chapter 7 परिवहन तथा संचार Class 12 geography book 2nd / 2024-25 parivahan tatha sanchar

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 7, "परिवहन तथा संचार" का सारांश है। इसमें परिवहन के विभिन्न साधनों (स्थल, जल, वायु), सड़कों के प्रकार, रेल परिवहन, जल परिवहन, वायु परिवहन, पाइपलाइन और संचार के साधनों पर चर्चा की गई है।

  • परिवहन व्यक्तियों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की सेवा है।
  • भारत का सड़क जाल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क जाल है।
  • भारतीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे लंबे रेल नेटवर्कों में से एक है।
  • जल परिवहन परिवहन का सबसे सस्ता साधन है।
  • वायु परिवहन परिवहन का सबसे तीव्र साधन है।
  • संचार को वैयक्तिक और सार्वजनिक भागों में बांटा गया है।

परिवहन का परिचय

परिवहन व्यक्तियों या वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की सेवा है। परिवहन के साधन स्थल, जल और वायु मार्ग हैं। स्थल मार्ग में सड़क, रेलवे और पाइपलाइन शामिल हैं। जल मार्ग में अंतः स्थलीय जल और महासागरीय जल शामिल हैं। वायु मार्ग में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वायु मार्ग शामिल हैं।

स्थल परिवहन

भारत में प्राचीन काल से ही मार्गों और कच्ची सड़कों का उपयोग परिवहन के लिए किया जाता रहा है। आर्थिक और प्रौद्योगिक विकास के साथ, पक्की सड़कें और रेल मार्ग बनाए गए। कुछ विशिष्ट सामग्रियों के परिवहन के लिए रज्जू मार्ग, केबल मार्ग और पाइपलाइन का भी उपयोग किया जाता है।

सड़क परिवहन

भारत का सड़क जाल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क जाल है। भारत में प्रतिवर्ष सड़कों के द्वारा लगभग 85% यात्री और 70% भार ढोया जाता है। छोटी दूरियों की यात्रा के लिए सड़क परिवहन सबसे अच्छा होता है। निर्माण और रख रखाव के उद्देश्य से सड़कों को राष्ट्रीय महामार्ग, राज्य महामार्ग, जिला सड़कें और ग्रामीण सड़कें में बांटा गया है।

राष्ट्रीय महामार्ग

राष्ट्रीय महामार्ग ऐसी सड़कें हैं जिनका निर्माण और रख रखाव केंद्र सरकार करती है। इन सड़कों का उपयोग अंतरराज्यीय परिवहन और सामरिक क्षेत्रों तक रक्षा सामग्री और सेना के आवागमन के लिए होता है। राष्ट्रीय महामार्ग राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, महत्त्वपूर्ण पत्तनों और रेलवे जंक्शनों को जोड़ते हैं। राष्ट्रीय महामार्ग विकास योजना के अंतर्गत स्वर्णम चतुर्भुज योजना, उत्तर दक्षिण गलियारा और पूर्व पश्चिम गलियारा आते हैं।

राज्य महामार्ग

राज्य महामार्ग ऐसी सड़कें हैं जिनका निर्माण और रख रखाव राज्य सरकार करती है। ये सड़कें राज्यों की राजधानी को जिला मुख्यालयों और मुख्य शहरों से जोड़ती हैं। राज्य महामार्ग राष्ट्रीय महामार्ग से भी जुड़े होते हैं।

जिला और ग्रामीण सड़कें

जिला सड़कें जिला मुख्यालय को जिले के अन्य महत्त्वपूर्ण स्थलों से जोड़ती हैं। ग्रामीण सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों में गांवों को आपस में जोड़ती हैं। देश की कुल सड़कों की लंबाई का 80% हिस्सा ग्रामीण सड़कों का है।

रेल परिवहन

भारतीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे लंबे रेल नेटवर्कों में से एक है। यह यात्रियों और माल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में मदद करता है। भारतीय रेल की स्थापना 1853 में हुई थी। कोंकण रेलवे का विकास महत्त्वपूर्ण है, जो भारत के पश्चिमी समुद्री तट के साथ मुंबई और मंगलुरु को जोड़ता है। मेट्रो रेल भारत में नगरीय क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था में क्रांति ला दी है।

जल परिवहन

जल परिवहन यात्रियों और माल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। यह परिवहन का सबसे सस्ता साधन है। जल परिवहन को अंतः स्थलीय जल मार्ग और महासागरीय जलमार्ग में बांटा गया है। केरल का पष्ट जल अंतः स्थलीय जलमार्ग में अपना एक विशिष्ट महत्त्व है। भारत के पास द्वीप सहित लगभग 7517 किलोमीटर लंबा एक समुद्री तट है।

वायु परिवहन

वायु परिवहन परिवहन का सबसे तीव्र साधन है, लेकिन यह काफी महंगा है। भारत में वायु परिवहन की शुरुआत 1911 में हुई थी। पवन हंस एक हेलीकॉप्टर सर्विस है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में दी जाती है।

पाइपलाइन परिवहन

पाइपलाइन गैस और तरल पदार्थों को लंबी दूरी तक पहुंचाने का एक सुविधाजनक तरीका है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) आता है। गेल (इंडिया) लिमिटेड की स्थापना 1984 में हुई थी।

संचार जाल

संचार के लिए मानव ने प्राचीन काल से ही अलग-अलग तरीके अपनाए थे। संचार को वैयक्तिक और सार्वजनिक भागों में बांटा गया है। वैयक्तिक संचार प्रणाली में टेलीफोन, टेलीग्राम, फैक्स, ईमेल और इंटरनेट शामिल हैं। सार्वजनिक संचार प्रणाली में रेडियो, टेलीविजन, उपग्रह, समाचार पत्र, पत्रिकाएं और किताबें शामिल हैं। भारत में रेडियो का प्रसारण 1923 में शुरू हुआ था। टेलीविजन सूचना के प्रसार और आम लोगों को शिक्षित करने के लिए बहुत प्रभावी साबित हुआ। भारत की उपग्रह प्रणाली को इनसेट और आईआरएस में बांटा गया है। इनसेट की स्थापना 1983 में हुई थी और आईआरएस की स्थापना 1988 में हुई थी।

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Transcript

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0:00 हेलो एवरीवन प्यारे बच्चों आज के इस वीडियो में हम डिस्कस करेंगे क्लास 12थ की ज्योग्राफी का जो चैप्टर नंबर सेवन है परिवहन तथा संचार इसको यहां पे हम पढ़ेंगे और अच्छे तरीके से समझेंगे देखिए यह आपकी बुक टू से है बुक वन का चैप्टर मैंने कल एक डाला था आज मैं बुक टू का चैप्टर लेकर आया हूं तो इसको ध्यान से आपको देखना है और आप हमारे मिलेगा आपको पीडीएफ नोट्स मिल जाएंगे और जब भी हमारी लाइव क्लास होगी अपकमिंग लाइव क्लास उसकी सारी अपडेट आपको यहीं से मिला करेगी ठीक है और मेरा नाम सतेंद्र प्रताप है आप मुझे टा पे फॉलो कर सकते हो एक लवे स्टडी पॉइंट यह मेरा यूजर नेम है आप इस नाम से मुझे सर्च करके फॉलो कर सकते हो आपको कुछ क्वेरी हो डाउट हो तो आप मुझे

0:46 वहां पे मैसेज कर सकते हो सिलेबस देख लीजिए अगर हम बात करें बुक टू से तो बुक टू में टोटल आपके नौ चैप्टर हैं जिसमें से आज हम सातवां चैप्टर कर रहे हैं यानी कि अपने दो ही चैप्टर बचने वाले हैं इसको भी हम जल्दी कर लेंगे स्टार्ट करते हैं टॉपिक को परिवहन क्या होता है परिवहन यानी कि ट्रांसपोर्ट ट्रांसपोर्ट में क्या होता है सिंपल है कि व्यक्तियों को या फिर वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाली जो सेवा होती है जो सर्विस होती है या जो सुविधा होती है उसी को हम क्या कहते हैं परिवहन कहते हैं बिल्कुल सिंपल है अब देखते हैं कि परिवहन के साधन कौन से हैं देखिए परिवहन के साधन को देखें तो इसमें स्थल मार्ग से भी हो सकता है परिवहन जल मार्ग से भी हो सकता है यानी जल से भी हो सकता है वायु मार्ग से भी हो सकता है यानी कि एरोप्लेन हेलीकॉप्टर के जरिए या फिर नाव के जरिए या समुद्री जहाज के जरिए स्थल

1:31 मार्ग में आप जो सड़कें वगैरह होते हैं उसके जरिए हो सकता है ठीक है यह परिवहन हो सकता है अब हमें क्या करना है इनको और गहराई से डिस्कस करना है परिवहन के साधन क्या हमने बोला स्थल जल और वायु सिंपल है अब हम समझेंगे स्थल के अंतर्गत क्या आएगा जल के अंतर्गत क्या होता है और वायु के अंतर्गत क्या होता है तो सबसे पहले हम देखेंगे स्थल का ठीक है स्थल को हम तीन कैटेगरी में बांट देंगे एक तो आपका सड़क वाला हिस्सा हो जाएगा सड़क मार्ग वाला इसके जरिए परिवहन होता है ज्यादातर सड़क का ही यूज़ किया जाता है ठीक है दूसरा आपका रेलवे हो जाएगा क्योंकि रेलवे की जो पटरियां होती हैं जो बिछाई जाती हैं वो भी किसी जगह पर बिछाई जाती है यानी स्थल मार्ग ी वो भी कहलाता है ठीक है पाइपलाइन भी होता है पाइपलाइन के जरिए क्या होता है स्थल मार्ग में आप देखोगे पाइपलाइन के जरिए जो लिक्विड वाली चीजें होती हैं या गैस वाली चीजें होती हैं उसको एक जगह से

