0:01 हेलो फ्रेंड्स, वेलकम टू ऑनलाइन स्टडी किंगडम। दोस्तों, जैसा कि आप चैनल पर देख रहे होंगे, घटना चक्र पीवाईक्यू हम लोग कवर कर रहे हैं। वन शर्ट के माध्यम से जीके जीएस हिंदी आपको कवर किया जाएगा। चैनल पे आप नए हैं, चैनल को आप सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा और tlegram चैनल ज्वाइन कर लीजिएगा। इसकी पीडीएफ आपको कैसे मिलेगी वो ग्रुप आप ज्वाइन कर लीजिए। वहां पर अच्छी पीडीएफ भी मिल जाएगी। प्लस 15 सेट प्रैक्टिस सेट भी मिल जाएंगे आपको। तैयारी आप करते रहिए। आपका जो पेपर होगा वो मिड अक्टूबर समझिए आप। समझकर आपको चलना है। सिलेबस के अनुसार जो कि टॉपिक दिए गए हैं सिलेबस में जो भी सिलेबस के टॉपिक है वहां से पीवाईक्यू उत्तर प्रदेश अधीन सेवा चयन आयोग के द्वारा किस तरह के प्रश्न पूछे गए हैं यहां पर हम कवर करेंगे। पूरा एक ही वीडियो के माध्यम से पूरा वन शार्ट में आपका कवर किया जाएगा। चलिए पहला टॉपिक है आपका सिलेबस का भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएं। पहला प्रश्न जो कि यूपी ट्रिपल
0:48 एससी पेट 2025 में पूछा गया कि भारत का संविधान पहली बार 1928 में किसके द्वारा तैयार किया गया था? 1928 में नेहरू रिपोर्ट की बात की जा रही है। यहां पर आपका राइट आंसर बन जाता है ऑप्शन सी मोतीलाल नेहरू। वर्ष 1928 में भारत के लिए संविधान की रूपरेखा मोतीलाल नेहरू द्वारा तैयार किया गया था। वर्ष 1928 की उस रिपोर्ट को भारत के भावी संविधान की रूपरेखा माना गया है और उसका नेतृत्व मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता वाली समिति ने किया था। अगला प्रश्न है कि इनमें से कौन सा कारक नहीं है जो भारतीय संविधान के निर्माण में योगदान देता है? तो इनमें से कौन सा कारक नहीं है जो भारतीय संविधान के निर्माण में योगदान देता है? यहां पर आपका राइट आंसर बनेगा औद्योगिक क्रांति। भारतीय संविधान निर्माताओं ने संविधान के
1:33 निर्माण के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के संविधानों का गहन अध्ययन किया और जो भी प्रावधान उन्हें भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल लगा उन्हें भारतीय संविधान में शामिल कर लिया। जैसे ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था, अमेरिकी मूल अधिकारों के विधेयक तथा रूस की 197 की समाजवादी वलेश्विक क्रांति का प्रभाव भारतीय संविधान पर स्पष्ट परिलक्षित होता है। इसी तरह फ्रांसीसी क्रांति के प्रमुख नारे समानता, स्वतंत्रता एवं विश्व बंधुत्व की संकल्पना का प्रभाव भी भारतीय संविधान पर दिखाई देता है। अतः स्पष्ट है कि भारतीय संविधान के निर्माण में औद्योगिक क्रांति का कोई योगदान नहीं है। तो यहां पर आपका एग्जैक्ट आंसर तो है नहीं क्योंकि 14 500 यानी 145000
2:20 शब्दों से मिलकर बना हुआ है। देख रहे हैं आप यूपी ट्रिपल एससी अधीनस्थ सेवा यानी सम्मिलित लोअर पीसीएस 2016 में देख किस तरह के प्रश्न पूछ लिए। भारतीय संविधान सभा में द्वारा भारत के संविधान का निर्माण किया गया। संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान का निर्माण किया गया। मूल संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद एवं आठ अनुसूचियां थी। वर्तमान में गणना की दृष्टि से 25 भाग, लगभग 468 अनुच्छेद तथा 12 अनुसूचियां हैं। भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित राष्ट्रीय संविधान है। यह लगभग 1 लाख 45 माफ़ कीजिएगा। कितना है? 1 लाख 45000 शब्दों से बना हुआ है। तो शब्द अगर पूछा जाए पेटवर्ड में तो
3:06 आप याद रखो भाई लगभग 1.5 लाख 1 लाख 45000 शब्द से मिलकर निम्नलिखित में से कौन सी भारतीय संविधान की मुख्य विशेषता नहीं है? वैसे अब यह प्रश्न आपके एग्जाम में पूछा ना जाने के बराबर ही समझो। यहां पर पूछा गया संविधान की मुख्य विशेषता कौन सी नहीं है? अपना संविधान लिखित और विस्तृत संविधान है। बिल्कुल सही है। दूसरी जो विशेषता है कि भाई दो स्तरीय सरकार की बात की गई है। तो भाई एक तो सेंटर वाली हो जाती है। केंद्र है, एक राज्य है और एक स्थानीय सरकार की भी बात होती है। तो त्रस्तरीय होना चाहिए। तो इसलिए गलत हो गया। सिंगल सिटीजनशिप की बात होती है। अपनी आय एकल नागरिकता है। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार है। तो सब सही है। ऑप्शन यहां बी राइट आंसर बनेगा। पेट
3:52 22 में पूछा प्रश्न रहा है। संविधान की आरंभ में द्विस्तरीय सरकार की व्यवस्था दी। संविधान फिर 73वां और 74वां संविधान संशोधन आता है। जहां पर पंचायती राज सिस्टम यानी स्थानीय स्वशासन की बात की जाती है। तो केंद्र राज्य और स्थानीय स्वशा व्यवस्था है। तो पहले जब मूल संविधान मिला फिर 73वा 74वां के बाद त्रस्तरीय जो है व्यवस्था हो गई। अगला प्रश्न है कि निम्नलिखित में से कौन भारत के संविधान की मुख्य विशेषता नहीं है? त्रस्तरीय सरकार अभी पढ़ ही लिए भाई केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय स्वशासन वाला सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार यह भी आपने देखा राज्य नीति के निदेशगत सिद्धांत कल्याणकारी राज्य की स्थापना की बात तो यह भी आपका सही है। सबसे छोटा
4:37 लिखित संविधान तो यहां पर क्या है? सबसे लिखित जो विस्तृत है अपना बड़ा है लिखित संविधान तो है ही है। विस्तृत भी है। तो यह जो है मुख्य विशेषता नहीं होगा। तो ऑप्शन यहां पर आपका डी राइट आंसर रहा है। अब यह प्रश्न आपका सप्लाई इंस्पेक्टर 2016 में पूछा गया था। ठीक? अब यह सप्लाई इंस्पेक्टर में पूछा गया था। अब यहां पर आप देखेंगे तो क्या कुछ बदलाव आपको दिख रहा है लगभग थोड़ा सा देख रहे हैं। तो यहां पर 16 में पूछा गया और यही प्रश्न आपका पेट 2022 में पूछ लिया गया। है ना? मिलताजुलता आप देख रहे हैं। अब पूछो डिट्टो उठा के प्रश्न में पूछ ले तो ऐसा नहीं है। जमाने जा चुके हैं। एकाध दो प्रश्न को छोड़ दो। तो अब जीतो प्रश्न पूछेंगे नहीं। सेम टू सेम। तो प्रश्न समझिए। प्रश्न की व्याख्या को अच्छे से
5:23 समझिए। सारी बातें पिटी तो आसान होता है। पिटी का हो जाएगा। अच्छे से आप कवर कर लीजिएगा। अगला प्रश्न है कि निम्नलिखित में से क्या भारतीय संविधान की मुख्य विशेषता नहीं है? अपना लिखित संविधान है और संविधान की सर्वोच्चता है। बात बिल्कुल सही है। संविधान में शक्तियों के वितरण से संबंधित भी बातें बताई गई हैं। प्रतिबद्ध न्यायतंत्र की बात की गई है। प्रतिबद्ध तो जो अपने जो न्यायतंत्र है संघीय जो न्यायपालिका है अपनी वो स्वतंत्र न्यायपालिका है। तो स्वतंत्र न्यायपालिका मुख्य विशेषता है। तो ये प्रतिबद्ध लिखा है गलत है। अर्धसंघीय संरचना ये भी सही है। अगला प्रश्न है कि भारतीय संविधान में सामाजिक समानता का क्या अर्थ है? सामाजिक समानता का अर्थ इसका सही उत्तर बनेगा समाज
6:08 की सभी वर्गों के लिए समान अवसर। ऑप्शन डी राइट। अगला प्रश्न है कि राजनीतिक प्रजातंत्र का तात्पर्य उस जीवन विधा से है जो जीवन में सैद्धांतिक रूप से उदारता, समानता और भ्रात को स्वीकारती है। यह कथन किसका है? इसका राइट आंसर बनेगा डॉ. बी आर अंबेडकर। ऑप्शन ए राइट आंसर। अगला प्रश्न इनमें से कौन सा भारतीय संविधान की एक महत्वपूर्ण विशेषता नहीं है? अपना जो संविधान है वो लिखित है। बिल्कुल सही है। अनुनेय है यानी इसे संशोधित किया जा सकता है। बिल्कुल लेकिन यह अनम्य भी है। यानी कुछ भाग के रूप में यानी इसकी जो मूल्य संरचना में संशोधन नहीं किया जा सकता। है ना? इससे रिलेटेड आपका केस लॉ भी है। केशवानंद
6:54 भारती बनाम केरला 1973 का यह एकल है क्योंकि केंद्र में अधिक शक्ति है लेकिन यह संघीय भी है क्योंकि शक्ति केंद्र और राज्य के बीच विभाजित है। तो यह भी आप जानते हो बिल्कुल सही है। इसे राज्य के राज्यपाल यानी सांसदों और विधायकों के परामर्श से संशोधित किया जा सकता है। संविधान को राज्यपाल राज्यपाल से संशोधित किया जा सकता है। अभी यहां पर सांसद विधायक की परामर्श से बात की गई है। तो इसके लिए जो है एक बेसिक प्रोसीजर होता है। अमेंडमेंट बिल लाया जाता है तब अमेंडमेंट होता है। संशोधन होता है। इसलिए यह बात सही नहीं है। ऑप्शन यहां पर आपका डी राइट आंसर बन जाता है। अगला प्रश्न है निम्नलिखित में से कौन सा अधिनियम माउंटेंग्यू चेम्सफोर्ड रिपोर्ट पर आधारित है? तो माउंटेंग्यू चेसफोर्ड जो अधिनियम
7:40 है आपका 1919 यह भारत सरकार अधिनियम शासन अधिनियम 1919 होगा। यानी ऑप्शन यहां पर आपका सी राइट आंसर बन रहा है। भारत सरकार अधिनियम 1919 मां चेम्सफोर्ड रिपोर्ट पर आधारित था। इस अधिनियम की मुख्य विशेषता केंद्र में द्विसदनात्मक विधायिका की स्थापना करना था। केंद्र में द्विसदना अभी लोअर पीसीएस में भी यह प्रश्न पूछा गया किस के तहत रहा है। निम्नलिखित में से किसने अपने यानी किसने पहले वर्ष 1935 में संविधान सभा का सुझाव प्रस्तावित किया? किसने पहले वर्ष यानी 1935 में संविधान सभा का सुझाव प्रस्तावित जो है वह किया था? इसका सही उत्तर होगा ऑप्शन डी एमए रॉय। तो संविधान सभा का जो सुझाव है वो सर्वप्रथम एम एमए रॉय ने वर्ष 1934 में
8:27 दिया और इस विचार को मूर्त रूप देने का जो कार्य है वो पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया। इसके बाद दिसंबर 1936 के कांग्रेस के जो फैजपुर अधिवेशन रहा है। इस अधिवेशन में संविधान सभा के अर्थ तथा महत्व की व्याख्या की गई। अगला प्रश्न है निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा वर्मा को भारत से अलग किया गया था? वर्मा को इसका वर्तमान नाम क्या है? म्यांमार भारत से अलग किया गया था। तो इसका सही उत्तर बनेगा भारत सरकार अधिनियम 1935 है। ऑप्शन ए। अगला प्रश्न है कि कैबिनेट मिशन योजना के तहत गठित अंतरिम सरकार का जो नेतृत्व है वह किसने किया है? कैबिनेट मिशन योजना के तहत जो अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया वह किसने? तो पंडित जवाहरलाल नेहरू ऑप्शन बी राइट आंसर है। कैबिनेट मिशन योजना के तहत गठित अंतरिम सरकार तो अंतरिम सरकार की गठन जो हुआ है वो किसके
