प्रमुख बोलियां व उपबोलियां by Ashok sir

GK Capsule by Ashok Sir www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो राजस्थान की प्रमुख बोलियों और उनकी उपबोलियों पर केंद्रित है। इसमें मारवाड़ी, ढूंढी, मालवी, मेवाती और वागड़ी जैसी मुख्य बोलियों की विशेषताओं और उनके क्षेत्रीय वितरण पर प्रकाश डाला गया है। इसके अतिरिक्त, यह वीडियो विभिन्न बोलियों के मिश्रण, जैसे रागी (मारवाड़ी और मालवी का मिश्रण), और कुछ बोलियों के विशेष नामों, जैसे वागड़ी को "भीली बोली" कहे जाने पर भी चर्चा करता है।

  • राजस्थान में मुख्य रूप से पाँच बोलियाँ हैं: मारवाड़ी, ढूंढी, मालवी, मेवाती और वागड़ी।
  • मारवाड़ी राजस्थान की सबसे बड़ी और सर्वाधिक विस्तृत बोली है।
  • ढूंढी की उपबोलियाँ हाड़ौती, तोरावाटी, राजावाटी, नागरचोल, चौरासी और काठड़ी हैं।
  • वागड़ी को जॉर्ज इब्राहिम ग्रियर्सन ने "भीली बोली" कहा है।

राजस्थान की प्रमुख बोलियाँ

राजस्थान में मुख्य रूप से पाँच बोलियाँ हैं: मारवाड़ी, ढूंढी, मालवी, मेवाती और वागड़ी। मारवाड़ी राजस्थान की सबसे बड़ी बोली है और यह सर्वाधिक विस्तृत क्षेत्र में बोली जाती है। अन्य बोलियाँ, जैसे मेवाड़ी और हाड़ौती, इन मुख्य बोलियों की उपबोलियाँ हैं। कुछ बोलियाँ विशेष क्षेत्रों में ही बोली जाती हैं, जैसे धावड़ी उदयपुर में और जगरोटी करौली जिले में।

मारवाड़ी और उसकी उपबोलियाँ

मारवाड़ी राजस्थान की सबसे बड़ी बोली है। इसकी प्रमुख उपबोलियों में मेवाड़ी, ढटकी, देवड़ावाटी, गोडवाड़ी, थली, बांगड़ी और शेखावटी शामिल हैं। बीकानेरी और नागौरी भी मारवाड़ी की उपबोलियाँ हैं, जिनके नाम उनके क्षेत्रों पर आधारित हैं।

ढूंढी और उसकी उपबोलियाँ

ढूंढी की प्रमुख उपबोलियों में हाड़ौती, तोरावाटी, राजावाटी, नागरचोल, चौरासी और काठड़ी शामिल हैं। हाड़ौती ढूंढी की एक महत्वपूर्ण उपबोली है, जिसे केलांग ने अपनी व्याकरण में स्वतंत्र बोली माना है।

मालवी और उसकी उपबोलियाँ

मालवी की उपबोलियों में निमाड़ी, रागी, पाटवी, रतलामी और उमठवाड़ी शामिल हैं। रागी, मारवाड़ी और मालवी का मिश्रण है और इसे एक कर्कश बोली माना जाता है।

मेवाती और वागड़ी बोलियाँ

मेवाती की उपबोलियों में राठी और कठेर शामिल हैं। वागड़ी की कोई उपबोली नहीं है और यह वागड़ क्षेत्र में बोली जाती है। हनुमानगढ़ जिले में बांगड़ी बोली जाती है, जबकि बांसवाड़ा और डूंगरपुर में वागड़ी बोली जाती है।

क्षेत्रीय बोलियाँ और महत्वपूर्ण तथ्य

हनुमानगढ़ में बांगड़ी, उदयपुर में धावड़ी और करौली में जगरोटी जैसी क्षेत्रीय बोलियाँ बोली जाती हैं। ढूंढी को जयपुरी या झाड़शाही बोली भी कहा जाता है। वागड़ी को जॉर्ज इब्राहिम ग्रियर्सन ने "भीली बोली" कहा है। मारवाड़ी का प्राचीन नाम मरु भाषा है, जिसका उल्लेख कुवलयमाला ग्रंथ में मिलता है, जिसकी रचना उद्योतन सूरी ने की थी।

संतों के उपदेश और बोलियाँ

संत मावजी के उपदेश वागड़ी में, संत चरणदास जी, दया बाई, सहजो बाई और लालदास जी के उपदेश मेवाती में, और संत दादू दयाल और उनके शिष्यों के उपदेश ढूंढी में हैं।

