ये 6 तरीके अपना लो कम समय में कम दिमाग लगा कर हर EXAM में 100% दे पाओगे|BEST STUDY TIPS 100% RESULTS

Anubhav Jain www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझावों पर प्रकाश डालता है, जिसमें सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करना, ब्रेक लेना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, और प्रभावी अध्ययन तकनीकों का उपयोग करना शामिल है। यह वीडियो छात्रों को आत्मविश्वास बढ़ाने और तनाव को कम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

  • सुबह जल्दी पढ़ाई करने का महत्व
  • ब्रेक और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व
  • प्रभावी अध्ययन तकनीकों का उपयोग

अपनी बॉडी क्लॉक को समझें

सबसे पहले, यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि आप रात्रिचर हैं या सुबह के व्यक्ति। कुछ लोग रात में अधिक सक्रिय होते हैं, जबकि अन्य सुबह में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। यदि आप रात में सक्रिय हैं, तो सुबह 5 से 7 बजे तक पढ़ाई करने की सलाह देना हानिकारक हो सकता है। इसलिए, यह तय करें कि आपको कौन सा समय सबसे अच्छा लगता है। सुबह 4:30 से 7:30 बजे का समय सबसे अच्छा होता है क्योंकि इस समय आपका दिमाग तरोताजा होता है और आप चीजों को बेहतर ढंग से याद रख पाते हैं। यदि आप रात के व्यक्ति हैं, तो रात 10 बजे से 1 बजे तक या 1 बजे से 4 बजे तक का समय भी अच्छा होता है।

आसान से शुरुआत करें

परीक्षा के समय, आसान विषयों से शुरुआत करें, खासकर जब समय कम हो। सुबह का समय दिन के किसी अन्य समय की तुलना में अधिक प्रभावी होता है। यदि आप सुबह 3 घंटे में 5 घंटे की पढ़ाई कर लेते हैं, तो पूरे दिन का दबाव कम हो जाता है।

ब्रेक और मस्ती

सुबह के सत्र के बाद, ब्रेक लें। नहाएं, नाश्ता करें, मंदिर जाएं, या टहलें। पूरे दिन में, 5 घंटे केंद्रित रहें, जिसमें आप पढ़ेंगे और अभ्यास करेंगे। इसे दो-दो घंटे के तीन सत्रों में करें: 10 से 12, 2 से 4, और 6 से 8। खूब मस्ती करें और सोएं। उच्च पोषण वाला भोजन खाएं, फल और सब्जियां खाएं, अच्छे गाने सुनें, टहलने जाएं, दोस्तों से सकारात्मक बातें करें, अपना पसंदीदा शो देखें, और खेल खेलें।

मूर्ख छात्र

यदि आप एक मूर्ख छात्र हैं, तो आप भाग्यशाली हैं क्योंकि आपको कठिन परिस्थितियों से निकलने का रास्ता पता है। आसान विषयों से शुरुआत करें ताकि आपको आत्मविश्वास मिले। सबसे विस्तृत किताब से पढ़ाई करें जो मूल बातें समझाती है। यदि आप प्रतिभाशाली नहीं हैं, तो आपको चीजों को विस्तार से समझना होगा।

खुद को पढ़ाओ

अपने आप को एक बुद्धिमान शिक्षक की तरह पढ़ाएं। अपने आप को दो हिस्सों में विभाजित करें: एक मूर्ख छात्र और एक समझदार शिक्षक। यदि आपको कोई विषय समझ में नहीं आता है, तो अपने अंदर के शिक्षक को जगाएं और सभी संसाधनों का उपयोग करके उस विषय को समझने की कोशिश करें। महत्वपूर्ण बिंदुओं को लिखें और नोट्स बनाएं, और फिर उन नोट्स को बार-बार दोहराएं।

मॉक टेस्ट

मॉक टेस्ट पढ़ने, अभ्यास करने, आत्मविश्वास हासिल करने और सीखने का एक शानदार तरीका है। जितना अधिक आप मॉक टेस्ट देंगे, उतना ही आपको फायदा होगा। हर दिन एक घंटा मॉक टेस्ट को दें। डीमोटिवेट न हों, यह सीखने का मौका है।

