0:00 जाता है। बहुत ही महत्वपूर्ण आयाम है क्योंकि हम वो सब कर सकते हैं जो हमारे लिए जरूरी होती है। तो सभी व्यवस्थित बैठ जाए वीडियो चालू होकर बैठे और प्रॉपर सिस्टम से बैठे ताकि ध्यान आप ध्यान पूर्वक कर सके। तो सभी के मुस्कुराते हुए चेहरे के बीच राइड ऑफ नेशन रेस्पेक्टेड सर के पास चलते हैं। गुरुदेव स्वागत है आपका। जी बहुत-बहुत धन्यवाद। प्रातः काल में सभी साथियों का हार्दिक स्वागत है।
0:45 हम प्रतिदिन ध्यान कर रहे हैं और ध्यान का अच्छा अनुभव ले रहे होंगे। मैं ऐसी उम्मीद करता हूं। ध्यान की यात्रा में स्वयं की भूमिका ही सबसे ज्यादा होती है। क्योंकि ध्यान पूरा भीतर से बात है। किसी और से बात नहीं है। तो हम प्रतिदिन के अभ्यास से अपने अनुभव को समझे। अपनी मन की प्रवृत्तियों को समझे कि आपका ध्यान गहरा कैसे जाता है। वो दूसरे का गाइड किया हुआ उतना काम नहीं आएगा। आपका निजी अनुभव सबसे ज्यादा काम आएगा।
1:31 किसी को कैसे ध्यान गहरा होता है? किसी को कैसे होता वो अलग अलग हो सकता है। पर उसको खुद से ज्यादा कोई नहीं जान सकता। और ध्यान जैसा भी होता है आपको बिल्कुल भी उसके बारे में कोई चिंता या कुछ ऐसा नहीं सोचना है कोई परेशानी ऐसा नहीं जो भी जैसा भी हो रहा है आप अधिकतम अपना प्रयास करते रहे अच्छे मन से सकारात्मक मन से और जो जैसा कर पाते हैं बेस्ट से बेस्ट बस उसी ने अच्छी अनुभूति ले तो चलिए हम सब तैयार हो जाते हैं। सीधी कमर,
2:19 आंखें बंद। हाथों की उंगलियां आपस में फंसी हुई। पालती लगाकर बैठे तो बहुत अच्छी बात है। और कुर्सी पर बैठे हैं तो पाव को आपस में क्रॉस कर ले। शरीर को चेक कर ले। पूरा रिलैक्स होना चाहिए। शरीर के बारे में हमें कोई याद नहीं आनी चाहिए। बीच में ध्यान के बीच पूरा आराम कुंडे वगैरह अच्छी तरह से देख ले। गर्दन
3:04 और अपने शरीर के वजन को एक बार याद करें। उससे भी शरीर रिलैक्स हो और पूरा धीरा आंखें बंदी रहती है ध्यान में तो मन में उत्साह होगा बहुत से जितना उत्साहित मन होगा जैसे हम हम अपने प्रभु से मिलने जा रहे हैं। [संगीत] सबसे सुंदर मुलाकात
3:56 उतना उत्साह है। इतना उत्साह होगा कि नहीं गहरा होगा। चेहरे पर प्रसन्नता का भाव मन में खुशी का संचार खूब सारी खुशी से आनंदित करने के चेहरे पे अपनी खूबसूरत मुस्तार महसूस करें। [संगीत]
4:48 जब हम आनंद की अवस्था में होते हैं तो जब हमारी आंखें बंद होती है तो हमें भीतर एक रोशनी नजर आ रही है। इस रोशनी में डूब जाए। अपने भीतर की दिव्यता को महसूस करे। करे उसके साथ एक बार हो जाए। [संगीत]
5:44 अपने भीतर की भगवतता को महसूस करें। एक संकल्प ले पूरे जीवन इस एहसास को बनाए रखो [चीखने की आवाज़] कोई स्थित हो जाए
6:44 अपनी सांस की आवाजों को बारीकी से देख पेट में होने वाले की हलचल को देख [संगीत]
7:31 के माध्यम से ब्रह्म की ऊर्जा के साथ जुड़ाव असीम थोड़ी देर लगातार इसी
8:17 तरह से अपनी सांसों के साथ
9:14 [चीखने की आवाज़]
11:13 और ओ [संगीत]
12:42 [चीखने की आवाज़]
14:41 आ
16:10 [चीखने की आवाज़] ओम आ
17:53 [चीखने की आवाज़] ओम [चीखने की आवाज़]
18:54 धीरेधीरे हम ध्यान से बाहर आ रहे हैं। अपने हृदय की ओर ध्यान दें और हृदय प्रेम को महसूस करें। प्रेम से भरा भर गए। प्रेम ही प्रेम और कोई भाव ही नहीं। अपने हाथों पैरों की उंगलियों को ले
19:42 आसपास की और को महसूस करते रहे और धीरे धीरे अकेले को आंखों में रखें और मुस्कुराते हुए चेहरे को सहलाते हुए मिलेंगे हम आंखें खोलेंगे तो बहुत-बहुत धन्यवाद और हम अब साथ ही एक का अभ्यास भी कर लेते हैं तो थोड़ा सा
20:27 हमारी प्रैक्टिस में हो जाएगा एक पर प्रार्थना करें अपने सभी गुरुजनों से कि वे हमें इस कार्य में मदद करें। हमें सहयोग करें। हमारे साथ रहे और दोनों हाथों को आपस में 10 सेकंड तक रख लेंगे। एक दो तीन चार पांच छ एक सात आठ नौ
21:13 10 अब दोनों हाथों को खिला लेंगे और प्रार्थना करेंगे हे ऊर्जा मेरा हाथों में प्रवाहित हो मेरे उपचार के लिए रेकी ऊर्जा मेरे हाथों में प्रवाहित हो मेरे उपचार के लिए और हाथों में उस ऊर्जा को आप फील करें जैसे ऊर्जा बह रही हो
21:59 और ये ऊर्जा कभी खत्म नहीं होती है। ये अस्तित्व की ऊर्जा है। समय सोचे की ऊर्जा खत्म हो जाएगी। दोनों हाथों को अपनी आंखों पर रखेंगे और प्रार्थना करेंगे। हे रेकी ऊर्जा प्रवाहितों मेरी आंखों को सक्रिय करें ऊर्जा करें उपचारित करें नवनिर्माण करें संतुलित करें और इसमें स्थापित हो जाएगी
22:52 फ्लो को महसूस करें। राइट राइट हाथ राइट कान पर
23:37 लेफ्ट हाथ लेफ्ट कान पर प्रार्थना मेरे की ऊर्जा प्रवाहित हो मेरे कानों को सक्रिय करें ऊर्जा करें उपचारित करें निर्माण करें संतुलित करें स्थापित हो जाए।
24:58 राइट हाथ को उठा के राइट टेंपल एरिया राइट ब्रेन पर और लेफ्ट हाथ को भी लेफ्ट ब्रेन पर की ऊर्जा प्रवाहित हो राइट ब्रेन और लेफ्ट ब्रेन को सक्रिय करे ऊर्जा करे उपचारित करे नव निर्माण करे संतुलित करे और उसमें स्थापित हो जाए
26:47 राइट राइट हाथ को सिर के पीछे आज्ञा चक्र की दिशा में और लेफ्ट हाथ को सामने हे ऊर्जा प्रवाहित हो मेरे आज्ञा चक्र को सक्रिय करे ऊर्जाित करें उपचारित करें नवनिर्माण करें संतुलित करें और स्थापित हो
28:43 अब अपनी इच्छा अनुसार शरीर के दो मिनट और करेंगे अपने अपने हिसाब से।
31:34 जिनको और थोड़ा करना बाकी हो जारी रख सकते हैं और बाकी जिनका हो गया हो अपने दोनों मुट्ठियों को बंद करके ऐसे हाथों को और मैं रेकी ऊर्जा को कट करता हूं। और दोनों हाथ जोड़ के धन्यवाद देंगे। अपने सभी गुरुओं को और अपने शरीर की स्वस्थ दशा को महसूस करेंगे। चलिए
32:19 बहुत-बत धन्यवाद। कितना सरल अभ्यास एक पत्र इससे सरल कुछ भी नहीं हो सकता। कोई साथी अपना अनुभव सुनाना चाहेंगे? हैंड रे कर सकते हैं आप किसी को सुनाना हो तो लखन जी आप सुंदर जी बहुत ही अच्छा अनुभव [गला साफ़ करने की आवाज़] होता है शरीर पूरी बैलेंस रहता है और इतना शांत मन होती है और जो जो दिक्कतें होती थी शरीर में वह सब धीरे-धीरे करके ठीक होते जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि कोई जादू हो रहे हैं हमारे साथ।
33:07 चलिए एक साथी को और बुला लेंगे। हां दीदी को ले लेते हैं। आइए दीदी आप जो है 10 मिनट दीदी नमस्कार मेरा गमा में बहुत दर्द था। रिककी ऊर्जा करने से अच्छा हो गया। पहले बेल बांधती थी। अभी बेल नहीं बांधना है। खाली पांव में हार रहा है। बहुत अच्छा हुआ। हम तो दिन में दो बार करती है। रात में एक बार सुबह में एक बार। क्या बात है? बहुत बढ़िया और एक मेरा बेल बेल छड़ा नहीं चल सकता है। अभी बेल छड़ा चल सकता है। बहुत अच्छा। एक साथी को और बुला लीजिए। जन दीदी आइए। बहुत ही मतलब इतना अच्छा फील हो रहा है।
33:52 क्या बोलूं? और कुछ चमत्कार भी हो रहे हैं। एक बच्ची को दांत में दर्द एक हफ्ते से मतलब रोती थी तो मैं बोला मेरा बेटी बेटी का ही है नातिनी तो मैं बोली कि ले आओ मेरे घर मैं रेकी ऊर्जा करूंगी। तो ले आया तो एक दिन में उसका दांत मतलब ठीक हो गया। अभी कोई दर्द नहीं है। तो बोल रहे हैं क्या कुछ मंत्र दिया। इस तरह बोल रहे हैं बहुत बड़ा चमत्कार हो गया। और बहुत कुछ चमत्कार हुआ मेरे साथ इसरे की ऊर्जा से। थैंक यू। वाह क्या बात। चलिए लास्ट एक साथी और साहनी
34:38 थैंक यू गुरुदेव। रादर प्रणाम। सर मैं अपने घर पर था। रात में बालक का मेरे फोन आया। पापा मुझे बहुत दर्द हो रहा है। पीठ में शरीर में पूरे दर्द हो रहा है। वो पढ़ने गए हैं प्रयागराज। मैं रात में उठ के सर रैकी ऊर्जा का आह्वान किया और फिर उनको जब किया कि मेरे बालक को स्वस्थ करो रैकी ऊर्जा और 10 मिनट बाद फोन कर रहे हैं पापा मैं पूरा आराम हो गया आपने क्या किया है हमने कुछ किया नहीं रैकी ऊर्जा का आहान करके आपको स्वस्थ करने के लिए निवेदन किया है और कुछ भी नहीं मैंने यहां से किया सर वाकई में रैकी ऊर्जा का इतना पावर है कि आप घर बैठे किसी को कहीं भी स्वस्थ कर सकते हैं ये अनुभव मुझे कल आज की रात में हुआ है। तो