2:18 दूसरी जगह पे पहुंचाने के लिए एक सरल माध्यम जो है वो पाइपलाइन है तो ये स्थल के अंतर्गत आ जाएगा इसके बाद आ जाता है जल जल को हम दो कैटेगरी में बांटेंगे एक तो है अंतः स्थलीय जल देश के अंदर नदियों वगैरह के जरिए हो जाए या सागरीय महासागरीय जल ठीक है सागर में या फिर महासागर समुद्र के जरिए अगर कहीं पे एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं तो वो इसके अंतर्गत आ जाएगा ठीक है अगर जल के बाद हम वायु की बात करें तो वायु में क्या हो जाएगा ये भी दो कैटेगरी में हो जाएगा एक तो राष्ट्रीय हो जाएगा यानी देश के अंदर जैसे कि मान लो आप यूपी में हो ठीक है आपको यूपी से आना है दिल्ली यानी आप देश के अंदर ही तो आ रहे हो ना तो आप यूपी से फ्लाइट लोगे और दिल्ली आ जाओगे तो ये राष्ट्रीय हो जाएगा ठीक है दूसरा होता है अंतरराष्ट्रीय जैसे मान लो आप दिल्ली में हो आपको यहां से जाना है किसी दूसरे देश में ठीक है आपको यूके जाना है मान लीजिए तो दिल्ली से अगर

3:05 आप यूके जा रहे हो तो व अंतरराष्ट्रीय हो जाएगा तो इसको भी हम दो कैटेगरी में बांट के पढ़ते हैं तो ये सिंपल है इसमें कुछ इतना समझना नहीं है मेन चीज जो शुरुआत होती है ना वो टॉपिक की अब होगी अब आपको ध्यान से देखना है स्थल परिवहन की बात करने वाला हूं मैं तो देखिए भारत में क्या है मार्गों और कच्ची सड़कों का उपयोग जो है वह परिवहन के लिए प्राचीन काल से ही किया जाता है आप अच्छे से जानते हैं कि हमारे यहां पर जो सबसे पहला अगर सबसे मेन अगर हम देखें तो व सड़क मार्ग और जलमार्ग ही र है ठीक है इन्हीं दोनों से ज्यादातर यात्राएं होती थी और सड़कों की बात करते हैं तो उसमें जो कच्ची सड़कें होती थी गांव वगैरह में वह परिवहन के लिए खूब यूज किया जाता था आर्थिक और प्रौद्योगिक विकास हुआ यानी शुरू में जो कच्ची सड़कें होती थी उससे एक जगह से दूसरी जगह प जाते थे लेकिन जैसे ही देश का आर्थिक विकास होता है टेक्नोलॉजी का विकास होता है उसके साथ-साथ जो भारी मात्रा में जो सामान है

3:52 और जो लोग हैं उसको एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए पक्की सड़कें बनाई गई ठीक है फिर बाद में और जरूरत पड़ी तो रेल मार्ग का विकास हुआ तो इस तरीके से क्या होता है जो स्थल मार्ग है इसका विकास होता है ठीक है यानी स्थल मार्ग में हमने क्या समझा सबसे पहले जो था वो कच्ची सड़कें होती थी ठीक है उसी से लोग एक एक जगह से दूसरी जगह प जाते थे लेकिन फिर कुछ समय के बाद देश का आर्थिक विकास होता है तरक्की होता है टेक्नोलॉजी का विकास होता है तो कच्ची सड़कों की जगह पक्की सड़कें बन जाती हैं अब जब पक्की सड़कें बन गई हैं तो उसका क्या फायदा हुआ है कि अब ज्यादा भारी मात्रा में ज्यादा भारी सामान जो है वो ले जाया जा सकता है अधिक से अधिक लोगों को एक जगह से दूसरी जगह प पहुंचाया जा सकता है तो यह बेनिफिट हुआ यही आपको इस स्लाइड में समझाया ठीक है आगे चलते हैं फिर एक और तरीका है रज्जू मार्ग केबल मार्ग या पाइपलाइन जैसे साधनों का विकास

4:39 जो है वो एक कुछ विशिष्ट सामग्रियों को विशिष्ट परिस्थितियों में परिवहन की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है अब देखो कुछ जगह ऐसी है जहां से अगर हम पाइपलाइन पहुंचा दें पाइपलाइन के जरिए जो लिक्विड है या गैस वाली चीजें उसको आसानी से पहुंचा सकते हैं तो ये एक बेहतर तरीका हो सकता है कुछ जगह पे आपने देखा होगा जो केबल की जो जो तारे होती है उसको बांध दिया जाता है और उसमें ट्रॉली के जरिए क्या है लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है जिसको रज्जू मार्ग या केबल मार्ग वगैरह कहा जाता है ठीक है ज्यादातर जो पहाड़ी इलाके होते हैं ना वहां पर ऐसा होता है क्योंकि वहां पर क्या होता है पहाड़ी इलाकों में इतना आसान नहीं होता ऊंचाई है नीचा है उबड़ खाबड़ है एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना सड़क बनाना पॉसिबल नहीं है तो वो केबल के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाया जा सकता है कब

5:24 पहुंचाया जाता है कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ऐसी जरूरत पड़ती है ठीक है कुछ स्पेशल जो कंडीशन ऐसी हो जाती है जहां पे ऐसी जरूरत पड़ती है तो तब यह किया जाता है ठीक है आपने यह जो केबल मार्ग है वो आपने देखा होगा एक बार आप बहुत ध्यान से देखिए आपको देख के समझ में आ जाएगा ठीक है आप समझ गए ना कैसे वो गया केबल के केबल मार गया उसके जरिए वो ट्रॉली में लटक के जा रहे हैं ये आ रहे हैं ये जो महिला है यह भी किसी ट्रॉली में ही लटक कर जा रही है एक जगह से दूसरी जगह तो ये पहाड़ी एरियों में ज्यादातर ऐसा होता है ठीक है जहां पे सामान्य सिचुएशन नहीं होती आसानी से सड़कें वगैरह बनाना पॉसिबल नहीं होता लेकिन इसके जरिए आसानी से पहुंच जाते हैं तो यह रज्जू मार्ग केबल मार्क जो है इसका भी इस्तेमाल किया जाता है ठीक है पाइपलाइन को देखें अगर हम तो पाइपलाइन के जरिए किन चीजों को पहुंचाया जाता है जो ज्यादातर जो लिक्विड चीजें हैं या जो गैस

6:10 है उसको पाइपलाइन के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पे आसानी से पहुंचा दिया जाता है ठीक है अब बात करते हैं हम यहां पे सड़क परिवहन की सड़क परिवहन का इस्तेमाल तो सभी करते हैं ज्यादातर जो यूज किया जाता है वह सड़क परिवहन होता है और डोर टू डोर जाने के लिए जो सबसे बेस्ट माध्यम होता है वह सड़क परिवहन होता है अगर आप अपने घर से किसी दोस्त के घर पर जाते हो तो यह परिवहन का ही आप यूज करोगे जिसको सड़क परिवहन कहा जाएगा ठीक है अब एक-एक पॉइंट बहुत अच्छे तरीके से समझना जहां-जहां पे इंपॉर्टेंट आता है मैं आपको हाईलाइट करते हुए चलूंगा उसको याद रखना पेपर में क्वेश्चन वहीं से आते हैं ठीक है देखिए भारत का अगर हम सड़क जाल बोले या सड़क नेटवर्क बोले तो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क जाल जो है व भारत का है तो अब यहां पे मेरा क्वेश्चन है आपसे कि आप मुझे बताइए भारत आता है दूसरे नंबर

6:55 पे तो पहले नंबर पे कौन आता है ठीक है पहले नंबर पे कौन आता है सड़क मार्ग या सड़क जाल के अ अगर हम उसके रिगार्डिंग बात करें तो ऑप्शन भी अगर मैं आप कहो तो मैं दे देता हूं ए जैसे मैंने दे दिया अमेरिका यानी यूएसए बी मैंने आपको दे दिया ऑप्शन चाइना ठीक है सी ऑप्शन आपको दे दिया रशिया तो इस तरीके से तीन ही ऑप्शन दिया आप मुझे बताइए या फिर डी ऑप्शन भी दे देता हूं इनमें से कोई नहीं बताइए क्या है कमेंट में आप मुझे इसका आंसर बताइए ठीक है दूसरे नंबर पे तो भारत आता है पहले नंबर पर कौन आता है इसके बाद क्या है कि इसकी कुल लंबाई की अगर हम बात करें तो 62.1 लाख किमी मीटर जो है भारत में सड़कें हैं यह जो डाटा है ये थोड़ा पुराना है अकॉर्डिंग टू एनसीआरटी है और यह डाटा समय-समय पर बढ़ता रहता है ठीक है जब कोई नई एनसीआरटी आएगी तो उसमें यह डाटा जो है यह आपको चेंज मिलेगा क्योंकि और सड़कें बन

