0:00 अजय को है हमारे सभी दर्शकों को सादर प्रणाम जय श्री कृष्णा आज का हमारा वीडियो है राशि कैसे निकाल लें पंचांग के द्वारा राशि कैसे निकाला है सामान्य सी गणना है कि यदि आप इस वीडियो को पूरा देखेंगे तो आप किसी भी पंचांग को देखकर मैं अपने परिवार पड़ोस या पुराने किसी व्यक्ति का व्याख्यान कर सकते हैं उसकी राशि की गणना कर सकते हैं यदि आपकी कुंडली में किसी पंडित द्वारा गलत राशि निकाली गई है तब भी आप उसकी गणना सीख सकते हैं लेकिन आपके पास पुराने पंचांग होने अति आवश्यक है बाजार में इस साल के पंचांग उपलब्ध है 1950 से 2050 तक सौ साल का पंचांग में
0:47 उपलब्ध होता है उसको लाकर आप उसमें से कि इस गणना को देख सकता है कि वर्तमान में हर वर्ष के थे का पंचांग सकते हैं तो हर वर्ष आप दीपावली के बाद कभी भी बाजार से पंचांग लें खरीद कर है जो चैत्र माह से शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से चलता है और अगले इस वर्ष के चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तक पड़ेगा 360 दिन 65 दिन तक पूरा पंचांग चलता है है तो आप कोई भी पंचांग खरीद कर लावे है और दूसरी और प्रमुख बात है कि हमारे जो पंचांग होते हैं उसमें हिंदी की गणनाएं होती है इसलिए आपको यहां पर एक चार्ट दिखाई दे रहा होगा ना है इस को ध्यान से देखें
1:34 मेरे सारे हिंदी के अक्षर याद कर ले मैं एक को कैसे लिखते हैं जो को कैसे लिखते हैं तीन को कैसे लिखते हैं कि पंचांगों में ऐसे ही अक्षर आपको देखने को मिलता है और दूसरी बात यहां पर राशियों के क्रम भी लिखे हुए तो राशियों के क्रम आपको याद करने अति आवश्यक है मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन यह क्रम ऐसे ही होना चाहिए ऐसा नहीं कि करके बात करने आ जाएगा करके बाद सिंह आएगा तो यही क्रम फिक्स है इसको याद कर ले वह और तीसरी और प्रमुख बात हमारे यहां चंद्र राशि की गणना होती है सूर्य राशि का हमारे यहां कोई लेना-देना नहीं है अब इस बार कि ऐसी कि उसके भी पढ़ते हैं ज्योतिष की या
2:20 का मासिक पत्रिकाएं भी आती है ज्योतिष की या आप अखबारों में विशेषकर अंग्रेजी अखबारों में पढ़ते हैं कि 21दिसंबर से 21जनवरी कैप्रीकॉर्न मकर राशि लेकिन यह हमारी भारतीय राशियां नहीं है यह विदेशों की पाश्चत्य राशियां हैं और वह सारी राशियां सूर्य पर आधारित है लेकिन हमारे भारतीय पंचांग कि मैं गणना वैदिक गणना के आधार पर यदि देखें तो चंद्रमा अर्थात चंद्र राशि को देखते हैं चंद्रमा एक राशि को सवा दो दिन में पार कर लेता है बहुत तेज चलता है इसलिए ऐड उसी को हमारे मानसिक पटल पर विशेष प्रभावी माना गया है और उसी राशि को हमारे यहां यह माना जाता है और उसी के आधार पर नामकरण किए जाते हैं
