What is Philosophy: Exploring the Origin, Branches and Scope (Hindi)

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो दर्शनशास्त्र की अवधारणा को समझने के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डालता है। यह दर्शनशास्त्र शब्द की उत्पत्ति, इसकी शाखाओं (शुद्ध और अनुप्रयुक्त), परिभाषा और दर्शन करने के महत्व पर चर्चा करता है।

  • दर्शनशास्त्र एक व्यापक विषय है जो अस्तित्व, तर्क, ज्ञान, मूल्यों और मन सहित सब कुछ अध्ययन करता है।
  • दर्शनशास्त्र शब्द ग्रीक शब्द "फिलोसोफिया" से आया है, जिसका अर्थ है "ज्ञान का प्रेम"।
  • दर्शनशास्त्र को समझने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसमें शामिल हों और दार्शनिक प्रश्नों के साथ जुड़ें।

दर्शनशास्त्र क्या है?

यह खंड बताता है कि दर्शनशास्त्र क्या है। यह स्वीकार करता है कि दर्शनशास्त्र को सटीक रूप से परिभाषित करना मुश्किल है क्योंकि इसका दायरा बहुत व्यापक है। दर्शनशास्त्र में हर उस चीज का अध्ययन किया जा सकता है जो मौजूद है, यहां तक कि गैर-अस्तित्व भी। वक्ता श्रोताओं को दर्शनशास्त्र की कक्षाओं को जल्दबाजी न करने और सामग्री को धीरे-धीरे समझने के लिए प्रोत्साहित करता है।

दर्शनशास्त्र शब्द का अर्थ और उत्पत्ति

यह खंड "दर्शनशास्त्र" शब्द की व्युत्पत्ति और अर्थ की पड़ताल करता है। यह ग्रीक शब्द "फिलोसोफिया" से लिया गया है, जहाँ "फिलो" का अर्थ है प्रेम और "सोफिया" का अर्थ है ज्ञान। इस प्रकार, दर्शनशास्त्र का अर्थ है "ज्ञान का प्रेम"। यह शब्द ग्रीक से लैटिन, फिर पुरानी फ्रेंच और अंत में अंग्रेजी में आया, लेकिन इसका मूल अर्थ बरकरार रहा। दार्शनिकों को प्रेमियों के समान बताया गया है जो नए विचारों का पता लगाने और समझने के लिए उत्सुक रहते हैं। ज्ञान के प्रेम में, "ज्ञान" शब्द समझ और मानसिक स्पष्टता विकसित करने के प्रयास को दर्शाता है। 2600 साल पहले, पाइथागोरस ने खुद को दार्शनिक कहने वाले पहले व्यक्ति थे, उन्होंने जीवन की तुलना एक खेल के मैदान से की, जहाँ दार्शनिक दर्शक होते हैं जो सत्य को समझने और देखने के लिए होते हैं।

दर्शनशास्त्र की शाखाएँ या क्षेत्र

यह खंड दर्शनशास्त्र की शाखाओं पर केंद्रित है, जिन्हें दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है: शुद्ध दर्शनशास्त्र और अनुप्रयुक्त दर्शनशास्त्र। शुद्ध दर्शनशास्त्र में तर्कशास्त्र, ज्ञानमीमांसा, तत्वमीमांसा और नैतिकता शामिल हैं। तर्कशास्त्र तर्क के अध्ययन से संबंधित है, जिसमें मान्य और अमान्य तर्कों का विश्लेषण किया जाता है। ज्ञानमीमांसा ज्ञान के सिद्धांत की पड़ताल करती है, जिसमें ज्ञान की प्रकृति और सीमाओं की जांच की जाती है। तत्वमीमांसा अस्तित्व और वास्तविकता के सिद्धांत से संबंधित है, जिसमें उन चीजों की प्रकृति पर विचार किया जाता है जो मौजूद हैं। नैतिकता मूल्यों के सिद्धांत की पड़ताल करती है, जिसमें सही और गलत कार्यों को परिभाषित किया जाता है। अनुप्रयुक्त दर्शनशास्त्र में धर्म का दर्शन, विज्ञान का दर्शन, मन का दर्शन, भाषा का दर्शन, राजनीतिक दर्शन और अनुप्रयुक्त नैतिकता शामिल हैं।

तर्कशास्त्र को और स्पष्ट करने के लिए, वक्ता एक उदाहरण के रूप में एक मान्य तर्क और एक अमान्य तर्क प्रस्तुत करता है, जिसमें चक्रों का उपयोग करके तर्कों की वैधता को चित्रित किया गया है।

दर्शनशास्त्र की परिभाषा

यह खंड विकिपीडिया से दर्शनशास्त्र की परिभाषा की जांच करता है, जो इसे अस्तित्व, कारण, ज्ञान, मूल्य, मन और भाषा जैसे विषयों से संबंधित सामान्य और मौलिक प्रश्नों का व्यवस्थित अध्ययन बताता है। "सामान्य" का अर्थ है अमूर्त, जबकि "मौलिक" का अर्थ है अंतिम। वक्ता इन शब्दों को और स्पष्ट करता है, यह समझाता है कि सामान्य प्रश्न विशिष्ट वस्तुओं से जुड़े नहीं होते हैं, और मौलिक प्रश्न अंतिम प्रश्न होते हैं जिनके बाद कोई और प्रश्न नहीं पूछा जा सकता है।

