Economics Class 12 Chapter 1 | व्यष्टि अर्थशास्त्र का परिचय | Class 12th Economics Chapter 1 Part 1

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो कक्षा 12 के अर्थशास्त्र के पहले अध्याय, "अर्थशास्त्र का परिचय" का सारांश प्रस्तुत करता है। इसमें व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) और समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics) के बारे में बताया गया है, अर्थशास्त्र शब्द की उत्पत्ति और परिभाषाओं को समझाया गया है, और आर्थिक गतिविधियों (Economic activities) पर चर्चा की गई है।

  • अर्थशास्त्र एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है धन का प्रबंधन।
  • इकोनॉमिक्स शब्द ग्रीक शब्द ओइकोनॉमस से आया है, जिसका अर्थ है पारिवारिक प्रबंधन।
  • एडम स्मिथ को अर्थशास्त्र का जनक माना जाता है, और उनकी प्रसिद्ध पुस्तक "वेल्थ ऑफ नेशंस" है।
  • अर्थशास्त्र हमें सिखाता है कि सीमित संसाधनों का उपयोग करके असीमित आवश्यकताओं को कैसे पूरा किया जाए।
  • आर्थिक गतिविधियों में उपभोग, उत्पादन, विनिमय, वितरण और निवेश शामिल हैं।

परिचय

कक्षा 12 के अर्थशास्त्र में दो पुस्तकें शामिल हैं: व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) और समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics)। व्यष्टि अर्थशास्त्र व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों जैसे कि उपभोक्ता और फर्मों के व्यवहार का अध्ययन करता है, जबकि समष्टि अर्थशास्त्र संपूर्ण अर्थव्यवस्था का अध्ययन करता है। आज से हम व्यष्टि अर्थशास्त्र पढ़ना शुरू करेंगे।

अर्थशास्त्र का अर्थ

अर्थशास्त्र शब्द संस्कृत के दो शब्दों, 'अर्थ' (धन) और 'शास्त्र' (प्रबंधन) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है धन का प्रबंधन। अंग्रेजी शब्द 'इकोनॉमिक्स' ग्रीक शब्द 'ओइकोनॉमस' से लिया गया है, जिसका अर्थ है पारिवारिक प्रबंधन। इस प्रकार, अर्थशास्त्र हमें सिखाता है कि कैसे धन और संसाधनों का प्रबंधन करना है।

अर्थशास्त्र के जनक

एडम स्मिथ को अर्थशास्त्र का जनक माना जाता है। उन्होंने 1776 में "वेल्थ ऑफ नेशंस" नामक एक पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने अर्थशास्त्र के सिद्धांतों को समझाया। एडम स्मिथ के अनुसार, अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है। वह स्कॉटलैंड के रहने वाले थे।

संसाधन प्रबंधन

अर्थशास्त्र हमें सिखाता है कि संसाधनों का प्रबंधन कैसे करें। संसाधन सीमित हैं, लेकिन हमारी आवश्यकताएं असीमित हैं। इसलिए, हमें संसाधनों का बेहतर उपयोग करना सीखना होगा। अर्थशास्त्र हमें चुनाव करना सिखाता है कि सीमित संसाधनों से अपनी असीमित इच्छाओं को कैसे पूरा करें।

विभिन्न अर्थशास्त्रियों के विचार

एडम स्मिथ के अनुसार, अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है। रॉबिंस के अनुसार, अर्थशास्त्र सीमित संसाधनों और असीमित आवश्यकताओं से संबंधित चुनाव की समस्या को सम्मिलित करता है। सैमुएलसन के अनुसार, अर्थशास्त्र विकास से संबंधित विज्ञान है। फ्रेडमैन के अनुसार, अर्थशास्त्र कभी वास्तविक विज्ञान होता है और कभी आदर्श विज्ञान होता है। मार्शल के अनुसार, अर्थशास्त्र का उद्देश्य केवल धन कमाना नहीं है, बल्कि यह देखना है कि मनुष्य धन कैसे कमाता है, खर्च कैसे करता है और उसका उपयोग अपने और समाज के लिए कैसे करता है।

आर्थिक क्रियाएँ

आर्थिक क्रियाएँ वे कार्य हैं जो धन कमाने के लिए किए जाते हैं। आर्थिक क्रियाओं में उपभोग, उत्पादन, विनिमय, वितरण और निवेश शामिल हैं।

  • उपभोक्ता (Consumer): वह व्यक्ति जो वस्तुओं और सेवाओं को खरीदता है और उनका उपयोग करता है। उपभोक्ता संतुष्टि चाहता है।
  • उत्पादक (Producer): वह व्यक्ति जो वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करता है या बेचता है। उत्पादक लाभ कमाना चाहता है।
  • वितरण (Distribution): वस्तुओं और सेवाओं को उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाना।
  • विनिमय (Exchange): वस्तुओं और सेवाओं का लेनदेन करना। क्रय (खरीदना) और विक्रय (बेचना) विनिमय के दो पहलू हैं।
  • उद्यमी (Organization): एक संगठन जो व्यापार करता है और लाभ कमाता है।
  • निवेश (Investment): पूंजी के बदले पूंजी कमाना। पैसे से पैसे कमाना निवेश कहलाता है।

अर्थशास्त्र की शाखाएँ

अर्थशास्त्र की दो शाखाएँ हैं: व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) और समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics)। रेगनर फ्रिश ने अर्थशास्त्र को इन दो भागों में बांटा था।

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Transcript

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0:00 हेलो प्यारे बच्चों गुड मॉर्निंग कैसे हैं आप सभी लोग उम्मीद करता हूं कि आप सभी लोग बहुत मस्त होंगे स्वस्थ होंगे और आपकी तैयारी बहुत ही बेहतरीन चल रही होगी प्यारे बच्चों मैं आप सभी का निशांत सर स्वागत करता हूं आप सभी का तनु क्लासेस में और आज से प्यारे बच्चों हम शुरू करने वाले हैं क्लास 12th का इकोनॉमिक्स का पहला चैप्टर से प्यारे बच्चों सबसे पहले हम जान लेते हैं कि क्लास 12th में इकोनॉमिक्स में हमें दो बुक के बारे में जाननी है उसके बारे में आपको जानकारी दे देता हूं ताकि आपको और ज्यादा अच्छा लगे प्यारे बच्चों यहां पर समझेंगे ध्यान से कि क्लास 12th का जो इकोनॉमिक्स है क्लास 12th इकोनॉमिक्स में प्यारे बच्चों हमें दो बुक के बारे में पढ़ना है। ध्यान देंगे सारे बच्चे। पहला जो बुक है प्यारे बच्चों यह है हमारा व्यष्टि अर्थशास्त्र और दूसरा बुक है प्यारे बच्चों हमारे पास

0:45 समष्टि अर्थशास्त्र। व्यष्टि अर्थशास्त्र को प्यारे बच्चों हम इंग्लिश में बोलते हैं माइक्रोइकोनॉमिक्स। ठीक है? माइक्रोइकोनॉमिक्स और प्यारे बच्चों समष्टि को बोलते हैं माइक्रोइकोनॉमिक्स। तो आज से जो हम शुरू कर रहे हैं प्यारे बच्चों वो हम पढ़ने वाले हैं माइक्रोइकोनॉमिक्स। ठीक है? ध्यान देंगे। आज से जो हम पढ़ेंगे वो कहेंगे माइक्रोइकोनॉमिक्स। ठीक है? व्यष्टि अर्थशास्त्र के बारे में आज हम पढ़ने वाले हैं प्यारे बच्चों बहुत ही शानदार तरीके से व्यष्टि अर्थशास्त्र को खत्म करने के बाद हम समष्टि अर्थशास्त्र की तरफ चलेंगे। क्योंकि बीएसटी से प्यारे बच्चों बहुत ही प्यारे-प्यारे और बहुत ही ज्यादा क्वेश्चन आपके एग्जाम में आते हैं। इसलिए सबसे पहले हम इस बुक को पढ़ेंगे और बहुत ही अच्छे और शानदार तरीके से पढ़ेंगे। ठीक है? तो

1:31 प्यारे बच्चों याद रखेंगे कि व्यष्टि अर्थशास्त्र में हमें जो पढ़ना है उसका पहला चैप्टर है प्यारे बच्चों आपका जो हम पढ़ने हैं आज उसको बहुत ही अच्छे से जानेंगे और प्यारे बच्चों वो अर्थशास्त्र का परिचय के बारे में जानेंगे। अर्थशास्त्र का परिचय। तो सबसे पहले इसके बारे में हम जानेंगे बहुत ही शानदार तरीके से। बेटा इकोनॉमिक्स कहां से आया? इकोनॉमिक्स का वर्ड जो है वो कहां से आया? इन सभी चीज के बारे में। जो भी बच्चे इकोनॉमिक्स को नहीं जानते हैं वो आज इकोनॉमिक्स से प्यारे बच्चों प्यार करने लगेंगे। इकोनॉमिक्स से उनको बहुत ज्यादा लगाव हो जाएगा कि भैया इकोनॉमिक्स इतना ज्यादा इजी कैसे हो सकता है। तो प्यारे बच्चों आइए यहां पे मैं आपको दिखाता हूं बीएसटी अर्थशास्त्र एक परिचय। इसके बारे में जानेंगे। सबसे पहले शुरू करेंगे व्यष्टि अर्थशास्त्र का परिचय। यानी कि प्यारे बच्चों आपको मैं सिखाने जा

2:17 रहा हूं इकोनॉमिक्स का मतलब। ध्यान से देखेंगे प्यारे बच्चों इंग्लिश में जिसे बोलते हैं इकोनॉमिक्स। और प्यारे बच्चों जिसे हिंदी में इकोनॉमिक्स को बोलते हैं अर्थशास्त्र। यह जो अर्थशास्त्र प्यारे बच्चों जो आपका वर्ड है ध्यान से देखेंगे। यह एक संस्कृत वर्ड है। यह एक संस्कृत शब्द है। ध्यान देंगे बहुत अच्छे से कि भैया जो अर्थशास्त्र शब्द आया है, यह कहां से आया? एक संस्कृत शब्द से बना है अर्थशास्त्र। ठीक है? इसका मतलब क्या होता है? यह दो वर्ड से मिलकर बना है प्यारे बच्चों। यह दो वर्ड से मिलकर बना है। एक तोड़ो इसे। इसे होगा एक हो जाएगा अर्थ। ठीक है?

