0:04 दोस्तों इंसानों ने जब से इस दुनिया को देखना चालू किया है इस ब्रह्मांड को देखना चालू किया है तो कुछ चीजों ने उनको अपनी ओर आकर्षित किया है जैसे कि हमारा सन मून स्टार्स इन सब चीजों में एक चीज कॉमन थी कि यह समय के साथ अपनी पोजीशन को चेंज करते हैं अब वह आसमान में उड़ते हुए पंछियों को भी देखते थे वह भी अपनी पोजीशन को चेंज करते हैं और इंसान हमेशा से यह चाहता था कि वो ऐसी चीजों को बनाए जो कि अपनी पोजीशन चेंज करती हो खैर आज हम इस टेक्नोलॉजी को हासिल कर चुके हैं हम एरोप्लेन का यूज करके काफी बड़े-बड़े डिस्टेंस को काफी कम टाइम में कवर कर लेते हैं हम स्पेस में सेटेलाइट्स को भेजते हैं हम मंगल पर जाने की सोच रहे हैं लेकिन आखिर इस टेक्नोलॉजी को अचीव करने में हमको इतना समय क्यों लग गया जवाब काफी आसान है
0:52 हमारे पास इन चीज को बनाने की साइंस मौजूद नहीं थी हमारे पास इनको बनाने की मैथमेटिक्स मौजूद नहीं थी इक्वेशंस मौजूद नहीं थी अगर आप इस ब्रह्मांड को देखो तो सभी चीज आपको चलती हुई नजर आएंगी आपने स्मॉलर क्लासेस में यह पढ़ा भी होगा कि इस दुनिया में परफेक्ट रेस्ट में कोई भी ऑब्जेक्ट नहीं है सभी चीजें मोशन में है तो ऐसी टेक्नोलॉजी बनाना जो कि टाइम के साथ अपनी पोजीशन को चेंज करें मूव करें उसके लिए हमको एक ऐसी साइंस की जरूरत होगी जो कि चेंज का डिस्क्रिप्शन हमको दे हमको मैथमेटिक्स ऑफ चेंज की जरूरत होगी हमको एक ऐसी टूल की जरूरत होगी जो कि चेंज की जानकारी हमको दे और आप सब जानते ही हैं वो मैथमेटिकल टूल है कैलकुलस अभी इस टूल का
1:39 इस्तेमाल फिजिक्स में सबसे पहले किया गया था क्योंकि फिजिक्स में ज्यादातर हम चेंजेज की स्टडी करते हैं तो चलिए आज हम इसी मैथमेटिक्स ऑफ चेंज को थोड़ा हिस्टोरिकल पर्सपेक्टिव से जानते हैं कि आखिर इसकी नीड इंसानों को क्यों पड़ी तो सबसे पहले मैं आपको ग्रीक सिविलाइजेशन के टाइम पर लेकर चलता हूं इन्होंने हमको ज्योमेट्री के बारे में काफी कुछ बताया उन्होंने हमको शेप्स के बारे में बताया लेकिन एरिस्टोटल ये मानते थे कि इन ज्योमेट्री शेप से लाइक सर्किल ट्रायंगल रेक्टेंगल इनसे हम अपनी यूनिवर्स को मॉडल नहीं कर सकते क्योंकि अगर यूनिवर्स इन ज्योमेट्री शेप से बना होता तो वो एक काफी आइडियल यूनिवर्स होता एक एब्स्ट्रेक्ट यूनिवर्स होता उसमें कोई भी इरेगुलर शेप नहीं होते लेकिन आप यह बात काफी अच्छे से
2:25 जानते हो कि किसी ज्योमेट्री शेप से हम यूनिवर्स में होने वाले इवेंट्स को डिस्क्राइब नहीं कर सकते तो मतलब उस समय ज्योमेट्री मैथमेटिक्स ऑफ चेंज को डिस्क्राइब नहीं कर पा रही थी उस समय मैथमेटिक्स से आप यूनिवर्स में होने वाले इवेंट को डिस्क्राइब नहीं कर सकते थे लेकिन जैसे-जैसे समय बीता तो यह बात सामने आने लगी कि मैथमेटिकल टूल से आप यूनिवर्स को मॉडल कर सकते हो अभी मैं आपको 17वीं शताब्दी में लेकर चलता हूं यहां पर मैं आपकी मुलाकात एक फ्रेंच फिलोसोफर से कराता हूं इनका नाम है रेने डि कार्ड्स दरअसल कार्ड्स हमेशा यह सोचते थे कि किसी ऑब्जेक्ट की पोजीशन को हम कैसे लोकेट कर सकते हैं उन्होंने एक आईडिया सोचा उन्होंने दो लाइन बनाई एक हॉरिजॉन्टल और एक वर्टिकल लाइन और इन दोनों लाइन के