3:10 हैं तो आज मैं आपको राशि निकालना सिखाऊंगा कि किस व्यक्ति की क्या राशि हो सकती है यदि आप ध्यान से पंचांग देखेंगे तो आप समझ पाएंगे अन्यथा आप बिल्कुल भी समझ नहीं पाएंगे है इसलिए इस वीडियो को बिल्कुल भी ना चुके हैं एक बात और ध्यान में रख लेना है कि उस लोग जानते हैं कि जैसे कि आज शुक्रवार है तो शुक्रवार रात को 12:00 बात बदल जाता है ऐसा नहीं होता है कि उस लोग जानते हैं लेकिन बहुत से लोग अनभिज्ञ है वहां से भी वार हमेशा आज की सूर्योदय से अर्थात आज एक मई का विषय है आज मैं बता देता हूं मेरे पास जोधपुर का पंचांग है आज सूर्योदय हुआ 6 बजकर 4 मिनट पर जोधपुर में तो आप शुक्रवार लगा है
3:56 जोधपुर में जोधपुर में शुक्रवार कब लगा है 6 बजकर 4 मिनट पर इस बात को आपको समझना हो कहीं पर 6:00 सूर्योदय हो गया तो वह शुक्रवार 6:00 ही लग जाएगा हैं तो यह एक विशिष्ट बात है इसे याद रखना बहुत जरूरी है कि कल सूर्योदय होगा कल कल वापस सूर्योदय होगा प्रातः 6:30 पर अ मैं तो कल जो है शनिवार है 6:30 पर लगेगा जोधपुर में है 12 माई के दिन शनिवार का प्रारंभ कब होगा 6:30 पर आज शुक्रवार का प्रारंभ 06:40 हुआ था हैं तो इस बात को आपको समझना होगा रात को 12:00 केवल तारीख चेंज होती है अंग्रेजी
4:42 तारीख जैसे आज एक तारीख एक मैच 2020 है आज की रात 12 बजे कर एक सेकेंड होते ही 12 बजते ही और अगली तारीख लग जाएंगे 12 मई लग जाएंगे हैं तो इस विषय को भी समझना होगा और यहां पर हिंदी के अक्षर है से सीख लेने के लिए पंचांग मैसेज हिंदी के अक्षर ही लिखे हुए होते हैं है अब कि एक बात और ध्यान में रख लें मैं जो कि हमारे यहां चंद्र राशि का ही महत्व है सूर्य राशि दैनिक राशिफल भी यदि देखते हैं तो वह जितने भी आप देखेंगे टीवी चैनल हुए आ अधिकतर अखबारों में भी चंद्र राशि के आधार पर ही राशिफल बताते हैं हां तो वह तो मेरा कल का विषय था लेकिन आज
5:27 मैं आपको राशि निकालना सिखाऊंगा मान लीजिए आज किसी बच्चे का जन्म हुआ तो उसकी राशि क्या होगी तो इस वीडियो से आप समझ सकते हैं कुछ उदाहरण बताऊंगा ध्यान से देखेंगे तो समझ लेंगे और ध्यान से नहीं देखेंगे तो चौंक जाएंगे आप कि अब यहां पर आपको एक का पंचांग दिखाई देगा इस ज्ञान से देखें इस पंचांग को इसमें सबसे ऊपर दो एरो बनाए हुए हाथ के विपरीत दिशा में एक तरफ लिखा हुआ वैशाख मास शुक्ल पक्ष विक्रम संवत 2070 शक 1942 क्योंकि अभी आम निवेशक मासिक तो चल रहा है है और आप वैशाख मास खोलेंगे तभी तो आज की स्थिति का पता लगेगा मान लीजिए आज किसी
