Arnab Goswami Goes Allout against Modi Govt & Dhurandhar? Republic In Crisis?

简要总结

本视频讨论了印度媒体格局的变化,特别是阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)立场的转变,以及政府对媒体的影响。以下是关键点:

  • 阿纳布·戈斯瓦米立场的转变可能与资金或支持有关。
  • 政府通过广告和访问权限影响媒体。
  • 媒体的生存依赖于外部收入和议程。
  • 未来一年对印度来说充满挑战,需要团结一致。

引言

视频主持人欢迎嘉宾桑迪普·辛格(Sandeep Singh),讨论了印度媒体格局的变化,包括主要媒体机构立场的转变。主持人提到,时代电视台(Times Now)专注于宝莱坞新闻,斯米塔·普拉卡什(Smita Prakash)专注于军队和电影,而阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)的立场似乎发生了变化。

德里媒体的角色

桑迪普·辛格(Sandeep Singh)表示,德里媒体在引导或误导印度方面发挥了作用。他赞扬了阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)的才华,并回顾了他在时代电视台(Times Now)期间对拉胡尔·甘地(Rahul Gandhi)的采访和揭露的骗局。然而,他质疑为什么在2009年至2014年期间会出现这些骗局,以及谁建立了凯杰里瓦尔(Kejriwal)。桑迪普·辛格(Sandeep Singh)指出,共和国电视台(Republic Bharat)和阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)最近表现出反政府行为,并使用了不完整的事实。他强调,批评政府不应等同于反对印度。

政府的倡议和活动

桑迪普·辛格(Sandeep Singh)提到了一些事件,包括Prasar Bharati向网红支付数百万卢比,以及在2023年6月11日举行的数字媒体影响者会议,其中有Lallan Top和其他左翼人士参加,讨论莫迪政府的11年。他质疑为什么没有邀请民族主义的YouTube频道或主流媒体。他还提到,印度今日(India Today)的卡莉·普里(Kalli Purie)被邀请参加RSS的百年纪念活动,尽管该杂志是在紧急状态期间成立的。此外,Prasar Bharati的首席执行官突然辞职。

阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)立场的转变

桑迪普·辛格(Sandeep Singh)指出,阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)主要关注两个问题:Unnao强奸案和Aravalli山脉的采矿问题。他声称Unnao强奸案是捏造的,并批评阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)没有充分了解事实。他质疑为什么阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)在离开德里媒体后,在拉吉夫·钱德拉塞卡(Rajeev Chandrasekhar)的支持下建立了自己的频道后,又以类似德里媒体的方式行事。

Aravalli山脉的问题

主持人补充说,大多数采矿许可证是在1965年至1995年期间颁发的,其中大部分时间由国大党执政。她指出,拉贾斯坦邦的采矿活动最多,但哈里亚纳邦因靠近NCR而受到更多关注。她强调,保护环境至关重要,并批评了BJP领导人关于Aravalli山脉的声明。桑迪普·辛格(Sandeep Singh)指出,印度的森林覆盖率有所增加,但德里的污染问题仍然存在。

媒体议程和影响

桑迪普·辛格(Sandeep Singh)认为,德里媒体有明确的议程,并被公众拒绝。他质疑为什么阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)没有关注喀拉拉邦的教堂、毛拉和清真寺,以及阿杰梅尔丑闻。他批评了宝莱坞的宣传,并质疑阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)立场的转变是否与资金或支持有关。他解释说,媒体公司依靠影响力模式和政府访问权限来生存,而不是广告收入。

媒体的财务和访问权限

桑迪普·辛格(Sandeep Singh)表示,像阿伦·普里(Arun Purie)这样的人抱怨无法访问政府,这意味着他们无法进入议会进行游说。他指出,当凯杰里瓦尔(Kejriwal)下台时,印度今日集团(India Today Group)感到恐慌,因为他们无法在没有政府访问权限的情况下生存。他强调,媒体公司需要外部收入来生存,这会影响他们的议程。他赞扬阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)公开了他的ITR和资产负债表,并呼吁所有媒体公司也这样做。

共和国电视台(Republic TV)的危机

主持人表示,她认为共和国电视台(Republic TV)正面临资金或其他原因造成的危机,这可能是阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)改变立场的原因。桑迪普·辛格(Sandeep Singh)回忆起印度电视台(India TV)的拉贾特·夏尔马(Rajat Sharma)在废钞令后对阿伦·贾特利(Arun Jaitley)的采访,并质疑为什么媒体公司在政府问题上会感到痛苦。他建议媒体应该独立运作,而不依赖政府。

结论和未来挑战

主持人警告说,未来一年对印度来说将充满挑战,因为它面临着来自各个方面的压力。她强调,印度拥有人口、资源、IT和技术,但缺乏叙事力量。她认为,共和国电视台(Republic TV)的危机和阿纳布·戈斯瓦米(Arnab Goswami)立场的转变是一个危险的信号,因为印度需要所有可能的士兵。桑迪普·辛格(Sandeep Singh)用《摩诃婆罗多》中的一个类比结束,强调在关键时刻站在正确的一边的重要性。

