Full transcript of “How to Disappear and Transform Yourself (Age 13-25)”. Click a timestamp to open the video at that moment. Need another video? Use the YouTube transcript generator.
0:00 जरा एक बार सोच के देखो कि तुम्हें कैसा लगेगा अगर तुम्हारी जिंदगी अगले 30 दिनों में पूरी तरह से गारंटीड बदल जाए। इसलिए अगर अभी तुम्हारी उम्र 13 से 25 साल के बीच है तो आज का यह वीडियो तुम्हारे लिए सबसे इंपॉर्टेंट और वैल्यूुएबल होने वाला है। क्योंकि यह वीडियो सिर्फ एक मोटिवेशनल वीडियो नहीं है। जो हर साल तुम दिसंबर या जनवरी में देखते हो और भूल जाते हो। नहीं बल्कि यह मेरी जिंदगी बदलने वाली वह एग्जैक्ट स्ट्रेटजी है जिसे अगर तुम भी स्टेप बाय स्टेप सिर्फ अगले 30 दिन तक फॉलो करोगे तो तुम अपनी लाइफ को 100% पॉजिटिवली बदलते हुए देखोगे और इस साल के अंत तक तुम सबको हैरान कर दोगे और शायद खुद को भी पर इसके लिए तुम्हें यह वादा करना होगा जब तुम अपने आइडियल वर्जन बन जाओ तब तुम रुकना अफोर्ड नहीं कर सकते हारना अफोर्ड नहीं कर सकते तुम्हें अपने
0:45 काम को कास्टेंटली साइलेंस में करना होगा ताकि तुम्हारा ट्रांसफॉर्मेशन दुनिया को शॉक्ड कर दे और ध्यान रखना जब तक तुम साइलेंटली ग्रो करोगे। लोग स्पेककुलेट करेंगे कि तुम क्या कर रहे हो। पर तुम्हें किसी और की ओपिनियन की जरूरत नहीं है। ना ही किसी की डाउट या क्वेश्चन की। इसलिए उन्हें अपने प्लांस मत बताओ और साइलेंट रहो। ताकि जब भी तुम कमबैक करो तो वो बिल्कुल एक लाइटनिंग स्ट्राइक की तरह अनएक्सेक्टेड और पावरफुल हो। पर दुनिया से गायब होकर साइलेंस में खुद को ट्रांसफॉर्म करने के लिए तुम्हें एक कंप्लीट प्रोसेस को फॉलो करना होगा। जिसके छह स्टेजेस हैं। और इन छह स्टेजेस में से अगर तुम किसी एक में भी चूक गए। खासकर स्टेज नंबर फाइव में तो तुम एक स्ट्रांगेस्ट कमबैक नहीं कर पाओगे। स्टेज नंबर वन अगर तुम सच में इस साल एक पावरफुल कमबैक करना चाहते हो तो तुम्हें सबसे पहले एक विनर माइंडसेट बिल्ड
1:31 करना होगा। और इसके लिए तुम्हें अपने कंफर्ट ज़ोन को तोड़कर एक नए अनस्टपेबल इंसान बनना होगा। जैसे ब्रूसवेन। उसके पास हर वो रीजन था कि वह अपनी जिंदगी रिलैक्स और कंफर्ट ज़ोन में जीता। अमीर था, पावरफुल था। दुनिया की सारी लग्जरी उसके पास थी। लेकिन फिर भी बैटमैन बनने के लिए उसने अपनी रिच कंफर्टेबल जिंदगी को चुनने की जगह पेन को ही अपना लक्ष्य बनाया और सब कुछ छोड़कर ट्रेनिंग के लिए दूर माउंटेंस में चला गया। जहां उसने अपनी बॉडी और माइंड को टॉर्चर किया। सबसे ब्रूटल ट्रेनिंग ली ताकि वह वापस आकर गौतम सिटी के क्राइम से लड़ सके। बैटमैन कंफर्टेबल लाइफ जीने के लिए नहीं बना। वह एक मिशन के लिए बना है। इसीलिए अगर तुम्हें भी अपने पावरफुल कमबैक मिशन को पूरा करना है तो अगले 30 दिनों में तुम्हें एक बहुत ही मुश्किल चैलेंज को पूरा करना होगा। जहां तुम स्टेप बाय स्टेप अपने कंफर्ट जोन को
