संक्षिप्त सारांश
यह वीडियो छात्रों के लिए अध्ययन करने के प्रभावी तरीकों पर मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसमें बताया गया है कि किसी विषय को कैसे समझा जाए, नोट्स कैसे बनाए जाएं, समय का प्रबंधन कैसे करें और ज्ञान को बनाए रखने के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग कैसे करें। मुख्य बातें हैं:
- पढ़ने से पहले उद्देश्य निर्धारित करना
- गहन समझ के लिए पढ़ना
- नोट्स को व्यवस्थित करना
- समय का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करना
- ज्ञान को बनाए रखने के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग करना
किसी भी किताब को पढ़ने से पहले, यह तय करें कि आप उससे क्या सीखना चाहते हैं और आपकी अपेक्षाएं क्या हैं। पहले से आपको क्या पता है, यह भी ध्यान में रखें। फिर, अध्याय का पहला पैराग्राफ, सभी हेडिंग और अंतिम पैराग्राफ पढ़ें। इससे आपको अध्याय का सार समझने में मदद मिलेगी, जिसे स्किमिंग कहते हैं। महत्वपूर्ण भागों को चिह्नित करें और फिर तेजी से पढ़ना शुरू करें।
तेजी से पढ़ने के बजाय, समझकर और गहराई से पढ़ें। लेखक क्या कह रहा है, यह समझने की कोशिश करें और उसके तर्कों और निष्कर्षों पर विचार करें। अपने मन में आने वाले प्रश्नों को भी नोट करें।
प्रत्येक अध्याय को पढ़ने के बाद नोट्स बनाएं और उसका सारांश लिखें। अपनी कमियों को पहचानने के लिए दोबारा देखें और जो भूल गए थे उसे लाल स्याही से लिखें।
लेक्चर में जाने से पहले, यह जान लें कि आप शिक्षक से क्या उम्मीद कर रहे हैं। ध्यान से सुनें और एकाग्र रहें। ज्ञान को अपने लिए महत्वपूर्ण मानें।
पढ़ाई के लिए एक निश्चित जगह तय करें। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विद्वानों का कहना है कि दिन में दो या तीन जगह बदल लेनी चाहिए ताकि आप तरोताजा महसूस करें।
विषय से संबंधित पिछले सिलेबस और परीक्षा में आए प्रश्नों को पहले तैयार कर लें। यह जानने की कोशिश करें कि आप किन प्रश्नों के उत्तर चाहते हैं।
पढ़ने के बाद नोट्स को कागज पर लिखें, नोटबुक में नहीं। A4 साइज के लूज लीफ में छोटे-छोटे नोट्स लिखें और उन्हें विषय और अध्याय के अनुसार अलग-अलग फोल्डर में डालें। इससे आपका फोल्डर हमेशा अपडेट रहेगा।
नोट्स लिखते समय संक्षिप्त रहें। नए शब्दों का अर्थ तुरंत जान लें। सीखने को टालें नहीं।
एक ऐसी नोटबुक रखें जिसमें अलग-अलग सेक्शन हों। हर दिन अपनी प्रगति लिखें। परीक्षा से पहले बैकवर्ड प्लानिंग करें। तय करें कि किस महीने और किस हफ्ते में क्या पढ़ना है। अगले महीने के लिए विस्तृत योजना बनाएं। यह एक रोलिंग प्लान होनी चाहिए, जिसमें हर समय चार हफ्ते की योजना तैयार रहे।
रोज रात को सोने से पहले दूसरे दिन की टू-डू लिस्ट बनाएं।
एक दिन में कुछ ही विषय पढ़ें या सभी विषय पढ़ें, इस पर दो मत हैं। एक मत यह है कि आप दो या चार विषय दिन में पढ़ें। दूसरा मत यह है कि सभी विषयों को समय दें, जैसे कि एक या डेढ़ घंटा। जो विषय मुश्किल है, उसके लिए ज्यादा समय दें।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने कहा है कि समीक्षा करो, समीक्षा करो, समीक्षा करो। आपने क्या सीखा है और आपको क्या और सीखना है, इसकी समीक्षा करें। गहराई से समझें।