6:13 बच्चे का जन्म हिंदू पंचांग तो वहीं से खोलना पड़ेगा दूसरा है वह विपरित दिशा में देखें वहां लिखा हुआ 24-अप्रैल से साथ मई सन 2020 इस बी तक ऐसा लिखा हुआ ध्यान से देखें दूसरा एरो पंचांग में शहर नहीं मिलेंगे यह तो एवं मैंने बना है तो यहां पर आपको ऊपर देखना पड़ेगा पंचांग खोलकर वह आपको समझ में आ जाएगा कि यह जो 15 दिन का जो चार्ट है हां यह कितनी तारीख से कितने तारीख तक का है कि पंचांग में बने को पन्ने होते हैं अब कौन सा पन्ना खोलना है कि उस पन्ने के ऊपर लिखा हुआ होगा कितनी तारीख से इतनी तारीफ की गणना इस पन्ने पर है तो यहां पर लिखा हुआ 24-अप्रैल से साथ मई सन 2030 तक की सारी गन्ना है इसी पेज पर मिलेगी और
6:59 अभी वैशाख मास चल रहा है यह जानकारी ना हो तो नेट पर भी यदि सर्च करेंगे तो आपको आज की तारीख में पंचांग देखेंगे तो आपको मिल जाएगा वैशाख मास चल रहा है है लेकिन आप स्वयं पंचांग खरीदकर लाएं और उसे खोल लें रोज देखें अब बात करेंगे तो आप स्वयं सीख जाएंगे हैं तो इस स्थिति को आपको समझना होगा दो हीरो बने हुए हैं एक शेरों की तरफ लिखा हुआ है वैशाख मास शुक्ल पक्ष विक्रम संवत 2070 राष्ट्रीय शिक्षक 1942 है और दूसरी तरफ जो एरो बना हुआ है वहां लिखा हुआ है 24 अप्रैल से 7 मई सन 2020 इस भी तक की गणना अ है तो अब आपने इस बात को समझ लिया कि इस सबसे पहले पंचांग में ऊपर ऊपर देखना होगा आपको तभी जाकर आप पंचांग की वास्तविक
7:46 स्थिति को समझ पाएंगे अन्यथा आप पंचांग को कभी भी नहीं समझ पायेंगे ऊपर देखेंगे तभी आपको पता लगेगा मान लीजिए आप किसी व्यक्ति के घर पर भी जाते हैं तो बाहर बोर्ड देखेंगे मकान का नक्शा देखेंगे कि यह मकान देखने में ऐसा है तभी तो आंख मीचकर तो कहीं घुसेंगे नहीं तो इस बात को आपको ध्यान में रखना होगा पंचांग खोलते समय महीने का ध्यान रखना होता है अभी गर्मी की ऋतु चल रही है वैशाख मास चल रहा है तो इसे आप ध्यान में रखते हैं और खोलेंगे तो ऊपर अपने आप आपको पता लग जाएगा कि यह जो 15 दिन का पकौड़ा है क्योंकि महीना जो होता है वह 30 दिन का होता है हिंदू महिला भी थी आप अंग्रेजी में देखें तो 31 महीना 30 का महीना है कि होता है फ़रवरी 28 29 का भी होता है
8:31 लेकिन यह 30 दिन के महीने होते हैं हिंदू महीने चैत्र वैशाख ज्येष्ठ अषाड़ श्रावन तो 15 दिन पहले क्योंकि यह पूर्णिमा हिंदू पंचांग है इसलिए पूर्णिमांत का अर्थ पूर्णिमा पर समाप्त होने वाले पंचांग तो सबसे पहले 15 दिन कृष्ण पक्ष जाता है फिर 15 दिन शुक्ल पक्ष जाता है तो इस बात को भी आपको नोट करना होगा तो यह शुक्ल पक्ष चल रहा है 15 दिन है इसके है और उन 15 दिनों की गणनाएं इस पेज पर मिलेगी क्योंकि ऊपर ऊपर लिखा हुआ है जो मैंने आपको चार्ट बताया पंचांग वाला उसमें लिखा हुआ है कि 24 अप्रैल से साथ माई की सारी गणना है इसी पन्ने पर मिलेगी अब आप दूसरा पंचांग इसी पंचांग को वापस छोटे रूप में मैंने आपको बताया है ताकि आपको अच्छी
