PM Modi is not picking up Trump's Calls!! German Media Exposes Trump!

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो जर्मन मीडिया में प्रकाशित एक लेख पर आधारित है जिसमें दावा किया गया है कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रम्प के चार फोन कॉल नहीं उठाए, जो भारत की रणनीतिक लचीलापन और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के प्रति असंतोष का संकेत है। वीडियो में डेटा साइंस के क्षेत्र में करियर के अवसरों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसमें करियर 247 द्वारा प्रदान किए जाने वाले डेटा साइंटिस्ट कोर्स का उल्लेख है।

मुख्य बातें:

  • पीएम मोदी द्वारा डोनाल्ड ट्रम्प के फोन कॉल को कथित तौर पर अनदेखा करना भारत के मजबूत रुख को दर्शाता है।
  • भारत और चीन के बीच संबंध सुधर रहे हैं, जो अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिए चुनौती है।
  • डेटा साइंस एक तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है जिसमें करियर के कई अवसर हैं।

जर्मन मीडिया का दावा: पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रम्प के फोन कॉल नहीं उठाए

जर्मन मीडिया में प्रकाशित एक लेख में दावा किया गया है कि पीएम मोदी ने हाल के हफ्तों में डोनाल्ड ट्रम्प के चार फोन कॉल नहीं उठाए। यह घटना भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के प्रति असंतोष को दर्शाती है। लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत उन कुछ देशों में से एक है जिसने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने ऐसा किया है।

भारत का रुख और वैश्विक प्रेरणा

पीएम मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारत किसी भी टैरिफ या दबाव के आगे नहीं झुकेगा। भारत का यह रुख यूरोप के कई देशों के लिए प्रेरणादायक रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगाया है, जिससे लगभग 60 बिलियन डॉलर का व्यापार प्रभावित होगा। इसके बावजूद, भारत ने रूस से तेल खरीदने जैसे अपने हितों के अनुसार निर्णय लेने का रुख बरकरार रखा है।

भारत-अमेरिका संबंध और इंडो-पैसिफिक रणनीति

जर्मन मीडिया ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि भारत अमेरिकी टैरिफ मांगों के आगे नहीं झुक रहा है, जो भारत की आर्थिक संप्रभुता और व्यापारिक हितों की रक्षा करने के मोदी सरकार के दृढ़ रुख को दर्शाता है। पीएम मोदी को फोन पर होने वाली कूटनीति पसंद नहीं है, क्योंकि उन्हें डर है कि अमेरिका वियतनाम के साथ हुई व्यापारिक डील की तरह इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका का दबाव अब उतना प्रभावी नहीं रहा जितना पहले हुआ करता था, और भारत और चीन के बीच संबंध सुधर रहे हैं, जो अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिए एक चुनौती है।

ट्रम्प की टिप्पणियाँ और भारत-चीन संबंध

डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में एक ट्वीट में भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाओं को "मृत" बताया था, जिससे पीएम मोदी नाराज थे। जर्मन मीडिया का मानना है कि भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार एक रणनीतिक बदलाव है, जो केवल अमेरिकी दबाव का परिणाम नहीं है। दोनों देशों के वैश्विक प्रभाव और औद्योगिक विकास में साझा हित हैं।

आगामी घटनाएँ और डेटा साइंस में करियर

पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन जाएंगे, जहां शी जिनपिंग उनका स्वागत करेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि डोनाल्ड ट्रम्प इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। वीडियो में आगे डेटा साइंस के क्षेत्र में करियर के अवसरों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें करियर 247 द्वारा प्रदान किए जाने वाले डेटा साइंटिस्ट कोर्स का उल्लेख है। डेटा साइंस एक तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है जिसमें डेटा साइंटिस्ट, डेटा इंजीनियर और डेटा एनालिस्ट जैसे विभिन्न प्रकार के जॉब रोल उपलब्ध हैं।

