TOP 50 GEOGRAPHY QUESTIONS ASKED IN RRB NTPC 2026

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संक्षिप्त सारांश

इस वीडियो में, आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट परीक्षा में पूछे गए भूगोल के शीर्ष 50 प्रश्नों को हल किया गया है। वीडियो में मिट्टी के प्रकार, ज्वालामुखी, नदी प्रणालियों, जलवायु, प्राकृतिक आपदाओं और भौगोलिक विशेषताओं जैसे विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न को विस्तार से समझाया गया है, जिसमें अतिरिक्त जानकारी और संबंधित अवधारणाओं को शामिल किया गया है।

मुख्य बातें:

  • काली मिट्टी में उच्च नमी प्रतिधारण और फसल की तीव्रता पर इसका प्रभाव
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का भौगोलिक महत्व
  • विभिन्न प्रकार के ज्वालामुखी और उनकी विशेषताएं
  • भारत की प्रमुख नदी प्रणालियाँ और उनके द्वारा निर्मित भू-आकृतियाँ
  • भारत में जलवायु के प्रकार और प्राकृतिक वनस्पति का वितरण
  • विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ और उनके कारण
  • भारत की भौगोलिक विशेषताओं का महत्व

काली मिट्टी और फसल की तीव्रता

काली मिट्टी में उच्च नमी प्रतिधारण के कारण महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों में फसल की तीव्रता प्रभावित होती है। हालाँकि, आधिकारिक उत्तर कुंजी के अनुसार, यह जलभराव को रोकने के लिए फसल को एक ही मौसम तक सीमित करता है, लेकिन लेखक का मानना है कि नमी प्रतिधारण शुष्क मौसम में भी उपज का समर्थन कर सकता है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का कुल क्षेत्रफल लगभग 8249 वर्ग किलोमीटर है। यह द्वीप समूह 10° चैनल द्वारा अलग किए गए हैं, और यहाँ सैडल पीक सबसे ऊँची चोटी है। बैरन द्वीप भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है, जबकि नारकोंडम एक निष्क्रिय ज्वालामुखी है।

ज्वालामुखी के प्रकार

परतदार संरचना के कारण कंपोजिट ज्वालामुखी को स्तरित ज्वालामुखी के रूप में भी जाना जाता है। शील्ड ज्वालामुखी में तरल लावा निकलता है, जबकि फिशर ज्वालामुखी में एक विशिष्ट ओपनिंग नहीं होती है। कैल्डेरा ज्वालामुखी अपने आप में ढह जाते हैं।

राष्ट्रीय जलमार्ग और नदियाँ

राष्ट्रीय जलमार्ग 57 कोपिली नदी पर विकसित किया गया है, जो ब्रह्मपुत्र की दक्षिण तट की सबसे बड़ी सहायक नदी है और असम और मेघालय में बहती है।

कार्स्ट स्थलाकृति

कार्स्ट स्थलाकृति का निर्माण रासायनिक अपक्षय के कारण होता है, जहाँ भूजल डोलोमाइट और लाइमस्टोन जैसी चट्टानों को घोलता है। इस प्रक्रिया से सिंकहोल, स्वैलो होल और उवाला जैसी अपरदनात्मक भू-आकृतियाँ बनती हैं, साथ ही स्टैलेक्टाइट, स्टैलेग्माइट और पिलर जैसी निक्षेपण भू-आकृतियाँ भी बनती हैं।

पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र

पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र मुख्य रूप से बाहरी कोर द्वारा उत्पन्न होता है, जो तरल अवस्था में है। पृथ्वी के घूर्णन के कारण तरल लोहे की गति से विद्युत धाराएँ उत्पन्न होती हैं, जिससे चुंबकीय क्षेत्र बनता है।

हिमालय क्षेत्र में भिन्नता

पूर्वी हिमालय क्षेत्र में अधिक तुंगता जनित भिन्नता पाई जाती है। हिमालय का अलाइनमेंट अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग होता है, जैसे कि उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर जम्मू कश्मीर में, पूर्व-पश्चिम सिक्किम में और उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर अरुणाचल प्रदेश में।

पवन प्रणालियाँ

स्थायी पवनें उच्च दाब से निम्न दाब क्षेत्रों में लगातार बहती हैं। इनमें व्यापारिक पवनें, पछुआ पवनें और ध्रुवीय पूर्वी पवनें शामिल हैं। व्यापारिक पवनें इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस ज़ोन (ITCZ) में मिलती हैं, जो एक निम्न दाब क्षेत्र है।

कोपेन जलवायु वर्गीकरण

कोपेन जलवायु वर्गीकरण में, एक छोटा गीला मौसम और लंबा गंभीर शुष्क अवधि AW (उष्णकटिबंधीय शीतकालीन शुष्क) जलवायु का प्रतिनिधित्व करता है। A, C, D और E तापमान पर आधारित हैं, जबकि B वर्षा पर आधारित है।

खनिज अयस्कों का क्षरण

हाल के दशकों में भारत में उच्च श्रेणी के खनिजों अयस्कों के क्षय का मुख्य कारण समृद्ध अयस्कों का चयनात्मक खनन है।

चिल्का झील

चिल्का झील ओडिशा के तीन जिलों, पुरी, खुर्दा और गंजाम में फैली हुई है। यह भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।

महासागरीय धाराएँ

उत्तरी अटलांटिक बहाव पश्चिमी यूरोप की जलवायु को उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों से गर्म पानी का परिवहन करके नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है।

ग्लेशियर द्वारा निर्मित भू-आकृतियाँ

ग्लेशियर द्वारा अपरदन से यू-आकार की घाटियाँ बनती हैं, जबकि हिमनदी निक्षेपण से एस्कर, मोरेन और आउटवाश मैदान बनते हैं।

प्राकृतिक वनस्पति का वितरण

वार्षिक वर्षा भारत में प्राकृतिक वनस्पति के वितरण को आकार देने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

टैगा क्षेत्र

टैगा को शंकुधारी वन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।

इंडो-ब्रह्मा नदी का विभाजन

माना जाता है कि इंडो-ब्रह्मा नदी का सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र जल निकासी प्रणालियों में विभाजन प्लेस्टोसिन उत्थान के कारण हुआ था।

राष्ट्रीय जलमार्ग और फरक्का

फ्लोटिंग टर्मिनल फरक्का भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग 1 पर स्थित है, जो गंगा नदी पर है।

परिवहन मार्ग

दो या दो से अधिक परिवहन मार्गों के मिलन स्थल को नोड कहा जाता है।

मानसून प्रणाली

उत्तर-पूर्वी मानसून को निवर्तनी मानसून कहा जाता है।

हिमालय द्वारा अवरुद्ध हवाएँ

हिमालय मध्य एशिया से आने वाली ठंडी हवाओं को रोकता है।

जलवायु विज्ञान में मौसमी परिस्थितियाँ

जलवायु विज्ञान में, मौसमी परिस्थितियाँ क्षेत्र के दीर्घकालिक औसत वायुमंडलीय पैटर्न पर निर्भर करती हैं।

मेंटल और कोर के बीच की सीमा

मेंटल और कोर के बीच की सीमा पृथ्वी के अंदर लगभग 2900 किलोमीटर की गहराई पर स्थित है।

मैंगो शावर

मैंगो शावर केरल और कर्नाटक में होते हैं।

कृषि के प्रकार

आधुनिक कृषि परिवर्तनों के बावजूद भारत में निर्वाह कृषि अभी भी व्यापक रूप से प्रचलित है।

ग्रीष्म संक्रांति

ग्रीष्म संक्रांति के दौरान, सूर्य कर्क रेखा पर सीधा होता है।

पठारी क्षेत्र

छोटा नागपुर पठार लौह अयस्क और कोयला संसाधनों दोनों में उल्लेखनीय रूप से समृद्ध है।

भूमध्य रेखा

यूरोप भूमध्य रेखा पर स्थित नहीं है।

कश्मीर घाटी

कश्मीर, कांगड़ा और कुल्लू घाटियाँ मध्य हिमालय में स्थित हैं।

गारो, खासी, जयंतिया और नागा पहाड़ियाँ

गारो, खासी, जयंतिया और नागा पहाड़ियाँ मिज़ो पहाड़ियों से जुड़ी हुई हैं।

ऊटी और कोयंबटूर

समान अक्षांश पर स्थित होने के बावजूद, ऊटी की ऊँचाई के कारण कोयंबटूर की तुलना में ग्रीष्मकाल ठंडा होता है।

उष्णकटिबंधीय जलवायु क्षेत्र

उष्णकटिबंधीय जलवायु क्षेत्र मुख्य रूप से 23 1/2° उत्तर से 23 1/2° दक्षिण अक्षांश तक सीमित है।

काराकोरम रेंज में ग्लेशियर

काराकोरम रेंज में स्थित सियाचिन ग्लेशियर इस रेंज का सबसे लंबा और ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर दुनिया का दूसरा सबसे लंबा ग्लेशियर है।

पूर्वी तटीय मैदानों पर डेल्टा

गोदावरी नदी पूर्वी तटीय मैदानों पर डेल्टा बनाती है।

प्राकृतिक आपदाएँ

हिमस्खलन एक प्राकृतिक आपदा है जिसमें पहाड़ से बर्फ, बर्फ और चट्टानों का बड़े पैमाने पर खिसकना शामिल है।

रिंग ऑफ़ फ़ायर

प्रशांत महासागर के रिम को इसकी लगातार ज्वालामुखी गतिविधि के कारण रिंग ऑफ़ फ़ायर के रूप में जाना जाता है।

जैव विविधता

अमेज़ॅन बेसिन वैश्विक ज्ञात जैव विविधता के 10% से अधिक का निवास स्थान है।

कोरिओलिस बल

कोरिओलिस बल, जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण होता है, उत्तरी गोलार्ध में हवाओं को दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित करता है।

भारत के पड़ोसी

बांग्लादेश और पाकिस्तान की संयुक्त स्थल सीमा चीन की स्थल सीमा से लंबी है।

अंडमान और निकोबार को अलग करना

10° चैनल अंडमान को निकोबार से अलग करता है।

सहायक नदी

सहायक नदी एक नदी है जो एक बड़ी नदी में बहती है।

अल नीनो

प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि के साथ भारत में कम वर्षा अल नीनो से संबंधित है।

वन के प्रकार

भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन अपनी वर्ष भर हरी रहने वाली छतरी के लिए जाने जाते हैं।

हिमालय का निर्माण

हिमालय जैसे वलित पर्वतों का निर्माण प्लेटों के टकराने से होता है।

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान को 1987 से अपने अद्वितीय मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।

ट्रांस हिमालय क्षेत्र

काराकोरम, लद्दाख और जंस्कर पर्वतमाला ट्रांस हिमालय क्षेत्र का निर्माण करती हैं।

उत्तरी मैदानों का निर्माण

सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी प्रणालियाँ मुख्य रूप से भारत के उत्तरी मैदानों के निर्माण के लिए जिम्मेदार हैं।

मौसम और जलवायु के बीच अंतर

मौसम अल्पकालिक परिवर्तन है, जबकि जलवायु दीर्घकालिक है।

सिंचाई विधि

ड्रिप सिंचाई एक सिंचाई विधि है जो इष्टतम नमी नियंत्रण दक्षता के लिए उत्सर्जकों का उपयोग करके सीधे जड़ों तक पानी पहुंचाती है।

भारत के दक्षिणी पड़ोसी

श्रीलंका के साथ मालदीव को भी हिंद महासागर में भारत के दक्षिणी पड़ोसी के रूप में पहचाना जाता है।

सिंधु नदी प्रणाली

सतलज, ब्यास, रावी, चेनाब और झेलम मिठानकोट के पास सिंधु नदी प्रणाली में मिल जाती हैं।

स्वर्णिम चतुर्भुज

स्वर्णिम चतुर्भुज दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ता है।

कपास की खेती के लिए मिट्टी

कपास की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी काली मिट्टी है।

असम और कर्नाटक में बागान फसलें

असम और कर्नाटक में क्रमशः चाय और कॉफी बागान फसलें हैं।

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Transcript

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0:00 सो हेलो एवरीवन। इस वीडियो में हम लोग आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट की जो आंसर की आई थी अभी उसमें ज्योग्राफी के टॉप 50 क्वेश्चंस करेंगे। पिटी के कर चुके हैं। जग्राफी के करने वाले हैं। मैथ्स के टॉप 50 आपको पहले ही मिल चुके हैं भूतेश सर के द्वारा। उन्होंने टॉप 50 करवा दिए हैं 3 घंटे में पूरे। ठीक है? डिटेल में जिस तरीके से प्रॉपर स्यूशन होना चाहिए उस तरीके से सर ने करवाया है वहां पे। और जो एक्चुअल में हार्ड जो टॉप 50 क्वेश्चंस हैं जो थोड़े से अच्छे लेवल के हैं वही करवाया उन्होंने। ठीक है? एंड रीजनिंग के भी आज आपको रात तक मिल जाएंगे बाय कमल सर। टॉप 60 क्वेश्चंस वहां पे आपको मिलेंगे। अब पिटी के जीके की अगर बात करें तो पिटी हम लोगों ने कर लिया है टॉप 50। अब ज्योग्राफी करेंगे। ठीक है? तो दूसरा वीडियो है हमारा जीके की अगर बात करें। बाकी ये सारा कुछ जो कंटेंट है ये आपको

0:46 परमार एसएससी Telegram चैनल पे मिल जाएगा। यानी इस लेक्चर की जो पीडीएफ है वो मिल जाएगा। प्लस पूरी आंसर की सब्जेक्ट वाइज़ फॉर्मेट में वो भी अपलोडेड है Telegram पे जिसमें कि सारे मतलब सब्जेक्ट वाइज़ इन द सेंस पिटी, जग्राफी, मैथ्स सब कुछ अपलोडेड है। आप कंटेंट जाके देख सकते हैं Telegram पे। तो चलिए शुरू करते हैं आज का लेक्चर और पहला क्वेश्चन ये रहा आपकी स्क्रीन पे। इंग्लिश में है ये क्वेश्चन। मतलब हिंदी में भी है। इंग्लिश में भी पहले आ गया। हाउ डज़ हायर सॉइल मॉइस्चर रिटेंशन इन ब्लैक सॉइल्स? इनफ्लुएंस क्रॉपिंग इंटेंसिटी इन रीजंस लाइक महाराष्ट्र एंड एमपी। काली मृदा में उच्च मृदा की नमी प्रतिधारण महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों में फसल की तीव्रता को किस प्रकार से प्रभावित करता है? हायर सॉइल मॉइस्चर रिटेंशन। आपको पता है कि जो ब्लैक सॉइल है यह इंपपरमीिएबल नेचर की है। इंपपरमीिएबल का मतलब यह होता