3:02 और दूसरा होगा प्यारे बच्चों शास्त्र। देखिए दो वर्ड को जब हम जोड़ते हैं अर्थ और शास्त्र को तो यह बन जाता है अर्थशास्त्र और प्यारे बच्चों यहां पर अर्थ का मतलब हो जाता है हमारा पैसा। अर्थ का मतलब यहां पे हम समझते हैं पैसा। ठीक है? और प्यारे बच्चों शास्त्र का मतलब होता है प्रबंधन। शास्त्र का मतलब हो गया प्रबंधन। यानी कि प्यारे बच्चों पैसे का प्रबंधन किस प्रकार करना है? यही तो हमें अर्थशास्त्र सिखाती है। यानी कि जीवन में हम अपने लाइफ में प्यारे बच्चों संसाधन का, संपत्ति का, धन का, पैसे का कैसे प्रबंधन करेंगे और कैसे खर्च करेंगे? यह हमें सिखाता है अर्थशास्त्र। प्यारे बच्चों धन का व्यवस्था कैसे करना है, पैसे का प्रबंधन कैसे करना है प्यारे बच्चों? वो हमें

3:48 सिखाता है अर्थशास्त्र। और यहीं पर आ जाइए। आप यहां पर देखिएगा इकोनॉमिक्स जो कि इंग्लिश वर्ड है। यह आया है ओकोनॉमस से। ओकोनॉमस। ध्यान से देखो प्यारे बच्चों। अर्थशास्त्र जो संस्कृत सबसे आया है। वैसे ही जो इकोनॉमिक्स है, यह एक ग्रीक वर्ड से आया है जिसका नाम है ओइकोनॉमस। इंग्लिश में जिसे इकोनॉमिक्स बोलते हैं प्यारे बच्चों, वह एक ग्रीक वर्ड से आया है। ठीक है? और ग्रीक वर्ड है बेटा कौन? ओइकोनॉमस है। अब यह भी दो वर्ड से मिलके बना है। देखो क्या शानदार तरीके से विभाजन कर रहे हैं हम। है ना? हिंदी का नाम भी विभाजन कर दिया और जो इंग्लिश में बेटा उसका भी विभाजन कर रहे हैं। ओकोमस दो वर्ड से मिलकर बना है। प्यारे बच्चों ध्यान देंगे यहां पे पहला जो हो गया आपका ओको

4:35 और दूसरा जो है बेटा इसका नोमोस ओइकोनोमस। प्यारे बच्चों ओइको का मतलब यहां पे और नोमोस का मतलब दोनों बताऊंगा और बहुत ही शानदार तरीके से समझेंगे प्यारे बच्चों। ओको का मतलब हो गया यहां पे हाउसलैंड। हाउस लैंड और प्यारे बच्चों नोमोस का मतलब हो गया मैनेजमेंट। मैनेजमेंट यानी कि थोड़ा सा इन इंग्लिश हो गया प्यारे बच्चों। अब थोड़ा सा हिंदी चलते हैं। इंग्लिश और हिंदी दोनों का मिक्स हम पढ़ेंगे प्यारे बच्चों इकोनॉमिक्स ताकि आपको और ज्यादा मजा आए और आपको और ज्यादा समझ में आए। ठीक है? तो प्यारे बच्चों यहां पे हाउस लैंड का मतलब होता है प्यारे बच्चों पारिवारिक पारिवारिक और प्यारे बच्चों मैनेजमेंट

5:21 यानी कि हम मैनेज कर रहे हैं तो प्रबंधन यानी कि प्यारे बच्चों एक परिवार का प्रबंधन है ना इकोनॉमिक्स क्या सिखा रहा है कि बेटा एक परिवार का प्रबंधन कैसे करें यह हमें अर्थशास्त्र सिखाता है। अर्थशास्त्र सिखा रहा है परिवार का प्रबंधन परिवार का प्रबंधन जैसे आपके घर में जो भी हो पापा मम्मी ये लोग क्या करते हैं? एक परिवार को चलाते हैं। है ना? एक घर को मिलके चलाते हैं। तो उनको चलाने के लिए बेटा जो सब चीज आते हैं जैसे पैसे आए पैसे को कैसे खर्च करना है कि एक परिवार की सभी जरूरत को पूरा हो जाए। अब देखिए अब जो पापा या मम्मी जो भी पैसा ला रहे हैं घर में वो तो लिमिट ला रहे हैं ना। जैसे पापा की मान लो सैलरी हो गई 10,000 या फिर आपकी मम्मी की सैलरी हो गई 10,000। ठीक है? तो यह जो 10,000 पैसे आ रहे हैं घर में यह तो

6:08 लिमिट है। अब ऐसा तो नहीं है कि 10,000 सैलरी मिल गई तो घर में आके यह 20,000 हो जाएगा। ऐसा नहीं है। यानी कि जो पैसा है बेटा अर्थशास्त्र कहता है कि जो पैसा है जो संसाधन है वो सीमित है। यह नहीं बढ़ेगा। है ना? अब इसी 10,000 में आपकी अनंत इच्छाओं को पूरी की जाएगी। है ना? यह 10,000 जब पापा की सैलरी आती है तो आपकी मान्यता क्या होती है? आपकी इच्छाएं होती है। पापा पापा हमें परी वाला फराक चाहिए। पापा पापा हमें ब्लजर चाहिए। है ना? यह भी तो होता है। एक यह भी डिमांड होता है और उसके बाद प्यारे बच्चों आपका एक और डिमांड होता है जो होता है कि आपके स्कूल का फीस जाना है, कोचिंग का फीस जाना है। यह सारे चीजें राशन वाले को देना है, बिजली बिल देना है। यानी कि पापा और मम्मी इसी 10,000 में से सभी चीज को पूरा करते हैं।

6:56 पैसा समान है। पैसा नहीं बढ़ रहा है। लेकिन इच्छाएं क्या है? इच्छाएं बहुत ज्यादा है। है ना? इच्छाएं बहुत ज्यादा है। भैया फराग भी चाहिए, हमें जींस भी चाहिए। है ना? उसको देखने हम सहेली ई पहन रही है तो हम भी पहनेंगे। ये ये डिमांड होती है आपकी। है ना? तो ये सभी चीज को पूरा करना किसके हाथ में है? मम्मी पापा के हाथ में है। और वो सेम पैसा प्यारे बच्चों इतने ही पैसा में सभी चीज की इच्छा को पूरा करते हैं। यानी कि प्यारे बच्चों कहने का मतलब यह है यहां पे कि हमारा जो अर्थशास्त्र है, हमारा जो अर्थशास्त्र है, यह सिखाता है कि भैया जब आपके पास साधन सीमित है। है ना? साधन क्या हो? सीमित है। तो आप सीमित साधन से कैसे अपनी अनंत इच्छाओं को पूरा कर

7:42 सकते हैं। कैसे अपने परिवार का प्रबंधन कैसे? कैसे अपने समाज का प्रबंधन कर सकते हैं? ये हमें अर्थशास्त्र सिखाता है। ठीक है? हां। अब प्यारे बच्चों ध्यान से देखिए कि ये जो अर्थशास्त्र है इसके जनक कौन है? है ना? जैसे कि आपको जन्म दिए हैं। आपके जनक आपके माता-पिता हो गए। वैसे ही अर्थशास्त्र को कोई ना तो कोई लाया होगा। प्यारे बच्चों तो अर्थशास्त्र के जनक के रूप में हम जानते हैं। एडम स्मिथ साहब को याद रखेंगे। अर्थशास्त्र के जनक हैं एडम स्मिथ। एडम स्मिथ साहब प्यारे बच्चों बहुत ही महान अर्थशास्त्री हैं। जिन्होंने अर्थशास्त्र को जन्म दिया था प्यारे बच्चों। यानी कि जिनको फादर ऑफ इकोनॉमिक्स के रूप में जानते हैं। यह भी याद रखेंगे। आपके एग्जाम में बहुत ही बेहतरीन प्रश्न है यह। फादर ऑफ इकोनॉमिक्स

8:30 बहुत ही बेहतरीन प्रश्न है। प्यारे बच्चों, मैं फिर से बोल रहा हूं। यहां से आपके ऑब्जेक्टिव बहुत अच्छे बनते हैं कि फादर ऑफ इकोनॉमिक्स के रूप में एडम स्मिथ साहब को जानते हैं। और प्यारे बच्चों एडम स्मिथ साहब का एक बुक भी है। याद रखेंगे इस बुक के बारे में तो 100 टू 10% पूछे जाते हैं जो कि उन्होंने 1776 में दिया था। 1776 में एडम स्मिथ साहब ने एक बुक लाया था जिसका नाम है एन इंक्वायरी। उनके बुक का जो नाम है उनका नाम है एन इंक्वायरी इनू द नेशन। इनू द नेशन एंड कॉजेज ऑफ कॉजेज ऑफ वेल्थ ऑफ नेशन।

9:17 लो भैया अब कोई बबुआ और बबनी अब कोई के दिमाग में यह चल रहा होगा कि यह बुक का नाम है या फिर पूरा चैप्टर एक ही पेज में आ गया है। ठीक है? तो बाबू याद रख लो यह सभी बुक का ही नाम है। ठीक है? यह जितना दिख रहा है आपको यह बुक का नाम है एन इंक्वायरी इंटू द नेशन एंड कॉजेज ऑफ वेल्थ ऑफ नेशन। लेकिन प्यारे बच्चों आपको मैं आसान बना रहा हूं। आपको याद क्या करना है? आपको बाबू ये याद करना है वेल्थ ऑफ नेशन। ठीक है? अगर कभी भी एग्जाम में आएगा तो सिर्फ इतना ही आएगा कि एडमम स्मिथ साहब के बुक का नाम क्या है? वेल्थ ऑफ नेशन। 1776 में 1776 में उन्होंने एक बुक का नाम दिया था जिसका नाम है वेल्थ ऑफ नेशन। प्यारे बच्चों यहीं पर आप याद रखिएगा बहुत ही शानदार तरीके से कि जो एडमम स्मिथ साहब

10:03 हैं ये स्कॉटलैंड के रहने वाले थे। स्कॉटलैंड के रहने वाले थे। ठीक है? चलिए ये हमारी इकोनॉमिक्स के बारे में जानकारी हो गई कि इकोनॉमिक्स कहां से आया और प्यारे बच्चों इकोनॉमिक्स को लाया किसने? दोनों को हमने बहुत अच्छे से समझ लिया कि भैया लाने वाला कौन है? उसके बारे में क्या बात है? और बेटा ये जो आया है ये क्या कहता है? ये हमें क्या सिखाता है? इसके बारे में हमने जान लिया। अब थोड़ी सी और जानकारी बेटा अगर प्राप्त करें तो ध्यान से देखो। जैसे मैंने अभी बताया कि पापा मम्मी की सैलरी आ रही है 10,000। ठीक है? और ये 10,000 पैसा घर में आने के बाद बढ़ तो नहीं रहा है। इतना ही रह रहा है। लेकिन इसी 10,000 में वो घर के सारे खर्चे को चला रही है। है ना? आपके सारे जितने भी सपने हैं प्यारे बच्चों जितने भी शौक हैं इन सभी को क्या कर रही है? इन सभी

10:49 को वो पूरा कर रही हैं। यानी कि सेम पैसा पैसा नहीं बढ़ रहा है लेकिन बेटा इच्छाएं ज्यादा है। तो सेम इसी बात को याद रखेंगे कि अर्थशास्त्र प्यारे बच्चों यहां आइए। अर्थशास्त्र हमें संसाधन का प्रबंधन बेटा संसाधन का आवंटन करना सिखाती है। अब देखो प्यारे बच्चों अर्थशास्त्र सबके अंदर है। इकोनॉमिक्स सभी बच्चे जानते हैं। सारे बच्चे के अंदर इकोनॉमिक्स है। आप दिन में बहुत से ऐसे काम करते हो जो इकोनॉमिक्स है। लेकिन बस आपको पता नहीं है कि भैया हम जो कर रहे हैं वह सच में इकोनॉमिक्स है या फिर आपको इकोनॉमिक्स के वर्ड के बारे में पता नहीं है कि हां जो यह वर्ड है ये क्या इकोनॉमिक्स का वर्ड है या फिर हम जो कर रहे हैं ये क्या इकोनॉमिक्स है तो बेटा सारे इकोनॉमिक्स है

11:36 क्या आप बाजार जाते हो और सामान को खरीदते हो तो बेटा वो इकोनॉमिक्स है ठीक है जब किसी चीज का आप उपयोग कर रहे हो वो इकोनॉमिक्स है जब आप किसी चीज का सही से उपयोग कर रहे हो यह इकोनॉमिक्स है यानी कि आपके अंदर केवल और केवल देखा जाए प्यारे बच्चों तो दिन भर जो आप करते हो वो इकोनॉमिक्स ही करते हो लेकिन बस आपको पता नहीं चल रहा है कि भाई सच में क्या इकोनॉमिक्स है और बोलते हैं कि हमें इकोनॉमिक्स नहीं आता है। सोचो जिस काम को आप डेली कर रहे हो है ना और बहुत अच्छे से कर रहे हो मजे में कर रहे हो बाजार जाने में आपको मना मजा आता है। है ना? किसी वस्तु को खरीदने बेचने में मजा आता है। तो जिस काम को करने में मजा आ रहा है तो क्या बेटा वो हार्ड थोड़ी है? वो तो बहुत इजी होता है ना। तब तो मजा आता है। तो भैया वह तो इकोनॉमिक्स है। तब तो इकोनॉमिक्स इतना इजी है। लेकिन बस आपको पता है आपको इकोनॉमिक्स के वर्ड के बारे में नहीं पता

