0:01 सभी साथियों को बहुत-बहुत धन्यवाद। चलिए हम आज के सत्र की ओर आगे बढ़ेंगे। हमारा आज चौथा दिन एक विशेष क्या शब्द कहा जाए? अद्भुत कह सकते हैं। हमें मिल रहा है जानने को। डॉ. एन के शर्मा को हम बहुत-बहुत धन्यवाद के साथ बहुत-बहुत स्वागत करते हैं। पधारे सर। जी सर। आप सभी लोगों को मेरा बहुत-बहुत
0:48 सुप्रभात और हृदय को इतना आनंद होता है के इस संसार में कितने ही बड़े हजारों लाखों व्यवसाई है और त्रिलोक जी छाबड़ा जी जैसे व्यवसाय मतलब सिर्फ व्यवसाय नहीं कर रहे हैं बल्कि आप लोगों के भीतर जो ध्यान की जोत योग की ज्योत और एक अच्छे लाइफ स्टाइल की ज्योत जो जगा रहे हैं यह बहुत ही वास्तव में बहुत ही प्रशंसनीय है और मैं बहुत ही हृदय से गदगद होता हूं जब आपका यह कार्य देखता हूं तो और आप सब लोग सौभाग्यशाली हैं कि आप सुबह-सुबह इतना जल्दी उठते भी हैं और आप
1:35 इनके साथ जुड़ते भी हैं तो ये ये वास्तव में बहुत ही मुझे लगता है भारत के घरघर में हर व्यक्ति के साथ ये ये जो योग है जुड़ना चाहिए वास्तव में। चलिए आप सब लोगों को मेरा सुप्रभात। अब तक हम लोगों ने थोड़ा सा रेकी के बारे में जाना और रेकी जो हाथों में जो सक्रिय हो गई है अब इस ऊर्जा का हम अपने डे टू डे लाइफ में अपने खुद के शरीर को मन को स्वस्थ रखने के लिए कैसे उपयोग करें? देखिए सबसे पहली बात आपको क्या समझने मालूम है कि यह जो
2:23 हाथों में जो ऊर्जा आई है यह वास्तव में फिजिकल लेवल तो बहुत छोटा है इसका। यह वास्तव में सूक्ष्म से सूक्ष्म स्तर तक जो है यह सूक्ष्म शरीर पर ज्यादा काम करती है। वृषभ के भौतिक स्तर पर क्योंकि क्योंकि सूक्ष्म स्तर पर जाकर हमें ऊर्जा ऊर्जा का बहुत बड़ा एक लाभ और प्रभाव मिलता है। इसीलिए हमें भौतिक स्तर पर उसका असर अनुभव में आता है। तो इसीलिए रेखी जो है जो आज आपने सेल्फी जो आपने अभी रेखी सीखी है वह सिर्फ आपके शारीरिक स्तर पर ही काम नहीं करेगी। आप हैरान हो जाएंगे मानसिक स्तर पर काम करेगी। भावात्मक स्तर
3:11 पर काम करेगी और सािक यानी कि परा मानसिक जो हमारी क्षमताएं हैं उनके ऊपर काम करेगी। सूक्ष्म इंद्रियों पर काम करेगी और आध्यात्मिक स्तर पर काम करेगी। और सबसे बड़ी बात क्या है कि जैसे जैसे हमारी ऊर्जा भीतर से बदलाव करने लगती है हमारे शरीर में एक बिल्कुल एक नवनिर्माण सा महसूस होने लगता है। तो इसीलिए मैं आज मैं रेकी लोगों को इसलिए सिखाने की कोशिश कर रहा हूं और घरघर पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं कि लोग आत्म जागरण की तरफ जाए। अपने शरीर के साथ जुड़े। अपने शरीर से प्यार करें। इसको भगवान का मंदिर मानकर चले। इस तरह से तो अब आपको रेगुलरली रोज जो करना है वह क्या
3:58 करना है वैसे मैं इससे संबंधित जो वीडियो है वो सब मैं आपको शेयर कर दूंगा जैसे ही आप लोगों की तरफ से मैं वो जानकारी प्राप्त कर लूंगा कि कहां भेजूं तो उसके हिसाब से मैं आप लोगों को भेज दूंगा आप सब लोग जो है उसको जो है उसको जरूर देख सकते हैं क्योंकि एक बहुत ज्ञान तो बहुत लंबे चौड़े हैं लेकिन मैं कोशिश कर रहा हूं कि आपको जितना मैं एक घंटे में दे सकूं। ठीक है? अब क्या करना है कि क्योंकि आपके हाथ चार्जर है तो ये हीलिंग करना कोई बिल्कुल मुश्किल काम नहीं है। आप आपको सिर्फ अपने आप को स्पर्श करना होता है। तो रोज आपने अभी जैसे अभी आप अपने हाथों को रगड़े और एक 10 सेकंड रगड़ने से क्या होता है? थोड़ी सेंसिटिविटी बढ़ जाती है। उसके लिए 10 सेकंड रगड़ना होता है। और रगड़ने के बाद
4:45 फिर आप क्या करें कि अपने एक 10 सेकंड रगड़ने के बाद में आप अपने हाथों को जो है एकदम कटोरी की तरह बनाकर और उंगलियां बंद रखनी चाहिए। ये ध्यान में रखें ताकि ऊर्जा इधर उधर से निकल ना जाए। तो अब आप और याद रखना ऊर्जा यहां से सेंटर ऑफ द पाम से जाती है। यह ध्यान में रखें। तो इसीलिए जो तो इसका इसके ऊपर दबाव नहीं आना चाहिए। यानी कि जब आप ऊर्जा देते हैं तो आपका हाथ थोड़ा कटोरी की तरह होना चाहिए। क्योंकि ताकि आपको फील हो कि ऊर्जा कहां से जा रही है। ठीक है ना? तो अब आप एक आपने रगड़ लिया हाथ। अब अपने दोनों अब दोनों हाथ ऐसे करके आपको प्रार्थना करनी है कि मेरे फ्लो
5:31 फॉर हीलिंग। क्या प्रार्थना करनी है? हे रेकी ऊर्जा मेरे हाथों में उपचार के लिए प्रवाहित हो। अब आप ऐसा क्या आप मुझे फॉलो कर सकते हैं। जैसे मैं कह रहा हूं अपने दोनों हाथ सामने ले आए और प्रार्थना करें कि हे रेकी ऊर्जा मेरे हाथों में प्रवाहित हो मेरे उपचार के लिए और उसके बाद फिर आप अपने सारे गुरुओं को ईश्वर को याद करें और प्रार्थना करें मैं ब्रह्मांड के सारे दिव्य गुरुओं को ईश्वर को और एक ही ऊर्जा का आवाहन करता हूं कि हे ईश्वर हे गुरुओं आप सब हमारे साथ रहे और मुझे स्वास्थ्य और दीर्घायु और आनंद प्रदान करें। तो इस प्रकार अपने गुरुओं को
6:19 और अपने ईश्वर को याद कर लेना चाहिए ताकि उनकी भी ऊर्जा के साथ आपका जुड़ाव हो जाता है। और उसके बाद अब अपने दोनों हाथ जो है ऐसे कटोरी की तरह बनाकर आप अपने सबसे पहले आंखों पर रख ले जरा। अपने आंखों पर रखें। मैं आपको ना दो चार अंगों पर बताऊंगा। फिर आपको आपको जरूरत नहीं पड़ेगी। आप सब समझदार हैं। आप आराम से कर लेंगे। तो मैं दो चार अंगों पर बता रहा हूं। आप अपनी आंखों पर रखें और हथेली बिल्कुल आंखों के सेंटर पर आनी चाहिए। और जब आप आंखों पर रखते हैं तो आपको कहना है वैसे कहना चाहे तो हृदय की ऊर्जा प्रवाहित हो। मेरे दोनों आंखों को स्वस्थ करो, ऊर्जा करो।
7:05 आप भाव करोगे वैसे ही ऊर्जा जो है अपना डायरेक्शन चेंज करती जाएगी। अगर आप कहोगे क्लियर ऑल माय ब्लॉकेजेस। यहां पे जो भी अवरोध है उनसे मुझे मुक्त करो तो फिर अवरोध को ही मुक्त करेगी। क्योंकि आपने वो भाव किया है इसलिए अगर आप कहोगे कि बैलेंस माय ऑल द एनर्जी तो बैलेंस करेगी। अगर आप कहोगे के हील इस इस पार्ट का उपचार करें तो वो उपचार करेगी। अगर आप कहोगे चार्ज करो मेरे इस अंग को ऊर्जा करो ऊर्जा एनर्जीाइज करो तो ऊर्जा करेगी। अगर आप कहोगे कि रीजनरेट माय आईज मेरे
7:53 आंखों को नवनिर्माण करो। अगर आंखों में कोई प्रॉब्लम है तो नव निर्माण करेगी। यानी कि जो भाव करोगे वही भाव से ऊर्जा हमेशा डायरेक्शन लेती है। तो अब इस तरह से आपका ध्यान अब हथेली पर रखें और देखें कि हथेली में कौन से हाथ से ऊर्जा जा रही है। अब जिस हाथ से ऊर्जा जा रही है समझ लेना उस अंग अंग को ऊर्जा की आवश्यकता है। इसलिए उस हाथ से जा रही है और या उस अंग में जा रही है तो आप तो उस अंग में ऊर्जा की जरूरत है। वो अंग प्रॉब्लम में है। इसका मतलब है कि उसके अंदर ऊर्जा की कमी है। तो जिस अंग पे हाथ रखोगे ना आप उस अंग पे अपने आप ऊर्जा का प्रवाह शुरू हो जाएगा।
8:42 अब अपना एक हाथ उठाकर अपने लेफ्ट कान पे ले जाए। लेफ्ट कान पे ले जाए और दूसरा हाथ उठाकर राइट कान पे ले जाएं। आप जानते हैं कि आंखों में भी पूरी बॉडी रिप्रेजेंट होती है और आपके कानों में भी पूरी बॉडी रिप्रेजेंट होती है। आपके कानों में भी सारे पूरे नर्वस सिस्टम के अंग कोस्पोंडिंग जोों्स है और आंखों में भी कोस्पोंडिंग जोस है। इसलिए आंखों को और कान को उपचार करने से पूरे अंगों को भी लाभ मिलता है। लोगों ने अपनी कई अपने आंखों की कई समस्याओं को दुरुस्त कर दिया है। मोतिया निकाल दिया है कई लोगों ने। यह सब हजारों
9:29 सैकड़ों 30 साल का अनुभव हम लोग देख रहे हैं और कानों की भी हियरिंग को कई लोगों ने लाभ दिया है। 3030 साल पुरानी जो सुनने की क्षमता थी उसमें लोगों ने लाभ दे दिया है। तो इस तरह से कानों कानों से अब लेकर अब धीरे से एक हाथ अपने टेंपल एरिया पर ले जाए। लेफ्ट ब्रेन और राइट ब्रेन के ऊपर ले जाए ऊपर और अब अपने ब्रेन को रिकी करें। हां जब आप हाथ हटाते हैं ना तो एकदम एनर्जी कट ना करें। पहले एक हाथ एक अंग पे ले जाए फिर दूसरा हाथ दूसरे अंग पे ले जाए ताकि वो कनेक्टिविटी जो ऊर्जा की है ना वो बनी रहे। तो अब आपने दोनों हाथों से आपने अपना
10:17 ब्रेन का उपचार को शुरू कर दिया। यह बहुत ही इंपॉर्टेंट पार्ट है हमारा लेफ्ट ब्रेन राइट ब्रेन क्योंकि एक तो इससे रिलैक्सेशन मिलता है ब्रेन को ब्रेन में शांत बहुत बहुत शांति आती है जो ब्रेन में जो बेचैनी जो तनाव होता है उसको आराम मिलता है और हमारे दोनों ब्रेन की क्षमताओं का विकास भी होता है साथ-साथ में क्योंकि हमारे जीवन में जहां लॉजिक चाहिए वहां इमोशन भी चाहिए। दोनों ब्रेन की अपनीप विशेष क्षमताएं हैं। वह दोनों क्षमताएं आपको आपके जीवन में जो है फलित होने लगती है। और अब आप हीलिंग कर रहे हैं तो जब जिस अंग पर हाथ हाथ रखते हैं उसी अंग का नाम लेते
11:04 हुए आप कह सकते हैं जो मैंने आपको चार पांच शब्द बताए कि क्लियर ऑल माय ब्लॉकेजेस बैलेंस माय ऑल द एनर्जी। हील द पार्ट मेरे अंग का उपचार करें नवनिर्माण करें और इसको ऊर्जा से ऊर्जा करें तो मतलब जो आप भाव करोगे वैसे वैसे आपका ऊर्जा का प्रवाह उस तरफ काम करेगा तो अब आप महसूस करेंगे कि आपके दोनों ब्रेन को अगर आप रेखी कर रहे हैं तो एक हाथ से किसी से ऊर्जा जा रही होगी क्योंकि जो ब्रेन की जरूरत जहां जरूरत है वहां ऊर्जा का प्रवाह होता है। इसमें मजेदार बात क्या है? जहां ऊर्जा चाहिए वहीं जा रही होती है। जहां नहीं चाहिए वहां नहीं जाती है। अपना हाथ