दर्शन करना

यह खंड दर्शनशास्त्र को समझने के सबसे प्रभावी तरीके पर जोर देता है: दर्शन करना। दर्शनशास्त्र एक गतिशील विषय है जो लगातार विकसित हो रहा है। दर्शनशास्त्र को समझने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसमें शामिल हों, दार्शनिक प्रश्नों के साथ जुड़ें, दार्शनिकों को पढ़ें, उनके साथ चर्चा करें और समस्याओं को हल करने का प्रयास करें।

वीडियो के अंत में, वक्ता वीडियो में शामिल मुख्य बिंदुओं का सारांश प्रदान करता है, जिसमें दर्शनशास्त्र शब्द की उत्पत्ति, इसकी शाखाएँ और परिभाषा शामिल हैं।

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Transcript

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0:02 व्हाट इज फिलॉसफी यह हमारी पहली क्लास है और इस क्लास में हम इसी क्वेश्चन को डिस्कस करने वाले हैं कि फिलोसोफी है क्या यह क्वेश्चन अपने आप में एक फिलोसॉफिकल क्वेश्चन है जिसका एक्यूरेट आंसर दे पाना पॉसिबल नहीं है और इसका रीजन यह है कि फिलोसोफी का स्कोप बहुत ज्यादा वाइड है फिलॉसफी स्टडीज एवरीथिंग कोई भी चीज जो एजिस्ट करती है उसको फिलॉसफी में स्टडी किया जा सकता है अब जैसे ये हाइलाइटर है इसके बारे में भी आप फिलोसॉफिकल क्वेश्चन पूछ सकते हैं कि ऐसा इस हाइलाइटर में क्या है जो इसकी आइडेंटिटी को मेंटेन करता है यह हर पल हर सेकंड चेंज होता है लेकिन

0:49 फिर भी यह वही हाइलाइटर रहता है कैसे और अगर कोई चीज एजिस्ट नहीं करती जैसे नॉन एक्जिस्टेंस या नॉन बीइंग या जैसे मैरिड बैचलर या कोई राउंड ट्रायंगल तो उसको भी आप फिलॉसफी में स्टडी कर सकते हैं लेकिन फिर भी हम कोशिश करेंगे यह समझने की कि फिलॉसफी क्या है और हमारी जो क्लास है वह बिल्कुल आराम से चलेगी इसको आप फास्ट करने की गलती ना करें जैसे क्लास चल रही है उसको वैसे चलने दें और यह कोशिश करें कि पूरी क्लास को आप एक ही बार में कंप्लीट करें सो नाउ द क्वेश्चन इज व्हाट इज फिलोसोफी हम इस क्वेश्चन को चार डिफरेंट

1:36 वेज में आंसर करने की कोशिश करेंगे तो जो फर्स्ट वे है वह है द वर्ड इट सेल्फ द मीनिंग ऑफ द वर्ड फिलोसोफी फिलोसोफी वर्ड ग्रीक लैंग्वेज से आता है ग्रीक में एक वर्ड है फिलोसोफिया फिलो का मीनिंग है लव सोफिया का या सोफस का मीनिंग है विजडम फिलोसोफिया मींस लव ऑफ विजडम ग्रीक से यह वर्ड लैटिन में आता है फिर वहां से ओल्ड फ्रेंच में आता है ओल्ड फ्रेंच में कहते हैं फिलोसोफी लास्ट में है आई ई फिलोसोफी और फ्रेंच से इंग्लिश में आता है इंग्लिश में बन जाता है फिलोसोफी पी एच वाई लेकिन इसका मीनिंग सेम रहता है लव ऑफ विजडम और फिलोसोफर और लवर्स ऑलमोस्ट एक

2:23 जैसे होते हैं जैसे एक लवर जिससे प्यार करता है उसके बारे में सोचता रहता है उसके बारे में जदा से ज्यादा जानने की कोशिश करता है वैसे ही फिलोसोफर भी न्यू आइडियाज को एक्सप्लोर करते रहते हैं न्यू आइडियाज को एक्सप्लोर करना उन्हें समझना और उन्हें गहराई से जानना यह सब फिलोस फर्स को अच्छा लगता है और जो पुराने आइडियाज हैं उनके बारे में भी बार-बार उन्हें भी बार-बार एनालाइज करते रहते हैं और लव ऑफ विजडम में जो वर्ड है विजडम इस वर्ड से आप समझ गए होंगे कि यह सारा प्रयास कोई नॉलेज गेन करने के लिए या फिर कोई इंफॉर्मेशन डिवेलप करने के लिए नहीं है यह अंडरस्टैंडिंग डिवेलप करने के लिए है ये कंप्लीट अंडरस्टैंडिंग डेवलप करने

3:09 के लिए एक मेंटल क्लेरिटी डेवलप करने के लिए फिलॉसफी की जाती है 2600 साल पहले एक ग्रीक फिलोसोफर हुए उनका नाम था पैथ गरस पिगर या पाइथागोरस आपने उनकी थ्योरम का नाम सुना होगा पिगर थ्योरम मैथमेटिक्स में तो माना जाता है कि वह पहले ऐसे पर्सन थे पहले ऐसे पर्सन थे जिन्होंने फिलोसोफर वर्ड का यूज किया लियोन नाम से एक राजा था ग्रीक सिटी में उन्होंने जब पिगर को पूछा कि हु आर यू तो पिगर अस ने कहा कि आई एम ए फिलोसोफर पिगर ने फिर आगे इस वर्ड को एक्सप्लेन किया कि लाइफ जो है एक गेमिंग

