0:00 हेलो बच्चा पार्टी मैं हूं प्रशांत पाठक और मैं आपका स्वागत करता हूं रोशन शाह स्टडी पॉइंट पर बच्चों हमने लास्ट क्लास में क्लास 11 चैप्टर फर्स्ट स्टैटिक्स का एक चैप्टर सांख्यिकी का एक चैप्टर पढ़ा था आज हम क्लास 11थ चैप्टर सेकंड स्टैटिक्स का चैप्टर सेकंड पढ़ने वाले हैं और चैप्टर का नाम है आंकड़ों का चैप्टर का नाम है आपके आंकड़ों का संकलन बेटा जी चैप्टर को शुरू करने से पहले मैं आपको यह क्लियर कर दूं कि हमारी पूरी पूरी कोशिश होगी कि क्लास 11थ वन होने से पहले पहले हम आपको क्लास 11थ की सारी वीडियो देते क्योंकि हमारा एक भाई है वो परेशान हो रहा था वो कह रहा था कि सर दो दिन से वीडियो नहीं आई एक्चुअल में बचेस में थोड़ा सा टाइम बिजी रह जाता हूं मैं लेकिन हम
0:45 भरपूर्वा गया हूं देखो क्या है बच्चे चैप्टर का नाम है आंकड़ों का संकलन सबसे पहले आप ये समझो कि संकलन क्या होता है संकलन का मतलब है आंकड़ों को इकट्ठा करना और आंकड़े किसे कहते हैं तो मैं बता चुका हूं किसी भी समस्या पे अगर आप संख्यात्मक सूचना एकत्रित करते हो तो उसी संख्यात्मक सूचना को हम आंकड़े कहते हैं और जब हम फर्स्ट वीडियो में थे तो उसमें हमने पढ़ा था कि सांख्यिकी में हमें टोटल पांच काम करने होते हैं पहला काम हमें आंकड़े एकत्रित करना होता है संकलन करना होता है दूसरा काम आंकड़ों को व्यवस्थित करना होता है तीसरा काम आंकड़ों का हमें प्रस्तुतीकरण करना होता है चौथा काम आंकड़ों का हमें विश्लेषण और लास्ट में हमें आंकड़ों का निर्वचन करना होता है तो ये पांच काम स्टैटिक्स में वन बाय वन होंगे है ना तो सबसे से पहले काम पे आपका
1:31 स्वागत है आंकड़ों का संकलन ठीक है आओ देखो चैप्टर को शुरू करते हैं देखते हैं कि इस चैप्टर में हमें क्या-क्या देखना है देखो बच्चा चैप्टर में जो सबसे पहली बात है कि आप चैप्टर को दो हिस्सों में पढ़ोगे एक वीडियो आज और एक अगली बात क्या है सबसे पहले हमें जानना है कि आंकड़े कहां से प्राप्त होते हैं और दूसरा फिर जानना है कि आंकड़े किससे प्राप्त होते हैं तो जो ये सेकंड पोर्शन है ये आपको सेकंड वीडियो में मिलेगा हमारा आज का काम चैप्टर जो है उसके फर्स्ट पार्ट पे होगा कि आंकड़ों का स्रोत क्या है स्रोत मतलब कहां से आंकड़े हमें मिलेंगे ठीक है आंकड़े दो जगह से मिल सकते हैं प्राथमिक स्रोत से और द्वितीयक स्रोत से और प्राथमिक के अंदर कई सारी विधियां है और द्वितीयक के अंदर भी कई सारी विधियां है तो एक-एक करके हम आज इस पूरे पोर्शन को कंप्लीट करेंगे चलो चैप्टर
