0:04 नमस्कार दोस्तों जुड़ना शुरू करते हैं आपकी क्लास शुरू हो गई है बिल्कुल जुड़ना शुरू कर दें आपकी कक्षा प्रारंभ आज आप मैराथन सेशन में जुड़े हुए हैं और इस मैराथन सेशन के अंतर्गत आप आज एनसीआरटी सर देखने वाले हैं बिल्कुल आज आप एनसीईआरटी देखने वाले हैं और हम लोग प्रयास करेंगे की मैक्सिमम जो एनसीईआरटी है वह आप देख पाएं मैक्सिमम जो एनसीईआरटी है वह आप पढ़ पे वह आप जान पे अपना प्रयास रहेगा की चीज आप तक जैन और चीजों को आप देख पे चीजों को आप कर पे बिल्कुल तो जुड़े जुड़ने रहे मेरे साथ जुड़ जैन आप सभी लोग बिल्कुल आप सभी लोग जुड़ जैन आपकी क्लास शुरू हो गई है मैं एक बार देख लूं आप
0:49 लोगों के साथ जुड़कर की क्या आवाज आप तक जा रही है क्या क्लास स्टार्ट हो गई है हां बिल्कुल एक बार में खुद जुड़ जाऊं आप लोगों के साथ और एक बार देख लूं क्या ये क्लास शुरू हो गई है क्या आप जुड़ चुके हैं मेरे साथ बिल्कुल जुड़ना शुरू करें आप सभी लोग फटाफट जुड़े आप जुड़े हैं स्टडी इक पे और आज हम लोग एक बड़ी मैराथन क्लास करने वाले हैं बहुत साड़ी तकलीफ रहती है बहुत सारे लोगों की की सर यह एनसीईआरटी ना पढ़ा जाता एनसीईआरटी समझ में नहीं आता है या एनसीआरटी पढ़ने हैं तो यह नहीं आइडिया लगता है की एक्चुअल में एनसीईआरटी में हमें करना क्या है एक्चुअल में एनसीईआरटी में हमें देखना क्या है अक्सर यहां पर आप
1:34 लोग चुप जाते तो मेरा प्रयास है की आप जब भी एनसीईआरटी देखें जब भी आप एनसीईआरटी पढ़ें तो आप यह समझ है ना यह आप समझ पे हैं की एक्चुअल में एनसीईआरटी के भीतर हमें देखना क्या होता है एनसीईआरटी पढ़ना कैसे होता है यह हम देखेंगे तो चलिए गुड आफ्टरनून आप सभी लोगों को गुड आफ्टरनून 12 बाज चुके हैं और मैं लाइव ए चुका हूं मेरा नाम है वीरेंद्र पांडे आप जुड़े हैं स्टडी इक इस हिंदी चैनल पे ये चैनल आप लोगों के लिए हिंदी मध्य के छात्रों के लिए समर्पित चैनल है जो लगातार हर वो क्वालिटेटिव आ स्टडी मटेरियल हर वह क्वालिटेटिव कंटेंट जो आपकी अपेक्षा होती है और जो यूपीएससी का स्टैंडर्ड होता है उसे पर लाकर आप तक
2:20 पहचाने का कम करता है अच्छी बात है की बड़ी संख्या में आप जुड़ने भी हैं और हम लोगों को जब आप बड़ी संख्या में चैनल पर आते हैं तो हम लोगों को जो अपनी मेहनत है और जो अपनी सार्थकता है वह समझ में आई है तो आज भी हम उम्मीद कर रहे हैं की बड़ी संख्या में आप मेरे साथ बने रहेंगे और इस जो एनसीईआरटी की सीरीज मैराथन सेशन के रूप में शुरू किया गया है इसको सार्थक बनाएंगे तो आई शुरू करते हैं अपनी क्लास देखिए पहले क्लास सिक्स से शुरू करेंगे और क्लास सिक्स की जब हम लोग शुरू करेंगे एनसीईआरटी तो क्लास सिक्स में हमें विविधता जो पहले चैप्टर है वह है विविधता तो अक्सर कहानियां के मध्य से क्लास सिक्स सेवन एट तक जाके कहानियां के मध्य से बहुत कुछ
3:07 एनसीआरटी जो है वो खाने का प्रयास करती है तो जब हम पहले चैप्टर पढ़ेंगे और पहले चैप्टर देखेंगे तो हमें यह जानना होगा की एनसीईआरटी हमसे क्या अपेक्षा कर रही है या एनसीईआरटी हमें क्या समझने का प्रयास कर रही है तो सबसे पहले हम लोग देखते हैं की जो एनसीईआरटी की जो पहले इकाई है जो इकाई वन जो पहले चैप्टर है क्लास सिक्स का उसके अंतर्गत क्या है उसकी हेडिंग क्या है तो देखिए यहां पे आपको हेडिंग देखने को मिल रही है और ये हेडिंग है विविधता अर्थात जो पहले चैप्टर है उसे पहले चैप्टर में हम लोग विविधता समझना वाले हैं की विविधता क्या होती है अब ये विविधता क्या है ये आप भी जानते हैं हम भी जानते हैं लेकिन विविधता के संबंध में हमारे यहां अलग-अलग
3:56 तरीके की बातें की जाति है अक्सर हम लोग कहते हैं की भारत की सबसे बड़ी विशेषता है विविधता में एकता फिर समझ में आता है की क्या वाकई में विविधता बड़ी अच्छी होती है फिर दुनिया के कई सारे ऐसे देश हैं जो विविधता एन होने के करण अपने को एक सशक्त और मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा करते हैं और राष्ट्र के रूप में अपनी अभिव्यक्ति करते हैं फिर हमें समझ में आता है की जब हम उनसे तुलना करते हैं तब हम कहते हैं की हम पीछे इसलिए र गए क्योंकि हमारे यहां बहुत बड़े अस्त्र पे विद्युत विविधता है बहुत ज्यादा विविधता है और यही पे विविधता जहां एक तरफ हम का रहे हैं की ये हमारी मजबूती का आधार है ये हमारी एकता का आधार है और विविधता होना ही ये बताता
4:42 है की आपके लिए बहुत कुछ है बहुत सारे अवसर हैं बहुत सारे आ खान-पान चीज हैं बहुत सर भगवान मिल सकता है बहुत सर उत्सव मिल सकता है तो बहुत साड़ी चीज अच्छा ही चीज है बताई जाति है व्यवस्था लेकिन वहीं विविधता का एक नकारात्मक विपक्ष देखने को मिलता है क्योंकि यही विविधता हमेशा अच्छी हो जरूरी नहीं है यही विविधता हमें कई बार विभिन्न प्रकार के समस्याओं में दाल देता है तो आज क्लास सिक्स में आपको यही समझा सोनी का प्रयास किया गया है आप क्वालिटी के साथ जुड़ेंगे भी ध्यान रखिएगा तो क्लास सिक्स में यही समझने का प्रयास किया गया है की विविधता क्या होती है विविधता को कैसे 185 करते हैं और क्या विविधता हमेशा अच्छी ही होती है और नहीं होती है तो विविधता के नुकसान हमें क्या देखने को
5:29 मिलते हैं और इस विविधता को किस तरीके से हम आगे बंधन की ये विविधता हमारे लिए हमेशा एक वरदान सिद्ध हो एन की अभिशाप तो आई विविधता को समझते हैं अब जब आप विविधता देखेंगे तो एनसीईआरटी सबसे पहले क्या करती है की आपको एक कहानी सुनाना शुरू करते एनसीईआरटी सबसे पहले क्या करती है आपको एक कहानी सुनाना शुरू करती है और जब आप कहानी पढ़ना शुरू करते हैं तो आपको लगता है की इसमें इंपॉर्टेंट क्या है तो अगर आप विविधता की समझ रखते हैं विविधता की समझ चाहते हैं तो यह विविधता कैसे हैं हमारे पास इसके लिए एनसीईआरटी आपको बहुत मेहनत की जरूर नहीं बताती एनसीईआरटी कहती है की आप घर से बाहर निकालिए एनसीआरटी कैप से कहती है की आप घर से बाहर
6:17 निकालिए और घर से बाहर निकालने के बाद आप अपने आसपास देखिए जब आप अपने आसपास देखते हैं तो आपको आसपास बहुत साड़ी चीज दिखाई पड़ती और हर एक चीजों में आपको बड़ा सा अंतर दिखाई पड़ता है जैसे आप सड़क पर निकलते हैं तो सड़क पर आप देखते हैं की दोनों तरफ दुकान बनी है दोनों तरफ घर बने हैं उन घरों में भी आप देखोगे तो कुछ दुकान छोटी हैं कुछ दुकान बड़ी है कुछ दुकान बहुत बड़ी है कोई दो मंजिल है कोई मंजिला और कोई आठ मंजिल अभी ऐसे ही सड़कों पर आपको बहुत साड़ी गाड़ियां दिखाई देती हैं उन गाड़ियों में भी देखेंगे आप तो बहुत सारे विविधता दिखाई देती है कोई छोटी गाड़ी है कोई बड़ी गाड़ी है कोई बस है ऐसे
7:02 साधनों में भी आप देखते हैं ऐसे बहुत सारे लोग आपको दिखाई देते हैं तो उन लोगों को भी जवाब देखते हैं तो उनमें भी विविधता दिखाई देती है कुछ बच्चे हैं कुछ बुजुर्ग हैं कुछ युवा हैं कुछ महिलाएं हैं आप ऐसे देखते हैं इसी तरीके से जब आप उनसे दोस्ती करने का प्रयास करते हैं जब आप उनसे जुड़ने का प्रयास करते हैं तो आपको पता लगता है की जिससे आप जुड़ रहे हैं उनका धर्म अलग जींस आप जुड़ रहे हैं उनकी जाति अलग है जींस आप जुड़ रहे हैं वो अलग आए वर्ग से आते हैं वो अलग आए वर्ग से आते हैं आप जैसे जुड़ रहे हैं वो एक अलग क्षेत्र का रहने वाला है आप जींस जुड़ रहे हैं उनकी जो अपनी भाषा है वो अलग है तो वास्तविक अर्थो में एनसीआरटी की क्लास सिक्स आपको
7:47 जो डिफरेंस समझने का प्रयास कर रहा है जो डिफरेंस बताने का प्रयास कर रहा है वह डिफरेंस यह है की विविधता क्या होती है तो यह का रहे हैं की विविधता विभिन्न प्रकार के विशेष कर जो व्यक्तियों के अंतर तो यह विविधता सब कुछ में अंतर है साड़ी विविधता है जब विविधता भी तो आप पढ़ने हैं जैव विविधता की भी शुरुआत इसी तरीके से होगी जब जीव जंतुओं और वनस्पतियों में यहां विविधता देखेंगे तो उसको जयभीरता कहेंगे यहां विविधता की समझ राजनीतिक अर्थो में है यहां विविधता की समझ आपसे किस अर्थो में क्लास सिक्स की पालिटी में चूंकि ये विविधता राज्य व्यवस्था की है ये विविधता जो है आपके राज्य व्यवस्था की है राज व्यवस्था की है पालिटी की है
8:34 ऐसी स्थिति में इस विविधता को अगर हम समझे तो यह विशेष विशेष कर मनुष्य के संबंध में यह विविधता है यह विविधता कैसा है मनुष्य के संबंध में और अगर आप मनुष्य की बात करोगे तो आपको मनुष्य अलग भाषा के हिसाब से आपको अलग संस्कृति को माने वाला अलग धर्म को माने वाला मिलेगा अलग खान-पान है अलग खान-पान है अलग तरीके की उनकी कमाई का स्टैंडर्ड है कमाई का स्टैंडर्ड तो ऐसी स्थिति में आपको विभिन्न प्रकार के आधार पर आपको विविधता देखने को मिलेगी विभिन्न प्रकार के आधार पर आपको विविधता देखने को मिलेगी तो इस पहले चैप्टर में एनसीईआरटी
9:20 जो मूल रूप से आपको समझने का प्रयास कर रहा है वह समझने का प्रयास कर रहा है की मनुष्य के भीतर विभिन्न प्रकार के जो गन हैं विभिन्न प्रकार के जो वो क्रियाकलाप करता है और विभिन्न प्रकार के जगह पर वो है तो ऐसी अवस्था में यह जो वह करता है इसी को हम विविधता कहते हैं तो आपको समझने का प्रयास किया जा रहा है की भारत में विभिन्न प्रकार के विविधता पी जाति है क्षेत्रगट स्टार पर विविधता जातिगत स्टार पर विविधता भाषा का स्टार पर विविधता संस्कृत स्टार पर विविधता धर्मगत विविधता पी जाति है खान-पान की विविधता पी जाति है कमाई का आई अमीर और गरीब जैसी वृत्त पी जाति है इनमें भी उच्च वर्ग मध्य वर्ग और
