सिर्फ 2 पत्ते उबाल कर पी लो - पुराने सर्दी, खांसी, जुकाम, सांस फूलना को तुरंत ठीक करेगा!

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं के लिए पान के पत्ते से बनने वाले एक चमत्कारी घरेलू नुस्खे के बारे में है। यह नुस्खा न केवल इन समस्याओं को दूर करता है, बल्कि सांस लेने में होने वाली परेशानी से भी राहत दिलाता है। वीडियो में नुस्खे को बनाने की विधि, इसके फायदे और सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

  • पान के पत्ते में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल्स गुण होते हैं।
  • यह कफ दोष को बैलेंस करता है, जो कफ और कंजेशन के लिए जिम्मेदार होता है।
  • पान के पत्ते एक नेचुरल डीकन्जेस्टेंट की तरह भी काम करते हैं।

परिचय: सर्दी, खांसी और जुकाम के लिए घरेलू नुस्खा

यह वीडियो सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस लेने में दिक्कत जैसी आम समस्याओं के बारे में है जो अक्सर मौसम बदलने या ठंड के समय होती हैं। आमतौर पर लोग इन समस्याओं के लिए पैरासिटामोल, सोल्विन कोल्ड जैसी केमिकल बेस्ड दवाइयां लेते हैं, जो नजले और बलगम को अंदर ही जमा देती हैं और दिमाग में खुश्की पैदा कर सकती हैं। इसलिए, इस वीडियो में पान के पत्ते से बनने वाले एक चमत्कारी घरेलू नुस्खे के बारे में बताया गया है, जो इन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

पान के पत्ते के औषधीय गुण

पान के पत्ते में कई औषधीय गुण होते हैं जो इसे एक शक्तिशाली औषधि बनाते हैं। आयुर्वेद में पान के पत्तों का इस्तेमाल सदियों से रेस्पिरेटरी हेल्थ के लिए होता आ रहा है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल्स गुण होते हैं जो गले में खराश, सर्दी से होने वाले इंफेक्शन और इरिटेशन से लड़कर आराम दिलाते हैं। यह एक नेचुरल डीकन्जेस्टेंट की तरह भी काम करता है और बंद नाक और सीने की जकड़न को कम करता है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है। पान के पत्ते में यूजिनॉल नामक कंपाउंड भी होता है, जो एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है। आयुर्वेद के अनुसार, पान के पत्ते कफ दोष को बैलेंस करते हैं, जो कफ और कंजेशन के लिए जिम्मेदार होता है।

नुस्खा बनाने की विधि और सामग्री

इस नुस्खे को बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होती है: दो बड़े और फ्रेश पान के पत्ते, 1 इंच अदरक का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ), दो से तीन लौंग, एक टीस्पून शहद और डेढ़ कप पानी। सबसे पहले, पान के पत्तों को धोकर छोटा-छोटा काट लें। फिर, एक पैन में डेढ़ कप पानी लें और उसमें पान के पत्ते, अदरक और लौंग डालकर मीडियम फ्लेम पर उबालें। जब पानी डेढ़ कप से एक कप रह जाए, तो इसे छान लें और उसमें एक चम्मच शहद मिला लें। इस रेमेडी को दिन में दो बार गरम-गरम पिएं: सुबह नाश्ते के बाद और रात को सोने से पहले।

सावधानियां और सुझाव

इस रेमेडी का इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। इसे दिन में सिर्फ दो बार ही कंज्यूम करें। पान के पत्तों को काटने से पहले उन्हें अच्छी तरह धो लें। अगर आपको सीवियर कोल्ड, खांसी या सांस की प्रॉब्लम है, तो डॉक्टर से सलाह लें। बच्चों के लिए इस रेमेडी की क्वांटिटी कम करें: 7 से 14 साल तक के बच्चों को हाफ डोज दें, 14 साल से बड़े बच्चों को एडल्ट्स वाली डोज दे सकते हैं, और 7 साल से छोटे बच्चों को इसे नहीं देना है।

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Transcript

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0:00 आज हम बात करने वाले हैं सर्दी खांसी जुकाम और सांस लेने में दिक्कत जैसी कॉमन प्रॉब्लम्स के बारे में जो कि अक्सर मौसम बदलते समय या फिर ठंड के टाइम पर होती रहती हैं अगर यह प्रॉब्लम आपको भी परेशान कर रही है तो बस आज की यह वीडियो आपके लिए ही बनाई गई है दोस्तों सर्दी खांसी जैसी प्रॉब्लम्स जब भी हमें होती हैं तो इसके लिए सबसे पहले हम क्या करते हैं हम में से सभी लोग सबसे पहले पैरासिटामोल सॉल्विन गोल्ड और रको फास्ट या इस तरह की और भी न जाने कौन-कौन सी केमिकल बेस्ड दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनको यूज करने से यह आपके नजले को और आपके बलगम को आपके अंदर ही जमा देती हैं और दिमाग में खुश्की भी पैदा कर सकती हैं और इसीलिए आज मैं आपको एक चमत्कारी घरेलू नुस्खा बताने वाला हूं जो कि ना सिर्फ सर्दी खांसी को दूर करेगा

