0:00 अभी इस महीने उत्तराखंड के एक नॉनवेज ठेले वाले को जीएसटी का नोटिस आ गया। भाई का 50 लाख प्लस का टर्नओवर था। अगर तुम भी मोमोज का ठेला लगाओ या समोसे बेचो तो 20 से 30,000 तो ईजीली कमा सकते हो। पर मुझे पता है ना कि सर आपको आती है शर्म तो घबराओ मत। मैं हूं आज मैं चार ऐसे बिजनेस आइडियाज लेके आया हूं जो कि तुमने पूरे इंटरनेट में कहीं नहीं सुना होगा और इनमें से एक तो तुम अपने रूम से ही शुरू कर सकते हो। हर एक आईडिया मैं डिटेल में बताऊंगा कि बिजनेस क्या है? इन्वेस्टमेंट कितना लगेगा और पैसा कहां से आएगा प्रॉफिट कितना होगा और ग्रोथ कहां तक जा सकती है? हेलो आई एम आदित्य अरोड़ा आल्सो नोन एस द फार्ड गाय सीईओ ऑफ़ फड नेटवर्क। मैं एक 40 मिलियन का फंड चलाता हूं जिसने 130 से ज्यादा स्टार्टअप्स में इन्वेस्ट करा है। तो बिना किसी देरी के चैनल को अभी सब्सक्राइब कर
0:46 लो क्योंकि हम पहले बिजनेस आईडिया पर अभी आ रहे हैं। सबसे पहले बात करते हैं आलू की। सुनो ध्यान से। इंडिया में आलू का प्रोडक्शन दुनिया के दूसरे नंबर पर है। पर यह बात तो सबको पता है। पर जो बात तुम्हें नहीं पता वो यह है कि आलू से निकलने वाला पोटैटो स्टार्च पेपर इंडस्ट्री में जाता है। टेक्सटाइल में जाता है और फूड प्रोसेसिंग में भी जाता है। इंडिया में इसका कंपटीशन इतना कम है कि बड़े-बड़े बायरर्स लोकल सप्लायर्स ही ढूंढते रह जाते हैं और उन्हें मिलता ही नहीं है। बस यहीं पर ही तुम्हारी एंट्री होती है। इसका बेसिक प्रोसेस एकदम आसान है। जिसमें तुम्हें आलू को ग्राइंड करना है और पानी से वॉश करना है। स्टार्ट सेटल होने देना है और फिर ड्राई करके पैक करना है। इसे तुम अपने घर के पास या विलेज लेवल पर एक छोटी यूनिट में सेटअप कर सकते हो। इन्वेस्टमेंट के नाम पर तो 8 से ₹10,000 में एक बेसिक ग्राइंडिंग और ड्राइंग सेटअप
1:32 तो आराम से हो जाता है। अब सवाल आता है कि पैसा कहां से आएगा? लोकल पेपर मिल्स, टेक्सटाइल यूनिट्स और फूड मैन्युफैक्चरर्स। इन सबको डायरेक्टली अपने सैंपल भेजो क्योंकि यह लोग तो बल्क में खरीदते हैं और अगर तुम्हारी क्वालिटी अच्छी हुई तो यह प्राइस पे ज्यादा नेगोशिएट भी नहीं करते। 1 किलो की कॉस्ट लगभग 10 से ₹15 की आती है जो मार्केट में 35 से ₹50 पर आराम से बिकता है। अगर महीने में 500 किलो भी बेच लिया तो 10 से ₹17,000 का नेट प्रॉफिट तो कहीं नहीं गया और यह तो सिर्फ शुरुआत है। अगर इसको स्केल करते हो तो साउथ ईस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट में तो एक्सपोर्ट का रास्ता भी खुल जाता है। अब ये तो हुई थोड़ी स्पेस वाली बात। पर जो अगला बिजनेस है वो तो तुम अपने कमरे से ही शुरू कर सकते हो। इसके लिए ना तो कोई दुकान चाहिए और ना ही कोई बड़ी मशीन। और हां भाई नाम सुनके भागना मत क्योंकि मैं जानता हूं कि तुम सोचोगे कि यह क्या