10:05 निम्न वर्ग के साधारण पर भी बनाए जाते हैं तो यह जो विविधता है इसी विविधता को एनसीईआरटी जो है पहले चैप्टर में आपको समझने का प्रयास कर रही है तो ठीक ठीक देखा जाए तो इतनी ही बात पहले चैप्टर में विविधता की समझ में है लेकिन एनसीईआरटी इसके लिए पुरी कहानी कहती है और उसे कहानी में वह एक बच्चे को रखती है एक बच्चे को रखती है और उसे बच्चे के साथ एक दोस्ती करती है एक सड़क साइकिल पे एक व्यक्ति है जो अमीर वर्ग का है वो रास्ते में जाता है एक बच्चा है जो छोटा है और वो एक पेपर भेजता है और उसे पेपर बेचे के दौरान वो केवल पेपर भेजता है थोड़ा बहुत हिंदी पढ़ना लिखना जानता है थोड़ा हिंदी बोलना है दूसरा जो व्यक्ति है वो अच्छे अंग्रेजी
10:51 बोलना है अच्छे आ स्कूल में उसकी पढ़ाई लिखी हुई है तो देख के भी बुरे से लगता है अमीर लगता है और इस तरीके से दोनों की एक दोस्ती होती है दोनों का एक संवाद होता है और बाद में वो बच्चा नहीं मिलता है थोड़े दिन बाद क्योंकि विभिन्न प्रकार के समस्याएं उसके साथ होती हैं घटनाएं होती हैं जब आप चैप्टर पढ़ेंगे तो आपको समझ में आएगा लेकिन इस कहानी में ये बताने का प्रयास किया गया की दोनों में क्या अंतर है दोनों में क्या विविधता है तो जो बच्चा जो पेपर बीच रहा है वो उसकी भाषा हिंदी है वो मुस्लिम वर्ग से बिलॉन्ग करता है नाम उसका समीर है वो मुस्लिम वर्ग से बिलॉन्ग करता है वह पढ़ा लिखा नहीं है और आई वर्ग में अत्यधिक गरीब है और तो वह उसका जो अपना घर है जो दिल्ली में वह कम कर रहा है
11:38 दिल्ली में पेपर बीच रहा है लेकिन उसका घर अपना मेरठ है तो इस तरीके से आपने देखा की उसके क्षेत्रगट विशेषता को बताने का प्रयास किया गया उसके आई वर्ग को बताने का प्रयास किया गया वो कौन सी भाषा बोलना है बताने का प्रयास किया गया और कौन सा धर्म है उसका ये बताने का प्रयास किया गया है जो दूसरा बड़ा व्यक्ति है वो भी उसका भी नाम समीर है लेकिन उसका धर्म जो है वो मुसलमान नहीं है वो हिंदू है वह उच्च वर्ग से आता है वो अच्छी अंग्रेजी बोलना है फ्लूएंट अंग्रेजी बोलना है और पढ़ाई लिखी ऐसी हुई की मानो वो अंग्रेजी विषय का ही अब अंग्रेजी विषय ही उसकी मातृभाषा है कुछ ऐसा और वो दिल्ली का प्रॉपर रहने वाला है तो आपने देखा इस कहानी में जो विभेद था वो जाति के नाम पे वो धर्म के नाम पर वो क्षेत्र के नाम पर वो आई वर्ग के नाम पे
12:26 मातृभाषा के नाम पे आपको विविधता देखने को मिली यह चित्र में आपको वो देखने को मिल रहा है एक यह बड़ा बच्चा व्यास के आसपास का है और एक यह बच्चा है जो पेपर बंता रहा है तो कल मिलकर मैंने आपको जो एक छोटा सा चित्र बनाकर दिखाए एक डायग्राम बनाकर दिखाए पहले चैप्टर का जो सर तत्व है वो यही है की जो विविधता है वो जातिगत स्टार पर धर्मग्रस्त स्टार पर क्षेत्र का स्टार पर आदि अस्त्रों पर जो विविधता है वो पी जाति है आजीविका के स्टार पे अन्य स्टारों पर जो विविधता है वो पी जाति है और ये विविधता भारतीय व्यवस्था भारतीय व्यवस्था का ये आधार है अगर इस विविधता को हम देखें तो ये विविधता भारत के लिए अच्छी मनी जाति
13:12 है और इन्हें हम एकता के रूप में मानते हैं क्योंकि वास्तविक अर्थो में हम जितनी भी चीज देखें इन सब में एक बात आम है की हमारा क्रियाकलाप सब एक है जैसे उदाहरण के लिए भजन अगर हम भजन की बात करें तो कोई भी ऐसा नहीं है जो भजन नहीं करता चाहे कश्मीर वाला हो गुजरात वाला हो या अरुणाचल प्रदेश वाला हो सब भजन करते हैं सब भजन करते हैं ना और भजन में आम चीज है हमारे यहां क्या चावल हमारे यहां भजन में आम चीज क्या है चावल अब अगर हम चावल की बात करें तो चावल को आप इस तरीके से देख सकते हैं एनसीईआरटी बड़ी मजेदार है अगर आप इसको ठीक से पढ़ना शुरू करें तो आपको बहुत
13:59 कुछ दे जाति है जैसे चावल की बात करें चावल पकाना आपको नहीं लगता पूरे देश में चावल पकाया जाता है हां पूरे देश में चावल पकाया जाता है और पूरे देश में चावल पकाने में आपको क्या लगता है की चावल केवल हिंदू खाता हैं क्या चावल मुसलमान नहीं खाता क्या लगता है आपको की चावल केवल दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में खाया जाता है क्या उत्तर भारत ट्रैवल नहीं खाता खाता है सारे लोग चावल खाता हैं सब अलग-अलग ढंग से तो आम क्या है चावल लेकिन आप देखो एक चावल के अंतर्गत मीत डालकर और बिरयानी बनाता है एक चावल के अंतर्गत सब्जी डालकर बिरयानी बनाता है एक
14:44 चावल को आता बनाकर और उसके इटली दो से बनाता है और एक चावल को सीधे उबाल के चावल को खाता है तो चावल खाया जाता है पूरे देश में और पूरे देश को यह जो चावल है यह एकता में फिर होता है लेकिन उसे चावल को बनाने के तरीके अलग-अलग धर्म के लोग अलग-अलग ढंग से पाते हैं अलग-अलग क्षेत्र के लोग अलग-अलग तरीके से उपयोग करते हैं उपयोग चावल है ये एक अगर आप अभिवादन की बात कर लेने क्या आपको लगता है कौन से धर्म में अभिवादन नहीं होता क्या आपको लगता है हिंदू धर्म में अभिवादन नहीं है या क्या आपको लगता है आदिवासी अभिवादन नहीं करते क्या आपको लगता है की इस्लाम में विवादन नहीं है क्या आपको लगता
15:30 है की इसी धर्म में अभिवादन नहीं है तो आप देखोगे हर धर्म में अभिवादन है लेकिन उसे अभिवादन का तरीका हर धर्म में अलग-अलग है तो एक तरफ हिंदू धर्म में आप प्रणाम की बात करते हैं आदिवासियों में एक दूसरे को जोहार कहा जाता है वैसे ही वालेकुम सलाम जैसा शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है इस्लाम में ऐसे ही गुड मॉर्निंग गुड इवनिंग आफ्टरनून का इस्तेमाल आप देखो इसी धर्म में हो रहा है तो धर्म अलग अलग है लेकिन क्रिया कल्पना की एकता एक है क्या आपको लगता है कपड़े केवल एक विशेष धर्म में पहने जाते हैं क्या सभी धर्म में कपड़े नहीं पहने जाते कल भारत में दुनिया के वह सबसे प्रमुख धर्म जो आठ धर्म है दुनिया में वो सारे
16:18 प्रमुख धर्म के अनुयाई भारत में पे जाते हैं और सब कपड़े पहना हैं कोई ऐसा नहीं है जो कपड़े नहीं पहना और कपड़े नहीं पहने वाले भी धर्म में तो हमारे यहां हैं हमारे यहां जैन मनी जो होते हैं दिगंबर शाखा के दिगंबर संप्रदाय के जान शाखा के वो कपड़े भी नहीं पहना तो अगर आप उसको भी देखना चाहते हो तो वो भी मिलेगा लेकिन आधार किस जुड़ा है कपड़ा से कपड़ा पहनना और कपड़ा ना पहनना आम क्या है कपड़ा इसी तरीके से विवाह की बात करो विवाह होता नहीं होता पूरे देश में विवाह है जम्मू कश्मीर से लेकर केरल तक और गुजरात से लेकर उदांचा प्रदेश तक विवाह सब में आदिवासियों में भी विवाह है लेकिन विवाह के तरीके सब में अलग-अलग विवाह के तरीके अलग-अलग सब में विवाह के तरीके हैं लेकिन
17:05 सबके तरीके अपने अपने अलग-अलग हैं तो यहां पर समझने का प्रयास किया जा रहा है की यद्यपि हम विविधता की बात करते हैं लेकिन विविधता में क्या है प्रार्थना देखो प्रार्थना सपना नहीं है भक्ति गीत के मध्य से वंदना के मध्य से प्रार्थनाएं होती हैं हिंदू धर्म में तो आप देखो जान के मध्य से और इसी तरीके से इसी इसी धर्म में भी आप देखोगे तो गिरजाघर में प्रार्थना है तो हो ही नहीं तो विविधता में एकता को आप इस तरीके से देख सकते हैं पहले चैप्टर आपका हो गया अब बस पहले चैप्टर को थोड़ा सा हमें देखना है की विविधता कैसे हम पहचान कर सकते हैं तो आपको कुछ करना नहीं है विविधता को पहचान
17:50 के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है विविधता को पहचान के लिए आपको अपने देश की जो एक स्थिति है उसे स्थिति में थोड़ा सा एक बार नजर डालने की जरूर है है ना एक बार नजर डालने की जरूर है और आपको देखना है की यहां जो हमारे कश्मीर की बात है और यहां जो हमारे केरल की बात है यहां जो अरुणाचल प्रदेश की बात है और यह जो गुजरात की बात है है ना नंबर एक नंबर दो नंबर तीन और नंबर कर इन कर राज्यों को आप उठा लो इन कर राज्यों को आप उठा लेने और इन कर राज्यों के हर एक चीज को आप देखने का प्रयास करें
18:35 सबसे पहले जम्मू कश्मीर जम्मू कश्मीर में अभी केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बना दिया गया है लद्दाख तो एक बार जम्मू कश्मीर के लद्दाख के संस्कृति देख लेते हैं और केरल के विविधता आपके समझ में ए जाएगी आई इसको कैसे हम लोग देख सकते हैं बड़ी सरलता से इसे हम लोग देख सकते हैं बड़ी सरलता से देख सकते हैं देखिए लद्दाख लद्दाख में क्या है क्या अंतर है लद्दाख में तो जब हम लद्दाख देखोगे तो आपको एक ठंडा प्रदेश दिखेगा बिल्कुल ठंडा प्रदेश और ऐसे ठंडा प्रदेश में आप देखोगे तो आपको बहुत साड़ी पहाड़ियों दिखेंगे ऊंची ऊंची पहाड़ियों दिखेंगे महान हिमालय और महान हिमालय और ट्रांस हिमालय के मध्य की स्थिति आपको लद्दाख में अक्सर देखने को
19:21 मिलती है लद्दाख में देखेंगे तो बड़ी-बड़ी पहाड़ियों मिलेगी यहां पर बर्फ का रेगिस्तान पाया जाता है कोल्ड डेजर्ट के रूप में ठंडा रेगिस्तान के रूप में आप इस इलाके को देख सकते हैं अगर किसी इलाके की बात करेंगे तो यह वर्ष भर देखिए एक लंबे समय तक बर्फ से ढाका राहत है ऐसे में इस क्षेत्र में आपको बहुत कमी आपको दिखे रहा होगा बहुत कम भी वनस्पतियां दिखे रही होगी आप देख सकते हैं यहां पर पीछे मैप लगा हुआ है बहुत कम ही वनस्पतियां आपको दिखे रही होगी इसी तरीके से पीने के पानी के लिए लोगों को गर्मी के महीने में पिघलने वाली बर्फ पे निर्भर रहना होता है ठंडियों में तो बड़ा कठिन होता है इनको पानी पीने की भी बड़ी दिक्कतें होती हैं यहां के लोग एक खास किम की बकरी पालनपुर