9:14 अंतर्गत? तो कैबिनेट मिशन योजना के तहत 24 अगस्त 1946 को की गई। जबकि अंतरिम सरकार ने 2 सितंबर 1946 को कार्यभार संभाला। वायसराय इसमें कार्यपालिका का पन अध्यक्ष था। जबकि जवाहरलाल नेहरू को उपाध्यक्ष या उपसभापति बनाया गया था। अगला प्रश्न आपका लेखपाल एग्जाम में पूछा गया था भाई कि भारत की संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता किसने की है? संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता किसने की? राइट आंसर बनेगा डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा। संविधान सभा का संविधान सभा भारत का संविधान बनाने वाली निर्वाचित प्रतिनिधि संस्था थी। इसकी पहली जो बैठक है वो 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली के संविधान हाल में हुई की इस पहली पहली बैठक की अध्यक्षता डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थाई अध्यक्ष के रूप में जो है वो पद
10:01 ग्रहण किया था। वे सभा के वरिष्ठतम सदस्यों में थे। बाद में फिर डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष जो है वो 11 दिसंबर 1946 को चुने गए थे। अगला प्रश्न है कि संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे? संविधान सभा के पहले अध्यक्ष इसका सही उत्तर बने डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा। तो ये 2016 में पूछा गया। फिर वही लेखपाल के एग्जाम में पूछ लिया गया। अगला प्रश्न है कि भारतीय संविधान सभा में कुल कितनी महिलाएं सदस्य थी? तो कितनी महिला सदस्य रही हैं? 15 ऑप्शन सी राइट आंसर है। अगला प्रश्न है यूपी ट्रिपल एससी पेट 2021 में पूछा गया था कि निम्न में से किसने संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव रखा? उद्देश्य प्रस्ताव नेहरू रिपोर्ट ही उद्देश्य प्रस्ताव बना? तो जवाहरलाल नेहरू ऑप्शन यहां पर राइट डी आपका सही जवाब बन जाएगा। तो नेहरू रिपोर्ट जो कि मोतीलाल
10:46 नेहरू वाली है 1928 की। यहां पर उद्देश्य प्रस्ताव की बात की गई तो पंडित जवाहरलाल नेहरू होंगे। जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को कब? 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव रखा जिसे 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा के द्वारा पारित किया गया। अगला प्रश्न है कि संविधान सभा की अल्पसंख्यकों की जो उपसमिति है इसके अध्यक्ष का नाम बताना है। अल्पसंख्यक की उपसमिति के अध्यक्ष का नाम क्या था? यहां पर आपका सही उत्तर बन जाता है एच सी मुखर्जी ऑप्शन सी। तो संविधान सभा ने संविधान के निर्माण से संबंधित विभिन्न कार्यों को करने के लिए कई समितियों का गठन किया। इनमें से आठ बड़ी समितियां थी तथा कुछ छोटी भी थी। ये समितियां उनकी अध्यक्ष आप देखेंगे तो संघ समिति की बात की जाए तो इसके अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल
11:32 नेहरू संघीय संविधान समिति पंडित जवाहरलाल नेहरू होंगे। तो जहां पर संघ दिखेगा ना वो आप यहां लखन के पंडित जवाहरलाल नेहरू होगा। वहीं पर प्रांतीय संविधान समिति की बात की जाए कि तो सरदार वल्लभ भाई पटेल होंगे। प्रारूप समिति यानी ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर जी होंगे। मौलिक अधिकारों, अल्पसंख्यकों तथा जनजाति और वस्कृत क्षेत्रों से संबंधित परामर्श समिति की जो अध्यक्ष रहे वो सरदार वल्लभ भाई पटेल जी होंगे। और इस समिति की दो उपसमितियां थी मौलिक अधिकार उपसमिति जेबी कृपलानी रहे हैं। और दूसरी जो थी वह अल्पसंख्यक उपसमिति जिसके एस सी मुखर्जी थे। छठी है प्रक्रिया नियम समिति डॉ. राजेंद्र प्रसाद होंगे रिलेट करेंगे और राज्यों के लिए समिति जो बनी थी उसके पंडित जवाहरलाल नेहरू और संचालन समिति की बात की जाए तो डॉ. राजेंद्र प्रसाद होंगे।
12:19 अगला प्रश्न है कि ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन कौन थे? ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन कौन थे? इसका सही उत्तर बनेगा डॉ. बी आर अंबेडकर। तो प्रारूप समिति यानी ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। 29 अगस्त 1947 को सात सदस्य प्रारूप समिति का गठन किया गया था। भारत का संविधान लिखा गया था। यहां पर आपका सही उत्तर बनेगा दोस्त 2 वर्ष से अधिक किंतु 3 वर्ष से कम अवधि यानी 2 साल 11 माह 18 दिन रहा है। 2 साल 11 माह 18 दिन रहा। तो वही बात कि 2 वर्ष से अधिक होगा और लेकिन 3 वर्ष से कम अवधि है। क्यों 18 11 महीने 18 दिन ही है। 12 महीने होता 3 साल हो जाता। तो ऑप्शन यहां बी राइट आंसर होगा। भारत का संविधान 2
13:06 वर्ष से अधिक किंतु 3 वर्ष से कम यानी 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में लिखा गया था। भारतीय संविधान निर्मात्री सभा की पहली जो बैठक है 9 दिसंबर 1946 को हुई। भारतीय संविधान को 26 नवंबर 1949 की संविधान निर्मात्री सभा द्वारा अपनाया या पारित किया गया। जबकि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पूर्णतः लागू किया गया था। अगला प्रश्न है कि मूल भारतीय संविधान निम्नलिखित में से किसके द्वारा हस्तलिखित था? है ना? तो हस्तलिखित तो हास्य लिखने वाले रहे हैं प्रेम बिहारी नारायण रायजादा। ऑप्शन ए डी राइट आंसर होगा। मूल भारतीय संविधान का अंग्रेजी संस्करण प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा हस्तलिखित था। प्रेम बिहारी नारायण रायजादा का जो जन्म है यह कायस्थ परिवार में वर्ष 1901 में हुआ था। जबकि मूल
13:52 संविधान का हिंदी संस्करण वसंत के वैद द्वारा जो है हस्तलिखित रहा है। अगला है कि भारत में तो यहां पर क्या है मूल संविधान का अगर हिंदी संस्करण पूछा जाए तो हिंदी संस्करण जो है वसंत के वैद द्वारा जो है हस्तलिखित था। तो प्रियम बिहारी नारायण राय दादा जो कि मूल संविधान और मूल संविधान का हिंदी संस्करण अगर पूछा जाए तो इनका याद रखिएगा वसंत के वैद द्वारा। भारत में संविधान दिवस कब मनाया जाता है? संविधान दिवस तो 26 नवंबर 1949 जो आपका प्रियमबल से पढ़ते हो लास्ट लाइन में है ना 26 नवंबर 1949 द्वारा है ना तो ये 26 नवंबर यहां पर राइट आंसर होगा ऑप्शन ए भारत में संविधान दिवस प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है क्योंकि वर्ष 1949 में संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को 26 नवंबर को
14:40 अपनाया गया था। परंतु भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू किया गया। अगला प्रश्न है कि भारत के संविधान की जो शुरुआत है किससे होती है? निदेशक सिद्धांत यानी कि आपकी डीपीएसपी की बात की जा रही है। नागरिकता आर्टिकल पांच से शुरू होता है। मौलिक अधिकार तो और आगे चला जाता है आपका 12 से लेकर के 35 तक। प्रियमबल से आपका सबसे पहले है ना? तो प्रियमबल से स्टार्ट होता है। तो आप देख रहे हैं पेट 2025 में पूछा गया। सिंपल सा सवाल रहा। ऑप्शन यहां पर आपका डी राइट आंसर होगा। दोस्त भारत के संविधान का जो प्रारंभ है वो प्रस्तावना से होता है। प्रस्तावना में भारत को संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य घोषित किया गया है। इसमें न्याय, स्वतंत्रता,
15:26 क्षमता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक आदर्श दिए गए हैं। अगला प्रश्न है कि भारत की संविधान की प्रस्तावना को कहा जाता है। तो भारत की संविधान की प्रस्तावना को कहा जाता है यहां पर। तो यहां पर क्या होगा? प्रियमबल से यानी अमुक। ऑप्शन यहां पर राइट आंसर भारत के संविधान की प्रस्तावना को उद्देशिका को जो है आमुख यानी प्रएमबल्स कहा जाता है। तो प्रस्तावना ठीक है प्रएमबल आमुख का मतलब है कि जो कोई दस्तावेज है यानी कि संविधान जो अपना है उसका शुरुआती जो दिया गया है परिचय उसके बारे में दैट इज आख यानी प्रियमबल से ही होगा। पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा में 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। 22 जनवरी 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया। उद्देश्य प्रस्ताव को ही परिवर्तित करके
16:14 संविधान की प्रस्तावना उद्देशिका बनाई गई। 42वें संविधान संशोधन के द्वारा एक प्रियबल्स में संशोधन भी होता है जिसमें कि तीन शब्द जोड़े जाते हैं। अक्सर एग्जाम में पूछा जाता है। तो यह समाजवादी है, पंथनिरपेक्ष है और अखंडता है। इसको याद रखना है। अगला प्रश्न है कि भारतीय संविधान की स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के जो आदर्श है वो कहां से लिए गए हैं? तो प्रियमबल में जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्श की बात की गई है, कहां से लिया गया है? इसका आपका सही जवाब बन जाता है फ्रांसीसी। फ्रांसीसी संविधान तो फ्रांसीसी क्रांति यानी फ्रांस की संविधान से स्वतंत्रता है, समता है एवं बंधुत्व का आदर्श साथ ही गणराज्य की अवधारणा कहां से लिया गया है? फ्रांस के संविधान से। अगला प्रश्न है कि भारत की संविधान की प्रस्तावना में निम्नलिखित में से किस
17:01 प्रकार किस प्रकार का स्वतंत्रता का उल्लेख नहीं है? तो पांच बातें विचार कौन-कौन सा भाई? विचार विश्वास विचार है, विश्वास है, अभिव्यक्ति है और विश्वास और धर्म है। तो पांच तरह की स्वतंत्रता की बात है। तो विश्वास की होगा, विचार का है, धर्म और उपासना का है। आर्थिक नहीं है। प्रियमबल्स में आपके जो है तीन प्रकार के न्याय है। सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय। तो आर्थिक न्याय है ना कि स्वतंत्रता। तो यहां पर पूछा कौन सा उल्लेख नहीं होगा? तो राइट आंसर ऑप्शन यहां पर सी सही जवाब बनेगा। भारत की संविधान की प्रस्तावना यानी प्रएमबल्स विचार अभिव्यक्ति विश्वास धर्म और उपासना की स्वतंत्रता का उल्लेख मिलता है। इसमें कहीं भी आर्थिक स्वतंत्रता का उल्लेख नहीं है। जबकि आपको मिलेगा आर्थिक
