UP LT Grade Political Science Previous Year Question Paper | LT Grade Social Science Previous Paper

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो यूपीपीएससी एलटी ग्रेड सोशल साइंस परीक्षा 2018 के पेपर पर आधारित है, जिसमें राजनीति विज्ञान और नागरिक शास्त्र के 60 प्रश्नों को हल किया गया है। वीडियो में संसदीय प्रणाली, संघीय शासन प्रणाली, राष्ट्रपति की भूमिका, न्यायपालिका, स्वराज, महात्मा गांधी के आश्रम, गोपाल कृष्ण गोखले, बाल गंगाधर तिलक, निर्वाचन आयोग, आपातकाल, मौलिक कर्तव्य, पंचायती राज, अंतर्राष्ट्रीय शांति, राजनीतिक विचारक और सिद्धांतों जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई है।

मुख्य बातें:

  • संसदीय प्रणाली ब्रिटेन से ली गई है, जबकि संघीय शासन प्रणाली कनाडा से।
  • राष्ट्रपति संघीय कार्यपालिका का औपचारिक प्रधान होता है, जबकि वास्तविक शक्तियाँ मंत्रिपरिषद में निहित होती हैं।
  • स्वराज शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग दयानंद सरस्वती ने किया था।
  • गोपाल कृष्ण गोखले गांधी जी के राजनीतिक गुरु थे।
  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 108 संयुक्त अधिवेशन से संबंधित है।
  • मौलिक कर्तव्यों को सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर संविधान में जोड़ा गया।
  • भारत में वित्तीय आपातकाल अभी तक एक बार भी नहीं लगा है।
  • राज्य की उत्पत्ति का सबसे प्राचीन सिद्धांत दैवीय उत्पत्ति का सिद्धांत है।

संसदीय और संघीय शासन प्रणाली

भारत में संसदीय प्रणाली ब्रिटेन के संविधान से ली गई है, जबकि संघीय शासन प्रणाली कनाडा के संविधान से। संघ की कार्यपालिका का औपचारिक प्रधान भारत का राष्ट्रपति होता है, लेकिन वास्तविक शक्तियाँ मंत्रिपरिषद में निहित होती हैं। राष्ट्रपति अपनी समस्त शक्तियों का प्रयोग अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों (मंत्रीपरिषद) के माध्यम से करता है। मंत्रिपरिषद के मंत्री राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत कार्य करते हैं और सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदाई होते हैं। मंत्रिपरिषद में अधिकतम मंत्रियों की संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों का 15% हो सकती है।

स्वराज और बाल गंगाधर तिलक

"स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा" यह नारा बाल गंगाधर तिलक का है। स्वराज शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग दयानंद सरस्वती ने किया था। स्वराज बिल सबसे पहले 1895 में बाल गंगाधर तिलक लाए थे। स्वराज शब्द का प्रयोग सभा में सबसे पहले हसरत मोहानी ने किया था, जबकि कांग्रेस में सबसे पहले दादा भाई नौरोजी ने 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में किया था। पूर्ण स्वराज प्रस्ताव 2 जनवरी 1930 को लाया गया और 26 जनवरी 1930 को लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू द्वारा पारित किया गया।

महात्मा गांधी और गोपाल कृष्ण गोखले

महात्मा गांधी 1893 में साउथ अफ्रीका गए थे और 1894 में उन्होंने नाटाल कांग्रेस की स्थापना की। उन्हें बोर पदक और जुलू पदक साउथ अफ्रीका में ही मिले थे। गांधी जी ने वहां फोनिक्स आश्रम (डरबन) और टॉलस्टाई आश्रम (जोहान्सबर्ग) की स्थापना की। गोपाल कृष्ण गोखले गांधी जी से मिलने साउथ अफ्रीका गए थे और उन्हें भारत आने के लिए प्रेरित किया था। गोखले को भारतीय राजनीति का चिंतन गुरु कहा जाता है और वे गांधी जी के राजनीतिक गुरु थे। गोखले ने अपना गुरु एम.जी. राणाडे को माना था, जिन्हें महाराष्ट्र का सुकरात कहा जाता है।

कांग्रेस अधिवेशन और बाल गंगाधर तिलक की पुस्तकें

गोपाल कृष्ण गोखले 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने 1905 में ही सर्वेंट्स ऑफ इंडियन सोसाइटी की स्थापना की थी। लॉर्ड मार्ले ने गोखले के मस्तिष्क को एक राजनीतिक मस्तिष्क की संज्ञा दी थी। बाल गंगाधर तिलक की पुस्तकें हैं: द आर्कटिक होम ऑफ वेदास, गीता रहस्य और द ओरियन। तिलक की मृत्यु 1 अगस्त 1920 को हुई थी और इसी दिन असहयोग आंदोलन शुरू किया गया था। वैलेंटाइन शिरोल ने बाल गंगाधर तिलक को भारतीय अशांति का जनक कहा था।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की अनुपस्थिति

यदि राष्ट्रपति अनुपस्थित हैं, तो उनकी जगह उपराष्ट्रपति बैठेंगे। यदि उपराष्ट्रपति भी अनुपस्थित हैं, तो सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बैठेगा। यदि वह भी अनुपस्थित हैं, तो सर्वोच्च न्यायालय का वरिष्ठतम न्यायाधीश बैठेगा। एम. हिदायतुल्लाह एकमात्र मुख्य न्यायाधीश थे जो कार्यवाहक राष्ट्रपति बने थे।

अनुच्छेद 108 और संयुक्त अधिवेशन

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 108 संयुक्त अधिवेशन के बारे में बताता है। संयुक्त अधिवेशन राष्ट्रपति द्वारा बुलाया जाता है, लेकिन इसकी अध्यक्षता लोकसभा स्पीकर करता है। लोकसभा के पहले अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर थे, पहले उपाध्यक्ष अनंत शैनम आयंगर थे और पहली महिला अध्यक्ष मीरा कुमार थीं। अभी तक तीन बार संयुक्त अधिवेशन बुलाया जा चुका है: 1961 (दहेज प्रथा विधेयक), 1978 (बैंकिंग सेवा विधेयक) और 2002 (आतंकवाद निरोधक विधेयक)।

अध्यादेश, मौलिक कर्तव्य और पंचायती राज

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है। अध्यादेश की वही शक्ति होती है जैसे संसद ने पास किया गया कोई अधिनियम होता है। राष्ट्रपति का अध्यादेश मैक्सिमम 6 माह प्लस 6 सप्ताह तक लागू रह सकता है। मौलिक कर्तव्यों को सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर संविधान में जोड़ा गया। वर्तमान में 11 मूल कर्तव्य हैं, जो अनुच्छेद 51(A) और भाग 4(A) में दिए गए हैं। बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित है और इसने तीन स्तरीय पंचायत की सिफारिश की थी।

निर्वाचन आयोग और आपातकाल

25 जनवरी 1950 को भारत में निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी। अनुच्छेद 324 में निर्वाचन आयोग के बारे में बताया गया है। भारत के पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन थे। आपातकालीन उपबंध जर्मनी के संविधान से लिए गए हैं और भाग 18 में अनुच्छेद 352 से 360 तक इनका जिक्र है। अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपात, अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन और अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित हैं। वित्तीय आपातकाल अभी तक एक बार भी नहीं लगा है।

राज्यसभा, लोकसभा और नागरिकता

राज्यसभा का पदेन सभापति भारत का उपराष्ट्रपति होता है, जो उस सदन का सदस्य नहीं होता है। उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य भाग लेते हैं। भारतीय संविधान का भाग 2 नागरिकता से संबंधित है और अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता के प्रावधान दिए गए हैं। भारत में नागरिकता पांच प्रकार से प्राप्त की जा सकती है: जन्म से, पंजीकरण से, भूमि अर्जन के द्वारा, देशीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त करके और वंश परंपरा से।

अनुसूचियां, पंचशील और राजनीतिक दल

भारत राज्यों का संघ है। संविधान की सातवीं अनुसूची में तीन सूचियां हैं: संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची। मूल संविधान में आठ अनुसूचियां थीं, जबकि वर्तमान में 12 हैं। पंचशील सिद्धांत बौद्ध धर्म से प्रेरित हैं और भारत की विदेश नीति में इनका प्रयोग किया जाता है। किसी भी राजनीतिक दल में मजबूती, लोकतंत्र में विश्वास और वैचारिक एकता होनी चाहिए।

राजनीतिक विचारक और सिद्धांत

हॉप्स ने लेवियार्थन, लॉक ने टू टिटाइजेस ऑन सिविल गवर्नमेंट और रूसो ने द सोशल कॉन्ट्रैक्ट नामक पुस्तकें लिखीं। प्लेटो ने एक आदर्श राज्य की जनसंख्या 5040 निश्चित की है। मनुस्मृति में 12 अध्याय और 2694 श्लोक हैं। दास कैपिटल कार्ल मार्क्स की रचना है, जिसे मार्क्सवाद की बाइबल कहा जाता है। पैन ऑप्टिकन जेल से संबंधित है। प्लेटो की रिपब्लिक का सबटाइटल न्याय से संबंधित है। जे.एस. मिल ने आत्म परक और परमात्म परक आचरण के मध्य अंतर किया है।

लूट पद्धति, सार्क और गुटनिरपेक्ष आंदोलन

संरक्षक नौकरशाही व्यवस्था को ही लूट पद्धति का नाम दिया जाता है। 8 दिसंबर 1985 को सार्क (दक्षेस) की स्थापना ढाका में की गई थी। गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) का पहला सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में संपन्न हुआ था। लीबिया का गद्दाफी गुटनिरपेक्ष आंदोलन में शामिल नहीं था।

संप्रभुता, राज्य और अधिकार

संप्रभुता की अवधारणा वैधानिक होती है। किसी भी राज्य का सर्वाधिक महत्वपूर्ण तत्व संप्रभुता होता है। राज्य की उत्पत्ति का सबसे प्राचीन सिद्धांत दैवीय उत्पत्ति का सिद्धांत है। जॉन लॉक प्राकृतिक अधिकारों के सिद्धांत से संबंधित हैं। बेंथम कहते हैं कि अधिकार कानूनों और केवल कानूनों का ही फल है। वितरणात्मक दंड का सिद्धांत नहीं है, बल्कि न्याय का सिद्धांत है। रूसो ने प्राकृतिक अवस्था वाले मनुष्य को आदर्श बर्बर कहा है। थॉमस हॉप्स ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि उसकी मां ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया: स्वयं उसे तथा डर।

उदारवाद, वैज्ञानिक समाजवाद और राजनीतिक विज्ञान

जॉन लॉक को उदारवाद का जनक कहा जाता है। कार्ल मार्क्स वैज्ञानिक समाजवाद के प्रतिपादक हैं। ऑस्टिन महोदय ने कहा है कि कानून उच्च द्वारा निम्न को दिया गया आदेश है। जीडीएच कोल का कथन है कि राजनीतिक स्वतंत्रता आर्थिक समानता के बिना एक कल्पना है। एडवर्ड डिमोक के अनुसार, राजनीतिक विज्ञान का संबंध राज्य तथा उसके साधन सरकार से है। हेगेल ने बहुलवाद का समर्थन नहीं किया है। कार्ल मार्क्स ने राज्य का वर्ग सिद्धांत दिया है। अरस्तु की प्रसिद्ध पुस्तक का नाम पॉलिटिक्स है। बार्कर का कथन है कि मानव चेतना स्वतंत्रता की कामना करती है, स्वतंत्रता में अधिकार शामिल है और अधिकार राज्य की मांग करते हैं।

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Transcript

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0:08 नमस्कार आप सभी का मैं बहुत-बहुत स्वागत करता हूं आपके अपने इस ऑफिशियल YouTube चैनल पर। दोस्तों, यूपीपीएससी की आईटी ग्रेड की वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। हम लोग यहां पर कर रहे हैं 2018 में जो सोशल साइंस का पेपर हुआ था, उसके बारे में हम लोग यहां पर डिस्कस करेंगे। कल मैंने आपको हिस्ट्री का पूरा पेपर पढ़ा दिया था जिसमें 60 क्वेश्चन आते हैं। आपको पता है सोशल साइंस में आपके चार पार्ट होते हैं। हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटी और सिविक्स आता है। सिविक्स में ही आपका है ना राजनीतिक दर्शन वाला पार्ट भी आता है। भारतीय संविधान भी आता है। मूल्यांकन की विशेषताएं वाला जो पार्ट है वैल्यू्यूएशन वाला पार्ट वो भी आता है। तो मैं आपको बता देना चाहता हूं कि आज के पार्ट में हम लोग ये सारी चीजें देखने

0:55 वाले हैं। और 60 क्वेश्चन पूरे के पूरे करने वाले हैं। तो देखते हैं भाई कितने लोग इसके आंसर सही कर पाएंगे और हम लोगों का जो बैच है वो जारी किया जा चुका है। आप जानते हैं कि हमारा जो एलटी ग्रेड का बैच है वो 21 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। तो आप सभी लोग विद्यार्थी है ना सोशल साइंस का यह वाला बैच परचेस कर लेंगे। इसकी फीस ₹5000 पहले रखी गई थी। लेकिन अभी जब तक बैच नहीं प्रारंभ हो रहा है, आप इसमें सिर्फ और सिर्फ ₹199 का यह बैच परचेस कर सकते हैं। ठीक है ना? स्टार्ट करते हैं बिना किसी देरी के। तो आज की क्लास में हम लोग बच्चों प्रारंभ करने वाले हैं, है ना? इंडियन पॉलिटी और पॉलिटिकल साइंस से संबंधित जो क्वेश्चन आने वाले हैं, उन सभी पे चर्चा करेंगे। 60 क्वेश्चन होंगे।

