ये तेल रोज़ पियो और शरीर को Healthy बनाओ | 2 spoon daily

Yogi Varunanand www.youtube.com

Brief Summary

This video by Yogi Varunanand focuses on the benefits of castor oil (erand ka tel) as a versatile Ayurvedic remedy for various health issues. It highlights how castor oil can improve skin health, aid digestion, reduce inflammation, and enhance hair quality without any side effects. The video also provides specific methods for using castor oil both orally and topically for optimal results.

  • Castor oil can benefit skin, hair, and digestion.
  • It has anti-inflammatory, antibacterial, and antifungal properties.

Importance of Ayurveda

The speaker emphasizes the significance of Ayurveda, describing it as a system that utilizes natural resources around us to improve health without side effects. He mentions the increasing presence of Ayurvedic-based products in the market that are packaged fancily but are rooted in Ayurvedic principles. The approach is not limited to treating illness but extends to preventive health.

Uses and Benefits of Castor Oil

The speaker introduces castor oil as a powerful remedy that, when applied to the skin, can improve skin quality and delay aging effects. Applying it to the hair can enhance quality, while usage on other body parts reduces pain and inflammation. Additionally, it promotes better digestion and detoxification, addressing various health issues caused by vat and kaph doshas.

How to Use Castor Oil

The video details different methods to take castor oil for its laxative effects. A popular mix includes half a teaspoon of haritaki powder with a spoon of castor oil, taken before bed with water, which aids chronic constipation. Alternatively, a method with trifala powder can be used for less severe cases. For general detox, mixing castor oil in warm milk can yield mild detox benefits.

Castor Oil for Skin Health

The speaker explains how castor oil acts as a natural moisturizer, helping combat skin dryness and reducing wrinkles. It has anti-inflammatory, antibacterial, and antifungal properties that assist with various skin conditions like acne and eczema. For topical use, warming the oil and applying it to the skin before bedtime can be particularly effective.

Castor Oil for Hair Care

Here, the benefits of castor oil for hair are discussed, including its ability to nourish the scalp, reduce inflammation, and promote collagen production, which enhances hair health. The recommended method is to warm the oil and apply it to the scalp overnight, followed by washing with a suitable Ayurvedic shampoo for best results.

Relief from Inflammation and Pain

Castor oil is also effective for reducing bodily inflammation and pain. Mixing it with ginger (sonth) and consuming it on an empty stomach can offer relief for conditions like arthritis. The speaker mentions its warming nature, which supports digestion and reduces inflammation within the gastrointestinal tract.

Targeted Application of Castor Oil

The video details specific areas of application where castor oil can yield significant benefits, such as applying it around the navel to improve digestion and overall wellbeing, as the navel is central to body energy channels. Using it below the navel can help with reproductive health issues.

Using Castor Oil on Feet

For sleep and relaxation, applying castor oil to the soles of the feet before bedtime is suggested, as it activates the parasympathetic nervous system and reduces stress, contributing to deeper sleep. The speaker stresses the importance of consistency in using castor oil for various benefits.

Conclusion and Further Guidance

The speaker summarizes the various methods for using castor oil for detoxing, skin care, hair treatment, and inflammation management. He emphasizes the safety and effectiveness of castor oil, recommending its regular use. Further instructions for Ayurvedic practices and meditation are also provided, with contact details for interested individuals.

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Transcript

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0:00 आयुर्वेद को मैं विशेष गुणकारी इसलिए भी कहता हूं क्योंकि आयुर्वेद आपको बताता है कि आपके घर में आसपास जो चीजें हैं वह कैसे आपके स्वास्थ्य को बेहतर कर सकती हैं और वह भी बिना किसी दुष्प्रभाव के। आज अलग-अलग प्रोडक्ट मार्केट में आ रहे हैं और उनमें से मैं कितने ही प्रोडक्ट देखता हूं कि उनका बेस आयुर्वेद ही होता है। भले ही उनकी फैंसी पैकेजिंग है और कुछ भी है लेकिन उनका बेस आयुर्वेद ही है क्योंकि यह एक ऐसी विधा है, ऐसा तरीका है जो केवल बीमार होने पर नहीं बल्कि बीमारी से बचाने और आपको हेल्दी रहने का तरीका और मार्ग भी बताता है। आज के इस मार्गदर्शन में मैं आपको एक ऐसी चीज बता रहा हूं जिसको अगर आप अपने चेहरे पर लगाएंगे तो स्किन बेहतर होती चली जाएगी। एज का इफेक्ट बहुत दिनों