अंतिम सुझाव

परीक्षा के समय हस्तमैथुन से बचें, क्योंकि यह आपके दिमाग को कमजोर करता है और आपको आलसी बनाता है। बिस्तर पर न बैठें, टेबल और कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई करें। सुबह नहाएं और अच्छे कपड़े पहनें। पोर्न न देखें। तनाव में भोजन न करें। फल और स्वस्थ चीजें खाएं। हाइड्रेटेड रहें। बार-बार पानी पिएं। प्रत्येक अध्ययन सत्र के बाद, 15-20 मिनट की सैर पर जाएं। एक विषय सूची बनाएं और जैसे ही आप किसी विषय को कवर करते हैं, उस पर टिक करें।

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Transcript

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0:01 सबसे पहले आपको आइडेंटिफाई करना है कि आप नाइट पर्सन हो या मॉर्निंग पर्सन हो। कुछ लोग रात को ज्यादा एक्टिव होते हैं। उनका रिदमम रात को ज्यादा बेटर काम करता है। कुछ लोगों का सुबह ज्यादा करता है। ज्यादातर लोगों का सुबह ज्यादा करता है। तो जिसको रात में जगना अच्छा लगता है, रात में एक्टिव होता है। मैं उसको कह दूं कि सुबह पांच से सात पढ़ाई कर लो। तो उसका नुकसान होगा। इसलिए पहले तय कर लो आपको क्या टाइम सूट करता है। पूरे दिन में बेस्ट समय जो रिटेंशन का होता है। सबकॉन्शियस माइंड खुला होता है। सबसे ज्यादा आप याद रख पाते हो मेमोराइज कर पाते हो वो है 4:30 से 4:30 का समय। उससे पहले उठोगे तो नींद में उठोगे। बहुत मजबूरी में उठोगे। और टाइम से सो गए। 9:30 सो गए तो 4:30 बहुत बढ़िया उठोगे। 4 बजे उठ जाओगे। 4:30 तक फ्रेश हो जाओगे। यह

0:47 4:30 से 4:30 का समय ऐसा है कि आपका दिमाग उस समय एक ताजे खिले फूल की तरह गुलाब की तरह होता है। इसमें कोई कॉम्प्लेक्स साइंस को नहीं घुसेड़ते। रात भर आपके दिमाग को आराम मिला है, चैन मिला है, एक्टिव विषयों से अलग हटा है। एक्टिव तनावों से अलग हटा है। सफाई हुई है वो रिसेट हुआ है। विषय चेंज होने से दिमाग रिसेट होता है। अब चाहे डीप स्लीप हो या सपना ना आए या फिर सपना आए जो बिल्कुल अनरिलेटेड हो जो भी आपके साथ हो रहा है उससे तो आपका दिमाग रिसेट होता है। और इस समय ज्यादा मैटर्स आपके दिमाग के चारों तरफ नहीं होते। धुंधलापन नहीं होता, कंफ्यूजन नहीं होती। आसपास वैसे भी शांति का माहौल होता है, पीस होती है, नॉइज़ पोलशन नहीं होता। शरीर को, पेट को रेस्ट मिल चुका होता है। उस वजह से भी आप फ्रेश

1:34 होते हो। और अगर दूसरे पर्सेक्टिव से देखें तो आपका सबकॉन्शियस माइंड बहुत एक्टिव होता है। यह ब्रह्म मुहूर्त है। सबसे खास समय है। किसी कारण से इसको खास बनाया गया है। और अगर आप एक नाइट पर्सन तो अगर आप सोना नहीं चाहते बिना सोए शुरू करना चाहते हो तो रात को 10 से एक और थोड़ी देर सोकर शुरू करना चाहते हो तो एक से चार तीन-चार घंटे सोने के बाद ये समय भी बहुत अच्छे होते हैं। शांति का समय होता है। दुनिया सोने लग जाती है। एक अच्छी सी कॉफी बनाओ, चाय बनाओ। चुस्की लेकर शांति से धीरे-धीरे आसान चीजों से शुरुआत करो। क्योंकि रात के समय अगर कॉम्प्लेक्स टॉपिक उठा लिया, फंसे रह जाओगे, पूरा टाइम बीत जाएगा, पता भी नहीं चलेगा। यह टाइम बड़ा क्रूशियल होता है।