1:34 है कि वाटर जल्दी से परकुलेट नहीं होता है नीचे। यानी कि जो सोॉइल है वो उसमें क्योंकि जो ग्रेन साइज है वो इतना छोटा है कि वो बहुत जल्दी से तुरंत पानी नीचे नहीं जाता है। वो रिटेन कर लेता है पानी को जिसकी वजह से जिसकी वजह से इसमें एडवांटेज क्या मिलता है कि इट सपोर्ट्स मल्टीपल क्रॉपिंग साइकिल्स बाय सस्टेनिंग मॉइस्चर अक्रॉस सीज़ंस। यह होना चाहिए आंसर। बट एक्चुअल जो आंसर की में आंसर दिया हुआ है एंड दैट इज कि इट लिमिट्स क्रॉपिंग टू अ सिंगल सीजन टू प्रिवेंट वाटर लॉगिंग। मेरे हिसाब से तो आंसर यहां पर फर्स्ट होना चाहिए क्योंकि जब वो मॉइस्चर को रिटेन कर लेगा तो जब ड्राई सीजन होगा तब भी आप उसमें काइंड ऑफ उपज ले सकते हैं। लेकिन यहां पे

2:19 जो आंसर माना है आरआरबी ने इट लिमिट्स क्रॉपिंग टू अ सिंगल सीजन टू प्रिवेंट वाटर लॉगिंग। ऑप्शन नंबर सी माना है यहां पर। यानी यह जल जलाक्रांति को रोकने के लिए फसल को एक ही मौसम तक सीमित रखती है। लेकिन मेरे हिसाब से आंसर यह होना चाहिए। बाकी जब फाइनल इसमें आएगा तो देखेंगे किस तरीके का क्या आंसर माना है क्योंकि इसमें आई नो कि काफी सारे स्टूडेंट्स इसको चैलेंज भी करने वाले हैं। लेकिन देखते हैं क्या आंसर निकल के आता है। ठीक है? खैर, अभी के लिए आपको सी ही मानना है। अभी के लिए आपको सी मानना है। ठीक है? क्वेश्चन नंबर टू पे आते हैं। द टोटल एरिया कवर्ड बाय अंडमान एंड निकोबार आइलैंड्स इज एप्रोक्समेटली। यानी अंडमान और निकोबार द्वीप द्वारा कवर किया गया कुल क्षेत्रफल लगभग कितना है? यह है लगभग 8249 स्क्वायर कि.मी. ठीक? लक्षद्वीप की अगर बात करेंगे

3:04 जो सबसे छोटी यूनियन टेरिटरी है। सबसे बड़ी यूनियन टेरिटरी कौन है? लद्दाख है। ध्यान रखिएगा। और सबसे छोटी कौन सी है? लक्षद्वीप है। 32 स्क्वायर कि.मी. लगभग इसका क्षेत्रफल है। यानी एरिया है। अंडमान निकोबार ग्रुप ऑफ़ आइलैंड की अगर बात करेंगे तो आपको पता है दो ग्रुप ऑफ आइलैंड आइलैंड्स हैं। एक तो अंडमान है और दूसरा निकोबार है। ये दोनों एक दूसरे से 10° चैनल से डिवाइडेड हैं। 10° चैनल का मतलब एक्चुअल में कुछ और नहीं बल्कि जो 10° का आपका लैटीट्यूड है वो है। 10° का अक्षांश है वो यहां से गुजरता है। तो उसको हम बोल देते हैं कि अंडमान को निकोबार से अलग करता है। अंडमान में नॉर्थ, मिडिल, साउथ और लिटिल आता है। इसको लोअर की जगह साउथ बोलते हैं हम। ठीक है? लोअर भी बोल सकते हैं। जनरली साउथ बोला जाता है। साउथ में ही आपका पोर्ट ब्लेयर जो यहां की कैपिटल

3:51 है जो इसका नाम है पोर्ट ब्लेयर नहीं है। श्री विजयपुरम हो चुका है। इसका नाम आपको पता होना चाहिए। जहां पे आपको सेलुलर जेल भी देखने को मिलेगी। जो नॉर्थ अंडमान है। यहां पे पूरे अंडमान एंड निकोबार की हाईएस्ट पीक है जिसका नाम है सैडल पीक। आपको बताना है इसकी हाइट टोटल कितनी है। देन आपको सेकंड हाईएस्ट पीक की अगर बात करेंगे तो माउंट थिलर है जो कि ग्रेट निकोबार में देखने को मिलेगी। ठीक है? सेकंड हाईएस्ट पीक है। देन अगर बात करेंगे यहां पर क्वेश्चन पूछेगा कि बैरन वोल्केनो कहां पर है? जब बैरन आइलैंड कहां पे है? तो मिडिल और जो साउथ है इसके बीच में यहां पर आपको देखने को मिलेगा बैरन वोल्केनो जो इंडिया का एकमात्र कैसा है? एकमात्र एक्टिव वोल्केनो है। ठीक है? यहां पे नॉर्थ अंडमान के अगर आप थोड़ा सा इधर पे

4:36 आएंगे तो यहां पर आपको मिलेगा एकमात्र डोरमेंट वोल्केनो जिसका नाम है नारकंडम। तो बैरन यहां पर है और नारकंडम यहां पे है। ठीक है? एंड ये 10° चैनल है और डंकन पैसेज है जो साउथ अंडमान को लिटिल अंडमान से डिवाइड करता है। इसका नाम है डंकन पैसेज। ठीक? ऑलराइट। और यहां पे ये जो मिडिल अंडमान है ध्यान रखना। अंडमान और निकोबार में ये सबसे लार्जेस्ट आइलैंड है। लक्षद्वीप कभी पूछ चुका है क्योंकि पहले ये एनटीपीसी एग्जाम में ही कि इसमें कौन सा लार्जेस्ट है और इसमें कौन सा स्मालेस्ट है? तो ध्यान रखिएगा इसमें जो लार्जेस्ट है वो है अनड्रॉट और इसमें जो स्मालेस्ट है उसका नाम है विित्रा। ठीक है? अगला सवाल है व्हिच वोल्केनो टाइप इज़ आल्सो नोन ऐज़ स्टैटो वोल्केनो ड्यू टू

5:22 इट्स लेयर्ड स्ट्रक्चर? किस प्रकार के ज्वालामुखी को उसको उसकी परतदार संरचना के कारण स्तरित ज्वालामुखी यानी स्टैटो वोल्केनो के रूप में भी जाना जाता है। सिंडर कोन वोल्केनो, कॉम्पोजिट वोल्केनो, फज़ वोल्केनो या फिर शील्ड वोल्केनो। शील्ड वोल्केनो में बहुत ही फ्लूइड नेचर का लावा निकलता है। फ्लूइड लावा का मतलब होता है जो गाढ़ा कम होता है। यानी जो जिसकी विस्कोसिटी कम होती है। फिशर वोल्केनो वो वोल्केनो होते हैं जिनमें ऐसा कोई ऐसा आपने देखा होगा इस तरीके से वोल्केनो होते हैं। ये वेंट होता है। यहां से आपका लावा निकलता है। फिशर में ऐसा नहीं होता है। फिशर में एक पर्टिकुलर एक स्पेसिफिक ओपनिंग नहीं होती है। इस तरीके से लंबी सी रिच बनती है। वहां से निकलता है ये फिशर वोल्केनो। ठीक है? और यह भी बहुत फैलता है। यानी कि भी विस्कस

6:08 नहीं होता है। सही जो आंसर होगा दैट वुड बी कॉम्पोजिट वोल्केनो जो कि काफी ज्यादा विस्कस नेचर का लावा इजेक्ट करता है। ठीक है? काफी विस्कस लावा होता है। इसी तरीके से क जैसे आप यहां पे लिखा है सिंडर कोन। इसी तरीके से होता है आपका कैल्डेरा। कैल्डेरा का फीचर यह है कि इट कोलैप्सेस ऑन इटसेल्फ। इट कोलैप्सेस ऑन इटसेल्फ। यह कोलैप्स कर जाता है। अगर इसमें वाटर वगैरह वेंट पे चला जाए तो यह कोलैप्स कर जाता है। कैल्डेडरा ठीक है? इतना ज्यादा विस्फोटक होता है। ऑन वि रिवर इन इंडिया इज़ द नेशनल वाटर वे 57 डेवलप्ड? तो गंडक रिवर है, काली रिवर है, कोपिली रिवर है या फिर जुआरी रिवर है? तो ध्यान रखिएगा जो एनडब्ल्यू57 है यह आपका कोपली रिवर पे है। कोपली रिवर ब्रह्मपुत्र की

6:55 साउथ बैंक की सबसे बड़ी ट्रिब्यूटरी है जो कि मेनली फ्लो करती है असम और मेघालय में। ठीक है? थोड़ा मैं इसमें माफी चाहूंगा। बीच में थोड़ा सा एक्चुअल में गले में खरास हो रही है। उसकी वजह से इरिटेशन हो रही होगी आप लोगों को भी। ठीक है? तो कोपली रिवर की अगर बात करेंगे असम और मेघालय में फ्लो होती है और ब्रह्मपुत्र की साउथ बैंक की सबसे बड़ी ट्रिब्यूटरी है। ये ध्यान रखना है आपको। ठीक है? ऑलराइट। आगे है अगला क्वेश्चन। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग टाइप्स ऑफ़ वेदरिंग इज़ प्राइमरली रिस्पांसिबल फॉर दी फॉर्मेशन ऑफ़ कार्स लैंडस्केप्स? कार्स दृष्ट भूमियों के निर्माण के लिए मुख्य रूप से किस प्रकार का अपचय उत्तरदाई होता है? कार्स का मतलब क्या होता है? कार्स का मतलब होता है ग्राउंड वाटर लैंडफॉर्म्स।

7:40 ग्राउंड वाटर के द्वारा क्रिएट किए गए लैंडफॉर्म्स को कास्ट ही क्यों बोलते हैं? क्योंकि एक्चुअल में यह ग्राउंड वाटर जो बड़ी सॉफ्ट नेचर की रक्स होती हैं जैसे कि डोलोमाइट जैसे कि लाइमस्टोन इन्हीं में ही अपना एक्शन दिखा पाती हैं क्योंकि सॉफ्ट होती हैं। और ये जनरली रक्स आपको देखने को मिलेंगे कास्ट रीजन जो कि मेडिटेनियन सी के आसपास आपको देखने को मिलता है। जो मेडिटेनियन सी एडटिक सी वाला रीजन है वहां पे उसको कास्ट रीजन बोलते हैं। इसलिए इस लैंडस्केप को कास्ट लैंडस्केप बोलते हैं। एंड मेनली यहां पर मैकेनिकल नहीं देखो बायोलॉजिकल वेदरिंग तो उसमें होती है जब लाइक लिविंग बीइंग्स लाइक प्लांट्स हो गए एनिमल्स हो गए वो क्या कर रहे हैं वो रॉक को तोड़ रहे हैं दैट इज कॉल्ड एज बायोलॉजिकल वेदरिंग जब केमिकल फॉर्मेशन की वजह से यानी कि ऑक्सीडेशन हाइड्रेशन

8:26 सॉल्यूशन इन सब से अगर वेदरिंग होती है उसको हम केमिकल वेदरिंग बोलते हैं। अब हमें पता है कि इसमें जो ग्राउंड वाटर है जो पानी है वो क्या करता है? उसके अंदर जाता है रॉक के अंदर चट्टान के अंदर। ठीक है? उसको वीक करता है, तोड़ता है। तो ये क्या हो गया? ये क्या हो गया? ये उसका सॉल्यूशन बना रहा है ना? तो सॉल्यूशन हाइड्रेशन ये सब किस में आता है? केमिकल वेदरिंग में आता है। तो ऑप्शन नंबर सी आंसर होगा। ठीक है? अब यहां पे देखो जो ग्राउंड वाटर लैंडफॉर्म्स होते हैं फिर जो कास्ट लैंडस्केप बनते हैं उसमें ये सारे इरोजनल लैंडफॉर्म्स हैं यहां पर। यानी कि जो अपरदन से बनते हैं। कौन-कौन से हैं? स्वेलो होल है। सिंक होल है। अगर थोड़ा बड़ा हो जाए। अगर पूरा कोलैप्स हो जाएगा तो इसको कोलैप्स सिंक बोल देते हैं। ठीक है? तो सिंक होल वही कोलैप्स कर गया तो कोलैप्स सिंक हो गया। अब ये इस तरीके से अगर आपस में जुड़ जाएंगे तो पूरी वैली टाइप बन जाएंगी जिनको कि हम उ वाला बोलते हैं। याद कैसे रखते हैं हम कि भाई एक था

9:12 सिंक फिर दूसरा तीसरा सब मिल गया तो मतलब कोई सरप्राइज हो के बोला उ वाला ये क्या हो गया? ठीक है? इस तरीके से। ठीक है? कभी-कभी फील्ड से भी पढ़ लेना चाहिए थोड़ा सा। है ना? तो उ वाला बोलते हैं जब पूरी वैली बन जाती है। और यहां पे जो आप देख पा रहे हैं, दीज़ आर डिपोज़िशनल लैंड फॉर्म्स जो डिपॉजिट हो के बनते हैं। अब जो भी इसने ग्राउंड वाटर ने डिॉल्व किया है रॉक का पार्ट, उसको जमा करेगा। यह कुछ तो लटक जाएगा कुछ यहां पर ऊपर से क्योंकि टपकेगा पानी से बूंदबूंद टपकेगा। जब बूंदबूंद टपकेगा तो टपक टपक के ऐसे बन जाएगा और ऊपर भी टपक टपक के क्योंकि पूरा तो टपक नहीं पाएगा। लटक जाएगा कुछ। तो जो लटक जाएगा उसको बोलते हैं स्टैलेक टाइट। टाइट करके पकड़ना पड़ेगा इसको। नहीं तो गिर जाएगा ग्रेविटी के अगेंस्ट में। तो टाइट हो के पकड़ना पड़ेगा। और दूसरा हो जाएगा स्टेलेगमाइट।

9:57 खत्म। और अगर दोनों मिल जाएंगे ये तो बन जाएगा खंभा जिसको बोलते हैं पिलर। तो ग्राउंड वाटर लैंडफॉर्म में सिर्फ तीन ही डिपोजिशनल लैंडफॉर्म होते हैं। हमें याद करने होते हैं। स्टेलेक्टाइट, स्टेलेगमाइट और पिलर। और इसमें इरोजनल में कोलैप्स सिंक हो गया, सिंक होल हो गया, उबाला हो गया। इसके अलावा भी होते हैं जो यहां पर लिखे नहीं हुए हैं। जिनमें कि आते हैं लेपीज। जिनमें कि आते हैं लाइमस्टोन के पेवमेंट्स। लाइमस्टोन पेवमेंट्स। ये सभी इरोजनल फीचर्स में ही आते हैं। और यहां पे आप देख सकते हैं कि किस तरीके से ये पिलर्स बन गए हैं आपस में मिलके। ये जो ऊपर से लटक रहे हैं, स्टैलिक टाइट हैं, जो नीचे से उठ रहे हैं, उनको स्टैग माइट बोलते हैं। व्हिच लेयर ऑफ दी अर्थ प्लेस दी प्राइमरी रोल इन जनरेटिंग दी प्लनेट्स मैग्नेटिक फील्ड? अब भले ये टॉप क्वेश्चन मैं करवा