12:23 है कि हां वर्ड कैसे आएगा। बस उसी वर्ड के बारे में हम अच्छे से बताएंगे आपको और आप जान जाइएगा कि हां इकोनॉमिक्स ये तो हमें आता ही है। ये तो हमें आता है। गुरु जी ऐसे बता रहे हैं। गुरु जी ने तो यही बताया जो हम दिन भर कर रहे हैं। अरे भैया जो दिन भर कर रहे हो वही तो इकोनॉमिक्स है। ठीक है? अब ध्यान से समझो यहां पे मेरी बात को कि संसाधन का आवंटन करना। बेटा आवंटन का मतलब होता है उपयोग करना। अर्थशास्त्र हमें सिखाता है कि संसाधन का कैसे उपयोग करें। संसाधन का कैसे आवंटन करें? और प्यारे बच्चों याद रखना यहां पे तो यहां पे अर्थशास्त्र हमें कहता है कि बाबू अर्थशास्त्र कहता है कि संसाधन का आवंटन ही नहीं करना है। बेहतर आवंटन करना है। यानी कि बेहतर उपयोग करना है।

13:11 हमें अर्थशास्त्र का बेहतर उपयोग करना है। क्योंकि प्यारे बच्चों इसके दो रीजन है और बहुत ही शानदार रीजन है। सभी बच्चे ध्यान देंगे। यह इसलिए कहता है कि संसाधन का बेहतर उपयोग इसलिए कहता है करने के लिए क्योंकि हमारे पास जो संसाधन है बबुआ वो संसाधन क्या है? सीमित है। है ना? यानी कि अगर इंग्लिश में बोले आपको प्यारे बच्चों तो इंग्लिश में रिसोर्सेज हमारे पास क्या है? लिमिटेड है। ठीक है? सीखो भैया तुम सब इंग्लिश और हिंदी दोनों में इकोनॉमिक्स सीोगे। दोनों में इकोनॉमिक्स सीखोगे बहुत ही मजेदार तरीके से। ठीक है? चलो यानी कि प्यारे बच्चों हमारे पास जो रिसोर्सेज है वह लिमिटेड है। संसाधन जो है वह सीमित है। वह नहीं बढ़ने वाला है। लेकिन प्यारे बच्चों हमारी आवश्यकता

13:56 हमारी जो आवश्यकता है यह असीमित है। प्यारे बच्चों असीमित है। यानी कि प्यारे बच्चों हमारी जो डिमांड है, हमारी जो डिमांड है, यह अनलिमिटेड है। है ना? यह तो सीमित नहीं है। रात को बैठे-बैठे छत के ऊपर सोए हम सोच लेते हैं कि काश हम प्रधानमंत्री होते। काश हम देश के राष्ट्रपति होते। तो ऐसा नियम बना देते। इतना पैसा छाप देते। है कि नहीं? ये सब दिमाग में बातें आती रहती है। यानी कि आपकी जो जरूरत है, आपकी जो इच्छाएं हैं वो लिमिट नहीं है। आप बहुत ज्यादा सोच लेते हो। भले पूरा हो या ना हो। सोच लेना है कि अबकी बार सैलरी में से 10 कपड़े तो मेरे ही खरीदाने चाहिए। यानी कि प्यारे बच्चों जो मैंने आपको एग्जांपल दिया था कि पापा और मम्मी का जो सैलरी आ रहा है 10,000 वो

14:42 तो 10,000 ऐसे ही रहता है। वो हो गया आपका संसाधन यानी कि जो 10,000 है वो तो सीमित है। वो नहीं बढ़ता है। लेकिन उसी 10,000 में प्यारे बच्चों आपकी इच्छाएं आपकी आवश्यकता बढ़ती जाती है। है ना? आपकी इच्छाएं बढ़ती जाती है कि नहीं भैया सही है 10,000 है हमें यह भी लेना है। हमें यह भी लेना है। पैसा थोड़ी कहता है कि हम 10,000 है। तुम्हारी इच्छा बढ़ रही है तो हम 12,000 हो जा रहे हैं। 15,000 हो जा रहे हैं। ऐसा नहीं है। संसाधन सीमित है और बेटा आवश्यकता असीमित है। बहुत ही अच्छा यहां पे फैक्ट है। प्यारे बच्चों याद रखेंगे इसको। यहां से भी प्रश्न आपके एग्जाम में बनते हैं। प्यारे बच्चों यहां से एक और बात ध्यान देंगे यहां पे कि ये बोल दिया कि संसाधन का बेहतर उपयोग करना अर्थशास्त्र सिखाता है। क्यों? क्योंकि संसाधन सीमित है बेटा और आवश्यकता असीमित

15:29 है और यहीं पे ध्यान देंगे प्यारे बच्चों कि यहां पे बहुत ही सही से उपयोग करना सिखाता है और प्यारे बच्चों हमारे पास संसाधन की चुनाव का विकल्प होता है। ठीक है? चुनाव का विकल्प यानी कि जब हमारे पास संसाधन सीमित होते हैं, लिमिट होता है तो हमें चुनाव करना पड़ता है। है ना? 10,000 पैसे में हमें चुनाव करना पड़ता है कि भैया अभी तो 10,000 है। जैसे घर को चलाने के बाद मान लो ₹20,000 बच गए। अब 20,000 में हमें चुनना पड़ता है कि हम अपनी कौन सी इच्छा को पूरा करें। है ना? एक अच्छा सा ड्रेस ले कि सहेली के पास बर्थडे पार्टी को गिफ्ट दें। है ना? हमें चुनाव करना पड़ता है। आपके पास जब दो-तीन विकल्प आ जाते हैं तो आप चुनाव करोगे कि ₹2000 बचा है। हम

16:14 कपड़ा ले लें या कहीं घूमने चले जाएं। आप किसी एक चीज को चुनोगे। तो याद रखना यहां पे अर्थशास्त्र में चुनाव का विकल्प रहता है कि संसाधन को चुनेंगे कैसे? प्यारे बच्चों यहां पे अर्थशास्त्र के जनक के रूप में एडम स्मिथ हैं और एडम स्मिथ साहब ने अर्थशास्त्र को क्या कहा है? इसके बारे में जान लीजिए। एडम स्मिथ साहब ने अर्थशास्त्र को प्यारे बच्चों धन का विज्ञान कहा है। धन का विज्ञान। एडम स्मिथ साहब ने बोला है कि अर्थशास्त्र क्या है? धन का विज्ञान है। यानी कि अर्थशास्त्र हमें यह सिखाता है कि पैसे कहां से लाना है। पैसे कहां पे उपयोग करना है। पैसे किसके लिए उपयोग करना है? यह सभी हमें एडम स्मिथ साहब सिखाते हैं बहुत अच्छे तरीके से। इसलिए अर्थशास्त्र को एडम स्मिथ ने धन का विज्ञान कहा है और बहुत से

17:02 अर्थशास्त्री आएंगे। रॉबिनस साहब आएंगे, सेमुलसन साहब आएंगे। यह सारे लोग आएंगे और इन्हों इन्होंने अर्थशास्त्र को अलग-अलग बातों से परिभाषित किया है। प्यारे बच्चों उसके बारे में भी जानेंगे। ठीक है? तो यहां तक हमने अर्थशास्त्र के छोटी-छोटी जो मस्त अच्छी-अच्छी जानकारी थी प्यारे बच्चों वो सभी हम ले चुके हैं। चलिए 11th क्लास कब शुरू होगा प्यारे बच्चों 11th क्लास तो शुरू ही था वो भी शुरू होगा जल्दी ही। ठीक है। चलो जी सर जी। ओके सबको बढ़िया। ठीक है। ओके। तो प्यारे बच्चों अब ध्यान से देखेंगे। अब हम ध्यान से देखेंगे कि भैया अर्थशास्त्र में क्या-क्या है। आ जाओ। जितना मैंने समझाया है वहां पे ये सारे चीज को आप अच्छे से देख लो। प्यारे बच्चों

17:49 ये जो बुक है ये देखो ये जो आपका बुक है यही है व्यष्टि अर्थशास्त्र। ठीक है? चलिए अब देखिए यहां पे आपको इस बुक में हमें जो जानना है परिचय के बारे में जो कि अभी हमने जाना। व्यष्टि अर्थशास्त्र, समष्टि अर्थशास्त्र। आर्थिक समस्या के बारे में जानेंगे बहुत अच्छे से। अर्थव्यवस्था की मूलभूत समस्या क्या है? इसके बारे में और अर्थव्यवस्था के प्रकार। ठीक है प्यारे बच्चों? इसके बारे में जानेंगे और सबसे पहले हमने देखा इंट्रोडक्शन के बारे में परिचय ठीक है जो कि मैंने आपको बताया कि अर्थशास्त्र वह विषय है जहां व्यक्ति समाज तथा सरकार अपनी सीमित संसाधन देखो बाबू अब ध्यान देना यहां पे सीमित संसाधन के द्वारा असीमित आवश्यकता को क्या करते हैं पूरा करने का प्रयास करते हैं यानी कि अर्थशास्त्र में सीमित संसाधन है और उससे असीमित आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

18:35 अर्थशास्त्र के जनक प्यारे बच्चों एडम स्मिथ। एडम स्मिथ स्कॉटलैंड के रहने वाले हैं। एडम स्मिथ ने 1776 में बुक दिया जिसका नाम है एन इंक्वायरी इंटू द नेशन एंड कॉजेज ऑफ वेल्थ ऑफ नेशन नामक पुस्तक लिखी है। ये हैं प्यारे बच्चों आपके एडम बाबा। ध्यान दो। ठीक है? ये हैं आपके एडमम बाबा जी। देखो ये कितने अच्छे हैं और इन्होंने ही बेटा अर्थशास्त्र को जन्म दिया। इन्हों को इन्हीं को फादर ऑफ इकोनॉमिक्स के रूप में जानते हैं। ठीक है? चलो और प्यारे बच्चों ये रहा इनका बुक। देखिए यही बुक है इनका जिनका नाम है ये इतना बड़ा नाम है लेकिन आपको याद रखना है वेल्थ ऑफ नेशन। ठीक है? चलिए आगे बढ़ते हैं थोड़ा सा और ध्यान दीजिएगा यहां पे एडम स्मिथ के अनुसार अर्थशास्त्र क्या है? एडम स्मिथ कहते हैं अर्थशास्त्र वह विषय

19:23 है जिसके अंतर्गत विभिन्न आर्थिक क्रियाओं के द्वारा पूंजी का निर्माण किया जाता है। है ना? ये एडम स्मिथ साहब कहते हैं एडम स्मिथ के अनुसार अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है। बेटा याद रखेंगे धन का विज्ञान जो कि मैंने अभी आपको पीछे बताया कि अर्थशास्त्र को एडम स्मिथ धन का विज्ञान कहते हैं और यहां से प्यारे बच्चों बहुत ही जबरदस्त सवाल बनेगा आपका। ठीक है? चलिए अब प्यारे बच्चों रॉबिनस मैंने अभी-अभी रॉबिंस महोदय का भी जिक्र किया है कि रॉबिनस साहब आएंगे, सेमुलसन साहब आएंगे। ये सारे लोग आएंगे। तो प्यारे बच्चों ध्यान देंगे। रॉबिंस महोदय के अनुसार अर्थशास्त्र में सीमित साधन एवं असीमित आवश्यकताओं से संबंधित चुनाव समस्या बेटा हम बोले थे ना कि चुनाव करना पड़ता है। चुनाव समस्या को सम्मिलित करते हैं। यानी कि रॉबिनस साहब बोलते हैं