17:48 न्याय की बात। अगला कि भाई भाई संविधान की जो प्रस्तावना में जो एक बार संशोधन हुआ 1900 76 का 42वां संविधान संशोधन जिसमें कि समाजवादी पंथनिरपेक्ष और अखंडता को ऐड किया गया। तो सपा प स क्योंकि सपा पार्टी भी है यूपी में। तो स से जो है याद रखना आप समाजवादी पंथनिरपेक्ष आ से जो है मतलब स प आ समझ रहे हैं इस तरह थोड़ा याद रखना समाजवादी पंथनिरपेक्ष और अखंडता है। अच्छा वैसे यह प्रश्न आपका जो है लेखपाल के एग्जाम में पूछा गया था। भारतीय संविधान की प्रस्तावना समाजवादी पंथनिरपेक्ष तथा अखंडता को जोड़ा गया था। अगला प्रश्न है भारतीय संविधान अपने नागरिकों को किस प्रकार की समानता का वचन देता है? हैसियत और अवसर की बात की गई। ऑप्शन यहां बी राइट आंसर। निम्नलिखित में से किसको
18:36 संविधान की आत्मा के रूप में माना गया है? संविधान की आत्मा माना गया है। वह आपका प्रस्तावना है। ऑप्शन यहां पर ए राइट आंसर बन जाता। भारतीय संविधान निर्माण सभा के एक सदस्य पंडित ठाकुर दास भार्गव ने कहा था कि प्रस्तावना संविधान का एक अति मूल्यवान भाग है। यह संविधान की आत्मा है। संविधान की कुंजी है तथा यह एक ऐसा यंत्र है जिससे संविधान को मापा जा सकता है। अगला प्रश्न है कि भारत के संविधान में कितनी अनुसूचियां हैं? कितनी अनुसूचियां हैं? मूल संविधान में आठ रही हैं। वर्तमान देखेंगे तो 12 कितने शेड्यूल हैं भाई? 12 अनुसूचियां हैं। ऑप्शन यहां पर आपका डी राइट आंसर। भारतीय संविधान की अनुसूचियों में क्षेत्रों, राज्यसभा में सीटों के आवंटन, अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण, केंद्र और राज्य सरकार के मध्य शक्तियों के वितरण और उच्च
19:21 पदस्थ अधिकारियों के पर उपलब्ध लब्धियों और विशेष अधिकारों के बारे में निम्नलिखित में यानी कि महत्वपूर्ण जानकारियां सम्मिलित है। जैसे कि आप जानते हो शेड्यूल थ्री के हिसाब से जो है वो शपथ और प्रतिज्ञान का है। लेकिन राष्ट्रपति वहां से नहीं शपथ लेते। उसके लिए आर्टिकल आपका 60 है। है ना? 60वां है। चलिए संविधान यानी 26 नवंबर 1949 को संविधान को अधिनियमित अंगीकृत किए जाने के समय भारतीय संविधान में केवल आठ अनुसूचियां थी। तो मूल संविधान में कितनी आठ अनुसूचियां? 1991 में वही संपत्ति वाली जो रही है नौवीं अनुसूची को जोड़ा गया। फिर 1985 में 52वां संविधान संशोधन होता है। एंटी डिफेक्शन लॉ वाला यानी 10वीं अनुसूची है। फिर आपका 1992 में 73वा और 74वां संविधान संशोधन होता है पंचायती राज वाला और आपका जो नगर पालिका
20:09 वाला तो 11वीं और 12वीं अनुसूची आ जाती है। फिर चलिए अगला प्रश्न रहा है आपका कि भारत का जो संविधान का भाग दो है उसमें क्या है? भाग दो में आपका नागरिकता है। भाग तीन में मौलिक अधिकार है। राज्य के नीति निर्देश यानी मौलिक अधिकार के बाद ही है। यानी भाग आपका चार है। भाग पांच में आपका यूनियन आ जाता है। भारतीय संविधान का जो भाग दो है वो नागरिकता से संबंधित है। है ना? तो यही सब बातें आगे बढ़ते हैं। अगला प्रश्न आपका पेट 2025 का पूछा। किस तरह का प्रश्न रहा है भाई? कि संविधान में देश की संविधान में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात इसमें इसने अब एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया है। किस सन में संविधान देश की राजभाषा के रूप में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात 26 नवंबर 1949 ऑप्शन यहां पर आपका बी राइट
20:56 आंसर संविधान ने संविधान सभा ने 14 सितंबर 1994 को हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में अंगीकृत किया यानी अंगीकार किया। इसके पश्चात अब हिंदी भाषा एक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया है। अब यहां पर क्या है भाई कि इन्होंने 94 लिख दिया 1949 14 सितंबर 1949 होगा। चलिए आप जानते हो जो हिंदी दिवसवा है अपना है ना वो 14 सितंबर को ही मनाया जाता है। अगला प्रश्न है कि भारतीय संविधान का जो आर्टिकल 343 है किसके बारे में है ये? इसका सही उत्तर होगा संघ की राजभाषा। ठीक है? ऑप्शन यहां पर डी राइट आंसर। अगला प्रश्न वही भाई 2016 में पूछा गया था आबकारी सिपाही में और अब 22 में आप देख लीजिए क्या कहेंगे आप पीवाईक्यू तो कहेंगे है ना व्याख्या आप
21:42 करते चलिए अच्छे प्रश्न है कि भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत हिंदी को शासकीय भाषा घोषित किया गया आर्टिकल आपका होगा 343 तो भारतीय संविधान के भाग 17 के अनुच्छेद 343 की संघ की भाषा को उल्लेख किया गया है अनुच्छेद 343 एक के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और देवनागरी लिपि है। तो लिपि देवनागरी है और संघ की राजभाषा हिंदी है। लिपि कौन सी? देवनागरी। अगला प्रश्न है कि निम्नलिखित में से कौन सी भाषा जो है वह आठवीं अनुसूची में नहीं है दोस्त। आठवीं अनुसूची में। तो आठवीं अनुसूची में आप जानते हो 22 भाषाएं हैं। उनमें से कौन सा नहीं होगी? तमिल है, तेलुगु है, संस्कृत
22:28 है, अंग्रेजी नहीं होगी। ऑप्शन बी राइट आंसर। भारत की संविधान की आठवीं अनुसूची में निम्नलिखित में से 22 भाषाएं शामिल हैं। और [गला साफ़ करने की आवाज़] जब यानी कि वैसे जब मूल संविधान आपका रहा जब संविधान आपका लागू हुआ यानी कि 1950 में तो 14 जो है मूल भाषाएं रही दोस्त 14। इसके बाद 21वां संविधान संशोधन हुआ। 1967 वाला जिसमें सिंधी को ऐड किया गया। किसको? यहां पर सिंधी को ऐड किया गया। इसके बाद 21 के बाद 71वां संविधान संशोधन 1992 का होता है जिसमें कोकड़ी मणिपुरी कोकड़ी है मणिपुरी है और नेपाली भाषा को ऐड किया गया था। इसके बाद 92वां संविधान संशोधन होता है। अक्सर एग्जाम में आपसे पूछे जाते हैं। है ना? पीसेस वगैरह में पूछे जा चुके हैं। जिसमें फिर बोडो, संथाली,
23:14 मैथिली और डोगरी को ऐड किया गया। तो 14 भाषाएं वो हो गई। फिर बाद में कोंकड़ी मणिपुरी नेपाली सिंधी चार और चार ये आठ यानी 22 हो गई टोटल बाद में टोटल कितना हो गई 22 तो मूल संविधान अगर पूछा जाए कितनी भाषाएं रही हैं आठवीं अनुसूची में तो 14 थी बाद में संविधान संशोधन हुए ऐड किए गए और एक 92वा 96वा संविधान संशोधन भी हुआ था 2011 वाला जो कि जो ओरिया रहा है जिसको कि उड़िया भाषा बदलकर किया ओरिया हुआ करता था उड़िया कहीं दिख रही है आपको ये ओरिया कर दिया गया उसको ठीक है चलिए आगे बढ़ते हैं दोस्त अगला प्रश्न है कि भारतीय संविधान की कौन सी अनुसूची है जो अनुसूचित भाषाओं यानी जो लिस्ट भाषाएं हैं 22 उनके बारे में है तो आठवीं अनुसूची आप पढ़ते हो टोटल 12 अनुसूचियां है दसवीं इंडिया एंटी डिफेक्शन लॉ वाला है आपका दलबदल कानून
24:02 नौवीं अनुसूची आपकी जो पहली बार संशोधन हुआ जोड़ा गया था छठी अनुसूची आपका जो स्पेशल एरिया के लिए है। चलिए आगे बढ़ते। चलिए अगला प्रश्न है दोस्त कि भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में अनुसूची में भाषाओं की संख्या 22 होगी। अगला प्रश्न है कि निम्नलिखित में से किस भारतीय भाषा को 92वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत संविधान की आठवीं अनुसूची में नहीं जोड़ा गया था? तो संथाली ऐड किया गया है, डोगरी है, बोडो है, मैथिली है। तो सभी को तो ऐड यानी चार को ही ऐड किया गया था। चारों दिए हैं। तो यहां उपर्युक्त में से कोई नहीं हो जाएगी। ऑप्शन यहां पर रीरा ई सही जवाब बन जाता है। ये आपका जूनियर असिस्टेंट 19 यानी कि जो 551 का आपका रिजल्ट आने वाला है उसमें पूछा गया था। अगला प्रश्न है कि 92 संविधान संशोधन अधिनियम 2003 द्वारा
24:48 संविधान की आठवीं अनुसूची में चार भाषाएं जोड़ी गई थी। बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली। अगला प्रश्न यहां पर दिया भाई कि कोकड़ी जो है ये किसकी शासकीय भाषा है? यानी किस राज्य से रिलेट करी गई कोंकड़ी? यहां पर आपका राइट आंसर बन जाता है। दमन और दव। ऑप्शन यहां सी सही जवाब है। अगला प्रश्न है कि किस वर्ष में संविधान का संशोधन सर्वप्रथम किया गया था? किस वर्ष में संविधान का संशोधन सर्वप्रथम किया गया था? इसका सही उत्तर बनेगा ऑप्शन बी 1951 है। अगला प्रश्न है कि किस वर्ष में संविधान का संशोधन सर्वप्रथम किया गया था? किस वर्ष में संविधान का संशोधन सर्वप्रथम किया गया था? तो वही जो आर्टिकल आपका 31 ए बी रहा है। उससे रिलेटेड बातें
25:34 रही। यानी भूमि सुधार वाला पहला संशोधन 1951 का रहा है। ऑप्शन यहां पर आपका बी राइट आंसर होगा। संविधान का पहला जो संशोधन वर्ष 1951 में किया गया था। यह संशोधन कुछ राज्यों में किए गए कृषि एवं कृषि भूमि संबंधी सुधारों के संरक्षण से संबंधित था। साथ ही इस संशोधन द्वारा विचार और अभिव्यक्ति के अधिकारों के साथ जीविका के अधिकारों से संबंधित कठिनाइयों को दूर किया गया था। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 का संबंध किससे है? वित्त आयोग के गठन की बात होगी तो आपकी जानते हो उसके लिए अलग आर्टिकल है आपका 280 है। तो सिंपल सी बात है संविधान संशोधन प्रक्रिया से है। रिलेटेड ऑप्शन यहां पर आपका बी राइट आंसर बनता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 का जो संबंध है