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文字稿

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0:05 नमस्कार सत श्री अकाल राम राम सा खंबाणी वेलकम प्रणाम आप सभी का ऑल टीम मीडिया में फिर से स्वागत है हमारे साथ जुड़े हुए हैं संदीप सिंह जी सर्दियां कह ढा रही है नॉर्थ इंडिया में पर देखिए हम फिर भी लगे हुए हैं गर्मियां लाने में गर्मियां किस तरीके से लेटेस्ट न्यूज़ शेयर करके आजकल बड़े मीडिया हाउसेस के सुर बदले बदले से चल रहे थे मतलब एकदम सुर और ताल बदल गए थे एनडीt अलग राह पके हुए थे टाइम्स नाउ नाम अचानक से बदल गया। वैसे आजकल मैंने देखा है कि टाइम्स नाउ की नवििका कुमार बॉलीवुड के बड़े एपिसोड्स कर रही है। ये बड़ा सरप्राइजिंग चेंज था। वहीं दूसरी तरफ स्मिता प्रकाश नो टू बी अ लेफ्टेस्ट ऑल हर लाइफ। आजकल वो बड़े आर्मी के ऊपर और ऑपरेशन सिंदूर के ऊपर और बॉलीवुड के ऊपर एक बड़ा मजेदार मतलब सीरीज पे सीरीज निकाले जा रही थी। बट ये मुद्दा नहीं है।

0:52 मुद्दा है जो एक बहुत बड़े सरप्राइज की तरफ आया कि अर्नव गोस्वामी को क्या हुआ? व्हाट इज रोंग वि अर्नव गोस्वामी? अचानक से इनके सुर और ताल कैसे बदल गए हैं? टाइम्स नाउ से निकले हुए एक सबसे बड़े फायर ब्रांड उनके साथ बहुत लोगों ने इन्वेस्ट किया जो मुझे सुनने में आया था। गौरव आर्या ऑब्वियसली स्टार्टेड फ्रॉम ह चैनल एंड देन नाउ लाइक ही इज़ अ बिग पर्सनालिटी नाउ डज़। बट तो अरनव को पीछे से कुछ हो गया है या अचानक से सेंट्रलिस्ट हो गए हैं। क्या चल क्या रहा है? लेट्स ट्राई एंड अंडरस्टैंड इट फ्रॉम संदीप जी। संदीप जी आ वेरी वार्म वेलकम ऑन द शो। नमस्ते गाते जी। आपके दर्शकों को भी नमस्कार और यह मेरा पसंदीदा टॉपिक है क्योंकि दिल्ली मीडिया पर एक समझ में आता है कि उसने किस प्रकार से भारत को राह दिखाई या भ्रम में रखा। इसमें मतलब मैं

1:40 सदैव देखता हूं कि दिल्ली मीडिया ने क्या किया भारत के साथ। अर्नव जी की बात करें। शानदार व्यक्तित्व है। बहुत बढ़िया मतलब बाकी लोग से तो कहीं गुना मतलब कहीं बेहतर। ठीक है। हां। क्वालिटी वाइज उनकी डिबेट्स बेटर। हां। और उन्होंने टाइम्स नाउ में रहते हुए भी जो राहुल गांधी का इंटरव्यू किया था और जो स्कैम्स खोले थे वो सब एक अलग कहानी है। पर 2009 से 2014 में स्कैम्स क्यों खुल रहे थे या केजरीवाल को किसने स्थापित किया वो एक अलग कहानी है। ठीक है? और हम उस पे बाद में जा सकते हैं। दैट वाज़ नॉट प्रो बीजेपी। दैट वाज़ समथिंग प्रो समथिंग एल्स। प्रो यूएस वो चल रहा था। अगर हम बहुत रीसेंट इंसिडेंट्स को देखें कि अगर हम देखें कि रिपब्लिक भारत और अर्नव गोस्वामी अचानक से एंटी गवर्नमेंट बिहेवियर क्यों कर रहे हैं और वह भी विद

2:26 हाफ फैक्ट्स आप जर्नलिज्म करिए आप विद फुल फैक्ट्स करिए जहां गवर्नमेंट गलत है बिल्कुल कहिए बात कस के कहिए कोई दिक्कत नहीं है कोई प्रो और एंटी गवर्नमेंट की बात नहीं है पर आप एंटी गवर्नमेंट होते क्या आप एंटी भारत हो जाएंगे यहां समस्या है समस्या यहां पर है जो विपक्ष का हाल है वही आप अपना हाल मत कर लीजिए रिसेंटली दो इवेंट्स हुए। एक खबर आई कि प्रसार भारती ने और जो आपके हमारी मिनिस्ट्री है आई एनबी जो कि अश्विनी वैष्णो जी देखते हैं। भाई उनकी प्रायोरिटी में तो तीसरी है वो मिनिस्ट्री क्योंकि रेलवेेज है आईटी है उसके बाद आई एनबी है। उसके माध्यम से कई सारे यूर्स को फैंसी यूर्स को सो कॉल्ड यूर्स सेलिब्रिटी हैं। उनको करोड़ों रुपए दिए गए। फॉर दिस वे दैट वे यह प्रमोशन वो प्रमोशन कर्ली टेल्स का नाम आता है। ऐसी