20:09 अर्थशास्त्र के बारे में कि अर्थशास्त्र में सीमित संसाधनों से असीमित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चुनाव को शामिल किया जाता है। मतलब हमें चुनना पड़ता है। हमारे पास विकल्प होता है कि हम कैसे संसाधनों को चुने जिससे हमारी आवश्यकता पूरा हो जाए। यह कौन बोला? ये रॉबिनस साहब बोलते हैं। प्यारे बच्चों अब आते हैं हमारे सैमुल्लसन साहब। ध्यान देंगे सैमुल्लसन साहब पे। सेमुल्लसंस के अनुसार अर्थशास्त्र की विशेष सामग्री में सीमित संसाधनों का वितरण एवं आर्थिक विकास दोनों पहलुओं को सम्मिलित किया गया है। प्यारे बच्चों सेमुलसन साहब में याद रखिएगा कि सैमुलसन साहब कहते हैं कि अर्थशास्त्र विकास से संबंधित विज्ञान है। कैसा है? विकास से संबंधित। ठीक है? याद रखेंगे कभी-कभी प्रश्न बनता है कि सैमुलसन साहब

20:56 कभी प्रश्न बनेगा कि विकास डेवलपमेंट बेटा डेवलपमेंट विकास से संबंधित परिभाषा किसने दिया तो सैमुलसन साहब ने दिया। ये याद रखेंगे ये यहां से प्रश्न बनते हैं। ठीक है? कि विज्ञान सेमुल्लसन साहब ने बोला कि विकास अर्थशास्त्र से सामाजिक विज्ञान और प्यारे बच्चों व्यक्तिगत विज्ञान ये दोनों शामिल है। यानी कि इससे सामाजिक कल्याण भी होती है और व्यक्तिगत कल्याण भी होता है। ये हमें सेमुलसन साहब बताए हैं। ठीक है? याद रखेंगे प्यारे बच्चों फ्रेडमैन यहां पे एक अर्थशास्त्री आते हैं फ्रेडमैन। उन्होंने क्या बोला? फ्रेडमैन के अनुसार अर्थशास्त्र कभी वास्तविक विज्ञान होता है। कभी वास्तविक विज्ञान होता है और कभी आदर्श विज्ञान होता है। और यहां पे प्यारे बच्चों आपको यह भी पढ़ने को मिलेगा कि

21:42 भैया आदर्शक आदर्श अर्थशास्त्र क्या होता है और वास्तविक क्या होता है। इसके अनुसार पे फ्रेडमैन बोलता है कि अर्थशास्त्र कभी तो वास्तविक होता है। यानी कि जो है सो है लेकिन कभी आदर्श होता है। प्यारे बच्चों जितना होना चाहिए। दो वर्ड समझो प्यारे बच्चों वास्तविक यानी कि है जो है और प्यारे बच्चों आदर्श जो होना चाहिए ठीक है ये दोनों वर्ड बहुत ही ज्यादा डीपली है प्यारे बच्चों जो कि मैं आपको अर्थशास्त्र में आगे समझाऊंगा ठीक है क्या है और क्या होना चाहिए यह होता है वास्तविक और आदर्श ठीक है सर इकोनॉमिक्स का क्लास तो 8 से 9:00 होता है तो आज क्यों नहीं हो रहा है 11th का बेटा

22:27 8 से 9 आज 11th का होगा 11th का भी पर अभी बच्चे की बहुत ज्यादा डिमांड था प्यारे बच्चों कि सर 12th का इकोनॉमिक्स करा दीजिए 12th का करा दीजिए इसलिए लेके आए 12th आपका 11th भी होगा प्यारे बच्चों आराम से रहें अब देखिएगा ध्यान से प्यारे बच्चों मार्शल साहब अल्फ्रेड मार्शल इनका पूरा नाम है बेटा अल्फ्रेड मार्शल मार्शल के अनुसार अर्थशास्त्र का उद्देश्य केवल धन कमाना नहीं है अर्थशास्त्र का उद्देश्य केवल धन कमाना नहीं है तो भैया है क्या बल्कि यह देखना है कि मनुष्य धन कैसे कमाता है, खर्च कैसे करता है? और उसका उपयोग अपने और समाज के लिए कैसे करता है? प्यारे बच्चों, मार्शल साहब बोलते हैं कि केवल धन कमाना अर्थशास्त्र नहीं है। आपके पास लाखों रुपया हो, करोड़ों रुपया हो और आपको उसे खर्च करना ही नहीं आए। तो भैया,

23:14 क्या फायदा वैसे धन का है कि नहीं? फिर तो पता ही नहीं चलेगा कि पैसा कहां गया। है ना? यानी कि पता ही नहीं चलेगा पैसा कहां गया। तो वही अर्थशास्त्र में मार्शल साहब बोलते हैं कि केवल धन कमाना नहीं उद्देश्य है। धन का सही उपयोग करना। संसाधन का सही तरीके से उपयोग करना अर्थशास्त्र हमें सिखाता है। प्यारे बच्चों अर्थशास्त्र का अर्थ जो कि मैंने आपको पीछे समझाया। अर्थ प्लस मुद्रा। अर्थ प्लस व्यवस्था। अर्थ का मतलब हो गया प्यारे बच्चों धन और व्यवस्था मतलब हो गया सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली। साधन सीमित है। आवश्यकता असीमित है। ध्यान दो बेटा। यही वर्ड तो है जो कि मैंने अभी बताया आपको। साधन क्या है? सीमित है। लेकिन हमारी आवश्यकता असीमित है। प्यारे बच्चों जरा इस पे गौर करेंगे। ये जो डायग्राम है देखिए ये बेटा आपका भूमि है।

24:01 और क्या भूमि हमारे पास असीमित है? नहीं भूमि हमारे पास लिमिटेड है। ऐसा थोड़ी है कि जितनी जनसंख्या बढ़ रही है भूमि भी बढ़ रही है। ऐसा नहीं है। लोग तो बढ़ रहे हैं लेकिन भूमि जितनी है उतनी ही रह रही है। अब प्यारे बच्चों जितने लोग आ रहे हैं वो इसी भूमि पे अपना व्यापार किए जा रहे हैं। किए जा रहे हैं और सोचो अगर सही से इस्तेमाल नहीं करेंगे संसाधन का तो हमें बाद में बहुत ज्यादा हानिकारक पहुंचेगी। है कि नहीं? बहुत ज्यादा क्षति पहुंचेगी प्यारे बच्चों। इसलिए अर्थशास्त्र कहता है कि भैया बबुआ और बबनी तुम्हारे पास जो संसाधन है ये सीमित है। इसका सही से उपयोग कर लो। ठीक है? चलो तो प्यारे बच्चों यहां पे अब आते हैं। इतना हमने बहुत अच्छे से समझ लिया था। अब आती है हमारी टॉपिक प्यारे बच्चों आर्थिक क्रिया। ठीक है?

24:47 आर्थिक क्रिया और बहुत अच्छे से ध्यान देंगे। आर्थिक क्रिया के बारे में समझेंगे। ठीक है? हां। ओके। सर एमपी बोर्ड का सिलेबस से पढ़ा रहे हो बेटा एमपी बोर्ड, झारखंड बोर्ड, राजस्थान बोर्ड, यूपी बोर्ड, बिहार बोर्ड अन्य बोर्ड सभी बोर्ड के बेटा आप पढ़ लो। यही प्रश्न आएंगे और यहीं से क्वेश्चन आएंगे। ठीक है? चाहे कोई भी बोर्ड हो आप यहीं से पढ़ो और यहीं से सारे प्रश्न आपके एग्जाम में आएंगे। ओके? चलो बेटा क्लास क्लास डेली आपके 8:00 बजे सुबह 8:00 बजे लाइव होती है प्यारे बच्चों और इकोनॉमिक्स बहुत ही आसान तरीके से निशांत सर द्वारा आपको समझाया जाता है। ठीक है? 8:00 बजे से डेली 8:00 बजे से लाइव चलती है प्यारे बच्चों। ठीक है?

25:34 चलो टाइम पता चल गया ना? 8:00 बजे से आपको लाइव आना है बेटा। 8:00 बजे से डेली क्लास चलेगी बेटा क्लास 12th की इकोनॉमिक्स। हां बेटा 12th की। ठीक है। चलिए। चलो। तो प्यारे बच्चों अब हम जानेंगे आर्थिक क्रिया के बारे में। यानी कि इकोनॉमिक एक्टिविटीज क्या होती है? उसके बारे में पढ़ेंगे प्यारे बच्चों। और बहुत ही अच्छे तरीके से थोड़ा सा ध्यान देंगे। आपको 1 मिनट में मैं इकोनॉमिक एक्टिविटीज क्या होती है? वह सिखाऊंगा। आर्थिक गतिविधि। आर्थिक गतिविधि। प्यारे बच्चों गतिविधि यानी कि आर्थिक कार्य क्या होती है? ठीक है? आर्थिक कार्य

26:20 क्या होती है? चलो आर्थिक कार्य मैं लिख देता हूं ताकि आपको और अच्छा से समझ में आए। आर्थिक कार्य। चलिए तो यहां पे हो गया हमारा आर्थिक कार्य और ध्यान देंगे आर्थिक कार्य पे। सिंपल सा वर्ड में आप एक बार में मैं समझाऊंगा कि बाबू ऐसा कार्य। कार्य माने होता है काम और आर्थिक यानी कि अर्थ। और अभी-अभी मैंने बताया कि अर्थ माने होता है पैसा। ठीक है? अर्थ माने पैसा। या फिर बेटा जहां पे आपको आर्थिक जुड़ा हुआ नजर आए, जहां भी अगर आपको आर्थिक नजर आए तो समझ लेना वहां पे पैसे से रिलेटेड कोई बात पैसे से रिलेटेड किसी विषय के बारे में चर्चा हो रही है। ठीक है? अगर कहीं भी आर्थिक जुड़ा मिल जाए कि भैया हम आर्थिक पे डिस्कशन कर रहे हैं। आर्थिक समस्या हो गई, आर्थिक कल्याण की बात कर रहे हैं तो

27:06 समझ जाइएगा कि पैसे से रिलेटेड बात हो रही है। पैसे से जुड़ी हुई विषय के बारे में हम अध्ययन कर रहे हैं। ठीक है? यानी कि प्यारे बच्चों ध्यान दीजिएगा। आर्थिक कार्य एक ऐसा कार्य प्यारे बच्चों ऐसा कार्य जिसके करने के बाद हमें पैसा मिलता हो। एक बार में बेटा। ठीक है? ऐसा कार्य जिसको क्या हो? जिसको करने के बाद पैसा मिलता हो प्यारे बच्चों तो उसे कहते हैं हम आर्थिक कार्य। ठीक है? उसे कहते हैं आर्थिक कार्य। प्यारे बच्चों जैसे मान लो यहां पे शिक्षक एग्जांपल में देखो। जैसे मान लो शिक्षक और प्यारे बच्चों शिक्षक क्या कर रहा है? पढ़ा रहा है। शिक्षक प्यारे बच्चों पढ़ा रहा है। और जब यह पढ़ा रहा है प्यारे बच्चों, तो इसको