3:12 इंटरसेक्शन को उन्होंने अपना रेफरेंस फ्रेम माना उन्होंने इसको ओरिजन माना जिसके कोऑर्डिनेट 0 0 थे इस रेफरेंस से आप किसी भी पॉइंट की पोजीशन को नाप सकते हो तो मान लीजिए आपके पास कोई पॉइंट है जो कि समय के साथ मूव कर रहा है तो मान लीजिए उसकी इनिशियल पोजीशन है मान लीजिए 5 20 कुछ समय बाद उसकी पोजीशन हो जाती है 10 20 देन 15 20 देन 20 20 मतलब आपने उस पॉइंट की पोजीशन को x और y कोऑर्डिनेट के फॉर्म में स्टोर कर लिया तो इस तरह से देखिए उन्होंने हमको कार्टीजन प्लेन दिया और कार्टीजन प्लेन ने जो हमारे सामने कई 100 सालों से प्रॉब्लम चल रही थी ज्योमेट्री और अलजेब्रा के बीच उसने इस प्रॉब्लम को सॉल्व किया ज्योमेट्री और अलजेब्रा जिसको
3:58 हम अलग-अलग पढ़ते थे कार्टीजन प्लेन ने उनको इकट्ठा कर दिया अलजेब्रा हमको इक्वेशंस देता है और ज्योमेट्री हमको शक्ल देती है शेप देती है तो कार्टीजन प्लेन का काम यह था दरअसल ये हमको अलजेब्रा की शेप्स दिखाती थी ये हमको अलजेब्रा की शक्ल दिखाती थी जैसे y = x एक अलजेब्रिक इक्वेशन है लेकिन अगर आप इसको कार्टीजन प्लेन में प्लॉट करो तो दरअसल ये एक स्ट्रेट लाइन की इक्वेशन है मतलब कि अब आपके पास एक ऐसा टूल आ चुका है जिसके द्वारा आप किसी भी इक्वेशन भले ही वह क्वाड्रेटिक हो स्ट्रेट लाइन इक्वेशन हो या फिर पॉलिनो मियल इक्वेशन हो उनको आप कार्टीजन प्लेन में प्लॉट कर सकते हो उसको देख सकते हो अभी जैसे कुछ दिनों पहले मैंने अपनी अलजेब्रा वाली वीडियो में आपको बताया था कि पहले अलजेब्रा को हम वर्ड
4:45 प्रॉब्लम्स के फॉर्म में लिखते थे जैसे कि यूक्लिड की आप इस डेफिनेशन को देखिए जो कि सर्किल को डिस्क्राइब करती है यह वर्ड फॉर्म में है लेकिन जब हमने सर्किल की इक्वेशन को अलजेब्रिक बनाया और उसको कार्टीजन प्लेन में प्लॉट किया तो हमको पता लगा कि सर्किल का शेप कुछ ऐसा होता है तो मतलब यहां से आप ये देख सकते हो कि कार्टीजन प्लेन के आने से मैथमेटिक्स को काफी ज्यादा फायदा हुआ वरना अभी तक मैथमेटिक्स को हम केवल शब्दों के फॉर्म में ही पढ़ते रहते टेक्स्ट के फॉर्म में इसको पढ़ते रहते तो अभी मैं आपको लेकर चलता हूं 1646 में और आपकी मुलाकात एक जर्मन फिलॉसफी दरअसल लेबनीज का सपना यह था वो किसी तरह से चेंजेज को मेजर कर पाएं उन्होंने ने एक बेसिक कैलकुलेटर को भी इन्वेंट किया जो कि