1:41 सेक्शनल टेस्ट होगा बच्चों। और स्टार्ट करते हैं। शुरुआत में पॉलिटी के क्वेश्चन हैं। फिर पॉलिटिकल साइंस के क्वेश्चन हैं। और फिर आपके स्टेट के क्वेश्चन वैल्यू्यूएशन के क्वेश्चन भी मैंने यहां पर जोड़ दिए हैं। तो चलिए प्रारंभ करते हैं क्लास को और पहला क्वेश्चन आपकी स्क्रीन पर। कह रहा है निम्नलिखित में से कौन सी संसदात्मक शासन विशेषता नहीं है? तो आपको पता होना चाहिए भारत में संसदीय प्रणाली जब हम लोग भारत में संसदीय प्रणाली की बात करते हैं तो संसदीय प्रणाली ली गई है ब्रिटेन के संविधान से। तो सबसे पहली बात तो यही क्वेश्चन पूछा जाता है कि बताइए संसदीय प्रणाली कहां से ली गई है? सबसे पहला प्रश्न तो यही हो गया

2:27 कि भारत में जो संसदीय प्रणाली है वो कहां से ली गई है? तो आप कहेंगे ब्रिटेन के संविधान से। कहां से ली गई दोस्तों? तो आप कहेंगे ब्रिटेन के संविधान से। लेकिन जब आपसे क्वेश्चन यह कह दे कि बताइए संघीय शासन प्रणाली कहां से ली गई है? जब प्रश्न ये डाल दे कि संघीय शासन प्रणाली कहां से ली गई है? तो आपका उत्तर आ जाएगा कनाडा के संविधान से। तो क्या उत्तर आ जाएगा? कनाडा के संविधान से। आपको पता होना चाहिए कि संघ की कार्यपालिका का औपचारिक प्रधान भारत का राष्ट्रपति होता है। यह बात आप मानते हैं कि संघ की कार्यपालिका का औपचारिक प्रधान क्या या नाम मात्र का प्रधान भारत का राष्ट्रपति होता है। जबकि

3:13 वास्तविक शक्तियां किस में निहित होती हैं बच्चों? मंत्रीपरिषद में निहित होती हैं। आप पढ़ेंगे है ना? जब राष्ट्रपति के बारे में तो आपको मैंने बताया है कि राष्ट्रपति अपने है ना समस्त शक्तियों का प्रयोग अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों के माध्यम से करता है। अधीनस्थ पदाधिकारी का मतलब होता है मंत्रीपरिषद की सहायता से करता है। तभी प्रश्न पूछा जाता है कि बताइए संघ के मंत्रियों की नियुक्ति कौन करता है? तो संघ के मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत ही मंत्री परिषद के मंत्री अपना पद धारण करते हैं। तो प्रश्न पूछा जाता है कि

3:58 बताइए मंत्री किसके प्रसाद पर्यंत कार्य करते हैं? तो राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत ये काम करते हैं। क्या यह बात आपको समझ में आई? बच्चों जल्दी बताइए। तो आप अच्छा बहुत सारे विद्यार्थी सोचते है ना व्यवस्थापिका कार्यपालिका और या न्यायपालिका इनमें अंतर नहीं पता कर पाते हैं। है ना कि सर व्यवस्थापिका क्या है? न्यायपालिका क्या है? कार्यपालिका क्या है? व्यवस्थापिका यानी कि विधायिका। जो कानून का निर्माण करें। बच्चों जो कानून बनाती है वो विधायिका या फिर व्यवस्थापिका है। जो कानून के नियमों का पालन करवाती है वो कार्यपालिका है और जो कानून का उल्लंघन करने पर दंड देती है वो है बच्चों

4:46 न्यायपालिका। तो मेरे हिसाब से सारी बातें आपको क्लियर हो गई होंगी। तो मैं यहां पर कुछ बातें लिखूंगा। याद रखिएगा। कह रहा है निम्नलिखित में से कौन सी संसदात्मक शासन की विशेषता नहीं है? इसमें कह रहा है कौन सी विशेषता नहीं है? तो संसदात्मक शासन की कौन सी विशेषता नहीं है? तो आप कहेंगे कार्यपालिका का निश्चित कार्यकाल। कार्यपालिका का निश्चित कार्यकाल यह विशेषता नहीं है। बाकी सारी कि संसदीय शासन प्रणाली में संघीय कार्यपालिका में राष्ट्रपति नाम मात्र का अध्यक्ष होता है। व्यवस्थापिका और कार्यपालिका के बीच में एक अच्छा संबंध होता है। और जो मंत्री

5:32 परिषद है वो सामूहिक रूप से उत्तरदाई होती है। किस सदन के प्रति? लोकसभा के प्रति। किस सदन के प्रति बच्चों? लोकसभा के प्रति क्या यहां तक बात समझ में आई? मुंह से बोलो क्या यहां तक बात समझ में आई? तो यहां तक यह जो कार्यपालिका का निश्चित कार्यकाल है वो गलत हो जाएगा क्योंकि कार्यपालिका का अनिश्चित कार्यकाल होता है। है ना? मंत्रीपरिषद का कार्यकाल निश्चित नहीं होता। कार्यपालिका उसी समय तक अपने पद पर बनी रह सकती है जब तक उसे विश्वास मत प्राप्त होता है। जब तक संसद में विश्वास प्राप्त रहता है। और जैसे ही विश्वास खो जाता है ना मंत्रिपरिषद समाप्त हो जाती है। क्लियर है? तो यहां तक इसका जो सही क्वेश्चन होगा वो हो जाएगा बी। तो

6:17 कार्यपालिका का निश्चित की जगह क्या होना चाहिए था भैया? कार्यपालिका का अनिश्चित कार्यकाल। कार्यपालिका का अनिश्चित कार्यकाल। यह विशेषता है संसदीय शासन प्रणाली की या संसदात्मक शासन की। है ना? तो यहां पर मैं लिख देता हूं मेरे भाई। यहां पर मैं पॉइंट लिख देता हूं ताकि जो विद्यार्थी नया है जिसको बिल्कुल भी पिटी नहीं आती है उसको थोड़ा सा मजा आए। है ना? तो क्या सभी लोग स्टार्ट बताएंगे ना आंसर? बढ़ाएं। एक बार क्लास को फटाफट से शेयर कर दो सभी लोग बच्चों। एक बार बच्चों सभी लोग क्लास को शेयर कर दो बढ़िया तरीके से जानदार तरीके से है ना लाइक और शेयर भी करना बनता है। तो यहां लिखेंगे कि राष्ट्रपति यहां पे

7:03 लिख देते हैं बच्चों कि जो राष्ट्रपति होता है वो संघीय कार्यपालिका का औपचारिक प्रधान होता है। संघीय कार्यपालिका का राष्ट्रपति संघीय कार्यपालिका का औपचारिक प्रधान होता है। औपचारिक प्रधान होता है। प्रधान होता है। यह अपनी समस्त शक्तियों का प्रयोग यह अपनी यह अपनी समस्त शक्तियों का प्रयोग समस्त शक्तियों का प्रयोग का प्रयोग

7:50 अपने पद अपने अधीनस्थ अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों के माध्यम से करता है। अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों के माध्यम से करता है। पदाधिकारियों के माध्यम से करता है। पदाधिकारियों के माध्यम से करता है। अब यहां पे अधीनस्थ पदाधिकारी का मतलब होता है मंत्रीपरिषद। मंत्री परिषद मंत्री परिषद यहीं पर प्रश्न पूछा जाता है कि मंत्री परिषद के जो मंत्री होते हैं, है ना? ये किसके प्रति उत्तरदाई होते हैं? तो मंत्री राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत

8:38 कार्य करते हैं। राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत कार्य करते हैं। पर्यंत कार्य करते हैं। बहुत ही महत्वपूर्ण क्वेश्चन। इनकी नियुक्ति भी कौन करता है? राष्ट्रपति करता है। और मंत्रियों को अगर त्यागपत्र देना है तो त्यागपत्र भी ये किसको देंगे बच्चों? तो त्यागपत्र भी राष्ट्रपति को देंगे। ठीक है? और यही पूछा जाए कि मंत्रीपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदाई होती है? तो यह सामूहिक रूप से सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदाई

9:24 होती है। लोकसभा के प्रति उत्तरदाई होती है। उत्तरदाई होती है। होती है। है ना? तो बच्चों यहां तक सारी बातें क्लियर है। मैं लिख-लिखकर इसलिए समझा रहा हूं ताकि आपको बेहतर तरीके से चीजें समझ में आए। पहली बार पढ़ रहे हैं तो मेरी बातें आपको समझ में आ जाए। आपको लग जाए कि हां सर जो समझाते हैं हमें अच्छे से समझ में आता है तो बैच में आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। इंपॉर्टेंट ये होता है ना कि जब ट्यूनिंग नहीं मैच करती है। तो ट्यूनिंग नहीं मैच करेगी तो फिर मतलब नहीं रहेगा बैच लेने का। ट्यूनिंग अगर मैच कर जाए तो हमारी बातें जब आपको समझ में आना शुरू हो जाए तभी हम मानेंगे कि हां अब आप होशियार हो जाएंगे। अब आप मेरी चीजों को

10:09 अच्छे से कंठस्थ कर पाएंगे। ठीक है मेरे भाई क्लियर है तो यहां तक बातें मेरे हिसाब से आपको समझ में आ गई अगर मैं अगर एक छोटा सा क्वेश्चन मैं यह पूछूं कि मंत्री परिषद में मैक्सिमम मंत्रियों की संख्या कितनी होगी ये बताओ मंत्री परिषद में मंत्री परिषद में मैक्सिमम है ना मंत्री कितने हो सकते हैं मैक्सिमम मंत्री यानी अधिकतम मंत्री कितने हो सकते हैं मैक्सिमम मंत्री कितने हो सकते हैं? तो आप कहेंगे सर मैक्सिमम मंत्री लोकसभा का 15% लोकसभा के कुल सदस्यों का 15% लोकसभा के कुल सदस्यों का 15%

11:01 जी हां बिल्कुल लोकसभा के कुल सदस्यों का 15% सबने बताया बिल्कुल सही लोकसभा के कुल सदस्यों का 15% से ज्यादा नहीं हो सकते क्लियर है चलिए चलिए अब हम लोग आगे बढ़ेंगे। स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा। स्वराज्य मेरा बच्चों जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा। यह स्टेटमेंट किसका है? जल्दी से स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा। यह नारा किसका है? गांधी जी का है? गोपाल कृष्ण गोखले का है या फिर जवाहरलाल नेहरू का या फिर बाल गंगाधर तिलक का? अब इससे आसान क्वेश्चन तो नहीं मिलेगा

11:46 बच्चों। इससे आसान क्वेश्चन तो आपको मिल ही नहीं सकता। है ना? हां बिल्कुल सही बताया। आंसर बिल्कुल सही है। बी इज द राइट आंसर बाल गंगाधर तिलक। तो स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा। ये स्टेटमेंट है बाल गंगाधर तिलक का। यहीं पर क्वेश्चन आपसे पूछा जाएगा कि बताइए सर्वप्रथम बिल्कुल सही है। बी इज़ द राइट आंसर। जसवंत सही है कि स्वराज्य की बात हम लोग जब यहां पर करते हैं तो स्वराज शब्द का स्वराज शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया? देखिएगा सारी बातें यहां पर मैं आपको बताने वाला हूं। स्वराज शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया? तो स्वराज शब्द का प्रयोग सबसे पहले किया भैया आपका

12:34 उत्तर आ जाएगा दयानंद सरस्वती जी ने। दयानंद सरस्वती जी ने समझे क्या? अगर प्रश्न पूछा जाए स्वराज शब्द का या स्वदेशी शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया? तो आप कह देंगे स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने। फिर यहीं से क्वेश्चन पूछा जाएगा कि स्वराज बिल सबसे पहले 1895 ईस्वी में कौन लाया? स्वराज बिल सबसे पहले कौन लाया? तब आपका उत्तर आ जाएगा बाल गंगाधर तिलक। तो स्वराज बिल सबसे पहले कौन लाया? तो आपका उत्तर आ जाएगा बाल गंगाधर तिलक। और स्वराज शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया? तब दयानंद सरस्वती। यहीं पर क्वेश्चन पूछा जाए स्वराज शब्द का

13:21 प्रयोग स्वराज शब्द का प्रयोग स्वराज शब्द सभा में सबसे पहले किसने प्रयोग किया? है ना? सभा में इसका सबसे पहले प्रयोग किसने किया? सभा में तो आप कहेंगे सभा की जब बात की जाएगी तब आपका आंसर आ जाएगा हसरत मोहानी। तब आपका उत्तर क्या आ जाएगा मेरे भाई? हसरत मोहानी। फिर यहीं पर क्वेश्चन पूछ दिया जाए कि बताइए स्वराज शब्द का प्रयोग कांग्रेस में सबसे पहले किसने किया? स्वराज शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम कांग्रेस में रहकर किसने सबसे पहले किया? कांग्रेस के भीतर तो आप कहेंगे सर 1906

14:07 कोलकाता अधिवेशन दादा भाई नौरोजी फिर यही प्रश्न पूछा गया एक और कि पूर्ण स्वराज प्रस्ताव कब लाया गया पूर्ण स्वराज प्रस्ताव की अगर हम लोग बात करें कि पूर्ण स्वराज्य प्रस्ताव सबसे पहले कौन लेकर करा आया। एक बार बच्चों क्लास को शेयर कर दो सभी लोग। अगर नोटिफिकेशन ना गया हो तो भी भैया नोटिफिकेशन सब लोग को भेज दो और सब लोग आ जाए क्लास के अंदर फटाफट से जल्दी से। तो क्वेश्चन यह है कि पूर्ण स्वराज प्रस्ताव है ना कब लाया गया? तो आप कहेंगे कब आया?