9:17 तरह से दिख सके तो इस पंचांग को आप ध्यान से देखें कि अब इस पंचांग मैंने सबसे पहले तो ऊपर ही ऊपर आप ध्यान से देखेंगे इसी पेज पर ऊपर ऊपर तो आपको ओम दिखेगा ओम लिखा हुआ आ और नीले कलर का ओम लिखा हुआ मिलेगा ध्यान से देखें वहां पर लिखा हुआ चंद्र राशि प्रवेश काल स्टैंडर्ड टाइम स्टैंडर्ड टाइम का अर्थ क्या होता है हमारी घड़ी में जो भी टाइम हो रहा है भारतवर्ष में जितनी भी घड़ियों में जो भी टाइम हो रहा है वह स्टैंडर्ड टाइम कहलाएगा कि इस बात को नोट कर ले और एक बात और ध्यान से नोट कर लेना आ जो कि बहुत से लोग इस बात को नहीं कहते हैं ज्योतिष भी समझा दे नहीं तो लोग
10:02 राशियां यहीं से देख लेते हैं तो एक बात और समझा दो यह पंचांग भारत का है है मान लीजिए आपके पास किसी व्यक्ति ने फोन किया और अमेरिका में जन्म हुआ तो इस पंचांग से उसकी राशि नहीं देख सकते इस पंचांग से केवल भारत में जन्मे लोगों की राशि ही देख सकते हैं नोट कर लें और किसी पेज पर है क्योंकि भारतीय पंचांग है कि यदि अमेरिका का पंचांग देखना है तो अमेरिका का पंचांग बनाना पड़ता है उसकी भी गणनाएं होती लेकिन बहुत लंबी चौड़ी करना है तो उसके लिए आपको बहुत समय देना पड़ेगा तब जाकर वह बातें सीख पाएंगे और समय मिलेगा तो मैं भी आपको कभी मैं यहां से पंचांग परिवर्तन कैसे किया जाता है वह भी आपको अवश्य बताऊंगा तो यह पंचांग जो है इससे केवल भारत में जन्मे
10:49 बच्चों का ही आंकड़ा आप निकाल सकते हैं या आप मान लीजिए नेपाल में रहते हैं और नेपाल के भी लोगों से जुड़े हुए हैं मुझसे तो नेपाल के जो लोग हैं उनके वहां जो पंचांग चलता है उस पंचांग को खोल कर देखेंगे तो वहां का पंचांग लेंगे तो कोई दिक्कत वाली बात ही नहीं उससे आप वहां की राशि देख सकते हैं लेकिन यह जो उदाहरण है यह भारतीय पंचांग का ही उदाहरण है इसको ध्यान में ले लेना हैं तो उनके नीचे लिखा हुआ चंद्र राशि प्रवेशकाल तो यहां पर रोज या कभी-कभी जब भी चंद्रमा किसी दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उसका समय लिखा हुआ होता है इस ओम के नीचे आधार जाएंगे तो आपको भरियल लिखा हुआ है सबसे ऊपर इसका मतलब वृषभ क्योंकि अगले दिन भी वर्षा में उसके बाद
11:35 भी वृषभ है क्योंकि वृषभ पर चंद्रमा आएगा तो दूध आए दिन रहेगा मैं आपको समझ में आ रहा होगा सबसे ऊपर 3 हरे गोले देखें आप ध्यान से 3 हरे हरे गोले देखें उसमें एक गोले में सबसे पहले गोले में शुक्रवार शाम लिखा हुआ दूसरे गोले में वह लिखा हुआ है जिसके आगे 25 पॉइंट 14 यह 25 बड़ा 14 लिखा हुआ है और उससे आगे देखेंगे तो तीसरे हरे गोले में जो इस लिखा हुआ 24 और उसके ऊपर मैंने एक ग्रीन उसके ऊपर मैंने एक ब्लू कलर का एरो भी तीर का सफेद चिन्ह लगा रखा अप्रैल लिखा हुआ 24-अप्रैल यहां पर सबसे ऊपर ग्रीन गोले में 24-अप्रैल है कि 24 अप्रैल ही पंचांग शुरू हो रहा है कि वह बीच वाला खोला है वहां-वहां लिखा