3:15 खबरें आई। ठीक है और कई लोगों ने पुष्ट भी किया है इसको। मैं नहीं जानता कि हम इसको कैसे पुष्ट कर सकते हैं कि नहीं। जनता बेहतर जानती है। पर मोर और लेस ये जी कर्ली टेल्स का बता रहे हैं। ये तो प्रिंट मीडिया तक भी छपा था। हां वही कह रहा हूं मैं। दूसरा सिर्फ कल डिटेल्स की बात नहीं है। इससे पहले जाते हैं। 11 जून 25 में एक दिल्ली में बहुत बड़ा राष्ट्रवादियों का सॉरी राष्ट्रवादी नहीं डिजिटल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का सम्मेलन होता है जिसमें लल्लन टॉप बैठा होता है। ज्ञानेश्वर बैठे होते हैं और बहुत ही लेफ्टेस्ट काइंड के लोग बैठे रहते हैं। अमित शाह जी के साथ, नितिन गडकरी जी के साथ, अश्विनी वैष्णव जी के साथ, हरदीप पुरी जी के साथ। और कार्यक्रम क्या था? मोदी सरकार के 11 साल। जो लोग 11 साल से

4:02 विरोध कर रहे हैं उन्हीं को आपने इस कार्यक्रम में बैठा लिया और किसी भी राष्ट्रवादी YouTube चैनल या डिजिटल मीडिया इन्फ्लुएंसरर या किसी मेन स्ट्रीम मीडिया चैनल का वहां पे दखल ही नहीं था। पता ही नहीं था। हवा ही नहीं लगी। बीच में क्या एक और बात होती है। आरएसएस के 100 साल होते हैं। उस पे कई सारे कार्यक्रम होते हैं। संघ के कार्यक्रम में और संघ की बहुत बड़ी बिल्डिंग बनी है झंडेवाला पर। मैं वहां जा चुका हूं तो ठीक है होना भी चाहिए एक इतना बड़ा देशव्यापी संगठन है उसके अपने सोर्सेस हैं अपनी चीजें हैं कलीपुरी जी को आमंत्रित किया जाता है इंडिया टुडे अरुण पुरी की पुत्री इंडिया टुडे वो मैगजीन है जो शुरू ही होती है इमरजेंसी में जब सारे अखबार और सारी चीजें

4:50 बंद कर दी गई थी जब आपका एक से एक बड़े धुरंधर पत्रकार और रामनाथ गोयका जी जैसे लोगों को जेल भेजा गया जो भी किया गया उनके साथ जैसा भी किया गया उस दौरान इंडिया टुडे शुरू होता है। अरुण पुरी जी की भी जो बिगिनिंग्स हैं वो अंग्रेजों से संबंधित कोई प्रेस था उसी के उसी में पिताजी थे या उसके ओनरशिप थी जो भी है पूरी तरह भाई राहुल गांधी को कुछ नहीं तो 25 बार ल्च तो अरुण पुरी ने ही किया है ना इंडिया टुडे मैगजीन कवर पे वो संघ में आमंत्रित होती है कल ही पूरी और बहुत रीसेंट एक और इंसिडेंट हुआ है आईएबी मिनिस्ट्री का एक बहुत बड़ा महत्वपूर्ण अंग है प्रसार भारती प्रसार भारती के सीओ साहब को अचानक से रात में अपना इस्तीफा देना पड़ा। किनहीं कारणों से वह बहुत

5:36 फंक्शनिंग आदमी माने जाते हैं। बहुत ऐसे माने जाते हैं जिन्होंने सबके लिए डिलीवरीज की हैं। कार्य की हैं और ट्रैक रिकॉर्ड एज इन डिलीवरी टर्म्स अच्छा है। ठीक है? मायावती जी के भी क्लोज रहे। अखिलेश जी के लिए उन्होंने आगरा एक्सप्रेसवे बनवाया और वहां सूचना उनका देखा। फिर उत्तर प्रदेश में ओडीओपी देखा और सूचना में भी रहे और फिर रिटायरमेंट के बाद वो केंद्र सरकार में प्रसार भारती के सीईओ हुए और वहां भी वो वेव्स नाम का प्लेटफार्म लाते हैं। सारी चीजें करते हैं। एक वो अचानक से उनको जो है वो कर लिया जाता है। इस्तीफा देना पड़ता है। और उसके बाद अचानक से अर्नव गोस्वामी को हम देखते हैं बदले हुए रूप में। अर्नव गोस्वामी दो बातें मुख्य रूप से उठा रहे हैं। उन्नाव जो सिंगर जी का केस है। मैं मैं जानता हूं वो केस फर्जी है। अगर वो

