2025-26 | Manav Bhugol prakriti Evam Vishay Kshetra | Class 12 Geography Chapter1 मानव भूगोल प्रकृति

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो कक्षा 12 भूगोल के पहले अध्याय "मानव भूगोल: प्रकृति एवं विषय क्षेत्र" का विस्तृत विवरण है। इसमें मानव भूगोल की परिभाषा, प्रकृति और विषय क्षेत्र को समझाया गया है। वीडियो में मानव का प्रकृतिकरण, प्रकृति का मानवीकरण और नव-निश्चयवाद जैसी अवधारणाओं को उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त, मानव भूगोल के विभिन्न क्षेत्रों और उप-क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला गया है, और यह बताया गया है कि कैसे मानव भूगोल अन्य सामाजिक विज्ञानों से अंतर्संबंधित है।

मुख्य बातें:

  • भूगोल को भौतिक भूगोल और मानव भूगोल में वर्गीकृत किया गया है।
  • मानव भूगोल, मानव और प्रकृति के बीच संबंधों का अध्ययन है।
  • मानव का प्रकृतिकरण, प्रकृति का मानवीकरण और नव-निश्चयवाद जैसी अवधारणाएँ मानव-पर्यावरण संबंधों को समझने में मदद करती हैं।
  • मानव भूगोल के कई क्षेत्र और उप-क्षेत्र हैं, जो इसे एक अंतर्विषयक विषय बनाते हैं।

परिचय

यह वीडियो कक्षा 12वीं के भूगोल के पहले अध्याय, "मानव भूगोल: प्रकृति एवं विषय क्षेत्र" पर आधारित है, जो नए सत्र 2025-26 के अनुसार है। इस वीडियो में, 11वीं कक्षा से 12वीं कक्षा में आए छात्रों को 95+ अंक प्राप्त करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एनसीईआरटी की प्रत्येक पंक्ति को समझने पर जोर दिया गया है।

भूगोल का वर्गीकरण

भूगोल को दो मुख्य भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है: भौतिक भूगोल और मानव भूगोल। भौतिक भूगोल में पृथ्वी की संरचना, महासागर, महाद्वीप, भू-आकृति, वायुमंडल, मिट्टी, जलवायु, जल और सौर विकिरण जैसे भौतिक पर्यावरण का अध्ययन किया जाता है। मानव भूगोल में सामाजिक भूगोल, जनसंख्या भूगोल, राजनीतिक भूगोल, मानव आवास और आर्थिक भूगोल जैसी मानवीय गतिविधियों का अध्ययन किया जाता है।

भूगोल: मानव के घर के रूप में पृथ्वी

भूगोल का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी को मानव के घर के रूप में समझना है। इसमें उन सभी तत्वों का अध्ययन किया जाता है जो मानव को पोषित करते हैं, यानी वे सभी संसाधन जिनका उपयोग मानव अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए करता है। भूगोल में प्रकृति और मानव के अध्ययन पर बल दिया जाता है, और यहीं से मानव भूगोल का जन्म होता है। मानव भूगोल में प्रकृति और मानव के बीच संबंधों का अध्ययन किया जाता है।

मानव भूगोल की परिभाषा

मानव भूगोल की परिभाषा तीन भूगोलवेत्ताओं - रेड जेल, एलनसी सैंपल और पोल विडाल डी ला ब्लास द्वारा दी गई है। फ्रेडरिक रेड जेल, जिन्हें मानव भूगोल का पिता भी कहा जाता है, के अनुसार मानव भूगोल मानव समाजों और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है। एलनसी सैंपल के अनुसार, मानव भूगोल अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के बीच परिवर्तनशील संबंधों का अध्ययन है। पोल विडाल डी ला ब्लास के अनुसार, मानव भूगोल हमारी पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियमों और इस पर रहने वाले जीवों के मध्य संबंधों के अधिक संश्लेषित ज्ञान से उत्पन्न संकल्पना है।

मानव भूगोल की प्रकृति

मानव भूगोल भौतिक पर्यावरण और मानव जनित सामाजिक-सांस्कृतिक पर्यावरण के अंतर-संबंधों का अध्ययन उनकी परस्पर अन्योन्य क्रिया के द्वारा करता है। मानव भूगोल में कृषि का अध्ययन किया जाता है, जिसमें मानव मिट्टी का उपयोग करता है, जो प्रकृति से मिलती है। इस प्रकार, मानव भूगोल प्रकृति और मानव के बीच संबंधों का अध्ययन है। मानव पहले प्रकृति से डरता था, लेकिन धीरे-धीरे उसने प्रकृति के नियमों को समझा और अपने लिए संसाधनों का उपयोग करना सीखा।

मानव का प्रकृतिकरण

मानव का प्रकृतिकरण उस स्थिति को दर्शाता है जब मानव प्रकृति के अनुसार ढलता था और उसकी पूजा करता था। उस समय, प्रौद्योगिकी का स्तर अत्यंत निम्न था और मानव का सामाजिक विकास भी आदिम था। मानव प्रकृति के प्रकोप से डरता था और उसके आदेशों का पालन करता था। इस स्थिति को पर्यावरणीय निश्चयवाद भी कहा जाता है। प्रौद्योगिकी के विकास के साथ, मानव ने प्रकृति के नियमों को बेहतर ढंग से समझा और टेक्नोलॉजी का विकास किया। उदाहरण के लिए, घर्षण और ऊष्मा की संकल्पना को समझकर मानव ने अग्नि की खोज की।

प्रकृति का मानवीकरण

प्रकृति का मानवीकरण उस स्थिति को दर्शाता है जब मानव प्रकृति को अपने अनुसार ढालने लगता है। समय के साथ, लोग अपने पर्यावरण और प्राकृतिक बलों को समझने लगते हैं और बेहतर टेक्नोलॉजी का विकास करते हैं। वे अभाव की अवस्था से स्वतंत्रता की अवस्था की ओर अग्रसर होते हैं। पर्यावरण से प्राप्त संसाधनों के द्वारा वे संभावनाओं को जन्म देते हैं। इस स्थिति को संभववाद भी कहा जाता है। मानव ने पहाड़ों पर घर बनाए, सड़कों का निर्माण किया और अंतरिक्ष में उपग्रह भेजे।

नव निश्चयवाद

नव निश्चयवाद, जिसे रुको और जाओ निश्चयवाद भी कहा जाता है, संभववाद और पर्यावरणीय निश्चयवाद के बीच का रास्ता है। यह संकल्पना दर्शाती है कि हमें उन सीमाओं में रहकर संभावनाओं को उत्पन्न करना चाहिए जो पर्यावरण को हानि न पहुँचाती हों। ग्रिफिथ टेलर ने इस अवधारणा को दिया था। नव निश्चयवाद का तात्पर्य है कि हमें प्रकृति के संसाधनों का उपयोग एक लिमिट में करना चाहिए और पर्यावरण की हानि से बचना चाहिए। विकसित अर्थव्यवस्थाओं द्वारा चली गई मुक्त चाल के परिणामस्वरूप हरित ग्रह प्रभाव और ओजोन परत का क्षय हुआ है। नव निश्चयवाद संकल्पनात्मक ढंग से एक संतुलन बनाने का प्रयास करता है।

मानव भूगोल के क्षेत्र और उप क्षेत्र

मानव भूगोल की प्रकृति अत्यधिक अंतर विषयक है। पृथ्वी तल पर पाए जाने वाले मानवीय तत्वों को समझने और उनकी व्याख्या करने के लिए मानव भूगोल सामाजिक विज्ञानों के सहयोगी विषयों के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित करता है। ज्ञान के विस्तार के साथ-साथ नए उप क्षेत्रों का विकास भी होने लगा। मानव भूगोल के क्षेत्र हैं: सामाजिक भूगोल, नगरीय भूगोल, राजनीतिक भूगोल, जनसंख्या भूगोल, आवास भूगोल और आर्थिक भूगोल। इन क्षेत्रों के कई उप क्षेत्र भी हैं, जो अन्य सामाजिक विज्ञानों से जुड़े हुए हैं। उदाहरण के लिए, सामाजिक भूगोल समाजशास्त्र से जुड़ा हुआ है, और ऐतिहासिक भूगोल इतिहास से जुड़ा हुआ है।

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Transcript

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0:00 [संगीत] मानव भूगोल के मूल सिद्धांत ठीक है 11 में अने उसको हम दो भागों में कटेग कर सकते हैं भौतिक भूगोल मानव का प्रकृतिक और प्रकृति का मानवीकरण घर्षण और ऊष्मा की संकल्पना घर्षण क्या होता है वही कांटेक्ट फोर्स ये रही आपकी टेबल ठीक है आपको एनसीआरटी में देखने को मिल जाएगी मैंने खुद से बना दी ठीक है एनसीआरटी का कट आउट में लगाया [संगीत] मैंने हेलो एवरीवन तो कैसे हैं आप सब आज के इस वीडियो में बात करेंगे क्लास 12थ जियोग्राफी के चैप्टर फर्स्ट की जिसका नाम है मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र और ये वीडियो टोटली न्यू सेशन के अकॉर्डिंग रहने वाली है 2025 और सक्स के अकॉर्डिंग और इस वीडियो को हम एक ही बार में यानी कि वन शॉर्ट में कवर कर रहे होंगे ठीक है अब यहां पर एक मेन बात क्या है अब आप 11थ से 12थ में आए हो 11थ में आपको कुछ भी स्कोर रहा हो आपको 12थ में जो

0:47 है हर बच्चे का रहता है सपना कि भाई 95 प्लस स्कोर करना है अब ये होगा कैसे ये ऐसे होगा कि भाई जैसे मैं आपको करा रहा हूं ना वैसे आपको करते जाना है अभी क्या करना है आपको एनसीआरटी खोल के बैठ जानी है और एक-एक लाइन का मतलब समझना है जो कि मैं समझा रहा हूं आपको ठीक है और ऐसे करके हम पूरा सिलेबस को कवर कर रहे होंगे जिससे अपने एग्जाम में आप अच्छा भी कर रहे होंगे ठीक है आगे चलते हैं आप हमें होंगे बाकी ऐसे आपके सारे चैप्टर भी कवर

1:32 हो जाएंगे देखिए यहां पर हमने बात करी भाई किसकी करेंगे मानव भूगोल की 11थ में मैंने बात करी थी भौतिक भूगोल की ठीक है अब 11थ में आप पढ़ रहे हो भौतिक भूगोल यहां पढ़ रहे हो मानव भूगोल लेकिन ये निकले कहां से भूगोल से तो अगर मैं कहूं जो भूगोल है आपका ठीक है अब इस पर आएंगे वापस जो आपका भूगोल है उसको हम दो भागों में कैटेगरी कर सकते हैं भौतिक भूगोल और आपका मानव भूगोल ठीक है तो भौतिक भूगोल जो है इसके अंदर आपने क्या पढ़ा था पृथ्वी की संरचना के बारे में पढ़ा था महासागर के बारे में पढ़ा था महाद्वीप के बारे में भू आकृति कहने का मतलब है आपने फिजिकल एनवायरमेंट के बारे में पढ़ा था आपका वायुमंडल हो जाए ठीक है चाहे आपके मिट्टी के बारे में हो जाए चाहे क्लाइमेट की बात कर लो चाहे वोटर की बात कर लो या सौर विकरण की बात कर लो कहने का मतलब है जो पृथ्वी जो हमारा