7:42 जाएंगी तो वो उसमें ऐड हो जाएगा ठीक है यहां पे क्या है भारत में प्रतिवर्ष सड़कों के द्वारा लगभग लगभग 85 प्र यात्री तथा 70 प्र जो भार है जो वजन है वो ढोया जाता है यातायात का परिवहन किया जाता है अब यहां पे एक चीज आपको समझनी है सबसे ज्यादा आप देख रहे हो कितना ज्यादा यूज किया जाता है सड़क परिवहन ठीक है 85 प्र यानी 85 पर सड़कों का इस्तेमाल किया जाता है किस लिए किया जाता है यात्रियों को ले जाने के लिए यानी कि लोगों को एक एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए और 70 पर पर जो है वो भार ढोने के लिए सड़कों का इस्तेमाल किया जाता है यानी सबसे ज्यादा जो इस्तेमाल किया जाने वाली चीजें वो सड़कें हैं छोटी दूरियों की अगर यात्रा की बात करें तो उसके लिए जो सड़क परिवहन होता है ना वो बेस्ट होता है ठीक है छोटी दूरी

8:27 की यात्रा के लिए सबसे बेस्ट जो है वह आपका सड़क परिवहन हो जाएगा आजादी के बाद भारत में सड़कों की जो दशा है उसको सुधारने के लिए एक 20 वर्षीय सड़क योजना जो है वह शुरू की गई थी लेकिन आजादी से पहले भी एक योजना लाई गई थी ठीक है लेकिन वह कामयाब नहीं हुई थी लेकिन बाद में जब स्वतंत्रता देश को मिलती है उसके बाद यह प्रोजेक्ट लाया जाता है ठीक है जिसमें 20 साल की पूरी योजना बनाई जाती है कि किस प्रकार से सड़कों का जो विस्तार है सड़कों का जो निर्माण है वह भारत के अंतर्गत करना है ठीक है लेकिन सड़कों का संकेंद्रण जो है वह केवल नगरों और उनके आसपास का जो क्षेत्र है वहीं पे रहा अब सरकार जो है गवर्नमेंट जो है वह लेकर आई प्रोजेक्ट कि उसको भारत की सड़कों की दशा को सुधारना है 20 साल का एक प्रोजेक्ट लेके आई लेकिन

9:14 इसका असर जो दिखता है वह कहां पे दिखता है ज्यादातर हमको दिखता है नगरों में यानी नगर या फिर नगर के आसपास की जो जगह है वहां पे दिख रहा है गांव में तो इसका फायदा मिला ही नहीं ठीक है तो गांव और सुदूर जो क्षेत्र हैं वहां पे सड़कों के द्वारा जो कांटेक्ट है संपर्क है वो लगभग ना के बराबर रहा फायदा हुआ लेकिन किसको हुआ नगरों को हुआ लेकिन गांव को नहीं हुआ ठीक है आगे देखो क्या होता है निर्माण और रख रखाव के उद्देश्य से सड़कों को हम तीन कैटेगरी चार कैटेगरी में बांट सकते हैं ठीक है चार मुख्य कैटेगरी हैं इसको देख लेते हैं कौन-कौन सी है तो देखिए सबसे पहले हमारे आ जाते हैं नेशनल हाईवे यानी कि जिसको राष्ट्रीय महामार्ग कहते हैं ठीक है दूसरा आ जाता है हमारा स्टेट हाईवे जिसको हम राज्य महामार्ग कहते हैं फिर हमारी जो प्रमुख जो जिला सड़कें होती है

9:59 यानी जो डिस्ट्रिक्ट रोड होते हैं हमारे वो आ जाते हैं एंड फोर्थ नंबर पे आ जाता है अपना ग्रामीण सर्किट ठीक है गांव की जो सड़क होती है वो फोर्थ नंबर पे आ जाता है तो इस तरीके से हम सड़कों को चार कैटेगरी में बांट देते हैं ठीक है अब एक-एक करके ना इन सारी कैटेगरी को हम पढ़ेंगे सबसे पहले हम बात करेंगे नेशनल हाईवे की फिर स्टेट हाईवे की फिर जो जिला की सड़ जिलों की जो सड़कें होती हैं डिस्ट्रिक्ट की सड़कें होती हैं उसको देखेंगे और फिर गांव की जो सड़क होती है उसको देखेंगे ठीक है सबसे पहले हम देख लेते हैं नेशनल हाईवे अगर आप कभी हाईवे प गए हो तो आपने देखा होगा यह दृश्य जो आप मेरे पीछे देख रहे हो यह हाईवे का होता है इसमें फोर लेन सिक्स लेन या उससे भी ज्यादा लेन हो सकती है ठीक है अलग-अलग हाईवे अलग-अलग तरीके से बनाए जाते हैं और इसके साइड में जगह भी छोड़ी जाती है ताकि कभी अगर उसको और लेन बढ़ाने

10:45 की जरूरत पड़े फ्यूचर में तो उसको भी बढ़ाने के लिए सरकार काम करती है तो इस तरीके से यह होते हैं इसमें आबादी रूप से जो हमारा ट्रैफिक है वो आराम से चला जाता है ठीक है आराम से जा सकता है एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए इन जो हाईवे होते हैं इनका इस्तेमाल किया जाता है अब बात करते हैं राष्ट्रीय महामार्ग यानी कि अपने जो नेशनल हाईवे होते हैं इसको थोड़ा सा डिटेल में समझते हैं देखिए जो हमारे नेशनल हाईवे होते हैं यह ऐसी सड़कों को कहा जाता है जिनका जो निर्माण होता है यानी जो बनाना होता है और इसका जो रख रखा होता है यानी कि इसका जो मेंटेनेंस होता है वो अपनी केंद्र की सरकार करती है ठीक है केंद्र की सरकार के द्वारा किया जाता है यानी जो हमारी सें सेंट्रल गवर्नमेंट होती है यह क्या करती है जो नेशनल हाईवे होते हैं इसकी इसको बनवाते भी और इसका जो मरम्मत है या इसका जो रख रखाव

11:31 है वो सब कुछ करने की जिम्मेदारी भी किसकी हो जाती है हमारी केंद्र सरकार की हो जाती है ठीक है इन सड़कों का उपयोग जो होता है वह अंतरराज्यीय परिवहन और सामरिक क्षेत्रों तक रक्षा सामग्री और सेना के आवागमन के लिए होता है इसका जो मेन यूज है वो किस लिए किया जाता है एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए ऐसी सड़कों का इस्तेमाल किया जाता है ठीक है इसके अलावा जो सामरिक क्षेत्रों तक रक्षा सामग्री मान लो कोई छावनी है या फिर कभी कोई सेना का कोई सामान पहुंचाना है हथियार वगैरह कुछ पहुंचाने तो ऐसी सड़कों का इस्तेमाल किया जाता है ठीक है इसके लिए क्या हो जाती है उनको आसानी हो जाती है इन हाईवे की वजह से ये जो हाईवे होते हैं यह राज्यों की जो राजधानियां होती हैं ठीक है हर राज्य की अपनी राजधानी होती है तो उन राज्यों की राजधानियों में और प्रमुख जो नगर होते हैं राज्यों के अंदर उनकी

12:17 राजधानी और उनके जो मेन मेन नगर हैं ठीक है महत्त्वपूर्ण पत्तन और रेलवे जो जंक्शन होती है इसको जोड़ती है तो आपको यह याद रखना है मैं बात कर रहा हूं यहां पे नेशनल हाईवे की तो नेशनल हाईवे जो है जो स्टेट होते हैं हमारे जो राज्य होते हैं हमारे ठीक है उन राज्यों में जो उसकी राजधानी होती है यानी कि जो उसकी कैपिटल होती है उस कैपिटल को तो ये जोड़ता ही है इसके साथ-साथ उस स्टेट में जो मेन मेन नगर होंगे उनको जोड़ता है जो मेन रेलवे जंक्शन होंगे उनको जोड़ता है ठीक है ऐसे इन सबको आपस में कनेक्ट करता है तो नेशनल हाईवे बहुत इंपॉर्टेंट हो जाते हैं राष्ट्रीय महामार्ग की लंबाई पूरे देश की कुल सड़कों की लंबाई का केवल 2 पर है लेकिन यह सड़क यातायात के 40 पर भाग का वहन करते हैं ठीक है अगर नेशनल हाईवे की लंबाई देखी जाए तो

13:02 पूरे देश में जो सड़कों का जाल है ना उसके अकॉर्डिंग देखें तो मात्र 2 पर ही है लेकिन ट्रैफिक की बात करें तो 40 पर यातायात जो है इन नेशनल हाईवे के द्वारा ही किया जाता है ठीक है होता है फिर एनएचएआई जो है ये आपको याद रखना है देखिए भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण जिसको शॉर्ट में हम बोलेंगे एनएचएआई इसका प्रचलन जो है प्रचालन जो है यह 1995 से स्टार्ट हुआ था और इसके साथ साथ ही राष्ट्रीय महामार्ग के रूप में जो सड़कें होती हैं उसकी गुणवत्ता सुधार के लिए शीर्ष संस्था है यह जो एनएचएआई होती है यह जो हमारे मेन हाईवे होते हैं ठीक है नेशनल हाईवे उनको बनाने का उनकी देखरेख का सारा जिम्मा आ जाता है इसके अलावा सड़कों की जो क्वालिटी है जो गुणवत्ता है उसको

