0:05 यस स्टार्ट ओके सर गुड आफ्टरनून टू ऑल ऑफ यू आई एम डॉक्टर सेजल पटेल फ्रॉम सेट एमए साइंस कॉलेज पाटन आई एम वर्किंग एस असिस्टेंट प्रोफेसर सिंस लास्ट 10 इयर्स आई एम गोइंग टू इंट्रोड्यूस गुड एकेडमिशियन एंड रिसर्चर ऑफ माय कॉलेज डॉ नरेंद्र के पटेल हेड डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी सेट हेमन साइंस कॉलेज पाटन ही वाज़ फैलिसिटेड बाय सम नेशनल एंड इंटरनेशनल इंस्टट्यूट्स लाइक एडवांसेस ऑफ प्लांट साइंस मुजफ्फरनगर इन 2005 ही हैज़ डन ह पीएचडी इन नॉर्थ गुजरात यूनिवर्सिटी 2006 ग्लोबल सोसाइटी फॉर हेल्थ एंड एजुकेशनल ग्रोथ दिल्ली अवार्डेड भारत शिक्षा रत्न
0:51 अवार्ड इन 2007 ही वाज़ आल्सो गाइडेड मोर देन 25 स्टूडेंट्स फॉर पीएचडी ही हैज़ कंप्लीटेड सेवरल माइनोर रिसर्च प्रोजेक्ट गिवन बाय यूजीसी पुणे ही हैज़ फाइव पेटेंट एंड लास्टली ही हैज़ बीन अवार्डेड डॉक्टरेट ऑफ साइंस डीएससी डिग्री बाय सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका सो ऑन बिहाफ ऑफ ऑल द पार्टिसिपेंट्स ऑफ दिस रिफ्रेशर कोर्स एंड यूजीसी एचआरडीसी एमएमटीटीसी जबलपुर आई इनवाइटेड डॉ एन के पटेल सर टू डिलीवर ए लेक्चर प्लीज वेलकम सर नमस्कार एंड गुड आफ्टरनून ऑल ऑफ यू
1:38 एंड गुड आफ्टरनून सर गुड आफ्टरनून सर गुड आफ्टरनून सर गुड आफ्टरनून गुड आफ्टरनून सर यस सरस सर थैंक यू फॉर इंट्रोड्यूस माय रिफ्रेशर कोर्स टाइटल इज वेरी इंटरेस्टिंग एंड इट इज नीड ऑफ द टुडे प्रेजेंट एंड फॉर द फ्यूचर प्रस्पेक्ट एंड डॉक्टर संजीव जी ने जब पहले मुझे
2:25 बताया तो मैंने पहले ही हाफ कर दिया उनको लेकिन थोड़ा टाइम में ऐसे शेड्यूल चेंज हुआ है। आगे पीछे कुछ लेक्चर का हुआ है। टाइटल हमारा है एनवायरमेंटल स्टडीज एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट। इट इज द आई थिंक इट इज द लास्ट लेक्चर ऑफ़ द डे एंड आई थिंक ऑल ऑफ यू जॉइन फ्रॉम द अर्ली ऑफ़ द मॉर्निंग। एंड इट इज द डे एंड। सो आवर एनवायरमेंट होप जोश इज वेरी वेल। वैसे भी हम लोग सुनाने के आदि है। सुनने के लिए आदि नहीं है। तो अभी बहुत टाइम निकल चुका
3:12 है। साझ का भी वक्त हो चुका है। तो हम लोग लाइव सेशन स्टार्ट करते हैं। एक दूसरे के साथ हम लोग बात करेंगे। कुछ ऐसी बातें भी डिस्कस करेंगे जो अभी प्रेजेंट और फ्यूचर सिनेरियो के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। वैसे भी आज 75 इयर्स बर्थडे मोदी जी का है और उनका जो प्रोस्पेक्ट है ग्लोबल सिनेरियो के लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए और उसमें जो हमारा भारत रोल प्ले कर रहा है सोलर एनर्जी हो विंड एनर्जी हो या रिन्यूएबल एनर्जी हो उसमें बहुत बड़ा रोल हमारा इंडिया का भी रहा है और आप सब जानते हैं कुछ बातें हमारी सबकी परिचित है जैसे कि हम ग्लोबल इकोनॉमिक्स
4:00 में भी आगे बढ़ रहे हैं और किसी के प्रेशर में भी नहीं आ रहे हैं। सो वि योर परमिशन आई स्टार्ट माय सेशन एक मिनट सर आई एम गिविंग परमिशन माय स्क्रीन इज वििबल यस सर यस सर यस सर वििबल थैंक यू यस सर हम लोग ट्राइबल एरिया में काम करते हैं। वैसे जो रिमोट एरिया है अरावली का जिसमें
4:49 ट्राइबल आदि जिसे आदिवासी कहते हैं उनको एस्टब्लिश करने के लिए या उनकी जो रिक्वायरमेंट है उसके लिए काम करते हैं। तो हम लोग आज के टॉपिक के रिलेटेड थोड़ी बहुत बातें करते हैं। हम सब जानते हैं कि एनवायरमेंट जो हमारे आसपास का जो भी एटमॉस्फियर है जो भी है हमारे आसपास लिविंग ऑल नील नॉन लिविंग थिंग्स इट इज नोन एस द एनवायरमेंट एंड एस पर अल्बर्ट आइंस्टाइन एनीथिंग दैट इज नॉट मी और इज नॉट वि अस तो हमारे पास जो भी है उनसे जो भी एक कोरा बनता है जिसे हम लोग एनवायरमेंट कह सकते हैं और वो फ्रेंच वर्ड
5:37 एनवायरन से डिराइव हुआ है। दैट्स मीन द एनसाइकल और द सराउंडस और सराउंड एनी ऑर्गेनिज्म्स दैट्स मीन द लिविंग और द नॉन लिविंग और जो भी है एक दूसरे के साथ हम लोग जो जुड़े हुए हैं वो डायरेक्टली और इनडायरेक्टली अभी हम लोग कोरोना के बाद ऐसे वाया zूम या गूगल मीट से डायरेक्टली और इनडायरेक्टली मीट करते हैं। उसमें भी हमारा बहुत बड़ा रोल रहा है सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए। वैसे वहां पर जाना आना वो भी टाइम बचता है और बहुत ही क्रूशियल जो इकोनॉमिक्स रिलेटेड इशू होते
6:23 हैं वो भी हमारा उसमें बचता है तो यह भी बहुत अच्छा माध्यम है जिससे हम जुड़ सकते हैं। तो इसके रिलेटेड 1986 के अंदर एक एनवायरमेंट एक्ट बना जिसके आधार पर उन्होंने बताया गया कि एनवायरमेंट एस द सम टोटल ऑफ वाटर एयर एंड लैंड एंड देन द इंटरचेंज बिटवीन ऑफ देम। तो हम सब यह जानते हैं कि विदाउट एनवायरमेंट और उसके सस्टेनेबल के बिना कोई भी अच्छी तरह से हम हमारी लाइफ लाइन जी नहीं सकते हैं। हम हो या कोई भी छोटा सा छोटा एनिमल हो। जैसे कि अभी साउथ में एक आज के
7:08 न्यूज़ पेपर में या आपने एक्स पर पढ़ा हो अमीबा रिलेटेड एक इशू आया जो मगज ब्रेन को डैमेज करता है और मोर देन 15 पर्संस वास डाइड इन अ वीक। तो हमारा जो एनवायरमेंट है उसको मेंटेन करना हमारी रिससिबिलिटी है। हमें ही उसको बचाना है और हम हमें ही हमारे जो फ्यूचर जनरेशन है उसके लिए उसको अच्छी तरह से छोड़ के जाना है। अभी जो आगे आने वाले समय में है अभी हम लोग इसमें से तो पसार हो रहे हैं प्रेजेंट
7:54 में लेकिन आगे आने वाले फ्यूचर में भी क्योंकि हम लोग बहुत ज्यादा डेवलपमेंट की ओर बढ़ रहे हैं और इसका जो इफेक्ट है वो आपने उत्तरांचल में देखा होगा हिमाचल प्रदेश में देखा होगा मुंबई दिल्ली पंजाब गुजरात राजस्थान तो डेजर्ट एरिया थे वहां पर भी हैवी रेन हुई है और बहुत ज्यादा इफेक्ट हुई है और बहुत ज्यादा नुकसान भी हुआ है। कई जगह ऐसी है कि सालों के बाद वो काम फिर से स्टेबल हो पाएंगे। तो हमारे जो मेजर इश्यूज है जैसे कि पोलशन हो गया वेस्ट प्रोडक्शन। पहले तो वेस्ट प्रोडक्शन में अभी जो है मोबाइल