12:21 हुआ इसका मतलब होता है वृषभ क्योंकि नीचे भी वर्षा में पच्चीस तारीख को 26 को भी वर्षा है 27 को मिथुन लगेगा सुबह 11:45 अ कि अब एक बात को और समझ लें कि हमारे यहां पंचांगों में ध्यान से सुनने मेरी बात को हमारे यहां पंचांगों में रात को 12:00 बाद भी यदि एक बस्ती है तो उसे 25 लिखते हैं दो बसती है तो 26 लिखते हैं तीन बसती है जो सकता इस लिखते हैं चार बचती है 228 लिखते हैं 5 बचती है तो 29 लिखते हैं छह बढ़ती है मान लीजिए 6:00 सूर्य देव हो गया तब तो 30 नहीं लिखेंगे लेकिन 6:00 भी सूर्योदय नहीं होता बहुत इंपोर्टेंट के समय में ठंड की ऋतु में सूर्य लेट होता है तो इसलिए वहां पर चंद्रमा बॉस से बाहर 30
13:08 31 ऐसा भी लिखा होता है तो आप सारे गोले में बीच वाले में देखेंगे तो वह लिखा हुआ 24-अप्रैल कर देंगे यहां लिखा हुआ 25 प्वाइंट्स 1491 इसका अर्थ यह हुआ कि 24 तारीख की रात्रि अर्थात 25 लग जाएगी लेकिन रात की 01:54 पर वृषभ राशि लगेगी उससे पहले मैच ही रहेगी कि यह मैसेज लिखा हुआ नहीं है लेकिन समझना होगा कि 24 तारीख को दिनभर मेष राशि रहेगी यदि किसी बच्चे का जन्म जो इस तारीख को होता है दिन में कभी भी दिन भर में की रात्रि की एक बचकर 14 मिनट तक कोई भी बच्चा जन्म लेता है 01:13 तक जो भी बच्चा जन्म लेने का या उसकी राशि मैच होगी और रात कि जैसे ही 01:54 हुआ या 255 करता वह
13:55 मिनट हुए हैं तो उसकी राशि वृषभ शुरू हो जाएगी 25 को भी यदि 25 अप्रैल के दिन भी सुबह दिन रात में फिर कि पूरे दिन पर सब लिखा हुआ ध्यान से देखेंगे तो अरे गोले व्रत लिखा हुआ उसके नीचे वृषभ पूरा लिखा हुआ 25 तारीख के दिन 26 तारीखे दिन भी प्रश्न पूरा लिखा हुआ तो इन दोनों दिनों में तो कोई समस्या ही नहीं इस दिन में तो यदि किसी भी बच्चे का जन्म होता है तो पूरे दिन मैं अगर किसी भी बच्चे का जन्म होता है तो उसकी राशि वृषभ ही होगी हैं तो इस से आप आसानी से किसी की भी राशि समझ सकते हैं कोई समस्या वाली बात ही नहीं अब आप लाल गोलों को देखे तीन लाल धो लें क्योंकि आज अष्टमी है अमृत योग लिखा हुआ अष्टमी है शुक्रवार है प्रथम गोला तीन गोल है कि आप तीन-तीन गोल तो नहीं दिखेंगे एक
14:42 गोला दिखेगा लाल एक अंतिम गाल लाल दिखेगा वहां मां एक लिखा हुआ मां एक लाल किले में लेकर मां और एक लिखा हुआ देवी बगलामुखी जयंती नवपद पूजा विधान कल भी मैंने समझाया आज वापस समझें मां एक का मतलब होता है कि आज एक मई लग चुकी है इसलिए मां करके मई कि मैं तो इतने से छोटे कॉलम में लिख नहीं सकते इसलिए मां करके एक लिख दिया आज एक मई है को पॉज माइक के नीचे अगर देखेंगे तो दो तीन चार पांच अब हम शुरू हो गई है इसको भी समझना होगा और जहां यह लिखा हुआ लाल कलर का यह लिखा हुआ ध्यान से देखें लाल कलर का यह लिखा हुआ एमपी सी डी वाला एप्पल वाला एबी उसके आगे सिंगर लिखा हुआ सी
