1:34 गुड मॉर्निंग एवरीवन वेरी वेरी गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग सचिन वेदिका आजाद उर्मिला नेहा वर्षभ प्रीति संध्या सब का स्वागत है मॉर्निंग के सेशन में जी अंकिता जी तिलक सबका गुड मॉर्निंग सबको गुड मॉर्निंग वेरी वेरीरी गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग एवरीवन वेरी वेरी गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग सचिन वेदिका आज तो सबका बहुत-बहुत स्वागत है आज के इस इंटरेस्टिंग सेशन के अंदर जी गुड मॉर्निंग मॉर्निंग गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग सोनिया गुड मॉर्निंग अजय फातिमा
2:21 गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग हर्षिता मेघा सदनी तो बिना समय को व्यर्थ किए चलो बढ़ते हैं काम की बात पर उम्मीद करता हूं कि अब तक जो पीवाईक्यू सेशन बायोकेमिस्ट्री से लेकर प्लांट फिजियोलॉजी तक हो चुके हैं। उनको आपने देखा होगा। वह भी इस एग्जाम के लिए बहुत जरूरी है। तीन चीजें इंपॉर्टेंट है। पीवाईक्यू सेशंस, जेआरएफ एक्सप्रेस एंड देन एग्जाम मैपिंग। तीन चीजें बहुत इंपॉर्टेंट है इस एग्जाम को क्लियर करने के लिए। सो गुड मॉर्निंग एवरीवन। गुड मॉर्निंग रूपल आस्था प्रीति तरसी तिलक आयुष दिव्या पूजा सोनिया
3:06 अनुपमा अजय दीपशिका रुचिका सबको प्रणाम सबको प्रणाम स्वागत है सेल्फ सिग्नलिंग का पीडीएफ अभी अपलोड हो जाएगा ऑफिस खुला है अभी अपलोड हो जाएगा ठीक है गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग सबका प्रणाम सबको नमस्कार नमस्कार नमस्कार खुशी जी नमस्कार आई एस एग्जाम मैपिंग बुक इज़ एक्सीलेंट फॉर रिवीज़ स्पेशली फॉर पार्ट बी। अब वापस नहीं डाल सकते बेटा। जो गया सो गया। जो बीत गया सो बीत गया। अब कोई ऐसा प्रोसीजर भी नहीं है कि जो चीज लुप्त हो
3:53 गई उसको वापस लाया जा सके। देयर इज़ नो वे। इवन YouTube के पास भी कोई तरीका नहीं है कि उस लेक्चर को वापस लाया जा सके। हम हमारी बात तो छोड़ो। खैर दोस्तों आज हम बात कर रहे हैं लाइव साइंसेस के बारे में। पीवाईक्यू सेशंस और उसके थ्रू लर्निंग करने की कोशिश कर रहे हैं। यूनिट सेवन पर पहुंच चुके हैं। हम डिस्कस कर रहे हैं एनिमल फिश। सारे मैं टॉपिक्स सीक्वेंस वाइज लेकर आया हूं ताकि आपको समझ में आ सके कि लगभग हर यूनिट से क्वेश्चन बनते हैं। लगभग 20 के आसपास 10 मॉर्निंग शिफ्ट में 10 इवनिंग शिफ्ट में और लगभग हर सेक्शन को टच किया जाता है। तो गुड मॉर्निंग बिलाल। गुड मॉर्निंग एवरीवन। आगे बढ़ने से पहले बता दूं कि 16th जून से बैच
4:40 स्टार्ट हो चुका है उन लोगों के लिए जो दिसंबर एग्जाम को टारगेट कर रहे हैं। अभी भी सही समय है बैच को जॉइ करने का क्योंकि बहुत एग्जाम के बाद कम समय के से ही एक अगला एग्जाम वापस आपके सामने खड़ा होगा और जो इस बार प्रिपरेशन कर रहे हैं उनके लिए टेस्ट सीरीज का आनंद ले सकते हैं। और इन सबके लिए आपको क्या करना है? ifs ऑनलाइन.com पर जाना है और वहां से ये सारी चीजें आप ले सकते हैं। दोस्तों उसके अलावा अब हम बात कर रहे हैं आज के इंपॉर्टेंट सेशन के बारे में। आज बेसिकली हम एनिमल फिजियोलॉजी के 20 इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स पढ़ेंगे। जिनसे पिछली बार एग्जाम में
5:26 क्वेश्चंस बने हैं और उसके आसपास और क्या पॉइंट्स हैं जो हमें याद रखने हैं ताकि अगर उससे रिलेटेड कोई क्वेश्चन इस बार लिंक्ड क्वेश्चन इस बार आए तो उसे हम कर पाएं। गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग एवरीवन। जी गुड मॉर्निंग आकांशिका, मनास सबको गुड मॉर्निंग। दोस्तों, मेरी आवाज एकदम क्लियर आ रही होगी। आई थिंक आवाज क्लियर है। साउंड इज क्लियर। आई थिंक ठीक है। दोस्तों सबसे पहला जो हम कांसेप्ट पढ़ रहे हैं दैट इज बेसिकली फ्रॉम द हेमेटोपसिस इन ह्यूमन। हिमेटोपसिस
6:13 का अर्थ है कि ब्लड के सेल का फॉर्मेशन करना। सो हिमेटोपसिस बच्चों इज अ प्रोसेस फॉर फॉर्मेशन ऑफ ब्लड सेल्स। एस यू ऑल नो कि हिमेटोकोटिक स्टेम सेल्स हैं जो कि खुद स्टेम सेल्स की तरह काम करते हैं जो खुद प्लोरपोटेंट स्टेम सेल की तरह काम करते हैं। उनका ओरिजिन मेजोडर्म से होता है एम्ब्रियोनिक डेवलपमेंट के दौरान। दैट यू स्टडी इन डेवलपमेंटल बायोलॉजी। एंड बाद में आकर वहीमेटोकोटिक स्टेम सेल्स ज्यादातर हेमेटोकोटिक स्टेम सेल्स कहां पर आकर रिसाइड करते हैं? इंटू द बोन मैर। हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स के प्रकर्स प्लोरपोटेंट होते हैं और हेमेटोपोटिक
6:58 स्टेम सेल कंडीशन आते-आते मल्टीपोटेंसी कंडीशंस देखने को मिलती है। तो आप जानते हैं टोटीपोटेंट फिर प्लोरपोटेंट फिर उससे बने हिमेटोपोटिक स्टेम सेल जो कि मल्टीपोटेंट है जहां पर डिफरेंट तरीके के ब्लड के सेल्स बनाए जा सकते हैं। सो प्रिक्सर ऑफ हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स प्ल्यूरीपोटेंट हो गए। हिमेटोपोटिक स्टेम सेल खुद कैसे हो गए? मोटी मल्टीपोटेंट होते उनमें भी सेल्फ रिन्यू की कैपेबिलिटी होती है। एग्जाम मैपिंग की टाइम शाम को 5:00 बजे रहती है बेटा। बहुत जरूरी है वो। दोस्तों हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स हैं वो मेनली दो ब्रांचेस में इम्यूनोलॉजी में आप पढ़ते हैं माइलनोड ब्रांच और लिंफोड ब्रांच।
7:44 दोस्तों जो माइलॉट ब्रांच है उसमें मेनली आपको आरबीसी मिलते हैं, प्लेटलेट्स मिलते हैं, ग्रेनुलोसाइट्स मिलते हैं, मोनोसाइट्स मिलते हैं, मास सेल्स मिलते हैं, ऑस्टियो क्लास सेल्स मिलते हैं जो कि फगोसाइटोटिक सेल है। बोनस में जो डिसाइड करते हैं यानी मैक्रोफेज दे आर नोन बाय डिफरेंट नेम्स एज यू ऑल नो। उफर सेल्स एटसेट्रा। दोस्तों लिंफड जो ब्रांच है उससे डिराइव होते हैं टी सेल्स, बी सेल्स, नेचुरल किलर सेल्स। मेनली जिनका इम्यून सिस्टम में इंपॉर्टेंट रोल है। इसका मतलब ये नहीं कि माइलोड सेल्स काम नहीं करते वो भी इम्यून रिस्पांस में काम करते हैं। बट मेजर रोल एडप्टिव इम्यूनिटी के अंदर लिंफोइड ब्रांच का है। ठीक है? चार दोस्तों बोन मेरो की
8:32 एक्टिविटी आप जानते हैं समय के साथ-साथ बदलती रहती है। बचपन में प्यूबर्टी तक बोन मेरो आपका लॉन्ग जो बोनस होती है वहां पर आप उसके बोन मेरो के अंदर हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स काफी एक्टिव होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे एडल्ट कंडीशन आती है तो यही एग्जियल स्केलेटन के अंदर ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। एग्जिस्ट्स कहते हैं अंदर जैसे पेल्वेस, टर्नम, वर्टिब्रा और रिट्स विथ अ डिफरेंट डेवलपमेंटल स्टेजेस पोजीशन ऑफ़ दीज़ हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स व्हिच आर एक्टिव इट चेंजेस एज़ यू ऑल नो। जो हेमेटोपोटिक स्टेम सेल्स है हमने कहा कि मेनली दो लीन एज में जा रहा है माइलोइड ब्रांच है लिंफड ब्रांच है आप देखेंगे कि
9:20 जो हेमेटोपोटिक स्टेम सेल्स है उसमें ऑलमोस्ट 75% के आसपास सेल्स जो डब्ल्यूबीसी वाली लीनज है उसके अंदर जाते हैं और डिफरेंट तरीके के सेल्स में कनेक्ट होते हैं। वो आगे अलग बात है कि सारे के सारे डिफरेंशिएट हो पाए ऐसा कोई जरूरी नहीं है। एंड 1/4 ऑफ़ देम दे बेसिकली मूव टू अ माइल नोड और माइल नोड में भी रेटिकुलसाइट्स वाली ब्रांच के अंदर एंटर करते हैं। तो ऑलमोस्ट 1/4 मूव्स टू आरबीसी एंड 3/4 दे मूव टू डब्ल्यूबीसी। कई सारे कोलोनी स्टिमुलेटिंग फ़ैक्टर्स हैं। कई सारे साइटोकाइंस हैं, इरथ्रोपइटिंस हैं, ट्रांस फैक्टर्स हैं। वो रेगुलेट करते हैं हिमेटोपसिस में। और दोस्तों जो ये हिमेटोफोसिस का टॉपिक है यह आप इम्यूनोलॉजी में पढ़ते हैं। इसको आप डेवलपमेंटल बायोलॉजी में पढ़ते हैं। और इसको आप प्लांट एनिमल फिजियोलॉजी में पढ़ते हैं। तीन जगहों से तीन चीजों का ये
10:07 संगम है। जहां से क्वेश्चन बनते हैं। दोस्तों सबका रिवीजन हुआ टोटल 13। इसका मतलब आप इंट्रोडक्टरी सेशन नहीं देखते बेटा आईएफएस का है ना जो संडे को होता है। दोस्तों अब हम बात कर रहे हैं कि जो हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स हैं, है ना? तो हिमेटोकोटिक स्टेम सेल्स दे आर मल्टीपोटेंट। हिमेटोकोटिक स्टेम सेल्स कैसे हैं? तो दे आर मल्टीपोटेंट हिमेटोकोटिक स्टेम सेल्स। दे बेसिकली गेट कनोन टू टू डिफरेंट लीनेजेस। ऐज़ यू ऑल नो कि जो प्लुरपोटेंट स्टेम सेल है उससे मल्टीपोटेंट हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स बनते
10:54 हैं। उनसे दो डिफरेंट ब्रांचेस हैं। एज यू ऑल नो माइनॉइड ब्रांच एंड लिंफोर्ड ब्रांच। माइलोड ब्रांच के अंदर हम बात कर चुके हैं कि बेसिकली आपके इरथ्रोसाइट्स हैं वो प्रोड्यूस होते हैं इर्थ्रोपोटिन सिग्नलिंग की वजह से और लगभग हम जानते हैं कि 1/4 सेल इस लीनियज की तरफ बढ़ते हैं और बाकी 3/4 दूसरे लीनियज में बढ़ते हैं। माइलोड ब्रांच से ही एक मेगा कैरियोसाइट्स बनता है और मेगा कैरियोसाइट से बनते हैं हमारे प्लेटलेट्स। तो मेगा कैरियोसाइट्स के जो मेंब्रेनस वेसिकल्स पिंच ऑफ होकर अलग होते हैं नॉन न्यूक्लिएटेड उन्हें क्या कहा जाता है? प्लेटलेट्स कहते हैं। ऐसे ही इंटरल्यूकिन फोर की प्रोसेस में माइनोट ब्रांच से आपके कुछ बेसोफिल्स मास सेल्स प्रोड्यूस हो सकते हैं। इएसोफिल्स प्रोड्यूस हो सकते हैं। उसी तरीके से जो बच्चों लिंफोइड ब्रांच है उससे आपके बी