2:17 तोड़कर एक नए अनस्टपेबल इंसान बनोगे। स्टेप वन हर सुबह तुम्हें जितना जल्दी हो सके उठना होगा और उठते ही 30 मिनट बाद कोल्ड शावर लेना होगा। हां, मुझे पता है 99% लोगों के लिए यह नामुमकिन होगा। पर अगर तुम इसे कर पाते हो तो साइंटिफिकली प्रूवन है कि यह तुम्हारी मोटिवेशन, एनर्जी, मेंटल आउटपुट और प्रोडक्टिविटी को 10 एक्स इंप्रूव करेगा। स्टेप टू, पूरे दिन के लिए एक प्रॉपर स्केेड्यूल बनाओ और उस स्केेड्यूल के हिसाब से प्योर फोकस के साथ काम, पढ़ाई या किसी इंपॉर्टेंट स्किल को डेवलप करने की ट्राई करो। स्टेप थ्री, डेली 10,000 स्टेप्स कंप्लीट करो। प्लस 30 मिनट्स के लिए फैट बर्न और मसल गेनिंग वर्कआउट करो। जैसे पुश अप्स, स्क्वाट्स, स्किपिंग या रनिंग। क्योंकि तुम जितना ज्यादा अपनी बॉडी को पुश करोगे, उतना तुम्हारा माइंड स्ट्रांग होगा। स्टेप फोर, डर का सामना करो। इनसिक्योरिटीज हम सब में
3:04 होती है। पर उन इनसिक्योरिटीज से डर कर दुनिया के सामने झुक कर चलना एक वीक और लूजर माइंडसेट की सबसे बड़ी निशानी है। और स्टडीज दिखाती है जो लोग किसी चीज से इनसिक्योर होते हैं वो कम फोकस, ए्जायटी, डिप्रेशन और लो सेल्फ एस्टीम जैसे मेजर प्रॉब्लम्स का सामना करते हैं। इसलिए अगर तुम्हें अपनी बॉडी से इनसिक्योरिटी है तो जिम स्टार्ट करो। अगर कम्युनिकेशन स्किल वीक है तो डेली प्रैक्टिस करो। अगर तुम्हें लगता है लोग तुम्हें सीरियसली नहीं लेते तो अपने लुक्स, कॉन्फिडेंस और नॉलेज पर काम करो। और अगर कोई नेचुरल इनसिक्योरिटी है जो चेंज नहीं कर सकते तो उसे एक मर्द की तरह एक्सेप्ट करो और पावरफुल बनो। स्टेप फाइव बॉडी लैंग्वेज सिर्फ बाहर से ही नहीं बल्कि अंदर से भी तुम्हारी आइडेंटिटी को शेप करती है। अगर तुम झुके हुए धीरे चलने वाले एक लो एनर्जी इंसान हो तो तुम्हारा ब्रेन भी यह मान
3:49 लेता है कि तुम वीक और पावरलेस हो। जिससे तुम्हारी विल पावर, फोकस और डिसिप्लिन भी खत्म हो जाती है। पर स्टडीज के हिसाब से सिर्फ 2 मिनट पावर पोज़ में रहने से जैसे सीधे होकर, कंधे पीछे और कॉन्फिडेंस के साथ। तुम्हारी बॉडी में टेस्टोस्टरॉन लेवल इनक्रीस होती है और स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिजॉल भी कम होता है। जिससे तुम ज्यादा फोकस्ड और अंदर से स्ट्रांग फील करते हो। इसलिए बॉडी लैंग्वेज सिर्फ डोमिनेट बनने के लिए ही नहीं बल्कि इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाओ और एक झुके हुए धीरे चलने वाले लूजर की तरह नहीं बल्कि एक बॉस की तरह हमेशा सिर उठाकर कंधे पीछे और कॉन्फिडेंस के साथ रहो। पर ध्यान रखना एक स्ट्रांग माइंड के लिए स्ट्रांग थिंकिंग होना भी बहुत जरूरी है। इसलिए हर सुबह 5 से 10 मिनट के लिए मेडिटेट करो। नेगेटिव वीक माइंडसेट वाले लोगों से दूर रहो और सिर्फ वही कंटेंट देखो जो तुम्हारी