14:55 तो 2 जनवरी 1930 को। यह प्रस्ताव पास कब हुआ? 26 जनवरी 1930 को। और है ना किस अधिवेशन में लाया गया? लाहौर अधिवेशन 1929 में। लाहौर अधिवेशन 1929 में कौन लाया? जवाहरलाल नेहरू। कौन लाया? जवाहरलाल नेहरू। तो इस प्रकार से देखो आपने ये पूरे क्वेश्चन अच्छे से करे। इस प्रकार से बच्चों आपने पूरे क्वेश्चन अच्छे से करें। है ना? तो मजा आई ना? इस हिसाब से मैं आपको पढ़ाऊंगा एक्सप्लेन करके ताकि जब भी आप कभी क्वेश्चन देखें आपको लगे इससे तो मैं बहुत बना सकता हूं। अगला क्वेश्चन

15:42 देखो। दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी के आश्रम का नाम क्या है? ये सब बच्चा पेपर में आने वाले क्वेश्चन हैं। है ना? सब पेपर में आने वाले क्वेश्चन। तो आपका सही उत्तर क्या आ जाएगा मेरे भाई? आपको पता है गांधी जी गांधी जी साउथ अफ्रीका कब गए थे? बताइए तो 1893 ईस्वी में साउथ अफ्रीका गए। साउथ अफ्रीका गए। 1894 ईस्वी में गांधी जी द्वारा गांधी जी द्वारा द्वारा नाटाल कांग्रेस की स्थापना की गई। नाटाल कांग्रेस की स्थापना की गई। कई बार क्वेश्चन पूछा गया है कि बताइए

16:29 नताल कांग्रेस की स्थापना किसने की? तो नताल कांग्रेस की स्थापना भैया गांधी जी ने की कहां पर? साउथ अफ्रीका में। कहां पर की? साउथ अफ्रीका में। यहीं पर क्वेश्चन ये भी पूछा गया बढ़िया तरीके का क्वेश्चन कि बताइए। है ना? यहीं पर क्वेश्चन पूछा गया कि गांधी जी को यहां पर कौन-कौन से पदक मिले? तो बोर पदक और जुलू पदक। बोवर पदक व जुलू पदक प्रश्न पूछा जाए कि बोवर पदक और जुलू पदक गांधी जी को कहां पर मिले थे? तो साउथ अफ्रीका में ही मिले थे। तो बोवर पदक और जुलू पदक का संबंध किससे है? तो कहेंगे गांधी जी से। इंपॉर्टेंट प्रश्न है। गांधी जी ने यहां पर दो आश्रम

17:16 बसाए थे। एक आपका फोनिक्स आश्रम बसाया या फिनिक्स कह सकते हो और एक आपका टॉलस्टाई आश्रम है। एक आपका क्या है भैया? एक है आपका टॉलस्टाई आश्रम। है ना? तो फोनिक्स आश्रम कहां पर है? तो आप कहेंगे डरबन में। साउथ अफ्रीका के डरबन में। और टालस्टाई आश्रम कहां पर है भैया? तो जोहान्सबर्ग में कहां पर है ये? जोहान्सबर्ग में साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में तो फोनिक्स आश्रम की स्थापना की 1904 में। फोनिक्स आश्रम की स्थापना कब की भैया? 1904 में। तो ये बात आपको समझ में आ गई होगी बच्चों।

18:03 जल्दी से तो बहुत ही महत्वपूर्ण क्वेश्चन आप लोगों ने कर लिया और सारे प्रश्न आपने कर लिए। प्रश्न यह पूछा जाए गांधी जी साउथ अफ्रीका किसका मुकदमा लड़ने के लिए गए थे? गांधी जी साउथ अफ्रीका किसका मुकदमा लड़ने के लिए गए थे? तो गांधी जी साउथ अफ्रीका गांधी जी साउथ अफ्रीका किसका दादा अब्दुल्लाह का मुकदमा लड़ने के लिए गए थे। दादा अब्दुल्लाह का जो एक व्यापारी थे इनका मुकदमा लड़ने के लिए गए थे। गांधी जी को साउथ अफ्रीका में किस स्थान से ट्रेन से उतारा? कौन सा वह स्थान था जहां पर इनको ट्रेन से उतार दिया गया? बताइए जहां पर इनको क्या

18:48 उतार दिया गया? ट्रेन से उतार दिया गया था। उस स्थान का नाम क्या था? तो आप कहेंगे पीटर मेरिजबर्ग। बच्चों क्या नाम था? पीटर मेरिजबर्ग। पीटर मेरिजबर्ग। ठीक है। क्या नाम था भैया? पीटर मेरिसबर्ग। ठीक है। तो बताओ यहां तक बात समझ में आ गई? क्लियर है? जी हां। अगला क्वेश्चन करें। बताओ जल्दी से। अगला क्वेश्चन लगाया जाए। अगला क्वेश्चन स्क्रीन पर। गोपाल कृष्ण गोखले कांग्रेस के अध्यक्ष कब बनाए गए थे? तो गोपाल कृष्ण गोखले कांग्रेस के किस अधिवेशन के अध्यक्ष बने थे? जरा बताएंगे।

19:35 देखो तब तक मैं आपको बताता हूं। गोपाल कृष्ण गोखले जी के गोखले यह गांधी जी से मिलने साउथ अफ्रीका गए थे। गांधी जी से मिलने मिलने साउथ अफ्रीका गए थे। तो प्रश्न पूछा जाता है कि बताइए गांधी जी से मिलने साउथ अफ्रीका कौन गया था? जिसने गांधी जी को भारत आने के लिए प्रेरणा दी थी? तो आप कहेंगे गोपाल कृष्ण गोखले। गोपाल कृष्ण गोखले को हम लोग कहते हैं भारतीय राजनीति का चिंतन गुरु। भारतीय राजनीति का भारतीय राजनीति का चिंतन गुरु। गोपाल कृष्ण गोखले को ही कहते हैं भारतीय

20:22 राजनीति का चिंतन गुरु। गोपाल कृष्ण गोखले गांधी जी के राजनीतिक गुरु थे। गांधी जी के राजनीतिक गुरु थे। गांधी जी के राजनीतिक गुरु थे। गोपाल कृष्ण गोखले ने अपना गुरु किसको माना था? तो आप कहेंगे महागोविंद राणा जय को। गोपाल कृष्ण गोखले के गुरु कौन थे? गोखले ने अपना गुरु अपना गुरु एम जी राणा डे को माना था। एम जी राणा डे को माना था। यह एम जी राणा कौन थे? महा है ना महागोविंद राणा। तो एम जी राणा को हम लोग कहते हैं महाराष्ट्र का

21:09 सुकरात। इन्हें हम क्या कहते हैं दोस्तों? इन्हें कहते हैं महाराष्ट्र का सुकरात। गोपाल कृष्ण गोखले जी को। गोपाल कृष्ण गोखले कांग्रेस के कब अध्यक्ष बने थे? तो 1905 में जब बंगाल के विभाजन की घोषणा कही गई थी। उसी दौरान तो गांधी जो गोपाल कृष्ण गोखले 1905 में कांग्रेस का जो बनारस अधिवेशन हुआ था उसमें अध्यक्ष बनाए गए थे। कांग्रेस का जो बनारस अधिवेशन हुआ था तो कांग्रेस के बनारस अधिवेशन के अध्यक्ष बनाए गए थे गोपाल कृष्ण गोखले। इन्होंने 1905 में ही एक संगठन बनाया जिसका नाम था

21:55 सर्वेंट्स ऑफ इंडियन सोसाइटी। बहुत महत्वपूर्ण क्वेश्चन। है ना? गोपाल कृष्ण गोखले ने सर्वेंट्स ऑफ इंडियन सोसाइटी की स्थापना की थी। सर्वेंट्स ऑफ इंडियन सोसाइटी की स्थापना की थी। सर्वेंट्स ऑफ इंडियन सोसाइटी की स्थापना की थी। बहुत आता है पेपर में कि सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना किसने की थी? तो गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी। क्वेश्चन पूछा जाता है कि बताइए लॉर्ड मार्ले ने मार्ले कौन थे? भारत के सचिव जैसे आपने सुना होगा मार्ले मिंटो सुधार आया था। 1909 में क्या आया था? मार्ले मिंटो सुधार। तो क्वेश्चन पूछा जाता है कि

22:41 बताइए भारत के किस सचिव ने यह कहा था कि गोपाल कृष्ण गोखले का अगर मूल्यांकन किया जाए तो उनका मस्तिष्क एक राजनीतिक मस्तिष्क था। जल्दी से तो गोपाल कृष्ण गोखले का जो मस्तिष्क था वो एक पॉलिटिकल ब्रेन कहलाता है। या फिर किसका ब्रेन पॉलिटिकल ब्रेन कहलाता है? तो आप कहेंगे गोपाल कृष्ण गोखले। तो गोपाल कृष्ण के गोखले के मस्तिष्क को मस्तिष्क को एक राजनीतिक मस्तिष्क की संज्ञा किसने दी है? एक राजनीतिक मस्तिष्क

23:26 कहा किसने? भारत सचिव लॉर्ड मार्ले ने। भारत सचिव लॉर्ड मार्ले ने एग्जैक्ट जब क्वेश्चन पेपर में मिलेगा तब आपको लगेगा कि हां यार मजा ही आ गई। सर ने जो पढ़ाया सीधे-सीधे क्वेश्चन मिले है ना? तो ये सारे पॉइंट आपको याद कर लेने हैं। ये सारे पॉइंट बच्चों आपको याद कर लेने हैं। क्वेश्चन नंबर पांच पे आते हैं। निम्नलिखित में से किस पुस्तक के लेखक बाल गंगाधर तिलक हैं? तो कौन सी पुस्तक के लेखक बाल गंगाधर तिलक हैं? तो आप कहेंगे द आर्कटिक होम ऑफ वेदास गीता रहस द ओरियन या फिर यह सभी तो आप क्या कहेंगे इसका सही उत्तर क्या रहेगा इसका बच्चों सही उत्तर

24:12 क्या रहेगा जल्दी तो आप कहेंगे कि सर इसका उत्तर रहेगा उपर्युक्त सभी द आर्कटिक होम ऑफ वेदास गीता रहस्य और द ओरियन ये सभी पुस्तकें किसकी हैं? बाल गंगाधर तिलक की हैं। उन्होंने 1893 ईस्वी में जब गांधी जी साउथ अफ्रीका गए थे तब की बात है। है ना? 1893 ईस्वी में इन्होंने द ओरियन नाम की पुस्तक लिखी थी। 1903 में इन्होंने द आर्कटिक होम ऑफ वेदास लिखी थी। और 1915 में इन्होंने गीता रहस्य लिखी थी। अब जो गीता रहस्य है यह शंकराचार्य के बाद सबसे सुंदर

24:58 तर्कपूर्ण गीता का भाष्य है बच्चों। ठीक है ना? तो आप कहेंगे तो बाल गंगाधर तिलक की दो पत्रिकाएं भी याद रखना है आपको। एक है केसरी पत्रिका, एक है आपकी मराठा पत्रिका। तो केसरी पत्रिका मराठी भाषा में थी और मराठा पत्रिका आपकी अंग्रेजी भाषा में। अंग्रेजी भाषा में ठीक है। अगला क्वेश्चन यह बताओ। क्वेश्चन पूछा जाता है किसकी मृत्यु के तुरंत बाद असहयोग आंदोलन शुरू किया गया था? तो बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु 1 अगस्त 1920 को हुई थी। तो 1 अगस्त 1920 को

25:45 को तिलक की मृत्यु के साथ ही तिलक की मृत्यु के साथ ही तिलक की मृत्यु के साथ ही असहयोग आंदोलन शुरू किया गया था। बहुत बार क्वेश्चन आया है पेपर में और आता रहेगा। असहयोग आंदोलन शुरू हुआ था। ठीक है? ये इंपॉर्टेंट क्वेश्चन। आगे बढ़ाया जाए। अगला क्वेश्चन क्वेश्चन नंबर छठवां करेंगे। क्वेश्चन नंबर छठवां करेंगे। कह रहा है महात्मा गांधी का राजनीतिक गुरु किसे माना जाता है? अभी हम लोगों ने बात करी है गोपाल कृष्ण गोखले की। अभी हम लोगों ने थोड़ी देर पहले बात करी है कि गांधी जी का राजनीतिक गुरु कौन था? गोपाल कृष्ण गोखले। गोपाल कृष्ण गोखले के गुरु

26:31 कौन कहलाएंगे? महागोविंद राणा। तो अगर हम लोग यहां पे गुरु जी देखें गुरु परंपरा तो गांधी जी गांधी जी के राजनीतिक गुरु कौन थे? गोपाल कृष्ण गोखले गोपाल कृष्ण गोखले के राजनीतिक गुरु कौन थे? एम जी राणा। एम जी राणा के कौन थे बच्चों? केशव चंद्र सेन। एम जी राणा के कौन थे? तो केशव चंद्र सेन। वैसे अगर हम आपको और भी क्वेश्चन करें जैसे मैं यहां पर कह दूं तानसेन तो तानसेन के गुरु कौन थे? हरिदास है ना? और हरिदास के गुरु कौन थे? मानसिंह तोमर।

27:17 ठीक है? तो ऐसे आप याद कर सकते हैं। ठीक है? यहीं पर पूछ दिया जाए आमिर खुसरो। आमिर खुसरो के गुरु कौन थे? तो आप कहेंगे शेख निजामुद्दीन औलिया। शेख निजामुद्दीन औलिया। तो इस प्रकार से आप ये गुरु याद रख सकते हैं। इस प्रकार से आप बच्चों क्या कर सकते हैं? ये गुरु वाला पार्ट याद कर सकते हैं। ठीक है? चलो आगे बढ़े। भारतीय अशांति का जनक बाल गंगाधर तिलक को कहा जाता है। भारतीय अशांति का जनक किसे

28:05 कहा जाता है भैया? बाल गंगाधर तिलक को कहा जाता है। और किसने कहा था? वैलेंटाइन शिरोल ने। किसने कहा था बच्चों? तो आप कह देंगे सर किसने कहा था? वैलेंटाइन शिरोल ने कहा था। और अपनी कौन सी पुस्तक में कहा था? तो आप कहेंगे इंडिया अनरेस्ट में। इंडिया अनरेस्ट में तो इंडिया अनरेस्ट में भारतीय अशांति का जनक भारतीय अशांति का जनक वैलेंटाइन शरोल ने गांधी है ना बाल गंगाधर तिलक को कहा था और वैलेंटाइन शरोल ने अपनी इंडिया में किस संस्था को किस संस्था को भारत में अशांति का जनक कहा था तो आप कहेंगे आर्य समाज आर्य समाज तो आर्य समाज