ज्ञान प्राप्त करने के चार तरीके हैं: पढ़ना, लिखना, सुनना और बोलना। दोस्तों के साथ किसी विषय पर चर्चा करें और उनसे पूछें कि उन्होंने क्या सीखा। पढ़ाई में स्मार्ट बनें। कड़ी मेहनत से ज्यादा महत्वपूर्ण है स्मार्ट वर्क।
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Transcript
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0:00 नमस्कार। आज का वीडियो उन सब नौजवानों के लिए है जो जानना चाहते हैं हाउ टू स्टडी? पढ़ें कैसे? अध्ययन कैसे करें? अपना एक छोटा सा अनुभव बताओ। मैं अमेरिका में जब पढ़ने के लिए गया पीएचडी के लिए तो पहले पहले देखा कि इतना ज्यादा किताबों का भार था और इतनी अपेक्षा की जाती थी एक विद्यार्थी से कि 151500 पेज एक हफ्ते में पढ़ो। तो मैं अपने प्रोफेसर साहब के पास गया और कहा साहब ये तो बड़ा मुश्किल है मेरे लिए। अंग्रेजी मेरी मातृभाषा तो नहीं है। कहते नो नो नो नो सब कुछ नहीं पढ़ना होता। तुम रीडिंग लैब में जाओ और मुझे रीडिंग लैबोरेटरी में भेज दिया गया। जहां मुझे बताया गया वही मैं आपसे शेयर कर रहा हूं। कहते किसी भी किताब को पढ़ने से पहले अपने दिमाग में ये रखो कि तुम चाहते
0:45 [संगीत] क्या हो? क्या सीखना चाहते हो उस किताब से? क्या अपेक्षाएं हैं तुम्हारी? और तुम्हें क्या पहले से ही आता है? और फिर क्या करना चाहिए कि किताब का जो चैप्टर आप पहले पढ़ रहे हैं उसका फर्स्ट पैराग्राफ पढ़ लो। और जितने भी हेडिंग्स हैं उनको पढ़ो और जोर से बोल भी दो। सुनो उसको और फिर लास्ट पैराग्राफ पढ़ लो। अब मालूम पड़ गया कि इस किताब में है क्या? इस चैप्टर में है क्या? इसको स्किमिंग कहते हैं। मोस्टेंट पोर्शन को टिक कर दो और उसके बाद आप पढ़ना शुरू करो। थोड़ा फास्ट। वहां तो ऐसी मशीन होती है वहां रख देते हैं। तो आपको तो लाइट आती जाती है। उसके आपको उसी स्पीड से पढ़ना पड़ता है। पर मैं एक चीज कहना चाहता हूं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था तेजी से मत पढ़ो, समझ के पढ़ो, इंटेंसिटी [संगीत] से पढ़ो,
1:30 गहराई से पढ़ो। और यह देखो कि ऑथर क्या कह रहा है? लेखक क्या कहना चाह रहा है? क्या उसने जो कहा है उसके पीछे तर्क हैं? उसका कंक्लूजन क्या है? डू यू एग्री विद हिम और नॉट? अपने दिमाग में और प्रश्न है उनको भी नोट कर लीजिएगा। और फिर इस तरह से आप चैप्टर बाय चैप्टर पढ़ें। हर चैप्टर को पढ़ने के बाद आपको नोट्स लेने चाहिए। उसकी समरी करनी चाहिए। आपको मालूम पड़ जाएगा क्या कमी है तो उसको दोबारा देख लेना चाहिए और जो दोबारा देख रहे हैं उसको लाल स्याही से लिख देना चाहिए। अर्थात ये हम भूल गए थे। एक के बाद एक यदि मान लीजिए आपको किसी लेक्चर में भी जाना है तो लेक्चर अटेंड करने से पहले यू मस्ट नो व्हाट आर यू एक्सपेक्टिंग फ्रॉम द टीचर। आप टीचर से
2:16 क्या एक्सपेक्ट कर रहे हैं? क्या नई चीज आप सीख रहे हैं? और पूरा ध्यान से टोटल कंसंट्रेशन से सीखिए। डिस्ट्रैक्शन नहीं होने चाहिए। और ऐसा सीखिए [संगीत] जैसे कि वो ज्ञान आपके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण एक समृद्धि है आगे बढ़ने के लिए। ये तो हुई क्लास की बात या एक किताब की बात। जब भी आप घर में पढ़ाई करें, लाइब्रेरी में पढ़ें तो एक अपना जगह है उसको नियत कर लें। हार्व यूनिवर्सिटी के विद्वान तो कहते हैं दिन में दो या तीन जगह बदल लेनी चाहिए। यू गेट रिलैक्स्ड इन अ न्यू एनवायरमेंट। अब अगली बात जब आप पढ़ रहे हैं तो जो आप ले रहे हैं विषय उस विषय से संबंधित सारी पिछले सिलेबस और जो क्वेश्चंस हैं एग्जाम