0:46 तक दिखाई नहीं देगा। आप बालों में लगाएंगे तो बाल बेहतर होंगे। आप शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर लगाएंगे तो वहां का दर्द और इनफ्लामेशन कम होती चली जाएगी। उसको आप ग्रहण करेंगे तो वह आपके पाचन को अच्छा करेगा और बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करेगा। और ये एक चीज ही ऐसी है जो वात के कारण होने वाली 80 प्रकार की समस्याओं और कफ के कारण होने वाली 20 तरीके की समस्याओं को ठीक करने वाला होता है। यह जो एक तेल है यह है कैस्टर ऑयल एरंड का तेल। इसका प्रयोग हमने खुद से भी किया है और इसके लाभ को हमने अनुभव किया है। आज का जो यह मार्गदर्शन है, इसमें हमारे अनुभव साथ ही आयुर्वेद इसके बारे में क्या कहता है? दोनों ही चीजों को हम डीपली समझने वाले हैं। साथ ही मैं दोनों तरीके की बातें

1:32 आपको बताऊंगा। पहला कि इसको आप ओरली लेते हैं तो क्या लाभ होंगे। दूसरा शरीर के कौन से ऐसे हिस्से हैं जहां पर इस तेल का प्रयोग करते हैं तो आपको यह बड़े फायदे देगा। सबसे पहले हम समझ लेते हैं कि इसका सबसे बड़ा और विख्यात फायदा क्या है? वो है कि यह विरेचक होता है। अमेरिकन एफडीए की रिसर्च में भी यह पाया गया है कि आप कैस्टेरॉइड लेते हैं तो यह आपकी इंटेस्टाइन के पेस्टाइलिसिस मूवमेंट को बेहतर करता है। यानी कि जो वेव लाइक मूवमेंट होता है इंटेस्टाइन का जिससे कि आपका जो स्टूल है, गंदगी है वो आगे की तरफ बढ़ती है इंटेस्टाइन में उसको यह बेहतर करता है। और देखिए अगर यह मूवमेंट कम हो जाता है तो ज्यादा देर तक जो मल है वो इंटेस्टाइन में रुकता है और वो ज्यादा सख्त हो जाता है और कॉन्स्टिपेशन की समस्या बढ़ती चली जाती है तो यह उसमें

2:19 आपको लाभ देगा। साथ ही यह इंटेस्टाइन की अंदर की लाइनिंग के ऊपर एक प्रोटेक्शन लेयर बना देता है जिससे कि वहां पर कोई गंदगी चिपकती नहीं है और आपकी इंटेस्टाइन हेल्दी रहती है और अगर आपका डिटॉक्स सिस्टम शरीर का सही से काम कर रहा है तो समझे आप कि आप कितनी ही समस्याओं से बेहतर तरीके से बाहर आ सकते हैं और हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं। तो अगर इसको विरेचक की तरह प्रयोग करना है यानी कि शरीर को साफ करने के लिए तो कैसे ले सकते हैं? पहला तरीका है कि चौथाई चम्मच हरड़ का चूर्ण लेना है आपको और उसमें एक चम्मच कैस्टर ऑयल मिलाना है। इसको मिलाकर के एक पेस्ट सा बन जाएगा। इसको ग्रहण कर लें और सोने से पहले ऊपर से पानी पी लें आप। यह अगर क्रॉनिक आपको कॉन्स्टिपेशन है उसमें भी फायदा देगा। साथ ही हरड़ का चूर्ण अलग से लेते हैं तो कुछ