13:48 सुधारना उसकी गुणवत्ता का ध्यान रखना भी इन्हीं के अंतर्गत आ जाता है ठीक है कब स्टार्ट हुआ था 1995 से अब बात करते हैं राष्ट्रीय महामार्ग विकास योजना यह भी याद रखना है आपको इसमें ना दो प्रोजेक्ट हैं बल्कि दो नहीं तीन प्रोजेक्ट हैं आप ये मान लीजिए अ एक तो आपका है स्वर्णम स्वर्णम चतुर्भुज जो योजना है ठीक है इस योजना के तहत क्या बात की गई थी इसमें यह कहा गया था कि इसके अंतर्गत 5846 किमी लंबी अ 4/6 जो लेन है ठीक है अ इसको बनाया जाएगा ठीक है और इसके अंतर्गत कौन सी जगह को जोड़ा जाएगा यह समझिए इसमें चार महानगरों को जोड़ने का प्रोजेक्ट था इसीलिए इसको स्वर्णम चतुर्भुज कहा जाता है एक तो में दिल्ली आ जाएगा फिर दिल्ली से मुंबई मुंबई से फिर चेन्नई है फिर बाद में कोलकाता यानी कि दिल्ली मुंबई चेन्नई

14:36 कोलकाता इन चारों को आपस में जोड़ेगा यह और कहीं ना कहीं एक स्वर्णम चतुर्भुज की तरह इस तरीके से निर्माण हो जाएगा इसीलिए इसका नाम ही क्या पढ़ गया स्वर्णम चतुर्भुज योजना ठीक है तो इसको हम देखेंगे लेकिन इसके साथ-साथ दो और प्रोजेक्ट थे इसको भी हम देख लेते हैं दूसरा है एक है उत्तर दक्षिण तथा पूर्व पश्चिम गलि वाला ठीक है ये सेकंड नंबर पे मान लीजिए इसको इसको थर्ड का मान लीजिए उत्तर पश्चिम यानी कि अ उत्तर दक्षिण सॉरी जो ऊपर से नीचे तक को जोड़ेगा और पूर्व पश्चिम जो इधर से लेके इधर तक को जोड़ेगा ठीक है तो इसको हम थोड़ा सा अच्छे से समझ लेते हैं अब बात करते हैं उत्तर दक्षिण जो गलियारा है इसमें क्या है कि जम्मू और कश्मीर का जो श्रीनगर है यहां से ये शुरू होता है और दक्षिण में अगर आओगे तो तमिलनाडु का जो कन्याकुमारी है यहां तक आएगा इसको याद

15:23 रखिए ये तो हो गया आपका उत्तर दक्षिण यहीं पे आपका आ जाता है पूर्व पश्चिम भी इसको देख लेते हैं तो पूर्व पश्चिम गलियारे की अगर मैं बात करूं तो असम में जो सिलचर है यहां से गुजरात का जो पोरबंदर है इसको आपस में क्या करता है ये कनेक्ट करता है ठीक है इन दोनों को आपस में कनेक्ट करेगा ठीक है तो ये आप तीनों आपको याद रखने हैं अब हम इसको ना थोड़ा सा मैप में समझेंगे तो हमको ज्यादा अच्छे से समझ में आएगा देखिए स्वर्णिम चतुर्भुज जो है अगर इसको मैं ध्यान से देखूं तो मान लीजिए दिल्ली जो है वो कुछ यहां पे आसपास है एक मिनट मैं इसको अलग से कलर से हाईलाइट करता हूं देखिए मान लीजिए यहां पे है दिल्ली ठीक है यहां पे आपका मान लीजिए मुंबई यहां पे है आपका चेन्नई और यहां पर है कोलकाता इनको कहीं ना कहीं जोड़ने का एक ऐसा मार्ग बनाना है जिस जरिए ये सारी जुड़ जाए इसी को क्या कहा जाता है स्वर्णम

16:10 चतुर्भुज योजना ठीक है तो ये इंपॉर्टेंट है ये आपको याद रखना है इसके बाद जो आपका है इसमें आ जाएगा आपका उत्तर दक्षिण गलियारा उत्तर कहां पे होता है ऊपर की तरफ और दक्षिण होता है नीचे की तरफ ठीक है तो ऊपर देखिए जो जम्मू कश्मीर में श्रीनगर वाला जो हिस्सा था यह हो जाएगा और नीचे जो तमिलनाडु का सबसे नीचे का जो पॉइंट है जिसको कन्याकुमारी कहा जाता इसको यानी एक ऐसा नेशनल हाईवे बनाया जाएगा जो उत्तर से दक्षिण को कनेक्ट करेगा ठीक है तो यह हो जाएगा आपका उत्तर दक्षिण गलियारा इसी तरीके से एक पूर्व पश्चिम गलियारा है पूर्व पश्चिम गलियारे में जो गुजरात का यह जो पोरबंदर वाला जो इधर का हिस्सा है इधर से होते हुए यह आपके असम की तरफ से जाएगा ठीक है तो यह इसको आपस में जोड़ देगा तो इस तरीके से पूर्व पश्चिम गलियारा भी हो जाएगा तो आई होप आपको मैप में अच्छे तरीके से समझ में आ गया होगा ठीक है यह तो हो

16:56 गया नेशनल हाईवे अब बात करते हैं स्टेट हाईवे की यानी कि जो राज्य के जो हाईवे होते हैं उनमें तो देखने में ज्यादा फर्क नहीं होता एक जैसे ही लगते हैं दोनों देखने में हाईवे ठीक है लेकिन इनका क्या फर्क है ये आपको यहां पे समझना है देखिए राज्य के जो महामार्ग होते हैं ये ऐसी सड़कें होती हैं ठीक है जिनका जो निर्माण होता है और रख रखाव जो होता है वो राज्य की जो सरकार होती है उसके द्वारा किया जाता है ठीक है नेशनल हाईवे में क्या था केंद्र की सरकार देख रही थी तो जो राज्य के महामार्ग हैं उसको राज्य की सरकार देख रही है ये डिफरेंस है इन दोनों के बीच में फिर क्या होता है ये सड़कें जो होती हैं ये राज कि जो राज्यों की राजधानी है उससे जो जिला मुख्यालय होते हैं जिला का जो हेड क्वार्टर होता है या जो मुख्य उनके शहर होते हैं इन सबको क्या करती है आपस में कनेक्ट कर देती है ठीक है राजधानियों को और जिले के जो मुख्यालय हैं इन सबको कहीं

17:41 ना कहीं आपस में जोड़ती है तो यह राज्य के महामार्ग होते हैं यानी कि स्टेट के हाईवे होते हैं ठीक है और यह महामार्ग राष्ट्रीय महामार्ग से भी जुड़े होते हैं यह आपको इंपोर्टेंट लाइन है याद रखना नेशनल हाईवे जो हमने पढ़ा था अभी और जो स्टेट हाईवे होते हैं ये दोनों आपस में कनेक्टेड होते हैं क्योंकि ये स्टेट को कहीं ना कहीं जो मेन नेशनल हाईवे है उससे जोड़ देता है कनेक्ट कर देता है ठीक है ये इंपोर्टेंट पॉइंट था यह भी आपको याद रखना है अब इसके बाद आ जाता है आपका जिला सड़कें अगर मैं जिला सड़कों की बात करता हूं तो यह सड़कें जो हैं यह जिला मुख्यालय यानी जिले का जो हेड क्वार्टर होता है उसको तथा जिले के जो अन्य महत्त्वपूर्ण जो स्थल होते हैं उसको आपस में क्या कर देते हैं कनेक्ट कर देती है ठीक है जिला सड़कें ये कहलाती हैं फिर आपकी गांव की सड़कें आ जाती हैं गांव की सड़कें आप जानते हैं यह सड़कें जो है ग्रामीण क्षेत्रों में जो गाव के क्षेत्र

18:29 होते हैं उनको आपस में कनेक्ट करती है एक गांव को दूसरे गांव से आपस में कनेक्ट करने वाली जो सड़कें होती है ग्रामीण सड़कें होती हैं देश की कुल जो सड़कें हैं इसकी लंबाई का 80 प्र हिस्सा जो है वह इन्हीं ग्रामीण सड़कों का आपको देखने को मिलता है ठीक है पहले के समय में क्या होता था आजादी से पहले ज्यादातर गांव की जो सड़कें होती थी वो कच्ची होती थी लेकिन आज के समय में देखें तो गांव की सड़कें भी आप पक्की हो गई है ज्यादातर गांव में कुछ गांव ऐसे हो सकते हैं अंदर की सड़कें हो शायद वो आपको कच्ची दिखें लेकिन ज्यादातर गांव में आज के समय में डेवलपमेंट हो चुका है इसके बाद आ जाता है हमारा टॉपिक नेक्स्ट वह है रेल परिवहन ठीक है ट्रेन से आप सभी ने यात्राएं करी होंगी रेल परिवहन आप जानते हैं अच्छे तरीके से तो इसको समझेंगे देखिए भारतीय रेल नेटवर्क जो है