20:09 यह बकरी किस कम आई है इस बकरी से जो यह इनको उन मिलता है उन इस बकरी से जो इनको मिलता है उससे बहुत खास किम की विश्व प्रसिद्ध सोल बनाते हैं यह लोग यह जो बकरी है इसे जो मिलता है उसे बकरी को पशमीना बकरी कहा जाता है और इस पशमीना बकरी से जो उन मिलता है उससे पशमीना का साल बनाया जाता है और ये बहुत महंगा होता है क्योंकि इतनी कठिन कठोर ठंड में यह जो सवाल है पतली सी होती है लेकिन यह पर्याप्त गर्मी देती तो ऐसे में देखिए यह लोग इस बड़ी महंगी आप असमीना साल से ही इनका मुख्य व्यवसाय के रूप में इनका यही जो गम कपड़े बेचना है यही है लद्दाख के लोग बड़ी सावधानी से इस उनको इकट्ठा करते
20:55 हैं कश्मीर के व्यापारियों को बीच देते तो इनका आई का साधन भी देखोगे तो यही विशेष कर गम कपड़ों का व्यापार गम कपड़ों का व्यापार है और यह केवल और केवल कश्मीर में ही बंटी है इसलिए बड़ा बड़ा बहुत प्रसिद्ध भी मनी जाति है इसी तरीके से लद्दाख की कुछ और चीज आप देख सकते देखिए चित्र में दिखे रहा है की कैसे यह लोग कुटीर उद्योग के रूप में असमीना सोल को बनाते हैं मैं आता हूं कमेंट में मैं आता हूं आऊंगा ठीक इसी तरीके से यहां के लोग हो गए ठीक है यहां के लोग दूध से बने पदार्थ जैसे मक्खन चीज खास तरह का छेना एवं मांस
21:43 खाता हैं हर एक परिवार के पास कुछ गे बकरी और एक जरूर होती हैं रेगिस्तान होने का मतलब यह नहीं है की व्यापारी यहां आने के लिए आकर्षित नहीं है यहां का जो एनवायरनमेंट है वो सैलानियों को और विशेष कर जो आ घूमने के शौकीन लोग हैं उनको आकर्षित करता है तो अक्सर लद्दाख में बड़े स्टार पर जो पर्यटन के लिए लोग हैं वह यहां पर जय करते हैं वह यहां पर जय करते हैं तो एक बड़ी चीज आप देख सकते हैं अब आपने देखा यहां का पूरा जीवन चल रहा लोगों का पहनावा लोगों का खान-पान लोगों का व्यवसाय बिल्कुल डिफरेंट है बिल्कुल अलग है यह समुद्र से दूर है इसके चारों और कहानी भी आपको जल स्रोत विशेष कर समुद्र जैसा जलसा खुला जलसूत्र नहीं देखने को
22:28 मिलता है अब अगर हम आगे बढ़ अब अगर हम आगे बढ़ तो लद्दाख व्यापार के लिए एक अच्छा रास्ता माना जाता था क्योंकि यहां से होकर गुजरते वाले जो धर थे वह हमें आसपास के देश से जुड़ने थे देखिए कई घटिया भी हैं यहां से एशिया के काफिले उसे इलाके में पहुंचने थे जिसे आज तिब्बत कहते हैं यह काफिले अपने साथ मसाले कच्छ रेशम दरिया आदि लेकर चलते थे लद्दाख के रास्ते ही बौद्ध धर्म देखें तिब्बत पहुंच लद्दाख को छोटा तिब्बत भी कहते हैं करीब 400 साल पहले यहां पर लोगों का इस्लाम धर्म से परिचय हुआ था यहां पर अब अच्छी खासी संख्या में मुसलमान भी रहते हैं लद्दाख गानों और कविताओं के
23:15 लिए भी बहुत समृद्ध माना जाता है यहां की जो कविताएं हैं या गीत हैं वो विशेष कर लोकगीत हैं और मौखिक रूप में उनका संग्रह तिब्बत का ग्रंथ केसर सागा यह लद्दाख में काफी प्रचलित है उसके स्थानीय रूप को मुसलमान और बौद्ध दोनों ही लोग गेट हैं और उसे पर नाटक भी खेलने हैं यह देखिए आपने पुरी संस्कृति और ऐसे ही अब हम बिल्कुल दक्षिण में चलते हैं बिल्कुल उत्तर हमने देख लिया अब हम बिल्कुल दक्षिण में चलते हैं जब हम बिल्कुल दक्षिण में चलेंगे तो हमें केरल दिखेगा और केरल की स्थिति आप एक बार सोचो की केरल की स्थिति अलग है केरल के बाद पूरे भारत का सबसे चौड़ा
24:01 मैदानी समुद्री तट और यहां से जो नदियां पश्चिम की तरफ निकलते हैं उन नदियों का जो बहन समुद्र की और होता है अब बीच में उन नदियों के द्वारा चूंकि बड़ा समुद्री तट है बालू का तट है तो ऐसे में वहां पर बड़ी झील बना दी जाति हैं तो झीलों का ही एक अलग मनोरम चीज अगर हम बात करें मौसम का तो यहां पर अक्सर आपको गर्मी देखने को मिलेगी क्योंकि इसका निम्न अक्षांशों में पाया जाना कर रिश्वत रेखा के नजदीक पाया जाना इसके मौसम को बनाकर रखना है अब ऐसे में यहां पर मौसम जो है वर्ष भर किसी एन किसी तरीके से आपको वर्षा मिल जाति तो ऐसी
24:47 स्थिति में यहां पर सदाबहार बन पे जाते बहुत बड़ी संख्या में बन पाया जाते हैं कृषि कार्य को होता है लोगों का व्यापार अलग ढंग से है क्योंकि यह समुद्र के किनारे हैं और जो भी पुराने हमारे भारत में प्रवेश करने का यह बना वास्कोडिगामा इसी केरल के कालीकट के तट पर आया था राजा जमूरिन के पास तो ऐसी स्थिति में आप देख सकते हैं की केरल का मामला अलग होगा देखो एनसीईआरटी आपको समझा रही होती है की आपको चीजों को कैसे करना है आपको अपनी समझ कैसे बनानी है और इन्हीं में से आपको वो चीज निकाल लेनी है जो कॉमनली आगे
25:32 जाकर बड़ी कक्षाओं के चैप्टर में लाइन तू लाइन होता है जैसे विविधता की बात है तो आपका क्या पढ़ने हैं भारत में विविधता बताइए तो आप क्या करते हो भारत में विविधता बताते हो की भारत में जातिगत विभिन्नता चर्म पे है भारत में संप्रदायगत विविधता या धर्म ग्रंथ विविधता देखने को मिलती है क्षेत्रगट विविधता देखने को मिलती है संस्कृत विविधता देखने को मिलती है भाषा देखने को मिलती है ऐसे पढ़ने हो आप कहां ऊपर की कक्षाओं में लेकिन जब एनसीईआरटी की क्लास सिक्स पढ़ने हो तब वो यही कहते हैं की आप अपने स्कूल में जाते हो तो आप अपने स्कूल में जो लोग पढ़ने हैं उनके जाति की गणना करो की कौन किस जाति का है देखो कितने जाति के लोग हैं कौन किस भाषा में कंफर्ट है कौन कैसे कपड़े पहना है किसके सारे लोगों के टिफिन देखो सबके
26:18 टिफिन में जो जी धर्म का है जी जाति का है उसके भजन आपको अलग-अलग रूप में देखने को मिलेंगे भजन को लेकर आप देखो उत्तर में भजन अलग ढंग से होता है दक्षिण में भजन अलग ढंग से होता है दक्षिण में अक्सर केले के पेट का इस्तेमाल आप देखेंगे की वो खाने के लिए केले को पत्तों का इस्तेमाल करते हैं तो ऐसा क्यों है क्या कुछ ऐसा है देखिए केरल ये दक्षिणी पश्चिम कोनी में बस है इसका अक्सर संस्कृतियों का अक्सर विविधताओं का सबसे महत्वपूर्ण संबंध उसके भौगोलिक स्थिति से होता है उसकी अवस्थित से होता है अब केरल का अक्षांश अलग है केरल की व्यवस्थाएं अपने आप अलग हो जाएगी केवल अक्षांशीय आप बदलाव कर दो देशांतरि बदलाव नहीं अक्षांशी बदलाव यह कहा भी जाता
27:06 है की केवल आपको क्या करना है अक्षांशी बदलाव करना है दुनिया की साड़ी विविधताओं का आधार अक्षांश नहीं दुनिया के सभी विविधताओं का आधार क्या है अक्षांश और आप जब विभिन्न प्रकार की जलवायु पढ़ने हो विभिन्न प्रकार की जलवायु जलवायु विभिन्न प्रकार के जवाब जलवायु पढ़ने हो देखो आप जब विभिन्न प्रकार के जलवायु की बात करते हैं आप तो जलवायु के आधार ही क्या होता है अक्षांश कभी देशांतर पर कभी देशांतरों के बदलाव से आपने जलवायु बदलते देखा है नहीं अक्षांशों के बदलाव से जलवायु बदलती है अब भारत को भी अगर आप देखोगे तो भारत की भी स्थिति वही है की यह
27:52 नीचे आप देखोगे तो साथ आठ अक्षांश से हमारी शुरुआत होती है और ऊपर हम देखेंगे तो ऊपर हम लोग 36-37 38 तक जाते हैं तो ऐसी स्थिति में यह जो अक्षांश गत है आप देखोगे आपको अलग-अलग जलवायु अलग-अलग कंडीशन मिलेगी और इसी कंडीशन के करण सब बादल जाता है केरल दक्षिण पश्चिम कोनी में बस राज्य है एक तरह से समुद्र से गिरा हुआ है दूसरी तरफ पहाड़ियों से पश्चिम घाट पश्चिम घाट एक तरफ आपने देखा की समुद्र से गिरा हुआ है एक तरफ समुद्र से गिरा हुआ है तो दूसरी तरफ पहाड़ियों से यहां पर देखेंगे तो विभिन्न प्रकार के मसाले जैसे काली मिर्च लौंग इलायची आदि उगाए जाते हैं इन मसाले के करण यह क्षेत्र व्यापारियों
28:37 के लिए बड़ा आकर्षक का क्षेत्र रहा है और बड़े व्यापारियों की जो शुरुआत है वो भी यही से हुई थी सबसे पहले अरबी और यहूदी सुन लेंगे तो आपको मजा ए जाएगा और आपका ज्ञान का विस्तार होगा एनसीईआरटी कैसे समझती कैसे हैं आप लोग भागते हुए एनसीईआरटी से और कैसे आपको बहुत सारे लोग कहते हैं सर एनसीईआरटी पाक देती है समझ में नहीं आता इसका यूपीएससी में क्या करेंगे इसका यूपीएससी में कुछ करना नहीं है यूपीएससी ने आपसे यह नहीं कहा की एनसीईआरटी पढ़ के आओगे तब आपका होगा एनसीईआरटी नहीं पढ़ोगे तब पर भी होगा लेकिन अगर एनसीईआरटी पढ़ोगे तो दो चीज समझ में ए जाएगी की यूपीएससी जो सवाल बनाता है कहां से बनाता है कहां से बनाता है वही से बनाता है जो आज
29:24 तक हम लोगों ने पढ़ा सबसे पहले अरबी और यहूदी व्यापारी केरला और ऐसा माना जाता है की इस मसीह के धर्म दूध संत थॉमस लगभग 2000 साल पहले यहां आए थे भारत में इसी धर्म लाने का श्री उन्हें को जाता है अब से कई व्यापारी यहां आकर बस गए और आप देखोगे तो सबसे ज्यादा जो धार्मिक विविधता है वो आपको यही देखने को मिलेगी क्योंकि जितने भी प्रचार का धर्म थे उन धर्म के अनुयायियों का उन धर्म के प्रचार करने वाले संतो के आने का रास्ता क्या बना केरल क्योंकि यूरोप से वास्को डिगामा ने पहले बार जो मां ने मार्ग खोज वो केरल कहीं खोज था अब से कई व्यापारी यहां आकर बस गए
