Maharashtra News: मराठी टेस्ट से क्यों भड़कीं MNS कार्यकर्ता? ये क्या कह दिया!| Hindi News

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो टाइम्स नाउ नवभारत पर प्रसारित एक बहस है जिसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं और एक दुकानदार के बीच मराठी भाषा के उपयोग को लेकर हुई हालिया घटना पर चर्चा की गई है। वीडियो में मनसे कार्यकर्ताओं से मराठी भाषा और महाराष्ट्र के इतिहास से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें से कई का वे उत्तर नहीं दे पाते। इसके बाद, उस दुकानदार का साक्षात्कार लिया जाता है जिसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी, और वह घटना का अपना पक्ष बताता है।

मुख्य बातें:

  • मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा मराठी भाषा के ज्ञान की कमी का प्रदर्शन।
  • दुकानदार के साथ हुई घटना का विवरण और उसके दावे कि उसे बिना किसी उकसावे के पीटा गया।
  • मराठी भाषा के उपयोग को लेकर महाराष्ट्र में जारी बहस।

परिचय

वीडियो की शुरुआत एक प्रश्न से होती है कि मराठी भाषा में कितने स्वर और व्यंजन होते हैं। इसके बाद, मनसे कार्यकर्ता अमोल पाटिल से हाल ही में हुई एक घटना के बारे में पूछा जाता है, जिस पर वह कहते हैं कि वह उस घटना की निंदा करते हैं। वह कहते हैं कि जिस व्यक्ति ने थप्पड़ मारा उसका व्यवहार गलत था और उसे माफी मांगनी चाहिए।

मनसे कार्यकर्ता का ज्ञान परीक्षण

एंकर मनसे कार्यकर्ता से मराठी भाषा दिवस कब मनाया जाता है, यह पूछते हैं, जिसका वह सही उत्तर नहीं दे पाते। इसके बाद, उनसे महाराष्ट्र राज्य की स्थापना कब हुई, यह पूछा जाता है, जिसका भी उन्हें ज्ञान नहीं होता। एंकर उनसे मराठी भाषा में लिखी गई पहली कविता और पहला उपन्यास के बारे में भी पूछते हैं, जिनका उत्तर देने में वे असमर्थ रहते हैं। एंकर टिप्पणी करते हैं कि यह विडंबना है कि मनसे कार्यकर्ता, जो खुद को मराठी भाषा का रक्षक बताते हैं, उन्हें मराठी भाषा और महाराष्ट्र के इतिहास का बुनियादी ज्ञान भी नहीं है।

मनसे कार्यकर्ता का बचाव

एंकर मनसे के अन्य कार्यकर्ताओं से बात करते हैं और उनसे पूछते हैं कि उन्हें मराठी भाषा से कितना प्रेम है। कार्यकर्ता जवाब देते हैं कि उन्हें मराठी भाषा से बहुत प्रेम है और हमेशा रहेगा। एंकर उनसे हाल ही में हुई घटना के बारे में भी पूछते हैं, जिस पर वे कहते हैं कि उनके नेता अविनाश जाधव ने पहले ही जवाब दे दिया है। वे यह भी कहते हैं कि कुछ लोग मनसे और मराठी लोगों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। एंकर फिर एक कार्यकर्ता से मराठी भाषा में स्वरों और व्यंजनों की संख्या बताने के लिए कहते हैं, जिसका वह उत्तर नहीं दे पाता।

दुकानदार का साक्षात्कार

एंकर बाबूलाल चौधरी नामक एक दुकानदार का साक्षात्कार लेते हैं, जिनके साथ कथित तौर पर मनसे कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी। चौधरी बताते हैं कि 29 तारीख को उनकी दुकान के सामने मनसे की रैली थी। रैली के बाद, कुछ मनसे कार्यकर्ता उनकी दुकान में आए और पानी की बोतल मांगी। जब कैशियर ने हिंदी में पूछा कि उन्हें छोटा बोतल चाहिए या बड़ा, तो मनसे कार्यकर्ताओं ने उसे हिंदी में बात न करने और मराठी में बात करने के लिए कहा। उन्होंने दुकान में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को मराठी में बात करने के लिए भी कहा। चौधरी बताते हैं कि उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं से दोस्ताना तरीके से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अचानक उन पर हमला कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हमले में उन्हें काफी चोटें आईं, जिनमें कान का पर्दा फटना और दांत में दर्द शामिल है। चौधरी का मानना है कि मनसे कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला करने की योजना पहले से ही बना रखी थी।