19:16 दुनिया के सर्वाधिक लंबे रेल नेटवर्कोंमैंथरेडेक्सेप्शन ठीक है यात्री का मतलब क्या होता है कि हम आप जैसे लोग जो हैं एक जगह से दूसरी जगह पर यात्रा करने के लिए यूज करते हैं माल का मतलब यहां पे क्या होता है माल का मतलब यहां पे हो जाता है कि सामान कोई भारी सामान हल्का सामान जो भी है वह सारा का सारा एक जगह से दूसरी जगह पे ले जाना है तो वो माल माल कहलाएगा ठीक है और इसको आसान बना देती है और इसके साथ-साथ आर्थिक वृद्धि और में भी योगदान देती है क्योंकि भाई जो इंडियन रेलवे है जो भारतीय रेलवे है इंडियन रेलवे यह बहुत बड़ी संख्या में लोगों को रोज रोजगार देती है ठीक है कहीं ना कहीं देश की इकोनॉमी को भी सुधार है

20:02 ठीक है लोगों को फायदा होता है और रोजगार देती है यह अलग फायदा है फिर भारतीय रेल की स्थापना जो है वो 18533 किमी की लंबी रेल जो लाइन है इसका निर्माण किया गया था भारतीय रेल का जाल जो है इसकी कुल लंबाई देखें तो ये

20:57 679562 थी ठीक है वो चलती थी लेकिन अब उसको और चौड़ा करके जो ब्रॉड गज है इसमें परिवर्तित किया जा रहा है ठीक है इससे क्या होता है रेलवे का सिस्टम सुधर रहा है और रेलवे की स्पीड भी बढ़ रही है तो इसके अलावा वाष्प चालित जो इंजन होते थे उसके स्थान पर डीजल या फिर बिजली से चलने वाले इंजन लाए गए हैं पहले के समय में चलते थे वो भाव से चलने वाले इंजन अब उसको रिप्लेस किया जा रहा है ठीक है इस कदम से कहीं ना कहीं क्या हुआ रेल जो है उसकी जो स्पीड है वो बढ़ रही है और उसकी ढुलाई करना भी उससे क्या हो जा रहा है आसान हो जा रहा है कहीं ना कहीं ठीक है कोयले के द्वारा चालित वाष्प इंजन के जो पहले होते थे अब उसको बदल दिया गया उससे क्या फायदा हुआ कहीं ना कहीं पर्यावरण को भी फायदा होगा क्योंकि जो कोयले को जलने से जो नुकसान होता था ठीक है पर्यावरण में जो पोल्यूशन होता था जब कोयले वाला सिस्टम

21:43 खत्म कर देंगे तो उससे इ भी फायदा होगा पोल्यूशन कम हो जाएगा अंग्रेज जो है भारत में रेल इसलिए लाए हां अंग्रेज भारत में रेल लेकर आए थे तो आपको यह लग रहा होगा अंग्रेज जो लाए थे बहुत अच्छे थे और भारत के विकास के लिए वह रेल लेकर आए थे तो आप गलत सोच रहे हैं अंग्रेज भारत में रेल इसलिए लेके आए थे ताकि जो भारत के संसाधन है जिसका वह इस्तेमाल कर रहे थे उसका शोषण कर रहे थे वह आसानी से कर सके रेलवे आने से एक जगह से दूसरी जगह पे माल की ढुलाई करना आसान हो गया था इसलिए रेलवे लाई गई थी ठीक है आजादी के बाद इन रेल मार्गों का विस्तार जो है यानी विस्तार किया गया अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाया गया इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण है कोंकण रेलवे अब मैं आपको बता देता हूं क्लियर बता देता हूं कि इस क्वेश्चन को याद करके जाना कोंकण रेलवे

22:28 वाला जो क्वेश्चन है मैंने कई बार देखा है बहुत बार ये आपके सीबीएससी के एग्जाम में आ रखा है और मैंने अदर स्टेट के एग्जाम में भी देखे हैं तो वहां पे भी यह कोंकण रेलवे वाला क्वेश्चन बहुत आता है तो यह मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन है इसको याद करके जाना ठीक है तो कोंकण रेलवे का विकास महत्त्वपूर्ण है और भारत का जो पश्चिमी समुद्री तट है इसके साथ-साथ मुंबई मंगलुरु इनके बीच में कहीं ना कहीं एक कांटेक्ट करा देता है कनेक्ट कनेक्ट कर देता है उनको ठीक है अब कोंकण रेलवे से क्वेश्चन आता है तो कोंकण रेलवे जो है पढ़ना बहुत जरूरी है तो देखिए 1998 में कोकन रेलवे का निर्माण जो है वह भारतीय रेल की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि यह बनाना इतना मुश्किल था कि शुरू में लग नहीं रहा था कि यह प्रोजेक्ट कभी पास हो पाएगा मतलब आगे कामयाब होगा लेकिन ऐसा हमारे जो इंजीनियर हैं उन्होंने ऐसा कमाल कर दिखाया

23:15 कि यह बहुत मुश्किल कार्य था उसको आसान कर दिया यानी कि यह 760 किमी लंबा जो रेल मार्ग है य महाराष्ट्र में जो रोहा है ना रोहा वहां से होकर कर्नाटक का जो मंगलौर है इनको आपस में कहीं ना कहीं कनेक्ट कर रहा है इसमें इसे कह सकते हैं अभियंत्रण चमत्कार क्यों अभियंत्रिकी नियर यानी यह इंजीनियरिंग का एक ऐसा अचंभा है एक ऐसा चमत्कार है जो कि शुरू में लग नहीं रहा था कि ऐसा पॉसिबल हो पाएगा लेकिन हो गया यह रेल मार्ग 146 नदी धार व धाराओं को तथा 2000 पुल को और 91 जो सुरंग है उनको आपस में कहीं ना कहीं उनको पार करते हुए रेल मार्ग जा रहा है तो आप सोचिए कितना बड़ा यह रेल मार्ग होगा इस मार्ग पर एशिया की सबसे लंबी जो सुरंग है

24:02 वह भी अ जो 6.5 अ 6.5 किमी की जो सुरंग है वह भी आ जाती है और इस उद्यम में कर्नाटक गोवा महाराष्ट्र राज्य यह सारे के सारे इसमें क्या हैं भागीदारी हैं ठीक है इसके बाद है एक मेट्रो रेल रेल तो आप जानते हैं मेट्रो रेल भी आप जानते होंगे यह भी एक अच्छा प्रोजेक्ट है मेट्रो रेल क्योंकि यह माल की ढुलाई तो नहीं करता है यह यात्रियों की ढुलाई करने के काम आता है और यह जो मेट्रो है ना मेट्रो के जरिए क्या होता है जो छोटी दूरी की यात्रा है उसको आसान बनाता है जो भारतीय रेल अभी हम पढ़ रहे थे वो तो लंबी दूरी की यात्रा के लिए ज्यादा अच्छा माना जाता है लेकिन छोटी दूरी की यात्रा के लिए सबसे बेस्ट जो माना जाता है वो मेट्रो माना जाता है ठीक है इसके बारे में भी देख लेते हैं मेट्रो रेल जो है ये भारत में नगरीय क्षेत्रों में ये जो नगर होते हैं शहरों में यह लाई गई थी और नगरीय क्षेत्रों में इसने कहीं ना कहीं

24:48 इस परिवहन व्यवस्था ने क्रांति ला दी थी मेट्रो रेल के चलने से नगरीय क्षेत्र के वायु प्रदूषण में भी कहीं ना कहीं कमी आती है और उस जगह पे ट्रांसपोर्ट जो पहले मुश्किल से हो पाता था अब उसको आसान बना दिया ठीक है अब लोगों का टाइम बचा देती है मेट्रो इसके बाद है जल परिवहन जल परिवहन आप सभी जानते होंगे नाव के जरिए अगर आपने कभी नाव से एक जगह से दूसरी जगह पर यात्रा करी है तो आप मुझे कमेंट में जरूर बताइए ठीक है तो नाव से एक जगह से दूसरी जगह पर जाना जो है वह जल परिवहन कहलाता है तो भारत में जल मार्ग की अगर हम बात करें तो यह यात्रियों को भी एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाता है और माल वहन यानी कि जो लोड होता है उसको ढोने के लिए भी यह महत्त्वपूर्ण विधा माना जाता है परिवहन का सबसे सस्ता साधन जो होता है यह पेपर में आया हुआ था परिवहन का सबसे सस्ता साधन जो