11:40 सेल्स हैं, टी सेल्स हैं और नेचुरल किलर सेल्स हैं वो फॉर्म हो सकते हैं। माइलोइड ब्रांच से आपको पता ही है न्यूट्रोफिल्स प्रोड्यूस हो सकते हैं। मोनोसाइट्स मोनोसाइट्स आगे चलकर मैच्योर हो सकते हैं मैक्रोफेज और मैक्रोफेज डिपेंडिंग अपॉन कि कहां पर एलुलर मैक्रोफेज में कुफर्ड सेल के अंदर अलग-अलग जगह पर ऑस्टियोप्लास्ट के अंदर डिफरेंट इंटेस्टाइनल मैक्रोफेज के अंदर डिफरेंट जगहों पर वह अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं। डनेटिक सेल भी इसी जगह से बनते हैं। तो शायद इसको मुझे डिटेल में बताने की जरूरत नहीं है। आई थिंक यू नो एवरीथिंग अबाउट दीज़ हीटोपोटिक स्टेम सेल्स माइलड ब्रांच क्या है? लिंफोइड ब्रांच क्या है? माइलोड ब्रांच से क्या डिराइव होते हैं? लिंफोइड ब्रांच से क्या डिराइव होते हैं? कॉलोनी स्क्लिमिटिंग फैक्टर्स का क्या रोल है? वगैरह-वगैरह यू ऑल नो आई
12:25 थिंक। खैर देखो अभी पता चल जाएगा कितना सबको पता है। तो बताइए इसका आंसर क्या होगा? व्हिच वन ऑफ द फॉलोइंग ब्लड सेल टाइप इज़ फॉर्म फ्रॉम मेगा कैरियोसाइट ड्यूरिंग डेवलपमेंट ऑफ ब्लड? सेल्स फ्रॉम बोन मेरो। बोन मेरो से जो मेगा कैरियोसाइट्स बनते हैं उन मेगा कैरियोसाइट से क्या बनता है अब इससे सिंपल क्या सवाल पूछ पूछ सकता है कोई सो सभी का नमस्कार सादर मेरा नमस्कार सबको प्राप्त हो सभी विद्वान लोगों को और उम्मीद करता हूं कि आप सब एग्जाम मैपिंग को बड़े ध्यान से देख रहे होंगे है ना बच्चों दैट्स वेरी इंपॉर्टेंट और आज का सेशन तो बहुत इंपॉर्टेंट है
13:13 जी बिल्कुल प्लेटलेट्स दे आर डिराइव्ड फ्रॉम मेगा कैरियोसाइट्स। ठीक है? चलो शाबाश। देन बच्चों ये क्वेश्चन भी आप उम्मीद करता हूं आराम से सॉल्व कर लेंगे। क्वेश्चन में कहा गया है द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स आर मेड अबाउट हेमेटोपसिस इन ह्यूमन। पहला क्या है? बोन मैरोस्टेम सेल्स आर नॉट द सोर्स ऑफ ऑस्टियो क्लास्ट एंड मास सेल। तो फिर भाई ऑस्टियोक्लास्ट और मास सेल कहां से आएंगे? ये तो एकदम सच्चा सच्चा झूठ हो गया। अच्छा अच्छा झूठ हो गया। है
14:01 ना? नॉर्मली 3/4 ऑफ द सेल्स इन अ मैरो कैविटीज मैच्योर इनू डब्ल्यूबीसी एंड 1/4 इन आरबीसी। हां ये बात तो सही है। चलो कह सकते हैं। इन एडल्ट ब्लड सेल्स आर नॉट एक्टिवली प्रोड्यूस्ड इन मैरो कैविटीज ऑफ ऑल द बोनस। हां ये बात फिर भी कुछ हद तक इसको सही कहा जा सकता है। हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स आर डिराइव्ड फ्रॉम कमिटेड सेल। नो दे आर नॉट डिराइव्ड फ्रॉम कमिटेड सेल। हिमेटोपोटिक स्टेम सेल्स दे आर डिराइव्ड फ्रॉम प्लोरपोटेंट स्टेम सेल। कमिटेड सेल्स ब्लास्ट सेल जैसे यूथ्रोब्लास्ट उसे कमिटेड कह सकते हैं जो एक पर्टिकुलर लीनिएज के अंदर आगे की तरफ बढ़ेगी। तो मेरे
14:48 सभी काबिल दोस्तों ने इसका उत्तर एकदम एप्रोप्रियट दिया है कि आंसर क्या हो गया? बी और सी हो गया। बिल्कुल सही है। कोई गड़बड़ नहीं है किसी को? हैं कंचन, प्रिया, आयुष, उर्मिला, हर्ष, दीपशिका क्या है? आईएस वाले बेटा यहां पढ़ाई करो। ध्यान बाकी बातों में ध्यान मत दो। कौन क्या कर रहा है? चलो आगे बात करते हैं। अब दोस्तों विटामिन के आपको पता होगा विटामिन के को आप बायोकेमिस्ट्री में पढ़ते हैं और विटामिन के को एनिमल फिजियोलॉजी में पढ़ते हैं। एनिमल फिजियोलॉजी में भी आप न्यूट्रिशन में पढ़ते हैं। मतलब डाइजेस्टिव सिस्टम के
15:33 साथ भी पढ़ते हैं और उसको आप ब्लड क्लॉटिंग में भी पढ़ते हैं। विटामिन के एक फैट सॉलुबल विटामिन। जनरली हमारे गट के अंदर इंटेस्टाइन के साथ एसोसिएटेड बैक्टीरिया इसको सफिशिएंट अमाउंट में प्रोड्यूस कर लेते हैं। और आपको पता है इसका ब्लड क्लॉटिंग में बहुत इंपॉर्टेंट रोल है। दोस्तों विटामिन के एक फैट सॉलुबल विटामिन है जो कि कोए एएंजाइम की तरह काम करता है। स्पेशली कार्बोक्सिलेशन एक्टिविटी के लिए लीवर में जो कार्बोक्सिलेज है स्पेशली कई सारे ब्लड क्लॉटिंग फैक्टर पर जो
16:19 कार्बोक्सिलेशन रिएक्शनंस होती है उसके लिए जरूरी है। मेनली अगर देखें तो ब्लड क्लॉटिंग फैक्टर दो दो और सात होकर होते हैं। नौ और एक मान लिया 10। 2 7 9 10 इन फैक्टर्स के ऊपर मेनली ग्लटामिक एसिड की साइड चेन पर गामा कार्बोक्सिलेशन रिएक्शन के लिए विटामिन के की आवश्यकता होती है। उसके अलावा प्रोटीन सी दीज़ आर सम ऑफ द थिंग्स जहां पर गामा कार्बोक्सिलेशन रिएक्शन होती है। कार्बोक्सिलेशन होने की वजह से गामा कार्बोक्सिलेशन होने की वजह से ग्लटामिक एसिड के ऊपर गामा कार्बोक्सिलेशन होने की वजह से अब यह कैल्शियम के साथ इंटक्ट कर सकते हैं ये ब्लड क्लॉटिंग फैक्टर एंड इवन
17:04 कुछ फैक्टर्स प्लेटलेट के साथ भी इंटक्ट करते हैं जो कि बहुत जरूरी है इनके एक्टिवेशन होने के लिए। अगर ये गामा कार्बोक्सिलेशन ग्लटामिक एसिड वाली रिएक्शन नहीं हुई तो फिर ब्लड क्लॉटिंग में प्रॉब्लम होगी। सो कार्बोक्सिलेशन के दौरान बच्चों विटामिन के है वह ऑक्सीडाइज हो जाती है और इनएक्टिव फॉर्म में कन्वर्ट हो जाती है। पर एक और एंजाइम है विटामिन के एपॉक्साइड रिडक्टेज और विटामिन के एपॉक्साइड रिडक्टेज वापस विटामिन के को रिड्यूस स्टेट में कन्वर्ट करता है ताकि कार्बोक्स कार्बोक्सिलेशन रिएक्शन में इसका इस्तेमाल किया जा सके और आपको पता होगा कि एक चूहे मारने की दवा है वारफेरी वह इस स्टेप को
17:51 रोकती है जिससे आपके पास विटामिन के रिड्यूस्ड फॉर्म में नहीं आएगा तो विटामिन के गामाकार संश्लेषण नहीं करेगा और गामा कार्बोश्लेशन नहीं करेगा तो ब्लड क्लॉटिंग नहीं होगी। एंड दैट इज द फंक्शन ऑफ़ वारफेयरिंग दैट यू ऑल नो। दोस्तों विटामिन के की कमी हुई तो ब्लड क्लॉटिंग फैक्टर्स सही ढंग से काम नहीं करेंगे। जिसकी वजह से बहुत ज्यादा ब्लड का लॉस देखने को मिलेगा। मेनली इंटेस्टाइनल बैक्टीरिया मैं बता ही चुका हूं। उससे विटामिन के प्राप्त होता है। यह एक फैट सॉलुबल विटामिन है और जो डाइटरी फैट्स हैं उनके साथ भी विटामिन के हमें काफी हद तक मिल जाता है।
18:39 दोस्तों अगर सब कुछ ठीक है तो बताओ इतना खतरनाक सवाल है। इसका आंसर दो। ठीक है। चलो आगे बात करते हैं। सुनो बेटा इसका आंसर बताओ। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। शाबाश। तो कौन सा नहीं है? व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज नॉट अ विटामिन के डिपेंड ब्लड क्लॉटिंग। तो मैंने बताया ना
19:25 याद करने का सिंपल सा तरीका है कि 2 + 7 होकर होता है नौ। नौ का पड़ोसी है 10। तो कौन सा इसमें नहीं है? यानी ये तो सिर्फ याद करने के लिए बताया था। दो है सात तो दे नहीं रखा है। नौ भी है 10 भी है। फैक्टर फाइव ऐसा फैक्टर है जो विटामिन के के ऊपर डिपेंडेंट नहीं। चलो बहुत खूबसूरत बहुत अच्छी बात है देन बच्चों जो एसिटाइल कोलिन है आपको पता है न्यूरोट ट्रांसमीटर एसिटाइल कोलिन एक्साइटेटरी न्यूरो ट्रांसमीटर की तरह भी काम कर सकता है और इंडमेंटरी न्यूरो ट्रांसमीटर की तरह भी काम कर सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता
20:11 है कि वो किस तरीके के रिसेप्टर के ऊपर जाकर बाइंड होता है। अगर वो जी प्रोटीन कपल रिसेप्टर जो मुस्क्रेनिक रिसेप्टर्स है उनके ऊपर जाकर बाइंड होता है। मुस्क्रेनिक रिसेप्टर्स के ऊपर जाकर बाइंड होता है तो अब उसमें भी कौन से मुस्क्रेनिक रिसेप्टर पर बाइंड होता है? तो उसके हिसाब से अलग-अलग तरीके के रिस्पांस किए जा सकते हैं। जैसे हार्ट की नोडल टिश्यूज़ पर मुस्क्रेनिक रिसेप्टर टू होता है और उसकी सिग्नलिंग की वजह से एक इनबिटरी सिग्नलिंग होती है और उसकी वजह से आप देखेंगे कि हार्ट की मसल्स का कॉन्ट्रक्शन स्लो हो जाता है। स्पेशली सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम से जब वो प्रोड्यूस होता है। उसकी बजाय यही एसिल
20:57 कोलिन बच्चों अगर निकोटेनिक रिसेप्टर पर बाइंड हो जो कि बेसिकली सोडियम चैनल है वो आप देखेंगे कि कैसा होता है? एक्टिवेटरी इन नेचर होता है। सो सब मुस्कुराओ। मुस्कुराने के रिसेप्टर्स m1 है ना ओड नंबर वाले 1 3 5 ओड नंबर वाले के साथ बच्चों जुड़ा हुआ होता है g अलफा विशाल सर का फेवरेट g अलफा वही जो फास्फोलाई पेसी वाले रास्ते से आगे करते हुए आईपी3 और कैल्शियम के लेवल को बढ़ाएगा और उसको बढ़ाएगा तो कॉन्ट्रक्शन आएगा हार्ट मसल्स या जहां पर भी ये प्रेजेंट होगा जिन मसल्स पर वो मसल्स कॉन्ट्रैक्ट
21:44 करेगी। सो तो इवन नंबर वाले मुस्कनिक रिसेप्टर मुस्कनिक रिसेप्टर टू और फोर उनके साथ भाई साहब जी अल्फा इनहबिटरी प्रकार का पाया जाता है। कैसा पाया जाता है? जी अल्फा इनहबिटरी प्रकार का। और अगर जी अल्फा इनहबिटरी प्रकार का इनके पास पाया जाता है तो ऑब्वियसली इनबिटरी वाला आपको पता है फास्फोडाइसज़ को एक्टिवेट कर सकता है। साइक्लिक ईएमपी की अमाउंट कम हो सकती है वगैरह-वगैरह। सो एडल्ट साइक्ल की एक्टिविटी को रोकेगा। साइक्लिक ईएमपी की अमाउंट कम होगी। यह कौन काम करता है? इनबिटरी वाला। तो याद रखिएगा दोस्तों पांच प्रकार के मुस्कनिक है। एक, तीन और पांच और दूसरा दो और चार। जो एक तीन और पांच है वह उनके साथ जो प्राइमरी जी प्रोटीन में
22:32 अल्फा सब्रिट है वह q प्रकार की है और जो दो और चार जी प्रोटीन कपल रिसेप्टर है उनके साथ जो जी अल्फा सबनेट है वो इनबिटरी वाली है जी अल्फा q वाली प्रोटीन काइनेस सी को एक्टिवेट करती है जी अल्फा आई है वो मेनली एडनेट साइक्ल को इनबिट करती है और कुल मिलाकर साइक्लिक एपी कंसंट्रेशन बढ़ने की बजाय घटती ओ अभी एक और क्लास चल रही है एटीट्यूड की। ओ हो हो हो वही ओ माय गॉड ये तो मैंने ध्यान ही नहीं दिया। सही बात कह रहे हो। ओह हो दिनेश सर की भी तो क्लास चल रही है। सॉरी सॉरी अब अगली बार ऐसा नहीं होगा। दोस्तों जो M1 प्रकार के मुस्कनिक रिसेप्टर है वह सेंट्रल नर्वस सिस्टम, पैरेटल सेल्स और स्लेवरी ग्लैंड में पाए
23:18 जाते हैं। M2 तरीके के ये इंपॉर्टेंट है क्योंकि ये हमारे हार्ट के मेजर नोडल टिश्यूज़ के ऊपर पाए जाने वाले और कुछ स्मूथ मसल्स पर भी पाए जाते हैं। इन्हीं मुस्कनिक रिसेप्टर टू की वजह से जैसे एसिटल कोलिन प्रोड्यूस होगा। है ना? एसिल कोलिन जैसे ही प्रोड्यूस होगा हार्ट बीट बढ़ने की बजाय कम हो सकती है। एम थ्री तरीके के रिसेप्टर सेंट्रल नर्वस सिस्टम स्मूथ मसल्स और ग्लैंड पर पाया जाता है। एम4 तरीके का मुस्कनिक रिसेप्टर सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर एम5 प्रकार का मेनली सेंट्रल नर्वस सिस्टम में भी उन न्यूरॉन्स पर पाया जाता है जो डोपामिन का
