55 Surah Ar Rahman l Complete l Tilawat, Tarjama, Tafseer ll Voice Maulana Abdul Habib Attari

Brief Summary

This video discusses Surah Ar-Rahman, its significance, and the attributes of Allah mentioned in it. Key points include:

  • Surah Ar-Rahman was revealed in Makkah and has a total of 78 verses.
  • The name "Ar-Rahman" signifies the extensive mercies of Allah.
  • The Surah elaborates on Allah’s creations, blessings, and the contrasting fates of believers and disbelievers in the hereafter.
  • It concludes with repetitive reminders for both jinn and humans about the blessings of Allah to encourage gratitude and obedience.

Part 01

Surah Ar-Rahman was introduced with a focus on its revelation in Makkah. It comprises 78 verses and is rich with the attributes of Allah. The term "Ar-Rahman" is significant, denoting Allah's boundless mercy. The Surah is called the "beauty of the Quran," highlighting its eloquence and significance. Various narrations emphasize the virtues of reciting this Surah, noting that it discusses the creation and beauty of paradise, the delights therein, and the severe consequences awaiting the disbelievers in the hereafter.

Part 02

The second part elaborates on several verses of Surah Ar-Rahman, linking them with reminders of Allah’s favours. It mentions the beautiful descriptions of paradise and the blessings therein, as well as the horrors of hell that await wrongdoers. Key reflections include the importance of acknowledging Allah's creations like the sun, moon, and natural beauty, and the direct relationship between these signs and mankind’s purpose of worshipping Allah.

Part 03

In the final portion, the conversation focuses on the consequences of human actions and the final accountability in the Hereafter. The Surah repeatedly asks mankind and jinn what blessings of their Lord they deny, aiming to instil a sense of gratitude. It describes the lavish rewards in paradise, such as gardens, rivers, and companions, emphasizing the mercy of Allah for those who are mindful of their deeds. Finally, the video stresses the ultimate fate of humanity—either the eternal bliss of paradise or the torment of hell—and the need for constant remembrance of Allah's grace.

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Transcript

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0:01 सूर रहमान सूर रहमान का तारुफ मकाम नुजूल सूर रहमान मक्का मुकर्रमा में नाजिल हुई है आयात कलमा और हुरूफ की तादाद इस सूरत में तीन रुकू 78 आयतें 351 कलमे और 1636 हुरूफ हैं रहमान नाम रखने की वजह इस सूरत का नाम सूर रहमान इसलिए रखा गया कि इसकी इब्तिदा अल्लाह ताला के असमाए हुसना में से एक इस्मय मान से की गई है सूरा ए रहमान के फजल हजरत अली उल मुर्तजा कर्रम अल्लाह ताला वजह हुल करीम से रिवायत है नबी अकरम सल्लल्लाहु ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया हर चीज की एक जीनत है और कुरान की जीनत सूर रहमान है मुफ्ती अहमद

0:49 यार खान नईमी रहमतुल्लाह ताला अल फरमाते हैं चंद वजह से सूर रहमान को कुरान की दुल्हन जीनत फरमाया गया इस सूरत में अल्लाह ताला की जात और सिफात का जिक्र है और जात सिफात पर तकादीना की जीनत है इस सूरत में जन्नत की हूरों उनके हुस्न जमाल उनके जेवरात का जिक्र है और यह चीजें जन्नत की जीनत है इस सूरत में आयत मुबारका फरमा तुबा 31 जगह इरशाद हुआ इससे सूरत की जीनत ज्यादा हो गई हजरत फातिमा जहरा रद अल्लाह ताला अन्हा से रिवायत है रसूल करीम सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमा फरमाया सूर हदीद सूर वाकया और सूर रहमान की तिलावत करने वाले को जमीन और

1:36 आसमान की बादशाहत में जन्नतुल फिरदौस का मकीन पुकारा जाता है नंबर तीन इस सूरत की आयात अगरचे छोटी-छोटी है लेकिन इनकी तासीर बहुत मजबूत है मरब है कि हजरत कैस बिन आसिम बिन करी रद अल्लाह ताला अन्हो ने इस्लाम कबूल करने से पहले सैयद उल मुरसलीन सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम से अर्ज की जो कुछ आप पर नाजिल किया गया है मेरे सामने इसकी तिलावत कीजिए आप सल्लल्लाहु ताला अहि वा वसल्लम ने उसके सामने सूर रहमान पढ़ी तो उसने अर्ज की इसे दोबारा पढ़िए हत्ता कि नबी अकरम सल्लल्लाहु ताला अलैहि वालि वसल्लम ने उसके कहने पर तीन मर्तबा सूर रहमान को पढ़ा सूर रहमान सुनकर उसने अर्ज की खुदा की कसम ये सूरत बहुत ही खूबसूरत है इसमें बहुत हलावत है उसका नीचे

2:24 वाला हिस्सा सरसब्ज है और ऊपर वाला हिस्सा फलदार है और ये किसी इंसान का कलाम ही नहीं और मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह ताला के सिवा और कोई माबूद नहीं और बेशक आप अल्लाह ताला के रसूल हैं सूर रहमान के मजमीन इस सूरत का मरकज मजमून यह है कि इसमें अल्लाह ताला की वहदा नियत और कुदरत नबी अकरम सल्लल्लाह ताला अहि वसल्लम की नबूवत और कुरान मजीद के अल्लाह ताला के वही होने पर दलाल बयान किए गए हैं नीज इसमें ये मजमीन बयान किए गए हैं नंबर एक इस सूरत की इब्तिदा में अल्लाह ताला ने अपनी अजीम नेमतों जैसे से कुरान पाक को नाजिल करने ताजदारे रिसालत सल्लल्लाहु ताला अलैहि वालि वसल्लम को इसकी तालीम देने आप सल्लल्लाहु ताला अहि वसल्लम को दुनिया और आखिरत की तमाम चीजों की तालीम

3:10 देने का जिक्र फरमाया नंबर दो इसके बाद सूरज चांद जमीन पर उगी हुई बैलों दरख्तों आसमानों जमीनों बागत में फलों और खेतों में फसलों का जिक्र फरमाया नंबर तीन हजरत आदम अल सलातो वस्सलाम और इब्लीस की पैदाइश मीठे और खारी समंदर और उनसे मोतियों के निकलने को बयान फरमाया गया नंबर चार इस जहां के फना होने और सिर्फ अल्लाह ताला की जात के बाकी रहने और तमाम मखलूक के अल्लाह ताला का मोहताज होने का जिक्र फरमाया गया नंबर पांच इस सूरत के आखिर में कयामत जन्नत की नेमतों और जहन्नम की सख्ती हों और हौल नाक हों वगैरह का जिक्र है सूर कम्र के साथ मुनासिब सूर रहमान की अपने से मा कबल सूरत कमर के साथ मुनासिब यह है कि

3:56 सूर कम्र में कयामत जहन्नम की हल लाख मुजरिमों का अजाब मुत की मुसलमानों का सवाब और जन्नत के औसाफ इजमा तौर पर बयान किए गए और सूर रहमान में यह चीजें तफसील के साथ बयान की गई है बिस्मिल्ला रहमा रहीम तर्जुमा अल्लाह के नाम से शुरू जो निहायत मेहरबान रहमत वाला है [हंसी] तर्जुमा रहमान ने कुरान सिखाया अर रहमान रहमान तफसीर सिराल जनान में है इस आयत की शाने नुजूल के बारे में एक कॉल यह

4:42 है कि जब सूर फुरकान की आयत नंबर 60 नाजिल हुई जिसमें रहमान को सजदा करने का हुक्म दिया गया तो कुफा मक्का ने कहा कि रहमान क्या है हम नहीं जानते इस पर अल्लाह ताला ने सूर अर रहमान नाजिल फरमाई कि रहमान जिसका तुम इन करते हो वही है जिसने कुरान नाजिल फरमाया और एक कॉल यह है कि अहले मक्का ने जब कहा कि मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाह ताला अलैहि वा वसल्लम को कोई बशर सिखाता है तो यह आयत नाजिल हुई और अल्लाह तबारक ताला ने फरमाया कि रहमान ने कुरान अपने हबीब मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाह ताला अलैहि वा वसल्लम को सिखाया सूर रहमान की आयत नंबर एक और दो से हासिल

5:28 होने वाली मालूमात इस माना के ऐतबार से इन आयात से पांच बातें मालूम हुई नंबर एक कुरान पाक अल्लाह ताला की बहुत बड़ी नेमत है इसीलिए सबसे पहले उसका जिक्र फरमाया नंबर दो हुजूर अकदर सल्लल्लाहु ताला अलैहि वालि वसल्लम के पास कुरान पाक बजहर हजरत जिब्रील अलैहि सलातो अस्सलाम के वास्ते से आया लेकिन दरह कीक अल्लाह ताला ने अपने हबीब सल्लल्लाह ताला अलैहि वा आलि वसल्लम को कुरान सिखाया नंबर तीन मखलूक में से हुजूरे पुर नूर सल्लल्लाहु ताला अलही वा वसल्लम का कोई उस्ताद नहीं बल्कि आपका इल्म मखलूक के वास्ते के बगैर अल्लाह ताला की अता से है नंबर चार हुजूर अकदर सल्लल्लाह ताला अलैहि वा वसल्लम को कुराने पाक के मुत शबे हात

6:14 का इल्म भी दिया गया है क्योंकि जब अल्लाह ताला ने सारा कुरान अपने हबीब को सिखा दिया तो इसमें मुत शब हात का इल्म भी आ गया कि यह भी कुराने पाक का हिस्सा ही है नंबर पांच अल्लाह ताला ने हजरत आदम अला नबीना वा सलाम को तमाम अश के नाम सिखाए जैसा कि इरशाद बारी ताला [संगीत] है तर्जुमा और अल्लाह ताला ने आदम को तमाम अश के नाम सिखा दिए हजरत दाऊद नबी सलाम को जिरा बनाना सिखाई चना इरशाद फरमाया [संगीत]

7:01 तर्जुमा और हमने तुम्हारे फायदे के लिए उसे जंगी लिबास की सनत सिखा दी हजरत सुलेमान अला नबीना सला सलाम को परिंदों की जबान सिखाई जैसा कि हजरत सुलेमान अ सला सलाम ने इसका इजहार करते हुए [संगीत] फरमाया तर्जुमा लोगों हम परिंदों की बोली सिखाई गई है हजरत ईसा सला सलाम को तिब तौरा और इंजील का इम अता फरमाया इरशाद बारी ताला

7:48 है तर्जुमा और अल्लाह उसे किताब और हिकमत और तौरत और इंजील सिखाएगा हजरत ला सलाम को इम लनी अता फरमाया चुना इशाद ना [संगीत] म तर्जुमा और उसे अपना इल्म लनी अता फरमाया और अपने हबीब सल्लल्लाह ताला अलही वसल्लम को जो कुछ सिखाया उसके बारे में इरशाद फरमाया [संगीत] के तर्जुमा रहमान ने अपने को कुरान सिखाया एक और मकाम पर इरशाद