10:43 रहा हूं और ये हार्ड टू ईजी के ऑर्डर में है। यानी कि पहले वो क्वेश्चन लगे जो बहुत सारे स्टूडेंट ने गलत किए। सबने गलत किया। मतलब सबने इन दी सेंस कि आप समझ पा रहे होंगे कि हार्ड टू ईजी का ऑर्डर है। यानी जैसे पहला क्वेश्चन है वो सबसे ज्यादा लोगों ने जितने लोगों ने एनटीपीसी एग्जाम दिया सबसे ज्यादा लोगों ने गलत किया। फिर दूसरा फिर तीसरा इस तरीके से। ठीक? अब ये क्वेश्चन बेहद ही आसान सवाल है अगर आप मेरे स्टूडेंट हो। ठीक है? और इस बात पे आपको घमंड होना चाहिए। ठीक है? बेहद ही आसान सवाल है। बेहद आसान क्योंकि ये लैंडफॉर्म्स का टॉपिक बहुत ही बढ़िया से कायदे से डिटेल में आपको पढ़ाता हूं। फैटमैन का जो सेकंड एडिशन आएगा ना अगर मैं नहीं होगा तो शेयर करूंगा। लैंडफॉर्म वाला टॉपिक मजा आ जाएगा। मैं सच बता रहा हूं देख के आपको वो। ठीक है? सेम ये तो मैं नहीं बोलूंगा कि इतना आसान क्वेश्चन है या फिर हम लोग रिपीटेडली पढ़ते हैं। इसको नहीं बोलूंगा मैं। हां ये उतना टफ

11:28 क्वेश्चन नहीं होना चाहिए। तीसरा वाला ये टफ क्वेश्चन है क्योंकि एक्चुअल में आपको एग्जैक्ट वो पता होना चाहिए। हां थोड़ा बहुत अगर आपको पता है वैसे तो एरिया क्योंकि ये रिपीटेडली हम नहीं पढ़ते हैं तो मैं इसको तो बोल सकता हूं और पहले में तो मुझे डाउट है। ठीक है? तो हो सकता है इस वजह से भी बहुत सारे लोगों का गलत हुआ हो। दूसरा लिटिल बिट टफर है। तीसरा उतना नहीं है। चौथा है टफ मैं बोल सकता हूं। पांचवा नहीं है। बिल्कुल नहीं है। लग सकता है लेकिन है नहीं ये टफ क्योंकि हम लोग रिपीटेडली पढ़ते हैं। सेम गोस्ट छह के साथ भी है। लग सकता है टफ है कि यार अर्थ की मैग्नेटिक फील्ड कहां है? चाहे तुम 3.0 बैच में हो, चाहे 4.0 बैच में हो, जाके जब देख लेना जब अर्थ इंटीरियर के बारे में पढ़ाया है। एम्फेसाइज़ करके बताया है कि जो अर्थ की तीन लेयर होती हैं यानी कि क्रस्ट होती है, मेंटल होती है और कोर होती है। तो कोर को डिवाइड करते हैं आउटर और इनर कोर में। जो आउटर कोर है क्योंकि ये लिक्विड फॉर्म में है। और क्योंकि हमारी अर्थ रोटेशन रेवोल्यूशन कर रही है। तो ये

12:14 सब जो घूमते हैं तो जब आयंस ये हैं यहां पे हैं और जब वो घूमेंगे तो यहां से क्या जनरेट होगी? मैग्नेटिक फील्ड जनरेट होगी। तो अर्थ कोर्स की अगर मैग्नेटिक फील्ड आउटर कोर से मिलती है। कहां से मिलती है? ऑप्शन नंबर बी आउटर कोर। क्योंकि ये लिक्विड फॉर्म में होता है। इसलिए इनर कोर जो होता है ये सॉलिड होता है। आप यहां पे देख सकते हैं लिक्विड है। ये सॉलिड है। ये सॉलिड क्यों है? क्योंकि बहुत भयंकर अमाउंट ऑफ प्रेशर जो है इसको झेलना पड़ रहा है। इसलिए समझ में आई बात? तो सबसे बाहरी लेयर है क्रस्ट जिसको भूपर्पटी बोलते हैं। ये लगभग 100 कि.मी. थिक होती है। क्रस्ट की अगर बात करेंगे तो लगभग 100 कि.मी. थिक होती है। अब ये भी दो पार्ट में डिवाइडेड होती है। एक तो कॉन्टिनेंटल और एक ओशेनिक। ओशेनिक वाली जो होती है ये थिन होती है। और जो कॉन्टिनेंटल वाली अगर बात करेंगे तो ये मोटी होती है। थिक होती है। ये ओशनिक वाली बनी होती है साल्ट।

13:01 बसाल्टिक बसाल्टिक लावा की। और कॉन्टिनेंटल वाले की अगर बात करेंगे तो ये बनी होती है ग्रेनेटिक रॉक। ये बनी है बसाल्टी रॉक। ये बनी है ग्रेंटिक रॉक। ये थिन है और थिन होने के साथ-साथ डेंस भी है यानी कि भारी है। यानी कि जब दो प्लेटों का मिलन होगा और एक उसमें कॉन्टिनेंटल और एक ओशनिक होगी तो धंसेगी कौन? कौन सबडक्ट करेगी? ओशेनिक वाली सबडक्ट करेगी। ठीक है? ये चीज आपको ध्यान रहेगी। ओके? तो क्रस्ट आपकी 100 कि.मी. तक थिक है। अब जैसे हिमालय वगैरह आप चले जाओ तो वहां पे सबसे ज्यादा थिकनेस आपको देखने को मिलेगी क्रस्ट की। ठीक? क्रस्ट के जस्ट नीचे से मेंटल शुरू हो जाती है। मैंटल को दो पार्ट में डिवाइड करते हैं। एक यहां देखो मेंटल यहां से शुरू है। या राइट साइड में देखो और यहां तक खत्म है। ठीक है? ये वाला हिस्सा अपर मेंटल कहलाता है और ये वाला

13:46 हिस्सा लोअर मेंटल कहलाता है। अब अपर मेंटल में भी जो एकदम अपर पार्ट होता है ये वाला। यहां पे देखो ये हम ये सॉलिड होता है एकदम। तो क्रस्ट पूरी क्रस्ट और ये वाला पार्ट यानी अपर सॉलिड मेंटल। अपर मोस्ट सॉलिड मेंटल को जब हम मिला लेते हैं इसी चीज को बोलते हैं लिथोस्फीयर स्थलमंडल जिसकी लगभग अगर हम बात करें गहराई 200 किलोमीटर तक जाती है। इसके जस्ट नीचे भरा हुआ है सेमी मॉल्टेन एस्थेनोस्फीयर। एस्थेनोस का मतलब होता है वीक। एस्थेनोस का मतलब क्या होता है? वीक कमजोर दुर्बल मंडल बोलते हैं इसको एस्थेनोस्फीयर को हिंदी में। ये लावा है। ये मैग्मा है जिसके ऊपर ये लिथोस्फीयर जो प्लेट है ये स्लाइड कर रही है। एस्थेनोस्फीयर की अगर बात करें के तो लगभग ये 400 कि.मी. तक की गहराई तक जाता है। ठीक? लिथोस्फेरिक प्लेट

14:33 तुम यहां रिकॉल कर सकते हो कि टोटल सात मेजर हमारी क्या है? लिथोस्फेरिक प्लेट हैं। क्यों? क्योंकि थाला फॉर अ रीज़ सिंपल सी बात है। फिर उसके बाद यहां पे मेंटल जाती है 2900 कि.मी. तक और ऑब्वियस सी बात है कोर तो हमारे अर्थ की रेडियस यानी इंटीरियर तक जाएगी लगभग 6378 कि.मी. तक। डिस्कंटिन्यूटी आप याद कर सकते हैं। कोई मुझे रेड गुलाब ला दो। तो कोई कोनरा डिस्कंटिन्यूटी अपर क्रस्ट क्योंकि क्रस्ट को भी दो पार्ट में डिवाइड करते हैं। अपपर क्रस्ट लोअर क्रस्ट मुझे मोहोस डिस्कंटिन्यूटी वो पूरे क्रस्ट को मेंटल से अलग करती है। मुझे रेड आर ठीक है? रेपेट्टी रेपेटि अलग करती है अपपर मेंटल को लोअर मेंटल से। गुलाब ये गुलाब से हो जाएगा गटनबर्ग जो पूरे मेंटल को पूरे कोर से अलग करती है। लादो रेड गुलाब लाद दो। ले मैनस डिस्कंटिन्यूटी जो आउटर कोर को

15:20 इनर कोर से अलग करने का काम करती है। समझ में आ गई आपको बात? आगे बढ़ते हैं। अभी व्हिच हिमालयन रीजन हैज़ ग्रेटर ऑल्टीट्यूडनल वेरिएशंस? हिमालय के किस क्षेत्र में अधिक तुंगता जनित भिन्नता पाई जाती है? तुंगता जनित भिन्नता यानी ऑल्टीट्यूडल यानी कि ऑल्टीट्यूड बहुत वैरी करता है। हाइट बहुत वैरी करती है। नदर्न हिमालय, वेस्टर्न हिमालय, ईस्टर्न हिमालय, सदर्न हिमालय। हिमालय कुछ इस तरीके से जाते हैं हमें पता है। तो पहली बात तो यहां मैं तुम्हें ओरिएंटेशन बताना चाहूंगा जो ये हैं आपके लाइक जो जम्मू कश्मीर वगैरह हिमाचल प्रदेश के हिमालय हैं। तो आप यहां पे देखेंगे इनका ओरिएंटेशन कैसा है? इनका ओरिएंटेशन नॉर्थवेस्ट से साउथ ईस्ट की ओर है। सिक्किम में ध्यान रखना ईस्ट वेस्ट है। सिक्किम में कुछ इस तरीके से हो जाते हैं ना इस तरीके से। तो सिक्किम में ईस्ट वेस्ट एक्सटेंशन है। ये ध्यान रहेगा आपको।

16:06 सिक्किम में ईस्ट वेस्ट एक्सटेंशन है। फिर यहां पर पूर्वांचल में आओगे ना एकदम पूर्वांचल में तो यहां पर अरुणाचल के आसपास तो यहां नॉर्थ ईस्ट से साउथ वेस्ट की ओर है। ये आपको एलाइनमेंट ध्यान रखना है कि हिमालय का अलाइनमेंट कहां पे किस तरीके का है। वेरिएशंस ऑल्टीट्यूड में हाइट में सबसे ज्यादा जो आपने देखने को मिलेंगे वो ईस्टर्न हिमालयन रीजन यानी कि जो पूर्वी हिमालय क्षेत्र है वहां पे देखने को मिलेंगे। अब मैं जब मैं बात करता हूं पूर्वी हिमाचल क्षेत्र तो यहां पर आ जाइए पूर्वी हिमाचल में जिसमें आती हैं आपकी डाफला हिल्स मीरी हिल्स अबोर मी देन यहां पर आ जाती है पटकाई बम ये पूरा अरुणाचल प्रदेश चल रहा है अभी ठीक है लेकिन पास में बरेल रेंज भी पड़ जाती है नागा हिल्स मणिपुर हिल्स मिजोरम हिल्स ठीक है ये देख रहे हो बरेल बरेल हिल्स वही बरेल रेंज पड़ जाती है जो नागालैंड से

16:51 होते हुए थोड़ा असम तक को टच करती है ठीक है देन मणिपुर हिल्स देन मीजो हिल्स जिनको लुशा हिल्स के नाम से भी जानते हैं। यहां पे मिजोरम की हाईएस्ट पीक आपको देखने को मिलेगी। फंगपुई जिसको बोल जिसको बोलते हैं ब्लू माउंटेन। इसी तरीके से नागालैंड की हाईएस्ट पीक है माउंट सरामती। सरामाती। ठीक है? तो माउंट सरामाती कहां की हाईएस्ट पीक है? नागालैंड की। ये जो तुम गारो खासी ये जयंतियां देख रहे हो ये हिमालय का पार्ट नहीं है। ये पेनिनसुला प्लैट्यू का पार्ट है। आई होप आपको पता होगा कि जो यहां पर राजमहल हिल्स पड़ती हैं राजमहल की पहाड़ियां जो कि पेनिसिला प्लैट्यू का पार्ट है। उसी का ही एक्सटेंशन है ये गारो खासी जयंतिया की पहाड़ियां। अभी अच्छा ठीक है। हम लोग फोक डांससेस वगैरह पढ़े हैं। अभी अगर आप लोग रिकॉल कर सको यहां पर। तो यहां बंगाला होता है। यहां आपका होता है नोंक्रेम। और यहां होता है कौन सा? बहदीन

17:39 खलाम। जयंतिया ट्राइब। यहां पे हिल्स के नाम पे ट्राइब के नाम पड़े हैं। और जयंतिया की अगर बात करेंगे तो जयंतिया को जयंतिया जो ट्राइब है उसको पना ट्राइब भी बोलते हैं। अगर आपको याद हो तो ठीक है? शदस सुख मैसिम शद सुखमसिम ये भी कहां पे आपको देखने को मिलता है? खासी ट्राइब द्वारा परफॉर्म किया जाने वाला फोक डांस है। ये मैं क्यों बता रहा हूं यहां पे? क्योंकि तुम्हें रिकॉल हो जाए। रिवाइज हो जाए। सिंपल और किस लिए बताऊंगा तुमको? सिंपल सी बात है। ठीक है? तो ये ध्यान रखना है। डाफला और नौकरेक ध्यान रखना है। मेघालय में पड़ता है नौकरेक। ठीक है? डाफला, मीरी, अबोर, मीशमी सब अरुणाचल में देखने को मिलेंगे। देन पटकाई बम भी यहीं पे देन नागा हिल्स, मणिपुर हिल्स, मेजो हिल्स। ठीक है? जिनको लोसा हिल्स बोलते हैं। तो अरुणामामी अरु अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम ये ऑर्डर ध्यान रखना है आपको। ठीक है?

18:25 ठीक है? और मिकिर और जो रेगमा हिल्स हैं, ये भी आपको असम में देखने को मिलेंगी। विंड सिस्टम और एक चीज़ बस बता पूछना चाहूंगा आपसे। जैसे ऑल्टीट्यूड की अगर बात करें तो हमें पता है कि ऑल्टीट्यूड में हमारे हिमालय जो है मेनली पहले तो ट्रांस हिमालय आता है, ग्रेट हिमालय आता है, लेसर हिमालय आता है, शिवालिक आता है। ये ग्रेट हिमालय, ये लेसर हिमालय और ये शिवालिक इनकी आपको एवरेज हाइट जरूर पता होनी चाहिए। तो ग्रेटर हिमालय की जो जिसको हिमाद्री के नाम से भी जानते हैं जिसको इनर हिमालय के नाम से भी जानते हैं। 6000 मीटर है इसकी हाइट एवरेज लेसर हिमालय की अगर बात करें जिनको मिडिल हिमालय या फिर हिमाचल के नाम से जानते हैं उसकी जो एवरेज हाइट है वो 4000 मीटर है और शिवालिक जिनको कि आउटर हिमालय के नाम से जानते हैं वो 1000 मीटर की हाइट एवरेज हाइट बता रहा हूं ये होल्ड करते हैं। ठीक?