8:40 लेफ्टी जो इंस्ट्रूमेंट है उसका इतना ज्यादा वेस्ट नहीं होता था। लेकिन आने वाले समय में बहुत ज्यादा उसका वेस्ट होगा। क्लाइमेट चेंज हो, बायोडायवर्सिटी डिप्लेशन तो वह सब सारे इशू हमारे साथ बने हुए हैं। पोलशन भी हमारा एयर, वाटर, सोइल जैसे कि हमारे पास अंकलेश्वर करके एक सिटी है। आप रात को वहां से निकलते हैं या बाहर सोते हो तो आपको पूरी बॉडी पर ऐसे येलो डॉट्स आपको पोलशन रिलेटेड उसमें सुबह में उठोगे तो आपको देखने मिलेगा और उसकी एयर भी है जो भी क्वालिटी उसकी हमें रेस्पिरेटरी सिस्टम के लिए हमारे लिए
9:26 नुकसानकारक होती है उसमें भी तो एयर पोलशन जहां पर भी ज्यादा इंडस्ट्रीज है जैसे हिमाचल में चले जाए हम लोग उत्तरांचल में चले जाए तो जहांहां पर गवर्नमेंट ने छूट दे रखी है वहां पर ये और पोलशन बहुत ज्यादा बढ़ रहा है और उसी के हिसाब से भी जैसे दिल्ली की यमुना ले लीजिए यमुना वैसे भी काली पहले से मानी जाती है तो अभी तो उसका पोलशन के रिलेटेड इशू के वजह से बहुत सारा उसमें सीवेज इसमें आता है और इसकी वजह से भी जो पूजा होती है वो भी कई बार लोग कर नहीं पाते हैं और उसमें वाटर टैंक से स्प्रे किया जाता है और उसी के हिसाब से सोइल में भी ज्यादा प्रोडक्शन क्रॉप प्रोडक्शन लेने
10:12 के लिए जैसे अभी जीएम क्रॉप की बात हो रही थी वैसे ज्यादा क्रॉप लेने के लिए उसमें भी फर्टिलाइजर्स और बहुत सारे स्प्रे ग्रोथ हार्म स्प्रे यूज करके सोइल का ऊपर का जो लेयर होता है ऊपर के जो स्तर होता है उसको भी उसको नुकसान पहुंचाया जा रहा है या कई बार उसमें गड्ढे करके उसमें जो सीवेज होता है जो इंडस्ट्रीज वेस्ट होता है वह भी उसमें डाल के जो अंडर ग्राउंड वाटर होता है उसको भी डमेज नुकसान पहुंचाया जाता है। हमारा जो वेस्ट प्रोडक्ट्स है सॉलिड वेस्ट हो या जस हो या मेडिकल वेस्ट हो कई बार आपने देखा होगा मेडिकल वेस्ट भी खुले में छोड़ दिया जाता है। खुला कचरा उसमें डाल दिया
10:58 जाता है। अगर हमारे घर में भी सॉलिड वेस्ट निकलता हो तो उससे भी पहले हमारी रिससिबिलिटी बनती है हम उसे अच्छी तरह से उसको डिस्पोज करें क्योंकि हमें यह सोचना है आने वाले भारत के लिए आने वाले हमारी जनरेशन के लिए अगर हम लोग ही पहल नहीं करेंगे। कई फॉरेन कंट्री में जाते हैं तो हम सारे रूल्स फॉलो करते हैं। कहीं पर भी स्पीड भी नहीं करते हैं। कहीं पर भी कुछ कचरा भी नहीं डालते हैं। हो जाता है तो उसमें ये डर रहता है कि कुछ मेमोज आ जाएगा। कुछ पेमेंट करना पड़ेगा। हमारे यहां छूट मिलती है तो हम लोग बहुत ज्यादा इसका बेनिफिट उठाते हैं। तो ये सबसे पहली हमारी रिससिबिलिटी बनती है क्योंकि सबसे ज्यादा गवर्नमेंट काम भी
11:46 टीचर्स को देती है। एकेडमिशन को देती है और रिससिबिलिटी भी आने वाले भविष्य ले हमारी बनती है। और इसी के साथ एक सेंटेंस कोड करता हूं। चाणक्य जी ने बताया है। शिक्षक कभी साधारण नहीं होता है। प्रलय और निर्माण उसकी गोद में पलते हैं। तो हमें प्रलय तो नहीं करना है। हमारे फ्यूचर बेटी के लिए हमारे जनरेशन के लिए कुछ अच्छा देकर जाना है। तो ये सबसे जो बड़ा इशू है पोलशन का उसको हमें कंट्रोल करना है। उसके बाद नेक्स्ट आता है इन सब की वजह से बायोडायवर्सिटी डिप्लेस्टेशन। डिफॉरेस्टेशन हम लोग सब जानते हैं वैसे डिफॉरेस्टेशन की वजह होती है अर्बनाइजेशन डेवलपमेंट
12:32 रोड रेलवे ट्रैक बहुत सारे आप सब जानते हैं वैसे सर्टिफिकेशन हैबिटट डिस्ट्रक्शन एक्सटिंशन वैसे ही इसकी इफेक्ट डायरेक्टली होती है डिफॉरेस्ट फॉरेस्टेशन की वजह से डेजर्ट कन्वर्ट होना डेजर्ट आगे बढ़ना सेमी डेजर्ट में से डेजर्ट एरिया ज्यादा बनना तो ये सब इश्यूज उसमें डेवलप होते हैं डिफॉरेस्टेशन की वजह से फॉरेस्टेशन जो ग्रीन एनर्जी है वो सबसे ज्यादा हमारी कार्बन कैरेट को बढ़ाती है। रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ाती है। और जो नेचुरल एनर्जी है एस लाइक एस फूड एटरा उस सब में हम लोग हमारा ज्यादातर
13:19 सोर्स फॉरेस्ट ही रहते हैं। और इसी की वजह से केदारनाथ की घटना ले ले या अभी जो मैंने बताया वह पंजाब, दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान कई सारे एरिया इंडिया के और अदर देन आउट ऑफ द कंट्री ऑफ द इंडिया। तो उसमें भी ये ग्लोबल वार्मिंग की वजह से बहुत सारे क्लाइमेट चेंजेस हुए हैं। और आप अभी एक वीक पहले का एक आर्टिकल था। इसमें जो हमारा कच्छ रीजन है उसमें भी जो सोइल है जो उसके लेयर्स है वो भी उसमें डिप्लटेशन हो रहे हैं। तो यह सब प्लेट्स जो है उसमें से भी
14:05 बहुत ज्यादा उसमें भी डिप्लटेशन आ रहे और अर्थक जैसी घटनाओं से हम लोग पसार हो रहे हैं या फॉरेस्ट में फायर हो जाना एटरा तो वैसे ही बहुत एबनॉर्मल कंडीशंस पोलशन डिफॉरेस्टेशन दैट्स मीन द बायोडायवर्सिटी डिप्लशन की वजह से हम लोग उसमें से पसार हो रहे हैं अभी भी तो उन सबके लिए हम सबको मिलकर एक साथ यह काम करना है इसको कैसे रोका जाए तो हम लोग हमारे लेवल पे ये सब सारे काम एक दूसरे के साथ मिलकर ये करने की जरूरत है। जैसे कि टू अंडरस्टैंड हाउ वी हैस द ह्यूमन इंटरेक्ट वि द एनवायरमेंट एंड टू डिटरमाइन हाउ वी अफेक्ट द एनवायरमेंट।
14:54 हम किसी के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं तो सामने वाला भी हमारे साथ अच्छा व्यवहार करता है। तो हम लोग कुदरत के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तो वह भी हमारे साथ अच्छा व्यवहार करेंगे। तो पहले हमें अपने आप को उस माहौल में डालना है जैसे कि हमारी वजह से किसी भी तरह से जो नेचर है उसको नुकसान हम लोग कर ना पाए। जैसे कि अभी हम लोग स्टडीज की बात करें एनवायरमेंट की तो एनवायरमेंट स्टडीज जो है वो मल्टी डिसिप्लिनरी ब्रांच है। कई सारी जगह से कई सारे सब्जेक्ट के साथ जुड़ी हुई
