0:00 अर्नोल्ड स्वज नेगर एक ऐसा इंसान जिसने जिस भी फील्ड में कदम रखा उसमें टॉप तक पहुंचा बॉडीबिल्डिंग मॉडलिंग बिजनेस एक्टिंग पॉलिटिक्स मिलिट्री हर फील्ड में और वो ऐसे बैकग्राउंड से बिलोंग करते हैं कि हम सोच भी नहीं सकते तो अपनी लाइफ के उतार चढ़ाव के ज्ञान को निचोड़ करर इन्होंने एक इवेंट में 50 मिनट की ऐसी स्पीच दी थी जिस परे 100 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज है और जिसको आप मानोगे नहीं लाखों लोग लूप प सुनते डेली मैं खुद आठ से 10 बार सुन चुका हूं और इसी स्पीच में इन्होंने अपने फेमस छह सक्सेस रूल्स भी बताए तो क्या आप तैयार है इस मास्टरपीस के लिए य मैं सक्सेस के बारे में बात [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत]
0:45 करने य स्टेज पर मैं यही अपने पहले तीन रूल्स की बात करूंगा और फिर आगे बाकी के लास्ट तीन रूल्स के बारे में सक्सेस का पहला रूल आपके पास एक गोल एक विजन होना चाहिए अगर तुम्हारे पास एक गोल नहीं है एक विजन नहीं है तो तुम्हें पता पता नहीं चलेगा कि तुम्हें कहां जाना है और फिर तुम भटकते रहोगे और कभी वहां नहीं पहुंच पाओगे जहां तुम्हें जाना है तो मैं बहुत फॉर्चूनेटली 1947 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ था बड़े होते समय मुझे वहां का वातावरण पसंद नहीं था मैं कैसे भी करके वहां से निकलना चाहता था क्योंकि मैं अपने आप को एक फार्मर फैक्ट्री के एक मजदूर या किसी ऐसे मामूली काम में देख ही नहीं पाता था मेरे पेरेंट्स चाहते थे कि मैं वहीं रहूं शादी करूं बच्चे पालू और उनके जैसी सिंपल लाइफ जिऊं क पर यह उनके सपने थे मेरे नहीं
1:32 ऐसे एनवायरमेंट में रहते हुए भी मेरा गोल मेरा विजन पता नहीं कैसे बट पूरी तरह से अलग था मुझे लगता था कि मैं कुछ यूनिक कुछ बड़ा करने के लिए बनाऊं मुझे याद है जब मैं 11 साल का था और एक दिन स्कूल गया वहां उन्होंने एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई अमेरिका के बारे में उसमें दिखाए गए थे लंबे-लंबे स्काई स्क्रैपर्स ऊंची बिल्डिंग्स बड़ी-बड़ी ब्रिजे सिक्स लैंड हाईवेज और यह सब देख के मेरे दिमाग में एक ही बात थी यही वो जगह हैं जहां मुझे जाना है जहां मुझे रहना है मेरे को अब वहां रहना ही नहीं था मैं अमेरिका जाना चाहता था पर सवाल यह था कि अमेरिका कैसे जाए उस जमाने में वो ट्रिप बहुत महंगी थी आज के जैसा बिल्कुल भी नहीं था तो एक दिन स्कूल के बाद मैं एक स्टोर के पास से गुजरा जो अमेरिकन चीजें बेचता था तो वहां मैंने एक मैगजीन देखी जिसके कवर पे था रेग पार्क वो
2:19 तीन टाइम मिस्टर यूनिवर्स था और मैंने उसे मूवी में भी देखा था और उस मैगजीन की कवर पे लिखा था कैसे रेग पार्क मिस्टर यूनिवर्स बना एक सुपरस्टार मैंने उस मैगजीन को खरीदा और घर आ गया और फिर उसे बार-बार पढ़ा उसमें सब कुछ था रेक पार्क का ट्रेनिंग प्लान कैसे इंग्लैंड के एक फैक्ट्री टाउन में वो रोज तीन-चार घंटे वर्कआउट करता था मिस्टर यूरोप मिस्टर ग्रेट ब्रिटेन और फिर मिस्टर यूनिवर्स जीता और आखिर में कैसे उसे हरकुलस की मूवी मिली मैंने पढ़ के सोचा वाह ये तो मेरी लाइफ का ब्लूप्रिंट है मुझे भी रेक पार्क की तरह बॉडीबिल्डिंग चैंपियन बनना है मूवीज में आना है करोड़पति बनना है और फेमस होना है क्या तुम जानते हो कि कितना एक्साइटिंग फील हुआ था मुझे जब मुझे पता था कि मैं कहां जा रहा हूं हू सोचो ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि वह कहां जा रहे हैं पर मुझे पता था कि मैं