2:17 फिजिकल एनवायरमेंट है हमारा भौतिक भूगोल है वो आपने इस बुक में पढ़ा था भौतिक भूगोल के अरत आप पढ़ते हो ठीक है अब बात आ जाती है मानव भूगोल की ठीक है तो मानव भूगोल बेसिकली क्या इसको हम आगे भी कैटेगरी कर सकते हैं सामाजिक भूगोल जनसंख्या ठीक है भाई राजनीतिक भूगोल मानव आवास और आर्थिक भूगोल कहने का मतलब है इसके अंदर हम इन सब चीजों का अध्ययन कर रहे होते हैं मुझे पता है आपको मानव भूगोल का मतलब अब अभी नहीं पता है अब हम चलते हैं वापस पीछे तो भूगोल को हम दो भागों में कैटेगरी इज करते हैं इसको आप समझ के आ चुके हो और ये आपको क्या क्लास 12थ में समझना है ठीक है चलो पीछे चलते हैं वापस देखिए एक विषय के रूप में भूगोल का मुख्य सरोकार क्या है पृथ्वी को मानव के घर के रूप में समझना ठीक है अब यहां पर बहुत ब बड़ी बात है ठीक है पृथ्वी जो है पृथ्वी को क्या समझना है भाई

3:05 मानव के घर के रूप में ठीक है मानव के घर के रूप में ठीक है तोई मानव रहता कहां है पृथ्वी पर ही तो रहता है तो पृथ्वी क्या हो गया वो हमारा घर हो गया और इसमें ये सब भी अध्ययन करा जाता है भाई किस चीज का उन सभी तत्वों का अध्ययन करना है जिन्होंने क्या करा है मानव को पोषित करा है कहने का मतलब है भाई तो ज्योग्राफी में हम क्या पढ़ रहे होते हैं भाई पृथ्वी को मानव के घर के रूप में देखते हैं उस पृथ्वी पर जो भी साधन वगैरह उसका यूज कौन कर रहा होता है मानव करता है यानी कि जो संसाधन है वो सभी तत्व का हम अध्ययन इसमें करते हैं यानी कि जियोग्राफी के अंदर और मानव को जो तत्व है वो पोषित करते हैं उन्हीं के बारे में पढ़ना है ठीक है जितने भी संसाधन है बेसिकली जो इंसान अपने लिए यूज कर रहा होता है ठीक है वही सारे तत्व होते हैं ठीक है जो कि हमें पृथ्वी पर मौजूद होता है और इंसान उसको यूज कर रहा होता है मानव उसको यूज कर रहा होता है समझ आ गया अब

3:52 यहां पर आप बेसिकली देख रहे हो तो यहां पर किस-किस पर जोर दिया है प्रकृति पर और मानव पर ठीक है प्रकृति में सब तो आ जाता है भाई अब इंसान ठीक है इंसान कहां रह रहा है पृथ्वी पर यानी पृथ्वी एक तरह से प्रकृति तो है भाई जो भी हमें नेचर में मिलता उसको यूज कर रहे होते हैं तो ध्यान रखना तो यहां पर बेसिकली प्रकृति और मानव के अध्ययन पर बल दिया जाता है और यहीं से आपका क्या निकलता है आपका निकलता है मानव भूगोल ठीक है जहां पर हम प्रकृति जहां पर हम क्या कर रहे हैं भाई प्रकृति प्लस मानव या प्रकृति और मानव के बारे में मिलाकर अध्ययन कर रहे हैं ये जोड़कर अध्ययन कर रहे हैं वहां पर आपका जन्म होता है मानव भूगोल का ठीक है क्योंकि धरती पर कौन रह रहा है इंसान रह रहा है अब इंसान क्या है भाई जो प्रकृति ने इसको दिया है उसको किस प्रकार से यूज करके अपने जो है संभावना जनरेट कर रहा है बना रहा है अपने हिसाब से

4:39 क्या उसको ढाल रहा है ठीक है नेचर को तो यही हम पढ़ते हैं किसके अंदर मानव भूगोल के अंदर ठीक है तो मैं कहूं तो आपका मानव भूगोल क्या है तो प्रकृति और मानव के बीच में क्या रिलेशन है ठीक है प्रकृति और मानव के बीच में क्या रिलेशन है इसको हमें प इसको हम पढ़ते किसम मानव भूगोल में पढ़ते हैं समझ आ गया आगे चलते हैं ठीक है भाई यह मैं आपको बता ही चुका हूं ठीक है देखिए अब हमें बात करनी है मानव भूगोल की परिभाषा आपके एक बॉक्स में आपको एनसीआरटी में दे रखा है ठीक है समझ आ रहा है देखिए तो हमें बेसिकली क्या है तीन जो है ज्योग्राफर हुए हैं ठीक है भूगोल वेता जिन्होंने क्या परिभाषा द है मानव भूगोल की पहले है रेड जेल दूसरा एलएनसी सैंपल और तीसरा है भाई पोल विडाल डी ला ब्लास ठीक है अब रेड जेल का पूरा नाम बेसिकली क्या है फ्रेडरिक रेड जल है ठीक है क्या है भाई

5:25 फ्रेडरिक रेड जल है फ्रेडरिक आपका रेड जेल और इनको क्या है मानव भूगोल का पिता भी कहा जाता है क्या मानव भूगोल का मानव भूगोल का पिता भी कहा जाता है ठीक है समझ आ रहा है मानव भूगोल का पिता कहा जाता है इन्ह अब इन्होंने क्या कुछ कुछ परिभाषा द उन्ही की हम बात करनी है ठीक है आगे चलते हैं देखिए तो पहले हमें क्या बात करनी है परिभाषा रेड जेल के अनुसार आप कहो तो फ्रेडरिक रेड जेल के अनुसार है ठीक है देखो इन्होंने क्या कहा है कि मानव भूगोल जो है ना मानव समाज जो और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है आपके मन में एक चीज क्लियर होना चाहिए भाई मानव भूगोल बेसिकली क्या है मानव प्लस प्रकृति यानी मानव और प्रकृति के बीच में जो अंतर संबंध है उसी को हम कहते हैं भाई मानव

6:12 भूगोल आपको ये डेफिनेशन क्लियर होनी चाहिए अब इन्होंने अलग-अलग डेफिनेशन दी लेकिन मतलब उसका वही है ध्यान रखना देखो तो मानव भूगोल बेसिकली क्या इन्होंने बोला मानव समाजों ठीक है मानव समाज और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन और यहां पर इन्होंने संश्लेषण पर यानी संश्लेषित पर काफी जोर दिया है ध्यान रखना देखो अब मानव समाज की बात हो रही है इंसान रहता कहां है समाज के अंदर रहता है आपको पता है ठीक है इंसान कहां रहता है भाई मानव जो है कहां रहता है समाज के अंदर रहता है तो यहां पर इन्होंने ब्रॉडली समाज ही कह दिया है ठीक है तो मानव समाज और धरातल के बीच धरातल बेसिकली क्या धरातल भाई जमीन ठीक है तो बेसिकली पृथ्वी हो गया या कह लो प्रकृति हो गया ये ठीक है तो इनके बीच में संश्लेषित अध्ययन इनके संबंधों का संश्लेषित अध्ययन ठीक है संश्लेषित का मतलब अगर आप जानना चाहो संश्लेषित का मतलब

6:58 होता है भाई जोड़ना ठीक है जोड़ना या जुड़ा हुआ ठीक है तो बेसिकली हमें क्या करना है मानव भूगोल क्या कहता है कि भाई जो मानव समाज है और धरातल है इनको जोड़कर पढ़ो इनको अलग-अलग मत पढ़ो ठीक है इनको हम अलग पढ़ भी नहीं सकते क्योंकि हमारा जो भा प्रकृति है और जो इंसान है वो आपस में जुड़े हुए हैं दोनों एक दूसरे की जरूरतों के अनुसार अस्तित्व में है ठीक है किसी को हम सेपरेटली नहीं पढ़ सकते हैं तो यहां पर ध्यान रखना संश्लेषित का मतलब एक जुड़ा हुआ यानी कि इन दोनों को जोड़कर ही हमें पढ़ना होता है ठीक है वही क्या मानव भूगोल है समझ आ गया आगे हम बात करते हैं उसके बाद आता है भाई एलएनसी सैंपल के अनुसार ठीक है भाई इनके नाम से मत समझ लेना तुम कि एक एक मेल है नहीं ठीक है बहुत लगता है लेकिन ये क्या एक फीमेल है ध्यान रखना भाई

7:43 एलएनसी सैंपल के अनुसार इन्होंने कौन-कौन सी परिभाषा या कौन सी परिभाषा दी है देखो मानव भूगोल के स्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के बीच परिवर्तनशील संबंधों का अध्ययन है ठीक है अब यहां पर बहुत गहरी बात उन्होने कही है ठीक है देखो भाई मानव भूगोल क्या है बेसिकली अस्थिर पृथ्वी अब मुझे बताओ पृथ्वी क्या रुकी हुई है पृथ्वी क्या अस्थिर है वो अभी भी मूव कर रही है ठीक है ना अपने अक्ष पर तो अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव मानव भी क्या क्रिया करता रहता है एक्शन करता रहता है तो इंसान भी जो है भाई क्रियाशील है रुका हुआ नहीं है स्थिर नहीं है और पृथ्वी भी क्या है स्थिर नहीं है अस्थिर है तो यहां पर अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील माना ठीक है ना अभी भी देखो पृथ्वी और मानव जहां पर पृथ्वी और मानव आ रहे हैं व मानव भूगोल होता है ध्यान रख लेना ठीक है भाई तो

8:29 स्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के बीच परिवर्तनशील संबंध अब भाई जो इनका रिलेशन है वो चेंज होता रहता है अभी आगे मैं बताऊंगा आपको ठीक है किस प्रकार से जो है संबंधों में परिवर्तन होता रहता है ठीक है प्रकृति और मानव के बीच में तो यहां पर इन्होंने यही बोला है कि भा मानव भूगोल बेसिकली अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के बीच परिवर्तनशील यानी जो परिवर्तन होता रहता है उसी संबंधों का अध्ययन है कि भाई इंसान किस प्रकार से जो मानव है किस प्रकार से प्रकृति के साथ संबंध जो है उसका बदलते जा रहा है किन-किन कारणों से ठीक है क्या मेन फैक्टर रहा है ठीक है व आपको समझ आ जाएगा तो समझ आया भाई और यहां पर बेसिकली इन्होंने जोर दिया है परिवर्तनशील ठीक है परिवर्तनशील संबंधों पर समझ आ गया तो पृथ्वी भी रुक्य नहीं है मानव भी क्रियाशील है तो उनके बीच में जो चेंजेज होके जो भाई मान लब कि जो संबंध जो है परिवर्तनशील संबंध यानी संबंध क्या है परिवर्तन होते जा रहे हैं ठीक है ध्यान