11:50 शांत रहेगा। यानी कि एकदम ठंडा रहेगा। अब यही ऊर्जा को आप जो है अपने एक हाथ यहां पे थर्ड आई पे ले आइए। दूसरा पीछे की तरफ ले चले जाइए। इस तरह से जैसे मैंने पीछे रखा है। ऐसे इस तरह से ऐसे अपना राइट हैंड अपने आगे चक्र पे ले आइए। लेफ्ट हैंड पीछे के हाथ तरफ ले जाइए। अब आप अपनी थर्ड आई का उपचार कर रही हैं। यह हमारे दो बहुत प्रमुख केंद्र है। एक तो लेड ब्रेन, राइट ब्रेन बहुत प्रमुख केंद्र है। आज के जमाने में जहां तनाव, चिंता, भय, कई तरह के मानसिक समस्याएं हैं। और हमारे आज्ञा चक्र जब क्लियर होता है, स्पष्ट होता है तो हमारी छठी इंद्री बहुत
12:35 काम करती है। हमें हमारा इंट्यूशन बढ़ता है। हमारी विडम, हमारी क्लेरिटी ऑफ थॉट इस सब चीजों में भी फर्क पड़ने लगता है। यानी कि जो अंग को अच्छी ऊर्जा मिलती है वो अंग हमेशा स्वस्थ होता है। यह उसका नियम है। तो अब मैंने आपको चार तीन चार अंगों के बारे में बताया। अब मैं आपको थोड़ा जल्दी जल्दी बताऊंगा ताकि वो देखिए कोई भी अंग पर जब हम हीलिंग करते हैं ना तो हमारे उस अंग अंग के ऊपर जब हम हीलिंग करते हैं तो कम से कम उस अंग पे हमें एक एक मिनट तो रुकना ही चाहिए। एक मिनट
13:24 अगर आपको लगे कि मेरे हाथों से उपचार का उपचार की ऊर्जा प्रवाहित हो रही है। मेरे हाथों से कुछ जा रहा है तो फिर दो तीन मिनट और रुक जाए। चार मिनट भी रुक जाए। क्यों? जिस अंग को ऊर्जा की आवश्यकता होगी आपके वहां पर वो जोर से ऊर्जा खींचना शुरू कर देगा। और अगर नहीं होगी तो आपका हाथ ठंडा रहेगा। इसलिए मिनिमम एक मिनट तो एक अंग पे हाथ रखना ही चाहिए। तब तक आप फील कर सके कि कुछ जा रहा है कि नहीं जा रहा है। फिर उसके अब यहां पे ये मैंने चार अंगों की रेखी बतलाई। लेकिन एक्चुअल में हमारे 24 पार्ट्स भी रेखी करनी है। ठीक है ना? तो 24 पार्ट्स में देखिए वैसे 24 पार्ट्स भी भूल जाए। मैं आपसे कहता हूं आपको ये दिमाग में रखना है कि मेरे शरीर में कौन-कौन से अंग है। बस आपका शरीर तो आपके पास ही है
14:12 ना। तो अब आपको एक एक अंग को चार्ज करना है ना। आपको लगता है यार मेरे गाल भी है, मेरे दांत भी है तो यहां पे भी हीलिंग कर दो। ऐसे आपको लगता है कि यार मेरा गला भी है तो गले पे ऐसे हीलिंग कर दो। ऐसे लेकिन आप जरा स्टाइल देख लें कि करना कैसे है। आपने ऐसे हीलिंग कर दी। आपको लगा कि यार मेरे मेरे छाती भी है तो मेरे आपने छाती पे ऐसे करके हाथ रख दिया। अगर आपको अस्थमा की प्रॉब्लम है या कोई भी लंग्स की प्रॉब्लम है तो आपने दो चार मिनट जितनी देर ऊर्जा जा रही है तब तक आपने हीलिंग कर दी। फिर आपको लगता है यार मेरे तो लिवर स्पिन भी है तो लीवर स्पिन को हीलिंग कर दी आपने। आपको लगता है मेरी आंत है तो आपने आंतों को आपने आंतों की हीलिंग कर दी आपने। आपको लगा कि नहीं यार मेरे तो ओवरीज ओवरीज या गर्भाशय या मेरे प्रोस्टेट है तो
14:57 आपने यहां पे हीलिंग कर दी आपने। और फिर आप सेंटर में तो जानते हैं चक्र होते हैं हमारे। तो आपने पहले एक हाथ यहां पे थाइमस ग्लैंड है ये और ये हार्ट चक्र है आपका। तो आपने यहां पे पहले हीलिंग कर दी। यहां पे आपने दोनों चक्रों को हीलिंग कर दी आपने। और उसके बाद में फिर एक हाथ नीचे लाए फिर एक हाथ नाभि पर ले आए तो यानी कि एक हाथ आपका मणिपुर चक्र पे आया और दूसरा हाथ नाभि पे आया और उसके बाद नीचे आपने फिर स्वाधिष्ठान चक्र पे लाए और एक मूलाधार पे ले चले गए तो मतलब अल्टीमेटली आपने यहां के जो मूल चक्र है जो है आपने चार चक्र जो आपके जो है उनके ऊपर आपने हीलिंग कर दी तो इस तरह से और इसी तरह फिर आपने ये बाहें होती यहां पर भी हमारे कुछ एक्यूपर के पॉइंट्स
15:43 होते हैं। तो आपने ऐसे हाथ रख के अपने इसकी हीलिंग कर दी। अगर आपके गर्दन में आपके तनाव रहता है। जनरली हम कंप्यूटर पे काम करते हैं। घरों में मेंटल काम करते हैं हम तो झुकझुक के काम करते हैं। तो आप है ना अपने दोनों हाथ रगड़ कर आप यहां पे भी गर्दन के ऊपर भी ऐसे रख सकते हैं आप। और आपके कंधों के ऊपर भी दोनों हाथ ऐसे कंधों के ऊपर भी रख सकते हैं क्योंकि तनाव यहां पे इकट्ठा होता है। ठीक है ना? और इसके बाद में फिर आप अपने कमर के पीछे आप अपने चाहे तो अपने अपने किडनी को हील कर सकते हैं। आप ऐसे हाथ रखकर आप अपनी कमर है तो कमर के ऊपर दोनों हाथ पीछे ले जाकर ऐसे रख सकते हैं। फिर आप अपने घुटने जो है जनरली घुटनों की समस्याएं कई लोगों को है तो आप है ना अपने दोनों हाथ
16:29 अपने घुटनों के ऊपर ऐसे करके आप एक एक घुटने पर रख दें। दो चार मिनट हीलिंग जाएगी अगर तकलीफ है तो और नहीं है तो नहीं जाएगी। फिर दूसरे घुटने पर रख दें। फिर आपको पिंडियों में तकलीफ है तो पिंडियों पर रख दें। तो मतलब मूल बात यह है आपको एंकल में तकलीफ है तो टकने पर रख दे। तो रेकी करना क्या है भाई? मेरे हाथ चार्जर है। मेरे पास जो जो अंग है जो मुझे समझ में आता है मैं वहां पर टच कर रहा हूं। बस कोई जरूरी नहीं कि 24 याद रखे कि 20 है कि 12 है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। और तो जनरली क्या होता है कि एवरेज एक समझो के पौना घंटा घंटा लग सकता है अगर पूरी बॉडी की हीलिंग करें तो तो आपको लगता है भैया इतना समय कहां निकालू मैं तो कोई बात नहीं दो तीन अंग यहां पे चुन लो दो चार अंग यहां पे एक दो तीन अंग यहां चुन लो एक दो
17:15 नीचे चुन लो तो ऐसे 10 12 अंग अंग जो है मेनमेन रोज चुनकर उस पर रेखी करते रहो इस तरह से और अच्छा अब तो तो अब रेखी का सिद्धांत क्या है कि रेखी सेल्फ इंटेलेक्चुअल एनर्जी है। अपने अपने आप जितनी देर जानी जाएगी फिर हाथ आपके ना ठंडे हो जाएंगे तुरंत या आपको फील आएगा। ठीक है ना? हम कोशिश करेंगे कि आपके साथ फिर एक बार क्वेश्चन आंसर सेशन के लिए हम एक बार फिर कोशिश करेंगे कि कल अगर कल वापस दोबारा अगर हमें जुड़ना पड़ा हम आपके थोड़े क्वेश्चन आंसर भी ले लेंगे। उस समय आज तो मैं नहीं लूंगा। तो तो उसमें क्या है कि अपनी डेली जो है मॉर्निंग आप तो आप कार में जा रहे हैं। आप बस में जा रहे हैं। आप फ्लाइट में बैठे हुए हैं। आप टीवी देख रहे
18:03 हो आप तो तो आपके पास समय होता है। तो आप जो है ना उस समय तुरंत अपना मैं खुद भी अगर शाम को मान लो मैं समाचार कई बार देखने बैठ जाता हूं टीवी के साथ तो मैं खुद अपनी भी रेकी जो है उसी समय करने लग जाता हूं। क्यों? कई बार सुबह तो मैं उठता ही वैसे तो जल्दी कर ही लेता हूं लेकिन फिर भी कई बार ऐसा मौका मिलता है कार में जा रहा हूं फ्लाइट में जा रहा हूं तो मैं उस समय भी रेखी का अच्छा उपयोग कर लेता हूं इस तरह से तो 24 घंटे कहीं पर भी उपयोग कर सकते हैं तो ये तो हो गया अच्छा अब जब रेकी आप क्लोज करते हो ना तो क्लोज कैसे करना है ध्यान रखिए देखिए शुरू कैसे करना है हे रेकी ऊर्जा प्रवाहित हो ये दो शब्द बोलने है और अगर आपको लगता है हे भगवान मुझे तो इतना याद नहीं रहने वाला है तो कोई बात नहीं दो शब्द तो इस्तेमाल कर ही सकते हो फ्लो एंड हील फ्लो एंड हील ये दो तो शब्द इस्तेमाल कर
18:50 ही सकते हो ना बहुत उपचार करो तो ये दो शब्द इस्तेमाल भी करो तो काम हो जाएगा ठीक है अच्छा अब तो एक तो रेखी का आवाहन करना है शुरुआत में और उसके बाद में रेखी को क्लोज करना है तो आपको मुट्ठी बंद करके कहना है अब मैं रेखी को यहां पर बंद करता हूं आई क्लोज द डिवाइन रेखी पावर्ड क्योंकि नहीं तो क्या होगा आपको दिन भर हाथों में ना चर चर चर चर कुछ अजीब सा लगता रहेगा इसीलिए वो बंद करना भी जरूरी है ठीक है और उसके उसके बाद में आपने जितने रेखी को धन्यवाद दिया, माता-पिता को धन्यवाद दिया, गुरुओं को धन्यवाद दिया, अपने आप को धन्यवाद दिया। इसको कहते हैं एटीट्यूड ऑफ ग्रेटट्यूड। यानी कि हर चीज के प्रति जो जो संसार में आपको जीवन जीने में मदद कर रहे हैं उन सबको हृदय से कृतज्ञता कृतज्ञता प्रकट करके उनको
19:36 धन्यवाद देना होता है। इस तरह से तो ये रेकी का जो है मूल तरीका है अपने आप से करने का। ठीक है? अच्छा। और अब इसमें क्या है कि लोकल एरिया जो है आपका देखिए पूरी बॉडी जब आप रेकी करते हैं अपनी उसके बाद में जो मेन लोकल एरिया है ना वहां पर आपको 510 मिनट तक हीलिंग करनी चाहिए तो 510 मिनट हीलिंग करने के लिए मान लीजिए अभी अभी भी देखिए अभी आप लोग तो योगा करने वाले लोग हैं। आप लोग तो ध्यानी लोग हैं। तो मुझे लगता नहीं कि आप में से कोई ज्यादा कोई इतनी तकलीफ में इस वक्त होगा। कोई दर्द से करा रहा होगा। ऐसे लोग होंगे नहीं। लेकिन फिर भी अगर आपको लगता है कि किसी को दर्द है कोई तो आप अभी जब मैं आपको 7:30 बजे आप फ्री हो जाओगे तो उस समय आप अपने दोनों हाथ रगड़ कर आराम से पांच 10 मिनट अपने अंगों पर हाथ रखकर अपने आप
