0:00 देखिए जब से सोशल मीडिया आया है इसने एक कहानी सबको बेची है कि बस अपना फोन उठाओ, कैमरा उठाओ, रील बनाओ या वीडियो बनाओ और फिर दुनिया में फेमस हो जाओ और लाखों रुपया महीना कमाओ। लेकिन पता है सच इसके बिल्कुल उलट है। यह इतना आसान नहीं है। बहुत सारे ऐसे क्रिएटर हैं जो सच में बहुत मेहनत करके रील्स बनाते हैं और वीडियोस बनाते हैं। लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे क्रिएटर हैं जो यह सब काम करके अपनी रोजीोटी भी चला रहे हैं। अपना घर चला रहे हैं। अपनी जिंदगी चला रहे हैं। लेकिन बाकी के जो क्रिएटर हैं बस मेहनत कर रहे हैं और उनको कोई पैसा नहीं मिल रहा। फेम तो आप छोड़ ही दो। अब सबसे बड़ी बात यह है कि क्रिएटर इकॉनमी जो है यह एक्चुअल में है क्या? तो क्रिएटर इकॉनमी का बेसिकली सच क्या है? इस वीडियो में आपको बताने वाला
0:45 हूं। क्या सोशल मीडिया कोई अपॉर्चुनिटी है या फिर यह बिल्कुल ओवरलोडेड कोई प्लेटफार्म है। यह जो वीडियो है यह हर क्रिएटर के लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। स्पेशली उस क्रिएटर के लिए जो अब 2026 में अपनी सोशल मीडिया पर एज ए क्रिएटर शुरुआत करना चाहता है। तो इस वीडियो को अभी से लाइक कर दीजिए क्योंकि यह वीडियो थोड़ी सी हटके है लेकिन बहुत ज्यादा जरूरी वीडियो है और चैनल भी अगर आपको पसंद आता है तो चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिएगा। देखो अगर इंडिया की बात करें तो इंडिया क्रिएटर्स लार्जेस्ट जो मार्केट है उसमें एक बड़ा रोल प्ले करता है। बिकॉज़ सबसे ज्यादा क्रिएटर इंडिया में है। बिकॉज़ इंडिया में पॉपुलेशन ज्यादा है तो डेफिनेटली क्रिएटर भी ज्यादा ही होंगे। इवन ये जो क्रिएटर है ये एव्री ईयर 20% के आसपास बढ़ भी रहे हैं। डेली लाखों लोग वीडियोस बना रहे हैं, रील बना रहे हैं और
1:31 डेली पोस्ट कर रहे हैं। अब यहां पे एक चीज तो है कि भाई बहुत ज्यादा लोग सोशल मीडिया ज्वाइन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर क्रिएटर बन रहे हैं। लेकिन ज्यादा लोग आने का मतलब यह नहीं होता कि भाई सबको सोशल मीडिया से पैसा भी मिले। उतना पैसा मिले जिससे उनकी जिंदगी चल सके। उनकी रोजीरोटी चल सके। बिकॉज़ अभी जो गेम है वो काफी क्राउडेड हो चुका है। लेकिन एक चीज सत्य है कि जब कुछ चीज क्राउडेड हो जाती है तो वहां पर सिर्फ टैलेंट का होना ही काम नहीं आता है। सबसे बड़ी बात अब एज ए क्रिएटर आपके भी दिमाग में होगी कि भाई एक्चुअल में पैसा आता कहां से है? तो देखिए क्रिएटर सबसे ज्यादा पैसा कमाते हैं ब्रांड प्रमोशन से, ब्रांड डील से या फिर यूं कहें स्पॉन्सरशिप से। और सिंपल सा एक फंडा है। अगर आप एक बड़े क्रिएटर हैं। मतलब यह है कि आपके नंबर्स ज्यादा है। आपको वीडियो पर ज्यादा व्यूज मिलता है। तो