26:19 संविधान संशोधन की प्रक्रिया से है। भारतीय संविधान के भाग 20 में अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन करने की शक्ति किसके पास है? पार्लियामेंट के पास। संसद के पास है। साथ ही इसी अनुच्छेद में संविधान संशोधन की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है। अनुच्छेद 280 वित्त आयोग के गठन से रिलेटेड 352 और 356 और 360 आपातकालीन उपबंध तथा अनुच्छेद 324 आपका निर्वाचन आयोग से रिलेटेड होगा। ठीक है? तो इसी के साथ आपका यह टॉपिक कंप्लीट होता है। अगला आपका टॉपिक नंबर दूसरा है सिलेबस का दैट इज राज्य की नीति निर्देशक सिद्धांत। यूपी ट्रिपल एससी पेट 2022 में पूछा गया। फिर यही प्रश्न आपके वीडियो एग्जाम में पूछा गया। पूछा गया था कि निम्नलिखित में
27:07 से क्या होगा वह जो कि वह आदर्श हैं जिन्हें राज्य को नीतियों का निर्माण करते समय ध्यान में रखना होता है। तो राज्य का नीति निर्देशक सिद्धांत है। डायरेक्टिव प्रिंसिपल ऑफ स्टेट पॉलिसी। ऑप्शन यहां पर बी राइट आंसर है। राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत वह आदर्श हैं जिन्हें राज्य को नीतियों का निर्माण करते समय ध्यान में रखना चाहिए। भारत के संविधान में राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत को आयरलैंड के संविधान से लिया गया है। कहां से? आयरलैंड से। कई बार एग्जाम में पूछा गया है डीपीएसपी कहां से लिया गया है? जैसे फंडामेंटल राइट आपका यूएसए से है। इस तरह आपका डीपीएसपी कहां से है? यह आयरलैंड से लिया गया है। इसका उल्लेख भारत के संविधान में आर्टिकल नंबर 36 से 51 तक दिया गया है। जैसे कि इसके
27:53 पहले आपका 12 से लेकर के 35 तक फंडामेंटल राइट दिए गए हैं। फिर आर्टिकल 36 से लेकर के 51 तक आपका जो है वो डीपीएसपी है। फिर इसके बाद आप जानते हो 51 ए आ जाता है। दैट इज फंडामेंटल ड्यूटीज है। मूल कर्तव्य हैं। अगला प्रश्न है आपका कि निम्नलिखित में से भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत शामिल हैं? तो 36 से लेकर के 51 तक ऑप्शन ए राइट आंसर है। भारतीय संविधान का भाग चार जो कि अनुच्छेद 36 से 51 के मध्य है। तो भाग चार आप याद रखो। डीपीएसपी है। आर्टिकल 36 51 दिए गए हैं। उस राज्य की नीति निदेशक सिद्धांत के रूप में जाना जाता है। संविधान में निदेशक तत्व न्यायोचित नहीं है। परंतु देश के शासन के लिए मौलिक माने गए हैं और कानून बनाने में
28:41 इन सिद्धांतों को लागू करना राज्य का क्या है? कर्तव्य है। यह किसी न्यायालय द्वारा परिवर्तनीय नहीं है। जैसे कि आपका फंडामेंटल राइट है। वह आपका क्या है? परिवर्तनीय है। यानी यदि आपका फंडामेंटल राइट जो है इसका हनन हो रहा होता है। वह इलेक्शन अगर राज्य करता है तो आप कहां चले जाते हैं? न्यायालय चले जाते हैं। लेकिन वहीं पर डायरेक्टिव स्टेट ऑफ पॉल स्टेट पॉलिसी राज्य की नीति सिद्धांत से संबंधित राज्य के कल्याणकारी नीतियां है। पॉलिसी अगर कुछ बना रही किसी स्पेसिफिक के लिए तो आप उसके लिए नहीं जा सकती कि कोर्ट में कि हम जाएंगे अब कोर्ट। अब जैसे कि कोटा ही एससी एसटी का बढ़ा दिया। रिजर्वेशन का कोई रिलेटेड कोई बात है उदाहरण के तौर पर है ना पता लगा किसी
29:26 किसी राज्य में आंदोलन चल रहा है इन जातियों को इसमें शामिल किया जाए तो ये सब राज्य जैसे कि एमपी में चल रहा है भाई 27% ओबीसी का कोटा होना चाहिए तो वो राज्य की जिम्मेदार अब राज्य देना चाहे तो दे सकता है अब उसके लिए कोई नागरिक जाए कोर्ट चले जाएंगे हम अब तो वो न्यायालय द्वारा क्या है परिवर्तनीय नहीं है तो यह बात यह जो है एग्जांपल के तौर पर रही है अगला है कि निम्न में से क्या भारतीय नागरिकों को आर्थिक न्याय प्रदान करता है। भारतीय नागरिकों को आर्थिक न्याय प्रदान करता है। यहां पर आपका राइट आंसर बन जाता है। यहां पर राज्य का नीति निर्देशक सिद्धांत होगा। ऑप्शन बी सही जवाब है। राज्य की नीति निर्देशक सिद्धांत डायरेक्टिव प्रिंसिपल ऑफ स्टेट पॉलिसी जो दिया गया है। भारतीय नागरिकों को आर्थिक न्याय प्रदान करता है। उस प्रियमबल्स में भी आपके तीन तरह के
30:13 न्याय दिए गए हैं। सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक। अगला प्रश्न आपका चार है। यूपी ट्रिपल एससी पेट 2022 में पूछा गया प्रश्न है कि 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान में कौन सा नया डीपीएसपी यानी जोड़ा गया है? कौन सा आर्टिकल या कौन सा प्रोविजन है जो कि जोड़ा गया है 42वीं संविधान संशोधन के द्वारा। यहां पर आपका राइट आंसर बन जाता है। सामान्य न्याय और निशुल्क विधिक सहायता। ऑप्शन यहां पर आपका डी राइट यानी सी आपका सही जवाब है। 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से आर्टिकल जो आपका एक जोड़ा गया है 36 से 51 बात करता है डीपीएसपी तो इसमें आर्टिकल आएगा 39 ए जो है ऐड किया गया है 42 वें संविधान संशोधन के द्वारा 39 ए जो कि बात करता है
31:00 समान न्याय और निशुल्क विधिक सहायता की। अगला प्रश्न आपके सामने है। पेट 2025 यानी पिछली बार पूछा हुआ प्रश्न है कि संविधान के अनुच्छेद 44 में कहा गया है कि भारत के पूरे क्षेत्र में राज्य नागरिकों के लिए सुरक्षित करने का प्रयास करेगा। तो ये कौन सा है आपका? तो यह सामान्य शिव नागरिक संगीिता वाला है आपका। ठीक है? ऑप्शन यहां पर आपका डी राइट आंसर बन जाता है। संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को नागरिकों के लिए पूरे भारत में समान नागरिक संगीिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने को कहा गया है। यह प्रावधान राज्य की नीति निर्देशक तत्वों से संबंधित है। ठीक है? तो आर्टिकल बेसिकली जो यूसीसी से चल रहा है आपको जानते हो यूनिफार्म सिविल कोड जो आपका है समान नागरिक संिता तो डीपीएसपी का जो
31:48 आर्टिकल 44 है वो उकारता है कि भारत के समस्त राज्य क्षेत्र में नागरिक है उनके लिए एक समान क्या है नागरिक संिता प्राप्त करने का प्रयास करेगा यानी अभी-अभी आप देखेंगे तो अलग-अलग जो है धर्मों के लोगों के विवाह है तलाक है विरासत हो गया गोद लेना ये सब जो मामले हैं वो अलग-अलग पर्सनल जो है कानून लागू होते हैं तो आर्टिकल 44 का जो मेन उद्देश्य देश होता है वही होता है कि जो व्यक्तिगत मामले हैं वह सभी नागरिकों पर क्या है समान लागू हो तो समान नागरिक संिता का आर्टिकल है ना कोई अलग-अलग धर्म का है ना रामू हो गए है ना रामू हो गए अब्दुल हो गए और इस तरह जैसे कि नाम क्रिश्चियन में दल जान हो गए तो इनके लिए अलग-अलग जो है कानून नहीं होगा एक ही होगा अगर यूसीसी लागू होता है तो चाहे विवाह हो तलाक हो उत्तराधिकार हो सभी मामलों में एक समान ही जो है वह नियम होंगे। अगला प्रश्न है दोस्त कि भारत का
32:36 एकमात्र राज्य है जहां सामान्य नागरिक सिविल कोड का प्रावधान है। तो वह स्टेट कौन सा है? आप जानते हो गोवा है। ऑप्शन यहां पर राइट आंसर है। ये 2016 का प्रश्न रहा है। प्रश्नकाल में भारत के एकमात्र राज्य हुआ करता था गोवा। संघ शासित प्रदेश दमन दव में समान सिविल कोड का प्रावधान रहा है। अब वर्तमान परिपेक्ष में आपको ध्यान देना है कि यूसीसी जो अधिनियम 1965 रहा है। सामान्य सिविल कोड अधिनियम 1965 लागू किया गया था। तो जनवरी 2025 से उत्तराखंड में भी समान सिविल कोड लागू है। कहां? उत्तराखंड में भी। तो ये इंपॉर्टेंट फैक्ट याद रखिएगा। अगला प्रश्न है कि भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थानों और वस्तुओं की सुरक्षा से संबंधित है। राष्ट्रीय
33:23 महत्व के स्मारकों और स्थानों और वस्तुओं की सुरक्षा से। आर्टिकल 48 की बात की जाए तो यह कृषि और पशुपालन से रिलेटेड है। आर्टिकल 48 ए आप बात करोगे तो पर्यावरण वन्य जीव संरक्षण से रिलेटेड है। आर्टिकल 49 यहां पर आपका होगा राष्ट्रीय महत्व के जो स्मारकों हैं और स्थान यानी ऑप्शन यहां पर आपका सी राइट आंसर बन जाता है। आर्टिकल 50 है तो आप जानते हो 50-50 है। यानी कि कार्यपालिका और न्यायपालिका यानी जो न्यायपालिका को कार्यपालिका से क्या है? अलग करना यह प्रावधान दिया गया इसमें। तो राइट आंसर ऑप्शन सी यहां पर आपका सही जवाब बन जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 49 का संबंध राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थानों और वस्तुओं की सुरक्षा से है। 48 जो है कृषि एवं पशुपालन का संगठन 48 ए पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन तथा वन
34:12 एवं वन्य जीवों की रक्षा से संबंधित है। आर्टिकल 50 न्यायपालिका एवं पारपालिका के पृथक्करण से संबंधित है। अगला प्रश्न है कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किसके एक भाग के रूप में उल्लेखित है? यह जो आर्टिकल है अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने से संबंधित आर्टिकल लास्ट है 36 से 41 दिया गया है। डीपीएसपी तो 51 वाला ही आपका यह रिलेटेड होगा और वो राज्य का नीति निर्देशक सिद्धांत है। ऑप्शन बी राइट आंसर है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं। जो राज्य की नीति के निदेशक तत्व के अंतर्गत आते हैं। राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों को आयरलैंड के संविधान से लिया
34:59 गया है। कहां के संविधान से? आयरलैंड। इसी तरह यह डीपीएसपी वाले जो पीवाईक्यू कंप्लीट होते हैं। अगला आपका जो है वो तीसरा है मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य से रिलेटेड क्वेश्चंस। पेट 2025 में क्या पूछा गया कि राज्य की परिभाषा भारतीय संविधान में किस आर्टिकल के अंतर्गत दी गई है? यहां पर आपका राइट आंसर होगा ऑप्शन ए। आर्टिकल 12 है तो आर्टिकल 12 से आप स्टार्ट करते हो 12 से लेकर के 35 तक क्या है फंडामेंटल राइट का है फिर इसके बाद आपका डीपीएसपी 3651 51 ए आपका जो है फंडामेंटल ड्यूटीज है फिर 52 शुरू हो जाता है आपका जानते हो वो यूनियन से रिलेटेड फिर 52 53 है ना राष्ट्रपति से अगला है आपका भारतीय समय यही है कि इसमें