15:28 है क्योंकि यहां जगह नहीं है इसलिए यहां पर सी करके लिख दिया है और 25 सपोच 4 लिखा है कल भी मैंने समझाया है है इस दिन दिन भर किसी भी व्यक्ति का यदि जन्म हुआ ध्यान से सुना है दिन भर किसी भी व्यक्ति का जन्म हुआ है एक मई के दिन आज अर्थात एक मैच 2020 के दिन दिन भर कोई भी बच्चा जन्म लेता है तो उसकी कर्क राशि होगी कि इस बात को समझ लेवे कि ऊपर जाओ ओम लिखा है वह लिखा है चंद्र राशि प्रवेश काल हैं तो आज जहां यह लिखा हुआ वहां सिंह राशि कब लगेगी रात की 25 बचकर 4 मिनट पर तब तक कर्क राशि ही रहेगी इसे एक दिन पहले ऊपर देखिए तो करके लिखा हुआ 30 तारीख को पूरे दिन कर्क राशि ही है तो आप आसानी से
16:14 समझ सकते हैं किसी व्यक्ति का जन्म और 30 तारीख को अधिक राशि एक मई आज के दिन भी दिनभर जन्म रात की 01:30 तक तो कर्क राशि ही रहेगी कि अब लाल गोले के नीचे आप देखेंगे तो दो तारीख मां एक लिखा हुआ मां एक उसके नीचे दो लिखा हुआ उसकी सीट में देखेंगे तो सिंह राशि लिखे हुए पूरे दिन कल जो है दो तारीख है पूरे दिन सिंह राशि रहेगी कल किसी भी व्यक्ति का जन्म होगा कल अर्थात शनिवार दो मई 2020 को दिनभर किसी भी व्यक्ति का जन्म होगा तो उसकी राशि सिंह ही होगी है उसको आप कह सकते हैं कि आपकी सिंह राशि है और जीवन भर यही राशि से आपको सारी गणनाएं देखनी होगी है और सिंह राशि में जो भी नाम आते हैं
17:00 नाम कि आज इस वीडियो में गणना नहीं बताऊंगा लेकिन आप राशि देखना सीख ले 1s मैं अब नीचे काले गोल गोले बने हुए तीन वहां देखें रविवार लिखा हुआ देश में लिखी हुई एक प्रथम गोले पर लिखा हुआ है दूसरे गोले पर का लिखा हुआ अर्थात कन्या राशि प्रज्ञा के बाद करने आएगी का पुरा स्थित अंतिम तीसरे गोले में तीन लिखा हुआ है इसका मतलब यह हुआ कि 3 ए माई के दिन है रात्रि को है जहां बीच वाला बोला है वहां का लिखा हुआ कन्या राशि 27 चैप्टर नोट लिखा ध्यान से देखें काले गोले गोले में 2756 827 बटाता लिखा हुआ यह घड़ी का समय है रात की
17:46 03:08 पर तीन तारीख की रात अर्थात चार तारीख लग जाएगी इस बात को ध्यान में रखना होगा रात को 12:00 तारीख चेंज हो जाती है इसलिए चार लग जाएगी 3 की रात है अर्थात् चार तारीख लग जाएगी अर्थात समय कौन सा होगा 03:08 पीएम पर कन्या राशि लग जाएगी और दिन भर जो भी जन्म लेगा तीन तारीख को उसकी तो राशि सिंह होगी लेकिन तीन तारीख की रात्रि अर्थात चार तारीख लगते ही और उसके बाद जब चार तारीख में 03:08 होगा उसके बाद जो भी जन्म लेंगे उनकी राशि कन्या होगी इस बात को समझ लेवे इसको नहीं समझेंगे तो आप कभी भी पंचांग नहीं समझ पाएंगे है तो तीन तारीख की स्थिति में बता दे तीन तारीख की रात्रि को 03:08 अर्थात चार मई