2:17 को लेके और आगे चलते हैं ये रहा सबसे पहला पॉइंट कि आंकड़े क्या होते हैं जैसा कि मैंने अभी आपको बताया कि किसी भी समस्या पे अगर आप संख्यात्मक सूचना इकट्ठा करते हो और उस संख्यात्मक सूचना के आधार पे आप निष्कर्ष निकालते हो कंक्लूजन रिजल्ट निकालते हो तो उसी संख्यात्मक सूचना को आंकड़े कहते हैं ये ध्यान रखना है आपको एग्जांपल के तौर पे मेरे क्षेत्र में गरीबी बहुत ज्यादा बड़े लेवल पे है तो अगर मेरे क्षेत्र में गरीबी बहुत बड़े लेवल पे है तो मैं ये जानना चाहता हूं कि भाई किन कारणों से गरीबी है उसके पीछे उसको कैसे दूर कर सकते हैं तो मैं मैं जब इस बात को लेकर सर्वे करूंगा तो वो जो सर्वे में मैं संख्यात्मक सूचना इकट्ठा करूंगा सपोज मैं एक-एक करके लोगों से मिल रहा हूं मैं उनसे उनकी इनकम पूछ
3:02 रहा हूं उनसे एक्सपेंडिचर पूछ रहा हूं कि तुम कितना कमाते हो कितना खर्च करते हो तो उन लोगों से जो मेरे पास ये संख्यात्मक सूचना आई है इसी संख्यात्मक सूचना को हम आंकड़े कहते हैं ठीक है आओ आंकड़े की डेफिनेशन पढ़ते हैं देखो क्या लिखा है आंकड़े संख्यात्मक तथ्य हैं तथ्य मतलब सूचनाएं जो सूचनाएं प्रदान कर करके समस्याओं को समझने व निष्कर्ष पर पहुंचने में मदद करते हैं आंकड़े संख्यात्मक सूचना है जिससे हम क्या करते हैं सूचना के आधार पर निष्कर्ष निकालते हैं और समस्या का समाधान निकालते हैं ठीक है अच्छा बच्चों इससे पहले अच्छा ये एग्जांपल भी देख लेना आंकड़ों के कुछ एग्जांपल है जैसे हरियाणा में आठ फैक्ट्री है चीनी की और पंजाब में 20 फैक्ट्रियां है चीनी की तो यह क्या है
3:48 ये जो मैं एग्जांपल दे रहा हूं संख्या के रूप में आपको सूचना बता रहा हूं तो ये क्या है ये आपके आंकड़े आगे ले चलो चैप्टर को बेटा आगे देखना जरा चैप्टर के बारे में प्राथमिक और दती जैसा कि मैंने आपको कहा कि आंकड़ों को इकट्ठा करने के कितने रास्ते हैं दो एक प्राथमिक आंकड़े एक द्वितीयक आंकड़े ठीक है इससे पहले कि मैं आपको प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़ों के बारे में कुछ भी बताऊं आप तीन लोगों को पहचान लो पहला आप पहचान लो अनुसंधान करता वो व्यक्ति जो किसी समस्या के ऊपर अध्ययन करना चाहता है और वह सर्वे करवाने वाला है तो उस व्यक्ति को आप अनुसंधान करता बोलोगे अच्छा बच्चे अगर मान लो सर्वे का एरिया बहुत बड़ा है और सर्वे का एरिया बहुत बड़ा है और व अनुसंधान करता अकेले सर्वे नहीं कर सकता
4:34 तो उसने मान लो पांच लोगों को अपने पास रखा कि भैया तुम लोग मेरी सर्वे में हेल्प कर दो तो उन व्यक्तियों को हम गणक बोलते हैं याद रखना तीसरी चीज वो लोग जिनसे आप सूचना लोगे सूचना इकट्ठा करोगे तो उन लोगों को हम सूचना प्रदान करता बोलते हैं इससे पहले क्या आप प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़े समझो ये तीनों चीजें आपके लिए समझना बहुत जरूरी था अब देखो आंकड़ों के स्रोत क्या हैं तो आंकड़ों के दो स्रोत है या तो आप प्राथमिक आंकड़े का इकट्ठा करोगे या आप द्वितीय काकड़े इकट्ठा करोगे ध्यान से समझना अगर अनुसंधान करता उम्मीद है सबको अनुसंधान कर्ता का मतलब पता है अगर अनुसंधानकर्ता किसी भी समस्या पे पहली बार खुद जाके या अपने गणकोर के सूचना शुरू से लेकर अंत तक एकत्रित करता है तो वो है