डेटा साइंस कोर्स और करियर के अवसर

करियर 247 एक डेटा साइंटिस्ट कोर्स प्रदान करता है जो आपको डेटा साइंस के क्षेत्र में करियर के लिए तैयार करेगा। इस कोर्स में लाइव लेक्चर और इंडस्ट्री-लीडिंग टूल्स का प्रशिक्षण शामिल है। डेटा साइंस के क्षेत्र में 2026 तक 1 करोड़ से अधिक नौकरियां आने की उम्मीद है, और डेटा साइंटिस्ट अन्य पेशेवरों की तुलना में 20-30% अधिक कमाते हैं। यदि आप डेटा साइंस में करियर बनाने में रुचि रखते हैं, तो आप वीडियो के कमेंट सेक्शन में दिए गए लिंक पर क्लिक करके करियर 247 के डेटा साइंस कोर्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। डिस्काउंट पाने के लिए PD10 कोड का इस्तेमाल करें।

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Transcript

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0:04 नमस्कार वेलकम टू करियर 247 मैं हूं प्रशांत धवन नाउ रिसेंटली आपने इस आर्टिकल के बारे में सुना होगा जो जर्मन मीडिया ने पब्लिश किया है। इस आर्टिकल में यह क्लेम किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने चार फोन कॉल्स डॉनल्ड ट्रंप की नहीं उठाई है। डॉन्ड ट्रंप कास्टेंटली कोशिश कर रहे हैं पीएम मोदी से फोन पर बात करने की। बट रिलेशंस दोनों लीडर्स के बीच में अब इतने खराब हो चुके हैं कि प्राइम मिनिस्टर मोदी डायरेक्टली ट्रंप का फोन कॉल भी नहीं उठा रहे। नाउ यहां पर आप लोग देख पाओगे यह है वह जर्मन मीडिया का आर्टिकल जर्मन में यहां पर लिखा है ऑब्वियसली जो इसकी इंग्लिश ट्रांसलेशन है यहां पर आप देख पाओगे ट्रंप कॉल्स बट मोदी डजंट आंसर यह जो हेडलाइन है ना आप देखोगे भारत के सोशल मीडिया में काफी वायरल हो चुकी है। इवन जर्मंस इसको डिस्कस कर रहे हैं और मैंने

0:50 आपको बताया था कि भारत अगर यूएस के सामने अपना स्टांस क्लियर रखता है झुकता नहीं है। बाकी दुनिया में बहुत सारे देश भारत से इंस्पिरेशन लेंगे। पीएम मोदी ने आज से काफी दिन पहले यह कह दिया था कि जितने भी टेरेफ लगाए जाएंगे जितना भी प्रेशर डाला जाएगा भारत झुकने वाला नहीं है। कंपैरिजन में आप अगर देखो जापान बहुत ही जल्द जापान की सरकार फोल्ड हो गई। साउथ कोरिया सेम केस हमको देखने को मिला। इंडिया आप कह लीजिए उन गिनेजुने कंट्रीज में से है जो आज भी रिलेटिवली यूएस के साथ ठीक-ठाक रिलेशंस बनाकर बैठा है। क्योंकि अभी भी देखिए इसरो नासा की कोऑपरेशन हो रही है। ट्रेड इंडिया यूएस का अभी भी सब्सटैंशियल है और साथ ही साथ इंडिया अभी भी यूएसए वेपंस परचेस कर रहा है। इस सब के बिय्ड आप अगर देखो तो यूएसए की जो डिमांड्स थी इंडिया ने एक्सेप्ट नहीं करी है। हमने

1:36 साफ-साफ बोल दिया है। हम चाहे फ्रेंडली कंट्रीज क्यों ना हो आप हमारी विदेश नीति को डिसाइड नहीं करेंगे। भारत डिसाइड करेगा कि किससे कच्चा तेल परचेस करना है, किससे परचेस नहीं करना। तो भारत के स्टांस ने आप देखोगे यूरोप में कई देश हैं उनको इंस्पायर किया है कि अगर इंडिया इस तरीके का स्टांस रख सकता है। इवन दो एक बात यह भी नोट करना आज 26 अगस्त है। मतलब कि आज रात 12:00 बजे जब एक्चुअली यूएस में नया दिन शुरू होगा जब यूएस में 27 अगस्त की तारीख स्टार्ट हो जाएगी। भारत के एक्सपोर्ट्स पर 50% टेरिफ लगा देगा यूएसए। इसमें ऑफ कोर्स फार्मास्यूटिकल्स मतलब के भारत में जो दवाइयां बनती हैं, यह नहीं आती। इसमें जो हमारे यहां सेमीकंडक्टर्स हैं, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स हैं, वो सब इसमें नहीं आते। बट बहुत सारी चीजें करीब 60 बिलियन वर्थ का जो बिजनेस है, यह 50%