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Transcript

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0:00 प्रश्न जवाब दीजिए मराठी भाषा में कितने स्वर है कितने व्यंजन है अमोल पाटिल अमोल जी सबसे पहले तो जय महाराष्ट्र जय महाराष्ट्र आप मुझे बताइए जो घटना हुई आप मन से कार्यकर्ता हैं मनसे करता जो घटना हुई उसमें आप उसका निषेध करते हैं नहीं करते निषेध करता हूं वो आदमी का ना वो आदमी का है वो आदमी ने जिन्होंने थप्पड़ मारा वो जिन्होंने थप्पड़ मारा वो क्यों मारा वो तुम सोच लो मतलब सही मारा हां सही मारा है ना वह आदमी का व्यवहार ही गलत है। वह आदमी का बात करने का तरीका गलत है। उसके वह जो मारने के बाद में उनको 50 फ़ोन आया। अच्छा मेरे को यह बात बताइए। मेरे को एक सवाल बताइए ना। उसका व्यवहार गलत था। इन्होंने मारा। ठीक है। अब इनका मारने का व्यवहार गलत है तो इनको भी वापस मांगना चाहिए। क्यों? व्यवहार गलत है ना? अभी गुनाह दाखिल किया

0:45 है एफआईआर जो पुलिस वाला। कारवाई करेगा उनके लिए हम लोग। ठीक है। मैं इनसे एक सवाल पूछता हूं। पर मराठी भाषा दिन केवा साजरा करते। मराठी भाषा दिन केवा साजरा कर। मराठी भाषा दिन फरवरी में है। हां कभी मराठी सांगा ना क डेट मती नहीं मराठीती नहीं मराठी भाषा दिवस कुसुमाग्र है ना टाइम डेट 22 की 24 तारीख है 27 महाराष्ट्र राज्य स्थापना कली महाराष्ट्र बदल माहित नहीं है आपको महाराष्ट्र के बारे में नहीं मालूम आपको मराठी भाषा के बारे में नहीं मालूम तो आप अपने को मराठी का हितषी कैसे बता सकते हैं आप आप दूसरों को मराठी कैसे सिखा सकते देखा कि यह अपने आपको महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का कार्यकर्ता कहते हैं। लेकिन जब इनसे पूछा गया कि महाराष्ट्र

1:31 राज्य की स्थापना कब हुई इन्हें नहीं पता। मराठी भाषा दिन कब मनाया जाता है? इन्हें नहीं पता। इनको अपला मराठी भाषा पहला काव्य कुला है मती है ना ज्ञानेश्वरी संत ज्ञानेश्वर कादंबरी सांगा ना पहली कादंबरी कादंबरी पहली कादंबरी असली ना शख ना नहीं शखला का मन दूसरा लोग शखता का ये देखिए भाग गए ये इन्हें मराठी में पहला काव्य कौन सा लिखा गया नहीं पता पहली कादंबरी कौन सी लिखी गई ये नहीं पता मराठी भाषा दिन कब मनाया जाता है ये नहीं पता और जब महाराष्ट्र की स्थाप स्थापना कभी ये नहीं पता। ऐसे लोग अपने आप को मराठीियों का हितेषी बताते हैं। दूसरे को मराठी भाषा सिखाने के लिए जाते हैं। और जब टाइम्स ऑन नो भारत की टीम उनको सवाल पूछती है तो वो भाग खड़े होते हैं। 9 2 11 हो जाते हैं। इस वक्त मेरे साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण

2:18 सेना के कई कार्यकर्ता हैं। मीरा भंदर में मराठी भाषा को लेकर के काफी ज्यादा बवाल हुआ है। सबसे पहले सवाल का जवाब नहीं देना चाहते हैं। लेकिन मैं आपको तस्वीर इनकी दिखा दूं। वीडियो में दिखाई देने वाले यही वो शख्स हैं जिनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ है। जिन्होंने वीडियो में थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। आप कोई जवाब देना चाहते हैं? जवाब जो हमारे नेता ने दे दिया है पहले उसके बारे में हमारे मुझे बताइए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं को मराठी से कितना प्रेम है बहुत प्रेम है और हमेशा रहेगा और हमें क्यों नहीं रहेगा हमें नहीं रहेगा तो फिर किसको रहेगा मराठी के बारे में प्रेम हमें है और आज आज जिस तरह से गलत जो मांगा गया वो क्या वो सही है या गलत है देखिए सही गलत का जवाब तो हमारे नेता अभिनाश जाधव ने दिया है लेकिन मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं ये जो प्रोपोगेंडा चल रहा है दो-तीन दिन से आधा वीडियो दिखा के जो मनसे को मराठी मानुष को जो खराब करने का काम कर

3:05 सच मैं आता हूं। आपके पास आप मैं मराठी में ही इनसे सवाल पूछता हूं। आप बोल रहे हैं आपको मराठी से बहुत प्रेम है। मेरे दर्शकों के लिए आप बता दीजिए कि मराठी भाषित स्वतंत्र वर्ण कितनी है? स्वर कितनी है व्यंजन कितनी है? मी का हा मुद्दा कितनी है कि नहीं तो विषय नहीं है। मराठी भाषा दिवस केवा 27 मत स्वर व्यंजन विषय नहीं आप पहलाद काव्यकी

3:54 आज घटना मराठी अपमान मराठी प्रश्न विचार की मराठी परीक्षा परीक्षा प्रेम है परीक्षा नेता महाराष्ट्र भाषा में कितने स्वर है कितने व्यंजन है उत्तर प्रश्न से उत्तर बताइए अच्छा महाराष्ट्र राज्य की स्थापना कभी हुई बताइए राज्य मुंबई जन्म है महाराष्ट्र राज्य का स्थापना दिवस कभी विचारों का मराठी भाषा तो कष्ट है। सवाल मराठी का है। सवाल महाराष्ट्र का है। जवाब नहीं है इनके पास। जवाब नहीं है इनके पास। जवाब नहीं

4:39 देगा। ये है सच्चाई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की जो मराठी सिखाने के लिए जा रहे हैं। लेकिन उन्हें खुद को मराठी भाषा के बारे में महाराष्ट्र के बारे में नहीं पता। इस वक्त मेरे साथ बातचीत करने के लिए बाबूलाल चौधरी जी मौजूद हैं। बाबूलाल जी अगर आप बताइए कि ये पूरा मामला शुरू कैसे हुआ? वो कहते हैं कि आपने मराठी का अपमान किया। क्या वाकई में कोई अपमान किया या बात क्या थी? सर 29 तारीख को जब हमारा जोधपुर स्वीट के सामने है ना उनके मंशा वालों का रैली था। 10:00 बजे उनका रैली का चल रही थी सर्कल पे और उसके बाद में 10:30 बजे जो मंसे कार्यकर्ता हमारे दुकान के अंदर आते हैं ऐसे सात जन और सात जन आके बोलते हैं कि पानी का बोतल दो। तो पानी का बोतल दिया तो उसने हमारे केशियर ने हिंदी में बोला कि एक काम को छोटा वाला चाहिए कि

5:26 बड़ा वाला चाहिए। तो उन्होंने बोला एक काम करो हिंदी नहीं बोलने का मराठी बोलने का महाराष्ट्र में तुम्हारा दुकान है तो मराठी के सिवा कुछ दूसरा भाषा नहीं चलेगा और जितने भी वर्कर है मराठी बोलने का उसके बाद में उन्होंने फिर गाली गलौज भी किया थोड़ा बहुत और उसके बाद में दुकान का दुकान तोड़ने का धमकी दिया थोड़ा उसके बाद में उधर से है ना जो सब कार्यकर्ता जो चारों है ना ऑलरेडी मंशा के तीन कार्य मेरे मेरे पास ही खड़े थे पहले से और वो चार चार और वो भी आके पानी का बोतल लिया और उन बंदे को बोला नाश्ता का वाले को कि अभी तेरे को भी आता है क्या? तो मैंने बोल दिया कि अभी आया सर यूपी से हैं। 7 महीना हुआ है काम पे आने तो उनको नहीं आता सर। तो उन्होंने बोला आप कौन है? मैं बोला जोधपुर का ओनर हूं मैं। तो उन्होंने बोला एक काम करो तुमको मालूम नहीं क्या तुम कैसे रखा बंदा? जो हिंदी बोलता है मराठी नहीं आता है। मैं बोला सर क्या हुआ? बोलता

