0:00 नमस्कार साथियों, स्वागत है आप सभी का अंकित इंस्पायर्स इंडिया पर। मैं हूं अंकित अवस्थी। हाल ही में पाकिस्तान और बांग्लादेश मिलकर भारत के खिलाफ जिस तरह के प्रयास कर रहे हैं, उसमें एक कदम और जुड़ गया है। यह जो आप मेरे साथ एक तस्वीर देख रहे हैं, इस तस्वीर में पाकिस्तानी युद्धपोत है और यह युद्धपोत अपने नेवल चीफ के साथ बांग्लादेश पहुंचा है। पाकिस्तान के द्वारा बांग्लादेश में जिस तरह से इन दिनों मेल मिलाप किया जा रहा है या फिर बांग्लादेश को इस तरह तवज्जो दी जा रही है आफ्टर सत्ता परिवर्तन? क्योंकि जब से शेख हसीना हटी हैं और मोहम्मद यूनुस आए हैं तब से यह दिन प्रतिदिन भारत के लिए चिंता का विषय बनता चला जा रहा है। चिंता बार-बार इसी बात की क्योंकि पिछले समय से यानी पिछले साल से अब तक जितने भी बार बयान
0:45 बांग्लादेश के आए हैं वो कहीं ना कहीं हिंट यही कर रहे हैं कि पूर्वोत्तर भारत के लिए वो एक बड़ी प्लानिंग कर रहा है। पूर्वोत्तर भारत मुख्य भारत से मात्र 22 कि.मी. चौड़े एक पैच से जिसे हम सिलीगुड़ी कॉरिडोर या फिर चिकन नेक कहते हैं उसके माध्यम से जुड़ा है। लेकिन चिकननेक क्या सिलीगुड़ी कॉरिडोर ही हमारे लिए सबसे चैलेंज की बात नहीं है। इसके अलावा भी पूर्वोत्तर भारत में तमाम प्रकार की अस्थिरता पैदा करना, वहां पर आतंक को बढ़ावा देना, राज्यों के अंदर जातीय संघर्ष करवाना या फिर इस तरह के ग्रुप संघर्ष करवाना यह इनकी एक और एक्सटेंडेड प्लानिंग का हिस्सा है। ऐसे में पाकिस्तान का बांग्लादेश के साथ मिलना, चीन का पाकिस्तान के साथ होना, यह सब मिलकर के लगातार अमेरिकी संरक्षण में जो कार्य भारत
1:30 के खिलाफ कर रहे हैं, यह निश्चित ही भारत के लिए चिंता का विषय है। यही कारण है कि चिटेगोंग पोर्ट में पाकिस्तानी वॉरशिप का 54 साल बाद पहुंचना आज के हमारे चर्चा का मुख्य बिंदु है। 54 ईयर आफ्टर 1971, जब से भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे, पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश बना दिया था और पश्चिमी बांग्लादेश पश्चिमी पाकिस्तान केवल पाकिस्तान के नाम से जीने लगा था। विचार करिए जब आप 54 साल बाद ऐसी तरफ यात्रा पर हो जो आपको यह याद दिलाती हो कि पुराने पाकिस्तान को नए पाकिस्तान में बदलना है या फिर नए पाकिस्तान को फिर से पुराने पाकिस्तान में बदलना है तो क्या आपको नहीं लगता यह भारत के खिलाफ किसी एक बड़ी साजिश की सुगबुगाहट है यह नंबर अपने आप में एक बड़ा नंबर है लगातार इस तरह के
2:18 जो आप अपडेट सुनते जा रहे हैं फिर चाहे प्रधानमंत्री का यहां पहुंचना हो डेपुटी प्राइम मिनिस्टर का पहुंचना हो यूनुस का बार-बार पाकिस्तान पाकिस्तानियों से मेलजोल हो और पाकिस्तान के बड़े सैन्य अधिकारियों का यहां आना हो और पाकिस्तान के अंदर बैठे हुए जो आतंकी आका हैं वो अपने जितने भी सपोर्ट सबोर्डिनेट्स और साथी हैं उन्हें लगातार जो पाकिस्तान जो बांग्लादेश के बॉर्डर पर भेज रहे हैं यह भारत के लिए निश्चित ही चिंता का विषय है और मैं आपको याद दिला दूं आने वाले साल में जो आसाम और पश्चिम बंगाल के अंदर होने वाले चुनाव हैं और चुनाव से पहले जिस तरह से क्षेत्रीय आधार पर एसआईआर का मुद्दा बड़ा मुद्दा बन सकता है और बांग्लादेशियों का अवैध रूप से भारत में होना जो मुद्दा है इससे आप गुरेज नहीं कर सकते कि हो सकता है आने वाले साल में इन बॉर्डर स्टेट्स में बांग्लादेश कुछ बड़ा प्लान कर रहा हो
3:05 या फिर देश विरोधी ताकतें कुछ ऐसी प्लानिंग में हो जो देश के लिए चिंता का सबब बने| इस विषय पर आज गहराई से चर्चा करेंगे क्योंकि ये तस्वीरें जो आपको मैंने 28 अक्टूबर को दिखाई थी जिसमें पाकिस्तान की तरफ से पाकिस्तान के फील्ड मार्शल के बाद या कहें तो सेना अध्यक्ष जो है वो यहां पर थे और वो यहां पर बांग्लादेशी सेना अध्यक्ष के साथ जब प्रेजेंट हुए थे एक पुस्तक पुस्तक यहां पर दिखाई गई थी और उस पुस्तक में एक ऐसे वृहद बांग्लादेश की चर्चा की गई थी जिस पर हमने आपको प्रतिक्रिया स्वरूप यह बताया था कि बांग्लादेश का ग्रेटर बांग्लादेश जो प्लान है ग्रेटर बांग्ला जो प्लान है उसमें भारत के कई राज्यों तक इनको अपनी सोच बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। तो मेरे प्यारे साथियों आज इस पूरे नेवल विषय की चर्चा करेंगे और ये भी बताएंगे कि अक्टूबर से नवंबर तक पहुंचते-पहुंचते पिछले 10-12 दिनों में बांग्लादेश ने और कौन सी कौन सी हिमाकत की