2:22 टेरिफ के अंडर आ जाएगा। इंडिया और ब्राजील आज के समय हाईएस्ट टेरिफ्ड कंट्रीज हैं बाय यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका। और ऐसे टाइम में आप इमेजिन करिए जब डोन्ड ट्रंप पीएम मोदी को कॉल कर रहे होंगे। कोई और कंट्री होता ना सीधा वहां पे उसी वक्त फोन उठाता और कहता हां ठीक है हम टेरिफ कैसे कम कर सकते हैं बट इंडिया हैज़ टेकन अ स्टंस अभी आपने रिसेंटली देखा होगा भारत के जो एंबेसडर हैं टू रशिया उन्होंने भी सेम बात बोली है इंडिया विल बाय ऑयल फ्रॉम व्हिच एवर कंट्री दैट सूट्स आर इंटरेस्ट और जर्मनी के इस आर्टिकल में यह बात लिखी है इंडिया के बारे में ट्रंप्स अनंसर्ड कॉल ये सारे जो मेन पॉइंट्स हैं आर्टिकल के ये मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूं जर्मन मीडिया क्लेम कर रहा है कि डॉनल्ड ट्रंप ने काफी बार पीएम मोदी से बातचीत करने की कोशिश करी चार बार इन रीसेंट वीक्स बट पीएम मोदी ने बिल्कुल भी रिसोंड नहीं किया। यह इंडिकेट करता है भारत की

3:09 स्ट्रेटेजिक रेिलियंस और सिग्नल करता है डिसटिस्फेक्शन विद यूएस टेरिफ पॉलिसीज। फिर अगली बात यहां पे आप देखोगे इंडिया स्टडी रॉल्व इन टेरिफ क्लैश। अगेन यह बात पढ़ के इतना अच्छा लगता है कि जर्मन मीडिया एक्चुअल मीडिया की मैं बात कर रहा हूं यहां पर। कोई एक इंडिविजुअल की बात नहीं कर रहा जो अभी-अभी जर्मनी में पहुंचा है। दीज़ आर एक्चुअल रियल जर्मंस। यह लोग आज के समय लिख रहे हैं कि बाकी देशों की तरह जो झुक गए हैं यूएस की टेरिफ डिमांड्स के सामने इंडिया बिल्कुल भी झुक नहीं रहा। मोदीस एडमिनिस्ट्रेशन हैज़ मेंटेंड अ फर्म स्टंस एमिंग टू प्रोटेक्ट इंडियास इकोनॉमिक सोवनिटी एंड ट्रेड इंटरेस्ट। और फिर यहां पे एक बात यह भी लिखी है कि पीएम मोदी को वैसे भी ना यह जो फोन डील डिप्लोमेसी है यह पसंद नहीं है कि फोन पर डील डील ऐसे होगा। पीएम मोदी इसलिए

3:56 डेलीबेटली डोनाल्ड ट्रंप से बात करना अवॉइड करते हैं क्योंकि यूएस वियतनाम की जो ट्रेड डील हुई थी ना उसमें ट्रंप ने जो यह फोन डील डिप्लोमेसी है इसका बहुत ज्यादा गलत तरीके से यूज़ किया था। काफी बार बातें लीक कर दी सोशल मीडिया पर कुछ भी लीक कर दिया। फिर उसके बाद बोला अच्छा अच्छा नहीं नहीं बात ठीक चल रही है। आई मीन यह ट्रंप के टैक्टिक्स होते हैं। यह परहप्स एक ऐसे कंट्री के भी टैक्टिक है जो आज के समय बहुत ज्यादा डेस्पेरेट है क्योंकि आप कह लीजिए कोई एक मेंटली सिक्योर वर्ल्ड लीडर ऐसी हरकतें करेगा नहीं। बट यूएस वियतनाम का केस देखकर पीएम मोदी फोन डील डिप्लोमेसी नहीं करना चाहते। फिर एक और बात जर्मन मीडिया यह नोट कर रहा है कि यूएस का भी प्रेशर अब उतना हैवी नहीं रहा जैसा एक टाइम पर हुआ करता था। वाशिंगटन यूजुअल स्ट्रेटजी ऑफ़ लेवरेजिंग डिपेंडेंस ऑन इट्स मार्केट हैज़ फेल्ड इन