2:18 सिंपल सा फंडा यह है कि अगर आप बड़े क्रिएटर हैं तो आपको ब्रांड डील भी ज्यादा मिलेगी। ज्यादा प्रमोशंस करने को मिलेंगे और पैसा भी ज्यादा मिलेगा। और अगर आप एंट्री लेवल क्रिएटर हैं यानी छोटे क्रिएटर हैं। अभी आपने एंट्री की है तो आपको हो सकता है ब्रांड डील ना मिले। धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा ब्रांड डील आपको मिलने लगे लेकिन पैसा आपको कम मिलेगा। सेकंड जो रेवेन्यू है वो है ऐड रेवेन्यू। देखिए आपकी वीडियो पर जो ऐड आता है उसका रेवेन्यू भी आपको मिलता है। लॉन्ग वीडियो में यह ज्यादा होता है। शॉर्ट वीडियो में जो ऐड रेवेन्यू होता है वो ना के बराबर होता है। इसलिए हमेशा जो स्पॉनसरशिप से पैसा मिलता है वो ज्यादा होता है और वो नंबर वन पर इनकम के रूप में आता है। इसके बाद होता है एफिलिएट मार्केटिंग। और एफिलिएट मार्केटिंग करके भी लोग बहुत पैसा कमाते हैं। लेकिन इसमें क्रिएटर का कॉन्फिडेंस ज्यादा काम आता है। अगर आप एक कॉन्फिडेंट क्रिएटर हैं। लोग आपकी बात
3:04 सुनते हैं। आपके कहने पर प्रोडक्ट बाय कर लेते हैं। तभी आप एफिलिएट मार्केटिंग से पैसा कमा सकते हैं। और इससे भी काफी अच्छा पैसा कमाया जाता है। इसके बाद सब्सक्रिप्शनंस हो गए या मेंबरशिप हो गई। इससे भी पैसा कमाया जाता है। बट यह बहुत लिमिटेड क्रिएटर्स के लिए काम करता है। हर कोई क्रिएटर की मेंबरशिप नहीं खरीदता। इसलिए बहुत कम क्रिएटर्स हैं जो मेंबरशिप या फिर कुछ और इस चीजों से पैसा कमाते हैं। सबसे ज्यादा जो कमाई होती है वो ब्रांड डील से, ऐड रेवेन्यू से और एफिलिएट मार्केटिंग से ही होती है। अब बात यहां पर यह आती है कि भाई कमाई तो इस तरह से होती है और क्रिएटर का जो सबसे पावरफुल लेवल है वह यह है कि भाई साहब आजकल बहुत सारे क्रिएटर जब उनको बहुत अच्छी रीच मिलती है उनको काफी अच्छा फ्रेम मिल जाता है तो वो एक खुद का प्रोडक्ट भी मार्केट में निकाल देते हैं और वो क्रिएटर इन्फ्लुएंसरर से
3:50 एक एंटरप्रेन्योर बन जाते हैं और उसके बाद भाई वह बिजनेस कर लेते हैं और फिर वो बहुत सारा पैसा कमा लेते हैं। अब यहां पर एक ऐसा भी अनकंफर्टेबल सच है जिसके बारे में कोई बात नहीं करता। देखिए जितने भी क्रिएटर अपनी सोशल मीडिया पर शुरुआत करते हैं जरूरी नहीं है कि 100% क्रिएटर पैसा कमाते हो। यह तो सही है कि थोड़ा बहुत पैसा कमा सकते हैं। लेकिन एक बात इससे भी बड़ी है कि भाई साहब बहुत ऐसे कम क्रिएटर होते हैं जो सोशल मीडिया को अपना फुल टाइम करियर बना पाते हैं। यानी कि इतना कमा पाते हैं जिससे उनकी रोजीरोटी काफी अच्छे से चल सके। बिकॉज़ इसमें कुछ बातें हैं। देखिए इसमें ऐसा भी नहीं है कि जो लोग नहीं कमाते वो मेहनत नहीं करते या उनके अंदर टैलेंट नहीं है। मैंने आपको पहले ही बताया जब गेम क्राउडेड हो जाता है तो वहां पे सिर्फ टैलेंट का होना काम नहीं आता और सोशल मीडिया पे तो टैलेंट का होना उतना