35:27 बहुत-बहुत धन्यवाद सर आपको कि इस तरह का शिक्षा हम लोगों को मिल रही है। ये सब अस्तित्व की व्यवस्था है। हमारा कोई रोल नहीं है। ये प्रकृति की व्यवस्था है। इसमें कोई सर जानकारी नहीं थी। अभी तक तो हम लोगों को जानकारी नहीं थी। बस जानकारी नहीं थी। वही बात अलग है। बाकी ये कोई चमत्कार नहीं है। ये वैज्ञानिक ये वातावरण में सारी ऊर्जाएं मौजूद है। तो हम अभ्यास करेंगे और एडवांस कोर्स भी जो साथी करना चाहे जब भी मौका मिले वहां से तो उसके बाद तो आप बिल्कुल बैठे बैठे और बहुत ही प्रभावसकारी तरीके से कर पाएंगे। इसके लिए गुरुदेव इसके लिए ना बल्कि ग्रुप में 100 लोग जो बोल रहे थे एडवांस वाला कर लेंगे
36:14 क्योंकि एडवांस के बाद तो वास्तव में चमत्कार हो जाएगा। एक बार थोड़े दिन अभ्यास करते रहे फिर जिसकी रुचि हो हमें लिखा दे लखन जी को लिखा दे और हमारा कुछ ग्रुप तैयार हो जाएगा तो हम उनसे अनुरोध करेंगे कि थोड़ा सा जो उनका चार्जेस है अगर मैंने अभी बात नहीं की मैं जस्ट एक दिमाग में कल्पना कर रहा हूं हमारा एक ग्रुप है इसको आप अलग से करवा दीजिए इसको थोड़ा सा डिस्काउंट करके कुछ पर आप पहले एक बार अभ्यास करें इसको समझ ले विश्वास कर ले क्योंकि जब तक किसी चीज पे विश्वास नहीं है ना वो चाहे भले आपके हीरे मोती भी हो तो आपको पत्थर ही नजर आएंगे। चलिए सिरोड़े सर को बुलाते हैं। चलिए आइए आज हम जो है हमारे बहुत ही
37:00 शानदार प्रोडक्ट जो वास्तव में कमाल की रिजल्ट है आज पिछले 15 16 साल से और आज देश को जरूरत है साथियों। तो ऐसे प्रोडक्ट के हम विशेष जानकारी के लिए हमारे बीच में सर है तो आप सबके मुस्कुराते हुए चेहरे के बीच मैं इनवाइट करना चाहता हूं आदरणीय रवि सर सर स्वागत है सर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद लखन जी सर पहले तो आप को प्रणाम करता हूं इस प्रातः काल में और इतनी अच्छी शिक्षा चल रही है एडवांस कोर्स के लिए लखन जी सबसे पहले मेरा नाम लिख लीजिए। इतना आनंद आ रहा है। हम सुबह जब उठते हैं और ये जो आधे घंटे का
37:47 ध्यान कर रहे हैं। सर के माध्यम से बहुत बहुत ही इसकी अनुभूति अलग है। साथियों आइए आज कुछ बहुत बहुत महत्वपूर्ण बात करने के लिए [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं आपके बीच में आया हूं। मैं तुरंत स्क्रीन शेयर के माध्यम से आपके सामने आना चाहता हूं। शेयर द स्क्रीन साथियों हमें पता है हमें पता है कि आज तो 6 अप्रैल कल 7 अप्रैल 7 अप्रैल है और बहुत महत्वपूर्ण दिन है ये जागतिक आरोग्य दिन और हमारे आरसीएम अभियान का इस साल का जो थीम है वो स्वास्थ्य क्रांति अभियान
38:34 ये बिल्कुल बिल्कुल एक ही लाइन पर हम लोग चल रहे हैं। तो ये 7 अप्रैल जागतिक आरोग्य दिन का महत्व क्या है? इसके ऊपर थोड़ी चर्चा करूंगा और ये दिन मनाया क्यों जाता है? साथियों 7 अप्रैल 7 अप्रैल 1948 में डब्ल्यूho की शुरुआत हुई वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन जागतिक आरोग्य संगठना इसकी शुरुआत हुई और उसी दिन को हम लोग उसी दिन से जागतिक आरोग्य दिन मना रहे हैं। हर साल इसकी डब्ल्यूho थीम लेता है। जैसे आरसीएम अभियान की हमारे इस साल की थीम है स्वास्थ्य क्रांति अभियान। तो वैसे
39:20 डब्ल्यूho की थीम है इस साल की जागतिक आरोग्य दिन की ग्लोबल एक्शन फॉर यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज। हिंदी में इसे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए वैश्विक कारवाई [गला साफ़ करने की आवाज़] मराठी में इसको कहेंगे आरोग्य सर्वांसाठी [गला साफ़ करने की आवाज़] सबके लिए स्वास्थ्य देखिए ये थीम डब्ल्यूho को क्यों लेनी थी [गला साफ़ करने की आवाज़] इसके पीछे जब कोई थीम आती है तो उसके पीछे भी कोई कारण होता है आज पूरे विश्व में जिस तरीके से बीमारियां बढ़ रही है तो आज हर कंट्री हर
40:10 देश इसके लिए बहुत ही विचलित हुआ है। परेशान हो रहे हैं। इसीलिए हम सबको प्रयास करने पड़ेंगे। अकेला एक आदमी कुछ नहीं कर सकता। हर व्यक्ति को प्रयास करने पड़ेंगे कि हमें सबको स्वास्थ्य कैसे रखा जाए। स्वास्थ्य हमारा अधिकार है। किसान हमारा गर्व है। साथियों आइए इसको थोड़ा आगे ले जाते हैं। स्वास्थ अगर रखना है, आरोग्य हमारा ठीक रखना है तो हम क्या कर सकते हैं? इसके लिए हमें क्या करना चाहिए? और छोटे-छोटे बातों को लेके हमें आगे बढ़ना है। एक साथ बहुत बड़ा पहाड़ उठा नहीं सकते हम। मगर
40:58 समझो एक साथ 1000 किलो वजन नहीं उठा सकते और एक एक किलो तो उठा सकते हैं। तो हर एक ने अगर प्रयास किया तो इस पहल को इस हमारी कांसेप्ट को बहुत बड़े पैमाने तक जनजन तक घरघर तक हम पहुंचा सकते हैं। इतना आज आरसीएम अभियान बड़ा हो चुका है। साथियों आइए थोड़ा आगे निकलते हैं। स्वस्थ मिट्टी स्वस्थ इंसान ये बहुत बड़ा मंत्र मैं आपको दे रहा हूं। हमें अगर आरोग्य हमारे स्वास्थ्य को ठीक रखना है तो हमारे मिट्टी का स्वास्थ्य ठीक होना चाहिए। बहुत सुंदर नारा दिया है। सच्चा स्वास्थ्य अस्पताल में नहीं हमारे खेतों में उठता है।
41:46 अगर हमें हेल्थदी रहना है तो अस्पताल अस्पताल तो बीमार होने के बाद अस्पताल में जाना पड़ता है। हमें बीमार ही नहीं पड़ना है। तो हमें अस्पताल जाने की जरूरत ही नहीं है। हमें जाना है खेतों में। इसके लिए हम जागतिक आरोग्य दिन 7 अप्रैल 2026 के अवसर पर एक संकल्प करते हैं कि हम अपनी जड़ों तक जाए। आज जो यह बहुत बड़े पैमाने पर शहरीकरण हो रहा है। सब लोग शहरों की तरफ भाग रहे हैं। बड़े-बड़े शहरों में जा रहे हैं। भाई गांव धीरे धीरे धीरेधीरे खाली हो रहे हैं। तो हमें इस गंगा को उल्टी बहाना स्टार्ट करना पड़ेगा। धीरे-धीरे हमें हमें हमारे गांव
42:31 तक आना पड़ेगा। खेतों में जाना पड़ेगा और हमें फिर से स्वस्थ रहने के लिए कार्य करना पड़ेगा। मिट्टी का आधार लेना पड़ेगा। स्वस्थ मिट्टी पोषण युक्त अन्न निरोगी जीवन। आज हमारा क्या चल रहा है? आज की परिस्थिति क्या है? हमारे थाली में जो खाना आ रहा है, आज जो हम खाना खा रहे हैं। क्या आप जानते हैं आज हमारे भोजन 30 साल पहले जितना प्राकृतिक था उतना प्राकृतिक रहा है क्या? नहीं। जो हम पहले 30 40 साल पहले कोई कुछ खाने की जरूरत नहीं थी। हम जो खाना खाते थे वही इतना
43:16 पौष्टिक था। [गला साफ़ करने की आवाज़] इतना पोषक था। फिर ऐसा क्या हुआ? 30 35 सालों में अचानक से ऐसा क्या हुआ? कि जिसकी वजह से हमारा खाना कु आदमी कुपोषित होने लगा कि आदमी को पोषण ठीक से नहीं होने लगा। इसका मुख्य कारण है हमारी खेतों में हम अत्यधिक रासायनिक खादों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अत्याधन अत्यधिक पेस्टिसाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं। फंगीसाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं। हर्बीसाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं। उससे क्या हो रहा है? हमारे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता धीरेधीरे कम हो रही है। अब मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है। इसका अगर आप एक देखोगे मुख्य विचार क्या
44:03 है? बीमार मिट्टी कभी स्वस्थ इंसान का निर्माण नहीं कर सकती। बीमार मिट्टी कभी भी स्वस्थ इंसान का निर्माण नहीं कर सकती। वो अगर आदमी बीमार है वो बीमारी को ही निर्माण करेगा। अब हमारी धरती मां बीमार है। मिट्टी बीमार है तो वो पौधा अच्छा निर्माण नहीं करेगी। पौधा अच्छा निर्माण नहीं करेगी। उसका पोषण नहीं होगा। उसका पोषण नहीं होगा तो आदमी का पोषण नहीं होगा। आदमी का पोषण नहीं होगा तो बीमार रहेगा। बार-बार बीमार पड़ेगा। कमजोर कमजोरी आएगी। घर में बहुत बड़े पैमाने पर बीमारियां बढ़ेगी। ये आज चल रहा है। अब इसका समाधान