20:23 को ठीक कर लें। ठीक है? तो ये तो हो गया कि भाई सेल्फ फीलिंग खुद की करते रहे करते रहे डेली और पानी फिर और क्योंकि एनर्जी दी है बॉडी को तो पानी की पानी जो है खपत थोड़ी बढ़ जाती है तो इसलिए हमेशा रेकी करने के बाद एक गिलास पानी चार्ज किया और वो पानी फिर पी लिया ताकि बस इतना सा ख्याल रखना होता है और रेकी में कोई बहुत ज्यादा कुछ भी माथापच्ची नहीं है कि ये नहीं करो वो करो कुछ भी नहीं करना है हमारे पास हाथ है बस फटाफट तकलीफ हुई हाथ रख दिया अपने आप पे अच्छा अब दूसरों की रेकी करने के लिए क्या करना है? ये ये बड़े उसमें कोई बड़ा काम नहीं है। जैसे आपने अपने आप पर हाथ रखा ना वैसे आप किसी को अगर आप देखिए जनरली हमें रेकी दूसरों के कहां काम आएगी? लोकल एरिया में। लोकल बोले तो कोई कहेगा मेरा सर दर्द हो रहा है,
21:09 मेरे कान दर्द हो रहा है, मेरे पेट दर्द हो रहा है, मेरा कमर दर्द हो रहा है, मेरे घुटने में दर्द हो रहा है। तो जनरली तो आदमी को लोकल ही ज्यादा उपयोग होगी। ठीक है? तो आप क्या करें कि उसको बैठा दे, कुर्सी पर बैठा दे, उसको लेटा दें। और लेकिन एक बात ध्यान रखना जब आप दूसरों को रेकी करते हैं तो आपको उस तरह की पोजीशन नहीं लेनी चाहिए कि जिससे आपके अंदर दर्द पैदा हो जाए। जैसे कई बार क्या होता है कोई आदमी खड़ा हुआ है तो आप उसको यू करके रेकी कर रहे हो आप तो आपके हाथ दुखने लग जाएंगे। आपकी कमर भी खींच सकती है। इसीलिए आप भी कंफर्टेबल पोजीशन में रहकर अगर आप कुर्सी ऊपर कर रहे हो तो आप भी कुर्सी पे बैठ जाए ताकि उसे कमर पे हीलिंग करनी है तो आपकी कमर दुखे नहीं कम से कम। ये ख्याल रखना बहुत जरूरी है। ठीक है? और तो जनरली तो लोकल एरिया पर हमें हीलिंग ज्यादा करनी है। अच्छा अब यहां पर लोकल एरिया की
21:55 हीलिंग करने के लिए एक हमारा और विषय ओरा के बारे में है जिसको ओरा क्लीनिंग कहते हैं। दोस्तों ओरा क्लीनिंग वैसे तो प्रैक्टिकली एक वीडियो आपको मैं भेजूंगा। उसके अंदर वो मैडम ने सब गाइड किया हुआ है। तो वो वीडियो से आपको समझ में आ जाएगा कि ओरा क्लीनिंग क्यों करते हैं। देखिए हमारे शरीर के अंदर जब भी कोई प्रॉब्लम आती है ना तो वो सबसे पहले हमारे आभा मंडल में आती है। बाद में शरीर में प्रकट होती है। तो मान लीजिए मेरा सर दर्द हो रहा है। तो सर दर्द में क्या होता है? मेरे आभा मंडल में एक हैवीनेस हैवी एनर्जी पहले डेवलप होती है। फिर सर दर्द होता है। तो आभा मंडल का नियम क्या है? कि अगर मैं वो सर के मेरे आसपास यहां पे ऊर्जा क्षेत्र में वो एनर्जी क्रिएट हुई। अगर मैं उस ऊर्जा को यहां से ऐसेसे करके बाहर की तरफ ऐसे मैं निकाल दूं। ऐसे पांच काउंट करते
22:41 हुए वन टू थ्री फोर फाइव और ऊपर उसको ब्लो कर दिया। ब्लू इसलिए कर दिया क्योंकि आपने एक ऊर्जा ब्लैक एनर्जी हैवी एनर्जी आपने रिलीज की है तो उसको वापस डिस्कार करना होता है उसको फेंक देना होता है तो आपको मैं इसको उस समय भाव करें कि ये ऊर्जा ब्रह्मांड में जाकर शुद्ध हो जाए ताकि वो ऊर्जा आपको डायरेक्शन मिले तो आपने क्या किया कम से कम ऐसे दो तीन मिनट तक आपने उसके सर में से अगर सर भारी यहां भारी है तो आपने यहां से निकाला अगर इस तरफ भारी है तो आपने यहां से ऐसेसे निकाला और अगर अगर आंख भारी है तो आपने एक इस तरफ निकाला ऐसे मतलब दो तीन मिनट तक यू यू करके मतलब पांच ही गिनती से 1 2 3 4 5
23:27 1 2 3 4 5 ऐसे फिर इस तरह से इस आंख से निकालो मान लो इस आंख में प्रॉब्लम है तो और अगर छाती में प्रॉब्लम है तो आपने यहां आपके कोई हाथ में दर्द हो रहा है तो आपने हाथ से ऊपर ऊपर टच नहीं करना इसमें ऊपर ऊपर से ऐसेसे करके निकालना है इसको ओरा क्लीनिंग कहते हैं। ओरा क्लीनिंग जो है ना इतनी इफेक्टिव है मैं बता रहा हूं आपको कि कई अधिकतर बीमारियों में हम जब ओरा क्लीनिंग कर देते हैं ना तो रेकी की जरूरत भी नहीं पड़ती बता रहा हूं रेकी क्यों काफी हैवीनेस उसमें से निकल गई आदमी कहता है आराम मिल गया मेरे को तो मतलब इतनी इफेक्टिव हीलिंग है ये तो तो आप जब भी किसी की लोकल हीलिंग करें तो हमेशा ध्यान रखना अगर घुटने है तो घुटनों में ऐसेसे करके घुटनों से दोनों
24:15 हाथों से बाहर की तरफ निकालना अपने बॉडी में ले नहीं आना ये ध्यान में रखें तो वो एक समझो एक हैवी एनर्जी है ओरा में आप उसको रिलीज कर रहे हो तो ऐसेसे रिलीज करके आपने उसको बाहर निकाला और आपने उसको फेंक फेंक दिया तो ऐसे दो तीन मिनट तक जो है ना कम से कम ओरा दो या दो तीन मिनट चार मिनट आप ओरा क्लीनिंग करें फिर बाद में रेकी करें और रेकी करते हुए वही रेकी ऊर्जा प्रवाहित हो उपचार के लिए फिर उसके बाद आपने उस जगह पे जहां हाथ रख दिया अच्छा जब आप हीलिंग करते हैं दूसरों की भी खुद की भी तो आप है ना अपना भगवान का मंत्र का जाप भी कर सकते हैं साथ साथ में ताकि वो साउंड वाइब्रेशन जो है ना अगर आप नमोकार मंत्र पढ़ रहे हो आप ओम नमः शिवाय पढ़ रहे हो तो गायत्री मंत्र पढ़ रहे हो तो उसका भी वाइब्रेशन साथ में जुड़ जाता है इस तरह से तो ऐसे करते हुए जो है
25:04 आप जो है लोकल हीलिंग भी दूसरों की भी हीलिंग कर सकते हो तो इससे फायदा क्या होगा कि जनरली हमारे ऑफिस में लोगों को घर तकलीफ के कारण घर जाना पड़ता है छुट्टियां लेनी पड़ती है वो सब जरूरत नहीं पड़ेगी जी घर में रात को बच्चा चिल्लाया बच्चा नींद में है और बच्चा रो रहा है और आप नींद में हो तो आपको लगा कि आपने ना नींद में भी हो ना तो भी ऊर्जा जाएगी बता रहा हूं आपने हाथ को रगड़ा और बच्चे के पेट पर रख दिया और कहा रेकी फ्लोइंग हिल इतना इंटेंशन कर दिया बस अपने आप थोड़ी देर और आप नींद में चले भी गए लेकिन आपके हाथों से ऊर्जा जो है ना वो जाती रहेगी ये कमाल की बात है और बच्चा शांत हो जाएगा या अचानक घर में किसी को अटैक आ गया रात को कोई प्रॉब्लम हो गई आपने तुरंत उनको रेखी कर दी और आपको समझ कहां करूं जी कहां करूं रेकी कहीं भी कुछ समझ में ना आवे ना सीधा उसके सोलर फ्लेक्स
25:49 के सोलर फ्लेक्सेस पे रेकी करो देखिए या तो देखिए मेन तीन एरिया है अगर इमरजेंसी घर में आ जाए एक तो ब्रेन एरिया एक तो ब्रेन एरिया को रेकी कर दो क्योंकि ब्रेन से भी पूरी बॉडी में एनर्जी चली जाएगी एक हमारे हार्ट चक्र में भी कर सकते हैं यहां पे रेकी कर दे या सोलर फिक्स पे कर दे यहां पे नाभि के ऊपर कर दे नाभि थोड़ा ऊपर यानी कि जिसको मणिपुर चक्र कहते हैं और या नहीं तो तलवे पे कर दे पाव के तलवे पे ऐसे हाथ रख दे क्योंकि क्योंकि वो आदमी सोया हुआ है तो तलवे पर हाथ रख दे तो तलवे से पूरी बॉडी में एनर्जी जा रही होती है। तो ये मेन तीन जंक्शन पे भी देखिए करोगे ना इमरजेंसी में तो आपको लगेगा कि मैं उसको कुछ लाभ दे रहा हूं। ठीक है? बाकी तो जनरली कोई लोकल एरिया में प्रॉब्लम होती है। कोई वो कहता है मेरा कमर दर्द हो रहा है, सर दर्द हो रहा है या कुछ भी तो आप उसको ऐसे कर सकते हो। ठीक है? देखिए रेकी
26:36 ये तो और दूसरों को जब रेकी करोगे ना तो आप फुल देखिए बड़ी बीमारी है लंबे समय से क्रॉनिक चल रही है तो रोज उसके अंदर फुल बॉडी रेकी करो जैसे आप अपनी फुल बॉडी रेकी करते हो ना वैसे उसको भी फुल बॉडी रेकी करो तो जैसे आपने पहले उसके लेटा दिया और आपने पहले उसके आंख पे हाथ रखा एक एक दो मिनट रखा अगर नहीं एनर्जी जा रही तो आगे बढ़ जाओ फिर कान पे रखा फिर उसके सर पे रखा फिर आपने गाल पे रखा फिर आपने थर्ड आई पे रखा फिर गले पे रखा ऐसे तो दूसरों दूसों के लिए हाथ रखते जैसे मान लीजिए मुझे इस लंग इस लंग पे लेके करनी है तो हाथ एक हाथ ऐसे एक हाथ ऐसे तो ऐसे एक हाथ इस लंग पे आ जाएगा एक हाथ इस लंग पे आ जाएगा ऐसे तो इस तरह से मैं आपको एक हमारी ई बुक भी है ई बुक भी है मैं वो ई बुक भी आपको भेज दूंगा तो वो ताकि आप उस वो किताब
27:22 सब लोग जो है वो मंगवा आप अपने संपर्क करके मंगवा लीजिएगा इनसे तो मैं मैं सब कुछ शेयर कर दूंगा आप लोगों को ठीक है ना तो इस तरह से आप लोग जो है अपने दूसरों का उपचार भी कर सकते हैं। क्लियर? अच्छा। तो फुल बॉडी जब दूसरों की रेकी करोगे ना तो उसका फायदा क्या होगा कि कहां-कहां कौन-कौन से अंग में प्रॉब्लम में देखिए क्या होता है? जब हम रेकी किसी की फुल बॉडी रेकी करते हैं ना तो किस अंगों के कारण वो बीमारी उसकी डेवलप हो रही है। मान लीजिए किसी को सर दर्द हो रहा है तो आपने देखा सर में सर में हीलिंग नहीं जा रही है पर लिवर में हीलिंग जा रही है। पेट में हीलिंग जा रही है। इसका मतलब गैस और लीवर के कारण प्रॉब्लम है भाई। तो जहांजहां ऊर्जा की रिक्वायरमेंट होगी मान लीजिए कमर घुटने में दर्द है आपने देखा घुटने में तो हीलिंग गई नहीं कमर के अंदर जा रही है