4:36 काम आता भी नहीं है। क्योंकि यहां पे जो एल्गोरििदम है वो अनप्रिडिक्टेबल है। उसको प्रेडिक्ट नहीं किया जा सकता। हो सकता है आप में कम टैलेंट हो लेकिन एल्गोरिदम आपका साथ दे और आप बहुत जल्दी वायरल हो जाओ और ज्यादा पैसे कमा सकते हो या आपके अंदर बहुत टैलेंट कूट-कूट के भरा है। आप बहुत मेहनत कर रहे हो लेकिन एल्गोरिदम आपका साथ ना दे तो हो सकता है आप कम पैसे कमाओ या ज्यादा फेम आपको नहीं मिले। इसके अलावा इंटरनेट भी क्या करता है? हर रोज एक नए-नए फसेस की डिमांड करता है। ऑडियंस को भी कुछ नया-नया चाहिए। तो कुछ ऐसे क्रिएटर होते हैं जो शुरू करते हैं और 6 महीने में ही सोशल मीडिया छोड़ देते हैं। कुछ ऐसे क्रिएटर होते हैं जो दो-ती साल तक काम करते हैं और उसके बाद थक जाते हैं, छोड़ देते हैं और कुछ भाई हम जैसे क्रिएटर भी होते हैं। हमें 9 साल से ज्यादा हो गया है। 10वां साल चल रहा है काम करते-करते क्योंकि हमको समझ में आ गया सोशल मीडिया का कुछ खेल। कुछ एल्गोरििदम ने हमारा साथ
5:22 दिया और कुछ मौके पे नहीं दिया। तो कुछ ऐसे क्रिएटर होते हैं जो 510 साल काम कर पाते हैं। तो ये सारी चीजें हैं। अब मैं आपको डीमोटिवेट नहीं कर रहा कि भाई आपको सोशल मीडिया पे नहीं आना चाहिए। बट एक सच है जो मैं आपके सामने रख रहा हूं जो वाकई में आपके लिए थोड़ा अनकंफर्टेबल हो सकता है। अब यहां पे जो इंपॉर्टेंट बात है वो यह है कि जो लोग फुल टाइम करियर अपने सोशल मीडिया पे बनाकर चल रहे हैं उनमें ऐसा क्या अलग है? इंक्लूडिंग मी मैं भी अपना फुल टाइम करियर अपना सोशल मीडिया पे ही बना के चल रहा हूं। पिछले 10 साल से काम कर रहा हूं और मेरा रोजीरोटी काफी बढ़िया चल रहा है और बहुत सारे ऐसे क्रिएटर हैं जिनका घर बार सब कुछ चल रहा है सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया की बदौलत उनके अपडाउंस आते रहे लेकिन कमाई स्टेबल रही कमाई में कम ज्यादा कभी नहीं हुआ तो उन्होंने ऐसा क्या अलग किया तो देखिए यहां पे सोशल
6:07 मीडिया पर मेहनत से ज्यादा स्मार्टनेस की जरूरत है अगर आप एक स्मार्ट क्रिएटर हैं तो आप क्या करते हैं अगर आपका कोई चैनल डाउन जाता है तो सिंपल सा एक फंडा है उस चैनल पर आप काम करते रहते हैं और मल्टीपल चैनल और ओपन करते हैं अलग-अलग स्ट्रीम में। आप देखेंगे जितने भी पुराने क्रिएटर हैं उनके बहुत सारे मल्टीपल चैनल हैं। अलग-अलग स्ट्रीम में वो काम कर रहे हैं। बहुत सारे ऐसे पुराने क्रिएटर हैं जिन्होंने खुद के प्रोडक्ट भी बनाए और खुद के प्रोडक्ट मार्केट में ल्च किए और सोशल