3:06 रूखापन लेकर के आता है शरीर में। लेकिन इसमें स्निग्धता गुण होता है। यानी कि बहुत अधिक स्निग्ध है। चिकनाहट है इसमें। तो यह उसके उस दुष्प्रभाव को कम कर देता है और आपको लाभ ही लाभ मिलते हैं। दूसरा प्रयोग है कि इसको आप आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण लें और एक चम्मच कैस्टर ऑयल लें मिला लें। ग्रहण करें सोने से आधा घंटा पहले पानी के साथ इसको ले लेते हैं। तो यह अगर बहुत क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन नहीं है उसमें काम करेगा और आपके पाचन को भी यह दुरुस्त करेगा। त्रिफला तो आपके लिए अमृत की तरह काम करता ही है। तो इस तरीके से ले सकते हैं। अगर आप इसको नॉर्मल बिल्कुल यूं ही थोड़ा डिटॉक्स करना चाहते हैं समय-समय पर महीने में एक दो बार तो आप दूध में एक से डेढ़ चम्मच कैस्टर ऑयल मिला लें और उस दूध को फिर आप ग्रहण कर लें सोने से पहले और यह आपको हल्का एक डिटॉक्स का प्रभाव

3:52 देगा और अच्छे फायदे मिलेंगे। अगर आपको रात्रि में लेने में इसको थोड़ा सा असुविधा होती है। पेट में थोड़ा सा आपको ब्लोटिंग सी लगती है तो इसको सुबह भी ले सकते हैं। सुबह पानी के साथ एक से डेढ़ चम्मच लिया ऊपर से पानी ले लिया। फिर दिन में आपको यह थोड़ा सा विरेचक प्रभाव दिखाएगा और आपकी इंटेस्टाइन को क्लीन करेगा। तो ये इसका पहला तरीका हुआ प्रयोग करने का जो है विरेचक प्रभाव वाला। अब इसका दूसरा गुण समझो। दूसरा गुण है कि यह आपकी स्किन के लिए बहुत अच्छा है क्योंकि इसका जो विशेष गुण है कि यह वात दोष को कम करता है और आपकी स्किन ड्राई होने शुरू हो जाती है। रिंकल पड़ने शुरू हो जाते हैं। क्यों? क्योंकि शरीर में वात दोष बढ़ रहा है। तो इसको ऊपर से जब आप अप्लाई करते हो तो क्योंकि यह एक नेचुरल मॉइस्चराइजर है। बहुत ही अद्भुत है वो भी। तो इसको यह ठीक

4:39 करता है, नरिश करता है और ड्रनेस को स्किन की पूरी तरह से यह खत्म कर देता है। साथ ही यह एंटी इनफ्लामेटरी, एंटीबक्टीरियल और एंटीफंगल है। तो अगर आपको स्किन की बहुत सारी एग्जिमास औरिस जैसी समस्याएं हैं तो उनको भी यह बड़े अच्छे से मैनेज करने वाला होता है। तो बहुत सारी समस्याएं चाहे वो पिंपल्स हो, डलनेस हो, चाहे रिंकल्स हो, ड्राईनेस हो उन सबको खत्म करके आपकी स्किन को यह बेहतर करता है। प्रयोग कैसे करना है? एक कांच की कटोरी लें। उसमें एरिंड का तेल लें। एक बाउल में आप गर्म पानी लें और इस कटोरी को उसमें आप रख लें। इनडायरेक्टली आपको इसको हल्का सा गर्म करना है। जब यह गर्म हो जाए तब इसको अपनी स्किन के ऊपर अच्छे से आपको अप्लाई कर लेना है। सोने से पहले रात भर छोड़ दें और सुबह आप अपने मुंह को धो लें। इतना करने

5:26 से ही यह आपकी स्किन को बेहतर करेगा। अगर स्किन के लिए आप प्रयोग कर रहे हैं तो आप तीन-4 दिन के गैप पे आधा-आधा चम्मच थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इसको अगर ग्रहण भी कर लेते हैं सुबह या सोने से पहले तो यह आपके वात को अंदर से भी मैनेज करेगा और आपकी स्किन को और बेहतर बनाएगा। तो ये इसका दूसरा प्रयोग हुआ। अब समझे इसका तीसरा प्रयोग आपके बालों के लिए क्या है? तो देखिए जैसा मैंने कहा कि इसमें एंटी फंगल प्रॉपर्टीज होती हैं। एंटी इनफ्लामेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं। तो कई बार स्काल्प पर इनफ्लामेशन होती है जिसकी वजह से बाल कम होते हैं या फिर डैंड्रफ होता है उसकी वजह से समस्या होती है। तो उसको यह ठीक करने वाला होता है और डीपली पेनिट्रेट होता है यह आपकी स्काल्प के अंदर और बालों को नरिश करने का बेहतर करने का काम यह करता है। यह कोलेजन की