9:17 रखना तो इसको हम क्या कहते हैं मानव भूगोल हम कह रहे होते हैं ध्यान रख लेना उसके बाद आता है भाई पोल विडाल डी ला बलाज के अनुसार ठीक है लास्ट परिभाषा है हमारी और ये एग्जाम के लिए काफी इंपोर्टेंट है ध्यान रख लेना देखो हमारी पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियम और इस पर रहने वाले जीवों के मध्य संबंधों के अधिक अधिक संस ज्ञान से उत्पन्न संकल्पना तो उन्होंने बोला भाई मानव भूगोल बेसिकली क्या है हमारी पृथ्वी को जो भौतिक नियम नियंत्रित करते हैं ठीक है वो ठीक है और इस पर रहने वाले जीव के बीच में रिलेशन ठीक है भाई ध्यान रखना मैं दोबारा दोबारा क्यों बोल रहा हूं ताकि आपको याद हो जाए तो हमारी पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियम और इस पर रहने वाले जीवों के मध्य संबंध संबंध कैसे

10:02 अधिक संश्लेषित ठीक है भाई वहां पर संश्लेषण था वहां पर क्या था संश्लेषण था या संश्लेषित था यहां पर उन्होंने बोल दिया अधिक संश्लेषित तो भाई ज्यादा जुड़ा ठीक है ना तो मानव भूगोल बेसिकली क्या है अधिक संश्लेषित ज्ञान से उत्पन्न एक संकल्पना है जो कि किसने दी है पोल विडाल डीला ब्लास ने दी है बेसिकली हमारी जो पृथ्वी है इसमें बहुत सारे भौतिक नियम होते हैं जो और इस जगह पर कौन रह रहा है मतलब धरती पर कौन रह रहा है इंसान रह रहा है मानव रह रहा है जीव रह रहे हैं तो जीवों के मध्य मतलब भौतिक नियम किस पर अप्लाई होंगे बेसिकली इंसानों पर तो होंगे जीवों पर ही तो होंगे वही बात आ गई ना भाई भौतिक जो नियम है वो अप्लाई किस पर हो रहे हैं जीवों पर हो रहे हैं कहीं ना कहीं मानव पर हो रहे हैं तो ये क्या हो गया भाई यही तो आपका मानव भूगोल है जहां पर हम प्रकृति या पृथ्वी या मानव की बात हम कर देते हैं एक साथ तो ये आपका मानव भूगोल होता है आपको आई होप आपको मानव भूगोल का मतलब समझ आ गया होगा कि मानव भूगोल के

10:49 अंतर्गत हम पढ़ते क्या है ठीक है देखिए अब हमारा जो नेक्स्ट टॉपिक आता है वो है मानव भूगोल की प्रकृति और मैं कहूं तो मेन जो टॉपिक है व यहीं से स्टार्ट हुआ पीछे का तो बस बेसिकली इंट्रोडक्शन था चैप्टर का ठीक है अगर आपको मानव भूगोल अभी तक क्लियर नहीं हुआ ध्यान रखो देखो मानव भूगोल में आप जो आगे पढ़ोगे बेसिकली कृषि के बारे में पढ़ोगे ठीक है अब कृषि को आप देखो अभी समझ आ जाएगा आपको कृषि को क्या समझना आपको देखो इंसान क्या करता है कृषि करता है वो किसका यूज करता है मिट्टी का यूज करता है यानी कि सोइल का यूज करता है ठीक है सोइल बेसिकली हमें कहां से मिलती है नेचर से मिलती है हमारे सोइल हमें कहां से मिलती है नेचर से मिलती है और इंसान इसका यूज करता है क्या करता है मानव इसका यूज करता है भाई मानव इसका यूज कर रहा है अब मानव ने कर रहा भाई किसका

11:36 सोइल का यूज जो कि नेचर में मिलते यानी प्रकृति और मानव ठीक है ना तो कृषि कैसे हो रही है भाई सोइल से हो रही है ठीक है मिट्टी की जरूरत तो पड़ेगी ना भाई अगर हमें क्रॉप्स यानी फसल उगानी है तो वही बात यहां पर आ गई तो मानव क्या कर रहा है बेसिकली यूज कर रहा है भाई जो प्रकृति है उसको यूज कर रहा है अपने हिसाब से ठीक है तो यानी कि दोनों के बीच में संबंध है संबंध कैसा है भाई जरूरत का संबंध है क्या है नीड का संबंध है तो वही क्या हमारा हो जाएगा मानव भूगोल हो जाएगा इसकी प्रकृति की बात हम कर रहे होंगे ठीक है देखो नेचर कैसा मानव भूगोल का जो मैंने बताया वही है ठीक है ध्यान रखना तो मानव भूगोल भौतिक पर्यावरण तथा मानव जनित सामाजिक सांस्कृतिक पर्यावरण के अंतर संबंधों का अध्ययन उनके परस्पर अन्योन क्रिया के द्वारा करता है ठीक है जो मानव भूगोल बेसिकली क्या है ध्यान रखना भाई भौतिक पर्यावरण और मानव जनित यानी कि जो मानव ने

12:23 बनाया है क्या सामाजिक सांस्कृतिक पर्यावरण ठीक है भाई यानी कि जो इंसान है भाई आता है यहां पर देख है धरती पर उसका जन्म होता है वो क्या करता है अपना कल्चर डेवलप करता है एक इंसान आता है दो आता है फिर धीरे-धीरे क्या होता है उनका कल्चर डेवलप होने लग जाता है सीधी सी बात है आप रहते हो आपका भी कुछ कल्चर है ना तो वही है तो मानव भूगोल बेसिकली क्या कर रहा है भाई भौतिक पर्यावरण जो हमारा फिजिकल एनवायरमेंट है और मानव जनित सामाजिक सांस्कृतिक पर्यावरण ठीक है मानव ने जो बनाया है भाई सामाजिक सांस्कृतिक पर्यावरण ठीक है अपने आसपास उनके अंतर संबंधों का अध्ययन ठीक है कैसे होता है उनकी परस्पर अन्योन्य क्रिया यानी कि मानव की और जो हमारा भौतिक पर्यावरण है उनके बीच में क्या होता है भाई अन्योन्य क्रिया हो रही है ठीक है ठीक है क्रिया हो रही है उसी को हम क्या बोलते हैं मानव भूगोल हम बोलते

13:10 हैं समझ आ गया ये आपको ध्यान रखना है मानव भूगोल की प्रकृति है और यहां पर अभी आगे आपको ध्यान रखना है अब देखो भाई जो मानव है ना वो क्या करता है पहले तो भाई स्टार्टिंग में मानव को कुछ ज्ञान नहीं था ठीक है भाई कि प्रकृति में क्या उपलब्ध है मैं उसको कैसे यूज करूं उसे कुछ नहीं पता था अब कह लो बिल्कुल बिफक इंसान जो थे पहले रहते थे ठीक है उनको कुछ भी ना दिमाग था बस उनको पता था भाई हमें जीना कैसे है बस खाना या तो शिकार कर लेना इतनी सी बात है लेकिन धीरे-धीरे इंसान क्या होता है भाई डेवलप होने लग जाता है ठीक है अब डेवलप जब होता है ना वो क्या करता है भाई पृथ्वी जो प्रकृति है वहां पर जो संसाधन उपलब्ध है उसका यूज करने लग जाता है सीधी सी बात है उसका यूज करने लग जाता है तो वही बात है अब आप जब देखते हो गृह गांव नगर सड़कों या रेलों का जाल ठीक है उद्योग खेत दैनिक

13:57 उपयोग में आने वाली वस्तु में भौतिक संस्कृति के अन्य सभी तत्व भौतिक पर्यावरण द्वारा प्रदत संसाधनों का उपयोग करते हुए मानव निर्मित है कहने का मतलब है जो घर है गांव है नगर है ये सब पहले ऐसे थोड़ी भा पहले कहां थे सड़क वगैरह सब पहले कहां होती थी रेल पहले कहां होती थी तो ये कैसे बनाए गए हैं हमारे भौतिक पर्यावरण द्वारा जो प्रदत संसाधन है मतलब कि हमारे भौतिक पर्यावरण जो संसाधन हमें दिए हैं उसी को क्या करा है भाई मानव ने अपने साथ अपने लिए यूज करा और एक मतलब मानव निर्मित कर दिया यानी ये सब क्या है बेसिकली मानव निर्मित है यानी कि मानव ने बनाया है ठीक है किसका यूज करके जो हमारे प्रकृति में जो भौतिक पर्यावरण हमको देता है यानी भौतिक यानी प्रकृति में जो संसाधन उपलब्ध है उनका यूज करके समझ आ गया आपको अब ऐसी बात नहीं है मानव ने क्या करा है बिल्कुल

14:43 उसका यूज तो बहुत दबा के कर लिया लेकिन अब हो क्या रहा है भौतिक पर्यावरण मानव द्वारा व्यापक स्तर पर परिवर्तित तो कर दिया गया मतलब जो नेचर है जो हमारी प्रकृति है उसको इंसान ने बहुत हद तक बदल दिया है बहुत हद तक यानी पूरी तरीके से बदल दिया है अब इसका उल्टा जवाब प्राकृति देती भी है तोय यहां पर अगली लाइन लिखी है भौतिक पर्यावरण को मानव ने बदल तो दिया व्यापक स्तर पर साथ ही मानव जीवन को भी इसने प्रभावित किया है ठीक मानव जीवन को भी क्या करा इसने प्रभावित करा हमने नेचर को इतना चेंज कर दिया इतना बदल दिया है कि इससे क्या हो गया भाई जो प्रकृति व जवाब जरूर देती है ठीक है कैसे देती है भाई आप जब देखते हो बाढ़ आ रही है ठीक है ठीक भाई बाढ़ आ रही है या मान लो सुनामी वगैरह आ रही है कैसे य प्रकृति का प्रकोप है क्योंकि इंसानों ने इतना कर दिया क्लाइमेट चेंज हो गया है ठीक क्लाइमेट चेंज आ रही

15:29 है ग्लोबल वार्मिंग समस्या आ रही गर्मी बढ़ते जा रही है तो बेसिकली क्या है ये प्रकृति का जवाब है ठीक है मतलब कि प्रकृति ने भी क्या भाई मानव जीवन को प्रभावित करा है उल्टा ठीक है आपने पढ़ा है ना एक्शन का रिएक्शन साइंस में क्या होता है एक्शन का रिएक्शन जितना एक्शन आप लगाओगे उतना ही इक्वल में क्या आपका रिएक्शन भी होगा तो वही वाली बात है ठीक है जितना प्रकृति को क्या नुकसान पहुंचाओ उसको परिवर्तित करोगे इंसान पर भी उतना ही वो इंपैक्ट डाल रही होगी आने वाले टाइम में ये होगा आप देखना ठीक है समझ आ रहा है बेसिकली आपको क्या है मानव भूगोल की प्रकृति है क्या है मानव भूगोल की प्रकृति है अब मेन टॉपिक या कह लो य से एग्जाम में क्वेश्चन बनता है व यही है ठीक है भाई मानव का प्रकृतिक और प्रकृति का मानवीकरण