3:56 फेस्टिवल जैसा है यहां एक के बाद एक गेम्स चलती रहती है तो कुछ लोग गेम्स में कंपीट करने आते हैं प्राइस के लिए मनी के लिए या फेमस होने के लिए उनका सारा ध्यान हमेशा हार जीत में रहता है और कुछ लोग ऐसे होते हैं जो यहां सामान बेचने के लिए आते हैं बिजनेस करने के लिए आते हैं उनका सारा ध्यान प्रॉफिट एंड लॉस में रहता है लेकिन फिलोसोफर इस लाइफ की गेम में एक दर्शक जैसा होता है दार्शनिक या स्पेक्टर जिसे हम कह सकते हैं और वह बस इस गेम को ऑब्जर्व करने के लिए आते हैं अंडरस्टैंड करने के लिए आते हैं उनका सारा ध्यान सिर्फ इसको समझने में होता है सत्य को जानने में होता है तो यह हमारा फर्स्ट वे है फिलॉसफी को

4:42 समझने का ट व्हाट इज फिलॉसफी बाय अंडरस्टैंडिंग द मीनिंग ऑफ द वर्ड फिलॉसफी यह प्रयास इतना ज्यादा सक्सेसफुल नहीं है इसलिए हम सेकंड वे पर चलते हैं तो फिलॉसफी को समझने के लिए सेकंड वे है कि हम फिलॉसफी की ब्रांचेस या फील्ड के बारे में बात करते हैं फिलॉसफी की जो ब्रांचेस हैं उन्हें दो मेजर फील्ड्स में दो मेजर पार्ट्स में डिवाइड कर सकते हैं फर्स्ट इज प्योर फिलोसोफी और सेकंड इज अप्लाइड फिलॉसफी जो प्योर फिलॉसफी है उसकी फोर ब्रांचेस हैं लॉजिक एपिस्टम जीी मेटा फिजिक्स एंड एथिक्स और इन ब्रांचेस के बारे में मैं आपको थोड़ा बहुत एक्सप्लेन कर देता हूं थोड़ा एक बेसिक इंट्रोडक्शन आपको दे देता हूं तो फर्स्ट है लॉजिक लॉजिक मींस द

5:30 स्टडी ऑफ रीजनिंग इस ब्रांच में हम बेसिकली वैलिड और इनवैलिड आर्गुमेंट को स्टडी करते हैं मोर प्रोसाइज हम यह कह सकते हैं कि हम ऐसे प्रिंसिपल्स ऐसे सिद्धांतों को स्टडी करते हैं जिससे हमें यह पता चल सके कि कोई आर्गुमेंट वैलिड है या इनवैलिड है जैसे एक आर्गुमेंट है ऑल ह्यूमंस आर मोर्टल सक्रेटीज इज अ ह्यूमन देयर फॉर सक्रेटीज इज मोर्टल इस आर्गुमेंट में ऊपर जो दोनों सेंटेंसेस हैं इन्हें हम क्या कहते हैं प्रेमिसेस इन्हें प्रेमिसेस कहते हैं और नीचे जो लास्ट में सेंटेंस लिखा है उसको कहते हैं कंक्लूजन तो जो प्रेमिसेस हैं वो कंक्लूजन को सपोर्ट करती हैं अगर यह सपोर्ट करती हैं तो आर्गुमेंट वैलिड है और अगर यह कंक्लूजन को सपोर्ट नहीं करती हैं तो आर्गुमेंट इनवैलिड है जैसे इस आर्गुमेंट में अगर यह दोनों

6:17 प्रेमिसेस ट्रू है तो कंक्लूजन फॉल्स नहीं हो सकता इट मींस य प्रेमिसेस इस कंक्लूजन को सपोर्ट करती हैं सो दिस आर्गुमेंट इज वैलिड लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि प्रेमिसेस ट्रू होती हैं लेकिन कंक्लूजन को सपोर्ट नहीं करती कंक्लूजन फाल्स हो जाता है जैसे एक आर्गुमेंट है ऑल सिंगर्स आर फेमस सचिन तेंदुलकर इज फेमस देयर फोर सचिन तेंदुलकर इज ए सिंगर अब यह जो आर्गुमेंट है इसमें आप देख सकते हैं कि यह जो दोनों प्रेमिसेस है वो ट्रू है सभी सिंगर्स फेमस होते हैं और सचिन तेंदुलकर भी फेमस है लेकिन दोनों प्रेमिसेस इस कंक्लूजन को सपोर्ट नहीं करती कि सचिन लकर एक सिंगर है तो यह एक इनवैलिड आर्गुमेंट