4:36 मेंटालिटी और एंबिशंस को ज्यादा पावरफुल बनाता हो। तो अगर तुम यह पांच स्टेप अगले 30 दिनों तक एक चैलेंज की तरह फॉलो करोगे तो तुम अपनी लाइफ को 100% पॉजिटिवली बदलते हुए देखोगे और 30 दिन के अंदर तुम अपने कंफर्ट ज़ोन को तोड़कर एक नए अनस्टोपेबल इंसान बनोगे। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत है। खुद को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म करने के लिए तुम्हें अभी भी पांच क्रूशियल स्टेजेस को पूरा करना होगा। स्टेज नंबर टू कुछ साल पहले एग्जैक्टली तुम्हारी तरह मेरे भी बहुत सारे ड्रीम्स थे। फिट होना था, करियर बनाना था, लाइफ इंप्रूव करनी थी। सब कुछ क्लियरली पता था। मोटिवेशनल वीडियोस देखता था, पॉडकास्ट सुनता था, सेल्फ इंप्रूवमेंट के लिए बुक्स पढ़ता था। लेकिन फिर भी जैसे ही मैं एक्शन लेने जाता, दिमाग हर बार रेजिस्ट करता। काम करने के बजाय बिल्कुल एक अनफोकस्ड माइंड की तरह हर जगह भटकने
5:21 लगता। असली इंपॉर्टेंट चीजों पर फोकस करने की जगह दिमाग किसी आसान और प्लेजर देने वाली चीज को ढूंढने लगता। अगर इन चीजों से तुम भी रिलेट कर पा रहे हो तो यह पॉइंट तुम्हारी लाइफ बदलने वाली है क्योंकि यही वो एग्जैक्ट तीन साइंटिफिकली प्रूवन स्ट्रेटजी है जिसे स्टेप बाय स्टेप फॉलो करके मैंने अपने सारे डिस्ट्रैक्शंस को एलिमिनेट कर दिया। पहला पार्किंस लॉ कहता है अगर तुम किसी काम को 2 घंटे में खत्म करने की सोचते हो तो वह 2 घंटे में पूरा होगा। लेकिन अगर वही काम करने के लिए तुम 10 घंटे सोचोगे तो दिमाग 10 घंटे ही लेगा। मतलब हमारा दिमाग हमेशा लिमिटेड टाइम पर ज्यादा फोकस रहता है। इसलिए एग्जाम पास आने पर हम ऑटोमेटिकली हाइपर फोकस मोड में चले जाते हैं। और तब एक दिन में हम इतना पढ़ लेते हैं जितना पूरे साल में नहीं पढ़ पाते। यह होता है डेडलाइन इफेक्ट की वजह से। पर यह इफेक्ट सिर्फ एग्जाम पास आने पर
6:08 ही नहीं बल्कि इसे तुम हर दिन यूज कर सकते हो। बस कुछ सिंपल स्टेप्स से। स्टेप वन 90 मिनट्स के लिए एक डेडलाइन क्रिएट करो। तब तक ना उठना है ना कहीं जाना है। फोन बंद, डिस्ट्रैक्शन बंद। स्टेप टू, नजर टाइम पर, ध्यान काम पर एक काउंटडाउन टाइमर सेट करो और हर एक वैल्यूएबल सेकंड को बीतते हुए महसूस करो। स्टेप थ्री, 90 मिनट्स के लिए एक क्लियर अचीवेबल टारगेट लिखो और काउंटडाउन के सामने रखो ताकि हर बार नजर पड़ते ही याद आए। रुकना नहीं जीतना है। और आखिर में स्टेप फोर एक काम स्टार्ट किया तो खत्म होने तक सिर्फ उसी पर फोकस रखना है। पर अगर फिर भी ब्रेन डिस्ट्रैक्टेड फील करे तो पांच से उल्टी गिनती गिनो या सीधे उठकर 10 पुश अप्स मारो। इससे दिमाग इंस्टेंटली अलर्ट हो जाएगा। दूसरा अगर डेडलाइन इफेक्ट के बाद भी तुम डिस्ट्रैक्शंस और डिसिप्लिन के लिए स्ट्रगल कर रहे हो तो तुम्हें बाहर की