5:19 प्राथमिक आंकड़े और अगर अनुसंधानकर्ता सूचना खुद इकट्ठा नहीं करता या नहीं करवाता है बल्कि किसी और व्यक्ति ने किसी और संस्था ने सूचना इकट्ठा की थी और उससे आप सूचना मांग कर लेके आ जाते हो तो वो है आपके द्वितीय काकड़े जैसे एक एग्जांपल दे रहा हूं सपोज करो मैं आपकी क्लास में जानना चाहता हूं कि आपकी क्लास में कौन बच्चा फर्स्ट आया है क्योंकि मुझे आपको स्कॉलरशिप देना है अब दो रास्ते हैं मेरे पास रास्ता नंबर पहला कि मैं आपकी क्लास में आता हूं एक-एक बच्चे से मिलता हूं और उनके इकोनॉमिक्स में कितने मार्क्स आए वो मैं पूछता हूं ठीक है तो यहां पे मैं हूं अनुसंधान करता एरिया छोटा था मैंने किसी को अपने पास रखा नहीं कोई गणक नहीं रखा मैं सीधा आ गया किसके पास सूचना प्रदान करता मतलब आप लोगों के पास और सीधा आपसे
6:04 सूचना एकत्रित कर रहा हूं ठीक है तो ये क्या है ये है प्राथमिक विधि अच्छा मान लो एरिया बड़ा होता तो मेरे गणक जाते तो भी प्राथमिक विधि ही होती अच्छा रास्ता नंबर दूसरा मैं अनुसंधान करता मैं जानना चाहता हूं कि आपकी क्लास में कौन सा बच्चा है जो सबसे अच्छा है पढ़ने में और इसके लिए मुझे आपका रिजल्ट चाहिए इकोनॉमिक्स का तो मैं आपके पास नहीं आया सीधा आपके पास नहीं आया मैं गया आपके क्लास टीचर के पास जिन्होंने आपके नंबरों की एक लिस्ट बना रखी थी आपसे पूछ पूछ के या खुद पेपर चेक करके और उनसे मैंने वो लिस्ट ले ली कि सर मुझे यह बता दो कि आपके क्लास में किस बच्चे के क्या नंबर है कौन फर्स्ट आता है क्योंकि मुझे उसे स्कॉलरशिप देनी है तो अब जो मैं सूचना इकट्ठा करके लाया हूं वो द्वितीयक आंकड़े हैं क्योंकि सूचना मैंने खुद इकट्ठा नहीं की बल्कि किसी और व्यक्ति या संस्था ने कर
6:50 रखा था इकट्ठा उससे मैं मांग के लेके आ गया ठीक है बच्चों मैं आपको साफ बता दूं जो आपका टर्म वन का एग्जाम होगा उसमें प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़ों के बारे में क्वेश्चन पूछ पूछा जाना कंपलसरी होता है मतलब आएगा ही आएगा बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है आओ देखो पहले समझो प्राथमिक आंकड़ों का मीनिंग क्या है समझा तो मैंने आपको दिया है बस पढ़ लेते हैं यहां से देखो क्या है वे आंकड़े जो अनुसंधान की क्रिया में प्रथम बार मतलब पहली बार आरंभ से लेके अंत तक शुरू से लेके आखिरी तक इकट्ठा किया जाना है ठीक है एकत्रित किया जाएगा और उन्हीं आंकड़ों को प्राथमिक आंकड़े बोलेंगे और सबसे बड़ी बात कि ये आंकड़े मौलिक होते हैं मौलिक क्या होता है अभी थोड़ा हम आगे चलते हैं फिर इस बात को समझेंगे दूसरी तरफ आओ द्वितीयक आंकड़ों के बारे में समझो वो आंकड़े जिसे अनुसंधान
