए और फिर अपनी वेबसाइट पर लॉन्च कर दी जिसका नाम उन्होंने रखा जिम शार्क। नाउ यह साल 2011 की बात चल रही है। जब वो 19 साल के थे। इसके बाद उनके दिमाग में जिम के लिए शॉट्स बनाने का भी दिमाग में आया। बट शॉट्स बनाने के लिए उनकी जो मशीन थी वो कैपेबल नहीं थी। उन्होंने डिज़ाइन तो बना दी थी बट शॉट्स वो खुद से सिलाई नहीं कर सकते थे। उन्हें जरूरत थी एक मैन्युफैक्चरर की। इसलिए वो ढूंढने लग गए कि कौन उनके लिए शॉट्स बना के दे सकता है सस्ते में। तो ढूंढते-ढूंढते उनको पाकिस्तान का एक आदमी मिला जिसका नाम था तनवीर। बेन ने तनवीर को अपने शॉट्स का

9:14 डिज़ाइन भेजा और तनवीर ने उस डिज़ाइन को देखा और एक परफेक्ट शॉट बना के भेज दिया फ्री सैंपल। नाउ बेन के पास जैसे ही यह सैंपल आया वो देख के उसे खुश हो गए क्योंकि वह बहुत अच्छा बनाया गया था। लेकिन प्रॉब्लम यही थी ना कि बहन के पास पैसे नहीं थे। उनको पता था कि यार अब तनवी से बात करने का इतना कोई फायदा तो है नहीं। 99% चांस है कि मैं जो उसको बोलने वाला हूं उसके लिए वो ना ही बोलेगा। बट फिर भी चलो 1% चांस है शायद वो हां बोल दे और वो 1% का रिग्रेट वो नहीं रखना चाहते थे। इसीलिए बहुत हिम्मत करके उन्होंने तनवीर को कॉल करा और कहा आपने जो शॉट्स क्रिएट किया है वो बहुत अच्छे हैं। बट प्रॉब्लम यह है कि मेरे पास पैसे नहीं है। क्या तुम मेरे लिए एक फेवर कर सकते हो? मुझे 250 शॉट्स बना के यूके भेज दो। मैं इसे बेचूंगा और तुम्हें प्रॉमिस करता हूं कि तुम्हारे सारे पैसे तुमको लौटा दूंगा।

10:00 बन को पता था कि आंसर ना ही आने वाला है। बट फिर भी उन्होंने वेट किया एंड गेस व्हाट? तरनवीर ने सरप्राइजिंगली हां बोल दी और शॉट्स बना के भेज दिए। यह शॉट्स जब बन के पास पहुंचे तो उन्होंने पूरी जान लगा के उसे बेचना स्टार्ट किया। और क्योंकि शॉट्स अच्छे थे इसीलिए 48 आवर्स के अंदर ही सारे शॉट्स उनके बिक गए। उन्होंने तनवीर को उनकी फुल पेमेंट कर दी। अब आपको लग रहा होगा कि यार अब तो चीजें फटना स्टार्ट हो गई होगी। उसको पता चल गया शॉट्स चल रहे हैं। 48 आवर्स के अंदर शॉट्स सारे बिक गए। बट ऐसा नहीं था। बिकॉज़ देखो कई बार ना लोगों को लगता है ना कि बिजनेस जो होता है ना वो एक ऐसा एक्सपोनेंशियल ग्राफ होता है जो टाइम के साथ-साथ ऐसे ऊपर ऊपर ऊपर जाता रहता है और सच तो यह है कि एक ग्राफ ऐसा होता भी है। बट अगर आप इसे थोड़ा ज़ूम करके देखोगे तो आपको मालूम पड़ेगा