25:33 है वह ठीक है वह क्या होता है वह जलमार्ग होता है जलमार्ग क्यों होता है भाई क्योंकि वह नदी है पहले से बनी हुई है नदी में थोड़ी कोई अपने को कोई रास्ता थोड़ी बनाना है नदी में ठीक है ईंधन की खपत भी बचती है तो इसलिए यह जो होता है यह परिवहन का सस्ता साधन होता है और भारी से भारी चीजों को आप इसके जरिए ले जा सकते हो ठीक है एक जगह से दूसरी जगह पे ले जाने के लिए बेस्ट होता है ईंधन और परिस्थितिकी के अनुकूल परिवहन की प्रणाली है इस अगर आप नाव से एक जगह से दूसरी जगह पर जा रहे हो तो पर्यावरण को कोई पोल्यूशन भी नहीं होगा ठीक है ईधन के नजरिए से देखें तो भी यह बढ़िया है और पर्यावरण के नजरी से देखें तो भी बढ़िया है क्योंकि पोल्यूशन नहीं करता है जल परिवहन को देखें तो इसको दो कैटेगरी में बांट के अपने को पढ़ना है स्टार्टिंग में बता दिया था एक है अंतः स्थलीय जल मार्ग और दूसरा है महासागरीय जलमार्ग ठीक

26:20 है इन दोनों को थोड़ा सा समझ लेते हैं सबसे पहले हम बात कर लेते हैं अंत स्थलीय की फिर बाद में बात करेंगे जो आपका ये जो दूसरा था महासागरीय उसको बाद में देख ठीक है पहले अंत स्थली देख लेते हैं जब रेल मार्ग नहीं थे ठीक है जब जलमार्ग का इस्तेमाल जो था वह ज्यादा किया जाता था ठीक है जब रेल तो बाद में आई है ना यह नदियां वगैरह तो पहले से हैं अंग्रेज भी जो आते थे हमारे यहां पे तो वो समुद्र के रास्ते से ही तो आते थे तो यह कहीं ना कहीं जल मार्ग जो है इसका इस्तेमाल जो है पहले से ही किया जाता है जल मार्ग को रेल और सड़क परिवहन के साथ कहीं ना कहीं कंपटीशन ज्यादा मिला ठीक है और नदियों के जल को सिंचाई के लिए बांट देने के कारण इनके मार्गों में अधिकांश भाग में नौ संचालन का योग्य नहीं रहा देखिए नदियां क्या है नदियों में है पानी

27:07 और उस पानी को सरकार ने दे दिया है सिंचाई के लिए यानी अब नदी का पानी जो है सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा है जिस कारण अब नाव वगैरह चला पाना वहां पर पॉसिबल नहीं रह पाया है अगर आज के डेट में देखें वर्तमान में देखें तो 14500 किलोमीटर लंबा जलमार्ग जो है वही उपलब्ध है नौकायन के लिए नौकायन मतलब जहां से नाव चलाई जा सक सती है जो देश के परिवहन में अगर हम देखें तो मात्र 1 पर का ही योगदान यह देता है देश में राष्ट्रीय जलमार्ग के विकास और उनका अनुरक्षण करने के लिए उनके रूल्स रेगुलेशन बनाने के लिए 1986 में एक अंतः स्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण ठीक है एक ट्रिब्यूनल टाइप का बनाया गया था यह स्थापित किया गया था कुछ मेन जो जो सरकार के द्वारा जो राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किए गए हैं यह

27:53 हैं आपके एनसीआरटी में आप देखोगे जिसको राष्ट्रीय जलमार्ग वन कहा जाता है य इलाहाबाद हल्दिया वाला है दूसरा राष्ट्रीय जलमार्ग जो आपका टू है यह सदिया धुबरी वाला है ठीक है फिर यह जो थ्री है यह कोटापुर कोलम विस्तार है फोर फव इस तरीके से तो इसको आप क्या करना आराम से पढ़ लेना हालांकि यहां से कोई खास क्वेश्चन आते नहीं है आपको मोटा-मोटा ही समझना है लेकिन फिर भी आप इसको थोड़ा सा पढ़ लेना ठीक है मैं आपको ले जाता हूं सीधा मेन टॉपिक पे देखो केरल का जो पष्ट जल जो कडल वाला जो हिस्सा है इसके अंतः स्थलीय जलमार्ग में अपना एक विशिष्ट महत्व है क्यों क्योंकि यह परिवहन का एक तो सस्ता साधन भी उपलब्ध कराता है साथ-साथ में केरल में जो टूरिस्ट आते हैं ठीक है टूरिज्म जो होता है टूरिस्ट भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं नाव से एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए तो टूरिज्म को भी बढ़ाता है और यहां

28:39 का जो सबसे फेमस नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ है यानी यहां पे एक नौकाओं की एक दौड़ होती है यानी जो नाव की रेश होती है ठीक है जिसको नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ कहा जाता है यह इसी में किया जाता है इसलिए क्या है काफी ज्यादा फेमस है तो यह आपको याद रखना है हो सकता है पेपर में यहां से क्वेश्चन पूछ ले इसके बाद बात करते हैं महासागरीय जल भारत के पास द्वीप सहित लगभग 7517 किलोमीटर लंबा एक समुद्री तट है ठीक है भारत को अगर आप देखोगे दक्षिण भाग तो कहीं ना कहीं समुद्र से कनेक्टेड आपको दिखता है ठीक है तो भारत के पास एक लंबी तट रेखा है 12 प्रमुख तथा 200 गौण पत्तन इन मार्गों को संरचनात्मक आधार प्रदान करते हैं ठीक है 12 हमारे पास मेन पत्तन है इसके अलावा 200 के करीब छोटे-मोटे पत्तन हैं भारत की अर्थव्यवस्था

29:26 के परिवहन सेक्टर में अगर हम देखें तो महासागरीय मार्ग जो है इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि एक जगह से दूसरी जगह पर व्यापार के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है भारत का जो भार है उसके अनुसार देखें तो लगभग 95 पर तथा मूल्य के अनुसार अग हम देखें तो 70 पर जो विदेशी व्यापार अगर हमारा होता है वह कहीं ना कहीं इन महासागरीय अ रास्तों से होता है तो महासागरीय जो हमारे जो नौकायन है यह कहीं ना कहीं व्यापार के लिए ज्यादा यूज किया जाता है अंतरराष्ट्रीय व्यापार के साथ-साथ इन मार्गों का उपयोग जो है ठीक है इंटरनेशनल व्यापार तो होता ही है इसके साथ-साथ देश की जो मुख्य भूमि या जो द्वीप है उसके बीच में भी कहीं ना कहीं ट्रांसपोर्ट के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है ठीक है एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए किया जाता है नेक्स्ट आ जाता है आपका वायु परिवहन यह परिवहन का सबसे तीव्र साधन है बहुत

30:13 तेजी से आप वायु परिवहन के जगह के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंच सकते हो लेकिन इसका एक नेगेटिव पॉइंट है कि यह काफी महंगा है काफी कॉस्टली होता है ठीक है आगे देखते हैं देखिए भारत में वायु परिवहन की शुरुआत जो है 1900 11 में हुई थी यहां पे क्या था इलाहाबाद से नैनी तक मात्र 10 किमी की दूरी के लिए शुरू हुआ था और वायु डाक प्रचालन के लिए ठीक है इसका इसको इस्तेमाल किया गया था वायु परिवहन का एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए सबसे तेज साधन माना जाता है इससे यात्रा का जो समय है वो आपका कम हो जाता है आपकी आप लंबी दूरियों को कुछ ही मिनटों में कुछ ही घंटों में आप इसके द्वारा वायु परिवहन के द्वारा तय कर सकते हो भारत जैसी विस्तृत देश क्योंकि भारत का अगर आप मैप देखोगे उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूर्व से लेकर पश्चिम तक अगर देखोगे तो बहुत बड़ा

31:01 क्षेत्रफल है भारत का भारत जैसे बड़े देश के लिए वायु परिवहन जो है काफी सही है कि मान लो किसी को जम्मू कश्मीर से अ तमिलनाडु जाना है इतनी दूर पूरा डिस्टेंस तय करना है तो उसके लिए क्या है बिल्कुल परफेक्ट है क्योंकि यहां पे दूरी जो है बहुत लंबी है और भूभाग जो है और जलवायु दशाएं जो है वह कहीं ना कहीं बहुत ज्यादा वरायटी है इसलिए जो वायु परिवहन भारत के लिए बहुत अच्छा है ठीक है और भारत में जो वायु परिवहन का जो वास्तविक विकास हुआ है ना वह आजादी के बाद हुआ है जब तक देश गुलाम था तब तक इसका ज्यादा विकास नहीं हुआ था देश आजाद होने के बाद हुआ है वायु परिवहन की एक कमी है वह कमी क्या है आपको स्टार्टिंग में बता दिया था यह महंगा होता है जिससे हर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता है ठीक है और वायु प्राधिकरण जो है यह एयर अथॉरिटी ऑफ इंडिया भारतीय वायु क्षेत्र में सुरक्षित तरीके से सक्षम वायु

31:49 यातायात और वैमानिक की संचार सेवाओं प्रदान करने के लिए उत्तरदाई है कौन सा प्राधिकरण इसके लिए जिम्मेदार होता है वायु प्राधिकरण यह क्या सुनिश्चित करता है कि भारत के वायु क्षेत्र में सुरक्षित तरीके से एक जगह से दूसरी जगह पर वायुयान जो होते हैं एरोप्लेन जो होते हैं वो यात्रा कर सके इसको देखने की जिम्मेदारी जो होती है वो इसकी होती है फिर पवन हंस ये इंपोर्टेंट है पेपर में आया हुआ है पवन हंस क्या है एक हेलीकॉप्टर सर्विस है यह जो पहाड़ी जो एरिया होते हैं यहां पर यह दी जाती थी और उत्तर पूर्व में सेक्टर में बड़े लेवल पर जो टूरिस्ट है उनके द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाता है टूरिस्ट इसका ज्यादा इस्तेमाल करते हैं ठीक है एक जगह से दूसरी जगह पे जाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में फिर आपका आ जाता है तेल और गैस जो पाइपलाइन होती है आपको पता है