6:23 अर्नव गोस्वामी एमस्ट्री मीडिया पूरी तरीके से उस रेप केस पर रेप केस की बात कर रहा हूं मैं। दूसरे केस में वो जेल पर है। रेप केस पूर्णतः फर्जी है। उस लड़की ने अपने माता-पिता अपने अपने मां और अपने चाचा पर एफआईआर कर रखी है कि हमको ₹ करोड़ इन लोगों ने नहीं दिया। जो मेरे मैंने जब केस किया किस सिंगर पर तो संस्थानों से पता नहीं कहां-कहां से मेरे लिए पैसा आया केस लड़ने के लिए। वह पैसा जो आया मेरे चाचा और मेरी मां ने रख लिया। चाचा का ऑडियो वायरल क्लिप घूम रहा है जिसमें वो कह रहा है कि तुम अपने प्राइवेट पार्ट्स पे कुछ-कुछ चोट लगा लो ताकि उसी की मेडिकल हो। लड़की ने जो दोनों आरोप दिए हैं उसमें वो पूरी तरीके से जो है अगर लॉजिकल सवाल है कि वो कभी कह रही है 8:00 बजे कि 8:00 बजे मेरा जो है मैं कुलदीप सिंगर के यहां गई और ये किया नौकरी मांगने गई थी और उसके

7:12 बाद मेरा ये हो गया रेप हो गया। जो भी है सारी बातें 8:00 बजे से कॉल कॉल डिटेल्स चल रही है कि वो अपने बॉयफ्रेंड से बत रही है। उसके बाद मेन मुद्दा यह था कि वो लड़की बीच में भागी भी थी अपने पड़ोस के किसी आदमी के ड्राइवर के साथ। बीच में पंचायत बैठी पंचायत में सिंगर जी थे। उन्होंने कहा और लड़की के चाचा ने कहा कि हमको जो है शादी करा दो। लड़के से शादी करा दो। ड्राइवर का मालिक उससे शादी करा दो। शुभम तो यह आप देखेंगे दीपिका नारायण जी हैं बाबा रामदामस जी हैं सब लोग इसकी डिटेल की पूरी एक-ए पूरा एफआईआर पूरी सारी चीजें डिटेल में मैं अभी इस ये डिटेल नहीं दे रहा हूं इस पर चर्चा अलग से हो सकती है और मैं बता रहा हूं दीपिका नारायण भारद्वाज जी हैं नीरज अत्री सर हैं बाबा रामदास जी हैं सब लोग बैठ के इस केस को पूरी तरह क्लियर कर रहे हैं कि भैया इसमें

7:58 एक्चुअल हिस्ट्री क्या है और अगर अर्नव गोस्वामी या मेसी मीडिया को ललन टॉक को नहीं दिखता है ये चीज तो फिर उन्होंने आंख मूंद रखी है मैं ये नहीं कह कहता मैं सिंगर सिंगर हो सकता है माफिया हो हत्या के केस हो यह हो वो हो जो भी हो भैया उसमें उनको फांसी लगा दो मेरे कोई दिक्कत नहीं बट यह कि 164 का बयान दे रही लड़की और अपने ही बयान से दो बार पलट जा रही है दो-दो लोगों पे गैंगरेप का आरोप लगा रखा है कि एक हफ्ता पहले किसी ने किया फिर एक हफ्ता बाद किसी ने कर दिया ऐसा कैसे भाई और दोनों बार सरकारी नौकरी देने के बहाने कि हमको घर बुला लिया और रात में 10:00 बजे हमको कानपुर ले चले गए यह कहानियां चल रही तो यह क्या फ्रॉड है कितना नहीं अगर अर्नभ गोस्वामी को यह चीज नहीं समझ में आती या जर्नलिज्म है। मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं, प्रशंसक हूं। पर बात यह है कि

8:46 भैया तथ्यात्मक तो रहिए। यह नहीं हो सकता कि आप भी दिल्ली मीडिया से जब आप निकले, आप मुंबई गए। आपको राजीव चंद्रशेखर जी ने पूरा सपोर्ट किया। आपका चैनल इस्टैब्लिश कराया और उसके बाद आप फिर वही दिल्ली मीडिया की तरीके से फंक्शन नहीं कर सकते क्योंकि आपका यूएसपी यही है कि आप दिल्ली मीडिया नहीं थे। सेकंड अरावली पर बात कर रहे हैं। अरावली का तथ्य क्या है?5% लैंड पर एक अच्छा उसमें गवर्नमेंट का कोई रोल ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने वापस ले लिया। गवई जी ने फैसला दिया। हमारे अभी जो सूर्यकांत जी हैं उन्होंने वापस ले लिया। इसमें गवर्नमेंट कहां से आ जाती है? बीजेपी कहां है? और इसमें भजन लाल सरकार कहां है? और