24:06 प्रोडक्शन करते हैं। मेनली दे आर प्रेजेंट इन सब्सटेंशिया नाइग्रा एंड वेंट्रल सब्सटेंशिया नाइग्रा के न्यूरॉन्स एंड वेंट्रल टैक्टम एरिया के न्यूरॉन्स। चलो ये थोड़ा-थोड़ा याद रखोगे तो काम बनेगा। जी विशाल सर का बहुत-बहुत प्रणाम। विशाल सर को भी करिए करिए। बिलकुल पर विशाल सर ने तो अपनी तरफ से कोई कमी नहीं रखी। उन्होंने अपना पीडीएफ दे दिया होगा। बस वो सपोर्टिंग स्टाफ है। थोड़ा टाइम लगता है सब चीजों को करने में। चलो इसका देखो सिंपल सा व्हिच वन ऑफ द फॉलोइंग एसिटाइल कोलिन रिसेप्टर इज लोकेटेड ऑन द नोडल टिश्यूज़ ऑफ
24:51 हार्ट। इनमें से कौन सा एसिटाइल कोलिन रिसेप्टर हार्ट की नोडल टिश्यूज़ पर पाया जाता है? तो ये तो डायरेक्ट ही है भाई। NM का मतलब जो निकोटेनिक रिसेप्टर है इसकी तो बात ही नहीं है। कौन सी होगी? M2 प्रकार का। कौन सा वाला? M2 प्रकार का। जिसके साथ G अलफा इनहिबिटरी वाला जुड़ा हुआ है। ठीक है? शाबाश। देन दोस्तों, अब थोड़ी सी बात करते हैं पल्स रील्स के बारे में। जो ब्लड में पलसेशन होता है उसके बारे में बात करते हैं।
25:38 एक दिन रहता है अंतिमा अब एक दिन रहने देंगे तो प्लीज सर दो दिन रहने दीजिए देंगे। दो दिन रहने देंगे तो बच्चे कहेंगे सर प्लीज तीन दिन रहने दीजिए। तीन दिन रहने देंगे सर हमें तो मल्टीपल बार रिवीजन करना पड़ता है। तब देने जी कुछ लोग सर पिछले बार वाले भी रहने दीजिए। पिछले बार वाले भी खोल दीजिए क्योंकि लालच की कोई सीमा नहीं होती। ठीक है? तो इट विल रिमेन फॉर फ्यू हार्ट्स। सो दैट इंटरनेट कनेक्टिविटी इशूज़ है तो प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए। इट इज़ ऑलमोस्ट लाइक अ ऑफलाइन। एंड दिस इज़ द वे वी गेट रिजल्ट्स। दोस्तों अब हम बात कर रहे हैं आगे। द पल्स इज़ अ प्रेशर वेव जनरली इन एोटा ड्यूरिंग सिस्टो।
26:26 ब्लड को जैसे इजेक्ट किया जाता है। उस जो एक जैसे समुद्र में आते है ना पल्स कहते हैं समुद्री लहर ऐसे ही ब्लड के अंदर जो पल्स उसके बारे में बात कर रहे हैं तो उस पल्स के बारे में कुछ विशेष इंपॉर्टेंट बातें है ना जो जैसे समुद्री ज्वार होता है ऐसे ब्लड के अंदर जो वेंट्रिकल्स में जब ब्लड को पुश किया गया उस दौरान जो पल्स प्रोड्यूस होती है उसके बारे में कुछ बातें यहां पर कही गई है दोस्तों द नंबर ऑफ पल्ससेस पर मिनट है ना या मेजर भी कर सकते हैं कितनी होती है लगभग 60 से लेकर 100 बीट्स पर मिनट इन अ हेल्दी एडल्ट
27:13 एट अ रेस्ट। दोस्तों द पैटर्न ऑफ पल्ससेस नॉर्मली रेगुलर होता है पर बहुत ज्यादा तनाव लो कोई बीमारी हो तो फिर पल्ससेस का पैटर्न है ऊपर नीचे गड़बड़ा सकता है और डॉक्टर लोग पल्स के पैटर्न में किस तरीके की गड़बड़ हो रही है उसके बेसिस पर अंदाजा लगा लेते हैं कि भाई क्या समस्या है उस इंसान के साथ दोस्तों दोस्तों पल्स में कितना फोर्स होगा या कितनी इंटेंसिटी होगी वो डिपेंड करता है। स्ट्रोक वॉल्यूम और आर्ट्रियल कम कंप्लाय कितना ब्लड डाला गया है और आर्ट्रियल कितना कंप्लाय कर रहा है उन दो
27:59 चीजों पर डिपेंड करता है कितना फोर्स जनरेट जितना लार्जर स्ट्रोक वॉल्यूम होगा है ना जितना ज्यादा ब्लड पंप ज्यादा ब्लड को पंप करोगे जैसे कि एक्सरसाइज के दौरान उस दौरान प्रेशर है या वेव का जो प्रेशर है वो बढ़ जाएगा जिसकी वजह से स्ट्रंगर पल्स जनरेट होगी थोड़ी स्ट्रंगर पल्स पल्स जनरेट होगी। आप सबको पता है। मैं क्या बता रहा हूं आपको। अब पल्स की स्ट्रेंथ कितनी होगी वो डिपेंड करता है बच्चों कि सिस्टोलिक और जो डायस्टोलिक है उसके प्रेशर में कितना डिफरेंस है। शयंश थैंक यू। वेलकम टू द गोल्ड। यू आर गोइंग टू एंजॉय दिस YouTube जर्नी। सो पल्स की स्ट्रेंथ डिपेंड ऑन पल्स प्रेशर व्हिच इज डिपेंड ऑन डिफरेंस
28:46 बिटवीन सिस्टोल एंड डो जितना सिस्टोलिक और डस्टोलिक प्रेशर में डिफरेंस ज्यादा होगा उतना ही तेजी से प्रेशर वेव्स प्रोड्यूस होंगी आप देखेंगे कि उसमें प्रेशर भी ज्यादा डेवलप हुआ इट डजंट डिपेंड ऑन मीन आर्ट्रियल प्रेशर डिपेंड्स अपॉन द डिफरेंस बिटवीन द सिस्टोलिक एंड डायस्टोलिक प्रेशर द पल्स लीव ट्रेवल फास्टर देन ब्लड फ्लो इन आर्टरीज। टिपिकली 5 से 10 मीटर पर सेकंड जबकि ब्लड कितना स्लो फ्लो करता है? ब्लड सिर्फ 5 मीटर3 से 5 मीटर यानी पल्स तेजी से ट्रैवल करती है एज कंपेयर टू द फ्लो ऑफ़ ब्लड। है
29:33 ना? ऑब्वियसली हां सही बात है। वेलोसिटी है पल्स की उम्र के साथ बढ़ती है। आर्टरीज जैसे-जैसे स्टिफ होती है वैसे-वैसे बढ़ सकती है क्योंकि इलास्टिसिटी कम होगी और फास्ट पल्स वेव का ट्रांसमिशन देखने को मिल सकता है। तो ये कुछ इंपॉर्टेंट बातें पल्स वेव्स के बारे में थी जो आपको जानकारी पता होनी चाहिए। अगर सब कुछ ठीक है आपने ध्यान से सुना है तो फिर इस क्वेश्चन का क्या जवाब होगा कौन बताएगा सर कल क्लास नहीं चल कल क्लास नहीं चला बेटा पीवाईक्यू का आज जब आज एनिमल फिजियोलॉजी हो रहा है तो फिर
30:20 कल कैसे चला होगा बेटा कल इससे पहली क्लास प्लांट फिजियोलॉजी हुई थी और उसके बाद अब कुछ ब्रेक के बाद क्लासेस होगी वापस जो बाकी के सेशंस है इतला कर दिया जाएगा फटाफट एक स्ट्रेच हम खोलेंगे धड़ाधड़ धड़ाधड़ अभी क्या बहुत ज्यादा ज्यादा समय जाने वाला है आपका पांचप घंटे 6-छ घंटे जाने वाला है अभी एग्जाम मैपिंग एग्जाम मैपिंग में आप उसको रिवाइज करने के लिए आपको समय समय चाहिए सफिशिएंट है ना तो थोड़ा सा जब टाइम ड्यूरेशन YouTube पर कम होगा ताकि आप एग्जाम मैपिंग के साथ भी पीवाईक्यू पर फोकस कर पाएं इतना ज्यादा भी नहीं परोसा सा जाना चाहिए कि वोमिटिंग ही हो जाए। है ना? तो बैलेंस करने की कोशिश करेंगे आप कि चीजें आपको बराबर मिले। बहुत
31:07 ज्यादा फिर आपको नहीं समझ में आएगा। आप अटेंड नहीं कर पाओगे उस सेशंस को। दोस्तों कहा गया है व्हेन अ ब्लड इज़ फोज्ड इंटू एोटा फ्रॉम द लेफ्ट वेंट्रिकल ड्यूरिंग अ सिस्ट्रोल अ प्रेशर वेव इज़ सेट अप इन द एोटा। जिसे पल्स कहा जाता है। द रेट ऑफ ट्रेवल ऑफ पल्स वेव इज लोअर देन द वेलोसिटी ऑफ ब्लड फ्लो इन आर्टरीज। द पल्स वेव मूव स्लोअर विथ एन एडवांसिंग एज स्लोअर। बुढ़ापे में हमारी मेरी तो बहुत तेजी से बढ़नी शुरू हो गई है। काम है बुढ़ापे में। द पल्स वेव इज़ स्ट्रांग व्हेन द स्ट्रोक वॉल्यूम इज़ लार्जर। बिल्कुल सही लग रहा है। द स्ट्रेंथ ऑफ़ पल्स डिपेंड ऑन मैग्नीट्यूड ऑफ़ पल्स प्रेशर एंड नॉट ऑन द मीन। हां ये बात भी सही है। इसके ऊपर भी
31:53 डिपेंड करती है। तो मेरे हिसाब से आंसर क्या है? परफेक्ट आंसर क्या है? सी एंड डी है। वेरी गुड पूजा वेरी गुड मनीषा शिव। अच्छा शिव ने तो उत्तर ही दिया। जी मेना जी और बिल्कुल आप इस तरीके से अगर अपना प्यार बरसे तो बहुत जल्दी हमारे करीबन 10 लोग पीछे बच रहे हैं हमारे मेंबरशिप होने में। तो जो भी मेंबरशिप बन रहे हैं उन सबका बहुत-बहुत धन्यवाद। एंड ऑलमोस्ट 10 लोग और अगर आ जाए तो हमारे टोटल 1000 मेंबर्स हो जाएंगे आईएफएस प्लेटफार्म पर। ऑन करंट की बात करो। जब से मेंबरशिप स्टार्ट की है उससे लेकर आज तक है ना जिसमें कुछ लोग आते हैं, कुछ लोग चले जाते हैं और मुझे यकीन है कि 10 में से दो-तीन
32:38 लोग तो आज आ गए हैं। आज 1000 का हम आंकड़ा जरूर चुएंगे। टच करेंगे अब तक की लाइफ टाइम मेंबरशिप के अंदर। अब दोस्तों बात करते हैं न्यूरो हार्मोनल रेगुलेशन ऑफ एयरवी रेजिस्टेंस। हम सांस लेते हैं खुशबू आती है पर एयरवे में अगर रेजिस्टेंस हो तो सांस लेने में तकलीफ आएगी। तो उसके बारे में बात करते हैं। है ना? यह इसमें रेजिस्टेंस कैसे पैदा? इसमें रेजिस्टेंस कैसे पैदा किया जाए? कैसे रेजिस्टेंस पैदा किया जाए? कैसे
33:24 रेजिस्टेंस पैदा किया? नहीं नहीं नहीं रेजिस्टेंस कैसे होता है? उसके बारे में बात करें। तो न्यूरल रेगुलेशन भी होता है और हार्मोनल रेगुलेशन भी ह्यूमरल रेगुलेशन भी देखने को मिलता है। भी स्टेटमेंट फिर से समझा दीजिए। डी स्टेटमेंट कि भाई मैग्नीट्यूड पे डिपेंड करता है। मैग्नीट्यूड का मतलब आपके पास सिस्टोलिक प्रेशर माइनस है ना डायस्टोलिक प्रेशर पर डिपेंड करता है ना कि मीन ऐसा नहीं करना है कि SP + DP / 2 मीन आर्टिफिकेश प्रेशर पर डिपेंड नहीं करता। ये ये कहना चाहता है भाई एवरेज पे डिपेंड नहीं करता। वह इस बात पर डिपेंड
34:10 करता है बच्चों कि या इस बात पर डिपेंड करता है। इस बात पर डिपेंड करता है कि डिफरेंस कितना है बेटा। चलो तो न्यूरल रेगुलेशन मेनली अगर बात करें तो वेगल नर्वस सिस्टम से जब स्टिमुलेशन होगा तो एयरवेज कांस्टेंट होगी और एयरवेज कांस्टेंट होगी तो रेजिस्टेंस बढ़ेगा। सिंपैथेटिक स्टिमुलेशन में जैसे पैरासिंैथेटिक के अंदर आपको पता ही है एसिल्कोलिन प्रोड्यूस होगा तो सिंपैथेटिक के अंदर नॉर एफिनेफन का प्रोडक्शन होता है
34:59 और नर एफिनेफिन सांस थोड़ा आराम से लेने देती है यानी रेजिस्टेंस को कम करती है कॉनस्ट्रिक्ट नहीं करती तो जैसे ही किसी ने सिंपैथी दी सिंपैथी दी तो नर एफनेफिन प्रोड्यूस हुआ। नर एफिनेफिन प्रोड्यूस हुआ तो हार्ट की वीड तो बढ़ गई पर लंग्स के अंदर जो एयरवे रेजिस्टेंस है वो कम हो गया। आहा थोड़ी सांस आई। इसके अलावा दोस्तों सिगरेट का धुआ, डस्ट पार्टिकल, ठंडीठंडी हवा
35:45 जब आप कफिंग करते हैं उस दौरान भी रेजिस्टेंस बढ़ता है। कॉनस्ट्रिक्शंस देखने को मिलेगा। न्यूरोहमोरल क्या होता है? ये क्या है? बायोसेंस यूरल मींस समथिंग व्हिच इज़ इन ब्लड। न्यूरो का मतलब व्हिच इज़ सीक्रेटेड बाय अ नर्वस सिस्टम। सिग्नलिंग मॉलिक्यूल्स प्रोड्यूस बाय न्यूरल इन नेचर। अब बात करें बच्चों ह्यूमरल एजेंट्स जो ब्लड में मौजूद है। तो कौन-कौन दम घोट सकते हैं? जैसे हिस्टामिन