16:14 कैसे देखो अब इसके बारे में एक्सप्लेन करूंगा अब पहले क्या है मानव का प्रकृतिक था फिर बाद में क्या हो जाता है प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है आपको इसके पीछे इमेज दिख रही होगी जहां पर ये देखो आपको थोड़ी हरियाली से दिख रही होगी इंसान के ऊपर और ये हाथ जोड़ के बैठा हुआ है ऐसे ही था इंसान पहले डरता था प्रकृति को ऐसे हाथ जोड़ के कहता था भाई बस ज्यादा अपना प्रकोप मत दिखाइ हो ठीक है ये कौन सी कंडीशन है मानव का प्रकृतिक यानी कि प्रकृति ने मानव को अपने अनुसार डाल रखा था वो कहती थी भाई जैसा मैं कहूंगी तू वैसा ही करेगा ठीक है ज्यादा हाथ पैर नहीं चलाने ठीक है जब इंसान बुड़बक था ना बेवकूफ था इसलिए तो मानव का प्रकृतिक बाद में क्या हो जाता है प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है ध्यान रख लेना है तो आप पहले इसको देखिए ठीक है

17:00 आपको इसमें देख के क्या लग रहा है इस अगर मैं वीडियो चला रहा हूं आपको देख के क्या लग रहा है इंसान यहां पर ज डेवलप नहीं है वो नेचर में रह रहे हैं ठीक है ज्यादा कोई डेवलपमेंट नहीं है बस नेचर में वो रह रहे हैं सीधी सी बात है तो समझ आ तो यही क्या है बेसिकली हमारा मानव का प्रकृति करण है जहां पर इंसान ज्यादा डेवलप नहीं था स्टार्टिंग में टेक्नोलॉजी बिल्कुल क्या थी जीरो थी क्या थी टेक्नोलॉजी बिल्कुल जीरो लेकिन बाद में धीरे-धीरे क्या होता है टेक्नोलॉजी बढ़ती है वो आगे हमारा दूसरा हो जाता है जब हमारा क्या हो जाता है प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है ठीक है लेकिन मानव का प्रकृतिक का मतलब क्या बिल्कुल एंसन टाइम बहुत पुराना टाइम ठीक है जब इंसान बिल्कुल जीरो था उसको डेवलप बिल्कुल भी नहीं हुआ था तो उस कंडीशन को हम क्या बोलते हैं मानव का प्रकृतिक कहते हैं क्योंकि मानव क्या करता था भाई प्रकृति क्या हाथ जोड़ता था उसी की पूजा करता था उसके प्रकोप से

17:45 डरता था यही क्या है मानव का प्रकृतिक है ठीक है ध्यान रख लेना है आपको अब समझते हैं थोड़ा सा तो देखिए जो टेक्नोलॉजी होती है बेसिकली क्या बोला मैंने जो टेक्नोलॉजी होती है वो किसी समाज के सांस्कृतिक विकास के स्तर की सूचक होती है ठीक है कि अगर मैं बात करूं टेक्नोलॉजी है भाई किसी की टेक्नोलॉजी क्या दिखा रही है कि भाई किसी समाज का सांस्कृतिक विकास कै कितना हुआ है कि भाई जिसकी टेक्नोलॉजी बिल्कुल लो है उसका कल्चरल जो डेवलपमेंट है बिल्कुल जीरो होगा ठीक है जिसकी टेक्नोलॉजी बढ़ रही जिस कंट्री की है जहां की भी तो वो समाज भी आगे बढ़ रहा होता है उसका सांस्कृतिक विकास भी उतना ही हो रहा होता है इंसान उतना ही सभ्य बनते जा रहा होता है सीधी सी बात है ठीक है मतलब कि मैं कहूं तो जो टेक्नोलॉजी किसी भी कल्चर की सभ्यता को दर्शाते है वो कितने सभ्य है वो इंसान मानव ठीक है लेकिन पहले ऐसा था ही नहीं ठीक है ना तो प्रौद्योगिक बेसिकली क्या है

18:32 किसी समाज के सांस्कृतिक विकास को दिखाती उसके स्तर को दिखाते कितना सांस्कृतिक विकास उसका हुआ है ठीक है अब मानव क्या है प्रकृति के नियम को बेहतर ढंग से समझने के बाद ही टेक्नोलॉजी का विकास कर पाया है आप क्या सोचते हो भाई टेक्नोलॉजी ऐसे बन जाती है जो एरोप्लेन आप उड़ते हुए देख रहे हो ऐसे उड़ जाते हैं नहीं भाई पहले समझा है कि नेचर काम कैसे करता है भौतिक नियम अप्लाई कैसे होते है इंसानों पर या धरती पर ठीक है तो उसी के ऊपर बात करता है तो मानव क्या बेसिकली प्रकृति के नियम को बेहतर रूप से समझने के बाद ही या बेहतर ढंग से समझने के बाद ही क्या कर पाता है टेक्नोलॉजी का विकास करता है और स्टार्टिंग में भाई उसको इतना ज्ञान था ही नहीं भौतिक नियमों को समझ ही नहीं पाता था तो इसलिए क्या भाई प्रकृति उसको डरा के रखती थी बिजली कड़क का ही बंदा गुफा में जाके बैठ जाएगा ठीक है ऐसे पहला होता था आपने देखा भी होगा कार्टून वगैरह में कि

19:18 बिजली कड़ की कुछ ज्यादा बारिश तेज होने लगी तो इंसान जो थे पहले के टाइम पे अपने जो है जंगलों में या कहीं छुप जाया करते थे लेकिन आज के टाइम प ऐसा नहीं है भाई इंसानों ने क्या कर र ऐसी ऐसी टेक्नोलॉजी बना लिए है इससे बाढ़ तक आने का पता पहले ही चल जाता लेकिन पहले ऐसा नहीं था ठीक है तो मानव क्या बेसिकली प्रकृति के नियमों को बेहतर ढंग से समझने के बाद ही क्या कर सकता है टेक्नोलॉजी का विकास कर सकता है ठीक है समझ आ गया एग्जांपल के लिए एग्जांपल के लिए क्या है देखो मैं बात करूं आग की खोज कैसे हुई है आग की खोज यानी फायर अग्नि की खोज यानी कि फायर ठीक है फायर की खोज कैसे हुई है सीधी सी बात है देखो आपको पहले पता होना चाहिए फायर कैसे देखो ये हाथ ये हाथ अगर मैं इसको रब करूंगा थोड़ी देर तक क्या क्या होने लग जाएगा हीट जनरेट होने लग जाएगी क्या हो जाएगा भाई हीट यानी कि

20:05 ऊष्मा जनरेट होने लग जाएगी और इसी से क्या भाई फायर का खोज हो जाता है अग्नि की खोज हो जाती है कि भाई घर्षण और ऊष्मा की संकल्पना अब घर्षण क्या होता है वही कांटेक्ट फोर्स ठीक है दो सतह जब संपर्क में आती हैं तो उसको हम घर्षण कहते हैं और इसी घर्षण से क्या होता है भाई ऊष्मा निकलती है हीट जनरेट हो जाती है अगर हम इसको ऐसे रब करते रहेंगे समझ आ गया तब इंसानों ने घर्षण के नियम को समझ लिया कि भाई किसी भी चीज को रगड़ने से क्या होती है ऊष्मा उत्पन्न होती है हीट जनरेट होती है तो उसने क्या कर दिया अग्नि की खोज कर दी समझ आया क्या कर दिया भाई अग्नि की खोज कर दी पहले क्या होता मान लो ठंड पड़ रही है क्या होता था भाई पहले ठंड पड़ रही है बहुत ज्यादा इंसानों को पता नहीं भाई ठंड से कैसे बचे लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने समझा भाई अच्छा आग जैसे जल सकती है तो जब

20:51 जब सर्दी ज्यादा पड़ती तो वो आग जला के बैठ जाते थे समझ रहे हो ना तो उन्होंने क्या समझा उन्होंने प्रकृति के नियमों को समझा कोई बात मैं यहां पर तोहे समझाना चाह रहा हूं और एग्जांपल आगे जैसे कि उन्होंने घर्षण और ऊष्मा की संकल्पना को समझा तो उन्होंने अग्नि की खोज करी ठीक है और अग्नि की खोज हमारी सहायता करी ठीक है भौतिक नियमों को समझ लिया उन्होंने उसके बाद एक और डीएनए और अनुवांशिकी के रहस्यों की समझने हमें क्या अनेक बीमारियों पर विजय पाने के योग्य बनाया भाई जैसे ही लोगों ने डीएनए के बारे में समझ विकसित करी अनुवांशिकी के बारे में समझ विकसित करी उन्होंने समझा तो वैसे उन्होंने बहुत सारी बीमारियो पर क्या पा लिया नियंत्रण पा लिया लेकिन पहले ऐसा नहीं हो पाता था ठीक है का मतलब मानव का प्रकृतिक है ठीक है यह प्रकृति का मानवीकरण कब होगा जब धीरे-धीरे ार भौतिक नियमों को वो समझ जाएगा और इस हद तक समझ जाएगा कि भाई प्रकृति को अपने

21:38 अनुसार घुमाएगा अपनी उंगलियों पर ठीक आज ऐसा ही हो रहा है समझ रहे हो ना तो वही बात है लेकिन अभी क्या हो रहा है भाई टेक्नोलॉजी बिल्कुल जीरो है ठीक है प्रग का स्तर जो टेक्नोलॉजी का स्तर है बिल्कुल निम्न था अगर मैं बोलू मानव का प्रकृतिक वाली कौन सी स्टेट है तो आगे देखो अधिक तीव्र गति से चलने वाले यान मतलब जो एरोप्लेन उड़ रहे हैं तेज गति से चल रहे हैं ठीक है वह कैसे विकसित हो पाए हैं उसके लिए हमने वायु गति के नियमों को समझा है कि वायु गति किस प्रकार से एक्ट कर रही होती है समझ आ गया आपको ध्यान रख लेना है भाई ठीक है य आप देख सकते हो भाई टेक्नोलॉजी जो है जो टेक्नोलॉजी आपकी है जितनी ज्यादा होगी उतना ही आपका क्या सांस्कृतिक विकास आपका हो रहा होगा ठीक है उतना ही क्या आपका सामाजिक सांस्कृतिक विकास हो रहा