15:39 है। ऐसे नहीं कि डायरेक्ट ऐसे बोल दिया एनवायरमेंटल साइंस तो एक ही बात में आप लोग बात करेंगे एनवायरमेंट रिलेटेड तो ये हिस्सा हो जाएगा। ऐसी तो कोई बात है नहीं इसमें। तो एनवायरमेंट में ऐसा कोई भी साइंस का सब्जेक्ट नहीं होगा या स्टैटिस्टिक का कोई भी सब्जेक्ट नहीं होगा कि जिसके साथ हम लोग यह शो ना कर सके कि ये ब्रांच इसके साथ कनेक्टेड नहीं है। जैसा कि यहां पर बताया गया है जियोग्राफी इकोनॉमिकल पॉलिटिकल साइंस लॉ फिलॉसोफी एटमॉस्फेरिक साइंस इकोलॉजी बायोलॉजिकल साइंस एनवायरमेंटल केमिस्ट्री अर्थ साइंस बहुत सारे इसके साथ साइंस हमारे साथ जुड़े हुए हैं। जैसे कि एक एग्जांपल ले फिजिक्स का तो फिजिक्स के बारे में बात करें हम लोग तो
16:26 अंडरस्टैंड द चेंज ऑफ मटेरियल एंड एनर्जी इंटरेक्शन एंड टू मेक मैथमेटिकल मॉडल्स ऑफ द एनवायरमेंट। तो यह भी डायरेक्टली हमारे साथ एनवायरमेंट साइंस जुड़ जाता है। केमिस्ट्री की बात करें तो मॉलिक्यूलर इंटरेक्शन इन द सिस्टम को समझने के लिए भी हमें केमिस्ट्री की जरूरत रहती है या पोलशन के बारे में उसके सोलशन के लिए भी हमें उसमें से बाहर निकालने पड़ते हैं। बायोलॉजिकल या बायोस या लाइफ साइंस के बारे में बात करें तो वो डायरेक्टली इसमें इन्वॉल्व रहता है टू डिस्क्राइब द इफेक्ट वििन द प्लांट एंड एनिमल किंगडम एंड देर डायवर्सिटी। आफ्टर ऑल जो भी लिविंग ऑर्गेनिज्म्स है उसके साथ नॉन लिविंग ऑर्गेनिज्म्स का जो रिश्ता रहता है इंटरेक्शन रहता है वही महत्व का रहता है ये पूरी सृष्टि के
17:13 लिए जैसे कि एटमॉस्फेरिक साइंस के बारे में देख या इकोलॉजी के बारे में देखें तो इकोलॉजी के बारे में भी हम लोग ये बता सकते हैं टू एनालाइज एंड डायनेमिक अमोंग इंटरिलेटेड सेट टू पापुलेशन और पपुलेशन एंड सम एस्पेक्ट ऑफ इट्स एनवायरमेंट द स्टडी कुड बी एंड डेंजर स्पीशी प्रिडेटरी इंटरेक्शन इफेक्ट अपॉन पपुलेशन ऑफ एनवायरमेंट काट एसेट्रा और इसी की वजह से कई सारी जो स्पीशीज एनिमल हो या प्लांट स्पीशीज हो उसको अलग-अलग क्राइटेरिया में हम लोग उसको डिवाइड करते हैं रेयर एंड डेंजर्ड कई स्पीशीज तो जो है अभी उसमें
17:58 शो भी नहीं हो रही है अवेलेबल नहीं हो रही या कई स्पीशी जो नई है वो कई और जगह पे रिकॉर्ड हो रही है। तो यह भी एक माना जाता है। मुझे किस्सा याद आ रहा है। मैं अब इसके साथ जोड़ रहा हूं। जैसा कि लक्ष्मण जी मुर्शित हुए तो संजीवनी लाने के लिए बुलाने। तो जहां पर युद्ध हुआ था वहां पर अभी संजीवनी प्लांट्स मिल रहा है लेकिन पहले के टाइम में उसको हिस्ट्री में देखा जाए तो कभी भी उसको संजीवनी दैट्स मीन वी ओल्ड हिट बोटिकल नेम एस सेला देनेला इट इज
18:44 नेवर फाइन नो वन रिकॉर्डेड सेलानेला इन पास्ट हिस्ट्री तो वो भी कई और से लाई गई थी तो हम लोग भी यहां पर कई सारे प्लांट्स जो होते हैं वो अलग-अलग तरीकों से अलग-अलग मेथड से हम हम लोग यहां पर एस्टब्लिश कर रहे हैं। जैसा कि देखा जाए तो पहले कोकार्पस इतना ज्यादा नहीं था हमारे एरिया में। तभी कोनोकार्पस है तो उसके बारे में यह भी बताया जाता है कि जो उसके रूट्स होते हैं वह बहुत ज्यादा वाटर सक करते हैं और उसको नुकसान भी पहुंचाते हैं। फिर भी उसके सो के लिए उसको कोोकार्पस को यूज किया जाता है। उसमें भी जैसे कि जियो साइंस ले ले तो जिओ साइंस
19:29 में भी उसको एनवायरमेंटल जियोलॉजी एनवायरमेंटल सोइल साइंस वोल्केनिक फिनोमिना एंड इवोल्यूशन ऑफ द अर्थ क्रस्ट के बारे में भी हम लोग उसके बारे में सोच सकते हैं। मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटर साइंस यह जो फीचर कनेक्टेड एनवायरमेंट साइंस से रिलेटेड सब्जेक्ट जो है उसमें भी हम लोग एनवायरमेंट मॉडलिंग एनालिसिस ऑफ द एनवायरमेंट रिलेटेड डेटा स्टडी के लिए इसका यूज करते हैं। एंड फाइनली जो डर रहता है उसके बिना कोई लोग हम लोग समझ नहीं पाते हैं। तो लो आता है और इसके लिए अलग-अलग लॉस बनाए जाते हैं इसके कंट्रोल करने के लिए और इट्स हेल्प्स इन फ्लेमिंग ऑफ एनवायरमेंट रिलेटेड लॉस
20:14 एक्ट्स रूल एंड देयर मॉनिटरिंग। तो यह सारे मल्टीसिप्लिनरी नेचर ऑफ एनवायरमेंट स्टडीज के बारे में हम लोग समझ सकते हैं। जैसे कि यहां पर अलग-अलग सब्जेक्ट्स और एनवायरमेंट इशू के कनेक्टेड उसमें एक रिलेशन बताया गया है। जैसे कि नेचर एंड रिएक्शन ऑफ एयर पोलशन। तो सीधे ही हमें केमिस्ट्री और केमिकल इंजीनियरिंग के बारे में सोचना पड़ेगा। जैसे जूलॉजी, बॉटनी और वेरियस ब्रांचेस ऑफ लाइफ साइंस के बारे में बात करें तो इफेक्ट ऑफ वेरियस काइंड ऑफ पोलशन ऑफ ह्यूमन बीइंग एस वेल एज एनिमल एंड द प्लांट्स दैट मींस वि द लिविंग ऑर्गेनिज्म्स के लिए हमें सोचना है तो हमें लाइफ साइंस या बायोसाइंस में जाना पड़ेगा। मटेरोलॉजिकल साइंस
21:00 थर्मोडायनेमिक्स जग्राफी के बारे में बात करते इफेक्ट ऑफ एयर पोलशन ऑन मटेरियल्स उसके बारे में बात कर सकते हैं मैथमेटिकल मॉडलिंग तो डेटा एनालिसिस के लिए इफेक्ट ऑफ क्लाइमेट ऑन एयर पोलशन तो डेटा एनालिसिस के लिए इसका यूज़ करते हैं हम लोग फिजिक्स केमिस्ट्री एंड वेरियस ब्रांचेस ऑफ इंजीनियरिंग के बारे में सोचे तो एयर पोलशन के साथ कनेक्टेड है हम हिस्ट्री तो बैक बैक डोर डाटा देख हम लोग तो ग्लेशियर्स के बारे में बात कर सकते हैं। अच्छी तरह से आप लोग समझ पाएंगे। तो कई जगह अभी जो पहले ग्लेशियर्स रिकॉर्ड हुए थे तो अभी उसमें ग्लेशियर्स ज्यादातर डिसएपीयर हो चुके हैं या बहुत कम एरिया उनका बचा हुआ है। तो ये हम लोग उसमें हिस्ट्री के बारे में सोच के भी हमारा नया
21:47 डाटा उसमें से निकाल सकते हैं। कंपेरेटिव डेट का स्टडी भी कर सकते हैं। और किस रेट से ये ग्रोथ होगा डिसएपीयर होने का ग्लेशियर का या जो हमारा टेंपरेचर बढ़ रहा है अर्थ का उसके बारे में हम लोग उसको एनालिसिस कर सकते हैं। इकोनॉमिक्स और डेमोग्राफी के बारे में बात करें तो इकोनॉमिक्स इंपैक्ट ऑफ एयर पोल्यूशन उसके बारे में बात करते हैं। सोशियोलॉजी इंपैक्ट ऑफ एयर पोलशन के बारे में डिस्कस होती है। एंड वेरियस ब्रांचेस ऑफ फिजिकल साइंस की डिस्कस करें तो उसमें अल्टरनेटिव फ्यूल्स तो अभी हम लोग ग्रीन एनर्जी की बात कर रहे थे। अभी जो लास्ट ईयर दिल्ली में स्टार्ट हुआ था सभी डीजल गाड़ियां बंद कर दी जाए या जो भी