19:11 व्हिच विंड सिस्टम ब्लोस कंसिस्टेंटली फ्रॉम हाई प्रेशर टू लो प्रेशर एरियाज इयर राउंड। इयर राउंड का मतलब है कि परमानेंट विंड है। अब जो परमानेंट विंड है जो परमानेंट विंड हैं जो पूरा प्लनेट कवर करती हैं जिनको प्लनेरी विंड भी बोलते हैं। ये मेनली तीन तरीके की होती हैं। कौन-कौन सी? एक तो ट्रेड विंड्स यानी व्यापारी पवनें। दूसरी होती है वेस्टरलीस। वेस्टलीस। ठीक है? और देन तीसरी होती हैं आपकी पोलर ईस्टरलीस। ये तीन तरीके की परमानेंट विंड होती हैं। अब पोलर यहां पर पूछ क्या रहा है? हाई प्रेशर से लो प्रेशर में। तो देखकर विंड कोई भी हो हाई प्रेशर से लो प्रेशर में ही चलती है। अब इयर राउंड बोछ रहा है तो प्लनेटरी विंड हो जाएगी सिंपल

19:56 कि पूरे साल ही ब्लो होती है। अब आ जाते हैं एक-एक करके ट्रेड विंड। तो यहां से आप देख रहे हैं ये हैं। इस तरीके से कुछ विंड चल रही हैं। इनको बोलते हैं नॉर्थ ईस्टर्नली ट्रेड विंड। इसी तरीके से यहां साउथ ईस्ट वाली ट्रेड विंड चलती है और जहां मिलती है जहां इनका मिलन होता है उसको हम बोलते हैं इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन आईटीसी जो कि आपका लो प्रेशर एरिया होता है जो कि निम्न दाब का क्षेत्र होता है आपका ठीक और इसी को ही हम यहीं पे 0° के आसपास ही हमें क्या देखने को मिलता है जो एरिया होता है उसको डोलड्रम के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहां पर चीजें थोड़ा सा एक तरह शांत तरीके की होती है यहां पर एकदम 0° के आसपास तो डोलड्रम भी बोलते हैं ये 30° नॉर्थ और 30° साउथ को हम क्या बोलते हैं? हॉर्स लैटीट्यूड्स बोलते हैं। यानी कि अश्व अच्छांश के नाम से जानते हैं। ये है

20:43 आपकी पूरी हेडली सेल। ये है पूरी फेरल सेल। ये है पूरी पोलर सेल। इसको बोलते हैं क्या? इसको बोलते हैं पता है क्या? सब ट्रॉपिकल हाई। जैसे ये ये आपका ये इक्वेटोरियल लो है। ये सब ट्रॉपिकल हाई है। ये सब पोलर लो है और ये आपका पोलर हाई है। ऐसा ही नीचे पूरा आपको देखने को मिलेगा। तो ये जो आपको दिख रही है ना नॉर्थ ईस्ट एलीट और साउथ ईस्ट एली इनको बोलते हैं ट्रेड विंड ये है और ये है आपकी वेस्टलीज़ और ये और ये आपकी है क्या? पोलर ईस्टलीज़। ठीक? आगे बढ़े जाते हैं। व्हिच कोपन क्लाइमेट सबटाइप इज़ आइडेंटिफाइड बाय अ शॉर्ट वेट सीजन एंड लॉन्ग सेवियर ड्राई पीरियड। अब देखो लॉन्ग सेवियर ड्राई पीरियड है सर। छोटा सा वेट सीजन है। तो ये तो नहीं हो सकता है। क्यों? क्योंकि एफ का तो मतलब होता है फुल बारिश। मैंने आपको

21:28 बताया है। यानी जहां पर बहुत भयंकर बारिश होती है तो यह तो नहीं हो सकता है। है ना? अब वेट सीजन है। शॉर्ट वेट सीजन है। ऐसा नहीं कि डेजर्ट है। क्योंकि अगर आप देखोगे बी तो बी पता है क्या है? बी एक्चुअल में उसी को डिनोट कर रहा है। ठीक है? बी डिनोट कर रहा है जहां पर बहुत ही कम प्रेसिपिटेशन होता है। क्योंकि भाई अगर आप देखोगे तो जो क्वेपन क्लाइमेटिक क्लासिफिकेशन होता है उसमें ए होता है, बी होता है, सी होता है, डी होता है, ई होता है। ए, सी, डी और ई ये टेंपरेचर के बेसिस पे होते हैं। और ये प्रेसिपिटेशन के बेसिस पे होता है। जहां पे बारिश बहुत कम होती है, उसको हम बोलते हैं बीएसएच। ठीक है? एंड बाकी सब आपके टेंपरेचर के बेसिस पे होते हैं। जैसे आप यहां पे देखिए ए ट्रॉपिकल होता है। ठीक है? ठीक है? बी

22:13 ड्राई। ठीक है? यानी कि जहां पर इवापोरेशन एक्सीड्स प्रेसिसिटेशन। सी वार्म टेंपरेट है, डी कोल्ड स्नो फॉरेस्ट है, ई कोल्ड है और एच हाईलैंड है। ठीक? टेंपरेचर भी देख सकते हैं 18° सेल्सियस है। उससे ऊपर -3 से 18 के बीच में -3 से नीचे। एवरेज टेंपरेचर बात हो रही है कोल्डेस्ट मंथ की। कोल्डेस्ट मंथ की कोल्डेस्ट मंथ की। एवरेज टेंपरेचर ऑफ़ फॉर ऑल मंथ इज़ बिलो 10° सेल्सियस। ठीक? यहां पे आप देख सकते हैं B इज़ फॉर ड्राई क्लाइमेट। तो पूरी तरीके से ड्राई तो नहीं है। अब ए डब्ल्यू और ए एम ठीक है और थोड़ा सा सिमिलरिटी भी आप दे सकते हैं। तीन ऑप्शन में वो ए ए यानी ट्रॉपिकल के बारे में बात कर रहा है। ठीक तो एफ तो नहीं होगा और एम में मानसून में भी अच्छी खासी बारिश होती है। शॉर्ट वेट सीजन नहीं होता। ठीक-ठाक होता है। तो ए डब्ल्यू हो जाएगा। यानी कि ट्रॉपिकल विंटर

22:59 ड्राई। स्मॉल डब्ल्यू का मतलब क्या होता है? विंटर ड्राई होता है और मैंने आपको बताया कहीं अगर कैपिटल डब्ल्यू दिख जाए इसका मतलब तो भयंकर वाला डेजर्ट होता है। रेगिस्तान होता है। ठीक है? तो ये आपको पता होगा कि लाइक ए ट्रॉपिकल है। बी वार्म टेंपरेट है। डी आपका कोल्ड स्नो फॉरेस्ट है और ई आपका टुंड्रा टाइप है। जिसमें एम छोटा ये तो हो गया कैपिटल लेटर। जो स्मॉल लेटर है उसमें स्मॉल एम होता है मसून। एफ होता है आपका बहुत ज्यादा बारिश जहां होती है फुल बारिश। डब्ल्यू वाला विंटर ड्राई। ये समर ड्राई होता है आपका। ठीक है? चलिए और यह तो मैंने आपको बता दिया कि कैपिटल W और W कंफ्यूज नहीं करना। W होता है विंटर ड्राई और यह होता है आपका डेजर्ट। उसी तरीके से स्मॉल S होता है समर ड्राई और कैपिटल एस होता है स्टेपी टाइप। स्टेपी मतलब जहां बहुत ज्यादा बारिश भी नहीं

23:44 होती, बहुत कम भी नहीं होती। मतलब बीच का होता है नहीं कि थोड़ी बहुत घास उगाती है क्योंकि हमें पता है कि जो स्टेपी है वो यूरेशिया के या फिर एशिया के जो ग्रासलैंड्स होते हैं टेंपरेट ग्रासलैंड्स होते हैं उनको हम स्टेपी के नाम से ही जानते हैं। और ग्रासलैंड मतलब घास के मैदान घास मतलब जहां बहुत ज्यादा बारिश नहीं कि पेड़ उग सके और एकदम भी नहीं है कि रेगिस्तान हो। व्हिच फैक्टर हैज़ कंट्रीब्यूटेड मोस्ट टू द डेप्लिशन ऑफ़ हाई ग्रेड मिनरल ओर्स इन इंडिया ओवर रीसेंट के डिकेड्स। यानी कि हाल के दशकों में भारत में उच्च श्रेणी के खनिजों अयस्कों के क्षय में सबसे अधिक योगदान किस कारक का रहा है? सबसे ज्यादा अगर बात करें कि हमारे जो हाई ग्रेड मिनरल ओवर हैं ये डेप्लीट हुए हैं। इंक्रीज एक्सपोर्ट हो गया है। एक्सपोर्ट होने लग रहा है इसलिए सिलेक्टिव माइनिंग होती है रिचर्स की। ठीक है? लिमिटेड फॉरेन इन्वेस्टमेंट है माइनिंग में। ओवर डिपेंडेंस है कोल्ड

24:31 बेस्ड इंडस्ट्री में। तो आप थोड़ा सा लॉजिक लगाएं। आई नो आई डोंट नो कि भाई इतने लोगों ने इस क्वेश्चन को क्यों गलत किया? लेकिन थोड़ा सा दिमाग लगाएं तो आपको समझ में आएगा कि भाई फॉरेन इन्वेस्टमेंट नहीं आ रहा है तो उससे डेप्लीशन कैसे हो रहा है? हम इन्वेस्टमेंट नहीं आ पा रही है इसलिए डेप्लीशन बहुत ज्यादा हो रहा है उसका और फॉरेन इन्वेस्टमेंट में बाहर से पैसा आ जाएगा तो डेप्लीशन क्यों नहीं होगा? सेलेक्टिव माइनिंग हो रही है रिचर्ड्स की। ठीक है? यानी कि जो समृद्ध अयस्कों में का चयनात्मक खनन हो रहा है। यानी कि कुछ सेलेक्टेड आपके मिनरल है उन्हीं को ही दबा के एक्सप्लइट किया जा रहा है। इसलिए चिल्का लेक स्पेंस अक्रॉस व्हिच थ्री डिस्ट्रिक्ट्स ऑफ़ ओसा। चिल्का झील ओसा के किन तीन जिलों में फैली हुई है? देखो अह आंसर होगा यहां पर पूरी खुरदा और गंजम। बात अगर करेंगे चिल्का लेक की तो

25:17 आपको यहां पे देखने को मिलेगा यह ओसा में चिल्का लेक जो इंडिया का लार्जेस्ट ब्रैकिश वाटर लेक है या फिर लार्जेस्ट सॉल्ट वाटर लेक भी हम बोल देते हैं इसको। ठीक है? ब्रैकिश वाटर लेक। ब्रैकेश का मतलब ये होता है कि वो साल्ट प्लस फ्रेश वाटर से मिलके बना हुआ है। लार्जेस्ट इनलैंड सॉल्ट वाटर लेक की जब हम बात करते हैं तो वो आपका राजस्थान का सांभर लेक होता है। सांभर झील देखने को मिलती है। इनलैंड है वो। कोस्टल नहीं है। ये क्या है? ये कोस्टल है इसलिए। ठीक है? देन ये आपको डिफरेंट स्टेट्स में एंड यूटीज़ में आपको डिफरेंट जो लेकक्स हैं वो देखने को मिलेंगे। तो प्लीज आई वुड रिक्वेस्ट कि इसको पॉज करें और एक-एक स्टेट और यूटी के आप अच्छे से रिवाइज़ करें। बिकॉज़ मुझे नहीं पता है कि आपको किस कौन किस स्टेट के नहीं याद है, कौन सारे याद है, नहीं है।

26:02 इंपॉर्टेंट वाले मैं आपको बता देता हूं। बाकी तो आपका काम है कि वो याद करें क्योंकि ये लेक की क्लास तो चल नहीं रही है यहां पर। लोकटक लेक ये इंपॉर्टेंट क्यों है? फ्लोटिंग है। फ्लोटिंग यहां पर आपको फुमस देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से यहां पर नेशनल पार्क भी है। केबुल लैमजोर नेशनल पार्क जो कि इंडिया का फिर वर्ल्ड का ओनली वन आपका ओनली फ्लोटिंग नेशनल पार्क है। ये आपका सोगमो लेक है। यहीं पे सिक्किम में सिक्किम में ही आपको गुरु डोंगमार लेक देखने को मिलेगा जो सबसे हाईएस्ट मतलब हाईएस्ट सबसे ऊंचाई पे अह आपका सिचुएटेड है। गुरु डोंगमार लेक। यह भी सिक्किम में आपको देखने को मिलेगा। देन यह है आपका कहां गया? यह लोनार लेक जो कि अह महाराष्ट्र की जो बुलधाना डिस्ट्रिक्ट पड़ती है वहां पर देखने को मिलेगा। यह लोनार क्रिएटर लेक बोलते हैं।

26:48 क्रिएटर के इंपैक्ट की वजह से ये क्रिएट हुआ है। इसलिए ये इंपॉर्टेंट है। यहां पर तुमको कोलेरू देखने को मिलेगा। ये आंध्र प्रदेश में पड़ता है। और नीचे आ जाओ पुलिकेट ये बॉर्डर में ये आंध्र प्रदेश है। ये आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश खत्म ही हुआ और यहां से तमिलनाडु शुरू हो गया। उन्हीं के बॉर्डर में पुलीकट झील आपको देखने को मिलेगी। ये एक तो इंपॉर्टेंट है। ये ध्यान रखना है। ठीक? और और और कौन से इंपॉर्टेंट वैसे तो सभी आपको देखने हैं लेकिन जो एकदम इंपॉर्टेंट है वो मैं आपको बस बता रहा हूं। तो यह ध्यान रखेंगे जो मैंने आपको बता दिया सुखना लेखक ध्यान रखना यह चंडीगढ़ में है सुखना लेखक ठीक है यह राजस्थान में नहीं है यह आपका चंडीगढ़ में है ओके ठीक ऑलराइट और ये जो राजसमंद लेक है ना राजसमंद लार्जेस्ट सेकंड लार्जेस्ट आर्टिफिशियल लेक है आफ्टर गोविंद वल्लभपन सागर लेक ये

27:33 आपका लार्जेस्ट आर्टिफिशियल लेक है। आर्टिफिशियल मतलब मैनमेड लेक है जो कि रिहानंद डैम या रिहानंद रिजर्व जो कि सोन की ट्रिब्यूटरी है उसकी वजह से क्रिएट होता है। यहां पे अच्छा बताएंगे बिहार में लार्जेस्ट बिहार की अगर बात करेंगे तो आपको एशिया का लार्जेस्ट ऑक्सबो लेक देखने को मिलेगा। उसका नाम बताइए आप कमेंट्स में जल्दी से। व्हिच ओशियन करंट इज़ प्राइमरली रिस्पांसिबल फॉर मॉडरेटिंग द क्लाइमेट ऑफ वेस्टर्न यूरोप बाय ट्रांसपोर्टिंग वार्म वाटर फ्रॉम द ट्रॉपिक्स? कौन सी महासागर धारा मुख्यतः उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों से कोष्ण जल का परिवहन करके पश्चिमी यूरोप की जलवायु को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट कैनरी करंट ओयाशियो करंट या हमंबोल्ड करंट देखिए आइए ओशियन करंट में तो क्या पूछ रहा है वेस्टर्न यूरोप ये है यूरोप ये है