22:26 होगा मैंने आपको बता दिया है बेसिक टेक्नोलॉजी क्या होती है किसी भी समाज के विकास के स्तर को दिखा रही होती है ठीक है टेक्नोलॉजी लॉ है तो उसका सामाजिक विकास भी सामाजिक सांस्कृतिक विकास भी क्या है बिल्कुल जीरो यानी लो है समझ आ गया ध्यान रखना है आगे देखते हैं उसके बाद प्रकृति का ज्ञान जो है ना बेसिकली क्या मैंने बोला प्रकृति का ज्ञान प्रौद्योगिकी को विकसित करने के लिए महत्त्वपूर्ण है सही बात है भाई प्रकृति का तुमको ज्ञान नहीं होगा ना तुम टेक्नोलॉजी को विकसित नहीं कर पाओगे ठीक है लोग आज क्या कर देते हैं भाई पेड़ काट देते हैं किसके लिए कुछ ना कुछ ऐसा बनाते रहते हैं वो कुछ ना कुछ ऐसा बनाते रहते हैं जो नेचर से वह लेते हैं और कुछ नया बनाते वो टेक्नोलॉजी अपनी बिल्ड कर रहे होते हैं ठीक है ध्यान रखना अब जैसे कि मान लो भाई अब मान लो कि प्रकृति का ज्ञान उनको

23:11 होगा उन्होंने भाई देखा प्रकृति में लक्कड़ है जब पेड़ कट होते है पेड़ वो काटते नाव बना लेंगे म लक्कड़ का यूज करके तो नाव भी तो भाई पानी पर चलने के लिए भाई पानी में डूबे ना कोई बंदा पानी में चल सके तो उस लिए नाव बना ली उसने तो प्रकृति को ज्ञान को समझा ठीक है भाई प्रकृति के ज्ञान जो है बेसिकली टेन को विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकी को विकसित करने के लिए इंपोर्टेंट है और प्रौद्योगिकी मनुष्य पर पर्यावरण के बांद को बंदिशों को कम करती है वो जैसे ही टेक्नोलॉजी बिल्ड होती रहती सरी बढ़ती रहती है तो उससे क्या होता है जो मनुष्य है ना मनुष्य जो इंसान है उस पर क्या होता है भाई जो प्रकृति की रुकावट है ना प्रकृति की जो बंदिश हैं क्या बोला मैंने प्रकृति की जो बंदिश हैं ठीक है जो रुकावट जो नियंत्रण होता है वो धीरे-धीरे कम होता जाता है और ये धीरे-धीरे हुआ है

23:56 ठीक है एक साथ नहीं धीरे-धीरे होता जाता है और एक जो आपको अगले में टॉपिक पढ़ाने वाला हूं वो यही है कि इंसान धीरे-धीरे इतनी टेक्नोलॉजी विकसित कर लेता है कि होता क्या है भाई भाई वो प्रकृति को अपने अनुसार ढाल लेता है तो वही यहां पर बात आ रही है ठीक है भाई तो प्रौद्योगिक बेसिकली क्या करती है टेक्नोलॉजी बेसिकली क्या करती है मनुष्य पर क्या करती है भाई पर्यावरण की जो बंदिशें हैं या बंदिश जो रुकावट है जो नियंत्रण है उसको कम करती है ठीक है इंसान को टेक्नोलॉजी का ज्ञान नहीं है टेक्नोलॉजी बिल्कुल जीरो है तो पर्यावरण भाई अपने ऐसे दबा के रखता है हां भाई ज्यादा मत बोलियो ठीक है ऐसे करवाता है [संगीत] उसके बाद प्राकृतिक पर्यावरण से अन्योन्य क्रिया की आरंभिक अवस्था में मानव वि से अत्यधिक प्रभावित हुआ और उन्होंने प्रकृति के आदेशों के अनुसार अपने आप को ढाल दिया ठीक है अभी तो मैं आपको बस आप समझोगे समझा

24:44 रहा था कि टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी का इंसान से मानव के विकसित होने से या मानव किस प्रकार से पर्यावरण से के साथ रह रहा है वो टेक्नोलॉजी कितनी इंपोर्टेंट हो जाती है टेक्नोलॉजी बिल्ड कैसे होती है टेक्नोलॉजी बनती कैसे है समझ आ गया अब अब यहां पर देखो जब हम प्राकृतिक पर्यावरण की बात कर रहे हैं अगर हम बात करें प्राकृतिक पर्यावरण से अनन क्रिया किसकी मानव की किसकी मानव की अगर हम बिल्कुल आरंभिक अवस्था में चले जाए क्या बिल्कुल आरंभिक अवस्था इंसान भाई नया नया था इस धरती पर मान लो तो प्राकृतिक पर्यावरण से अन्योन्य क्रिया यानी कि रिलेशन जो है वो आरंभिक अवस्था में हम चले जाए तो उसमें क्या मानव बहुत प्रभावित था किससे प्राकृतिक पर्यावरण से डरता था उससे ठीक एग्जाम में आए तो यहां से लिखना ठीक है भाई तो इससे अत्यधिक प्रभावित हुआ था और प्रकृति के आदेशों का

25:29 भाई पालन करता था प्रकृति की पूजा करता था ठीक है आपने हिस्ट्री वगैरह में पढ़ते हो ना तो हमने कितने सारे देखते जैसे सिंधु घाटी सभ्यता में अगर आप पढ़ोगे इस बार ठीक है 12थ की हिस्ट्री में तो आप देखना कि किस प्रकार से हम लास्ट में पता चलता है कि जो मोहरे होती हैं कि वहां पर वो प्रकृति की पूजा होती थी भाई वो इसलिए होती थी भाई प्रकृति के प्रकोप से इंसान डरता था ठीक है ना उसके आदेशों का पालन करता था क्योंकि आरंभिक अवस्था की अगर मैं बात करता हूं तो ठीक है ध्यान रखना तो उसने क्या इंसानों ने अपने अनुसार क्या प्रकृति के अनुसार अपने आप को ढाल लिया ठीक है प्रकृति को अपने अनुसार नहीं ढाल दिया वो खुद ढल गया भाई प्रकृति के अनुसार लेकिन आज क्या हो रहा है आज हो रहा है भाई इंसान प्रकृति को अपने अनुसार घुमा रहा है ढाल रहा है ठीक है ध्यान रखना इस कारण यह है कि प्रौद्योगिकी का स्तर अत्यंत निम्न था जो टेक्नोलॉजी का

26:15 स्तर था वो क्या बिल्कुल निम्न था जो मैं बता रहा हूं चिक चिक के बता रहा हूं तुमको और मानव के सामाजिक विकास की अवस्था भी बिल्कुल आदिम थी यानी उसका जो कल्चरल डेवलपमेंट था सामाजिक विकास था बिल्कुल आदिम था क्या था बिल्कुल पुराना था आदिम मतलब क्या पुराना ठीक है पुराना था यानी प्रिमिटिव था ठीक है तो क्या था बिल्कुल पुराना था उसके सामाजिक विकास की अवस्था पुरानी थी यानी आदिम थी और टेक्नोलॉजी का स्तर बिल्कुल क्या था निम्न था और मैंने बोला था भाई जो टेक्नोलॉजी है बेसिकली क्या किसी के सामाजिक विकास को दिखा रही होते है सामाजिक सांस्कृतिक विकास को दिखा रही होते जब टेक्नोलॉजी बिल्कुल गिरी हुई है निम्न है तो उसका सामाजिक विकास की अवस्था कैसी होगी वो भी पुरानी होगी आदिम होगी और लेकिन जैसे जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ती है विकसित होती है वो प्रकृति के नियमों को समझता है प्रकृति को समझता है तो उसका

27:01 टेक्नोलॉजी भी बढ़ती है और उसका जो सामाजिक सांस्कृतिक विकास है वो भी हो जाता है ठीक है समझ आ रहा है और आदि मानव जो है समाज और प्रकृति के प्रबल शक्तियों के बीच इस प्रकार की अनन्य क्रिया जो है पर्यावरण निश्चयवाद कहा जाता है या कहा गया है तो क्या बोला मैंने भाई मानव का प्रकृतिक क्या है भाई मानव का दवारा देखो इसको ठीक है क्या बोला मैंने दो मिनट ठीक है मानव का प्रकृतिक जो है ना ठीक है मानव का जो प्रकृतिक इसको हम क्या बोलते हैं पर्यावरण निश्चयवाद भी बोलते हैं क्या बोलते हैं भाई पर्यावरणीय पर्यावरणीय निश्चयवाद भी हम इसको बोलते हैं ध्यान रखना ठीक है भाई इसको हम पर्यावरण निश्चयवाद बोलते जहां पर जो इंसान है वो उसके जो मानव है

27:47 बेसिकली प्रकृति के अनुसार रहता था उसके अनुसार ढलता था उ उसी की पूजा करता था ठीक है उसके प्रकोप से डरता था तो आदि मानव समाज यानी पुराना मानव समाज और प्रकृति की अनन्य क्रिया ठीक है या कह लो प्रकृति की प्रबल शक्तियों के बीच अनन्य क्रिया क् प्रकृति प्रबल है प्रकृति मजबूत है पहले ठीक है तो इनके बीच इस प्रकार की जो अनन्य क्रिया है जो संबंध है इसको हम क्या बोलते हैं पर्यावरण निश्चयवाद हम बोलते हैं समझ आ गया ध्यान रखना है अब देखिए तो प्रौद्योगिक विकास की उस अवस्था में हम प्राकृतिक मानव की कल्पना कर सकते हैं यानी जो प्रौद्योगिक का विकास है उस अवस्था में हम प्राकृतिक मानव की कल्पना कर सकते हैं जो प्राकृति को सुनता था उसकी प्रचंड से भवत होता था मतलब डरता था और उसकी पूजा करता था तो यानी कि हम

28:32 प्रौद्योगिक विकास यानी टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट की उस अवस्था को हम देख सकते हैं तो ऐसी अवस्था में उस मानव की कल्पना कर रहे हैं भाई हम कर सकते हैं जो प्रकृति को सुनता था उसे डरता था ठीक है उसकी पूजा करता था ठीक है तो टेक्नोलॉजी के विकास की उस अवस्था कौन सी अवस्था निम्न अवस्था ठीक है प्रकृति जो है सॉरी टेक्नोलॉजी का विकास है बिल्कुल कम था निम्न था समझ आ गया तो ये बेसिकली क्या आपका मानव का प्रकृति गरण है या पर्या निश्चयवाद है एग्जाम में आ जा भाई मानव का प्रकृतिक ठीक हैय आ जा पर्यावरणीय निश्चयवाद तो आपको क्या बताना है भाई यही लिख के आना है ठीक है जो मैंने आपको बताया है अब आता हैई प्रकृति का मानवीकरण अब क्या आता है प्रकृति का मानवीकरण क्या अभी तो क्या कह रहा अभी जो है भाई नेचर यानी जो प्रकृति

