0:00 हमारे जितने भी कार्मिक अकाउंट होते हैं जीवन में प्रारब्ध शब्द वाले यानी हमने पूर्व जन्म में पाप किए पता नहीं किस जन्म में किया भीष्म पितामह के 100 जन्म पुराना एक सांप फेंका हुआ है कांटे चुभ गए वो जाके अब तीर चुभ रहे हैं पता ही नहीं पता ही नहीं भीष्म को भी पता ही नहीं कृष्ण जी ने निकाल के दिया तूने बेटा सांप के साथ अत्याचार किया था ये पूर्व जन्म सारे के सारे जन्मों का कर्मों का लेखाजोखा यह सारा शनि के पास है यह सारा शनि के पास यानी हमारे जीवन का जितना भी कर्मों का लेखादेखा है शनि के पास है। यहां पर हमारा क्या होता है? भूमि तत्व। यहां भूमि तत्व है। यहां जल तत्व है। ये अग्नि भूमि जल
0:45 इसके ऊपर अग्नि फिर वायु। और ये स्पेस गगन। ये पांच तत्व में भूमि तत्व। तो ये कितना है? 12%, 12% क्या है? आपकी जन्मत्री। तो आपकी जन्मपत्री के सारे के सारे रहस्य मूलाधार में फंसे हुए हैं। हमारे पास ऊपर से थॉट आता है। यहां से चिंगारी की तरह खड़च। पहले नीचे वो टच करता है। वो पहले खड़त सहस्त्रारा से ऊपर से कोई पोर्टल से कहीं से कुछ विचार आता है। पता नहीं कहां से आता है क्या आता है। खड़त से यहां शनि पर टच करता है। डिजुंग और टच करने के बाद वहां पर एक बीज डल जाता है। वृक्ष उग जाता है। आपने पूर्व जन्म के किस कर्म को कैसे
1:33 ऑन किया है ये आपकी मर्जी। होएगा वही जो सारा का सारा संचित कर्म है। संचित कर्म मींस एक्यूमुलेटेड कर्म। होने वाले कर्म कौन से? जिस बटन को आपने दबाया। कई बार हम अच्छे का बटन दबाते ही नहीं क्योंकि हमें आता ही नहीं। वो गुरु दबवाता है यानी दूसरा व्यक्ति करवाता है। अरे तुझ में यह हुनर भी है। जैसे कोई मैराथॉन रनर तैयार करता है तो कोई गुरु कराता है। गुरु कौन है? गुरु ये रहा ऊपर शनि के ऊपर। तो शनि को किसकी आवश्यकता सबसे ज्यादा? गुरु। अर्जुन को सबसे ज्यादा जरूरत किसकी है? कृष्ण की। अर्जुन को कहां जाना है पता ही नहीं। जैसे ही पता नहीं गुरु ने टेकओवर कर लिया। सूर्य की रोशनी ऑन हो गई। जीवन यूं चला। हम सो रहे हैं हमें पता ही नहीं। कब अच्छी नींद आती है? जब पता ही नहीं बहुत कुछ पता है अभी तो खोपड़ी में बहुत चल रहा
2:19 है भाई सो के दिखाओ आपके जीवन में आपके जितनी चॉइस होंगी वो सारे कार्य सूर्य कराएगा चॉइस जहां नहीं होगी वो सारे काम शनि कराएगा बीच में सब रिस्पांसिबल है नीचे वाले भी रिस्पांसिबल है शनि पूरी टीम के साथ चल रहा है आज हम क्लास शनि की कर रहे हैं लेकिन अकेला कोई नहीं हो सकता अब आपके पास अक्सर जीवन में चॉइस है ही नहीं। समझ ही नहीं आ रहा क्या करें यार। लेकिन हम समझने में लगे हुए हैं। शनि कह रहा है मैं ठीक कर दूंगा। गुरुदेव आपने कह दिया सूर्यकांत बाबा भगवान माता रानी चंद्रकांता आपने कह दिया मैं कर दूंगा। लेकिन छोड़ो तो सही जो हम छोड़ो छोड़ो छोड़ो। क्लास में कहते हैं वो शनि को
3:05 एक्टिव करने के लिए कहते हैं। कि शनि को एक्टिव हो लेने दो। उसमें उंगली मत करो। उसमें पंगे मत करो। उसमें कीलें मत गाड़ो। नहीं हम करेंगे। हम चलाएंगे। हमारे जीवन में हमने गाड़ी चलाई कभी एक्सीडेंट नहीं हुआ। कभी भी परफेक्ट नहीं चलाई है। कहा जाएगा परफेक्ट। हमने 100% आईडिया से चलाई है। तुक्के से बचिए। तुक्के से एक्सीडेंट बच गया भाई। भाई तुक्के से ही मेरे बिल्कुल पास में आके ट्रक निकल गया और मैं बच गया। तुक्के से मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट लेकिन मैं बच गया। तुक्का सारे तुक्के का देवता शनि है। कब काम करेगा? जब आपको पता ही नहीं। आपने शनि को कार्य सौंप दिया। अपने घर के वर्कर को काम सौंप दिया। फिर उसके आप पीछे पीछे घूम रहे हैं। हां भाई क्या कर रहा है तू? यह पोछा ऐसे लगाया झाड़ू यहां नहीं लगा रहा।