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Transcript

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0:03 क्षत्रीय बोलि आपके जो एग्जाम के लिए सबसे इंपॉर्टेंट सबसे खास होती है उसके बारे में देखिए वैसे हम चर्चा करते हैं तो आप सब जानते हैं कि हमारे राजस्थान में यदि प्रमुख रूप से बोलियों की बात करेंगे तो वह केवल पांच है बाकी जो है वह सारी की सारी उप बोलिया है और कुछ ऐसी स्पेशल है जो केवल किसी विष क्षेत्र में बोली जाती है जैसे धावड़ी कहां बोली जाती है तो उदयपुर के अंदर जैसे आपकी जगरोटी कहां बोली जाती है तो करोली जिले के अंदर यह वहां की स्पेशल है यहां पर आप देखिए सबसे पहले तो कि हमारे राजस्थान में प्रमुख रूप से कौन-कौन सी बोलियां हैं तो आप कहेंगे सर प्रमुख रूप से जब बोलियों की बातें करते हैं तो

0:48 वह केवल पांच है कौन-कौन सी देखो एक पांच देखिए कौन-कौन सी एक तो है सबसे पहले याद रखिएगा मारवाड़ी आप सब जानते हैं राजस्थान की सबसे बड़ी बोली सर्वाधिक विस्तृत बोली सर्वाधिक भाग पर बोली जाने वाली बोली कौन सी है याद रखिएगा मारवाड़ी सबसे पहले वेरी वेरी इंपोर्टेंट याद रखिएगा मारवाड़ी दूसरी की यदि आप बात

1:34 करेंगे इंपॉर्टेंट वह आ जाती है आपके ढुा तीसरी इंपॉर्टेंट है वह है मालवी नंबर फोर है मेवाती और नंबर फाइव है आपके सामने वागड़ी तो हमारे राजस्थान में प्रमुख रूप से तो यही उप बोलिया है लेकिन मेवाड़ी और हाड़ोती वालों को नाराज नहीं होना है क्यों क्योंकि वो जो बोलियां है वोह किसी ना किसी इनमें से किसी की उप बोलियां हैं जैसे प्रमुख रूप से तो ये हो गई अब देखिएगा इनकी उपबंध की प्रमुख उप बोलियां कौन-कौन सी है तो देखिए मारवाड़ी की जो प्रमुख उपोरिया है उनमें सबसे पहले लिख रहा हूं मैं वह है

2:22 मेवाड़ी यह अक्सर रह जाता है कि सर मेवाड़ी लिखा ही नहीं तो मेवाड़ी स्वतंत्र बोली नहीं है याद रखिएगा मेवाड़ी मारवाड़ी की ही क्या है उप बोली याद रखिएगा इंपॉर्टेंट ठीक है यह वेरी वेरी इंपॉर्टेंट एक में यहां पर लिखूंगा आपके सामने कि ढूंढा देखिए डुंडा की यदि मैं उप बोलियों की चर्चा करूं तो वेरी वेरी इंपॉर्टेंट है कौन सी बात याद रखिएगा आप जो सोच रहे हैं हाड़ोती वह हाड़ोती किसकी उप बोली है याद रखिएगा ढुा की यह वेरी वेरी इंपोर्टेंट है ठीक है जहां से अक्सर आपके सामने क्वेश्चन आता है ठीक है अब देखिए मालवी की यदि मैं उप बोलिया

3:08 लिखूं तो देखिए मालवी की उप बोलियों में जहां से क्वेश्चन आता है आपके सामने एक तो है निबाड़ एक है रागी एक है पाटब एक है रतलामी और एक है आपके सामने उमठ वाटी एक कभी नहीं पूछेगा पूछेगा ही तो दो दो नाम सिंगल कौन सी पूछेगा अभी हम चर्चा करते हैं ठीक यह सारी इसकी क्या है उप बोलिया जैसे डुंडी के आ जाइए हड़ होती है इसके अलावा सबसे इंपॉर्टेंट तोरावती है राजा वटी है नागर चोल है चौरासी

3:56 है और याद रखिएगा काठड़ी है तो इनमें से आप अक्सर देखते हैं कि तीन चार नाम आपको दिए जाते हैं और आपको पूछ लिया जाता है कि निम्न में से राजावाट नागर चोल और चौरासी निम्न में से किसकी उप बोलिया है तो याद रखिएगा ढुा की ठीक है इधर यदि मारवाड़ी की हम बात करते हैं तो मेवाड़ी तो प्रमुख रूप से होही गई लेकिन इसके अलावा जैसे आपके डड की हो ग अब डड की या ढाड की एक ही बात है ठीक है जैसे देवड़ा वाटी हो गई से गोडवाड़ हो गई अभी बीकानेर में बीकानेरी नागौर में नागौरी यह तो आपको नाम से ही पता चल जाएगा लेकिन मेवाड़ी प्रमुख रूप से जैसे डकी