5:32 कुछ बेसिक ऑपरेशन कर सकता था जैसे कि एडिशन और सबक्स लेकिन व एक ऐसा टूल बनाना चाहते थे जिससे कि वह मैथमेटिक्स के जरिए किसी भी चीज का फ्यूचर और उसके पास्ट को जान पाएं और दरअसल जो टूल उन्होंने हमको दिया उनका नाम था इंटीग्रेशन वेल इंटीग्रेशन पर पूरी डिटेल में बात मैं ऑलरेडी अपनी वीडियो में कर चुका हूं जिसकी लिंक आपको नीचे डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी तो इंटीग्रेशन में बेसिकली आप आप किसी भी कर्व के नीचे का एरिया को कैलकुलेट करते हो आप एरिया अंडर द कर्व को कैलकुलेट करते हो अब क्योंकि आपके पास कर्व के एरिया को कैलकुलेट करने का कोई भी मैथमेटिकल फार्मूला नहीं है तो आप क्या करते हो उस कर्व को छोटे-छोटे रेक्टेंगल स्ट्रिप में डिवाइड कर देते हो और रेक्टेंगल का एरिया कैलकुलेट करना आपको
6:18 आता है एंड देन उन सारे रेक्टेंगल के एरिया को आपस में जोड़ देते हो मतलब अगर कर्व चेंज हो रहा है तो कर्व के नीचे का एरिया भी चेंज होगा तो इससे हम चेंज को कैलकुलेट कर सकते हैं चेंज को मेजर कर सकते हैं तो जैसे इस इमेज को देखिए यहां पर पहली इमेज में बड़े रेक्टेंगल का यूज किया गया लेकिन फिर इन रेक्टेंगल को और स्मॉल पीसेज में काटा गया और फाइनली हमने काफी स्मॉल स्मॉल रेक्टेंगल का यूज़ किया तो अभी आप यहां पर देख सकते हो कि पहली वाली इमेज में एक्यूरेसी कम है क्योंकि यह वाला एरिया अंडर दी कर्व मिस हो रहा है लेकिन जब हम छोटे रेक्टेंगल का यूज करते हैं तो कर्व में हमको एक स्मूथस दिखती है और एक्यूरेसी बढ़ जाती है एरर कम होने लगते हैं इस लास्ट वाली इमेज को देखिए
7:04 इसमें एरिया अंडर द कर्व का आप एक काफी अच्छा एप्रोक्सीमेशन देख सकते हो और इसका यूज इंटीग्रल का यूज हम फ्यूचर और पास्ट को मेजर करने में करते हैं तो मतलब अगर आप इंटीग्रल करते हो तो आप यह प्रिडिक्ट कर सकते हो कि अगर पास्ट में यह चीज ऐसी थी तो फ्यूचर में ये चीज कैसी होगी और देखा जाए तो फिजिक्स में हम यही तो करते हैं किसी ऑब्जेक्ट के पास्ट का रिकॉर्ड देखकर हम उसके फ्यूचर को प्रिडिक्ट करने की कोशिश कोस करते हैं और जब भी हम ऐसा करते हैं तो हमारे सामने इंटीग्रेशन जरूर आता है क्योंकि इंटीग्रेशन ही वो टूल है जो पास्ट एंड फ्यूचर को मेजर करता है तो इस तरह आप चेंज को मेजर कर सकते हो लेकिन इसके साथ ही साथ अब मैं आपकी मुलाकात आइजक न्यूटन से कराता हूं दरअसल वो भी यही चाहते थे कि वह चेंज की स्टडी करें व
7:51 चाहते थे कि वो मूविंग ऑब्जेक्ट को डिफाइन करें लेकिन उनके पास कोई ऐसी मैथमेटिक्स नहीं थी जो कि चेंज को रिप्रेजेंट करे दरअसल न्यूटन मूविंग ऑब्जेक्ट को देखते थे जैसे किसी कॉमेट की ट्रेजे ट्री या फिर कोई ट्री से फॉल होता हुआ एप्पल तो वह इन चीजों को मैथमेटिक्स में मॉडल करना चाहते थे पर उन्होंने यह पाया कि ऐसी मैथमेटिक्स तो एजिस्ट ही नहीं करती तो उन्होंने सोचा कि एक ऐसे मैथमेटिकल टूल को इन्वेंट किया जाए जो कि किसी भी पॉइंट पर चेंज को डिफाइन कर दे जैसे अगर कोई एपल ट्री से गिर रहा है तो किसी गिवन पॉइंट ऑफ टाइम पर उसकी स्पीड क्या होगी यह चीज हमको इंटीग्रेशन नहीं बता सकती यह चीज आपको एक दूसरा टूल बता सकता है जिसको हम बोलते हैं डेरिवेटिव दरअसल डेरिवेटिव किसी भी गिवन