3:05 बनूंगा एक बॉडीबिल्डिंग चैंपियन बिल्कुल उस सुपरस्टार की तरह मैं बहुत रिलैक्स फील कर रहा था क्योंकि जब तुम्हारे पास एक गोल एक विजन होता है तो सब कुछ आसान हो जाता है एक सर्वे के मुताबिक अमेरिका के 74 पर लोगों को अपनी नौकरी पसंद ही नहीं है क्योंकि वह जॉब इसलिए नहीं कर रहे है क्योंकि उनकी वो ड्रीम जॉब है या फिर उस जॉब तक वो अपने पैशन को फॉलो करते हुए आए हैं नहीं नहीं नहीं बल्कि वो बिना किसी गोल के बिना किसी डायरेक्शन के घूम रहे थे उन्हें यहां-वहां कहीं पर बहुत सारी जॉब ओपनिंग दिखाई दी तो उन्हें लगा कि चलो अप्लाई कर देते हैं तो उन्होंने अप्लाई कर दिया कुछ एक में वो सिलेक्ट हो गए तो बस काम करना शुरू कर दिया क्योंकि सीधी सी बात है बिल्स पे करने के लिए काम तो करना पड़ता है तो बस उन्होंने काम करना शुरू कर दिया लेकिन जब काम करना शुरू किया तो उन्हें काम करते-करते समझ में आया कि यह तो एक बहुत ही बोरिंग रूटीन बन गया काम
3:52 करने में मजा ही नहीं आ रहा था अब क्या करें सोच के देखो सिर्फ 26 पर लोग अपने काम को पसंद करते हैं और पूरे पैशन के साथ कर रहे हैं सिर्फ 26 पर लोग इसलिए मुझे खुशी थी बिकॉज मुझे पता था कि मुझे क्या करना है जब मैं घंटों हैवी वर्कआउट करता था तो लोग मुझे देखते थे और कहते थे आप तो पांच पांच छछ घंटे वर्कआउट करते हो मगर आपके चेहरे पर हमेशा एक स्माइल दिखाई देती है जब कि दूसरे लोग जो आपके जितना ही मेहनत करते हैं उनके चेहरे पर हमेशा 12:00 बजे रहते हैं ऐसा क्यों होता है तो मैं कहता था सिंपल मुझे बस अपना एक टारगेट दिखाई देता है और मैं उस टारगेट के लिए यह सब कुछ करता हूं मिस्टर यूनिवर्स मेरे सामने मिस्टर यूनिवर्स का गोल था मेरा हर रेपुटेशन हर सेट हर एक्सरसाइज मुझे उस गोल की तरफ एक कदम और पास ले जा रहा था मैं एक्साइटमेंट के कारण रात को सो नहीं पाता
4:38 था सोचता रहता था कि कब फिर से जिम जाकर वो 500 पाउंड्स काट कर पाऊंगा मैं एक्साइटेड रहता था हर दिन जाकर व 500 पाउंड बेंच प्रेस करने के लिए मैं चार्ज रहता था कि कितना जल्दी सुबह हो और मैं सेटअप के 2000 रेपुटेशंस फिर से कर पाऊंगा 20 साल की उम्र में पहली बार लंडन गया और मिस्टर यूनिवर्स कांटेस्ट जीता वो भी यंगेस्ट कंटेस्टेंट ऑफ मिस्टर यूनिवर्स और इतना सब कुछ मैं कर पाया क्योंकि मेरा एक गोल था एक विजन था तो लाइफ में एक पर्पस होना बहुत जरूरी है और चाहे आपकी कोई सी भी फील्ड हो यह फार्मूला हर जगह काम करता है मेरे साथ एक्टिंग में भी ऐसा ही था जैसे कैनन द बर्बेरिस मूवी शूट करते वक्त मैं एक स्वर्ड हाथ में पकड़ के बिना कपड़ों के चट्टानों पर क्रॉल कर रहा था मेरे घुटने और कोह नियां छिल गए थे खून निकल रहा था