8:36 [संगीत] फरमाया तर्जुमा और महबूब बेशक आपको हिकमत वाले मम वाले की तरफ से कुरान सिखाया जाता है और एक जगह वाज तौर पर फरमा दिया के [संगीत] तमा और आपको वह सब कुछ सिखा दिया जो आप ना जानते थे इससे मालूम हुआ कि सदल मुरसलीन सल्लल्लाह ताला वसल्लम का इल्म तमाम अंबिया कराम बल्कि तमाम मखलूक से ज्यादा [संगीत]

9:22 है तर्जुमा इंसान को पैदा किया उसे बयान सिखाया इंसान इंसान को पैदा किया तफसीर सिराल जनान में है इस आयत और उसके बाद वाली आयत में इंसान और बयान के मिस्ता के बारे में मुफस्सिर के मुख्तलिफ कौल है एक कौल यह है कि यहां इंसान से मुराद दो आलम के सरदार मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु ताला अलही वाली वसल्लम है और बयान से मा काना व मा यक यानी जो कुछ हो चुका और जो कुछ आइंदा होगा का बयान मुराद है क्योंकि नबी करीम सल्लल्लाह ताला अ वा वसल्लम अव्वन और आखिरी और कयामत के दिन की खबरें देते थे एक कौल यह है कि यहां इंसान से मुराद हजरत

10:07 आदम अली सलातो वसलाम है और बयान से मुराद तमाम चीजों के असमा और तमाम जबान का बयान मुराद है और एक कॉल यह है कि यहां इंसान से उसकी जिंस यानी हजरत आदम अली सलातो वस्सलाम और इनकी तमाम औलाद मुराद है और बयान से मुराद गुफ्तगू की सलाहियत है जिसकी वजह से इंसान दीगर हैवान मुमताज होता [संगीत] है तर्जुमा सूरज और चांद हिसाब से है अमस वल कमरस सूरज और चांद हिसाब से हैं तफसीर सिराल जनान में है इस आयत में अल्लाह ताला ने आसमानी नेमतों में दो ऐसी नेमत बयान

10:54 फरमाई जो जाहिरी तौर पर नजर आती है और वो नेमत सूरज और चांद है इन नेमतों की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगर सूरज ना होता तो अंधेरा कभी खत्म ही ना होता और अगर चांद ना होता तो बहुत सारी जाहिरी नेमतें खत्म होकर रह जाती और इनका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सूरज और चांद मयन अंदाजे के साथ अपने-अपने बुरूज और मनाजिल में हरकत करते हैं क्योंकि अगर सूरज हरकत करने की बजाय एक ही जगह खड़ा रहे तो उससे कोई भी फायदा नहीं उठा सकता और अगर उसकी गर्दिश लोगों को हो तो मामलात ठीक तरह से सर अंजाम नहीं दे सकते और इनका एक फायदा यह है कि औकात के हिसाब सालों और महीनों का शुमार उन्हीं की रफ्तार से होता

11:42 [संगीत] है तर्जुमा और सब्ज और दरख्त सजदा करते हैं नजर और सब्ज और दरख्त सजदा करते हैं तफसीर सरा यहां नजम से मुराद जमीन से पैदा होने वाली वह नबाद है जो तना नहीं रखती जैसे सब्जा और अंगूर की बैल वगैरा और शजर से मुराद वह नबाद है जो तना रखती हैं जैसे गंदम जौ और दरख्त वगैरा और उनके सजदा करने से मुराद यह है कि उनके साय सजदा करते हैं इसकी ताई इस आयत से भी होती है [संगीत]

12:38 अयमी [संगीत] शमा सुला तर्जुमा और क्या उन्होंने इस तरफ ना देखा कि अल्लाह ने जो चीज भी पैदा फरमाई है उसके साय अल्लाह को सजदा करते हुए दाएं और बाएं झुकते हैं और वह साय आजी कर रहे हैं और बाज मुफस्सिर ने फरमाया कि सजदा करने से मुराद यह है कि वह अल्लाह ताला के हुक्म के फरमाबरदार हैं सब्ज और दरख्तों की अहमियत याद रहे कि सब्जे और दरख्त जमीन पर अल्लाह ताला की बहुत बड़ी नेमतें हैं और इन नेमतों की अहमियत का कुछ अंदाजा यूं लगा सकते हैं कि अगर यह ना हो तो इंसान

13:25 रिस्क के वाफ हिस्से से महरूम हो जाएगा और जानवरों गोश्त खाने को तरस जाएगा क्योंकि जानवरों की नशो नुमा उन्हीं से होती है और जब यह सब्ज ना होंगे तो जानवर कैसे पले बढ़ेंगे और जब जानवर पले बढ़ेंगे नहीं तो इंसान इनका गोश्त कहां से हासिल करेंगे समा [संगीत] तर्जुमा और आसमान को अल्लाह ने बुलंद किया और तराजू रखी कि तराजू में नाइंसाफी ना करो व समा और आसमान को अल्लाह ने बुलंद किया

14:13 तफसीर सिराल जनान में है अल्लाह ताला ने आसमान को महल और रुतबे के तबार से बुलंद पैदा फरमाया है महल के तबार से बुलंदी तो जाहिर है कि आसमान जमीन से ऊंचा है जबकि रुतबे के तबार से आसमान की बुलंदी यह है कि वो फरिश्तों का मसकन है और यहीं से अल्लाह ताला के अह काम सादिर होते हैं वल मीजान और तराजू रखी तफसीर सिराल जनान में है एक कौल यह है कि यहां मीजान से मुराद अदल करना है इस सूरत में आयत का माना यह है कि अल्लाह ताला ने मखलूक के दरमियान तमाम मामलात में अदल करने का हुक्म दिया है और एक कॉल यह है कि मीजान से मुराद वो तमाम आला हैं जिनसे अश्या का वजन किया जाए और उन की मिक दारे मालूम हो सके जैसे

15:01 तराजू अश्या नापने के आला और पैमाने वगैरह इस सूरत में आयत के इस हिस्से और उसके बाद वाली आयत का माना यह है कि अल्लाह ताला ने जमीन पर अशिम और तोलने के आला पैदा फरमाए और अपने बंदों पर लेनदेन के मामलात में अदल कायम रखने और बराबरी करने के अह काम नाफिया ताकि वह नाप तोल में नाइंसाफी ना करें और किसी की हक तलफ ना हो ना अपने तोलने के आलादिन अल्लाह ताला की जिस नेमत का बयान इस आयत में हुआ उसकी अहमियत का अंदाजा इस बात से बा आसानी लगाया जा सकता है कि लोग अपने साथ गबन और धोखा दिही पसंद नहीं करते और ना ही कोई इस बात पर राजी

15:46 होता है कि दूसरा शख्स किसी चीज में इस पर गालिब आ जाए चाहे वह चीज मामूली सी ही क्यों ना हो लिहाजा अगर नाप तोल के मामलात में अदल इंसाफ और बराबरी ना हो तो माशे में जो झगड़े और फसा दत बरपा होंगे और आपस में जो बगज नात पैदा होगा वह किसी अकलमंद से ढका छुपा नहीं हजरत कता रद अल्लाह ताला अन्हो इसी आयत की तफसीर में फरमाते हैं ऐ इंसान तू दूसरों के साथ इसी तरह इंसाफ कर जिस तरह तुझे पसंद है कि तेरे साथ इंसाफ किया जाए और तू दूसरों को इसी तरह पूरा पूरा नाप तोल कर दे जैसे तुझे पूरा पूरा नाप तोलक लेना पसंद है क्योंकि अदल इंसाफ ही से लोगों के हालात दुरुस्त रह सकते

16:35 [संगीत] हैं तर्जुमा और इंसाफ के साथ तोल कायम करो और वजन ना घटाओ ल वजन बिल और इंसाफ के साथ तोल कायम करो तफसीर सरात जनान में है या जब तुम लोगों के लिए कोई चीज नापो या तोलो तो इंसाफ के सा नाप तोल करो और इस चीज का वजन कम ना करो नाप तोल में इंसाफ करने का हुक्म दिया गया नाप तोल में इंसाफ करने का हुकम देते हुए एक और मकाम पर अल्लाह ताला इरशाद फरमाता है मु

17:28 तर्जुमा और जब माप करो तो पूरा माप करो और बिल्कुल सही तराजू से वजन करो यह बेहतर है और अंजाम के तबार से अच्छा है और इरशाद फरमाता है मनन मु [संगीत] तर्जुमा लोगों नाप पूरा करो और नाप तोल को घटाने वालों में से ना हो जाओ और बिल्कुल

18:15 दुरुस्त तराजू से तोलो और लोगों को उनकी चीजें कम करके ना दो और जमीन में फसाद फैलाते ना फिरो और कम नापने तोलने वालों के बारे में इरशाद फरमाता है [संगीत] व [संगीत] कालन य अलाय [संगीत]

19:08 तर्जुमा कम तोलने वालों के लिए खराबी है वह लोग कि जब दूसरे लोगों से नाप ले तो पूरा वसूल करें और जब उन्हें नाप या तोल कर दे तो कम कर दे क्या यह लोग यकीन नहीं रखते कि इन्हें उठाया जाएगा एक अजमत वाले दिन के लिए जिस दिन सब लोग रब्बुल आलमीन के हुजूर खड़े होंगे और हजरत अब्दुल्लाह इब्ने उमर रद अल्लाह ताला अमा फरमाते हैं रसूल करीम सल्लल्लाह ताला अल वा वसल्लम ने हमारी तरफ तवज्जो फरमाई और इरशाद फरमाया ऐ मुहाजिरीन जब तुम पांच बातों में मुब्तला कर दिए जाओ और मैं खुदा से पनाह मांगता हूं कि तुम इन बातों को पाओ पहली बात यह है कि जब किसी कौम में बेहयाई के काम लानिया होने लग जाएं तो इनमें ताऊ और वो बीमारियां आम हो

19:55 जाती हैं जो पहले कभी जाहिर ना हुई थी दूसरी बात यह है कि जब लोग नाप तोल में कमी करने लग जाते हैं तो उन पर कहत और मुसीबतें नाजिल होती हैं और बादशाह उन पर जुल्म करते हैं तीसरी बात यह है कि जब लोग जकात की अदायगी छोड़ देते हैं तो अल्लाह ताला बारिश को रोक देता है अगर जमीन पर चौपाई ना होते तो आसमान से पानी का एक कतरा भी ना गिरता चौथी बात यह है कि जब लोग अल्लाह ताला और उसके रसूल के अहद को तोड़ देते हैं तो अल्लाह ताला उन पर उनके गैरों में से दुश्मनों को मुसल्लत कर देता है तो व उनका माल वगैरा छीन लेते हैं पांचवी बात यह है कि जब मुसलमान हुक्मरान अल्लाह ताला के कानून को छोड़कर दूसरा कानून और अल्लाह ताला के अकाम में से कुछ

20:41 लेते और कुछ छोड़ते हैं तो अल्लाह ताला उनके दरमियान इख्तिलाफ पैदा फरमा देता है [संगीत] ला तर्जुमा और उसने मखलूक के लिए जमीन रखी उसमें फल मेवे और गिलाफ वाली खजूर हैं