0:46 बल्कि सांस लेने में होने वाली परेशानी से भी आपको आराम दिलाएगा और इस रेमेडी की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ एक पत्ते की शक्ति से बनती है जो कि है पान का पत्ता दोस्तों इस वीडियो को आप एंड तक जरूर देखिएगा क्योंकि मैं आपको आज स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस के साथ-साथ इसके पीछे की साइंस और बेनिफिट्स सब कुछ एक्सप्लेन करने वाला हूं तो चलिए बिना किसी तरी के इस इंटरेस्टिंग वीडियो को शुरू करते हैं और जानते हैं पान के पत्ते से बनने वाले खांसी जुकाम को ठीक करने वाले इस जबरदस्त अनोखे नुस्खे के बारे में पूरी डिटेल के साथ दोस्तों पान के पत्ते सिर्फ कत्था चूना और सुपारी वाले पान को चबाने के लिए ही नहीं होते हैं इसमें कुछ ऐसी मेडिसिनल प्रॉपर्टीज भी हैं जो कि इसे एक पावरफुल और औषधि बनाती हैं एक दवा बना देते हैं

1:32 आयुर्वेद में पान के पत्तों का इस्तेमाल रेस्पिरेटरी हेल्थ के लिए यानी आपके सांस की दिक्कतों के लिए काफी सदियों से होता आ रहा है इसके अंदर एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल्स होती हैं जो कि गले में खराश को या फिर सर्दी से होने वाले इंफेक्शन और इरिटेशन से लड़कर आपको काफी ज्यादा आराम दिलाती हैं साथ ही पान के पत्ते एक नेचुरल डीकन्जेस्टेंट की तरह भी काम करते हैं और बंद नाक और सीने की जकड़न को भी कम करते हैं जिससे कि सांस लेना आसान हो जाता है एक और बहुत ही इंटरेस्टिंग बात यह है दोस्तों कि पान के पत्ते के अंदर यूजिनॉल नाम का भी एक कंपाउंड होता है यह वही कंपाउंड है जो कि लौंग के अंदर पाया जाता है आपने कई वीडियोस में मेरे मुंह से सुना होगा ये जो यूजन होता है ये एक नेचुरल एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है ये आपके इम्यून सिस्टम को भी सपोर्ट करता है और साथ ही साथ सांस की प्रॉब्लम में भी आपको काफी ज्यादा हेल्प

2:17 करता है आयुर्वेद की बात करें तो आयुर्वेद के हिसाब से पान के पत्ते जो होते हैं यह कफ दोष को बैलेंस करते हैं और कफ दोष जो है यही मेनली कफ और कंजेशन के लिए रिस्पांसिबल होता है तो देखा आपने एक सिंपल सा पान का पत्ता एक नेचुरल पत्ता कितने सारे फायदे अपने अंदर छुपाए हुए हैं वैसे पान के पत्ते के बारे में मैंने एक पूरी की पूरी वीडियो अलग से बनाई हुई है जो आप चाहे तो हमारे चैनल के ऊपर जाकर देख सकते हैं बल्कि मैं कहूंगा इसके बाद में जरूर देखिएगा ताकि आप इस पान के पत्ते के बारे में सारी डिटेल जान सके फिलहाल इस वीडियो को आगे बढ़ाते हैं और जानते हैं कि पान के पत्ते की मदद से आज की जो हमारी रेमेडी है इसको कैसे बनाना है और कैसे इसे यूज करना है तो चलिए सबसे पहले देखते हैं कि इस रेमेडी के लिए हमें क्या-क्या इंग्रेडिएंट्स चाहिए तो सबसे पहले तो ओबवियसली आपको पान का पत्ता ही लेना है