27:52 मिल रहा है पैसे। इसको क्या मिल रहे हैं? इसको मिल रहे हैं पैसे। तो जब पढ़ाने के बदले इसे पैसा मिल रहा है तो यह कौन सा कार्य हो गया? पढ़ाना हो गया आर्थिक कार्य। यानी कि प्यारे बच्चों जिस कार्य के बदले है ना? जिस काम को करने के बदले आपको पैसा मिलता हो उसे हम कहते हैं आर्थिक कार्य। ऐसा काम जिसके बदले हमें पैसा मिले। है ना प्यारे बच्चों? जैसे डॉक्टर अब डॉक्टर ले लीजिए। डॉक्टर क्या कर रहा है? मरीजों का इलाज कर रहा है प्यारे बच्चों। है ना? इलाज कर रहा है। तो क्या फ्री में कर रहा है? नहीं बेटा। इसके बदले उसको मिल रहा है पैसा। यानी कि कैसा कार्य हो गया? आर्थिक कार्य हो गया प्यारे बच्चों। ठीक है? यानी कि वह सभी कार्य जिसके बदले पैसे मिले उसी को कहते हैं आर्थिक कार्य। और प्यारे बच्चों यहां पर ध्यान देंगे आर्थिक कार्य समझने के बाद

28:38 ध्यान दीजिएगा कि आर्थिक कार्य में बहुत सी ऐसी गतिविधि आती है जिसके बारे में अभी आपको समझाऊंगा। आर्थिक कार्य। ठीक है प्यारे बच्चों? अब ध्यान दीजिएगा कि आर्थिक कार्य में कौन-कौन सा कार्य आते हैं। इसके बारे में सबसे पहले प्यारे बच्चों आप ध्यान देंगे आर्थिक कार्य में हमारे आते हैं उपभोक्ता। उपभोक्ता। ठीक है? उसके बाद प्यारे बच्चों अगर बात करेंगे तो आर्थिक कार्य में आएंगे उत्पादक। फिर प्यारे बच्चों आर्थिक कार्य में आ जाएंगे हमारे वितरण। उसके बाद प्यारे बच्चों आएगा विनिमय

29:26 और प्यारे बच्चों विनिमय के बाद आएंगे हमारे पास उपभोक्ता उत्पादक वितरण विनिमय और प्यारे बच्चों यहां पे आपका आ जाएगा उद्यमी ठीक है एक संगठन के रूप में काम करेगा प्यारे बच्चों यानी कि उपभोक्ता उत्पादक वितरण विनिमय उद्यमी प्यारे बच्चों बच्चों ध्यान देंगे यहां पे जो उपभोक्ता है इसको बोलते हैं कंज्यूमर। इंग्लिश में भी आप समझ लीजिए और उत्पादक को बोलते हैं प्रोड्यूसर। वितरण को बोलते हैं प्यारे बच्चों डिस्ट्रीब्यूशन। इंग्लिश और हिंदी दोनों में समझेंगे मजा आएगा। प्यारे बच्चों उसके बाद हम करते हैं एक्सचेंज।

30:11 और इसको बोलते हैं प्यारे बच्चों ऑर्गेनाइजेशन। लो तो यह सभी आर्थिक कार्य में आएंगे प्यारे बच्चों हमारे उत्पादक कंज्यूमर प्रोड्यूसर प्यारे बच्चों डिस्ट्रीब्यूशन एक्सचेंज और ऑर्गेनाइजेशन ये सभी जो हैं ये सभी आर्थिक कार्य के रूप में होते हैं। अब ध्यान से समझेंगे सभी एक-एक चीजों को कि भैया उपभोक्ता क्या है? उत्पादक क्या है? वितरण क्या है? विनिमय क्या है? उद्यमी क्या है? ठीक है? बहुत अच्छे से समझेंगे और हर एक लाइन को बहुत इजी और आसान भाषा में समझेंगे। प्यारे बच्चों पहले हम समझते हैं उपभोक्ता क्या है? तो कंज्यूमर किसे कहते हैं? प्यारे बच्चों एक लाइन में समझना और बस दो वर्ड मैं आपको समझाऊंगा। ऐसे व्यक्ति प्यारे बच्चों कंज्यूमर जो होता है जो वस्तु को खरीदता है।

30:59 जो वस्तु खरीदता है। बस यही आप याद रखो आपको अच्छे से। जो वस्तु खरीदता है और बेटा उसका उपयोग करता है। उसे कहते हैं कंज्यूमर। जैसे मैं गया बाजार और यह टीशर्ट खरीद के लाया। प्यारे बच्चों, जब यह टीशर्ट मैं खरीद के लाया, तो मैं हो गया कंज्यूमर। है ना? जब मैं इस टीशर्ट को खरीद के लाया, तो मैं हो गया कंज्यूमर। और प्यारे बच्चों, खरीद कर क्या कर रहा हूं? पहन रखा हूं। इसका उपयोग कर रहा हूं। यानी कि कंज्यूमर वो होता है जो वस्तु को खरीदता है। जब आप शाम को बाजार जाते हो और बाजार जाने के बाद जब आप किसी वस्तु को खरीदते हो तो आप हो गए कंज्यूमर। और याद करो जब आप खरीदते हो किसी वस्तु को तो कोई बेचने वाला भी तो होता है। कोई वस्तु को वहां पर बेचता भी है। तो प्यारे बच्चों जो वस्तु को बेच रहा है वो होता है

31:46 प्रोड्यूसर। यानी कि प्यारे बच्चों जो वस्तु बेचता है जो वस्तु बेचता है या प्यारे बच्चों जो उत्पादन करता है यानी कि जो इस वस्तु को बना रहा है या जो वस्तु को बेच रहा है वो होता है प्यारे बच्चों उत्पादक और जो खरीदता है उसे कहते हैं कंज्यूमर। देखो एक लाइन में क्लियर हो गया होगा बहुत अच्छे तरीके से। ठीक है? चलिए। यानी कि प्यारे बच्चों दो लोग होते हैं बाजार में। एक बेचने वाला, एक खरीदने वाला। ठीक है? तो खरीदने वाला जो है इसे बोलेंगे कंज्यूमर। है ना? जो खरीद रहा है उसे बोलेंगे कंज्यूमर। और प्यारे बच्चों एक बेचने वाला जो बेच रहा है वस्तु को उसे कहेंगे प्रोड्यूसर। उसे कहेंगे उत्पादक। ठीक है? अब प्यारे बच्चों एक बात बताइए वितरण

32:32 डिस्ट्रीब्यूशन। है ना? ये भी आप सभी को पता है। ये दोनों भी पता था लेकिन आपको बस वर्ड नहीं पता है। अब जान गए। अब जब भी बाजार जाइएगा शाम को कहेंगे हम उपभोक्ता हैं। क्या है? हम उपभोक्ता है। हम खरीदने जा रहे हैं। और वहां पे जो बेचेगा कहिएगा आप प्रोड्यूसर हो। उसे इंग्लिश में बोलोगे उसका इज्जत बढ़ जाएगा। वो सोचेगा ओ तेरी हमें तो प्रोड्यूसर बना दिया। समझ रहे हो? वो अपने आप को कितना हो सके तो सब्जी में ₹2 कम कर दे। है कि नहीं? बोलेंगे कि भैया आप तो प्रोड्यूसर हो। हम तो कंज्यूमर है। वो बोलेगा लकावा बड़ा इकोनॉमिक्स पढ़ के आया रे। लकावा को इकोनॉमिक्स बहुत अच्छे से आ रहा है। कहां से पढ़ा है? फिर आप बताइएगा कि तनु क्लास में निशांत सर से पढ़ के आए हैं। ठीक है? यानी कि प्यारे बच्चों ध्यान देंगे इस बात को कि आप हो गए कंज्यूमर और बेटा जो बेच रहा है वो हो गया प्रोड्यूसर। तो एक बात और ध्यान दीजिएगा

33:19 कि जब भी फैक्ट्री में जब भी कंपनी में बेटा वस्तु बनती है जब भी कंपनी में वस्तु बन रही है तो वस्तु को कंपनी में नहीं रखते हैं। उसको बाजार में बांटते हैं। मतलब बाजार में भेजते हैं। किस लिए बेटा? ताकि हमारा प्रोडक्शन आगे बढ़े और हमारी वस्तु की बिक्री हो और लोग हमारे कंपनी के बारे में हमारे प्रोडक्ट के बारे में जाने। डिस्ट्रीब्यूशन करना प्यारे बच्चों डिस्ट्रीब्यूशन और अच्छे से समझो। स्कूल गए हैं भैया लंच लेके। मम्मी ने दे दी है लंच। ठीक है? और जब आप लंच ले गए हो बेटा तो वहां पे क्या है? हमारे बहुत सारे दोस्त हैं। और भैया जब दोस्त हैं बहुत सारे दोस्त हैं। तो फिर वो बोले चलो हम अपने लंच को डिस्ट्रीब्यूट करते हैं। है ना? आपको क्या आपको एक अच्छा मैनर्स है ये

34:04 गुड मैनर्स में आता है। स्कूल में सिखाया जाता है कि जब भी आप चीज खाइए तो डिस्ट्रीब्यूट करके खाइए। वितरण करके बांटकर प्यारे बच्चों तो डिस्ट्रीब्यूशन का मतलब होता है बांटना। बांटना यानी कि जब आप वस्तु को बांटते हो प्यारे बच्चों वो हो गया डिस्ट्रीब्यूशन करना। एक फैक्ट्री एक कंपनी जब किसी वस्तु को बनाती है तो वह क्या करती है? बाजार में डिस्ट्रीब्यूट कर देती है। अब बताओ आपको डिस्ट्रीब्यूट भी पता है। है ना? आप इंग्लिश में भी बोलते हो और हिंदी में उसी को बोलते हैं प्यारे बच्चों वितरण। वितरण और सोचो ये सभी चीज आपको पता है लेकिन आप बोल रहे हो इकोनॉमिक्स नहीं आती। कैसे? सबसे ज्यादा बच्चों को तो हमारे ही विषय आती है। हां। ठीक है प्यारे बच्चों? तो जो पढ़ रहे हैं उनका अच्छा है। है ना? जो पढ़ रहे हैं

34:51 वो अच्छा है। उनका रिवीजन और अच्छे से रिवीजन हो रहा है। ठीक है? तो प्यारे बच्चों डिस्ट्रीब्यूशन यानी कि बांटना। अब आप बांट रहे हो। प्यारे बच्चों विनिमय। अब देखो क्या है? विनिमय आप स्कूल गए एक दिन ध्यान से समझो मेरी बात कैसे मैं समझा रहा हूं जो चीज आप करते हो वो इकोनॉमिक्स है बस मैं आपको बता रहा हूं आपको इकोनॉमिक्स सिखा नहीं रहा हूं आपको आता है बस मैं आपको जानकारी दे रहा हूं कि भैया यही तो इकोनॉमिक्स है प्यारे बच्चों आप स्कूल गए ठीक है आप दो फ्रेंड है दो फ्रेंड है चलो यहां पे दो फ्रेंड को बना देते हैं देखो है ना यह लो यहां पर दो फ्रेंड हो गई यह फ्रेंड हो गई एक ठीक है हां लो भैया यहां पर यह फ्रेंड हो गए। एक यह फ्रेंड है और प्यारे बच्चों एक और यहां पर फ्रेंड बना देते हैं।

35:38 चलो इसमें लड़का लड़की कौन लग रहा है भाई? लो भैया दो फ्रेंड हो गए। यह तो लड़की लग रही है। यह लड़का है। ठीक है? तो चलो यह गर्ल हो गई और यह बॉय हो गए। यह दोनों आपस में दोस्त हैं। प्यारे बच्चों, यह दोनों जाते हैं स्कूल। और एक दिन क्या हुआ कि यह गया यानी कि इसका नाम क्या रखते हैं? चलो इसका नाम रख देते हैं हम क्या नाम रखें? चलो इसका नाम रख देते हैं ए और लड़की का नाम रखते हैं बी। तो प्यारे बच्चों एक दिन स्कूल क्या हुआ? ए गया, बी नहीं गया। ठीक है? ए गया और बी नहीं गया। तो प्यारे बच्चों, अगले दिन जब बी और ए से मिलती है, यानी कि लड़की जब लड़के से मिलती है, अपने दोस्त