7:04 है दोनों प्रेमिसेस ट्रू होने के बाद भी कंक्लूजन ट्रू नहीं है और अगर आपको यह दोनों आर्गुमेंट समझने में कंफ्यूजन हो रही है तो मैं आपको एक डायग्राम की हेल्प से एक्सप्लेन कर देता हूं तो जो फर्स्ट आर्गुमेंट है उसके लिए हम एक तीन सर्कल्स लेते हैं एक छोटा सर्कल सक्रेटीज के लिए एक सर्कल ह्यूमंस के लिए और एक मोर्टल्स के लिए तीन सर्कल्स हम लेते हैं सेकंड प्रिमिस के अकॉर्डिंग सक्रेटीज इज ह्यूमन तो सक्रेटीज का सर्कल ह्यूमन के सर्कल के अंदर आ जाएगा ठीक है कि सक्रेटीज एक ह्यूमन है और फर्स्ट प्रिमिस के अकॉर्डिंग ऑल ह्यूमंस आर मोर्टल्स सो ऑल ह्यूमंस जो हैं वह मोर्टल्स के अंडर आ जाएंगे अब आप इसको ध्यान से देखिए कि जो सक्रेटीज है वह मोर्टल्स में आ चुके हैं तो यह बात सच है

7:51 कि सक्रेटीज इज मोर्टल तो यह आर्गुमेंट पूरी तरह से वैलिड है अब सेकंड आर्गुमेंट को देखते हैं इसमें भी हम तीन सर्कल ले लेते हैं के लिए एक सर्कल हो गया एक फेमस के लिए सर्कल हो गया एक सचिन के लिए सर्कल हो गया ऑल सिंगर्स आर फेमस तो सभी सिंगर्स जो है वह फेमस में आ जाएंगे फिर सचिन इज फेमस तो इसमें हम सचिन को फेमस के सर्कल में ले जाएंगे अब आप यह देखिए कि सभी सिंगर्स फेमस हैं सचिन भी फेमस है लेकिन सचिन सिंगर के सर्कल में नहीं आते हैं मतलब सचिन जो है सिंगर नहीं है तो दोनों प्रेमिसेस ट्रू होने के बाद भी यह कंक्लूजन कि सचिन एक सिंगर यह फॉल्स है दोनों प्रेमिसेस ट्रू होने के बाद भी कंक्लूजन फॉल्स है तो यह एक इनवैलिड आर्गुमेंट

8:38 है लॉजिक में वैसे हम गोले बना बनाकर आर्गुमेंट को चेक नहीं करते हैं यह सिर्फ आपको समझाने के लिए है और लॉजिक में आर्गुमेंट को एनालाइज किया जाता है कौन सा आर्गुमेंट वैलिड है कौन सा आर्गुमेंट इनवैलिड है और वैलिडिटी इनवैलिडिटी ये कैसे डिसाइड होती है करेक्ट रीजनिंग के क्या प्रिंसिपल्स होते हैं यह सब इसमें स्टडी किया जाता है यह लॉजिक की कंप्लीट इंट्रोडक्शन नहीं है यह बस एक बेसिक आईडिया है कंप्लीट लॉजिक के लिए मैं एक अलग से कोर्स प्रिपेयर करूंगा जिसमें 300 से 400 300 से 400 क्लासेस हो सकती हैं चाहे ज्यादा भी हो सकती हैं और लॉजिक जो है फिलॉसफी का एक इंटीग्रल पार्ट है इसके बिना इसके बिना फिलॉसफी पॉसिबल नहीं है अगर आप फिलॉसफी में इंटरमीडिएट या एडवांस लेवल पर जाना चाहते हैं तो आपको

9:24 लॉजिक इन डेप्थ में स्टडी करना होगा उसके बाद आते हैं सेकंड ब्रांच पे वो एपिस्टम जीी एपिस्टम जीी मींस थ्योरी ऑफ नॉलेज इसमें नॉलेज को स्टडी किया जाता है जैसे नॉलेज क्या है मैं क्या जान सकता हूं और मैं कैसे जान सकता हूं क्या हम जो देख रहे हैं अनुभव करते हैं क्या यह सब सच है और क्या ऐसी कोई नॉलेज है जो हमारे एक्सपीरियंस के परे है हमारे एक्सपीरियंस के बियोंड है ट्रुथ को हम कैसे डिफाइन कर सकते हैं व्हाट इज ट्रुथ तो इस टाइप के जो क्वेश्चंस है वो एपिस्टम जीी के अंदर आते हैं और थर्ड ब्रांच है मेटा फिजिक्स द थ्योरी ऑफ बीइंग द थ्योरी ऑफ रियलिटी थ्योरी ऑफ एक्जिस्टेंस एक्जिस्टेंस या अस्तित्व क्या है क्या एजिस्ट करता है और क्या एजिस्ट

10:11 नहीं करता है क्या नंबर एजिस्ट करते हैं जैसे चार पा छ या सात क्या यह नंबर सच में एजिस्ट करते हैं कि गॉड एक्जिस्ट करता है अल्टीमेट रियलिटी क्या है तो इस तरह के जो क्वेश्चंस है वह सभी मेटा फिजिक्स में आते हैं फोर्थ ब्रांच है एथिक्स की थ्योरी ऑफ वैल्यू गुड एंड बैड को हम कैसे डिफाइन कर सकते हैं राइट एंड रंग को हम कैसे डिफाइन कर सकते हैं मोरल एंड इ मोरल को हम कैसे डिफाइन कर सकते हैं व्हाट मेक्स एन एक्शन राइट और रंग डज मोरालिटी डिपेंड ऑन रिलीजन यह सब एथिक्स के अंदर स्टडी किया जाता है और एक फिफ्थ ब्रांच है एस्थेटिक्स की द स्टडी ऑफ ब्यूटी और द स्टडी ऑफ आर्ट