21:29 और भूसे वाला अनाज और खुशबूदार फूल है तो जिन्नो इंसान तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुठला होगे ना और उसने मखलूक के लिए जमीन रखी तफसीर सिराल जनान में है इरशाद फरमाया कि अल्लाह ताला ने उस मखलूक के लिए जमीन को फर्श की तरह बिछा दिया जो उसमें रहती और बसती है ताकि व इसमें आराम करें और फायदे उठाए फ फाहा उसमें फल मेवे हैं तफसीर सिराल जनान में है इस आयत और इसके बाद वाली आयत में अल्लाह ताला ने चंद वो मनाफ बयान फरमाए हैं जो उसने मखलूक के लिए जमीन में पैदा फरमाए हैं इन आयात का खुलासा यह है कि जमीन में बेशुमार अक्साम के फल मेवे और

22:17 गिलाफ वाली खजूर हैं जिनमें बहुत बरकत है और भूसे वाला अनाज जैसे गंदम और जौ वगैरह पैदा फरमाया है भूसे का फायदा यह है कि उसमें अनाज देर तक महफूज रहे और जब तुम अनाज इस्तेमाल कर लो तो व भूसा तुम्हारे जानवरों के चारे में काम आएगा और जमीन में तरह तरह के खुशबूदार फूल पैदा फरमाए ताकि उनकी खुशबू सूं करर तुम्हें फरहत हासिल हो और वह फूल तुम्हारी जेबो जीनत में काम आए फरमा तो जिन्नो इंसान तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन्नो इंस के ग्रह जो नेमत तुम्हारे सामने बयान की गई उनमें से तुम दोनों अपने रब अज्ज वजल की

23:02 कौन-कौन सी नेमत को टला होगे हिदायत और नसीहत करने का बेहतरीन उलूबारी है और इस सूरत में बार-बार नेमतों का जिक्र फरमा करर यह इरशाद फरमाया गया है कि तुम अपने रब अजज वजल की कौन-कौन सी नेमत को झुट आओगे यह हिदायत और नसीहत करने का बेहतरीन उलूबारी है कि सुनने वाले के नफ्स को तंब हो और उसे अपने जुर्म और कोताही का हाल मालूम हो जाए कि उसने किस कदर नेमतों को झुट आया है और उसे अपने करतूतों पर शर्म आए और इस तरह वह नेमतों का शुक्र अदा करने और फरमाबरदार करने की तरफ माइल हो और यह समझ ले कि अल्लाह ताला की उस पर बेशुमार नेमतें हैं हजरत जाबिर रजी अल्लाह ताला

23:50 अन्हो फरमाते हैं नबीए करीम सल्लल्लाहु ताला अलही वा वसल्लम अपने सहाबा कराम अ रिद्वान के पास तशरीफ लाए और उनके सामने सूर शुरू से लेकर आखिर तक पढ़ी साबाम अवान य सूरत सुनकर खामोश रहे तो आप सल्लल्लाह ताला वसल्लम ने इरशाद फरमाया मैंने यह सूरत जिन्नात को सुनाई तो उन्होंने तुमसे अच्छा जवाब दिया जब मैं यह आयत फरमा तुबान पढ़ता तो वह कहते हमारे रब अजज वजल हम तेरी किसी नेमत को भी नहीं झुट आते और तमाम तारीफें तेरे ही लिए [संगीत]

24:38 तर्जुमा उसने इंसान को ठेकरी की तरह बजने वाली सूखी मिट्टी से पैदा किया ल उसने इंसान को ठेकरी की तरह बजने वाली सूखी मिट्टी से पैदा किया तफसीर सिराल जनान में है यहां इंसान से मुराद हजरत आदम अला नबीना सला सलाम है और इस आयत में अल्लाह ताला ने आप अली सलातो सलाम की पैदाइश की कैफियत का एक अंदाज बयान फरमाया है कुराने पाक में दीगर मकामा पर आप अ सला सलाम की पैदाइश की कैफियत के और अंदाज भी बयान फरमाए गए हैं चुनांचे एक मकाम पर इरशाद फरमाया तर्जुमा वही है जिसने तुम्हें

25:25 मिट्टी से बनाया एक मकाम पर इरशाद फरमाया [संगीत] व [संगीत] सु तर्जुमा और बेशक हमने इंसान को चुनी हुई मिट्टी से बनाया एक और मकाम पर इरशाद फरमाया तर्जुमा बेशक हमने इन्ह ने वाली मिट्टी से बनाया एक मकाम पर इरशाद

26:13 फरमाया तर्जुमा और बेशक हमने इंसान को खुश्क बजती हुई मिट्टी से बनाया जो ऐसे सिया गारे की थी जिससे बू आती थी इन सब आयात का माना एक ही है और उसकी तफसील यह है कि हजरत आदम नबीला सलाम की पैदाइश से पहले हर किस्म की मिट्टी जमा फरवाई गई फिर उसे पानी से गंधा गया तो व मिट्टी ऐसा सिया गारा बन गई जिससे बू आती थी इससे अल्लाह ताला ने हजरत आदम अला नबीला सलाम का जिस्म मुबारक बनाया और जब वह मिट्टी खुश्क हो गई तो हवा गुजरने की वजह से ठेकरी की तरह बजने लगी [संगीत]

27:16 रमा तर्जुमा और उसने जिन को बगैर धुए वाली आग के खालिस शोले से पैदा किया तो जिन्नो इंसान तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला म मना और उसने जिन को बगैर धुए वाली आग के खालिस शोले से पैदा किया तफसीर सरा जनान में है यहां जिन से मुराद इब्लीस है इब्लीस को अल्लाह ताला ने हजरत आदम नबीला सलाम से पहले आग से पैदा फरमाया जैसा कि एक और मकाम पर अल्लाह ताला ने इरशाद फरमाया [संगीत]

28:05 तर्जुमा और हमने इससे पहले जिन को बगैर धुए वाली आग से पैदा किया हजरत आयशा सिद्दीका रज अल्लाह ताला अन्हा से रिवायत है नबी अकरम सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया फरिश्तों को नूर से पैदा किया गया इब्लीस को खालिस आग से पैदा किया गया और हजरत आदम अली सलातो सलाम को इस तरह पैदा किया गया जिस तरह तुम्हारे साम साने अल्लाह ताला ने कुरान में बयान किया फरमा तो जिन्नो इंसान तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुठला होगे तफसीर सिरात जरान में है यानी जिन्नो इंसान के गिरोह तुम्हारी तखक की मुख्तलिफ यतो में अल्लाह ताला ने तुम पर जो नेमत फरमाई हत्ता कि तुम्हें मुरक बात में से अफजल और

28:51 कायनात का खुलासा बना दिया इनमें से तुम दोनों अपने रब अज वजल की कौन-कौन सी नेमत को टला होगे रबल मशर म रमा तर्जुमा व दोनों मशरिक का रब है और दोनों मगरिब का रब है तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को लाओगे रबल मशर व दोनों मशरिक का रब है सरा जनान में है इस आयत में दोनों मशरिक और दोनों मगरिब से गर्मियों और सर्दियों के मौसम में सूरज तुलू और गुरूब होने के दोनों मकाम मुराद

29:37 है फरमान तो तुम दोनों अपने रब की कौन सी नेमत झुट आओगे तफसीर सिराल जनान में है यानी सर्दी और गर्मी के दोनों मशरिक और मगरिब में जो बेशुमार फवाइव का मोदिल होना मुख्तलिफ मौसमों जैसे सर्दी गर्मी बहार और खजा का आना और हर मौसम की मुनासिब से मुख्तलिफ चीजों का पैदा होना वगैरा तो इनमें से तुम दोनों अपने रब अजल की कौन सी नेमत लाओगे मरजल [संगीत] बया बमा बला [हंसी]

30:26 [संगीत] ला [संगीत] रमा तमा उसने दो समुंदर बहाए के दोनों मिले हुए लगते हैं उनके दरमियान एक आड़ है कि व एक दूसरे की तरफ बढ़ नहीं सकते तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को झुठला होगे इन समुंदरों से मोती और मोंगा निकलता है तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुठला होगे मरजल बहर उसने दो समुंदर बहाए तफसीर सिराल जनान में है इस आयत और इसके बाद वाली आयत का खुलासा

31:13 यह है कि अल्लाह ताला ने मीठे और खारी दो ऐसे समुंदर बहाए कि देखने में उनकी सतह आपस में मिली हुई लगती है क्योंकि उनके दरमियान फासला करने के लिए जाहिरी तौर पर कोई चीज हाइल नहीं लेकिन अल्लाह ताला की कुदरत से उनके दरमियान एक आड़ है जिसकी वजह से वह एक दूसरे की तरफ बढ़ नहीं सकते बल्कि हर एक अपनी हद पर रहता है और दोनों में से किसी का जायका भी तब्दील नहीं होता हालांकि पानी की खासियत यह है कि वह दूसरे पानी में फौरन मिल जाता है और उसका जायका भी तब्दील कर देता है मीठे और खारी समुंदरों का जिक्र इन समुंदरों का जिक्र करते हुए एक और मकाम पर अल्लाह ताला ने इरशाद फरमाया [संगीत]

32:06 व जा ब तर्जुमा और वही है जिसने दो समुंदरों को मिला दिया उनमें यह एक मीठा निहायत शीरी है और यह एक खारी निहायत तल है और उनके बीच में उसने एक पर्दा और रोकी हुई आड़ बना दी और इरशाद फरमाया [संगीत] राब [संगीत] मज कुली

32:52 [संगीत] तर्जुमा और दोनों समुंदर बराबर नहीं इनमें से एक यह मीठा खूब मीठा है इसका पानी खुशगवार है और य दूसरा नमकीन बहुत कड़वा है और इन दोनों समंदर में से हर एक से तुम मछली का ताजा गोश्त खाते हो और वह जेवर यानी कीमती मोती निकालते हो जिसे तुम पहनते हो और त कश्तियों को इसमें पानी को चीरते हुए देखेगा ताकि तुम उसका फजल तलाश

33:38 करो और ताकि तुम शुक्र अदा करो फला रमा तुबा तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुठला होगे तफसीर सिरात जरान में है यानी जिन्नो इंसान के गिरोह अल्लाह ताला ने मीठे और खारी दो समुंदर बहाकर और उनमें तुम्हारे पहनने का जेवर रखकर तुम पर जो इनाम किया तुम उन नेमतों में से अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को टला होगे फरमान तो तुम दोनों अपने रब की कौन ककन सी नेमत को झुट लाओगे तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन्नो इंसान के ग्रह अल्लाह ताला ने तुम्हारे लिए इन समुंदरों में मनाफ पैदा फरमा करर तुम पर जो इनाम किया तुम नेमतों में से अपने रब अजल की कौन कौन सी नेमत को टला होगे

34:31 [संगीत] ब रमा तमा और दरिया में पहाड़ों जैसी उठी हुई कितियां उसी की है तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को लाओगे ल जवार बला और दरिया में पहाड़ों जैसी उठी हुई कश्तियां उसी की है तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन चीजों से वह कश्तियां बनाई गई व भी अल्लाह ताला ने पैदा की और उनको तरकीब देने और कश्ती बनाने और कारीगरी करने की अकल भी अल्लाह ताला ने पैदा की और दरियाओ में इन कश्तियों का चलना और तैरना यह सब अल्लाह ताला की कुदरत से