6:53 नहीं बल्कि अंदर की डिस्ट्रैक्शंस को एलिमिनेट करना होगा। जरा इस वीडियो को ध्यान से देखो। तीन दो एक क्या तुमने कुछ महसूस किया? यह एक्साइटमेंट, यह क्रेविंग जो तुम फील कर रहे हो, यह देखने के लिए कि इस डायमंड का क्या होगा? यह सब तुम्हारे ब्रेन में चल रहे हाई रश डोपामिन का काम है और यही सबसे बड़ी प्रॉब्लम है क्योंकि यही वह एग्जैक्ट चीज है जो तुम्हें घंटों तक स्क्रोल करवाता है। तुम्हारा फोकस तोड़ता है और तुम्हें सस्ते प्लेजर्स के पीछे भागने पर मजबूर करता है। इसीलिए अगले 7 दिन में तुम्हें इस जाल को तोड़ना होगा। हर हाई डोपामिन एक्टिविटी से खुद को दूर रखना होगा और इसके लिए तुम्हें बस एक सिंपल पर पावरफुल रूल को फॉलो करना होगा। नो नो डिस्टरबेशन, नो रील्स, नो एडिक्शन। तीसरा अगर डोपामिन डिटॉक्स के बावजूद भी तुम फोकस नहीं कर पा रहे हो तो इसका सिंपली मतलब यह है तुम अपने लाइफस्टाइल
7:39 हैबिट्स और न्यूट्रिशन पर ध्यान नहीं दे रहे हो इसलिए हर दिन 8 से 9 घंटे की नींद लो जंक फूड से दूर रहो और मोस्टेंट अपनी डाइट में इन जरूरी विटामिंस और मिनरल्स को जरूर ऐड करो पर आजकल की लाइफस्टाइल में सिर्फ खाने से सभी जरूरी विटामिंस और मिनरल्स मिलना बहुत मुश्किल है। ऊपर से सब्जियों और फलों में भी मिलावट आम बात है। इसलिए तुम्हें जरूरत है एक ऐसे सप्लीमेंट की जिसमें यह सारे एसेंशियल विटामिन और मिनरल्स मौजूद हैं। वैसे तो मार्केट में हजारों मल्टीविटामिनस अवेलेबल हैं। पर मैं तुम्हें सजेस्ट करूंगा तुम फाइटिका का वीटा 365 लो क्योंकि इस एक मल्टीविटामिन में ही ज्यादातर वो जरूरी विटामिंस और मिनरल्स है जो एक फोकस्ड माइंड और हेल्थी बॉडी के लिए इंपॉर्टेंट है। और यह मार्केट में आने वाला इकलौता ऐसा थ्री इन वन मल्टीविटामिन है। जिसमें 20 जरूरी विटामिंस और मिनरल्स के साथ-साथ
8:25 अश्वगंधा और प्रोबायोटिक्स भी है। जहां अश्वगंधा स्ट्रेस को रिड्यूस करता है और हॉर्मोनल बैलेंस मेंटेन करता है। प्रोबायोटिक्स ग हेल्थ को बेटर करता है और न्यूट्रिएंट अब्सॉर्प्शन एनहांस करता है। विटामिंस और मिनरल्स एनर्जी को बूस्ट करता है। इम्यूनिटी और फोकस को एनहांस करता है और यह सब साथ मिलकर ही इसे मार्केट का बेस्ट मल्टीविटामिन बनाता है और साथ ही इसमें ग्रेप सीड भी है जो हार्ट और ब्लड हेल्थ को सपोर्ट करता है। बायोटीन है जो हेयर और स्किन हेल्थ को बढ़ाता है और जिनसिंग भी है जो एनर्जी और फोकस को इंप्रूव करता है। साथ ही स्ट्रेस को भी रिड्यूस करता है। अगर तुम इसकी सिर्फ एक टैबलेट रोज अच्छी डाइट के साथ लोगे तो 45 दिनों में ही फर्क तुम खुद फील करोगे। मैंने डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट्स में इसका बेस्ट बाय लिंक पिन कर दिया है। जहां से तुम इसे बाय कर सकते हो। क्योंकि इतने सारे बेनिफिट्स होने के बाद भी फाइटिका