2:18 अजीब सी चीज है। इसका नाम है कॉडिसेप्स मिलिटारिस जो कि एक मेडिसिनल मशरूम है और इसे जिम वाले रेगुलरली खाते हैं। कैंसर पेशेंट्स के रियलिटिव्स ढूंढते हैं और प्रीमियम हेल्थ ब्रांड्स तो अपने सप्लीमेंट में डालना चाहते हैं। इंडिया में इसका प्रोडक्शन इतना कम है कि सेलर्स लिटरली अलीबाबा से इंपोर्ट कर कर इसे बेच रहे हैं। इसका मतलब है कि मार्केट में गैप तो एकदम क्लियर है। और सबसे कमाल की बात तो यह है कि तुम इसे घर पे इजीली उगा सकते हो। सिर्फ एक 10/10 के कमरे में आर्टिफिशियल क्लाइमेट कंट्रोल के साथ और यह बहुत आराम से हो जाता है। इन्वेस्टमेंट तो लगभग सिर्फ 7 से ₹10,000 ही आएगा जिसमें स्पॉन, प्लास्टिक कंटेनर्स, ह्यूमिडिटी कंट्रोलर्स और एक छोटी फैन आ जाएगी। YouTube पे इसके फुल सेटअप ट्यूटोरियल्स एकदम फ्री में अवेलेबल हैं। अब बताता हूं पैसा कहां से आएगा। Instagram और WhatsApp पे आयुर्वेदिक सप्लीमेंट सेलर्स, जिम सप्लीमेंट ब्रांड्स
3:04 और लोकल वैद्यस को सीधा कांटेक्ट करो। यह लोग 1500 से ₹2500 पर 100 ग्राम देते हैं भाई। और यह रेट सुनकर तुम खुद ही चौंक जाओगे। एक बैच 45 से 60 दिन में रेडी हो जाता है और एक कमरे से 15 से ₹00 पर बैच तो ईजीली निकाल सकते हैं। जब ऑपरेशन बड़ा करना हो तो हायर्ड स्टाफ, प्रीमियम पैकेजिंग और डायरेक्ट टू कंज्यूमर ब्रांड बन सकते हो। सप्लीमेंट मार्केट इंडिया में 500 करोड़ से ऊपर जा रहा है और कॉर्डिसेप्स तो अभी ग्राउंड फ्लोर पर है और इसलिए एंट्री लेने का यही सही टाइम है और अब तीसरा बिज़नेस सुनके तो तुम शायद यही बोलोगे कि यह तो आज ही खाया है। बाय द वे इसका मार्जिन देख के तुम सच में चौंका जाओगे। Amazon पे 60 ग्राम ओकरा चिप्स यानी कि भिंडी के चिप्स। ₹300 में बिक रहे हैं। सोचो एक बार सिर्फ 60 ग्राम और ₹300। लोग इसे दबाकर खरीद रहे हैं क्योंकि यह
3:50 ग्लूटेन फ्री है। हाई फाइबर है और हेल्दी स्नैकिंग का ट्रेंड इंडिया में अभी अपने पीक पर चढ़ा हुआ है। और मजा तो इस बात में है कि तुम यह अपने घर के किचन में ही शुरू कर सकते हो। किसी बड़ी फैक्ट्री की तो जरूरत ही नहीं है। बस भिंडी लाओ, स्पाइसेस लाओ, एयर ड्राई या लो टेंपरेचर ओवन में ड्राई करो और एक अट्रैक्टिव पाउच में पैक कर दो। इन्वेस्टमेंट वही 8 से ₹10,000 जिसमें पैकेजिंग पाउचेस, बेसिक स्पाइसेस और फूड ग्रेड बैग्स आ जाएंगे। पर पैसा कहां से आएगा? इसके लिए Amazon और Meesho पर अपनी लिस्टिंग करो। Instagram पे हेल्दी स्नैक कंटेंट डालो और डायरेक्ट मैसेज से आर्डर लो। तुम लोकल जिम्स और योगा स्टूडियोज में फ्री सैंपल्स भी सेल कर सकते हो। इसकी रॉ मटेरियल कॉस्ट 80 से ₹100 पर बैच आती है और सेलिंग प्राइस 200 से ₹300 होता है। महीने में अगर 300 पैकेट्स भी निकाल दिए तो तुम 30 से ₹0000