3:51 है। किस तरह से वह चर्चा में इस जगह को लिए बना हुआ है और क्या हम केवल यहीं पर फोकस करके कि नहीं साहब हम इसे फर्टिफाइड कर देंगे हम यहां गैरिसन निर्माण कर देंगे क्या हम उससे बच जाएंगे या फिर भारत को भी चाहिए कि वो बांग्लादेश को बिल्कुल सर कलम कर दे उसके इस पूरे हिस्से को ही हटा दे इस पूरे हिस्से को यानी पश्चिम बंगाल को एक वृहद पश्चिम बंगाल बना करके इसे पूरा एक कर दे और यहां पर भारत के लिए शिलांग से उठते हुए बकायदा चिटगोंग को कनेक्ट कर दे या फिर बंगाल की खाड़ी को जोड़ दे अब समय आ चुका है भारत को एग्रेसिव नीति अपनाने का। जैसे अमेरिका ने अपने यहां पर डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस को या डिफेंस डिपार्टमेंट को बदलकर वॉर डिपार्टमेंट नाम दे दिया। बोले डिफेंस तो सुरक्षा होती है। वॉर आक्रमण होता है। भारत को भी चाहिए कि
4:37 बांग्लादेश से हो रही किसी भी प्रकार की हिमाकत के लिए हमें आखिरी दिन का इंतजार नहीं करना है। हमें चाहिए कि हम पहले ही इसे अपने हिस्से का जवाब दे दें। हम अपने लिए खुद से रास्ते तलाश लें। भारत को अब अग्रेसिव होकर के भविष्य के डर की चिंता छोड़े बिना ही चिंता किए ही बिना ही हमें यहां पर पहुंच जाना चाहिए। हमें इजराइल की तरह अपनाना चाहिए कि हमारा दुश्मन अगर कहीं भी कोई हरकत कर रहा है तो उसके हमले का इंतजार हम नहीं करेंगे। तो आइए साथियों आज इस पूरी विषय पर चर्चा करेंगे। भारत की प्रतिक्रिया भारत सरकार से उम्मीदें आप सभी के माध्यम से क्योंकि जब यह विषय आप लोग सुनते हैं तो आप Twitter के माध्यम से आप तमाम सोशल मीडिया के माध्यम से आप ग्रुप ग्रुप की चर्चा के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। इसी क्रोनोलॉजी में आज आपके सामने यह विश्लेषण महीना तनख्वाह का चल रहा है। शुरुआती हफ्ता तनख्वाह का चल
5:23 रहा है। अगर आप लोगों ने अभी भी निवेश से परेशानी पाई है तो मैं फिर से आपको बता दूं कि अगर आप निवेश में म्यूचल फंड्स के बारे में विचार कर रहे हैं तो मेरा एक कोर्स है म्यूच्यूल फंड इन्वेस्टमेंट को लेकर बातें बाजार की एप्लीकेशन पर बहुत ही नॉमिनल प्राइस में जो आपको यह सिखाता है कि आपके लिए इन्वेस्टमेंट में म्यूच्यूल फंड किस तरह से सही है। आप जाकर उसे जरूर जरूर चेक कर सकते हैं। कमेंट बॉक्स में हमने अपना एप्लीकेशन का लिंक लगाया हुआ है। साथियों 1971 में युद्ध में जब पहली बार पाकिस्तान का एक युद्ध बोथ बांग्लादेश पहुंच रहा हो तो यह भारत के लिए अपने आप में एक चर्चा का विषय बन जाता है। मैं आपको बताऊं कि शनिवार को पाकिस्तानी वॉरशिप जिसका नाम पीएनएस सैफ है वो बंगाल की खाड़ी में चटगांव बंदरगाह पर पहुंचता है। यह जहाज चार दिन की सद्भावना विजिट पर यहां आया है। इसका उद्देश्य बताया गया है कि दो देशों के बीच में मित्रता बढ़िया
6:09 करेगा। अब आप सोचें कराची से चलते-चलते यह देश बांग्लादेश तक पहुंचा है। यहां से लेकर के यहां तक हजारों किलोमीटर की दूरी इसने केवल फ्रेंडशिप में की है। यह फ्रेंडशिप से ज्यादा सिंबॉलिक यात्रा है। सिंबॉलिक का मतलब हुआ कि यह बताने का प्रयास कि सुन लो भारत वालों तुमने भले ही हमें तोड़ा हो अब हम तुम्हें तोड़ने के लिए कुछ प्लान कर रहे हैं। देखिए पाकिस्तान का बहुत प्रयास रहा। पहले पंजाब के ऊपर उन्होंने खूब ट्राई किया। पंजाब के अंदर आतंक को पनपाया। खालिस्तान नामक जो एक अलग स्थान की मांग करने के लिए पाकिस्तान में पंगा पंजाब के अंदर जो एक्सट्रीमिज्म पनपाया गया। पश्चिम अपने जम्मू कश्मीर के अंदर जिस तरह से इन्होंने लोकल आतंक को सा हवा देने का प्रयास किया। अब इनके ये सारे प्रयास जब निष्फल रहते गए जब इनको दिख गया कि जम्मू कश्मीर में यह
6:55 कुछ नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब में इनको कोई नहीं सुन रहा है। इनकी जैसी भी एक्टिविटीज हैं उन पर तत्काल प्रभाव से हम कारवाई कर रहे हैं। ऐसे में अब इन्होंने इस जगह को अपने लिए माकूल पाया। यह अब बांग्लादेश को फिर से उकसा रहे हैं। और लगातार अगर आप नजर डालें तो जब से मोहम्मद यूनुस यहां आए हैं उनके जो प्रयास हैं वो केवल और केवल भारत को नुकसान पहुंचाने के हैं। शेख हसीना को वहां से हटाना हो यह उनका अपना आंतरिक मुद्दा हो सकता है। राष्ट्र का मुद्दा हो सकता है। सत्ता परिवर्तन दुनिया भर के देशों में होता है। किसी एक पार्टी की हमेशा सरकार नहीं होती। वो तानाशाही होती है। सरकारें बदलती हैं। हमारे देश ने भी लंबी-लंबी सरकारें को बदली हैं। लेकिन सरकार बदल करके उस बदली हुई सरकार को भारत विरोधी एजेंडे में बदलना यह बांग्लादेश की प्राथमिकताओं में शुमार हो गया है। अगर आप ऑब्जर्व करें तो