3:03 [संगीत] में आए हुए उनको पहले तैयार कर लेना चाहिए। भाई आफ्टर ऑल आप किन प्रश्नों का उत्तर चाहते हैं और फिर जब नोट्स आ जाए लिख लें आप पढ़ने के बाद तो उसको एक तरफ लिखें कागज के किसी नोटबुक में ना लिखें लूज लीफ में लिखें A4 के साइज में छोटे-छोटे नोट्स लिख लें और उनको अलग-अलग फोल्डर में डाल दें सब्जेक्ट वाइज चैप्टर वाइज मान लीजिए कोई नई चीज लिखनी है उसमें नया कागज आ जाएगा और कोई पुराना मैटर हटाना है उसको हटा दिया जाएगा अर्थात आपका सारा जो फोल्डर है उस टॉपिक के बारे में अप टू डेट रहेगा। इट्स वेरी वेरीेंट। इंपॉर्टेंट बात ये है कि जब आप लिख रहे हो तो ध्यान रखिए यू विल बी वेरी ब्रीफ। नए-नए शब्द हैं उनको साथ जान लो। टालो मत
3:49 कि इस मतलब क्या है इस शब्द का? डोंट ट्राई टू पोस्टपोन लर्निंग एंड न्यू वर्ड। दैट इज़ वेरी वेरीरीेंट। एक ऐसी नोटबुक जरूर रखो जैसे अलग-अलग सेक्शन हो। जैसे एवरीडे क्या प्रोग्रेस हो रही है? यू मस्ट राइट। आप कहेंगे एवरीडे की प्रोग्रेस का आधार क्या हो? तो लीजिए एक इंपॉर्टेंट बात आपके लिए हम बता दें। आपको पूरी बैकवर्ड प्लानिंग करनी चाहिए एग्जामिनेशन से पहले। किस महीने में आप क्या पढ़ेंगे? किस हफ्ते में आप क्या पढ़ेंगे? और एक डिटेल्ड प्लानिंग अगले महीने की हो 30 दिन की। ये रोलिंग प्लान होती है। चार हफ्ते का बनाया, एक हफ्ता खत्म हुआ तो एक हफ्ता और ऐड कर दिया। अर्थात चार हफ्ते का प्लान हर समय तैयार है। और फिर क्या करना चाहिए? रोज रात को सोने से पहले दूसरे दिन की। जो टू डू लिस्ट है बनानी चाहिए। अब बात आती है क्या हम कुछ ही विषय पढ़ें एक दिन में
4:35 या सारे विषय पढ़ें। इसमें दो मत हैं। एक मत तो यह है कि आप दो या चार सब्जेक्ट दिन में पढ़ें। एक ये है कि सभी सब्जेक्ट्स को टाइम दो और उसके लिए एक घंटा टाइम दो। मान लो डेढ़ घंटा टाइम दो। जो मुश्किल है उसके लिए ज्यादा समय दे सकते हैं। द वाइज ऑलवेज रिवाइज। हार्व यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने कहा है रिव्यू रिव्यू रिव्यू समीक्षा करो समीक्षा करो समीक्षा करो कि तुमने क्या सीखा है और क्या तुम्हें और सीखना है इंटेंसिटी चाहिए गहराई चाहिए और एक अच्छी बात जो हारवर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बताते हैं वो ये कि जो समरी लिखो ना उसको एक बार पढ़ डालो जोर से बोल के 5 मिनट
5:21 बोला करो बी ए टीचर टू योरसेल्फ अपने अध्यापक स्वयं बनो इस तरह से हम कैसे ज्ञान प्राप्त करते हैं? रीडिंग से नंबर वन, राइटिंग से नंबर टू, लिसनिंग से नंबर थ्री और स्पीकिंग से नंबर फोर। इसलिए यदि एक दोस्तों का समूह है टेलीफोन पर रात को बात कर ली। एक टॉपिक तैयार है तो आप उसके बारे में उनको बताइए और उनसे पूछ लीजिए कि तुमने क्या पढ़ा? स्मार्ट बनिए पढ़ाई में। हार्ड वर्क से ज्यादा इंपॉर्टेंट है स्मार्ट वर्क। यू विल सक्सीड इन लाइफ ऑलवेज नमस्कार।