5:24 10 टेक्स के बाद डायरेक्टर ने मुझसे कहा एंड मुझे माफ करना पर एक और क्लोजअप चाहिए तो क्या तुम कर सकते हो मैंने जवाब दिया मुझे कोई दर्द नहीं हो रहा क्योंकि मैं दिमाग में वह सीन विजुलाइज कर रहा हूं कि जब यह सही से हो जाएगा तो कैसा लगेगा इसलिए चाहे 50 टेक्स लगे या 100 मुझे फर्क नहीं पड़ता मैं वो परफेक्ट सीन का विजन देख रहा था जब तक सही नहीं मिलता मैं करता रहूंगा इसी तरह पॉलिटिक्स में भी मेरा विजन बिल्कुल क्लियर था मैं कैलिफोर्निया का लीडर बनूंगा और यही था जो मैं ज्यादा से ज्यादा कर सकता था क्योंकि मैं अमेरिका में पैदा नहीं हुआ था तो प्रेसिडेंट नहीं बन सकता था तो कैलिफोर्निया जो जो दुनिया का फिफ्थ लार्जेस्ट इकोनॉमी है उसका गवर्नर बनना मेरे लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट था यहां तक कि लोग कहते थे कि ये तुमसे नहीं होगा तुम छोटी पोजीशन के लिए ट्राई क्यों नहीं करते पर मैंने सीधे गवर्नर
6:10 बनने के लिए रेस जवाइन की और दो महीने बाद जीत भी गया क्योंकि मुझे पता था कि एगजैक्टली क्या-क्या चेंजेज लाने हैं कैलिफोर्निया में एक चीज मैं आपको बता दूं कि अपने गोल को विजुलाइज करने से और उसके पीछे फोकस्ड तरीके से काम करते रहने में एक तरह का मजा आने लगता है फिर वो दौड़ भाग थकान नहीं मजा देती है आप थक नहीं सकते तो यह था रूल नंबर वन चाहे आप जो कुछ भी करो आपके पास एक विजन एक पर्पस होना ही चाहिए सक्सेस का दूसरा रूल पैसिमिस्ट लोगों की मत सुनो जब मैं अमेरिका जाने और बॉडीबिल्डिंग चैंपियन बनने की बात करता था तो मेरे मां-बाप और सब लोग कहते थे ये इंपॉसिबल है पैसा कहां है बिना पैसे के वहां जाके करेगा क्या अमेरिका में कोई तेरा वेट नहीं करेगा वहां पहले से ही बड़े-बड़े बॉडीबिल्डर्स हैं पर मैंने प्रूव किया कि यह हो सकता है क्योंकि लोग
6:56 इंपॉसिबल बोलते थे मैं सुनता था पॉसिबल क्योंकि मैं मानता हूं जैसा नेलसन मंडेला ने कहा है सब कुछ इंपॉसिबल होता है जब तक कोई करके ना दिखाए तो मैंने सोचा मैं ही वह कोई बनूंगा पहले कभी नहीं हुआ ठीक है तो मैं करूंगा लोगों के नो को मैंने यस समझा और बॉडीबिल्डिंग के बाद जब मैंने मूवीज जॉइन करने की कोशिश की तब भी यही सेम चीजें बोली गई जब मैंने एक हॉलीवुड एजेंट को बोला कि भाई मैं मूवीज में आना चाहता हूं तो उसने कहा क्या मजाक है अर्नोल्ड यार उसके बाद एक स्टूडियो एग्जीक्यूटिव को मैंने जब बोला कि मैं लीडिंग रोल करूंगा फिल्म्स में तो वो हंसने लगा और बोला भाई ये इंपॉसिबल है तेरी ये जो लुक है यह चले गई नहीं इसमें बॉडीबिल्डर्स डोंट वर्क इन हॉलीवुड यह सब 20 साल पहले ही खत्म हो चुका है और तेरा एक्सेंट अगर तू वेट भी कम कर ले फिर भी एक्सेंट का क्या करेगा जर्मन एक्सेंट से लोग डर जाएंगे हॉलीवुड में आज तक कोई