44:50 क्या है? इसके लिए क्या कर सकते हैं हम? सबको पता है बीमारियां हो रही है। कैंसर, डायबिटीज, हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर कई सारी बीमारियां आ रही है। इसका समाधान क्या है? अब देखिए एक दिन में समाधान नहीं हो सकता। एक दिन में कभी किसी का समाधान क्योंकि ये सारी परिस्थितियों को निर्माण होने के लिए 40 50 साल लगे हैं। तो अब इसको सुधारने के लिए हमें 40 50 साल नहीं लगेंगे। लगेंगे 10 15 सालों में हम इसको बहुत बड़े पैमाने पर सुधार सकते हैं। तो सबसे पहला हमारा कदम एक स्वस्थ भविष्य की ओर पहला कदम एक अच्छे हमारे आने वाली नेक्स्ट जनरेशन के
45:36 लिए हमें पहला कदम लगाना पड़ेगा जो आज आरसीएम अभियान की ओर से कंटिन्यूस प्रयास चल रहे हैं। पहला प्राकृतिक उपचार अपनाए हमारी जमीनों में जैविक खाद रासायनिक खादों को कम करें। हम यह नहीं कहते कि एक दिन में डायरेक्ट बंद कर दो। मगर धीरे-धीरे हमारे पास ऑप्शन है। आप जैविक खाद बना सकते हो। जैविक खाद डाल सकते हो। हर हफ्ते हमारी जैविक खेती के लिए यहां पर प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इतने बढ़िया प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। आज कोई यह सोच नहीं रहा है जिसके ऊपर आरसीएम अभियान काम कर रहा है। फसल को रासायनिक खाद कम करें। ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद डाले। मिट्टी
46:22 में जान डाले। अब आपके मन में विचार आएगा सर मिट्टी में जान डालना का मतलब क्या है? आप कंपोस्ट खाद डालोगे, जैविक खाद डालोगे। धीरे-धीरे हमारे जमीनों की ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ेगा, जीवाणु बढ़ेंगे, जमीनों में, केंचुए बढ़ेंगे। तो धीरे-धीरे हमारी जमीन जीवित होने लगेगी। जैसे जमीन जीवित होने लगेगी तो धीरे-धीरे हमारे जमीनों में पोषक तत्व निर्माण होने लगेंगे और वो पोषक तत्व हमारी फसलों में आते हैं और वो फसल हम खाना खाते हैं तो धीरे-धीरे हमारे शरीर में पोषक तत्व आने लगेंगे। बीमारियां क्यों आने लग गई है? पोषक तत्व कम होने की वजह से। और एक संकल्प इस जागतिक आरोग्य
47:08 दिन पर करना है जो बहुत बड़ा अभियान सर के माध्यम से चलाया जा रहा है। किचन गार्डनिंग हमें छोटे-छोटे प्रयासों को आगे ले चलना है। एक साथ हम काम नहीं कर सकते। तो एक प्रण करना है। एक संकल्प करना है कल के दिन में कि हम घर में किचन गार्डन लगाएंगे। किचन गार्डन के माध्यम से हमारे घर को हम जहर मुक्त करेंगे। उसकी भी टिप्स मैं आपको दूंगा। एक दिन में कुछ नहीं होगा। एक साथ 100 पौधे नहीं लगा सकते आप। एक साथ पूरी सब्जियां आपके घर में नहीं उग सकती। हमें प्रयास करना पड़ेगा। एक कभी-कभी होता है कि हम बहुत देर बहुत सारे लोगों की कंप्लेंट्स आ रही है। अभी बहुत
47:54 सारे लोगों ने किचन गार्डन लगाना स्टार्ट कर दिया है। तो लोगों की रिक्वायरमेंट मेरे पास आती है। सर हम गमले कैसे ले? गमलों में मिट्टी कितनी डाले? उसमें कोकोपीट कितना डाले? गार्डन गोल्ड कितना डाले? सर हमने पौधे लगाए थे। सर पौधे तो जल गए। तो देखो ये चीजें छोटी छोटी चीजें होने वाली है। इसके ऊपर हमें प्रयास करना है। सही तरीका अपनाना है। मगर एक बात हमें संकल्प ले करना है कि हमें घर में किचन गार्डन को लगाना है। भले दो पौधे लगाए, एक पौधा लगाए, धीरे-धीरे हम इसके ऊपर काम करेंगे। साथियों, किसान हमारे सच्चे स्वास्थ्य रक्षक है। हमें इसको समझना पड़ेगा।
48:39 हम डॉक्टर बीमार होने के बाद इलाज करते हैं। इस कांसेप्ट को हमें समझना लेकिन हमारे किसान हमें बीमार होने से बचा सकते हैं। किसान हमारे बीमार होने से हमें बचा सकते हैं। साथियों क्योंकि वो अन्नदाता नहीं हम उसको अन्नदाता नहीं कहेंगे। इसको स्वास्थ्य रक्षक कहेंगे। अगर किसान सजग हो जाए और किसान कब सजग होगा साथियों हमें यह जागरूकता को निर्माण करना पड़ेगा कि हम लोग क्या खाए क्या नहीं खाए कौन सा खाए इससे पहले हमें समझना है वो नुक्त आहार खाए एक जागरूक किसान जो मिट्टी की सेहत का ध्यान रखकर खेती करता है वो पूरे समाज का सबसे बड़ा स्वास्थ्य रक्षक है इस चीज को
49:27 हमें समझना पड़ेगा और उसके लिए हमें हर किसान को समझाना पड़ेगा कि भाई साहब आप आपकी मिट्टी को स्वास्थ करें। आपकी मिट्टी के हेल्थ को सुधारे। जैसे जागतिक आरोग्य दिन मनाया जाता है वैसे सोइल डे भी मनाना स्टार्ट हुआ है। हम वर्ल्ड में सोइल डे भी मनाते हैं। हमारा एक संदेश है। आज मैं सबको एक संदेश देना चाहता हूं। साथियों इस स्वास्थ्य दिन पर हम अपने सभी अन्नदाताओं की सुरक्षित और पोषण युक्त खेती के प्रयासों को सलाम करते हैं। साथियों क्योंकि यही किसान है जो पूरे विश्व की भूख को मिटाता है। 7 अप्रैल 2026 कल के लिए संकल्प क्या है? हमें संकल्प करना है
50:14 जागतिक आरोग्य दिन पर धरती मां का स्वास्थ्य सुधारे। पहला संकल्प और जैसे मैंने कहा कि छोटी छोटी चीजों के ऊपर कार्य करना है। एकदम से बड़ी चीजों के ऊपर कार्य करने की जरूरत नहीं है। जैसे जापान में आइजन थरी चलती है। जापानीज लोगों की इतनी एफिशिएंसी कैसे बड़ी है? मैंने एक छोटा उदाहरण दिया था आपको। जैसे आपको 1000 किलो वजन उठाना है। छोटे-छोटे टुकड़ों में पड़ा हुआ है। और अगर आप कहे कि एक साथ मैं उठा के वहां रख दूं तो अभी भी पॉसिबल नहीं है। जिंदगी में आप 1000 किलो वजन उठा नहीं सकते। मगर उसमें एक चलो मान ले कि एक एक किलो है। एक एक किलो के पैकेट है और 1000
51:01 पैकेट है। अगर आपने तय किया कि मैं एक ही दिन में उठा के रख दूंगा। वो भी पॉसिबल नहीं क्योंकि आपका माइंड तैयार नहीं होगा। आपका मन तैयार नहीं होगा। अरे यार ये कौन एक एक उठा के ले जाएगा। उससे हम एक प्रयास करते हैं। काजन थरी क्या कहती है कि आज मैं एक पाउच उठाऊंगा। कल दो उठाऊंगा। परसों तीन उठाऊंगा। चौथे दिन चार उठाऊंगा। धीरे-धीरे करते करते 101 दिन में मैं ये उठा के रख दूंगा। तो आपका माइंड पॉजिटिव तैयार हो जाता है कि अरे ये तो बहुत आसान काम है। मैं कर सकता हूं। मेरे लिए कोई कठिन नहीं है। वैसे ही जैविक और प्राकृतिक खेती से उपज अन्न का समर्थन करें। देखो हम सिर्फ एक ही आधार पर काम नहीं कर सकते। हम
51:48 सिर्फ किसानों को अवगत कराना ये हमारा काम नहीं है। अकेले अकेला हमें जो हमारे जैसे लाखों लोग हमारे अभियान में जुड़े हैं। हर व्यक्ति को यह कहे कि जैविक और प्राकृतिक खेती से जो उपज निकल रही है जो ऑर्गेनिक फूड तैयार हो रहा है उसका समर्थन करें। उसको खाए नहीं तो क्या होता है? हम किसानों को तो कहते रहते हैं कि भाई तुम्हारी मिट्टी को ठीक करो। ऑर्गेनिक केमिकल का इस्तेमाल मत करो, रासायनिक का इस्तेमाल मत करो, कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल करो। तो वो जो प्रोड्यूस कर रहा है [गला साफ़ करने की आवाज़] वो जो उत्पादन हो रहा है उसको भी हमें समर्थन देना पड़ेगा। उसका जब कंजमशन होने लगेगा उसको भी इंटरेस्ट आएगा। आज भारत देश
52:35 की परिस्थिति ऐसी है। हमारे भारत देश में जितना ऑर्गेनिक तैयार हो रहा है, प्रोड्यूस तैयार हो रहा है। कई सारी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियां है। तो कहते हुए मुझे बड़ा दुख होता है कि 90% एक्सपोर्ट होता है। मात्र 10 12% ही भारत देश में कंजम होता है। लेकिन हम प्रयास तो कर रहे हैं। हम लोगों को तो बोल रहे हैं मगर खुद क्या कर रहे हैं? वही मार्केट में जाके वही सब्जियां ले आते हैं। वही खाना खा रहे हैं। तो हमने इसके ऊपर प्रयास नहीं किया। जरूर आज संकल्प लेना है। इस 7 अप्रैल 2026 के जागतिक आरोग्य दिन पर हमें संकल्प लेना है कि ऑर्गेनिक फूड को हम समर्थन करेंगे। अपने घर में कम से कम एक सब्जी या औषधी
53:21 पौधा लगाएं। पहला संकल्प मैंने मैं कभी नहीं कहूंगा कि आपके पास 100 स्क्वायर फीट जगह है तो पांच 10 गमले लगा दो, 20 गमले लगा दो, 50 गमले लगा दो। कोई जरूरत नहीं। एक गमले से शुरुआत जिनके पास है वो उनको अनुभव है वो रख सकते हैं। मगर जो नए लोग हैं नए लोगों के मन में कई सारे सवाल है कई सारे डाउट्स रहते हैं। तो सॉरी हम एक गमले से शुरुआत करेंगे। भले सब्जी का पौधा नहीं लगा सकते आप। औषधीय पौधा लगाए और सबसे आसान पौधा है तुलसी का पौधा। यह बहुत महत्वपूर्ण संकल्प ए बी सी तीन