29:18 है वो मानव को कह रही थी ठीक है लेकिन अब क्या हो रहा है अब मानव कह रहा है किसको प्रकृति को अब मेरी बारी है अब तूने कर लिया अब मेरी बारी है अब अनुसार तेरे को रहना पड़ेगा झुक के रहना पड़ेगा मेरे आगे ठीक है ऐसी बात है तो अब क्या हो जाता है प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है ठीक है ये इमेज आपको साफसाफ बया कर रही है कि क्या यह कह रही है कि भाई प्रकृति को मेरे अनुसार अब रहना पड़ेगा क्यों रहना पड़ेगा इंसान अब डेवलप हो गया है उसने प्रकृति के नियम को समझा भौतिक नियमों को समझा टेक्नोलॉजी का विकास करा और क्या करा अपनी संभावनाएं विकसित करी अलग-अलग संभावनाए विकसित करी अपनी लाइफ को क्या बनाया कंफर्टेबल बनाया पहले कंफर्टेबल नहीं थ अपनी लाइफ को क्या बनाया कंफर्टेबल बनाया कैसे अलग अलग संभावनाए उत्पन्न करके किससे प्रकृति को यूज करके प्रकृति के संसाधनों को यूज करके ठीक है ध्यान रखना य आपको

30:06 ध्यान रखना ये इमेज बहुत कुछ कह रही है इस टॉपिक के बारे में और ध्यान रखना ये प्रकृति का मानवीकरण है इसको हम क्या कह देते हैं इसको हम संभववाद भी कहते हैं संभववाद संभववाद क्यों कह रहे हैं भाई क्योंकि इंसान ने प्रकृति को इस सतक यूज करा कि हर संभावना को उस जन्म दे दिया अपनी अपने अपने अनुसार को या कह लो अपनी लाइफ को कंफर्टेबल बनाने के लिए तो प्रकृति का मानवीकरण को हम क्या कहते हैं भाई संभववाद भी कहते उ हर संभव प्रयास करके ऐसी संभावना उत्पन्न कर ली जिससे इंसान की लाइफ इजी हो जाए और प्रकृति जो उस प्रकोप अपना दिखाई ना पाए ठीक है तो ध्यान रखना प्रकृति का मानवीकरण य हो जाता है अब चलते हैं हम आगे देखो समय के साथ लोग अपने पर्यावरण और प्राकृतिक बलों को समझने लगते हैं ठीक है ये आपको मैंने बताया धीरे-धीरे क्या होता है समय के साथ पैसेज ऑफ टाइम क्या होता है लोग अपने

30:52 पर्यावरण को और प्राकृतिक बल को समझने लग जाते हैं है और होता क्या है भाई अपने सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के साथ मानव बेहतर और अधिक सक्षम प्रौद्योगिकी यानी कि टेक्नोलॉजी का विकास करते हैं अपने सामाजिक सांस्कृतिक विकास के साथ-साथ मानव क्या बेहतर और अच्छी और अधिक सक्षम टेक्नोलॉजी का विकास करते हैं ठीक है मैंने बता दिया है अपना समझ आ गया होगा आपको और वे अभाव की अवस्था से स्वतंत्रता की अवस्था की ओर अग्रसर होते हैं ठीक है क्या बोला मैंने वो अभाव की अवस्था से मतलब उनके पास अभाव ता किसी भी चीज का ना रिसोर्स उनके पास है या उनको पता ही नहीं रिसोर्स यूज कैसे करने हैं तो अभाव की अवस्था से कहां पर पहुंच जाते हैं वो पहुंच जाते स्वतंत्रता की अवस्था की ओर अग्रसर हो रहे होते हैं पहले क्या भाई वो रुकावट नियंत्रण में रहता था अब क्या हो

31:38 रहा है वो अब वो हो रहा है स्वतंत्र किससे प्रकृति से तो इसमें आपको ध्यान रखना है कि मानव के प्रकृतिक में सॉरी प्रकृति का मानवीकरण में क्या होता है कि अभाव की अवस्था से नियंत्रण की अवस्था से व स्वतंत्रता की अवस्था की ओर बढ़ रहा होता है इस अवस्था में ठीक है और पर्यावरण से प्राप्त संसाधनों के द्वारा वो क्या करता है भाई वो संभावनाओं को जन्म देता है जो मैंने अभी स्टार्टिंग में आपको बताया ठीक है इस टॉपिक के तो पर्यावरण से प्राप्त संसाधन जो संसाधन को प्राप्त कर रहा होता है इसके द्वारा क्या कर रहा होता है अलग-अलग पॉसिबिलिटीज अलग-अलग संभावनाओं को जन्म दे रहा होता है कि अच्छा यह हमारे पास संसाधन है इसका हम यूज ऐसे कर सकते हैं इसका यूज हम ऐसे कर सकते हैं ये हमारी लाइफ में ये ड ऑन कर रहा होगा ठीक है तो अलग-अलग संभावनाओं कासे जन्म दे रहा होता है ठीक है ध्यान

32:23 रखना अब आगे मैं बात करता हूं देखो इसमें ही तो मानवी िया की छाप सर्वत्र है कहने का मतलब है भाई अगर हम आसपास हम देख रहे होते हैं तो हर जगह हमको ऐसा दिख जाएगा कि मानव ने भाई कैसा बना दिया नेचर को पहाड़ों पर भी घर देखने को मिल जाएंगे पहाड़ों पर भी सड़क जा रही है ठीक है ध्यान रखना तो प्रकृति को उसने अपने अनुसार डाल रखा है नी कि हर जगह हमें क्या है मानवीय क्रियाओं की छाप दिख सकती है यानी कि मानवीय क्रियाओं की जो छाप है वो सर्वत्र है वो हर जगह है ध्यान रखना और हमेशा है जैसे कि हम बात करें उच्च भूमियों पर स्वास्थ्य विश्राम स्थल मतलब कि जो थोड़ी एल्टीट्यूड उनका हाई थोड़ी ऊंची भूमि है वो ठीक है वहां पर आपको स्वास्थ्य विश्राम स्थल देखने को मिल जाएगा भाई रेस्ट करने की जगह आपको मिल जाएगी ठीक है विशाल नगरीय प्रसार आपको देखने को मिल जाएगा मतलब कि उच्च भूमि पर

33:09 भी आपको क्या देखने को मिल रहा है बहुत नगरीय प्रसार कर रखा है लोगों ने ठीक है नगर बसा रखे हैं खेत फल उद्यान पहाड़ियों में चरागा ठीक है पत्तन महासागरीय तल पर महासागरीय तल पर समुद्री मार्ग और अंतरिक्ष में उपग्रह यानी कि भाई सैटेलाइट जो आपकी स्पेस में तो हर जगह हमें क्या मानवीय क्रियाओं की छाप देखने को मिल सकती है ध्यान रखना इंसान ने प्रकृति को अपने अनुसार बिल्कुल ढाल लिया है ये कौन सी स्टेज है य कौन सी स्टेज है भाई प्रकृति का मानवीकरण ठीक है ध्यान रखना है और पहले के विद्वानों ने इसे क्या संभववाद का नाम दिया मैंने बता दिया एग्जाम में भाई संभववाद पूछ ले या आप संभववाद बोले या आपसे बोलते भाई प्रकृति का मानवीकरण पूछ ले तो उसका मतलब एक ही है जो आपको बता रहा हूं ठीक है समझ आ रहा

33:55 है और प्रकृति अवसर प्रदान करती है और मानव उनका उपयोग करता है ठीक है होता क्या भाई हमारी लाइफ में भी हम क्या करते हैं भाई हमें अवसर की तलास होती है अवसर मिलता तो यूज कर लेना चाहिए तो वही बात है प्रकृति अवसर देती गई मानव उसको समझता गया और मानव उनका उपयोग करता गया और धीरे-धीरे प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है जो पहले प्रकृति अपने अनुसार नचा रही थी इंसान को ठीक है लेकिन अब क्या हो रहा है इंसान अपने अनुसार नचा या प्रकृति का क्या हो गया मानवीकरण समझ आ गया और प्रकृति पर मानव प्रयासों की छाप प बढ़ने लगती है या नेचर पर जो मानव प्रयास है मानव की कोश उसकी छाप देखने हमें लग जाती है अब देखो आप देख रहे होगे यार आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा यहां पर कि भाई मैंने देखा भाई कौन सा नव निश्चयवाद नव

34:42 निश्चयवाद नहीं आपका जो पर्यावरणीय निश्चयवाद है यानी कि जो मानव का प्रकृतिक है वो वाली भी ज्यादा अच्छी नहीं वहां पर इंसान बिल्कुल डरपोक बन के रहता है ठीक है उसे कुछ पता ही नहीं है अब संभववाद बेकार है इससे क्या हो रहा है भाई पर्यावरण को नुकसान हो रहा है ये भी अपनी जगह सही है लेकिन अगर डेवलप कर रहा है वो अपनी जगह से लेकिन इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है फिर करे क्या इंसान तो यहां पर एक और संकल्पना आती है या एक और कंसेप्ट आता है जिसको हम बोलते हैं नव निश्चयवाद या नियो डिटर्जन ठीक है इसको हम क्या कहते हैं नव निश्चयवाद कहते हैं जो कि हमारे एक और हैं क्या जियोग्राफी ग्रिफिथ टेलर उन्होंने इसको दिया है ठीक है नव निश्चयवाद यानी कि नया निश्चयवाद हमें क्या करना चाहिए यहां पर ये कुछ कांसेप्ट बताते हैं यहां पर ये बोलते हैं ना भाई तुम प्रकृति से बिल्कुल डर कर र हो ना तो इस हद तक भाई प्रकृति को

35:29 परेशान कर दो कि तुम भाई बिल्कुल मतलब कि प्रकृति नष्ट हो जाए ठीक है तो इन्होंने बोला बीच का रास्ता अपनाओ क्या बोला इन्होंने ना इधर ना इधर बिल्कुल बीच का रास्ता ठी किसी को रास्ता बता रहे होते यही बोलते हैं ना ना ना लाइफ लेफ्ट जाना ना राइट जाना हमें करना है बस सीधा बीच में चलते जाओ ठीक है वही वो क्या आपकी यह है नव निश्चयवाद ठीक है ध्यान रखना किसने दिया इसको भूगोल वेता ग्रिफिथ टेलर ने इसको दिया है ध्यान रखना ये क्या हमारे ग्रिफिथ टेलर जी हैं ध्यान रखले लेना है आपको तो यहां पर इन्होंने बेसिकली क्या बताया मैंने बता दिया है बीच का रास्ता मध्यम मार्ग अपनाने की बात इन्होंने यहां पर करी है संभववाद और क्या आपका पर्यावरण निश्चयवाद ठीक है भाई तो जो दो विचार आपने ऊपर पढ़े पर्यावरण निश्चयवाद और संभववाद के बीच मध्यम मार्ग या बीच का रास्ता अपनाने की बात यहां पर