2:21 एग्जाम्स में जब मैं लास्ट नाइट जग के पढ़ाई करता था ना, कुछ भी नहीं आता था। पास फेल की नौबत होती थी। तो, मैंने कई बार ऐसा धोखा खाया, एक टफ टॉपिक पकड़ लिया जो इंपॉर्टेंट था। पूरी रात निकल गई उसमें। कई घंटे बीत गए पता ही नहीं चला। वो टॉपिक तो कर लिया। बाकी चीजें जो आसान थी जिनकी वेटेज बहुत ज्यादा थी वो छोड़ दी। तो रात में पढ़ाई जब भी होगी इजी टॉपिक से होगी। खासकर जब जब टाइम बहुत सीमित है। एकद दिन बाद ये एग्जाम है। अभी जो तीन घंटे मैंने आपको बताए ना खासकर सुबह वाला समय ये कम से कम 5 घंटे के बराबर होते हैं। दिन का जो समय होता है उससे कंपेयर करो तो। तो मैं नहीं समझता है कि इंसान 10 घंटे से ज्यादा दिन में पढ़ सकता है। उसे पढ़ना भी चाहिए। तो अगर सुबह-सुबह ही 3 घंटे में 5

3:08 घंटे की पढ़ाई हो गई तो पूरे दिन पर से प्रेशर हट गया। 7:30 बजे सुबह आपका आधा काम हो गया जब दुनिया सोकर उठ रही है। हम नेक्स्ट पॉइंट पे आते हैं। जब आपका ये अर्ली मॉर्निंग सेशन खत्म हो गया। एक ब्रेक दो। खुद को बढ़िया ब्रेक दो। नहाओ धो नाश्ता करो। मंदिर जाओ दर्शन करो, वॉकिंग करो। अब पूरे दिन में आपको फोकस्ड डिलिजेंट 5 घंटे चाहिए जिसमें आप रीडिंग करोगे, प्रैक्टिस करोगे और मैं सजेस्ट करता हूं दो-द घंटे के तीन पैचेस में ये कर डालो। 10 से 12, दो से चार, छ से आठ। सिंपल नहीं है बहुत। पूरी मस्ती भी कर सकते हो।

3:54 छ और पांच 11 घंटे हो गए लगभग ऑफ प्रोडक्टिविटी तो तीन सेशन लेने हैं उस रात और सुबह वाले सेशन के अलावा दो-द घंटे के और उनके साथ-साथ मस्ती में सोना है। खूब सोना है। सोने से मत भागो। नींद से मत भागो। नींद इंसान को हमेशा फ्रेश करती है। अगर नींद सिर्फ चिंता और आलस की ना हो कि पड़े हुए हो। सो नहीं रहे हो। जितना सो सकते हो सो। हाई न्यूट्रिशन का फाइबर वाला खाना खाओ। फल सब्जी खाओ, अच्छे गाने सुनो। बाहर वॉकिंग पे जाओ। दोस्तों से पॉजिटिव बातें करो। अपना फेवरेट शो देखो। स्पोर्ट्स भी खेलो। एग्जाम के टाइम में भी स्पोर्ट्स खेलो। बहुत ज्यादा हेक्टिक ना हो जाए। शरीर पे बहुत ज्यादा लोड ना हो। पर माइंडली जरूर खेलो। इससे आपका फोकस भी बढ़ेगा और दिमाग में जो भी पड़ा है वो रिटेन भी होगा।

4:40 अगर आप भी मेरी तरह एक मूर्ख छात्र हो। इफ यू आर अ डम स्टूडेंट लाइक मी। यू आर लकी। यू आर प्रिविलेज्ड। बिकॉज़ यू नो द वे आउट ऑफ अ टर्बुलेंट फ्लाइट। क्योंकि हम और आप जैसे मूर्ख लोगों को कठिन परिस्थिति में से निकलने का रास्ता पता है। हम कंफ्यूज नहीं होते। कंफ्यूज वो होता है जिसके पास बहुत सारे ऑप्शन होते हैं जो उनके बीच में घूमता रहता है। बेस्ट क्या है? बेस्ट क्या है? बेस्ट क्या है? और कुछ नहीं कर पाता। वो इंसान चौराहे के बीच में नींबू और मिर्ची की तरह खड़ा रह जाता है। हमारे लिए एक सीधा-सीधा रास्ता है। शुरुआत करो सबसे आसान टॉपिक से जिससे कि अपने अंदर कॉन्फिडेंस आए। हां मैं कर सकता हूं। और हमें पढ़ाई करनी है सबसे डिटेल्ड किताब से जो बिल्कुल बेसिक्स को खोल कर रखते। हर

