संक्षिप्त सारांश
यह वीडियो समास को आसान तरीके से समझने के लिए बनाया गया है। इसमें समास की परिभाषा, उसके भेद (अव्ययीभाव, तत्पुरुष, द्वंद्व, बहुव्रीहि, द्विगु, और कर्मधारय), और उन्हें पहचानने की ट्रिक्स बताई गई हैं। वीडियो में समस्त पद और विग्रह की अवधारणा को समझाया गया है, साथ ही प्रत्येक समास के भेदों को उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया गया है। अंत में, समास के ज्ञान का परीक्षण करने के लिए MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
- समास की परिभाषा और भेद
- समस्त पद और विग्रह
- प्रत्येक समास को पहचानने की ट्रिक्स
- MCQ प्रश्नों के साथ परीक्षण
इस वीडियो में समास को आसान तरीके से सिखाने का दावा किया गया है, जिसमें ट्रिक्स के माध्यम से विषय को मक्खन की तरह समझाने का वादा किया गया है। वीडियो को अंत तक देखने के लिए कहा गया है, ताकि समास को अच्छी तरह से समझा जा सके।
समास दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बनने वाले नए शब्द को कहते हैं। उदाहरण के लिए, 'वनवास' का अर्थ है 'वन में वास', 'राजा रानी' का अर्थ है 'राजा और रानी', और 'राजपुरुष' का अर्थ है 'राजा का पुरुष'। इन शब्दों के अर्थ को अलग करके समझना ही समास है। इकट्ठे रूप को समस्त पद और अलग-अलग रूप को विग्रह करना कहते हैं। गंगाजल का अर्थ कमेंट में बताने को कहा गया है।
समास के मुख्य रूप से चार भेद होते हैं: अव्ययीभाव समास, तत्पुरुष समास, द्वंद्व समास, और बहुव्रीहि समास। कुछ जगहों पर समास के छह भेद भी बताए जाते हैं, जिनमें द्विगु और कर्मधारय समास भी शामिल हैं, जो तत्पुरुष समास के ही भेद हैं। जिस समास में पहला पद प्रधान हो, वह अव्ययीभाव समास होता है; जिसमें दूसरा पद प्रधान हो, वह तत्पुरुष समास होता है; जिसमें दोनों पद प्रधान हों, वह द्वंद्व समास होता है; और जिसमें कोई भी पद प्रधान न हो, वह बहुव्रीहि समास होता है। पद का मतलब शब्द होता है और प्रधान का मतलब मुख्य होता है।
द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं। इसकी पहचान यह है कि विग्रह करने पर 'और' या 'या' शब्द देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, 'भाई बहन' का विग्रह 'भाई और बहन' होगा, और 'लवकुश' का विग्रह 'लव और कुश' होगा। 'थोड़ा बहुत' का अर्थ 'थोड़ा या बहुत' होता है। वाक्य में प्रयोग करके यह पता लगाया जा सकता है कि 'और' लगाना है या 'या'।
बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि तीसरा पद प्रधान होता है। उदाहरण के लिए, 'दशानन' का अर्थ है 'दस सिर वाला', लेकिन इससे रावण का बोध होता है। इसकी पहचान यह है कि विग्रह करने पर अंत में 'जिसका', 'जिसके', 'जिसकी', 'जो', या 'वाला' शब्द देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, 'महावीर' का विग्रह 'महान है वीर जो' (हनुमान) होगा, और 'चतुर्भुज' का विग्रह 'चार भुजाएं हैं जिसकी' (विष्णु) होगा।