7:41 शेख हसीना जाने के बाद से इन्होंने शेख हसीना पर जो जनता गुस्सा थी उस गुस्से को पूरा भारत के विरोध में जोड़ दिया। सोचिए जिन बांग्लादेशियों का कत्लेआम पाकिस्तानियों ने किया था। हमारे कहने से पाकिस्तान टूटा था। यह तो हमारा दम भरना होगा। पाकिस्तानियों के द्वारा इन बंगालियों के साथ बहुत ही बुरा बर्ताव किया जाता था। हत्याएं, रेप, लूटपाट इस तरह से की जाती थी। जब यह पूरा एक पाकिस्तान हुआ करता था। जब ये एक ये हिस्सा दोनों कंबाइंड रूप से एक पाकिस्तान कहलाता था। उस समय पर भी इन पाकिस्तानियों द्वारा बंगाली जो मुसलमान हैं, इन्हें माना ही नहीं जाता था। इन्हें यह माना जाता था कि तुम हमारे साथ बैठने वाले नहीं हो। तुम्हारे साथ रिश्ते नहीं जोड़े जा सकते। इनका कहीं पर भी प्रतिनिधित्व नहीं
8:26 था। राजनीति में इन्हें स्थान माकूल नहीं दिया जाता था। विवाद का सबसे बड़ा कारण ही यह बना था कि जब शेख हसीना के पिता शेख मुजीब उर रहमान इतनी सीटें इतने से क्षेत्र से जीत गए कि कुल पाकिस्तान की संसद में वो सरकार की दावेदारी ठोकने लगे तो पाकिस्तानियों ने उन्हें ठोक दिया। पाकिस्तान की सेना में मेजर जो ऑफिसर्स थे वो इस पश्चिम पाकिस्तान से आते थे। तो यहां से उठे हुए लोगों के आंदोलन को जब यहां की निकली हुई सीटों ने सत्ता पर दावेदारी कंप्लीट पाकिस्तान पर फोकस की तो शेख मुजीब उर रहमान के खिलाफ ही एक्शन कर दिया गया। इसी एक्शन के चलते अब आप सोच कर देखिए कि यह चाहते थे कि ये पाकिस्तान को रिप्रेजेंट करें उस समय 1971 से पहले। लेकिन जब इन्हें रिप्रेजेंटेशन नहीं मिला तो यहां पर ही वो राजनीति के अंदर जो विरोध पनपा उस विरोध ने इन पाकिस्तानियों
9:12 के खिलाफ यानी कि पश्चिम पाकिस्तानियों के खिलाफ अपनी कार्रवाहियां शुरू की। मुक्तिवाहिनी जैसी एक सेना बन करके आई। भारत ने उसे सपोर्ट किया। सपोर्ट इन सेंस कि हां भाई तुम लोग पीड़ित हो। तुम्हारे साथ बहुत बर्ताव बुरा हो रहा है। लेकिन इनके बर्ताव को दबाने के लिए यूनिवर्सिटीज में कॉलेजेस में इनकी पाकिस्तान की सेना के द्वारा सीधी गोलियां चला दी गई। लड़कियों के साथ में बहुत अभद्र व्यवहार किया गया। इस तरह की व्यवहार स्थितियां थी कि इसे आज भी जब बांग्लादेशी सोचते हैं तो डरते हैं और वो इस बात को अब इस तरह से दिखाते हैं कि हमें तो भारत ने भड़का दिया था। अदरवाइज हम अच्छे थे। विचार करिए। शेख मुजीब उर रहमान ने जिन्हें स्वतंत्र अस्तित्व दिलाया हो उसके खिलाफ मोहम्मद यूनुस ने इस पूरे देश को भड़का दिया है। यह कहते हुए कि वो तो केवल भारत की शहद थी जिसके चलते उसने अलग देश की मांग करी उसे
10:00 साथ मिलकर चलना चाहिए था। कुछ ऐसा भाव अब लोगों के अंदर डाला जा रहा है। और तो और हम जब भारत इस तरह की बातें करते हैं क्योंकि YouTube सीमाओं से बाहर भी देखा जाता है। अपने वीडियोस को भी पाकिस्तान में बांग्लादेश में लोग देखते हैं तो वहां के लोगों को यह समझा दिया जाता है कि भारत से एक फेक प्रोपोगेंडा फैलाया जा रहा है। जिसके हमारे पास सारे तर्क हैं जिसके पास अब ये जहाज पहुंचना ये कोई फेक न्यूज़ है? यह जहाज 54 साल बाद पहुंच रहा है। क्या ये इसमें झूठ है? लेकिन पाकिस्तानियों के द्वारा इन बांग्लादेशियों को यह समझा दिया गया है कि यह तो भारत झूठ फैलाता है। जी आपके यहां पर इतनी सारी घटनाएं 1971 के बाद हो रही हैं। वो सच है। उस सच को हम बताते हैं तो कहते हैं ये झूठ बोल रहे हैं। आप सोचिए फेक न्यूज़ शब्द बिल्कुल इस
10:45 तरह से टिका दिया गया कि ये फेक न्यूज़ है। भारत के तो 200 चैनल एक बार में ही झूठ बोलना शुरू करते हैं। खैर जो भी है हमें तो अपने डिफेंस से मतलब है। ना तो पहले हम इनके सगे थे ना आज हम इनके सगे दिख रहे हैं। ऐसा क्यों? क्यों? क्योंकि हमारे लिए तो 1971 तक यह भी पाकिस्तान ही था और 1971 तक जब ये पाकिस्तान था तो भारत के विभाजन से ही बना था। यानी कि यहां पर मारकाटें हुई थी तभी एक अलग हिस्सा निकाला गया था कि चलो तुम पाकिस्तान बन जाओ। आज ये फिर से पाकिस्तान बनने पर भी जाता है तो भी हमारे लिए तो एक तरफ पाकिस्तान है। दूसरी तरफ भी पाकिस्तान है। लेकिन मुद्दा ये है कि अब हमारा स्टेक पर क्या लगा है? हमारा स्टेक पर लगा है हमारा पूर्वोत्तर भारत। पूर्वोत्तर भारत में अस्थिरता बड़ा विषय रहा है। मणिपुर में हुई अस्थिरता लंबे समय तक सुर्खी रही है। राष्ट्रीय मुद्दा रहा है। ऐसे में चाहे मणिपुर हो,