मीडिया को एज ए मार्केटिंग प्लेटफार्म यूज़ किया जिससे वो एंटरप्रेन्योर बन गए और वहां से भी पैसा बना लिया। इसके अलावा वो क्या करते हैं? वो एक तरह की ऑडियंस को अपने एक चैनल पर रखते हैं और उस ऑडियंस की कोई एक प्रॉब्लम को सॉल्व करते हैं। जैसे आज अगर मैं टेक्निकल योगी की बात करूं तो मैं इस चैनल पे सिर्फ YouTube, Instagram, Facebook जो नए-नए क्रिएटर आते हैं उनकी हेल्प करता हूं। बस उनकी प्रॉब्लम सॉल्व
6:53 करता हूं। उनको नई-नई अपडेट से रूबरू कराता हूं। इस चैनल पर मैं इतना ही करता हूं। इसके अलावा मेरे और भी मल्टीपल चैनल्स हैं जो अलग-अलग स्ट्रीम है। उनप मैं अलग-अलग तरीके से बात करता हूं। अलग-अलग तरह की ऑडियंस मैंने वहां पे जुटा रखी है। इस तरीके से मैं पिछले 10 साल से काम कर रहा हूं। तो आप भी इस तरह की अगर स्मार्टनेस से काम करेंगे तभी आप जो भी सोशल मीडिया पर आप काम करना चाहते हैं उसको एज ए फुल टाइम करियर बना सकते हैं। अब यहां पे मैं फाइनल वर्ड आपको इतना ही बोलूंगा अगर आपको भी सोशल मीडिया में 2026 पर आकर शुरुआत करनी है तो आप कर सकते हैं। लेकिन सब कुछ छोड़ के सोशल मीडिया पे मत आना और शुरुआत में इस पर फुल्ली डिपेंडेंट मत होना। बिकॉज़ क्रिएटर इकॉनमी का जो रियल सस्ता वह मैंने आपको बता दिया। यहां पे जरूरी नहीं है कि आपको बहुत जल्दी फेम मिलेगा और आप बहुत पैसा कमा लोगे। और यह भी हो सकता है कि आप कमा लो और यह भी हो सकता है कि आपका टाइम वेस्ट हो जाए। तो उस
7:40 तरीके से इसको पार्ट टाइम शुरू करना और हां प्लेटफार्म पर पूरी तरह डिपेंड तो रहना भी नहीं चाहिए क्योंकि सिंपल सी बात है हम क्रिएटर हैं। हम इंटरनेट चलाते हैं। लेकिन जो प्लेटफार्म होते हैं पूरा सिस्टम चलाते हैं और जो रेवेन्यू मॉडल है वो पूरी तरह से इनके हाथ में रहता है। अगर YouTube की बात करें आज से 2 साल पहले YouTube पर ऐड रेवेन्यू बहुत ज्यादा मिलता था। अभी बहुत कम मिलता है। तो सिंपल सा एक फंडा है। आने वाले टाइम में और भी कम हो सकता है या कुछ और भी चेंजेस हो सकते हैं। तो अगर आप अपनी ऑडियंस बना लेते हैं, अपनी रिच बना लेते हैं तो इस सोशल मीडिया को एज ए मार्केटिंग प्लेटफार्म की तरह यूज करिए और अपने प्रोडक्ट ल्च कीजिए। अपनी स्किल्स को ल्च कीजिए। अपनी सर्विस को ल्च कीजिए। किसी भी तरीके से इस प्लेटफार्म से मल्टीपल रेवेन्यू जो है जनरेट करने का ट्राई कीजिए। तभी आप इसको एक फुल टाइम करियर ले चल सकते हैं। बाकी 2026 में आपको
8:26 सोशल मीडिया पे शुरुआत करनी चाहिए लेकिन पार्ट टाइम करनी चाहिए। मेरी ओपिनियन यही है। आपका कोई ओपिनियन हो या कोई सवाल हो तो कमेंट सेक्शन में लिख के बताना। मिलता हूं आपसे अगली वीडियो में एक नए टॉपिक के साथ। तब तक के लिए, जय हिंद।