28:20 वेस्टर्न यूरोप तो आप देखो अब देखो ढंग से यहां पे आप ढंग से अगर देखेंगे तो ये गर्ल्स स्ट्रीम है ठीक है गर्ल्स स्ट्रीम गर्ल्स स्ट्रीम ये गरम है देन ये बन गया नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट एक पार्ट इधर गया, एक पार्ट इधर गया। तो आंसर क्या हो जाएगा? नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट। ऑप्शन नंबर ए। क्यों? क्योंकि ये गर्म है करंट और यहां पर ठंडी पड़ती है। तो ठंडी के मौसम में यहां पर हल्की सी गर्मी दे देता है ये। ठीक? ये घूम के जो ऊपर से आ गया ना ये कैनरी ठंडा है। जो ब्लू एरो से दिख रहा है ये सब ठंडे हैं और जो लाल एरो से दिख रहे हैं ये सब गर्म या फिर काले एरो से। ठीक है? तो कैनरी करंट तो आपका कोल्ड है। तो ये कैसे वहां पर मॉडरेट कर सकता है टेंपरेचर को? ओया भी आपका कोल्ड है। ये कैसे मॉडरेट हो रही है? ये तो जापान के ईस्ट कोस्ट में देखने को मिलेगा। हमंबोल्ट या फिर पेरू करंट ये भी कोल्ड है और ये

29:07 साउथ अमेरिका की वेस्टर्न कोर्ट्स में आपको देखने को मिलता है। ये है हमंबोल्ट। इसी को ही हमंबोल्ट बोलते हैं पेरू को। कैलिफोर्निया भी कोल्ड है। वो तो मैंने आपको ट्रिक बता रखी है कि उसका ट्रिक क्या है कि आपका जो गोलफ का वर्ल्ड कप हुआ। ठीक है? कहां पर? बीपी कंपनी। ठीक है? तो बी पी कंपनी ने गोल्फ का वर्ल्ड कप खेला और वो हार गई। ठीक है? ठीक है? कैलिफोर्निया में तो ठंडे पानी में उसको डाल दिया गया। तो बी से बेंगोला हो गया। पी से पेरू हो गया। बेंगोला देख सकते हो अफ्रीका के वेस्टर्न कोस्ट में साउथ में। ठीक है? ये आपका गल्फ स्ट्रीम नहीं है। ध्यान रखना है। ग्रीनलैंड है। ओ से ओयाशिश है। एल से लैब्रडोर कुत्ता नहीं है। ये करंट है। आप देख सकते हो ऊपर से आ रहा है ये जो और गल्फ स्ट्रीम और लैब्रडोर ये दोनों आपस में मिलते हैं। यहां न्यू फाउंड ललैंड कनाडा में जगह है वहां पर। और दोनों जगह पे क्या होता है? जब मिलता है वार्म और कोल्ड ओसियन करंट। तो क्या होता है? जरा

29:52 बताइए। एफ से आपका क्या हो जाएगा? फ़ाकलैंड करंट हो जाएगा। देन आपका डब्ल्यू से हो जाएगा वेस्ट ऑस्ट्रेलियन ड्रिफ्ट। ये है वेस्ट ऑस्ट्रेलियन ड्रिफ्ट और सी से हो जाएगा आपका कैनरी करंट। ठीक है? तो ये सारे आपके ठंडे करंट हैं। आपको ध्यान रखना है। और जहां पे गर्म और ठंडा मिलता है वहां पर फॉगी कंडीशंस हो जाती हैं। वो धुंध सी छा जाती है। बेस्ट फिशिंग ज़ों्स होता है। लेकिन हारबरिंग के लिए वर्स्ट साइट होती है। जहां पर ठंडा करंट होता है। इसलिए वहां पर आपको डेजर्ट देखने को मिलेगा। पेरू के यहां पर आप देखो यह क्रिएट कर रहा है एटकामा डेजर्ट जो कि वर्ल्ड का ट्राइस डेजर्ट है। यहां पर नाम कालाहारी और नामीब डेजर्ट देखने को मिलेगा। यहां मोजावे सोनोरन डेजर्ट आपको देखने को मिलेंगे। यहां पर ग्रेट ऑस्टिलियन डेजर्ट देखने को मिलेंगे। जैसे गिबसन देखने को मिलता है। यहां पर सारा डेजर्ट है। क्यों? क्योंकि जो ठंडा पानी है, ठंडा करंट है तो हवा को भी ठंडा कर देता है और ठंडी हवा बारिश नहीं करती है

30:38 क्योंकि ठंडी हवा की जो मॉइस्चर होल्डिंग कैपेसिटी होती है, जल धारण क्षमता होती है वो न्यूनतम होती है। सबसे कम होती है। व्हिच लैंडफॉर्म इज़ फॉर्म्ड व्हेन अ ग्लेशियर इरोट्स अ प्री एकज़िस्टिंग रिवर वैली बाय वाइडनिंग डीपनिंग एंड स्मूथनिंग इट। ग्लेशियर ग्लेशियर जैसे ग्राउंड वाटर के लैंडफॉर्म होते हैं इरोजनल डिपोजिशनल अपरदन और आपका जमाव वाले उसी तरीके से ग्लेशियर में भी होते हैं। तो जब ग्लेशियर चलता है तो बहुत भयंकर वेट होता है उसका और ये इस तरीके से यू शेप की वैली बना देता है। वी शेप की वैली पानी बनाता है। रिवर वाटर रनिंग वाटर बनाता है वो। ठीक? यानी कि इस रिवर बनाएगी। ये यू शेप की वैली बनाते हैं और हैंगिंग लटकती हुई वैली बनाएंगे। क्यों? छोटे-छोटे ग्लेशियर यहां से भी घूमते फिरते चलते फिरते आएंगे। ठीक? और यहां पर आ के मिलते जाएंगे सब मिलते जाएंगे तो एक बड़ा सा वॉल्यूम हो जाएगा। बड़ा सा मास हो जाएगा जो एकदम यू शेप की

31:25 वैल्यू बना देगा और यहां पर हैंगिंग वैली बन जाएंगी। तो ये दो आपके इरोजनल लैंडफॉर्म्स हो गए। देन इसी तरीके से आपको ये देख सकते हैं सर्क देखने को मिलेंगे। ठीक है? सरकस-सरक के ये एक्चुअल में तो अरीट हो गया। एक सेकंड रुकना। ठीक है? ये कैसे मैं दिखाऊं? ये इस तरीके से तुमको नहीं दिख रहा है। ऐसे जब वो ग्लेशियर यहां से सरकेगा ऊपर से तो यहां पर ऐसे गड्ढा टाइप कर देगा माउंटेन में। तो उसको ऐसा ऐसा टाइप इसको सर्क बोलते हैं। सर्क बोलते हैं इसको। ठीक? ये जो लंबी ऐसे रि टाइप आपको देखने को मिलेगी ना एकदम खड़ी सी चट्टान सी। ठीक है? एकदम पीक अरीट बोलते हैं। इसी तरीके से सिरेटेड रिजेस होती हैं। इसी तरीके से अगर टॉप एकदम पीक से निकल आता है उसको हॉर्न बोलते हैं। ये अगर उसमें पानी भर जाता है ले उसमें। ठीक है? मतलब गड्ढे में तो उसको टर्न लेक बोलते हैं। ठीक है? सरकस-सरक के बन गया सर्क। हॉर्न मतलब पॉइंट निकल आया। सिरेटेड रिज

32:11 अरट यू शेप वैली हैंगिंग वैली। ठीक है? ओके। तो ऑप्शन नंबर बी ये तो मैंने आपको बता दिए। कौन से? इरोजनल वाले सब मैंने बता दिए। डिपोज़िशनल। ठीक है? स्पेलिंग गलत है यहां पर। ठीक है? डिपोजिशनल वगैरह अगर मैं बात करूंगा तो ये कौन-कौन से हो जाएंगे? तो एस्कर इश्क में मुरैना के लोग ड्रम बजाते हैं। कहां पर? मैदानी क्षेत्रों में। प्लेेंस में। तो आउटवाश प्लेेंस। बस इतना ही आपको याद रखने हैं। ठीक है? ड्रमलिन ड्रम जो होता है ओवल शेप का होता है। तो ड्रमलिन भी आपके ओवल शेप के होते हैं। ये ठीक है? चलो व्हिच क्लाइमेटिक फैक्टर प्लेस दी मोस्ट सिग्निफिकेंट रोल इन शेपिंग द डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ नेचुरल वेजिटेशन अक्रॉस इंडिया। ठीक है? तो इंडिया हो या फिर कहीं

32:57 देखो क्लाइमेटिक फैक्टर्स जो रिस्पांसिबल काफी सारे फैक्टर रिस्पांसिबल होते हैं वेजिटेशन जो डिटरमाइन करते हैं। इसमें एक क्लाइमेट होता है फैक्टर। इसके अलावा आपका सॉइल भी होता है, टोपोग्राफी भी होती है। यानी कि वहां की रिलीफ कैसी है? माउंटेन है, प्लेन है, प्लैट्यू है और ह्यूमन एक्टिविटी भी। लेकिन सबसे बड़ा जो रोल निभाता है वो होता है एनुअल प्रेसिपिटेशन। यानी कि जो वार्षिक वर्षा होती है जो लगभग आप यह देखो 250 सेंटीमीटर से ज्यादा जहां पे आपको देखने को मिलेगी वहां पर आपको एवर ग्रीन रेन एवर ग्रीन फॉरेस्ट देखने को मिलता है। तो खैर प्रेसिपिटेशन सबसे बड़ा रोल प्ले करता है। अगर मैं बात करूंगा डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ नेचुरल वेजिटेशन अक्रॉस कहीं भी हो। द टाइगर टाइप रीजन इज बेस्ट इज बेस्ट डिस्क्राइब्ड एज व्हिच मेजर नेचुरल रीजन टैगा। तो टैगा को बोलते हैं क्या? कॉनफेरस फॉरेस्ट रीजन। टैगा को

33:44 रशियन लैंग्वेज में बोलते हैं क्या? अनटच्ड जिसको छुआ नहीं जा सकता है। वो होता है टैगा। आप चले जाओ आपके एकदम पोल में नहीं पोल के थोड़ा सा नीचे। ठीक है? थोड़ा सा ऊपर पोल के वो टैगा है। एकदम तुम पोल पे चले जाओगे ना एकदम एक्सट्रीम क्लाइमेटिक कंडीशन में जहां पर नाम का ही कुछ उगेगा वो होता है टुंड्रा। ध्यान रखना इस चीज को। एकदम ही क्लाइम एक्सट्रीम क्लाइमेटिक कंडीशन में चला जाओगे। जहां पर नाम का ही कुछ उगता है। जहां पोलर बियर वगैरह देखने को मिलते हैं वो है टुंड्रा। और थोड़ा सा नीचे आ जाओ। थोड़ा हल्का सा मॉडरेट करो और वो आ जाएगा टाइगर। ठंडी यहां भी दबा के पड़ेगी। बर्फबारी यहां पर भी होगी। तो यहां पर कोनिफेरस फॉरेस्ट देखने को मिलेंगे। टुंड्रा में सर इतने लंबे पेड़ आपको दिख ही नहीं सकते हैं। ठीक है? इतने भयंकर ठंडी पड़ती है। इतने लंबे पेड़ आपको दिखेंगे ही

34:29 नहीं वहां पे। तो ये कौन से हैं? जैसे यहां पर वेजिटेशन किस तरीके का होता है? अ टाइगर में अगर कॉर्नफेरेंस में बात करेंगे तो जैसे होता है यहां पर देवदार के पेड़ आपको देखने को मिलेंगे। आप जाओ हिमाचल उत्तराखंड साइड। चिर हो गया, पाइन हो गया, सिडार हो गया। यानी कि जो भी सॉफ्ट वुड ट्रीज हैं, वह सब आपको यहां पर देखने को मिलेंगे। ठीक है? चलो, आगे बढ़ते हैं। द स्प्लिटिंग ऑफ द एंशिएंट एंशिएंट इंडो ब्रह्मा रिवर इनू द इंडस गंगा एंड ब्रह्मपुत्र ड्रेनेज सिस्टम्स इज बिलीव्ड टू हैव बीन प्राइमरली कॉज्ड बाय द जियोलॉजिकल इवेंट तो माना जाता है ये रिवर इंडो ब्रह्मा रिवर थी जो तीन बड़े रिवर्स इसमें पैटर्न में बदली तीन रिवर बड़े रिवर सिस्टम में इंडसगंगा ब्रह्मपुत्र में डिवाइड हुई ये कब हुई तो ये कौन सा ऐसा

35:16 जियोलॉजिकल इवेंट हुआ था ग्लेशियर की मेल्टिंग हुई थी वोल्केनिक इरप्शन हुए थे भाई वोल्केनो वगैरह कुछ नहीं यहां पर हुआ था प्लेस्टोसिन अप हीवल अत्यंत अत्यंत नूतन प्रोत््थान हुआ था। प्लेस्टोसिन अप हीवल हुआ था। उठाव हुआ था। जिसकी वजह से ये सब क्रिएट हुआ है। ठीक है? ये चीज आपको पता होना चाहिए। बाकी तुमको ये भी पता होना चाहिए कि जो रिवर हिमालय के फॉर्मेशन से पहले अगर बह रही होती हैं तो उनको हम बोलते हैं एंटीिसिडेंट रिवर्स। पूर्ववर्ती नदियां ऐसी नदियों को हम बोलते हैं। ठीक है? एंटीिसिडेंट रिवर्स जो हिमालय के फॉर्मेशन से पहले ही फ्लो हो रही हैं। जैसे कि फॉर एग्जांपल सतलज। ठीक है? एक सेकंड रुकिएगा। ठीक है? तो जैसे कि सतलज हो गई आपकी। ओके? अ सतलज हो गई। जैसे कि आपकी इंडस हो गई।

36:04 जैसे कि आपकी ब्रह्मपुत्र हो गई। जैसे कि आपकी कोसी हो गई। ये सब कैसी हैं? आपकी एंटीिसिडेंट है। पूर्ववर्ती नदियां हैं। यानी कि हिमालय के फॉर्मेशन से पहले ही फ्लो हो रही हैं। यहां पर ऑन व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग नेशनल वाटर वेज़ ऑफ़ इंडिया इज़ द फ्लोटिंग टर्मिनल फरक्का सिचुएटेड? तो फरक्का किस नेशनल वाटर वे पे है? तो फरक्का की अगर बात करेंगे तो इस तरीके से हमें पता है गंगा रिवर जब आती है तो एक पॉइंट आता है फरक्खा जहां पे ये डिवाइड हो जाती है। हुगली रिवर निकल जाती है और ये आगे बांग्लादेश में चली जाती है गंगा जहां पर इसको पद्मा के नाम से जाना जाता है। तो गंगा रिवर पे कौन सा वॉटरवे है? नेशनल वाटर वे नंबर वन जिसको कि गंगा प्रयागराज सॉरी प्रयागराज हदिया इसको वाटर वे भी बोलते हैं। ठीक है? जो कि आपको गंगा भागीरथी हुगली सिस्टम में देखने