4:43 देवड़ा वाटी गोडवाड़ और इसके अलावा जैसे थली बोली है जैसे बांगड़ी है यह भी प्रमुख रूप से याद रखिएगा कौन सी बांगड़ी अब एक आप पूछेंगे सर शेखावटी नहीं तो शेखावटी भी मारवाड़ी की ही उप बोली है कौन सी शेखावटी बिकानेरी आपके नागौरी याद रखिएगा खराड़ी यह जो सारी की सारी है यह आपके मारवाड़ी की क्या है उप बोलिया याद रखिएगा ठीक है याद रखिएगा यह किसकी है ढुा की कौन-कौन सी हाड़ोती तोरावती राजाव नागर चोल चौरासी और कौन सी याद रखिएगा काठड़ी ठीक है और यह मेवाती की हम बात करते हैं

5:28 तो मेवाती में एक तो है राठी एक है कठेर याद रखिएगा ये दोनों काफी इंपॉर्टेंट ये कठेर है ये काठड़ी है याद रखना ठीक है और वागड़ी वागड़ी अपने आप में एक इसकी कोई उप बोली नहीं है याद आपको यही रखना है दो शब्द वागड़ी बोली है याद रखिएगा वागड़ क्षेत्र की कौन से क्षेत्र की है वागड़ जैसे देखो मैं चर्चा करता हूं एक बार तो यहां से तो डायरेक्ट आपके उप बोलियों से क्वेश्चन आ जाता है कि कौन सी किसकी उप बोली है ठीक है समझे अब देखिए जैसे मैप के माध्यम से यदि मैं चर्चा करूं तो यह हो गया हमारा प्यारा सा राजस्थान अब देखिए इनमें इनमें इंपॉर्टेंट याद रखिएगा एक तो कि यहां हनुमानगढ़ जिले

6:16 में हनुमानगढ़ जिले के अंदर एक बोली बोली जाती है जिसका नाम है बांगड़ी क्या बोली जाती है याद रखिएगा हनुमानगढ़ में बोली जाती है बांगड़ी जबकि यहां पर बांसवाड़ा और डूंगरपुर यहां पर बोली जाती है वागड़ी कौन सी बोली जाती है याद रखिएगा वागड़ी वेरी वेरी इंपोर्टेंट जैसे उदयपुर के अंदर एक बोली बोली जाती है कौन सी याद रखिएगा वह प्रॉपर इसी क्षेत्र में है वह है धावड़ी जैसे आपको पता हो तो करौली में बोली जाती है जगरोटी कौन सी बोली जाती है याद रखिएगा झगर की तो यह परपरी इन क्षेत्र में विशेष में बोली जाती है ठीक है याद रखिए

7:01 ख ठीक है तो अब कुछ ऐसी है जो यहां वागड़ की क्षेत्र विशेष हैं ठीक है याद रखिएगा लेकिन यह तो आपके स्पेशल केवल स्थान से क्वेश्चन आते हैं कि जगरोटी कहां की है करोली धावड़ी कहां की है उदयपुर की वागड़ी बोली कहां पर की है तो वागड़ क्षेत्र की और बांगड़ी किस जिले की है तो याद रखिएगा हनुमानगढ़ की अब यहां पर देखिए और विशेष क्वेश्चन यहां से बनता है डायरेक्ट आपके सामने आपको तीन नाम देकर पूछता है कि राजाव नागर चोल और चौरासी किसकी उप बोलियां है ढूंढा की यहां से भी आपके सामने जैसे थली बांगड़ी और डड की निम्न में से किसकी बोलियां है मारवाड़ी की तो प्रमुख रूप से तो आपके सामने मारवाड़ी याद रखिएगा ढूंढी मालवी मेवाती और वागड़ी पांच है इनमें से स्पेशल आपको याद रखना है कि हाड़ोती किसकी उप बोली है

7:49 तो याद रखिएगा ढूंढी की और पूछा जाए मेवाड़ी किसकी उप बोली है तो याद रखिएगा मारवाड़ी की पूछा जाए आपको कि राज्य में सबसे बड़ी बोली कौन सी है तो मारवाड़ी राज्य में सर्वाधिक विस्तृत बोली कौन सी है याद रखिएगा मारवाड़ी राजस्थान में सर्वाधिक साहित्य किसमें है मारवाड़ी में ठीक है और जैसा बिल्कुल सही है यह जो वागड़ी बोली है इसे ही कहा जाता है याद रखिएगा भल्ली बोली यानी कि इसे ही बताया गया है बिल्लों की बोली और यह किसने बताया था तो याद रखिएगा जॉर्ज इब्राहिम गिरिस ने यह भी क्वेश्चन आपके सामने आता है लेकिन याद रखिएगा यह जो हाड़ोती ये वैसे तो किसकी बोली है डूंडा की लेकिन एक व्यक्ति है जिनका नाम है केलांग इन्होंने अपनी