36:33 एसिटाइल कोन जो पैरासिंैथेटिक से प्रोड्यूस हुआ हिस्टामिन एसिटल कोलन थ्रोम्बेक्सिन A2 प्रोस्टाग्लैंडिन F2 कई सारे प्रकार के ल्यूकोट्राइन लाइक ल्यूकोट्राइन B4 ल्यूकोट्राइन C4 ल्यूकोट्राइन D4 ल्यूकोट्राइन तो है ही बदमाश नोन फॉर ब्रोंकियो कॉनस्ट्रिक्शन इवन एसिटाइल कोलिन का भाई मेथाकोलन जो एसिलकोलिन का ही डेरिवेटिव है। जैसे एसिल कोलिन ट्रिगर करता है वैसे मेथाकोलिन भी सेम तरीके से काम करते हुए
37:20 वैसो कॉनस्ट्रिक्ट या मोरली ब्रोंकियो कॉनस्ट्रिकशंस कर सकता है। एयर पैसेज को कॉनस्ट्रिक्ट कर सकता है। ह्यूमर रिलेट टू एंटीबॉडी। नो नो ह्यूमरल डजंट रिलेट टू एंटीबॉडी। ह्यूमरल रिलेट टू समथिंग व्हिच इज़ इन अ लिक्विड व्हिच मींस इन अ ब्लड उसे ह्यूमरल कहेंगे बेटा। तो ह्यूमरल में एंटीबॉडी भी आएगी। ह्यूमरल में हार्मोन भी आएंगे। ह्यूमरल में ग्रोथ फैक्टर्स भी आएंगे। ह्यूमरल में कॉम्प्लीमेंट प्रोटीन भी आएंगे। कई सारी चीजें आएंगी। ह्यूमरल में है ना? तो ह्यूमरल डजंट मींस समथिंग रिलेटेड विद एन एंटीबॉडी। एंटीबॉडी इज़ वन ऑफ द कंपोनेंट ऑफ ह्यूमरल। है ना? ल्यूकोट्राइ डब्ल्यूबीसी होता है अरे मेरे भाई भाई साइंस कहां से फ्रंट देवता भाई ल्यूकोट्राइ आर इकेनोसाइड्स 20 कार्बन
38:06 कंपाउंड्स डिराइव्ड फ्रॉम इकेनोसोइक है ना इकेनोसाइड्स दे आर डिराइव्ड फ्रॉम अर्चिडोनिक एसिड ऐसे मत करो मेरे भाई बाय एंजाइम लिपोक्सनेस ऐसे मत करो तो कौन एयरवेज रेजिस्टेंस को इंक्रीज नहीं करता तो नर एफिनेफ्रिन आपको पता ही है नर एफिनेफिन सिंपैथी नर्वस सिस्टम से प्रोड्यूस होता है। यह हम कह सकते हैं ब्रोंकियो रिलैक्सेशन करा सकता है। कॉनस्ट्रिक्शन नहीं कॉनस्ट्रिक्शन थ्रो्बेक्सिन ए2 कराएगा, स्टामिन कराएगा, ल्यूकोट्राइन कराएगा, एसिटल कोलिन कराएगा और कई सारे और कंपाउंड्स हमने पढ़े हैं। जो ये करा सकता है।
38:52 यह ल्यूकोट्राइ ल्यूकोसाइट्स होते हैं। हे भगवान देन आगे और एलुलर गैस एक्सचेंज पर थोड़ी और आगे बात करते हैं। हां एयरवेज रेजिस्टेंस। वो हवा की जो पाइप है उस पाइप में रुकावट डालना पाइप को ऐसे छोटा करना उसे एयरवे रेजिस्टेंस कहा जाता है ना बेटा सांस की नली को सिकुड़ना उसकी बात कर रहे हैं हम अब हम बात कर रहे हैं बच्चों ये प्रंशु सर के चेले होकर तुम ऐसे कैसे सवाल पूछ रहे हो प्रंशु सर के आप स्टूडेंट होकर ऐसे सवाल पूछते हो कि एयरली रेजिस्टेंस क्या होता है प्रशु सर अभी डांट मारेंगे ध्यान रखना अब सुनो बात कर
39:40 रहे हैं कुछ इंपॉर्टेंट टर्मोजी जो कि हम एलुलर गैस एक्सचेंज से पढ़ते हैं। एनाटॉमिकल डेड स्पेस वह वॉल्यूम ऑफ एयर जिसमें आप पूरी अपनी शक्ति लगा दो बाहर नहीं फेंक सकते क्योंकि वह ट्रैकिया विंड पाइप के अंदर मौजूद था। उन विंड पाइप ट्रैकिया को आप कॉनंस्ट्रिक्ट नहीं कर सकते। है ना? जैसे नेसल पेसिस फेरिंग्स, लेरिंग्स, ट्रैकिया, ब्रोंकाई जो एलुलाई से पहले पहले जिसमें हवा है भाई आप एलुलाई को ऐसे पूरा दबा सकते हो थ्योरेटिकली और जो पाइप्स हैं उन पाइप्स को थोड़ी पिचका सकते हो तो वो पाइप्स के अंदर
40:27 लेरिंग्स ट्रेकिया के अंदर जो एयर होती है वो लगभग वन सॉरी 150 ml के आसपास 150 ml के आसपास होती है। कितनी होती है? 150 ml के आसपास। दोस्तों, अब यह जो एनाटॉमिकल डेड स्पेस क्या है? यह भी हम बॉडी वेट से एक अंदाजा तो लगा ही सकते हैं। जैसे-जैसे वेट बढ़ेगी तो लंग्स भी बढ़ेंगे, लंग्स बढ़ेंगे तो वो ट्रैक या बाकी स्पेस भी बढ़ेगी। जिसकी वजह से डेड स्पेस 150 ml से 155 ml भी हो सकती है, 145 ml भी हो सकती है। इन जनरल 1 ml डेड स्पेस बढ़ती है पर पाउंड। एक पांव के लगभग कितना हुआ? 454 ग्राम के आसपास होता है।
41:14 तो हम यह भी कह सकते हैं कि लगभग 2.2 ml पर केजी यानी अगर सपोज मेरा भार 70 kg है। सपोज मान लो 70 किलो। तो कैलकुलेशन कौन करेगा? 50 किलो है तो 50 दू 100 प्लस पीछे 2 बचा है। उसे 10 और जोड़ दो। यानी मेरे पास 60 ml डेड स्पेस के आसपास होगी। यही बात हुई तो इट इज़ टिपिकली अराउंड 1 ml पर पाउंड के आसपास इन अ आइडियल बॉडी वेट इन अ हेल्दी इंडिविजुअल तो 50 दू 100 + 110 ml के आसपास हो जाएगी पर 70 किलो का है तो हिसाब से कैलकुलेशन होगी 80 किलो का है तो उसके हिसाब से कैलकुलेशन देखने को मिलेगी
42:00 दोस्तों ये तो हुई एनाटॉमिकल डेड स्पेस जिसका कुछ नहीं किया जा सकता। अब दूसरी होती है फिजियोलॉजिकल डे स्पेस। इसको एक्सचेंज किया जा सकता है पर हो सकता है आप एक्सचेंज ना करें। ठीक है? सो फिजियोलॉजिकल डेड स्पेस का मतलब है व्हिच इंक्लूड एनाटॉमिकल डेड स्पेस तो है ही प्लस एन एलुलर डेड स्पेस मतलब एलुले को आप ऐसे पूरा खिचकाते नहीं हो उसको इतना सा ऐसे ऐसे करो ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे करो मतलब कुछ हर एलुलाई में कुछ एयर को छोड़ देते हो ऐसे
42:47 लंग हल्के सा हम ऐसे जब मरेमरी सी सांसे ले रहे हो मरी-मरी सी सांसे ले रहे हो आप तो फिर अब जो कुछ एयर स्पेस पूरी जो बाहर एलुलई से भी जानी चाहिए वो भी नहीं जा पाएगी। जितनी प्रॉपर सांस होनी चाहिए उतनी प्रॉपर सांस नहीं ले रहे हो तो। तो अब जो उसे कहा जाएगा फिजियोलॉजिकल डेड स्पीच। अगर कोई हेल्दी इंडिविजुअल है तो फिर वह अपने लंग्स को बिल्कुल सही जिसको कोई बीमारी नहीं है तो वो लंग्स पूरी एल्वले को उसे बंद करेगा। वापस खोलेगा वापस बंद करेगा। वापस खोलेगा। फिर जो डेड स्पेस होगा दैट वुड बी ओनली एनाटॉमिकल डेड स्पेस। पर अगर कोई बीमारी है, आप मरी-मरी सी सांसे ले पा रहे हो, सही ढंग से सांस
43:32 नहीं ले पा रहे हो, तो वहां पर फिर फिजियोलॉजिकल डेड स्पेस एनाटॉमिकल डेड स्पेस से ज्यादा होगा। नॉर्मल व्यक्ति में वो सही ढंग से अगर सांसे ले रहा है, बिल्कुल ऐप परफेक्ट है। तो ऑलमोस्ट फिजियोलॉजिकल डेड स्पेस और एनाटॉमिकल डेड स्पेस लगभग 150 ml के आसपास होता है। कितनी यूनिट क्वालीफाई करनी पड़ेगी? 8 से 9 यूनिट कम से कम। दोस्तों, अब यहां से एक और टर्म आती है। दैट इज़ कॉल्ड एज रेस्पिरेटरी मिनट वॉल्यूम। रेस्पिरेटरी मिनट वॉल्यूम इज़ द टोटल वॉल्यूम इंटू अ रेस्पिरेटरी रेट। तो रेस्पिरेटरी मिनट वॉल्यूम कैसे कहते
44:17 हैं? टोटल वॉल्यूम ऑफ़ एयर इन्हेल्ड या एग्जिल्ड पर मिनट। 1 मिनट में कितनी हवा फेंक रहा हूं या कितनी हवा ले रहा हूं? दैट इज कॉल्ड रेस्पिरेटरी मिनट ओवन। तो एक बार में मैं कितनी फेंक रहा हूं और ऐसा मैं कितनी बार कर रहा हूं उसे मल्टीप्लाई कर लेंगे तो मेरे पास क्या आ जाएगी? रेस्पिरेटरी मिनट वॉल्यूम इन अ हेल्दी एडल्ट जो रेस्ट में हो। तो आप देखेंगे कि जो टाइडल वॉल्यूम है हर बार जो एक्सचेंज की थी वो 500 ml के आसपास है और 12 से 20 बार हम उसको एक्सचेंज कर लेते हैं। तो इस हिसाब से आप टाइटल वॉल्यूम निकालेंगे तो कितना आ जाएगा? 6 से 10 लीटर पर मिनट। हर मिनट 6 लीटर से 10 लीटर के
45:04 आसपास एयर को मैं सराउंडिंग के साथ एक्सचेंज कर लेता हूं। एक हर मिनट में। दैट इज़ कॉल्ड एज रेस्पिरेटरी मिनट वाली। अब छह या 10 वो डिपेंड करता है कि मैं डीप ब्रीथ याचकी वाली सांस ले रहा हूं। उसके ऊपर डिपेंड करेगा। ठीक है? यहीं से एक और टर्म आती है बच्चों दैट इज रेफर टू एज एलुलर वेंटिलेशन। एक एलुलर वेंटिलेशन कि कितनी वॉल्यूम एयर की एक्चुअली रीच कर रही है एलुलाई में जहां जहां पर एक्चुअली गैस एक्सचेंज क्योंकि जो डेड स्पेस है उसके अंदर जो एयर है वो तो एलुलाई तक पहुंच ही नहीं रही है टोटल लंग वॉल्यूम में से। तो एक्चुअली कितनी एयर पर मिनट
45:53 एलुलाई तक पहुंच रही है? जहां से एक्चुअली गैस एक्सचेंज पॉसिबल है। तो कैसे निकालेंगे? टोटल वॉल्यूम में से डेड स्पेस को हटा दो। उसके बाद क्योंकि उतनी एयर एलुले तक पहुंच रही होगी। इंटू प्रेसिबिलिटी रेट से मल्टीप्लाई कर लो। हम यह मान लें कि टाइडल वॉल्यूम हर बार आदान प्रदान 500 ml का हो रहा है। उत 150 ml तो डेड स्पेस है तो पीछे 350 ml बची और अगर आप 12 से 20 के आसपास सांस ले रहे हैं तो चार
46:39 से 6 लीटर तो हम ये कहेंगे कि जो एग्जल इनेल कर रहे हैं पर मिनट वह सारी गैस एलुलाई तक तो नहीं पहुंच पा रही है पर मिनट जो एलुलाई तक गैस पहुंच पा रही है वो कितनी पहुंच पा रही है? चार से 6 लीटर प्रति मिनट जो कि वास्तविक एलुलाई पर एक्सचेंज हो पाएगी। दैट इज कॉल्ड एज एलुलर वेंटिलेशन। दोस्तों ऑब्वियसली क्योंकि डेड स्पेस वाली एयर काम आ नहीं रही है। इसलिए जो एलुलर वेंटिलेशन है दैट वुड बी लेसर देन द रेस्पिरेटरी मिनट वॉल्यूम। दोस्तों अगर आप ऐसे बाबा रामदेव की तरह
47:28 लंबी सांस लेते हो फिर छोड़ते हो लंबी सांस लेते हो और फिर छोड़ते हो तो उस परिस्थिति में एलुलर वेंटिलेशन ज्यादा होगा ज्यादा गैस मिल पाएगी एलुलाई को एक्सचेंज होने के लिए उसी बजाय ऐसे शॉर्ट सांस ऐसे छोटी-छोटी सांसे लेते हो छोड़ देते हो एक्सेल इन्हेल एक्सेल इन्हेल एक्सेल इनेल कर लेते तो उस कंडीशन में जो एलुलाई को क्योंकि आप पूरी एलुलाई गैस बाहर एग्जॉस्ट नहीं कर रहे हो पूरी वापस अंदर नहीं ले रहे हो थोड़ी सी हमेशा कुछ एलुलाई में गैस रख रहे हो तो उस कंडीशन में एलुलर वेंटिलेशन थोड़ा कम होगा। यह कुछ इंपॉर्टेंट बातें आपको पता हो तो इस प्रश्न को किया जा सकता है।
48:17 सुराली हां रोज पिछली देखो मैंने कई बार ले चुका हूं। कम से कम छह क्लासें ले चुका हूं बेटा। ये सातवीं क्लास है। बताओ इसका क्या आंसर है? लेक्चर सेक्शन। ठीक है। चलो यहां तक सब ने सेशन लाइक किया कि नहीं किया आज? हैं बदमाश बच्चों। अच्छा लाइक कर लिया। बहुत अच्छी बात। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू। बहुत अच्छी बात है बच्चे। शाबाश मेरे बच्चों। शिवम। पर बाकी लोग कहां है? बाद में देखेंगे। देखो यह फर्क पड़ता है ओनली लाइव नोट रिप्ले का कि अगर आपको मजबूर ना किया जाए पढ़ने के लिए तो आप पढ़ोगे भी नहीं। मुझे पता है और देखोगे भी नहीं।