9:32 माइनिंग क्या आज से हो रही है? माइनिंग पहले नहीं हुई थी। मकराना और किशनगढ़ दो बड़े जगह हैं जिनसे पूरे देश का मार्बल जाता है। पूरे देश में जिसके घर में संगमरमर लगा होगा मकराना और किशनगढ़ से ही जाता है। वही मिलता ही है। नहीं तो इटालियन और थाईलैंड मार्बल ले चले आइए। तो माइनिंग कब क्या झांसी के आसपास जो पहाड़ है वो नहीं तोड़ टूट रहे गिट्टी के लिए। कंस्ट्रक्शन कहां से हो रहा है? कंस्ट्रक्शन का मटेरियल कहां से आ रहा है? ये ट्रकें जो दिन भर रात चलती हैं डंपर लेकर सैंड लेके जा रही हैं। हां। इसमें एक इसमें एक चीज मैं ऐड करना चाहूंगी जो मैक्सिमम माइनिंग लाइसेंसेस दिए गए थे दैट वास बिटवीन 1969 एंड 1999 ओके या 1995 कह सकते हैं इस पूरे ड्यूरेशन

10:18 में आप 1965 टू 1995 का निकाल लीजिए सिर्फ पांच साल बीजेपी पावर में थी द रेस्ट ऑफ़ द 25 इयर्स वर रूल्ड बाय द कांग्रेस एक बार तीन साल के लिए थी एक बार दो साल के लिए थी मैं इस केस को पूरा स्टडी कर रही थी मैंने सोचा भी था कि मैं शो बनाऊंगी बट यू नो अभी आजकल जिओपॉलिटिक्स में हमारे पास इतनी घटनाएं आ जाती है कि कुछ टॉपिक्स रह जाते हैं। पॉसिबल नहीं है कि मैं सारे टॉपिक्स बीइंग अलोन वर्किंग ऑन द चैनल नहीं कर पाई मैं। बट फैक्ट ऑफ द मैटर इज दो जगह से सबसे ज्यादा लाइसेंसेस जाते हैं। वन इज द राजस्थान एंड द अदर इज़ हरियाणा। हरियाणा का नोटिस में इसलिए आ जाता है क्योंकि एनसीआर के बगल में है। हरियाणा का नजर ज्यादा आते हैं बिकॉज़ ऑफ़ द विसिनिटी ऑफ़ द एनसीआर। बट राजस्थान में माइनिंग सबसे ज्यादा है। 90% ऑफ़ द माइनिंग। जैसे अभी आपने मकराना और बाकी जगह का नाम लिया। सारे लाइसेंसेस दिए किसने है? कांग्रेस ने। थप्पड़ और गालियां कौन खा रहा है? बीजेपी। अभी रिसेंटली

11:04 जितनी भी चीजें अब तो सुप्रीम कोर्ट ने कमेट बना दी है उस पे टू लुक इंटू इट इन अ फ्रेश वे इट्स राइट फ्रॉम द बिगिनिंग। सो राइट फ्रॉम द बिगनिंग 1965 से उठाइएगा और अब तक का जो लेखाजोखा करिएगा। मैं ये नहीं कह रही हूं कि अरावली सी द थिंग इस दैट प्रिजर्वेशन ऑफ़ एनवायरमेंट इस द मोस्टेंट थिंग। मैं देहरादून अभी रिसेंटली आई। देहरादून वो है ही नहीं जो किसी टाइम पे होता था। यहां पे ऐसीऐसी जगह सहस्त्रधारा एक जगह थी जहां पे मैं एक टाइम पे विजिट किया था मैंने और बाद में मैं अब जब इस बार जब मैं विजिट में गई थी आप मानेंगे कि सूरज सूरज की किरण धरती पर नहीं पड़ती थी और पिछले एक साल के अंदर पूरा का पूरा साहस धारा खाली कर दिया गया है सारे पेड़ एक हफ्ते के अंदर निपटाए गए हैं लोगों ने प्रोटेस्ट किया किसी ने नहीं सुना है और ये हर जगह हो रहा है अरावलीस को एक तो बेतुके से बयान आया बीजेपी के लीडर्स के

11:50 वी डोंट एग्री विथ दैट बट यस द पॉइंट टू बी नोटेड इज कि उनको आप फक्चुअल में क्यों नहीं देख रहे व्हाई आर यू ट्विस्टिंग द फैक्ट्स? जी नहीं उससे कॉन्ट्ररी फॉरेस्ट कवर भारत का बढ़ा है। भारत का फॉरेस्ट कवर बढ़ा है। उत्तर प्रदेश का फॉरेस्ट कवर बढ़ा है और फॉरेस्ट क्या कहते हैं? प्लांटिंग में आपको थोड़े से अब वही बात है कि दिल्ली में पोलशन है। हम लेकिन लेकिन दिल्ली में पोलशन है। दिल्ली में पोलशन है। लेकिन हम पंजाब केजरीवाल की बात नहीं करेंगे। वो सो कॉल्ड जो किसान है वो बैठ के आग लगा रहे हैं खेतों में हजारों किलोमीटर में। हम उसकी बात नहीं करेंगे लेकिन दिल्ली में पोलशन है। अरे ऐसा कैसे चलेगा यार? एक-ए घर में चार-चार गाड़ियां होंगी। चार लोग अलग-अलग डायरेक्शन में निकल रहे हैं तो क्या होगा? उसके बारे में