4:41 इंडियास केस। मोदी गवर्नमेंट हैज़ शोन नो साइंस ऑफ बैकिंग डाउन डिस्पाइट द यूएस प्रेशर। और आगे आप अगर यह आर्टिकल पढ़ोगे तो यहां पर यह भी लिखा हुआ है कि 31 जुलाई 2025 को जब ट्रंप ने एक ट्वीट में यह कह दिया था कि इंडिया और रशिया दोनों की इकॉनमीज़ मरी हुई है। दे कैन टेक देयर डेड इकॉनमीज़ डाउन टुगेदर। इस स्टेटमेंट की वजह से ना पीएम मोदी बहुत ज्यादा ऑफेंडेड है। ट्रंप की और कई चीजें एक बार को पीएम मोदी ओवरलुक कर सकती है। मगर जिस तरीके से भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में इन्होंने ये जो स्टेटमेंट्स दी थी पीएम मोदी वाज़ जेनुइनली ऑफेंडेड क्योंकि एक तरफ भारत आने वाले सालों में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने वाला है। दूसरी तरफ डॉन्ड ट्रंप यह कह रहे हैं कि यह इकॉनमी स्लो नहीं है। इट इज़ अ डेड इकॉनमी। और सबसे बड़ी बात यहां पर यह भी क्लेम की गई है कि यूएस की स्ट्रेटजी इस वक्त बिल्कुल काम

5:28 नहीं कर रही। यूएसए ने जो इंडोपेसिफिक की एक अलाइनमेंट बनाई थी जहां पे इंडिया का सेंट्रल रोल होना था यूएस के प्लान में ऑफ कंटेनमेंट ऑफ चाइना यह प्लान भी अब बुरी तरीके से कोलैप्स कर रहा है और सबसे बड़ी बात इस आर्टिकल में यह भी लिखी हुई है कि अब अचानक से इंडिया और चाइना के जो रिलेशंस इंप्रूव हो रहे हैं। यह शॉर्ट टर्म नहीं है। यह ऐसा नहीं है कि अभी डॉन्ड ट्रंप का प्रेशर आ रहा है तो उसके रिस्पांस पे यह सब हो रहा है। यहां पे बताया जा रहा है कि अब इंडिया का जो शिफ्ट है यह स्ट्रेटेजिक है। स्ट्रेटेजिक मतलब लॉन्ग टर्म वाला है। विथ द यूएस रिटेटिंग इंडिया एंड चाइना शेयर इंटरेस्ट इन ग्लोबल इन्फ्लुएंस एंड इंडस्ट्रियल ग्रोथ फॉर चाइना इंडिया इज़ की टू बूस्टिंग इट्स ग्लोबल इकोनॉमिक एंड जियोपॉलिटिकल पोजीशन। तो इन शॉर्ट जर्मन मीडिया का यह आर्टिकल क्लेम कर रहा है। इंडोपेसिफिक का जो पूरा कांसेप्ट था यह ठंडे वक्से में जा चुका

6:15 है। क्वाड की अब मीटिंग होगी भी या नहीं होगी कुछ पता नहीं है। इंडिया और चाइना के रिलेशंस लगातार इंप्रूव होते रहेंगे। और अब देखना यह होगा कि ट्रंप और कितना डैमेज करेंगे इंडिया यूएस रिलेशंस को। अगेन मैं कहूंगा यह एक हिस्टोरिक टर्न ऑफ इवेंट्स हैं। एक अमेरिकन प्रेसिडेंट ने इतने छोटे टाइम में कई सालों की मेहनत ऐसे बर्बाद कर दी आग लगा दी। इट इज अनप्रेसिडेंटेड। आई डोंट थिंक किसी भी यूएस प्रेसिडेंट ने इतना डैमेज किया होगा इतने कम टाइम में। पर अब देखना मुझको यहां पर यह है कि डॉनल्ड ट्रंप क्या कमेंट करेंगे जब पीएम मोदी चाइना में जाएंगे। 31 अगस्त यह डेट याद रखना पीएम मोदी चाइना में जाएंगे बताया जा रहा है शी जिंगपिंग खुद वेलकम करेंगे दो लीडर्स को क्योंकि देखो एसइओ समिट के लिए जा रहे हैं यहां पर पीएम मोदी चाइना में तो शहबाज शरीफ भी जाएंगे