49:06 हां बिल्कुल सही बात है। इसीलिए कहते हैं लंबी-लंबी गहरी गहरी सांसे लो ताकि ज्यादा ऑक्सीजन मिल सके। ना इंटरव्यू रूम में जा रहे हो तो रूम इंटरव्यू वाले रूम में घुसने से पहले ऐसे बाहर पहले रूम के बाहर खड़े होकर ऐसे गहरी सांस लो। इतनी गहरी नींद लो कि नींद आ जाए। हां। ऐसे भी मत करना। हां। एलुलर वेंटिलेशन इज लेस देन रेस्पिरेटरी मिनट वॉल्यूम द एनाटॉमिकल डेड स्पेस कैन बी एसिटेड बाय बॉडी वेट ऑफ एन इंडिविजुअल यस एट रेस्ट द एनाटॉमिकल डेड स्पेस एंड फिजलिक डेड स्पेस आर आइडेंटिकल फॉर हेल्दी पर्सन हां ऐसा कह सकते हैं फॉर हेल्दी पर्सन ठीक है रेस्ट पर है तो
49:53 द एलुलर वेंटिलेशन इज हायर इन रैपिड शैलो ब्रीथिंग नहीं नहीं नहीं नहीं ना ठाकुर ना देन द स्लो डीप ब्रीदीिंग उल्टी बात हो गई तो बी एंड सी आपके पास क्या ढूंढना बी सही है सी सही है और ऑप्शन ही नहीं क्या एलुलर वेंटिलेशन इज़ हायर इन रैपिड शैलो ब्रीदीिंग देन दैट ऑफ स्लो टी ब्रीथिंग एट द सेम क्या गड़बड़ हो गया भाई? एलुलर वेंट ये सही बात है ना? ये गड़बड़ कहां? ए बी सी सही है। डी गड़बड़ है। ए बी
50:42 सी सही। हां मैंने उसको गड़बड़ कैसे? हां। एलुलर वेंटिलेशन तो कम ही होगा। ठीक ठीक है। ओ ओ थैंक यू। थैंक यू मैंने। तो गलत मैंने कहा ऐसे कैसे? उत्तर ही नहीं मिल रहा है हमारा। उत्तर ही नहीं मिल रहा है। ओ ऑप्शन तो है ही पर पहले को मैंने राइट की जगह पर रॉन्ग सिंबल गलत लगा दिया था मेरे भाई। ऐसी गलतियां आपसे भी हो सकती है एग्जाम के अंदर कि हां ये तो पता ही है कि एलुअर वेंट जो एक्चुअल एक्सचेंज है वो तो कम ही होगी। सबको पता है। चलो एक तो सही था। अब दोस्तों बात करते हैं कि भाई एक्शन पोटेंशियल है उस दौरान किस जगह पर कौन सी चैनल्स काम करती थी? हां ए इज़ राइट यस बिल्कुल एप्रोप्रियट। तो सबसे पहले
51:29 बच्चों यहां से लेकर यहां तक फ्रेशहोल्ड लेवल तक यहां से यहां तक कौन काम करती है? तो इस जगह तक काम करती है बच्चों लिगेंड गेटेड सोडियम सेल। कौन करती है? लिगेंड गेटेड सोडियम चैनल। उसके बाद जब डीपोलराइजेशन हो रहा हो उस दौरान कौन काम करती है? डीपोलराइजेशन करने के लिए। तो डीपोलराइजेशन के अंदर मेनली काम करती है वोल्टेज गेटेड सोडियम चैनल और थोड़ी बहुत वोल्टेज गेटेड पोटेशियम चैनल्स। सो वोल्टेजटेड पोटेशियम चैनल्स बिगेन टू ओपन एंड इस दौरान वोल्टेजटेड वोल्टेज सोडियम चैनल ओपन्स एंड वोल्टेज जो पोटेशियम चैनल्स हैं
52:17 यहां पर आ जाते ओपन होगी। यहां पर कौन काम कर रहा है? तो यहां मैं लिख देता हूं आपको। है ना? यहां पर लिख देते हैं वोल्टेज गेटेड सोडियम चैनल यहां पर प्लैट्यू तक पहुंचतेपहुंचते यहां पर आते-आते वोल्टेज गेटेड सोडियम चैनल तो क्लोज हो जाएगी। अब जो डीपोलराइजेशन फज़ है डीपोलराइजेशन फज़ है उस दौरान वोल्टेज गेटेड सोडियम चैनल तो बंद हो जाएगी। कुछ वोल्टेज गेटेड पोटेशियम चैनल यहां पर ओपन हो गई। पर कुछ लेट लतीफ भी होती है। जैसे कुछ लोग अभी आएंगे क्लास में अटेंड करने के लिए। लेट लतीफ वाले पोटेशियम चैनल है वह भी ओपन अप होगी। वोल्टेज गेटेड
53:05 पोटेशियम चैनल भी ओपन अप होगी। और उसकी वजह से सोडियम चैनल जो अंदर की तरफ मूव कर रहे थे, वह तो मूव करना बंद कर लेंगे और पोटेशियम आयंस बाहर की तरफ आएंगे। इस जगह तक आते-आते डीपोलेशन फज़ में यहां पर आते-आते वोल्टेज गेटेड पोटेंशियल चैनल तो क्लोज हो जाती है। एंड जो ऑलवेज ओपन पोटेंशियल नो डाउट वो तो ओपन रहेगी। फिर हाइपरपोलशियल फज़ और फिर वापस आपकी एक रेस्टिंग पोटेंशियल वाली कंडीशन देखने को
53:50 मिलेगी। ठीक है? सो लिगण्ड गेटेड सोडियम चैनल, वोल्टेज गेटेड सोडियम चैनल, वोल्टेज गेटेड सोडियम चैनल क्लोज, फास्ट पोटेशियम वोल्टेज गेटेड पोटेंशियल ओपन। यहां पर आते थे मतलब कंप्लीट सोडियम चैनल क्लोज इवन लेट वाले पोटेशियम चैनल आल्सो ओपन डीपोलराइजिंग फेस यहां पर आते-आते इवन वोल्टेज गेटेड पोटेशियम चैनल आल्सो क्लोज जो ऑलवेज ओपन वाली पोटेशियम चैनल ली चैनल वो भी ओपन होगी यहां पर हाइपर पोलराइजेशन के बाद यहां पर इवन सोडियम पोटेशियम पंप भी काम करता है एंड देन रेस्टिंग पोटेशियल इज़ मेंटेंड बाय ओपन पोटेशियम चैनल यू नो यस
54:35 चलो चलो आगे बात करते हैं। अब यहां पर क्वेश्चन में क्या पूछा है? द डिसेंडिंग फज़। डिसेंडिंग फज़ का मतलब इस फज़ के बारे में बात की गई। डिसेंडिंग फज़। डिसेंडिंग फज़ का मतलब इस फज़ के बारे में बात की गई। इस फज़ के बारे में बात की गई। यहां इस फज़ के बारे में बात की गई। इस फज़ यहां के बारे में बात की गई। यहां के बारे में। द डिसेंडिंग फेस ऑफ न एक्शन पोटेंशियल इज कॉज्ड बाय द डिलेड ओपनिंग ऑफ वोल्टेज गेटेड पोटेशियम आयन चैनल हां बिल्कुल सही बात लग रही है द रैपिड ओपनिंग ऑफ नहीं सोडियम चैनल की ओपन अप होगी भाई क्लोजिंग ऑफ वोल्टेज गेटेड सोडियम आयन चैनल हां ये बात बिलकुल सही है। ली पोटेशियम आयन चैनल
55:22 नहीं वो तो बाद में यहां पर कहीं पर काम कर सकती है। यहां पर उनका कोई रोल नहीं है। तो आंसर क्या होना चाहिए? ए एंड सी एप्रोप्रियट आंसर लग रहा है। परफेक्ट परफेक्ट कुछ लोग बी और डी कह रहे हैं। ओ भाई कि डिसेंडिंग फेज में वोल्टेज है। ये तो बी वाला तो यहां काम करेगा भाई। बी वाला तो यहां काम करेगा। बी वाला बी वाला तो ऑप्शन यहां काम करेगा और डी वाला ऑप्शन यहां पर कहीं पर इस जगह पर इस जगह के बाद काम करेगा। क्या बात कर रहे हो भाई? यहां पर ऑप्शन काम करेगा। ए वाला ऑप्शन
56:08 काम करेगा और सी वाला ऑप्शन काम करेगा। चलो अब दोस्तों एक और कांसेप्ट के बारे में पढ़ते हैं। ग्राफ को वापस वर्षा देखो भाई ग्राफ में ये वाली बातें हैं कि भ थ्रेशहोल्ड पोटेंशियल तक पहुंचने के लिए लिगेंडगेटेड सोडियम चैनल उसके बाद थ्रेशहोल्ड पोटेंशियल अचीव होते ही वोल्टेज गेटेड सोडियम चैनल यहां पर आते-आते इवन वोल्टेज पोटेशियम चैनल भी ओपन होती है। यहां पर आते-आते वोल्टेज सोडियम चैनल बंद हो जाती है। लेट एक्टिंग जो वोल्टेज गेटेड पोटेशियम चैनल है वो भी ओपन अप हो जाती है। यहां पर आते-आते जो वोल्टेज गेटेड पोटेश सोडियम चैनल तो क्लोज हो ही चुकी थी। यहां पर आते-आते पोटेशियम चैनल भी क्लोज हो जाएगी। फिर उसके बाद डी हाइपर पोलराइजेशन एंड देन अगेन रेस्टिंग कंडीशन
56:55 वुड बी मेंटेंड। ये बेटा डिफरेंट फसेस हैं। चलो आगे बात करते हैं। नाउ जो न्यूरोमस्कुलर जंक्शनंस हैं उनके बारे में पोटेंशियल के बारे में बात करते हैं। जो थ्रेशहोल्ड पोटेंशियल को अचीव करने में इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं। उससे रिलेटेड कुछ टर्म स्पेशली हम न्यूरोमस्कुलर के लिए बारे में बात कर रहे हैं कि न्यूरॉन मोटर न्यूरॉन जब इंटक्ट कर रहा है मसल्स के साथ। तो वहां पर कुछ एक टर्म इस्तेमाल की जाती है। एक टर्म इस्तेमाल की जाती है बच्चों मिनिएचर एंड प्लेट पोटेंशियल। बहुत एक क्वांटा एस्टल कोन सामने रिसेप्टर के साथ बाइंड हो और उससे जो मेंब्रेन पोटेंशियल में जो नग्नीय सा बदलाव आए उसे कहा जाता है मिनिएचर एंड
57:41 पोटेंशियल। तो मिनिएचर एंड एंड प्लेट पोटेंशियल क्या है? स्मॉल स्पॉनटेनियस डीपोलराइजेशन मसल्स के अंदर एक सिंगल एसिड कोलिन के कॉन्टा से जो कि आपके पास सफिशिएंट नहीं है एक्शन पोटेंशियल जनरेट कराने के लिए मसल कॉन्ट्रक्शन कराने के लिए इस हर एक जो मिनिएचर एंड प्लेट पोटेंशियल है उसका मैग्नीट्यूड होता है लगभग 4 मिली वोल्ट पर क्योंकि इनका सबमिशन होता है एक एसिल कोलीन एक-एक बूंद बूंद बूंद बूंद बूंद बूंद से गड़ा भरता है ऐसी खूब जगहों से जब एसिल कोलिन मिलेगी तो हमारे पास क्या जनरेट होगा? एंड प्लेट पोटेंशियल। सो मल्टीपल जगहों से एसिल कोलिंस बाइंड हुआ। सब जगह से जो मेंब्रेन पोटेंशियल में जो
58:27 बदलाव आया वो एडिटिव इफेक्ट की तरह काम किया। एक सफिशिएंट थ्रेशहोल्डर लेवल को उसने क्रॉस किया। जिससे आगे मसल कॉन्ट्रैक्ट होगी। तो उस पोटेंशियल को क्या कहा हमने? एंड प्लेट पोटेंशियल डीपोलराइजिंग पोटेंशियल इन स्केलेटल मसल्स फ्रॉम एसिटाइल कोलिन एट न्यूरोमस्कुलर जंक्शन जिसकी वजह से एक्शन पोटेंशियल जनरेट होगा अगर थ्रेशहोल्ड को अचीव किया गया है तो देन इनबिटरी जंक्शन पोटेंशियल इनबिटरी नाम से बदल रहा है यहां पर डीपोलराइजेशन नहीं होगा बल्कि हाइपर पोलराइजेशन होगा सो इट इज एन हाइपर पोलर पोलराइजिंग पोटेंशियल। मेनली देखने को मिलता है स्मूथ मसल्स कार्डियक मसल्स में
59:13 फ्रॉम इनबिटरी न्यूरोट ट्रांसमिटर्स लाइक नाइट्रिक ऑक्साइड जिसकी वजह से स्मूथ मसल्स या कार्डियक मसल्स के कॉन्ट्रक्शन की चांसेस को कम किया जाता है। ठीक है? ठीक है? तो ये देखो इस डायग्राम में बता रखा है कि ये देखो आपके पास मोटर न्यूरॉन्स इंटक्ट कर रही है। मोटर न्यूरॉन्स यहां पर एसिल पोलिन का सिकक्रेशन कर रही है। और सिंगल एसिल पोलिन सिंगल क्वांट को पोलिन से जो प्रोड्यूस होगा मिनिएचर एंड प्लेट होगा। सबका सबमिशन होकर हो सकता है एक थ्रेशहोल्ड लेवल तक पोटेंशियल में फॉल आया। डीपोलराइजेशन हुआ जिससे एक्शन पोटेंशियल जनरेट होगा। टी ट्युबल में वो प्रोपगेट करेगा। कैल्शियम का लेवल बढ़ेगा। आगे की कहानी पूरी आपको पता है। खैर अब इससे क्या क्वेश्चन आया था? अच्छा ये क्वेश्चन आया था। इससे क्या क्वेश्चन आया था? तो ये क्वेश्चन आया था।
1:00:04 चलो बताओ। व्हिच वन ऑफ द फॉलोइंग इज जनरेटेड इन स्केलेटल मसल सेल्स बाय सिंगल क्वांटा ऑफ एसिटल कोलन रिलीज़ फ्रॉम द मोटर नर्व टर्मिनल्स। ये तो नाम से सिंगल कोट कोटा उसी से समझ में आ गया कि ये तो आंसर क्या होगा। चलो यस दिस इज़ मिनिएचर एंड प्लेट पोटेंशियल। इनबिटरी पोस्ट सिनेप्टिक पोटेंशियल तो बेसिकली न्यूरॉन टू न्यूरॉर सिग्नलिंग में आप पढ़ते हैं ग्लाइसिन वाला, गाबा वाला। इनबिबिबिटरी जंक्शन पोटेंशियल मैं बता ही चुका हूं भाई। नाइट्रिक ऑक्साइड वाला एंड प्लेट पोटेंशियल तब आएगा जब आपके पास