11:00 इसमें ब्यूटी को स्टडी करते हैं व्हाट इज ब्यूटी एंड व्हाई शुड वी पसू इट और कुछ स्कॉलर्स हैं जो इस एस्थेटिक्स की ब्रांच को एथिक्स के अंडर ही एथिक्स के अंदर ही कंसीडर करते हैं कुछ इसको सेपरेट कंसीडर करते हैं सेपरेट काउंट करते हैं तो हमारे केस में हम इसको एथिक्स के अंडर ही कंसीडर करेंगे एस्थेटिक्स वैसे तो एक बहुत ही वाइड सब्जेक्ट है लेकिन फिर भी हम इसको इसके साथ ही स्टडी करेंगे एथिक्स के साथ स्टडी करेंगे तो यह चार ब्रांचेस हैं प्योर फिलॉसफी के अंदर तो अभी बात करते हैं अप्लाइड फिलॉसफी की अप्लाइड फिलॉसफी में जो ब्रांचेस उनकी कोई लिमिट नहीं है इसमें कितनी भी ब्रांचेस हो सकती हैं लेकिन फिर भी जो रिकॉग्नाइज ब्रांचेस है उनको हम एक बार देख लेते हैं तो फर्स्ट है फिलॉसफी ऑफ

11:47 रिलीजन इसमें रिलीजन को स्टडी किया जाता है या मैं कहूं कि इसमें इस ब्रांच में गॉड को स्टडी किया जाता है गॉड की पॉसिबिलिटी को भी स्टडी करते हैं और जो सेकंड ब्रांच है वह है फिलॉसफी ऑफ साइंस यह एपिस्टम जीी से कनेक्टेड है क्योंकि इसमें साइंटिफिक मेथड्स को स्टडी किया जाता है उनकी वैलिडिटी को स्टडी करते हैं एपिस्टम जीी में जैसे मैंने आपको बताया था कि थ्योरी ऑफ नॉलेज तो साइंस के फील्ड में नॉलेज गेन करने के लिए जो मेथड्स यूज किए जाते हैं उन्हें साइंटिफिक मेथड्स कहते हैं और फिलॉसफी ऑफ साइंस में उन साइंटिफिक मेथड्स को स्टडी किया जाता है उन साइंटिफिक मेथड्स को एनालाइज किया जाता है और ये जो फिलॉसफी ऑफ साइंस है यह मेटा फिजिक्स के साथ भी रिलेटेड है क्योंकि साइंस के अंदर बहुत सी ऐसी चीजें

12:34 हैं जैसे क्वांटा और क्वार्क्स इनका एक्जिस्टेंस मेटा फिजिकली प्रॉब्लमैटिक है तो यह सब भी इसमें स्टडी किया जाता है फिर है फिलॉसफी ऑफ माइंड यह मेटा फिजिक्स के साथ कनेक्टेड है माइंड क्या है माइंड और बॉडी में क्या रिलेशन है और हाउ द माइंड इज रिलेटेड टू द बॉडी यह सब क्वेश्चन हम इसमें देखते हैं फिर है फिलॉसफी ऑफ लैंग्वेज तो नाम से ही पता चल रहा है कि इसमें लैंग्वेज को स्टडी करते हैं वर्ल्ड और लैंग्वेज के बीच में क्या रिलेशन है लैंग्वेज कैसे रियलिटी को रिप्रेजेंट करती है व्हाट इज़ मीनिंग व्हाट इज़ द नेचर ऑफ लैंग्वेज व्हाट इज़ द लिमिट ऑफ लैंग्वेज लैंग्वेज और थॉट के बीच में क्या रिलेशन है इस तरह के जो क्वेश्चंस हैं फिलॉसफी ऑफ़ लैंग्वेज में स्टडी किए जाते

13:20 हैं और फिर है पॉलिटिकल फिलॉसफी यह अप्लाइड फिलॉसफी की ओल्डेस्ट ब्रांच है एक बहुत ही फेमस फिलॉसफी है प्लेटो उनकी बुक है रिपब्लिक उस बुक में पॉलिटिकल फिलॉसफी को बहुत अच्छे से एनालाइज किया गया है हम उस बुक को भी डिस्कस करेंगे और फिर है अप्लाइड एथिक्स यह एथिक्स की व ब्रांच है जिसमें एथिक्स के प्रिंसिपल को स्पेसिफिक टॉपिक्स पर फोकस किया जाता है जैसे एथिक्स में पूछते हैं कि व्हाट इज राइट एंड व्हाट इज रंग तो अप्लाइड एथिक्स में पूछते हैं कि क्या अबॉर्शन राइट है क्या किसी को फांसी की सजा देना कैपिटल पनिशमेंट राइट है या रंग है इसी में बिजनेस एथिक्स एनवायरमेंटल एथिक्स बायो एथिक्स लीगल एथिक्स जैसे अलग-अलग ब्रांचेस आ जाते

14:06 हैं और आगे और भी काफी ब्रांचेस हैं जैसे फिलॉसफी ऑफ लॉजिक बायोलॉजी और सोशल साइंस मैथमेटिक्स फिलॉसफी ऑफ हिस्ट्री और ऐसी बहुत सारी ब्रांचेस इसमें आती हैं तो किसी भी फील्ड में जो सबसे हाईएस्ट डिग्री होती है उसे कहते हैं पीएचडी पीएचडी की फुल फॉर्म होती है डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी तो इसी बात से आप समझ सकते हैं कि फिलॉसफी सब्जेक्ट कितना वाइड है तो फिलॉसफी की कितनी भी ब्रांचेस हो सकती हैं लेकिन हम सिंपलीसिटी के लिए इस पैटर्न को फॉलो करते हैं कि प्योर फिलॉसफी में चार ब्रांचेस लॉजिक एपिस्टम जीी मेटा फिजिक्स और एथिक्स और अप्लाइड फिलॉसफी में छह ब्रांचेस यह छह ब्रांचेस कौन सी है फिलॉसफी ऑफ रिलीजन फिलॉसफी ऑफ साइंस माइंड