28:54 इसकी स्थापना स्थापना 1875 में दयानंद सरस्वती जी ने की थी। 1875 में दयानंद सरस्वती जी द्वारा की गई थी। एनी बेसेंट की दो पत्रिकाएं याद कर लो भैया। एक है न्यू इंडिया। एक है न्यू इंडिया और एक है कॉमन व्हील। एक है कॉमन व्हील। तो न्यू इंडिया और कॉमन विल किसकी पत्रिकाएं हैं? एनी बेसेंट की। अगला क्वेश्चन। चलो यह बताओ भैया इसका आंसर क्या लगा सकते हैं? ये आंसर लगाओ। भारत के राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में यदि उपराष्ट्रपति उपलब्ध नहीं है तो राष्ट्रपति की पर कौन गद्दी पर

29:43 बैठेगा? यानी कि अगर राष्ट्रपति अनुपस्थित है, राष्ट्रपति अगर अनुपस्थित है तो उसकी जगह उपराष्ट्रपति बैठेगा। यदि उपराष्ट्रपति भी अनुपस्थित है तो फिर कौन बैठेगा? सर्वोच्च न्यायालय का चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया। सर्वोच्च न्यायालय का चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया। और अगर यह भी अनुपस्थित है तो सर्वोच्च न्यायालय का वरिष्ठतम न्यायाधीश अब ऐसा नहीं होगा कि सब हो जाए। है ना? क्योंकि वरिष्ठतम न्यायाधीशों की संख्या है 33।

30:30 33 + 1 होता है। तो 33 में से कोई एक गायब हो जाएगा। 32 में से एक गायब हो जाएगा 31 तो बचेंगे ना। तो ये रहेगा क्रम। तो यहां पर यदि राष्ट्रपति अनुपस्थित हो जाए तो अनुपस्थिति अनुसार पदाम। ठीक है? तो इस हिसाब से आप इसको याद रखेंगे। तो कौन बैठेगा? भारत का मुख्य न्यायाधीश। गद्दी पर कौन बैठेगा? यदि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों अनुपस्थित हो जाए तो गद्दी पर कौन बैठेगा? भारत का मुख्य न्यायाधीश गद्दी पर बैठेगा। यहीं पर एक और छोटा सा प्रश्न मैं डालता हूं कि एक बार ही ऐसा पार्ट हुआ है। अभी तक सिर्फ एक बार

31:18 ऐसा हुआ है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों अनुपस्थित हो गए। अभी तक सिर्फ एक बार ही बच्चों ऐसा हुआ है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों ही अनुपस्थित हो गए। है ना? तो कोई मुख्य न्यायाधीश गद्दी पर बैठा हो। उसका नाम क्या है? बताइए। एकमात्र मुख्य न्यायाधीश जो गद्दी पर बैठे तो आप कहेंगे एम हिदायतुल्लाह एम हिदायतुल्लाह एकमात्र सीजेआई जो कार्यवाहक राष्ट्रपति बने जो कार्यवाहक राष्ट्रपति बने थे।

32:03 ठीक है। चलो भैया अगला क्वेश्चन देखते हैं। क्वेश्चन नंबर नौ करो भाई क्या आंसर होगा? क्वेश्चन नंबर नौ। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 108 क्या कहता है? भारतीय संविधान का अनुच्छेद चलिए आपको पता होना चाहिए। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 108 संयुक्त अधिवेशन के बारे में बताता है। किसके बारे में बताता है भैया? संयुक्त अधिवेशन के बारे में बताता है। जैसे मान के चलिए किसी साधारण विधेयक पर किसी साधारण विधेयक पर कोई विवाद हो जाए। लोकसभा पास करे राज्यसभा फेल कर दे। राज्यसभा पास करे, लोकसभा फेल कर दे तो

32:48 राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त अधिवेशन बुला सकता है। लेकिन जब संयुक्त अधिवेशन बुलाता है तो इस अधिवेशन की अध्यक्षता लोकसभा स्पीकर के द्वारा की जाती है। है ना? तो ये कह रहा है आहूत कौन करता है? ये बैठक बुलाता कौन है? तो बुलाने का काम है राष्ट्रपति का। बुलाता कौन है? तो बुलाने का काम है राष्ट्रपति का। लेकिन संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता कौन करता है? तो संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता कौन करता है? तो लोकसभा स्पीकर तो संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता है ना कौन

33:35 करता है? तो आप कह देंगे लोकसभा स्पीकर। यहां तक बात क्लियर है? अब यहीं पर मैं क्वेश्चन पूछूं लोकसभा लोकसभा के पहले नंबर एक लोकसभा के पहले स्पीकर कौन थे? दूसरा लोकसभा के पहले उपाध्यक्ष कौन थे? लोकसभा के पहली महिला अध्यक्ष कौन थी? लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष कौन थी? बताइए भैया। लोकसभा के पहले अध्यक्ष। लोकसभा के पहले उपाध्यक्ष, लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष ये तीनों बताइए मुझे

34:20 जल्दी। तो लोकसभा के पहले अध्यक्ष थे जीवी मावलंकर जिन्हें कहते हैं गणेश वासुदेव मावलंकर। पहले उपाध्यक्ष थे बच्चों अनंत सैनम आयंगर। अनंत शैनम आयंगर। अनंत शैनम आयंगर। और पहली महिला अध्यक्ष थी आपकी मीरा कुमार। पहली महिला अध्यक्ष कौन थी भैया? मीरा कुमार। अभी तक बताइए कितनी बार संयुक्त अधिवेशन बुलाया जा चुका है? बताओ अभी तक कितनी बार संयुक्त अधिवेशन बुलाया जा चुका है? कौन बताएगा? जल्दी बताइए। स्पीड से। अभी तक कितनी बार संयुक्त अधिवेशन बुलाया

35:08 जा चुका है? आपका उत्तर आएगा तीन बार। लेकिन कब कब बुलाया गया वह भी बताना है। जल्दी अभी तक कितनी बार बुलाया जा चुका है? तीन बार। कब कब? तो आप कहेंगे अभी तक संयुक्त अधिवेशन नोट करेंगे। अभी तक तीन बार संयुक्त अधिवेशन बुलाया जा चुका है। अभी तक तीन बार संयुक्त अधिवेशन बुलाया जा चुका है। बुलाया जा चुका है। नंबर एक 1961

35:54 में बुलाया गया था। नंबर दो 1978 में बुलाया गया था। और नंबर तीन 2002 में बुलाया गया था। 2002 में कब बुलाया गया था? जब कोटा आया था यानी कि आतंकवाद आतंकवाद निरोधक विधेयक इसमें 1961 में दहेज प्रथा विधेयक और इसमें बैंकिंग सेवा विधेयक बैंकिंग सेवा विधेयक तो आप कहेंगे अभी तक भैया दहेज प्रथा प्रतिषेध विधेयक हां दूसरा बैंकिंग सेवा

36:42 और तीसरा आतंकवाद निरोधक से तो आप कहेंगे अभी तक टोटल कितनी बार संयुक्त अधिवेशन बुलाया जा चुका है तो तीन बार बुलाया जा चुका है इस लेवल से पढ़ोगे एक बार में नौकरी लगेगी एक बार में है ना आगे बढ़ेंगे अगला भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद भारत के राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है? तो अगर हम लोग अध्यादेश की बात करें, ऑर्डिनेंस बिल की बात करें तो आपको पता है संसद के तीन अंग होते हैं। है ना? संसद के कितने अंग होते हैं भैया? तो संसद के तीन अंग होते हैं। आपको पता होना चाहिए। एक होता है राज्यसभा, एक होती है लोकसभा।

37:30 और एक होता है राष्ट्रपति। अब जरा समझिए मानकर चलिए संसद का सदन नहीं चल रहा था। लोकसभा का सदन नहीं चल रहा था या राज्यसभा का सदन नहीं चल रहा था या लोकसभा का सदन नहीं चल रहा था और कोई ऐसा अधिनियम लागू करना जरूरी था जो हम उतना वेट नहीं कर सकते तो यदि इनका सदन नहीं चल रहा है अधिवेशन नहीं चल रहा है तो राष्ट्रपति क्या कर सकता है भैया राष्ट्रपति क्या कर सकता है तो आप कहेंगे सर राष्ट्रपति मंत्रीपरिषद की सलाह पर मंत्री परिषद के परामर्श से मंत्री परिषद के परामर्श से आर्टिकल 123

38:16 का प्रयोग करता है और अध्यादेश जारी कर देता है और इस अध्यादेश की वही पावर होती है जैसे संसद ने पास किया गया कोई अधिनियम होता है। ठीक है? अब अध्यादेश जारी हो गया। जब भी राष्ट्रपति जारी करना चाहे आज से कल से परसों से जारी हो गया। अब जारी होने के बाद जारी होने के बाद अब जैसे मान के चलिए अब जैसे मान के चलिए कि 1 जनवरी 2026 को क्या हुआ? जारी हुआ। अध्यादेश जारी हुआ। ठीक है? तो 1 जनवरी 2026 को जारी हुआ। और फिर इसके बाद है ना? इन

39:02 दोनों का अधिवेशन मान के चलो 5 जनवरी को बैठ गया। 5 जनवरी को इनका जो सदन था इनका जो अधिवेशन था वो शुरू हो गया। ठीक है? तो 1 जनवरी से 1 जनवरी को लागू किया था। 5 जनवरी को सदन शुरू हो गया। तो जब सदन शुरू हो जाए या अधिवेशन शुरू हो जाए तो शुरू होने के बाद के बाद अध्यादेश छ सप्ताह तक सिर्फ छ सप्ताह तक लागू रहेगा। सिर्फ छ सप्ताह तक लागू रहेगा। समझ में आ गया? यानी कि एक के बाद ये जो

39:48 एक से लेकर चार दिन ये और छ सप्ताह प्लस। लेकिन आप कहेंगे सर ऐसा मान के चलिए कि आपको पता है किसी भी दो अगर अगर आपसे क्वेश्चन पूछा जाए लोकसभा में 1 वर्ष में कम से कम कितने अधिवेशन होने चाहिए? तो 1 वर्ष में कम से कम दो होने चाहिए। अगर दो होंगे तो उनके बीच अंतर कितने महीने से ज्यादा का नहीं होगा? 6 महीने से ज्यादा का नहीं होगा। तो इसका मतलब ये भी हो सकता है मान के चलिए अधिवेशन अभी खत्म हुआ और खत्म होने के तुरंत बाद अध्यादेश जारी कर दिया गया तो मैक्सिमम फिर अधिवेशन कब होगा 6 महीने के बाद तो ये 6 महीने तक लागू रहेगा और फिर जब अधिवेशन शुरू होगा तो छ सप्ताह और लागू रहेगा तो प्रश्न ये पूछा

40:34 जाए कि राष्ट्रपति का अध्यादेश मैक्सिमम कितने दिन तक लागू रह सकता है तो छ माह प्लस छ सप्ताह इतने दिन तक लेकिन सदन के शुरुआत होने के बाद कितने समय तक लागू रहेगा सिर्फ छ सप्ताह समझ में आया हां कि ना तो ये हो जाएगा आर्टिकल 1 2 3 आर्टिकल 1 2 3 ठीक है मजा आई बताओ बच्चों चलो क्वेश्चन नंबर आते हैं 11 पर अब और देखते हैं भाई कह रहा है मौलिक कर्तव्यों को संविधान में जोड़ा गया था किस समिति की सिफारिश पर? तो आपको पता होना चाहिए कि जब संविधान

41:21 बनाया गया था तो उस समय हमारे संविधान में कोई भी फंडामेंटल ड्यूटी नहीं थी। यानी कि शून्य मौलिक कर्तव्य थे। फिर सरदार स्वर्ण सिंह समिति बनाई गई और सरदार स्वर्ण सिंह समिति ने कहा कि कम से कम आठ मूल कर्तव्य तो होने ही चाहिए। कम से कम कितने भैया? आठ मूल कर्तव्य तो होने ही चाहिए। तब 42वां संविधान संशोधन 1976 हुआ और आठ की जगह 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए। आठ की जगह कितने जोड़े गए? 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए। संविधान में भाग चार ए जोड़ा गया और

42:07 अनुच्छेद 51 ए जोड़ा गया। फिर इसके बाद 86वां संविधान संशोधन 2002 हुआ जिसमें बच्चों को शिक्षा प्रदान करने की बात की गई निशुल्क रूप से कि भैया राज्य का कर्तव्य है सरकार का कर्तव्य है कि वो बच्चों को क्या करें? निशुल्क सुरक्षा उपलब्ध करवाए। तो वर्तमान में मूल कर्तव्य कितने हैं? 11 तो यहां पर पूरी बात नोट करना जो मैं बताऊंगा। हम पूरी बात नोट करना तभी आपको मजा आएगी। तो मूल कर्तव्य या फंडामेंटल ड्यूटीज तो संविधान में जो मूल कर्तव्य हैं वो किस

42:53 देश के संविधान से लिए गए हैं? भारतीय संविधान में जो मूल कर्तव्य है वह हमने किस देश के संविधान से लिए हैं? तो आप कहेंगे यूएसएसआर से यानी कि सोवियत संघ से। सोवियत संघ या रूस इससे लिए हैं। अब दूसरा पॉइंट मूल संविधान में इन्हें नहीं जोड़ा गया था। यानी जब संविधान बना था तो मूल संविधान में यह शामिल नहीं थे। मूल संविधान में यह शामिल नहीं थे। फिर इसके बाद सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर

43:39 समिति की सिफारिश में आठ मूल कर्तव्य जोड़ने की बात की गई। जोड़ने की बात की गई। तो इस समिति ने कहा था आठ जोड़ने हैं। लेकिन लेकिन 42वें संविधान संशोधन 1976 सीए का मतलब होता है कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट। सीए का मतलब क्या है बच्चों? कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट। तो आप क्या कहेंगे? 42वें संविधान संशोधन 1976 के तहत 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए।