12:35 मैं कह रहा हूं ठीक है। गाड़ी होना से समस्या नहीं है। लेट्स कम बैक टू द टॉपिक। अदरवाइज वी आर डिबेटिंग फ्रॉम द मेन टॉपिक। मैं यह कह रहा हूं एकमात्र एजेंडा अगर आप लेके चलते हो साफ दिखता है। एजेंडा ही दिल्ली मीडिया इंडिया टुडे NDTV NDTV खुलकर एजेंडा करता था और इसीलिए जनता ने उसको तज दिया त्याग दिया और साइड कर दिया। आपको लगता है आपके पास ऑडियंस है इसलिए आप उसको बेवकूफ बना ले जाएंगे नहीं बना पाएंगे। धुरंधर बनना चाहिए उन्नाव रेप केस पर। तो भाई क्यों केरल के चर्चेस पर क्यों नहीं बनना चाहिए? कभी नाम उड़ो। केरल के चर्चेस पर मौलवियों मौलानाओं पर मस्जिदों पर क्यों नहीं बनना चाहिए? अजमेर कांड पर क्यों नहीं बनना चाहिए? नो सब अजमेर कांड बनाओ। इंटरेस्टिंग बात ये है कि ही सेड कि धुरंधर इज अ फिक्शनल फिक्शनल मूवी।

13:23 हां है। फिक्शनल है। ठीक है। ओके फाइन। तो आर्टिकल 15 फिक्शनल नहीं थी। जो दिल्ली जो पूरी पूरी नहीं चकदे इंडिया फिक्शनल नहीं थी। मीर रंजन नेगी के नाम पर कबीर खान जो है उनको देश में मुसलमान प्रताड़ित कर रहा है। अभी होमबाउंड जो धर्मा प्रोडक्शन से आ रही है जो ऑस्कर जीतेगी जिसको जितावाया जाएगा वो फिक्शनल स्टोरी नहीं है। प्रोपगेंडा नहीं है। अगर अर्नव गोस्वामी अचानक से इनके सुरवतार बदले क्यों है? पैसे की कमी आ रही है। सपोर्ट की कमी आ रही है या फिर अब ये दूसरी साइड ट्राई करना चाहते हैं टू गेट मोर ऑडियंस? लाइक व्हाई इज ही चेंज साइड्स? अचानक से एनी मीडिया हाउस, एनी मीडिया चैनल इज लाइक बॉलीवुड फिल्म मेकिंग इंडस्ट्री। उनका पैसा फिल्म मेकिंग से नहीं आता और उनका

14:09 मेन पैसा टीवी पर कंटेंट करने से नहीं आता। उनका उनका खर्चा जो है ना न्यूज़ इंडस्ट्री का एनी डे उनके रेवेन्यू से ऐड रेवेन्यू से ज्यादा होता है। एक-एक एंकर की हमने बात की कि 15 करोड़, 20 करोड़ कुछ भी सैलरी मांगी जा रही है दिया जा रहा है। वो टीवी चैनल कैसे सर्वाइव कर रहा है? टीवी चैनल एडवर्टाइजमेंट रेवेन्यू से नहीं चलता। वो इनफ्लुएंस मॉडल पर चलता है कि हम यह बात इन्फ्लुएंस कर सकते हैं। हम यह बात पे चुप्पी साध सकते हैं। हम इस बात को ज्यादा हाईलाइट कर सकते हैं। इससे चलता है। और सबसे बड़ी चीज किस चीज से चलता है? सरकार में अपने एक्सेस से चलता है। अरुण पुरी जैसा आदमी इंडिया टुडे का मालिक अगर कहता है कि हे मोदी जी आपने मेरी दुकान बंद कर दी। हमें तो खबर पहले से नहीं मिलती। उसका कहने का मतलब यह नहीं कि हमें

14:55 खबर पहले से नहीं मिलती। उसका उससे कहने का मतलब है कि हमको राज्यसभा लोकसभा में संसद में एंट्री नहीं मिलती। राजदीप कितनी बार गाली दे चुके कह रहे मेरी एंट्री बंद कर रखी है यार कोरोना के बाद हमको भी आम पत्रकारों की तरह तुमको डेली क्यों जाना है राज्यसभा से लोकसभा दलाली करने एक्सेस चाहिए एक्सेस जब बैन होता है इंडिया टुडे ग्रुप में क्यों खलबली मच गई सब छोड़छाड़ के भाग गए केजरीवाल जैसे ही सरकार से हटा हमने अपने वीडियो में किया था केजरीवाल जैसे ही सरकार से हटा इंडिया टुडे ग्रुप जो सन 75 से लेकर केजरीवाल की सरकार तक आराम से चैन से पूरा दिल्ली में कब्जा करके जी रहा था चैन से उसकी खलबली मच गई कि भाई अब हम यहां सर्वाइव नहीं कर पाएंगे। क्यों? सरकार से बहुत तरीके से पैसे आते हैं। डायरेक्ट एडवर्टाइजमेंट का रेवेन्यू नहीं आता। एक्सेस मिल गया। आप एक बार घुस गए तो आप