तत्पुरुष समास के कई भेद होते हैं, जो कारक विभक्ति चिह्नों पर आधारित होते हैं। कर्ता और अंतिम कारक को छोड़कर बीच के छह कारकों के नाम ही तत्पुरुष समास के भेद हैं, जैसे कर्म तत्पुरुष, करण तत्पुरुष, आदि। इसके अलावा, द्विगु और कर्मधारय समास भी तत्पुरुष समास के ही भेद हैं। विग्रह करने पर जो भी विभक्ति चिह्न दिखे, वही भेद होगा। उदाहरण के लिए, 'जनप्रिय' का विग्रह 'जन को प्रिय' होगा, जिसमें 'को' विभक्ति चिह्न है, इसलिए यह कर्म तत्पुरुष समास है। 'युद्ध भूमि' का विग्रह 'युद्ध के लिए भूमि' होगा, जिसमें 'के लिए' विभक्ति चिह्न है, इसलिए यह संप्रदान तत्पुरुष समास है। 'से' विभक्ति चिह्न का प्रयोग अलग होने के अर्थ में होता है, जैसे 'ऋण मुक्त' का विग्रह 'ऋण से मुक्त' होगा, जो अपादान तत्पुरुष समास है।
द्विगु समास में पहला पद संख्यावाची होता है। इसकी पहचान यह है कि पहला पद गिनती का शब्द होता है। उदाहरण के लिए, 'तिरंगा' का विग्रह 'तीन रंगों का समाहार' होगा, और 'चौराहा' का विग्रह 'चार राहों का समूह' होगा। विग्रह करने के बाद अंत में 'समूह' या 'समाहार' देखने को मिलता है।
कर्मधारय समास में पहला पद विशेषण और दूसरा पद विशेष्य होता है। इसकी पहचान यह है कि विग्रह करने के बाद बीच में 'है जो', 'के समान', या 'रूपी' शब्द देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, 'काली मिर्च' का विग्रह 'काली है जो मिर्च' होगा, और 'शूरवीर' का विग्रह 'शूर के समान वीर' होगा। 'गुरुदेव' का विग्रह 'गुरु रूपी देव' होगा।
अव्ययीभाव समास की कोई विशेष पहचान नहीं है। यदि बाकी भेदों की पहचान से अलग कुछ देखने को मिले, तो वह अव्ययीभाव समास होगा। समस्त पद में पहला पद अव्यय या उपसर्ग देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, 'यथा विधि' का विग्रह 'विधि के अनुसार' होगा, और 'आ सेतु' का विग्रह 'सेतु तक' होगा। कई बार एक ही समस्त पद दो भेदों के अंतर्गत आ सकता है, जैसे 'नीलकंठ' बहुव्रीहि और कर्मधारय समास दोनों का उदाहरण है। विग्रह पर निर्भर करता है कि कौन सा भेद होगा।
विग्रह करने के बाद समास का भेद आसानी से पहचाना जा सकता है। विग्रह करने के लिए समस्त पद का अर्थ लिखना होता है। ढेर सारे उदाहरणों को पढ़ने से समास आसान हो जाता है। प्रैक्टिस के लिए ढेर सारे उदाहरण डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए गए हैं। वीडियो के अंत में समास से संबंधित MCQ प्रश्न पूछे गए हैं, जैसे 'गजानन' में कौन सा समास है, 'वन गमन' में कौन सा समास है, और 'नीलकंठ' किस समास का उदाहरण है।
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Transcript