44:31 कितने? 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए। ठीक है? फिर इसके बाद 86वां संविधान संशोधन 2002 हुआ और इसके तहत 11वां मूल कर्तव्य जुड़ा। 11वां मूल कर्तव्य जुड़ा। तो वर्तमान में कितने मूल कर्तव्य हैं? तो वर्तमान में 11 मूल कर्तव्य हैं। वर्तमान में कितने हैं? तो वर्तमान में 11 मूल कर्तव्य हैं। तो संशोधन हुआ है तो संविधान में क्या-क्या जुड़ा? तो जो मूल कर्तव्य हैं ये अनुच्छेद 51 के ए में दिए गए हैं और संविधान के भाग चार ए में दिए गए हैं। तो इधर 51 का ए इधर

45:18 चार का ए दोनों समझ में आया? 51 का ए और चार का ए। तो पूरी बात मैंने आपको क्लियर कर दी। यहां तक समझ में आ गया होगा। अगला क्वेश्चन बलवंत राय मेहता ए क्यों बता रहे हो? हां सी है वर्षा बिल्कुल सही है सी आ रहा है आपका रानी ए नहीं होगा ये पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित है इसका संबंध है पंचायती राज व्यवस्था से तो पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तरीय होनी चाहिए पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तरीय होनी चाहिए ये बताया था किसने बलवंत राय मेहता ने किस संविधान संशोधन के तहत मंत्री परिषद की संख्या 15% से ज्यादा नहीं होगी। तो

46:04 91वां संविधान संशोधन 2003 91वां संशोधन 2003 में यह बताया गया कि मंत्री परिषद में मैक्सिमम सदस्यों की संख्या निचले सदन का 15% से ज्यादा नहीं होगी। है ना? तो ये हो गया आपका। अगर हम लोग 92वां संविधान संशोधन देखें तो 92वां संविधान संशोधन भी 2003 में हुआ था। लेकिन ये भाषा संबंधी है। भाषा संबंधी है। भाषा संबंधी मतलब कि 92वें संविधान संशोधन के तहत भारतीय संविधान में चार भाषाएं जोड़ी गई थी। वो

46:51 चार भाषाएं कौन सी थी? सूत्र याद करेंगे बोडमास क्योंकि हम लोग मैथ में लगाते हैं ना बोडमास मैथ में लगाते हो तो इसमें भी लगाओ है ना तो क्या हो जाएगा बो से हो जाएगा बोडो बो से हो जाएगा बोडो ड से हो जाएगा डोगरी फिर म से हो जाएगा मैथिली फिर स से हो जाएगा संथाली तो इस प्रकार से हमने याद किया भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में निर्वाचन के लिए प्रावधान है। किस में भैया निर्वाचन के लिए प्रावधान है? तो आपको पता होना चाहिए 25 जनवरी को हम लोग राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाते हैं।

47:36 क्योंकि 25 जनवरी 1950 को ही भारत में निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी। तो 25 जनवरी 1950 को 25 जनवरी 1950 को भारत में निर्वाचन आयोग की स्थापना भारत में निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी। इसलिए हम लोग प्रत्येक 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाते हैं। प्रत्येक 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाते हैं। अगर हम लोग निर्वाचन आयोग की बात करें तो भाग नंबर 15 पढ़ना पड़ता है। भाग नंबर 15

48:25 और अनुच्छेद 324 में बताया गया है कि भारत में एक निर्वाचन आयोग होगा। अनुच्छेद 324 में बताया गया है भारत में एक निर्वाचन आयोग होगा। है ना? तो भारत में क्या है भैया? भारत में एक निर्वाचन आयोग आयुक्त है और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त है। ठीक है? क्वेश्चन पूछा जाता है इनकी नियुक्ति कौन करता है? तो इनकी नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति करता है। ठीक है। जी हां। तो निर्वाचन आयोग किसका-किसका निर्वाचन करवाता है? तो राष्ट्रपति का चुनाव करवाता है। उपराष्ट्रपति का चुनाव करवाता है। है ना? आप कहेंगे विधायिका संसद में लोकसभा का चुनाव करवाता है।

49:14 राज्यसभा का चुनाव करवाता है। और राज्य विधानमंडल का चुनाव करवाता है। तो इनका चुनाव करवाना है ना इनका निर्वाचन संपन्न कराना इनका निर्वाचन संपन्न कराना किसका काम होता है तो ये सारा निर्वाचन संपन्न कराना चुनाव आयोग का काम होता है। क्लियर है मेरे भाई? जल्दी बताइए। यहां तक बातें क्लियर है? तो सारी बातें आप तो जानते हैं सब समझ में आ रहा होगा। यह बताइए भारत के पहले निर्वाचन आयुक्त कौन थे? भारत के पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत के पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त कौन

50:05 थे? तो आपका सही उत्तर होगा सुकुमार सेन। भारत के पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त कौन थे बच्चों? तो आप कह देंगे सुकुमार सेन। ठीक है? बताइए। कह रहा है निम्नलिखित में से किस सदन की अध्यक्षता ऐसा करता है जो उस सदन का सदस्य नहीं है? ऐसा व्यक्ति जो उस सदन का सदस्य नहीं है फिर भी उस सदन की अध्यक्षता कर रहा है। बताओ भाई कितना सटीक क्वेश्चन है। बढ़िया क्वेश्चन। तो आप कहेंगे सर इसका आंसर है राज्यसभा। इसका आंसर क्या है भैया? राज्यसभा क्योंकि राज्यसभा का पदेन सभापति

50:58 भारत का उपराष्ट्रपति होता है। भारत का उपराष्ट्रपति होता है। इसका मतलब समझ में आया? बताओ। राज्यसभा का पदेन सभापति भारत का उपराष्ट्रपति होता है। इसका मतलब समझ में आया? इसका मतलब यह है मैं आपको अच्छे से समझाता हूं। लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद में एक स्पीकर होता है और एक डिप्टी स्पीकर होता है। यानी एक सभापति होता है और एक उपसभापति या एक अध्यक्ष होता है या एक उपाध्यक्ष। और इनका जो चुनाव होता है, वह उन्हीं के सदस्य आपस में एक दूसरे में करते हैं। लेकिन उपराष्ट्रपति जो होता है उसका चुनाव

51:44 राज्यसभा के लोग थोड़ी ना करते हैं या आपस में मिलकर चुन लिया। उपराष्ट्रपति का तो चुनाव होता है। निर्वाचन होता है। है ना? तो यहां लिख सकते हैं नोट करके कि लोकसभा हो या आप कहें विधानसभा या विधान परिषद वीपी लिख दिया। इनमें एक अध्यक्ष होता है या सभापति और एक उपाध्यक्ष होता है या उपसभापति। इनको इनके सदन के लोग ही इनके सदन के सदस्य ही

52:29 चुनते हैं। इनके सदस्य ही चुनते हैं। जैसे लोकसभा का स्पीकर या डिप्टी स्पीकर चुनना है तो लोकसभा के मेंबर ही स्पीकर और डिप्टी स्पीकर चुन लेते हैं। अपने में से ही। इसी प्रकार से विधानसभा में अगर स्पीकर डिप्टी स्पीकर चुनना है तो विधानसभा के लोग ही अपने सदस्यों में से एक को स्पीकर एक को डिप्टी स्पीकर बना देते हैं। ऐसे विधान परिषद में भी होता है। लेकिन राज्यसभा में ऐसा नहीं होता क्योंकि उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है। ऐसा नहीं कि राज्यसभा के लोग ही चुन लेते होंगे उपराष्ट्रपति। नहीं उपराष्ट्रपति का निर्वाचन होता है बच्चों। उपराष्ट्रपति का क्या होता है मेरे भाई?

53:16 उपराष्ट्रपति का निर्वाचन होता है और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य भाग लेते हैं। लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य भाग लेते हैं। समझ में आ गया? चाहे वो निर्वाचित हो और चाहे मनोनीत। इसलिए हम कहते हैं कि उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदस्य नहीं होता। फिर भी राज्यसभा के सदन की अध्यक्षता या सभापति होता है या अध्यक्षता करता है। भारत में वित्तीय आपातकाल कितनी बार लगा

54:03 है भैया? तो आप कहेंगे भारत में वित्तीय आपातकाल अगर हम लोग आपातकाल की बात करें अगर हम लोग आपातकालीन उपबंध की बात करें बच्चों आपातकालीन उपबंध की बात करें तो आपको क्या पता चलेगा कि भारत में आपातकालीन उपबंध जर्मनी के संविधान से लिया गया है। जर्मनी के संविधान से और भाग नंबर 18 संबंधित है इससे 352 अनुच्छेद 352 और तीन प्रकार के आपात की बात कही जाती है। 352 356 360 आर्टिकल 352 के तहत राष्ट्रीय आपात लगता है। अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन

54:49 लगता है। और अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल लगता है। और वित्तीय आपातकाल अभी एक बार भी नहीं लगा है। वित्तीय आपातकाल भारत में अभी एक बार भी नहीं लगा। जी हां रूबी जी डी सही है। ठीक है। अच्छे खासे लोगों का आंसर डी आ गया है और काफी लोगों का गलत भी आया है। वो वित्तीय आपातकाल को राष्ट्रीय आपातकाल समझ चुके हैं। जो तीन बता रहे हैं ना ए क्वेश्चन को सही से पढ़ो पहले। तो आपातकालीन उपबंध जर्मनी के वाइमर रिपब्लिक संविधान से लिया गया है। जर्मनी के वाइमर रिपब्लिक संविधान से लिया गया है। भारतीय संविधान में इसका जिक्र

55:40 अनुच्छेद 352 से 360 तक किया गया है। और भाग नंबर 18 और भाग नंबर 18 है। अनुच्छेद 352, अनुच्छेद 356 और अनुच्छेद 360। ठीक है? तो 352 राष्ट्रीय आपात के बारे में बताता है। राष्ट्रीय आपात यह हो जाएगा राष्ट्रपति शासन या क्षेत्रीय आपात

56:26 और ये हो जाएगा वित्तीय आपात। राष्ट्रीय आपात अभी तक सिर्फ तीन बार लगा है। है ना? बच्चा पूछ रहा है सर राष्ट्रीय आपात तीन बार कब कब लगा है? है तो वही बता रहा हूं। राष्ट्रीय आपात अभी तक सिर्फ तीन बार लगा है। कब-कब लगा है? जब भारत चीन का युद्ध हुआ था 1962 में। फिर भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ था 1971 में। और तीसरा आंतरिक अशांति के आधार पर इंदिरा गांधी जी ने जबरदस्ती लगवा दिया था। ठीक है? तो ये हो जाएगा भारत चीन युद्ध। ये हो जाएगा भारत चीन युद्ध। यह हो जाएगा भारत पाक युद्ध और यह हो जाएगा आंतरिक अशांति के आधार पर।

57:16 ये हो जाएगा आंतरिक अशांति। मजा आई। जल्दी बताइए। चलो। ओहो देखो कितना प्यारा क्वेश्चन है। कितना प्यारा क्वेश्चन है। आपको मैं बताऊंगा। देखिएगा जैसे मान के चलिए हम लोग बात कर रहे हैं लोकसभा की। स्पीकर लिखा है ना? तो लोकसभा में क्या होता है? लोकसभा को कौन संभालता है? लोकसभा का स्पीकर। स्पीकर या अध्यक्ष। लोकसभा को कौन संभालता है? लोकसभा का स्पीकर या लोकसभा का अध्यक्ष।

58:02 अब जैसे मान के चलिए कोई बिल आया किसी भी पार्ट पर कोई बिल आया बिल का मतलब विधेयक विधेयक में 50% लोगों ने कहा यस पॉजिटिव और 50% लोगों ने कहा नो यानी नेगेटिव तो बचा कौन स्पीकर तो जब मामला टाई हो जाता है जब मामला टाई हो जाता है आधे लोग बिल पर हां ना कह दें और आधे लोग बिल पर ना कह दें तब स्पीकर अपना वोट देता है। उसे कहते हैं निर्णायक मत। क्या कहते हैं बच्चों? निर्णायक मत कहते हैं उसे। समझ में आ गया? तो याद रखिएगा। तो समान मत आने पर समान मत मतलब

58:49 बराबर-बराबर वोट अगर पड़ जाए तब स्पीकर अपने निर्णायक मत का प्रयोग करता है। तब स्पीकर अपने निर्णायक मत का प्रयोग करता है। क्लियर है? अब एक और बात बताते हैं। बहुत बढ़िया। चलिए अब आगे बढ़ाते हैं। मान के चलिए आर्टिकल 96 अनुच्छेद 96 जो हटाने को लेकर है। हटाने का संकल्प अब जरा सुनने की कोशिश कीजिएगा। लोकसभा के स्पीकर या डिप्टी स्पीकर को कैसे हटाया जाता है? तो लोकसभा के मेंबर ने ही मिलकर चुना था।

59:36 तो मेंबर ही मिलकर उनको हटा भी सकते हैं। तो लोकसभा के मेंबर चाहे तो स्पीकर और जो डिप्टी स्पीकर है उसको हटाने का संकल्प ला सकते हैं। तो मान के चलिए लोकसभा के मेंबर्स ने आर्टिकल 96 का यूज करके लोकसभा के स्पीकर को हटाने का संकल्प ले आए। तो स्पीकर को इस बात की सूचना 14 दिन पहले दी जाएगी। इस बात की सूचना स्पीकर या डिप्टी स्पीकर दोनों के लिए 14 दिन पूर्व दी जाएगी। ठीक है? और अगर मान के चलिए कि हटाने का संकल्प विचाराधीन है और उस समय कोई बिल आ

1:00:25 जाए और टाई की उपस्थिति उत्पन्न हो जाए तो क्या स्पीकर निर्णायक मत देगा? नहीं। तो याद रखिएगा यदि हटाने का संकल्प विचाराधीन हो यदि स्पीकर या डिप्टी स्पीकर को हटाने का संकल्प विचाराधीन हो तो निर्णायक मत नहीं दिया जाता। निर्णायक मत नहीं देते। समझे ना? स्पीकर फिर निर्णायक मत नहीं देता। तो फिर वो सर क्या सर वह वोट ही नहीं डालता। डालता है। लेकिन कैसा पहला वोट तो याद रखिएगा इस स्थिति में इस स्थिति में स्पीकर सदैव