10:46 इसमें बहुत सारे उताव होते रहते हैं। शॉर्ट टर्म में हां लॉन्ग टर्म में अगर आप देखोगे तो ये एक्सपोनेंशियल तो होता ही है। जैसे कि फॉर एग्जांपल जिमशार्क चालू करने के 2 साल बाद भी बन जो थे ना वो पूरा दिन काम करते थे। क्लास जाते थे। 4:00 बजे तक यूनिवर्सिटी की पढ़ाई करते थे। उसके बाद आकर पिज़्ज़ा शॉप में पिज़्ज़ा डिलीवरी का काम करते थे। 5:00 से 10:00 बजे तक रात के। और इस डिलीवरी के बीच-बीच में वो अपने कस्टमर्स से कई बार सर्विस से रिलेटेड बातें करते थे। और बात यह भी थी ना कि बन जो थे ना वो बहुत ज्यादा इंट्रोवर्ट इंसान थे। उन्हें लोगों से स्ट्रेंजर्स से बात करना इतना पसंद नहीं था। बट फिर भी वह जगह-जगह जाते थे। लोगों से बातें करते थे। पिज़्ज़ा डिलीवर करने के बाद फिर वो वापस आते थे और उनके जो भी ऑर्डर्स आए हुए रहते थे दिन भर में। वो ऑर्डर को लेते थे। उसकी पैकेजिंग करते थे। उसको शिपिंग के लिए भेजते थे। कस्टमर्स से बात उनके रिप्लाई करना हर एक काम वो करते थे। इसके साथ-साथ

11:33 वो स्विंग मशीन से कपड़े भी सिलते थे। जहां वो अपनी मॉम और नानी के अगेन हेल्प लेते थे कई बार। अब एक नॉर्मल इंसान ये सारी चीजें सुनेगा तो उसको लगेगा कि यार बन तो कसम से कितना ज्यादा हार्ड वर्क करता था। कितना टफ और चैलेंजिंग रहा होगा उसके लिए चीजें। बट सरप्राइजिंगली ऐसा था नहीं। बन बोलते हैं ना कि यह सारी चीजें तो फन पार्ट थी। उनके लिए यह सारी चीजें चैलेंज नहीं थी बल्कि एक गेम जैसा था जिसे वो खेल के एंजॉय करते थे। उन्होंने अपने लिए हर चीज गेम जैसा बना दी थी। इतना ज्यादा उनका पॉजिटिव एटीट्यूड था। इंट्रोवर्ट तो थे बट फिर भी वह यह सोचते थे कि यह डिलीवरी के चक्कर में ना मेरी कम्युनिकेशन स्किल्स बहुत अच्छी हो जाएगी जो हुई भी जिसने उनको आगे बिजनेस में बहुत हेल्प किया और बाकी सारे स्ट्रगल्स भी उन्हें थ्रिलिंग मजेदार लगते थे। बस ऐसे ही बहुत मेहनत करते-करते और मजे करते-करते कुछ साल बीत गए। जिम शार्क अब है ना 300

12:19 से 400 पाउंड डेली करने लग गया। बट ऑब्वियसली यह भी इतना इनफ नहीं था। बन को रियलाइज हुआ कि उनको कुछ तो एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी करना पड़ेगा। हट के करना पड़ेगा ताकि ज्यादा पैसे आए। उनका प्रोडक्ट अच्छा था। उनको इस चीज पर भरोसा था। बिकॉज़ उनके प्रोडक्ट बिना मार्केटिंग के बिक रहे थे। बट फिर उन्होंने सोचा कि कुछ एक्स्ट्रा करते हैं। बात यह है ना यूके में तब एक फिटनेस एक्सो नाम की चीज होती थी बॉडी पावर वाली। जहां पर कई सारे बॉडी बिल्डर्स आते थे, ब्रांड्स, सेलिब्रिटीज आते थे जो फिटनेस को प्रमोट करते थे। नाउ बन के दिमाग में आया कि यार अगर मैं वहां जाके अपना एक स्टॉल लगा दूं या अपनी मार्केटिंग करूं तो मेरे टारगेट ऑडियंस तक मैं डायरेक्टली पहुंच पाऊंगा। यह उनको एक बहुत अच्छी अपॉर्चुनिटी लगी। बट अगेन बात यही थी कि अभी भी उनके पास इतने पैसे नहीं थे। हां, जैसे तैसे करके बिजनेस तो चल रहा था बट इतना ज्यादा प्रॉफिट नहीं जनरेट हो रहा था कि वो 2000 पाउंड जो उस एक्सपो में