7:43 फॉरेन एक्सेंट वाला लीडिंग रोल नहीं कर पाया और तेरा नाम स्वजन स्वजन यह क्या है कौन प्रोनाउंस करेगा इसे तो भूल जा यार यह सब सो इमेजिन हर एजेंट हर स्टूडियो वाला हर मैनेजर यही बोल रहा था इसी तरह की बातें पर डू यू नो आई डिडेंट गिव अ शिट मुझे अपने आप पे पूरा बिलीव था कि मैं लीडिंग रोल करूंगा मैंने बॉडीबिल्डिंग की जर्नी से सीखा था कि सब कुछ मेहनत का ही खेल है मैंने खुद से कहा कि बॉडीबिल्डिंग में मैं रोज 5छ घंटे वर्कआउट करता था अब एक्टिंग के लिए भी यही सेम डेडिकेशन दिखाऊंगा मैंने इंग्लिश पढ़ने के लिए कॉलेज भी जॉइन किया वॉइस एक्सेंट और एक्टिंग क्लासेस जॉइन की मेहनत मेहनत और बस मेहनत फिर मूवीज मिलना शुरू हुई और 5 साल के अंदर में हॉलीवुड का सबसे बड़ा स्टार बन गया हाईएस्ट पेड हॉलीवुड स्टार क्योंकि मैंने उन लूज की नहीं सुनी
8:30 जिन्होंने कहा था कि इट्स नॉट पॉसिबल पॉलिटिक्स में भी सब बोल रहे थे कि नहीं यह नहीं हो सकता फिर भी मैं कैलिफोर्निया का गवर्नर बना यह रियलिटी है दोस्तों कि अगर आप पैसिमिस्ट लोगों की बातों में आ गए तो आपका कुछ नहीं होगा अगर मैं बॉडीबिल्डिंग से लेकर शो बिजनेस और पॉलिटिक्स तक सबकी नेगेटिविटी सुनता तो आज मैं यहां तुमसे बात नहीं कर रहा होता शायद ऑस्ट्रेलिया में ही धक्के खा रहा होता रूल नंबर थ्री मुझे इतना गुस्सा आता है जब लोग मुझसे कहते हैं कि उनके पास जिम जाकर 45 मिनट का भी वर्कआउट करने का टाइम नहीं है या फिर कोई और काम एक घंटा करने का जिससे वह फिजिकली और मेंटली इंप्रूव हो सके इमेजिन करो आज से आप रोज एक घंटा हिस्ट्री सब्जेक्ट पढ़ना शुरू करते हो अब सोचो एक साल में 365 दिनों के 365 घंटों में आप कितना कुछ सीख जाओगे या फिर कोई और
9:17 सब्जेक्ट कोई और टॉपिक जिसके बारे में आप पैशनेट हो उसे कंसिस्टेंटली बिना बहाना बनाए एक साल तक पढ़ो या करो तो उसमें आप कितना ज्यादा अच्छे हो जाओगे इमेजिन करो कि कोई बिजनेस जो तुम डेवलप करना चा ते हो रोज अगर उस पर एक घंटा भी काम करते हो एक साल में वह कितना बड़ा बन सकता है कितना कुछ आप उसमें हासिल कर सकते हो और व तुम्हें कितना दूर तक ले जा सकता है आप उस बारे में सोच भी नहीं सकते हो और इसलिए यह चीज मुझे बहुत गुस्सा दिलाती है कि 24 घंटे एक दिन में होते हुए भी लोग कहते हैं कि उनके पास वक्त नहीं है अगर 8 घंटे आप सोते हो 8 घंटे आप जॉब करते हो तो 8 घंटे फिर भी बचते हैं हो सकता है दो घंटे आप ट्रेवल करते हो इसके बाद भी 6 घंटे आपके पास बचते हैं क्या करते हो उस टाइम का सोच कर देखो मे बी उस टाइम में लोगों से मिलते
10:02 हो खाना खाते हो एंटरटेनमेंट या कुछ और करते हो मगर तुम्हें ये क्लियर समझ में आ रहा होगा कि कितना सारा टाइम फिर भी बच के आता है अगर हम यह सारा टाइम ऐड करके देखें अगर तुम अपना टाइम ऑर्गेनाइज करके अपने काम को ऑर्गेनाइज करके देखो तो कितना सारा टाइम एक साल में तुम्हारे पास निकल कर आता है जब मैं अमेरिका आया था तो मैं कॉलेज जाता था मैं दिन में 5च घंटे वर्कआउट करता था मैंने कंस्ट्रक्शन में भी काम किया है क्योंकि उस टाइम बॉडी बिल्डिंग में पैसा नहीं था मेरे पास फूड सप्लीमेंट्स और इक्विपमेंट खरीदने के भी पैसे नहीं होते थ तो इसलिए मुझे काम पर जाना पड़ता था तो मैं कॉलेज भी जाता था जिम भी करता था काम भी करता था और हफ्ते में चार दिन नाइट्स में 8 से 12 बजे तक एक्टिंग क्लासेस भी लेता था और इतना सब कुछ करने के बावजूद भी मैंने एक मिनट के लिए भी खाली टाइम निकालकर रिलैक्स करने का बहाना नहीं बनाया