7:38 कर्ता स्वयं एकत्रित नहीं करता है खुद उसने इकट्ठा नहीं किया बल्कि किसी अन्य अनुसंधान कर्ता द्वारा एकत्रित किया गया है तो ऐसे और उससे आप मांग के लेके आ गए ऐसे आंकड़ों को हम द्वितीयक आंकड़े कहते हैं ठीक है उदाहरण मैंने आपको दे दिया है देखो क्या लिखा है उदाहरण के लिए प्रत्येक इस वर्ष के बाद की जाने वाली जनगण से प्राप्त आंकड़े सरकार के लिए प्राथमिक आंकड़े होंगे ठीक है आपको मैं बता दूं हर 10 साल बाद जनगणना होती है तो मान लो कि 10 साल बाद सरकार जब जनगणना करेगी वहां से जो सरकार को आंकड़े मिलेंगे वो क्या है प्राथमिक आंकड़े ठीक है और द्वितीयक आंकड़े क्या है मतलब इसका कि इकट्ठा नहीं कर रहे पहले से किसी और ने इकट्ठा किया आप उससे मांग के ले आए इसका यार एक बहुत अच्छा एग्जांपल मैं और आपको देता हूं स्कूल से स्कूल के टीचर ने आपको इको के
8:24 ऊपर एक प्रोजेक्ट फाइल बनाने को बोला तो अब दो रास्ते हैं रास्ता नंबर पहला कि आप प्रोजेक्ट फाइल खुद बना रहे हो जो भी टॉपिक है उस परे सर्च कर रहे हो सर्वे कर रहे हो सब कुछ करके आप खुद प्रोजेक्ट फाइल बना रहे हो तो प्राथमिक है रास्ता नंबर दूसरा आप स्कूल के टीचर के पास गए और आपने कहा कि सर पिछले साल के किसी बच्चे की कोई फाइल है तो दे दो आपने उस सर से जो है वो फाइल ले ली पिछले साल के किसी बच्चे की प्रोजेक्ट फाइल और उसमें कुछ चेंजेज करके आपने सर को वापस दे दिया तो यहां पे जो है आपने कौन से तरीके से फाइल इकट्ठा की दत्य आकड़े मतलब द्वितीयक तरीके से आपने फाइल इकट्ठा की ठीक है तो आपको ये उम्मीद करता हूं मैं क्लियर है उसके अलावा आप ये भी देख लो बच्चे कि प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़ों में प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़ों में कई सारे तरीके हैं जिनसे हम आंकड़ों को एकत्रित करते हैं ये कुछ तरीके हैं ये कुछ प्राथमिक के तरीके हैं और ये कुछ
9:10 द्वितीयक के प्राथमिक में यहां पे एक दो नाम कम लिखे लेकिन पढ़ाने के टाइम में आपको सारे पढ़ाऊंगा आप बेफिकर रहे ठीक है चलिए आगे चलते हैं आओ बहुत इंपोर्टेंट क्वेश्चन पढ़ो कि प्राथमिक और द्वितीयक आकड़ों में अंतर क्या है मैंने आपको कहा था ना कि एक वर्ड है मौलिक अभी पीछे आया था तो उसका क्या मतलब मैं आपको बताऊंगा देखो प्राथमिक और द्वितीयक आकड़ों में क्या अंतर है यहां पे प्राथमिक के बारे में लिखा है और अगले पेज में द्वितीयक के बारे में लिखा है ध्यान देना प्राथमिक आंकड़े वो होते हैं प्राथमिक आंकड़े वो आंकड़े हैं जो अनुसंधान कर्ता द्वारा अपने उद्देश्य के लिए पहली बार एकत्रित किए गए हैं किसने इकट्ठा किया अनुसंधानकर्ता ने उम्मीद है सबको पता है अनुसंधान कर्ता कौन है तो अनुसंधान करता ने इकट्ठा किया पहली बार इकट्ठा किया और क्यों इकट्ठा किया अपने