36:24 से मिलती है तो कहती है कि अरे तुम तो स्कूल गए थे। एक काम करो कि तुम हमें क्या कर दो? तुम हमें सर का इकोनॉमिक्स की कॉपी दे दो। सर बहुत अच्छा इकोनॉमिक्स पढ़ाए होंगे। मुझे पता है तो हमारा इकोनॉमिक्स छूट जाएगा। इसलिए क्या करो? तुम हमें इकोनॉमिक्स की कॉपी दे दो। लड़की बोलती है तो प्यारे बच्चों लड़का बोलता है कि ठीक है। उसके पहले हमारा भी मैथ छूटा हुआ है। ठीक है? हमारा क्या छूटा है? मैथ छूटा है। रूपेश सर तनु क्लास में बहुत अच्छा मैथ पढ़ाते हैं। तो तुम एक काम करो। हमें मैथ की कॉपी दे दो। ठीक है? तो अब बताइए बात आती है इससे अच्छा प्यारे बच्चों एक और है जैसे यहां पे ये बोलता है कि हमें क्या दे दो हमें हिस्ट्री दे दो तुम चलो हमें हिस्ट्री दे दो है ना अमन सर बहुत अच्छा हिस्ट्री पढ़ाते हैं बहुत तगड़ा हिस्ट्री पढ़ाते हैं तो तुम हमें हिस्ट्री का नोट्स

37:10 दे दो तो मैं तुम्हें इकोनॉमिक्स का नोट्स दे देते हूं तो प्यारे बच्चों यहां पे क्या करेंगे वो यहां पे वो एक्सचेंज कर रहे हैं क्या कर रहे हैं लेनदेन कर रहे हैं प्यारे बच्चों है ना यहां पे वो एक्सचेंज कर रहे हैं ध्यान से समझो बड़ी बात यही होता है एक्सचेंज। क्या आप यह नहीं जानते थे? बिल्कुल अच्छे से जानते थे। है ना? लड़की बोलती है लड़का से कि तुम हमें इकोनॉमिक्स की कॉपी दे दो। निशांत सर बहुत अच्छे इकोनॉमिक्स पढ़ाए होंगे। हमारा छूट जाएगा। तो लड़का बोलता है अच्छा दो दिन पहले हम भी तो स्कूल नहीं गए थे। तुम हमें अमन सर का हिस्ट्री का नोट्स दे दो। है ना? यानी कि फिर यह बोलता है ठीक है मैं तुम्हें हिस्ट्री देती हूं और तुम हमें इकोनॉमिक्स दे दो। तो भैया ये आपस में क्या कर दिए? एक्सचेंज कर लिए। लेनदेन कर लिए। ठीक है?

37:56 उन्होंने क्या कर लिया? उन्होंने लेनदेन कर लिया। प्यारे बच्चों आपस में एक्सचेंज कर लिया। यही होता है बेटा इकोनॉमिक्स। यही तो है आपका इकोनॉमिक्स। और आप बोलते हो नहीं आता है। कैसे नहीं आता है प्यारे बच्चों? देखो एक्सचेंज का मतलब होता है बेटा लेनदेन। लेनदेन करना। एक्सचेंज करना प्यारे बच्चों। ठीक है? यह होता है लेनदेन। और प्यारे बच्चों, एक आता है उद्यमी। ध्यान से समझो। यह एक संगठन होता है प्यारे बच्चों। यह एक संगठन कुछ लोग मिलकर जैसे मैं हो गया और आप में से पांच छह लोग आ जाइए है ना अभी तो निकल नहीं सकते हैं जहां पे आप हैं बेटा वहीं से आ जाओ जहां पे आप है वहीं से आ जाओ और फिर हम आपस में मिलके क्या करेंगे एक संगठन बनाएंगे है ना एक ऑर्गेनाइजेशन बनाएंगे बेटा और हम सभी

38:42 मिलके आप सभी में मैं मालिक होगा ठीक है हम मालिक होंगे सबसे बड़े हम है तो हम मालिक होंगे यानी कि प्यारे बच्चों एक संगठन बन रहा है एक उद्यमी बन रहा है और हम लोग मिलके बेटा बेटा व्यापार करेंगे इस संसार में है ना मिलके हम बाजार में व्यापार करेंगे व्यापार के जितने फैसले होंगे हम आपस में मिलके लेंगे तो बेटा व्यापार ये जो संगठन होता है यह क्या करता है यह करता है व्यापार और व्यापार करके बेटा लाभ कमाता है ठीक है तो ये रहे आपके प्यारे बच्चों आर्थिक कार्य के रूप में आर्थिक गतिविधियां के रूप में यह सारे लोग शामिल होते हैं। ठीक है और प्यारे बच्चों एक और अच्छा कांसेप्ट बताऊं आपको और अच्छा तो ध्यान से समझो यहां पे प्यारे बच्चों जो कंज्यूमर है ठीक है? यहां पर जो कंज्यूमर है, उपभोक्ता प्यारे बच्चों, यह वस्तु को खरीदता है और वस्तु का उपयोग कर

39:29 रहा है और प्यारे बच्चों, यह चाहता है कि हम अधिक से अधिक क्या हो? प्रसन्न हो जाए। अधिक से अधिक हमें संतुष्टि मिले। क्या मिले? प्यारे बच्चों संतुष्टि मिले। ध्यान से देखना इस बात को। यह चाहता है कि हमें संतुष्टि मिले। उपभोक्ता जैसे हम बाजार गए और भैया की शादी है और भैया के शादी में सोच ले कि हमरा सबसे आगे रहेबा और सबसे अच्छा दिखेलाबा ठीक तब का कर जा तब तो ये कर जानू कि दुकान जबाब और जितना महंगा से महंगा कपड़ा हो उ खरीद के आईबा और कोनो कोनो के तो दिमाग में ई चलता है कि ना हमारा दूल्हों से अच्छा लागेलाबा बबुआ एक बात याद रखियो बारात में दूल्हा और बाराती में सबसे ज्यादा पूछ दूल्हा का होता है ठीक है का कि दूल्हावे से तो शादी करेला है बाराती को तो मार के भगा देता है सब है

40:17 ना बरतिया सब तो भाग आता है खा पी के दूल्हा को रखता है सब तो कितनो अच्छा पहन दू्हा से ज्यादा अच्छा ना लगवा और दूल्हा से ज्यादा तोहर मानदान ना हो ठीक है प्यारे बच्चों एक चीज और याद रखो दुनिया में ना हर एक आदमी एक दिन जरूर सेलिब्रेट बनता है ठीक है यानी कि एक दिन जरूर तू फेमस होइब और उ तोहर बाराती बाराती के दिन हर एक लड़का अपने आप में क्या होता है सेलिब्रेट होता है एकदम मतलब बड़े आदमी के रूप में लोग फोटो खींचते हैं। एकदम उसका फोटो खींचते हैं। भैया उस दिन फील आता है कि यार आज तो शाहरुख खान हम ही बन गए हैं। है कि नहीं? आज तो लगता है कि शाहरुख खान हम ही बन गए हैं। तो प्यारे बच्चों जब आप बाजार गए अब बाजार जाने के बाद जब आप वस्तु को खरीद रहे हो यानी कि बारात में

41:03 पहनने के लिए कपड़े को खरीद रहे हो। ठीक है? जब आप कपड़े को खरीद रहे हो तो आप क्या चाहोगे कि इस कपड़े को जब हम पहने तो हम भैया सबसे अलग दिखे। सबसे अच्छा दिखे और प्यारे बच्चों जब आप कपड़े को खरीद के घर पे आते हो और पहनते हो लोग बोलते हैं तेरी के गजब हीरो लागत रे रे दूल्हा से अच्छा तो तू ही लात रे अब लो अब भैया हमारे अंदर क्या होते हैं पुआ फूल जाता है हम फूल जाते हैं रे बोल दे दूल्हा से अच्छा लात रे अब तो सच में हम लात नहीं हैं ऐसे मन में आता है बात है कि नहीं फिर हम सोचने लगते हैं फिर हमारी मम्मी कहती है अरे बाप रे हम राजा बेटा तो सोना लात सोना अब ले अब भैया अब तो और दिमाग पे चढ़ जाता है कि ले मम्मी भी बोल दे कि हम हीरो लागत नहीं। अब यानी कि आपके अंदर क्या

41:50 आएगा? खुशी आएगा कि हां यानी कि हमने जो वस्तु खरीदा है वो बहुत ही अच्छा खरीदा है और बेटा आपको क्या मिलेगी? आपको आत्मा की खुशी मिलेगी। आपको संतुष्टि मिलेगा। ठीक है? तो जिस वस्तु का उपयोग करके प्यारे बच्चों आपको खुशी मिल रही है यानी कि आपको संतुष्टि मिल रही है तो एक कंज्यूमर एक उत्पादक सॉरी बेटा एक उपभोक्ता हमेशा संतुष्टि के बारे में सोचता है। ठीक है? चलिए अब प्यारे बच्चों यहां पर समझ गए। उपभोक्ता संतुष्टि के बारे में सोचता है। और बेटा उत्पादक ध्यान देंगे जो उत्पादक है यह हमेशा चाहता है बेटा कि हमारा क्या हो? लाभ हो। यह हमेशा प्रॉफिट के बारे में सोचता है। याद रखेंगे लाभ कमाना। ठीक है?

42:38 यह अच्छे से याद रखेंगे प्यारे बच्चों। जो उपभोक्ता सॉरी जो उत्पादक होता है यह बेटा हमेशा लाभ के बारे में सोचता है कि हम कोई भी वस्तु को बेचे। कोई भी वस्तु को बेचे तो हमें क्या मिले? लाभ मिले। बाजार में गए आप किसी वस्तु को लेकर। ठीक है? आप किसी वस्तु को लेकर बाजार में गए प्यारे बच्चों। और बाजार में जाने के बाद जब आप वस्तु को बेच रहे हो और बेचे कितना? लोग बेच रहे हैं ₹10। ठीक है? ध्यान दो। लोग बेच रहे हैं ₹10 और वहीं पे किसी आदमी को पकड़ के अगर तू ₹12 बेच दे तो अंदर इतना खुशी हो कि का? हम बहुत ज्यादा लाभ कमा ले लेानी। है ना? हमरा का हुआ हमरा बहुत ज्यादा लाभ हुआ। यानी कि प्यारे बच्चों बेचने वाला बेचने वाला हमेशा लाभ के बारे में सोचता है। प्रॉफिट के बारे में सोचता

43:24 है। और बेचने वाला यहां पे कौन है? उत्पादक। यानी कि एक प्रोड्यूसर हमेशा लाभ के बारे में सोचता है। ये रहे प्यारे बच्चों आपके आर्थिक क्रियाएं के रूप में आर्थिक गतिविधियां। ठीक है? चलिए तो इतना आपको अच्छे से समझ में आ गया। सर कितने हावर्वर का क्लास होती है सर? जी बेटा कितने हावर्वर से मत समझो। यहां पे इतने मस्ती से क्लास चल रही है। ये समझो तुम्हें तो यह पूछना चाहिए कि सर जी कितने मस्ती से क्लास चलती है। है ना? क्या सवाल करते हो बेटा? चलो। इतने मजे से हम इकोनॉमिक्स को सीखते हैं। समझ रहे हो? इतने मजे से हम इकोनॉमिक्स को जानते हैं। सीखते हैं। बेटा कहीं नहीं मिलेगा। इतने शानदार तरीके से। यह मैं बोल रहा हूं। ठीक है? यह आपका प्यार, आपका विश्वास प्यारे बच्चों, तनु