54:07 संकल्पों को हमें दोहराना है। पहला जैविक और खेती उपज अन्न का समर्थन करें। दूसरा घर में कम से कम एक पौधा लगाए। तीसरा किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। हमें किसानों को बताना है कि हमें यह नहीं कहना है कि आप हमारे प्रोडक्ट इस्तेमाल करोगे तो आपको यह होगा। साथियों काम तो होने ही वाला है। उसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। मगर पहले हमें मैसेज देना है। हम आरसीएम अभियान के पिक है। आरसीएम अभियान के सेवक है। हमें जनता में जनजन जागरण के माध्यम से लोगों को यह अवगत कराना है कि यह तो लोगों को पहले पता चले कि भाई
54:52 हमारे जमीन की या हमारे खेत की मिट्टी बीमार पड़ी हुई है। उसको अवगत कराएंगे। ये तीन संकल्पों संकल्प हमें इस जागतिक आरोग्य दिन पर करना है। तो हमारा जो 2026 का स्वास्थ्य क्रांति अभियान है यह बहुत बड़े पैमाने पे हम लोग सक्सेस कर सकते हैं। सर के आशीर्वाद से सर के मार्गदर्शन से इसको हम बहुत बड़े पैमाने पर करेंगे। तो अंतिम संदेश बस लोगों तक जाना है। धरती मां को सुधारना है। धरती मां के स्वास्थ्य को सुधारना है। साथियों जातेते दो मिनट में मैं आपको छोटी सी बात बताना चाहता हूं। फिर आपके साथ मैं पहल करूंगा। आपके साथ चर्चा करूंगा। साथियों जमीन और मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारने में बहुत कारगर साबित हो रहे हैं।
55:40 मिट्टी को नवजीवन देने का सबसे असरदार और सुरक्षित तरीका हरित संजीवनी सोइल हेल्थ स्पेशल खुशहाल किसान समृद्ध देश अगर किसान खुशहाल रहेगा देश समृद्ध होने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगा। पोषक तत्व क्षमता को बढ़ाता है। साथियों आने वाले दिन बहुत कठिन समय से हम लोग गुजर गुजर गुजर रहे हैं। गुजरने वाले हैं और इसी कठिन समय में देश का आधार सिर्फ किसान बनता है। इतनी बात को ध्यान से सुनिएगा। कोरोना में भी हमने इसका पूरा ये ले लिया है। कोरोना के समय में भी पूरे किसानों ने और इस देश को संभाला है और आने वाले दिन ये बहुत बड़े पैमाने पे
56:28 विश्व में युद्ध के दिन चल रहे हैं। आगे क्या होगा इसकी कोई ये नहीं मगर हमें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं। हम आरसीएम अभियान के साथ जुड़े हुए हैं और किसानों के साथ जुड़े हैं तो कोई हमें यहां से कुछ नहीं कर सकता। साथियों तो ये सोइल हेल्थ स्पेशल जमीन में देना है। जहांजहां खेत वहांवहां सोइल हेल्थ मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने वाला सारी संजीवनी सोइल हेल्थ स्पेशल गार्डन गोल्ड मिट्टी के स्वास्थ्य को ठीक करने वाला गमलों के लिए बहुत शानदार प्रोडक्ट है। गार्डन गोल्ड जल संचय हमारे मिट्टी को ठीक करने वाला पानी की कमी को दूर करने वाला बहुत ही कारगर और बहुत ही चमत्कारिक प्रोडक्ट है जल संचय।
57:15 तो साथियों [नाक से की जाने वाली आवाज़] इन्हीं प्रोडक्ट को हमें इस्तेमाल करना है। फसल के अच्छे पोषण के लिए जैसे हम हमारे अच्छे पोषण के लिए फूड सप्लीमेंट खाते हैं। वैसे फसल के अच्छे पोषण के लिए फ्रूट स्पेशल इसका हमें छिड़काव करना है। एक लीटर पानी में एक ग्राम लेके अलग-अलग फसलों के लिए इसको छिड़काव करना है। यानी कि जमीन के स्वास्थ्य के लिए और पोषण के लिए। इसी इनहीं प्रोडक्ट आपको बहुत कारगर साबित होंगे और जमीन और फसलों के स्वास्थ्य के लिए दोनों का कॉम्बो पैक है। जमीन का स्वास्थ्य भी ठीक करता है और पौधों का पोषण ठीक करता है। पौधों को अच्छे पोषक तत्व देने में मदद करता है। हरित संजीवनी स्टेज वाइज फार्मिंग चार पाउच निकलते हैं
58:02 एक जमीन में और दो तीन चार का छिड़काव करना है। साथियों यह सारे प्रोडक्ट यहां पर ट्रेनिंग चलती है। गुरुकुल में हम आपको एक मैसेज देते हैं। अभी मार्च माह आ गया सबको बहुत शुभ बधाई देता हूं मैं। बहुत अच्छा क्लोजिंग रहा है। बहुत अच्छे पिंस आए हैं। और निरंतर ग्रोथ क्या हुआ ये पता नहीं। मगर निरंतर ग्रोथ पे हमें कार्य करना है। हरित संजीवनी की हर सोमवार और हर शुक्रवार हरित संजीवनी की ट्रेनिंग होती है। वहां पर आपको आना है। वहां आपके हर प्रोडक्ट की जानकारी मिलती है। हर प्रोडक्ट पर आप सवाल पूछ सकते हो। रात को 8:00 बजे उसके दो पासवर्ड आईडी पासवर्ड दिए हैं। उसके बाद बुधवार को जैविक खेती
58:48 की ट्रेनिंग होती है। बहुत महत्वपूर्ण ट्रेनिंग होती है। अगर हमें खेती परिपूर्ण खेती करनी है तो आपको यह ट्रेनिंग में आना जरूरी है। और शनिवार के दिन जल संचय की ट्रेनिंग होती है। तो ये सारी यहां पर आईडी पासवर्ड दिए हैं। यह त्रिस्तरीय हम लोग खेती के ऊपर प्रयास कर रहे हैं। सर के आशीर्वाद से हरित संजीवनी पोषक तत्व देने में मदद करता है। जमीन के स्वास्थ्य को ठीक करने में मदद करता है। जैविक खेती जो हमारे ऊपर संकट आया है। लोगों को लगता है कि सर हम क्या करें? बिल्कुल नहीं। आइए एक बहुत बड़ी पहल जैविक खेती के माध्यम से आरसीएम अभियान कर रहा है। पानी की कमी को दूर करने का बहुत बड़ा
59:33 प्रयास जल संचय के माध्यम से हो रहा है। तो ये पूरा फुल प्रूफ पैकेज है खेती के लिए जो हम इसकी जानकारी लेना जरूरी है और इसके ऊपर कार्य करना जरूरी है। हमें आप कांटेक्ट कर सकते हो हरित संज की टीम है। मैं रविंद्र शेरोड़े 94249740 मेरा नंबर है। उसके बाद हमारी वेबसाइट है। वेबसाइट पर आप अधिक जानकारी ले सकते हैं। YouTube चैनल है वहां पर अधिक जानकारी ले सकते हैं। तो मैं इसलिए बता रहा हूं कि देखिए एक 10 मिनट में 20 मिनट में हम आपको ट्रेनिंग ये ट्रेनिंग का सत्र नहीं है। ये सिर्फ आपको जानकारी देने का सत्र है। ट्रेनिंग के लिए तो आप हमें अलग से सवाल पूछिए। कभी भी फोन कीजिए। WhatsApp पे मैसेज डालिए या आप पूरी हरित संजीवनी की
1:00:20 टीम आपके लिए तैयार है। लग लगभग 16 साल का हमारा ये अटूट विश्वास का गठबंधन है आरसीएम अभियान और हरित संजीवनी का जो मिशन सर के माध्यम से हमने लिया है उसको हम लगातार प्रयास कर रहे हैं जनजन तक पहुंचाने का घर-घर तक पहुंचाने का और आप सभी का यह बहुत बड़ा कर्तव्य है कि इस अभियान को जनजन तक पहुंचाए लोगों तक पहुंचाए लोगों को यह अवगत कराए कि आने वाला समय कैसा है। आज हमें क्या करना है? कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती। साथियों तो यह जागतिक आरोग्य दिन पर मैं सबको बधाई देता हूं और जो प्रयास यहां पर अलग-अलग
1:01:05 प्रयास चल रहे हैं। आरसीएम अभियान के माध्यम से हर व्यक्ति स्वस्थ रहे। आपके परिवार का हर व्यक्ति खुशहाल रहे। इन्हीं सद्भावनाओं के साथ मैं मेरी वाणी को यही विराम देता हूं। धन्यवाद। थैंक यू। जय आरसीएम। बहुत-बहुत धन्यवाद सर आपको। आदरणीय सर के पास चलते हैं। स्वागत है गुरुदेव आपका। जी सिरोड़ा सर को बहुत-बहुत धन्यवाद। वर्ल्ड हेल्थ डे पर एक अच्छा अद्भुत तोहफा हम आप मतलब आपने दिया हमको और बहुत सारी जागृति जो बहुत ही जरूरी है जिसको हम भूल जाते हैं सामान्य तौर पर तो बहुत अच्छा याद दिलाया। साथियों एक बात यह समझना बहुत जरूरी है कि पूर्ण जैविक खेती
1:01:53 क्या होती है? कई बार हम बहुत हो जाते हैं भ्रमित कि मैं हरित संजीवनी का यूज़ कर रहा हूं तो मेरी जैविक हो गई। या तो खाद दिया ही नहीं तो खेती होगी नहीं पूरी। और खाद अगर यूरिया दिया है तो वो पूर्ण जैविक नहीं हुई है। ठीक है? आपका थोड़ा दूसरों से बेटर जरूर रहेगा फिर भी लेकिन पूर्ण जैविक नहीं पूर्ण जैविक के लिए आपको देसी खाद खाद अलग चीज है हरित संजीवनी अलग चीज है हरित संजीवनी आपके अन्य किसानों के मुकाबले आपके उत्पादन को बढ़ा देगा गुणवत्ता को बढ़ा देगा हेल्प करेगा खाद की मात्रा को आप 20% कम कर सकते
1:02:38 हैं वो सब ठीक है लेकिन खाद की जगह खाद है उसके लिए हर बुधवार को सिखाया जाता शाम को 8:00 बजे तो बहुत सारे साथी आते भी है उसमें रुचि लेते हैं सीखते हैं और बढ़ा भी रहे हैं। बहुत सारे लोग जैविक खेती को काफी अच्छा बढ़ा रहे हैं। हां अगर आप अपने गमलों में करते हैं और उसमें गार्डन मोड का इस्तेमाल करते हैं तो फिर वो पूर्ण जैविक है। वो पूर्ण जैविक है। तो इसको थोड़ा ठीक से समझ के और बड़ा प्रोजेक्ट हमें लेना चाहिए। इस हिंदुस्तान को पूर्ण जैविक पर लाने के लिए हमें काम शुरू करना चाहिए। जैसा कि सर ने हमें बताया कि जितना आपसे शुरू हो उतना शुरू करो। छोटे से शुरू करो और धीरे धीरे उसको विस्तार दे। अच्छा किसी के पास खेती