35:19 [संगीत] हैमा तुबा तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को टला होगे तफसीर सरातु जनान में है यानी जिन और इंसान के ग्रह अल्लाह ताला ने तुम्हारे फायदे के लिए समुंदर में पहाड़ों की मानिंद बड़ी बड़ी कश्तियां जारी फरमा करर तुम पर जो इनाम फरमाया तुम उन नेमतों में से अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को झुट लाओगे कु [संगीत] मनर ज [संगीत]

36:10 तर्जुमा जमीन पर जितनी मखलूक है सब फना होने वाली है और तुम्हारे रब की अजमत और बुजुर्ग वाली जात बाकी रहेगी तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे कु मनहा फन जमीन पर जितनी मखलूक सब फना होने वाली है तफसीर सरातु जनान में है यानी जमीन पर जितने जानदार हैं सब हलाक होने वाले हैं क्योंकि दुनिया में इंसान और दीगर जानदार का वजूद आरजी है लिहाजा वह बाकी नहीं रहेगा और जो चीज बाकी ना रहे वह फानी होती है हर जानदार को एक दिन दुनिया से रुखसत जरूर होना है तफसीर रूल बयान में है कि जब यह आयत नाजिल हुई तो फरिश्तों ने कहा कि इंसान हलाक हो गए और जब यह आयत कु

36:56 नसनल मत नाजिल हुई तो फरिश्तों को अपनी मौत का भी यकीन हो गया यर जलाराम और तुम्हारे रब की अजमत और बुजुर्ग वाली जात बाकी रहेगी तफसीर सरा जनान में है यानी हबीब सल्लल्लाह ताला अलही वसल्लम जमीन पर मौजूद तमाम मखलूक फना हो जाएगी और सिर्फ तुम्हारे रब अजज वजल की जात बाकी रहेगी जो अजमत किबरिया वाली है और व अपनी अजमत जलालत के बावजूद अपने अंबिया औलिया और अहले ईमान पर लुफ करम फरमाए और मखलूक के फना होने के बाद उन्हें दोबारा जिंदा करेगा और उन्हें अबदीमंडी

37:57 इराम को लाजिम पकड़ लो और उसकी कसरत किया करो और हजरत मुज जबल र अल्लाह ताला अ फरमाते हैं नबी करीम अला सलाम एक ऐसे शख्स के पास से गुजरे जो या जल जलाली ल इकराम कह रहा था आप अ सला सलाम ने उससे इरशाद फरमाया बेशक तेरी दुआ कबूल कर ली जाएगी त दुआ मांग फरमान तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुट आओगे तफसीर सरातु जनान में है यानी जो नेमत सबके होने पर मुरत है जैसे दोबारा जिंदा होना दामी जिंदगी मिलना और हमेशा बाकी रहने वाली नेमतें अता होना वगैरा तुम दोनों इनमें से अपने रब अजज वजल की कौन-कौन सी नेमत को झुट आओगे फना होना भी एक तबार से नेमत है हजरत अब्दुल्लाह

38:43 बिन अहमद नफी रहमतुल्ला ताला फरमाते हैं फना होना इस तबार से नेमत है कि ईमान वाले मौत के बाद अबदीमंडी रज अल्लाह ताला फरमाते हैं रसूले करीम सल्लल्लाहु ताला अल वसल्लम के पास से एक जनाजा गुजरा तो आपने फरमाया मुस्तरी मुस्तरा सहाबा किराम ने अर्ज की या रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु ता वसल्लम मुस्तरी और मुस्तरा मिन से क्या मुराद है इरशाद फरमाया मोमिन बंदा जब मरता है तो व मुसीबतों से नजात पाकर अल्लाह ताला की आगोश रहमत में जाना चाहता है और बदक आदमी जब मरता है तो उसके मर जाने से अल्लाह ताला के बंदे शहर दरख्त और जानवर भी राहत पाना चाहते हैं और हजरत यया बिन मा राजी

39:29 रहमतुल्ला ता फरमाते हैं मौत को खुशामदीद हो क्योंकि यह वह चीज है जो हबीब को हबीब के करीब कर देती है समा कुलामा तु [हंसी] तर्जुमा आसमान और जमीन में जितने हैं सब उसी के सुवाली हैं वो हर दिन किसी काम में है तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुठला होगे य समा आसमानों और जमीन में जितने हैं सब उसी के सुवाली है तफसीर सिराल जनान में है

40:16 यानी आसमानों में रहने वाले फरिश्ते हो या जमीन पर बसने वाले जिन इंसान या और कोई मखलूक अल गर्ज कोई भी अल्लाह ताला से बे नियाज नहीं बल्कि सब के सब उसके फजल के मोहताज हैं और जबान हाल और काल से उसी की बारगाह के सुवाली हैं इसमें अल्लाह ताला की कुदरत के कमाल की तरफ इशारा है कि हर मखलूक चाहे वो कितनी ही बड़ी क्यों ना हो वह अपनी जरूरियत को अ खुद पूरा करने से आजिज है और अल्लाह ताला की मोहताज है कुल यमिन हुआ फी शान वो हर दिन किसी काम में है तफसीर सिराल जनान में है इस आयत के शाने नुजूल के बारे में कहा गया है कि ये आयत उन यहूदियों के रद में नाजिल हुई जो कहते थे कि अल्लाह ताला हफ्ते के दिन कोई काम नहीं करता चुनांचे इस आयत में इनके कौल का बातिल होना जाहिर फरमाया गया इस आयत का माना यह है कि अल्लाह ताला हर वक्त

41:02 अपनी कुदरत के आसार जाहिर फरमाता है किसी को रोजी देता है किसी को मारता है और किसी को जिंदा करता है किसी को इज्जत देता है और किसी को जिल्लत में मुब्तला कर देता है किसी को मालदार करता है और किसी को मोहताज किसी के गुनाह बख्श है और किसी की तकलीफ दूर करता है यहां इसी से मुतालिक दो अहा दीस और एक हिकायत मुलाहिजा हो नंबर एक हजरत अबू दरदा रदी अल्लाह ताला अन से रिवायत है ताजदार रिसालत सल्लल्लाह वसल्लम ने इस आयत कुमिन हुआ फी शान के बारे में इरशाद फरमाया कि अल्लाह ताला की शान यह है कि वह गुनाह बख्ता है मसाइल दूर करता है किसी कौम को बुलंदी अता फरमाता है और किसी कौम को पस्ती से दो चार कर देता है नंबर दो हजरत उबैद बिन उमर रद अल्लाह ताला अन से इस आयत कु यमिन हुआ फी शान के

41:49 बारे में मरब है अल्लाह ताला की शान यह है कि वह परेशान हाल की परेशानी दूर करता है दुआ करने वाले की दुआ कबूल फरमाता है मरीज को शिफा देता है और मांगने वाले को अता करता है मनकुल है कि एक बादशाह ने अपने वजीर से इस आयत के माना दरयाफ्त किए तो उसने एक दिन की मोहलत चाही और इंतिहा परेशान और गमजदा होकर अपने मकान पर चला आया उसके हब्शी गुलाम ने वजीर को परेशान देखकर कहा ऐ मेरे आका आपको क्या मुसीबत पेश आई है बयान तो कीजिए जब वजीर ने सारी बात उसके सामने बयान कर दी तो गुलाम ने कहा मैं इसके माना बादशाह को समझा दूंगा वजीर ने इस हशी गुलाम को बादशाह के सामने पेश किया तो गुलाम ने कहा ऐ बादशाह अल्लाह ताला की शान यह है कि वह रात को दिन में दाखिल करता है और दिन को रात में मुर्दे से जिंदा निकालता है और जिंदे से मुर्दा

42:37 बीमार को तंदुरुस्ती देता है और तंदुरुस्त को बीमार करता है मुसीबत जदा को रिहाई देता है और बे गमों को मुसीबत में मुब्तला करता है इज्जत वालों को जलील करता है और जलील को इज्जत देता है मालदार को मोहताज करता है और मोहताज को मालदार बनाता है बादशाह को गुलाम का जवाब बहुत पसंद आया और उसने वजीर को हुकम दिया कि इस को विजारत की खिलत पहना दे गुलाम ने वजीर से कहा आका यह भी अल्लाह ताला की एक शान है नोट इस मकाम पर एक बात जहन नशीन रखें कि अल्लाह ताला के लिए मसरूफ और मशगूल का लफ्ज इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि अल्लाह ताला इन औसाफ से पाक है फरमा तुबान तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुलाओ ग तफसीर सरातु

43:24 जनान में है यानी जिन्नो इंसान के ग्रह अल्लाह ताला के जो एहसाना बयान हुए उनका मुशाहिद करने के बावजूद तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कौन सी नेमत को लाओग [संगीत] सन रमा तर्जुमा जिन इंसानों की गिरोह अभी हम तुम्हारे हिसाब का कस्त फरमाएंगे तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को टला होगे अलान ऐ जिन्न और इंसानों के ग्रह तफसीर सरातु जनान में है इस आयत में अल्लाह ताला

44:11 ने जिन्न और इंसानों को खौफ दिलाते हुए इरशाद फरमाया कि जिनन और इंसानों के ग्रह अन करीब हम तुमसे हिसाब लेने और तुम्हें तुम्हारे आमाल की जजा देने का कस्त फरमाएंगे जिन्नात और इंसानों को स कलान फरमाने की वजू हात मुरीन ने जि और इंसानों को सकला फरमाए जाने की मुख्तलिफ वजू हात बयान की हैं इनमें तीन वजू हात दर्ज जेल है नंबर एक जमीन पर मौजूद दीगर मखलूक के मुकाबले में सिर्फ जिन्नो और इंसानों को शरई अह काम का मुकलम बनाया गया इनकी इस अजमत की वजह से इन्हें स कलान फरमाया गया नंबर दो जिंदगी और मौत दोनों सूर तों में जमीन पर इनका वजन है इसलिए इन्हें सकला फरमाया गया नंबर तीन इन्हें सकला इसलिए फरमाया गया कि ये गुनाहों की वजह से भारी

44:57 हैं तमाम इंसानों के लिए नसीहत इस आयत में तमाम इंसानों के लिए नसीहत है कि दुनिया में वह जैसे चाहे जिंदगी गुजारे लेकिन मरने के बाद उन्हें बहरहाल अल्लाह ताला की बारगाह में अपने किए हुए आमाल का हिसाब देना होगा और फिर जिस तरह के अमल किए होंगे इसी तरह की जजा अल्लाह ताला की तरफ से मिलेगी नोट इस मकाम पर एक बात जहन नशीन रखें कि अल्लाह ताला के लिए फारिग का लफ्ज़ इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि अल्लाह ताला मसरूफियत और फरा के वस् से पाक है इसलिए यहां आयत में सनफ रु से इसका हकीकी माना फरात मुराद नहीं बल्कि इसका मजाजी माना कद करना मुराद है फरमा तुबान तो तुम दोनों अपने रब की