18:33 लग जाएगी उस समय कन्या राशि प्रारंभ हो जाएगी चार मई के दिन भी देखेंगे तो करनी है लिखा हुआ है और नीचे अगर आप जाएंगे 5मई किसी दें वहां तुला लिखा हुआ रात की सप्ताहिक तपोवन 14 ध्यान से देखें ओम के नीचे वाली सीध में जाएंगे नीचे तू लिखा हुआ तू पर 2714 लिखा हुआ है इसका अर्थ यह हुआ कि पांच की रात्रि अर्थात 6 लग जाएगी 03:14 पर तुला राशि लगेगी है सवा दो दिन ढाई दिन कोई फिक्स नहीं है कि रात चंद्रमा सवा दो दिन ही रहेगा थोड़ा कम ज्यादा भी रह सकता है चंद्रमा की गति पर निर्भर करता है अब अंतिम आप पर्पल गोले देखें सबसे नीचे गुरुवार पूर्णिमा लिखी हुई है पर्पल गोला 11 में गुरुवार लिखा
19:19 हुआ पर्पल गोले में दूसरे पर पर पर्पल जनु बैंगनी गोला है उसमें बुरी लिखा हुआ एवरी अफ़्रीका मतलब यहां पर शक नहीं है या वृश्चिक है क्योंकि तुला के बाद वृश्चिक राशि लगेगी आती है है और यहां पूर्णिमा के दिन 7 तारीख आगे आगे तीसरा जो बोला है तीन गोल हैं पर्पल जिन्हें अपन बैंगनी गोले भी बोलते हैं बैंक नहीं रंग बोलते हैं तो बैंक ने गोले बना हुआ है साथ मई का गोला है वह भी लिखा हुआ है लेकिन वीर्य का अर्थ यह नहीं हुआ कि यह वृषभ व तुला के बाद वृश्चिक आती है तो वृश्चिक राशि लगेगी कब साथ की रात्रि 03:12 पर अर्थात वहां था तारीख लग जाएगी इस बात को समझना होगा और दिन भर अगर 7
20:05 तारीख को किसी भी व्यक्ति का जन्म हुआ बल्कि रात की 03:11 तक जो भी व्यक्ति जन्म लेगा बच्चा जन्म लेगा उसकी तुला राशि ही होगी है और जैसे ही साथ की रात्रि अर्थात तारीख की 03:12 एवं हो जाएगी उस समय है वृश्चिक राशि प्रारंभ हो जाएगी तो इस प्रकार से कि आप पंचांग की गणना सीख सकते हैं किसी भी व्यक्ति की राशि निकाल सकते हैं इस बात को आप को ध्यानपूर्वक देखना होगा इस वीडियो को समझना होगा और इसके बाद भी यदि कोई बात समझ में ना आए तो मुझसे मुझे आप पूछ लेना मैं बता दूंगा निश्चिंत हो जाएं और इस पंचांग को खरीद कर लावै कोई भी
20:50 पंचांग को खरीदकर लाएं भारत में हजारों पंचांग सकते हैं लेकिन उनमें ऐसी ही स्थिति है लिखी हुई होती है थोड़ी आगे पीछे होती है लेकिन उसे आप समझ सकते हैं 9th धन्यवाद जय श्री कृष्णा और यदि आपको हमारा वीडियो पसंद आया हो तो इसे अधिक से अधिक शेयर भी करें ताकि बहुत से लोग जो पंचांग सीखना चाहते हैं वह इस गणना को समझ सकते हैं और आप आसानी से किसी भी व्यक्ति बच्चे की राशि निकाल सकते हैं आज तो यह पंचांग वर्तमान का है लेकिन आज से 10 साल बाद यह प्राचीन हो जाएगा पंचांग तो यह आपके पास पड़ा रहेगा तब भी काम आएगा है तो पंचांग की बहुत उपयोगिता है आपके पास पुराने बन जाएंगे तो उनसे भी आप गणनाएं सीख सकते हैं धन्यवाद