36:15 इन्होंने करी है समझ आ गया और उन्होंने इसे क्या भाई नव निश्चयवाद उन्होंने इसे क्या नव निश्चयवाद का नाम दिया या आप ये कह लो रुको और जाओ निश्चयवाद का नाम भी दिया है तो एग्जाम में निश्चयवाद आ जाए आपका रुको और जाओ आ जाए रुको और जाओ निश्चयवाद आ जाए या नव निश्चयवाद आ जाए सबका मतलब एक है जोय आपको बता रहा हूं ठीक है तो यह संकल्पना बेसिकली क्या दर्शाती है ठीक है पहले इसका मतलब समझो रुको और जाओ क्या रुको और जाओ यहां पर ये देना कहने का मतलब ये है रुको और जाओ निश्चयवाद क्यों कहा जा रहा है भाई जहां पर दिख रहा है ना प्रकृति को क्या है भाई नुकसान ज्यादा हो रहा है वहां पर रुक जाओ समझो भाई ये हमें नहीं करना है रुक गए ठीक है हम समझ गए भाई इसको यहां पर नहीं छेड़छाड़ करनी है फिर हमें क्या करना है जाओ ठीक है

37:00 तो हमने क्या करा भाई हमने बीच का रास्ता अपना दिया ठीक है रुकना है हमें सोचना है और फिर जाना है समझ आ गया तो बीच का रास्ता अपना रहे इस प्रकार से तोय संकल्पना बेसिकली क्या दर्शाती है ये दर्शाती है कि ना तो यहां नितांत आवश्यकता की स्थिति है यहां पर क्या बिल्कुल नितांत आवश्यकता की स्थिति है मतलब कि पर्यावरण निश्चयवाद और ना ही नितांत स्वतंत्रता की आवश्यकता को की दर्शाए कहने का मतलब है संभववाद में क्या हो जाता है इंसान बिल्कुल ही स्वतंत्र हो जाता है है संभववाद जो मैंने पढ़ाया आपको ठीक है जो प्रकृति का मानवीकरण है उसम जो पढ़ाया कि इंसान बिल्कुल स्वतंत्र हो गया वो प्रकृति को अपने ढाल रहा है तो यह ना तो वो वो वाली स्थिति है जो नव निश्चयवाद है और ना ही वो वाली स्थिति है जो आपकी स्टार्टिंग में थी बिल्कुल कि भाई प्रकृति से इंसान डर कर रहता था ठीक है यानी आपका मानव का

37:47 प्रकृतिक वाली ना वो है यानी जिसको हम पर्यावरण निश्चयवाद कह रहे हैं ना ये वो है और ना य संभववाद है उसके बीच का है उसके बीच का रास्ता है ठीक है ध्यान रखना उसके बीच की अवस्था है ठीक है ध्यान रखना ये हो गया आपका इसको हम क्या कहते हैं भाई डिटर जम या कह लो आप नव निश्चयवाद इसको हम कहते हैं अब बोलोगे भाई यहां पर य क्या कहती है यहां पर बेसिकली भाई यह कहती है कि इसका तात्पर्य यह है कि उन सीमाओं में क्या उस लिमिटेशन में क्या बोला मैंने उन सीमाओं में जो पर्यावरण की हानि ना करती हो संभावनाओं को उत्पन्न किया जा सकता है यानी कि भाई हम नेचर को प्रकृति के संसाधनों को यूज करना है लेकिन एक लिमिट में क्या करना है हमें यूज लिमिट में जहा हमें दिख रहा है भाई इसको और यूज कर लिया

38:33 ना भाई इससे प्रकृति की हानि हो जाएगी पर्यावरण की हानि हो जाएगी इससे फिर इंसान उल्टा ही खतरे में जाएगा तो वहां पर रुक जाओ ठीक है वहां पर रुक जाओ और तो फिर क्या है प्रकृति को यूज कर लो अपने अनुसार जहां पर क्या है किया जा सकता है तो यहां पर यही बोला गया उन सीमाओं में रहकर भाई लिमिट में ठीक है लिमिट में रहकर जो पर्यावरण की हानि ना करती हो ऐसी संभावना को जन्म दिया जा सकता है ठीक है समझ आ गया अब लोगों ने एरोप्लेन उड़ाए ठीक है उन्होंने क्या भाई वायु गति को समझा एरोप्लेन उड़ाए इससे पर्यावरण को ज्यादा नुकसान नहीं है समझ रहे हो तो यही यहां पर बोला गया है यहां पर कहने का मतलब यही है कि भाई हमें प्रकृति को समझना है जो पर्यावरण की हानि ना करते हो हमें वैसे संभावनाओं को जन्म देना है अब देखो लोगों ने क्या करा जैसे कि मान लो कि अपने एसी चला दिए मतलब एसी एसी बन गई ठीक है आपका

39:21 जो एसी रेफ्रिजरेटर बन गए तो ये ऐसी संभावना कहीं ना कहीं जो आपकी ओजोन परत को खराब कर रही ओजोन को डिप्लीट कर रही है नष्ट कर रही है ठीक है तो यसी संभावना जन्म देनी नहीं थी इंसान को ठीक है मानव को तो ये यहां पर बात कर र है बीच का रास्ता आपको अपनाना है ठीक है भाई तो उसका तात्पर्य य है भाई उन सीमाओं में जो पर्यावरण की हानि करती हो ना करती हो और संभावना को उत्पन्न किया जा सकता है ऐसी पॉसिबिलिटीज को जन्म दिया जा सकता है तो यहां पर जैसे कि बात करूं अब आगे यहां पर एक बात बताई गई है जो हमारी संभववाद की स्थिति है ना वो कितनी खतरनाक होती है उसने क्या दिया कराया आपने देखा है भाई जितनी भी डेवलप कंट्रीज है तीन होती है ना एक अविकसित एक विकासशील एक विकसित भारत विकासशील है ठीक है तो जितनी भी विकसित अर्थव्यवस्था हैं जितनी भी डेवलप कंट्रीज हैं डेवलप इकोनॉमी है उनके द्वारा क्या है

40:07 चलाई चली गई मुक्त चाल के द्वारा चली गई मुक्त चाल मुक्त चाल का मतलब है फ्री रन ठीक है फ्री रन ठीक है फ्री रन का मतलब मुक्त चाल का मतलब है बिना कोई रोक टोक बिना किसी नियंत्रण के बिना किसी नियंत्रण के कोई नियंत्रण उन पर नहीं है उन परे कोई नियंत्रण नहीं है तो विकसित अर्थव्यवस्थाओं के द्वारा चली गई मुक्त चाल भाई मुक्त चल फ्री घूमो तुम जो करना है करो नेचर के साथ उन्होंने यह कह दिया ठीक और करा भी है अब थोपते किस पर है विकासशील देशों पर ठीक है तो विकसित अर्थव्यवस्थाओं के द्वारा चली गई मुक्त चाल के परिणाम स्वरूप हरित ग्रह प्रभाव यानी कि ग्रीन हाउस गैस के इफेक्ट हमको देखने को मिलता है ओजोन परत का अक्षय यानी

40:52 कि अक्षय यानी जो ओजोन परत है वो खराब होते जा रही है वो नष्ट होते जा रही है डिप्लीट हो रही है ठीक है उसमें छेद होते जा रहा है वो क्यों हो रहा है विकसित अर्थव्यवस्था के द्वारा पर्यावरण को इतनी हानि पहुंचा दी गई है मुक्त चाल बिना किसी नियंत्रण वाली चाल के ठीक है बिना बिल्कुल भी कोई नियंत्रण नहीं है उन्होंने जो अपने मन में आया उन्होंने वो करा जिससे कि हमें यह परिणाम देखने को मिलते हैं यानी कि संभववाद एकदम एक्सट्रीम पर पहुंच गया तो यहां पर क्या बोलता है भाई ये संभववाद जो सॉरी हमारा नव निश्चयवाद ये बोलता है कि हम बिल्कुल भी एक्सट्रीम नहीं करना है कुछ भी चीज हमें बिल्कुल भी एक्सट्रीम मतलब कि बिल्कुल भी एकदम आगे तक नहीं खैंच नहीं है उसको बस थोड़ा इसको मतलब की लेवल तक डेवलप करो कि जिससे पर्यावरण को नुकसान ना हो कुछ भी चीज एक्स्ट्रीम नहीं होनी चाहिए ठीक है समझ आ गया ओजोन परत का भूमंडलीय तापन मतलब की जो आपका वायुमंडल पूरा गर्म

41:38 हो रहा है भाई ठीक है और पीछे हटती हिम नदियां ठीक है हिम नदि पिघल रही है ग्लेशियर पिगल रहे हैं ठीक है पीछे हट रही आपकी हिम नदियां और निम्न कृत भूमिया ठीक है तो ये आपका क्या है बेसिकली विकसित अर्थव्यवस्थाओं के द्वारा चलाई गई मुक्त चाल जो फ्री रन है उसके द्वारा ये हमें परिणाम देखने को हमें मिलता है समझ आ गया और नव निश्चयवाद संकल्पना ंग जो नव निश्चयवाद है बेसिकली संकल्पना मेंक ढंग से एक संतुलन बनाने का प्रयास करता है कहने का मतलब है बैलेंस बनाने की बात यहां पर यह करता है कि भाई क्या करना है हम बैलेंस बनाकर चलना है किसमें प्रकृति के बीच में और मानव के बीच में ठीक है क्या करना है भाई ठीक है एक यहां बैठा हो किसको यहां आपकी प्रकृति और यहां आपका मानव ठीक है भाई

42:24 मानव मानव ठीक है तो दोनों के बीच में क्या बनाना है हमें बैलेंस बना के रखना है ठीक है य आपका तराजू जैसा कुछ आपका हो गया है ठीक है भा एक बैलेंस बना के हमें चलना है अब लास्ट टॉपिक जो है आपका इस चैप्टर से उसके बाद आपका चैप्टर समाप्त ठीक है तो टॉपिक क्या आपका मानव भूगोल के क्षेत्र और उप क्षेत्र ठीक है भाई मानव भूगोल के क्षेत्र और उसके सबडिवीजन अब भाई पूछो भाई उप क्षेत्र मतलब क्या आपको समझ आ रहा होगा अब देखो ठीक है देखो पहले इतनी सी बातें जानो तो मानव भूगोल की प्रकृति के अत्यधिक अंतर विषयक है जो मानव भूगोल है भाई इसमें आप ऐसे ऐसे चीजें पढ़ोगे जो कहीं ना कहीं बाकी सब्जेक्ट से भी जुड़ी हुई है ठीक है तो मानव भूगोल के नेचर को

43:10 हमें समझना है अगर पढ़ना है तो इसकी जो प्रकृति व कैसी अत विषयक है मतलब कि जो सोशल साइंस है जो सोशल साइंस है सोशल साइंस यानी कि जो एसएसटी है सोशल साइंस के जो बाकी सब्जेक्ट है ठीक है अदर सब्जेक्ट कौन-कौन से भाई आप आपका [संगीत] हिस्ट्री हिस्ट्री आपका है ठीक है पॉलिटिकल साइंस है ठीक आपकी जो है भाई सोशियोलॉजी है समाजशास्त्र जिसे हम कहते हैं ठीक है आपके जो साइकोलॉजी है ठीक है साइकोलॉजी है यानी जो आपका मनोविज्ञान है क्या समझ रहे हो तो भाई मानव भूगोल को समझने में हमें क्या करना पड़ रहा है इन सब की भी जरूरत पड़ रही है क्या पड़ रही है भाई इनकी भी जरूरत पड़ रही है मतलब कि जो हम इसमें पढ़ते हैं ना कहीं ना कहीं वो इन सब्जेक्ट में हमें देखने को मिलता है