28:09 क्योंकि कमर से रूट चक्र से कनेक्टेड है उसका तो क्या होता है जिसज एरिया से उसका रिमोट जो कनेक्शन है मतलब उसका रूट कॉज है वो आपको समझ में आएगा अच्छा जहां जहां आप रेकी करोगे ना सारे अंगों पे एक एक अंग पे करोगे आगे भी पीछे भी पहले आगे की कर दे पूरी बॉडी की फिर पीछे की फिर उल्टा करके उल्टा पीछे की कर दे तो आपको पता पता चलेगा कि कौन-कौन से अंग में कितनी एनर्जी गई। देखिए अगर दो मिनट गई तो कम प्रॉब्लम है। दो पांच मिनट गई तो थोड़ी ज्यादा प्रॉब्लम है और 10 मिनट गई तो और ज्यादा प्रॉब्लम है। और कई बार कई अंगों में इतनी तकलीफ होती है कि आप जब हाथ रखते हो ना दूसरों के ऊपर तो आपका ना हाथ दर्द भी होने लग जाता है। इतनी जोर से हीलिंग जैसे कोई मैगनेट की ऊर्जा की तरह चूस रहा होता
28:55 है। इतनी जोर से एनर्जी जा रही होती है और जाते फिर ऊर्जा जैसे उसने लेनी बंद कर दी आपका हाथ ठंडा हो जाता है। समझ फिर वो दर्द खत्म हो जाता है। तो ऐसे करके एक बार किसी की फुल बॉडी लिखी करोगे ना आपको मजा आ जाएगा और वो आपको पता चल जाएगा कि इसके कौन-कौन से अंगों में कितनी एनर्जी है और कौन-कौन से अंग कितना काम कर रहे हैं। ठीक है ना? तो इस मतलब हमें एक प्रकार से बॉडी की डायग्नोसिस हो जाती है। यूं समझ ले। तो रेकी हीलर जो होता है ना वो अपने हाथों से ऐसे बॉडी को टच करके ही पता कर लेगा कि इसकी बीमारियां कहां-कहां पर है। ठीक है? अच्छा अब जब आप रेकी समाप्त कर चुके हो उस समय एक म्यूजिक वग चला दे ओम चला दे गाय मंत्र चला दे और उसके बाद में जब हीलिंग समाप्त हो जाए तो आप अपने दोनों हाथ है ना
29:42 मुट्ठी बंद करके रेकी बंद करनी है जैसे मैंने कहा फिर बाद में एक बात ध्यान रखना जब हम दूसरों का उपचार करते हैं तो हमारे नाभि से ना एक इमोशनल कॉर्ड डेवलप होता है। तो इसीलिए हमेशा अपने दो अपने यहां से टॉप क्राउन चक्रा से लेकर ऐसे नीचे तक ऐसे कैंची कट करें। ऐसे कट कट कट तो वो हमारे आभा मंडल से और हमारे चक्रों से कई बार उसका ना इमोशन उसके साथ हमारी कनेक्टिविटी बनने लगती है। तो हम उसको हीलिंग करने के बाद अपने आप को कट जरूर करें और अपना हाथ जाकर क्योंकि एक आपने ओरा क्लीन किया आपके हाथ गंदे भी हुए हैं। ठीक है ना? ऊर्जा से तो इसलिए जाकर हाथ धो लें और और इन केस अगर आपको लगे कि मुझे मुझे हीलिंग करने के
30:28 बाद मुझे भी हैवीनेस लग रही है क्योंकि आपने उसके ओरा में कुछ देर रहे हैं आप तो आप क्या करें अपने हाथ दोनों ऐसे रखें आप मेरे साथ कर सकते हैं ऐसे हाथ रखकर कहे फिर एक ही ऊर्जा प्रवाहित हो मेरे स्वयं के आभा मंडल को शुद्ध करो मेरे आभा मंडल को क्लीन करो क्लियर माय ओरा उसके बाद क्या करो धीरे से सात बार ऐसे अपने ओरा को साफ करो ऐसे और कल्पना क्या करना एक बड़ी हैवी सी ब्लैक एनर्जी लेयर निकल कर नीचे जा रही है और नीचे ले जाकर अपने कमर से ले जाकर झटक देनी चाहिए यू जोर से झटक दे और फिर ऐसे सात बार जो है ना अपना ओरा साफ करें तो अगर आपके ओरा में अगर मान लो कोई इमैक्ट आया है तो नहीं तो जरूरत नहीं होती 90% जरूरत नहीं होती पर कुछ लोग की बॉडी सेंसिटिव होती है ना उनको फील आता है कि मुझे भी बॉडी में हैवीनेस फील हो रही है इसीलिए और फिर भी लगता है कि यार और
31:15 ज्यादा हैवीनेस लग रही मान लो एक दो पांच परस लोगों को तो तो फिर जाके क्या करो हाथ पांव धो लो ठंडे पानी से तो उससे फिर ओरा जो है चेंज हो जाता है तुरंत यू तो इस तरह से तो ऐसे करने से जो है रेकी जो है आप कहीं भी कर सकते हैं आप आप अगर तकलीफ में है तो भी कर आप बीमार है तो भी दूसरों को कर सकते हो बता रहा हूं ऐसा मत समझना मैं तो बीमार हूं जी मैं क्या करूंगा दूसरों को नहीं आपकी आप तो माध्यम हो ना आप तो नल हो नल इतना छोटा होगा बड़ा होगा इतना बड़ा होगा पर ऊर्जा जाएगी तो पक्की ना भाई इसलिए आप ऐसा मत सोचिएगा मैं तो खुद ब्लड प्रेशर का मरीज हूं। मैं तो डायबिटीज हूं। मैं क्या करूंगा जी हीलिंग? नहीं यू कैन डू इट। ठीक है? तो इस तरह से तो बाकी तो देखिए रेखी का सारा और भी जो जानकारी है वो मैं
32:02 आप लोगों को दे ही दूंगा। और एक बात ध्यान में रखिएगा जब आप दूसरों का उपचार करते हैं ना तो कोई भी ध्यान रखना क्योंकि आपने उसको उपचार किया है ना तो आदान प्रदान के नियम को जरूर फॉलो करें। आप उसको कहे कि देखो भाई आपने मेरे से उपचार लिया है ना तो आप जाके किसी चिड़ियों को दाना डाल देना गाय को घास खिला देना या नहीं तो एक आधा पेड़ ही रोप देना मतलब अगर आपने दो चार आठ दिन उपचार किया है उनका तो उनको बोलना फ्री में मत दो एक बात ध्यान रखना फ्री की मेंटालिटी नहीं देने की मेंटालिटी हमेशा आपको नीचे ले जाएगी लोअर फ्रीक्वेंसी में ले जाएगी और देने का भाव हमेशा एक्सपेंड करता है आपके ओरा को भी आपके हार्ट को भी तो इसीलिए लिए हमेशा ध्यान रखना सामने वाले को देना जरूर
32:47 सिखाना। अगर वह देना नहीं सीखेगा ना किसी भी रूप में चाहे वह दान के रूप में दे दे सेवा के रूप में दे दे तो उसको बोलना कुछ ना कुछ तुझे देना है चाहे परिवार में भी इवन अपनी पत्नी को बोल देना भैया मुझे मुझे एक एक्स्ट्रा आज आज मुझे हलवा ही खिला दे कोई बात नहीं जो भी है मतलब ही शुड फील कि मैंने इसके एवज में कुछ दिया ये जो देने का भाव है ना ये इंपॉर्टेंट है ठीक है ना इस तरह से तो आदान प्रदान का एक स्वस्थ नियम का पालन होना चाहिए ठीक है तो रेस किसी तरह से देखिए रेकी बहुत लंबा चौड़ा विज्ञान है। अभी तो आपने आज बेसिक मैंने आपको सिखाया है। आप एडवांस लेवल में जब जाओगे तो उसमें कैसे भाग्य बनता है, भविष्य बनता है, संयोग बनते हैं। कैसे टेलीपथी से दूर तक कैसे उपचार करें? जितना आप प्रेजेंटली उपचार करोगे ना दूर से भी
33:34 आप उतना ही स्टंगली उपचार कर सकते हो। आप किसी परिस्थिति गड़बड़ हो गई है, कोई समस्या चल रही है तो उसके अंदर पॉजिटिव ऊर्जा भेजकर दूर से उसके अंदर चेंजेस ले आ सकते हो। किसी के मन में परिवर्तन लेकर आ सकते हो। क्यों? आप टेलीपथिकली उसके ऊर्जा क्षेत्र में घुसते हो। तो इस तरह से मतलब बहुत आपकी अपनी ही क्षमताओं का है ना आप पूरा उपयोग करते हो। उसमें पावर ऑफ इंटेंशन, पावर सबकॉन्शियस माइंड को कैसे कंट्रोल करें? लोग कहते हैं जी विचार कंट्रोल में नहीं आते। मैं कहता हूं तुम्हारा यंत्र है। तुम्हें उपयोग करने की कला आनी चाहिए। तो सबकॉन्शियस माइंड के बारे में कैसे उपयोग करें? क्यों आदमी अमीर नहीं होता? क्यों आदमी सफल नहीं होता? क्यों आदमी गरीब रह जाता है? क्यों आदमी जीवन में कई तरह के दुख में भुगतता रहता है? तो ये सारी चीजें यानी कि अल्टीमेटली क्या होता है कि आपके जीवन में
34:22 कैसे यंत्र काम करते हैं, तंत्र काम करते हैं, मंत्र काम करते हैं। कैसे मनोकामनाएं 100% सफल होने के डेफिनेट लॉ होते हैं। तो ये जितने भी जो रहस्य है ना जिसके जिसको लेकर हम एक आदमी परेशान रहता है वो सारे अपनी क्षमताओं को शक्तियों को जब पहचान लेता है ना तो उसके सारे मतलब फिर उसकी खोज समाप्त होने लग जाती है। फिर उसको लगता है मेरे पास सारे हथियार है। यानी कि मेरे पास ऐसे बहुत सारे हाथ है और मैं उससे जो है मैं दुनिया में कुछ भी कर सकता हूं। यह सबसे बड़ी बात होती है। तो दोस्तों अब मैं रेकी में मैं जब रेकी सिखाता हूं तो मैं रेकी सिर्फ रेकी ही नहीं सिखाता हूं। एक बात ध्यान रखना देखिए हथियार किसी को देने से पहले है ना अगर हमने उसको उसका उसका
35:08 माइंड और उसके हेल्थ को अगर मान लीजिए एक योद्धा है उसका माइंड नेगेटिव में जी रहा है और वो योद्धा जो है शरीर रूप से स्वस्थ भी नहीं है तो दोस्तों वो क्या लड़ाई लड़ेगा जीवन में तलवार भी दे दी तो क्या काम की तलवार है तो इसीलिए मैं आज जब मैं रेकी सिखाता हूं तो मैं चाहता हूं कि मैं आपके जो जिस कारणों से आज आप दुखी होते हो तनाव में जाते हो चिंता करते हो भयग्रस्त होते हो वो भी निकलना जरूरी है क्योंकि वो कॉज है वो आपको कमजोर कर रहा है और दूसरी तरफ खानपान के भी जो नियम है हेल्थ के उसके बारे में चर्चा करता हूं तो मैं कोशिश करूंगा आज तो मैंकि हमारे पास समय के लिए सीमाएं हैं तो मैं हेल्थ संबंधी अगर आपको कल जानकारी चाहिए तो कल एक बार सेशन में आपका और ले लूंगा अगर आपको तिलोक
35:54 जी कहेंगे तो मैं कल सुबह फिर आ जाऊंगा और आपका जो है मैं हेल्थ से संबंधित आपके क्वेश्चन आंसर के होंगे या उससे संबंधित कोई भी गाइडेंस है वो मैं कल फिर पूरा का पूरा खाली हेल्थ के ऊपर फोकस करूंगा। आज मैं अभी हेल्थ का विषय नहीं ले रहा हूं। आज मैं आपका अध्यात्म का विषय ले रहा हूं। देखिए यहां पर क्या है कि बीमारी के हमारे दो मुख्य कारण है। उसमें माइंड और हमारा हेल्दी हमारी लाइफ स्टाइल। ठीक है ना? खानपान जो होता है। तो मैं माइंड को सबसे प्राइमरी रखता हूं। क्योंकि मन जो है ना हमारी बॉडी में एक एक सेकंड में हमारी केमिस्ट्री और हार्मोंस को गड़बड़ कर रहा होता है। इसलिए अगर आपने मन को ठीक नहीं किया ना आप चाहे दुनिया के कुछ भी कर लो आप बीमार पड़े ही रहोगे।