36:52 को मिलेगा। किस में देखने को मिलेगा? गंगा भागीरथी हुगली सिस्टम। क्योंकि जो हुगली है उसी को ही भागीरथी हुगली के नाम से भी जाना जाता है। यह हमारे देश का लॉन्गेस्ट नेशनल वाटर वे है। नेशनल वाटर वे नंबर वन। दूसरे की अगर बात करेंगे ये आपका ब्रह्मपुत्र रिवर पे है। कहां पर है? ब्रह्मपुत्र रिवर पे। और ये कहां से कहां है आपका? डुबरी। डुबरी कहां पड़ता है? क्यों? डुबरी असम में है। है ना? वहां से ही आपकी ब्रह्मपुत्र रिवर साउथ ओवर टर्न मारती है से लेके सादिया तक। ठीक? देन अगर बात करेंगे तीसरा तो तीसरा वाला कहां पर है? ये केरला में है कोलम टू कोटापुरम। कोलम टू कोटापुरम। देन चौथा नहीं है लेकिन चौथा भी हमें पता होना चाहिए। चौथा है आपका तेलंगाना में। आंध्र

37:38 प्रदेश में और तमिलनाडु में। तीन राज्यों में है। पांचवें वाले की अगर बात करेंगे तो मेनली उड़ीसा और वेस्ट बंगाल में है। ठीक? कमेंट में आप बताएंगे नेशनल वाटर वे वन की जो टोटल लेंथ है, लंबाई है वो कितनी है? 18th व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग टर्म इज़ यूज्ड फॉर प्लेसेस दैट सर्व एज़ दी मीटिंग ऑफ़ टू और मोर ट्रांसपोर्टेशन ट्रांसपोर्ट रूट्स? तो जहां पे दो या दो से ज्यादा ट्रांसपोर्ट रूट मिलते हैं, उसको हम क्या बोलते हैं? तो उसको हम बोलते हैं नेटवर्क, ना ग्रिड, ना लिंक नो नोड बोला जाता है उसको। ठीक है? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग मसून सिस्टम्स इज़ आल्सो नोन एज द रिट्रीटिंग मसून? निम्नलिखित में से किस मनसून तंत्र को निर्वत निव निवर्तनी मॉनसून यानी रिट्रीटिंग मसून कहा जाता है? एडवांसिंग मॉनसून वेस्टर्न डिस्टरबेंसेस नहीं। वेस्टर्न डिस्टरबेंसेस जो होते हैं जिसको

38:23 हम पश्चिमी विक्षोभ बोलते हैं। ये विंटर रेनफॉल के लिए रिस्पांसिबल होते हैं। जब सर्दियों में बारिश होती है। जैसे अभी आपको देखने को मिल रहा है कि मार्च के टाइम पे बारिश हुई। अभी कुछ दिन पहले बारिश हुई तो बोला जा रहा है कि भाई ये बिल गेट्स नहीं करवा रहा है। ये वेस्टर्न डिस्टरबेंसेस ही हैं जो थोड़े और कुछ ज्यादा ही डिस्टर्ब हो गए हैं। तो बाद में आ रहे हैं। अभी वैसे जनवरी के टाइम पे आते हैं। राबी की जो फसल होती है राबी की फसल में आपका ये आ जाता है गेहूं है ना सरसों यानी कि वीट मस्टर्ड ये सब आ जाती है। इनको बहुत फायदेमंद होती है। और इनको हम राजस्थान वाले एरिया में मावट के नाम से जानते हैं। यह उसको इस तरीके से महावत के नाम से लिखते हैं। जो कि जेट स्ट्रीम जो होती हैं जेट धाराएं वो लेके आती हैं जो बहुत ही हाई स्पीड में ब्लो होने वाली बहुत ही हाई ऑल्टीट्यूड में विंड्स होती हैं। यानी 913 कि.मी. की ऊंचाई में ब्लो होती हैं। साउथ वेस्ट जो मसून होता है ये

39:08 अराइव करता है और जो लौटता है रिट्रीटिंग उसको नॉर्थ ईस्ट मॉनसून कहा जाता है। तो यहां पर आप अगर देखेंगे तो इस तरीके से साउथवेस्ट मॉनसून है जो इंडिया में एंटर कर रहा है। ठीक? और ये जो लौट रहा है इसको हम क्या बोलते हैं? इसको हम बोलते हैं रिट्रीटिंग मसून। यानी लौटता हुआ मानसून जो कि कहां बारिश करवाता है? जो कि बारिश करवाता है कोरोमंडल कोस्ट में मेनली। ये आपका कोरोमंडल कोस्ट। कोरोमंडल कोस्ट में मेनली ये बारिश करवाता है तमिलनाडु। तो तमिलनाडु आप देखोगे इसको यहां से भी थोड़ी बहुत बारिश मिल जाती है और फिर जब लौटता है मानसून तब भी बारिश मिल जाती है। तो इसलिए इसको दोनों से मिल जाती है। वैसे मेन जो तमिलनाडु को बारिश मिलती है वो लौटते हुए मानसून जिसको नॉर्थ ईस्ट मसून बोलते हैं उससे मिलती है। ये ध्यान रखिए क्योंकि मेनली यहां पर वेस्टर्न घाट आ जाते हैं। ठीक है? यहां ईस्टर्न घाट आ जाते हैं तो उसके लिए रेन शैडो एरिया हो जाता है। ठीक है? ठीक है? रेन शैडो एरिया

39:54 हो जाता है। जब ये यहां से मानसून आता है। जब यहां से मसून आता है तो ये है आपकी अरेबियन सी ब्रांच। तो इसके लिए तो रेन शैडो हो जाता है। और ये है अरे बे ऑफ़ बंगाल ब्रांच। तो ये पैरेलल निकल जाती है यहां से। मेन कारण ये होता है। दोनों ब्रांचों का मिलन कहां होता है? ये पंजाब प्लेेंस में होता है। मसून रिट्रीव होता कहां से है? तो नॉर्थवेस्ट। सबसे पहले ध्यान रखना लोग को नॉर्थ ईस्ट टिक कर देते हैं। गलत होता है वो। जब मसून रिट्रीट करता है तो सबसे पहले नॉर्थवेस्ट से रिट्रीट करता है। उस मॉनसून को नॉर्थ ईस्ट कहा जाता है। क्यों? क्योंकि ये टर्न हो जाता है इस तरीके से। लेकिन वो निकलता कहां से? नॉर्थ-वेस्टर रीजन से ही निकलता है। अक्टूबर के महीने में जब निकलता है तो दबा के यहां पर उत्तर भारत में गर्मी पड़ती है। क्यों पड़ती है? क्योंकि यहां पर बादल हट जाते हैं। तो उस हीट को अक्टूबर हीट के नाम से जाना जाता है। जब मानसून आता है तो कुछ दिनों के लिए ब्रेक

40:39 हो जाता है। एकद हफ्ते के लिए बारिश नहीं होती है। तो उसको हम ब्रेक इन मॉनसून बोलते हैं। ठीक? आगे बढ़ते हैं। द कोल्ड एंड चिली विंड्स दैट आर ब्लॉक्ड बाय द हिमालयज़ ओरिजनेट फ्रॉम सेंट्रल एशिया एंड रीजंस क्लोज टू व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग? अब अगर हिमालय ना होते तो क्या होता? हिमालय ना होते ना तो ये जो ये अब ये क्या है ना यहां हिमालय है। तो ये बारिश को यानी कि बारिश वाली जो सिंपल है मसून वहां जो वाली विंड होती हैं उनको वहां जाने ही नहीं देते। उस साइड यहीं रोक के रख लेते हैं। ठीक? तो एक तो ये काम ये करते हैं। प्लस बहुत ठंडी जो हवाएं होती हैं जो सेंट्रल एशिया से आती हैं। सेंट्रल एशिया मतलब मेटेनियन रीजन नहीं है। मेटेनियन तो इधर है। यहां से तो वेस्टर्न डिस्टरबेंस आता है। सेंट्रल अफ्रीका वो भी इधर है। ये भी नहीं होगा। सेंट्रल एशिया इधर से आती हैं। तो इधर तो क्या है? आर्कटिक है आपका। इधर तो आपका आर्कटिक है। तो खत्म। ऑप्शन नंबर बी। तो यहां से जो चिलिंग विंड आती हैं

41:25 उनको रोक लेते हैं हमारे हिमालय। तो इसलिए यहां पर उतनी ज्यादा ठंडी नहीं पड़ती। क्योंकि अगर आप देखो जो ट्रॉपिक ऑफ कैंसर कर्क रेखा भारत के मध्य से होकर गुजरती है। तो यहां पे जो उसका ऊपर वाला हिस्सा है ये एकदम अगर आप देखोगे तो टेंपरेट रीजन है। लेकिन उतनी ज्यादा ठंडी पड़ती नहीं है। अब यूपी वगैरह सब कहां है? टेंपरेट हमें आता है। भले उसको हम वार्म टेंपरेट बोल देते हैं। वार्म टेंपरेट मतलब कौन सा कोपन वाला? सी कैपिटल सी। ठीक है? इन क्लाइमेटोलॉजी व्हाट मोस्ट एक्यूरेटली एक्सप्लेंस हाउ सीजनल कंडीशंस आर एक्सपीरियंस्ड एट अ पर्टिकुलर लोकेशन? जलवायु विज्ञान में किसी विशेष स्थान पर मौसमी परिस्थितियां के बारे में सबसे सटीक रूप से व्याख्या कौन करता है? शॉर्ट टर्म फ्लक्चुएशन इन एटमॉस्फेरिक एलिमेंट्स परमानेंट क्लाइमेटिक क्लासिफिकेशन ऑफ़ द एरिया। लॉन्ग टर्म एवरेज एटमॉस्फेरिक पैटर्न्स ऑफ़ द रीजन या फिर लैटीट्यूडनल पोजीशन ऑफ़ दी प्लेस। इन क्लाइमेटोलॉजी व्हाट मोस्ट बट एक्यूरेटली एक्सपीरियंस

42:12 हाउस सीजनल कंडीशन आर एक्सपीरियंस्ड। देखो। तो जो सीजनल कंडीशन होती है वो आपके लॉन्ग टर्म एवरेज एटमॉस्फेरिक पैटर्न पे डिपेंड करती है। तो ऑप्शन नंबर सी आंसर होगा। क्षेत्र के दीर्घकालिक औसत वायुमंडलीय पैटर्न पे डिपेंड करती है। ठीक है? 22. एट एप्रोक्सीमेटली व्हाट डेप्थ इनसाइड दी अर्थ इज़ दी बाउंड्री बिटवीन दी मैं एंड दी कोर लोकेट। तो आपको पता है जहां से मेंटल खत्म होता है और कोर शुरू होता है वो ये है आपकी डेप्थ। 2900 कि.मी. की डेप्थ है। ठीक है? 100 कि.मी. तक क्रस्ट है। ठीक? 200 कि.मी. तक लिथोस्फीयर है। 400 कि.मी. तक एस्थेनोस्फीयर है। 2900 कि.मी. तक मैंटल है। देन आपकी 6 3 7 8 कि.मी. तक कोर है। खत्म।

42:58 मैंगो शवर्स अकर इन व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग ग्रुप ऑफ़ स्टेट्स? तो वी नो कि दीज़ आर अ कैटेगरी ऑफ़ प्री मॉनसून शावर्स। प्री मॉनसून शावर्स क्या होते हैं? तो प्री मसून शावर्स होते हैं जो मसून से पहले आते हैं मई जून के महीने में आते हैं। दो पार्ट में डिवाइड करते हैं। एक तो जो साउथ इंडिया में आते हैं वो और एक जो नॉर्थ ईस्ट में आते हैं वो। अब नॉर्थ ईस्ट में मेनली होते हैं काल बैसाखी। काल बैसाखी आपको देखने को मिलेगा वेस्ट बंगाल में। और बरदौली चीहा या बोरदोई सिला। यह आपको देखने को मिलेगा असम में। या वेस्ट बंगाल में। साउथ में जो आपको देखने को मिलेगा वो मैंगो शावर्स है और ब्लॉसम शावर्स हैं। ठीक है? सॉरी ये ब्लॉसम होगा। ठीक है? और ब्लॉसम शावर्स आपको देखने को मिलेंगे। ठीक? तो मैंगो

43:44 शावर्स जो हैं मैंगो शावर्स जो मैंगो की राइपनिंग में हेल्प करते हैं। इसलिए जानते हैं केरला और कर्नाटक। ब्लॉसम ये कॉफी का जो फ्लावर होता है उसको ब्ल ब्लॉस्मिंग में हेल्प करते हैं कॉफी के फ्लावर को। और यह भी केरला और कर्नाटक वाले एरिया में आपको देखने को मिलेंगे। मैंगो मेनली आपको देखने को मिलेगा। दोनों वही सिमिलर एरिया है केरल और कर्नाटक के। बस है क्या? जब दोनों ऑप्शन में आ जाते हैं तब कंफ्यूजन होता है। यानी कि अगर मैं आपसे पूछ लूं कि केरल और कर्नाटक में साउथ में कौन से होते हैं? ब्लॉसम की मैंगो तो नोटिस करना अगर वो कोस्टल कर्नाटक लिखेगा तो तो फिर पक्का ही मैंगो शावर होगा। ये ध्यान रखना तुम। ठीक? और वन मार्के नॉर्थ ईस्ट में बता दिया है जो वेस्ट बंगाल वाला जो रीजन होता है वहां पर जो जूट होता है, जूट की क्रॉप के लिए बड़ा हेल्पफुल होता है यह। व्हाट टाइप ऑफ़ एग्रीकल्चर इज़ स्टिल वाइडली प्रैक्टिस्ड इन इंडिया डिस्पाइट मॉडर्न

44:30 एग्रीकल्चर चेंजज़? तो आधुनिक कृषि परिवर्तनों के बावजूद भारत में किस प्रकार की कृषि पद्धति अभी भी व्यापक रूप से प्रचलित है? सब्सिस्टेंस निर्वाह बिल्कुल निर्वाह मतलब कि अपने भरण पोषण के लिए ही बस एग्रीकल्चर किया जा रहा है। यानी कि थोड़ा गेहूं, चावल थोड़ी सब्जियां उगा ली। बस अपने निर्वाह के लिए। अब ये भी अलग-अलग तरीके के होते हैं। जैसे कि इंटेंस सब्सिस्टेंस एंड इंटेंसिव सब्सिस्टेंस होती है। जहां पर बहुत ही कम बहुत ही स्मॉल पार्ट ऑफ लैंड पे। ध्यान रखना स्मॉल पार्ट ऑफ लैंड होती है। जमीन का बहुत छोटा हिस्सा होता है। वहां पर इसको खेती को किया जाता है। पापुलेशन प्रेशर बहुत ज्यादा होता है लैंड पे। इसी तरीके से होता है प्रिमिटिव सब्सिस्टेंस फार्मिंग। प्रिमिटिव का मतलब होता है पुराना। प्रिमिटिव का मतलब होता है पुराना। पुराना