9:57 उद्देश्य के लिए इकट्ठा किया तो वो आंकड़े प्राथमिक आंकड़े द्वितीयक आंकड़े क्या है सॉरी और देखो क्या है प्राथमिक आंकड़े के बारे में प्राथमिक आंकड़े मौलिक होते हैं मैंने कहा था मौलिक वर्ड क्या है मौलिक का मतलब है मौलिकता का मतलब है ओरिजनलिटी जब आप आंकड़े खुद इकट्ठा करके लाए तो उसकी मौलिकता ओरिजनलिटी ज्यादा होगी और जब आपने किसी से आंकड़े किसी और ने इकट्ठा किया था आप उससे मांग के लेके आ गए तो उसकी मौलिकता कम होगी क्योंकि उस व्यक्ति ने जिसने इकट्ठा किया होगा उसने उस आंकड़ों के साथ कुछ छेड़खानी की होगी कुछ उसमें बढ़ा दिया होगा कुछ घटा दिया होगा कुछ अपनी तरफ से मिक्स कर दिया होगा तो ये बात आपको ध्यान रखना है कि जो प्राथमिक आंकड़े हैं आपने इकट्ठा किया है पहली बार इकट्ठा किया तो बिल्कुल मौलिक है बिल्कुल जो जो वहां से इंफॉर्मेशन मिली करेक्ट वही
10:42 इंफॉर्मेशन है लेकिन द्वितीयक आकड़े ऐसे नहीं है इसमें कुछ ना कुछ मिलावट है तो इसलिए आप याद रखिए कि प्राथमिक आंकड़े अधिक मौलिक होते हैं अगली बात की तरफ ध्यान दें प्राथमिक आंकड़ों को एकत्रित करने में अधिक धन और समय की आवश्यकता होती है धन भी ज्यादा लगेगा और पैसा भी मतलब टाइम भी ज्यादा लगेगा प्राथमिक में धन क्यों ज्यादा लगेगा एरिया है इन्वेस्टिगेटर खुद जाएगा एरिया मान लो बड़ा है तो इन्वेस्टिगेटर को कुछ इनोमिनेट कुछ सहायक लोग रखने पड़ेंगे जिसे मैंने गणक कहा था तो जब वो गणक रखोगे आप मदद करने वाले लोग तो उनको सैलरी देनी पड़ेगी तो धन भी लगेगा और एरिया बड़ा है तो समय भी लगेगा द्वितीयक में कम समय कम धन समय भी कम धन भी कम द्वितीयक वाले में क्यों क्योंकि आपको तो इकट्ठा करना ही नहीं है पहले से किसी और ने इकट्ठा किया आप उससे
11:27 मांग के लाने वाले हो ठीक है चलो जी तीन बातें हो गई लास्ट में एक एग्जांपल है देखो प्राथमिक का इसमें ये लिखा हुआ है कि अगर आपके जो टीचर मतलब कोई इन्वेस्टिगेटर है और वो आके सीधा किससे इन्वेस्टिगेशन में बातचीत कर रहा है सीधा आके बच्चों से पूछताछ कर रहा है तो प्राथमिक आंकड़े और अगर इन्वेस्टिगेटर आता है कोई बाहर से आता है जिसको आपके रिजल्ट के बारे में जानना है जैसे मैंने अभी अपना एग्जांपल दिया था तो उस केस में क्या होगा मान लो वो टीचर से आके पूछताछ करता है तो वहां पर क्या हो जाएगा वो आंकड़ा द्वित खुद बच्चों से मिले पूछताछ की तो प्राथमिक और पहले से टीचर ने आंकड़े इकट्ठा कर रखे उनसे मांग लिया तो द्वितीय देखो क्या लिखा हुआ है यदि अनुसंधान करता है 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों से पूछकर अर्थशास्त्र के विषय की अंक सूची बनाता है अनुसंधान कर्ता किससे मिला 11वीं के बच्चों से मिला और