10:49 एक मिनट भी मैंने वेस्ट नहीं किया और यही कारण है कि आज मैं यहां खड़ा हूं मोहम्मद अली उनको मैंने अपनी आंखों से जिम में रगड़ रगड़ के मेहनत करते हुए देखा है एक बार की बात है कि एक स्पोर्ट्स रिपोर्टर ने उनको जिम में सट अपस करते हुए देखा तो पूछा कि वो रूटीन में कितने सेट्स कर लेते हैं तो मोहम्मद अली ने बड़ा कमाल का जवाब दिया उन्होंने कहा वो काउंटिंग ही तब स्टार्ट करते हैं जब बॉडी पेन करने लगती है इसको बोलते हैं हार्ड वर्क हार्ड वर्क से कोई नहीं बच सकता अगर वह लाइफ में कुछ करना चाहता है तो कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कितने बड़े बाप की औलाद हो रगड़ के मेहनत करो कोई मैजिकल पिल नहीं है जैसे तुम खा लोगे या कोई सक्सेस का मंत्र नहीं है जिसका तुम जाप कर लोगे तो जाकर के तुम सक्सेसफुल हो जाओगे इस दुनिया में कोई शॉर्टकट नहीं है कोई मैजिक नाम की चीज
11:36 नहीं है वर्क वर्क और वर्क यही एक तरीका है रूल नंबर फोर मुझे प्लान बी से नफरत है और मैं बताता हूं कि ऐसा क्यों है क्योंकि हमारे पास काम करने वाले कम और डाउट करने वाले ज्यादा है हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग हैं जो कहेंगे नो यू कांट डू इट ये करना इंपॉसिबल है ऐसे डाउट करने वाले और हमारे कॉन्फिडेंस को तोड़ने वाले लोग हमारी लाइफ में हर स्टेज पर मिलेंगे इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन प्रॉब्लम तब आती है जब हम खुद पर डाउट करने लग जाते हैं और हमें प्लान बी की जरूरत फील होने लगती है सेल्फ डाउट सबसे डेंजरस चीज है क्योंकि अब तुम कह रहे हो कि अगर मेरा प्लान ए काम नहीं करेगा तो मेरे पास बैकअप में प्लान बी होना चाहिए और मेरे पास है भी यानी जैसे ही तुमने प्लान बी के बारे में सोचना शुरू किया तुम्हारी एनर्जी तुम्हारा पूरा का पूरा अटेंशन डायवर्ट हो गया किस तरफ प्लान ए से प्लान बी की तरफ
12:24 अब अगर तुम प्लान ए को करते हुए या प्लान ए करने से पहले प्लान बी के बारे में सोचते हो तो उसका मतलब यह हुआ कि तुमने अपने प्लान ए को 100% दिया ही नहीं जब 100% दिया ही नहीं तो वह तो फेल हो गई ना और एक और बात सीख लो जब हम बिना सेफ्टी नेट के खेलते हैं तो हम ज्यादा अच्छे से परफॉर्म कर पाते हैं एक प्रोडक्टिव प्रेशर होता है हम पर जो हमें अपना 100% देने पर मजबूर करता है तो अगर तुम्हारे पास प्लान बी है तो खुश मत हो कि वाह मेरे पास तो प्लान बी है अगर प्लान ए फेल हो गया तो मैं सेफ हूं यह कोई अच्छी बात नहीं है नफरत है मुझे इस एटीट्यूड से इस तरह काम करने से आप आपका प्लान बी फिर से प्लान ए बन जाएगा जो कि फेल हो जाएगा मेरी खुद की लाइफ में मेरे पास कभी कोई प्लान बी नहीं था मैंने अपनी कमिटमेंट दे दी थी फुल टाइम बॉडीबिल्डिंग चैंपियन बनना है मतलब बनना