45:16 का मतलब ये होता है जो पुराना। पुराने टूल्स होते हैं। पुराने टूल्स होते हैं। जैसे खुरपी हो गया, फावड़ा हो गया। इन सबका यूज़ करके इसी का ही प्रकार होता है आपका जिसको कि हम शिफ्टिंग कल्टीिवेशन बोलते हैं। आपने सुना है शिफ्टिंग कल्टीिवेशन जिसको कि हम स्लैश एंड बर्न एग्रीकल्चर के नाम से भी जानते हैं। काटो और जलाओ। ये वही है। उसी का प्रकार है ये। प्लांटेशन एग्रीकल्चर एक कम एक तरीके का कमर्शियल एग्रीकल्चर होता है। जहां पर एक बहुत ही बड़े पार्ट ऑफ लैंड पे हम क्या करते हैं? बड़े पार्ट ऑफ लैंड पे हम एक सिंगल क्रॉप उगाते हैं। उसको बोलते हैं प्लांटेशन। और इंटेंसिव में क्या होता है? इसमें स्मॉल पार्ट ऑफ लैंड होता है। ये चीज आपको ध्यान रखना है। पापुलेशन प्रेशर ज्यादा होता है। ठीक है? कमर्शियल एग्रीकल्चर में कैपिटल इंटेंसिव होता है। कैपिटल इंटेंसिव मतलब पूंजी बहुत ज्यादा

46:03 लगती है। पैसे बहुत ज्यादा इसमें लगाए जाते हैं। ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर होता है जहां पर कोई ये पेस्टिसाइड केमिकल्स का यूज़ नहीं किया जाता है। उसको हम बोलते हैं ऑर्गेनिक। और ZBNF क्या होता है? ज़ीरो बजट नेचुरल फार्मिंग। इसमें तो हम खादवाद कुछ करते ही नहीं है। ऑर्गेनिक खाद का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। अपने आप जो ग्रो हो गया सो हो गया। दिस समर सॉलस्टिस अकर्स इन द सन इज़ डायरेक्टली ओवरहेड व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग लैटीट्यूड। बहुत सुपर ईजी क्वेश्चन है। सॉलस्टिस और इक्वनॉक्स की अगर बात करेंगे तो सॉलस्टिस दो होते हैं। इक्विनॉक्स दो होते हैं। सो सॉल्टिस एक समर और विंटर। समर होता है 21 जून को। विंटर होता है 22 दिसंबर को। समर सॉलस्टिस में क्या होता जो ट्रॉपिक ऑफ़ कैंसर होती है, जो कर्क रेखा होती है, वहां पर सन की ओवरहेड रेज़ पड़ रही होती हैं। और विंटर सॉलिस्टिस में अगर बात करेंगे, तो जो ट्रॉपिक ऑफ़ कैप्रीिकॉर्न है, जो मकर रेखा है, उसमें सन की ओवरहेड रेज़ यानी डायरेक्ट रेज़ पड़ रही होती हैं। ठीक? इक्विनॉक्स

46:49 होता है, ये दो दिन ऐसे होते हैं जहां पर इक्वेटर पे डायरेक्ट रेज़ सन की पड़ रही होती हैं। ये है आपकी इक्वेटर। यहां पे सन की डायरेक्ट रेज़ पड़ रही हैं। इसको बोलते हैं इक्वनॉक्स। व्हेन दी एंटायर अर्थ एक्सपीरियंसेस इक्वल डे एंड नाइट। यहां पर क्या होता है? ट्रॉपिक ऑफ़ कैंसर पे जब ओवरहेड रेज़ पढ़ते हैं जब समर सॉलिस्टेस होता है। नदर्न हेमिस्फयर में सबसे लॉन्गेस्ट डे होता है। सबसे बड़ा दिन होता है। लॉन्गेस्ट डे होता है और सबसे छोटी रात होती है। और जब विंटर सॉलिस्टेस होता है तो नदर्न हेमिस्फयर में सबसे लॉन्गेस्ट नाइट होती है और शॉर्टेस्ट डे होता है। ये चीज आपको ध्यान रखनी है। ठीक है? हम नदर्न के रिस्पेक्ट में ही क्यों बात करते हैं? क्योंकि ज्यादातर कंट्रीज इंक्लूडिंग इंडिया नदर्न हेमिस्फयर में ही है। इसलिए ठीक है? तो यहां पर आंसर क्या हो जाएगा? ट्रॉपिक ऑफ़ कैंसर पे ओवरहेड रेज़ पड़ेंगी।

47:35 सॉरी, ऑप्शन नंबर डी आंसर होगा। ट्रॉपिक ऑफ़ कैंसर पे ओवरहेड रेज़ पड़ेंगी सन की। डायरेक्ट रेज़ पड़ेंगी। ठीक है? अगला क्वेश्चन है 26. व्हिच प्लैट्यू बेल्ट इन इंडिया इज़ नोटेबली रिच इन बोथ आयरन ओर एंड कोल रिसोर्सेज़? भारत का कौन सा पठारी क्षेत्र लौह अयस्क और कोयला संसाधनों दोनों में उल्लेखनीय रूप से समृद्ध है? कौन सा समृद्ध है? अब आप देखो तो डेक्कन प्लेटैट्यू मेनली ये जो नॉर्थ ईस्ट वाला रीजन है वो है। ऑप्शन नंबर सी। है ना? यही तो है ना छोटा नागपुर प्लैट्यू अपना जो कि जिसको हम रूर स्टेट के नाम से भी जानते हैं जो रूर एक प्रोविंस है जर्मनी में जो कि बहुत ज्यादा मिनरल रिच है तो उसी के नाम पे इसका नाम पड़ा हुआ है 27 व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट क्रॉस्ड बाय द इक्वेटर इक्वेटर कौन सा कॉन्टिनेंट है कौन सा महाद्वीप है जो भूमध्य रेखा पर स्थित नहीं है बताइए तो यूरोप नहीं है एशिया नहीं है

48:22 ठीक है अफ्रीका नहीं है या फिर साउथ अमेरिका नहीं है तो इक्वेटर आप देखो देखो यूरोप बहुत ऊपर है सर। आप देखो ना यहां से ये साउथ अमेरिका ये रहा यूरोप। इसका इक्वेटर से कोई लेना देना होगा ही नहीं। इक्वेटर हमारी अर्थ को दो इक्वल पार्ट में डिवाइड करती है। आपको पता है। तो साउथ अमेरिका में ये जो सबसे पहला देश दिख रहा है तुमको ये इक्वाडोर है। फिर जो दूसरा देश दिख रहा है, ये है कोलंबिया। और फिर जो तीसरा देश दिख रहा है, ये है ब्राजील। तीन देश ही हैं। फिर अफ्रीका में जो पहला देश दिख रहा है, ये है साउथ टोमेन प्रिंसिपी। फिर है गबॉन। यहां पे वाइट का मैं यूज़ करता हूं। यह है गबॉन। ठीक है? देन इसके बाद आता है ये रिपब्लिक ऑफ इस तरीके से लिख देता हूं रिपब्लिक ऑफ कांगो ठीक देन आ जाता है ये है आपका डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो डीआरसी फिर ये जो आप देख रहे हो ये है आपका अ एक सेकंड एक सेकंड एक सेकंड एक सेकंड

49:12 यहां पे आपका एक सेकंड रुको साउथ प्रिंसिपे ना एक सेकंड ये दिख रहा है कुछ छोटा सा ये है साउथ प्रिंसिपी ये जो आपको दिख रहा है दिस इज योर गबॉन ऑन दिस इज़ रिपब्लिक ऑफ़ कॉमो एंड यह है आपका बड़ा सा डीआरसी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो एंड इसके आगे है आपका युगांडा केन्या और ये आपका इस तरीके से हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका में सोमालिया। ठीक है? देन ये आ जाता है आपका एशिया कॉन्टिनेंट और एशिया में आपका आ जाएगा जैसे सबसे पहले तो यहां पर मालदीव्स ही आ जाएगा। ठीक है? मालदीव्स के बाद इंडोनेशिया आ जाएगा आपका। ठीक है? और इंडोनेशिया के बाद ये किरबाटी वाला जो आइलैंड है यह सब यहां पे आ जाएगा। ठीक है? तो एशिया में ये हैं आपके। ओके? तो यहां से इक्वेटर आपकी पास होती है। आगे बढ़ते हैं। एंड दैट इज़ व्हिच माउंटेन रेंज

49:59 एंड कंपासेस द कश्मीर द कांगड़ा कुल्लू वैलीज़ विद इन द हिमालय। तो ये सब कहां आते हैं? तो ये सब आते हैं जो मिडिल हिमालय है जिसको लेसर हिमालय के नाम से भी जानते हैं। वहां पर जिसकी एवरेज हाइट कितनी है? 4000 मीटर है। गारो खासी, जयंती एंड नागा हिल्स व्हिच रन ऑलमोस्ट ईस्ट वेस्ट आर कनेक्टेड टू व्हिच हिल चेन दैट एक्सटेंड इन अ नॉर्थ साउथ डायरेक्शन? तो किससे कनेक्टेड है गारोकासी जयंतियाना का नीलगिरी से कनेक्टेड है ये यहां है नीलगिरी यहां है कोई लेना देना है क्यों सपुरा यहां है कोई लेना देना है बिल्कुल नहीं है विंध्या यहां है यहां कोई लेना देना है बिल्कुल नहीं खत्म एलिमिनेट करना था सर आपको बस एलिमिनेशन का गेम था ये है गारो घासी जयंतिया ठीक है और ये है आपकी सारी ये मेजो हिल्स हैं ठीक है ऐसे

50:44 कनेक्टेड है ये आपस में व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग कॉज़ ऊंटी टू हैव हैव कूलर समर्स देन कोयंबटूर। इवन दो बोथ आर लोकेटेड नियरली एट द सेम लैटीट्यूड। दोनों सेम लैटीट्यूड पे हैं। यानी ऊंटी जो तमिलनाडु में कोयंबटूर है। दोनों सेम लैटीट्यूड पे हैं। बट फिर भी ऊंटी ठंडा रहता है थोड़ा सा। कूलर रहता है समझ में बट कोयंबटूर नहीं। ऊटी इसलिए हिल स्टेशन है। लोग गर्मियों के टाइम पे जाते हैं यहां पर। क्यों? ऊटी। अब सेम लैटीट्यूड पे अगर कोई दो पोज़ कोई दो लोकेशनेशंस हैं और फिर भी टेंपरेचर में इतना ज्यादा वेरिएशन है तो सिंपल उसका लेना देना ऑल्टीट्यूड से होगा। हाइट से होगा। यह बहुत ही हाइट में है ऊटी जो हमारी नीलगिरी की हिल्स हैं। नीलगिरी जो हमारी आपको पता है ना कि नीलगिरी में लोकेटेड है हमारी दौड़ाबेटा जो कि सेकंड हाईएस्ट पीक है पूरी साउथ

51:30 इंडिया की। हाईएस्ट पीक क्या है पूरे साउथ इंडिया की? अनाईमुडी वो अनामलाई हिल्स में है। ठीक? यह नीलगिरी जो वेस्टर्न घाट का ही पार्ट है जहां पर वेस्टर्न घाट और ईस्टर्न घाट का मिलन होता है। यहां पर लोकेटेड है सबसे दूसरी सबसे बड़ी पीक। उसका नाम है दौड़ाबेटा। और यहां पर सिचुएटेड है आपका ऊटी जो कि तमिलनाडु का एक क्या है? हिल स्टेशन है। ठीक है? क्लियर है? ओके। चलो बाकी यार मेरे दिमाग में कुछ तो आया था यहां पर एकदम से। हां। कि ये जो दौड़ा बेटा है इसकी हाइट कितनी है? तो ध्यान रखना 2637 मीटर है। ठीक है? और अनाइमुडी जो हाईएस्ट पीक है यहां की यानी साउथ इंडिया और वेस्टर्न घाट की इसकी कितनी है? 2695 मीटर। ठीक है? और ईस्टर्न घाट की हाईएस्ट

52:17 पीक कौन सी है? महेंद्रगिरी है। अगर वो ऑप्शन में नहीं होगा तो अर अरमाकोंडा या फिर आपका ये अरमाकोंडा के दूसरा नाम क्या है यार? एक तो महेंद्रगिरी 1501 मीटर उसकी हाइट है। ईस्टर्न घाट के वही एनसीआरटी मेंशंड है। जिंदागाड़ा। हां जिंदागाड़ा या अरमाकोंडा उसका नाम है। महेंद्रगिरी कहां पड़ेगा? उड़ीसा में। और ये जिंदागाड़ा या अर्माकोंडा आंध्र प्रदेश में पड़ता है। आगे बढ़ते हैं। द ट्रॉपिकल क्लाइमेटिक रीजन इज़ मेनली कनफाइंड टू व्हिच लैटीट्यूडल एक्सटेंट ऑफ़ दी। बहुत सिंपल सा है भाई। सिंपल। ये हमें पता है ये ट्रॉपिकल है। ये टेंपरेट है। इसके बिय्ड फ्रिज आ जाता है। खत्म। खत्म हो गया। तो ट्रॉपिक ऑफ कैंसर से लेके ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीिकॉर्न ये पूरा आपका टॉरिड ज़ोन कहलाता है। ट्रॉपिकल कहलाता है। देन ये और ये आपका टेंपरेट है।

53:03 टेंपरेट में भी जैसे ही आप ट्रॉपिकल के थोड़ा सा ऊपर जाओगे दिस पार्ट इज़ वार्म टेंपरेट। यानी कि जस्ट ट्रॉपिक्स के एकदम किनारों पे उसको वार्म टेंपरेट बोलते हैं। और यहां पर आपको जो देखने को मिलेगा 66 एंड 1/2° नॉर्थ है ये। एंड ये 66 एंड 1/2° साउथ है ये। ठीक है? इसको आर्कटिक सर्कल लिखा हुआ आर्कटिक सर्कल। ये अंटार्कटिक सर्कल है तो उसके बिय्ड फ्रिजिड ज़ोन आ जाता है। तो आंसर यहां पर ऑप्शन नंबर ए हो जाएगा। 23 1/2° नॉर्थ से 23 1/2° साउथ। व्हिच ग्लेशियर लोकेटेड इन द काराकोरम रेंज इज़ द लॉन्गेस्ट इन दिस रेंज एंड द सेकंड लॉन्गेस्ट इन द वर्ल्ड आउटसाइड दी पोलर रीजंस? पिंडारी ग्लेशियर, बाल्टोरो, सियाचिन या फिर गंगोत्री। काराकोरम में आपके कौन-कौन से इसमें बाल्टोरो भी है, सियाचिन है, हिसपर है,

53:48 बफो है। ठीक है? ये सब आपको देखने को मिलेगा। वैसे तो और भी हैं जैसे गायर बम भी है। ठीक? तो जो सेकंड लॉन्गेस्ट नॉन पोलर ग्लेशियर है वो है सियाचिन ग्लेशियर। लॉन्गेस्ट अगर पोलर ग्लेशियर पूछ लेगा। ठीक है? लॉन्गेस्ट अगर पूछ लेगा तो लॉन्गेस्ट में भी पोलर या नॉन पोलर। तो पोलर अगर पूछ लोगे तो लंब ग्लेशियर हो जाएगा। ठीक? और नॉन पोलर पूछ लोगे तो यहां ताजाकिस्तान में पड़ जाएगा फिडचिनको ग्लेशियर। फिटचिनको। ठीक? 33. व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग रिवर्स ऑफ़ इंडिया फॉर्म्स अ डेल्टा ऑन द ईस्टर्न कोस्टल प्लेेंस? तापी, गोदावरी, नर्मदा या माही। ईस्टर्न कोस्टल प्लेन में डेल्टा कौन बनाती है? तो