6:12 प्रोडक्शन को भी बढ़ाता है और उससे आपके बाल और बेहतर होते हैं। तो रात्रि में करना क्या है? वैसे ही इसको गर्म कर लें आप पानी में रख के और अपने बालों की जड़ों में इसको अप्लाई कर लें। रात भर इसको छोड़ दें और सुबह उठकर के जो आयुर्वेदिक शैंपू है उसका प्रयोग करते हुए आप इसको धो लें। अब आप कहेंगे आयुर्वेदिक शैंपू कौन सा? कैसे? तो इसको आप घर पर बना सकते हैं और बहुत आसान तरीके से तीनचार चीजें आप बाजार से लाएंगे और यह बन जाएगा। इस पर हमने अलग से एक वीडियो बनाया है। उस वीडियो का लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। वहां से देख लें और एक आयुर्वेदिक शैंपू तैयार कर लें और उससे सुबह आप बालों को धो लेंगे तो बहुत अच्छे फायदे मिलेंगे आपको। अब इसका चौथा प्रयोग आप समझें कि शरीर में कहीं भी इनफ्लामेशन है या फिर दर्द है उसमें यह

6:58 बड़ा ही अच्छा काम करता है। लेकिन इसमें पूरे लाभ लेने के लिए इसको सोंठ के साथ आप प्रयोग करो। शरीर में दर्द है, अर्थराइटिस है। इन सारी कंडीशन में आपको एक चम्मच एररंड का तेल लेना है और उसमें सोंठ चौथाई चम्मच डाल लेनी है। इसको मिला लेना है और प्रतिदिन एक समय सुबह इसको लेकर के ऊपर से आप थोड़ा पानी पी लेंगे खाली पेट तो यह आपकी इनफ्लामेशन को कम करेगा और जो शरीर में दर्द बनी रहती है ना उसको भी यह घटाने का कम करने का काम करेगा। तो इसका प्रयोग करें। इससे भी आपको लाभ मिलेंगे। इससे आगे बढ़ते हुए इसको पाचन को दुरुस्त करने वाला भी कहा गया है क्योंकि इसकी प्रकृति जो है ना वह गर्म होती है। शरीर में जाकर के एक गर्मी वाला प्रभाव पैदा करता है ये। तो उस वजह से इसको जठराग्नि को प्रदीप्त करने

7:46 वाला मेटाबॉलिज्म को फास्ट करने वाला माना गया है। तो अगर आपको पाचन की समस्या है तो इसको लेना कैसे है? आप सुबह थोड़ा सौंफ लें लगभग एक चम्मच उसको आधा गिलास पानी में आप डालें या फिर आधे गिलास से थोड़ा अधिक रख लें पानी और उसको बॉईल करना शुरू करें। जब वो बॉईल हो जाए अच्छे से तो उसको ठंडा होने दे। जब हल्का सा गर्म वो रहे तब उसमें एक चम्मच कैस्टर ऑयल डाल करके उसको मिला के छान के फिर इसको आप प्रयोग करते हैं तो यह आपके पाचन को भी दुरुस्त करता है और पाचन में जो एक इनफ्लामेशन कई बार होती है सूजन होती है उसको भी कम करता है। जठराग्नि को भी प्रदीप्त करता है और आपको पाचन की तरफ से बड़े अच्छे फायदे देखने को मिलते हैं। बस एक बात का ध्यान रखना है कि अगर किसी को लूज मोशन है उस कंडीशन में