1:00:50 सबमिशन होकर एक थ्रेशहोल्ड लेवल जो अचीव किया जा रहा है उसको हमने एंड प्लेट कहा। चलो आगे की बात करते हैं। दोस्तों अब बात करते हैं हम मसल स्पिंडल्स के बारे में। है ना? जिसके अंदर मसल्स कॉन्ट्रैक्ट कराया जा सकता है। अब मसल स्पिंडल्स के बारे में। ये सेंट्रल बॉडी है। ये डेपिंग एंड है। उसके बारे में मसल स्पिंडल्स के बारे में बात करते हैं। है ना? तो यहां पर बाहर की तरफ जो फाइबर्स हैं उन्हें एक्स्ट्रा फ्यूजियल फाइबर्स कहा जाता है। और ये जो ये बता रखा है वो इंट्राफ्यूजियल फाइबर्स हैं। है ना? डायग्राम में बता रखे होंगे। तो आप देख सकते हैं कि यहां पर आपके पास ये क्या है? तो दीज़ आर एक्स्ट्राफ्यूजियल फाइबर्स। दिस इज़ एन इंट्राफ्यूजियल फाइबर्स। आप देखेंगे कि यहां पर गामा मोटर न्यूरॉन्स किनारों पर लग रहे हैं इंट्राफ्यूजियल फाइबर्स पर।
1:01:37 ग्रुप वन ए और ग्रुप टू एफेंट जो आपके पास फाइबर्स हैं वो यहां पर लग रहे हैं। जो अल्फा मोटर न्यूरॉन्स है वो एक्स्ट्रा फ्यूजल के ऊपर आकर लग रहे हैं। दीज़ आर डिफरेंट काइंड ऑफ यू कैन से सोमेटिक नर्व्स व्हिच आर जो स्पिंडल फाइबर के अंदर या मसल स्पिंडल के अंदर जगह-जगह पर आकर इंट्रेड कर रहे हैं। ठीक है? तो मसल स्पिंडल के बारे में पढ़ते हैं। तो मसल स्पिंडल स्ट्रेच रिफ्लेक्सेस को कराता है। और स्ट्रेच रिफ्लेक्सेस कब होती है? जब मसल्स को अपस्ट्रेच करते हैं। टू इंपॉर्टेंट फाइबर्स। वन इज़ रेफर्ड टू एस एक्स्ट्रा फ्यूजियल फाइबर्स। जो लार्ज है। सिलड्रिकल मसल फाइबर्स हैं आउटसाइड द
1:02:22 स्पिंडल। तो स्पिंडल यहां पर है। इसके बाहर यहां पर कहीं पर है। यह फुल्ली कॉन्ट्रैक्टाइल है। और इनके ऊपर कोई कैप्सूल कोटिंग नहीं होती। जबकि इंट्राफिजल के ऊपर एक्स कैप्सूल की यानी एक कोटिंग कैप्सूल लेयर देखने को मिलेगी आपको। दे जनरेट मसल फोर्स बेसिकली फॉर अ मूवमेंट। यहां पर अल्फा मोटर न्यूरॉन्स जो 12 से 20 माइक्रो मीटर डायमीटर के हैं वह इंटरविननेट करते हैं और कॉन्ट्रक्शन को स्टिमुलेट करते हैं। इंट्राफेशियल फाइबर्स आर स्पेशलाइज्ड मसल फाइबर्स विद इन अ कनेक्टिव टिश्यू कैप्सूल। तो मैं बता ही चुका हूं कि कनेक्टिव टिश्यूज़ का एक कैप्सूल या लेयर होगी।
1:03:10 कॉन्ट्रैक्टाइल रीजन एट फाइबर एंड्स। तो फाइबर के एंड्स हैं वहां पर कॉन्ट्रैक्टाइल है और सेंट्रल वाला नॉन कॉन्ट्रैक्टाइल है। तो ये जो एंड्स हैं ये कैसे इधर वाला एंड और इधर वाला एंड कैसा है? कॉन्ट्रैक्टाइल। बीच वाला रीजन कैसा है? नॉन कॉन्ट्रैक्टाइल। मसल्स की लेंथ में जो फर्क आते हैं वह या रेट ऑफ स्ट्रेच है उसको यह सेंस करता है। इसका मसल कॉन्ट्रक्शन फोर्स में कोई रोल नहीं है। मसल कॉन्ट्रक्शन के अंदर या मसल मूवमेंट में इंपॉर्टेंट रोल एक्स्ट्रा फ्यूजियल फाइबर्स करते हैं। प्राइमरी जो एफ्रेंट आपके पास न्यूरॉन्स हैं वह स्ट्रेच को या स्टैटिक लेंथ को और उसके को सेंस करते हैं
1:03:57 एंड सेंसरी इंफॉर्मेशन वो भेजते हैं सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर। ग्रुप वन या ग्रुप टू एफेंट व स्टैटिक लेंथ को। तो ग्रुप टू वाले स्टैटिक लेंथ को पता कर रहे हैं। डायनेमिक स्ट्रेच और स्टैटिक लेंथ को वन ए वाले भी पता कर रहे हैं। गामा मोटर न्यूरॉन्स हैं वह इंटरविननेट करते हैं एट द एंड ऑफ इंट्राफल मसल्स। ये सारी बातें मैं पहले डायग्राम में पहले ही बता चुका हूं। ये देखो भाई वन वाला है। ये टू वाला है। ये गामा है। इधर तरफ ये अल्फा है। ये एक्स्ट्राफ्यूजियल है। ये इंफ्राफ्यूजियल है। बाद में कनेक्टिव टिश्यूज़ की कोटिंग है। सेंट्रल वाला रीजन नॉन कॉन्ट्रैक्ट रीजन कॉन्ट्रैक्टाइल है। मसल्स जब स्ट्रेच होती है तो ये रिसोंड करता है। ताकि जो नर्वस सिस्टम इंटरवेन कर पाए। मसल्स टियरिंग ना हो, डैमेज ना हो,
1:04:45 खराबी ना हो। तो यह सारी बातें अगर ध्यान से देखिए तो इस पर भी क्वेश्चन आया। क्या बात है। गुड आफ्टरनून बच्चों। गुड आफ्टरनून। क्या कहा गया है? द मसल स्पिंडल्स आर द स्ट्रेच रिसेप्टर्स दैट इनिशिएट स्ट्रेच रिफ्लेक्स इन स्केलेटल मसल्स। द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स बताई गई हैं फॉर स्ट्रक्चरल एंड फंक्शनल कररेक्टरिस्टिक्स ऑफ डिफरेंट कंपोनेंट ऑफ मसल स्पिंडल। कहा गया द स्पेशलाइज्ड इंट्राफ्यूजल फाइबर इन मसल स्पिंडल हैव नॉन कॉन्ट्रक्टाइल
1:05:31 पोलार एंड नहीं पोलर एंड कॉन्ट्रैक्टाइल होते हैं। ये बात गलत हो गई क्योंकि आपको पता है ना ऐसे जो एंड है वह या ये कॉन्ट्रैक्टाइल ये ऊपर नीचे हो सकते हैं। ये बात गलत हो गई। ए गलत हो गया भाई। ए गलत हो गया। द इंट्राफ्यूज़ल फाइबर्स डू नॉट कंट्रीब्यूट टू ओवरऑल कॉन्ट्रक्शन फ़ोर्स ऑफ़ द मसल। हां, वो एक्स्ट्रा फ्यूज़ करते हैं। बिल्कुल सही बात है। द प्राइमरी सेंसरी एंडिंग इन अ मसल फाइबर इज़ फाउंड बाय ग्रुप वन एफेंट फाइबर। बिल्कुल सही है। द एग्जोन ऑफ़ अल्फा मोटर न्यूरॉन्स हैविंग डायमीटर ऑफ़ दिस मच। इंटरवन द मसल फाइबर इंटरमिनेट द मसल स्पिंडल। नो दे डू नॉट इंटरमिनेट द मसल स्पिंडल। दे आर इन एक्स्ट्राफ्यूजल फाइबर्स नॉट इन इंट्राफ्यूजल फाइबर्स। तो
1:06:18 सही आंसर क्या हो गया? ऑप्शन सेकंड हो गया। बी एंड सी हो गया। ओ हो लोगों को सी और डी भी लग रहा है। अरे भाई अल्फा मोटर न्यूरॉन्स मसल स्पिंडल के अंदर इंटरवेट कर रहे हैं। एग्जोन कहां इंटरवेट कर रहे हैं भाई? वो तो यहां पर है। इस जगह पर इंटरवेंट कहां कर रहे हैं? वो तो यहां पर है भाई। यहां पर कहां कर रहे हैं? यहां कहां कर रहे हैं? यहां पर कहां पर कर रहे हैं भाई? क्या कह रहे हो भाई साहब? चलो अब बात करते हैं थोड़ी सी कहानी। हम रेनी एंजियोटेंसिन एल्डोस्टेरोन सिस्टम के बारे में जो कि एक बहुत इंपॉर्टेंट सिस्टम है। आपको पता है
1:07:07 आपका प्यारा मेरा प्यारा लीवर प्रोड्यूस करता है एंजियो टेंसिनोजन। क्या प्रोड्यूस करता है? एंजियो टेंसिनोजन। हमारी प्यारी किडनी प्रोड्यूस करती है रेनिन। और एंजियोटेंसिनोजन के ऊपर रेनिन की कृपा की वजह से हमारे पास क्या बनता है? एंजियोटेंसिन वन। अब लंग्स की सतह के ऊपर प्रोड्यूस किया जाता है एक एंजियोटेंसिनोजन या एंजोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम सरफेस ऑफ पल्मोनरी लंग्स के ऊपर और रनल एंडोथलियम पर पाया जाता है एस जो
1:07:55 एंजियोटेंसिन को कन्वर्ट करता है इनू एन एंजोटेंसिन टू अब यह एंजियोटेंसिन टू का काम क्या है? यह ध्यान से देखिएगा। एंजोटेंसिन टू जो कि एक्टिव फॉर्म में आते ही एक तो सिंपैथेटिक एक्टिविटी बढ़ाएगा जिसका हार्ट के ऊपर असर। हार्ट बीट बढ़ जाएगी। लंग्स थोड़े डलेट होंगे। ट्यूबुलर सोडियम क्लोराइड का रिअजॉर्प्शन ज्यादा होगा। ज्यादा सोडियम क्लोराइड का रिअजॉर्प्शन हो। और पोटेशियम का क्या हुआ? एक्सक्रीशन कि भाई सोडियम क्लोराइड आ
1:08:41 पोटेशियम जा। सोडियम क्लोराइड आ तो पानी आ जान NaCl वहां पानी। NaCl और पानी का तो गहरा संबंध है। तो NaCl आ पोटेशियम जा। एंजोटेंसिन आल्सो एक्टिवेट एड्रिनल कॉेक्स और एड्रिल कॉेक्स प्रोड्यूस करता है एल्डोस्टेरोन और एल्डोस्टेरोन को भी नेफ्रॉन पर जाकर कहता है NaCl आ पानी आ एंजियोटेंसिनोजन है वह आर्ट्रियल वैसो कॉन्स्टिट्यूशन पर भी काम करता है ताकि ब्लड प्रेशर बढ़ाया जा सके। यानी ये सारी चीजें तब हो रही है जब ब्लड
1:09:27 वॉल्यूम कम हो रहा है। उस दौरान ये सारी चीजें गिरेंगे। NaCl बढ़ाओ, वाटर को अंदर लाओ, कॉनस्ट्रक्ट करो, आर्ट्रियस आर्टरीज को ब्लड प्रेशर ताकि बढ़े। पिटएटरी को भी स्टिमुलेट कहता है जो एडीएच का सिक्रेशन करेगा। एंटीडटिक हार्मोन का ताकि कलेक्टिंग डेप्थ पर एक्वापरंस ज्यादा से ज्यादा वाटर का रिअजॉर्ब एंड वैसोप्रेसिन की सिग्नलिंग के थ्रू भी पानी आ तो ये सारी चीजें कब हो रही है? कब हो रही है? ये रेनिन एंजोटेंसिन एल्डोस्टेरोन सिस्टम कब एक्ट कर रहा है? जब आप पानी पी नहीं रहे हैं, ब्लड वॉल्यूम
1:10:14 घट गया है, ब्लड या आपका ब्लड प्रेशर घट चुका है। उस दौरान एंजोटेंसिन कन्वर्ट हुआ एंजियोटेंसिन टू में बाय एंजोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम। सिंपैथेटिक सिस्टम को बढ़ाया गया। सोडियम क्लोराइड का रिअ्सॉर्प्शन ज्यादा कराया। पोटेशियम को एक्सक्रीट किया गया। एल्डोस्टीरियन का सिकक्रेशन कराया गया। जो भी सोडियम क्लोराइड का रिअजॉर्प्शन कराएगा ताकि वाटर का रिअजॉर्प्शन होगा। न्यूरो हाइपोफाइसिस से एंटीडरटिक हार्मोन का रिलीज कराया गया। वैसोप्रेसिन का रिलीज कराया गया जो कि वापस स्पेशली कलेक्टिंग डक्ट पर जाकर कार्य करेगा ताकि पानी आ अप ताकि वॉल्यूम बड़े बड़े-बड़े ब्लड प्रेशर ठीक हो। ठीक हो ठीक
1:11:01 हो। ठीक है? चलो तो यह कहानी वैसे ही प्रांजु सर ने आपको रटवा दी होगी। मुझे पूरा यकीन है। वो इतने मस्त ढंग से इसको पढ़ाते हैं। अब यहां पर एक प्रश्न लिखा गया है। एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम कन्वर्ट एंजियोटेंसिन वन टू एंजियोटेंसिन टू। अगर आपने एंजियोटेंसिन के इनबिटर को दे दिया तो गड़बड़ हो जाएगी। नहीं देने चाहिए उस पर्सन को जिसके पास सीवियर ब्लड लॉस हुआ है। है ना? पहले ब्लड का लॉस हो गया और उसको आपने एंजियोटेंसिन का इनबिटर दे दिया। एसी का इनबिटर दे दिया
1:11:49 तो क्या होगा? अगर दे दिया तो क्या होगा? एस इनबिटर दे दिया तो एएस इनबिटर दे दिया तो फिर एनजीओ टेंसिन टू प्रोड्यूस नहीं होगा और एंजोटेंसिन टू प्रोड्यूस नहीं होगा तो NaCl आ नहीं होगा पानी आ नहीं होगा पोटेशियम जा नहीं होगा वो सारी चीजें नहीं होगी दीज़ विल इंक्रीस रिनल ट्युबुलर एक्सक्रीशन नहीं जा होगा ही नहीं दिस विल विल रिलैक्स स्मूथ मसल्स इन द आर्टरीज। हां,