15:41 किसी भी प्रोजेक्ट में कहां क्या कर रहे हैं कोई नहीं जानता। नोबडी नोस। सरकार के पास बहुत पैसा होता है खर्चा करने के लिए। सब कुछ पब्लिक डोमेन में आता भी नहीं है। पॉइंट इज़ कि इनका मीडिया हाउस आज अपने मीडिया बेस रेवेन्यू पर सर्वाइव नहीं कर सकता। तो इनको सर्वाइवल के लिए कहीं से बाहर से रेवेन्यू चाहिए होता है। बाहर से रेवेन्यू जैसा आया उसका एजेंडा चलाना पड़ेगा। आई डोंट नो कौन इन्वॉल्वड है अरावली के एजेंडा में। आई डोंट नो बट वन हैज़ टू चेक। मीडिया अगर दुनिया भर के क्या कहते हैं? अच्छा अर्नव की मैं एक बात अच्छी मानूंगा। वो उन्होंने कहा था कि मैंने अपना पूरा आईटीआर सामने रखा हुआ है। मैंने अपनी कंपनी का पूरा बैलेंस शीट सामने रखा हुआ है। सारे मीडिया हाउसेस की औकातें तो करके दिखाया। किसी मीडिया हाउस ने नहीं किया। इन मीडिया हाउसेस का जो चौथा स्तंभ कहते हैं अपने आप को इनकी इनकम

16:28 क्यों नहीं पब्लिक होनी चाहिए अगर वो कंपनी जो मुझे ऐसा लगता है संदीप जी बिकॉज़ आई हैव बीन इन टच वि कलप ऑफ़ पीपल एंड रिपब्लिक टीवी एंड कुछ और भी पीछे बात चल रही थी रिपब्लिक टीवी के साथ में आई फील दैट रिपब्लिक टीवी इज इन क्राइसिस इदर ड्यू टू फंड्स और सम अदर रीज़ंस बट लुक्स लाइक दे आर इन क्राइसिस तभी अर्नव इस रिएक्टिंग दीज़ डेज अचानक से उनके सुरताल बदल गए हैं मैम एक आदमी का और रिएक्शन मुझे याद आता है इंडिया टीवी के इंडिया टीवी के रजत शर्मा जी डीमोनेटाइजेशन हुआ था नोटबंदी तो नहीं कहूंगा मैं उसको मुद्रा शुद्धिकरण कहूंगा कि मुद्रा का हमारी शुद्धिकरण हुआ था 2016 में जिस दिन हुआ उसके अगले दिन डीमोनेटाइजेशन के कुछ दिन बाद वो अरुण जेटली जी को पहली बार आपके अदालत में लेके

17:13 आए और वो एपिसोड सब कुछ देखना चाहिए। रजत शर्मा जी के इतनी पीड़ा हो रखी इतना दर्द हो रखा था कि अपने बचपन के मित्र जिनके उंगली पकड़ के वो आगे आए उनका इंटेरोगेशन कर रहे थे अरुण जेटली जी जैसे आदमी का और नाराज हो अरुण जेटली जी को उनको डांटना पड़ा समझाना पड़ा कि आपको यह पर्सनल क्या लग रहा है ये आप सोचिए मीडिया हाउसेस की तकलीफ क्या है मीडिया हाउस के मालिकों की अरुणपुरी इंडिया टुडे रजत शर्मा और आज अर्नव गोस्वामी आप लोग तकलीफ में क्यों आ जाते हैं भाई अपना करियर है आपका जीए आराम से चलिए आप सरकारों पर निर्भर कहां है? या तो कहिए कि हम सरकारों पर निर्भर हैं। या अगर सरकार पर निर्भर नहीं है तो फिर कहिए कि हां ठीक है हम नॉर्मल चलते रहेंगे। सरकार किसी की भी आए किसी की भी जाए। हाउ

17:58 डस इट मैटर? बट इट मैटर्स टू यू? इट इज़ शोइंग ऑन फेस। आपके चेहरे पे दिख रहा है। आपके कामों में दिख रहा है। हम ये नहीं कह रहे कि आप भाजपा सरकार के खिलाफ या मोदी सरकार के खिलाफ बात मत करिए। करिए। तथ्यात्मक तो करिए। आधा अधूरा काम मत करिए भाई। जो काम एनडीटीवी बर्खाद सब लोग कर रहे थे बैठ के। वही काम तो आपने नहीं किया ना। यही आपकी यूएसपी थी। आप तथ्यात्मक थे। आप इसीलिए जेल गए। आपने सब कुछ झेला है। इनफैक्ट वन आई वाच वन ऑफ़ ह एपिसोड अदृश्य राज्य पर किसी भी मेन स्ट्रीम मीडिया में शो नहीं हुआ। अद्भुत काम किया अर्नव गोस्वामी ने और यदि हो सकता है कहीं कोई सही तकलीफ हो। भाई हम यह भी नहीं कहते कि हमारी सरकार में सब लोग परफेक्ट हैं। मैं फिर कह रहा हूं जिस दिन 11 जून को लल्लन टॉप और सबको बिठा लिया बगल में अमित शाह जी ने बाकी लोगों ने तो क्या वो सही था? और आज ललन टॉप की