8:31 इसको नहीं लेना है। बाकी सभी इसका सुरक्षित रूप से प्रयोग कर सकते हैं और पाचन को भी यह बेहतर करेगा। तो यहां तक हमने समझा कि इसका मुंह से ग्रहण कर रहे हैं या फिर बॉडी के पार्ट पर अप्लाई कर रहे हैं तो क्या प्रभाव है। लेकिन अब मैं आपके साथ कुछ ऐसी जगह सांझा करता हूं जहां इसको अप्लाई करोगे आप तो आपको बहुत अच्छे लाभ मिलेंगे। तो जो पहली जगह है जहां पर आपको अप्लाई करना है वो है आपकी नेवल नाभि। यहां पर इसको अप्लाई करना है। आप लेट जाना। लेट करके नाभि में जितना यह इरिंड का तेल आए उसको एक तरीके से आपने भर लिया। उतना लगा लिया और फिर पहले अंदर की तरफ और फिर बाहर की तरफ इसको इस तरीके से सर्कुलर आपको मूवमेंट करना है नाभि के आसपास। ठीक है? उसके बाद क्लॉकवाइज कर

9:17 लिया और फिर एंटीक्लॉकवाइज कर लिया। नाभि के लगभग 3 इंच बाहर तक के हिस्से में गोलाई में इसको आपको अप्लाई कर लेना है और फिर इसी तरीके से 5 से 10 मिनट तक आपको इसे छोड़ना है। फिर ऊपर से इसको अच्छे से पोंछ लें और नाभि में जितना यह लगा रहे उसको लगा रहने दें और अपने आप वस्त्रा धारण कर लें। आगे काम करें। तो इस तरीके से अगर आप यह करेंगे तो नाभि पुरण इसमें भी यह अच्छे लाभ देगा। इससे आपका पाचन भी सुधरेगा। इससे ब्लोटिंग की समस्या है वह भी कम होगी और इससे आपकी बॉडी के अलग-अलग हिस्सों पर प्रभाव पड़ेगा क्योंकि नाभि आपकी नाड़ियों का केंद्र है। तो एक तरीके से यह आपके पूरे शरीर के एनर्जी चैनल्स को प्रभावित करता है और इससे बड़े अच्छे लाभ मिलेंगे। अब इसका दूसरा जो स्थान है प्रयोग करने का वो है आपकी नाभि से तीन अंगुल नीचे। यह तीन अंगुल नीचे की जो जगह

10:04 है यह है स्वाधिष्ठान चक्र और यह आपके रिप्रोडक्टिव सिस्टम से संबंधित होता है। तो महिलाओं में साइकिल की समस्या है। कोई और पीसीओडी वगैरह या इस तरीके की समस्याएं रहती हैं। पुरुषों में रिप्रोडक्टिव हेल्थ उनकी जो आज बहुत बिगड़ती हुई देखी जा रही है। उसमें भी यह अच्छे फायदे देगा। अगर नाभि से तीन अंगुल नीचे इसको आप अप्लाई करोगे। इससे अगला हिस्सा है जहां पर इसको प्रयोग करना है वो है आपके पैर के तलवों में। करना क्या है? आप कैस्टर ऑयल लें। इसको पैर के तलवे पर आप लगाएं। उसके बाद इसको अच्छे से मालिश करते रहें। वहां पर इतनी मालिश करें कि वो जो आपने ऑयल लगाया है वो अब्सॉर्ब होता हुआ दिखाई दे आपको। जब अच्छे से मालिश कर ली दो से 3 मिनट या 4 से 5 मिनट एक पैर पर, चार से पांच मिनट दूसरे पैर पर। उसके बाद आपको मोजे पहन

10:52 लेने हैं। सॉक्स पहन लेनी है। कॉटन की होनी चाहिए और उसके बाद आप सोने के लिए चले जाएंगे। तो इसका प्रयोग कब करना है? सोने से पहले इसको लगाना है। इससे आपका पैरासिंैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होगा। जैसा मैंने बताया कि यह वात वायु को कम करता है। तो वात कम होगा तो मन की चंचलता कम होगी। मन ठहरेगा तो नींद आपकी गहरी होनी शुरू हो जाएगी। तो जो लोग कहते हैं हमें तो नींद नहीं आती है। हम तो बड़ा हमें लगता है शरीर एक स्ट्रेस में रहता है। तो उनको यह रिलैक्स करने वाला और उनके लिए बहुत फायदेमंद है। नींद को यह बहुत अच्छा करेगा। अगर आप इसको पैर के तलवे में प्रयोग करते हो। अब मैं एक बार पूरे विषय को थोड़ा-थोड़ा दोहरा देता हूं। देखिए, अगर आप इसको विरेचक की तरह ले रहे हैं डिटॉक्स करने के लिए तो आप इसको रात को ले सकते हैं। ठीक रहेगा। अगर आप इसको स्किन