12:14 सीधा उन्हीं से उनके नंबर पूछ के एक लिस्ट बना रहे है तो ये प्राथमिक आंकड़े हैं और द्वितीयक में क्या होगा बच्चों से नहीं मिला किससे मिला टीचर से अनुसंधान कर्ता किससे जाके मिला स्कूल के टीचर से और उन्होंने लिस्ट बना रखी थी उससे अनुसंधानकर्ता ने लिस्ट ले ली बच्चों के नंबर की तो वो द्वितीयक आंकड़े आओ द्वितीयक के बारे में भी पढ़ते हैं ये रहा आपका द्वितीयक आंकड़े देखो क्या लिखा हुआ है द्वितीयक आंकड़े वो आंकड़े होते हैं जो पहले एकत्रित किए जा चुके होते हैं और ये किसी दूसरे उद्देश्य के लिए किसी अन्य संस्था द्वारा एकत्रित किए गए या संग्रहित किए गए ठीक है पहले से ही कोई और इकट्ठा कर चुका है और उसने अपने काम के लिए इकट्ठा किया था आप तो बस उससे के लेके आ गए तो वो द्वितीयक आंकड़े हैं
13:01 द्वितीयक आंकड़े की मौलिकता नहीं होती है क्योंकि जिसने इकट्ठा किया होगा उसने इस आंकड़े को अपने हिसाब से तोड़ मरोड़ किया होगा तो इसलिए मौलिकता कम होती है इसमें उसके अलावा द्वितीय आकड़ों को एकत्रित करने में कम धन और कम समय की जरूरत होती है क्योंकि आपको इकट्ठा तो करना नहीं और एग्जांपल मैं आपको द्वितीयक का पहले ही दे चुका हूं चलो बच्चा पाटी और आगे ले चलते हैं चैप्टर को आओ जी देखो जैसा कि मैंने आपको कहा था कि प्राथमिक आंकड़ों को इकट्ठा करने के कई सारे तरीके हैं जिनमें से सबसे पहला तरीका है प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान प्रत्यक्ष का मतलब होता है सीधा व्यक्तिगत मतलब होता है आमने सामने और अनुसंधान मतलब पूछताछ तो यह एक ऐसा तरीका
13:49 जिसमें अनुसंधान करता खुद या अनुसंधान कर्ता के गणक अनुसंधान कर्ता मतलब जो मेन बंदा है जो सर्वे करवा रहा है और गणक मतलब उसके सहायक लोग हैं दोनों में से कोई भी सीधा उस व्यक्ति के पास पहुंचेंगे जो जो प्रभावित व्यक्ति है जो सूचना देने वाला व्यक्ति है और उस व्यक्ति से पूछताछ की जाएगी उस व्यक्ति से पूछताछ करके सूचना को एकत्रित किया जाएगा तो वो होता है प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान विधि एक एग्जांपल देता हूं मैं सपोज करो भगवान ना करें कहीं पे एक कार वाले ने किसी बाइक वाले को टक्कर मार दी ठीक है अब वो बाइक वाला गिर गया थोड़ी बहुत चोट लगी और उतने में किसी बंदे ने पुलिस वाले को कॉल कर दिया तो पुलिस वाला आया उसके साथ दो हवालदार भी आए पुलिस वाला जो आया मेन बंदा जो आया वो अनुसंधान करता है उसके साथ जो