11:31 नागालैंड हो, अरुणाचल प्रदेश हो, आसाम हो, आने वाले समय में क्या यह करीब होकर के इस क्षेत्र को चुनौती देंगे? यही कारण सबसे बड़ी चिंता का कारण है। आप सभी जानते हैं कि पाकिस्तान से अगर बांग्लादेश तक की यात्रा की जा रही है तो वह पूरा भारत को सामने-सामने घूम करके की जा रही है। इस पूरे के क्षेत्र को घुमाने के लिए इन्होंने अपना एक युद्धपोत भेजा है। जो युद्धपोत 7400 कि.मी. एक बार में चल सकता है। मतलब समुद्री सीमा के बराबर इन्होंने यात्रा कराने वाला एक युद्धपोत यहां पर भेजा है। इसका नाम है पीएस सैफ। 2008 में यह आया था। इसे चाइना वालों ने बनाया था। चाइना की दया से यह पाकिस्तानी आज भी इसे चला रहे हैं। इसमें तमाम प्रकार के हथियार हैं। चाहे इसमें टॉर्पिडो ल्च करने की जो लांचर हो वो इसके अंदर है। इसमें सिस्टम
12:18 इंस्टॉल्ड है जो कि अपने आप में अवेयरनेस के काम आते हैं। इसके अंदर ईगल स्ट्राइक गाइडेड मिसाइल इंस्टॉल्ड है। उद्देश्य केवल इसका यह है कि यह बताना कि युद्धपोत पाकिस्तानी है और वो बांग्लादेश की सीमाओं में जा रहा है। इंटरेस्टिंग बात सुनिए। इसको चलाने वाले जो कैप्टन है वह सुजात अब्बास राजा हैं। लेकिन जब यह बांग्लादेश की टेरिटरी में पहुंचता है तो बांग्लादेश का बांग्लादेश स्वाधीनोता एक जहाज इसे लेने जाता है। एस्कॉट करने जाता है। बांग्लादेश के पानी में एस्कॉट करने जाता है। इसका भव्य वेलकम किया जाता है। जहाज को जब नेवल स्टेशन पर डॉक किया जाता है तो यहां की नेवी स्कूल के बांग्लादेश नेवी स्कूल के बच्चों के हाथ में इस तरह के फ्लैग पहुंचा दिए जाते हैं कि उसका वेलकम करिए कि इतने समय बाद में हमारे देश के अंदर पाकिस्तान का
13:03 युद्धपोत आ रहा है। ये रहा पीएनएस सैफ। इसका भव्य वेलकम पाकिस्त बांग्लादेशी नेवी के द्वारा किया जाता है। बांग्लादेशी नेवी इसको 4 दिन का एक गुडविल विजिट कंसीडर करती है। इतना ही नहीं जब यह यहां पर पहुंचता है तो इसके साथ-साथ ही पाकिस्तान की जो नेवी चीफ हैं, वह भी यहां पर पहुंचते हैं और इनका स्वागत यहां पर किया जाता है। पाकिस्तान के नेवी चीफ हैं एडमिरल नाविद अशरफ वो भी बांग्लादेश पहुंचते हैं इस जहाज के साथ-साथ। आप सोचिए युद्धपोत आया है साथ में बांग्लादेश के अंदर पाकिस्तानी नेवी चीफ भी आया है। पाकिस्तान का नेवी चीफ का भी इस तरह का ये दौरा अपने आप में यूनिक दौरा है। 1954 के बाद में इस तरह की जो एंट्री है क्या ये आपको लगता है कि ये केवल और केवल एक तरह का गुडविल जेस्चर है? जी नहीं। नहीं यह कतई गुडविल जेस्चर नहीं है। अगर आप कबूतर
13:50 की तरह आंख बंद करके बैठते हैं तो बस यह एक बार के लिए आंख बंद करके बैठना हो सकता है और भारत को अब डिफेंसिव होने की जरूरत नहीं है। इस बात के इंतजार में बैठने की जरूरत नहीं है कि बांग्लादेश जब कुछ करेगा तब कुछ करेंगे। नहीं देश को तोड़ने के लिए अब उसके पास इतनी सामर्थ्य नहीं है कि वो वहां से हमला हमारे पास करेगा। नहीं लेकिन लेकिन जो हमारे पोरस बॉर्डर्स हैं वहां से जो अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए हमारे देश में घुसते हैं और घुसकर हमारे देश के अंदर जिस तरह के दंगे फसाद भड़काए जा सकते हैं जिस तरह से हमारे क्षेत्रीय भारत के साथ जो आसाम और पश्चिम बंगाल वाले जो क्षेत्र सीमा साझा करते हैं पूर्वोत्तर भारत के जो क्षेत्र बांग्लादेश से सीमा साझा करते हैं उन क्षेत्रों में भविष्य के अंदर अस्थिरता का इनका एक लॉन्ग प्लान हो सकता है और वो दिन भी दूर नहीं जब ये सब मिलकर के चीन के