36:40 देखिए एक बात ध्यान में रखना रेखी कितनी भी अच्छी होने दो ध्यान कितना भी अच्छा होने दो योग कितना भी अच्छा होने दो हवा धूप कितनी भी अच्छी होने दो विश्राम कितना भी अच्छा होने दो लेकिन दोस्त और तो ध्यान रखना अगर बीमारी का कॉज आपको नहीं पता और आपने नहीं निकाला ना तो आप यह सब कुछ करके भी आप बीमार पड़े रहोगे। क्यों? यू आर कॉज मेंटेन मीन डिजीज मेंटेन। तो दोस्तों जब तक आप कॉज को निकालोगे नहीं जिस जिससे मैं मेरा हाथ दर्द हो रहा है। मैं इस कॉज को हटा ही नहीं रहा हूं। तो तुम कब तक यहां पे मालिश करते रहोगे या उपचार करके एक्सरसाइज करते रहोगे या रेकी करते रहोगे? कब तक करते रहोगे? इसीलिए ऑलवेज वर्क ऑन द रूट कॉज यू समझ में। ठीक है? तो अब मैं आज मैं सबसे पहले माइंड के ऊपर आपको बात करना
37:28 चाहता हूं। देखिए आदमी दुखी होता है, तनाव लेता है। है ना? चिंता करता है। तो क्यों करता है? क्योंकि थोड़ा अज्ञानता में है। सत्य से परिचय नहीं है उसका। ठीक है। अब जनरली किसी को पूछो भाई साहब दुखी क्यों है? तो वो आपने कभी भी नोट कर लेना। वो हमेशा दूसरों पे उंगली करता है। वो कहता है भाई साहब इनके कारण दुखी हो। जी। तो एक बात ध्यान में रखना के बाहर जो है ना चिंगारियां है पेट्रोल तुम्हारे भीतर है ध्यान रखना और वो पेट्रोल तुमने इकट्ठा किया है दुनिया ने लाकर तुम्हारे भीतर नहीं रखा ये ध्यान में रखना इसीलिए बाहर की चिंगारियां आकर आग लगा जाती है और तुम क्या कहते हो नहीं जी इस चिंगारी ने मेरे घर में आग लगाई जी अरे भाई पर तुम्हारे अंदर पेट्रोल नहीं होगा तो आग क्यों लगेगी
38:16 तो तुम्हें अपने पेट्रोल को ठीक करना है क्योंकि चिंगारियों को दोष भी कब तक देते रहोगे भाई? तो इसीलिए तो आज ये पेट्रोल की टंकियां क्या क्या है जो हमने अनजाने में अपने अंदर विकसित कर दी है। हमें पता नहीं चला। मैं थोड़ा सा उसके ऊपर चर्चा करके फिर समाप्त करूंगा। देखिए हमारे भीतर है ना पांच टंकियां हमारे भीतर है। सबसे पहली टंकी हमारे भीतर कौन सी है? इमेज क्रिएशन। अहंकार का निर्माण। मैं का निर्माण। देखिए जब हम छोटे होते हैं तो हमारे दिमाग में हमारे बारे में कोई इमेज नहीं होती कि मैं कौन हूं? हूं मैं क्या हूं ये कुछ पता नहीं होता आपको आप लोगों के सामने नंगे भी घूम रहे होते हैं नाक बह रही होती है कपड़े फटे हुए होते हैं कोई चिंता थोड़ी है दिमाग में लेकिन जैसे जैसे आप बड़े होने लगते हो धीरे-धीरे फिर लोग आपके बारे
39:02 में कमेंट शुरू करते हैं परिवार में समाज में आप बड़े सुंदर है इंटेलिजेंट है आप ऐसे हैं आप वैसे हैं तो हमारे यहां पे भी क्या है कि एक हम हम भी एक हैंगर है हमारे यहां पे बहुत सारे हम क्या करते हैं जो जो लोग कमेंट करते हैं हम उसको टांगते जाते हैं मैं सुंदर मैं सज्जन मैं ऐसा मैं ऐसा फिर घर जाकर आप क्या करते हो आप अपने बारे में ना एक मूर्ति बनाना शुरू करते हो के शर्मा जी बोले तो ऐसा अब आपके पास देखिए लोगों ने जो आपको कमेंट किया ना आप उससे एक मूर्ति बनाते हो और मूर्ति बनाकर आप आप अपनी इमेज क्रिएट करते हो और आप क्या कहते हो शर्मा जी बोले तो 10 इंच का एक आदमी अब वो इमेज आप हाथ में लेकर घूमते रहते हो अब किसी ने गधा कह दिया आपका दिमाग खराब हो गया क्यों खराब हो गया अरे भाई साहब गधा 2 इंच का ही होता है मैं तो 10 इंच का हूं।
39:48 तो देखिए आपको गधा कहने से गाली देने से या आपको थोड़ा सा कुछ भी छोटा कह देने से आपको दिक्कत क्यों हुई? क्योंकि आपको लगा यार मैं ऐसा हूं और इसने मुझे इतना ही बता दिया भाई। तो ये कहां है? मैं तुम्हारी इमेज अगर मैं तुमसे पूछूं तो तुम कहोगे साहब मेरे मन में है। मन में कहां है भाई? कल्पना में। कोई रियल में तो है नहीं। कल्पना में है ना? अच्छा लोग भी तुमको इमेज देंगे। ध्यान रखना। पैसा होगा तो लोग तुम्हें सेठ जी सेठ जी करेंगे। पद होगा तो लोग तुम्हें बॉस बॉस नेता नेता करेंगे। ज्ञान होगा तो लोग तुम्हें गुरुजी गुरुजी करेंगे। अगर तुमने मान लिया मैं गुरु तुम्हारा दुख शुरू ध्यान रखना लोग तुम्हारे पांव पकड़ते हैं, फूल माला पहनाते हैं, तालियां बजाते हैं, तुम्हारी तारीफें करते हैं, तुम फंस जाते हो। याद
40:35 लोग तुम्हें फंसा देते हैं और तुम्हारे अंदर फंसने की ताकत है। तभी तो तुम फंसते हो ना भाई। तो जिस दिन मैंने इस बात को जाना अरे ये तो लोगों की दी हुई उधार की प्रतिमाएं हैं। रियल में नहीं है। लोगों ने दी हुई है। तो मैंने उठा के सब फेंक दिया। मुझे पता चल गया कि ये किसी ने किसी ने मेरी गड़बड़ की है सारी। तो दोस्तों जैसे ही मैंने अपने सारे इस इमेज को निकाल के फेंका ना तो तीन चार घटनाएं मेरे साथ घटी। पहली घटना क्या घटी? क्योंकि मेरे पास इमेज नहीं है। इसलिए मुझे 24 घंटे ना उसको पिश करने की झंझट भी नहीं है कि मैं अपने अपने धन से पैसों से अपने कपड़ों से अपने मकान से अपने ज्ञान से मैं लोगों को इंप्रेस करने की कोशिश करूं। भाई साहब जरा ख्याल
41:20 रखना मैं कोई मामूली चीज नहीं हूं। तो ये जो हर आदमी में एक एक प्रयास होता है ना कि आई वांट टू मैं कुछ मैं कुछ चीज हूं। जी तो ये झंझट नहीं मेरे अंदर। क्यों मेरे पास इमेज ही नहीं है तो मैं क्या शो ऑफ करूं पहली बात और दूसरी बात क्या है किकिकि मेरे पास इमेज नहीं है इसलिए आप मुझे तारीफ करो मेरी गालियां दो तो मेरे को क्या फर्क पड़े भाई क्योंकि मुझे उसको मापने के लिए स्किल तो चाहिए ना तो वो मेरे पास है नहीं तो इसीलिए मैं किसी की गालियां या तारीफ मुझे गालियां कोई तारीफ करे तो मैं फूलता भी नहीं हूं बता रहा हूं मैं आपको और गाली दे तो मैं सिकुड़ता भी नहीं हूं क्यों मेरे पास कुछ है ही नहीं मापने को और तीसरी चीज जो है दोस्तों वो क्या होती है के हर आदमी संसार में है ना दो पर्सनालिटी में जीता है। एक जो वास्तव में जो होता है वो जो घर में घर वाले
42:07 जानते हैं सिर्फ और क्योंकि और एक आप पर्सनालिटी बाहर आप लोगों के सामने मुखौटा पहन के आते हो। देखिए परसोना का मतलब ही मुखौटा तो आप जब घर से बाहर निकलते हो ना तो पर्सनालिटी की एक लोगों को दिखाने के लिए कि शर्मा जी इस टाइप का आदमी है भैया। तो आप एक चुनरी ओढ़कर है ना बाहर आते हो आप और फिर लोगों को कहते देखो जी मैं ऐसा हूं जी। लेकिन वो चुनरी इतनी हल्की होती है कि थोड़ी सी आंधी आते ही उड़ने लगती है और आप घबराकर जो है उसको फिर ओढ़ने लगते हो कि यार मेरे बारे में कोई लोग जान ना ले मेरे बारे में। अरे भाई तनाव किसको कहते हैं मालूम है? जब तुम दो पर्सनालिटी को लेकर आप है ना अपने अंदर झगड़ा कर रहे होते हो, परेशान हो रहे होते हो। तो दोस्तों मेरे पास दो पर्सनालिटी नहीं है। जैसे मैं अभी आपसे बातें कर रहा हूं
42:54 ना अगर मेरी पत्नी के साथ में मैं बात करूंगा ना तो मैं यही मेरी स्टाइल होगी जैसे मैं आपके साथ कर रहा हूं। मेरे बच्चे के साथ भी ऐसे ही करूंगा। मैं भिखारी के साथ भी ऐसे ही करूंगा। मेरे स्टाफ के साथ भी ऐसे ही बात करता हूं। वो ऐसा नहीं कि आपने आपने देखा होगा आपकी पर्सनालिटी है ना लोगों के हिसाब से बदलती रहती है। आप अपनी पत्नी के सामने जाके बात करोगे अलग स्टाइल हो जाएगी। आप बेटे के बच्चों के सामने बात करोगे अलग हो जाएगी। आपके कोई स्टाफ है तो उसके सामने एक बहुत छोटा सा स्टाफ है तो उसके सामने अलग हो जाएगी। कोई बड़ा आदमी है तो आपकी अलग हो जाएगी। यानी कि योर पर्सनालिटी चेंजेस तो इस तरह से क्या होता है कि तो मेरे पास पर्सनालिटी नहीं है इसलिए परिवर्तन का कोई रास्ता नहीं मेरे पास भी। ठीक है? अच्छा अब लास्ट जो है वो तो सब आप सब जानते ही है कि लोग क्या कहेंगे यानी कि लोगों के
43:42 हिसाब से फिर देखिए जितनी इमेज आप माइंड में ले बैठते हो ना उतना उतना ही आप लोगों से डरोगे। ये इसका सिंपल सा नियम है क्योंकि तुम लोगों के हिसाब से इमेज को मेंटेन कर रहे हो भाई। तो देखिए मजेदार बात क्या मालूम है? लोग तुमसे डरे हुए हैं और तुम लोगों से डरे हुए हो। एंड नोबडी इस बोदर्ड अबाउट एनीबडी। किसको किसकी चिंता है भाई? लेकिन तुम्हारा दिमाग है ना अस्यूम करता है। मान लो तुम्हारे एक दो लोग तुम्हारे ऑफिस में तुम्हारे घर में कोई तुम्हारे बारे में बात कर रहे हैं तो तुम्हें क्या लगता है सारी दुनिया मेरी चर्चा कर रही है। मेरे बारे में बोल रही है। तो आदमी है ना अस्यूम करके लंब चौड़ा लंबा चौड़ा कर लेता है। मान लीजिए आप किसी बस में जा रहे हैं। किसी का किसी पार्टी में जा रहे हैं। अचानक आपका यहां से शर्ट फट गया। मान लो। अब आप ही को मालूम है फड़
44:27 गया ना। लेकिन आपका यहां से फट भी गया ना तो आप देखना पूरे पार्टी में या बस में बैठे-बैठे आप ऐसे हाथ रखे रहोगे ऐसे होने भी नहीं दोगे। अच्छा आपने अगर ऐसा कर दिया तो क्या हो जाएगा? अरे नहीं नहीं वो देख लेगा मेरा यहां से फट गया करके। अच्छा आपने अगर मान लो किसी का देख लिया कि किसी का ऐसे फटा हुआ है तो तुम क्या सोच लोगे जरा आप खुद सोचो। लेकिन हमारा दिमाग है ना इतना परेशान हो जाता है। नहीं नहीं उसको दिखना नहीं चाहिए। मेरा यहां फड़ गया करके। तो अरे भाई किसी को नहीं पड़ी है। तुम्हारा फट गया तो एक मिनट सोचेगा। एक सेकंड सोचेगा लगता है बेचारे का स्ट्रेच हो के फट गया करके उतना ही उसके बाद वो अपने काम धंधे में लग जाएगा लेकिन तुम्हारा दिमाग क्या सोचता है नहीं नहीं मेरे बारे में सब लोग क्या सोच रहे होंगे ऐसे तो नोबडी इस बदर्ड मान लो तुम एक गांव में जा रहे हो तुम्हें कोई नहीं जानता उस गांव में और तुम गुनगुनाते हुए आराम से जा