13:05 स्पेस देने के लिए चाहिए होते थे वो दे पाए। अब अगेन कोई भी नॉर्मल इंसान होता तो सोचता कि यार छोड़ जाने दे क्या करना है। बट बेन ने ऐसा नहीं किया। बन ने जैसे-जतैसे करके जितने भी पैसे जमा किए थे बैंक में पूरे मिला के 2000 पाउंड जो उनके पास हुए उन्होंने वो सारे पैसे लगा डाले और एक्सो में स्पेस ले ही लिया। यह हाई रिस्क वाली चीज थी बट हाई रिस्क के साथ उनको हायर रिवॉर्ड भी मिला। उनका टाइम उस एक्सपो में बहुत ज्यादा अच्छा बीता। उनके सारे प्रोडक्ट्स बहुत जल्दी-जल्दी बिकने लग गए। कई सारे बॉडी बिल्डर्स सेलिब्रिटीज ने उनके प्रोडक्ट को ट्राई किया। जब वो अपनी जर्नी फिटनेस जर्नी पे ही थे तब है ना वो बहुत सारे फिटनेस यूटर्स मैट ऑर्गस, चेफ सीड, लेक्स लिटिल ऐसे कई सारे लोगों के वो कंटेंट देखते थे और उनकी बातें पसंद करते थे। इसीलिए उन्होंने क्या किया कि अपने कई सारे जो प्रोडक्ट के सैंपल्स थे

13:52 बिना सोचे फ्री में वो बहुत सारे सैंपल्स इन लोगों को भेज दिए ना उन्होंने कुछ ऐसा रिटर्न में एक्सपेक्ट नहीं किया था कि वो लोग कुछ करेंगे बट गेस व्हाट लेक्स लिटिल जो थे ना उन्होंने एक वीडियो बनाया जिम शार्क का टीशर्ट पहन के जो देख के बेन बहुत खुश हुए। इसके बाद उन्होंने उनको कांटेक्ट किया और ऐसे करके ही जो लेक्स लिटिल थे वो जिम शार्क के पहले एथलीट बने जिसने उसे प्रमोट किया। अब ऑब्वियसली जब एक इन्फ्लुएंसरर ने उसे प्रमोट किया तो उनके सेल्स भी बहुत बढ़े। और एक बात याद रखो यह सब चीजें तब हो रही है जब इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग नाम की चीजें लोगों को पता भी नहीं थी। और ऐसे ही स्लोली और स्टडीली धीरे-धीरे उनकी टीम बढ़ना स्टार्ट हुई। उनके प्रोडक्ट्स ज्यादा बिकने लग गए। तब उन्होंने क्या किया? अपने कई सारे दोस्तों को भी काम पर रखना स्टार्ट किया पार्ट टाइम बेसिस पे। और 2012 में उन्होंने एक ट्रैक सूट डिजाइन

14:38 किया। नाउ यह जो ट्रैक सूट था ना वो उनको बहुत ज्यादा पसंद आया। उनको पता चल गया था कि यार यह बहुत मस्त चीज बना दी है। बहुत अच्छा प्रोडक्ट क्रिएट कर दिया है। बट अगेन प्रॉब्लम आ गई मैन्युफैक्चरिंग की। उनको पता था कि यह प्रोडक्ट चलेगा बहुत। बट इसके लिए उनको अगेन एक बड़ा मिनिमम ऑर्डर देना पड़ेगा ताकि वो प्रॉफिटेबल हो। सो उन्होंने क्या किया? अगेन उन्होंने वही चीज किया जो उन्होंने पहले की थी। रिस्क लिया। सारा पैसा जो उनके बैंक अकाउंट में उन्होंने जमा किए थे। इतने साल से मेहनत करके वो सारे पैसे उन्होंने लगा दिए और फिर नेक्स्ट ईयर के बॉडी पावर एक्सपो में वापस एक जगह ली। उन्होंने अपने सारे फेवरेट बॉडी बिल्डर्स को इनवाइट किया। इस बार उनकी एक्सपेक्टेशन हाई थी क्योंकि पिछली बार ऑलरेडी उनको बहुत पॉजिटिव रिस्पांस मिला था। इसलिए उन्होंने अपने डैड, अपने सभी दोस्तों को सबको है ना काम पर लगा दिया था और बस वो उम्मीद करने लग गए कि चीजें सही होगी। बट ऐसा हुआ नहीं।