45:44 कौन-कौन सी नेमत को टला होगे तफसीर सिरात जनान में है यानी जिन और इंसान के ग्रह अल्लाह ताला का दीगर नेमत अता करने के साथ-साथ कयामत के दिन आमाल के हिसाब के मामले में तुम्हें तंब करना एक नेमत है तो तुम दोनों अपने अवाल और आमाल के जरिए अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को लाओगे [संगीत] या मन समा लाला

46:35 [संगीत] तर्जुमा जिनो और इंसानों के गिरोह अगर तुमसे हो सके कि आसमानों और जमीन के किनारों से निकल जाओ तो निकल जाओ तुम जहां निकल कर जाओगे वहां उसी की सल्तनत है तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को लाओगे या मा जिव ए जिनो और इंसानों के गिरोह तफसीर सिराल जनान में है इस आयत में अल्लाह ताला ने जिन्नो और इंसानों से खिताब करते हुए फरमाया कि अगर तुम मेरी कजा से भाग सकते हो मेरी सल्तनत और मेरे आसमानों और जमीन के किनारों से निकल सकते हो तो उनसे निकल जाओ और अपनी जानों को मेरे अजाब से बचा लो लेकिन तुम इस बात पर कादिर हो ही नहीं सकते क्योंकि तुम जहां

47:22 भी जाओगे वहीं मेरी सल्तनत है यह हुकम जिन्नो और इंसान का जाहिर करने के लिए दिया गया है फरमा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुलाओ ग तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन और इंसान के गिरोह अल्लाह ताला ने सजा देने पर कादिर होने के बावजूद तुम्हें तबी करके अपने अजाब से डराकर तुम पर आसानी फरमा करर और तुम्हें माफी से नवाज कर तुम पर जो इनामा फरमाए तुम दोनों इनमें से अपने रब अजज वजल की कौन कौन नेमत को लाओगे [संगीत] नस

48:16 [संगीत] फलाला [संगीत] रमा तमा तुम पर धुए वाली आग का शोला और बगैर शोले वाला काला धुआ भेजा जाएगा तो तुम एक दूसरे की मदद ना कर सकोगे तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को जटला होगे रमास तुम पर बगैर धुए वाली आग का शोला और बगैर शोले वाला काला धुआ भेजा जाएगा तफसीर सिराल जनान में है इरशाद फरमाया कि काफिर जिनन और इंसान कयामत दिन जब तुम कब्रों से निकलोगे तो तुम पर बगैर धुए वाली आग का शोला और बगैर शोले वाला काला धुआं भेजा

49:03 जाएगा तो उस वक्त तुम इस अजाब से ना बच सकोगे और ना आपस में एक दूसरे की मदद कर सकोगे बल्कि यह आग का शोला और धुआं तुम्हें महशर की तरफ ले जाएंगे सदरुल अाज मुफ्ती नईमुद्दीन मुरादाबादी अल रहमतुल्ला हादी लिखते हैं हजरत मुतर्जाम अहमद रजा खान अलैहि रहमतुल रहमान ने फरमाया लपट यानी टोले में धुआ हो तो उसके सब अजजा जलाने वाले ना होंगे कि इसमें जमीन के वो अजजा शामिल है जिनसे धुआ बनता है और धुए में लपट हो तो वो पूरा सियाह और अंधेरा ना होगा कि लपट की रंगत शामिल है इस पर बे धुए की लपट भेजी जाएगी जिसके सब अजजा जलाने वाले होंगे और बे लपट का धुआं भेजा जाएगा जो सख्त काला अंधेरा होगा और

49:49 हम उस अजाब से उसी के वजह करीम की पनाह चाहते हैं याद रहे कि पहले से उसकी खबर दे देना यह भी अला ताला का लुफ करम है ताकि उसकी नाफरमानी से बाज रहकर अपने आप को इस बला से बचाया जा सके [संगीत] फरमान तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुट आओगे तफसीर सरा जनान में है यानी जिन और इंसान के गुरो काफिर और गुनाहगार का अंजाम पहले से बयान कर देना अल्लाह ताला का लुफ करम और नेमत है तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कौन सी नेमत को टला होगे [हंसी] [संगीत]

50:39 [हंसी] [संगीत] र तर्जुमा फिर जब आसमान फट जाएगा तो गुलाब के फूल जैसा सुर्ख हो जाएगा जैसे सुर्ख चमड़ा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे फन समा फिर जब आसमान फट जाएगा तफसीर सिराल जनान में है इरशाद फरमाया कि फिर जब कयामत के दिन आसमान इस तरह फट जाएगा कि जगह-जगह से चीरा हुआ होगा और उसका रंग गुलाब के फूल की तरह और ऐसा सुर्ख होगा जैसे बकरे की रंगी हुई खाल होती है तो यह ऐसा हौल नाक मंजर होगा जिसे बोलकर बयान नहीं किया जा सकता कयामत के हौल नाक मनाजिर के बारे

51:24 में पढ़कर रोना इमाम ज सुती शाफ रहमतुल्ला ताला अपनी मशहूर तफसीर दुर मंसूर में नकल करते हैं एक मर्तबा नबी करीम सल्लल्लाह ताला वसल्लम एक नौजवान के पास से गुजरे व नौजवान य [हंसी] [संगीत] आयत पढ़ रहा था आप वही रुक गए और देखा कि इस नौजवान पर कप कपी तारी हो गई है और आंसुओं ने उसका गला बंद कर दिया है वो रोता रहा और यही कहता रहा इस दिन मेरी खराबी होगी जिस दिन आसमान फट जाएगा सैयद उल मुरसलीन सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम ने उस नौजवान से फरमाया उस जात की

52:11 कसम जिसके कब्जा ए कुदरत में मेरी जान है तेरे रोने की वजह से फरिश्ते भी रोए हैं इससे मालूम हुआ कि कुरान मजीद में जहां कहीं कयामत के हॉल नाक मनाजिर बयान किए गए हैं उनकी तिलावत करते वक्त खौफ जदा होना हमारे बुजुर्गा दीन का तरीका है लि हमें भी चाहिए कि ऐसे मकामा की तिलावत करते वक्त दिल में खौफ पैदा करने और आंसू बहाने की कोशिश करनी और अल्लाह ताला से यह दुआ मांगनी चाहिए कि वह हमें कयामत की हौल नाकिया और शिद्दत में अमन सुकून नसीब फरमाए आमीन फर तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुट आओगे तफसीर सरातु जनान में है यानी जब कयामत के दिन आसमान अल्लाह ताला की हैबत से फट जाएंगे और अल्लाह ताला मखलूक के हिब का हुकम देगा तो उस वक्त वही

52:58 तुम कयामत के दिन की हलना कियों से नजात देगा तो जिनन इंसान तुम दोनों इस नेमत का इंकार किस तरह कर सकते होला [संगीत] [हंसी] तर्जुमा तो उस दिन किसी आदमी और जिन से उसके गुनाह के मुतालिक नहीं पूछा जाएगा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे फन तो उस दिन तफसीर सरा जनान में है इस

53:47 आयत की एक तफसीर यह है कि जब लोग कब्रों से उठाए जाएंगे और आसमान फटेगा तो उस दिन फरिश्ते मुजरिमों से दरयाफ्त नहीं करेंगे बल्कि उनकी सूरत देखकर ही उन्हें पहचान लेंगे और उनसे सवाल दूसरे वक्त में होगा जबक लोग हिसाब के मकाम में जमा होंगे दूसरी तफसीर यह है कि जिस दिन आसमान फटेगा तो उस दिन कब्रों से निकलते ही फौरन किसी आदमी और जिन से उसके गुनाह के बारे में नहीं पूछा जाएगा बल्कि जब वह हिसाब की जगह में इकट्ठे होंगे तो उस वक्त उनसे पूछा जाएगा कबान तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे तफसीर सरा यानी जिन और इंसान के गिरोह तुम्हे उन चीजों की खबर देना जिनसे डर कर तुम गुनाहों से बाज आ जाओ और दुनिया में ही

54:34 अल्लाह ताला की तात कर लो यह भी अल्लाह ताला की एक नेमत है तो तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को झुलाओ ग [संगीत] [हंसी] तर्जुमा मुजरिम अपने चेहरों से पहचाने जाएंगे तो उन्हें पेशानी और पांव से पकड़ा जाएगा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुलाओ ग य मुजमा मुजरिम अपने चेहरों से पहचाने

55:21 जाएंगे तफसीर सरा जनान में है इरशाद फरमाया कि कयामत के दिन मुजरिम अपने चेहर से इस तरह पहचाने जाएंगे कि उनके मुंह काले और आंखें नीली होंगी तो हिसाब के बाद जहन्नम के खाज उन्हें पकड़ेंगे और उनके हाथ गर्दन से बांध देंगे और उनके पांव पीठ के पीछे से लाकर पेशा नियों से मिला देंगे फिर इन्ह चेहरों के बल घसीट कर जहन्नम में डाल देंगे और यह भी कहा गया कि बाज मुजरिम पेशा नियों से घसीटे जाएंगे और बाज पांव से घसीट कर जहन्नम में डाले जाएंगे तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे तफसीर सरा जनान में है यानी जिन और इंसान के गुरुह फरिश्तों का तुम में से मुजरिमों और इता गुजार को उनकी

56:08 अलामाठी [संगीत] मु ब [संगीत] हम तर्जुमा यह व जहन्नम है जिसे मुजरिम टला थे जहन्नम जहन्नम और इंतिहा खोलते हुए

56:56 पानी में चक्कर लगाएंगे तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को टला होगे हाही जहन्नम यह वो जहन्नम है तफसीर सिरात जनान में है इस आयत की एक तफसीर यह है कि वो जहन्नम जिसे मुजरिम झुट ते थे वो उनसे दूर नहीं बल्कि उनके करीब है दूसरी तफसीर यह है कि जब कुफर जहन्नम के करीब होंगे तो उस वक्त जहन्नम के खासन उनसे कहेंगे कि यह वो जहन्नम है जिसे तुम दुनिया में झुट ते थे तू फू जहन्नम चक्कर लगाएंगे तफसीर सिराल जनान में है इस आयत में जहन्नम हों का हाल बयान करते हुए अल्लाह ताला ने इरशाद फरमाया कि जहन्नम जहन्नम और उसके इंतिहा खोलते हुए पानी में चक्कर लगाएंगे इसकी एक सूरत यह होगी कि जब वो जहन्नम की आग से जल

57:43 भुकर फरियाद करेंगे तो उन्हें उस जगह ले जाया जाएगा जहां खोलते हुए पानी का चश्मा है वहां उन्हें जलता और खोलता हुआ पानी पिलाया जाएगा और जब इस अजाब पर फरियाद करेंगे तो उन्हे उस जगह ले जाया जाएगा जहां आग का अजाब है दूसरी सूरत यह होगी कि जहन्नम हों पर भूख का अजाब मुसल्लत किया जाएगा जब वो खाने के लिए चीखें तो उन्हें थोहर खिलाया जाएगा और वो उनके हलक में चुप जाएगा तब पानी के लिए शोर मचाएंगे तो फिर इन्हें वहां ले जाया जाएगा जहां खोलते पानी का चश्मा है जब वो पानी अपने चेहरे के करीब करेंगे तो उनके चेहरे का गोश्त गलक उसमें गिर पड़ेगा फिर उसे पिएंगे तो वो उनके पेटों में जोश मारेगा और उनमें मौजूद हर चीज निकाल देगा फिर उन पर भूख मुसल्लत की जाएगी और वह इसी तरह जहन्नम के