11:38 के लिए प्रयोग कर रहे हैं तो इसको आप रात को लगा करके छोड़ सकते हैं। सुबह चेहरे को धो सकते हैं। बालों के लिए प्रयोग कर रहे हैं तो रात को बालों में लगा करके सुबह इसको आयुर्वेदिक शैंपू से आपको धो लेना है। नाभि में इसका प्रयोग कर रहे हैं तो सुबह नहाने के बाद इसका प्रयोग करना है। नाभि से नीचे प्रयोग कर रहे हैं तो भी सुबह नहाने के बाद ही इसका प्रयोग करें। पैरों के तलवे में इसका प्रयोग कर रहे हैं तो रात को सोने से पहले ही इसका प्रयोग करना है। और अगर शरीर में कहीं भी सूजन है, इंफ्लेमेशन है, दर्द है, उसके लिए ले रहे हैं, तो जो ग्रहण करना है, वह सुबह करना है और अगर अप्लाई करने की बात करें तो सुबह और रात में सोने से पहले संध्या में दोनों ही समय पर इसको प्रयोग किया जा सकता है। तो इस तरीके से आप अगर इस कैस्टर ऑयल का प्रयोग करते हैं जो कि एक सामान्य सी चीज है। लेकिन अगर सही विधि से प्रयोग

12:26 किया गया तो यह बड़ा अच्छा लाभ देगी आपको और जो दूसरी विरेचक चीजें आप लेते हैं शरीर को डिटॉक्स करने के लिए वो कई बार शरीर में ड्राईनेस लेकर के आती हैं। तो इसके ऐसे कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है। तो यह बहुत सेफ है, बहुत गुणकारी है और इसका वर्णन आयुर्वेद से लेकर के आज जो स्टडीज हुई है उनमें भी इसको बहुत उपयोगी पाया गया है। इस एक चीज को आप अपने घर में जरूर रखें और इसका प्रयोग करें। डिस्क्रिप्शन में हम लिंक शेयर करवा देंगे जिस लिंक के थ्रू आप इसको परचेस कर सकेंगे जिससे कि आपको कोल्ड प्रेस्ट कैस्टर ऑयल मिल जाए सही गुणवत्ता वाला और आप इसका फिर आराम से प्रयोग कर सकते हैं। तो अगर आपको कोई विषय इसमें से समझ नहीं आया है तो आप कमेंट के माध्यम से शेयर करें। उस पर मार्गदर्शन होगा। साथ ही अंत में एक संकेत और करूंगा

13:12 कि अगर आप ध्यान साधना का हिस्सा बनना चाहते हैं या फिर निरंतर हठ योग को अपने जीवन में लाना चाहते हैं और ध्यान के माध्यम से विशेष रूप से मन को पूरी तरह बदलना चाहते हैं और शरीर को हठ योग के माध्यम से तो डिस्क्रिप्शन में उसकी डिटेल मिल जाएंगी आपको या फिर स्क्रीन पर जो नंबर दिखाई दे रहा है इस पर आप संपर्क कर सकते हैं और आप हमसे जुड़ करके आगे अपने अभ्यास को बढ़ा सकते हैं। अपेक्षा है कि आज का यह पूरा मार्गदर्शन आपको समझ आ गया होगा। आप इसका प्रयोग करेंगे तो लाभ तो निश्चित रूप से मिलेंगे आपको। आज के लिए आप सभी के लिए यही मार्गदर्शन था। यही प्रेरणा थी। भविष्य में अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन होता रहेगा। सभी के लिए प्रार्थना सभी के लिए मंगल कामना। ओम नमः शिवाय। नमो नारायण।

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