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0:00 इतना आसान सा टॉपिक भी देखने आ गए चलो आए हो तो आपको यह टॉपिक सिखा कर दम लेंगे और वो भी ट्रिक के साथ बहुत आसान ट्रिक के साथ बच्चों इस वीडियो में हम समास को मक्खन की तरह समझने वाले हैं बशर्ते आपको यह वीडियो एंड तक देखना पड़ेगा यानी पूरा देखना पड़ेगा बाकी सिखाना मेरा काम है तो बिना किसी देरी के चलते हैं स्क्रीन पर नमस्ते मेरा नाम आशीष है सबसे पहले समास है क्या दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया या छोटा शब्द बनता है उस शब्द को हिंदी में समास कहते हैं अब परिभाषा से तो आपको समझ आएगा नहीं आइए आसान शब्दों में समझाता हूं आपके सामने तीन शब्द लिखे हुए हैं वनवास राजा रानी और राजपुरुष अब इन तीन में से एक को मैं अलग कर देता हूं और बाकी के जो दो हैं उनको आप अलग करने की कोशिश करना वनवास वनवास को अगर हम अलग करें तो बनेगा वन में वास राजा रानी का क्या बनेगा राजा और रानी राज पुरुष का क्या होगा राजा का पुरुष और जहां तक मैं जानता हूं आपने भी अपने मन में ये मुझसे पहले ही अलग कर लिए होंगे बहुत सिंपल है दरअसल इन शब्दों के अर्थ ही लिखा है यहां
1:16 पर बस इन्हीं को ही समास कहते हैं वैसे इनका भेद भी पूछा जाता है कि इसमें कौन सा भेद है इसमें कौन सा भेद है और हर बार इतने आसान शब्द भी नहीं होते थोड़े मुश्किल भी आएंगे तो मुश्किल को आसान कैसे बनाया जाए और समास के भेद आसानी से कैसे पहचाने इसी के लिए ये वीडियो है लेकिन उससे पहले गंगाजल का अर्थ आप कमेंट करके बताओ देखते हैं कितने बच्चे सही बताते हैं अब इसमें दो चीजें और समझो ये जो इकट्ठा रूप है ना इसको कहते हैं समस पद क्या कहेंगे समस्त पद और ये जो समस्त पद का अलग-अलग रूप है इसको कहते हैं विग्रह करना ये बस याद रखना हर एक समस्त पद का आसानी से विग्रह कैसे करें इसको हम थोड़ी देर में बात करेंगे लेकिन इससे पहले समास के भेद को समझ समास के मुख्य रूप से चार भेद होते हैं अव्यय भाव समास तत्पुरुष समास द्वंद और बहुपद समास कई जगह आपको समास के छह भेद भी देखने को मिलेंगे और उनमें छह और पांच यानी पांचवा और छठा जो होगा पांचवा होगा द्विगु और छठा होगा कर्मधारय दरअसल ये दोनों भेद तत्पुरुष समास के ही भेद हैं इनको भी हम समझेंगे पहले इन चार भेदों को आसान ट्रिक से समझते हैं इनकी
2:23 परिभाषा की बात करूं तो ये बहुत आसान है देखो जिसमें पहला पद प्रधान होता है वो अव्यय भाव समास जिस जिसमें दूसरा पद प्रधान हो वो तत्पुरुष समास कहलाता है जिसमें दोनों पद प्रधान हो वो द्वंद समास और जिसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता उसे बहुवृही इनकी परिभाषा है अब ये पद क्या है प्रधान क्या है इसको भी आप समझो पद मतलब शब्द जैसे राज पुरुष राज मतलब राजा पुरुष मतलब आदमी तो इसमें दो पद हो गए राजा और आदमी दो पद हैं अब आपसे पूछूं कि इसमें राज पुरुष में किसकी बात हो रही है मतलब राज पुरुष जो शब्द है इसमें इस वर्ड में में किसकी बात हो रही है राजा की या पुरुष की कंफ्यूजन हो रही है और आसान कर देता हूं राज पुरुष कल आया था अब ये एक वाक्य है अब आप बताओ कि राजा आया था या पुरुष ओबवियसली पुरुष आया था तो इसमें कौन सा पद प्रधान है दूसरा प्रधान मतलब मेन मेन शब्द कौन सा है राज पुरुष में मेन शब्द है पुरुष इसीलिए पुरुष शब्द इसमें मेन है या यूं कहे दूसरा पद प्रधान है ऐसे ही राजा रानी अब इसमें भी दो पद हैं राजा और रानी किसकी बात हो रही है अगर मैं आपसे पूछूं