3:04 लगभग दो बड़े और फ्रेश पान के पत्ते आप ले लीजिए और इनको आप जो है धोकर अच्छे से सुखा कर रख लीजिए दूसरी चीज आपको लेनी है अदरक यानी कि जिंजर एक छोटा सा लगभग 1 इंच का टुकड़ा अदरक का आप ले लीजिए और इसको कद्दूकस करके रख लीजिए तीसरा है लौंग यानी क्लोव बस दो से तीन लौंग आपको लेनी है चौथा है शहद यानी कि हनी एक टीस्पून शहद आपके लिए इसमें काफी होगा इसके अलावा आपको पानी चाहिए डेढ़ कप और ये सभी चीजें लेकर आपको अपने पास रख लेनी है इसको बनाने के लिए सबसे पहले आप पान के पत्तों को जैसा मैंने बताया अच्छे से धोकर इसको छोटा-छोटा पहले पीसे में आप काट लीजिए ताकि इसका जो एसेंस है अच्छे से पानी के अंदर रिलीज हो सके अब एक पैन के अंदर आप डेढ़ कप पानी को लीजिए और इसमें पान के पत्ते कद्दूकस किया हुआ अदरक और लौंग को डाल दीजिए और मीडियम फ्लेम पर इसको आप बॉईल करने दीजिए पानी आपको

3:51 दोस्तों तब तक बॉईल करना है जब तक आपका पानी डेढ़ से एक कप ना रह जाए अब इसको एक कप के अंदर आप छान लीजिए जब ये एक कप रह जाए और फिर इसके अंदर एक स्पून शहद आप मिला लीजिए अब प्लीज यह मत बोलिएगा कि गर्म पानी में शहद जहर बन जाता है ऐसा कुछ भी नहीं होता है फिर भी अगर आपको वहम है तो आप पानी को थोड़ा सा और ठंडा कर लीजिए लूक वाम होने दीजिए और फिर मिला लीजिए बस आपकी जो चमत्कारी रेमेडी है दोस्तों वो तैयार हो जाएगी इस रेमेडी का बेस्ट रिजल्ट लेने के लिए आप इसे दिन में दो बार गरम-गरम पीजिए यानी सुबह नाश्ते के कुछ देर के बाद और रात को सोने से जस्ट पहले इसे यूज करते ही आप देखेंगे कि कैसे इससे ना सिर्फ आपकी सर्दी और खांसी में रिलीफ मिलता है बल्कि सांस लेना भी आप आपके लिए बहुत ज्यादा आसान हो जाता है जो खरखर की आवाज सीने से आती है बलगम बोलता रहता है या सांस ऊपर ऊपर आती है इस सारी

4:36 प्रॉब्लम्स इससे ठीक होने ल दोस्तों ये रेमेडी नेचुरल और इफेक्टिव है लेकिन कुछ प्रिकॉशंस का ध्यान रखना भी आपके लिए बहुत जरूरी है सबसे पहले मॉडरेशन का ध्यान रखिएगा इसे दिन में आपको सिर्फ दो बार ही कंज्यूम करना है बार-बार इसको नहीं लेते रहना है यह सोच कर के ये तो नेचुरल है दूसरी बात पान के पत्ते काटने से पहले उन्हें अच्छे से आप वॉश करना मत भूलिए क्योंकि उनमें पेस्टिसाइड्स या फिर केमिकल वगैरह भी हो सकते हैं जो कि हेल्थ के लिए हार्मफुल होते हैं साथ ही अगर आपको सीवियर कोल्ड खांसी या सांस की प्रॉब्लम बहुत ज्यादा है या ये सिम्टम्स इस रेमेडी को लेने के बाद भी कुछ दिन में आपके ठीक नहीं हो पा रहे हैं तो जरूर अपने डॉक्टर से भी कंसल्ट कर लीजिए और हां अगर आप बच्चों के लिए इस रेमेडी को यूज़ करना चाहते हैं तो वो भी कर सकते हैं लेकिन उनके लिए क्वांटिटी को आपको कम करना जरूरी है 7 साल

5:21 से 14 साल तक के बच्चों को आप हाफ डोज दीजिए और 14 साल से बड़े बच्चों को आप एडल्ट्स वाली डोज दे सकते हैं और 7 साल से छो छोटे बच्चों को इसको नहीं देना है तो बस थोड़ा सा ध्यान रखते हुए इस रेमेडी का आप यूज कीजिए एंड आई एम श्यर कि इससे आपको बहुत ही बढ़िया रिजल्ट्स मिलेंगे वैसे अब अगर आप पान के पत्ते के बारे में जानना चाहते हैं जैसे मैंने आपको शुरू में बताया था इसके बारे में मैंने एक पूरी की पूरी वीडियो अलग से बनाई हुई है जिसमें सारे यूसेज इसके बताए हैं तो अब आप यहां क्लिक करके इस वीडियो को जरूर देखिएगा इस पान के पत्ते में के जो चमत्कारी फायदे हैं वो जरूर जानिए ये वीडियो पसंद आई हो तो लाइक कीजिए चैनल पर नए हैं तो सब्सक्राइब कीजिए और अगर मन में कोई सवाल है तो कमेंट करके जरूर जरूर पूछिए

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