14:53 लैंग्वेज पॉलिटिकल फिलोसोफी एंड अप्लाइड एथिक्स तो यह सभी इसमें में आती है अब आते हैं थर्ड वे पर और थर्ड वे में हम डेफिनेशन के बेस पर फिलॉसफी क्या है यह जानने की कोशिश करेंगे तो हम विकिपीडिया से एक डेफिनेशन लेते हैं और विकिपीडिया के अकॉर्डिंग जो डेफिनेशन वहां दी गई है उसके अकॉर्डिंग फिलॉसफी इज ए सिस्टमिक स्टडी ऑफ जनरल एंड फंडामेंटल क्वेश्चंस कंसर्निंग टॉपिक्स लाइक एक्जिस्टेंस रीजन नॉलेज वैल्यू एंड माइंड एंड लैंग्वेज तो सिस्टमैटिक स्टडी क्या होती है सिस्टमैटिक स्टडी एक ऑर्गेनाइज वे में जो स्टडी की जाती है उसे कहते हैं लॉजिकल

15:40 वे में की जाती है और उसमें स्पेसिफिक मेथड्स का यूज करते हैं क्वेश्चंस को डीप एनालाइज करते हैं और साथ ही डॉक्यूमेंटेशन भी करते हैं तो ऐसी स्टडी को सिस्टमैटिक स्टडी कहा जाता है तो सिस्टमैटिक स्टडी क्या है वह हमें समझ में आ गया और एक्जिस्टेंस की बात की थी हमने मेटा फिजिक्स में की बात की थी लॉजिक में और नॉलेज की बात हमने की थी एपिस्टम जीी में वैल्यूज की बात की थी एथिक्स में फिलॉसफी ऑफ माइंड फिलॉसफी ऑफ लैंग्वेज य सब हमने डिस्कस किया था जब हमने फिलॉसफी की ब्रांचेस के बारे में बात की थी तो यहां तक डेफिनेशन एकदम क्लियर है लेकिन य जनरल और फंडामेंटल क्वेश्चंस का क्या मीनिंग है यह जो डेफिनेशन है बहुत ही अच्छी डेफिनेशन है वैसे और यह आपको हर किसी बुक

16:25 में मिल जाएगी लेकिन इस डेफिनेशन के साथ एक समस्या है समस यह है कि इस डेफिनेशन को समझाया नहीं जाता अगर आप इन दोनों वर्ड्स का मीनिंग समझ लेते हैं कि जनरल और फंडामेंटल क्या होता है तो आपको यह डेफिनेशन बहुत अच्छे से समझ में आ जाएगी और आपको यह भी समझ में आ जाएगा कि फिलॉसफी में किस तरह के क्वेश्चन पूछे जाते हैं तो पहले हम जनरल वर्ड को समझने की कोशिश करते हैं फिलॉसफी में जनरल का मीनिंग होता है एब्स्ट्रेक्ट और जनरल का उल्टा क्या होता है जनरल का उल्टा होता है स्पेशल जैसे फिलॉसफी में जिसे फिलॉसफी में कहते हैं कंक्रीट तो जैसे एप्पल एक कंक्रीट ऑब्जेक्ट है इसे हम देख सकते हैं टेस्ट कर सकते हैं टच भी कर सकते हैं और जब हम एप्पल की बात करते हैं तो हम एक स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट के बारे

17:10 में बात करते हैं इसका मतलब एप्पल एक कंक्रीट ऑब्जेक्ट है एक स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट है और दूसरी और जब किसी आईडिया की बात करते हैं तो आइडिया एक एब्स्ट्रेक्ट ऑब्जेक्ट होता है क्योंकि हम आईडिया को देख नहीं सकते टच नहीं कर सकते इट मींस आईडिया कोई स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट नहीं है जब हम आईडिया की बात करते हैं तो हम किसी स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट के बारे में बात नहीं कर रहे होते हैं इसलिए ऐसे ऑब्जेक्ट्स को एब्स्ट्रेक्ट ऑब्जेक्ट कहा जाता है अब हम एक क्वेश्चन पूछते हैं व्हाट इज दैट नॉइस ठीक है व्हाट इज दैट नॉइस तो हम यहां पर किसी खास नॉइस की बात कर रहे हैं किसी स्पेसिफिक नॉइस की बात कर रहे हैं तो यह एक कंक्रीट क्वेश्चन है क्योंकि इसमें एक स्पेसिफिक नॉज की बात हो रही है अब हम इसी क्वेश्चन को फिर से पूछते हैं हम