3:28 राजा रानी कल आए थे किस की बात हो रही है ओबवियसली दोनों की इसलिए यहां दोनों पद प्रधान है तो ये पद क्या है प्रधान क्या है मेरे हिसाब से आपको समझ आ गया होगा अब इन चारों भेदों को उदाहरण के साथ अच्छे से समझते हैं सबसे पहले हम समझेंगे तीसरे भेद को यानी द्वंद समास इसमें दोनों पद प्रधान होते हैं जैसा कि आप पहले ही सुन चुके हो और इसकी पहचान ये है कि इसका विग्रह करने पर और या फिर या शब्द देखने को मिलेगा अगर ये शब्द आ गए तो समझ लेना वहां द्वंद समास है उदाहरण देखो भाई बहन विग्रह क्या बनेगा भाई और बहन और शब्द आ गया जिसकी वजह से यहां पर द्वंद समास है लवकुश विग्रह क्या होगा विग्रह कहो या दूसरे शब्दों में इसका अर्थ क्या होगा लव कुश का मतलब है लव और कुश अब य वाले देखो थोड़ा बहुत थोड़ा बहुत का अर्थ है थोड़ा या बहुत अब हमें कैसे पता चलेगा कि या लगाना है या और लगाना है अब हम कैसे जाने देखो बच्चों वाक्य में प्रयोग कर लेना उन शब्दों को जैसे थोड़ा बहुत नमक डाल दो थोड़ा और बहुत तो होगा नहीं क्योंकि थोड़ा भी डाल देंगे नमक और बहुत भी डाल देंगे ऐसा तो होना नहीं तो
4:32 थोड़ा और बहुत तो होगा नहीं तो क्या बनेगा थोड़ा या बहुत मतलब जैसा मन हो नमक डाल दो तो जब दोनों पद प्रधान हो दोनों इंपॉर्टेंट हो वहां द्वंद समास होगा बाकी उदाहरण आप वीडियो को रोक कर पढ़ लेना बच्चों अभी थोड़ी देर पहले तत्पुरुष समास का कौन सा पद प्रधान बताया था एक बार कमेंट में जल्दी से बताओ देखते हैं कितने बच्चे याद भी रखते जा रहे हैं अगला बहु ब्री समास कोई पद प्रधान नहीं होता इसमें बल्कि तीसरा पद प्रधान होता है अब आप सोच रहे हो होंगे कि समस्त पद में तो सिर्फ दो ही पद होते हैं तीसरा कहां से आ गया देखो उदाहरण से समझाता हूं दशानन दशानन एक शब्द है जिसका अर्थ है दश का मतलब है 10 और आनंद का मतलब है सिर अर्थ हुआ 10 सिर वाला लेकिन लेकिन लेकिन दशानन सुनते ही हमारे दिमाग में एक चीज आ जाती है एक वर्ड आ जाता है रावण क्यों आ जाता है क्योंकि यहां ना तो 10 की बात हो रही है और ना ही सिर की बल्कि यहां तो तीसरे पद के बारे में बात हो रही है जो इस वर्ण में है ही नहीं यानी रावण ऐसे ऐसे सभी शब्द बहु ब्री समास में आते हैं और इसकी पहचान ये है कि