3:50 वो बदला लेगा। वो आपसे बदला लेगा। 100% लेगा क्योंकि आप उसे काम नहीं करने दे रहे। अब उसको वैसे ही काम आता है। एक बार दो बच्चे बुरी तरह लड़ रहे थे। बस सर ही फोड़ देंगे एक दूसरे का ऐसे हालात। टीचर ने बुलाया इधर आओ। क्या कर रहे हो? बोले सर ये मेरा कहना नहीं मान रहा है। दूसरे से तू अरे सर ये मेरी सुनता ही नहीं है। बोले यार इसमें क्या बात हुई? तो ये कैसी अजीब बात है? बोले जी मैं ये कह रहा हूं, मैं वो कह रहा हूं। फिर मुक्का धक्की। टीचर ने अलग किया। बोला इधर आओ। टेबल पे एक बॉल रखी। इधर खड़े हो जाओ। तुम इधर खड़े हो जाओ। बताओ किस रंग की है? इधर वाले ने कहा जी सफेद है। उधर वाले ने कहा काली है। और फिर लड़ाई शुरू। देखो सर ये फिर बहस कर रहा है। चुप शांत। चलो जगह बदलो। जगह बदली। अब बताओ किस रंग की है? इधर वाला बोला काली उधर सफेद। अब खुद हैरान। यार ये कैसे हो गया? क्योंकि बॉल
4:37 दो रंग की है। आधी इस तरफ सफेद इस तरफ काली। दोनों लोग गलत हैं। दोनों ही सही है। क्योंकि दोनों को जानकारी अलग है। इसलिए लड़ रहे हैं। यही पतिप करते हैं। यही हमारा नौकरी और हम करते हैं। यही हमारी गाड़ी और हम करते हैं। हमारी गाड़ी कहीं जाना नहीं चाहती। हम ले जाना चाहते हैं। हमारी बॉडी कहीं जाना नहीं चाहती लेकिन हम ले जाना चाहते हैं। हम कहीं जाना चाहते हैं। लेकिन बॉडी को हमने कह रखा है ना जाना। जैसे हम तैयार हुए क्या करना है? मामा जी के यहां जाना। यार मन तो है नहीं जाने का लेकिन बॉडी को ले जा रहे हैं। बेमन जा रहे हैं हम। अब हमारी बॉडी पे चोट लगनी ही है। 101% ये हमने बेमन काम किया है। यानी कि शनि पे
5:22 छोड़ा नहीं। अर्जुन कृष्ण जी मन कर रहा है इधर की ओर ले जाओ रथ। नो बेटा चुप रहो। ऐसे लोग आपने देखे होंगे जो कल्पना से परे हैं। यार इनको कौन अमीर बना रहा है? भाई यह आदमी गधा है। लोग अक्सर कहते हैं भाई ये आदमी गधा है। गधा ढचू है यह। चौथी फेल है। तुझे पता है यार। किस्मत देखी है उस लड़के की। भाई गांव में पली भड़ी है। रानी की तरह रह रही है। बात करने की तमीज नहीं है। अंग्रेजी बोलनी नहीं आती। वो रानी बनी कैसे? उसने शनि एक्टिव कर रखा है। वो बंदा राजा बना कैसे? उसने शनि एक्टिव कर रखा है। क्या किया हुआ है? पता ही नहीं। अर्जुन हूं मैं तो कृष्ण पे छोड़ दिया। करना धरना ही कुछ नहीं। आप सोचो शनि कितना बड़ा मालिक है। शनि हमारा मूलाधार धरती के
6:10 गर्भ से इसको लेकर चलेंगे। धरती का जड़ जो है धरती भूमि 12% भूमि प्रारब्ध फिक्स बदल ही नहीं सकती। धरती कभी बदलती है नहीं। उसका स्वरूप बदलता है फिर भी वैसी रहती है। धरती को जैसा मर्जी बना लो। वापिस पलट के धरती में ही घुस जाता है। और धरती में से ही लक्ष्मी निकलती है। जितने लोग चिजी्जी बनाना चाहते हैं, अमीर बनना चाहते हैं, सफल होना चाहते हैं। चिजी्जी शनि चीजों का मालिक है। गाड़ी लेंगे, बंगला लेंगे, मकान कहां से निकला है सब? जमीन से, ज्ञान लेंगे। नो नो नो नो शनि का कोई लेनदेन नहीं है। वो अलग ग्रह की बात होगी। शनि के पास चिजी है। अब लोग सारे तड़पे हुए हैं। भाई बिल्डिंग नहीं बन रही। भाई रहते कौन? झुग्गी में। अबे मकान तो बना ले मामा। ना भाई सपने बड़े-बड़े देखने चाहिए।
6:56 कैसे देखने हैं? अगले हफ्ते करेंगे। पर सबसे पहले यह समझना है कि हमारे पास एक ऐसा कमाल का ग्रह है जो हमें बैठे-बठाए चिजी्जी का शहंशाह बना देता है। कैसे बनते हैं लोग? इतने बड़े-बड़े अमीर लोग हैं। कमाल की चीजें हैं उनके पास। कहां से आई? अहंकार करने वाला कह सकता है। अरे मैंने बनाया। और ऐसा व्यक्ति भी हो सकता है जो मन मैले स्वभाव का हो के यार उसी ने दिया उसी ने ले लिया। उस पर शनि भयंकर मेहरबान है। जिसने यह कह दिया उस पर बृहस्पति भी मेहरबान है। साथ में वरुण की कृपा भी मिलेगी। पर वह सेकेंडरी बात। तो शनि का मतलब पहले यह समझ ले कि आपकी जन्म पत्रिका में शनि वह ग्रह है जो अंधा ग्रह है।