45:12 रहे हो और गाना गाते हुए झूमते हुए नाचते हुए इतने में चार लोग सामने आ गए आपने गाना बंद कर दिया झूमना बंद कर दिया फिर जब ये लोग चले गए उसके बाद आपने शुरू किया गाना वापस क्यों भैया आपने गाना क्यों रोक दिया नाचना क्यों बंद कर दिया। नहीं नहीं वो मेरे बारे में क्या सोचते हैं। अच्छा वो चार लोग जो बिल्कुल आपको जानते तक भी नहीं। आपके तो जो नहीं जानते वो भी उसके अंदर भी मैं इमेज डालना चाहता हूं। जी के शर्मा जी कैसे आदमी है। बड़े शरीफ आदमी है। जी तो ये जो आप अपने आप को जो बताना चाहते हैं ना इससे आप मुक्त हो जाइए। क्यों? आप जिंदगी भर है ना इससे लड़ते रहोगे और आपको मिलेगा कुछ नहीं। तुम लड़ते रह जाओगे सिर्फ। तो इसीलिए अच्छा तो अब यहां पर एक बात ध्यान रखना जब तुम्हें कोई कहे ना कि अहंकार निकाल दो चाहे वो कई आध्यात्मिक गुरु कहते अहंकार निकाल दो तो
45:58 याद रखना अगर कोई भी गुरु कहे कि अहंकार निकाल दो ये शब्द अगर इस्तेमाल करे तो समझना उसने तो नहीं निकाला पक्की बात क्यों जो निकाल चुका होता है ना वो कभी ऐसी बात करेगा ही नहीं क्योंकि अहंकार कोई चीज थोड़ी है जो उठा के बाहर कर देंगे भाई अहंकार अज्ञानता है अहंकार भ्रम है अंध अंध अंधकार है तो रोशनी पैदा होते ही अंधकार भाग जाता है ना आंखें चक्षु खुलते ही भ्रम टूट जाते हैं ना तो दोस्तों अहंकार कभी निकालना मत जाग जाना जाग जाओगे ना अहंकार झड़ जाएगा अपने आप दोस्तों मैंने भी मेरा कोई अहंकार निकाला नहीं है मैंने अहंकार कैसे निर्मित हुआ मैंने उसका प्रोसीजर समझने की कोशिश की बच के कि बचपन
46:46 से ये अहंकार मेरे अंदर निर्मित हुआ कैसे कमबख्त? तो मैंने देखा कि यार बचपन में किसी ने मेरे गाने की तारीफ कर दी, किसी ने मेरी सुंदरता की तारीफ कर दी, मेरे ज्ञान की तारीफ कर दी। तो मैं धीरे-धीरे फूलता चला गया। तो इस तरह से तो वो जो बिल्डिंग प्रोसेस है ना आप जब स्कूल में मेरी तारीफें हुई पीछे मुझे अवार्ड दे दिया। कुछ भी तो वो जो आपके अंदर वो बिल्डिंग प्रोसेस समझ जाओगे ना तो आप हंस पड़ोगे। ध्यान रखना अहंकार के निर्माण का प्रोसेस जब आप देखोगे ना तो आप हंस पड़ोगे और जैसे ही आपको हंसी आएगी ना आपका अहंकार झल जाएगा। दोस्तों मुझे कोई विनम्रता का ढोंग नहीं करना पड़ता। पर मैंने देखा मैं कई आध्यात्मिक गुरुओं से मिला हूं। मैं अगर पांच मिनट उनके विरोध में बात कर दूं ना तो फिर उनके अंदर का वो रियल जो व्यक्तित्व बाहर आ जाएगा। तो मतलब ये झूठ
47:34 का जीवन जी रहे होते हैं। अहंकार के निकालने के नाम पर अहंकार कई अधिकतर लोगों का निकलता नहीं है। मेंटेन रहता है। अभी अभी देखिए मैं वैसे तो खैर किसी व्यक्ति के बारे में कभी मैं कमेंट नहीं करता पर अभी अभी जैसे हमारे शंकराचार्य के साथ जो हो रहा है तो वो सब उनको क्या अहंकार है भाई जो एक गए हैं कुंभ में नहाने तो क्या अहंकार ले गए भाई अरे नहीं नहाए तो वो कौन सा उसमें नहाने से बड़ी उनको पुण्य मिल जाता लेकिन फिर भी मतलब हमारे संत महात्मा भी अहंकारों से भरे पड़े हैं ये बड़ी अजीब सी बात है तो इसीलिए हमें ये समझ जाना चाहिए कि व्हाट इज माय इमेज क्रिएशन और दूसरी जो टंकी है दोस्तों वो पेट्रोल की क्या है? नॉन एक्सेप्टेंस। हम किसी को ऐसी चीज स्वीकार ही नहीं करते। हम ना तो अपने
48:19 आप को स्वीकार करते हैं ना दूसरों को स्वीकार करते हैं। और हमेशा तराजू को ले तोलते रहते हैं। मेजरमेंट करते रहते हैं। देखिए कांटा कांटा कांटा क्यों है? नहीं पूछना। चुपता है क्या? बचने के रास्ते खोजो। फूल फूल क्यों है? नहीं पूछना। अच्छा लगता है क्या? उसके पास जाने के बहाने खोजो। अरे भाई का तुम जानते हो अच्छी तरह से कि कांटा है चुभता ही है उसका स्वभाव है फिर भी तुम क्या करते हो मालूम है जिंदगी भर कांटे को लेकर चर्चा करोगे भाई साहब ये जो कांटा है ना साहब 10 साल से मेरे को चुभ रहा है भाई साहब ये कल भी मेरे को चुबा अभी सुबह घर से निकलते हो चुजी मेरे को अच्छा और कितने दिन कर लोगे भैया कब तक करते रहोगे अरे कांटा है वो तो चुभेगा रे तुम ही बच लो भाई तुम अपने प्लास्टिक चढ़ा दो तुम कुछ कर लो उसके ऊपर
49:04 या तुम उसके ऊपर ढक्कन डाल दो या उसके ऊपर धागा बांध दो कुछ तो कर लो लेकिन तुम कांटे की चर्चा करके कर क्या लोगे तो जब तुम देखिए एक बात ध्यान रखना जब तुम दूसरों के बारे में निंदा या उसके उसके बारे में जब तुम कुछ कमेंट करते हो ना तो याद रखना तुलना करते हो तुम अपने अंदर अनहै मूवमेंट को क्रिएट कर रहे हो नुकसान तुमको हो रहा है कांटा तो पूरे 50 100 साल तक भी वही रहने वाला है वो कुछ बदलाव नहीं आएगा और तुम्हारे अंदर तो बदलाव आ गया भाई तो इसीलिए एक्सेप्ट एस इट इज देखिए किसी भी व्यक्ति के बारे में आप कैसे निर्णय कर सकते हो भैया एक आदमी कितने जन्मों जन्मों का संस्कार अपने मां-बाप के संस्कार अपने परिस्थिति के संस्कार समाज के संस्कार और अपने खुद के आईडिया कासेप्ट का बना हुआ बेचारा पुतला आप कहते हो कि व्हाई ही इस
49:52 लाइक दैट ही इस लाइक दैट तो सूत्र क्या है मालूम है ऐसा ही है स्वीकारो आनंद लो या सुलझा लो भैया अगर आप नहीं सुलझा सकते किसी को लगता है तो तो कांटा है ये तो कभी बदलने वाला भी नहीं है तो फिर मजे के मैं यू कहता हूं। इसलिए मैं जब नालायक से नालायक आदमी को मिलता हूं तो मैं ये नहीं कहता हूं कि नालायक क्यों है? मैं कहता हूं कमाल का नालायक है यार। कमाल का बेवकूफ है। कमाल का आलसी है। कमाल का इंटेलिजेंट है। कमाल का स्मार्ट आदमी है। क्यों ऐसा है? ऐसा क्यों नहीं है? इसको ऐसा होना चाहिए। अरे भाई तुम तो तराजू लेके बैठे रहते हो। तोलते रहते हो कि सरला कितने ग्राम की है? शोभा कितने ग्राम की है? आज मेरा हस्बैंड 50 ग्राम अच्छा हो गया। आज मेरा हस्बैंड मेरा 50 ग्राम थोड़ा नीचे गिर गया वापस। यानी कि तुम सारे दिन
50:37 अपने रिश्ते रिश्तों को अपने दोस्तों मित्रों को अपने समाज को हर एक को बट तराजू ले कम ज्यादा करते रहते हो। रोज करते रहते हो। तो भैया तुम परेशान हो जाओगे। ऐसे कर करके तुम्हें मिलेगा कुछ नहीं। तो एक्सेप्ट योरसेल्फ एस इट इज। तुम्हारी देखिए तुम जो भी सबसे पहला अध्यात्म का अध्यात्म का सूत्र क्या मालूम है? तुम अपने तुम ऐसे नहीं हो कि ऐसे नहीं हो एक्सेप्ट फर्स्ट व्हाट एवर यू आर वेयरवर यू आर एक्सेप्ट दैट आई हैव अगर वीकनेसेस है तो है स्ट्रेंथ है तो है नहीं उसकी तरह क्यों नहीं है उसकी तरफ क्यों नहीं मुझे ऐसा होना चाहिए ना मुझे ऐसा नेवर कंपेयर नेवर चर्च याद रखना तो इसीलिए मैंने कविता लिखी दोस्तों कि हर स्वभाव को
51:24 यहां स्वीकार कर लो कांटों को भी फूलों को भी अंगीकार कर लो अपने स्वभाव में खिलने को सब यहां मजबूर है। प्रभु के विविध रूप समझकर सबसे प्यार कर क्या करोगे तोल के और और देखिए मैं तो पूर्व जन्म पे काम करता हूं। और मैं क्या देखता हूं मालूम है अगर कोई संसार में नालायक है ना तो बड़ा नियम से नालायक है। जी और कोई लायक है तो बड़ा नियम से लायक है। देखिए कोई आदमी सेक्स के पीछे पागल है। कोई आदमी धन के पीछे पागल है। कोई आदमी खाने के पीछे पागल है। तो आपको आप बड़े शरीफ आदमी हो। आप क्या सोचते हो यह क्या पागलों की तरह खाने के पीछे भाग रहा है? यह क्या पागलों की तरह धन के पीछे भाग रहा है? अरे भाई अभी वो उस लेवल से उठा नहीं है। तुम उठ गए तुम एवरेस्ट पे चढ़ गए तो दूसरों को क्यों माप रहे हो भैया? तो कहने का मतलब क्या है? जब उसका
52:11 लेवल आएगा वो भोग के भोग से अगर उसके अंदर योग आएगा तब वो एवरेस्ट पे चढ़ेगा ना भाई। तो क्या होता है? किसी आदमी के बारे में यू डोंट जज। तुम उसको गाइड कर दो, कह दो। बदल सकते हो तो बदल दो। लेकिन तुम उसको जज मत करो। याद रखना। तो एक्सेप्टेंस का मतलब है मैं बह रहा हूं। मैं लड़ाई नहीं कर रहा हूं जीवन में इस तरह से। और बाकी तो अगर ज्यादा कांटा चुभता ही है ना तो फिर वो गाना है ना चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाए हम दोनों। दैट्स ऑल। चलिए अच्छा अब तीसरा जो है ना दोस्तों वो क्या है? जैसा बीज वैसा भविष्य। एक बात ध्यान रखना इस संसार में हम हर पल मोमेंट टू मोमेंट हम जो एक्शन करते हैं ना जो थॉट विचार भाव एक्शन एकजेक्टली उसके उसके