7:00 ऑब्वियसली चाइना में कई और जो लीडर्स हैं वो भी जाएंगे बट कुछ ही लीडर्स को शीजिंग पिंग बताया जा रहा है खुद वेलकम करेंगे उनका एक ग्रैंड वेलकम होगा इन चाइना तो देखना होगा डॉन्ड ट्रंप इस पर क्या कमेंट करते हैं ऑब्वियसली ही विल से समथिंग जब शीजिंग पिंग व्लादमीर पुतिन पीएम मोदी तीनों एक ही मंच पे होंगे। तो ऑब्वियसली अभी बहुत सी डेवलपमेंट्स होनी बाकी है। आई विल कीप ऑन मेकिंग अपडेटेड वीडियोस फॉर यू ऑल। नाउ पिछले कुछ महीनों में करियर 247 ने कई लोगों की नौकरी लगवाई है। फॉर एग्जांपल Axis Bank, Federal Bank में आप अगर देखें तो तो 200 से ऊपर लोगों की नौकरियां लगवा चुके हैं। वो लोग अभी अपने ट्रेनिंग पीरियड में हैं। एंड देयर जॉब विल बिगेन वेरी सून। और लोग कास्टेंटली हमसे पूछते हैं कि जॉब मार्केट में कल को अगर हम जाते हैं तो एक अच्छी जॉब पाने के लिए क्या स्किल सेट हमारे पास होना चाहिए?

7:45 क्या हमारे पास होना चाहिए कि कल को कोई एआई कंपनी हमको हायर करे। हमारा अच्छा सैलरी पैकेज हो। इवेंचुअली हम भी 10 लाख पर एनम परहप्स 15 लाख पर एनम की तरफ देखें आफ्टर सम इयर्स ऑफ़ एक्सपीरियंस। तो मैं यहां पे आपको बता दूं वन ऑफ द मोस्ट इन डिमांड स्किल्स इन द वर्ल्ड। राइट नाउ आज के समय है डाटा साइंस। आप अगर डाटा को लेकर देखें। आपको यह बात तो ऑलरेडी पता होगी कि डाटा इज द न्यू ऑयल। और डाटा से रिलेटेड तीन जॉब्स हैं प्राइमरली जो मार्केट में डोमिनेट कर रही हैं। पहले तो है डाटा साइंटिस्ट, फिर है डाटा इंजीनियर्स और फिर डाटा एनालिस्ट्स। इन तीनों की आवश्यकता आप देखोगे आज के समय मॉडर्न डे स्टार्टअप्स में कंपनियों में हर जगह है। मैं आपको यह बता दूं ओपन एi ने रिसेंटली यह बताया है कि भारत उनके लिए

8:32 सेकंड लार्जेस्ट मार्केट है और बहुत ही जल्द ओपन एi भारत में एक हायरिंग कैंपस भी ओपन करेगा। आप देखोगे इन द फ्यूचर बहुत सारे लोग एआई इंजीनियर्स डेटा इंजीनियर्स भारत से निकलेंगे डाटा साइंटिस्ट भारत से निकलेंगे और यह ना सिर्फ भारतीय कंपनियों के लिए मल्टीीनेशनल कंपनीज़ के लिए काम करेंगे भारत में अभी भी आप देख लीजिए TCS Infosys वेरियस कंपनियों में डाटा साइंटिस्ट की वैकेंसीज निकलती रहती है और आप अगर एक फ्रेशर हैं तो आराम से आप साल का 5 लाख पर एनम एक्सपेक्ट कर सकते हैं। धीरे-धीरे ऐज़ यू गेन एक्सपीरियंस एज़ अ डाटा साइंटिस्ट। कई डाटा साइंटिस्ट हैं आज के समय जो 15 लाख पर एनम, 20 लाख पर एनम भी एंजॉय कर रहे हैं सैलरी पैकेज का ईज़ली विद रीज़नेबल अमाउंट ऑफ़ एक्सपीरियंस। तो करियर 247 आपके लिए यहां पे लेके आया है अ डाटा साइंटिस्ट कोर्स जो आपको तैयार