5:32 विग्रह करने पर एंड में यानी लास्ट में जिसका जिसके जिसकी जो या फिर वाला शब्द देखने को मिल जाएगा उदाहरण देखो महावीर महान है वीर जो यानी हनुमान हनुमान के बारे में बात हो रही थी इसमें एंड में क्या आया जो जो आ गया जिसकी वजह से यहां पर बहुपदी समास होगा आगे देखो चतुर्भुज चार भुजाएं है जिसकी यानी विष्णु अब यहां पर भी आप देख रहे हैं जिसकी शब्द आ गया नीलकंठ नीला है कंठ जिसका यानी शिव जी यहां पर भी जिसका आने की वजह से बहु परी समास है बाकी उदाहरण आपके सामने है अब तत्पुरुष तत्पुरुष के कई भेद होते हैं आपने भी कभी कार्य के इन विभक्ति चिन्हों को पढ़ा होगा कर्ता ने कर्म को कर्ण से इस तरह से ये आठों आपको अगर याद है तो अच्छी बात है नहीं है तो कर लेना क्योंकि ये तत्पुरुष समास के लिए बहुत काम आएंगे इन आठ में से पहला और एक आखरी ये दो कारक छोड़कर बीच के जो छह कारक हैं इनके नाम ही तत्पुरुष समास के भेद भी हैं जैसे कर्म तत्पुरुष समास कण तत्पुरुष समास और इसी तरह से बाकी भी है और इसके अलावा द्विगु तत्पुरुष समास और कर्मधारय समास ये दो भी तत्पुरुष समास के ही भेद हैं इनको हम
6:43 एक-एक करके आसान तरीके से समझेंगे लेकिन उससे पहले इसमें कौन सा भेद आएगा ये अब आप कमेंट करो देखते हैं कितने बच्चों को समझ आ रहा है अब ये जो कारक वाले छह भेद हैं ये अगर आप विभक्ति चिन्ह याद कर लो तो आपके लिए बहुत आसान हो जाएंगे कैसे आइए देखते हैं विग्रह करने पर जो भी विभक्ति चिन्ह दिखे व ही भेद होगा कैसे उदाहरण देखते हैं जनप्रिय विग्रह क्या होगा जन को प्रिय अब इसमें विभक्ति चिन्ह क्या आई है को और को आता है कर्म कारक में इसीलिए इसमें कर्म तत्पुरुष समास है अब सर विग्रह करने के बाद तो समझ आ गया कि को विभक्ति चिन्ह आ गया तो कर्म तत्पुरुष समास है लेकिन विग्रह करें कैसे हमें क्या पता कि जनप्रिय का जन को प्रिय बनेगा तो बच्चों विग्रह करने का तरीका भी बताएंगे अभी आगे देखो तो ऐसे ही युद्ध भूमि विग्रह होगा युद्ध के लिए भूमि विभक्ति चिन्ह के लिए इसीलिए संप्रदान तत्पुरुष समास तो इसी तरह से ये छह भेद तो आप आसानी से कर लोगे बस एक बात ध्यान रखना इसमें भी से है और इसमें भी से है ध्यान से समझो इसमें जो से है इसका अर्थ है अलग होना उदाहरण से
7:48 समझाता हूं ऋण मुक्त ऋण से मुक्त अब ऋण से अलग होने की बात की जा रही है इसीलिए ये जो से है ना ये अलग होने के लिए है इसीलिए इसमें अपादान तत्पुरुष समास होगा ऐसे ही धन हीन धन से हीन धन से अलग होना यानी अपादान तत्पुरुष समास कुछ एग्जांपल्स आपके सामने हैं इनको आप वीडियो को रोक कर पढ़ लेना ये छह भेदों के कुछ एग्जांपल्स हैं इनको भी आप देख लेना अब द्विगु तत्पुरुष समास जिसे आप द्विगु समास भी कह सकते हो द्वि का अर्थ होता है दो दो यानी संख्या गिनती और इसकी पहचान भी यही है जिसमें आपको पहला पद संख्यावाची देखने को मिल जाए यानी गिनती मिल जाए तो समझ जाना वहां द्विगु समास होगा जैसे तिरंगा तीन रंगों का समाहार चौराहा चार राहों का समूह इसमें तीन और इसमें चार जो कि संख्या है इसीलिए यहां द्विगु समास है इसकी एक पहचान और है विग्रह करने के बाद एंड में समूह या समाहार देखने को मिल जाएगा अगर ऐसा हो तो समझ जाना द्विगु समास है समूह और समाहार ये दोनों अलग-अलग चीज नहीं है दोनों एक ही बात है आप विग्रह करते हुए कोई भी लगा सकते हो बच्चों कोई भी बात समझ में नहीं आ