14:35 समर्थन से पाकिस्तान और बांग्लादेश बांग्लादेश बदला लेने के लिए भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर कोई एक भीषण हमला प्लान करें। हमारी तमाम तैयारियों के बावजूद भी अगर यहां पर एक बहुत बड़ी सेना बांग्लादेश की और पाकिस्तान की एकत्र होकर ऐसा कुछ प्लान करती है तो यह हमारे लिए फिर से एक डिफेंसिव वॉर होगा। अग्रेसिव रहने के लिए हम क्या कर सकते हैं? यह सोचने की आवश्यकता होगी। खैर फिलहाल के लिए इनके नेवी चीफ को बुला के शिख अनिर्भन करके एक जगह वहां ले जाया गया। यह बिल्कुल वो जगह है जैसे भारत के अंदर राजघाट ले जाया जाता है। बिल्कुल वैसे ही यहां पर 1971 के अंदर जो लोग मरे थे उनकी याद में इन लोगों को यहां पर पाकिस्तानियों को ले जाया गया। यह वही पाकिस्तानी हैं जिन्होंने कभी सरेंडर किया था भारत की सेना के सामने लेकिन अब इन्हें यहां ले जाकर याद दिला रहे हैं कि कोई बात नहीं होता रहता है बड़े-बड़े देशों में
15:22 छोटी-छोटी हरकतें। भाई साहब यहां पर तो यह छोटे देश हैं और बिल्कुल ही चिंदी हरकतें कर रहे हैं। बांग्लादेशियों का सेंस खत्म हो गया है। सोचने वाली बात यह है कि इन बांग्लादेशियों ने जिस तरह से आज भारत के विरोध में पाकिस्तान के साथ फिर से ये जो गुडविल जेस्चर खेलना शुरू किया है। ये गुडविल जेस्चर ना केवल बांग्लादेशियों के लिए एक महंगा सौदा होगा बल्कि यह भारत के लिए एक बड़ा कारण बनेगा कि हम बांग्लादेश के खिलाफ सख्त हो जाएं। बांग्लादेशियों को यह देश में रहते हुए समझना होगा कि भारत के साथ में उसकी ये जो हरकत है यह कितना ज्यादा अस्थिरता क्षेत्रीय स्तर पर लेकर आ सकती है। आप देखें इनके साथ में बैठे हुए तमाम अधिकारियों को देखें बांग्लादेश के द्वारा जारी किया गया एक वीडियो जिसमें वो दिखा रही है कि उनकी सेना बहुत ही आक्रामक शैली में काम करने के लिए तैयार है। मतलब यह सेना के द्वारा जो वीडियोस प्रस्तुत
16:08 किए जा रहे हैं उसका उद्देश्य यह है कि देखो जदेश वालों हम लोग युद्ध की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। यह मोहम्मद यूनुस जो अपने आप को बताता है कि मैं नोबेल प्राप्त किया हुआ व्यक्ति हूं, अर्थशास्त्री हूं। लेकिन सही मायने में इसके पीछे एक बड़ा खेल चल रहा है। इसके खेल के समर्थन में पाकिस्तान है और पाकिस्तान के साथ-साथ मैं आपको फिर से याद दिला दूं जब शेख हसीना हटी थी तो उसके पीछे हमने एक कारण आपको बताया था। बाइडन सरकार और बाइडन के द्वारा जिस तरह से जॉर्ज सोरोस की मदद से पाकिस्तान की मदद से इस जगह की सत्ता परिवर्तन की गई क्योंकि अल्टीमेटली बांग्लादेश में सेंट मार्टिन आइलैंड चाहिए था। उसके लिए इन्होंने सत्ता बदलवा दी। अब यह जो सत्ता बदली उसके लिए इन्होंने इन्हें हथियार बनाया है। क्योंकि शहबाज शरीफ को भी सत्ता में बिठाने वाली अमेरिकी सरकारें ही थी।
16:54 इमरान खान को जेल में डालना क्योंकि इमरान खान ने उस समय पर रशिया प्रेम दिखा दिया था। उसकी कीमत उसे जेल में आज तक चुकानी पड़ रही है। बाइडन की अनुशंसा पर यह व्यक्ति प्रधानमंत्री पाकिस्तान बनते हैं। आसिम मुनीर उस समय पर यहां पर अब सेना अध्यक्ष तक बन जाते हैं। अब फील्ड मार्शल बना दिए जाते हैं। और उन्हीं को साथ में लेकर के अब पाकिस्तान के अंदर अमेरिका अपना एजेंडा चलाते-चलाते बांग्लादेश में भी पहुंच गया है। बांग्लादेश के अंदर अब आप जिस तरह के परिवर्तन होते देख रहे हैं। ये सारी तस्वीरें बयान कर रही हैं। कि पीएम का हो, डिप्टी पीएम का हो, इन सबका मिलना, इनके साथ में तमाम प्रकार के डिप्लोमेसी का साझा होना, सेना अध्यक्ष का मिलना ये सारी तस्वीरें हैं और इनके इरादे इनकी पुस्तकों में ग्रेटर बांग्लादेश के दिखाई पड़ते हैं कि इन्हें बांग्लादेश को विस्तृत रूप तक ले जाना है। निश्चित ही ये जिस चीज को ट्राई कर रहे हैं वो खतरनाक
17:41 है। ग्रेटर बांग्लादेश के विषय पर हमने ऑलरेडी एक सेशन किया था। मैं अगर इसी साल में हुई इनकी हरकतें गिनाऊं तो चाहे बांग्लादेशी लेफ्टिनेंट का पाकिस्तान दौरा हो। पहली बार सीधा व्यापार हो। विदास विदेश मंत्री का बांग्लादेश पहुंचना हो। मोहम्मद यूनुस और इसाकडार के बीच में न्यूयॉर्क में फिर सितंबर में हुई बातचीत हो। दूसरे नंबर के आर्मी जनरल शाहिर शमसार मिर्जा का बांग्लादेश आना हो और अभी बढ़ाते-बढ़ाते के बीच दोनों के बीच में ट्रेनिंग एक्सचेंज करना हो। ये लगातार इनके बीच की करीबियां हैं। जिन्हें हम अपने सेशंस में कवर करते आ रहे हैं। अब एक और बात देखिए। नेवी चीफ का आना हो गया। समझ में आया? अभी एक दो दिन पहले की खबर और निकल कर आती है जिसमें बात निकलती है कि बांग्लादेश ने अभी अपना एक एयर डिफेंस रडार सिस्टम चिकन नेक के बगल में लगाने का प्लान किया है। अब ये क्या कहानी है?