30:10 साथ सो साल पहले यहां आए और अपने यात्रा वृतांत में मुसलमान के जीवन का विवरण देते हुए भी उन्होंने लिखा की मुसलमान समुदाय की यहां बड़ी इज्जत है आज भी मुस्लिम समुदाय को देखोगे तो बड़े सेंट्रलाइज ढंग से केरल में बसाई वास्कोडिगामा पानी के जहाज से यहां पहुंचे तो पुर्तगालियों का यूरोप में भारत का समुद्री रास्ता हुआ और फिर यही से जितने भी अंग्रेज हुए सब का आगमन से शुरू हुआ इन्हीं ऐतिहासिक प्रभाव के करण केरल लोक विभिन्न धर्म का पालनपुर करते हैं सबसे ज्यादा धार्मिक विविधता हमने बताया आपको केरल में देखने को मिलेगी इनमें यहूदी इस्लाम के व्यापारियों की भी बात करें तो उनका भी
30:56 केरल में बड़ा केरल में बड़ा फ्लोर उनका बिरहा और यही करण है की आप देखो यहां पर मछली पकाने के जो दाल मिलते हैं और उन्हें चीन वाला कहते हैं अभी हमने आपको दिखाए था मछली पकाने वाला दाल जो यहां पर लगा हुआ है ये ये दाल छीना वाला है चीन में अक्सर इस तरीके के दाल की कंडीशन आपको दिखती दिखती है तो इस तरीके के दाल जो मछली पकाने का है वो चीन वाला कहलाता है चीन वाला कहलाता है और उसका आगमन चीन से माना जाता है तलने के लिए यह लोग जी बर्तन का इस्तेमाल करते हैं उसको छीना चट्टी कहते हैं छीना चट्टी कहते हैं तो यह बार-बार चीन चीन का जो शब्द ए रहा है ये बता रहा है की चीन शब्द इस बात की और इशारा कर रहा है की इसकी उत्पत्ति कहां हुई होगी केरल की
31:44 उपजाऊ जमीन और जलवायु चावल की खेती के लिए बड़ा उपयुक्त है यहां अधिकतर लोग मछली सब्जी और चावल खाता जितने भी समुद्र के किनारे के लोग होंगे उनके भजन में दो चीज इंपॉर्टेंट होगी एक तो चावल और दूसरा मछली एक चावल और दूसरा मछली यह आप देख सकते हैं और यहां पर जो जिले बनी हुई हैं इन झीलों में एक विशेष प्रकार का यह लोग नव प्रतियोगिता भी करते हैं और एक विशेष त्योहार होता है जिसमें यह किया जाता है उसे त्योहार का नाम है उड़द नव प्रतियोगिता होती है और वो त्योहार है अक्सर पूछा जाता है की केरल का सबसे प्रमुख त्योहार क्या है तो आपको बताना होगा की केरल का सबसे प्रमुख त्योहार ओडीहम है ठीक है बिल्कुल जुड़ने रहे हैं
32:29 बड़ी संख्या में आप लोग जुड़े हैं अच्छा ग रहा है की आप एनसीईआरटी की इस मैच के साथ हैं अब आप खाओगे सर मैराथन में भी बहुत जरूरी है अभी भी 2024 के छात्र चुके नहीं हैं हालांकि कई बार कहते हुए लगता है की अब बस कर दिया जाए 25 कभी बैच है ध्यान रखिए 2000 25 के लिए भी मैच है और उसकी लास्ट डेट आज है 24 तारीख जो मैच है 2025 उसकी लास्ट डेट आज है आज चाहे तो आप एडमिशन ले सकते हैं और अगर आप लॉन्ग टर्म पर नहीं जा रहे हैं अभी भी 24 सोच रहे हैं तो आपको यह बैच 6:00 बजे से शुरू हो रहा है और इसको देख सकते हैं यह p2y बैच है सितंबर इवनिंग मैच है सितंबर इवनिंग मैच है और इसकी लास्ट डेट 30 तारीख
33:16 है तो उसके पहले आप इसमें जुड़ सकते हैं इंग्लिश इंग्लिश और हिंदी तीनों मीडियम में ये शुरू हो रहा है ठीक है अब आते हैं दूसरे चैप्टर पे सर आपको पढ़ना था तो अब हम लोग दूसरे चैप्टर पे आते हैं है ना हां ठीक है आप लोग समझ सकते हैं की क्या कैसे खाया जाता है बहुत सारे लोग का रहे हैं फ्री करके खाता हैं बहुत सारे अच्छा आज कोई क्लास नहीं है इसलिए सब यही घूम रहे हैं चलिए कोई बात नहीं है घूमते रहिए आपका घूमने भी अच्छा है अगर कोई चीज ऐसे ही हो रही हो और वो कहानी किसी तरीके का लाभ दे रही है तो फिर वह अच्छा ही है पिछले पाठ में आपने विविधता के बड़े में पढ़ा मुझे लगता है आपको समझ में ए गई होगी कोई दिक्कत है एक बार कमेंट में बता दें आप
34:02 लोग एक बार कमेंट में बता दें की जो व्यवस्था आपने देखा उसका मूल तत्व क्या था वो आपके समझ में आया की नहीं मूल तत्व यह था की जो जितने प्रकार की विविधता पढ़ने हैं उन्हें विविधताओं की खोज करनी थी आपको उन्हें विविधताओं की खोज करनी थी ठीक है चलिए दूसरा चैप्टर क्या है विविधता एवं भेदभाव हमने कहा ना विविधता जरूरी नहीं है की अच्छी ही हो विविधता अक्सर भेदभाव भी फलता है विविधता अक्षर क्या कहलानी है भेदभाव फलता है यह भेदभाव का जो ढंग है वो क्या होता है इस भेदभाव का ढंग क्या होता है तो आई एक चैप्टर एक ग्राफ बनाएंगे और उसे ग्राफ से आपको समझ में ए जाएगा की क्या है विविधता कैसे भेदभाव करती है तो देखिए
34:49 विविधता जो है विविधता विविधता इस चैप्टर का सर तत्व क्या है जो विविधता है वह सबसे पहले पूर्व ग्रहण से शुरू होती है विविधता ही पूर्वाग्रह की उत्पत्ति करती जहां विविधता नहीं होगी वह पूर्वाग्रह नहीं पनपते तो पूर्वाग्रह और पूर्वाग्रह से ही आगे क्या बंता है स्थाई धारणाएं बंटी हैं स्थाई धारणाएं यही पूर्वाग्रह जब स्थिर हो जाता है तो यह धारणाएं बन जाति है एक चीज हमेशा आपको ध्यान रखना है पूर्वाग्रह हमेशा नकारात्मक होता है पूर्वाग्रह हमेशा कैसा होता है नकारात्मक
35:34 नकारात्मक का मतलब है की यह अपनी प्रकृति में तो जब पूर्वाग्रह बंता है तो कोई नेगेटिव थॉट की जब पुनरावृति होती है जब हम इस अनुरूप व्यवहार करने लगता हैं तो स्थाई धारणाएं बन जाति हैं और यही स्थान करती है भेदभाव शुरू कर देती हैं भेद शुरू कर देती हैं और इस तरीके का भेदभाव का जो स्थाई पान है भेदभाव का जो स्थाई पान है वो और सामान्य और सामान्य की शुरुआत कर लेती है जब हम देर सारे भेदभाव देखते हैं तो हम कहते हैं की समाज में असमानताएं हैं इन समाज में
36:20 इक्वलिटी नहीं है तो आपको जो दूसरा चैप्टर है उसे दूसरे चैप्टर में मूल बात यही है की भेदभाव की शुरुआत कैसे होती है और भेदभाव क्यों शुरू हो जाता है इसको समझने का बड़ा सटीक ढंग से प्रयास किया गया है अब पूर्वाग्रह क्या है पूर्वाग्रह क्या है तो पूर्वाग्रह एक ऐसा विचार है जो यह मानता है की जो हम कर रहे हैं वह सही है और जो दूसरे कर रहे हैं वह सही नहीं जैसे जैसे कोई व्यक्ति अगर किसी धर्म को मानता है तो उसका मानना है की मेरा धर्म अच्छा है और मेरा धर्म अच्छा है तो दूसरों का धर्म अच्छा नहीं कोई व्यक्ति अगर भजन की बनाने की जो उसकी तकनीक है या वह जो भजन करता है उसको लगता है की हम जो
37:08 भजन करते हैं वही ठीक है दूसरे ठीक नहीं उनको तो ऐसा लगता है की शाकाहार करना ही इस जीवन का लक्ष्य है अगर वह शाकाहारी हैं तो वह कोई भी ऐसा व्यक्ति जो का दे की मैं मांसाहारी हूं उसको ऐसे घृत नजर से देखते हैं जैसे तुम संसार में आए ही क्यों है ना ऐसे घृणा की नजर से देखते हैं की तुम संसार में आए ही क्यों हो तुमको आना ही नहीं चाहिए था तो शाकाहारी एक पूर्व ग्रह बना लेते हैं किसके प्रति मांसाहारियों के प्रति और बहुत सारे शाकाहारी मानसा हर करने वाले लोगों को तो अस्थीस लेवल तक अंतर रखते हैं उनका छुआ गिलास नहीं छुएंगे उनके बर्तन
37:54 में खाना नहीं खाएंगे इस लेवल तक का जो पूर्वाग्रह है वो पाल लेते हैं इस लेवल तक का पूर्वाग्रह पाल थे और यही पूर्वाग्रह बाद में क्या बंता है स्थाई धरना हो जाति है अब ऐसे में पता लगा की एक विशेष धर्म के लोग एक विशेष धर्म के लोग ज्यादा मांसाहार करते हैं इसलिए वो विशेष धर्म ही क्या है बेकार है उन लोगों से संबंध रखना हटा देना उनसे जुड़ाव रखना उनका छुआ खाना ये सब शुरू हो जाता है और इस तरीके से धार्मिक विभेद बड़ी तेजी से आगे बढ़ाने लगता है तो यह चीज ऐसे दिखने लगता है हां तो जब आप अपनी चीजों को ज्यादा सही और दूसरी चीजों को आप गलत कम महत्व का मां
38:42 नहीं लगता हैं तो उसको हम कहते हैं पूर्वाग्रह उसको हम क्या कहते हैं पूर्वाग्रह आपने दूसरों को अपने धर्म को देखा दूसरे के धर्म का तारक नहीं समझा और दूसरे के धर्म को आपने खराब मां लिया अपने को अच्छा मां लिया इस तरीके से आप अपने धर्म के प्रति विजिट होते जाएंगे अपने धर्म के प्रति ज्यादा मजबूत होते जाएंगे और दूसरों के धर्म के प्रति धीरे-धीरे आपने स्थाई विरोध जानना शुरू हो जाएगा और यही स्थाई विरोध आगे जाकर क्या बनेगा भेदभाव बनेगा अब जी धर्म के लोगों की संख्या ज्यादा है उसे धर्म के लोगों के लिए ज्यादा कम होंगे और दूसरे धर्म के लोगों को प्रयास किया जाएगा की उनकी अपेक्षा की जाए उनके अपेक्षा की जाए और इस तरीके से यह उपेक्षाएं कहां की जाए तो सभी
39:30 मामलों में वो चाहे उनके प्रार्थना के स्थान को बनाने को लेकर या उनके व्यापार को लेकर या उनको नौकरी देने को लेकर जी भी तरीके से और यही से शुरू होता है धार्मिक भेदभाव ऐसे ही जातिगत स्टार पे जातियां बनी हुई हैं हर एक जाति वाला व्यक्ति अपने को श्रेष्ठ मानता है दूसरे जाति को कमजोर मानता है और दूसरी जाति को अनावश्यक छोटा मानता है और उनसे दूरी बनाकर रखना है यह स्थाई धारणाएं होती हैं और फिर जातिगत शुरू होता है ऐसे कुछ क्षेत्र में रहने वाले लोग अपनों को ज्यादा अच्छा मानते हैं ज्यादा समृद्ध मानते हैं दूसरे क्षेत्र के लोगों को ज्यादा डब्बू और पिछड़ा मानते हैं और ये जब स्थाई धर्म ले हो जाति हैं तो इसके बाद इन्हीं आधारों पर उन क्षेत्र से आने वाले लोगों को नौकरी देने के संबंध
40:16 में व्यापार करने के संबंध में घर बनाने के संबंध में मोहल्लों में रहने देने के संबंध में विवेक शुरू हो जाता है और यही स्थाई धरना है फिर क्या होती है विभेद का रूप ले लेती हैं और यह विवेक जब ज्यादा बड़ा हो जाता है कलेक्टिव हो जाता है की एक लिंग विशेष को एक जाति विशेष को एक धर्म विशेष को जब सभी स्टारों पर उनके अवसरों को छीना जान लगता है उनसे दूरी बनाया जान लगती है उनको छोटा दिखाए जान लगता है तो ऐसे में एक संघर्ष का जन्म होता है और ये तब जाके इसको हम कहते हैं असमानता तो भेदभाव का स्थाई कलेक्टर स्वरूप क्या होता है असमानता तो विविधताएं कई बार और समानताओं को जन्म देती हैं विविधताएं कई बार असमानता का आधार बंटी