9:12 वीटा 365 बहुत ही कॉस्ट इफेक्टिव है। स्टेज नंबर थ्री। वेल, अब तक तुमने अपने सारे डिस्ट्रैक्शंस को एलिमिनेट कर दिया है। अपनी बॉडी, अपने माइंड को इस कमबैक चैलेंज के लिए तैयार कर लिया है। इसलिए अब वक्त है उस गोल पर फोकस करने का जिसके लिए तुम दुनिया से गायब हुए थे। चाहे वह एग्जाम में टॉप करना हो, एक पावरफुल एस्थेटिक बॉडी बिल्ड करना हो या अपने पैशन को फॉलो करके दुनिया में कुछ कर दिखाना हो। पर प्रॉब्लम यह है आज ज्यादातर लोगों के पास गोल्स तो होते हैं। पर स्टार्टिंग में एनर्जी ही नहीं होती उन्हें पूरा करने की। सोचते हैं कल कर लेंगे। पर वह कल कभी आता ही नहीं। मोटिवेशनल वीडियो देखकर प्लानिंग तो कर लेते हैं पर स्टार्ट करना इतना मुश्किल लगता है कि शुरुआत ही नहीं कर पाते। अगर तुम भी इस मुश्किल फेज से गुजर रहे हो तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि तुम कमजोर या आलसी हो। नहीं बल्कि यह इसलिए होता है क्योंकि तुमने
9:58 स्टार्टिंग को ही इतना कॉम्प्लिकेटेड और बड़ा बना दिया है और जब कोई काम मुश्किल लगता है दिमाग उसे रेजिस्ट करता है। इसीलिए पहला रूल है स्टार्टिंग को जितना हो सके छोटा और आसान बनाओ। जैसे वर्ल्ड्स मोस्ट डिसिप्लिन मैन डेविड गॉगिंस ने जब अपनी फिटनेस जर्नी स्टार्ट करी तब उनका पहला गोल था सिर्फ 1 माइल नॉनस्टॉप भागना। स्टार्टिंग में वह यह भी नहीं कर पाए पर खुद को पुश करते-करते वो 1 माइल, फिर 2 माइल, फिर 10 माइल और आज 100 माइल की अल्ट्रा मैराथॉन पूरी करते हैं। दूसरा रूल विल पावर हमेशा काम नहीं करता। इसलिए एक आसान रूटीन के साथ अच्छे हैबिट्स बनाओ। जैसे अगर तुम्हें रोज सुबह पानी पीना है तो बस ग्लास को बेड के पास रख दो। जब उठोगे वह ऑटोमेटिकली याद आ जाएगा। तीसरा रूल शुरू करना सबसे मुश्किल होता है। इसलिए अगर तुम स्टार्ट करने के लिए 2 मिनट रूल को फॉलो करोगे तो स्टार्ट करना बहुत
10:44 आसान हो जाएगा। जैसे अगर 5000 शब्द की एक असाइनमेंट लिखनी है तो यह मत सोचो कि 10 घंटे लगेंगे। बल्कि यह सोचो कि 2 मिनट में सिर्फ 40 शब्द लिखने हैं। एक बार स्टार्ट कर दिया तो दिमाग फ्लो में आ जाएगा। और याद रखना स्टार्टिंग में तुम्हें परफेक्ट होने की जरूरत नहीं। सिर्फ कंसिस्टेंट होने की जरूरत है। क्योंकि स्मॉल स्टेप्स के साथ जैसे-जैसे तुम स्ट्रांग बनते जाओगे तुम्हारा कॉन्फिडेंस भी बढ़ता जाएगा। स्टेज नंबर फोर स्टार्ट करना बेशक सबसे मुश्किल और इंपॉर्टेंट स्टेज है इस चैलेंज में। लेकिन यहां असली सक्सेस सिर्फ उन्हें ही मिलेगी जो खुद को हर दिन बेहतर बनाएंगे। क्योंकि सिर्फ चलने से जीत नहीं मिलता भागना पड़ता है। लड़ना पड़ता है। गिरकर उठना पड़ता है। इसलिए हर दिन खुद को इंप्रूव करने की ठान लो। चाहे वह 1% ही क्यों ना हो। अगर तुम आज 25 मिनट बिना थके बिना रुके पढ़ सकते हो तो कल 30 मिनट