8:54 रही तो कमेंट करके पूछ भी सकते हो कर्मधारय समास इसमें पहला पद विशेषण और दूसरा पद विशेष्य होता है इसकी पहचान एक और भी है कि विग्रह करने के बाद बीच में है जो के समान या फिर रूपी शब्द देखने को मिल जाएगा जैसे काली मिर्च इसमें काली विशेषण है और मिर्च विशेष्य विग्रह करने पर बनेगा काली है जो मिर्च और बीच में क्या आया है जो है जो आने की वजह से यहां पर कर्मधारय समास होगा ऐसे ही शूरवीर शूर के समान वर के समान आ गया तो कर्मधारय समास हो गया गुरुदेव गुरु रूपी देव अब ये रूपी भी तो कर्मधारय समास की पहचान है तो यहां पर भी कर्मधारय समास होगा बच्चों तत्पुरुष के और भी दो-तीन भेद होते हैं लेकिन वो इतने इंपोर्टेंट नहीं है जैसे न तत्पुरुष समास अलुक तत्पुरुष समास उपपद तत्पुरुष समास इस तरह से दो तीन हो जाते हैं लेकिन इसके बारे में हम बाद में देखते हैं इससे पहले आप ये बताओ कि इसमें कौन सा भेद है कमेंट करो एक बार जल्दी से देखते हैं कितने बच्चे काफी हद तक समास समझ चुके हैं अब अव्यय भाव समास ये आखिर में इसलिए लिया क्योंकि इसकी बाकियों की तरह कोई पहचान नहीं है या यूं कहे कि इसकी कोई
9:58 पहचान नहीं यही इसकी पहचान है मतलब अगर बाकी भेद की पहचान से अलग कुछ और देखने को मिल जाए तो समझ जाना वहां अव्यय भाव समास होगा इसके अलावा समस्त पद में ही इसकी एक और पहचान है क्या कि इसका पहला पद अव्यय या उपसर्ग देखने को मिल जाएगा जैसे यथा विधि विधि के अनुसार आ सेतु सेतु तक घर घर प्रत्येक घर आमरण मरण तक तो विग्रह करने के बाद इसकी कोई पहचान नहीं है कभी क्या शब्द देखने को मिल जाएगा तो कभी क्या एक और बात कई बार एक ही समस्त पद दो भेदों के अंतर्गत आ जाता है जैसे नीलकंठ ये बहुव्रीहि समास का भी उदाहरण है और यही शब्द यानी नीलकंठ कर्मधारय समास का भी है तो अब हम कौन सा भेद लिखें ये कैसे पता चलेगा देखो बच्चों ये डिपेंड करता है कि आप विग्रह क्या कर रहे हो अगर आप विग्रह करते हो नीला है कंठ जिसका तो ये तो हो गया बहुपद समास क्यों क्योंकि एंड में इसके जिसका आया हुआ है और अगर आप नीला है जो कंठ लिखते हो तो यहां पर कर्मधारय समास होगा क्यों क्योंकि बीच में है जो शब्द आ गया तो ये विग्रह करने पर डिपेंड करता है कि कौन सा भेद होगा और ऐसे कुछ ही शब्द
11:02 होते हैं सारे समस्त पद आपको ऐसे देखने को नहीं मिलेंगे ये भी ध्यान रखना बात समझ में आई तो वीडियो को शेयर और सब्सक्राइब करना तो बनता है अब सबसे इंपोर्टेंट बात कि विग्रह करने के बाद तो समझ में आ जाएगा कि समास का भेद कैसे आसानी से पहचाने लेकिन विग्रह करना पड़े तो कैसे करें देखो ध्यान से सुनो वैसे तो विग्रह में समस्त पद का अर्थ ही लिखना होता है और आसानी से हो भी जाता है ये वीडियो के शुरू में मैंने आपको एग्जांपल से समझाया