18:26 देखिए मैं आपको समझाता हूं। आपको थोड़े दिन पहले हमने एक सेशन किया था जब बताया था कि यह यूनुस जो है वो चाइना गए थे और चाइना जब गए थे तो चाइना वालों को बोलकर आए थे कि पूर्वोत्तर आप हमारे माध्यम से पकड़ सकते हैं। यानी नॉर्थ ईस्ट के लिए खुद को दिखाए आए थे कि नॉर्थ ईस्ट तो साहब अपना ही है और उस समय पर यह चाइना से एक डील करके आए थे और वो डील थी कि लाल मॉनर हार्ट करके जो एयरबेस है ना जो वर्ल्ड वॉर में ब्रिटिशर्स के द्वारा यूज़ किया था आप उसे रिवाइव कर दो और उसे रिवाइव करने में आप हमारी मदद करो। यह हम चाइना को ऑफर कर सकते हैं। अब यह लाल मोनेर हार्ट की क्या कहानी है वह देखो। देखो यह बांग्लादेश का मैप आप देख रहे हैं। पश्चिम बंगाल का यह जो हिस्सा है ना जिसे हम सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से जानते हैं। यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर की जो विड्थ है यह 22 कि.मी. की है। इसके बाद में अब जब आप इस रास्ते को देख रहे हैं तो समझिएगा लाल
19:13 मोनेरहाट कहां है? देखिए लाल मोनेरहाट भारत की सीमा के पास बिल्कुल एक सटा हुआ एयरबेस है। यह भारत से मात्र 15 कि.मी. की दूरी पर है। और मैं बताऊं एयरबेस का 15 कि.मी. दूर होना समझिए कि दूर ही नहीं है। मतलब समझिए कि वो एयरबेस बिल्कुल बॉर्डर पर ही बना हुआ है। भारत ने जब बांग्लादेश में भारत के पक्ष की सरकारें थी तो लाल मोनेरहाट को अपनी सहूलियत के लिए इनसे कहा था कि देखो यार मित्रता में अब तुम्हारे लिए यह क्षेत्र हमारे काम का तो नहीं है। क्योंकि हम दोनों तो झगड़ने वाले हैं नहीं। हम तो बांग्लादेश बनाने वाले देश हैं। हम चाहते तो तुम पर पहले ही कब्जा कर लेते। भाई जिस समय बांग्लादेश में अनरेस्ट चल रहा था पूर्वी पाकिस्तान टूट कर अलग हुआ। पूर्वी पाकिस्तान जब पाकिस्तान के साथ गया था तब तो बात अलग थी। लेकिन 1971 में जब हमने तुम्हें बांग्लादेश बनाया हम
19:58 चाहते थे उस समय भी हमारा क्षेत्र बड़ा कर लेते। मैं मानता हूं कि 1971 में भारत से एक बड़ी भूल हुई। भूल ये नहीं कि हमने पाकिस्तान को तोड़ा। भूल हमसे यह हुई कि हमने उस समय पर अपना चिकन कॉरिडोर बड़ा नहीं किया। हम उसी समय इनके साथ में सहायता करने के नाम पर अपने लिए कुछ रास्ते पहले ही तैयार कर लेते। हम बांग्लादेश का एक बड़ा हिस्सा अगर अपने साथ लेने में कामयाब होते जिसके माध्यम से पूर्वोत्तर भारत में हमारी पकड़ बहुत अच्छी होती और हम उस समय पर ही बंगाल की खाड़ी में पूर्वोत्तर भारत से सीधा गलियारा मांग लेते या फिर हम एक्सचेंज में की मदद के विरुद्ध में हम यह चाहते हैं तो यह निश्चित ही आज हमें दिक्कत नहीं देता। यह हमारी दूरदर्शिता के अंदर संभवतया उस समय की नजदीकियां नहीं रही होंगी। हमारे दूरदर्शी होने में शायद कुछ कमी रही होगी। मेरे प्यारे साथियों लाल मोनेरहाट करके जो
20:45 जगह है यह 15 कि.मी. बॉर्डर से दूर है। पहले मित्रता थी तो इस जगह पर किसी प्रकार की एक्टिविटी नहीं होने दी जाती थी। भारत ने कहा तुम्हें हमसे क्या डरना है यार? हम चाहते तो तुम्हारा देश ही ले लेते। यह कह के हमने यह एरिया बंद करा दिया। लेकिन अब क्या हो रहा है? लाल मौनर हार्ट में फिर से ये जाकर चाइना से मदद मांग लिए। चाइना मदद डायरेक्ट भेजेगा नहीं क्योंकि उसे भारत को साध के चलना है। वो पाकिस्तान के माध्यम से ही भारत विरोधी हरकतें कराता है। पाकिस्तान का यहां पर बांग्लादेशियों से कहा कि तुम्हारी मित्रता गई किनारे तुम यहां पर सबसे पहले रडार लगाओ। बोले ये क्यों? बोले तुम्हारे ही आसपास के क्षेत्र में भारत ने अपनी तरफ से एयरबेस बनाए हुए हैं। यह बात सच है। भारत पश्चिम बंगाल में आसाम में अपनी तरफ से एयरफोर्स को तैनात रखता है क्योंकि हमें चाइना को काउंटर करना है। ऐसे में जब हमने अपनी तैनाती की है तो बोले पहले उनकी स्थिति पता चले इसके
21:32 लिए तुम लोग यहां रडार लगाओ। तो यहां पर लाल मॉनर हार्ट की खबर है दो दिन पहले की साथियों और वो खबर यह है कि यहां पर चिकन कॉरिडोर के पास में ही यह वो लगा रहे हैं। रडार सिस्टम लगा रहे हैं। नंबर एक बात यह क्या छोटी बात है? नहीं साहब। इससे भी बड़ी एक बात और है। यह पूरी तरह से एयरबेस लगभग काम के बिना हो चुका था। यहां पर हैंगर बनाया जा रहा है कम से कम 14 एयरक्राफ्ट के खड़े होने का। अर्थात यहां पर एक तरह से जैसे बस स्टैंड में बस के लिए कैनोपी लगाते हैं। ऐसे ही हवाई जहाज को खड़ा करने के लिए हवाई जहाज का पूरा रनवे। हवाई जहाज सुरक्षित खड़ा रहे उसके लिए हैंगर्स उनके फ्यूलिंग स्टेशंस उनके लिए पूरी ऑपरेशनल जगह तैयार की जा रही है। यह खबर साथियों यहां पर निकल कर आ रही है। ये खबर का बहुत ही गहरा असर है। 10 से 12 अगर यहां फाइटर एयरक्राफ्ट खड़े होते हैं तो ये निश्चित ही भारत के लिए चिंता है।