41:02 हैं ठीक है ना हां चलिए जुड़े हैं आप लोग स्थाई भावनाएं जैसे तुम कर नहीं चला शक्ति हो यह अलग बात है की कहानी दिखाएंगे महिलाओं के प्रति लड़कियों के प्रति और लड़कों के प्रति स्थाई धरना बचपन से आप में डाली जाति है जैसे जब कोई लड़का है लड़का चल रहा है लड़का गिर जाएगा तो लड़का गिर जाता है तो गर्जील कहते हैं अरे उठ जो तुम बहादुर हो लड़कियां गिरती है तब नहीं कहा जाता है उठ जो तुम बहादुर हो तो लड़कों के लिए अरे उठ जो तुम बहादुर हो जैसे बच्चा गिर गया रोना शुरू किया तुम तो लड़के हो तुम रो रहे हो तो यह सिखाया जाता है की लड़कियों का गन रोना नहीं जबकि वह नेचुरल कौन है भाई वो लड़की वो लड़का हो बच्चा है गिरेगी तो रोएगा लेकिन बच्चों के लिए मैं जो लड़के हैं उनके लिए अलग बात कहीं जाति है वही
41:48 लड़कियों के लिए अलग बात कहीं जाति है तो धीरे-धीरे जो लड़के हैं वह इस तरीके से अपने को बनाने लगता हैं स्थाई धरना मां लेते हैं की हमें रोना नहीं है रोना हमारा कम नहीं जबकि रोना नेचुरल गन है लेकिन वो एन कोई अंदर यह डाला गया तो वो स्थाई धरना बना लेते हैं ऐसे लड़की लड़कियों के की नहीं तुमको तेज आवाज में बात नहीं करनी है तुमको ये नहीं करना है ये कपड़े नहीं पहन सकते बाहर नहीं जा सकते तो ये जो बात बात के प्रतिबंध है इसमें लड़कियों के मां में यह स्थाई धरना बन जाति है की तुम्हें घर का कम करना है बाहर का कम के नहीं करना है लड़कों का कम अलग है लड़कियों का कम अलग है तो कहानी ना कहानी ये जो स्थाई धरना है जो बचपन से धीरे-धीरे बाढ़ रही है यही आगे जाके जब अवसर की बात आई है तो एक पुरुष
42:33 समाज खड़ा हो जाता है की नहीं यह तुम्हारा कम ही नहीं है यह पुरुषों का कम है और ये महिलाओं का कम है और इस तरीके से लिंग भेद का जो आधार है उसकी शुरुआत इन्हीं स्थाई भावनाओं के आधार पे देखने को मिल जाता है जैसे हवाई जहाज लड़कियां थोड़ी चलाएंगे लड़कियां ट्रक नहीं चला शक्ति लड़कियां रेल थोड़ी चलेगी लड़कियां रेल चलायेंगी पता लगा रैली चल गई एक दो पर तो ऐसी स्थिति में यह धारणाएं और यह धारणाएं धीरे-धीरे करके स्थाई हो जाति हैं और फिर इन्हीं के आधार पर क्या होता है भेदभाव होता है इन्हीं आधार पर क्या होता है भेदभाव तो इसका अंत कैसे होगा इसका अंत होगा पूर्व ग्रहण के एन बने देने से इसका अंत कैसे होगा पूर्व ग्रहण के ना बने देने से और ये
43:21 विभेद जो है तभी समाप्त होगा तो ये दूसरा जो चैप्टर है ये बताने का प्रयास कर रहा है की विविधताएं ऐसा नहीं है की वो एकता ही प्रदर्शित करती हैं कई बार विविधताएं समस्या उत्पन्न करती हैं कई बार विविधता है क्या करती हैं समस्या उत्पन्न करती हैं और इन समस्याओं में हमें क्या देखने को मिलता है इन समस्याओं में हमें जो देखने को मिलता है विविधता से जो समस्याएं हमें देखने को मिलती है उसको देखें विविधता विविधता से जो समस्याएं देखने को मिलती हैं
44:18 विविधता के करण उत्पन्न समस्या विविधता के करण उत्पन्न समस्या एवं संघर्ष आपको क्षेत्रीगत श्रेष्ठ या क्षेत्रीय विभेद धर्मग्गत संघर्ष या संप्रदायगत
45:03 विभेद संप्रदाय संघर्ष या भाषा के आधार पर विविध इसी तरीके से शिक्षा के आधार पर भी विवेक देखने को मिलता है आई के आधार पर भी विवेक देखा है आई की या सामान्य आई की और सामान्य की बात करता है यह गरीब और अमीर के संघर्ष की बात करता है गरीब और अमीर के संघर्ष की बात करता है पूरा का पूरा कल मार्क्स का जो विचार है इसी संघर्षों पर टीका हुआ है कल मार्क्स का पूरा का पूरा विचार किस पे है इसी बेटी का हुआ है अंबेडकर जी अपने
45:50 पूरे जीवन अंबेडकर जी अपने पूरे जीवन इस जातिगत उन्मूलन में लगे रहे जातिगत समाप्ति में लगे रहे और अंत तो उनका कहा गया कहा गया की जातियां का ही अंत करना चाहिए अभी भी आप मुंबई मुंबई के अंतर्गत मुंबई के अंतर्गत कई बार आपने देखा की बिहार के जो छात्र हैं बिहार के जो छात्र हैं उनसे कई बार बिहार के जो छात्र हैं उनसे कई बार आपने देखा की मारा पेटी की गई अभी हाल ही में अपने गुजरात में देखा था कुछ इस तरीके का क्षेत्रगट ऐसे ही कई बार ये नॉर्थ ईस्ट के जो लोग हैं उनके साथ यह क्षेत्रगट विभेद अक्सर देखने को आपको मिलता है रह-रह के यह समस्या बड़ी हो जाति है आपको देखने
46:36 को मिलता है धार्मिक देंगे तो जैसे सनातन हो गए हो धार्मिक देंगे जैसे इनके समाप्त होने का नाम ही नहीं ले गया हो स्थिर से हो गए हो भाषा का संघर्ष भी आपको अक्सर देखने को मिलता है अभी जब नई शिक्षा नीति आई फिर से भाषा को लेकर आपको बहुत सारे और सुने देने लगे जब हमारा राज्य पुनर्गठन किया भी जा रहा था उसे टाइम पर भाषा के लेकर राज्यों ने विरोध जाते था और विशेष कर आपको आंध्र प्रदेश नाम याद होगा जो भाषा के आधार पर पहले राज्य पुनर्गठित किया था पोट्टी श्रीराम आलू के प्राण चले गए थे इस भाषा का संघर्ष में तो आप देखो जितने भी विविधें देखने को मिल रही हैं ये विविधता है कुछ इसी तरीके से उत्पन्न होती हैं लेकिन इन विविधताओं को इन रूपन को देने के लिए आपको एक बार एनसीआरटी के नजर से देखना
47:24 होगा एनसीईआरटी के नजर से देखना होगा की जब आप समाज में निकलते हैं तो विभिन्न प्रकार के जाति के लोग आप देखते हैं हमारा देश बड़ा है और इस देश में अलग-अलग क्षेत्र हैं अलग-अलग क्षेत्र के जलवायु अलग है इसलिए अलग-अलग क्षेत्र के जो लोग हैं उनकी स्थिति अलग है उनका रंग रूप अलग है उनका रहन से अलग है अलग है उनका कलर अलग है और वो हर व्यक्ति अपने कलर को श्रेष्ठ मानता है हर व्यक्ति अपने रंग को सबसे पक्का रंग मांगता है नहीं हर व्यक्ति अपने रंग को क्या मानता सबसे पक्का रंग मानता है जैसे गोरा होना अच्छी बात है अभी मैं कल एक कविता सुन रहा था तो उसने कहा गोरा कभी गोरे व्यक्ति से प्रेम नहीं करना प्रेम कभी गोरे रंग से मत करना क्योंकि वो तो आजादी के पहले से हमारे यहां बेवफा तो ऐसे
48:11 इस तरीके की करके चीज आपके सामने आई है तो जी बात को लेकर प्राउड फूल होता है कभी इस को लेकर लगता है विभेद है जैसे फेयर लवली क्या बना रही थी लोगों को गोरा बना रही थी मतलब वो क्या संदेश दे रही थी गोरा होना ही अच्छा है और जबकि अफ्रीका के लोग अपने कलर को लेकर से नहीं करते वह उन्हें को फैशन का सबसे मजबूत स्वरूप मानते हैं ऐसे ही जो दक्षिण भारत के हमारे लोग हैं वह भी वह अपने को कलर को लेकर कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन समस्या क्या है जो उत्तर के लोग हैं जो ए रहे हैं जो थोड़े अच्छे प्रदेश में र गए जो धूप से बैक गए गोरे र गए उनको लगता है गोरापन ही सबसे श्रेष्ठ है तो वो कल लोगों से झगड़ा करने लगता हैं सामने लोगों से दूरी बना लेते हैं की नहीं और बताते हैं की सुंदरता का स्वरूप कहा जाता नहीं श्याम रंग सुंदरता का
48:56 स्वरूप है पक्का रंग सुंदर को लेकर यह जो हाइट को लेकर यह जो आंखों को लेकर नाक किलो नाग को लेकर बालों को लेकर यह जो धारणाएं बनाई जाति हैं इन धाराओं से अंततः क्या शुरू हो जाता है संस्कृत विभेद संस्कृत संघर्ष तो ये एनसीईआरटी के 10 से देखेंगे तो आपको प्रसन्नता है की आपको मजा आएगा और आपको लगेगा की आप बहुत ज्यादा चीजों को खराब नहीं कर रहे हैं नहीं नहीं यहां एथिक्स तो है ही नहीं है क्या बात है सौरव यहां एथिक्स का तो कोई मतलब ही नहीं है यह तो एनसीईआरटी है सर बताने का मतलब सेकंड चैप्टर के अगर आप सेकंड चैप्टर को जन का प्रयास करें तो
49:43 सेकंड चैप्टर आपको केवल इतना बता रहा है आप पता नहीं क्या ढूंढते हो इसमें सेकंड चैप्टर इतनी की बात कर रहा है पहले चैप्टर में बताया विविधता क्या है तो यही साड़ी विविधता थी पहले चैप्टर में और इन विविधताओं में एकता भी है उसको भी उसने बता दिया एनसीईआरटी ने क्लास सिक्स सेकंड चैप्टर में बता रहे हैं की इसके उत्पन्न जो समस्याएं होती हैं वो ये समस्याएं हमें देखने को मिलती हैं तो सेकंड चैप्टर अपना खत्म हो गया सेकंड चैप्टर में भी कहानी है जैसे धरना की बात है अब देखो अक्सर क्या होता है जब ग्रामीण लोग शहर में जाते हैं तो भाई उनका अपना पोशाक है उनका अपना कपड़ा है नहीं मेरा वाला तो शहर वाला हो गया है उनका अपना कपड़ा है अपना पोशाक है वो पहन के जब जाते हैं और कोई शहर वाला व्यक्ति जो बिल्कुल
50:30 टाइट सा जींस पहने है दो-तीन जगह फटी हुई है तो वह उसको देखा है और वह कहानी कुर्ता पजामा पहने पगड़ी लगाएं और बिल्कुल एक पोटली कंधे पर टांगे हुए जा रहा है तो शहर वाले कहते क्या बेवकूफ आदमी फटाफट पहन रखा तो ग्रामीण व्यक्ति शहरी के लिए अब सोचो जो ग्रामीण व्यक्ति है वह शहरी लोगों के लिए एक पूर्वाग्रह रखना है और जो शहरी लोग हैं वह ग्रामीण के लिए एक पूर्वाग्रह मानते हैं एक धरना रखते हैं और यही धरण और शहर के टकराव का कई बार करण
51:18 बंता ग्रामीण लोगों के बड़े में देखिए आधा से ज्यादा लोग भारत के गांव में रहते हैं गांव के लोग आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते फसल की बुवाई और कटाई के समय परिवार के लोग खेतों में 12 से 14 घंटे तक कम करते हैं ग्रामीण लोग कम की तलाश में शेरों की और स्थानांतरण करने को बाध्य हैं कुछ प्रॉब्लम से अगर हम शहरी लोगों की बात करें तो इनका जीवन बड़ा आसन होता है यहां के लोग बिगड़े हुए और आलसी होते हैं लोग शेरों के लिए ग्रामीण का जो धरना है यहां के लोग बिगड़े होते कपड़े पहना बोलने की तमीज नहीं होती कुछ