8:34 व्याकरण के अंदर याद रखिएगा हाड़ोती को एक स्वतंत्र बोली बताया कि हाड़ोती क्या है एक स्वतंत्र बोली है यह बताने वाले कौन थे केलांग वैसे याद रखिएगा वर्तनी की दृष्टि से सबसे कठिन बोली कौन सी है हाड़ोती जैसे एग्जांपल के तौर पर आप एक बात समझिए जैसे हाड़ोती वाले क्या है कि बे को बोलते हैं दे बे को क्या बोलते हैं दे जैसे हम बोलते हैं अब वो बोलते हैं कद हम बोलते हैं जब वो बोलते हैं की जगह क्या बोलते दे और साथ में छ लगा देते हैं क्योंकि य ढूंढी की क्या है उपली ठीक है ढूंढी बोली है इसे ही तो कहा जाता है आपके जयपुरी बोली इसे ही कहा जाता है झाड़ साही बोली यह इंपॉर्टेंट याद रखिएगा जहां से कई

9:20 बार क्वेश्चन बन जाता है आप सब जानते ही है ठीक है याद रखिएगा और इसमें यदि हम बात कर राड़ी बोली तो सर्वाधिक य राजपूतों के अंदर प्रचलित है और याद रखिएगा यह मारवाड़ी प्लस मालवी है मारवाड़ी प्लस मालवी कई बार यहां से भी डायरेक्ट क्वेश्चन आ जाता है कि रागी निम्न में से किसका मिश्रण है तो याद रखिएगा मारवाड़ी और मालवी किसका इन दोनों का और यह करकस बोली है किस प्रकार की बोली है करकस अब आप कहेंगे सर करकस बोली मींस कैसे एग्जांपल आप कभी दाल खाते हैं और दाल की सब्जी खाते खाते अचानक से कंकड़ आ जाता है उस समय जैसा मुंह को लगता है ना वैसी

10:06 यह बोली है कौन सी कर्कश बोली याद रखिए ठीक है तो यह है आपके राजस्थान के अंदर प्रमुख रूप से बोलियां और इनकी उप बोलिया अक्सर हम क्वेश्चन देखते हैं इस प्रकार से यहां से क्वेश्चन बन जाते हैं ठीक है चलिए हां अब देखिए जैसे वागड़ी के अंदर किसके उपदेश है तो आप कहेंगे संत माव जी के नो डाउट किसके आ जाएंगे संत माव जी के मेवाती की आप बात करेंगे तो यहां पर आ जाएंगे संत चरण दास जी आ जाएंगे इनके शिष्य आ जाएगी दया भाई सहजो भाई और याद रखिएगा लालदास जी इन सबके उपदेश मेवाती में है संत माव जी के

10:52 वागड़ी में है संत दादू दयाल और उनके शिष्य संत दादू वे इनके जो शिष्य है उन सबके उपदेश किसम आ जाएंगे ढूंढी में मारवाड़ी का प्राचीन नाम है याद रखिएगा मरु भाषा और यह मरु भाषा का उल्लेख जिस ग्रंथ में है वह है कुले माला कौन सी है कुले माला कुले माला जिसके अंदर 18 देशी भाषाओं का उल्लेख है और कुले माला की रचना किसने की है याद रखिएगा उदो तन सूरी ने किसने की उतन सूरी ठीक कई बार यहां से एग्जांपल के तौर पर क्वेश्चन आ जाता है हां लगभग यहीं से इस प्रकार से क्वेश्चन बनता है यहां से जब भी बोलियों से कोई क्वेश्चन बनता है ठीक है

11:37 चलिए और फिर आपके सामने यहां से क्वेश्चन बन जाता है कि बागड़ी कहां है हनुमानगढ़ में जगरोटी कहां है करोली के अंदर वागड़ी बोली या फिर धावड़ी बोली ये स्पेशल कोई क्षेत्र विषय से पूछ लिया जाता है ठीक है लीजिए क्वेश्चन क्या था क्वेश्चन था उमठ वाटी और पार्ट भी किसकी उप बोली है मेरे हिसाब से नो डाउट है आपको ऑप्शन नंबर बी इज करेक्ट आंसर क्योंकि उमठ वाटी पाट भी रतलामी निबाड़ और रागी यह सब की सब किसकी उप बोलिया है याद रखिएगा मालवी ठीक इस प्रकार से क्वेन आता है यह देखिए निबाड़ रागी पाट रतलामी और उमठ वाटी ठीक है ली

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