44:10 क्लास पर जो बच्चों का विश्वास है, वह बोल रहा है। नहीं बेटा इग्नोर पढ़ाते समय बेटा किसी को नहीं इग्नोर किसी को नहीं करते निशांत सर पता है ना निशांत सर किसी को इग्नोर नहीं करते ठीक है प्यारे बच्चों इकोनॉमिक्स मेरा मेन है तो बेटा जब इकोनॉमिक्स आपका मेन है तो सोच लो कितना ज्यादा इंपॉर्टेंट क्लास है सर एक बार मेरा भी नाम लीजिए ना मेरा मेरे प्यारे टीचर निशांत सर जी प्लीज अच्छा चलिए नाम लीजिए चलो जी रुसार परवीन है इनके फेवरेट टीचर हम है और यह बोल रही है कि सर एक बार मेरा नाम ले लीजिए खुश हो जाएंगे ठीक है चलो ठीक है। ओके। अब आते हैं प्यारे बच्चों। होगा बेटा 11th का भी होगा। प्यारे बच्चों अब सुनो जो हमने पढ़ा था उसको एक बार जल्दी से यहां

44:55 पे देख लेते हैं। आइए मैंने आपको बताया प्यारे बच्चों आर्थिक क्रिया के अंतर्गत उपभोग, उत्पादन, विनिमय, वितरण, निवेश इन सभी को शामिल किया जाता है। आ जाओ बेटा एक और वर्ड है सीख लो। उद्यमी तो सीख लिए ना यहां पे एक और वर्ड है सीख लेते हैं। आइए आपको मैं सिखा देता हूं। निवेश क्या होता है बेटा? ठीक है? निवेश और निवेश को बेटा बोलते हैं इन्वेस्टमेंट। यहां पे सीखो निवेश। निवेश को बेटा बोलते हैं इन्वेस्टमेंट। इंग्लिश में बोलते हैं इन्वेस्टमेंट। प्यारे बच्चों निवेश क्या होता है? ध्यान से समझेंगे। एक होता है बेटा खर्च और एक होता है निवेश। दोनों में बहुत अंतर है। अभी तक आप सभी को एक ही लगता होगा कि भैया हम तो खर्च कर रहे हैं। हम निवेश कर रहे हैं। लेकिन बेटा दोनों में बहुत अंतर है।

45:43 आज मैं आपको समझाऊंगा और कहीं बाय चांस आपको पढ़ने को मिलेगा। तो ध्यान से समझना। ठीक है? तनु क्लास पे ही आपको ये सारे कांसेप्ट अच्छे से जानने को मिलेंगे। ध्यान रखना प्यारे बच्चों। ठीक है? निवेश इन्वेस्टमेंट यानी कि बेटा खर्च पहले समझो। खर्च जो हम कर दिए वह नहीं आने वाला है। जो हम कर देते हैं खर्च उसके बदले हमें वस्तु मिलता है। लेकिन प्यारे बच्चों जब आपको पैसे के बदले पैसे मिले। ठीक है? जब आपको पूंजी के बदले पूंजी मिले दैट इज कॉल्ड इन्वेस्टमेंट। लेकिन प्यारे बच्चों खर्च में पैसे के बदले पैसे नहीं आते हैं। आप आइसक्रीम खरीद रहे हो। पैसे दे दिए। आइसक्रीम उसने दे दिया। खा भी लिए। ए हमें पैसा दो देगा वो नहीं देगा। यानी कि आपको पैसे के बदले पैसे नहीं मिलेंगे प्यारे बच्चों। लेकिन

46:30 निवेश में निवेश में मिलता है। निवेश में क्या होता है? पूंजी के बदले बेटा निवेश में पूंजी से पूंजी कमाते हैं। समझो पैसे से पैसे कमाते हैं। जैसे कोई कंपनी जब आप किसी कंपनी में पैसे को लगाते हो। ठीक है? तो उस कंपनी से आपको पैसे मिलते हैं ना भैया। आप 1 लाख लगाते हो। कंपनी महीने दिन हमें ₹ लाख देती है। क्या किए? पैसे लगाए और पैसे कमाए बेटा दैट इज कॉल्ड इन्वेस्टमेंट। इसी को निवेश कहते हैं। देखो क्या शानदार तरीके से खर्च और निवेश समझ गए? खर्च में पैसे से पैसे नहीं मिलते हैं। बेटा निवेश में पैसे के बदले फिर पैसे मिलते हैं। इसी को कहते हैं इन्वेस्टमेंट। बेटा ये समझाने का स्टाइल है निशांत सर का। ठीक है? चलो।

47:19 हां। एक बच्चे बोल रहे हैं सर ऐप पे भी पढ़ती थी। बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। ठीक है प्यारे बच्चों? बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। तो आप बहुत अच्छे से समझो। है ना? ऐप पे भी बहुत अच्छा पढ़ाता हूं। तो यहां पे भी तो बहुत अच्छा पढ़ा रहा हूं। है कि नहीं? अब प्यारे बच्चों उपभोग देखो आ जाओ। कंज्यूमर उपभोग वो आर्थिक क्रिया है जिसमें व्यक्तिगत तथा सामूहिक आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए देख रे बबुआ बबुआ और बबनी देखो ध्यान दो। जो वर्ड हम लिखे हैं वह ध्यान दो। संतुष्टि के लिए वस्तु और सेवाओं की उपयोग करते हैं। वह होता है कंज्यूमर। जो अपनी संतुष्टि के लिए वस्तु का उपयोग करता है। भोजन करना, कपड़ा पहनना। ठीक है? फिर प्यारे बच्चों आ जाओ उत्पादन। उत्पादन यानी कि प्रोड्यूसर। उत्पादन वह आर्थिक क्रिया है जिसका संबंध वस्तु और सेवाओं की उपयोगिता अथवा मूल्य में वृद्धि

48:04 करने से है। प्यारे बच्चों जो वस्तु का उत्पादन करता है। जैसे कपड़ा काटकर कपड़ा सिलना, लकड़ी चीरकर कुर्सी बनाना। यानी कि प्यारे बच्चों जब आप किसी चीज से किसी वस्तु को बनाते हो तो उसकी कीमत बढ़ती है। है ना? यही होता है उत्पादन करना। यानी कि प्यारे बच्चों जैसे एक लकड़ी। अब लकड़ी का पहले दाम है ₹20 और इस लकड़ी से हम बना दिए चेयर। तो बेटा चेयर का दाम ₹20 थोड़ी होता है। चेयर का दाम हो गया ₹50। यानी कि बताओ कीमत में वृद्धि हुआ कि नहीं? हुआ तो हम इसी को कहेंगे उत्पादन। यानी कि जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु को बनाता है और उसके मूल्य में वृद्धि हो रहा है। तो प्यारे बच्चों उसी को कहते हैं उत्पादन होना। और यह कौन करता है? यह करता है प्यारे बच्चों उत्पादक प्रोड्यूसर एक उत्पादक उत्पादन को करता है प्यारे बच्चों

48:51 विनिमय लेनदेन एक्सचेंज इसको इंग्लिश में बोलते हैं एक्सचेंज विनिमय वह क्रिया है जिसमें किसी वस्तु या उत्पादन के साधन का क्रय और विक्रय किया जाता है लो भैया अब यही तो बात हो गया ना यही तो इकोनॉमिक्स आ गया लेनदेन इसी को कहते हैं क्रय और इसी को कहते हैं विक्रय यानी कि प्यारे बच्चों क्रय माने खरीदना क्रय माने खरीदना और विक्रय माने बेचना बेचना। क्या शानदार तरीके से इकोनॉमिक्स का वर्ड सीख रहे हैं आप लोग? क्रय माने होता है खरीदना। विक्रय माने होता है बेचना। यानी कि प्यारे बच्चों जब भी आप बाजार जाओ और आपके दोस्त पूछे कहां जा रहा है? तो बोलिएगा कि हम क्रय और विक्रय करने जा रहे हैं। है ना? क्या करने जा रहे हैं? क्रय और विक्रय करने जा रहे हैं। खरीदने और बेचने जा रहे हैं। यानी कि प्यारे बच्चों जिस स्थान पे

49:37 हम खरीदते और बेचते हैं क्रय और विक्रय करते हैं वो कहलाता है बाजार। यहां पे एक और वर्ड सीख लो बाजार। ठीक है? चलिए वैसे बाजार को मैं और अच्छे से समझाऊंगा आपको। तो प्यारे बच्चों यहां पे समझ गए वितरण के बारे में है ना वितरण वह प्रक्रिया जिसके द्वारा प्यारे बच्चों उत्पादन या सेवाओं उत्पादक बनाने वाले देखो प्यारे बच्चों जो बनाता है उसी को उत्पादक कहते हैं। बनाने वाले से उपभोक्ता खरीदने वाले जो खरीदता है वह उपभोक्ता हो गया और जो बनाने वाला होता है जो बेचने वाला होता है वह उत्पादक होता है तक पहुंचाया जाता है। यानी कि वितरण बांटते कैसे हैं? कंपनी में जो व्यक्ति बना रहा है और बाहर जो खरीदने वाला है इससे यहां तक पहुंचाना। यही तो हो गया वितरण यानी कि बेचने वाले से मतलब

50:22 बनाने वाले से खरीदने वाले के पास वस्तु को पहुंचाया जा रहा है। इसी को कहते हैं बेटा वितरण। इसी को कहते हैं डिस्ट्रीब्यूशन। यानी कि जो व्यक्ति बना रहा है वस्तु को और जो खरीदने वाला है जब बनाने वाले की वस्तु खरीदने वाले के पास पहुंच जाती है। दैट इज कॉल्ड डिस्ट्रीब्यूशन। दैट इज कॉल्ड वितरण। ठीक है प्यारे बच्चों? यह हो गया हमारा वितरण। जैसे प्यारे बच्चों यहां पे आपको देखो माल या वस्तु को गोदाम से उपभोक्ता तक पहुंचाना। फैक्ट्री में बन गया है। गोदाम में रखा हुआ है। इसको उपभोक्ता तक पहुंचाना है। बाजार तक पहुंचाना है। यही तो हो गया प्यारे बच्चों वितरण। और प्यारे बच्चों ध्यान देखेंगे कि माल या वस्तु को पहुंचाने के लिए हमें क्या चाहिए? परिवहन चाहिए। है ना? माथा पे लाद कर थोड़ी ले ज हो। परिवहन चाहिए न। माथा पर थोड़ी लाद ले

51:10 परिवहन चाहिए ओकराला ठीक ले जाए के माध्यम चाहिए ओकरे कहल परिवहन निवेश बेटा निवेश अब हमें पता है कि हमारे प्यारे-प्यारे बच्चे इन्वेस्टमेंट अच्छे से सीख गए होंगे पैसे के बदले पैसे पूंजी के बदले पूंजी प्यारे बच्चों यहां ध्यान देंगे निवेश वह प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति या संस्था अपने धन को किसी व्यापार संपत्ति शेयर बैंक आदि में इस उम्मीद के साथ लगाते हैं कि भविष्य में उन्हें उससे लाभ मिले, मुनाफा मिले उसी को कहते हैं निवेश। ठीक है प्यारे बच्चों? जैसे जमीन, मकान, सोडा, गाड़ी चीजें का धन लगाना। यानी कि प्यारे बच्चों जब आप किसी मकान में घर किसी मकान में पैसे लगाते हो तो क्या सोच के लगाते हैं कि भैया आज हम पैसे लगा रहे हैं। कल इससे हमें पैसा मिले और उसको जब आप किराया