1:03:24 नहीं है पर खुद सीख कर किसानों को हमारे सिस्टम से अटैच भी करवा देंगे तो भी बहुत बड़ा काम आप कर सकते हैं। जो हर बुधवार को जो ट्रेनिंग होती है उसमें आप शामिल करवा देंगे। आप इतना काम तो कर सकते हैं और उनको संपर्क करने का सिस्टम बता पूरा सिस्टम विकसित हो चुका है। पूर्ण जैविक कर सकते हैं पूरा उत्पादन लेकर। ये सारी व्यवस्थाएं मौजूद है। तो केवल आपको अपने द्वारा जो हो सकता है वो करने का प्रयास करना चाहिए। अगर हम सोचेंगे तो कुछ भी कर सकते हैं साथी। तो इस विषय को गंभीरता से समझते हुए आज आप क्या निर्णय ले रहे हैं? क्या सीख रहे हैं? आप चलिए आइए बताइए।
1:04:10 आइए हैंड रेज कीजिए सभी साथी। पहला हैंड रे महफूज अलम जी आइए। हां महफूज जी जय हर सर। जय हर सर। अभी तो बहुत अच्छा लगा। यह प्रोग्राम टाइम टू टाइम होना चाहिए। हम ये जानना चाहते जैविक जातिगत आरोग दिन सबसे पहले कब मनाया गया था वो थोड़ा सा सुनिए लेकिन दिमाग 7 अप्रैल 7 अप्रैल 1948 1948 जी ये डब्ल्यूh डब्ल्यूho का वर्धापन दिन होता है। जी उसके याद में हम लोग पूरे विश्व में इसको मनाते हैं। जी जी थैंक यू सर। जी
1:04:57 आदरणीय सर ने जो बोले हैं कि संकल्प लेना है हमको संकल्प के लिए तैयार हो जाए जी आइए आप नाम नहीं लिखे वन टू थ्री फोर फाइव करके नाम लिख लीजिए थैंक यू सर मेरा नाम मनोजीत शाह है सॉरी सर सर को नमन मैं आज ही मेरे घर में एक गमले में हर संज के लगा के हरिशं मतलब गार्डन गोल्ड को यूज करके मैं एक पौधा आज से शुरू शुरू करूंगा। यह मैं संकल्प लेता हूं सर। आइए पीएल सैनी जी। थैंक यू सर। क्योंकि पिछला सेशन मैं कई बार अटेंड कर चुका हूं घर संजीवनी का। इसलिए सर अपने घर में किचन गार्डन का एक बहुत बड़ा बगीचा मैं तैयार कर चुका हूं।
1:05:43 जिसमें टमाटर, बैंगन, करेला, लौकी, कद्दू, तरोई, बड़ा, खीरा, ककड़ी, धनिया ये सब चीज मेरे घर पे अब उगना चालू हो गया। छत पर सर। मुझे अब खेती के लिए अब सब्जी के लिए मार्केट में नहीं जाना पड़ता है और इसको देख के मेरे अगल-बगल के लोग भी थोड़ा पौधे लगाना शुरू कर दिए हैं। हमसे मांग के ले जाते हैं बाबू काहे आप डाले हैं जरा हमको दीजिए तो जल संचय और गोल्डन गार्डन के मैं यूज करता था तो हरित दोनों दे देता हूं थोड़ा-थोड़ा तो लोग ले जाने के बाद उनका भी दो चार पेड़ अपने छतों पर लगा करके वो भी शुरू कर दिए हैं तो धीरे-धीरे सर इसका प्रचार प्रसार भी हो रहा है और सब्जी तो जबरदस्त सर होती है अपने किचन गार्डन में आइए मोहित जी
1:06:31 थैंक यू सर सर और जैसा कि अभी गुरुदेव ने कहा है कि हमें संकल्प लेना है। तो अभी ऑलरेडी मैंने इस कार्य को स्टार्ट कर दिया है। हमारे पास कुछ जमीन है जिसमें अभी मैंने मकाई की फसल लगाई है और उसमें पहले जल संचय का प्रयोग कराया है और अभी जो हमारा हरित संजीवनी का जो प्रोडक्ट है उसका भी इस्तेमाल कराएंगे और इससे पहले मैंने आलू की फसल में भी यूज़ किया था। हालांकि इस साल कुछ कारण से आलू की फसल तो बहुत अच्छी नहीं हुई लेकिन और खेतों के मुताबिक जो हमारी फसल हुई है और खेतों में एक बीमारी सी लग गई थी जिसको हम चेचक बोलते हैं और हमारे खेत में वो बीमारी नहीं आई और हमारा जो आलू बिका है वो कुछ ज्यादा रेट में बिका है तो साथियों हमारे
1:07:17 इतने चमत्कारी प्रोडक्ट है इतने अद्भुत है बस हमें उनको यूज करना है और जैसा कि सर ने अभी बताया कि आपके पास खेती कम है ज्यादा है नहीं है उससे कोई मायने नहीं रखता है। अगर हम जो किसान है उनको यहां पे कनेक्ट कर करा देते हैं अपने टीम के साथ तो भी हम बहुत बड़ा स्वास्थ्य रक्षा मिशन पे कार्य कर सकते हैं और यह भी एक बहुत बड़ा कार्य है कि हमारी जमीन अगर मजबूत हो जाए सुधर जाए जैविक खेती हो जाए तो यह भी स्वास्थ्य की दिशा में हम बहुत बड़ा कार्य कर पाएंगे। थैंक यू सो मच। जी सर। परिणाम का वीडियो जरूर बनाएं क्योंकि हमारे पास परिणाम बहुत आता है लेकिन वीडियो नहीं बनाने के कारण हम दिखा नहीं पाते। तो जरूर वीडियो बनाएं। आइए श्रवण भैया हमने भी संकल्प ले लिया है सर और अभी जीवा
1:08:02 ले हरित संमनी और गार्डन गोल और जलस को ले बहुत बड़ी काम कर रहे हैं सर और अपने खेतों में अभी तो लगभग एक एकड़ में लगा हुआ है सब्जी का फसल और किचन गार्डन में आप देख सकते हैं अभी से दिखाई तो नहीं देता होगा लेकिन ये किचन गार्डन में भी बहुत शानदार तरीके से अभी लगा हुआ है पूरे सब्जी का फसल तो बहुत शानदार तरीके से सर संकल्प लेके कर रहे हैं। वीडियो भी कुछ बनाए हैं लेकिन सही तरह से नहीं बनाए इसलिए नहीं दिए और आगे भी जारी रहेगा सर बहुत शानदार रहेगा सर ऑर्गेनिक जब क्योर ऑर्गेनिक श्रवण भैया जीवामृत और घनामृत के से अच्छा है हमारा सरल संजीवनी सरल कंपोस्ट सरल हाई पावर ये डुप्लीकेबल भी है तो आप तो आते ही हैं बुधवार के सेशन में जरूर उसको अपनाए जी जी वो भी बना रहे हैं सर वो भी बना रहे अलग-अलग में बना रहे हैं
1:08:48 आइए शानंद जी सर हम रवीन सर से थोड़ा सा क्वेश्चन सर कि हम जो गोल्डन गार्ड सर यूज करेंगे एक दो पौधा है डबल अभी तक आए हैं तो उसको कितना दिन तक चल सकता है गोल्डन गार्ड जो खराब नहीं हो सर 151 दिन 151 दिन में रिपीट करना है 15 दिन में और सर कितना तक चल सकता है क्या ये दो पौधा है ना सर तो ज्यादा कितना दे सकते हैं सर एक एक मुट्ठी देना गमला कितना बड़ा है आपका गमला तो सोचिए ना कि सर कि वही थोड़ा सा होगा बस इससे ज्यादा बस एक एक से दो में मुट्ठी देना है ज्यादा नहीं देना कितना दिन तक चलेगा सर 15 दिन तक 15 दिन तक
1:09:34 हर दिन में देना है आपको आइए लक्ष्मण जी आपका कुछ दिखा रहे थे आप मेरा नाम लक्ष्म प्रधान है और मैंने भी मेरे खेत में जलसिया यूज़ करा था और देखो ये मक्की दो प से इतनी बड़ी हो गया इस पे डोड़ा भी लग गया है मैं खेत में ही हूं और यह दो प से ही हुआ है जैसे कि मेरे यहां किसान है आसपास सब जगह मक्का है तो वो भी बोल रहे हैं और हमारे को भी यही देना है हम तो अबकी बार जो करेंगे तो देंगे और दो तीन साथियों को और दिया है और इसका बहुत परिचय आया है और यह इतना बड़ा मेरे जितना बड़ा हो गया है दो पानी से और सात दिन में पानी देना पड़ता था 15 20 दिन से पानी देता हूं तो चल जाता है इसका बहुत रिजल्ट है और सब्जी अभी करी है तो इसमें भी गार्डन गोल्ड भी डालूंगा और जलसरी भी डालूंगा और हरीश भी यूज़ करूंगा ये सब्जी
1:10:21 भी शानदार दार हुई है और इसका बहुत रिजल्ट है। इसका वीडियो भी बना के मैं डालूंगा। लक्ष्मण जी लक्ष्मण जी आप वीडियो दोनों बनाना जिसमें डला है उसका और जिसमें नहीं डला है उसका दोनों का डिफरेंस जब दिखाओगे तो कमाल का काम होगा आपका। जोरदार है मैकी में देखो डाला है तो मैकी मेरे जितनी बड़ी हो गई है दो पानी डाला है। बहुत बढ़िया बहुत बहुत बढ़िया। आइए रतेश सर। जी धन्यवाद। संपूर्ण स्वास्थ्य सही आहार के बिना नहीं हो सकता और वह हमारे पास होता है ऑर्गेनिक आहार। हम बहुत सारे जानकारियां अपने पास रख ले। जैसे अभी हमारे पास विश्वास दिवस मनाया जा रहा है। हम कल भी मनाए आज भी चल रहा है। कल भी चलेगा। ये सारी जागरूकता बहुत जरूरी है। लेकिन जिसमें हमारा डाइट एक शब्द आता
1:11:09 है सीड्स में आहार। अगर आहार सही नहीं है तो जिस बीमारी को हम सही करने के लिए सारे नॉलेज दे रहे हैं वो फिर रिपीट आ जाएगा। तो ऑर्गेनिक को लेकर के जो हरित संजीवनी हमारे पास है यह सही रूप में देखा जाए तो एक अमृत है और वरदान है हमारे जैसे इंसानों के लिए तो हमारे यहां भी सर एक से डेढ़ बीघे हरी सब्जी की खेती होती है इस समय लौकी नेनुआ भिंडी ये सभी तैयार है और नेचुरल तैयार है इन सब्जियों को जो उनके टेस्ट आते हैं ना जिससे नेचुरल आज के पांच साल 10 साल पहले अभी भिंडी काटोस और लसम निकल गया उसका कहां गया लोग कभी ध्यान ही नहीं देते बस भिंडी खा रहे हैं भिड़नी में लसम नहीं तो फिर नेचुरल सब्जी है क्या? हां उसके अंदर कुछ तत्व ही नहीं है। यह हमें समझने की जरूरत है। तो अभी सारी चीजें इस्तेमाल होती है सर। ऑर्गेनिक हमें