11:29 पढ़ने पर फोकस करो। खुद की कैपेबिलिटीज और स्ट्रेंथ को हर दिन इनक्रीस करो। क्योंकि अगर कल तुम खुद को आज से बेटर नहीं करोगे तो कमबैक के लिए एक पावरफुल इंसान नहीं बनोगे। स्टेज नंबर फाइव अगर तुम्हें पता है तुम्हें कहां जाना है और तुमने ऑलरेडी उस सफर को शुरू कर दिया है। हर दिन हर कदम मजबूती से रख रहे हो तो अभी तुम बिल्कुल तैयार हो एक ग्रेटेस्ट कमबैक के लिए। इसलिए अभी तुम रुकना अफोर्ड नहीं कर सकते। हारना अफोर्ड नहीं कर सकते। तुम्हें अपने काम को अभी भी कांस्टेंटली साइलेंस में करना होगा। पर मुझे पता है यह सफर आसान नहीं होने वाला। हर दिन हर छोटे गोल को अचीव करने में तुम्हें खून पसीना और आंसू बहाने होंगे। पर फिर भी तुम्हें अपना दर्द अपने अंदर रखना होगा। लोगों से छुपके पसीना बहाना होगा। खून बहे रोना आए फिर भी लोगों को हंसकर दिखाना होगा। रातों में
12:16 जलकर सुबह मुस्कुराना होगा। और जब लगने लगे कि बस अब और नहीं होगा। तब भी खुद को अकेले ही उठाना होगा। दोबारा काम पर लगाना होगा। हो सकता है दुनिया तुम्हें भूल जाए। हो सकता है झूठे दोस्त तुमसे मिलने ना आए। तुम्हें अकेले रहने वाले लूजर या बेवकूफ बुलाएं। पर याद रखना तुम ना उनसे कमजोर हो और ना ही अकेला। तुम्हारे पास तुम्हारे गोल्स, मोटिवेशन और यह पावरफुल कम्युनिटी है जो तुम्हें हमेशा सपोर्ट करेगी। तुम बस याद रखना अगर तुम्हें लाइफ में सक्सेसफुल बनना है तो तुम्हें स्मार्टेस्ट बनने की जरूरत नहीं। ना ही सबसे बेस्ट बनने की। तुम्हें बस एक ऐसे इंसान बनने की जरूरत है जो कभी हार नहीं मानता। स्टेज नंबर सिक्स। अब यह आखिरी स्टेज है इस चैलेंज की। और सच कहूं तो मैं भी इस चैलेंज को पिछले 4 साल से फॉलो कर रहा हूं और मैं अभी तक स्टेज सिक्स तक नहीं पहुंचा क्योंकि मेरे बहुत
13:01 बड़े गोल और सपने हैं। पर हो सकता है तुम्हारे गोल अलग हो। हो सकता है तुम इसे 6 महीने, 1 साल या 2 साल में ही कंप्लीट कर लो। पर जब तुम इस स्टेज को पूरा करोगे या सिर्फ आधे रास्ते तक भी पहुंचोगे, तब तुम एक अलग ही लेवल के पावरफुल, सक्सेसफुल और डिसिप्लिंड इंसान बनोगे। वह लोग जो तुम्हें वीक समझते थे, अब तुमसे खुद को कंपेयर करने से भी डरेंगे। इसलिए आज तुम्हें यह डिसीजन लेना ही होगा। क्या तुम इस वीडियो को भी स्किप करके एक बेकार मीडियकर लाइफ जीना चाहते हो या इस चैलेंज को पूरा करके एक पावरफुल सक्सेसफुल और हाईली रिस्पेक्टेड इंसान बनना चाहते हो? चॉइस तुम्हारे हाथ में है। थैंक्स फॉर वाचिंग।