51:58 पे लगा देते हो। ठीक है? प्यारे बच्चों जब आप किराया पे लगा देते हो उसे तो फिर उसे क्या मिलते हैं? पैसे मिलते हैं। तो यानी कि प्यारे बच्चों पैसे लगाएं। मकान को बनाने में पैसे लगाएं और फिर प्यारे बच्चों उससे आपको पैसे मिले। यही तो हो गया निवेश। इसी को कहते हैं इन्वेस्टमेंट। ठीक है? चलो यह हो गया प्यारे बच्चों निवेश। हमने निवेश तक जान लिया प्यारे बच्चों। अब ध्यान देंगे। यहां पे बहुत अच्छी चीजें आती है। ठीक है? चलो यहां तक सबको बहुत अच्छे से क्लियर होता जा रहा है। मजा के साथ हम इकोनॉमिक्स के पढ़ रहे हैं और इकोनॉमिक्स को सीख रहे हैं। चलो अच्छा ठीक है। और प्यारे बच्चों एक बात है। यस सर। ठीक

52:44 है। कुछ लोग ऐसा भी है रे बबुआ एक बात बताओ तुम सब अभी 12th में 12 लोग है ना तुम सब अभी 12th में 12 जा और तुम लोग के प्यार के भूत चढ़ जा। हां एक बात बता जा तू लोग अभी 12th में 12 में ही तुम लोग के प्यार के भूत समझला प्यार प्यार का होला प्यार के भूत चढ़ तो लोग के 12्थ में कहल ना इकोनॉमिक्स के भूत नहीं के चढ़त इकोनॉमिक्स वाला बबुआ एक भूत चढ़ लोग अगर एक भूत चढ़ ज माथा पे ना तो फिर बहुत पैसा कमाई बजा बहुत ज्यादा पैसा कमाई के मिली बहुत ज्यादा लेकिन एक भूत चढ़ ना तो समझ लिया कई बार जेल में ज और कई बार देख के हड्डी टूटी मत समझो बहुत बार ठीक बा यानी कि बबुआ एक बात समझिए अगर इकोनॉमिक्स सीख तो

53:30 पैसा कमाईबा और हाई सीखबा तो पैसा गवाई आया समझ में इकोनॉमिक्स से पैसा कमाई और प्यार सीख तो बेटा पैसा गवाई तब तू लोग डिसाइड कर ले कि तो के का चाहिए इसमें ठीक बाबे से पूछ लोग तू है बारू तो तू ही बार हम बबुआ और बबनी प्यारीप्यारी बबनी और प्यारा प्यारा बबुआ जरा संभल जा और अच्छे से पढ़ाई कर ला अभी 12थ ठीक बा अरे भाई बच्चों एक पूछ रहा है क्या गुरु जी आपको नहीं हुआ है बेटा हमको कहते हैं कि बेटा बाप की मेहनत को अंजाम देना है बाप के मेहनत को अंजाम देना है कैसे कर लूं इश्क मोहब्बत अभी तो मां के हथेली पर पहले ही

54:17 कमाई देना है हां कैसे कर लोगे बेटा इश्क मोहब्बत कैसे कर लोगे अभी समय ही नहीं अभी जो सपना देखो उसे पूरा करना है समझे और कह लोग प्यार करे के तो सुन जा एक और एक और लाइन सुन जा भोजपुरी में कि ऐन जेल जहां रिहाई ना मिली इशन जेल जहां रिहाई ना मिली प्यार करला का बेवफाई ना मिली इ ऐन जेल जहां रिहाई ना मिली प्यार करेला काला बेवफाई ना मिली और प्यारे बच्चों ध्यान से समझो बबुआ जेल है जेल ठीक है चलो सही बात बोले ना तो तुम सभी उस पर गौर करो

55:09 एक बार कुंडली भी मैच हो गया था पर सर ने रिजेक्ट कर दिया है उनको करियर बनाना है हां बेटा अरे बाप रे बाप कुंडली वाला तो बेटा शायरी था ठीक है कुंडली वाला तो था मैंने आपको सुनाया था वाह वाह वाह वाह वाह सर जी मुझे तो प्यार का मतलब ही नहीं था। ठीक है कोई बात नहीं तो ध्यान देना ठीक है बेटा एक बच्चे पूछ रहे हैं कौन सा ऐप पर पढ़ाते हैं प्यारे बच्चों तनु क्लासेस ऐप तनु क्लासेस ऐप डाउनलोड कर लो वहां पे आपको निशांत सर से बहुत अच्छे तरीके से इकोनॉमिक्स पढ़ने को मिलेगा ठीक है बहुत सारे इसमें बच्चे हैं जो पढ़ चुके हैं हमसे हां अब प्यार नहीं पढ़ाई पे ध्यान देना ठीक है और यह वही बबनी बोल रही है जो बबनी

55:54 हमको बोली थी सर आपको प्यार नहीं हुआ है। अभी वही बबनी बोली है हमारी बात सुन के कि अब प्यार पे नहीं पढ़ाई पे ध्यान देना है। बिल्कुल सही बात है बेटा। पढ़ाई पे ध्यान दो। ठीक है? कहते हैं ना कि भूख के पले बच्चे हैं एक दिन सब कुछ खाऊंगा। भूख के पले बच्चे हैं एक दिन सब कुछ खाऊंगा। जब घर से निकल गए हैं तो इतिहास लिख कर जाऊंगा। ठीक है? तो घर से निकल गए हैं तो इतिहास लिख कर जाना है। लिख के रख लो प्यारे बच्चों इस बात को। चलो। ओके। तो प्यारे बच्चों अब आते हैं अपने टॉपिक पे और थोड़ा सा और जानकारी लेते हैं। फिर मजेदार तरीके से करेंगे कल के क्लास में। तो प्यारे बच्चों यहां पे एक चीज और मैं आपको सिखाने जा रहा हूं। अर्थशास्त्र की प्यारे बच्चों यह जो अर्थशास्त्र है इसकी दो शाखा होती है।

56:40 यहां पे जो आपको अर्थशास्त्र देखने को मिल रहा है, इसकी दो शाखा होती है। प्यारे बच्चों ध्यान देंगे। सारे बच्चे पढ़ेंगे बहुत मजेदार तरीके से। अर्थशास्त्र की प्यारे बच्चों दो शाखा। और दो शाखा का जो नाम है वह मैं आपको बता रहा हूं। बेटा एक होता है व्यष्टि एक होता है प्यारे बच्चों व्यष्टि अर्थशास्त्र और एक होता है प्यारे बच्चों समष्टि अर्थशास्त्र जो मैंने अभी आपको शुरू में भी बताया होगा। यह इनकी दो शाखा होती है प्यारे बच्चों याद रखेंगे जिसको इंग्लिश में बोलते हैं माइक्रोइकोनॉमिक्स और इसको इंग्लिश में बोलते हैं बेटा माइक्रोइकोनॉमिक्स

57:25 ठीक है चलो माइक्रो एंड मैक ठीक है चलो प्यारे बच्चों बीएसटी और समष्टि माइक्रोइकोनॉमिक्स और माइक्रो इकोनॉमिक्स बेटा ध्यान देना माइक्रोइकोनॉमिक्स और मैन की जब भी बात आए तो आपको एक बात और याद रखना है इसमें कि समष्टि और व्यष्टि को भैया दिया किसने था? तो याद रखेंगे एक अर्थशास्त्री थे जिनका नाम था रेगनर फ्रिस। क्या नाम है? रेगनर फ्रिस। याद रखेंगे यहां पे रेगनर फ्रिस। यह बेटा एक अर्थशास्त्री है। रेगनर फ्रिश एक अर्थशास्त्री है। जिन्होंने अर्थशास्त्र को दो भागों में बांटा था। समष्टि अर्थशास्त्र और प्यारे बच्चों व्यष्टि अर्थशास्त्र याद कैसे रहोगे पता

58:12 है याद करने का एक ट्रिक बता रहा हूं देखो अभी समझ में आएगा बेटा फ्रिश फ्रिश से होता है फिश देखो कैसे याद रखोगे फ्रिश है ना तो फ्रिश से बना लो फिश फिश माने मछली फ्रिश फिश और बेटा फिश कैसे चलती है रेंग रेंग कर चलती है है ना जब उसको पानी में से बाहर निकाल दो तो कैसे चलती है रेंगती है तो रेंगती है बेटा रेंगती से हो गया रेगनर है ना रेग रेगनर फ्रिश कैसे चलती है? रेंग कर चल रही है। रेंग कर चल रही है। फिश से बन गया फ्रिश और रेंग कर चल रही है तो रेगनर यानी कि बेटा रैगनर फ्रिश। क्या याद हो गया एक बार में अच्छे से? है ना? ये बेटा समझाने का स्टाइल है निशांत सर का। ठीक है प्यारे बच्चों? रेगनर फिश। फ्रिश से बन गया फिश। और रेगनर फिश कैसे चलती

58:58 है? रेंग कर चलती है। तो बेटा रैगनर फिश। चलो यहां पे समझ में आ गया? तो रेगनर फिश बेटा एक अर्थशास्त्री है जिन्होंने अर्थशास्त्र को दो भागों में बांटा है प्यारे बच्चों व्यष्टि और समष्टि और प्यारे बच्चों इसके बारे में मैं आपको व्यष्टि और समष्टि के बारे में कल बताऊंगा बहुत ही मजेदार तरीके से कल माइक्रोइकोनॉमिक्स और माइक्रोइकोनॉमिक्स के बारे में समझेंगे प्यारे बच्चों बहुत ही मजा आएगा क्लास को मिस नहीं करिएगा वरना आपको प्यारे बच्चों बहुत अच्छा इकोनॉमिक्स छूट जाएगा क्योंकि प्यारे बच्चों असल जो इकोनॉमिक्स है बेटा यहां से बहुत अच्छे प्रश्न आते हैं आपके एग्जाम में व्यष्टिटी और समष्टि से बहुत ज्यादा प्रश्न आते कि अगर किसी को पीडीएफ तो वह तनु क्लासेस ऐप डाउनलोड कर लो। ठीक है प्यारे बच्चों? तनु क्लासेस ऐप प्यारे बच्चों डाउनलोड कर

59:43 लेंगे। यहां पे डेली ऑल सब्जेक्ट पढ़ाया जाता है। ठीक है? यहां पे ऑल सब्जेक्ट की पढ़ाई होती है प्यारे बच्चों। यहां से आपको पीडीएफ मिल जाएंगे। अच्छे खासे प्यारे बच्चों फिर बहुत अच्छा नोट्स मिल जाएगा। प्यारे बच्चों यहां पे आपको टेस्ट वगैरह सभी चीज मिलेंगे। है ना? होता है। टेस्ट वगैरह भी होता है। सब चीज होंगे। उसके बाद प्यारे बच्चों कोई अगर डाउट हो तो उसको भी सॉल्व किया जाता है। बहुत अच्छे तरीके से। ठीक है? ये सभी आप अच्छे से अगर किसी को करना है तो आप ये चैनल डाउनलोड कर लेंगे। फिर प्यारे बच्चों उसको बहुत अच्छे से और वरना यहां पे तो आपके निशान सर हाजिर हैं। ठीक है? तो प्यारे बच्चों आई होप कि आपको ये बहुत अच्छा लगा हो क्लास और बहुत अच्छे से समझ में आया होगा। प्यारे बच्चों अगर आपको क्लास बहुत अच्छा लगा हो प्यारे बच्चों सब चीज अच्छे से तो एक बार वीडियो को जरूर लाइक करना प्यारे बच्चों जो भी बच्चे नए हैं चैनल को सब्सक्राइब कर लेंगे और कोई भी डाउट हो तो कमेंट में जरूर पूछेंगे। ठीक है प्यारे बच्चों? तो मिलते हैं कल से

1:00:29 आप सभी से नेक्स्ट क्लास में प्यारे बच्चों तब तक करो कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा हैव ए नाइस डे वंडरफुल टाइम जय

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