22:36 पुरानी गाड़ियां उसको बंद कर दी जाए। स्क्रैप में डाल दी जाए। अभी एक पॉलिसी आई थी। आप सब की जानकारी में भी होगी उस पॉलिसी के बारे में। तो अभी ज्यादातर ईवी गाड़ियां में अभी जो जीएसटी 2.0 है उसमें भी बहुत ज्यादा छूट दी गई है। तो उसको प्रमोशन करने के लिए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह सब जीएसटी 2.0 के अंदर भी उसमें बहुत सारे चेंजेस सुधार किए गए हैं और उसकी जो इफेक्ट होगी वो भी हमें 2 सितंबर से देखने को मिलेगी उसमें तो आने वाले समय में और जो रोड पे गाड़ियां चलेगी वो ज्यादातर इवी कार्स होगी जिसकी वजह से पोलशन एयर पोलशन में
23:22 रेड रेट जो है उसमें डिक्रीस कर सके उसमें रेट डाउन कर सके। कंजर्वेशन ऑफ रिसोर्स एंड पोलशन कंट्रोल के बारे में बात करें तो पॉली साइंस एंड फिजिकल साइंस में आ जाता है। वजन वाल एंड ग्लोबल वार्मिंग वजन वाल्व और वजन डिप्लशन की बात करें तो अमेरिका हमेशा हमारे साथ अगेंस्ट में खड़ा हो जाता है। तो ज्यादातर कंट्री जो होती है उसमें डेवलपिंग कंट्री की वजह से ये ओजोन हॉल ओजोन डिप्लटेशन होता है। ये बताया जाता है। लेकिन ऐसा होता नहीं है। जो भी उनका अमेरिका जैसे वेल डेवलप कंट्री है तो उनका भी बहुत ज्यादा रोल रहता है उसमें फजन डिप्लटेशन की वजह से तो ऑलमोस्ट ऑल फील्ड अंडर द सन हैव ग समथिंग टू कंट्रीब्यूट टू
24:08 द अंडरस्टैंडिंग एंड प्रिवेंशन दिस फिनोमिना उसमें हम लोग स्टडी कर सकते हैं। देन आफ्टर वी आर डिस्कस अबाउट द कंपोनेंट्स ऑफ द एनवायरमेंट। तो आप सबको भी यह पता होगा कुछ इसमें मुझे बताने जैसा नहीं लग रहा है। आप हम सब जानते हैं जैसे के एटमॉस्फियर की बात कर ले तो एटमॉस्फयर में अलग-अलग लेयर्स जो रहते हैं उसमें सबसे पहले स्टार्ट कर देते करें तो ट्रोपोस्फीयर स्ट्रेटोस्फीयर मेसोस्फीयर थर्मोस्फीयर एंड एक्सोस्फीयर तभी बस ज्यादा स्ट्राइक हो रही है। रशिया यूक्रेन हो इजराइल हो इंडिया पाकिस्तान हो या बहुत सारे कंट्रीज जहां पर अभी
24:56 युद्ध चल रहा है या एयर स्ट्राइक हो रही है मिसाइल्स अटैक्स हो रहे हैं तो हमारा जो लेयर है या सेटेलाइट की वजह से भी जो सेटेलाइट का कचरा होता है उसमें भी वेस्ट होता है सेटेलाइट वेस्ट तो उसकी वजह से भी हमारे जो कंपोनेंट्स है उसमें भी ज्यादातर इफेक्ट्स हमें ये शो हो रही वो देखने को मिल रही है। तो इसके बारे में हम लोग ज्यादातर बात नहीं करते हैं। देन आफ्टर वी आर गोइंग टू द एनवायरमेंटल स्टडी स्कोप एंड देंस। क्यों एनवायरमेंट के बारे में स्टडी करना चाहिए? क्या स्कोप है? क्याेंस है? वो हम
25:45 सब अपने स्टूडेंट को पढ़ाते हैं, सिखाते हैं और हम लोग भी उसमें अपग्रेड होते रहते हैं। जो भी नए रीसेंट केसेस आते रहते हैं, इश्यूज आते रहते हैं। तो उसके साथ हम भी उसमें अपने आप का नॉलेज बढ़ाते रहते हैं। तो इट इज द मल्टीपल एंड मल्टीलेवल स्कोप्स। कंजर्वेशन ऑफ इकोसिस्टम एंड द बायोडायवर्सिटी। प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पोलशन। थर्ड वन इज द मैनेजमेंट ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज एंड इंपैक्ट ऑफ ह्यूमन पपुलेशन ऑन द एनवायरमेंट। ये चार पॉइंट्स जो है वो बहुत ही हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। सबसे पहला तो कंजर्वेशन ऑफ इकोसिस्टम एंड द बायोडायवर्सिटी। हम अपनी आने वाली पीढ़ी को कुछ नया दे ना
26:31 सके तो कुछ भी नहीं। लेकिन जो भी बचा कुचा है जो भी बचा है वह अच्छी तरह से उनको मेंटेन करके उनको यह इको सिस्टम और बायो डायवर्सिटी दे इसके लिए हमें सबसे पहले पहल करनी है और इसको कंजर्वेशन करना है हमें तो ये काम हम लोग कर सकते हैं एक तो दूसरी बात है प्रिवेंटेशन कंट्रोल ऑफ पोलशन के बारे में बात करें तो जो हमारा पोलशन का जो डाटा है वो कई सिटीज में जैसे कि दिल्ली की बात कर ले तो बहुत बहुत ज्यादा फॉर्म हो जाता यमुना का पोलशन ले ले ऐसे कई सारे पोलशन है जहां पर ये पोलशन आउट ऑफ लिमिट होता है तो उसको भी कंट्रोल करने के लिए कभी-कभी
27:18 पोलशन कंट्रोल बोर्ड की जरूरत पड़ती है उसको प्रिवेंशन करने के लिए नए लॉस एक्ट उसमें लागू करने पड़ते हैं और कई सारी पॉलिसी बनानी पड़ती है गवर्नमेंट को या जो एनजीओस है उन सबको साथ मिलकर थर्ड पॉइंट्स है हमारा मैनेजमेंट ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज। तो मैनेजमेंट ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज के बारे में बात करें तो इसको कैसे हम लोग कंट्रोल कर सकते हैं अगर यह जो सोलर एनर्जी इंडिया में इंट्रोड्यूस नहीं हुई होती या इब कास्ट नहीं हुई होती तो हम जो पुराने जो तरीके हैं पेट्रोल डीजल केरोसिन तो अभी देखने को भी नहीं मिलता है। कई जो नई पे होगी उनको तो केरोसिन के बारे में
28:05 पता भी नहीं होगा। नहीं तो ज्यादातर हमारे चाइल्ड फूड टाइम के अंदर केरोसिन के दिए बत्ती चलकर हम लोग पढ़ाई किया करते थे। एक ऐसा भी वक्त था आज तो घरघर पे यह लाइट एसी फैंस सब सेटल हो चुके हैं। रूलर एरिया में जाए या अर्बन एरिया में जाए तो भी तो हमें उसको मैनेजमेंट कर करके उसको नेचुरल रिसोर्सेज को कैसे यूटिलाइज करना है ये भी हमारे लिए बहुतेंस है। जैसे कि जैसे कि हम लोग जैसे सिजल बहन ने बताया हम बोथ वी आर बिलोंग टू द पाटन पाटन की जो रानी की वा वो हमारे जो ₹1 की नोट है उसके बैक साइड पर उसको फोटोग्राफ से तो उस उस टाइम में
28:53 भी वाटर कंजर्वेशन के लिए बहुत अच्छा सोर्स था और उसको अभी वर्ल्ड हेरिटेज साइड में भी उसको अवार्ड्स मिला हुआ है। तो वो वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स भी है और हम उसको मोदी जी ने क्रेडिट भी दिया है। हमारी जो करेंसी है 100 के नोट उसके पीछे भी उसका फोटोग्राफ्स है। तो ये पहले के टाइम में भी नेचुरल रिसोर्स को कैसे कंजर्व किया जाए वाटर हो ट्रीज हो तो उसके बारे में भी बहुत सारे मैनेजमेंट रिलेटेड उसमें डिस्कशन होती है। एक एक टॉपिक के बारे में बहुत ज्यादा हम लोग घंटों भर डिस्कस कर सके। इतना सारा मटेरियल्स या आइडियाज आप सभी के पास भी हो