1:11:55 100% करना है। कुछ साथी जैसे शहर में रहते हैं वो बोलते हैं कि हमारे पास छत नहीं है। हम गमले पर बहुत कम कर पाएंगे। तो मैं उनसे निवेदन ये करूंगा बाहर निकलिए। कुछ किसान मित्रों से मिलिए। उनका सपोर्ट करिए। छोटे-छोटे कारियों में आप जैसे गार्डन गोल्ड है अपना जल संचय है। एक जगह उनको आप इस्तेमाल करके और जब भी फील्ड में निकले हर हफ्ते उसका रिकमेंड करिए। दो तीन महीने में जब अच्छा रिजल्ट आ जाएगा एक किसान 100 किसान को बता देगा। बहुत सारे ऐसे तौर तरीके हैं जिस पर हम कर सकते हैं और हम स्वस्थ आहार उनहीं से लेकर के पैसा पे करके ले आए उसका उत्साह बढ़ेगा। तो ये भी एक अच्छा हमारे पास तरीका हो सकता है। धन्यवाद श्री सागर जी जी गुरुदेव [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं विगत दो वर्ष से हरी संजीवनी के अपने उत्पाद का उपयोग कर रहा हूं। पर साथ में
1:12:41 थोड़ा सा डीएपी और यूरिया का भी उपयोग कर लेता था। लेकिन आज से संकल्प लेता हूं कि इस सत्र पूर्ण रूपेण जैविक खेती करूंगा सर प्राकृतिक खाद और अपना हरित संजीवनी का उपयोग करूंगा। बाकी सब्जियां वगैरह जो है मेरी जैविक खेती यानी जैविक खाद से ही तैयार होती है। घरेलू जो उत्पादन होता है मेरा मैं बहुत कम मार्केट से सब्जियां ले आता हूं। ओवर टू सर जी। सोमनाथ जी सोमनाथ जी अन म्यूट कीजिए अपने आप को। चलिए अनुष्का जी धन्यवाद सर आज जब हम लोगों का कल विश्व स्वास्थ संगठन पर विश्व स्वास पर जो हमारा
1:13:26 स्वास्थ्य क्रांति का कार्यक्रम होगा तो मैं आज प्रण कर रहा हूं कि कल यहां हम हर संजीवनी और गार्डन गॉड और हेल्थ को मैं वहां रखकर के पहले कहूंगा कि जब हमारी मांग स्वस्थ रहेगी सभी भक्तों कोहार देके अनुष्का जी हां अनुष्का जी आइए अन म्यूट है आप धरना दीदी आप आइए अन म्यूट कीजिए आप हां अन म्यूट है म्यूट मेरा संकल्प है कि मैं किसान का लिस्ट
1:14:14 बनाऊंगी और जो भी खेती के लिए इस हरित संजीवनी के ऊपर मैं बोलूंगी और काम करूंगी और मेरे घर में भी मैं गामले में करती हूं और तुलसी का पौधा बहुत ही अच्छा हुआ। मैं छोटा सा एक गार्डन बनाया तुलसी का पौधा बहुत ही सुंदर हुआ और हर लोग देखने में आते हैं कि इतना सुंदर कैसे हुआ। थैंक यू भरत सा जी। सर मैं संकल्प लेता हूं कि यहां से हरित संजीवनी का और जल संशय का प्रयोग करूंगा कराऊंगा। लेकिन सर पहाड़ों के लिए तो जल संशय एक अमृत वरदान साबित है। सर यहां खेती जो है बरसात पर ही निर्भर होती है। तो जैसे ये जल संशय हमने बुवाई के टाइम पे डाल दिया
1:15:01 और उसके बाद बरसात हुई तो वो बिल्कुल काम करेगा सर नहीं करेगा। धन्यवाद सर। काम करेगा बल्कि इसके ट्रेनिंग में रहेगा तो और पूछ लीजिएगा और कांटेक्ट नंबर पे आइए विनोद भाई हां विनोद भाई जी आप आइए नमस्कार सर सबका अंदर विराजेला परमात्मा को मेरा बार-बार नमस्कार मैं हरित संजीवनी तीन साल से यूज़ कर रहा हूं उसके साथ सोइल हेल्थ भी यूज़ कर रहा हूं और मेरे जो मित्र है उसको भी यूज़ करवा रहा हूं और मेरे को बढ़िया रिजल्ट मिला है। बहुत बढ़िया रिजल्ट मिला है। हर साल मेरे को मैं जो एसपी खात आता है, डीपी आता है वो सबको मैं बंद कर दिया है। तीन
1:15:47 साल से पहले साल थोड़ा कम उत्पादन आया। अब अब हर साल मेरे को हर मौसम में ज्यादा उत्पादन मिल रहा है और मेरे जो खेत में जो पौधा होता है वो सब देखने के लिए आ जाता है। थैंक यू। जय आरसीएम। खाद क्या डालते हैं सर आप? खाद खाद देसी खाद आता है ना वही डालते हैं और साथ में साथ में वो आता है ऑर्गेनिक खादर आता है इस चीज वही जरूर बताइएगा ये चीज जरूर बताइएगा लोगों ने बहुत गलती किए हैं कि केवल हरी डालिए और खाद मत डालिए करके तो रिजल्ट खराब होता है तो पूरी यहां बताना है और और के लिए बुधवार के सेशन में जरूर आप आए ठीक है सर धन्यवाद आपको जो भी साथी अपना है तो पूरा बताएं राधिका जी
1:16:32 जी सर जय आरसीएम और मैं भी सर संकल्प लेती हूं कि मैं मेरा खेत है हम खेत में अपना हरित संजीवनी और जल संचय डालेंगे सर सर अभी हम लौकी ननुआ और भिंडी लगाए हैं तो उसमें कौन सा प्रोडक्ट डालेंगे सर जल नहीं कितना एरिया में लगा है कितना एरिया में लगा है आधा कट्टा सर आधा कट्टा में तो आपको पहले सबसे पहले तो जल संचय और गार्ड गोल्ड को मिला के थोड़ा जमीन में डालना है अंदर और उसके साथ सोइल हेल्थ को मिलाना है। ओके सर बाद में फिर चलकर आप नंबर कांटेक्ट कर लीजिए। हमारी ट्रेनिंग में आइए और नंबर पर
1:17:18 कांटेक्ट करिए। सारी जानकारी मिल जाएगी आपको। जी जय हो सर मैंने भी आपका नेटवर्क इशू है वीडियो बंद कर लेंगे ठीक रहेगा सर हम लेते हैं धनीराम लोधी जी आप आइए सर मैं गार्डन गोल्ड पे काम करता हूं सर मुझे ये नहीं है सर के कितने दिन में डालना है गार्डन गोल्ड गमलों में मैं यहां पे हूं सर हरियाणा में और सब लोगों के गमलों में घर-घर के जाके के पहले ऐसे डाल देता हूं। जब पौधा अच्छा हो जाता है तो अपने आप मंगाने लग जाते हैं सर। तो उसको
1:18:05 कितने दिन में देना चाहिए सर? गार्ड गोल्ड अभी आपको बताया गया था 151 दिन में डालना है पौधे के हिसाब से। एक चम्मच दो चम्मच थोड़ा सा जरूर यहां पे ध्यान से सुनना है आप सभी को। ज्यादा नहीं डालना है। 151 दिन डालते रहिए आप। जी। ठीक है सर। जी दुर्गा जी। हां दुर्गा देवी जी अनम्यूट कीजिए। हां सभी साथी को नमस्ते। नमस्ते भैया। हम भी एक अट्ठा में उगाए हैं। टमाटर, भिंडी, बैंगन जो खेत में बगल में नहीं डाले थे वो तो अच्छा नहीं हुआ। मगर जो में डाले हैं तो बहुत अच्छा है। बड़ा हुआ है। फल भी अच्छा लगा है।
1:18:53 साइड में थोड़ा सा नहीं डाले थे। उसका भी वीडियो बनाए हैं। हां इसका प्रचार प्रसार बढ़िया कीजिए। योगेश्वर जी यस सर जय आरसीएम मैं भी जल संजय और हर संजीवनी का उपयोग कर रहा हूं सर लेकिन आज से मैं संकल्प लेता हूं कि प्रतिदिन एक आदमी को इस जल संचय और हर संजीवनी के बारे में प्रतिदिन एक आदमी से बात करूंगा। थैंक यू सर। जय आरसीएम। आइए बानीपुरी जी। थैंक यू सो मच सर। मैं [गला साफ़ करने की आवाज़] भी गार्डन गोल्ड और अपना जल संचय लगाया हुआ हूं सर और यह देख सकते हैं आप खीरे की जितने फूल है बहुत गजब की है। बस मात्र यहां पे तीन ही पौधा है और यह बाड़ी में जो है ग्वार फ्ल्ली की खेती हुई है थोड़ी सी मात्रा
1:19:40 में थोड़ी सी जगह पे जहां पर जल संचय और गार्डन गोल्ड ही डला हुआ है। थैंक यू सर सुनीता जी हां पुनीता जी आप अन म्यूट है ले चलते हैं पुराने साथी के साथ हमारे सर जी सर नमस्कार जी सर वो सर बोल रहे थे कि ऊपर गमले में गार्डन गोल डाल के और बहुत सारा पौधा फूल लगाए हैं तो एक बार खूब फड़ लेता है उसके बाद पूरा जल जाता है। दोबारा होता नहीं है सब अगर बात देते हैं। उसके बाद खाद आप
1:20:27 डालेंगे 151 दिन में और प्रॉपर उसे गुड़ाई करते रहेंगे तो होगा अच्छे से और चैट में नंबर भी रहता है आप वो गार्डन गोल्ड तो देते हैं गोल्ड देते हैं सर हर 15 में और क्या डालना है 15 दिन में देना है उसको और आप दे सकते हैं तो घर में ही आप आइए बुधवार के प्रोग्राम में 8:00 बजे तो आपको और जानकारी मिलेगी ठीक है पुनीता जी आइए राम जी आप आइए एक निवेदन है कि जो भी साथी जैविक ऑर्गेनिक खेती करना चाहते हैं 8:00 बजे वाले प्रोग्राम में जरूर आए बुधवार के आपको संपूर्ण जानकारी मिले घर पे ही आप कैसे बना सकते हैं सरल कंपोस्ट सरल संजीवनी सरल हाई पावर और उसके साथ में हरित संजीवनी ले अगर करते हैं काम तो पूर्ण रूप से जैविक आप कर सकते हैं तो आइए