58:32 एक तबके से दूसरे तबके में चक्कर लगाएंगे फरमा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन और इंसान के ग्रह अल्लाह ताला का अपनी नाफरमानी के सजाम से दुनिया में ही आगा फरमा देना भी उसकी नेमत है तो तुम दोनों अपने रब अज वजल की कौ कन सी नेमत को झुलाओ गी [संगीत] [हंसी]

59:17 ला तर्जुमा और जो अपने रब के हुजूर खड़े होने से डरे उसके लिए दो जन्नत हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुट आओगे वमन मर और जो अपने रब के हुजूर खड़े होने से डरे तफसीर सिराल जनान में है यहां से अल्लाह ताला ने वोह नेमतें बयान फरमाई है जो उसने अपनी बारगाह में खड़े होने से डरने वाले मुत्त की और मोमिन बंदों के लिए तैयार फरमाई है इस आयत का एक माना यह है कि जैसे दुनिया में कयामत के दिन अपने रब अजज वजल के हुजूर हिसाब की जगह में हिसाब के लिए खड़े होने का डर हो और वह गुनाहों को छोड़ दे और फराइज की बजा आवरी करे तो उसके लिए आखरत में दो जन्नत इस माना की ताई इस आयत मुबारका से भी होती है इरशाद बारी ताला

1:00:03 [संगीत] है तर्जुमा और व जो अपने रब के हुजूर खड़े होने से डरा और नफ्स को खवाहिश से रोका तो बेशक जन्नत ही ठिकाना है दूसरा माना ये है कि जो इस बात से डरे कि उसके तमाम आमाल अल्लाह ताला जानता है और वो उसके आमाल की निगरानी रखता है और इस खौफ की वजह से व बंदा गुनाह छोड़ दे तो उसके लिए आखिरत में दो जन्नत हैं इस माना की ताई इस आयत से भी होती हैन

1:00:50 कुमा तर्जुमा तो क्या वो खुदा जो हर शख्स पर उसके आमाल की निगरानी रखता है अल्लाह ताला के हुजूर खड़े होने से डरने वाले को दो जन्नतें मिलने की वजू हात दो जन्नत से मुराद जन्नत अदन और जन्नत नईम है और दो जन्नतें मिलने की वजू हात मुफस्सिर ने मुख्तलिफ बयान फरमाई हैं नंबर एक एक जन्नत अल्लाह ताला से डरने का सिला है और एक नफ सानी ख्वाहिश तर्क करने का सिला है नंबर दो एक जन्नत उसके दुरुस्त अकीदा रखने का सिला है और एक जन्नत उसके नेक आमाल का सिला है नंबर तीन एक जन्नत उसकी फरमाबरदार करने का सिला है और एक जन्नत गुनाह छोड़ देने का सिला है नंबर चार एक जन्नत सवाब के तौर पर मिलेगी और एक जन्नत अल्लाह ताला के फजल के तौर पर मिलेगी एक जन्नत उसकी

1:01:35 रिहाइश के लिए होगी और दूसरी जन्नत उसकी बीवियों की रिहाइश के लिए होगी अल्लाह ताला का खौफ बड़ी आला नेमत है इस आयत से मालूम हुआ कि अल्लाह ताला का खौफ बड़ी आला नेमत है अल्लाह ताला सब मुसलमानों को अपना खौफ नसीब करें अमीरुल मोमिनीन हजरत उमर फारूक रद अल्लाह ताला अन्हो के जमाना मुबारका में एक नौजवान बहुत मुत्त की और परहेज गार व इबादत गुजार था हत्ता कि हजरत उमर रजि अल्लाह ताला अन्हो भी इसकी इबादत पर ताज्जुब किया करते थे वो नौजवान नमाज इशा मस्जिद में अदा करने के बाद अपने बूढ़े बाप की खिदमत करने के लिए जाया करता था रास्ते में एक खुबू औरत उसे अपनी तरफ बुलाती और छेड़ी थी लेकिन यह नौजवान इस पर तवज्जो दिए बगैर निगाहें झुकाए गुजर जाया करता था आखिरकार एक दिन वो नौजवान शैतान के वर्ग लाने और इस औरत की दावत पर बुराई

1:02:22 के इरादे से उसकी जानिब बढ़ा लेकिन जब दरवाजे पर पहुंचा तो उसे अल्लाह ताला का यही फरमाने आलीशान याद आ [संगीत] गया तर्जुमा बेशक जब शैतान की तरफ से परहेज गारों को कोई खयाल आता है तो फौरन हुक्म खुदा याद करते हैं फिर उसी वक्त उनकी आंखें खुल जाती है इस आयत पाक की याद आते ही उसके दिल पर अल्लाह ताला का खौफ इस कदर गालिब हुआ कि वो बेहोश होकर जमीन पर गिर गया जब ये बहुत देर तक घर ना पहुंचा तो उसका बूढ़ा बाप उसे तलाश करता हुआ वहां

1:03:08 पहुंचा और लोगों की मदद से उसे उठवा करर घर ले आया होश आने पर बाप ने तमाम वाकया दरयाफ्त किया नौजवान ने पूरा वाकया बयान करके जब इस आयत पाक का जिक्र किया तो एक मर्तबा फिर उस पर अल्लाह ताला का शदीद खौफ गालिब हुआ उसने एक जोरदार चीख मारी और उसका दम निकल गया रातों रात ही उसके गुस्ल कफन और दफन का इंतजाम कर दिया गया सुबह जब यह वाकया हजरत उमर रदी अल्लाह ताला अन की खिदमत में पेश किया गया तो आप उसके बाप के पास ताजिद के लिए तशरीफ ले गए और उससे फरमाया कि आपने हमें इतना क्यों नहीं दी ताकि हम भी जनाजे में शरीक हो जाते उसने अर्ज की अमीरुल मोमिनीन उसका इंतकाल रात में हुआ था और आपके आराम का ख्याल करते हुए बताना मुनासिब मालूम ना हुआ आपने फरमाया मुझे उसकी कब्र पर ले चलो वहां

1:03:54 पहुंचकर आपने ये आयत मुबारक पढ़ी जता तर्जुमा और जो अपने रब के हुजूर खड़े होने से डरे उसके लिए दो जन्नत हैं तो कबर में से उस नौजवान ने जवाब देते हुए कहा या अमीर मोमिनीन बेशक मेरे रब ने मुझे दो जन्नतें अता फरमाई है फरमा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे यानी जिन और इंसान के गुरो जब अल्लाह ताला ने तुम्हारे आमाल के सवाब के लिए जन्नत बनाई है तो तुम दोनों अपने रजल की कौन कौन सी नेमत को झुट [संगीत]

1:04:47 आओगे तर्जुमा शाखों वाली है तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को झुलाओ ग अना बहुत सी शाखों वाली हैं तफसीर सिरात जनान में है यहां से उन दो जन्नत के औसाफ बयान किए जा रहे हैं चुनांचे इरशाद फरमाया कि इन जन्नत का एक वस् यह है कि वह दोनों जन्नत फलों से लदी हुई शाखों वाली है और हर शाख में किस्म किस्म के मेवे हैं फरमा कबान तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे त रा जनान में है यानी जिन और इंसान के गुरुह तात गुजार को ऐसा सवाब देकर अल्लाह ताला ने जो तुम पर

1:05:32 इनाम फरमाया तो उनमें से तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को टला होगे [संगीत] फया जमा उनमें दो चश्मे बह रहे हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को टला होगे फीमा आईना त जरिया उनमें दो चश्मे बह रहे हैं तफसीर सरातु जनान में है यहां इन जन्नत का एक और वस्फ बयान हुआ कि उनमें से हर एक जन्नत में साफ और मीठे पानी के दो चश्मे बह रहे हैं उनमें से एक का नाम

1:06:18 तसनीम और दूसरे का नाम सलसबील है बाज मुफस्सिर ने फरमाया कि एक चश्मा खराब ना होने वाले पानी का है और एक चश्मा ऐसी शराब का है जो पीने वालों के लिए लज्जत बख्श है फरमा तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुट लाओगे तफसीर सिराल जनान में है यानी ए जिन्न और इंसान के गुरुह अल्लाह ताला ने तुम्हें यह चश्मे अता करके तुम्हारी नेमत में इजाफा फरमाया तो तुम उसकी कुदरत और नेमत का इंकार कैसे कर सकते हो और तुम दोनों अपने रब अजज वजल की कौन कन सी नेमत को [संगीत]

1:07:15 लाओगे तर्जुमा इन दोनों बागों में हर फल की दो दो किस्में हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे फमा इन दोनों बागों में हर फल की दोदो किस्में है तफसीर सिराल जनान में है दो किस्मों से मुराद यह है कि बाज वह फल है जो दुनिया में देखे गए और बाज वह अजीबो गरीब फल है जो इससे पहले कभी ना देखे गए या इससे मुराद यह है कि बाज फल खुश्क है और बाज तर य यह मुराद है कि बाज फल खालिस मीठे हैं और बाज तुर्शी की तरफ माइल है तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुलाओ ग यानी जिन और इंसान के गिरोह तुम

1:08:02 लज नेमतों में से अपने रबल की कौन कन सी नेमत को टला [संगीत] होगे मन [संगीत] [हंसी] [संगीत] तर्जुमा और जन्नती ऐसे बिछ पर तकिया लगाए हुए होंगे जिनके अंदरूनी हिस्से मोटे रेशम के हैं और दोनों जन्नत के फल झुके हुए होंगे तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को झुट लाओगे

1:08:48 मुतला फ बिछ पर तकिया लगाए हुए होंगे तफसीर सिराल जनान में है यानी जन्नती लोग बादशाहों की तरह आराम और राहत से ऐसे बिछोर पर टेक लगाकर बैठे हुए होंगे जिनके अंदरूनी हिस्से मोटे रेशम के होंगे हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद और हजरत अबू हुरैरा रद अल्लाह ताला अनहुक हिस्से का यह हाल है तो जाहिरी हिस्से का क्या हाल होगा और हजरत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रद अल्लाह ताला अमा फरमाते हैं अल्लाह ताला ने इन बिछोर हिस्से का हाल तो बयान कर दिया लेकिन जाहिरी हिस्से का बयान नहीं किया क्योंकि जमीन में कोई ऐसी चीज है ही नहीं जिससे उनके जाहिरी हिस्सों का हाल पहचाना जा सके व जनल जतनी दान और दोनों जन्नत का फल झुका