1:12:36 कॉनस्ट्रेंट की हो जाए रिलैक्स हो सकता है। हां, दिस विल रिड्यूस एल्डोस्टेरोन सिकक्रेशन एंड देयर बाय प्रिवेंट वाटर रिटेंशन। हां, लग तो रहा है। दिस विल डिक्रीज रिनल ट्युबल एंड वाटर एक्सकशन। नहीं नहीं दिस विल डिक्रीज रिनल ट्युबुलर NaCl एंड वाटर एक्सक्रीशन वाटर एक्सक्रीशन को डिक्रीज नहीं करेगा वाटर रिअजॉर्प्शन को करेगा देखो भाई ये देखो एक तो एल्डोस्टेरोन का सिकक्रेशन नहीं होगा आर्ट्रियोल का
1:13:22 वैसोस्ट नहीं होगा और पानी का अबजॉर्प्शन नहीं होगा। यहां पर पानी के अब्जॉर्प्शन की बात नहीं की गई। यहां पर पानी के एक्सकशन की बात की गई है। एक्सक्रीशन की बात की गई है। पानी का एक्सक्रीशन तो होगा ही होगा। लॉस तो होगा ही होगा। तो पानी आ नहीं होगा। पानी जा तो होगा। तो पानी आ नहीं होगा। NaCl आ नहीं होगा। पोटेशियम जा नहीं होगा। जो आपके पास एलुलाई है उनका कॉनस्ट्रिक्शन नहीं होगा। एंडोस्टेरोन का सिकक्रेशन नहीं होगा। एंटीडिक हार्मोन का भी सिकक्रेशन नहीं होगा। वो सारी चीजें नहीं होगी। ठीक है अमृता जी? तो क्या-क्या नहीं होगी? अगर एंजियोटेंसिन टेंसिन टू नहीं प्रोड्यूस हुआ तो
1:14:09 सिंपैथेटिक एक्टिविटी नहीं होगी। ट्युबुलर NaCl का रिअजॉर्प्शन नहीं होगा। एनल कॉेक्स एल्डोसिलोन का सिकक्रेशन नहीं होगा। जिसकी वजह से NaCl का रिअजॉर्प्शन नहीं होगा। वाटर का रिअजॉर्प्शन नहीं होगा। आर्ट्रिय का वैसो कॉन्स्टंट्यूशन नहीं होगा। यानी ब्लड प्रेशर जो बढ़ना था वो नहीं बढ़ेगा। उल्टा घट जाएगा। पिट्यूएट्री है वो एंटीडक्टिक हार्मोन का सिकक्रशन नहीं करेगा। यानी वाटर का रिअजॉर्प्शन नहीं होगा। तो अब क्या होगा? सब चीजें उल्टी हो जाएगी। उल्टी उल्टी चीजें हो जाएगी। ठीक है? चलो दोस्तों अब हम बात कर रहे हैं भाई प्रिंसिपल सेल्स। जो कि एल्डोस्टेरोन की प्रेजेंस में एनिसिल को कहता है आ पानी को भी कहता है आ
1:14:55 तो उसी प्रिंसिपल सेल्स की बात करते हैं। प्रिंसिपल सेल इज़ मेनली कलेक्टिंग डक्ट का प्रिंसिपल सेल या डिस्टिल ट्युब्यूल और कलेक्टिंग डक्ट का जो प्रिंसिपल सेल है इट इज़ मेनली इनवॉल्वड इन रिअब्सॉर्प्शन ऑफ़ NaCl एंड पोटेशियम। कहां पाया जाता है? डिस्टिल ट्युब्यूल और कलेक्टिंग डक्ट में। यह एल्डोस्टेरोन जाकर काम करेगा। प्रिंसिपल सेल पर और प्रिंसिपल साहब कहेंगे NaCl आ और पानी आ कहांहां से आ ट्युबुलर ल्यूमन से ब्लड की तरफ ऐसा कैसे करता है तो दोस्तों जो बेसोलटरल सरफेस है वहां पर सोडियम पोटेशियम पंप को बढ़ा देता है ना जो ब्लड
1:15:42 की तरफ वाली सतह है उसे हम बेसोलेटरल कहेंगे बेसो तो और इसे हम कहेंगे एपिकल फेस कहेंगे। इसे क्या कहेंगे? जहां पर ट्यूब जहां से फ्लूइड जा रहा है और हमें रिअ्सॉर्ब करना है यहां पर ब्लड के अंदर लेकर आना है। तो इसे बेसोलेटरल सरफेस कहा जाता है। तो ये क्या करता है? सोडियम पोटेशियम पंप की अमाउंट को बढ़ा देता है यहां पर। और सोडियम क्लोरीन एक्सचेंजर की अमाउंट बढ़ा देता है यहां पर एपिकल सरफेस के ऊपर। तो व्हाट इट डू इज़ कि इंक्रीसेस सोडियम पोटेशियम एटीपीएस एज बेसोलेटरल मेंब्रेन। इंक्रीसेस सोडियम चैनल्स सोडियम चैनल्स एट एपिकल मेंब्रेन इट एलिवेट्स सीरम एंड ग्लूकोकॉर्टिकॉइड रेगुलेटेड काइनेज़ जो कि वापस
1:16:31 सोडियम चैनल के एक्सप्रेशन को बढ़ाता है। इट इंक्रीसेस चैनल एक्टिवेटिंग एंजाइम्स। चैनल एक्टिवेटिंग एंजाइम्स आल्सो रेफर टू एज प्रोस्टेटिन व्हिच इज अगेन प्रेजेंट ऑन एपिकल सरफेस। बेसिकली यह प्रोस्टेटिन एक सिरीन प्रोटिज़ है व्हिच आल्सो एक्टिवेट अ सोडियम चैनल। तो हो क्या रहा है भैया? इधर की तरफ सोडियम पोटेशियम पंप का बड़ा भाग दिया जा रहा है। जिससे सोडियम अंदर आएगा। देखो सोडियम को पहले यहां से लो और सोडियम को ब्लड विल पोटेशियम को यहां से लो और पोटेशियम को बाहर एक्सक्रीट कर दो। बाहर में जा पोटेशियम जा सोडियम आ आप देख रहे हैं कि
1:17:19 देयर आर सोडियम चैनल्स ऑन एपिकल सरफेस। देयर इज अ पोटेशियम क्लोरीन चैनल ऑन द एपिकल सरफेस कि पोटेशियम जाकर को देखो पोटेशियम यहां से आया पोटेशियम यहां पर आया बच्चों यहां से यहां पर आया यहां से यहां पर बाहर चला गया एपिकल सरफेस पर जो सोडियम चैनल है वहां से सोडियम यहां पर आया और सोडियम यहां पर हमारे ब्लड के पास पहुंच गया तो सोडियम ब्लड तक पहुंचना चाहिए पोटेशियम बाहर की तरफ एक्सक्रीट होना चाहिए सोडियम चेवल चैनल का ले अम अमाउंट बढ़नी चाहिए और सोडियम पोटेशियम पंप की अमाउंट भी बढ़नी चाहिए। ऑब्वियसली इस ट्रांसपोर्टर की अमाउंट भी बढ़नी चाहिए। स्पेशली ये और ये एल्डोस्टेरोन के कंट्रोल में है। एल्डोसिरोन उसके अलावा आप देखेंगे कैप की
1:18:05 एक्टिविटी भी को भी बढ़ाता है और वह एसजीK1 दैट इज़ सीरम ग्लूकोकॉर्टिकल रेगुलेटेड काइनेज़ की एक्टिविटी को भी बढ़ाता है जिससे सोडियम सेल की अमाउंट बढ़े। दोस्तों एल्डोस्टेरोन कब प्रोड्यूस होता है? हाइपरकलेमिया पोटेशियम आयन ज्यादा हो जाए तब हाइपोवलीमिया अभी पढ़ा था जब ब्लड वॉल्यूम कम हो जाए तो वही हमारा रेनिन एंजोटेंसिन सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है। कब डिक्रीज हो जाता है एल्डोस? हाइपोकलेमिया की पोटेशियम कम हो गया तो नेट्रियरटिक पेप्टाइड एट्रियल नेट्रयरेटिक पेप्टाइड्स हैं वह एल्डोस्टेरोन के सिकक्रेशन को कम कराते हैं। ठीक है? यहां तक बात समझ में आई?
1:18:51 कि भाई एल्डोस्टेरोन प्रिंसिपल से आपको क्या कहते हैं? सोडियम पोटेशियम पंप को बेसोलिटल सरफेस पर बढ़ाओ। सोडियम चैनल को यहां पर बढ़ाओ। सोडियम चैनल के एक्सप्रेशन के लिए एक्टिवेट करो काइनेजिस को। कौन से कनेजिस को? एचजीके को। उसके अलावा सीरीन प्रोटीन है उस उसको एक्टिवेट करो ताकि सोडियम चैनल को एक्टिवेट कराया जा सके। एसी सर को एपिकल साइड पर अच्छा रखो भाई मुझे एपिकल सरफेस पे रखो
1:19:41 व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज़ नॉट ट्रू फॉर इफेक्ट ऑफ एल्डोसिरोन ऑन प्रिंसिपल सेल ऑफ डिस्टिल टुब्यूल एंड द कलेक्टिंग डक्ट टू इंक्रीस द रिअ्सॉर्प्शन सोडियम कि क्या कथन सही नहीं है? कौन सा नेशनल पार्क है? कहां नेशनल पार्क है? जोधपुर नेशनल पार्क स्टिमुलेशन ऑफ कैप वन लाइट। ठीक है? डिक्रीज इन सीरम इंक्रीज इन दिस
1:20:27 इंक्रीज इन दिस। चलो सेकंड है ना डिक्रीज नहीं होगा। इंक्रीस होगा। सर 11 मेंबरशिप नहीं ट्रांसफर हो रहा। कोई बात नहीं पीडीएफ 159 से मिलता भी नहीं है ना। अच्छा हुआ तुम्हारा ट्रांसफर नहीं हो रहा है। उस भरोसे में अगर पीडीएफ पीडीएफ के लिए आपको कोई पैसा नहीं देना है। पीडीएफ आपको आईएफएस ऐप पर सीधा फ्री में मिल रहा है। बेटा ये मेंबरशिप पीडीएफ के लिए नहीं है। मेंबरशिप तो सिर्फ और सिर्फ हमें एज अ वोट ऑफ थैंक्स है। और गोल्ड मेंबरशिप पुराने वीडियोस को देखने के लिए है ना? वो पीडीएफ देने के लिए नहीं है। अब बात करते हैं ऑस्मोटिक डायरेसिस।
1:21:14 जैसे आप बहुत ज्यादा मेनिटोल बहुत ज्यादा ऑस्मोलाइट्स बहुत ज्यादा सॉल्यूट पी लो तो बहुत ज्यादा सुसू लगे और बार-बार आप पानी को लॉस करो तो दैट इज कॉल्ड एज ऑस्मोटिक डायरेसिस। क्या कहलाता है? ऑस्मोटिक डायरेसिस। ठीक है? अच्छा उसके 159 नहीं कटे नहीं तो और गालियां और देता है कि सर पीडीएफ मिला नहीं है। ये किसने कह दिया कि एक 159 में पीडीएफ मिलता है भाई। तो ऑस्मोटिक डायरेसिस इज़ इंक्रीज्ड यूरिन वॉल्यूम ड्यू टू
1:22:00 एक्सेसिव सॉल्यूट्स इन अ रिनल टिब्यूल्स। जिसकी वजह से वाटर रिअजॉर्ब नहीं हो पाता है। ये रिनल टुब्यूल के अंदर इतना ज्यादा सॉल्यूट है कि पानी अंदर वापस रिअ्सॉर्ब ही नहीं हो रहा है। जैसे आपने बहुत ज्यादा मेनिटोल खा लिया हो, बहुत ज्यादा कोई ऑस्मोलाइट ले लिया हो तो। दोस्तों स्पेशली प्रॉक्सिमल टुब्यूल के अंदर और जो डिसेंडिंग लूप ऑफ हेनले है प्रॉक्सिमल टुब्यूल और डिसेंडिंग लूप ऑफ ऑफ वहां पर अगर आपने बहुत ज्यादा सॉल्यूट लिए तो सॉल्यूट भी यहां पर ज्यादा आएंगे अंदर ट्यूब के अंदर और सॉल्यूट अंदर की तरफ ज्यादा है तो वाटर बाहर की तरफ यहां से और यहां से नहीं आएगा ना तो प्रॉक्सिमल कोटेड
1:22:47 टिब्यूल से वाटर बाहर आ पाएगा ना ही डिसेंडिंग लूप ऑफ हेनले से वाटर बाहर आ पाएगा। हम तो बाहर नहीं जाएंगे। अंदर सॉल्यूट ज्यादा है क्योंकि हमेशा वाटर हाइपरटॉनिक कंडीशन की तरफ जाएगा। अंदर पहले से ही हाइपरटॉनिक है तो वाटर बाहर काहे को जाएगा? वाटर बाहर नहीं जाएगा। इवन कलेक्टिंग डक्ट के अंदर भी ये स्थिति बाहर पानी नहीं जाएगा क्योंकि अंदर सॉल्यूट ज्यादा है। अंदर हाइपरटॉनिक कंडीशन है तो पानी बाहर नहीं जाएगा। मेजर यही साइड्स है ना कि भ एक तो पानी का रिअजॉर्प्शन यहां पर होता है। एक पानी का रिअजॉर्प्शन यहां यहां से यहां तक होता है। तो पानी बाहर जाने से मना कर
1:23:34 देगा कि हम तो नहीं जाएंगे। सो इससे यूरिन वॉल्यूम बढ़ जाएगा। वाटर का रिअजॉर्प्शन कम होगा। और इवन वाटर का रिअजॉर्प्शन नहीं होगा। सोडियम पोटेशियम का भी लॉस ज्यादा हो सकता है। इलेक्ट्रोलाइट डिसबैलेंस भी हो सकता है। इस कंडीशन को कहते हैं हम ऑस्मोटिक डायरेसिस। देखो क्या समझ में आया? अभी पता चल जाएगा। 2 लीटर पानी पिया तो चार बार जाना पड़ेगा। क्या राम जी राम पानी पीना अच्छी बात है सर लेकिन 24 घंटे में आप के हिसाब से कितना 4 से 6 लीटर मेरे हिसाब से उससे
1:24:20 ज्यादा भी नहीं कम 3 लीटर तक चलेगा। ढाई 3 लीटर तो कम से कम पीई पीओ पर 5 6 लीटर तो पीना चाहिए। ऐसा कहा जाता है। मेरा पीडीएफ नहीं मिल रहा है। मैं हम हे भगवान जयंती के साथ तो क्या गड़बड़ हो गई? दुनिया लूट रही है भाई। यूरिन वॉल्यूम इज इंक्रीज्ड इन ऑस्मोटिक डायरेसिस व्हिच मे एक्सपेंटली प्रोड्यूस बाय इंट्रावनस एडोस्टेट ऑफ मेनिटोल। कि भाई मेनिटोल दे के इंजेक्शन टिका दिया आपको तो वह फिल्टर होकर ग्लोमेरुस से रिनल ट्युब्यूल में चला गया और रिनल ट्युब्यूल से वो रिअ्सॉर्ब नहीं हो रहा है। तो क्या-क्या बातें सही है?