1:21:13 जी धन्यवाद सर अभी तक तो हम बहुत खास नहीं किए थे लेकिन आज संकल्प ले रहे हैं कि बड़ी तैयारी में हम पूरे देश में जहां अपनी टीम है या वहां मैं पहुंच सकता हूं वहां पर मैं आज से ही शुरू करूंगा बड़ी प्लानिंग करूंगा। बहुत आइए राजकुमार जी। धन्यवाद सर। जैसा कि सर ने कहा ना कि हम लोग के साथ साथ हमने सर एक नया सिस्टम शुरू किया कि किसी को गिफ्ट देते हैं तो उसको पौधा और एक गार्डन गोल्ड सर दे रहे हैं। ये हमने अपने टीम को भी ये चीज कर रहे हैं और हम स्वयं भी कर रहे हैं सर। कि किसी का जन्मदिन हो या कोई परो हो एक पौधा गिफ्ट के रूप में हम लोग ले जाते हैं और देते हैं सर और इसका वीडियो भी हम सर अपने ग्रुप में भेजते हैं। बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया अनीता और सर खाद के हमने तीन फिर का गड्ढा
1:22:03 हां क्या आपने? हां जय सर मैं अनीता सावंत बात कर रही हूं कोल्हापुर महाराष्ट्र से मेरी खुद की खेती है 20 गुण का उसमें मैंने जल संचय और बाकी का हमारा जो शुगर शुगर है वो भी मैंने डलवा दिया है और हम लोगों के लिए खाने के लिए जो छोटी छोटे-छोटे गमले या कुछ और लगाना होता है सब्जियां उगानी होती है वो मेरे घर के बगल में ही थोड़ी जगह है उसमें मैं लगा लेती हूं ऐसे ही हर साल ही लगा लेती थी लेकिन उसमें भी मैं रासायनिक खत डालती थी अभी संकल्प ले रही हूं कि वो सब बंद करके हम हमारे जो हर संजीवनी के
1:22:48 प्रोडक्ट या जो भी कुछ है वही उसी से मैं सब कुछ उगाऊंगी और खेती करूंगी और जैसे टीसी छाबड़ा सर कहते हैं कि हमें कुछ बड़ा करना है तो मैंने संकल्प लिया है मेरे टीम के साथ में कम से कम आठ आठ 10 गांवों को जागकर वहां के जो माननीय सरपंच जी होते हैं उनसे खुद मिलकर जल संचय पर बहुत बड़ा काम करना है सर और ये तय भी हो चुका है और उसके बारे में स्वास्थ्य क्रांति के साथसाथ ये भी हरित स्वास्थ हरित स्वास्थ्य पर भी मैं काम कर रही हूं सर थैंक यू जय सिंह बहुत जी आपके विचार तो बहुत अच्छे पर आप थोड़ा ध्यान रखना हरित संजीवनी खाद नहीं
1:23:34 है अगर आप खाद बंद कर देंगे ना तो फिर कितने ही कुछ भी डालो फसल नहीं हो पाएगी खाद की जगह खाद ही काम करेगा तो अगर खाद भी देसी खाद करना पड़ेगा। ठीक है। थैंक यू सर। कहीं किसी को और नुकसान मत करवा देना आप। संपूर्णता जानना बहुत जरूरी है। हम क्या पार्ट पार्ट में चीजों को जान लेते हैं। हरित संजीवनी अपना काम करती है। फसल बढ़ाती है। गुणवत्ता बढ़ाती है। सपोर्ट करती है। खाद की मात्रा थोड़ी कम कर सकते हैं। लेकिन खाद नहीं डालेंगे। खाद का ये विकल्प नहीं है। ये ध्यान रखना बहुत जरूरी है। ये गलती हम बहुत ज्यादा कर रहे हैं। इसीलिए आगे बढ़ने में दिक्कत आती है।
1:24:21 ठीक है। थैंक यू सर। खाद लोभ का खाद बनाना पड़ेगा अगर आपको जैविक करनी है तो। यस सर। ठीक है। आइए धनुष कुमार जी हां अनम्यूट है आप मैं [गला साफ़ करने की आवाज़] भी संकल्प लेता हूं अपने से पीछे खेती में भी उपयोग किए हैं। अच्छा रिजल्ट आया है। उसका वीडियो बनाकर फील्ड में जाऊंगा और किसानों के बीच जाकर और इस संजीवनी जल संचय पर बहुत ही अच्छा काम करूंगा टीम के द्वारा। आइए ध्यानू जी।
1:25:07 जी सर धन्यवाद सर। अभी तक तो अपने खेत में ही डालते हैं और संकल्प लेते हैं कि किसानों तक पहुंचेंगे। कम से कम 100 किसानों तक पहुंचेंगे। आइए एसएल प्रजापति जी एसएल प्रजापति जी आप यस सर यस सर खरी सं का प्रयोग और जल संचय वर्ग एक एक खेतों में किया है। अब उसका परिणाम आएगा तो उसको औरेंगे लेकिन जल संचय का कम से कम 30 जगह दिखा चुका हूं। 30 गांव दिखा चुका हूं। बहुत तेजी से हो रहे हैं। बड़ा अच्छा प्रणाम आ रहा है सर। थैंक यू सर। रेनू बहन आप मोबाइल घुमा लिया करें और थोड़ा सा बैकग्राउंड में ठीक कर ले। आइए। नमस्कार सर। जय हर श्याम और मैंने भी
1:25:53 गार्डन गोल्ड का अपने पौधों में यूज़ किया और मेरे घर में तुलसी नहीं होती थी। तो मैंने इसका यूज किया तो बहुत ही अच्छा रिजल्ट है सर। और मैं संकल्प लेती हूं कि मैं भी और अपने साथियों को बताऊंगी और इसको आगे बढ़ाऊंगी। नमस्कार सर। आइए लाल बहादुर जी। जी सर बहुत-बहुत आज बहुत सेशन रहा हरी संजीवनी का सर जी और आज संकल्प लेते हैं कि जो हर एक किसान के घरघर जाकर के गार्डन गोल्ड और हर संजीवनी के बारे में जानकारी देना है और स्वस्थ जब तक किसान को स्वस्थ नहीं बनाएंगे सर तब तक हम सब स्वस्थ नहीं रहेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद सर जी सविता दीदी
1:26:38 जी सर जय आरसी गुरुदेव के लिए प्रणाम सर बहुत खुशी हो रही है आज पहली बार अटेंड कर रही हूं सर मैं भी संकल्प लेती हूं कि ज्यादा से ज्यादा जो भी मेरे रिलेटिव है उनके लिए हरी संजीवनी की पूरी जानकारी देंगे और उनको उनके लिए भी उपयोग करवाऊंगी सर थैंक यू सर ओवर टू यू थैंक यू सर जी धन्यवाद सर सर मैं जरूर किसान के परिवार से हूं लेकिन अब मतलब खेती नहीं होती है हमारे परिवार में लेकिन मैं अपने घर में कुछ गमलों का रखी हूं और उसमें गार्डन गोल्ड ये सब यूज करके हर संजीवनी और जल संचय ये भी अपने टेबल में ही रखती हूं ताकि मैं जितने भी साथी मेरे पास आए
1:27:23 तो मैं उनको जरूर बताती हूं और ये यूज करके सर अभी ये कड़ी पत्ता हो गया एलोवेरा हो गया तुलसी प्लांट हो गया और कुछ नींबू वगैरह ये सब मैं स्टार्ट की हूं ये आरसीएम अभियान के माध्यम से सुन सुन के क्योंकि मैं कुछ भी नहीं जानती थी खेती के बारे में लेकिन मैं अभी स्टार्ट की हूं और मैं प्रयास करूंगी कि जितने मेरे रिश्तेदार हैं वह लोग हमसे बता रहे हैं कि नहीं हम अभी फसल लगा रहे हैं उसमें ये नहीं डाल रहे हैं जो हानिकारक हमारा है वो सब चीज नहीं डाल रहे हैं तो मैं ये अभियान के माध्यम से हरित संजीवनी के बारे में बताती नहीं थी लेकिन अब विशेष बताने का प्रयास करूंगी। धन्यवाद सर। बुधवार के ट्रेनिंग में भी आया करें दीदी
1:28:09 आप लोग तो और आपको संपूर्ण जानकारी मिलेगा बुधवार को रात को 8:00 बजे। आइए संदीप कुमार जी। जी नमस्कार जय आरसीएम। और सर छोटा सा सवाल है सर कि ये नींबू का पेड़ का पत्ता है सर और इसमें बहुत से कीड़े लग रहे हैं और फूल भी लग रहे हैं सर। तो क्या उसमें डालना उचित रहेगा कि फूल के कोई साइड इफेक्ट होगा सर? इसके लिए बुधवार को आपको शाम को 8:00 बजे परसों 8:00 बजे वो सत्र जाइन कीजिए। वो सब समाधान बता देंगे आपको। जी बहुत-बत धन्यवाद सर। लिंक नहीं है तो लिंक मैं डाल देता हूं। लिंक चैट बॉक्स में डाल दे लखन जी। मैं डाल देता हूं। और मैं सभी से कह रहा हूं जिनको जैविक खेती करने की रुचि हो पूर्ण जैविक वो बुधवार को शाम को 8:00 बजे
1:28:57 आए और आपको नहीं करना आप उन किसानों को जोड़े जो रुचि रखते हैं। ये लगातार एक बहुत इंपॉर्टेंट कार्यशाला चल रही है काफी समय से। इसके अलावा आपके जो भी कोई रोग वगैरह लग जाते हैं पौधों पे रोग उसकी जानकारी लेनी हो तो भी आप वहां जाइन करें। भले आप जैविक नहीं भी कर रहे हैं लेकिन आपके रोग वगैरह का समाधान चाहते हैं आप तो भी जाइन करें। यस आइए अखिलेश जी सर हमने भी हर संजीवनी का तो बहुत दिन से प्रयोग कर रहे थे लेकिन इस बार जो जल संचय आया तो हमने अपने खेत में सरसों का खेत जो एक बीघा का किए थे उसमें बहुत शानदार लोग आते थे तो देखे उसका वीडियो भी बनाए हैं
1:29:42 हम और नितिन सर को भेजे भी हैं उसका वीडियो और जैविक खेती पूर्ण जैविक खेती अभी नहीं कर पाते थे लेकिन आज शपथ ले रहे हैं कि अपना गमला में भी छत पे जैविक खेती का बहुत शानदार प्रयोग करेंगे और पूर्ण जैविक करेंगे। थैंक्स मंजुला दीदी जी नमस्ते जी सर बहुत-बहुत धन्यवाद मैं हमारा टीसी सर का मैं बहुत ज्यादा नहीं हिंदी बात नहीं करती हूं सर। आज पहली बार मैं मौका मिला तो बहुत-बहुत धन्यवाद टीसी सर को। मैं इस अभियान को जुड़ा हुआ मेरा 22 तारीख को मेरा 16 दिन हो गया इस गुरुकुल में आना तो बहुत-बहुत धन्यवाद एक