29:40 होगा। ताकि ऐसे मैनेजमेंट कर सके। उसमें भी अपने खुद के भी कुछ आईडिया होंगे जिसके बारे में आप भी डिस्कस कर सकते हैं। तो ये सबसे बड़ी बात है। जैसे यूनेस्को 1971 के द्वारा एक एनवायरमेंटल स्टडीज के लिए कुछ ऑब्जेक्टिव्स दिए गए थे। उस ऑब्जेक्टिव्स में कुछ मेन ऑब्जेक्टिव्स थे टू इंपैक्ट बेस नॉलेज अबाउट द एनवायरमेंट एंड इट्स एंड इट्स प्रॉब्लम टू क्रिएट द अवेयरनेस अबाउट एनवायरमेंट प्रॉब्लम अमंग पीपल टू डेवलप एंड एटीट्यूड ऑफ कंसर्न फॉर द एनवायरमेंट मोटिवेट पब्लिक टू पार्टिसिपेट इन एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एंड एनवायरमेंट इंप्रूवमेंट हेल्प
30:26 एक्वायरिंग स्किल टू असिस्ट द कंसर्ट इंडिविजुअल इन आइडेंटिफाई एंड सॉल्विंग एनवायरमेंट प्रॉब्लम एंड टू सजेस्ट द पाथवे टू अटेंड हार्मोनी वि नेचर। तो ये सारे पॉइंट्स थे। वैसे ही लास्ट पॉइंट है हमारा इंपैक्ट ऑफ ह्यूमन पपुलेशन ऑन एनवायरमेंट। तो उसमें भी अलग-अलग पॉइंट्स पे डिस्कस कर सकते हैं। जैसे कि क्लेरिफिकेशन ऑफ मॉडर्न एनवायरमेंट कांसेप्ट लाइक हाउ टू कंजर्व बायोडायवर्सिटी। हमें बायोडायवर्सिटी को कंजर्व कैसे करना चाहिए जो अभी जैसे के सस्टेनेबल डेवलपमेंट अगले 30 साल के लिए जिसका गोल नक्की किया गया है फीचर कासेप्ट रिलेटेड तो वो भी
31:13 हमें उसके बारे में सोचना चाहिए। हेल्पिंग पीपल नो द मोस्ट स्टेबल वे ऑफ लिविंग मेकिंग मासेस अंडरस्टैंड हाउ टू यूज़ नेचुरल रिसोर्सेज मोर एफिशिएंटली एंड क्रिएटिंग नॉलेज अबाउट द इंटरिलेशन बिटवीन ऑर्गेनिज्म इन पपुलेशन एंड कम्युनिटी क्रिएटिंग अवेयरनेस एंड एजुकेटिंग पीपल रिगार्डिंग एनवायरमेंटल इश्यूज एंड प्रॉब्लम्स एट लोकल नेशनल एंड इंटरनेशनल लेवल तो सबसे पहले हमने हम लोगों को देश से स्टार्ट करके टॉप लेवल तक जाना है। हमारे लोकल लेवल से स्टार्ट करके इंटरनेशनल लेवल पे जाके ये सब जो बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन हो या एनवायरमेंटल इश्यूज हो उसको सॉल्यूशन करने
32:00 के लिए हमें उसमें आगे बढ़ना है। तो यह सारे हमारे एनवायरमेंटल स्टडी रिलेटेड इश्यूज थे जिसके बारे में हमने डिस्कस की और ये इसके बारे में मैंने बताया वैसे हीेंस ऑफ एनवायरमेंटल स्टडीज के बारे में बताया तो सबसे पहले हमें डेवलपिंग अवेयरनेस अबाउट द बिहेवियर ऑफ ऑर्गेनिज्म अंडर नेचुरल कंडीशन ये बहुत ही ज्यादाेंस रखता है। अगर उसका जो नेचुरल कंडीशन ही नहीं होगा तो वह अपने जो हैबिटट है उसमें वो स्टे नहीं कर सकता है। बस में अपना बसेरा नहीं ढूंढ सकता है। तो सबसे पहले हमें जो ट्राइबल्स है या
32:48 रूलर्स है उन सबको भी इसके बारे में इनफॉर्म करना है। क्योंकि कई बार ग्रेजिंग के वजह से भी यह लोग फॉरेस्ट को डिफॉरेस्ट में कन्वर्ट कर देते हैं। तो उसको बारे में भी यह सोचना चाहिए। देन आफ्टर वी आर डिस्कस अबाउट द क्रिएटिंग नॉलेज अबाउट द इंटररिलेशन बिटवीन ऑर्गेनिज्म इन पापुलेशन एंड कम्युनिटीज। ये बहुत बड़ा इशू है क्योंकि ज्यादातर अभी एक ट्रेंड चालू हुआ है लास्ट 10 ईयर में। गांव से लोग शहर की ओर बढ़ रहे हैं और शहर की ओर बढ़ रहे हैं तो उनके लिए जो मेजर या माइनर रिक्वायरमेंट का है तो उसके लिए नए-नए एरियाज भी उसमें डेवलप हो रहे हैं और सिटी एरिया या जो भी
33:34 अर्बन एरिया हो उसमें भी शहरीकरण की वजह से जो फॉरेस्ट एरिया हो उसको भी डिफॉरेस्ट किया जा रहा है। रोड ट्रांसपोर्ट की बात करें, रेसिडेंट्स की बात करें, होम्स की बात करें, उसके लिए बिजनेस की बात करें तो वो सब के वजह से भी ये हमारा जो आगे का पॉइंट था जैसे हमारा नेचुरल कंडीशन को स्टेबल करना उसको प्रिजर्व करना। तो ये प्रिजर्व करने का भी सबसे बड़ा इशू इसकी वजह से भी पपुलेशन एंड कम्युनिटी इंटरेक्शन की वजह से भी आ रहा है। क्रिएटिंग अवेयरनेस एंड एजुकेटिंग पीपल रिगार्डिंग एनवायरमेंटल इश्यूज एंड प्रॉब्लम एट लोकल नेशनल एंड इंटरनेशनल लेवल जिसके बारे में हमने डिस्कस किया था।
34:20 तो ये हमाराेंस है एनवायरमेंटल स्टडी रिलेटेड। अगर हम इसके साथ नहीं जुड़ेंगे तो यह आने वाली पीढ़ी के लिए या आने वाले समय के लिए बहुत बड़ा एनवायरमेंट इशू होगा। आज से 30 या 40 कभी भी किसी ने नहीं सोचा होगा हम लोगों को बहुत बड़े टावर्स में रहना पड़ेगा या पानी के लिए पानी पीने के लिए पैसा देना पड़ेगा। आज यह एक सोसाइटी ट्रेंड बन रहा है कि हम लोग कन वाटर या एसेट्रा वाटर ब्लैक वाटर जो भी करें उसके लिए बहुत सारा आरो
35:07 वाटर उसके लिए बहुत सारा वाटर वेस्ट करते हैं। पांच लीटर पानी आरो वाटर लेने के लिए भी 10 से 15 लीटर का वेस्ट हो जाता है। तो ये जो भी कुदरत ने हमें दिया है उसके साथ हम लोग छेड़छाड़ कर रहे हैं उसमें। तो इसके जो रिजल्ट्स आएंगे वह भी हमें भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए आने वाले समय के अंदर। नेक्स्ट आवर रिफ्रेशर फोर्स पॉइंट इज द सस्टेनेबल डेवलपमेंट। अभी तो ये सारे हमने एनवायरमेंट इश्यूज के बारे में डिस्कस कर लिया। अभी सस्टेनेबल डेवलपमेंट के बारे में बात करते हैं। आपका भी मैं मान के चलता हूं
35:54 ये सस्टेनेबल आप भी होगे। तो पूरे दिन भर का ये आपने सेशन एंड अटेंड किया है तो आप भी सस्टेंड होंगे। अभी आगे के 101 मिनट के लिए हम लोग एक दूसरे के साथ जुड़े रहेंगे। हमारा भी इंटरेक्शन होता रहेगा। तो आप भी इसके बारे में सोच सकते हैं। व्हाट इज द सस्टेनेबल एंड हाउ कैन कम अराइव। दिस इज द एक्चुअली लेटिन वर्ड दैट्स मीन द सस्टेन टू होल्ड और द सस्टेन इज द सस्टेनेबल डेवलपमेंट या सस्टेनेबल कह सकते हैं उसको। कई बार इसके बारे में डिस्कस हुई है। बहुत पुरानी हिस्ट्री है क्योंकि
36:41 किसी को अर्निंग में इंटरेस्ट होता है। किसी को सोसाइटी बचाने में होता है। किसी को ग्रीन अर्थ बचाने में होता है। तो अलग-अलग सब पर अलग-अलग इंटरेस्ट रहता है। तो वैसे भी सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एसपीजी जैसे कह सकते हैं हम लोग सस्टेनेबल गोल के लिए भी कई लोगों ने काम किया है। अलग अलग-अलग एजेंसी हो, अलग-अलग गवर्नमेंट्स हो, सबने मिलकर काम किया है। अभी हमारे इंडिया में भी बहुत अच्छी तरह से काम हो रहा है इसके बारे में। तो सस्टेन इज टू मेंटेन। पहले भी मैंने बताया अगर हम लोग कुछ नया ना दे पाए तो कुछ भी नहीं। हमारे पास जो भी नेचुरल रिसोर्सेज है, नेचुरल ट्रेजरी है, उसको हम लोग बचा के रखें अपनी आने वाली पेटी के लिए। तो भी