35:45 एक्सप्लेनेशन दिया है कि भाग तीन में राज्य की परिभाषा अनुच्छेद 12 में दी गई है। ठीक है? इसमें भारत सरकार राज्य का मतलब क्या भाई? भारत सरकार संसद, राज्य सरकार, राज्य विधानमंडल और भारत के क्षेत्र के भीतर या भारत सरकार के जो भी नियंत्रण में चीजें हैं वो सब राज्य में आएंगी। आने वाले स्थानीय तथा प्राधिकरण शामिल है। यह परिभाषा मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए महत्वपूर्ण है। तो आर्टिकल देख रहे हैं। बेसिकली पूछ लिए जा रहे हैं आपके। तो कम से कम आप आर्टिकल नंबर एक से लेकर के कम से कम आप फंडामेंटल ड्यूटीज तक 51 ए तक ही सब सारे आर्टिकल देख लो। फिर उधर वाले आपके यूनियन वाले मेनमेन आप पढ़ लो। है ना? पेट के लिए भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार की अवधारणा का जो स्रोत है यानी मौलिक अधिकार
36:30 कहां से लिया गया है? जैसे डीपीएसपी आपने देखा कि आयरलैंड के संविधान से है। इसी तरह मौलिक अधिकार जो है यूएसए के संविधान से होगा। ऑप्शन यहां पर ए राइट आंसर है। अमेरिकी संविधान से क्या-क्या लिया गया है? तो उद्देशिका का विचार है। ठीक है? उद्देशिका का विचार हो गया। जुडिशियल रिव्यु जो कि आर्टिकल नंबर 137 के तहत है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता है। मूल अधिकार हो गया। जो प्रश्न में रहा है आपका उपराष्ट्रपति का जो पद है। यह कांसेप्ट भी आपका क्या है? यूएसए के संविधान से राष्ट्रपति पर महाभियोग, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाए जाने का जो प्रक्रिया है, उपबंध जो दिए गए हैं, वह सभी यूएस के संविधान से लिए गए हैं। तो यहां पर आपका उत्तर जो रहा है वो
37:15 रहा ऑप्शन ए। पहला प्रश्न है कि राज्य की परिभाषा। अगला प्रश्न भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार की अवधारणा तो वही पढ़ के आ रहे हैं वैसे। अगला प्रश्न यहां पर दिया गया है। अनुच्छेद दिए गए हैं और प्रावधान आर्टिकल 14 है। 21 है, 26 है, 44 है। आर्टिकल 14 आपकी बात करता है विधि की समक्ष क्षमता। आर्टिकल 21 आपका लाइफ एंड लिबर्टी है। प्राण और दैवी स्वतंत्रता का संरक्षण। आर्टिकल 44 आप पढ़ के ही जा रहे हो। समान सिविल नागरिक संगीता वाला हो गया। यूसीसी। इसके बाद 26 बचता है। धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता है। इस तरह आप यहां पर देखेंगे तो ए का टू है और बी का थ्री है और सी का वन है और इसके बाद आपका फोर का डी का फोर ही होगा। तो यहां पर 2 3 1 4
38:03 राइट आंसर है। 2 थ्री वन फोर यानी ऑप्शन यहां डी आपका सही जवाब। अगला प्रश्न आप देख रहे हैं पेट 2025 का है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 और 24 के माध्यम से नागरिकों को किस प्रकार गारंटी दी गई है? देख रहे आर्टिकल पूछा गया 25 में संविधान से 23 और 24 की बात की जाए तो शोषण के खिलाफ अधिकार की बात करता है। ऑप्शन ए राइट आंसर भारतीय संविधान के भाग तीन मूल अधिकार में अनुच्छेद 23 और 24 शोषण के खिलाफ अधिकार शीर्षक के अंतर्गत आती है। अनुच्छेद 23 जो कि मानव दुर्व्यापार और बलात श्रम का प्रतिषेध करता है ह्यूमन ट्रैफिकिंग का और अनुच्छेद जो 24 है वह कारखानों खानों और जोखिम पूर्ण कार्यों में बच्चों के नियोजन यानी
38:49 जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम आयु है उन बालकों को कारखाने या खाने में काम करने के लिए नियोजित करने अथवा किसी अन्य परिसंकटमय नियोजन में लगाने का जो है पूर्णता क्या है प्रतिषेध है तो आर्टिकल 23 जो है ह्यूमन ट्रैफिकिंग का है 24 आपका जो है 14 वर्ष से जो कम बच्चे हैं। कारखाने खाने जोखिम पूर्ण कार्यों में लगाने पर क्या है? प्रतिषेध है। अगला प्रश्न कोर्ट का मिलान करना है। है ना? तो पांच चीजें आपकी संविधान में धर्म है, वंश है, जाति है, लिंग है और जन्म है। ठीक है? तो आर आर सी एसपी इनको याद रखो। पांच बातें हैं। इन पे आप जो है क्या है? इसके आधार पर आप भेदभाव नहीं कर सकते हो कि आदमी का धर्म क्या है। है ना? तो रिलीजन है, रीस है यानी कास्टिज्म हो
39:34 गया। आपका वंश क्या तो धर्म हो गया, रिलीजन है, रेश वंश हो गया, कास्ट है, सी हो गया, एस सेक्स हो गया, पी से हो गया प्लेस ऑफ बर्थ। ठीक है? तो आरआरसीएसपी इन पांच वेष को छोड़ के पांच ही बातें दी गई है संविधान के आर्टिकल 15 में। तो आर्टिकल 15 से रिलेटेड बातें होंगी। कारखानों में बालकों को पढ़ के ही आ रहे। 23 ह्यूमन ट्रैफिकिंग का रहा है। 24 हो जाएगा बच्चों वाला। कुछ मामलों में गिरफ्तारी तथा निरोध से संरक्षण की बात की गई है। तो यह आर्टिकल नंबर आपका है 22 है और अनटचेबिलिटी का आर्टिकल 17 है। ठीक है? अश्वस्तता का है। बात की जा रही है। है ना? तो याद करने का तरीका भाई कि अभी भी छूत अछूत जो है वो समाज में है तो अभी भी लोगों को सताया जा रहा है। सतारा सता रहा है। ठीक है? तो इस तरह थोड़ा सतरा से
40:19 रिलेटेड बातें आएंगी दिमाग में अछूत-छूत से। ठीक है? तो रिश्ता का उन्मूलन यानी आप किसी को अछूत कहकर जो है उसका फंडामेंटल राइट है। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। यहां पर आप मिला ही लो। सही होगा सब। ठीक है। आगे बढ़ते हैं। प्रश्न है कि भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद विधिक समता यानी कानून के सामने समानता से संबंधित है? विधि की समान संरक्षण। ऑप्शन यहां पर आपका ए राइट आंसर है। भारतीय संविधान का जो अनुच्छेद 14 है ये विधि के समक्ष समता या समानता से संबंधित है। यानी कानून के नजरों में सभी एक समान होंगे। इसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को विधि या कानून के समक्ष समानता का मूल अधिकार प्रदान किया गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य किसी भी व्यक्ति को विधि की समता या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं
41:07 करेगा। संविधान के भाग तीन में अनुच्छेद 12 से 35 तक मौलिक अधिकार दिए गए हैं। इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से लिया गया है। अगला प्रश्न है कि भाई संविधान के किस आर्टिकल यानी किस संविधान संशोधन के तहत भारत में आर्थिक आरक्षण जो है पारित किया गया है? यानी कौन सा संविधान संशोधन है यह? तो ईडब्ल्यूएस वाला आप जानते हो इकोनॉमिक वीकर सेक्शन है। ठीक है? कौन सा है? ईडब्ल्यूएस है। ठीक है? तो ई कैसे बन रहा है? आप देख रहे हैं ऐसे बन रहा है। थोड़ा तीन जैसा बन रहा है। तो इस तरह 101 होगा कि दो होगा तीन है? चार है इस तरह थोड़ा कन्फ्यूज नहीं होना। तो ये तीन जैसा उल्टा कुछ बन रहा है ना। इस तरह थोड़ा रिलेट कर लेना। अब याद आ जाएगा। 103 है। ऑप्शन यहां पर आपका सी राइट आंसर बन जाता
41:52 है। 124वें संविधान संशोधन विधेयक यानी यह बिल रहा 124वां और संविधान संशोधन 103वां है जो कि आपके एग्जाम में पूछा गया यही। तो 103वां संविधान संशोधन अधिनियम 2019 के जरिए भारत में आर्थिक आरक्षण का प्रावधान किया गया 10% वाला। इस अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर कौन से सामान्य वर्ग वाले है ना? यह ईडब्ल्यूएस जो दिया गया है वो सामान्य वर्ग को शैक्षिक संस्थाओं तथा रोजगार में 10% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। तो यह जनरल वाला है। ठीक है? तो इसमें ईडब्ल्यूएस यानी कि आपका जो ओबीसी है, एससी एसटी है यह वाले लोग नहीं बनवा सकते। इसमें उनका ऑलरेडी आरक्षण है। भाई ओबीसी में तो क्रीमी लेयर है ही है। उनका भी एक तरह से आर्थिक आरक्षण है ही है। 8 लाख लिमिट है ही है। एससी एसटी में
42:38 नहीं है क्रीमी लेयर। बाकी ईडब्ल्यूएस का भी आप समझ लो। इसका भी जो आर्थिक यानी कमजोर वर्ग वाले हैं उनको भी आरक्षण 10% का है। बाकी 100 जो आपका भारत बांग्लादेश वाला रहा है। है ना? जो भारत बांग्लादेश जो भूमि सीमा समझौता जो हुआ वो रहा है। है ना? जो कि पहले शेड्यूल में चेंज किया गया था। 100वां संविधान संशोधन फिर 101वां आता है। ₹101 ले लो, जीएसटी दे दो। तो इस तरह थोड़ा जीएसटी से रिलेटेड रहा है। 102 की बात की जाए दोस्त 102 आपका जो है वो ओबीसी को बात किया गया है। संवैधानिक दर्जा देने की कमीशन ओबीसी कमीशन वाला जो राष्ट्रीय पिछड़ा जो वर्ग एनसीबीसी जिसके तहत एक आर्टिकल आपका 329 बी जोड़ा गया है। स्पेशली है ना 329 बी 329 था ही एससी। चलिए ज्यादा नहीं कंफ्यूज हो जाओगे। तो
43:24 यहां पर 338 बी जो है जोड़ा गया। उसके बाद आपका 3 103 हो ही गया आपका। 104 की बात की जाए तो 104 आप जानते हो किसका है? ये आपका जो एंग्लो इंडियन वाले हुआ करते थे उनको हटा दिया गया है। ना लोकसभा और विधानसभा में जो हुआ करते थे और इसी संविधान संशोधन 104वें के तहत ही ये जो एससी एसटी का आरक्षणवा है उसमें लोकसभा में उसको भी क्या है? 2030 तक बढ़ा दिया गया है। चलिए सब वोट का चक्कर है बाबू भैया। आगे बढ़ते हैं। अगला प्रश्न है कि प्रेस की स्वतंत्रता भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के तहत है? मीडिया वाले कुछ ज्यादा चिल्लाते रहते हैं। लेकिन अपना लेवल नहीं देखते कि हमारी रैंकिंग क्या जा रही है? चलिए आर्टिकल नंबर 19 है। है ना? अधिकार बड़ा रहेगा लेकिन उनका कर्तव्य अपने कर्तव्य नहीं निभा पाते। चलिए आगे बढ़ते हैं दोस्त। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 एक ए वाक और अभिव्यक्ति की