43:57 शास्त्र इतिहास में ठीक है अब मान लो कि इतिहास अब देखो अब यहां पर मैं कैसे बात होगी अगर मैं पुराने टाइम के भूगोल की बात कर रहा हूं क्या पुराने टाइम के भूगोल की बात कर रहा हूं कि अच्छा भाई 5000 साल पहले इस एरिया में क्या जलवायु की स्थिति रहती होगी तो देखो यहां पर मैं क्या कर रहा हूं यहां पर भूगोल की बात तो कर रहा हूं ठीक है लेकिन यहां पर क्या हो रहा है यहां मान लो कि यहां पर इंसान कैसे रहते होंगे यहां पर क्या हो रहा है 5000 साल पहले की बात है तो इतिहास हो गया लेकिन हम बात किसकी कर रहे हैं भूगोल की कर रहे हैं भाई वहां इंसान कैसे रहते होंगे ठीक है क्या करते होंगे तो मानव भूगोल हो गया तो 5 साल पहले की जब स्थिति की बात कर रहे होते हैं ठीक है और हिस्ट्री भी इससे जुड़ी हुई है ना देखो भाई क् पाच पुरानी चीज तो इतिहास में पढ़ रहे होते हैं तो वही बात है तो यहां पर कहीं ना कहीं मानव भूगोल का जुड़ाव किससे हो गया हिस्ट्री से हो

44:42 गया हिस्ट्री से आपका हो जाएगा ठीक है तो यही मैं समझाना चाह रहा हूं कि मानव भूगोल की प्रकृति बेसिकली क्या अत्यधिक अंतर विषयक है ठीक है क्या है अंतर विषयक है आपकी आगे चलते हैं तो पृथ्वी तल पर पाए जाने ने वाले मानवीय तत्त्वों को समझने व उनकी व्याख्या करने के लिए मानव भूगोल सामाजिक विज्ञानों के सहयोगी विषय के साथ घनिष्ठ अंदर संबंध विकसित करता है मैंने बता दिया कि भाई जो पृथ्वी तल पर पाए जाने वाले जो भी मानवीय तत्व उनको समझना है उनकी व्याख्या करनी है उनको एक्सप्लेन करना है तो इसके लिए क्या कर रहा है बेसिकली भूगोल जो है मानव भूगोल जो है सामाजिक सामाजिक विज्ञान के जो सहयोगी विषय हैं मैंने आपको बता दिया पीछे उनके साथ एक घनिष्ठ अंतर संबंध बनाता है अभी भी मान लो कु समझ नहीं आ रहा ना अभी आपको मैं टेबल समझा दूंगा एक ठीक है और होता क्या

45:28 है भाई ज्ञान के विस्तार के साथ-साथ नए उप क्षेत्रों का विकास भी होने लगा जैसे जैसे भाई समझ विकसित होती है मानव भूगोल और व्यापक होते जाता है बढ़ता जाता है तो इससे क्या होता है भाई और उप क्षेत्र सब डिवीजन होने लग जाते हैं ठीक है और मानव भूगोल के साथ भी ऐसा ही हो रहा है समय के साथ ज्ञान का विस्तार हो रहा है और सब फील्ड्स यानी कि उप क्षेत्र बनते जा रहे हैं और यह रही आपकी टेबल ठीक है आपको एनसीआरटी में देखने को मिल जाएगी मैंने खुद से बना दी ठीक है एनसीआरटी का कट आउट नहीं लगाया मैंने देखो ये मानव भल के क्षेत्र है मैंने स्टार्टिंग में दिखाया था भाई ठीक है मानव भूगोल के क्षेत्र को ठीक है तो ये देखो भाई सामाजिक भूगोल नगरी भूगोल राजनीतिक भूगोल यानी कि देखो अब जो आपका अगला चैप्टर है ना वो आपके जनसंख्या के ऊपर है तो उसको हम मैं क्या बोलूंगा उसको मैं जनसंख्या भूगोल बोलूंगा जनसंख्या भूगोल है तो मानव भूगोल के अंदर ही लेकिन

46:14 वो एक इसका सबडिवीजन हो गया मतलब कि क्षेत्र है इसका क्या जनसंख्या भूगोल ठीक है हम नगर के बारे में पढ़ रहे होंगे दूसरी बुक में ठीक है क्योंकि इस चैप्टर में तो डिलीट हो गया जो आपका लास्ट चैप्टर हुआ करता था वो डिलीट हो चुका है ठीक है तो नगरीय भूगोल है तो उसमें हम क्या है तो मानव भूगोल का लेकिन उसके सेपरेट क्षेत्र है ना नगरीय भूगोल समझ रहे हो तो यह क्या बेसिक हमारा मानव भूगोल हो जाता है तो यही यहां पर बात करी भाई सामाजिक भूगोल नगरीय भूगोल राजनीतिक भूगोल जनसंख्या भूगोल आवास भूगोल और आर्थिक भूगोल य कै क्षेत्र है अब य इसके उपे है और यह मैंने क्या बताया यहां पर आपको य उसके जो सहयोगी सब्जेक्ट है सहयोगी विषय जो बाकी डिसिप्लिन सब्जेक्ट है ठीक है उनसे के अंतरा पृष्ठ उनसे जुड़ाव किस प्रकार का है देखो सामाजिक भूगोल की बात करूं तो सामाजिक विज्ञान ठीक है सामाजिक विज्ञान में भी

47:00 कौन सा समाजशास्त्र यह बाकी सब सामाजिक भूगोल जो है हमारा किस सब्जेक्ट से जुड़ा हुआ है हमारा सोशल साइंस में भी कौन सा सोशलॉजी से जुड़ा हुआ है डायरेक्ट लेकिन इसके उप क्षेत्र और भी बात करूं जैसे कि व्यवहारवादी भूगोल यानी कि व्यवहार को समझना तो व्यवहारवाद तो भाई व्यवहार को तो हम मनोविज्ञान में भी समझते हैं तो भाई जब समाजिक भूगोल की बात हो रही होती है जो कि मानव भूगोल के अंतर्गत एक क्षेत्र है और उसमें जब हम व्यवहारवादी भूगोल की बात सामाजिक भूगोल के अंदर इंसान है उनके व्यवहार के बा हम बात करेंगे और इंसान व्यवहार की बात हम कर रहे होते हैं वो मनोविज्ञान में बात कर रहे होते हैं लेकिन पढ़ हम रहे हैं भाई मानव भूगोल में अब बताओ यहां पर तो यहां पर क्या हो गया तो इसलिए बोला जा रहा है मानव विज्ञान का ज्ञान बढ़ रहा है तो सब्जेक्ट बाकी भी बाकी सब्जेक्ट की चीज भी इसमें ऐड होते चले गई है तो व्यवहारवादी भूगोल हमको मानव जो व्यवहार को जानना होता है वो मनोविज्ञान में जानते हैं हम ठीक है जिसके पास साइकोलॉजी उसको पता है तो मनोविज्ञान

47:47 की चीज इसमें आ गई यानी कि आपस में जो क्या है सब जुड़ा हुआ है समझ आ गया तो वही बात है अब काश भूगोल की बात करें भाई समाजशास्त्र में पढ़ते सांस्कृतिक भूगोल की मैं बात करूं तो य मानव विज्ञान में पढ़ते हैं ठीक है आपका लिंग भूगोल की बात करूं तो समाजशास्त्र में मानव विज्ञान में महिला अध्ययन में हम पढ़ रहे होते हैं ऐतिहासिक भूगोल मैंने बताया भी था एग्जांपल देके तो इतिहास में इसको हम जोड़ रहे होते हैं चिकित्सा भूगोल की बात करूं तो महामारी विज्ञान जो है उससे जोड़कर हम पढ़ रहे होते हैं ये सब ये सब्जेक्ट्स है बाकी डिसिप्लिन सब्जेक्ट्स है जिनका कांसेप्ट का यूज हम इसमें कर रहे हैं ठीक है तो इसलिए उप क्षेत्र बन गए हैं और इन सब्जेक्ट के कारण ठीक है जो कि हमें यूज करना पड़ रहा है मानव भूगोल में तो मानव भूगोल की प्रकृति कैसी अंतर विषय के बाकी सब्जेक्ट से जुड़ाव है इसका ठीक है ध्यान रखना ऐसे ही आपका जो है नगरीय भूगोल नगरीय

48:34 अध्ययन और नियोजन में आता है भाई नगर की प्लानिंग करनी होती है कि कैसे नगर बनेंगे तो नगरीय अध्ययन और नियोजन में हो जाता है यह सब्जेक्ट आपका उसके बाद राजनीतिक भूगोल किसम पढ़ते हैं हम राजनीतिक विज्ञान पोल साइ से पढ़ रहे होते हैं ठीक है इसमें आपका निर्वाचन भूगोल भी आता है ठीक है और आपका सैन्य भूगोल भी आता है ठीक है भाई सैन्य भूगोल किस सब्जेक्ट से आपका सैन्य विज्ञान से जनसंख्या भूगोल इसका कोई उप क्षेत्र नहीं है लेकिन आपका क्या जनांकिकी जनांकिकी का मतलब क्या होता है जो जनांकिकी है इसका मतलब होता है भाई जनसंख्या की विशेषता इसका मतलब क्या होता है जनसंख्या की विशेषता तो जनसंख्या भूगोल जनांकू गोल का उप क्षेत्र नहीं है ठीक है लेकिन नगर ग्रामीण नियोजन इसका एक डिसिप्लिन सब्जेक्ट है जहां से य इस कांसेप्ट को हम पढ़ रहे होते हैं जो कि मानव भूगोल से जुड़ा हुआ है उसके बाद आर्थिक भूगोल जोक संसाधन भूगोल इसका एक उप

49:21 क्षेत्र है और संसाधन अर्थशास्त्र ये इसका एक डिसिप्लिन अनुशासन वाला सब्जेक्ट है समझ आ भाई यह था आपका चैप्टर और चैप्टर साथ क्या होता है द एंड होता है और आपकी स्थिति में ऐसे ही आपको मजा आ रहा होगा भाई नया नया जुनून है 12थ का और उसी के साथ आपको एक चैप्टर है आपने वो भी कंप्लीट कर लिया इसके नोट्स आपको टेलीग्राम पर मिल जाएंगे भाई उसको पढ़ लेना ठीक है और क्या कुछ नीड हो तो कमेंट में जरूर बताना बाकी वीडियो पसंद आ रही हो ना वीडियो को लाइक करना है ठीक है भाई चैनल को सब्सक्राइब करना है बाकी मिलते हैं आपसे अगले वीडियो में तब तक के लिए कीप [संगीत] वाचिंग ब

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