37:26 हमारे लिए इट इज अ प्राउड मोमेंट। कहीं पर भी कचरा ना डाले। इतना तो हम लोग कर सकते हैं। सस्टेनेबल इज टू रिलेटेड थ्रू द क्वालिटी ऑफ लाइफ इन अ कम्युनिटी वेदर द इकोनमिक सोशल एंड एनवायरमेंटल सिस्टम दैट मेक अप द कम्युनिटी आर प्रोवाइडिंग अ हेल्थदी प्रोडक्टिविटी मीनिंगफुल फॉर ऑल कमोडिटी रेजिडेंस प्रेजेंट एंड द फ्यूचर। तो हमें अपने आप को हेल्दी वेल्थी भी बनाना है और नेचर को भी प्रिजर्व करके रखना है। प्रेजेंट एंड द फ्यूचर के लिए। तो यह हमारा जो रोल रहता है सस्टेनेबल डेवलपमेंट काेंस रहता है वो हमारा अभी प्रेजेंट वर्तमान और
38:12 भविष्य दोनों के लिए बहुत ही महत्व का रोल रहता है। जैसे आपने महाभारत का युद्ध के बारे में स्टडी किया होगा या सीरियल देखी होगी। तो जब युद्ध होने वाला था तो तो भी पर्टिकुलर उन्होंने एक एरिया चॉइस किया था। किसी सिटी या किसी अर्बन एरिया में उन्होंने युद्ध नहीं किया था। जो जितने भी दिन युद्ध चला तो वो भी जैसे कि अभी जो युद्ध हो रहे हैं वॉर हो रही है उसमें सिटी एरिया पे अटैक हो जाता है। कहीं पर भी हॉस्पिटल पे हो जाता है। तो इट इज अ नॉट अ सस्टेनेबिलिटी। इट इज अ नॉट अ सस्टेनेबल और नॉट अ प्रिजर्व वी आर आवर ड्यूमिनेटिव्स। तो अभी का जो वॉर हो रहा है और पहले का जो वॉर हो रहा था दोनों में डिफरेंट था। शाम होने के बाद बंद हो जाता था वॉर। अभी शाम
38:58 रात होने के बाद ही वॉर स्टार्ट होता है मोस्टली। तो ये भी दोनों में डिफरेंट है। तो ये सब हम सबको मान के चलना होगा। आने वाले समय के लिए हम लोग कितना रेडी है, कितना प्रिपेयर है। तो ये भी एक बहुत बड़ा इशू होने वाला है। जैसे कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट के डिफाइन करें हम लोग। द प्रैक्टिस ऑफ मेंटेनिंग प्रोसेस ऑफ प्रोडक्टिविटी दैट्स नेचुरल और ह्यूमन मेड आइडेंटिफाई बाय रिप्लेसिंग रिसोर्सेज यूज्ड विद रिसोर्स ऑफ इक्वल और लेटर वैल्यू विदाउट डिग्रेडिंग और एडेंजरिंग नेचुरल बायोटिक सिस्टम्स दो तरह का सिस्टम होता है। आपको भी पता है एबायोटिक एंड द बायोटिक कंडीशंस द लिविंग और द नॉन लिविंग ऑर्गेनिज्म्स ये
39:46 भी हम लोग इसमें डिस्कस कर सकते हैं। उसके बारे में भी ये हम लोग डिस्कस कर सकते हैं। सस्टेनेबल डेवलप के बारे में बात करें तो उसमें ज्यादातर लोग दो उसमें कांसेप्ट्स है। राइट टू डेवलप एंड देन नीड टू सस्टेन द एनवायरमेंट। यह सबसे पहला कासेप्ट है। हमें डेवलपमेंट तो चाहिए लेकिन कैसे चाहिए? तो एनवायरमेंट को डैमेज किए बिना उसको नुकसान करे बिना हमें डेवलपमेंट करना चाहिए। व्हिच नीड टू बी बैलेंस फॉर अचीविंग फ्यूचर डेवलपमेंट इन अ सस्टेनेबल मैनर। और यू कैन एक्सप्लेन एस अप्रोच टू ग्रोथ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट दैट एम्स टू मीट द
40:32 नीड्स ऑफ द प्रेजेंट विदाउट कॉम्प्रोमाइजिंग द एबिलिटी ऑफ फीचर जनरेशन टू मीट देर ओन नीड्स। तो जो भी आगे जाके नीड्स भी चेंज होने वाली है। पास्ट में चले जाए तो किसी को मोबाइल के बारे में भी पता नहीं होगा या 5G या 6G 8G के बारे में पता नहीं होगा। कैसे हम लोग साथ में एक छोटा सा मोबाइल ले पूरे विश्व के साथ कनेक्टेड रह सकेंगे। यह भी कासेप्ट पास्ट हिस्ट्री में पता नहीं होगा। एक महाभारत का एक हिस्सा बने थे संजय जो महल में बैठे-बैठे महाभारत युद्ध का लाइव वर्णन कर रहे थे।
41:20 एक ऐसा भी समय था और आज का समय है कि हम लोग इसी माध्यम के साथ आप सब से मैं जुड़ा हुआ हूं। तो ये भी एक कांसेप्ट था हमारा सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए। हिस्ट्री की बात करें तो उसमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एक हिस्टोरिकल कासेप्ट की बात हुई जिसमें 1987 के अंदर सबसे ज्यादा स्वीकृत अभी तक का कह सके ऐसा रूटलैंड कमीशन का जो रिपोर्ट आया उसको एक्सेप्ट किया गया
42:07 और उसका पब्लिकेशन हुआ था 1972 अब रूटलैंड ऑफ सर्वाइवल करके ब्लूप्रिंट ऑफ सर्वाइवल करके उसके पहले भी और 1987 में यह जो रिपोर्ट हुआ उसको एक्सेप्ट किया गया और उसके बेस पर कुछ गोल डिसाइड किए गए। और जो गोल थे एसपीजीएस उसको रेफर करके आगे की पॉलिसी भी तय की गई। जैसे कि हम लोग डेवलपमेंट कांसेप्ट के बारे में बात करें तो सबसे पहले बात करें तो 17 एंड 18 सेंचुरी
42:54 यूरोप से इसका स्टार्ट होता है। सबसे पहले इसकी स्टार्ट हुई दो जो रेफरेंस के बारे में बात करें तो देन आफ्टर इन इंग्लैंड जोहन एवली आर्ग्यू इन 1962 एस ए सिलविया दैट शोइंग एंड प्लांटिंग ऑफ ट्री हेड टू बी रिगार्डेड एस नेशनल ड्यूटी ऑफ एवरी लैंड ओनर इन ऑर्डर टू स्टॉप द डिस्ट्रक्टरी ओवर एक्सप्लेनेशन ऑफ नेचर रिसोर्सेज तो सबसे पहले प्लांट प्रिजर्व करने की एक ये बात हुई थी तो ऐसे करके भी बहुत सारे है जिसमें अलग-अलग टाइम पर 1962 तो एल्डो निपोल्ड हुस लैंड एथिक्स वा इनफ्लुएंटली इन डेवलपमेंट ऑफ एनवायरमेंटल मोमेंट इन 1962 के बारे में बात हुई 1962
43:43 रेचल कार्स साइलेंट स्प्रिंग करके पब्लिकेशन हुआ जिसमें भी बारे में उन्होंने रिलेशनशिप बिटवीन इकोनमिक ग्रोथ एंड एनवायरमेंटल डिग्रेडेशन के बारे में बात की 196 के अंदर के ईल्डिंग ने द इकोनॉमिक्स ऑफ कमिंग स्पेसिफिक अर्थ आइडेंटिफिकेशन एंड द नीड ऑफ इकोनमिक सिस्टम टू फिट इटसेल्फ टू द जियोलॉजिकल सिस्टम वि इट्स लिमिटेशन फुल रिसोर्सेज के बारे में बताया। कैरेट हार्डिंग 1968 में भी उन्होंने भी उसके बारे में अपना मंतव्य दिया हुआ है। तो ये सारे जो अलग-अलग व्यूज थे वो सब साथ मिलके 1982 में