44:11 स्वतंत्रता से संबंधित है। इसमें कहीं भी प्रेस की स्वतंत्रता का वर्णन नहीं है। परंतु संविधान सभा की बहस में प्रारूप समिति की अध्यक्ष डॉ. अंबेडकर ने स्पष्ट कर दिया था कि स्वतंत्रता नागरिक की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समान ही है। इसलिए अलग से कोई प्रावधान करने की आवश्यकता नहीं है। अगला प्रश्न आपका पेट 2022 का है। दोस्त क्या पूछा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 में कौन सा अधिकार शामिल है? वाक और अभिव्यक्ति स्वतंत्रता का अधिकार ऑप्शन यहां पर आपका बी राइट आंसर है। संवैधानिक उपचारों का आपका जानते हो आर्टिकल 32 है। शोषण वाला 23 24 है ही है। धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार 25 से 28 दिया ही है फंडामेंटल राइट में। आगे बढ़ते हैं। तो आर्टिकल 19 में 617 की स्वतंत्रता दी गई है। पहली बात पढ़ ही लिए भाई 19 वन ए है ना? वाक और अभिव्यक्ति स्वतंत्रता।
44:58 दूसरी बात कि भाई आप जो है सभा वगैरह जो है शांतिपूर्ण आप जो है संगठन हो गया। सभा कर लो। कोई संगठन बनाना है तो संगठन आप बना सकते हो। तीसरी बात चौथी क्या स्वतंत्रता? कोई भी व्यापार हो, व्यवसाय हो, पेशा है आपका तो आप कर सकते हो। जहां मर्जी वहां घूम सकते हो भारत में आप। अब कुछ रिस्ट्रिक्ट एरिया होंगी। अब यह नहीं आप जो शेड्यूल ट्राइब एरिया वहां भी घूमने चले जाओ। तो फंडामेंटल राइट का पूरा एंजॉय करो। लेकिन इतना भी नहीं कि आप दूसरे को भी जो है उसका भी हनन हो। फंडामेंटल राइट का। है ना? इसके बाद छठी जो बात है वो यही है कि भाई आप भारतीय कहीं भी आप निवास कर सकते हो। है ना? तो ये छह बातें। अगला देखते हैं। कौन सा अनुच्छेद है जो भारतीय संविधान के तहत किसी व्यक्ति के विदेश यात्रा के अधिकार की रक्षा करता है? विदेश यात्रा अब घूमने की बात है लेकिन इंडिया
45:44 में तो आर्टिकल 19 के तहत है। कहीं भी घूमो आप टहलो। है ना? लेकिन भारत के बाहर विदेश यात्रा की बात की जा रही है। तो लाइफ एंड लिबर्टी की बात होगी। जीवन जीने का अधिकार है भाई। तो आर्टिकल क्या है? 21 ऑप्शन ए राइट आंसर। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 किसी व्यक्ति के विदेश यात्रा के अधिकार की रक्षा करता है। अनुच्छेद 21 में निहित व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय ने विदेश यात्रा के अधिकार को विदेश यात्रा के अधिकार को शामिल माना है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा के अधिकार से संबंधित है। अगला प्रश्न आपका शुरुआती पेट में हुआ। पहले जब पेट परीक्षा हुई कि शिक्षा का जो अधिकार है, एक मौलिक अधिकार है। तो ये संविधान का आर्टिकल कौन सा होगा? तो शिक्षा का अधिकार यानी अधिकार यानी फंडामेंटल राइट। तो फंडामेंटल राइट आप जानते हो आर्टिकल 21 ए
46:30 है शिक्षा का अधिकार जो कि संविधान संशोधन के तहत बाद में जोड़ा गया 21 ए आ रहा है ना तो ए बी सी डी कहीं भी दिख जाए समझ लो कि वो मूल संविधान में रहा नहीं जोड़ दिया गया बाद में आर्टिकल 20 रहा वन रहा होगा फिर वन ए कर दिया वही उसी के बाद में जोड़ दिया 21 ए हो गया शिक्षा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है जो अनुच्छेद 21 से संबंधित है इस अनुच्छेद के तहत आर्टिकल नंबर यानी उम्र जो है 14 से छ वर्ष से लेकर 14 तक के सभी बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है छ वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक बच्चों को क्या है निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है बच्चों को लेकिन बच्चे केवल अपना अधिकार केवल जानते हो किसके लिए जानते हैं केवल और केवल खेलने का अधिकार है ना खेलने को बोल दे तो दिन भर खेला करें जबकि अनुच्छेद 29 और 30 का संबंध क्रमश अल्पसंख्यक वर्ग के हितों के संरक्षण तथा
47:17 अल्पसंख्यकों का शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन की अधिकार से है। अनुच्छेद 19 का संबंध वाक्य स्वतंत्रता आदि विषय कुछ अधिकारों का संरक्षण से है। तो बढ़ते हैं आगे दोस्त। चलिए भाई सर्व शिक्षा अभियान का उद्देश्य किस आयु समूह के बच्चों में शिक्षा को प्रोत्साहित करना है? सर्व शिक्षा अभियान का उद्देश्य। तो सर्व शिक्षा जो अभियान आप जानते हो 2000 एक दो में जो है यह स्टार्ट हुई है और केंद्र की केंद्र पर आयोजित यानी भारत सरकार की जो है प्रमुख शिक्षा संबंधी योजना थी जिसमें छ से लेकर के 14 वर्ष के बच्चों को सार्वभौमिक प्राथमिक प्रारंभिक शिक्षा का जो है वो उनको उपलब्ध कराना तो छ से 14 की बात होगी। ऑप्शन यहां पर आपका राइट आंसर सर्व शिक्षा अभियान भारत सरकार का प्रारंभिक शिक्षा की सार्वभौमीकरण के लिए वर्ष 2001 में शुरू किया गया था।
48:04 कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु छठवें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 द्वारा संविधान में अनुच्छेद 21 का जोड़ा गया है। इस अनुच्छेद के तहत 14 छ से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है। समझ में आया यहां पर थोड़ा यह लोग क्या कहे हैं? लग रहा है यहां पर आठ छह होना चाहिए था। भैया 86वें संविधान संशोधन ही तो है। छठवें संविधान संशोधन 2021 का जोड़ा गया बता रहे हैं। तो यहां पर आठ छह कर लो इसको। समझ रहे हो बात को कितना आठ थे 86वें संविधान संशोधन के राइट टू एजुकेशन 2009 में 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ था 2002 का अमेंडमेंट रहा है। चलिए 86वां रहा है। आगे बढ़ते हैं दोस्तों। भारतीय संविधान का निम्न में से कौन सा अनुच्छेद है जो कि मानव के क्रय
48:50 विक्रय तथा जबरदस्ती मजदूरी कराने पर प्रतिबंध लगाता है? तो शोषण के विरुद्ध अधिकार रहा 23 24 23 जो है ह्यूमन ट्रैफिकिंग का है। 24 बच्चों से रट रहा है। तो यहां पर क्या है? मानव के क्रय विक्रय ह्यूमन ट्रैफिकिंग से रिलेटेड 23वां ऑप्शन यहां पर आपका राइट आंसर है। भारतीय संविधान का भाग तीन मूल अधिकारों से रिलेटेड है। अनुच्छेद 23 में मानव के दुर्व्यापार और बलातश्रम का प्रतिषेध है जिसके अंतर्गत मानव के क्रय विक्रय तथा जबरदस्ती मजदूरी कराने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अगला प्रश्न है कि शोषण के विरुद्ध अधिकार में कौन सा निषेध शामिल नहीं है? बेगारी का निषेध है। बिल्कुल सही है। का निषेध जो है आपका उन्मूलन की जो बात कर दी गई वह तो आर्टिकल इसके लिए स्पेशली 17 है। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं। रोजगार पर प्रतिबंध लगाया गया है आर्टिकल 24 के
49:37 तहत। है ना? तो शोषण विरुद्ध अधिकार कौन सा है? आर्टिकल 23 और 24 है। तस्करी का निषेध है ह्यूमन ट्रैफिकिंग का। तो यह भी सही है। तो ऑप्शन बी यहां नहीं होगा। यह राइट आंसर होगा। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 24 बेगारी का निषेध अर्थात बलात श्रम 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के रोजगार पर प्रतिबंध तस्करी का निषेध अधिशोषण के विरुद्ध अधिकार से संबंधित है। जबकि अस्पृश्यता का निषेध अनुच्छेद आर्टिकल 17 से रिलेटेड है। ऑप्शन ब आगे बढ़ते हैं। अगला प्रश्न है कि अल्पसंख्यकों को हितों के संरक्षण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद है? अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण के लिए राइट आंसर यहां पर बनेगा ऑप्शन सी 29 भारतीय संविधान के अनुसार अनुच्छेद 25 से 28 तक का जो संबंध है वो धार्मिक
50:22 स्वतंत्रता के अधिकार से है। व आर्टिकल नंबर 29 और 30 की बात की जाए तो संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार से संबंधित है। प्रश्न में दिए गए चार अनुच्छेदों के अंतर्गत यानी अनुच्छेद 26 धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता की बात करता है। 27 किसी विशिष्ट धर्म की अभिवृत्ति के लिए कर टैक्स से संबंधित स्वतंत्रता की बात करता है। अगला कौन सा प्रश्न पूछा गया संविधान संशोधन से? निम्नलिखित में से किसके द्वारा संपत्ति के मूल अधिकार का जो लोप किया गया यानी जो संपत्ति का अधिकार है वह भी आपका क्या है? फंडामेंटल राइट हुआ करता था। लेकिन 44वां संविधान संशोधन 1978 का आता है और संशोधित करके इसको फाइनेंस वाले भाग में डाल दिया जाता है। यानी ऑप्शन यहां पर आपका सी राइट आंसर है। 44वीं संविधान संशोधन 1978 के
51:09 द्वारा। संविधान के 44वें संविधान संशोधन 1978 के द्वारा संविधान के मूल अधिकार का लोप किया गया। यानी कि जो संपत्ति का अधिकार है इसको जो है विधिक या कानूनी अधिकार का दर्जा दिया गया। और उस समय भारत के जो प्रधानमंत्री थे तत्कालीन जनता पार्टी शासन में थे मोरारजी देसाई। तो यह जो संपत्ति का अधिकार वो फाइनेंस अनवित्त के तहत विधि कानूनी अधिकार जो आर्टिकल नंबर 300 कैपिटल ए के तहत 300 क के तहत इसको दिया गया। तो संपत्ति का अधिकार आपको मिलेगा नॉट फंडामेंटल राइट। ठीक है? 44वी संविधान संशोधन के द्वारा हटा दिया गया है। अगला प्रश्न है कि भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद है? वही रिलेटेड भाई 300 कैपिटल ए आपका तो यह आपका किससे संबंधित होगा? कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति से वंचित नहीं रहेगा। यानी संपत्ति का अधिकार
51:56 है। ऑप्शन यहां पर आपका सी राइट आंसर। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3001 संपत्ति के अधिकार से संबंधित है। इसके अनुसार विधि के प्राधिकार के बिना व्यक्तियों को संपत्ति से वंचित नहीं किया जाना। अर्थात किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से विधि के यानी कानून के प्राधिकार से ही वंचित किया जाएगा अन्यथा नहीं। अगला प्रश्न है कि संवैधानिक उपचारों का अधिकार किसके तहत आता है? संवैधानिक उपचारों का अधिकार आर्टिकल 32 के तहत पढ़ते हो मौलिक अधिकार। ऑप्शन यहां पर आपका ए राइट आंसर बन जाता है। संवैधानिक उपचारों का अधिकार मौलिक अधिकार के तहत आता है। भारतीय संविधान के भाग तीन के अंतर्गत 12 से 35 मौलिक अधिकार का उल्लेख किया गया है। मौलिक अधिकारों के अंतर्गत अनुच्छेद 32 में ही संवैधानिक उपचारों का उल्लेख है। आर्टिकल 32 में अतः संवैधानिक