1:01:11 पहला वोट डालता है। सदैव पहला वोट डालता है। यानी जब भी कोई बिल लाएंगे तो उस पर पहला वोट डलवा लिया जाएगा। किसका? स्पीकर या डिप्टी स्पीकर का। अगर उसको हटाने का संकल्प चल रहा हो तब कांसेप्ट क्लियर हो रहे हैं। बताओ इंपॉर्टेंट है कांसेप्ट क्लियर करना। इस बार जब पेपर देने जाओगे तो कॉनसेप्चुअल क्वेश्चन आने वाले हैं बच्चे कॉनसेप्चुअल। ठीक है? भारतीय संविधान का कौन सा भाग नागरिकता से

1:01:59 संबंधित है? तो हमने आपको सूत्र बताया है सनम ने। सनम ने अगर आप यह याद कर लें तो संविधान का भाग नंबर एक बताता है। भारत संघ और राज्य है। भारत में राज्य और संघ है। यह भाग नंबर एक है। न मतलब राज्यों में जो लोग रहते हैं उनको नागरिक कहते हैं। यह है भाग नंबर दो। म नागरिकों के पास मौलिक अधिकार हैं। नागरिकों के पास अपने क्या है? अधिकार हैं। भाग नंबर तीन और न नीति निर्देशक तत्व नीति निर्देशक तत्व

1:02:46 डीपीएसपी भाग नंबर चार। ठीक है? तो इस हिसाब से नागरिकता से संबंधित है भाग नंबर दो। क्या संबंधित है? भाग नंबर दो ठीक है और और अनुच्छेद 5 से 11 अनुच्छेद पांच से 11 अब जरा एक छोटा सा प्रश्न बताओ भारत भारतीय संविधान में नागरिकता प्राप्त करने के कितने तरीके दिए गए हैं? जरा बताओ कितने प्रकार से नागरिकता प्राप्त की जा सकती है? तो आप कहेंगे पांच प्रकार से पांच प्रकार से नागरिकता प्राप्त की जा सकती है।

1:03:34 प्राप्त की जा सकती है। सूत्र क्या याद रखेंगे? ब्रांड ठीक है? भारत में नागरिकता पांच प्रकार से प्राप्त की जा सकती है। और इसके लिए सूत्र याद रखना पड़ेगा आपको ब्रांड। तो ब्रांड से आप चीजें कर सकते हैं। जैसे बी का मतलब है बाय बर्थ यानी जन्म से। आर का मतलब है बाय रजिस्ट्रेशन यानी पंजीकरण से। ए का मतलब है एक्विजिशन ऑफ लैंड। एक्विजिशन ऑफ लैंड। भूमि अर्जन के द्वारा। एन का मतलब है बाय नेचुरलाइजेशन।

1:04:20 देशीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त करके और डी का मतलब है डिसेंट मतलब वंश परंपरा से वंश परंपरा से ठीक है भारत है क्या है बच्चों भारत डश है क्या तो भारत राज्यों का संघ है भारत क्या है भैया? राज्यों का एक संघ है। इसका मतलब क्या है? कोई भी राज्य इस समूह से अलग नहीं हो सकता। ऐसा नहीं है कि राज्यों के बीच जो भारत है वो राज्यों के

1:05:07 बीच समझौते का परिणाम नहीं है। यानी कोई राज्य अपने मन से कभी भारत से अलग नहीं हो सकता। समझ में आ गया? यह वाली बात है। अनुच्छेद एक ही कहता है। है ना? यह वाला बात 19वां भारत का संविधान अवशिष्ट शक्तियां किसको देता है? तो आपको पता होना चाहिए अगर हम लोग सातवीं अनुसूची देखें। सातवीं अनुसूची सातवीं अनुसूची तो संविधान की सातवीं अनुसूची में तीन सूचियां हैं। एक है आपकी संघ सूची, एक है आपकी राज्य सूची और एक है आपकी समवर्ती

1:05:53 सूची। एक है आपकी समवर्ती सूची। ठीक है? एक क्या है भैया? आपकी समवर्ती सूची। तो आपको पता होना चाहिए संघ सूची में जो विषय हैं उन पर कानून बनाने का अधिकार केंद्र सरकार का है। संघ सूची में जितने विषय हैं उन पर कानून बनाने का अधिकार केंद्र सरकार का है। राज्य सरकार के जो विषय जो सूची है उसमें राज्य सरकार कानून बनाती है और समवर्ती सूची में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों मिलकर बनाते हैं। अब यहां पे एक छोटा सा पॉइंट है। मान के चलिए समवर्ती सूची ठीक है समवर्ती सूची समवर्ती सूची जैसे हम

1:06:41 लोग शिक्षा की बात करें तो शिक्षा पर अगर कोई विवाद हो जाए जस्ट इमेजिन समवर्ती सूची में जितने भी विषय शामिल हैं उन सभी विषयों पर कानून बनाने का अधिकार दोनों का है। लेकिन अगर उस विषय पर कानून बनाते समय दोनों में विवाद हो जाए तो विवाद की स्थिति में तो विवाद की स्थिति में किसकी बात मानी जाएगी? तो विवाद की स्थिति में केंद्र सरकार की बात मानी जाएगी। तो विवाद की स्थिति में किसको प्राथमिकता दी जाएगी? केंद्र सरकार को दी जाएगी। और अगर ऐसे कोई विषय आ जाए जो तीनों ही

1:07:26 सूची में शामिल ना हो अर्थात ऐसा कोई विषय जो अवशिष्ट विषय हो तो भी अवशिष्ट विषय की शक्ति किसके पास रहेगी? केंद्र सरकार के पास। तो याद रखिएगा हर स्थिति में केंद्र को मजबूत बनाया गया है। ठीक है? हां। जी हां बच्चों तो याद रखिएगा अवशिष्ट शक्तियां अनुच्छेद 248 के तहत केंद्र को दी गई हैं। ये बताओ प्रारूप समिति संविधान में जो ड्राफ्ट कमेटी थी 29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति का गठन किया गया। 29 अगस्त 1947 को

1:08:15 प्रारूप समिति का गठन किया गया और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को इसका अध्यक्ष बनाया गया। ठीक है? अब क्या कह रहा है? कह रहा है कि बताइए इसमें अध्यक्ष कौन था? तो अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर। भीमराव अंबेडकर। इसमें टोटल सात सदस्य थे। इसमें कुल सात सदस्य थे। जिसमें पहला सदस्य, दूसरे सदस्य, तीसरे सदस्य और चौथे सदस्य यह तो लिख ही गए हैं। ये चार सदस्य तो लिख ही गए हैं। आपको मैं बता दूं कि डीपी खैतान की मृत्यु हो गई थी। ठीक है? तो डीपी खैतान की मृत्यु हो गई।

1:09:06 तो खैतान की मृत्यु के बाद टीटी कृष्णा मचारी को सदस्य बनाया गया। टीटी कृष्णामचारी को सदस्य बनाया गया। उसी के बाद बीएल मित्र का स्वास्थ्य खराब हो गया। जी हां। तो बीएल मित्र का जब स्वास्थ्य खराब हो गया तो एन माधव राव को सदस्य बनाया गया। तो चार ये हो गए। फिर पांचवा बीएल मित्र सदस्य थे। इनका स्वास्थ्य खराब हो गया। इनका स्वास्थ्य खराब हो गया। तो स्वास्थ्य खराब होने के चक्कर में फिर एन माधव राव को बनाया गया। तो चार ये हो गए। है ना? चार ये हो गए।

1:09:53 पांचवा ये हो गया। छठवें हो गए मोहम्मद शहादुल्लाह। और सातवें हो गए अल्लादी कृष्ण स्वामी अय्यर। अल्लादी कृष्ण स्वामी अय्यर तो आप कहेंगे सर ऐसे तो टोटल नौ हो गए ना हां नौ हो गए लेकिन एक की मृत्यु हो गई तो इनके स्थान पर ये आ गए इनका स्वास्थ्य खराब हो गया तो इनके स्थान पर ये आ गए। ठीक है? ये देखो संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार कौन था? संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार

1:10:39 कौन था? अगर क्वेश्चन यह पूछा जाए संविधान का पहला प्रारूप किसने तैयार किया था? आपको पता होना चाहिए। प्रारूप समिति का अध्यक्ष तो भीमराव अंबेडकर हैं। लेकिन संविधान का संविधान का पहला प्रारूप संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार बी एन राव। सबका आंसर लाइन से बी है। बहुत बढ़िया। संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार कौन थे? बी एन राव बेनेगल नरसिम्हा राव। इन्होंने ही सर्वप्रथम संविधान का प्रारूप तैयार किया था।

1:11:28 और जब इन्होंने तैयार किया था तो उसमें कितने अनुच्छेद थे? 243 अनुच्छेद और 13 अनुसूचियां इनके द्वारा जो संविधान बनाया गया उसमें 243 अनुच्छेद और 13 अनुसूचियां थी। बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न बता रहा हूं बेटा। किताबों में नहीं मिलेंग यह चीजें। ठीक है? इसको मिलाना है बच्चों। इसको मिलाना है कौन सा सुमेलित नहीं है? तो समानता का अधिकार 14 से लेकर 18 तक ये सही है।

1:12:14 स्वतंत्रता का अधिकार यह भी सही है। शिक्षा संस्कृति का अधिकार यह भी सही है। गलत कौन सा है? यह धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार यह होना चाहिए था 25 से 28 अनुच्छेद 25 से लेकर 28 तक क्योंकि अनुच्छेद 23 24 जो है वो शोषण के विरुद्ध अधिकार है। क्या है भैया? शोषण के विरुद्ध अधिकार। समझ में आ गया? हां बेटा। शोषण के विरुद्ध अधिकार होना चाहिए और आर्टिकल 32 संवैधानिक उपचारों का अधिकार है। अनुच्छेद

1:13:01 32 क्या हो जाएगा? संवैधानिक उपचारों का अधिकार। संवैधानिक उपचारों का अधिकार। ठीक है? इसके तहत सुप्रीम कोर्ट पांच प्रकार की रिट जारी करती है। मूल अधिकारों का अगर हनन होता है तो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पांच रिट जारी की जाती हैं। ठीक है? और आर्टिकल 226 के द्वारा उच्च न्यायालय पांच प्रकार की रिट जारी करता है। तो सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल 32 के तहत और

1:13:51 हाई कोर्ट आर्टिकल 26 के तहत। ठीक है? ये देखिए अंतर राज्यय परिषद अनुच्छेद 263 के अनुसार होता है शायद। हां। तो अनुच्छेद 263 के अनुसार अंतर राज्यय परिषद की स्थापना राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य क्या होता है बच्चों? इसका मुख्य उद्देश्य यह होता है जब राष्ट्रपति को ऐसा प्रतीत होता है कि दो राज्य या कई सारे राज्य या राज्य और केंद्र इनके बीच में पटरी नहीं खा रही है तो राज्यों और केंद्र के बीच में तालमेल बनाए रखने के लिए अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति के द्वारा अनुच्छेद 263 के तहत

1:14:38 राष्ट्रपति के द्वारा अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति के द्वारा अंतर राज्य परिषद का गठन किया जाता है। भारतीय संविधान में कुल कितनी अनुसूचियां हैं? तो आप कहेंगे 12। अगर पूछा जाता कि मूल संविधान में कितनी अनुसूचियां थी? जब संविधान बनाया गया तब तो मूल संविधान में कितनी थी? तो आप कहते आठ ठीक है? हां। मूल संविधान में पूछा जाएगा कि मूल संविधान में कितनी अनुसूचियां थी? तब आप कहेंगे आठ। और वर्तमान में कितनी है? तो आप कहेंगे 12। तो चार जुड़ी ना तो

1:15:25 चार संशोधन याद करने पड़ेंगे। पहला संविधान संशोधन 1951। आपसे यह भी पूछा जा सकता है कि भारतीय संविधान में पहला संशोधन कब किया गया? तो भारतीय संविधान में पहला संशोधन ही 1951 में कर दिया गया। ओके जी तो पहला फिर इसके बाद 52वां संविधान संशोधन फिर 73वां संविधान संशोधन फिर 74वां संविधान संशोधन। तो 52वां संविधान संशोधन 1985 और ये हो जाएगा 1992। [संगीत] ठीक है? तो इसके तहत

1:16:13 नौवीं अनुसूची जोड़ी गई। इसके तहत 10वीं। इसके तहत 11वीं अनुसूची जोड़ी गई। इसके तहत 12वीं अनुसूची जोड़ी गई। ठीक है? तो यह पॉइंट आपको याद रखने हैं। हम कोई दिक्कत चलो पंचायती राज से संबंधित जो भी समितियां बनाई गई हैं जैसे अशोक मेहता बलवंत राय मेहता एलएम सिंघवी और पीके थुंगन समिति इन सभीियों को आप लोग क्रम के अनुसार लगाइए कि पहले कौन सी बनाई गई इसके बाद कौन सी

1:16:58 बनाई गई इसके बाद कौन सी बनाई गई तो आपको पता होना चाहिए कि बलवंत राय मेहता समिति सबसे पहले बनाई गई 1957 में और इन्होंने कहा था कि तीन स्तरीय पंचायत होनी चाहिए। तीन स्तरीय इनकी समिति बनी थी 1977 में और इन्होंने कहा था दो स्तरीय पंचायत होनी चाहिए। दो स्तरीय पंचायत होनी चाहिए। एलएम सिंघवी समिति 1986 में बनी इन्होंने वित्त आयोग के बारे में बात करी थी कि राज्य का भी एक वित्त आयोग होना चाहिए और पीके थुंगन समिति 1988 में बनी थी। इसका मतलब दो दो के बाद एक तीन चार दो एक तीन चार हो जाएगा।