54:35 हमें पता है कि जो हमारे साउथ इंडिया के रिवर्स हैं उनको हम दो पार्ट में क्लासिफाई करते हैं। एक तो जो पूर्व में बहती हैं एक तो जो पूर्व में बहती हैं। ठीक है? वो आ जाती हैं आपकी एक सेकंड रुकना। ठीक है? और वो पूर्व में बह के डेल्टा का निर्माण करती हैं। ठीक है? कौन-कौन सी नदियां हैं? यह है गोदावरी, ये है कृष्णा, ये है कावेरी। जो छोटा ऊपर बना है, ये पेन्नर है आंध्र प्रदेश की। और जो सबसे नीचे ये वैगई है। ठीक? ये सब यहां जा के डेल्टा बनाती हैं। ये है नर्मदा। यह है तापी। ठीक है? नर्मदा और तापी वेस्ट में फ्लो होती है। और यह ऊपर इस तरीके से माही आती है। माही ट्रॉपिक ऑफ कैंसर को दो बार कट करती है। आपको पता होगा ये फैक्ट। नर्मदा कहां से निकलती है? अमरकंटक प्लैट्यू से निकलती है। जो कि किस तरीके का ड्रेनेज दिखाता है? अमरकंटक का पठार। ये आपका रेडियल ड्रेनेज पैटर्न दिखाता है।

55:22 ठीक? और अमरकंटक प्लेट्यू किसका पार्ट है? सतपुरा का आपका ये पार्ट है। ठीक है? तो नर्मदा की अगर बात करेंगे तो ये सबसे लॉन्गेस्ट वेस्टर्न फ्लोइंग रिवर है इंडिया की जो यहां से फ्लो हो के किसके बीच में फ्लो होती नर्मदा व विंध्या और सतपुरा जो रेंजेस है उसके बीच में फ्लो होती है। रिफ्ट वैली में फ्लो होती है यानी कि भ्रंश घाटी में यह बहती है रिफ्ट वैली में। इसीलिए बहुत ज्यादा डेल्टा का निर्माण नहीं करती। ईस्ट बनाती है यानी ज्वारबद्ध उन्मुख बनाती है ये। तो डेल्टा ठीक है? तो डेल्टा कौन बनाती है? गोदावरी। तापी की अगर बात करेंगे तो सेकंड लॉन्गेस्ट वेस्टर्न फ्लोइंग रिवर है। यानी कि पश्चिम में बहने वाली दूसरी सबसे लंबी नदी है। गोदावरी का उद्गम कहां से होता है? तो जीटी रोड करके याद करते हैं तो यह इसका उद्गम होता है आपका त्रिम्बकेश्वर प्लैट्यू से। त्रिंबकेश्वर से होता है। इसका तापी का बैतूल प्लैट्यू से होता है और माही का तुमको याद करने की जरूरत नहीं है। यह आपकी सारी रिवर आप देख लो यहां पे।

56:09 ठीक है? बनानी चाहिए था। यहां पर बना हुआ है। तो अमरकंटक है। ये बैतूल प्लेटैट्यू ये विंध्या रेंज है। ये सतपुरा रेंज है। ध्यान रखना। एस से साउथ एस से सतपुरा यानी सतपुरा नीचे आएगी आपकी। ठीक है? देन जॉग फॉल्स ये शरावती रिवर पे है। आपकी सेकंड हाईएस्ट वॉटरफॉल है। कुंचील हाईएस्ट है जो कि वराही रिवर पे। वो भी कर्नाटक पे। ये भी कर्नाटक में। वो हाईएस्ट है आपकी कुंचील्प वराही रिवर पे। ठीक है? और बाकी तो आप यह देख ही रहे हैं। यह गोदावरी रिवर और कृष्णा रिवर के बीच में तुम्हारा कोलेरू ले है जो आंध्र प्रदेश में तुमको देखने को मिलता है। ठीक है? ये कावेरी रिवर है। ये पेनर रिवर है जो कि आंध्र प्रदेश की रिवर है। पेरियार से कंफ्यूज नहीं करना है। पेरियार वेस्ट की ओर बहने वाली केरल की एक नदी है। और कावेरी के नीचे कौन सी ईस्ट की ओर बहती है? उसको बोलते हैं वैगई। इंडिया की सदर्न मोस्ट रिवर बोलते हैं वैगई को। व्हिच नेचुरल डिजास्टर इनवॉल्व्स मास मूवमेंट ऑफ स्नो, आइस, रॉक, डाउन अ माउंटेन? यानी कि किस

56:56 प्राकृतिक आपदा में पहाड़ से हिम बर्फ चट्टानों का बड़े पैमाने पर खिसकना शामिल होता है? तो बा आपकी बर्फ भी होती है। है ना? और स्नो भी होती है, चट्टान भी होता है। तो ये आपका किसमें आता है? तो मेनली बर्फ से एसोसिएटेड होगा आपका एवलांच। हिमस्खलन जिसको बोलते हैं। एकदम बर्फ का जो एकदम बड़ा सा टुकड़ा गिर गिरता है। तो उसके साथ-साथ पत्थर भी आ जाते हैं आपके। व्हिच रीजन इज़ नोन ऐज़ रिंग ऑफ़ फायर ड्यू टू इट्स फ्रीक्वेंट वोल्केनिक एक्टिविटी? तो रिंग ऑफ़ फायर के किसको बोलते हैं? ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट को। को मिड अटलांटिक रिच को इंडियन ओसियन का फ्लोर को या फिर पेसिफिक ओसियन के रिम को। तो ये है प्रशांत महासागर में आपको देखने को मिलेगा इस तरीके से। ठीक है? इस तरीके से ये पेसिफिक रिंग ऑफ़ फायर जो पेसिफिक ओसियन में है। यहां पर सबसे ज्यादा वोल्केनिक एक्टिविटी और सबसे ज्यादा सीस्मिक एक्ट सीस्मिक इन द सेंस

57:42 अर्थक्वेक। तो सबसे ज्यादा वोल्केनो और अर्थक्वेक यहीं पे ही आते हैं। ठीक है? तो पेसिफिक ओशियन होगा। ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट की अगर बात करेंगे तो एकदम वो जो अफ्रीका में कंटेंट है यहां पर बना हुआ है। बना नहीं हुआ है। तो आप अफ्रीका में अगर ऑब्जर्व करोगे तो इस तरीके से आपको यहां पर एक रिफ्ट देखने को मिलती है। उसी को बोलते हैं और मिड अटलांटिक रिज अटलांटिक ओसियन के बीचोंबीच आपको देखने को मिलती है जो वर्ल्ड का हमारे पूरे अर्थ का सबसे लॉन्गेस्ट लैंड फॉर्म है ये। ठीक है? ध्यान रखना इस चीज को। सबसे लंबा भुआ करती है। सबसे लॉन्गेस्ट माउंटेन रेंज तो साउथ अमेरिका की एंडडीज माउंटेन रेंज है। लेकिन लॉन्गेस्ट लैंड फॉर्म की बात करेगा तो मिड अटलांटिक रीजन है। व्हिच बेसिन इज़ होम टू ओवर 10% ऑफ इट्स अ सॉरी ऑफ़ नोन ग्लोबल बायोडायवर्सिटी इंक्लूडिंग मेनी स्पीशीज़

58:27 फाउंड नोवेयर एल्स इन द वर्ल्ड। यानी कि कौन सी बेसिन वैश्विक ज्ञात जैव विविधता के 10% से अधिक का निवास स्थल है। जिसमें कई ऐसी प्रजातियां शामिल हैं जो विश्व में कहीं और नहीं पाई जाती हैं। तो ये है आपका अमेजन बेसिन जिसको कि अमेज़ॉन फॉरेस्ट जिनको कि हम लंग्स ऑफ द वर्ल्ड के नाम से जानते हैं। लंग्स ऑफ द वर्ल्ड। ठीक है? सबसे हाईएस्ट बायोडायवर्सिटी जैव विविधता आपको यहां पर देखने को मिलती है। बायोडायवर्सिटी डे हम कब सेलिब्रेट करते हैं? 22 ऑफ़ मई को करते हैं। और तुमको पता पता होना चाहिए कि इज़ वन ऑफ़ द बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट। और इंडिया में कितने बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट हैं? तो पता होना चाहिए इंडिया में चार बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट हैं। कौन-कौन से? एक तो ये वेस्टर्न घाट है। देन आपको ये हिमालयन रीजन देखने को मिलेगा। ठीक है? देन आपको ये देखने को मिलेगा। ये सुंडा लैंड वाला पूरा एरिया है। ठीक है? सुंडा

59:14 लैंड वाला एरिया है। और जो इंडोबर्मा रीजन है। ठीक है? यहां पर इंडोबर्मा रीजन पड़ता है। ठीक है? तो चार बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट हैं इंडिया में। ये ध्यान रखना है। एक तो वेस्टर्न घाट, हिमालय, इंडोबर्मा और सुंडा लैंड जिसमें निकोबार आइलैंड वगैरह आते हैं। ठीक है? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग अपेरेंटली सॉरी अपेरेंट फोर्सर्सेस कॉज्ड बाय अर्थ रोटेशन डिफ्लेक्ट्स विंड्स टू द राइट इन द नदर्न हेमिस्फयर एंड टू द लेफ्ट इन द सदर्न हेमिस्फयर? कौन सा फ़ है जो हवाओं को राइट की ओर इन द उत्तरी गोलार्ध एंड लेफ्ट इन दक्षिणी गोलार्ध सदर्न हेमिस्फयर घुमा देता है। ये आपका कोरियोलिस फ़। कोरिलिस फ़ ओरिजनेट किस वजह से होता है? तो इसका ओरिजिन होता है आपका अर्थ के रोटेशन की वजह से। लिखा है यहां पर पृथ्वी के घूर्णन की वजह से सिर्फ हवाएं ही नहीं चाहे कुछ भी हो यानी आपका जो ओशियन अभी हम देख रहे

59:59 थे ओशियन में जो आपके ओशियन करंट आ रहे थे वो भी घूम रहे थे वो भी इस तरीके से घूम-घूम के गायर बना रहे थे उनको जार बोलते हैं तो वो भी घूम इसीलिए रहे थे कोरिलेस फोर्स की वजह से ही घूम रहे थे और कोरिलेस फ़ोर्स किस वजह से आता है वो पृथ्वी के घूर्णन यानी अर्थ के रोटेशन की वजह से आता है और इसको हम फेरल्स लॉ के नाम से भी जानते हैं। ये इक्वेटर पे जीरो होता है। पोल्स पे ध्रुवों पर मैक्सिमम होता है। याद रहेगा? ओके। व्हिच टू नेबर्स कंबाइंड हैव अ लैंड बॉर्डर विद इंडिया लगर देन चाइनास बॉर्डर। किन दो पड़ोसी देशों की संयुक्त स्थल सीमा चीन की स्थल सीमा से लंबी है? और इसीलिए आप देखोगे तो जो हम साइक्लोन जब पढ़ते हैं तो साइक्लोन में भी आप पढ़ते हैं कि क्या एक इंपॉर्टेंट कंडीशन होती है। तो बहुत सारी इंपॉर्टेंट कंडीशंस होती हैं साइक्लोन फॉर्मेशन के लिए। जैसे कि लार्ज सी सरफेस टेंपरेचर 27°

1:00:46 सेल्सियस से ज्यादा टेंपरेचर होना चाहिए। ठीक? देन एग्जिस्टिंग वीक लो प्रेशर होना चाहिए और कोरलेस फोर्स होना चाहिए। तो ये सारी रिक्वायरमेंट्स होती हैं उसके लिए। ओके? तो व्हिच टू किन दो पड़ोसी देशों की संयुक्त जो स्थलीय सीमा है वो चीन की चीन से लंबी है? तो लैंड बॉर्डर की अगर इंडिया की बात करेंगे तो 15106। ठीक है? 15106 कि.मी. इंडिया की टोटल लैंड बाउंड्री है। जिसमें कि हमें पता है बचपन से एमबीए हम पढ़ते हैं। ब से बांग्लादेश, च से चाइना, प से पाकिस्तान, न से नेपाल, एमबीए म्यांमार। ठीक है? भूटान और अफगानिस्तान। ये है पूरा आर्डर। तो बांग्लादेश और बांग्लादेश उसके बाद चाइना और उसके बाद पाकिस्तान। तो बांग्लादेश और

1:01:32 पाकिस्तान सिंपल आंसर हो जाएगा। ठीक है? बांग्लादेश के साथ 496 कि.मी. की है। देन चाइना के साथ अगर आप देखेंगे 3488 कि.मी. पाकिस्तान के साथ 3323 कि.मी. ठीक है? तो शुरू के तीन याद करना है। अफगानिस्तान के साथ जो पीओके वाला एरिया है वो बनाता है बाउंड्री। बहुत छोटा है 106 कि.मी. व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग सेपरेट्स अंडमान फ्रॉम निकोबार। स्टार्टिंग में देख चुके हैं। इट इज़ 10° चैनल। पाक स्टेट ये अलग करता है यह इंडिया और श्रीलंका को। 6° चैनल कुछ पढ़ना ही नहीं है। 9° चैनल की अगर बात करेंगे तो मिनीकॉय को लक्षद्वीप से अलग करता है। ठीक? और मिनीकॉय को मालदीव से कौन अलग करता है? या फिर लक्षद्वीप को मालदीव से कौन अलग करता है? क्योंकि अगर आप देखोगे तो मिनीिकय आपका लक्षद्वीप का ही पार्ट है। यह आपका

1:02:18 8° चैनल है जो डिवाइड करता है मिनीकॉय को मालदीव से। है ना? चलो, अगला है। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ द करेक्ट डेफिनेशन ऑफ़ द वर्ड ट्रिब्यूटरी? लियो। ये कोई टफ क्वेश्चन है। ट्रिब्यूटरी का मतलब क्या होता है? ठीक है? एक रिवर फ्लोइंग इंटू अ लार्जर रिवर जो बड़ी नदी में छोटी रिवर में मिल जाए। अब यहां से वो बात अलग है कि आप अलग-अलग तरीके के जो ड्रेनेज पैटर्न होते हैं वो रिकॉल कर सकते हैं। जैसे कि रेडियल ड्रेनेज पैटर्न होता है। जहां पे इस तरीके से रिवर्स रेडिएट करती हैं। अमरकंटक प्लैट्यू हमने देखा किस तरीके से नर्मदा रिवर सोन रिवर निकलती है। सेंट्रिपेटल होता है जहां पे सेंट्रल लेक या डिप्रेशन में रिवर्स आके अपना वाटर डिस्चार्ज करती हैं। जैसे लोकटक लेक हो गया। एक वो होता है जहां पर इस तरीके से रिवर मूव करती हैं और उसकी जो ट्रिब्यूटरीज होती हैं वो परपेंडिकुलरली 90° पे जॉइन करती हैं। उसको हम ट्रेलिस बोलते हैं। ये होता है ट्रेलिस। जहां से रिवर बाहर की ओर निकलती

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