52:43 उपचारों का अधिकार एवं स्वयं मौलिक स्वयं जो है एक मौलिक अधिकार है। अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय को उच्चतम न्यायालय यानी कि हाई कोर्ट हो या सुप्रीम कोर्ट। यहां पर सुप्रीम कोर्ट की बात की गई। सुप्रीम कोर्ट को बंदी प्रत्यक्षीकरण परमादेश प्रतिषेध अधिकार परीक्षा और उत्प्रेषण जारी करने का अधिकार प्राप्त है। आर्टिकल 32 है। तो सुप्रीम कोर्ट से जो संविधान आर्टिकल रिलेटेड होगा 32 होगा। जो हाई कोर्ट हाई कोर्ट जो पांच रिटें जारी करता है उसका जो मौलिक अधिकार से रिलेटेड जो आर्टिकल आता है आर्टिकल 226 है। याद करना कितना? 226 226 बातें जो दी गई है वह सुप्रीम जैसे सुप्रीम कोर्ट का आर्टिकल 32 के तहत है तो आर्टिकल 226 के तहत जो है हाई कोर्ट की बात की गई है मौलिक अधिकारों से रिलेटेड यानी मौलिक अधिकार का हनन होता है आप सुप्रीम कोर्ट
53:29 डायरेक्ट जा सकते हैं या हाई कोर्ट भी जा सकते हैं। अगला प्रश्न आपका पेट 2022 का है दोस्त पूछा गया है कि किसके पास मौलिक अधिकार को लागू करने की शक्ति है? मौलिक अधिकार आर्टिकल नंबर 32 रिटे पांच जो है आर्टिकल 226 यानी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ऑप्शन यहां पर आपका राइट आंसर है। सर्वोच्च न्यायालय यानी उच्चतम न्यायालय सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट उच्च न्यायालयों के पास मौलिक अधिकारों को लागू करने की शक्ति है। मौलिक अधिकारों के न्यायिक संरक्षण हेतु अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय और अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट को शक्ति प्रदान की गई है। अगला प्रश्न है कि मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए संविधान ने किसे विशेष उत्तरदायित्व दिया है? मौलिक अधिकारों को
54:15 लागू करने के लिए संविधान ने किसे विशेष उत्तरदायित्व दिया? इनमें से देखेंगे तो सुप्रीम कोर्ट उच्चतम न्यायालय है। ऑप्शन ए राइट आंसर होगा। अनुच्छेद 32 के तहत मौलिक अधिकारों को लागू करने का उत्तरदायित्व संविधान द्वारा उच्चतम न्यायालय को सौंपा गया है। इसके तहत उच्चतम न्यायालय विभिन्न प्रकार की रिटों बंदी प्रत्यक्षीकरण परमादेश प्रतिषेध उत्प्रेषण और अधिकार वृक्षा के माध्यम से मूल अधिकारों को लागू करा सकता है। अगला प्रश्न है कि बंदी प्रत्यक्षीकरण भारतीय संविधान के किस भाग से संबंधित होगा? तो आर्टिकल 32 ने मौलिक अधिकार की बात करी जाएगी। ऑप्शन यहां पर डी राइट आंसर बन जाता है क्योंकि 12 से लेकर के जो बात होती 35 तक वो आर्टिकल मौलिक अधिकार के तहत है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रतिबंधी प्रत्यक्षीकरण भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार से संबंधित है।
55:00 अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय की बात की जाए तो अनुच्छेद 200 के 26 के तहत बंदी प्रतिरण रिट जारी कर सकता है। यानी पांच जो रिटें हैं अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत जारी कर सकता है। यह बंदी प्रत्यक्षीकरण का मतलब क्या भाई? बंदी बना रखे हो। यानी किसी व्यक्ति को अवैध रूप से आप हिरासत में रखे हो तो उसके लिए लोग कोर्ट चले जाते हैं ना। तो रिट जो होती है वह बंदी प्रत्यक्षीकरण जारी करता है। हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट। पांच रिटें जो अभी आप देखो बंदी प्रत्यक्षीकरण हो गया। यानी किसी व्यक्ति को आप अवैध रूप से हिरासत में रखे हो तो उसके लिए जारी करेगा। परमादेश है मंडमस की बात की जा रही तो कोई सरकारी अधिकारी हो या अपराधिकरण है तो उसको कानूनी कर्तव्य
55:47 जो है यानी अगर वह अपने कर्तव्य का पालन नहीं करता है तो उसके लिए आदेश जारी कर दिया जाता है। कोर्ट या हाई सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जारी करता है। ठीक है? प्रतिषेध है। है ना? प्रतिषेध प्रोहिबिशन की बात की जाए तो प्रोहिबिशन जो रिट है वह जो है निचली अदालत या न्याधिकरण को अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकने के लिए होता है। उत्प्रेषण है तो कोई गलत यानी कोई गलत आदेश है तो उसको रद्द करने के लिए होता है। और क्या अवस्था का अधिकार अपेक्षा है क्वारंटो तो कोई व्यक्ति पदासीन है तो इस अधिकार से है वह सार्वजनिक पद पर अगर उसके योग्य नहीं है भाई तो तब भी जारी कर दो अधिकार अपेक्षा तो यह सब बातें हैं। आगे बढ़ते हैं दोस्त अगला प्रश्न है कि सूचना का अधिकार राइट टू इंफॉर्मेशन सूचना का जो अधिकार है यह
56:34 संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही है बताना है सूचना का अधिकार को एक राजनीतिक अधिकार है पॉलिटिकल राइट बताया जा रहा है बिल्कुल गलत यह एक संवैधानिक अधिकार है संवैधानिक अधिकार है या एक कानूनी अधिकार है या एक सामाजिक अधिकार तो होगा नहीं अब विधिक होगा कि आपका संवैधानिक होगा सूचना का अधिकार तो संवैधानिक अधिकार भी है और कानून भी बना है उसके यह प्रश्न अगर आ जाए तो विवाद में रहता है। यूपीएससी जैसे पेपर्स में पूछे जा चुके हैं ऐसे प्रश्न और इसको किसी किसी में संवैधानिक अधिकार भी माना और विधिक अधिकार भी माना है। तो यह संवैधानिक अधिकार तो होगा ही। ठीक है? आर्टिकल जो 19 है उसके तहत इसको माना भी है कि इस लॉ में सूचना का अधिकार एक विधिक अधिकार एवं सवाधिक अधिकार दोनों है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत
57:21 प्रत्येक नागरिक को एक विधिक अधिकार प्राप्त है। वह एक सार्वजनिक संस्थानों से आवश्यक सूचना मांग सके ना मिलने पर अपील कर सके। उच्चतम न्यायालय ने इंडियन एक्सप्रेस बनाम भारत संघ विवाद में किस मामले में इंडियन एक्सप्रेस वर्सेस भारत यूनियन विवाद में जो है अनुच्छेद एक का के तहत भाषण व अभिव्यक्ति के अधिकार के अंतर्गत भाषण व अभिव्यक्ति के अधिकार के अंतर्गत मूल अधिकार में शामिल माना है सुप्रीम कोर्ट ने और वैसे अपना यूपी ट्रिपल एससी ने इसको माना है कानूनी अधिकार विकल्प सी। ठीक है? तो अगर प्रश्न में आता है दोनों तो दोनों में से कोई एक लगाइए। फिर यह जो है आपका प्रोविजनल आंसर के बाद रिव्यू में आएगा फिर विवाद चलेगा। तो अगर आता है तो कोई एक लगा दीजिए। यूपी ट्रिपल एससी यदि माना है विधिक कानून तो विधिक लगाइएगा
58:08 भाई। है ना? आगे बढ़ते हैं और जो लोग संवैधानिक अधिकार लगाते हैं तो वह भी लगा सकते हैं क्योंकि आएगा तो विवादित बनेगा जरूर। मौलिक अधिकारों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य होगा? कौन सा अधिकार क्या है? मौलिक अधिकार के संबंध में कौन सा कथन यहां पर सत्य है? पहला स्टेटमेंट दिया गया है कि मौलिक अधिकार उम्र पर आधारित है और हस्तानांतणीय अधिकार है। हस्तानांतरणीय तो होगा नहीं। प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रपति की इच्छा के अनुसार मौलिक अधिकार दिए गए हैं। राष्ट्रपति की इच्छा अनुसार गलत मौलिक अधिकार हमारे प्राकृतिक अधिकार हैं और हस्त हस्तानांतरणीय अधिकार है। गलत मौलिक अधिकारों को केवल राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान ही निलंबित किया जा सकता है। तो यह बात सही है। ऑप्शन यहां पर आपका डी राइट
58:54 आंसर है। वीडियो री एग्जाम 2023 पूछा गया। प्रश्न में दिए गए विकल्पों से कथन मौलिक अधिकारों को केवल राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान ही निलंबित किया जा सकता है। सत्य कथन है। बाकी सब गलत है। मौलिक अधिकार भारतीय संविधान के भाग तीन में निहित अनुच्छेद 12 से 35 तक संबंधित है। राष्ट्रीय आपातकाल के सभी मौलिक अधिकार दौरान सभी मौलिक जो अधिकार है वो निलंबित नहीं होते हैं। तो राष्ट्रीय आपातकालन के दौरान जो है मौलिक जो अधिकार है वह निलंबित होते हैं। लेकिन इसमें जो आर्टिकल नंबर 20 और 21 है यह अपवाद है। तो आर्टिकल नंबर 20 है। अब भाई नेशनल इमरजेंसी राष्ट्रीय आपातकाल अगर लग गया आर्टिकल आपका कौन सा है? 352 है तो कोई नेशनल इमरजेंसी अगर है तो मौलिक अधिकार अपने आप समाप्त होते नहीं है। तो प्रावधान के अंतर्गत होंगे। लेकिन आर्टिकल जो 20 और
59:41 21 है 20 क्या है? दंड संबंधी संरक्षण आपको मिल जाएगा। ठीक है? अब आर्टिकल 21 आपका लाइफ एंड लिबर्टी का है। तो जीवन जीने का अधिकार तो रहेगा इमरजेंसी में। ऐसा तो है नहीं। आगे बढ़ते हैं। अगला प्रश्न यूपी ट्रिपल एससी पेट 2025 में पूछा गया प्रश्न भाई। क्या पूछा गया? डॉट डॉट फ़िल करना था कि भारत के मूल संविधान का हिस्सा नहीं थे। बल्कि सरदार स्वर्ण सिंह की समिति की सिफ़ारिश पर 1976 में 42वीं संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा जोड़ा गया। स्वर्ण सिंह समिति आ गई तो आपको याद आ गया। दैट इज़ फंडामेंटल ड्यूटी आर्टिकल 51 ए। ठीक है? मौलिक कर्तव्य की बात की जा रही है। स्वर्ण सिंह समिति की संशोधित सिफ़ारिश पर 1976 में 42 वें संविधान संशोधन के द्वारा ऐड किया गया। 42 वें संविधान संशोधन को आप जानते हो। मिनी कॉन्स्टिट्यूशन के नाम से भी जानते हो क्योंकि बहुत सारे संविधान संशोधन हुए थे।
1:00:28 मौलिक कर्तव्य भारत के मूल संविधान का हिस्सा नहीं था। इन्हें सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश के आधार पर जोड़ा गया। वर्ष 1976 के 42 संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में भाग चार का जोड़ा गया और आर्टिकल 151 का में नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख किया गया। ठीक है? भाग चार आप जानते हो डायरेक्टिव स्टेट डायरेक्टिव प्रिंसिपल ऑफ स्टेट पॉलिसी भारत की नीति यानी कि राज्य की नीति निर्देशक तत्व सिद्धांत हैं और चार में और चार का फिर बाद में आया 4 ए और आर्टिकल 51 ए ऐड किया गया। ठीक है? अगला प्रश्न भाई भाई मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख किस में है? तो भाग यहां पर होगा कौन सा? चार ए है। भाग चार में डीपीएसपी है। भाग तीन में फंडामेंटल राइट है। यहां पर लिखा है कि वर्तमान में संविधान में 25 भाग हैं। 25