5:27 चीज को एक एग्जांपल से समझाएं। वो दिखने में बहुत मोटी हो, डरावनी हो पर एक मां की तरह आपको प्यार करे समझाए। यह दो पॉइंट याद रखना। अगर आप कोई जीनियस नहीं हो जैसे मैं भी नहीं हूं और मैं यह मानता हूं जो इंसान जीनियस नहीं है जिसका दिमाग बहुत ज्यादा तेज नहीं है वो रट्टू तोता नहीं बन सकता मैं तो नहीं बन सकता मुझे खाली एक नंबर रटवा दो मिनट में मुझे वो नंबर याद नहीं रहेगा दिमाग से उड़ जाएगा और इसका मतलब है आप रट नहीं सकते तो आपको समझना ही पड़ेगा डिटेल में प्यार से धीरे-धीरे और कोई ऑप्शन ही नहीं है चाहे आप स्लो बन जाओ चाहे कम सिलेबस कवर कर पाओ पढ़ना डिटेल में पड़ेगा, प्यार से पढ़ेगा, समझ समझ के पढ़ेगा। और मेरी एक और बात का भरोसा करना कि यू आर द फास्टेस्ट।

6:15 जिस क्षण आपने मोमेंटम गेन कर लिया, आपको कोई पछाड़ नहीं पाएगा। क्योंकि पढ़ाई करने का सबसे बेहतरीन तरीका भी यही है। दोस्तों, मैंने ना हमेशा अपने आपको एक बहुत बुद्धिमान टीचर की तरह खुद पढ़ाया है। अपने आपको दो हिस्सों में डिवाइड कर लिया। एक है मूर्ख नालायक छात्र स्टूडेंट एक है समझदार टीचर जो इसको सब कुछ सिखाएगा प्यार से सिखाएगा तो अगर कोई टॉपिक मुझे समझ में नहीं आता कॉम्प्लेक्स लगता तो मेरे अंदर का टीचर जाग जाता कोई बात नहीं तू चिंता मत कर फिर मैं सारी रिसोर्सेज को यूज़ करके जितना समझ पाता उतना उस कॉम्प्लेक्स टॉपिक को समझता और लाइन बाय लाइन पॉइंट बाय पॉइंट जितना समझ में आ रहा है खुद को ही समझाता देख ये चीज ऐसे होगी देख ये चीज ऐसी होगी और फिर होता है जादू कॉम्प्लेक्स से कॉम्प्लेक्स टॉपिक मुझे

7:00 समझ में आ जाता है क्योंकि मैंने अपने एक हिस्से को भरोसेमंद बनाया, कॉन्फिडेंट बनाया। उसको यकीन है कि वो कर लेगा, वह समझा देगा। फिर उसने बहुत प्यार से सारी रिसोर्सेज को खंगाल कर पढ़ा। समझाने के भाव से पढ़ा। फिर समझाया। इस प्रोसेस में मुझे सब कुछ समझ में आ गया। इसके साथ-साथ मैं अपने आप को ही एक सब्जेक्ट में, एक सिलेबस में, एक किताब में से सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट्स पिक करता, अंडरलाइन करता, वह समझाता, उनको लिखवाता, खुद को नरेट करता, खुद लिखता। उनके नोट्स बनवाता और फिर उन नोट्स को एक मूर्ख छात्र की तरह बार-बार रिवाइज करता। भरोसा रखना ये टिप बहुत हेल्प करती है। खासकर नोट्स बनाने वाली। इंपॉर्टेंट चीजों के। पहले पूरा पढ़ो

7:46 डिटेल में। फिर जो जो पॉइंट इंपॉर्टेंट लगे या हेडर्स इंपॉर्टेंट लगे उनको लिख दो। उन पॉइंटर्स को देखते ही आपको याद आ जाएगा मैंने कब लिखे थे, क्यों लिखे थे, किस कारण से इसको चुना था। दोस्तों, मॉक टेस्ट जो होते हैं ना, वैसे आपको पता होगा, कईयों को नहीं भी पता होगा। बहुत ही बेहतरीन तरीका है पढ़ने का, प्रैक्टिस का, एग्जाम्स की कॉन्फिडेंस पाने का और सीखने का भी। जितने ज्यादा एक इंसान मॉक टेस्ट दे सकता है, अब तो किताबें आती हैं। उतना ज्यादा उसको फायदा। अलग-अलग क्वेश्चंस का, इनडायरेक्ट क्वेश्चंस का किस तरीके से चीजें पूछी जाती हैं। एग्जाम टाइम पे चीजें याद रहे उसकी प्रैक्टिस होती है। और जो नया टॉपिक आपने उस मॉक टेस्ट के थ्रू सीखा है ना? पहले आपने वो पेपर दिया वो