52:03 ऐसा और शहर को लगता है की हम ज्यादा सपना यह गवार है इनको लगता है यह गवार है तो गवार गवार का मामला और यही दोनों को गवार कहना क्या बनेगा अपने परिवार के सदस्यों को साथ बहुत कम समय बिताते हैं यहां टाइम ही टाइम शेर के लोग केवल पैसे की चिंता करते हैं लोगों की नहीं यहां लोगों की चिंता रखते हैं की भाई साहब इनको केवल पैसे से मतलब है आदमी एक नाम की कोई चीज नहीं है यह इनको कम शब्द मानते हैं शहर के लोगों को यह अपने को सभ्य मानते हैं कहते हैं यह सब लोग हैं ना खाने का तरीका है ना पहने का तरीका है खाने में चम्मच से गोड का रहे हैं वो भी क्या का रहे हैं कछुआ
52:50 समझते हैं ये भी साफ सुथरा अच्छी चीज खावे यार के वजह के गांव वाले खाता हैं ये कच्चे ही बहुत कुछ आजकल शेरों में है खाना शुरू कर देते हैं पत्ता गोभी कौन कच्छ खाता है शहर में खाता पत्ता गोभी कच्छ गांव में पाक के ही खाता शेरों में रहना बहुत महंगा पड़ता है लोगों की कमाई का सर हिस्सा तो आने जान में ही खर्च हो जाता कौन जयस है तो इनका अपना अलग ही स्वैग है की अरे हमें तो दुनिया में तो यह और यही जो पूर्वाग्रह शहर का गांव के प्रति और गांव
53:35 का शेरों के प्रति अंत में इन्हीं से टकराव शुरू होता है और जो लोग पहले शहर में बस गए वो गांव से आने वाले लोगों को हटाते हैं भागते हैं की ये आके हमारा शहर गंदा कर रहे हैं और शहर बस कहां रहा है धीरे-धीरे गांव में जाकर साड़ी प्लानिंग प्लानिंग कहां हो रही है गांव में तो गांव वाले क्या का रहे हैं की यह शहर आके गंदा कर देगा किसको गांव को ये गंदा गंदा जो खेलने है ना यही अंत में क्या बंता है टकराव का करण बंता है ऐसी ही पूर्वाग्रह अन्य साड़ी चीजों में भी आपको देखने को मिल जाति हैं देखिए रूढ़ीपत धारणाएं बनाना इसी की सरता रोड पर धारणाएं हैं और यह आगे चलकर किसने बादल जाति हैं असमानता और भेदभाव में दलित शब्द इन्हीं भेदभाव के करण का आधार
54:23 है और दलित शब्द अक्षर पूर्वाग्रह के करण बना है दलित उनको कहते हैं जिनको अक्सर दबाया गया है और इस संबंध में एक छोटी सी लाइन जो अंबेडकर के बड़े में लिखी है वह आपको जानना चाहिए वो आपको जानना चाहिए भीमराव अंबेडकर जो की दलित उत्थान के लिए सबसे ज्यादा प्रयास उन्होंने किया दलित के नेता रहे और विशेष कर जातिगत विभेद जो हुआ उसे जातिगत विभेद को दूर करने का प्रयास करते रहे भीमराव अंबेडकर 1891 से 1956 तक का इनका समय होता है इन्हें भारतीय संविधान के पिता एवं दलित के सबसे बड़े नेता के रूप में जाना जाता है अब सोचो एक सवाल लिख सकते हो आप एथिक्स का केवल अंबेडकर के इतनी चीजों से
55:08 अंबेडकर ने दलित समुदाय के अधिकारों की लड़ाई लड़ी उनका जो जाति थी वो महारथी और महाराष्ट्र में मेहर को अछूत के रूप में जाना जाता था जन्म हुआ था अछूत मनी जाति थी महान लोग गरीब होते थे उनके पास जमीन नहीं होती थी और बच्चों को वही कम करना पड़ता था जो वो खुद करते थे उन्हें गांव के बाहर रहना पड़ता था और गांव के अंदर आने की इजाजत नहीं होती थी सबर जातियां के अंदर नहीं इनका गांव अपना अलग बचत था जो मुख्य गांव के बाहर बचत था ठीक अंबेडकर अपनी जाति के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई पुरी की और वकील बने के लिए इंग्लैंड के उन्होंने दलित को अपने बच्चों को स्कूल कॉलेज भेजना के लिए प्रोत्साहित किया क्योंकि उनका मान्यता की जब तक शिक्षा नहीं होगी तब तक
55:54 आप अपनी स्थिति में बदलाव नहीं ला सकते और ये मैं भी मानता हूं हर कोई मानता है जिन जिन लोगों ने शिक्षा लेकर कुछ किया और कुछ कर का रहे हैं वो हर व्यक्ति यह मानेगा की आप अपनी स्थिति का बदलाव बिना शिक्षा के नहीं कर सकते अंबेडकर ने उसको देखा किया और इसलिए अंबेडकर ने हमेशा मजबूती के साथ किया की अपने बच्चों को कुछ भी दो या ना दो लेकिन अपने बच्चों को शिक्षा जरूर दो क्योंकि शिक्षा ही वो प्रकाश है जो आपको अंधेरे में भी रास्ता ढूंढने का मद जो है वो देता है आपका 100 जग देता है आप आपको जो है प्रकाशमान कर देता है और जब आप प्रकाशमान हो जाते हैं तो आपके निर्णय खुद के होते हैं इसे दूसरे के पीछे आप नहीं जाते दलित से अलग-अलग तरह की सरकारी नौकरी
56:41 करने को कहा और वह जाति व्यवस्था से बाहर निकाल पे खुद जाति व्यवस्था से बाहर निकले और उन चीजों को जो शायद उनकी जाति को या दलित जाति के लिए कभी सूटेबल नहीं थी कभी वहां तक वो पहुंच नहीं सकते थे अंबेडकर पंच दलित के मंदिर के प्रवेश को लेकर भी इन्होंने कई प्रयास दलित के मंदिर में प्रवेश के लिए जो कई प्रयास किया जा रहे थे उनका अंबेडकर ने नेतृत्व किया मंदिरों में प्रवेश की बात की उन्होंने ऐसे धर्म की तलाश की जो सबको समाज निगाह से देखें और जीवन में आगे चलकर उन्होंने एक ऐसा धर्म बौद्ध धर्म को उन्होंने अपनाया जो इस तरीके के विभेद को नहीं मानता उनका मानना था की दलित को जाति प्रथम के खिलाफ अवश्य लड़ना चाहिए और ऐसा समाज बनाने की तरफ कम
57:28 करना चाहिए इसमें सबकी इज्जत हो और कहानी किसी को कोई अपेक्षित एन किया जाए यह अंबेडकर के बड़े में बातें तो क्लास सिक्स में अंबेडकर के बड़े में इतना विचार आपको देखने को मिलता है आपको पढ़ने को मिलता है अब शुरू हो जाता है चैप्टर 3 अब शुरू हो जाता है आपको लेकिन आप पुरी क्लास जो है अगर आप करते रहेंगे खाना पीना खाता रहिए भजन करते रहिए तो आपको एक बात समझ में ए जाएगी की एनसीईआरटी में बहुत कुछ है ठीक है आप सभी लोग एक बार क्लास को लाइक जरूर कर दे जो लोग
58:14 भी मेरे साथ लाइव जुड़े हुए हैं वो हां क्लास को लाइक चैप्टर हुए आप समझो पहले क्या होता है ना की जो धावक होता है वह पहले धीरे-धीरे दौड़ता है नहीं धीरे-धीरे दौड़ता है और वो इंतजार करता है की कब उसको स्पीड लगानी है आप क्या सोच रहे हो की पहले ही अगर स्पीड बना लोग थोड़े डर में सांस फूल जाएगी है ना तो थोड़ा फॉर्म करने दो आप जिम जाते हो जिम जाके सीधे जिम करने लगता हो नहीं पहले थोड़ा सा अपने को वार्म अप करते हो फिर थोड़ा सा ठीक है तो आप जानते हो तरीके से होते हैं तो तीन
58:59 चैप्टर छोड़ दो की कहां हम पहुंचे हैं समय कितना हुआ है आप इस बात पर फॉक्स करो की समझ क्या ए रहा है आपने सरकार शब्द का जिक्र कई बार सुना होगा इस पाठ में आप यह पढ़ेंगे की सरकार क्या है अब देखो एनसीईआरटी का रहा है आप इस क्लास में पढ़ेंगे मतलब यह जैसे महिलाओं को पढ़ना की बात कर रहा है पुरुष नहीं पढ़ेंगे क्या पढ़ेंगे है ना आप इस कक्षा में पढ़ेंगे ठीक है ध्यान रखिए विवेचना
59:50 महत्वपूर्ण भूमिका निभाती सरकारें क्या करती हैं और अलग-अलग तरह की सरकारें जैसे लोकतांत्रिक सरकार और राजतंत्र सरकार के बीच क्या अंतर है चलिए पढ़कर पता लगाते हैं चलिए पढ़ कर पता लगाते हैं तब यहां पर जब आप पढ़ कर पता लगाने का प्रयास करेंगे तीसरी चैप्टर को तो तीसरी चैप्टर में आपको कुछ खास बात मिलेगी जो मैं यहां पर बता देता हूं इसके बाद तीसरी चैप्टर को हम लोग समझ लेंगे की तीसरा चैप्टर क्या है लास्ट में आसन हो जाएगा क्योंकि लास्ट में
1:00:38 जो टेक्निकल वर्ल्ड है वह आपको समझ में ए जाएगी सर आपने जो बताया था वही तो लास्ट में सब बताया जा रहा है क्योंकि यहां सरलता से बताया गया एनसीईआरटी आपके साथ आगमनात्मक पद्धति से सीखने का प्रयास करती है और बाद में आप निगमनात्मक पद्धति से विश्लेषण करने को कहती है विश्लेषण करने को कहती है ठीक पहले धीरे-धीरे कहानियां के मध्य से समझती है और बाद में पूरे अवधारणा को फिर आपको कहती आप समझो अभी वो कहानी कहकर आपको समझा रहा है सरल से कठिन की और सरल से कठिन की और
1:01:26 जवाब बड़ी कक्षाओं में जाओगे तो वह अवधारणा देगा अवधारणा आपको देगी एनसीईआरटी और रहेगी अब सरल करो अब सरल करो जैसे अभी बता रही है की जाति का विवेक धर्म का विवेक कैसे शुरू होता है की धार्मिक को कैसे समाप्त किया जा सकता है तो धार्मिक विवेक की उत्पत्ति और उसके समाप्ति का सुझाव दीजिए तो फिर आपको यहां से फिर वापस आना पड़ेगा तो यह पूरा तरीका पढ़ने का पूरा तरीका ही इसी बात पर टीका होता है चैप्टर 3 में मैं आपसे बताया जा रहा है की सरकार क्या सरकार क्या है देखें आपसे पूछा गया है सरकार क्या है
1:02:14 सरकार क्या है ठीक है आपसे पूछा जा रहा है की आपको बताना है सरकार क्या है सरकार क्या होती है और दूसरा कहा गया है सरकार का कार्य क्या है और तीसरा कहा जा रहा है की जो सरकार है कैसी-कैसी होती है कैसी कैसी सरकार होती है कैसी कैसी सरकार होती है यह तीसरी चैप्टर में कुछ खास बात बताएंगे नहीं तीसरी चैप्टर में इन्होंने कहा की सरकार क्या है सरकार वह है जो हमारे लिए कम करती
1:03:00 जनता के लिए और प्रशासन का संचालन जिसके द्वारा किया जाता है उसको सरकार कहते हैं तो जनता के लिए क्या और प्रशासन का संचालन जनता को कुछ चीज चाहिए होती हैं जैसे जनता को शिक्षा चाहिए होती है जनता को स्वास्थ्य सुविधा चाहिए होती है जनता को रोजगार चाहिए होता है रोजगार चाहिए होता है तो सरकार का कम है की लोगों को शिक्षा उपलब्ध करने में मदद करें लोगों के