1:17:47 2 1 3 4 पंचायत का चुनाव कौन कराता है? राज्य निर्वाचन आयोग क्या कह रहा है? पंचायत चुनाव कराने के हेतु निर्णय किसके द्वारा लिया जाता है? अच्छा निर्णय कौन लेगा? तो पंचायत का चुनाव कराने का निर्णय राज्य सरकार के द्वारा लिया जाता है। है ना? तो आर्टिकल 243 के आर्टिकल 243 के में पंचायतों के चुनाव से संबंधित बातें की गई हैं। पंचायतों के चुनाव से यानी राज्य निर्वाचन आयोग की बात की जाती है। राज्य निर्वाचन आयोग की बात की जाती है। हां हां सर।

1:18:36 अरे तो इसका आंसर क्या हो जाएगा? स्टेट गवर्नमेंट। चलो आगे बढ़ेंगे। भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद अंतरराष्ट्रीय शांति, समझौते और संबंधों को बढ़ाने की बात करता है? तो आप कहेंगे अनुच्छेद 51 51 का ए मत कर दीजिएगा। ये डीपीएसपी के बारे में बता रहा है। अनुच्छेद 51 बात समझ में आ रही है? अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाए रखना। राष्ट्रों के बीच न्याय और सम्मान पूर्ण संबंध बनाए रखना। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों को सुलझाना ये सब क्या है? अनुच्छेद 51 में आता है। ये सब किस में आता है? अनुच्छेद 51 में आता है। अनुच्छेद 50, न्यायपालिका, कार्यपालिका अलग-अलग है।

1:19:23 न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करता है। न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करता है। अनुच्छेद 52 भारत का एक राष्ट्रपति होगा। यह बताता है। ठीक है ना? चलो क्लियर है। बहुत बढ़िया। अगला देखते हैं। अब जरा देखो यह जो क्वेश्चन है अब यहां से क्वेश्चन जो होंगे वो ऐसे होंगे जिसमें दार्शनिक, विचारक, सिद्धांत, अनुमूलक ऐसे क्वेश्चन

1:20:08 आपको देखने को मिलेंगे। है ना? तो अब ये क्वेश्चन जो करेगा वही पावरफुल व्यक्ति है। अब देखिएगा। ठीक है? अब यहां से आप लोग क्वेश्चन गलत करना शुरू करेंगे क्योंकि ऐसे क्वेश्चन आपकी परीक्षा में काफी मात्रा में आ रहे हैं। है ना? अभी तक हमने आपको 27 क्वेश्चन ये कराए। अब ये वाले जो क्वेश्चन है वो काफी मात्रा में आपको ऐसे देखने को मिलेंगे और देखते हैं कौन-कौन कर पाएगा। कह रहा है कि बताइए एक तरफ चिंतक है। एक तरफ उनकी रचनाएं हैं। कह रहा है कि बताइए हॉप्स ने कौन सी किताब लिखी थी? तो हॉप्स की किताब है लेवियार्थन। 1651 में लिखी थी। लॉक की किताब है टू टिटाइजेस ऑन सिविल गवर्नमेंट और रूसुन

1:20:56 लिखी थी द सोशल कॉन्ट्रैक्ट। ये बहुत फेमस किताब है और इसी को पकड़ कर आप आंसर निकाल सकते थे कि सी का वन होगा। तो इस हिसाब से आपका ये सी हो जाता। डन हो गया। कोई समस्या? अगला करेंगे। अगला करेंगे। प्लेटो ने एक आदर्श राज्य की जनसंख्या निश्चित की है। प्लेटो ने कहा है कि एक आदर्श राज्य की जनसंख्या कितनी होनी चाहिए? है ना? बेटा प्लेटो के इस सिद्धांत में या प्लेटो के दर्शन में पाइथागोरस का बहुत ही ज्यादा प्रभाव पड़ा है। इन्होंने क्या किया है? गणित को उसके गुणनफल को बहुत ज्यादा महत्व दिया है। है ना? गणित को क्या किया है? गणित में जो गुणनफल है

1:21:42 उसको बहुत महत्व दिया है। तो बताइए कैसे? जल्दी प्लेटो के दर्शन में कहा गया है कि कितनी संख्या होनी चाहिए एक आदर्श राज्य की आप एक करिएगा आप एक काम करिए प्लेटो ने कहा है 1 2 3 4 5 6 7 इनका गुणा करिए। ठीक है? आप जब इनका गुणा करेंगे तो 2 * 3 = 6 6 * 4 = 24 24 * 5 = 120

1:22:30 120 * 42 कितना आ गया? 12 * 2 = 24 12 * 2 = 24 12 * 4 = 48 और 2 50 540 आया। एक और काम करो। सात से छोड़ा था। 7 * 8 * 9 कर लो। बताओ कितना आएगा? 7 * 8 56 56 * 9 तो आ जाएगा आपका 50 40 1 सेकंड कितना आ जाएगा? 7 8 9 7 56 9 * 6 = 54 9 * 5 = 45 और 5 ठीक है? यानी 7 8 9 10 करना पड़ेगा हमको।

1:23:16 7 8 9 10 तो अब करेंगे 56 90 आ जाएगा आपका 50 40 ठीक है ना? तो ये वाला पार्ट तो ऐसा ठीक है तो इनके हिसाब से 50-40 व्यक्ति है कि प्लेटो ने कहा है कि एक आदर्श राज्य में जनसंख्या होती है 50-40 खत्म आगे बढ़े। मनुस्मृति में कितने अध्याय हैं? बच्चों मनुस्मृति में कितने अध्याय हैं? अध्याय की जगह कभी-कभी श्लोक भी पूछता है क्योंकि राजनीतिक शास्त्र से पॉलिटिकल साइंस से संबंध है मनुस्मृति। है ना? क्योंकि मनुस्मृति की जो विषय वस्तु है वह बहुत सारी चीजों

1:24:04 पर है। बात समझ में आ रही है? आपको मन में आ रहा होगा कि क्या मनुस्मृति स्मृति क्या सर राजनीतिक ग्रंथ है? नहीं। ये सामाजिक जीवन सामाजिक व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक व्यवस्था कैसे बनाई जाए? इन पर देता है जोर। ठीक है? तो मनुस्मृति सामाजिक जीवन सामाजिक राजनीतिक ठीक है और व्यवस्था सामाजिक राजनीतिक और व्यवस्था इन सभी को पर जोर देता है। इसमें अध्यायों

1:24:52 की संख्या है बच्चों 12 लेकिन श्लोक कितने हैं? लेकिन श्लोक कितने हैं? 2694 लेकिन श्लोक कितने हैं? 2694 अगला। दास कैपिटल किसकी है? सबसे आसान क्वेश्चन। 1867 में लिखी गई किताब है। जल्दी नहीं पता चलो

1:25:40 दास कैपिटल हां आंसर आ चुका है मार्क्स कार्ल मार्क्स अब जो मैं इनके बारे में बताना जा रहा हूं। इसके बारे में समझना। जब क्वेश्चन कठिन पूछे जाते हैं तो यहीं से पूछे जाएंगे। जब भी क्वेश्चन कठिन पूछे जाते हैं तो विचारक चिंतक यहां से जब क्वेश्चन बनता है तो व्यक्ति का दिमाग खराब हो जाता है कि ये कहां से पूछ लिया यार? तो पॉलिटी ही नहीं पॉलिटिकल साइंस सिविक्स नागरिक शास्त्र समझ रहे हो ना? तो देखेंगे अगर हम लोग यहां पर बात करें कार्ल मार्क्स की कार्ल मार्क्स तो सबसे पहली बात मार्क्स से ही याद रखना है कि मार्क्सवाद की बाइबल किसे कहा जाता है? दास कैपिटल को। सबसे पहली बात तो कार्ल मार्क्स ने दास कैपिटल जो किताब लिखी है

1:26:27 1867 में। 1867 में इन्हें मार्क्सवाद की बाइबल कहते हैं। मार्क्सवाद की बाइबल कहते हैं। यह पुस्तक यथार्थवाद पर आधारित है। यथार्थवाद पर केंद्रित है। अर्थात पूंजीपतियों द्वारा कैसे शोषण किया जाता है? पूंजीपतियों द्वारा द्वारा किया जाने वाला शोषण कैसे पूंजीपति अपने से निम्न वर्ग के लोगों का शोषण करते हैं उसकी आलोचना इसमें की गई है। इसी किताब में कहा गया है

1:27:14 बच्चों। इसी किताब में कहा गया है कि सभी मजदूर एक हो जाओ। सभी मजदूर सभी मजदूर एक हो जाओ। हो जाओ पाने के लिए संसार है। पाने के लिए संसार है। खोने के लिए जंजीरें। मात्र जंजीरें। अब जीवन में कभी नहीं भूलोगे मेरे हिसाब से। अब कभी नहीं भूलोगे ना अगला। पैन ऑप्टिकन निम्नलिखित में से किसका

1:28:00 आदर्श उदाहरण है? बताओ भैया। पैन ऑप्टिकन किसका आदर्श उदाहरण है? पैन ऑप्टिकन ये सब यूरोपियन वर्ड है भैया। ये सब यूरोपियन वर्ड हैं। जी हां। पैन ऑप्टिकन निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है? जल्दी। नहीं पता। चलो। पेन ऑप्टिकन जेल से संबंधित है। पेन ऑप्टिकन जेल से संबंधित है। जिसमें से पेन पेन प्लस ऑप्टिकन ये इसका मतलब है निगरानी करने वाला।

1:28:45 निगरानी करता और इसका मतलब होता है कैदी। तो कैदी और निगरानी करता है ना? तो कैदी की निगरानी करने वाला कौन होता है? जेलर। तो ये जेल में बंद है। तो ये पूरा परिभाषा जेल का है। आगे बढ़ते हैं। प्लेटो की रिपब्लिक का प्लेटो ने जो किताब लिखी है रिपब्लिक इसका सबटाइटल क्या है? प्लेटो ने अपनी पुस्तक लिखी है ना रिपब्लिक उसमें जो जो रिपब्लिक का सबटाइटल है वह क्या है? न्याय से संबंधित है, शिक्षा पद्धति से संबंधित है, राजनीति से संबंधित है या सोफिस्ट वर्ग से संबंधित है? जल्दी से बहुत बढ़िया श्वेता बिल्कुल सही बताया

1:29:31 चलिए बिल्कुल सही बताया बटिया आंसर बिल्कुल सही है न्याय से संबंधित न्याय से संबंधित तो प्लेटो ने यह भी कहा था कि न्याय की स्थापना करने के लिए कौन से दो सिद्धांत जरूरी हैं न्याय की स्थापना करने के लिए न्याय की स्थापना के लिए कौन से दो सिद्धांत जरूरी हैं? एक शिक्षा का सिद्धांत और दूसरा संतुलन बनाने का यानी साम्यवाद का सिद्धांत। शिक्षा का सिद्धांत और साम्यवाद का सिद्धांत। प्लेटो ने शिक्षा के बारे में एक स्टेटमेंट दिया है। उसको याद कर लो।

1:30:19 शिक्षा मानसिक रोग का मानसिक उपचार है। याद रखिएगा शिक्षा मानसिक रोग का मानसिक उपचार है। शिक्षा मानसिक रोगी का मानसिक उपचार है। अगर कोई व्यक्ति मानसिक रोगी है, मेंटल है तो शिक्षा के माध्यम से उसको सही किया जा सकता है। इनमें से किसने आत्म परक तथा परमात्म परक आचरण के मध्य अंतर किया है? है ना? हु अमोंग द फॉलोविंग मेड अ डिस्टिंशन बिटवीन सब्जेक्टिव एंड ट्रांस हां ट्रांसडेंटल

1:31:06 बिहेवियर किसने किया है? जल्दी देखो अब यहां पर बच्चे कंफ्यूज क्या होते हैं? एक है जेम्स मिल और एक है जेएस मिल। दोनों में अंतर है जल्दी मिल है वह पता है। लेकिन जेम्स मिल है कि जेएस मिल है? यही से बच्चा परेशान हो जाता है। मैं आपको हिंट दूं। चलिए हिंट देता हूं।

1:31:57 उन्होंने कहा कथन कथन एक एक संतुष्ट सूअर की अपेक्षा एक संतुष्ट सूअर की अपेक्षा असंतुष्ट मनुष्य होना उचित है। असंतुष्ट मनुष्य होना उचित है या फिर इन्हीं का एक दूसरा स्टेटमेंट है। एक आस एक संतुष्ट मूर्ख की अपेक्षा एक संतुष्ट

1:32:45 मूर्ख की अपेक्षा असंतुष्ट सुकरात होना उचित है। असंतुष्ट असंतुष्ट सुकरात होना होना उचित है। मैं आपको बता देता हूं आत्म परक और परमात्म परक में अंतर क्या है? आत्म परक और परमात्म परक दोनों में अंतर क्या है? अगर मैं इनको बताना शुरू करूं तो आराम से समझिएगा। जब आप कोई कार्य करते हैं और उस कार्य का प्रभाव सिर्फ आप पर या सिर्फ एक ही व्यक्ति पर पड़ता है। या तो आप पर

1:33:31 पड़ेगा या तो आपने जिसके लिए किया है उस पर पड़ेगा। तो ऐसा विषयक हमारा स्वषयक या आत्म परक सिद्धांत है। लेकिन अगर पूछा जाए परमात्म परक क्या होता है? आपके द्वारा कोई ऐसा कृत किया जाए जिसका प्रभाव आप पर पड़तेपड़ते पूरे समाज पर पड़ जाए। कर्ता के साथ-साथ पूरे समाज पर जब प्रभाव पड़ता है, अगल-बगल सभी चीजों पर जब प्रभाव पड़ता है तो उसे परात्म परक सिद्धांत कहते हैं। दोनों के हिसाब से मैंने इसको समझा दिया। बताओ जल्दी से। तो आत्म परक और परमात्म परक के मध्य अंतर किसने किया? तो आप कहेंगे जे एस मिल ने। तो अब दोनों की परिभाषा भी आपको समझ में आ गई। दोनों की आपको परिभाषा भी समझ में आ