13:09 है मैंने फुल कमिटमेंट की थी खुद से कि मैं अमेरिका में सरवाइव करके दिखाऊंगा मैंने फुल कमिटमेंट की थी कि मैं शो बिजनेस यानी फिल्म्स में आऊंगा और वोह भी लीडिंग रोल्स में मैं हार्ड वर्क करूंगा और तब तक करता रहूंगा जब तक मैं अपने गोल को अचीव नहीं कर लेता सेम रूल मैंने पॉलिटिकल करियर में भी फॉलो किया तो कुल मिला के मेरी बात मानो तो प्लान बी मत रखो क्योंकि ऐसा करने से आप खुद का ही नुकसान कर रहे हो और अपनी ही सक्सेस के चांसेस और कम कर रहे हो लोग प्लान बी क्यों रखते हैं पता है क्योंकि उन्हें डर लगता है कि मेरा प्लान ए फेल हो गया तो क्या होगा इसीलिए रूल नंबर फाइव हारने से मत डरो क्योंकि फेल होने में कोई बुराई नहीं है बड़े से बड़ा आदमी जिसके बारे में तुमने सुना है वो कई बार फेल होने के बाद वहां पहुंचा है जहां वो आज है तुम्हें फेल होना ही पड़ेगा अगर सक्सेस की सीढ़ियां चढ़ने है तो ऐसा
13:56 कोई सक्सेसफुल इंसान नहीं है जो फेल नहीं हुआ जो हार नहीं सकता वह कभी जीत भी नहीं सकता बास्केटबॉल प्लेयर माइकल जॉर्डन से एक इंटरव्यू में एक बार पूछा गया कि आज आप वर्ल्ड के ग्रेटेस्ट बास्केटबॉल प्लेयर हो हाउ डज इट फील माइकल जॉर्डन ने कहा वेल आप मेरी सक्सेस के बारे में बात करे हो आपने मेरे फेलर्स का जिक्र नहीं किया मगर मुझसे पूछो तो मैंने ग्रेटेस्ट बास्केटबॉल प्लेयर बनने से पहले एनबीए गेम्स खेलते हुए 9000 शॉट्स मिस किए थे 9000 कैन यू इमेजिन तो क्या वो फेलियर थी नहीं वो उस टाइम तक भी ऑल टाइम ग्रेटेस्ट बास्केटबॉल प्लेयर थे मगर वो 9000 बार फेल भी हुए समझ रहे हो जितने बड़े फेलर्स होंगे उतनी ही बड़ी सक्सेस होगी मैं खुद बॉडीबिल्डिंग कंपटीशन में फेल हुआ हूं वेट लिफ्टिंग कंपटीशन में फेल हुआ हूं पावर लिफ्टिंग कंपटीशन में भी फेल हुआ हूं मैंने ऐसी
14:42 मूवीज भी की है जो किसी ने नहीं देखी बकवास थी और बकवास रिव्यूज मिले थे मैं इलेक्शंस में भी बहुत बुरी तरह से हार हूं हम सब हारते हैं इट्स ओके मगर क्या ओके नहीं है पता है मैं बताता हूं हारने के बाद फिर से खड़ा नहीं होना यह ओके नहीं है फिर से फेल होने के डर से एफर्ट नहीं लगाना यह ओके नहीं है खुद की किस्मत या दूसरों को ब्लेम करना यह ओके नहीं है अपने वीक पॉइंट्स पर काम नहीं करना यह ओके नहीं है वही गलती फिर से दोहराना यह ओके नहीं है सिर्फ ऐसा आदमी ही लूजर होता है विनर्स फेल होते हैं उठते हैं फेल होते हैं फिर उठते हैं इस तरह कभी भी उठने में फेल नहीं होते इसलिए यही असली विनर्स होते हैं इसलिए कहता हूं हारने से मत डरो क्यों क्योंकि हारने की चिंता करोगे तो वहीं रह जाओगे लाइफ में अच्छे डिसीजंस नहीं ले पाओगे काम पे फोकस्ड नहीं रह पाओगे और इस
15:29 तरह लाइफ में कहीं नहीं पहुंच पाओगे यानी हारने के डर से आप वो कर ही नहीं पाओगे जो आप करना चाहते हो रिलैक्स इट्स ओके टू फेल फिर से अपनी जी जान लगा दो जो भी है तुम्हारे पास सब कुछ लगा दो आज नहीं तो कल देर से ही सही लेकिन सक्सेस को तुमसे कोई अलग नहीं कर सकता और छठा नियम है कि ये सब करने के दौरान या इसके बाद जब आप कामयाब हो जाओ जब आपके पास वो सब हो जो आपने चाहा था तो जरूरतमंदों को और सोसाइटी को वापस लौटाना किसी भी तरह से कंट्रीब्यूट करना समाज में क्योंकि यह भी सक्सेस का एक इंपोर्टेंट रूल है जो आपको अंदर से सक्सेसफुल फील करवाता है