18:46 हरकतें देख लीजिए। वो बैठ के वो नया जाकिर नायक पैदा कर रहा है। और और भी दो इस तरीके की बातें धुरंधर को प्रोपगेंडा तो लन टॉप भी बता रहा है। और लल्लन टॉप से निकले हुए लोग भी बता रहे हैं। उनको भी YouTube पता नहीं कैसे अचानक से जो है प्रमोट कर देता है कि 4 महीने में एक चैनल 5 लाख सब्सक्राइबर लेके बैठ जाता है। ये क्या खेल है पता नहीं। वी विल सी टू दैट। ठीक है? बट द इशू इज कि आप पूरा तथ्य लाइए। सोशल मीडिया के पास भी तथ्य हैं। आज एजेंडा सिर्फ मेन स्ट्रीम मीडिया से नहीं चलेगा। बिल्कुल नहीं चलेगा। बट एक आपका पास्ट बहुत शानदार रहा है। अद्भुत वी डोंट जावड़ेकर जी भी कुछ व्हाट आई एम वरिड अबाउट इट संदीप जी ऑन अ क्लोजिंग नोट जो मैं कहना चाहूंगी आगे आने वाला एक साल

19:33 भारत के लिए काफी मुश्किलों से भरा होने वाला है। जिस तरीके से हमें घेरने की कोशिश की जाएगी। चाहे वो दृश्य राज्य हो, यूएस हो, यूरोप हो, चाइना हो। देखिए ये लास्ट होता है ना शकल्स को हिंदी में क्या बोलते हैं? जंजीरे है जो हम एकदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और वो हमें देख नहीं सकते। उनको पता है एक बार ये आगे निकल गए तो उनको रोक पाना मुश्किल है। डेमोग्राफी हमारे पास है, रिसोर्सेज हमारे पास है, आईटी हमारे पास है, टेक्नोलॉजी हमारे पास है। सब कुछ हमारे पास है। हमारे पास नैरेटिव वाल की एक कमी है। एंड रिपब्लिक टीवी का क्राइसिस में होना या अर्नव गोस्वामी के सुर और ताल बदलना इज़ इज़ अ आई सी इट एस अ डेंजरस मार्क एट दिस जंक्चर। एक्चुअली एट दिस जंक्चर बिकॉज़ वी विल नीड ऑल द सोल्जर्स पॉसिबल जो आगे आने वाला एक साल है उसमें इंटरनल

20:20 सिक्योरिटी स्पेशली इस गोइंग टू बी अ ट्रबल एरिया। मैंने पहले भी एपिसोड रिलीज किए हैं। जियोपॉलिटिकल भी, एस्ट्रोलॉजिकल भी, इंटरनल सिक्योरिटी भी अगर आप ध्यान से सुनेंगे तो आपको समझ में आएगा कि हमें हम एक बहुत बड़ी गंभीर प्रॉब्लम को सॉल्व करने की तरफ है तो हमें थोड़ा सा ज्यादा सतर्क रहना पड़ेगा। जी ऑडियो गायत्री जी आखिरी बात महाभारत की पूर्व संध्या पर आप कहां खड़े हैं किस पाले में इससे आपका जीवन तय हो जाता है आपका सब कुछ तय हो जाता है आपने उससे पहले कितने बड़े धनुर्धर थे कितने बड़े योद्धा थे जीवन भर भीष्म ने क्या किया द्रोणाचार्य ने क्या किया डजंट मैटर महाभारत की पूर्व संध्या पर आप कहां खड़े हैं यही आपका सत्य है और यही इसी से नापे जाएंगे आप बलराम जी भी थे बड़े बहुत बड़े योद्धा थे सबके गुरु थे तटस्थ थे कहीं और चले गए थे महाभारत उनका

21:08 नहीं था। जी थैंक यू सो मच संदीप जी फॉर जॉइनिंग। जाने से पहले सभी व्यूअर्स से रिक्वेस्ट है प्लीज लाइक सब्सक्राइब और शेयर करना नहीं भूलिएगा। अगर आप मुझे कंट्रीब्यूट करना चाहते हैं तो नंबर और यूपीआई स्क्रीन के ऊपर है। आप फीडबैक देना चाहते हैं, मुझसे जुड़ना चाहते हैं, इन शेयर करना चाहते हैं तो सभी के सभी लिंक्स डिस्क्रिप्शन बॉक्स में। इसी के साथ जय हिंद, जय श्री राम। हर हर महादेव। हर हर महादेव।

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