9:19 करेगा। आपको स्किल्स देगा टू बिकम ए डाटा साइंटिस्ट। यहां पे ऐसा नहीं है कि प्री रिकॉर्डेड लेक्चर्स आपको मिल जाएंगे। देख लिया ठीक है काफी है। लाइव लेक्चर्स आपको मिलेंगे बहुत सारे और उन लाइव लेक्चर्स के दौरान आप क्वेश्चन पूछ सकते हैं। आप जेनुइनली चीजों को समझ सकते हैं। टीचर से वार्तालाप कर सकते हैं। और एक बार आपने डाटा साइंस की स्किल एक्वायर कर ली। मैं आपको बता दूं दुनिया भर में रिपोर्ट छपी है कि 2026 तक मतलब के 1 करोड़ से भी ज्यादा डाटा साइंस की नौकरियां आने वाली हैं। देयर विल बी अ लॉट ऑफ जॉब्स नॉट जस्ट इन इंडिया दुबई में, यूरोप में, यूएस में हर जगह और डाटा साइंटिस्ट आराम से 20 से 30% ज्यादा कमाते हैं कंपेयर टू प्रोफेशनल्स फ्रॉम अदर बैकग्राउंड। तो अगर आप खुद को एज ए डाटा साइंटिस्ट देखते हैं। आपको करना सिंपली क्या है? जो वीडियो आप

10:04 देख रहे हैं, इसकी कमेंट सेक्शन में जाइए। यहां पे आपको लिंक मिल जाएगा हमारे डेटा साइंस एंड मशीन लर्निंग जनरेटिव एआई कोर्स का और याद रखिएगा हम यहां पर सिर्फ डेटा साइंस आपको नहीं सिखा रहे हम आपको सिखाएंगे कि जनरेटिव एआई के साथ कैसे डाटा साइंस की स्किल एक्वायर करनी है। दिस इज व्हाट द कंपनीज़ आर लुकिंग फॉर। इस यहां पर लिंक पर करिए क्लिक। आपके सामने यह पेज ओपन हो जाएगा। बाय द वे मैं आपको बता दूं हमारा डाटा साइंस का जो बैच है इसकी पहली क्लास कुछ ही दिनों में स्टार्ट होने वाली है। तो यह बहुत अच्छा टाइम है हमारे बैच को ज्वाइन करने का क्योंकि पहली क्लास से आपका कोर्स स्टार्ट हो रहा होगा। यू विल लर्न एवरीथिंग फ्रॉम द बिगिनिंग। 300 घंटों की लाइव वर्चुअल ट्रेनिंग यहां पे आपकी होगी। आपको एक nसकॉम और करियर 247 का सर्टिफिकेट मिलेगा और 15 से ज्यादा

10:49 इंडस्ट्री लीडिंग टूल्स आपको सिखाए जाएंगे। तो अगेन मैं आप सबको सिंपली यही कहूंगा डाटा साइंटिस्ट के बारे में पढ़िए। आपको लगता है कि एक अच्छा करियर ऑप्शन आपके लिए बन सकता है। यह एक ऐसी स्किल है दैट कैन रियली हेल्प यू इन योर लाइफ। अपना नाम यहां पर डालिए, ईमेल डालिए, नंबर डालिए और यहां पे डिस्काउंट कोड ऑब्वियसली डाल दीजिएगा PD10 ताकि आपको डिस्काउंटेड प्राइस पे जो भी कोर्स है यह ऑफर किया जाए। नहीं तो जो एक्चुअल प्राइस है इट्स अ बिट मोर। तो डिस्काउंटेड प्राइस पे आपको मिलेगा। इफ यू यूज़ द कोड PD10 और करियर 247 के कंसलटेंट आपको कॉल करेंगे। आप वहां पे अपने सवाल ही पूछ सकते हैं रिगार्डिंग द कोर्स कि लेंथ कितनी होगी क्लासेस किस टाइम पर होगी सर्टिफिकेशन के बारे में यू कैन आस्क ऑल दोज़ क्वेश्चंस और यू कैन बिगिन योर जर्नी एज ए डाटा साइंटिस्ट सो

11:34 गुड लक टू ऑल ऑफ यू एंड एज आई ऑलवेज से मे द गॉड्स वॉच ओवर

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