भी था लेकिन लेकिन लेकिन क्या सभी समस्त पद का अर्थ आपको आते होंगे नहीं मैं ऐसा मानता हूं कि सभी समस्त पद के अर्थ आपको नहीं आते होंगे लेकिन लेकिन लेकिन आप दो-तीन बार भी एग्जांपल्स को पढ़ लोगे यानी ढेर सारे एग्जांपल्स पढ़ लोगे तो आपके लिए समाज बहुत आसान हो जाएंगे और ढेर सारे एग्जांपल्स की भी चिंता करने की जरूरत नहीं है प्रैक्टिस के लिए ढेर सारे एग्जांपल्स आपको डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएंगे डिस्क्रिप्शन बॉक्स में सबसे ऊपर एक लिंक दिया है लिंक का नाम रखा है फ्री कस्ट कोर्स ऑफ हिंदी व्याकरण इस नाम से आपको एक लिंक मिलेगा कुछ इस तरह से
11:57 जैसा आप देख रहे हैं ये ढेर सा सारे एग्जांपल्स यहां पर आपको देखने को मिल जाएंगे और अदर टॉपिक्स भी आपको ट्रिक के साथ आसानी से समझने हैं वो भी आपको इसी लिंक में देखने को मिल जाएंगे आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी तो इस लिंक को जरूर देखना लेकिन लेकिन लेकिन लेकिन उससे पहले होगा आपका इसी टॉपिक से रिलेटेड एक छोटा सा टेस्ट देखना चाहता हूं इस टॉपिक को आपने कितने अच्छे से समझा और अगर आप इस टॉपिक को अच्छे से समझ चुके हो तो आप देखें जरा किसने कितना पढ़ा पहला प्रश्न आपके सामने आपकी स्क्रीन पर ये रहा गजानन में कौन सा समास है बच्चों हर प्रश्न के बाद आपको 5 सेकंड मिलेंगे आंसर देने के लिए आप अपना आंसर कमेंट करते रहना एंड मैं देखना चाहता हूं किसके कितने आंसर ठीक हुए गजानन में कौन सा समास है ए द्वंद बी बहुपद सी तत्पुरुष डी कर्मधारय आपके पाच सेकंड शुरू होते हैं अब 5च चती दो एक जीरो सही उत्तर है ऑप्शन बी बहु प्री समास चलिए बच्चों अगले प्रश्न की तरफ अगला प्रश्न वन गमन में कौन सा समास है आपके ऑप्शन ए बहुव्रीहि
12:53 उत्तर है ऑप्शन सी तत्पुरुष समास चलिए बच्चों अगले प्रश्न की तरफ अगला प्रश्न कौन सा बहुव्रीहि मास का उदाहरण है आपके ऑप्शन आपकी स्क्रीन पर ये रहे ए निशिदिन ऑप्शन बी त्रिभुवन सी नीलकंठ डी पुरुष सिंह पाच चती दो एक जीरो सही उत्तर है ऑप्शन सी नीलकंठ चलिए बच्चों अगले प्रश्न की तरफ अगला प्रश्न विशेषण और विशेष्य के योग से कौन सा समास बनता है बच्चों ध्यान से जवाब देना ऑप्शन आपके सामने ऑप्शन ए द्विगु बी द्वंद सी कर्णधार डी तत्पुरुष पाच चर तीन दो एक जीरो सही उत्तर है ऑप्शन सी धार्य स्मा तो बच्चों ये है आपका रिपोर्ट कार् ध्यान से देख लीजिए पढ़ लीजिए और हां आपके टोटल मार्क्स कितने हैं ये कमेंट करना मत भूलना और आपसे रिलेटेड एक हिंदी व्याकरण का फ्री क्रैश कोर्स आ गया जो कि बिल्कुल फ्री है इसमें आपको बहुत इजली हर टॉपिक समझाया गया है तो ये जरूर देखना जो कि बिल्कुल फ्री है इस लिंक को जरूर क्लिक करना और अगर आपको मुझसे पर्सनल बातचीत करनी है तो सभी सोशल मीडिया के लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में है आ जाइए बातचीत करते हैं शुक्रिया धन्यवाद