32:34 पाइपलाइन भी एक परिवहन का साधन होता है पाइपलाइन के जरिए भी आप जो लिक्विड चीजें हैं या जो गैस वाली चीजें हैं एक जगह से दूसरी जगह पर इसको पहुंचाया जा सकता है ठीक है पाइपलाइन जो है वह गैस और तरल पदार्थों को लंबी दूरी तक पहुंचाने के लिए एक सुविधाजनक तरीका माना जा सकता है एक बेहतर प्रणाली माना जा सकता है यहां तक कि आज के सम समय में यह भी पॉसिबल हो गया है कि जो ठोस चीजें हैं ठोस पदार्थ है उसको भी घोल बना दो या गारा बनाकर उसको थोड़ा लिक्विड टाइप का बना के इसके द्वारा परिवाद किया जा सकता है ठीक है पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय जो है पेट्रोलियम मंत्रालय है या जो प्राकृतिक गैस मंत्रालय है इसके अधीन ऑयल इंडिया लिमिटेड आता है जिसको ओ आईएल के नाम से जाना जाता है ठीक

33:19 है ये जो है यह सुनिश्चित करता है कि कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस के जो उसके अंदर इन्वेंशन हो सके उसका उत्पादन मैन्युफैक्चरिंग हो सके ठीक है उसको एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा सके यह सब किसके अंतर्गत आ जाता है ऑयल इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत और यह किस डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंदर आ जाता है ठीक है और इस बाद में क्या होता है 1959 में एक कंपनी के रूप में यह निगमित किया जाता है एक कंपनी बन जाता है ठीक है एशिया की जो पहली 1157 किलोमीटर की लंबी जो देश पारी पाइपलाइन है जो असम से शुरू होके असम का जो नहर कटिया है यहां से शुरू होकर बरोनी के तेल शोधन कारखाने तक जो जा रही है इसका निर्माण जो करवाया गया था वोह आईओ एल जो है इसके द्वारा ही

34:06 करवाया गया था ठीक है इसे 1966 में आगे और बढ़ा दिया गया इसको कानपुर तक विस्तारित कर दिया गया था यानी कानपुर तक इसको बढ़ाकर भेज दिया गया था ठीक है फिर है गेल इंडिया ये भी है ये पेपर में पूछ लेंगे ये एमसीक्यू में पूछा जाने वाला क्वेश्चन है गेल इंडिया लिमिटेड जो है इसकी स्थापना कब हुई थी 1984 में पेपर में आएगा और ऑप्शन में दे देंगे 1980 1985 1987 इस तरीके से तो यह लाइन जो है याद रखना है यह जो गेल इंडिया है यह प्राकृतिक जो गैस है उसका परिवहन करने के लिए उसका प्रसंस्करण करने के लिए उसमें शुद्धिकरण करने के लिए और उसका आर्थिक उपयोग के लिए उसको मंडी में ले जाकर बेचना या फिर उसको बेचने के लिए भी क्या किया जाता है इस्तेमाल में लाया जाता है इसके बाद है हमारा एक लास्ट टॉपिक है संचार जाल इसको भी देख लेते हैं संचार जाल

34:51 में क्या है देखिए कम्युनिकेशन मानव ने प्राचीन काल से ही संचार यानी कम्युनिकेशन के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए थे शुरू में क्या होता था जो ढोल वगैरह होता था या पेड़ का जो खोखला जो तना होता था उसको बजाकर ठीक है कम्युनिकेशन होता था आपने देखा होगा पुरानी फिल्मों में जो पुराने जमाने की बात करें जो गांव होते थे तो गांव में क्या होता था जैसे किसी के कोई फंक्शन होता था ढोल बजवा देता था वो आपने सुना होगा ना ढोल बजाते थे सुनो सुनो सुनो आज शाम को 5:00 बजे कुछ मतलब प्रोग्राम होने वाला है इस तरीके से यूं सूचना दी जाती थी उस समय क्या है आज की तरह टेक्नोलॉजी नहीं थी तो लोग इस तरीके से इस्तेमाल करते थे फिर फ कहीं पे आग का धुआं जला के संकेत के द्वारा जैसे मान लो कोई धाव ठीक है कहीं पर कुछ कोई संदेश देना है तो आग जला देते थे उस धुए से लोगों को पता लग जाता था भाई संदेश मिल

35:38 जाता था या फिर जो तेज दौड़ने वाले लोग होते थे उनकी सहायता से संदेश पहुंचा दिया जाता था फिर घोड़े ऊंट कुत्ते पक्षी अन्य पशुओं के द्वारा भी संदेश पहुंचाया जाता था आपने फिल्मों में देखा होगा कबूतर के जरिए संदेश पहुंचाया जाता था तो ये सारी चीजें होती थी ठीक है क्योंकि उस समय इतना डेवलपमेंट नहीं था तो यही तरीके अपनाए जाते थे फिर धीरे-धीरे क्या हुआ धीरे-धीरे डेवलपमेंट होने लगा डाक घर आ गए ठीक है टेलीग्राम की सुविधा हो गई प्रिंटिंग प्रेस हो गए छपाई तकनीक आ गई मोबाइल आ गया सैटेलाइट आ गई तो जैसे-जैसे ये सारी चीजें आ गई तो ये जो कम्युनिकेशन था वो बहुत तेज हो गया पहले कहां एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी से संदेश पहुंचने में 10-10 दिन लग रहे थे अब मात्र 10 सेकंड में हमारी बात जो है ईमेल के जरिए या फिर फोन के जरिए हो जाती है तो जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विकास हो गया ये

36:23 सारी चीजें आसान हो गई साइंस और टेक्नोलॉजी यानी विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जब विकास हुआ तो उसकी वजह से संचार के क्षेत्र में क्या हो गया क्रांति आ गई ठीक है जिसकी वजह से सारे काम जो है वो आसान हो गए संचार यानी कि जो कम्युनिकेशन है इसको हम दो हिस्सों में बांट के देखते हैं एक है वैयक्तिक ठीक है इंडिविजुअल और एक होता है सार्वजनिक जो सबके लिए होता है तो इसको देख लेते हैं समझ लेते हैं एक बार वयक्तिक देख लेते इंडिविजुअल में क्या होता है टेलीफोन हो जाएगा टेलीफोन से दो व्यक्ति आपस में बात कर रहे हैं टेलीग्राम के जरिए फैक्स के जरिए कोई संदेश पहुंचाया जा रहा है ईमेल के जरिए बातचीत चल रही है इंटरनेट यह सब

37:09 क्या हो जाता है व्यक्तिक में आ जाता है सार्वजनिक में आ जाता है जो सबके लिए हो जैसे रेडियो अब रेडियो के में न्यूज़ आ रही है मान लो समाचार आ रहा है तो उसको क्या है पूरा देश सुन सकता है ठीक है तो यह क्या हो जाएगा सार्वजनिक टेलीविजन पर कोई प्रोग्राम आ रहा है उसको पूरा देश देख सकता है ठीक है उपग्रह सेटल लाइट से कोई सूचना आ रही है पूरे देश तक पहुंच जाएगी समाचार पत्र जो न्यूज़पेपर जो होते हैं वो पूरे देश में चलते हैं ठीक है न्यूज़पेपर सभी पढ़ते हैं भाई पंजाब में भी रहने वाला पढ़ रहा है यूपी में रहने वाला पढ़ रहा है बिहार में रहने वाला पढ़ रहा है दिल्ली में रहने वाला पढ़ रहा है तमिलनाडु में रहने वाला पढ़ रहा है कोई भी पढ़ सकता है मैगजीन हो गई किताबें हो गई तो ये सब सार्वजनिक में आ जाती हैं और ये सब वयक्तिक में आ जाती हैं ठीक है तो दोनों में आपको अंतर समझना है और अच्छे तरीके से समझना है अब वैयक्तिक वाले को पहले पढ़ेंगे फिर हम पढ़ेंगे सार्वजनिक वाले को

37:55 तो वैयक्तिक संचार प्रणाली को देखते हैं व्यक्तिक संचार तंत्रों में इंटरनेट जो है सबसे ज्यादा बड़े लेवल पर प्रभावी स्तर पर सबसे अधिक आधुनिक भी है यानी कि देखो एक बार दोबारा से देखो टेलीफोन टेलीग्राम फैक्स ईमेल इंटरनेट इंटरनेट जो है सबसे ज्यादा आधुनिक माना जाता है और सबसे बड़े लेवल पर चीजें पहुंचा सकता है यह हमने देख लिया है ठीक है अब जानते हैं इंटरनेट की ताकत को नगरीय क्षेत्र में बड़े स्तर पर ईमेल का इस्तेमाल किया जाता है ठीक है संदेश भेजने के लिए ईमेल का इस्तेमाल किया जाता है और जो कंपनियां होती हैं जो ऑफिशियल रूप से अपने बातचीत का जो तरीका अपनाती है वह ईमेल के थ्रू ही अपनाती है ठीक है वह मेल करती हैं इसके बाद है सार्वजनिक सार्वजनिक में आपका क्या आ जाएगा रेडियो टेलीविजन वगैरह आ जाएगा तो इसको देख लेते हैं देखिए रेडियो पढ़ लेते हैं रेडियो से क्वेश्चन आता है तो भारत