15:24 चीजें सही नहीं बल्कि बहुत बहुत ज्यादा सही हो गई। उनका प्रोडक्ट लोगों को इतना ज्यादा पसंद आया, इतना ओवरवेल्मिंग रिस्पांस मिला कि 2 दिन के अंदर उनका जितना भी सारा प्रोडक्ट उन्होंने क्रिएट करवाया था, पूरे पैसे डाल के वो सारे बिक गए। जिसके बाद डेन और क्रेक जो उनके दोस्त थे उन्होंने अपने फाइनल एग्जाम्स छोड़ के ड्रॉप आउट ले लिया और बन की मदद करने लग गए। जहां वो नॉर्मली 300 400 पाउंड्स के सेल करते थे इस पावर एक्सो के बाद अगले दिन से 30 मिनट्स में उन्होंने 30,000 पाउंड्स के सेल कर डाले। उनके सारी वेबसाइट पर जितने भी आइटम्स थे सब सोल्ड आउट हो गए। और फिर इसके बाद जाके बन ने डिसीजन लिया कि वो वीजा डिलीवरी और यूनिवर्सिटी दोनों को क्विट कर देंगे और अब अपनी जॉब पर पूरा फोकस करेंगे। देखो जिमशाक अब बहुत अच्छा कर रहा था। बन वापस से सारी चीजें जो भी वह कमा रहे थे उसे रीइ्वेस्ट कर रहे थे अपने बिजनेस को बड़ा

16:10 बनाने के लिए। इसके बाद उन्होंने सात पावर एक्सपो बार-बार किए। वो दुनिया की अलग-अलग जगह पे गए। जिम शक के बारे में उन्होंने बातें करी। उन्होंने ऊपर ऊपर से बहुत सारी चीजें करी जो उनको लगता था इंपॉर्टेंट थी। बट फिर 2015 में ब्लैक फ्राइडे आया। जब उनको मालूम पड़ा कि बहुत सारी चीजें करने के बाद भी वो सबसे इंपॉर्टेंट जो चीज है वो उन्होंने नहीं करी थी। बात यह थी कि 2015 में जब ब्लैक फ्राइडo की सेल आई तब उनकी वेबसाइट में बहुत सारे लोग आए जिसके वजह से वेबसाइट कंप्लीटली क्रैश हो गई। सब गड़बड़ हो गया। जो लोग पैसे दे रहे थे उनको आर्डर नहीं मिल रहा था। जो लोग पैसे नहीं दे रहे थे उनको आर्डर चले जा रहा था और ऐसी कई सारी प्रॉब्लम्स होना स्टार्ट हो गई जिसकी वजह से उन्हें $143000 का नुकसान हुआ और कई सालों की मेहनत जो उन्होंने करी थी अपना ट्रस्ट एक मार्केट में ब्रांड बनाया था वो ब्रांड पूरा नाम