22:18 अब आप पूछेंगे ये चिंता क्या हमें पहले नहीं दिखाई दी? असल में जिस समय ये शुरुआत में मिलके आए थे ना कि चाइना से हम लाल मौनेर हार्ट में पैसा लगवाएंगे। उस समय भारत ने इनसे पूछा कि क्या तुम भारत विरोधी हरकत कर रहे हो? तो इन्होंने हमसे इंकार कर दिया। अब आप पूछेंगे ये कैसे पता चला? संसद में सरकार से ये सवाल पूछा गया था 8 अगस्त को और उस समय सरकार पूछा सरकार से सवाल पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश इस जगह को मिलिट्री पर्पस से यूज़ करेगा? तो सरकार ने अपने जवाब में कहा था नहीं उसने हमें अश्योर किया है कि वो इस जगह का उपयोग नहीं करेगा। अब बताओ क्या हमें बताकर करेगा वो? क्या वो हमें आश्वासन दे चुका है कि हम नहीं करेंगे। भाई जब तक नहीं कर रहा है तब तक नहीं कर रहा है। अचानक अब खबरें आ रही है कि वह रडार लगा रहा है। यहां पे हैंगर बना रहा है। यह भविष्य के अंदर एक दिन बोल देगा कि साहब मैं कोई आपके गुलाम थोड़ी हूं। मैं तो करूंगा। तो एक तरीके से हम अपने पड़ोस में
23:05 होती हुई हरकतें देख रहे हैं। अब ऐसे में यह खबर अब निकल कर आ रही है तो ये निश्चित ही भारत को सोचनी होगी। एक और बात मैं आपको बताता हूं। देखिए पाकिस्तान में तीन तरह से काम होता है। पाकिस्तान में चुनी हुई सरकार है। पाकिस्तान के अंदर सेना है और पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी हैं। ये तीनों लोग मिलकर के ही भारत के खिलाफ साजिशें रचते हैं। सेना का काम जो है वो इन दिनों दिख रहा है। नेवी चीफ आ रहा है। सेकंड जो पाकिस्तान की सेना में जो सबसे बड़ा आदमी है वो बांग्लादेश आ चुका है। शहबाज शरीफ मोहम्मद यूनुस से मुलाकात कर चुके हैं। रह कौन गया? आतंकवादी। अब आतंकवादियों की बातें सुन लो। हाफिज सईद को इन लोगों ने दिखावटी रूप से कहीं जेल में पटक रखा है। भारत के अंदर जो कई आतंकी हमलों का जिम्मेदार मास्टरमाइंड है। लेकिन वो जेल में भी अपना पूरा ऑपरेशन चलाता है। अब उसके नुमाइंदे बाहर घूम रहे हैं और वो
23:50 इन दिनों घूम-घूम कर बयान दे रहे हैं। पाकिस्तानियों को मोटिवेट कर रहे हैं कि सुन लो आने वाले समय में बढ़िया होने वाला है। ये एक आतंकी है जिसका नाम सैफ है। मोस्ट वांटेड है। ये आतंकी खुलेआम चुनौती दे रहा है और खुलेआम चुनौती दे रहा है कि पहले तक तो अमृत हमारे साथ अमेरिका नहीं था। अब हमारे साथ अमेरिका भी है। मतलब ये सब तरह के फैक्टर्स मिलाकर मैं कई बार पाकिस्तान की जब खबरें देखता हूं और पाकिस्तान के जब जन आंदोलन देखता हूं तो मुझे समझ में आता है कि इनको जिओपॉलिटिक्स में ज्यादा इंटरेस्ट है। पाकिस्तान के ये सब कच्छेधारी जितने भी घूम रहे हैं आपके सामने ये जितने भी यहां पर आपको दिखाई दे रहे हैं इनका मतलब अलग ही जो रूप धारण किए हुए घूम रहे लोग हैं ये सभी कहीं ना कहीं दुनिया में क्या चल रहा है उससे अपडेटेड हैं। यह फिलिस्तीन की बात करता है। कश्मीर की बात करता है। अमेरिका की बात करता है, बांग्लादेश की बात करता है। रीजनल कोई
24:38 मुद्दा ही नहीं है। क्षेत्रीय कोई बातचीत ही नहीं है। आतंकी बात कर रहे हैं तो भारत को धमकाने की बात कर रहे हैं। मतलब इनके पास में देश के विकास के लिए इनकी गरीबी और गुरबत को मिटाने के लिए कोई प्लान नहीं है। केवल सिंपल सा है। इंटरनेशनल मुद्दे पर क्या चल रहा है? हम वो करेंगे। ये बात बकायदा दहाड़ दहाड़ के कह रहा है। अब अमेरिका हमारे साथ है। और ऐसे में हमें आगे बढ़ते हुए चलना है। हम बांग्लादेश के अंदर ये कर देंगे और वो कर देंगे। खूब सारी बयानबाजी देता है। एक रिसेंटली भारत के अंदर न्यूज़ चैनल काम करता है आरटी इंडिया रशियन टाइम्स है जो कि रशिया का ही इस तरफ साउथ एशिया के लिए बनी हुई विंग है। उसमें शेख हसीना के समय का ही शेख हसीना का एक बहुत करीबी व्यक्ति इंटरव्यू देता है। यह जगह नहीं बताई गई कि वो कहां से इंटरव्यू दे रहा है क्योंकि बहुत ही गुप्त रूप से वो अपने आप को निर्वासित जीवन बिता रहा है। उसने अपना इंटरव्यू दिया और उसने बताया कि कैसे मोहम्मद यूनुस
25:23 और उनके साथ में उस समय के क्लिंटन अब ये क्लिंटन क्या है? पूर्व राष्ट्रपति हैं। यह जो बिल क्लिंटन हैं, यह उसी पार्टी से बिलोंग करते हैं जिससे बाइडन बिलोंग करते थे। बोले मोहम्मद यूनुस के साथ क्लिंटन और बाइडन का कनेक्ट था और इन्हीं लोगों ने शेख हसीना को हटाने के लिए जॉर्ज सोरोस की मदद से इन तक पैसा पहुंचवाया। आंदोलनों को उकसाया। आंदोलनों के खिलाफ शेख हसीना ने रिटेलिएट किया क्योंकि वह पहचान गई थी कि यह पूरा प्रमोटेड काम है और जनता उस जनता के गुस्से को इनिशिएट करवाने का काम किया गया और सत्ता परिवर्तन हुआ। यह इंटरव्यू पर उन्होंने यह बात कबूली है कि यह सारा की सारा खेल था। यह पूरा इंटरव्यू की यहां पर पूरी डिटेल है। आप चाहे तो जाकर वहां उसे देख भी सकते हैं। जिसमें वो ये बात बताते हैं कि ये खेल किस तरह से हुआ था? सेंट मार्टिन की कहानी असल में क्या थी?