1:25:11 हां। ठीक है ना? आकाश का हरा दे घंटी को तो इट्स ओके। परफेक्टली फाइन बेटा। नो इशू। इन द प्रोगिमल ट्युब्यूल वाटर रिअजॉर्प्शन फॉल ड्यू टू प्रेजेंस ऑफ मेनिटोल इन ट्युबुलर फ्लूइड एंड कंसीडर सोडियम इज़ डिक्रीज्ड इन द ठीक है इन द डिसेंडिंग लूप ऑफ हेनले रिअजॉर्प्शन ऑफ़ वाटर इज़ इंक्रीज्ड। ओ भाई ओ इंक्रीज्ड कैसे इनक्रीज होगा भाई? इन थिन असेंडिंग लूप ऑफ हेनले रिअर्शन सोडियम इज इंक्रीज्ड कैसे
1:25:56 पहली बात तो थिन वाला करता ही नहीं है बेचारा थिक वाला करता है इन द कलेक्टिंग डक्ट है ना इन द कलेक्टिंग डक्ट रिअ्सॉर्प्शन वाटर इज़ लेस बिकॉज़ द डिक्रीज ऑस्मोटिक ग्रेडियंट अलोंग द मेडलरी पिरामिड इन यस है ना अगर ध्यान से पढ़ो ना तो क्वेश्चन में ही उत्तर दे रखा है भाई। क्वेश्चन खुद कह रहा है कि इस परिस्थिति में पानी का रिअजॉर्प्शन कम होता है और सोडियम का रिअजॉर्प्शन कम होता है। तो वो वाले उत्तर ऑप्शन ढूंढ लो आंसर वैसे ही निकल जाएगा। वैसे ही आंसर निकल जाएगा। ऊपर क्वेश्चन में लिखा है कि यूरिन वॉल्यूम ऑस्मोटिक होता है। ऐसे करते हैं। तो यूरिन का वॉल्यूम इनक्रीस कैसे होगा? यह सोचना है
1:26:42 अपन को। यह क्वेश्चन में लिखा है यूरिन का वॉल्यूम इनक्रीज कराना है। ठीक है। चलो देन ओ हो एक और क्वेश्चन इस बार आया पनक्रियाटिक डक्ट सेल के ऊपर। क्या बात है। पनक्रिएटिक डक्टुलर सेल पर क्वेश्चन बना है। पनक्रिएटिक डक्टल सेल बेसिकली जो पनक्रिएटिक जूस है उसके पीएच को मेंटेन करने में इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है। उसके ऊपर कौन-कौन से ट्रांसपोर्टर्स होते हैं? उनको एक बार देख लेते हैं पनक्रियाटिक डक्टुलर सेल के ऊपर। तो बच्चों, उसकी एपिकल सरफेस पर है ना? उसकी एपिकल सरफेस के ऊपर
1:27:29 थोड़ा ज़ूम कर लेते हैं। है ना? ये वाली फेस आपकी एपिकल फेस हो गई। और जो ब्लड वाली साइड है, ब्लड वाली इस बार इधर की तरफ ब्लड ब्लड की तरफ वाली साइड हो गई। इसे हम बेसोलेटरल कह देते हैं। चलो ब्लड क्या कह देते हैं? बेसोलेटरल कह देते हैं। तो एपिकल फेस पर बच्चों मेनली पाए जाते हैं दो इंपॉर्टेंट ट्रांसपोर्टर्स। दो इंपॉर्टेंट ट्रांसपोर्टर्स कौन-कौन से? एक सोडियम प्रोटॉन एक्सचेंजर। सोडियम प्रोटॉन एक्सचेंजर वन पाया जाता है एपिकल सतह पर। जिससे HN बाहर की तरफ सोडियम अंदर की तरफ अनदर इज सिंपर सोडियम
1:28:17 बाइकार्बोनेट सिमोटर क्या पाया जा रहा है सोडियम बाई कार्बोनेट सोडियम बाइकार्बोनेट को ट्रांसपोर्टर जो किस तरीके का एग्जांपल है एक सिमपोटर का एग्जांपल है तो सोडियम जब अंदर आता है तो HN तो बाहर जाता है ताकि पीए को कम किया जा सके। बाइकार्बोनेट को अंदर लिया जाता है। पर बाइकार्बोनेट को अंदर लेने के लिए किसका इस्तेमाल किया जाता है? सोडियम का ग्रेडियंट। तो सोडियम बाइकार्बोनेट क्या है? सिंपल। और यहां पर ऑब्वियसली एपिकल फेस के ऊपर एक सोडियम पोटेशियम पंप और लगा हुआ है। क्या लगा हुआ है? सोडियम पोटेशियम पंप लगा हुआ है। तो H आयन को बाहर डालो। बाइकार्बोनेट आयन को अंदर लो। H आयन को
1:29:04 बाहर डालने के लिए भी सोडियम आयन को अंदर लिया जाता है और बाइकार्बोनेट को अंदर लेने के लिए भी सोडियम आयन का ग्रेडियंट इस्तेमाल किया जाता है। और सोडियम का ग्रेडियंट बनाता कौन है? सोडियम पोटेशियम पंप। बाहर सोडियम ज्यादा होंगे तो सोडियम अंदर आएंगे तो एच आयन बाहर जाएंगे। सोडियम अंदर आएंगे बाइकार्बोनेट बाहर जाएंगे। यह तो एपिकल सरफेस की बात हुई। बेसल सरफेस पर है बच्चों। आपके पास एक तो सीएफटीआर जो एबीसी ट्रांसपोर्टर फैमिली का मेंबर है। क्लोरीन चैनल है कि क्लोरीन बाहर क्लोरीन बाहर जा सकती है अगर अंदर ज्यादा है तो। दूसरा यहां पर है बच्चों
1:29:49 एक और एंटीपोटर जहां पर सीएफटीआर से क्लोरीन बाहर गई तो क्लोरीन अंदर की तरफ आएगी तो बाइकार्बोनेट बाहर की तरफ जा सकता है। अगर हम कहें एपिकल फेस की तरफ H आयन बाहर जा रहा है तो बेसल सरफेस पर बाइकार्बोनेट आयन बाहर की तरफ जा रहा है। एंड ऑन बेसटरल सरफेस यू कैन आल्सो फ़ाइंड अ कार्बोनिक एनहाइड्रेज़। क्या पाया जा सकता है? कार्बोनिक एनहाइड्रेज़ भी पाया जा सकता है। कार्बोनिक एनहाइड्रेस फास्टेस्ट टोन एंजाइम है जिसके बारे में आपको पता ही है कि कार्बन डाइऑक्साइड और वाटर से बाइकार्बोनेट आयन और बाइकार्बनेट प्लस H आयन से कार्बोनिक एसिड का निर्माण करता है। चलो।
1:30:37 सो कार्बोनिक एनहाइड्रेस एंड सीएफटीआर दे आर प्रेजेंट ऑन दिस एंड इवन देयर इज़ आल्सो अ क्लोरीन बकार्बोनेट एक्सचेंजर। ठीक है? ये बेसोलेटरल सरफेस पर हो गए जो कि एंटीपोटर है। ये सारे के सारे कहां हो गए? बेसल सरफेस पर। बहुत अच्छी बात। अब इसका आंसर दो। राम कौन सी क्लास पूरी अपलोड नहीं की है? क्लास तो पूरी अपलोड है। अगर आप एग्जाम मैपिंग की बात कर रहे हो तो नहीं सॉरी जेआरf एक्सप्रेस की बात कर रहे हो तो जो अपलोड है वो भी बहुत बड़ी बात है। वह और शॉर्ट हो जाएगी। वो तो ओनली
1:31:25 लाइव थी। गिवन बिलो आर फ्यू ट्रांसपोर्ट प्रोटीन प्रेजेंट ऑन मेंब्रेन ऑफ पनक्रिएटिक डक्ट सिस्टिक फाइब्रोसिस ट्रांस मेंब्रेन अच्छा क्या गया है व्हिच वन ऑफ़ द फॉलोइंग ऑप्शन रिप्रेजेंट द करेक्ट कॉम्बिनेशन ऑफ प्रोटीन लोग बेसोलेटरल मेंब्रेन यानी हमें इधर की तरफ बात करनी है इधर की तरफ बात करनी है इधर की तरफ बात करनी है इधर बेसोलेटरल मेंब्रेन की तरफ बात करनी है। ठीक है? यानी हमें इधर वाली बात करनी है। इस साइड वाली बात करनी है।
1:32:18 तो सिस्टिक फाइब्रोसिस सोडियम बाइकार्बोनेट को ट्रांसपोर्टर पोटेशियम चैनल फ्लोरीन बाइकार्बोनेट एक्सचेंजर ए और डी चार शाबाश ठीक है बच्चों तो आप मेंबरशिप जॉइ कर कर 1000 ऑल टाइम मेंबरशिप पहुंचा सकते हो आईfफS की अगर आप चाहे तो ओल्ड मेंबरशिप को लेकर आप पुराने वीडियोस कई सारे देख सकते हैं जेनेटिक्स की रिसेंट वाली क्लासेस देख सकते हैं आप इस इसको इस्तेमाल कर कर।
1:33:03 अब बच्चों बात करते हैं बाइल एसिड्स के बारे में। बाइल एसिड्स आपको पता है कोलेस्ट्रॉल से प्रोड्यूस होते हैं। बाइल एसिड्स की सिंथेसिस मेनली लीवर में होती है। प्राइमरी बाइल एसिड्स की। उनको स्टोरेज गॉल ब्लडर में किया जाता है। पर इंटेस्टाइनल बैक्टीरिया की वजह से प्राइमरी बाइल एसिड्स को कन्वर्ट किया जा सकता है सेकेंडरी बाइल एसिड्स में। बटरल्स मेनली इमल्सिफिकेशन ऑफ फैट्स कराते हैं। फैट्स को डिसएग्रगेट करते हैं ताकि लाइपेज उसके ऊपर बेहतर ढंग से बढ़िया ढंग से एक्ट कर पाए। सो दोस्तों प्राइमरी बाइल एसिड्स कहां से प्रोड्यूस होते हैं? कोलेस्ट्रॉल से और प्राइमरी बाइल कौन से हैं? सीसी कौन से
1:33:50 हैं? कोलिक एसिड। कोलिक एसिड एंड चिनो डीऑक्सीकोलिक एसिड है ना तो सीसी कोलिक एसिड एंड चिनो डीऑक्सीकोलिक एसिड ये क्या है प्राइमरी अब इंटेस्टाइनल बैक्टीरिया क्या करते हैं प्राइमरी बाइल एसिड को कन्वर्ट कर देते हैं सेकेंडरी बाइल एसिड्स में तो सीसी के ऊपर काम किया और हमारे पास बन गए है ना सीसी के ऊपर काम किया तो हमारे पास बन गए डल डुल डल कुछ भी याद है वो है ना सीसी से क्या बन गया डल बन गया क्या बन गया सीसी से डीऑक्सीकोलिक एसिड बन
1:34:39 गया सिंपल सा बेचारा कोलिक एसिड था कोलिक एसिड से बन गया डीऑक्सीकोलिक एसिड कोलिक एसिड था उस कोलिक एसिड से बन गया लीथोकोलिक एसिड और बन गया देखो ओ हो खत्म खतरनाक नाम बन गया। क्या बन गया बच्चों? यूसो डीऑक्सीकोलिक एसिड है ना? डी एल यू भी लिख सकते हो। है ना? सीसी से बन गया डीएल यू। डुल की बजाय ऐसे भी याद रख सकते हो। डीएल यू बन गया। सीसी से डीएल यू बन गया।
1:35:25 हां वापस और चाहकर भी नहीं कर सकते ना ऐसा नहीं कि केसी सर जाएंगे तो वापस आ जाएगा। YouTube ने वो फंक्शन ही हटा दिया है कि अगर एक बार कट हो गया तो उसको वापस
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