16:55 खराब हो गया क्योंकि लोग उन्हें वीडियोस बना के गालियां देने लग गए अपने बैड एक्सपीरियंस के बारे में लोगों को बताने लग गए जिससे उनका ब्रांड खराब हो रहा था। सो इसके बाद बेन ने क्या किया? अगले कुछ महीनों तक पर्सनली हैंड रिटन अपोलॉजी सेंड करी सबको। और इसके बाद बन को रियलाइज हुआ ना कि बिजनेस देखो स्लोली ग्रो हो रहा है वह चीज तो सही है। बट अगर वो चाहते हैं कि वो उसे ग्लोबल और बड़ा बनाए तो उनको एक चीज पर फोकस करना पड़ेगा जो है स्ट्रक्चर एंड द फाउंडेशन ऑफ बिनेस। जितना वो मार्केटिंग, इन्वेस्टिंग, कस्टमर्स, प्रोडक्ट ये सब चीज पर पैसे खर्च कर रहे थे उतना नहीं तो उससे ज्यादा उनको फोकस करना पड़ेगा फाउंडेशंस पे। सप्लाई चेन, इन्वेंटरी, टीम मेंबर्स जो बैक एंड में एक्चुअल में पूरा प्रोसेस रन करते हैं उन पर उनको और ज्यादा फोकस करना पड़ेगा। तभी फ्रंट एंड में और अच्छी चीजें बढ़ेगी। इसीलिए फिर बन ने पूरा फोकस उस पे ही करना

17:40 स्टार्ट किया। उन्होंने अपने ऑपरेशंस, एसओपीस, स्ट्रक्चर्स पे काम करना स्टार्ट किया। जिसका रिजल्ट भी बहुत अच्छा आया। देखते ही देखते उनकी कंपनी कुछ लोगों से बढ़के 900 लोगों तक पहुंच गई। और 2020 में कंपनी की जो वैल्यू्यूएशन है, वह 1.45 बिलियन तक पहुंच गई। और क्योंकि उन्होंने इतनी मेहनत पहले से ही करके रखी थी। इतनी सारी चीजें करके रखी थी। इसलिए जब कोविड-19 भी आया तब भी जिमशार्क जो थी ना वो यूनिकॉर्न के लेवल तक पहुंच गई 2020 में। और यूके की उन दो में से एक यूनिकॉर्न बनी जिसने बिना फंडिंग के इतना बड़ा ब्रांड क्रिएट कर दिया यूके में एक बिलियन डॉलर ब्रांड। नाउ देखो दोस्तों ये पूरी स्टोरी थी बन की जिसमें मेरे हिसाब से पांच की लेसन मैंने निकाले हैं। मैं चाहूंगा आप अपने लेसंस कमेंट करो बट मैं अपने लेसंस आपको बताता हूं जो मुझे सीखने मिले बन की स्टोरी से। प्लस मैं उन लेसन

18:26 से रिलेटेड आपको बुक के रेफरेंसेस भी दे दूंगा ताकि आप उस लेसंस के बारे में अगर आप और सीखना चाहते हो डिटेल में जानना चाहते हो तो वो भी कर सकते हो। पहला लेसन जो मैंने सीखा वो था स्टार्टिंग फास्ट एंड फेलिंग क्विकली। आप अगर नोटिस करोगे तो स्टार्टिंग में ही ना बेन ने बहुत सारे एक्सपेरिमेंट्स किए और बहुत सारी चीजों में फेल हुए ताकि उनको रियलाइज हो सके कि वो कौन सी चीज में अच्छे हैं। प्लस एक और चीज उन्होंने करी कि उन्होंने एक स्ट्रक्चर्ड और डिसिप्लिन पे फोकस करना स्टार्ट किया। तो ये दोनों चीज के लिए ये दोनों बुक है आपकी जो हेल्प कर सकती है। और यह वाली बुक की तो मैंने समरी भी ऑलरेडी क्रिएट करके रखी है। तो वो आप जाके देख सकते हो। यह हुआ पेंटागॉन का पहला लेसन। पेंटागॉन का सेकंड लेसन जो था वो था कि मनी इज अ वे टू सॉल्व अ प्रॉब्लम नॉट द सॉल्यूशन। इससे रिलेटेड एक बहुत ही इंटरेस्टिंग बुक है द पावर ऑफ़ ब्रोक। तो शार्कटैंक यूएसए में जो डेमिन जॉन उनकी बुक है। उसके अंदर वो बताया है कि कैसे कई बार लोग है ना हर प्रॉब्लम के सशन के लिए सोचते हैं पैसा ही सारे प्रॉब्लम का सशन