38:41 में रेडियो का प्रसारण जो है 1923 में शुरू हुआ था रेडियो क्लब ऑफ बॉम्बे इसने शुरू करा था इसको ठीक है क्लब ऑफ बॉम्बे ने फिर रेडियो ने क्या करा असीमित लोकप्रियता पाई क्योंकि उस जमाने में जब रेडियो आया था तब यह पहली ऐसी क्रांति मान लीजिए रेडियो ने सबको दीवाना बना लिया था इतना लोकप्रिय हुआ था इतना लोकप्रिय हुआ था उस समय में भाई इतनी देश में गरीबी होती थी रेडियो सभी के घर में नहीं होता था कुछ लोगों के घर में ही रेडियो होता था और रेडियो को सुनते थे उस समय में माहौल अलग होता था एक व्यक्ति के पास रेडियो होता था समाचार न्यूज़ हो गए या गाने हो गए उसमें आते थे तो 10 10 20-20 लोग मिलकर उस एक रेडियो से सुना करते थे ठीक है एक अलग ही वो माहौल अलग ही दिन होते थे तो रेडियो जो है उसने बहुत लोकप्रियता कमाई है बहुत मतलब लोगों में फेमस हुआ है फिर

39:27 लोगों का के सामाजिक सांस्कृतिक जीवन में कहीं ना कहीं रेडियो ने उस समय में परिवर्तन ला दिया था अल्पकाल में यानी छोटे से ही समय में इसने देश भर में प्रत्येक घर में जगह बना ली फिर पूरे देश में हर घर में रेडियो आने लगा रेडियो उस समय में लोगों का सपना होता था यह रेडियो की वैल्यू थी सरकार ने क्या करा सरकार ने देखा कि भाई रेडियो बहुत फेमस हो रहा है तो सरकार ने 1930 में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के अंतर्गत जो यह लोकप्रिय संचार का माध्यम था रेडियो इसको अपने कंट्रोल में ले लिया 1936 में सरकार ने ऑल इंडिया रेडियो के नाम से जिसको ए ठीक है आई आर कहा जाता था आपने सुना होगा ना ए आई आर एफएम ऐसे करके यह ऑल इंडिया रेडियो होता था यह और 1957 में आकाशवाणी में बदल दिया

40:14 इसको ठीक है यानी कि पहले इसको 1936 में क्या नाम दिया गया ऑल इंडिया रेडियो पूरे देश के लिए ठीक है फिर 1957 में इसका नाम बदल दिया गया इसका नाम कर दिया गया आकाशवाणी ऑल इंडिया रेडियो जो है यह इसके जरिए क्या मिलती थी लोगों को सूचनाएं मिलती थी इसमें समाचार न्यूज़ वगैरह आती थी शिक्षा मिल जाती थी लोगों का मनोरंजन के लिए था क्योंकि म्यूजिक वगैरह गाने वगैरह इसमें आते थे और कई सारे कार्यक्रम आते थे जो मैच होता था क्रिकेट मैच उसका लाइव प्रसारण लोग सुना करते थे जब टीवी नहीं होती थी लोगों के पास तो इसको सुनते थे ठीक है तो यह काम आता था विशेष समाचार बुलेटिन इसमें आते थे और मनोरंजना टेलीविजन अब रेडियो इतना फेमस था टेलीविजन

41:00 आता है भाई वोह और ज्यादा फेमस हो जाता है क्योंकि रेडियो में ओनली ऑडियो आती थी केवल आवाज ही तो सुन सकते थे टेलीविजन में टीवी में तो आप आवाज के साथ-साथ चित्र भी देख सकते हो यानी कि ऑडियो एंड वीडियो दोनों चीजें आपको टीवी में एक साथ दिख जाती थी तो टेलीविजन सूचना के प्रसार और आम लोगों को एजुकेट करने के लिए बहुत ज्यादा प्रभावी साबित हुआ क्योंकि यह ऑडियो विजुअल दोनों तरीके से यूज किया जाने वाली चीजें थी इसको सुन भी सकते हैं देख भी सकते हैं प्रारंभिक दौर में देखें तो तो टीवी सेवाएं जो है केवल राष्ट्रीय राजधानी राष्ट्रीय राजधानी तक ही होती थी लेकिन 1959 में जहां पे इसको शुरू किया गया था धीरे-धीरे इसका विस्तार किया गया और 1972 के बाद ये इसके और भी केंद्र चालू हो गए सन 1976 में अगर देखें तो टीवी को ऑल इंडिया रेडियो एआईआर से अलग कर दिया

41:46 गया पहले क्योंकि इसके साथ ही होता था इसको अलग कर दिया गया और इसको अलग पहचान मिली डीडी के जरिए डीडी मतलब दूरदर्शन दूरदर्शन के जरिए इसको एक अलग पहचान मिलती है अब आप तो जिस दौर में में जन्म हो आपको शायद डीडी के बारे में नहीं पता होगा ठीक है उससे पहले एक समय में जो दूरदर्शन होता था यही आता था ये प्राइवेट चैनल जो आज के टाइम पे देखते हो पहले ये चीजें होती नहीं थी तो सब इसी पर डिपेंडेंट होते थे ठीक है इन्हें देश भर के जो पिछड़े और सुदूर ग्रामीण क्षेत्र हैं वहां तक इसको विस्तारित किया गया गांव-गांव में टीवी पहुंच गया लोग टीवी में अपने जो पसंदीदा प्रोग्राम है वो देख सकते थे इसके जरिए संदेश पहुंचाया जा सकता था एजुकेशनल जैसे किसानों हैं किसानों के लिए कृषि से रिलेटेड तकनीक सिखाई जाने लगी टेलीविजन के जरिए ठीक है मतलब शिक्षा के नजरिए से देखें टेलीविजन भी एक क्रांति के रूप में उभरा था फिर इसके बाद आया उपग्रह संचार

42:33 उपग्रह संचार य इंपॉर्टेंट है इसमें क्या होता है भाई अंतरिक्ष में सैटेलाइट स्थापित कर दी जाती है और यह भी एक विधा है इसको आप एक विधा एक तरीका मान सकते हो और यह जो कम्युनिकेशन है ना यह हमको क्या फायदा देता है यह समझिए उपग्रह से जो हमको जो चित्र प्राप्त होते हैं उससे मौसम के बारे में पहले से अनुमान लगा दिया जाता है आप देखते हो ना कि जब आप समाचार न्यूज़ देखते हो तो उसमें बताते हैं आज ऐसा मौसम र बारिश हो सकती है यह हो सकता है वो हो सकता है वो सारी चीजें आपको उपग्रह के जरिए पता लगता है प्राकृतिक आपदा पर निगरानी की जा सकती है ठीक है जो देश के बॉर्डर होते हैं बॉर्डर की चौकसी की जा सकती है उस परे निगरानी रखी जा सकती है तो इसलिए जो सैटेलाइट है वो बहुत इंपॉर्टेंट है फिर अगर हम बात करते हैं लास्ट टॉपिक है बिल्कुल भारत की उपग्रह प्रणाली इसको हम बांटते हैं दो कैटेगरी में एक होता है

43:19 इनसेट और एक होता है आईआरएस ठीक है अब इनसेट और आईआरएस का फुल फॉर्म याद रखो इनसेट को कहा जाता है इंडियन नेशनल सैटेलाइट सिस्टम और आईआरएस जो है यह है इंडियन रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट सिस्टम ठीक है इसको आईआरएस कहा जाता है इनसेट की स्थापना 1983 में हुई थी तो इसकी स्थापना 1988 में हुई थी यह एक बहुद्देशीय उपग्रह प्रणाली है ठीक है एक बड़ा प्रोजेक्ट था यह कम्युनिकेशन के लिए मौसम विज्ञान की जानकारी देने के लिए इनसेट लाया गया था आई आरस जो है यह जो आंकड़े होते हैं जो डाटा होता है वह इकट्ठा करने के लिए लाया गया था प्राकृतिक संसाधन का किस तरीके से सही तरीके से मैनेजमेंट हो सके वो इसके इसलिए यह आईआरएस लाया गया था ठीक है तो यह था आपका लास्ट टॉपिक तो यहां पे अपना चैप्टर जो है खत्म हो जाता है आई होप आपको समझ में आया होगा

44:05 कुछ बच्चों को मैंने देखा है ज्योग्राफी आसान नहीं लगती ठीक है लेकिन ज्योग्राफी अगर आप ध्यान से पढ़ोगे तो उतनी मुश्किल नहीं है चीजें ज्यादातर आसान है कुछ टॉपिक ऐसे होते हैं जो थोड़े से मुश्किल हो सकते हैं आपको दो बार तीन बार देखने हैं पर आपको अच्छे से समझ में आएगा ठीक है वीडियो को लाइक कर दें कमेंट कर दें शेयर कर दें मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में थैंक्स फॉर वाचिंग जय हिंद जय भारत

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