44:29 रिपोर्ट के अनुसार द कासेप्ट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट हैज़ डेवलप बियड द इनिशियल इंटीग्रेटेशन फ्रेमवर्क टू फोकस मोर ऑन द गोल ऑफ द सोशल इंक्लूसिव एंड एनवायरमेंटल सस्टेनेबल डेवलपमेंट ग्रोथ के लिए सबसे अच्छी उनको मान्यता मिली। हियर यू आर शोइंग द विजुअल रिप्रेजेंटेशन ऑफ सस्टेनेबलिटी एंड इट्स थ्री डायमेंशंस द लेफ्ट द लेफ्ट इमेज वास द सस्टेनेबिलिटी एस थ्री इंटरेक्शन सर्कल्स इन द टॉप राइट इट इज़ द नेस्टेड एप्रोच सस्टेनेबिलिटी रिलेटेड वि द सोशियल एनवायरमेंट एंड इकोनॉमिक्स इट इज द थ्री पिलर्स फॉर द सस्टेनेबिलिटीेंस
45:17 इफ एनीवन मिसिंग ऑफ देम दैट वी आर नॉट प्रिजर्व आवर सस्टेनेबिलिटी और नॉट वी आर क्रिएट द सस्टेनेबल अवेयरनेस यू मे अंडरस्टैंड द सोशियल प्लस इकोनमिक सस्टेनेबिलिटी दैट मीन द इक्विटेबिलिटी सोशियल प्लस एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी दैट्स मीन द बेरेबल इकोनमिक प्लस एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी मीन द वायबिलिटी और वायबल ओनली थ्रू बैलेंसिक इकोनॉमिक सोशल एंड एनवायरमेंटल कैन बी अचीव ट्रू सस्टेनेबिलिटी एंड ट्रूली सर्कुलरी इकोनॉमिक्स दिस इज द थ्री मेन पिलर ऑफ द सस्टेनेबिलिटी
46:04 डेवलपमेंट ये कांसेप्ट के बारे में बात करें हम लोग तो की कांसेप्ट की बात करते हैं तो उसमें भी हमने बताया वैसे ही हमारे साथ जो जुड़े हुए थे इकोनमी सोसाइटी एनवायरमेंट्स तो सबसे पहले हमारा पार्ट आ जाता है इसमें नीड्स देन आफ्टर आवर लिमिटेशन एंड देन आफ्टर इंटीग्रेशन इंटीजनरेशनल इक्विटी के बारे में बात कर सकते हैं तो डे बाय डे समय के साथ हमारी नीड्स भी चेंज होती रही हम लोग हमारे जन्म से लेकर तक देख तो हमारी बहुत सारी लीड्स चेंज होती हुई आपने
46:51 देखा होगा बहुत सारा एरा देखा होगा हमारे साथ अभी तीन पे एक साथ है जो अभी चाइल्डहुड में है जो हमारे यूथ है और जो हम लोग हैं और हमारे जो बुजुर्ग लोग हैं एक साथ चार पीढ़ी हम लोग देख रहे हैं तो उसमें भी जो अलग-अलग उनकी जो नीड है उसको भी फीचर कांसेप्ट के साथ लेकर चलना है और उसको हमें डेवलप करके आगे बढ़ना में तो हमारी नीड्स जैसे जैसे पोलशन बढ़ती जाएगी वैसे वैसे उसमें भी बढ़ावा होता जाएगा। ड्रिंकिंग वाटर हो या खाने की चीज हो लैंड्स हो रिसोर्सेज हो बहुत जीने के लिए रोटी कपड़ा मकान जैसे कॉमन सेंटेंस यूज़ करते हैं वैसे भी। इसके
47:38 अलावा भी हमारी जो नीड्स होगी वो भी ऐसे बढ़ती जाएगी। और इसके फीचर कासेप्ट को ध्यान में रखते हुए हम लोग अलग-अलग जो हमारे चंद्र हो या मंगल हो उसमें भी हम लोग हमारे लिए सोर्सेस ढूंढ रहे हैं। अभी तो ये भी एक फीचर कासेप्ट को ध्यान में रखकर ये उसका डेवलपमेंट चल रहा है। लिमिटेशंस की बात करें तो इकोलॉजिकल एंड टेक्नोलॉजिकल लिमिट्स ऑन रिसोर्सेज टू यूज़। तो इसमें भी हम लोग जो हमारे लिमिट्स होती है उसके बाहर उसको कोई भी हो जैसे या जो नेचुरल एनर्जी रिसोर्सेज हो उसको भी हम लोग लिमिटेशन के अंदर
48:24 यूज कर सकते हैं और आने वाला समय तो पानी के लिए व के लिए भी वॉर हो सकती है या जोेंस मेटल्स है अर्थ रिलेटेडेंस मेटल्स है चिप्स बनाने के लिए कुछ भी हो तो उसके लिए भी हमें वार का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कोरोना में से समय से हम लोग निकले हैं तो ऐसे ही नहीं होगा मिसाइल अटैक हो जाएगा या हो जाएगा। और कई तरह की अलग-अलग केस में हमें उसमें से निकलना पड़ सकता है। एंट्री जनरेशनल इक्विटी की बात करें तो रिससिटी टू फीचर जनरेशन तो उसमें भी मेल फीमेल की बात हो या स्टडीज की बात हो
49:12 या रिसोर्सेज की बात हो तो इसमें भी इक्विटी या इक्वलिटी की बात होनी चाहिए। तो उसमें भी यह सारे जो हमारे इकोनॉमिक सोशल और एनवायरमेंटल डायमेंशन है उसके रिलेटेड ये नीड्स लिमिटेशन या इंटर जनरेशनल इक्विटीज है उसके बारे में हम लोग बात कर सकते हैं। इवोल्यूशन कासेप्ट के बारे में बात करें तो सस्टेनेबिलिटी फोकस ऑन एनवायरमेंटल बिजनेस सस्टनेबल डेवलपमेंट इंटीग्रेट इकोनमिकल ग्रोथ सोशल इक्विटी एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन शिफ्ट फ्रॉम कंजर्वेशन ओनली अप्रोच टू होस्टिक डेवलपमेंट के बारे में हम लोग बात कर सकते हैं। तो उसमें सारे में हम देख सकते हैं इमर्जिंग अवेयरनेस ऑफ नीड सामने अपने पास
49:59 स्टार्ट शो हो रहा है। उसमें भी हम लोगों ने सस्टेनेबल प्रोडक्शन एंड कंजशन के लिए उसमें भी डाटा हमारा ग्राफ जो है अपवर्ड जा रहा है। तो उसके बारे में भी हमारी अवेयरनेस बढ़ रही है। वाया या वाया मीडिया कहे सोशल मीडिया कहे गवर्नमेंट रोल प्ले कर रही है या एनजीओस अलग-अलग उसमें रोल प्ले कर रहे हैं या कोई पर्सनली अपने बेस पे काम कर रहा है तो उसमें भी हमारा जो कांसेप्ट है उसमें जो हमारा आईडियाज है तो उसमें भी हमारा होलिस्टिक डेवलपमेंट अप्रोच जो है वो भी उसमें बढ़ रहा है तो उसमें भी हम लोग आगे बढ़ रहे हैं ग्लोबल सिग्निफिकेंस वाइट मैटर्स टुडे मैंने आगे आगे भी बताया वैसा ही न्यूक्लियर बम अटैक हो या मिसाइल अटैक हो
50:48 या लिविंग ऑर्गेनिज्म्स मतलब बैक्टीरिया वायरस रिलेटेड वॉर हो या क्या है क्लाइमेट क्लाइमेट रिलेटेड दिवाली को कुछ और आने की मैं आपको सब बताएंगे वापस सब भी ग्लोबल पीस प्रोस्पेरिटी एंड रेिस को भी हमें प्रिजर्व करने के लिए जरूरत है। तो ये भी ग्लोबल सिग्निफिकेंस हमारा रहता है। और प्रिंसिपल्स के बारे में बात करें तो आगे भी बताया वैसे एनवायरमेंट इकोनमी और सोसाइटी तीनों चीजें एक साथ लेकर हमें
51:33 सोचना चाहिए और आगे साथ मिलकर इसके बारे में काम करना चाहिए। अगर हम लोग हमारा इकोसिस्टम प्रोटेक्ट करते हैं तो आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत अच्छा गुड इनिशिएटिव होगा। व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन द सस्टेनेबिलिटी एंड द सस्टेनेबल डेवलपमेंट? तो हम लोग जानते हैं जैसे सस्टनेबिलिटी होती है द कंडीशन ऑफ मेंटेनिंग इकोलॉजिकल बैलेंस व्हाइल द डेवलपमेंट इज द प्रोसेस टू अचीव सस्टेनेबिलिटी बाय कंबाइनिंग थ्री मेन पिलर्स इकोनॉमिक सोशल एंड एनवायरमेंटल गोल्स व्हिच आर द मेन थ्री पिलर्स इट इज द डिफरेंट बिटवीन द सस्टेनेबिलिटी एंड द सस्टेनेबल डेवलप हमें तीनों पिलर को एक साथ एक ही बैलेंस के साथ