1:03:48 स्वास्थ्य के देखभाल में मदद करें लोगों को रोजगार की बात करें तो ऐसी स्थिति में आप देखोगे तो शिक्षा के लिए दो तरीके की शिक्षा हमारे पास उपलब्ध है सार्वजनिक शिक्षा और निजी शिक्षा तो सार्वजनिक शिक्षा की जिम्मेदारी किसकी होती है राज्य की ऐसे ही स्वास्थ्य की बात करें तो उपलब्धता यहां पर भी आपको सार्वजनिक की होती है और निजी की होती है सार्वजनिक की पुरी जिम्मेदारी किसकी होती है सरकार की रोजगार की बात करें तो यहां पर भी हमारे पास एक सरकारी सेक्टर होता है और दूसरा निजी सेक्टर होता है सरकारी सेक्टर में जिम्मेदारी किसकी होती है सरकार की तो हमारे शिक्षा हमारे स्वास्थ्य के लिए जो कुछ भी कम कर सकता है सरकार उसके उपलब्धता
1:04:35 हो पे उसको हम कहते हैं सरकार और सरकार दो तरीके से चीजों को करता है वो खुद उन चीजों की उपलब्धता करता है और दूसरा उनकी उपलब्धता के लिए कुछ नियम कानून बनाता है जिससे अन्य लोग भी हमारे उन चीजों को उपलब्धता हमें करता है और तीसरा दूसरा क्या है प्रशासन से संबंधित कार्य जैसे हमें रक्षा की जरूर होती है हमें सुरक्षा की जरूर होती हमें रक्षा की जरूर होती है सुरक्षा की जरूर होती है तो ये कौन उपलब्ध करता है हमारा राज उपलब्ध करता है हमारा राज उपलब्ध करता है और राज्य से हमें जो सार्वजनिक चीज चाहिए होती हैं उसके लिए कर आदि जताने का कम करता है कौन सरकार तो सरकार कुछ इस तरीके
1:05:20 के कार्यों को करता है इस तरीके के कार्यों को करता है इसे दो चीज महत्वपूर्ण होती है एक तो व्यक्तिगत जीवन अच्छा हो पे और व्यक्ति सुरक्षित र पे इन दो क्रियाकलापों को सरकार करती है इन दो क्रियाकलापों को सरकार करती है और सरकार की अगर हम बात करें तो एक विचारक है जान लोग लोक ने सरकार को दो कम दिया था सरकार को कम दिया था की सरकार का कम है कानून बनाना कानून को लागू करना और तोड़ने वाले को दंड देना और लोगों के जो प्राकृतिक अधिकार हैं उन अधिकारों की रक्षा उन अधिकारों की रक्षा तो जो तीसरा चैप्टर है वह आपको यह बताने का प्रयास कर रहा है की सरकार जो लोगों के लिए कम करती
1:06:08 है उसको सरकार कहते हैं और सरकार का कम होता है शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार रक्षा सुरक्षा आदि चीज देना अगर हम विचारक के रूप में लोक को देखें तो सरकार का कम है कानून को बनाना उनका लागू करना तोड़ने वाले को दंड देना अर्थात रक्षा सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना साथ ही साथ लोगों के अधिकारों की रक्षा करना यह अधिकारों की रक्षा क्या है तो शिक्षा लोगों का अधिकार है स्वास्थ्य लोगों का अधिकार है रोजगार लोगों का अधिकार है इन अधिकारों का कम करना यह दो कम होते हैं किसके सरकार के आई बात समझ में तो एनसीईआरटी इतना उच्च सिद्धांत आपको दे रहा है क्लास एक ही कक्षा में तीसरी चैप्टर में लेकिन अब प्रॉब्लम क्या है की एनसीईआरटी
1:06:53 का जो ढंग है तीसरी कक्षा देख लेते ना एक बार हम लोग एनसीईआरटी का जो ढंग है उसे ढंग पे हमें ये नहीं समझ में आता है की एक्चुअल में इसको हम लिखेंगे कैसे तो जो एनसीईआरटी में कहानी बताई की आप घर से निकले घर से निकलते ही आपने देखा की ऐसी चीज हो गई अब वहां प्रॉब्लम ए रही है फिर हमें अस्पताल में गए तो हॉस्पिटल में लंबी लाइन थी और उसके वहां निजी अस्पताल था फिर निजी अस्पताल में इतने इतने खर्च हो गए अब ये समस्या है सरकारी होता सरकार की हिस में होता है फिर सरकार को क्या करना है कहानी पढ़ोगे आप उलझा जाओगे लेकिन इस चैप्टर में यह बताने का प्रयासांटी कर रही है की सरकार का कम क्या है तो सरकार का कम है कानून को बनाना लागू करना और दंड व्यवस्था
1:07:41 बनाकर एक शांति व्यवस्था बनाना और लोगों के अधिकारों को जब इसको खोलोगे तो रक्षा सुरक्षा सब निकाल कर आएगा और जब इसको खोलोगे आप तो शिक्षा स्वास्थ्य निकाल कर आएगा जो एनसीईआरटी आपको दे रही तो सर हम पढ़ रहे हैं हम क्या पढ़ रहे हैं हम पढ़ रहे हैं सर और सर के रूप में अगर आप देखोगे तो सर के रूप में हम लोगों ने तीसरी चैप्टर खत्म कर लिया सारे के रूप में हम लोगों ने तीसरा चैप्टर खत्म कर लिया है ध्यान रखिए ठीक तीसरा चैप्टर हम लोगों ने पूरा कर लिया है कमेंट भी आपका मैं देख रहा हूं
1:08:28 सत्कार वह लोगों के भलाई के लिए कम करती है भाई साहब सरकार का रूप तो देखो सरकार कैसी कैसी होती है जब देखोगे तब पता लगेगा की सरकार का एक्चुअल में जो कम है वो क्या है सरकार एक्चुअल में किस रूप में कम करती है सरकार का कम हमेशा भलाई वाला होता नहीं ये ते करता है की सरकार आपकी भलाई के बड़े में सोचेगी ये इस रूप में ते होता है सरकार आपके भलाई के बड़े में सोचेगी यह इस रूप में ते होता है की सरकार का स्वरूप कैसा है है ना सरकार का जब आप स्वरूप देखोगे तब आपको आइडिया लगेगा की सरकार करती भी है या नहीं करती है तो सरकार कैसी हनी चाहिए तो आपने वहां पर देखा की सरकार के स्वरूप कई तरीके के होते हैं सरकार के स्वरूप क्या है कई तरीके के होते हैं ये
1:09:16 देखो ये बताने का प्रयास किया गया सरकार बाढ़ पीड़ित प्याज का दम सर्वोच्च न्यायालय कोयला घोटाला है ना तो ये सब सरकार से जुड़ता है गांव के लिए सरकार में बहुत सारे कम करने के लिए बहुत मशीनरी होती है ऐसे रेलवे हमारी है जो हमें एक दूसरे से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाति है न्याय की व्यवस्था करती है ईंधन के रूप में हमें यहां से चीज मिलती हैं कानून बनाने का कम देखो लिखा है सरकार का ध्यान रखो तो उच्च सिद्धांत यहां पर बताए गए हैं अब सरकार के देखो प्रकार है अब सरकार की अगर प्रकार की बात करोगे आप तो यहां पे देखिए बताया गया की सरकार का एक लोकतांत्रिक प्रकार है ठीक और दूसरा फिर कैसा होगा फिर लोकतांत्रिक प्रकार में क्या होता है लोकतांत्रिक प्रकार में मतदान होता है लोकतांत्रिक प्रकार वो है
1:10:03 जिसमें जनता के द्वारा चुन्नी गई सरकार होती है जनता जैसी सरकार चाहती है वह उसे तरीके की सरकार जो है वो आगे उपलब्ध होती है इसको हम लोग इस रूप में जानते हैं ठीक इस रूप में जानते हैं पंचायती राज आने से पहले एक बार थोड़ा सा आप देख ले की सरकार के प्रकार सरकार के प्रकार खत्म हो जाएगा सरकार कौन है मैंने बता दिया सरकार का कम बता दिया और जो कम मैंने यहां सरकार का बताया है यही कम जब आप 11वीं कक्षा में पढ़ोगे तो यही बताया जाएगा की सरकार का मुख्य कार्य कानून व्यवस्थाओं का संचालन करना लागू करना और लोगों के अधिकारों के लागू करना है आप लोगों के अधिकार की बात आएगी फिर वहां जाकर आप पढ़ोगे शिक्षा का अधिकार फिर
1:10:50 शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 आर्टिकल 21 बरता जाएगा ना लेकिन उसकी न्यू कहां पद गई यही पद गई तो वहां जाके आप सरल हो जाएगा क्योंकि हम यहां से समझ रहे हैं वहां की बात सरकार के प्रकार की बात करें तो सरकार के प्रकारों में देखिए सरकार के प्रकारों में एक विचारक है और अरस्तु अरस्तु है ना वो कहता है सरकार के प्रकारों में पुरी दुनिया में कल तीन प्रकार की सरकारी पी जाति पुरी दुनिया में तीन प्रकार की सरकारें पी जाति हैं तीन प्रकार की सरकारे की बात करता है एक को कहता है राजतंत्र सरकार राज मंत्री सरकार और दूसरे को कहता है कुलीन तंत्रीय सरकार
1:11:37 सरकार लोकतंत्रीय सरकार सरकार लोकतंत्र सरकार राजस्थान की सरकार में कहता है की सत्ता एक व्यक्ति के हाथ में होती है कुलीन तंत्री के अंतर्गत सत्ता कुछ व्यक्ति के हाथों में होती है कुछ व्यक्ति और लोकतंत्र में सत्ता का मुख्य आधार जनता होती है जनता होती है लोगों के हाथों में होती है तीन प्रकार की सरकार होती है राजतंत्र सरकार जब खराब होती है तो कहता है की यह निरंकुश
1:12:24 तंत्र में बादल जाता है लोगों को बहुत प्रताड़ित करता है जब यह खराब होता है जो कुछ लोग शासन करते हैं धीरे-धीरे उनका संबंध कुछ बड़े अमीरों से होता है और पुरी सरकार भीड़ तंत्र वीर तंत्र तो सरकारे का स्वरूप
1:13:09 राजतंत्र कुलीन तंत्री और लोकतंत्र होता है और जो लोकतंत्रीय सरकार होती है इसकी सबसे बड़ी विशेषता होती है की इसका निर्वाचन होता है लोकतंत्र सरकार का क्या होता है निर्वाचन होता है अर्थात लोकतंत्र सरकार जो है उन लोगों के मत से चलती है लोगों के मतदान पर निर्भर करती है इसलिए इन तीनों प्रकार के सरकारे में ज्यादा उत्तरदाई ज्यादा उत्तरदाई सरकार होती है लोकतांत्रिक सरकार कौन सी होती है लोकतांत्रिक सरकार इनको ज्यादा उत्तरदाई सरकार माना जाता है और ज्यादा उत्तरदाई सरकार के करण जब भी बात होती है तो कहां जाता है की लोकतंत्र सभी बुरे शासन टैटो
1:13:58 में सबसे कम बड़ा है लोकतंत्र सरकार को क्या कहा जाता है सभी जो शासन तंत्र हैं उनमें सबसे कम बड़ा है यह बात यहां पर होती है सरकार के संबंध में तो आप आगे चलकर फिर इन बटन को पढ़ेंगे जाके इंटर की क्लास में 12 की क्लास में इनको पढ़ेंगे ये ऑलरेडी पहले से यहां पर बताया गया है तो भूमिका यहां पे एनसीईआरटी ने बना दी है अगर समझ आपकी बढ़नी है तो आप ये कर सकते हैं अब भारत की जो सरकार है भारत ने कैसी सरकार को पड़ा हुआ है भारत ने कैसी सरकार को आगे बढ़ाया है लोकतंत्र सरकार को इसलिए उत्तरदाई है निर्वाचन का तो लगे हाथ इसमें निर्वाचन की बात भी की गई है की निर्वाचन कितनी बढ़िया चीज है
1:14:44 लोकतंत्र सरकार देखिए भारत एक लोकतंत्र है और लोग तांत्रिक व्यवस्था अपने के लिए हमने बड़ी लड़ाई लड़ी है ऊपर लोकतंत्र के बड़े में बताया गया है लोकतंत्र में वोटिंग होता है वोटिंग करने के लिए देखिए कुछ इस तरीके से वोटिंग होती है तो उसमें अकेले केवल निर्वाचन को मतदान के संबंध में जो सामान्य है उसको बताया गया है की कैसे मतदान के टाइम पर हर एक व्यक्ति अंबानी रिक्शावाला सब एक लाइन में लगे होते हैं वोट देने के लिए तो क्या यह सामान्य है मतदान सामान्य निर्वाचन जंतु सामान्य है लेकिन क्या यह वास्तव में आपको समाज रखना है क्या आप वास्तव में पूरे टाइम समाज