8:38 पॉइंट पर स्लोप बताता है डेरिवेटिव हमको इंस्टंटे नियस पॉइंट पर स्लोप कैलकुलेट करके देता है dydekop.org हैं तो मतलब इन टूल्स से हम उन सारी चीजों को मॉडल कर सकते हैं जो कि चेंज हो रही हैं और इस चीज को न्यूटन ने अपनी बुक में काफी अच्छे से डिस्क्राइब किया है द मेथड ऑफ फ्लक्स योंस में तो मतलब न्यूटन ने कैलकुलस को इन्वेंट किया था अब उन्होंने कैलकुलस को लेबनीज के साथ भी शेयर किया था उन्होंने कुछ लेटर लेबनीज को भी लिखे जिसमें उन्होंने कैलकुलस को डिस्क्राइब किया था अब यहां पर एक और बात थी कि
9:23 लेबनीज भी स्टडी ऑफ चेंज पर काम कर रहे थे वो भी इंटीग्रल पर काम कर रहे थे और न्यूटन ने भी डिफरेंशिएबल इसको पब्लिश भी कर दिया था उन्होंने बताया कि किसी मूविंग ऑब्जेक्ट के चेंज को मेजर करने के लिए हमको उस ऑब्जेक्ट के एक्सीलरेशन की जरूरत होती है जो कि कुछ नहीं रेट ऑफ चेंज ऑफ वेलोसिटी होता है पर अब यहां पर एक बहस यह थी कि न्यूटन यह कहते थे कि पहले उन्होंने डेरिवेटिव को खोजा है और कैलकुलस बनाई है और उन्होंने लेबनीज से पहले इसको पब्लिश भी किया है पर लेबनीज ये बोलते थे कि उन्होंने इंटीग्रल को बनाया है तो यानी उन्होंने भी कैलकुलस को डिस्कवर किया है और वो दोनों ही चाहते थे कि कैलकुलस के राइट्स उनको मिले अब यह केस उस समय रॉयल सोसाइटी के सामने पहुंचा और रॉयल सोसाइटी
10:09 में बर्नोली बैठे थे बर्नोली ने सभी फेमस साइंटिस्ट को एक प्रॉब्लम भेजी जो कि केवल कैलकुलस से ही सॉल्व हो सकती थी तो क्वेश्चन यह था कि अगर किसी हाइट वाले ऑब्जेक्ट से आप एक बॉल को रोल करते हो और आपको उस बॉल को पॉइंट ए से पॉइंट बी पर ले जाना है तो वो कौन सी ट्रेजक्ड को फॉलो करेंगे कौन सी इक्वेशन को फॉलो करेंगे जिससे कि व सबसे पहले नीचे पहुंच जाए क्या वह एक स्ट्रेट लाइन होगी एक कर्व पाथ होगा और कर्व पाथ होगा तो वोह किस टाइप का कर्व पाथ होगा या फिर कोई हाई डिग्री पॉलिनो मियल होंगे दरअसल यह चीज केवल आप कैलकुलस से बता सकते हो एंड न्यूटन ने जब उस लेटर को पढ़ा तो न्यूटन ने इस प्रॉब्लम को सॉल्व कर लिया और बर्नोली को वापस से रिप्लाई किया न्यूटन ने मैथमेटिकली बताया साइक्लोइड्स से वो बॉल सबसे पहले नीचे
10:56 पहुंचेगी उन्होंने साइक्लोइड्स को भी बताया और जब इस चीज को चेक किया गया तो यह पाया गया कि न्यूटन सही थे एंड देन न्यूटन को ही इन्वेंटर ऑफ कैलकुलस का टाइटल दिया गया और आज हम यह बात काफी अच्छे से जानते हैं कि कैलकुलस का यूज कितनी सारी फील्ड में होता है तो गाइस आज की वीडियो में बस इतना ही मिलते हैं अगली वीडियो में तब तक के लिए इस वीडियो को लाइक कीजिए अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए और अगर आपने हमारा चैनल अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया तो इसको सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि आगे आने वाली कोई भी वीडियोस और अपडेट्स आपसे मैं ना हो पाए [संगीत]