8:32 नहीं याद रहा। या नहीं पता चला क्या है? कंफ्यूज हो गए, छोड़ दिया। फिर बाद में उसका पता करा। उसका आंसर देखा। वो आप आसानी से नहीं भूलोगे। तो दिस इज रियल लाइक प्रैक्टिस ऑलमोस्ट इन एक्चुअल एनवायरमेंट। मैं तो कहूंगा हर दिन एक घंटा मॉक टेस्ट को जरूर दो। चाहे उसमें अभी 33 आ रहे हो, 20 आ रहे हो, 100 में से 40 आ रहे हो, जो मर्जी आ रहे हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। डीमोरलाइज नहीं होना। सीखने का मौका है वही। एक एग्जाम में, मॉक टेस्ट में 100 में से 20 आए तो 80 मार्क की चीजें अब आप सीखोगे। एक जरूरी बात और कहना चाहता हूं। एग्जाम्स के समय में बच्चों की मास्टरबेशन बहुत बढ़ जाती है। रीजन बीइंग कमरे में पूरे दिन

9:19 बैठ के पढ़ाई करते हैं। बेड पे बैठते हैं। स्ट्रेस होता है। स्ट्रेस रिलीफ करने का और कोई तरीका नजर नहीं आता। मास्टरबेट कर लिया। बार-बार मास्टरबेट कर लिया। हस्तमैथुन कर लिया। और यह आपके दिमाग को, आपकी बुद्धि को सबसे ज्यादा कमजोर करता है। आपको आलस से भरता है। आपको रिवाइव करने में ही कई घंटे लग जाते हैं। उसके बीच में एक और बार कर देते हो। आप रिवाइव हो ही नहीं पाते। इस चक्कर में फंस जाते हो नेगेटिविटी के। तो पहली बात तो बेड पर नहीं बैठना। टेबल चेयर पर बैठकर पढ़ाई करो। बेड पे सिर्फ गहरी नींद जब आए बिल्कुल दिमाग चलना बंद हो जाए। सोने के लिए लेटना है या बेड से बाहर रहना है और ये पुराने थुराने कपड़ों में बिना नहाए नहीं रहना। सुबह-सुबह नहा लिया करो। अच्छे

10:06 कपड़े पहनकर पढ़ाई करो। पोर्न बिल्कुल नहीं देखनी। कसम खा लो। ईश्वर के मंदिर में जाके कसम खा लो। माता-पिता के सर पर हाथ रख के कसम खा लो। उनको बोलना मत कि पोर्न नहीं देखूंगा। ये मत बोलना। वरना आपको दिन में तारे दिखा देंगे। पर पोर्न नहीं देखनी। इसके साथ-साथ स्ट्रेस ईटिंग नहीं करनी। एग्जाम्स के टाइम पर जब स्ट्रेस बहुत ज्यादा होता है, स्ट्रेस सिंगिंग इंसान करता है और ऐसी चीजें खाता है जिससे वॉल स्लो और लेथार्जिक हो जाता है। चिप्स टाइप की आइटम जो होती हैं या चॉकलेट्स होती है। फ्रूट ज्यादा खाओ। हेल्दी चीजें खाओ। हाइड्रेटेड रहो। बार-बार पानी पीना है। जब भी स्टडी का एक सेशन ओवर हो। दो घंटे पढ़ लिए एक 15 20 मिनट की वॉक पर जाओ। शरीर को मूवमेंट में लाने के लिए, दिमाग को मूवमेंट में लाने के लिए। एक अपने लिए लिस्ट ऑफ कंटेंट्स बना लो। लिस्ट ऑफ टॉपिक्स बना लो। चुन चुन

10:53 के जो भी इंपॉर्टेंट है जो आपको प्रायोरिटी वाइज कवर करने हैं या सिलेबस वाइज एक लिस्ट बना लो और जैसे ही टॉपिक कवर हो उस पे ग्रीन टिक लगा दो। ग्रीन पेन से टिक लगा दो। इस तरीके से टिक लगा कर चलो। इससे आपको कॉन्फिडेंस बनेगा पता चलेगा मैंने ये चीज कर ली है। इतना कर लो बहुत है। बहुत आगे बढ़ जाओगे। मेरा वादा है आपसे। फिर एग्जाम्स के बाद मिलेंगे डिस्कस करने के लिए। कितनी मैसिव इंप्रूवमेंट हुई, कितना आगे बढ़ के। थैंक यू एंड ऑल द बेस्ट।

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