52:59 अनुसार हमारा भविष्य जो है आकार ग्रहण कर रहा होता है। भविष्य एक्चुअल में अभी आकार ग्रहण किया नहीं है। ग्रहण करने की स्थिति में है। अभी मैंने इस तरफ टर्न कर लिया तो ऐसे मेरा भविष्य बन गया। मैंने इस तरफ टर्न कर लिया तो ऐसे बन गया। तो यह मूवमेंट टू मूवमेंट चॉइस से परिवर्तन करता रहता है। तो तो अभी मान लीजिए अगर आपका 24 घंटे अगर आपका आप जो है नेगेटिव रिएक्शन में जीते हो। देखिए हमारे दिमाग में 60 70 हजार विचार होते हैं एक दिन में तो आप जरा सोचो मैक्सिमम 80 90% हमारे थॉट है ना नेगेटिव ज्यादा होते हैं। हम 10 20% ही पॉजिटिव थॉट में जीते हैं। मतलब अधिकतर लोगों को बता रहा हूं। तो अब जरा सोचो एक नेगेटिव थॉट अगर मैंने मान लीजिए आपको
53:45 गाली दी या आपको कोई चीज पसंद नहीं आया आप अनह हुए आपके हार्मोन केमिस्ट्री रिवर्स प्रोसेस में जा रहे है यानी की नुकसान वाले प्रोसेस में जा रहे है बॉडी में डैमेजिंग प्रोसेस में जा रहे है एक मिनट आप खुश हुए बॉडी कंस्ट्रक्शन उसमें जा रहे हैं अब आप यानी कि कंस्ट्रक्शन डिस्ट्रक्शन तो ये एक एक सेकंड में हम जो थॉट करते है ना वो हमारी बॉडी में हमारे हार्मोन और केमिकल को चेंज कर रहा होता है अभी देखो ना मैंने आपको एक आपकी आपको गाली दे दिया। आपको अच्छा नहीं लगा। आपका चेहरा पीला हो गया। मैंने अभी तारीफ कर दी। आपका चेहरा पिंक हो गया। आप जरा सोचो एक सेकंड में खून बन भी गया। एक सेकंड में खून बिगड़ भी गया। तो आप जरा सोचो कितना कितना बॉडी पे हमारे विचारों का प्रभाव पड़ता है। तो आप है ना 24 क्योंकि आप जागरूक नहीं हो। होश में नहीं हो। इसलिए आपकी मर्जी से सब कुछ जो है वो प्रतिक्रियाएं चल रही होती है। तो इसलिए आज आप ध्यान
54:31 क्यों करवा रहे हैं? यहां पे आपको आनापान सती क्यों करवाई है? स्वास मन मन के साथ कनेक्टेड है ना? जैसे ही इसमें परिवर्तन आएगा ना अगर ध्यान रखोगे तो तुरंत आप उसको देखिए जागरूक आदमी रिएक्शन नहीं कर सकता समझ ले ये होता है तो इस तरह से तो वर्तमान जब जो है तुम्हारा जैसा होगा वैसा तुम्हारा भविष्य बनेगा तो अगर अगर तुम तो अगर तुम चाहते हो कि कल मैं सुबह आंख खोलू तो मुझे आनंद ही आनंद मिलना चाहिए जी तो भैया आनंद के बीज डालोगे तो आनंद मिलेगा ना तो अगर तुम्हारा ये फल आनंदित होगा तो अगला भविष्य आनंदित होगा ना तो तुम तो तो अब आप क्या सोचते हो आनंद अभी थोड़ी मिलेगा भाई साहब आप तो आज तो अभी दुख भोग लो टाइम पास कर लो आनंद तो बाद में कभी मिलेगा जी जब घूमने फिरने जाएंगे कोई शादी
55:17 घर में फंक्शन होगा तब आनंद मिलेगा आनंद अभी-अभी इसी वक्त शहद की तरह टपक टपक टपक टपक के जा रहा है पर तुम्हारा दिमाग कहां है भूतकाल में या भविष्य काल में तो दोस्तों आनंद है पर तुम यहां नहीं हो इसे तुम ले नहीं पा रहे को देखिए आप सुबह उठ के रिचार्ज होके आप सुबह उठते हो आठ घंटे रिचार्ज होके उठते हो आनंद नहीं है क्या आठ घंटे बॉडी रिचार्ज हो गई फिर जाके ठंडे पानी से आके धोते हो ठंडा पानी कितना रिफ्रेशिंग आनंद है ना उसमें ब्रश फ्रेश करते हो थोड़ा अच्छा लगता है ना मुंह फ्रेश हो जाता है है ना फिर आके बालकनी में खड़े होते हो अच्छा लगता है तभी तो खड़े होते हो फिर चायवा पीते हो अच्छा लगता है तभी तो पीते हो फिर न्यूज़पेपर पढ़ते हो या
56:02 टीवी देखते हो अच्छा लगता है तभी तो देखते हो ना अरे भाई आनंद तो सब जगह है पर तुम जो चाय भी पीते हो ना तो तुम चाय कहां पीते हो? तुम चाय में अगर 25 शिप छुपे हुए है तो चार में तुम मौजूद हो। बाकी 20 शिप में तुम गायब। तुम उस समय न्यूज़ पेपर पीते हो, गपशप पीते हो। तुम उस समय बातचीत पीते हो। तुम उस समय टीवी पीते हो। तो तुम उस समय वहां हो ही नहीं। यानी कि जो स्वाद तुम्हारे पास से अभी अभी टपक टपक के जा रहा है शहद। तुम उसके साथ नहीं हो। तो तुम फिर क्या होता है? अतृप्त रहते हो। याद रखना मन बार-बार कोई चीज के पीछे क्यों भागता मालूम है? क्योंकि तुम अतृप्त हो। तो दोस्तों तुम अब उस चीज को भोग लो ना। दोस्तों जिस दिन तुमने होश पूर्वक चाय के एक एक सिक्के को या जो भी तुम पीते हो मैं
56:47 वो तो चाय तो एग्जांपल है। तो आप है ना उसको पूर्णता के साथ पियो ना। एक एक स्वाद का मजा लो ना। जब चाय पी रहे हो तो पूरी पियो ना भाई। एक एक को पियो ना भाई। भोजन कर रहे हो तो भोजन का एक एक स्वाद का मजा तो लो ना यार। फिर क्या करोगे? अरे चल रहे हो तो चलने का मजा लो। नहाओ। अब नहाते हुए तो तुम्हें पता भी नहीं पानी कब निकल गया। तुम्हारा दिमाग कहीं और ही भाग रहा था। अरे भाई जब नहाओ तो देखो शरीर कितना शुद्ध हो रहा है। कहां से पानी निकल रहा है। कैसे एनर्जी बॉडी के रिचार्ज हो रही है मेरी बॉडी दोबारा। तो दोस्तों मूवमेंट टू मूवमेंट जब उस बल के साथ तुम रहते हो ना ध्यान रखना। देखिए माइंड एक ही काम करता है। या तो भूतकाल में भागता है या भविष्य काल में। अगर तुम वर्तमान के साथ जुड़ गए तो याद रखना वर्तमान ही भगवान है। वर्तमान
57:32 ही शिव है। वर्तमान ही आनंद है। और वर्तमान ही मोक्ष है। क्यों मालूम है? जब भूत ही नहीं है, भविष्य देखिए भूत और भविष्य मनुष्य और वर्तमान भगवान। तो अब तुम्हें मनुष्य के साथ रहना है कि भगवान के साथ ये तुम्हारी चॉइस है भाई। तो इस तरह से कहने का मतलब क्या है दोस्तों? के अब देखिए घर में झाड़ू लगनी है। कि रोटी बननी है कि कार चलानी के ऑफिस जाकर काम करना है। रोज करना ही है ना। अगर तुम बेन से कर रहे हो क्या करें? जी करना पड़ता है ना तो तो याद रखना तुम अपने उस पल को नष्ट करते जा रहे हो। ट्रैफिक में गाड़ी चलानी है ना। अब चिड़चिड़ के रोज चलाओगे ना तो दुख तो तकलीफ तो संस्कार तुम्हारे खराब होंगे। ट्रैफिक तो वही के वही रहने वाली
58:18 है। तो क्या कर लोगे तुम? दुनिया तो नालायक है। भाई क्या कर लोगे? कितने कितने नालायको तुम मापते रहोगे? तो इसलिए तुम कब तक प्रतिक्रियाएं करते रहोगे? तुम वर्तमान को चूकते रहोगे। इसीलिए तुम जो भी करो अपने वर्तमान में रहने की आदत डालो धीरे-धीरे तो फिर आपका वर्तमान जब स्वर्ग होता है ना दोस्तों तो भविष्य स्वर्ग हो जाता है। एक बात ध्यान रखना मरने के बाद आसमान में स्वर्गवर्ग नहीं है भैया। और अगर किसी को भरोसा है कि आसमान में स्वर्ग है तो घर जाके लिस्ट बना के लाना कल मेरे पास में कि स्वर्ग में जाकर क्या कर लोगे तुम? क्या करोगे स्वर्ग में जाके? क्या अच्छी मिठाई खा लोगे? अप्सराओं के साथ नाच लोगे या अच्छे गद्दी पर सो जाओगे कर क्या लोगे तुम वहां पर क्या है क्या वहां स्वर्ग में तो दोस्तों स्वर्ग जो है ना ये हमारी अधूरी वासनाओं का रिफ्लेक्शन है और
59:04 कुछ नहीं है आदमी को पता नहीं किसी ने होप दे दी अरे यार यहां नहीं तो वहां तो मिलेगा ही पर ऐसा नहीं है दोस्तों स्वर्ग कोई ज्योग्राफिकल जगह नहीं है ये मानसिक स्थितियां होती है इस तरह से तो इसीलिए और ये शास्त्र सारे पुरुषों ने लिखे इसलिए उन्होंने शराब और शराब की कामना कर दी तभी तो उन्होंने कहा ऊपर जाओगे तो सोम रस मिलेगा, अप्सराएं मेनका मिलेगी। ये सब क्या है ये सब? तुम्हारी वासनाओं का तो प्रतिबिंब है ना सब। तो दोस्तों इस तरह से याद रखना जीते जी स्वर्गवासी हो जाओ। मैं यू कहता हूं। यानी कि लोग तुम देखिए जिंदगी भर नरक में जी गया और मरने के बाद कहते स्वर्गवासी हो गया। कैसे हो गया भैया? अरे भाई मैं कहता हूं तुम जीते जी स्वर्गवासी हो जाओ। मेरे कई स्टूडेंट ने अपने नाम के आगे स्वर्गवासी लगा भी
59:50 दिया। बता रहा हूं। मेरे कई विद्यार्थी है जो नाम के आगे स्वर्गवासी लगाते हैं। क्यों? वो कहते स्वर्ग में जी रहा हूं भैया। अभी अगर वर्तमान स्वर्ग है तो भौजी तो पक्का। तो इसीलिए दोस्तों को कहने का मतलब क्या मालूम है? इस के इस इस पल इस पल में गलत बीज मत डालो। सही बीज डालो और सही भविष्य का निर्माण करो। और चौथी जो टंकी है दोस्तों वो क्या मालूम है? आईडियोलॉजिकल स्किल्स। जितनी तुम्हारे जीवन में आदर्शवाद की स्केलें होंगी ना तुम्हारा जीवन उतना ही दुखी रहेगा। इसका कारण क्या मालूम है? जो आदमी ईमानदार होता है ना वो अपनी ईमानदारी को लेकर भांगड़ा नहीं करता। वो सारे दिन इस बात से चिता कुरता रहता है कि दूसरे बेईमान क्यों है? उसके चर्चा का विषय वही होता है। और जो आदमी सत्यवादी होता है वो क्या बोलता है मालूम है? दूसरा कोई झूठ बोले तो मेरे
1:00:35 अंदर आग लग जाती है। यानी कि झूठ वो बोलता है सजा तू भुगतता है। क्या कमाल का हिसाब है भाई। तुम्हारा ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। दूसरा झूठ बोलते ही तो मतलब हम सजा भुगत है। कम गलती और करता कोई और है भुगतते हम है। और जो आदमी डिसिप्लिन वाला होता है ना अनुशासन प्रिय वो तो महा खतरनाक सुसाइडल सारे दिन अपने डिसिप्लिन से दूसरों के इनसिप्लिन ही मापता रहता है। तुम सुबहरे 4:00 बजे उठते होंगे। बाकी सब 8:00 बजे उठते होंगे। तुम्हारा दिमाग खराब। तुम देखना घर में जब कोई ऐसे लोग सोते रहते है ना तुम ना टेढ़ी नजरों से देखते रहते हो। थोड़े थोड़े नाराज से होकर ऐसे नालायक कहेंगे कि अभी तक पड़े हुए हैं। टाइम से नहीं उठते ये लोग तुम्हारा दिमाग खराब और तुम गाड़ी ट्रैफिक में बढ़िया चलाते होंगे। बाकी नहीं चलाते होंगे। पूरी