4:35 का नेट प्रॉफिट तो इजीली कर सकते हो। जब थोड़ा नाम हो जाए तो अपनी खुद की डी टू सी वेबसाइट बना लो और उसके बाद स्विमार्ट बिग बास्केट या Reliance Mart पर लिस्ट करवाओ। एक अच्छी हेल्थ स्नैक ब्रांड की वैल्यू्यूएशन करोड़ में जाती है। बस शर्त यह है कि पैकेजिंग और ब्रांडिंग सही होनी चाहिए। चलो अब आते हैं आखिरी बिजनेस पर जिसमें बनाने की कॉस्ट सिर्फ 3 से ₹5 की आती है और वो बिकता है 40 से ₹50 में। इसका मार्जिन तो तुम खुद ही कैलकुलेट कर लो। सुनकर ऐसा लगेगा कि यह बहुत ही सिंपल चीज है। और सच कहूं इसलिए ही 99% लोग इसे मिस कर देते हैं। मैं बात कर रहा हूं कोकोनट स्क्रबर की। वही रफ ब्राउन पैड है जो कि किचन में बर्तन माजने के काम आता है। मेकिंग कॉस्ट 3 से ₹5 पर मार्केट प्राइस तो ₹40 से ₹50। इसके जैसा मार्जिन तो कभी स्टॉक में भी नहीं मिलता। इसका रॉ मटेरियल कोकोनट कॉइल फाइबर है जो केरला,
5:22 तमिलनाडु, कर्नाटका में एकदम मिट्टी के भाव मिलता है। इससे एक बेसिक हैंड प्रेस मोल्ड से घर पे या किसी छोटे शेड में आराम से बना सकते हो। इन्वेस्टमेंट करीबन 8 से ₹10,000 लगेगी जिसमें मोल्ड, कॉयर फाइबर का पहला स्टॉक, बाइंडिंग वायर और पैकेजिंग शामिल होगी। पैसा कहां से आएगा? इसके लिए तुम्हें अपने लोकल ग्रोसरी स्टोर्स, किराना शॉप्स और सुपर मार्केट्स को सीधा सप्लाई करना होगा क्योंकि यह एक ऐसा प्रोडक्ट है जो कि इनकी शेल से हर रोज हमेशा बिकता है। India पर लिस्टिंग डालो तो बल्क बायरर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स खुद चल कर आएंगे। रोज के सिर्फ 100 स्क्रबर्स बेचने का मतलब भी यही है कि 3 से 4000 का नेट प्रॉफिट डेली यानी कि महीने का ₹900 से ₹1,20,000 तक जब स्केल करना हो तो दो से तीन वर्कर्स रख लो और Flipkart या Amazon पे अपने ब्रांड के नाम से लिस्ट कर दो। गल्फ कंट्रीज में भी इंडियन कोकोनट
6:07 प्रोडक्ट्स की बहुत ज्यादा डिमांड है। इसलिए वहां इसको एक्सपोर्ट भी करा जा सकता है। तो मेरे प्यारे भाई लोगों और बहनों ये थे वो चार बिनेसेस जो तुमने पहले शायद कभी सोचे ही नहीं होंगे। पोटैटो स्टार से ले कोकोनट स्क्रबर तक। सब में एक चीज तो बिल्कुल कॉमन है और वो है लो कंपटीशन, हाई डिमांड और शुरुआत तो ₹10,000 से भी कम में। अब मैं बहुत अच्छे से जानता हूं कि इसके बाद क्या होगा। तुम इस वीडियो को सेव करोगे और कहोगे कल से देखते हैं और वो कल तो जिंदगी में कभी नहीं आएगा। मेरी मानो तो यह मत करो। आज रात सोने से पहले सिर्फ एक काम करो। इनमें से एक बिजनेस चूज़ करो और उसका रॉ मटेरियल प्राइस अपने शहर में चेक करो। बस इतना ही कर लो। अगर ये वीडियो थोड़ी सी भी हेल्पफुल लगी तो इस वीडियो को लाइक करो, चैनल को सब्सक्राइब करो और मुझे कमेंट्स में बताओ कि इनमें से कौन सा बिज़नेस तुम्हारे एरिया में सबसे ज्यादा काम करेगा। किसी अपने दोस्त को भी शेयर
6:54 करो जिसे एक अच्छे आईडिया की जरूरत