19:13 है। बट एक्चुअल में ऐसा नहीं है। और यह चीज बन की स्टोरी बहुत अच्छे से बताती है। पावर ऑफ़ ब्रोक बहुत ही इंटरेस्टिंग बुक है। उसकी भी मैंने समरी क्रिएट करी है। अगर आप देखना चाहते हो तो आई बटन डिस्क्रिप्शन में उसकी लिंक मैं दे दूंगा। थर्ड लेसन जो मैंने सीखा वो है नॉट ट्रीट योर बिज़नेस एज अ चोर। कई बार लोग है ना बिजनेस को बिजनेस की तरह देखते हैं। उनकी मेंटालिटी रहती है कि यार यह बहुत टफ चीज है, बहुत खतरनाक चीज है। बट अगर आप उसको वैसे देखने के बजाय उसको गेमिफाई कर दोगे और अपने बिजनेस को ज्यादा सीरियसली लेने के बजाय उसे एक चैलेंज की तरह इंटरेस्टिंग तरीके से करना स्टार्ट करोगे, पैशन की तरह करना स्टार्ट करोगे तो आपको ज्यादा रिजल्ट्स मिलेंगे। और इस टॉपिक से रिलेटेड यह वाली बहुत इंटरेस्टिंग बुक है जिसकी समरी आप देख सकते हो। नेक्स्ट फोर्थ लेसन है सही मार्केट पर फोकस करना। अगर आप नोटिस करोगे तो बेन को सबसे अच्छे रिजल्ट्स तब मिलना स्टार्ट किए जब वो एक्सो पे जाना स्टार्ट किए। मतलब अपनी सही मार्केट पे जब उन्होंने पैसे इन्वेस्ट किए

19:59 पहुंचने के लिए। एलेक्स हरमोजी भी 100 मिलियन लीड्स और 100 मिलियन ऑफर बुक में बताते हैं कि आपका सही मार्केट को टारगेट करना कितना जरूरी है। और लास्ट लेसन जो मुझे पेंटागॉन का फिफ्थ लेसन सीखने मिला है बेन की स्टोरी से वो है टू बिल्ड अ स्ट्रांग फाउंडेशन। बन अपने बिजनेस को है ना कुछ फ्यू 100्स एंड थाउजेंड्स ऑफ डॉलर्स से लेके बिलियन डॉलर तक पहुंचा पाए। बिकॉज़ उन्होंने एक टाइम बाद वॉगिन अपने फाउंडेशन और बेसिक्स पर फोकस किया। अब ये बेसिक्स क्या होते हैं? अगर आप इससे रिलेटेड कंफ्यूजन है, आपको समझना चाहते हो तो एक बहुत ही इंटरेस्टिंग बुक है द पर्सनल एमबीए जिसके अंदर है ना पांच बेसिक चीजें बताई गई है जो हर बिज़नेस में होती ही है और होनी चाहिए एक अच्छा बिज़नेस खड़ा करने के लिए। वो क्या है? कैसे? उसके बारे में अगर आपको डिटेल में जानना है तो उसकी मैंने एक इंटरेस्टिंग सी समरी बना के डाली है जो यहां पे आपको दिख रही होगी या फिर आई बटन डिस्क्रिप्शन में दिख रही होगी। वो समरी जाकर जरूर देख लेना। बहुत इंटरेस्टिंग और बहुत अच्छे से वो फंडामेंटल बिज़नेस के आपको समझा देगी। यह

20:46 तो मेरे पांच पेंटागॉन के लेसन हुए। आप बताना आपको कौन से लेसन सीखने मिले। 5 3 2 1 कितने भी हो सकते हैं। बट जो भी लेसन आपको सीखने मिला जो मैंने नहीं बताया है। शायद वो मेरे लेसन से सिमिलर हो या फिर अलग भी हो सकता है वो आप जरूर कमेंट करके बता देना। और अगर आपको ऐसी बिज़नेस से रिलेटेड वीडियोस में और इंटरेस्ट है तो चैनल को सब्सक्राइब करके रखना। मैं और ऐसी वीडियोज़ आपके लिए लेके आता रहूंगा। अभी के लिए इतना ही। थैंक्स फॉर वाचिंग।

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