1:30:30 आज ही मैं संकल्प लेती हूं मैं [गला साफ़ करने की आवाज़] एक तुलसी का बूढ़ा एक गमले में रखकर मैं गार्डन गोल लगाऊंगी और इस नमस्ते जी सर शुक्ला जी जी सर कल बहुत शानदार आयोजन रहा स्वास्थ्य अपना जांच शिविर का लगभग 100 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया एक चूक जरूर हो गई कि कल हमने और सारी बातें की सीड्स के बारे में बात हुई स्कैनिंग हुई बहुत सारे लोगों की जांच हुई लेकिन हम गार्डन गोल्ड से चूक गए तो कल पुनः फिर 10:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक हमारा फिर आयोजन है बैसवारा एंटरप्राइजेस भगवंत नगर में तो हम उसमें
1:31:16 इसको प्रमुखता से शामिल करेंगे और रिजल्ट सर बहुत शानदार मिले हैं खुद के खेत में जल संचय और पाइल हेल्थ हरित संजीवनी के। तो इसको सर हम कल दोबारा से हमारे यहां फिर से हो रहा है और बहुत अच्छा रिस्पांस मिला। बहुत-बहुत धन्यवाद आरसीएम का इस तरीके के आयोजन करवाने के लिए। आइए रंजन जी। थैंक यू सर। और जो है कि जो कि मक्का की खेती खुद मैं अपना खेत में किए थे और जिसमें जल संचय दिए थे और मक्का इतना गजब का मक्का लगा है तो बहुत सारे किसान आए थे कि क्या आप दिए हैं इसमें कि मतलब खेती आपका इस तरह से हुआ है तो सभी किसानों को हम बताते हैं और पिछले जो है कि सालों से जो है कि हरित संजीवनी पर ज्यादा फोकस ज्यादा कर रहे हैं और जो है कि मतलब गांवघर में जाते हैं किसानों को लेके पांच किसान 10 किसान ले बैठते हैं
1:32:02 उसको बताते हैं तो उसको हरित संजीवनी के लेके जो है कि बहुत ही किसान हमारा जो है कि प्रोडक्ट हमसे लेता है और उसका जो है कि रिजल्ट बहुत अच्छा है और जो है कि जल संचय पर जो है कि पिछले यह हम खेती लगाए हैं और इसके बाद जो है कि किसानों को दिए नहीं है लेकिन इसके बाद जो है कि आप किसानों के पास जाके जल संचय का भी प्रचार करेंगे और उसको भी देने का प्रयास करेंगे। उसका डेमो भी दिखाना स्टार्ट कर दिए सर। थैंक यू। आइए लास्ट जी। जय गुरुदेव। किसी को बुला लिया तो बुला लीजिए। सर नमस्कार सर मैंने भी हरी ने
1:32:48 मैंने भी किया है। बरसात में मैंने मक्का बोया था। उसका रिजल्ट थोड़ा कम आया था। लेकिन अब जल संचय डाला था। तो एक एकड़ में अपने 7 क्विंटल चने निकली। मैंने कभी नहीं इतनी अपनी 40 साल की उम्र में देखी लेकिन जलसन कमाल कर दिया और 25% डीएपी खाद भी डला सर अच्छा रिजल्ट मिला हो और मैंने तीन किसानों को और बताया उन्होंने कराई अभी मूंग की खेती में जी सर चलिए बहुत बढ़िया तो साथियों कुछ चीजें आप नोट करेंगे एक तो आपका स्वास्थ्य क्रांति दिवस कल आपने बहुत अच्छे से मनाया है और ये दो दिन हमारा चलेगा और उसके बाद इसको कंटिन्यू करना है और भी बढ़ चढ़कर ये तो जस्ट एक शुरुआत बात है और कुछ शब्द मैं आपको नोट करवाना चाह रहा हूं जो आपको अपनी जिंदगी में शामिल करना है। पहला शब्द तो
1:33:35 है रोग मुक्त परिवार। मतलब हमारे आरसीएम वाले जितने भी साथी है उनका पूरा परिवार रोग मुक्त रहना चाहिए। कभी दवा की आवश्यकता जिंदगी में नहीं रहनी चाहिए। ये हमको संकल्प लेना है। दूसरा संकल्प है ना व्यसन मुक्त परिवार। हमारे परिवार में कोई भी किसी प्रकार का नशा वशासा नहीं करे। यह हमको थोड़े से इन चीजों को बड़ा एक प्रोजेक्ट लेके ऐसे बनाना है। रोग मुक्त परिवार, व्यसन मुक्त परिवार और तीसरा जैविक परिवार। और जैविक परिवार के लिए अभी एकदम से शायद नहीं हो पा रहे जब तक हम बाजारू प्रोडक्ट खरीदते हैं। पर जो खुद खेती है, किसान है वो एक
1:34:22 बार शुरू कर सकते हैं कि हमारे घर में कोई भी इस तरह का बाहरी जो है बिना जैविक उत्पाद नहीं आता है। तो ये इसमें थोड़ा टाइम लगेगा लेकिन दो चीजें हम तत्काल शुरू करेंगे। रोग मुक्त परिवार, व्यसन मुक्त परिवार और तीसरा है प्लास्टिक मुक्त परिवार। प्लास्टिक जो मतलब हम वो पाउच वगैरह जो मार्केट से थैली लेके आ जाते हैं या उसको यूज़ करते हैं वो हम सब बंद करेंगे। जो सिंगल यूज़ प्लास्टिक है कि प्लास्टिक की थैली में लेके आ गए। प्लास्टिक के डिस्पोजल में पानी पी लिया या कुछ जूस पी लिया। आप नहीं पिए। कितनी भी दुनिया पी रही हो आपको नहीं पीना।
1:35:10 आपको कोई आपके फंक्शन करते हैं तो आप उस चीज का इस्तेमाल नहीं करेंगे कि आपने डिस्पोजेबल रख दिया। तो ये कौन-कौन सैंपल कह सकते हैं? एक बार पहले के हैंड आइए। पहले के नहीं बुलाना नहीं है। एक बार हैंड रेज करवा लो। तीन कंपलसरी है। चौथा ऑप्शनल है जिनके सुविधा बेच सकती है। क्या रोग मुक्त परिवार, व्यसन मुक्त परिवार, प्लास्टिक मुक्त परिवार ये जो हमारा कल वो है विश्व स्वास्थ्य दिवस उस पर इसको हम बहुत बड़े रूप में घोषणा करेंगे। आप जहां भी प्रोग्राम कर रहे हैं आप इन तीन शब्दों को
1:35:56 आप खूब अच्छे से प्रमोट करके संकल्प दिलवाए सबसे तो बहुत सारे साथियों के हैंड है आज हम बुला नहीं पाएंगे केवल दिनेश जी को एक बार लास्ट में आइए दिनेश सर दिनेश जी आइए जी सर बिल्कुल यह बहुत प्रमुख है क्योंकि सारी चीजें स्वास्थ्य से ही जुड़ी हुई है और जैसे व्यसन से एक ही व्यक्ति करता है लेकिन पूरा परिवार बहुत डिस्टर्ब रहता है और प्लास्टिक से जीव जंतुओं को बहुत नुकसान होता है
1:36:42 क्योंकि हम कई जगह देखते हैं वो जो बिल्कुल पतली पन्नी होती है और उसी में लोग सब्जी का कचरा डाल के फेंक देते हैं उसको गाय या कोई भी भैंस वगैरह तो बिल्कुल सर ये हम इसको प्राथमिकता से एकदम करेंगे क्योंकि कहते हैं ना धीरे-धीरे क्रांति आएगी जब किसी चीज का बार-बार जिक्र किया जाता है ना तो वो अवचेतन मन में चली जाती है तो फिर आदमी जैसे ही बाजार जाता है तो एकदम उसको ध्यान आ जाता है कि नहीं मेरे को अपने को कपड़े की थैली वगैरह ले जाना है तो बिल्कुल सर ये करेंगे और यह वर्ष हर तरह से स्वास्थ्य क्रांति का रहेगा और हम सब साथी मिलके इसको करेंगे। जी प्लास्टिक वाले में थोड़ा हमें गंभीर होना पड़ेगा। ये आसान सबसे ज्यादा है क्योंकि
1:37:29 इनको अलग से कोई व्यवस्था नहीं करनी। बस जागरूकता है कि आप किसी फंक्शन वगैरह में गए तो आपको इस्तेमाल नहीं करना वो चीज। आपको वो नहीं लानी और आपके पूरे परिवार में तीन ही चीजें अच्छी तरह से बता दे कि भ ये मैं आप कहो तो आपकी तरफ से मैं संकल्प लेके आ सकता हूं और नहीं करना हो तो फिर मैं नहीं लेता हूं। पूरा पूरे परिवार को दवा से हम मुक्त करेंगे, प्लास्टिक से मुक्त करेंगे और वसन से मुक्त करेंगे। और फिर हम इसका कोई बहुत बड़ा आयोजन जब भी करना होगा करेंगे कि ऐसा एक पूरा लिस्ट बना के किस रूप में करेंगे लेकिन इसको बहुत बड़ा कुछ अच्छा अंजाम देंगे बाकायदा। सर इसके अंदर जो है ना सारे साथी ये भी ध्यान दें हमारे सेवा केंद्रों पे भी बहुत
1:38:16 जगह चल रहा है। इसको बंद कराएं अनिवार्य रूप से। जिन साथियों ने सेवा केंद्र खुलवाए ना तो थोड़ा सा हम सब उसके प्रति भी बार-बार कहेंगे तो वो हो जाएगा। सेवा केंद्रों पर भी अनिवार्य रूप से इसको प्लास्टिक की थैली को बंद कराना जरूरी है। कई जगह चल रही है वो। प्लास्टिक की थैली और डिस्पजेबल का यूज़ कर लेते हैं कुछ पिलाने में। अभी सेवा केंद्र में सर गुरुदेव ने बढ़िया किया है। कपड़े का थैला आ गया मात्र ₹1 में। [नाक से की जाने वाली आवाज़] इतना बढ़िया है जबकि ₹1 सिलाई लगता है आजकल। उसका प्रचार प्रसार अपन कर सकते हैं। बहुत ही शानदार थैला है। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद। और आज बड़ी अच्छी
1:39:02 तैयारियां जो आपकी चल रही है वो सब जबरदस्त रूप से और दो दिन बहुत बड़ी आगाज और कल तो वो भी है वर्ल्ड स्वास्थ्य दिवस तो बहुत अच्छा मौका है और सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं बहुत-बहुत धन्यवाद और आरसीएम परिवार धीरे-धीरे एक बहुत अच्छे प्रोजेक्ट में बढ़ता जा रहा है। अभी आज के तीन संकल्प भी मैंने पहले नहीं सोच रखे साथी मैंने मैंने बोला मेरा तो ऊपर वाला भेज देता है कि चलो अभी ऐसा होता है। अभी अभी बस बात करते करते चीजें तीन ध्यान में आई चलिए कल मिलता ही है। जी बहुत-बहुत धन्यवाद।
1:39:47 सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। और अभी 7:40 पे हमारा ओबेरा पे का ट्रेनिंग है। तो जो भी साथी उसमें रजिस्ट्रेशन कराए हैं जरूर आए। गुरुदेव ओवर कर लो।