1:01:16 भाग का मतलब यहां पर काउंट के हिसाब से गिनती के हिसाब से बात की गई है। ठीक है? जहां पर जैसे कि भाग चार हो गया तो चार ए हो गया। है ना? यह यहां पर देखेंगे गिनती के हिसाब से दो होंगे। तो इसी तरह आप काउंट करेंगे तो टोटल 25 भाग हैं। और वैसे है कितना? 22। ठीक है? मार्च 2019 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य हैं? मार्च 19 तक तो यहां पर होगा आपका 11 जब ऐड किया गया मौलिक कर्तव्य तो 10 रहे हैं। बाद में वही आपका जो बच्चों वाला उसको ऐड किया गया। सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर 42 संविधान संशोधन 1976 अधिनियम के तहत संविधान में भाग चार और 19 ए जो है यानी भाग चार का और आर्टिकल 51 ए को जोड़कर
1:02:03 नागरिकों के 10 मूल कर्तव्य कितने 10 मूल कर्तव्यों का उल्लेख किया गया। इसके बाद संविधान संशोधन अधिनियम 200286वां जो रहा है इसके तहत 11वां मूल कर्तव्य जोड़ा गया जिसका छ से 14 वर्ष तक की जो उम्र के बच्चे अपने बच्चों की शिक्षा को अवसर उपलब्ध कराना जोड़ा गया। यह नागरिकों का मूल कर्तव्य है। ठीक है? उनका कर्तव्य है कि जो उनके बच्चे हैं छ से 14 वर्ष की उम्र वाले उनको क्या है? शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराओ। अतः वर्तमान में भारतीय संविधान में कुल 11 मौलिक कर्तव्य हैं। अगला प्रश्न आपका पेट 2022 का है। निम्नलिखित में से कौन मौलिक कर्तव्य है? ये सभी लिखा। भारत की संप्रभुता, अखंडता और एकता की रक्षा करना, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानववाद विकसित करना। ठीक है? तो ये सभी
1:02:48 के सभी मौलिक कर्तव्य ही होंगे आपके। तो यहां पर आपका राइट आंसर क्या रहा है? सभी होंगे भाई। आगे बढ़ते हैं। प्रश्न है कि भारतीय संविधान के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सा एक मौलिक कर्तव्य नहीं है? उन 11 कर्तव्यों में लोक चुनाव में वोट डालना फंडामेंटल ड्यूटी। फंडामेंटल ड्यूटी बिल्कुल नहीं। चुनाव में वोट डालो जाके। यह फंडामेंटल ड्यूटी में नहीं दिया गया है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करना, लोक संपत्ति की सुरक्षा करना, संविधान को मानना एवं इसके आदर्श की कद्र करना यह फंडामेंटल ड्यूटी है आपकी। लेकिन यहां पर ऑप्शन ए नहीं होगा। भारतीय संविधान के अंतर्गत लोक चुनाव में वोट डालना मौलिक कर्तव्य बिल्कुल नहीं है। भारतीय संविधान के भाग चार का के अंतर्गत मूल कर्तव्यों में अनुच्छेद 51 का में
1:03:36 संविधान को मानना इसकी आदर्शों की कद्र करना वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना विकास करना सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित करना हिंसा से दूर रहना ये सब क्या है? मौलिक कर्तव्य हैं। आगे बढ़ते हैं। अगला टॉपिक आपका सिलेबस का चौथा जो दिया है दति संसदीय प्रणाली है। प्रश्न यहां पर आपका पूछा गया है। लेखपाल के एग्जाम में पूछा गया प्रश्न है दोस्त ये। किस में लेखपाल में पूछा हुआ प्रश्न है यह 21 मई 26 को जो अभी हुआ है आपका 7994 पद का। यहां पर पूछा गया कि किस भारतीय सम राज्य की विधायिका एक सदनीय है? एक सदनीय पूछा गया है। तो यदि आपको पता है कि द्विसदनीय कहां-कहां है? कई बार मैं बताता हूं। एक अपना यूपी है। इससे लगा हुआ बिहार
1:04:23 आ जाता है। एक फिर महाराष्ट्र है। नीचे साउथ वाले तीन स्टेट हैं। आंध्र प्रदेश है। इससे अलग हुआ तेलंगाना हो जाता है। एक कर्नाटका है। टोटल छह हैं। जम्मू कश्मीर हुआ करता था तो हट गया। अब तो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका तीन ये हो गए और तीन ऊपर के महाराष्ट्र, यूपी, बिहार छह। तो टोटल छह हैं जहां पर द्विसदनीय है बाकी सभी एक सदनीय वाले हैं। तो यहां पर आप देख लो तेलंगाना हो जाएगा बिहार है उत्तर प्रदेश लेकिन मध्य प्रदेश नहीं होगा तो इस तरह लेखपाल के एग्जाम में आया था यह तो उत्तर आपका मध्य प्रदेश यहां हो जाएगा। एक सदन विधायिका वह व्यवस्था है जिसमें राज्य विधानमंडल में केवल एक सदन होता है। राज्य विधानमंडल के दो पार्ट विधानसभा जहां पर एमएलए होते हैं और विधान परिषद जो कि उच्च सदन होता है तो जिसे विधानसभा कहा जाता है दिए गए विकल्पों में तेलंगाना
1:05:08 बिहार उत्तर प्रदेश में विधान परिषद भी है। इसलिए इन राज्यों की विधायिका द्विसदनीय है। मध्य प्रदेश में विधान परिषद नहीं है और वहां केवल विधानसभा है। इसलिए मध्य प्रदेश की विधायिका एक सदनीय है। बढ़ते हैं आगे। अगला प्रश्न आपका पेट 2025 में देखो कैसे पूछा गया है भाई किस राज्य में द्विसदनीय विधानमंडल नहीं है समझ पा रहे हैं तो पेट 25 में भी पूछा गया था किस राज्य में द्विसदनीय विधानमंडल नहीं है भाई यूपी में है बिहार में है महाराष्ट्र में है तेलंगाना में आंध्र प्रदेश है तेलंगाना है आंध्र प्रदेश है कर्नाटका है यूपी बिहार तीन याद रखो यूपी बिहार यूपी से लगा बिहार फिर उधर पश्चिम चले जाना गुजरात के बगल वाला महाराष्ट्र तीन नीचे साउथ वाले तीन तेलंगाना आंध्र प्रदेश और कर्नाटका तो राजस्थान यहां नहीं होगा। तो यही उत्तर रहा आपका। ऑप्शन ए राइट आंसर होगा। बढ़ते हैं आगे। अगला
1:05:53 प्रश्न है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 170 में क्या कहा गया है कि राज्य विधानसभा में अधिकतम सदस्य दिया गया है और न्यूनतम कितने होंगे? तो मैक्सिमम 500 है और मिनिमम 60 है। तो यहां पर मैक्सिमम ऑप्शन यहां पर सी राइट आंसर। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 170 में कहा गया है कि राज्य विधानसभाओं की संरचना से संबंधित बातें। प्रत्येक राज्य की विधानसभा में 500 से अधिक सदस्य नहीं हो सकते। इस प्रावधान में न्यूनतम 60 सदस्य भी दिए गए हैं। और कुछ एक्सेप्शन है उनको छोड़कर आप देखोगे तो मिनिमम 60 ही है। तो मैक्सिमम कितने? मैक्सिमम 500 मिनिमम कितना? 60। अब अपवाद की बात नहीं होती है सिक्किम जैसे राज्यों वगैरह की। आगे देखो पेट में क्या पूछा गया था भाई? 25 में कि भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार संघ की कार्यकारी जो शक्ति है वो राष्ट्रपति में निहित होती है? जो एग्जीक्यूटिव पावर है
1:06:40 आपका यूनियन का किस में निहित होगी? तो राष्ट्रपति में। और यह आर्टिकल कौन सा रिलेट करेगा? सिंपल सी बात जो आर्टिकल होगा अब 52 से आपका सिरू ही है यूनियन ठीक है 51 तक आपका डीपीएसपी है 46 आपका डीपीएसपी में फॉल करेगा जो कमजोर वर्ग होंगे भाई स्टेट की जिम्मेदारी है जो कमजोर वर्ग होंगे उनके हितों की रक्षा करना आर्टिकल 21 फंडामेंटल राइट का है आपका जो कि लाइफ एंड लिबर्टी का है 21 ये आपका राइट टू एजुकेशन वाला है और यहां पर आपका 57 जो रेखा है 57 जो रिलेट करता है यह भी आपका यूनियन का आ जाता है और यह आपका जो राष्ट्रपति जी हैं इनका पुनः पुन अब जो है क्या है निर्वाचन हो सकता है पुनः दोबारा बन सकते हैं आर्टिकल 52 राष्ट्रपति का शुरू होता है और 53 में ही जो है वो जो राष्ट्र एग्जीक्यूटिव जो पावर दे रखी है संघ की कार्यकाल जो शक्ति है वो
1:07:26 राष्ट्रपति में ही निहित है तो ऑप्शन यहां पर आपका 53 सही होगा। ठीक है? आगे देखते हैं। अगला है आपका दोस्त भारतीय संविधान के अनुच्छेद 57 के अनुसार कोई व्यक्ति जो जो है क्या अभी 57 को पढ़के ही आ रहे हो राष्ट्रपति जो राष्ट्रपति के रूप में पद पर धारण करता है पद धारण किया है अन्य प्रावधानों के अधीन पुनः चुनाव के लिए पुनः निर्वाचन हो सकता है बिल्कुल राष्ट्रपति साहब है आगे बढ़ अमेरिका में तो दो ही बार है भाई मैक्सिमम दो बार बन सकता है कोई व्यक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 57 का विषय राष्ट्रपति के पुन पुनः निर्वाचन की पात्रता है। संविधान में यह स्पष्ट है कि जो व्यक्ति राष्ट्रपति के पद पर या पद पर है या रह चुका है या उस पद पर पुनः चुने जाने के लिए पात्र होगा। इस अनुच्छेद में प्रधानमंत्री अटर्नी जनरल या उपराष्ट्रपति का उल्लेख नहीं है? तो आर्टिकल 57 जो
1:08:14 रिलेट करता है वो राष्ट्रपति की पुनः प्रश्न है आपका निम्न में से कौन सा एक मुख्य सिद्धांत है? किसका मुख्य सिद्धांत है जिस पर संसदीय प्रणाली संचालित होती है? यहां पर आपका राइट आंसर बनेगा कार्यपालिका का विधायिका के प्रति उत्तरदायित्व। भाई विधायिका में कानून बनेगा आपका संसद में कार्यपालिका उसको इसके ऊपर जो है कार्य का पालन करती है और न्यायपालिका जो है क्या है लागू करवाती है। तो अपने यहां जैसे संसदीय जो प्रणाली आप जानते हो वास्तविक जो कार्यपालिका जो शक्ति है वैसे संवैधानिक तौर पर जो है नाम मात्र के लिए राष्ट्रपति लेकिन वास्तविक जो कार्य शक्ति है वह किसके पास है आप जानते हो प्रधानमंत्री जी के पास है और यह यहां जो संसद प्रणाली आप जानते हो ब्रिटिश से जो है वह संसदीय प्रणाली से प्रेरित
1:09:00 है। तो यहां पर पूछा गया संसदीय प्रणाली संचालित होती है तो कार्यपालिका का विधायिका के प्रति उत्तरदायित्व ऑप्शन यहां पर आपका राइट आंसर अगला प्रश्न है कि व्याख्या आप देख लीजिए कि संसदीय जो प्रणाली है वह कार्यपालिका का विधायिका के प्रति उत्तरदायित्व सिद्धांत पर संचालित होती है। संसदीय प्रणाली में राष्ट्रपति या सम्राट की प्रमुख मुख्य रूप से औपचारिक होती है प्रमुखता और मंत्रिमंडल के साथ प्रधानमंत्री प्रभावी शक्ति के संरक्षक
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