1:34:20 गई। है ना? इनकी एक पुस्तक है ऑन लिबर्टी। इनकी एक पुस्तक है बच्चों ऑन लिबर्टी। उसमें इन्हने स्वतंत्रता के बारे में बताया है। स्वतंत्रता के कौन-कौन से पक्ष होते हैं? लूट पद्धति क्या है? लूट पद्धति जानते हो? जैसे कि अगर अभी आपको नौकरी चाहिए तो नौकरी पाने के लिए हम लोग तैयारी करते हैं। एग्जाम देने जाते हैं। रिजल्ट आता है और फिर हमको नौकरी मिलती है। लेकिन लूट पद्धति क्या है? लूट पद्धति का मतलब है कि जिसके पास पैसा हो वो घूस दे और नौकरी हासिल कर ले। समझ में आ गया? तो संरक्षक नौकरशाही को ही संरक्षक नौकरशाही व्यवस्था

1:35:05 को ही बच्चों लूट पद्धति का नाम दिया जाता है। ये क्यों फेमस हो गई? 1829 में है ना ये अमेरिका में सबसे तेज फैली थी कि सरकारी नौकरी या सरकार का सेवक सिर्फ वही बन सकता था। राजा का सेवक सिर्फ वही बन सकता था जो उसकी गुलामी करे और जो पैसा दे। समझ में आ गया? तो संरक्षक नौकरशाही को ही हम लोग लूट पद्धति कहते हैं। 1829 से लेकर 1833 तक अमेरिका में प्रचलन अमेरिका में इसका कुप्रचलन हुआ था। इसलिए लूट पद्धति किससे संबंधित है? संरक्षक नौकरशाही से। है ना? चलिए तो यहां लिख

1:35:51 सकते हैं लोक सेवकों की नियुक्ति घूस देकर। लोक सेवकों की नियुक्ति नियुक्ति ईमानदारी से ना करके ईमानदारी से ना होकर आर्थिक आधार पर किया जाना जो पैसा देगा उसकी नौकरी लग जाएगी। ठीक है? 1985 में भारतीय प्रधानमंत्री ने एशिया में क्षेत्रीय सहयोग के लिए किस संगठन की स्थापना का महत्वपूर्ण आवाहन किया था? यानी 1985 में किसकी स्थापना हुई थी? बताओ

1:36:38 बच्चों 1985 में किसकी स्थापना हुई थी? कौन बताएगा? आपको मैंने एक बार नहीं बहुत बार बताया है। एक बार नहीं बहुत बार बताया है। आप कहेंगे 8 दिसंबर 1985 को सार्क की स्थापना की गई थी। किसकी स्थापना? सार्क की। जिसको हम लोग क्या कहते हैं? दक्षेस कहते हैं। जिसको हम लोग क्या कहते हैं? दक्षेश। साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन दक्षिणी एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन तो दक्षिणी एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन की स्थापना की गई थी और सार्क की स्थापना

1:37:24 कहां की गई थी भैया ढाका में ढाका में लेकिन सार्क का मुख्यालय कहां पर है काठमांडू में और कुल कितने देश हैं इसमें 8 दिसंबर को की गई थी तो आठ देश हैं। सूत्र कैसे याद करते हैं? सूत्र है स्पिन बाम। सूत्र याद करते हैं बच्चों कैसे? स्पिन बाम से। है ना? तो आठ देश हैं सार्क में। एस से क्या हो जाएगा? श्रीलंका। पी से क्या हो जाएगा? पाकिस्तान। आई से हो जाएगा इंडिया। एन से हो जाएगा नेपाल।

1:38:09 बी से हो जाएगा भूटान। ए से हो जाएगा अफगानिस्तान। एम से हो जाएगा मालदीव। और बी से हो जाएगा बांग्लादेश। तो टोटल आपके आठ देश हो जाएंगे। है ना? टोटल आपके कितने देश हो जाएंगे बच्चों? आठ देश। देखो नॉन अलाइड मूवमेंट गुटनिरपेक्ष आंदोलन जिसको निर्गुट आंदोलन कहते हैं तो कह रहा है बताइए नहीं गुटनिरपेक्ष आंदोलन अलग है अच्छा अच्छा गुटनिरपेक्ष आंदोलन यही है नॉन अलाइड मूवमेंट कह रहा है कौन नेता नहीं है

1:38:54 पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत की तरफ से थे बिल्कुल सही है मार्शल टीटो थे सही है कर्नल नासिर थे सही है कौन नहीं था तो आप कहेंगे गद्दा गद्दाफी लीबिया का गद्दाफी यह नहीं था। तो नॉन अलाइव मूवमेंट में कौन शामिल नहीं था? 1961 में बेलग्रेड में इसका पहला सम्मेलन हुआ था। बात समझ में आ रही है? जी हां। ठीक है? तो यहां लिख सकते हैं हम लोग। इसका पहला सम्मेलन नम का पहला सम्मेलन इसका पहला सम्मेलन 1961 में 1961 में बेलग्रेज में संपन्न हुआ। सर्बिया के बेलग्रेड में अगला क्वेश्चन करेंगे।

1:39:41 क्वेश्चन की धार देखिए आप पंचशील सिद्धांत भारत अपनी विदेश नीति में पंचशील सिद्धांतों को अपनाता है। पंचशील सिद्धांत क्या होते हैं बच्चों? यह बौद्ध धर्म से प्रेरित है। अगर आपसे पूछा जाए कि पंचशील सिद्धांत किस धर्म से प्रेरित हैं? तो यह बौद्ध धर्म से प्रेरित है। भारत की विदेश नीति में पंचशील सिद्धांतों का प्रयोग किया जाता है। जैसे सबसे पहला हम एक दूसरे की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करेंगे। पहला दूसरा ना हम तुम्हारे ऊपर आक्रमण करेंगे

1:40:28 ना तुम हमारे ऊपर आक्रमण करोगे। ना हम तुम्हारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करेंगे ना आप हमारे मामले में आंतरिक हस्तक्षेप करेंगे। हम दोनों आपस में ऐसे संबंध बनाए रखेंगे जिससे एक दूसरे को लाभ होता हो और शांतिपूर्ण की भावना के साथ कोई भी मैटर सुलटाएंगे। ठीक है? तो याद रखिएगा पंचशील समझौता अगर हम लोग यहां पर देखें तो यहां पर याद रखिएगा पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा भैया याद रखोगे ना कि भारत की विदेश नीति क्या है? है ना? तो एक दूसरे की यहां पर ये कॉमन है सब में

1:41:15 एक दूसरे की है ना अखंडता व कम प्रभुता बनाए रखना बनाए रखना यह पहला हो गया शांति पूर्व या शांति पूर्वक सहयोग देना। एक दूसरे पर आक्रमण ना करना। आक्रमण ना करना। एक दूसरे को परस्पर लाभ पहुंचाते रहना। यानी ऐसे संबंध स्थापित करना ताकि क्या हो जाए? एक दूसरे पर लाभ हो। है ना? और

1:42:03 आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करना। एक दूसरे के आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप करना। अ हस्तक्षेप यानी कि हस्तक्षेप ना करना। तो आप कहेंगे सर क्या नहीं है? तो यथार्थवाद रियलिज्म का संबंध पंचशील सिद्धांतों में नहीं है। ठीक है? तो यह आपको याद रखना है। इंपॉर्टेंट है। अगला फांसीवाद का अच्छा फांसीवाद का संस्थापक कौन था? मुसोलिनी नाजीवाद का हिटलर हैं। नाजीवाद का कौन? हिटलर। तो जर्मनी में हिटलर नाजीवाद का था। इटली का मुसोलिनी था। जब सेकंड वर्ल्ड वॉर पढ़ोगे तो उसमें आपको इटली में मुसोलिनी बताएंगे।

1:42:49 फांसीवाद। ठीक है? चलो। आगे बढ़ते हैं। और आपसे पूछा जाए फांसीवाद का जन्म कब हुआ था? तो फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के बाद इटली में हुआ था। ठीक है? आगे निम्नलिखित में से कौन सी राजनीतिक दल की विशेषता नहीं है? किसी भी पॉलिटिकल पार्टी की विशेषता कौन सी नहीं है? तो पॉलिटिकल पार्टी में कौन-कौन सी विशेषता होनी चाहिए? है ना? तो पांच प्रकार की विशेषता होनी चाहिए। सबसे पहले उनमें मजबूती होनी चाहिए। यानी कि संगठन। उनमें राजनीतिक दल का संगठन यानी मजबूत संगठन। इसके बाद लोकतंत्र में विश्वास होना चाहिए।

1:43:35 वैचारिक एकता होनी चाहिए। अवैधानिक साधनों का प्रयोग नहीं वैधानिक साधनों का प्रयोग करना चाहिए या संविधान का प्रयोग करना चाहिए। संवैधानिक साधनों का प्रयोग करना चाहिए। तो कौन सा नहीं होगा? ये। ठीक है? इनमें से किसने दबाव गुटों को एक अज्ञात साम्राज्य की संज्ञा दी है? फाइनर ने नॉर्मल सा क्वेश्चन है यह। तो इससे आसान क्वेश्चन नहीं मिलेगा। थोड़ा भी अगर आपने पढ़ा होगा तो इससे आसान क्वेश्चन मिलेगा नहीं। है ना? तो दबाव समूह को दबाव समूह को बेटा एक अज्ञात साम्राज्य यानी कि जो आप पर प्रेशर डालते हैं। कहते नहीं है कि प्रधानमंत्री कोई और है। बागडोर किसी और के हाथ में है। ऐसा

1:44:20 वाला बात है ना? तो आप समझ गए होंगे हम किसको कह रहे हैं। तो याद रखिएगा तो फाइनर ने अज्ञात साम्राज्य की संज्ञा दी है दबाव गुटों को। यानी कि ये कह सकते हैं ये तीसरा साम्राज्य है। ये तीसरा सदन। ठीक है ना? बहुत बढ़िया। अगर आपसे पूछा जाए रडी ने क्या कहा है? दबाव गुटों के बारे में रडी ने क्या कहा है? यह गैर सरकारी संचार सूत्र है। रडी ने दबाव समूहों के बारे में कहा है यह गैर सरकारी संचार सूत्र है। गैर सरकारी संचार सूत्र है। है ना? तो रडी ने दबाव समूह के बारे में

1:45:06 कहा कि यह गैर सरकारी संचार सूत्र है। ठीक है? ओके। संप्रभुता संप्रभुता समझते हो क्या होता है? हम भारत के लोग भारत को संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवाद पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए संप्रभुता मतलब होता है कि हम अपने आंतरिक और बाह्य मामलों का निर्णय स्वयं ले सकते हैं। हम संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न हैं। हमारे ऊपर किसी का दबाव नहीं है। तो ये इसका मतलब होता है संप्रभुता का सोवनिटी का ये मतलब होता है। तो अब यहीं पर यह क्वेश्चन पूछ रहा है कि बताइए संप्रभुता की अवधारणा कैसी होती है?

1:45:52 है ना? संप्रभुता की अवधारणा कैसी होती है? राजनीतिक, दार्शनिक या वैधानिक? तो आप कहेंगे सर संप्रभुता की अवधारणा वैधानिक होती है। है ना? जी। आगे बढ़ेंगे। निम्नलिखित में से कौन सी संप्रभुता की विशेषताएं हैं? तो संप्रभुता की विशेषताएं स्थायित्व और सार्वभौमिकता दोनों हैं। आगे किसी राज्य का सर्वाधिक महत्वपूर्ण तत्व क्या होता है? किसी भी राज्य। अब राज्य कब हम घोषित करते हैं किसी को? तो राज्य डिपेंड करती है जनसंख्या पर। हैं? कोई भी राज्य जो होता है उसमें चार पहलू होते हैं। एक जनसंख्या, सरकार, भूभाग और संप्रभुता। अच्छा चारों दिए गए हैं।

1:46:38 इन चारों में से एक बताना है। बताओ किसी भी राज्य में चार तत्व होते हैं। जनसंख्या भी होती है, सरकार भी होती है, भूभाग भी होता है और संप्रभुता भी होती है। लेकिन कह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण क्या है? तो राज्य की आत्मा किसे कहा जाता है? राज्य के चार तत्व होते हैं। तो राज्य की आत्मा किसे कहा जाता है? तो आप कहेंगे राज्य की आत्मा सोवनिटी को कहते हैं यानी संप्रभुता को। ठीक है? अब याद रखेंगे। ओके। डन। आगे बढ़ेंगे।

1:47:24 राज्य की उत्पत्ति का सबसे प्राचीन सिद्धांत कौन सा है? राज्य की उत्पत्ति का सबसे प्राचीन सिद्धांत कौन सा है? बताइए। राज्य की उत्पत्ति तो राज्य की उत्पत्ति का सबसे प्राचीन सिद्धांत दैवी उत्पत्ति का सिद्धांत शक्ति सिद्धांत सामाजिक समझौता सिद्धांत या विकासवादी सिद्धांत जल्दी किसी को नहीं आ रहा। हीगर,

1:48:13 हेमर, जेम्स प्रथम इन सब लोगों ने एक बात कॉमन कही है बच्चों। इन सब लोगों ने और फिल्मर इन सब लोगों ने एक बात कॉमन कही है कि जो राजा है राजा का पद ईश्वर के समान है। क्या बच्चों? राजा का पद ईश्वर के समान है। याद रखिएगा इसलिए कोई भी राजा के आदेश का विरोध ना करें। क्योंकि राजा वही बनता है जिसको ईश्वर चाहता है। तो राजा ईश्वर द्वारा स्थापित एक दैय संस्था है। याद रखिएगा। राजा ईश्वर द्वारा स्थापित राजा ईश्वर द्वारा स्थापित एक दैय संस्था

1:49:06 है। एक दैवीय संस्था है। राजा ईश्वर का प्रतिनिधि है। राजा ईश्वर का प्रतिनिधि है। आपने गयासुद्दीन बलबन के बारे में पढ़ा होगा इतिहास में। तो गयासुद्दीन बलबन ने राजत्व का सिद्धांत दिया था। अलाउद्दीन खिलजी ने भी राजत्व का सिद्धांत दिया था। समझ में आ गया कि मैं राजा हूं और मैं ही तुम्हारा ईश्वर हूं। समझ में आ गया? तो तुम मेरा पढ़ो। बहुत बढ़िया। इसका जो सही उत्तर है वो क्या हो जाएगा? दैवीय उत्पत्ति का

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