52:20 इससे आगे बढ़ना होता है चैलेंज इन इंप्लिमेंटेशन इनस्टेबिलिटी इंप्लांटेशन एंड गवर्नेंस ये इसमें भी तीन पिलर्स आप मिलके काम कर रहे हैं। एम्बिटी इन डेफिनेशन एंड मेजरमेंट कॉन्फ्लिक्ट बिटवीन शॉर्ट टर्म इकोनमिक ग्रोथ एंड लॉन्ग टर्म सस्टेनेबिलिटी क्रिटिक्स अबाउट द टू ब्रॉड सम टाइम यूज्ड फॉर पॉलिटिकल और कॉर्पोरेट गेन और पर्सनल गेन इट इज द चैलेंजेस इन इंप्लीमेंटेशन ऑफ द पॉलिसीज। तो यह सब छोड़ के अपना गेन किसी का भी हो तो ग्रेन वाशिंग करके हमें इससे आगे बढ़ के आगे बढ़ना चाहिए।
53:09 सस्टेनेबल डेवलप के लिए आगे भी हमारी जैसे बात हुई वैसे एनवायरमेंट, इकोनमी एंड सोसाइटी तीनों एक साथ नहीं खड़ी होगी। एक साथ हम लोग बैलेंस नहीं करेंगे। तो बहुत ज्यादा बायोडायवर्सिटी या एनवायरमेंट रिलेटेड प्रॉब्लम्स क्रिएट हो सकते हैं। तो ये भी हमारे लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट पॉइंट्स ऑफ व्यू है। एनवायरमेंटल डायमेंशंस की बात करें कंजर्वेशन और बायोडायवर्सिटी तो उसके लिए अलग-अलग लॉस बनाने पड़ते हैं। पॉलिसीज बनानी पड़ती है। तो इसके साथ भी हम लोग मिलजुलकर काम करके ज्यादा से ज्यादा हमारी ओर से नेचर को पोलटेड किए बिना रिसोर्सेज
53:56 को कैसे यूज करें उसके बारे में भी पॉलिसीज बनानी पड़ती है। तो उसके लिए प्रोटेक्शन ऑफ इकोसिस्टम फॉरेस्ट ओश एंड स्पीशीज प्रिवेंशन प्रिवेंटिंग ओवर एक्सप्लइटेशन ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज प्रमोटिंग रिन्यूल एनर्जी पोलशन कंट्रोल एंड बायो डायवर्सिटी कंजर्वेशन ये भी उसमें अलग-अलग लॉस के तहत उसमें शामिल किए जा सकते हैं। हमारा जो इकोनमिक डायमेंशन है वो ग्रोथ इक्विटी एंड एफिशिएंसी एफिशिएंसी इज द मेजर पार्ट ऑफ द सस्टेनेबिलिटी पार्ट एफिशिएंट यूज़ ऑफ रिसोर्सेज फॉर प्रोडक्टिविटी विदाउट हार्मिंग द एनवायरमेंट इट इज द मेजर पॉइंट
54:44 सोशल डायमेंशन इक्विटी जस्टिस एंड पार्टिसिपेशन अभी कई जगह पर आपने देखा होगा कई बार न्यूज़ में भी आ जाता है कहीं पर प्रोग्राम होता है और बहुत सारा कचरा होता है वह छोड़कर कहीं पर चले जाते हैं तो गवर्नमेंट उसमें एक्शन लेती है और उसका अच्छा सा रिजल्ट भी मिलता है अगर पहले से हम लोग ये ना करें हमारा सिटीजन पार्टिसिपेशन हो डिसीजन मेकिंग हो तो ये सारी जो बातें होती है ऐसे हम लोग जैसे डैमेज करते हैं अपने एनवायरमेंट को तो उससे हम लोग सोशल अपनी अवेयरनेस या हमारी सोशल रिससिबिलिटी हो तो उसमें जस्टिस के लिए कहीं पर भी जाना नहीं पड़ता है। अपने
55:31 आप ही ये प्रॉब्लम सॉर्ट आउट हम लोग अपने लेवल पर कर सकते हैं। इंटरकनेक्शन हाउ द पिलर इंटक्ट इट इज अ वेरी कॉमन। इकोनमी डिपेंड्स ऑन रिसोर्सेज। हमारे पास रिसोर्सेज जो है नेचर रिसोर्सेज है एनवायरमेंट से जुड़े हुए। एनवायरमेंट इज इफेक्टेड बाय सोशल एंड इकोनमिक चॉइस। हमें इसको कितना शहरीकरण के लिए नुकसान पहुंचाना है या कितना डेवलप करना है उसको ट्री प्लांटेशन करना है क्या करना है उसके बारे में सोच के हम लोग अलग-अलग वाटर रिसोर्सेज को कैसे बनाना है उसके साथ सब मिलके आगे बढ़ना चाहिए सोशल वेल बीइंग डिपेंड्स ऑन बोथ एनवायरमेंट एंड द इकोनमी
56:18 इसमें दिया गया है अहमदाबाद का रैपिड अर्बनाइजेशन लीडिंग टू पोल्यूशन कंजेशन एंड वेस्ट इश्यूज के बारे में इनिशिएटिव जैसे कि एक बनाया गया ट्रांसपोर्ट के लिए तो बीआरटीएस ट्रांसपोर्ट सिस्टम साबरमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट वेस्ट मैनेजमेंट प्रोग्राम ये अभी बीआरटीएस के लिए तो फॉरेन के कई सारे लोग आके भी उसको स्टडी करके गए थे साबरमती रिवर फ्रंट जो प्रोजेक्ट था उसमें हमारे इंडिया में कई और जगह पर भी इसको यूज किया जा रहा है और वेस्ट मैनेजमेंट प्रोग्राम जो है उसमें भी रोड या बंजर जमीन हो उसमें भी इसको वेस्ट मैनेजमेंट के तरह उसको यूज़ करके उसमें जो वेस्ट होती है उसको रोड बनाने में या
57:05 ब्रिक्स बनाने के लिए इसको यूज़ किया जा सकता है। तो यह सब केस स्टडी था उसमें लोकल सॉलश निकाले गए थे एनवायरमेंट इकोनमिक एंड सोसाइटी के लिए जो वेस्ट था उसको अलग-अलग रूप में उपयोग करके उसमें इकोनमी भी जनरेट की जा सकती थी और कई लोग इसका फायदा भी अभी उठा रहे हैं। इंडिकेटर्स ऑफ सस्टेनेबल की बात करें तो कार्बन फुटप्रिंट की बात हो सकती है। ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स एचडीआई की बात कर सकते हैं। इकोलॉजिकल फूटप्रिंट सस्टनेबल डेवलपमेंट इंडिकेटर्स की बात कर सकते हैं। संजीव सर हेलो
57:54 हां सर यस सर अभी अभी सर 5:30 होने को है तो कंटिन्यू करें या स्टॉप करें यहां पे सर जैसे आपको सही लगे सर नहीं ये सब पार्टिसिपेट पूरे दिन भर में होंगे तो मैं आपसे पूछ लेता हूं एक बार हां सर सेशन तो काफी लंबे हो गए आज। हां इसीलिए मैंने आगे भी देखा इसीलिए पूछ रहा हूं मैं आपसे। तो बाकी का फिर कल रखोगे सर। बाकी का तो सर कल तो मैं अवेलेबल नहीं हूं। तो यही पर हम लोग फिनिश करें इसको। ठीक है सर। तो बहुत सारे है। हम लोग अभी गोल के बारे में ऐसे कुछ डिस्कस नहीं कर पाए। लेकिन अभी जो रिसेंटली जो होगा वो एसडीजी
58:41 गोल के बारे में नया डेवलपमेंट होगा उसमें तो हम लोग अभी यहीं पे फिनिश करते हैं। ठीक है और आप सबका धन्यवाद कहते हैं और आपका भी एक चांस देने के लिए। अरे सर हमें बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। थैंक यू आपको सर। एक नया नया विज़ मिलता है सर समझने के लिए चीजों का। ओके सर। थैंक यू सर। सर थैंक यू ऑल ऑफ यू। थैंक यू सर। थैंक यू सो मच सर। थैंक यू सर। किसको मिली थी? थैंक यू सर। थैंक यू। थैंक यू सर।
59:28 थैंक यू ऑल ऑफ यू। नेचर। और हम अपनी ओर से ट्राई करें नेचर और बायोडायवर्सिटी को कंजर्व करने के लिए और ग्रेट एनर्जी रिसोर्स मैक्सिमम यूज़ करके थैंक यू सर। थैंक यू सो मच। थैंक यू सो मच सर। प्लीज म्यूट माइक थैंक यू सो मच पटेल सर। थैंक यू सो मच आपने समय दिया हमको।