17:57 पूछते हैं कि व्हाट इज नॉइस अब हम दैट नॉइस की बात नहीं कर रहे हैं अब हम सिर्फ नॉइस की बात कर रहे हैं तो अब यह पहले से कम स्पेसिफिक हो गया है पहले से कम कंक्रीट हो गया है तो इसमें हम यह कह सकते हैं कि जनरल क्वेश्चन एक जनरल क्वेश्चन इसे कहा जा सकता है लेकिन पूरी तरह से अभी जनरल क्वेश्चन नहीं हुआ है पूरी तरह से यह एब्स्ट्रेक्ट नहीं हुआ है क्योंकि अभी भी हम किसी नॉइस की बात कर रहे हैं तो दुनिया में बहुत सारी घटनाएं घटती हैं और सभी घटनाओं में यह भी एक घटना होती है हम इसे और ज्यादा करने की कोशिश करते हैं और ज्यादा एब्स्ट्रेक्ट करने की कोशिश करते हैं हम फिर पूछते हैं व्हाई इवेंट्स हैपन अब यह पहले से भी ज्यादा जनरल या एब्स्ट्रेक्ट क्वेश्चन हो गया है इस क्वेश्चन को हम कह सकते हैं कि य फिलॉसफी

18:43 का क्वेश्चन है अ फिलॉसफी में आ चुके हैं तो एक खास नॉइस की बात करना कंक्रीट या स्पेसिफिक सिर्फ नॉइस की बात करना जनरल या एब्स्ट्रेक्ट और सभी इवेंट्स की बात करना मींस पहले से भी ज्यादा जनरल या एब्स्ट्रेक्ट तो हम एक फॉर एग्जांपल लेते हैं जैसे ये एक सेंटेंस है यहां हम क्वेश्चन करते हैं कि व्हाट इज द मीनिंग ऑफ दिस सेंटेंस हम एक स्पेसिफिक सेंटेंस के मीनिंग की बात कर रहे हैं तो यह कंक्रीट क्वेश्चन हो जाएगा क्योंकि यह क्वेश्चन किसी स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट से किसी स्पेसिफिक सेंटेंस के साथ कनेक्टेड है और हम फिर पूछते हैं कि व्हाट इज द मीनिंग ऑफ ए सेंटेंस ए सेंटेंस अब हम किसी स्पेसिफिक सेंटेंस के मीनिंग की बात नहीं कर रहे हैं हम सभी सेंटेंसेस के मीनिंग की बात कर रहे हैं तो यह जनरल या एब्स्ट्रेक्ट क्वेश्चन

19:29 हो गया क्योंकि यह किसी स्पेसिफिक सेंटेंस से जुड़ा हुआ नहीं है यह सभी सेंटेंसेस की बात कर रहा है तो हम इसको और आगे ले जाते हैं हम पूछते हैं कि व्हाट इज मीनिंग यह और ज्यादा एब्स्ट्रेक्ट क्वेश्चन हो गया अब ना तो यह किसी स्पेसिफिक सेंटेंस से जुड़ा है और ना ही सेंटेंसेस जितने भी सेंटेंसेस है उनके साथ जुड़ा है ये किसी भी कंक्रीट रेफरेंस के साथ जुड़ा हुआ नहीं है अब हम फिलॉसफी में आ चुके हैं तो यह जो क्वेश्चन है यह किसी स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट के साथ अटैच नहीं है किसी स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट के साथ कनेक्टेड नहीं है यह एक जनरल एंड एब्स्ट्रेक्ट क्वेश्चन है तोब हम बात करते हैं फंडामेंटल क्वेश्चंस के बारे में फंडामेंटल को फिलॉसफी में क्या कहते हैं अल्टीमेट अल्टीमेट

20:15 क्वेश्चंस तो इसको भी हम एक एग्जांपल की हेल्प से समझने की कोशिश करते हैं तो जैसे कि हम जानते हैं कि हर बात के पीछे कोई ना कोई रीजन होता है कोई ना कोई कॉज होता है तो जैसे क्वेश्चन लेते हैं कि व्हाई डिड ही फेल वह क्यों गिर गया कोई पर्सन गिर गया तो हम पूछते हैं कि वो क्यों गिर गया तो इसका आंसर हो सकता है बिकॉज़ ही वाज ड्रंक बिकॉज़ ही वाज ड्रंक क्योंकि उसने पी रखी थी हम फिर फिर पूछ सकते हैं कि उसने क्यों पी रखी थी तो आंसर होगा बिकॉज़ ही वाज नॉट हैप्पी तो हम फिर पूछ सकते हैं कि वो हैप्पी क्यों नहीं था तो आंसर होगा बिकॉज़ ही वाज डिवोर्स तो ऐसे हर बार हम पूछ सकते हैं कि क्यों ऐसा क्यों हुआ तो यह क्वेश्चन अल्टीमेट या फंडामेंटल क्वेश्चंस नहीं होते क्योंकि हम

21:02 हर बार आंसर के साथ एक नया क्वेश्चन पूछ सकते हैं और यह लाइन आगे से आगे चलती ही जाएगी फंडामेंटल क्वेश्चन या अल्टीमेट क्वेश्चन वो क्वेश्चन होता है जो सबसे लास्ट क्वेश्चन होता है जो सबसे लास्ट क्वेश्चन होगा उसे हम फंडामेंटल क्वेश्चन कहेंगे इस चैन को हम आगे से आगे ले जाते हैं और बार-बार क्वेश्चन करते रहते हैं तो एक क्वेश्चन आएगा व्हाट इज द फर्स्ट कॉज पहला कॉज क्या है कि यह सब शुरू कहां से हुआ तो यह एक फंडामेंटल क्वेश्चन है य एक अल्टीमेट क्वेश्चन है तो यह मीनिंग है फंडामेंटल या अल्टीमेट क्वेश्चंस का तो यह अल्टीमेट क्वेश्चन इस तरह के होते हैं अप्रॉक्सिमेट्स क्ट जो किसी स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट के साथ