26:08 तो ये सारी बात बाहर निकल कर आती है कि साहब ये तो अमेरिका का पूर्ण प्रस्तावित काम था। तो क्या भारत केवल बैठकर देख रहा है? देखिए भारत अभी ना केवल डिफेंसिव डिफेंसिव खेल रहा है जिसमें फीलिंग नहीं आ रही है। जैसे अभी जब मैं आपको यह खबर बता रहा हूं उसी समय एक खबर और आती है कि भारत ने इस चिकन नेक के अंदर तीन गैरिसन सेटअप करने का प्लान किया है। मतलब एक तरह से समझिए कि भारतीय सेना अब यहां पर और ज्यादा अच्छे से निगरानी कर पाएगी। एक बड़ा सा वॉच का वॉच करने का एक एरिया समझ लो जहां पर सेना के बहुत से लोग होंगे जो पूरी तरह से घटना पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए क्विक रिस्पांस करने के लिए तैनात रहेंगे। चिकन रैक पर इस तरह का गैरिसन बनाना ऐतिहासिक रूप से रहा है कि हां भाई जब भी कहीं किसी दुश्मन की गतिविधि को नोटिस करना हो तो वहां पर आपके पावर स्टेशंस ऐसे हो जहां से आप तुरंत एक्शन ले सके क्विक रिएक्शन ले सकें लेकिन हम केवल गैरिसन से काम ना चलाएं। हालांकि मैं आपको
26:53 तैयारियों में बताऊं तो भारत ने अपनी तरफ से अभी ट्राई शक्ति कॉप्स का जो हेड क्वार्टर है जो कि सुना नियर सिलीगुड़ी है। वहां पर इस पूरे काम को दिया है कि वो कॉरिडोर के डिफेंस के लिए काम करें। लाइव फायर एक्सरसाइज यहां पर चल रही हैं। T90 टैंक यहां पर तैनात करके रखे गए हैं। यहां पर जो हाशिमारा एयरबेस है वेस्ट बंगाल के अंदर वो भी पूरी तरह से एरियल सिक्योरिटी को ध्यान में रखने के लिए तैयार है। मिग तैनात है। ब्रह्मोस तैनात है। सब तैनात है। S400 तैनात है। तैनाती सब चीज की है। लेकिन किस बात की? हम पर हमला होगा तब हम रिएक्ट करेंगे। हालांकि भारत ने अपनी तैयारी को दिखाने के लिए अभी गुवाहाटी के अंदर आसाम में अपना एयर एयरफोर्स का अह बकायदा एयर शो कंडक्ट करवाया है। इंडियन एयरफोर्स ने अपनी 93 एनिवर्सरी सेलिब्रेट की है और उसके सेलिब्रेशन की तस्वीरें अभी निकल कर आ रही हैं। जिसमें भारतीय सेना यहां पर प्रॉपर तरीके से नौ नौसेना जो है
27:40 वो एयरफोर्स जो हमारी है वो अपनी तरफ से दिखा रही है कि देखिए सर हम क्या-क्या स्किल्स रखते हैं। लेकिन अल्टीमेटली भारतीय वायुसेना का जो ये साहस है ये अच्छी बात है कि दुश्मन को डरा के रखने के लिए काम करेगा। लेकिन भारत को इस प्रकार की गतिविधियों को होते हुए केवल नहीं देखना चाहिए। अपितु उसके खिलाफ कुछ कारवाही करना चाहिए। अब देश यह चाहता है भारतीय एयरफोर्स ने भारतीय वायुसेना ने अपनी तैयारियों को जिस तरह से दिखाया वो निश्चित ही दुश्मन के अंदर डर भरेगा कि राफेल इनके पास यहां खड़ा है। मिक खड़ा है। S400 तैनात है। यहां पर हमारी पूरी तैयारियां हैं और हमारी सरकारें पूरी तरह से तैयार हैं। मुस्तैद हैं। लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं भारतीय इससे ज्यादा डिमांड करते हैं। बांग्लादेश के अंदर ये जिस तरह
28:25 की हरकत हो रही हैं, उसमें भारत का डर होना जरूरी है। अभी वह इस खुशी में हैं कि भारत हम पर हमला नहीं करेगा। भारत कभी भी फर्स्ट किसी पर हमला नहीं करता है। भारत को अब यह कन्वेंशन तोड़ना होगा और बांग्लादेश के साथ में सारा काम पहले ही सेटल कर देना होगा। हालांकि हमारे रक्षा मंत्री ने अभी मोहम्मद यूनुस को बयान में तो धमकाया है। कल ही धमकाया है। लेकिन बयानबाजी से नहीं करके इस काम को खत्म करिए। कम से कम बांग्लादेश जैसे देश तो बगल में बैठकर के इतनी हिम्मत ना करें कि वह पाकिस्तान और चाइना के साथ मिलकर के हमारे यहां पे देश में अशांति फैलाएं। बाकी आप लोग इस विषय पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दीजिए। चैनल पर नए हैं तो चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। फिलहाल के लिए इतना ही। बाकी स्टॉक मार्केट से संबंधित जानकारी हो या फिर म्यूचल फंड से रिलेटेड जानकारी के लिए आप हमारे चैनल बातें बाजार की को सब्सक्राइब
29:11 कर सकते हैं। हमारे एप्लीकेशन बातें बाजार की पर पहुंच सकते हैं। सबका लिंक कमेंट बॉक्स के अंदर पिन किया हुआ है। बहुत-बहुत धन्यवाद।