1:15:30 रहते हैं तो ये उसकी बात है तो आई देखते हैं देखिए मतदान के समय मतदाता उंगली में आपके सही का निशान लगा देता है ताकि वो केवल एक वोट दे सके और एक ग्रामीण मतदान केंद्र का फोटो आपके सामने दिखे रहा है ठीक है 30 30 सितंबर से आपका यह मैच स्टार्ट हो रहा है हिंदी इंग्लिश हिंदी प्लेटफॉर्म के रूप में विशेष कर यूपीएससी कंटेंट के रूप में आप स्टडी इक को जानते हैं जुड़ने हैं हमारा प्रयास राहत है की आप जी अपेक्षा के साथ आए हैं वह अपेक्षा
1:16:17 कभी भी खराब ना हो पंचायती राज क्लास सिक्स पंचायती राज इसमें भी कहानी है अच्छी कहानी है अगर आप देखना चाहे तो मैं एक कहानी आपको दिखाऊं एक कहानी मैं आपको दिखाऊंगा अच्छी कहानी यहां पे बहुत अच्छी कहानी लिखी जाति है है ना और उन अच्छी कहानियां से आप बहुत बड़ी चीजों को देख सकते हैं लेकिन अक्सर हमको लगता है की क्या पढ़ना आप लोगों ने बैंड कर दिया है सुना शुरू कर दिया है है ना तो आई कहानी सुन लेते हैं पढ़ने के बजे कहानी देखो कितना पढ़ लिया आपको लगता है अभी पढ़ने तो 2 घंटा 3 घंटा में यही नहीं पद रहा होता देखो पुरी एनसीईआरटी है है ना समय बच्चा रहे हो आप मेरे साथ समय आपका इसलिए बैक रहा है भाई साहब क्योंकि मैंने 3 दिन का समय खापा रखा है
1:17:05 3 दिन का पूरा समय खापा रखा है इसलिए आपका समय बैक रहा है पंचायती राज की जगह कहानी पढ़ने हैं आसन नहीं है इतनी साड़ी चीज आपको पढ़नी थी यहां पर देखें यह ए गया पंचायती राज ठीक है यहां से पंचायती राज है अध्यापन रहे हैं पांच चैप्टर निपटा दिया अभी काफी समय लगता है एक घंटे में चैप्टर नहीं पड़ता है आपका लोग जब अपना प्रतिनिधि चुन लेते हैं तो उसके बाद क्या होता है मतलब यह का रहा
1:17:52 है की निर्वाचन मत बढ़ाओ जब लोग चुन लिए जाते हैं तब क्या होता है ग्रामीण क्षेत्र में चुने गए प्रतिनिधि द्वारा निर्णय कैसे लिए जाते हैं और यहां हम ग्राम सभा को देखेंगे जिसमें लोग प्रत्यक्ष रूप से भाग लेते हैं और अपने प्रतिनिधियों से जवाब मांगते हैं अक्सर मेरे सामने भी यह दिक्कत आई है क्योंकि मैं स पालिटी पढ़ना हूं और पालिटी में अक्सर जब स्थानीय शासन की बात आई है तब हमारे छात्र जो है वो थोड़ा सा इधर-उधर देखने लगता हैं जब उनको ग्राम सभा बताई जाति है जब उनको ग्राम सभा ग्राम पंचायत में अंतर बताया जाता है जब वार्ड मेंबर बताया जाते हैं और ग्राम प्रधान बताया जाता है लगे हाथ जब
1:18:38 बात ए जाति है बीडीसी की क्षेत्र पंचायत समिति की और बात ए जाति है ब्लॉक प्रमुख की और जब बात ए जाति है जिला पंचायत समिति की डीसी की बस उनका सर कॉन्सेप्ट खत्म हो जाता है है तो अगर आप फिर वहां पर आपकी अपेक्षा होती है की सर एक बार विजुअल करिया ना गांव दिखाइए फिर उसमें बताइए की यह वार्ड है और यहां से ऐसे ऐसे निर्वाचन होगा ये इतना मिला के बंता है हमारा बीडीसी ब्लैक पंचायत वाले ये जिला पंचायत वाले इनको ये कहते हैं फिर उनके समझ में नहीं आता की ये समिति सांड समझ में ए रही है तो क्लास सिक्स की अध्याय पांच पड़ी है ना पंचायती राज यहां से आपको दिखाएगा की एक गांव है उसे गांव में एक सरपंच चुन
1:19:25 लिया गया है अब सरपंच ने आज बैठक बलाई है ग्राम सभा की तो ग्राम सभा में कौन से लोग होते हैं ग्राम सभा में उसे गांव के वो सारे लोग होते हैं जो वोट करते हैं एक गांव के वो सारे लोग जिनका नाम वहां की वोटिंग लिस्ट में निर्वाचन नामावली में है वह ग्रामसभा होती है अब ग्राम सभा की एक मीटिंग बलाई गई है आप देखिए यहां पर यह मीटिंग है है यह ग्राम सभा के लोग हैं उसे गांव के लोग हैं जो वोट करते हैं और यह पंचायत है इस पंचायत में एक व्यक्ति ग्राम प्रधान है और बाकी जो इनके साथ बैठे हुए लोग हैं वो ग्राम प्रधान के सहयोग करने वाले लोग हैं तो ग्राम प्रधान का एक सचिन में मिलता है जिसको आप लोग वीडियो कहते हैं विलेज
1:20:11 डेवलपमेंट ऑफिसर कहते हैं वो अक्सर ग्राम प्रधान के इस मीटिंग में आपको पड़ोस में दिखेगा साथ ही साथ एक लेखपाल होता है उसका भी मुख्य कम होता है उसे गांव के उसे ग्राम के जो राजस्व संबंधी मामले हैं उनकी ज्ञान रखना और प्रधान के पास अक्सर ऐसी बात होती है तो आपको लेखपाल और वीडियो जिसको सेक्रेटरी कहते हैं यह अक्सर प्रधान के आसपास चुपके दिखेंगे इसके अलावा एक गांव को कुछ वार्ड क्षेत्र में बांट दिया जाता है और हर वार्ड से एक व्यक्ति को चुनाव जाता है इलेक्ट्रिक किया जाता है तो ऐसे एक गांव में संभल लो 5 या 6 शब्द है तो 6 सदस्य और होते हैं वह सदस्य जो छह सदस्य होते हैं वो भी ग्राम प्रधान के
1:20:58 कार्यों में सहयोग करते हैं उनको मेंबर्स कहते हैं सदस्य कहते हैं और इस तरीके से जब मीटिंग आप देखेंगे तो एक तरफ ग्राम पंचायत बैठी है तो ग्राम पंचायत में आपने देखा कौन-कौन से लोग हो गए ग्राम पंचायत में एक ग्राम प्रधान हो गया ग्राम पंचायत में कुछ मेंबर्स हो गए सदस्य हो गए और वो सदस्य अपने से मिल्क एक अप प्रधान को भी चुनते हैं जो वार्ड सदस्य होते हैं ये अपने में से ही एक को अप प्रधान के रूप में चुन लेते हैं तो यह स्ट्रक्चर है तो अब यहां पर आपको प्रधानमंत्री मिलेगा उपप्रधान बैठा मिलेगा वार्ड सदस्य के जो सदस्य हैं वह आपको बैठे मिलेंगे और सेक्रेटरी बैठा मिलेगा वीडियो और लेखपाल बैठा मिलेगा और इन सब को मिलकर हम क्या
1:21:45 कहेंगे ग्राम पंचायत है यह है ग्राम पंचायत ठीक है ना और इस तरफ जो लोग बैठे हैं यह वह लोग हैं जो उसे गांव के मतदाता हैं मतदाता गांव के जो मतदाता हैं ये लोग इन लोगों को ग्राम सभा कहते हैं इन लोगों को क्या कहेंगे ग्राम सभा कहेंगे ग्राम सभा यह वाटर हैं तो ग्राम पंचायत क्या है तो ग्राम पंचायत ग्राम सभा द्वारा निर्वाचित कार्यपालिका ग्राम सभा द्वारा इलेक्ट कार्यपालिका एग्जीक्यूटिव है ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत का कम है की इन सारे ग्राम सभा के लोगों के लिए स्वास्थ्य की
1:22:32 व्यवस्था शिक्षा की व्यवस्था पेयजल की व्यवस्था रोजगार की व्यवस्था ईंधन की व्यवस्था भजन की व्यवस्था अन्य साड़ी व्यवस्था ऐसे चला है ग्राम पंचायत ऐसे चलती है हमारी स्थानीय पंचायत की चीजें ठीक है ऐसे चलती है तो अब आप विजुलाइज कर लेंगे तो आपको आइडिया ग जाएगा जब आप क्वालिटी में पढ़ने हैं आर्टिकल 243 भाग 9 के अंतर्गत ग्राम पंचायतें तो वहां पर भी ग्रामसभा ही पड़ती है यहां पे भी वही बात बताई गई वहां पर भी लेकिन यहां अलग ढंग से एक ग्राम सभा की अगर हम बात करें तो एक ग्राम सभा एक
1:23:18 पंचायत क्षेत्र में रहने वाले सभी वयस्कों की सभा होती है ऊपर देखा आपने सिर्फ एक गांव हो या एक से ज्यादा भी हो सकता है जैसा की उदाहरण में दिया गया है कई राज्यों में हर गांव की ग्राम सभा की बैठक अलग होती है कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो इसे वोट देने का अधिकार है और जिसका नाम गांव की मतदाता सूची में है वो ग्राम सभा का सदस्य होता है यही पढ़ा आप लोगों ने ऊपर की ग्रामसभा कैसे बंटी है तो आपने देखा की इस तरीके से बंटी है अब ग्रामसभा जो है ग्राम पंचायत अपना निर्णय कैसे करती है 1 ग्राम पंचायत कई वार्डन छोटी छोटी संख्या में बाटी होती है प्रत्येक वार्ड में अपना एक प्रतिनिधि चुनाव जाता है जो वार्ड पांच के नाम से जाना जाता है इसके साथ पंचायत क्षेत्र के लोग मिलकर सरपंच को चुनते हैं और पंचायत का मुखिया होता है वार्ड पांच और सरपंच
1:24:05 मिलकर ग्राम पंचायत का गठन 5 साल के लिए करते हैं हमारे संविधान में ये संवैधानिक व्यवस्था ग्राम पंचायत का एक सचिन होता है मैंने आपको बताया जो ग्राम सभा के सचिन हो की भी कहा जाता है सचिन का चुनाव नहीं होता वो सरकार के द्वारा सिलेक्ट होकर जाता है एग्जाम से आप जाते हैं उसकी सरकार द्वारा नियुक्ति की जाति है सचिन का कम है की ग्राम सभा की बैठक और ग्राम पंचायत की बैठक बुलाना और जो भी चर्चा हो एवं निर्णय हो उनका रिकॉर्ड रखना इस तरीके से कम चला है तो जो प्रशासनिक कार्य है वो यहां से चला है लेकिन जब कोई डिस्प्यूट होता है जब कोई डिस्प्यूट होता है आपके खेत के संबंध में इसमें एक कहानी देखने को मिलेगी की एक लोग थे पड़ोसी उन्होंने अपने खेत के मेड को दूसरों की तरफ एक हाथ बड़ा दिया अब
1:24:53 विवाद शुरू हुआ हालांकि यह प्रशासन कैसे चला है दूसरे चैप्टर में है तो वह उसे कहानी के साथ जुड़ेंगे लेकिन आपने देख लिया की पंचायतें यह हैं और इनके अंतर्गत यह कम होता है आपने देख लिया ग्राम पंचायत पूरे गांव के हिट में कम करती है और इनका इलेक्शन होता है और यह अच्छे कम करते हैं तो इन्हें इन्हें जो है पूरा स्क्रीन भी किया जाता है ग्राम प्रधानों को एक फोटो आप देख का रहे हैं यहां पर पहले फोटो देख लेने बहुत जरूरी है महाराष्ट्र जिन्हें 2005 में पांच का मतलब यह प्रधान है ग्राम प्रधान है 2005 में अपनी पंचायत में उल्लेखनीय कम करने के लिए इन्हें निर्मल ग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया गया था निर्मल ग्राम
1:25:41 पुरस्कार से देखें इन्हें सम्मानित किया गया था ठीक है इनके कम देखिए पंचायत के कार्य क्या-क्या होते हैं
…