1:09:37 हुआ है यानी इन दोनों जन्नत का फल इतना करीब होगा कि खड़ा बैठा और लेटा हर शख्स उसे चुन लेगा जबकि दुनिया के फलों में यह खासियत नहीं है हजरत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रद अल्लाह ताला अनमा फरमाते हैं कि दरख्त इतना करीब होगा कि अल्लाह ताला के प्यारे बंदे खड़े या बैठे जैसे चाहेंगे उसका फल चुन लेंगे फर तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे तफसीर सरा जनान में है यानी जिन और इंसान के गिरोह उन लजीज और बाकी रहने वाली नेमतों में से तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कौन सी नेमत को झुलाओ ग

1:10:23 [संगीत] तर्जुमा उन जनतो में व औरत हैं कि शौहर के सिवा किसी को आंख उठाकर नहीं देखती जिन्ह उनके शौहर से पहले ना किसी आदमी ने छुआ और ना किसी जिन ने तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुठला होगे फरा तर्फ उन जन्नत में वो औरतें हैं कि शौहर के सिवा किसी को आंख उठाकर नहीं

1:11:09 देखती तफसीर सिराल जनान में है इस आयत का खुलासा यह है कि इन जन्नत के महल्ला में जन्नती मर्दों के लिए ऐसी बीवियां होंगी जो अपने शौहर के अलावा किसी और की तरफ आंख उठाकर नहीं देखेंगी और उनमें से हर एक अपने शौहर से कहेगी मुझे अपने रब अज्ज वजल की इज्जत जलाल की कसम जन्नत में मुझे कोई चीज तुझसे ज्यादा अच्छी नहीं मालूम होती तो उस खुदा अज्ज वजल की हमद है जिसने तुम्हें मेरा शौहर बनाया और मुझे तुम्हारी बीवी बनाया और वो बीवियां ऐसी होंगी कि उन्हें उनके जन्नती शौहर के अलावा ना किसी आदमी ने छुआ होगा और ना ही किसी जिन ने इन बीवियों से मुराद हूरे ऐन है क्योंकि वो जन्नत में पैदा की गई हैं इसलिए उनके शौहर के सिवा उन्हें किसी ने नहीं छुआ बाज

1:11:54 मुफस्सिर ने फरमाया इनसे मुराद दुनिया की औरतें हैं उन्हें दोबारा कंवारिया पैदा किया जाएगा और उस पैदाइश के बाद उन्हें उनके शहरों के अलावा किसी और ने ना छुआ होगा आयत फीरा तर्फ से हासिल होने वाली मालूमात इस आयत से चंद बातें मालूम हुई नंबर एक तकवा और शर्मो हया औरत का बहुत बड़ा कमाल है नंबर दो अजनबी औरत का मुत्त की परहेज गार मर्द से भी पर्दा है क्योंकि जन्नत में सब मुत्त की होंगे मगर उनसे भी पर्दा होगा नंबर तीन पर्दा अल्लाह ताला की वो नेमत है जो जन्नत में भी होगी नंबर चार ूर पैदा हो चुकी हैं और जन्नत की तमाम नेमतों की तरह वह भी मौजूद है नंबर पांच हजरत आदम अली सलातो सलाम अगरचे जन्नत में रहे और वहां

1:12:42 की नेमतें खाई मगर आप अली सलातो सलाम हूरों की तरफ माइल ना हुए क्योंकि हूरे सिर्फ जजा के तौर पर मिलेंगी फरमा तो तुम दो अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन और इंसान के ग्रह अल्लाह ताला ने तुम्हारी तबीयत के मुवाफीनामा अलावा किसी और की तरफ नहीं देखती तो तुम अल्लाह ताला का इंकार किस तरह करते हो और तुम दोनों अपने रब अजल की कौन ककन सी नेमत को टला होगे [संगीत]

1:13:32 [हंसी] तर्जुमा गोया व लाल और मोंगा है तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे यावल मरजा गोया व लाल और मोंगा है तफसीर सिराल जनान में है या जन्नती हूरे सफाई और खुश रंगी में लाल और म पत्थर की तरह है जन्नती हूरों की सफाई और खुश रंगी जन्नती हूरों के बारे में हजरत अब्दुल्लाह इने मसूद रज अल्लाह ताला अन से रिवायत है ताजदार रिसालत सल्लल्लाह ताला अलही वाही वसल्लम ने इरशाद फरमाया जन्नती औरतों की पिंडलियों की सफेदी 70 जोड़ों के नीचे से नजर आएगी यहां तक कि पिंडलियों का गदा भी नजर आएगा और यह इसलिए कि अल्लाह ताला

1:14:19 इरशाद फरमाता हैया मरजा और याकूत एक ऐसा पत्थर है कि अगर उसमें धागा डालकर बाहर से देखना चाहो तो देख सकते हो और हजरत अब्दुल्ला इने मसूद रज अल्लाह ताला अ से मर है ूरे न की पिंडली का मगज लिबास के 70 जोड़ों के नीचे गोश्त और हड्डी के पीछे से इस तरह नजर आता है जिस तरह शीशे की सराही में सुर्ख शराब नजर आती है फरमा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी को लाओगे तफसीर सरा जनान में है या जिन और इंसान के गुरो अल्लाह ताला ने तुम्हारी निगाहों की लज्जत इन रो को देखने में रखी तो तुम अल्लाह ताला की वहदा नियत और उसकी

1:15:06 नेमत का इंकार किस तरह कर सकते हो और तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को झुलाओ ग [संगीत] [हंसी] तर्जुमा नेकी का बदला नेकी ही है तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे हल ज नेकी का बदला नेकी ही है तफसीर सरा जनान में है यानी जो कयामत के दिन अल्लाह ताला की बारगाह में खड़े होने से डरा और दुनिया

1:15:53 में उसने अच्छे अमल और अपने रब ताला की फरमाबरदार की तो आखिरत में अल्लाह ताला उसके साथ इस तरह एहसान फरमाए कि उसे उसकी दुनियावी नेकियों पर व जजा अता फरमाए जो इन आयात में बयान हुई और हजरत अब्दुल्ला इने अब्बास र अल्लाह ताला अमा फरमाते हैं कि जो ला इलाह इल्लल्लाह का काइल हो और नबी अकरम सल्लल्लाह ताला अलही वाही वसल्लम की शरीयत पर आमिल हो तो उसकी जजा जन्नत हैर तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे तफसीर सरा जनान में है यानी जिनन और इंसान के गुरुह तुम अपने रब अजल की नेमत का इंकार किस तरह कर सकते हो हालांकि उसने तुम्हारी नेकी का सवाब जन्नत

1:16:40 रखी और उसे तुम्हारे सामने बयान कर दिया ताकि तुम नेक आमाल करके अल्लाह ताला के सवाब और उसके एहसान को पालो [हंसी] [संगीत] [हंसी] [संगीत] [हंसी] तर्जुमा और उनके सिवा दो जन्नत और है तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को जुट लाओगे ता और उनके सिवा दो जन्नत और है तफसीर सिराल जरान में है यानी जिन दो जनतो का जिक्र ऊपर गुजरा उनके इलावा दो जन्नतें और

1:17:25 भी हैं मगर यह दोनों इन पहली जन्नत से मर्तबा मकाम और फजीलत में कम है हजरत अबू मूसा अशरी रद अल्लाह ताला अहो से रिवायत है रसूल करीम सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया दो जन्नतें तो ऐसी हैं जिनके बर्तन और सामान चांदी के हैं और दो जन्नतें ऐसी हैं कि जिनके बर्तन और सामान सोने के हैं इमाम दक रहमतुल्लाह ताला अल फरमाते हैं पहली दो जन्नतें सोने और चांदी की और दूसरी दो जन्नत याकूत और जबर जत की है जिन जन्नत का इस आयत में बयान हुआ उनके बारे में एक कौल यह है कि यह दाए जानिब वालों के लिए हैं क्योंकि इनका मर्तबा उन लोगों से कम है जो अल्लाह ताला की बारगाह में खड़े होने से डरते हैं और एक कौल यह है कि यह दोनों जन्नतें भी

1:18:12 अल्लाह ताला की बारगाह में खड़े होने से डरने वालों के लिए हैं फरमा तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को टला होगे या जिनन इंसान के गिरोह अल्लाह ताला ने पहले मुत की लोगों के लिए दो जन्नत का जिक्र फरमाया और अब उनकी फजीलत करामत में इजाफा करते हुए दो और जनतो का जिक्र फरमाया तो तुम अपने रब अजल के फजल करामत का इंकार किस तरह कर सकते हो मुद [संगीत]

1:18:58 [हंसी] तर्जुमा वो दोनों जन्नते निहायत सब्ज दरख्तों की वजह से सियाही की झलक दे रही हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे मुद मतान दोनों जन्नत निहायत सब्ज दरख्तों की वजह से सियाही की झलक दे रही हैं इस आयत में उन जन्नत का वस्फ बयान किया गया है कि उनके दरख के पत्ते इतने सब्ज हैं कि वह सियाही की झलक दे रहे हैं सब्ज रंग का फायदा य इंतिहा खुशनुमा रंग है और नूर नजर के लिए बहुत मुफीद है हजरत जाबिर बिन अब्दुल्लाह रद अल्लाह ताला अन से रिवायत है नबी अकरम सल्लल्लाह ताला अही वसल्लम ने इरशाद फरमाया सब्ज रंग की तरफ देखने से

1:19:49 बसारी तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को जु र सरा जनान में है या जिन और इंसान के गुरो अल्लाह ताला ने तुम्हारे लिए सब्ज जन्नत बनाई क्योंकि सब्ज रंग की तरफ देखने से बसरा में इजाफा होता है तो तुम उसकी ददा नियत का इंकार किस तरह कर सकते हो [संगीत] तर्जुमा उनमें दो छलकते हुए चश्मे हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को जटला होगे

1:20:34 फीमा उनमें दो लकते हुए चश्मे हैं तफसीर सिराल जनान में है यानी उन दोनों जन्नत में पानी के छलकते हुए दो चश्मे हैं जिनका पानी टूटता नहीं हजरत अब्दुल्लाह इने अब्बास रद अल्लाह ताला अमा इस आयत की तफसीर में फरमाते हैं कि इन दोनों जन्नत में अहले जन्नत पर खैर और बरकत के साथ पानी के दो छलकते हुए चश्मे हैं और हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद रज अल्लाह ताला इसकी तफसीर में फरमाते हैं कि इन दोनों जन्नत में अल्लाह ताला के प्यारों पर मुश्क और काफूर की खुशबू के साथ पानी के दो छलकते हुए चश्मे हैं और हजरत अनस बिन मालिक रद अल्लाह ताला अन फरमाते हैं अहले जन्नत के घरों में मुश्क और अंबर की खुशबू के साथ पानी के दो छलकते हुए चश्मे

1:21:23 हैं तो दोनों अपने रब की कौन ककन सी नेमत को टला होगे तफसीर सिरात जनान में है या जिन और इंसान के गुरो तुम में से नेक आमाल करने वालों को ऐसा अजीम सवाब अता करके अल्लाह ताला ने तुम पर इनाम किया तो तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को टला होगे [संगीत] [हंसी] तर्जुमा उन जन्नत में मेवे और खजूर और अनार हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन

1:22:08 सी नेमत को टला होगे नमा और खजूरे और अनार तफसीर सिराल जनान में है यानी जन्नत में हर तरह के मेवे होंगे खजूर और अनार अगरचे मेवे में दाखिल है लेकिन उनकी फजीलत और शरफ की वजह से से उन्हें खास तौर पर जिक्र किया गया है खजूर और अनार के फजल यहां आयत में खजूर और अनार का बतौर खास जिक्र किया गया इसी मुनासिब से हम यहां खजूर और अनार के चंद फाइल बयान करते हैं चुनांचे हजरत अब्दुल्लाह इब्ने उमर रजि अल्लाह ताला अनमा फरमाते हैं ताजदार रिसालत सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया दरख्तों में से एक ऐसा भी है जिसके पत्ते नहीं गिरते और उसकी मिसाल एक मुसलमान जैसी है मुझे बताओ वोह

1:22:55 कौन सा है लोग जंगल के दरख्तों के बारे में सोचने लगे और मुझे ख्याल आया कि वो खजूर का दरख्त है लेकिन मुझे बोलने से शर्म आई क्योंकि उस वक्त बड़े-बड़े सहाबा एकराम अल रिद्वान मौजूद थे फिर लोग अर्ज गुजार हुए या रसूल अल्लाह सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम आप खुद बता दीजिए कि वो कौन सा दरख्त है इरशाद फरमाया वो खजूर का दरख्त है ये हदीस पाक बुखारी शरीफ में मौजूद है मुस्लिम शरीफ की हदीस में है हजरत आयशा सिद्दीका रजि अल्लाह ताला अन्हा फरमाते सैयद उल मुरसलीन सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया ऐ आयशा रद अल्लाह ताला अन्हा जिस घर में खजूर ना हो वह लोग भूखे हैं ऐ आयशा रद अल्लाह ताला अन्हा जिस घर में खजूर ना हो वो लोग भूखे

1:23:41 हैं आपने यह कलमा दो या तीन बार इरशाद फरमाया मरब है कि हजरत अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रद अल्लाह ताला अनमा ने फरमाया मुझे यह हदीस पहुंची है कि जमीन में ऐसा कोई अनार नहीं जिसके दानों में जन्नती अनार के दानों से पैवंद कारी ना की गई हो तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे तफसीर सरा जनान में है या जिन और इंसान के गुरो अल्लाह ताला ने तुम्हारे लिए ऐसे फल पैदा किए जिन्ह खाने से तुम्हें लज्जत हासिल होती है तो तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को झुलाओ ग [संगीत]

1:24:33 [हंसी] तर्जुमा इनम अखलाक के तबार से अच्छी सूरत के तबार से हसीन और जमील औरत हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे फ इनमें औरत हैं तफसीर सिराल जनान में है यानी इन दोनों जनतो में अखलाक के तबार से अच्छी और सूरत के तबार से हसीन और जमील औरत हैं हजरत अनस र अल्लाह ताला अ फरमाते हैं जन्नत में ूरे न यह नगमा [संगीत] गाएंगे हम अच्छी सीरत और अच्छी सूरत वालिया है हम मजज व मोहतरम शौहर के लिए

1:25:21 रोकी गई है अच्छी आदत अच्छी सूरत से अफजल है यहां अखलाकी अच्छाई को अल्लाह ताला ने पहले जिक्र किया इससे मालूम हुआ कि अच्छी आदत अच्छी सूरत से अफजल है लिहाजा निकाह के लिए किसी औरत का रिश्ता देखते वक्त उसके हुस्नो जमाल के मुकाबले में उसकी अच्छी सीरत उसके अच्छे किरदार उसकी दीनदार और उसकी अच्छी आदादी देनी चाहिए अदीस में भी इसी चीज की तरकीब दी गई है चुनांचे इससे मुतालिक तीन अहा दीस समात फरमाइए नंबर एक इब्ने की हदीस है हजरत अबू उमामा रजि अल्लाह ताला अन्हो से रिवायत है रसूलुल्लाह सल्लल्लाह ताला अलैहि वा वसल्लम फरमाते थे कि तकवा के बाद मोमिन के लिए नेक बीवी से बेहतर कोई चीज नहीं अगर वो उसे हुकम करता है तो

1:26:08 वो इता करती है और उसे देखे तो वो खुश कर देती है और उस पर कसम खा बैठे तो कसम सच्ची कर देती है और अगर कहीं को चला जाए तो अपने नफ्स और शौहर के माल में भलाई करती है यानी उसमें खयानत नहीं करती और ना ही उसे जाया करती है बुखारी शरीफ की हदीस है हजरत अबू हुरैरा रद अल्लाह ताला अहो से रिवायत है रसूल अकरम सल्लल्लाहु ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया औरत से निकाह चार बातों की वजह से किया जाता है यानी निकाह में इन चार बातों का लिहाज होता है नंबर एक माल नंबर दो हसाब और नसबी और तुम दीन वाली को तरजीह दो नंबर तीन हजरत अनस बिन मालिक रज अल्लाह ताला अन

1:26:53 से रिवाय वायत है रसूल करीम सल्लल्लाह ताला अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जो किसी औरत से उसकी इज्जत की वजह से निकाह करेगा अल्लाह ताला उसकी जिल्लत में इजाफा करेगा और जो किसी औरत से उसके माल के सबब निकाह करेगा अल्लाह ताला उसकी मोहताज ही बढ़ाएगा और जो किसी औरत से उसके हसबी बिना पर निकाह करेगा तो अल्लाह ताला उसके कमीनापन में इजाफा फरमाए और जो इसलिए निकाह करेगा कि इधर-उधर निगाह ना उठे और पाक दामनी हासिल हो या सिलाए रहम करे तो अल्लाह ताला उस मर्द के लिए उस औरत में बरकत देगा और औरत के लिए मर्द में बरकत देगा फरमा तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे तफसीर सरा जनान में है

1:27:40 यानी जिन और इंसान के गुरुह अल्लाह ताला ने तुम्हारे सामने जन्नती औरतों के औसाफ बयान करके तुम पर इनम फरमाया तो तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कौन सी नेमत को टला होगे [संगीत] [हंसी] तर्जुमा खै मों में पर्दा नशीन ूरे हैं तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे र रे र सरा जनान में है इरशाद फरमाया कि इन जनतो में खै मों में पर्दा नशीन ूरे हैं हैं जो कि अपनी शराफत और

1:28:26 करामत की वजह से उन खैम से बाहर नहीं निकलती जन्नती हूर और उसके खैम का हाल बुखारी शरीफ की हदीस है हजरत अनस बिन मालिक रजि अल्लाह ताला अन्हो से रिवायत है नबीए करीम सल्लल्लाह ताला अलैहि लिही वसल्लम ने इरशाद फरमाया अगर जन्नती औरतों में से जमीन की तरफ किसी एक की झलक पड़ जाए तो आसमान और जमीन के दरमियान की तमाम फजा रोशन हो जाए और खुशबू से भर जाए मुस्लिम शरीफ की हदीस है हजरत मसा अशरी रद अल्लाह ताला अन से रिवायत है हुजूर पुनूर सल्लल्लाह ताला अ वसल्लम ने इरशाद फरमाया मोमिन के लिए जन्नत में एक खोखले मोती का खैमाह खाना भी इसमें रहेंगे मोमिन उनके पास हक के

1:29:12 जजियल लगाएगा और उनमें से बाज बाज को नहीं देख सकेंगे फीर तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी नेमत को टला होगे यानी जिन और इंसान के ग्रह अल्लाह ताला ने व नेमत पैदा फरमाई जो तुम्हारे लिए पर्दा नशीन और दूसरों से छुपी हुई है तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कौन सी नेमत को टला होगे [संगीत]

1:30:00 [हंसी] तर्जुमा उनसे पहले उन्हें ना किसी आदमी ने छुआ और ना किसी जिन ने तो तुम दोनों अपने रब की कौन कौन सी नेमत को टला होगे लम इनसे पहले इन्ह ना किसी आदमी ने छुआ तफसीर सरा जनान में है यानी जैसे उन दो जन्नत की ूर अपने जन्नती शहर के इलावा जि इंस के छूने से महफूज थी ऐसे ही इन दोनों जन्नत की हूर भी महफूज है लिहाजा आयत में तकरार नहीं तो तुम दोनों अपने रब की कौन ककन सी नेमत को जटला होगे तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन और इंसान के गुरुह अल्लाह ताला ने तुम्हारे लिए जन्नत में वो नेमत

1:30:46 तैयार की जिन्ह ना किसी आंख ने देखा ना किसी कान ने सुना और ना ही किसी इंसान के दिल पर उनका ख्याल गुजरा तो दोनों अपने रब अजल की उन नेमतों को झुट लाओगे या उनके अलावा दूसरी नेमतों को झुलाओ [संगीत] गला [संगीत] रमा जन्नती सब्ज कालीन और इंतिहा खूबसूरत बछौ पर तकिया लगाए हुए होंगे तो तुम दोनों

1:31:31 अपने रब की कौन-कौन सी नेमत को झुठला होगे मुत्त कीन तकिया लगाए हुए होंगे तफसीर सिराल जनान में है अल्लाह ताला के हुजूर खड़े होने से डरने वालों को जो दो जन्नतें अता होंगी उनके जन्नती बिछ का जाहिरी हाल बयान नहीं किया गया जैसा कि आयत नंबर 54 में गुजरा क्योंकि इन बिछोर की शान बहुत बुलंद है और उनका जाहिरी हाल अकल और फहम के इदराक से बाहर है जबकि दूसरी दो जन्नत में अहले जन्नत को जो बिछौना अता होंगे उनका जाहिरी हाल यहां बयान कर दिया गया कि वह सब्ज और मुनक होंगे इससे इन बिछ में फर्क साफ जाहिर हो रहा हैरन तो तुम दोनों अपने रब की कौन कन सी

1:32:17 नेमत को झुट लाओगे तफसीर सिराल जनान में है यानी जिन और इंसान के गिरोह तुम्हारे रब अजल के तुम पर कोई एहसान फरमाने वाला नहीं तो तुम दोनों अपने रब अजल की कौन कन सी नेमत को झुलाओ [संगीत] ग ज तर्जुमा तुम्हारे रब का नाम बड़ी बरकत वाला है जो अजमत और बुजुर्ग वाला है तबारक र तुम्हारे रब का नाम बड़ी बरकत वाला है तफसीर सरा जनान में है इस आयत में इस बात की तरफ इशारा है है कि सिर्फ अल्लाह ताला की जात ही बाकी रहेगी और दुनिया की तमाम नेमतें फानी है नीज अल्लाह ताला ने अपनी अजमत और बुजुर्ग बयान फरमा करर आखिरत की

1:33:03 नेमतों के बयान का खतामबंद रिसालत सल्लल्लाह ताला अलही वा वसल्लम नमाज से फारिग होने के बाद तीन बार इस्तग फार करते और फरमाते अल्लाहु अत सला त बारकल जलाली वल इम यानी अल्लाह अजल तू सलाम है और तुझसे सलामती है और तू बरकत वाला है जलालत और बुजुर्ग वाले

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