1:01:21 ट्रैफिक में तुम चिटचिट करोगे। तुम टाइम से ऑफिस पहुंच जाते होंगे। अब दूसरे नहीं पहुंचते होंगे। तुम उनको टेढ़ी नजरों से देखते रहते हो। तुम मंदिर जाते होंगे। तुम योगा करते होंगे। तुम ध्यान करते होंगे। अब दूसरे नहीं करते। तुम उनको ऐसे देखते हो नास्तिक कहीं के। भगवान को भी नहीं मानते। यानी कि यू ऑल द टाइम अपने डिसिप्लिन से दूसरों के इनसिप्लिन में आ रहे होते हो तुम हमेशा तो तुमको तुम क्या सुखी हो क्या दुखी हो ना तुम तो अनह हो और जो आदमी परफेक्शनिस्ट होता है वो सारे दिन अपने नौकर स्टाफ कलाकार और बच्चों सब में परफेक्शनिस्ट ढूंढता रहता है अपनी तरफ परफेक्शन चाहता है सब में और आपने कभी नोट किया होगा ये लोग अक्सर इनका दिमाग है ना गरम रहता है गुस्से में रहते हैं लोग क्यों दुनिया में उसकी तरफ तो है नहीं भाई और जो आदमी सफाई पसंद होता है आपने देखा
1:02:07 होगा महिलाएं घर में कई बार सफाई पसंद होती है तो सारे दिन चिड़चिड़ कुड़ कुड़ करती रहती है क्यों देखिए बच्चे हैं हस्बैंड है या नौकर है ढंग से उसने सामान रखा नहीं रखा सारे दिन अरे ये यहां पे किसने रख दिया अरे ये वापस किसने यहां पे गंदा कर दिया तो मतलब दिमाग जो है ना उसका हर वक्त परेशान रहता है तो आप जरा सोचो आपका सारे दिन दिमाग तो तनाव में अनह मोमेंट में जा रहा है तुम्हारा भविष्य कैसे अच्छा बन जाएगा भाई तो हम अच्छे गुण क्यों अपनाते हैं? शांति मिले, आनंद मिले, प्रेम मिले। कहां मिला? स्पों्डिलाइटिस मिली, अल्सर मिला, एसिडिटी मिली, ब्लड प्रेशर मिला, जॉइंट्स पेन मिले, कैंसर मिला। क्या फायदा हुआ भैया? तो इसलिए मैं कहता हूं अगर भगवान ने तुम्हें अच्छे गुण दिए ना तो पहचानो और नाचो, भांगड़ा करो। पर दुनिया को मापना बंद करो वरना तुम दुखी हो जाओगे।
1:02:56 भाई तुम बदल सकते हो, बदलो ना, ना नहीं बदल सकते। क्यों? क्यों मापते हो भैया उसको? तो कहने का मतलब है आईडियोलॉजिकल स्किल ले ना दुनिया को मापो मत गाइड कर दो बस अपनी तरफ और लास्ट टंकी दोस्तों वो क्या है वो है अपेक्षा का कटोरा दोस्तों मैं एक एक बड़ा इतना बड़ा कटोरा ले बाजार में उतरा कि कोई तो मुझे पूछेगा कोई तो मेरी सेवा करेगा कोई तो पानी पिलाएगा लेकिन मैं क्या देखता हूं मालूम है सबके सब लोगों के हाथ में मेरे से बड़ा कटोरा है मैं सोचता था कि दुनिया मुझको कुछ देने वाली है लेकिन पता चला नहीं दुनिया मेरे से ज्यादा मांग रही है। यानी कि भिखारी भिखारी से मांग रहा है। क्या कमाल का हिसाब है भाई। और सब भिखारी बने बैठे हैं। आपस में सब एक दूसरे के साथ कटोर ले झां के जा रहे हैं। एक पति पत्नी भी शादी करके
1:03:41 आते हैं ना तो पत्नी सोचती है पति आ गया मुझे बहुत कुछ देने वाला है। और पत्नी सोचती है पति आ गया। ये मुझे बहुत कुछ देने वाला है। और दोनों अपनेप कटोरे ले आ जाते हैं। और शादी करके आ जाते हैं। जिस दिन झगड़ा होता है उस दिन दोनों कटोरे निकाल के बैठ जाते हैं और हिसाब किताब करने लग जाते हैं कि देख तूने मुझे कितना दिया। मैंने तुझे कितना दिया। तो भाई मैंने तो मेरी पत्नी को पहले ही बोल दिया देख भाई अगर कोई कटोरा है तो अपेक्षा का उसको फेंक के आना लाना मत साथ में एस ए हस्बैंड मैं जो ईमानदारी से तेरे लिए कर सकता हूं मैं जरूर करूंगा एस ए वाइफ तू जो कर सकती है कर लेना लेकिन भैया कटोरे कभी मत निकालना क्यों मैं कभी भर ही नहीं पाऊंगा इसको और लोग है ना सारी जिंदगी कटोरे लेके हाथ में है ना कहानियां सुना रहे होते हैं आपस में एक दूसरे को तो भैया याद रखना ये बहुत इंपॉर्टेंट बात ध्यान में रखना
1:04:26 तुम इस संसार में सिर्फ सिर्फ और सिर्फ देने के लिए आते हो। लेने के लिए बिल्कुल नहीं बता रहा हूं मैं आपको। क्यों? क्योंकि तुम ईश्वर पुत्र हो। तुम उस यूनिवर्स के अंश हो। ध्यान रखना तुम हो कौन? अल्टीमेटली उस ब्रह्म के पुत्र हो ना तुम। तो पूरा ब्रह्मांड क्या कर रहा है? ये सूर्य चांद सितारे क्या कर रहे हैं? तुम्हें दे रहे हैं ना? ये पेड़ पौधे क्या कर रहे हैं? दे रहे हैं ना? धरती दे रही है ना? हवा दे रही है ना? सब कुछ तो तुम्हें दुनिया पूरा ब्रह्मांड तुम्हें दिए जा रहा है ना? तो आखिरकार तुम उसके अंश हो। तो तुम्हारा काम क्या है? तुम भी दो भाई। तुम अपनी सुगंध दो। संसार में आए हो तो तो तुम ये तुम ये आशा क्यों करोगे कि मुझे भी कोई दे देगी मुझे। और एक बात ध्यान रखना तुम अपने बच्चों को
1:05:11 पालते हो और उनको बड़ा करते हो और तुम परिवार को पालते हो। तुम तुम कोई एहसान नहीं कर रहे हो। ध्यान रख लेना कभी भी। मैंने एक शेर लिखा कि कोई किसी पर यहां एहसान नहीं करता। इंसान की क्या औकात भगवान भी नहीं करता। हमारी दी हुई हर मदद हमारा दिया हर दान हमारा दिया किसी पर एहसान नहीं किसी पर एहसान नहीं स्वभाव की मजबूरी है जैसे पेड़ों का फलना धरती का जलना सूरज का निकलना नदियों का बहना नदी कहती है देख भाई मैं तेरे घर के पास से बह के निकल गई अब तूने पानी पिया तो तेरी मर्जी ना पिया तो तेरी मर्जी डुबकी नहाना है तो नहा ले तेरी मर्जी मत नहा मत नहा तो तेरी मर्जी नदी को कोई चिंता नहीं है कि कोई मेरा पानी पी रहा है कि नहीं पी रहा सूरज को कोई चिंता नहीं है। वो कहता है मैं तो मेरा रोज आके काम
1:05:58 करके चला जाता हूं। भैया तुमको लेना है तो खिड़की खोल दो। नहीं तो बंद करके बैठो। मुझे क्या भैया? तो व्हाई शुड आई बोदर एस ए फादर एस ए ब्रदर एस ए हस्बैंड? मैं जो दुनिया में कर सकता हूं आई विल मैं अपनी पूरी सुगंध देख के जाऊंगा भैया। अब किसी को पसंद आएगी, किसी को पसंद नहीं आएगी और करूंगा तो उतना ही ना जितनी मेरी ब्लूप्रिंट है। जितनी मेरी क्षमता है मैं उतना ही तो करूंगा ना। मतलब एक फूल उतनी तो सुगंध देगा। तो उतना ही तो कलर छोड़ेगा जितना उसके अंदर भरा हुआ है। तो दोस्तों कहने का मतलब क्या है? आप इस संसार में दो दो बस लोग कहते हैं मेरे बच्चे हमारी केयर नहीं करते। अरे क्यों करेंगे भैया? मैं तो पहला क्वेश्चन ये करता हूं। क्यों करें? क्योंकि तुम्हारे मां-बाप ने तुमको पाला। तुम्हारे तुम्हारे बच्चे अब आगे बच्चों को
1:06:43 पालेंगे। उनके बच्चे आगे के बच्चों को पालेंगे। तो साइकिल तो ऐसे चलती है भैया ऐसे तो चलती नहीं है और अगर तुम चाहते हो कि तुम्हारे बच्चे केयर करे तो उनके बच्चों के मन में तुम्हारी मेमोरी होगी ना तुम्हारे प्यार की अनकंडीशनल लव की तब तो तुम्हारी तरफ रिवर्स होंगे ही क्योंकि प्यार इतना कमजोर नहीं होता कि वापस ना आवे पर अगर तुमने ऐसा प्यार किया है जो डोमिनेशन वाला था हिसाब किताब वाला था इमोशनल ब्लैकमेलिंग वाला था अहंकार वाला था तो भैया फिर वो प्यार नहीं आएगा ध्यान रखना और अगर बच्चों के दिमाग में तुमको लेकर यह डायलॉग है कि बड़ा जनरली क्या होता है थोपा टोका अगर ये तीन शब्द है तो बच्चा तुम्हारी तरफ क्यों आएगा भाई वो तो तुमसे मुक्त होना चाहेगा तो
1:07:30 कहने का कंडीशनल लव तुम कोई एहसान नहीं कर रहे हो बच्चों को पाल उन्होंने तुम सेवा करते तो मेहमान की घर से निकल गए चिंता में ऐसी कितनी सोल हमारे थ्रू यात्रा करती है। तो इस तरह से दोस्तों सॉरी हां तो दोस्तों इस तरह से बस मैं समाप्ति पे हूं दोस्तों। अब एक दो मिनट और लूंगा फिर मैं समाप्त करूंगा। तो कहने का मतलब क्या है कि आप अपने आप जो भी आए संसार में वो देने का प्रयास करें और तो अब देखिए सब दुनिया में संत महात्मा
1:08:15 क्या कहते हैं इस दुनिया में धर्म ध्यान पूजा पाठ इसलिए करो कि संसार में वापस नहीं आना तो मैं परमात्मा से कहता हूं हे परमात्मा मुझे इस धरती पर बार-बार पैदा करते रहना जानते हो क्यों क्योंकि जीवन दुख नहीं है अज्ञानता दुख है बेहोश दुख है अगर जाग जाओगे तो आनंद ही आता है इसलिए मैंने शेर लिखा कि सब संतो की सदा रही मुक्ति मोक्ष की कामना मुझको तो हे प्रभु तू धरती से मत टाल जान गया आनंद की चाबी हर जन्म में आऊंगा मुक्ति पाकर क्या करूंगा सबका दुख सुलझाऊंगा तो दोस्तों चिंगारिया तो लाख है कि दो लाख है मुझे क्या पर मैंने अपने पेट्रोल इसलिए मेरे पास आग लगने का कोई अब साधन नहीं है सो आई एम लिविंग वि माय फ्रेगरेंस मैं अपनी सुगंध के साथ जी रहा हूं दुनिया तारीफ करे ना करे माने ना माने मैं क्यों
1:09:01 चिंता क्या करूं भैया? मैं तो सूरज और पुल की तरह हूं बस। तो दोस्तों बस थोड़ा सा आपको एक अवेयरनेस देने के लिए मैंने थोड़ी बातें मन के जो आपके दुख के कारण है वो यहां पर छुपे हुए हैं। ध्यान रखना अगर जान जाओगे ना तो फिर जीवन में परम आनंद परमानंद सच्चिदानंद में जिओगे आप। धन्यवाद देता हूं आप सबको कि आपने बड़े प्यार से इसको सुना और जी बहुत-बत धन्यवाद आपका। बहुत ही जीवन के बहुत सारे विषय हम जाने मैं समझता हूं सभी बहुत लाभान्वित होंगे।
1:09:47 तो कल का एक सत्र और पर हां कल मैं ले लूंगा त्रिलोक जी कल मैं हेल्थ और खानपान के बारे में ले लूंगा कल में। ठीक है। ठीक है। ठीक है ना? हां जी। तो चलिए मेरी शुभकामना सबको। जी बहुत-बहुत धन्यवाद। ओके विदा लेता हूं। जी। ओवर दबा दो सर। हां। जी। बहुत-बहुत धन्यवाद सर।