6:13 है कि प्रस्ताव पास हुआ है। तो उसमें है ना मराठी के सिवा दूसरा कुछ नहीं चलेगा। तो मैंने उन्होंने बोला कभी पास हुआ सर आप बताएंगे तो हमको मालूम पड़ेगा ना। और ऐसे फ्रेंडली भाषा में मैंने बोला तो उन्होंने बोला दो दिन हुआ अभी। तो मैंने बोला ठीक है आप बताओ हमको। आप जैसा बोलेंगे हम करेंगे। उसके बाद बोला कि तुम्हारा कौन सी दुकान महाराष्ट्र तुम्हारा दुकान है ना कौन कौन से स्टेट में है? तो मैंने बोला महाराष्ट्र में सर तो उन्होंने बोला काम करो महाराष्ट्र में कौन सी भाषाएं बोली जाती है? तो मैंने बोला महाराष्ट्र में तो सभी तरह की भाषाएं बोली जाती है। तो इतना मेरा बोलना रहा। उन्होंने है ना जो मांसे कार्यकर्ता खड़े थे तो एक साइड से एक जन ऐसे जोर-जोर से मारने लगा और दूसरी तरफ से दो आदमी और आए वो भी मानने लगे। कितने साल से आप मुंबई में गए गए? हमको मुंबई में 10 20 साल हो गए। 20 साल से तो आपने कई सारे मराठी कस्टमर्स को भी सर्विस दी होगी। नहीं मराठी हम बोलते हैं अभी लेकिन वो

6:59 सामने वाले भी तो मेरे को जो पर्सनल जवाब कर रहे थे वो हिंदी में ही कर रहे थे सर तो मैं हिंदी में बोल रहा ऐसा कभी जो है आपको जो वीडियो में ऐसा कहीं लगा नहीं कि आपको ऐसा लगा कि ये लोग मांगने वाले हैं। आप ये आपको लगा कि ये बातचीत ही करने वाले हैं। सर वो मेरे को तो बिल्कुल सर एकदम फ्रेंडली एकदम जैसे मैं खड़ा था तो मैं तो पहले जब आया तो मेरे फुटेज देखो मैं ऐसे दुकान को आदमी को समझा रहा था। उसके बाद में मैंने बात करने लगा तो मैं ऐसे जैसे कस्टमर फ्रेंड जैसे बात कर रहा था एकदम हंस के बात कर रहा था और ऐसे मेरे को लग रहा है कि अपन फ्रेंड जैसे बात ही करें वो हमको बोल रहे हैं कि कानून निकला निकला समझा रहे हैं तो मैंने तो दिमाग में ऐसा सोचा ही नहीं कि ऐसा मारेंगे मेरे को और वो जब कैमरा भी घुमा रहे थे तो मैं बोला उनके बाहर रैली चल रहा है तो ऐसा अपन को इंटरव्यू ले रहे हैं इसलिए मैं एकदम हंस हंस के बोल रहा था उनको मैं बोला सर कैसे कभी पास हुआ क्या हुआ ऐसा एकद नॉर्मल बात कर रहे थे और उन्होंने तो जैसे ही मैं बोला कि काम को महाराष्ट्र में सभी भाषाएं

7:45 बोली जाती है तो अचानक एकदम ऐसे मारा कि जैसे मैं तो इतना मजबूत था लेकिन दूसरा कोई रहता था ऐसे जोर-जोर से मार रहे थे जैसे उधर लूट के जाता था ऐसा काफी ज्यादा भी लगी मोबाइल में तो छोटी सी क्लिप थी लेकिन उन्होंने जो मारा है ना बहुत खतरनाक तरीके से मारा था ऐसा मारा था तो मेरे कान भी है ना पर्दा भी फूट गया था दांत भी अभी दर्द कर रहे हैं ऐसा मारने का तरीका उनका एकदम अलग था उनका प्लान ऐसा है ना पहले से ही ऐसा लग रहा था कि पहले से बना के आया ऐसा हां

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