21:49 कनेक्टेड नहीं है और फंडामेंटल या अल्टीमेट क्वेश्चंस ऐसे क्वेश्चन जिनके बाद कोई और क्वेश्चन नहीं पूछा जा सकता जो अ जो एप्रोक्सीमेट क्वेश्चन नहीं होते हैं अब हम इस डेफिनेशन को एक बार फिर से देखते हैं फिलॉसफी एक सिस्टमिक स्टडी है सिस्टमैटिक स्टडी मींस ऑर्गेनाइज्ड स्ट्रक्चर्ड लॉजिकल मेथड एंड डॉक्यूमेंटेशंस को हम स्टडी करते हैं इसमें हम जनरल और फंडामेंटल क्वेश्चंस को स्टडी करते हैं जनरल मींस एब्स्ट्रेक्ट जो किसी स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट से कनेक्टेड नहीं है और फंडामेंटल मींस अल्टीमेट जो सबसे अंतिम क्वेश्चन है ऐसे क्वेश्चंस को हम इसमें स्टडी करते हैं और यह क्वेश्चन किस टॉपिक के बारे में पूछे जाते हैं एक्जिस्टेंस रीजन नॉलेज वैल्यू माइंड और लैंग्वेज के बारे में तो

22:37 यह हमारा प्रयास था डेफिनेशन की हेल्प से यह समझने का ट व्हाट इज फिलोसोफी अब आते हैं फोर्थ एंड लास्ट पेपर फिलॉसफी क्या है यह समझने के लिए यह सबसे इफेक्टिव मेथड है और इससे इफेक्टिव मेथड कोई और नहीं हो सकता इस मेथड का नाम है डूइंग फिलॉसफी फिलॉसफी कोई स्टैटिक कोई फिक्स्ड या कोई डेड चीज नहीं है यह एक डायनेमिक और लिविंग सब्जेक्ट है इसमें हर रोज नए बदलाव होते रहते हैं और एक नदी की तरह यह लगातार चलती रहती है तो फिलॉसफी को समझने के लिए यह सबसे अच्छा रास्ता है कि इसमें इवॉल्व होना और फिलॉसफी के जो क्वेश्चंस हैं उनके साथ दो-दो हाथ करना और यही हम आगे की वीडियोस में करने वाले

23:23 हैं और जब आप सभी फिलोसोफर को पढ़ेंगे उनके साथ डिस्कशन करेंगे उनकी प्रॉब्लम्स को समझेंगे और उनको सॉल्व करने की कोशिश करेंगे तो आप अपने आप समझ जाएंगे कि फिलॉसफी है क्या तो वीडियो को एंड करने से पहले मैं आपको एक बेसिक जो समरी है वह दे देता हूं जो भी हमने इस वीडियो में अभी तक पढ़ा उसके बारे में आपको मैं बता देता हूं तो फिलॉसफी वर्ड जो है वह ग्रीक वर्ड से आता है ग्रीक सॉरी ग्रीक लैंग्वेज से आता है और इसका मीनिंग है लव ऑफ विजडम फर्स्ट टाइम इसे पिगर उस ने यूज किया था 2600 साल पहले और फिलॉसफी की जो ब्रांचेस हैं उन्हें दो कैटेगरी में डिवाइड किया जा सकता है प्योर फिलॉसफी और अप्लाइड फिलॉसफी प्योर फिलॉसफी में चार ब्रांचेस हैं लॉजिक एपिस्टम जीी

24:09 मेटा फिजिक्स और एथिक्स और अप्लाइड फिलॉसफी में बहुत सारी ब्रांचेस हो सकती हैं लेकिन जो मेन ब्रांचेस हैं उनका नाम है फिलॉसफी ऑफ रिलीजन साइंस माइंड लैंग्वेज पॉलिटिकल फिलॉसफी और अप्लाइड एथिक्स तो यह सब इसकी मेन ब्रांचेस हैं और फिलॉसफी एक सिस्टेमेयर वैल्यू माइंड और लैंग्वेज से रिलेटेड जनरल एंड फंडामेंटल क्वेश्चंस को स्टडी करते हैं ठीक है तो फिलॉसफी एक डायनेमिक सब्जेक्ट है और इसका मीनिंग समझने के लिए इसके मीनिंग को सही से समझने के लिए फिलॉसफी में इवॉल्व होना होगा ठीक है तो इस वीडियो में इतना ही मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में अगर आपका कोई सजेशन है इस वीडियो से रिलेटेड तो आप मुझे इस अ

24:56 वीडियो के कमेंट सेक्शन में लिख सकते हैं और जैसे-जैसे मैं नेक्स्ट वीडियोस बनाता जाऊंगा वैसे-वैसे आपके सजेशंस के अकॉर्डिंग वीडियोस को इंप्रूव करता जाऊंगा और आपके जो क्वेश्चंस होंगे उन्हें भी नेक्स्ट वीडियोस में इंक्लूड करता जाऊंगा तो इस वीडियो में इतना ही थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस वीडियो

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