14:36 दो हवालदार आए हैं वो कौन है गणक है उसके सहायक हैं और वो व्यक्ति बाइक वाला जिसको टक्कर लगी है जिससे अब पूछताछ की जा रही है कि भाई कैसे हुआ किसकी गलती थी क्या हुआ ठीक है तो वो कौन है सूचना प्रदान करता और यहां पे जो पुलिस वाला है वो सीधा या गणक जो है वो सीधा किससे बात कर रहा है जिसको छोट लगी है जो बाइक वाला जो गिरा है ठीक है उससे पूछताछ हो रही है तो यहां पे प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान विधि चल रहे है ठीक है देखो क्या लिखा हुआ है इसमें एक अनुसंधान करता स्वयं आप ध्यान रखें अनुसंधान करता स्वयं या अपने गणक को भेज के अनुसंधान क्षेत्र में जाके सूचना देने वाले से प्रत्यक्ष रूप से तथा सीधा संपर्क स्थापित करता है और उससे आंकड़े एकत्रित करता है उदाहरण मैंने आपको दे दिया है आप ये वाला उदाहरण भी पढ़ लेना अब आ जाओ इस
15:24 विधि के प्रमुख गुण क्या है मतलब ये वाली जो विधि है इसकी अच्छी बात क्या है सबसे अच्छी पहली बात कि यह विधि जो है इस विधि में आपको जो आंकड़े मिलेंगे वो मौलिक होंगे क्यों होंगे मौलिक क्योंकि आंकड़े कहां से आए आपने खुद इकट्ठा किए हैं है ना एक तो प्राथमिक की विधि है और प्राथमिक में भी क्या अनुसंधान करता या गणक प्रत्यक्ष रूप से व्यक्ति से मिल रहा है तो आंकड़े बिल्कुल मौलिक मिलेंगे प्योर मिलेंगे बिल्कुल शुद्ध मिलेंगे दूसरा क्या है देखो जरा एक तो मौलिकता होगी दूसरी शुद्धता होगी ठीक है आंकड़े जो है बिल्कुल क्या होंगे क्या कह रहा है क्योंकि अनुसंधानकर्ता स्वयं आंकड़े एकत्रित कर रहा है तो इसलिए आंकड़े शुद्ध होंगे ये बेटा एक बात समझना मौलिकता और शुद्धता में फर्क होता है मौलिकता का मतलब कि जैसा सामने वाले ने सूचना दी करेक्ट वैसा सूचना
16:09 आपके पास आया कोई मिलावट नहीं हुई तो मौलिक होता है और शुद्धता का मतलब होता है कि सामने वाले से जो सूचना प्रदान करता है उससे आप सही सही सूचना लेके आए ठीक है जब अनुसंधानकर्ता खुद जाएगा तो कोशिश करेगा कि सामने वाला जो बताए वो सच बताए तो इसलिए क्या बोला गया है कि इस मेथड में शुद्धता भी होती है इस मेथड में मौलिकता होती है प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान में और शुद्धता भी होती है दूसरा विश्वसनीय विधि है अरे भाई इस मेथड पर भरोसा नहीं करोगे तो किस पर करोगे ये मेथड जो है सबसे ज्यादा भरोसे लायक यही मेथड है क्योंकि अनुसंधान कर्ता खुद मिल रहा है किससे प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित व्यक्ति से उसके अलावा लोच शलता लोच शलता का मतलब होता है जिसमें परिवर्तन करना आसान है ठीक है अनुसंधानकर्ता खुद गया उसके मन में एक क्वेश्चन चल रहा था कि क्या मैं यह
16:55 क्वेश्चन सूचना प्रदान करता से पूछ लू लेकिन अनुसंधान का को लगा कि यार अगर मैंने य ये क्वेश्चन उससे पूछ लिया तो वो इस बात को सुन के थोड़ा सा मतलब परेशान हो जाएगा आंसर नहीं दे पाएगा या फिर मान लो उसको बुरा लगेगा तो अनुसंधानकर्ता उसी समय उस प्रश्न को क्या कर सकता है बदल सकता है क्योंकि अनुसंधानकर्ता खुद सूचना लेने गया है तो लोच शलता का मतलब कि अगर कोई प्रश्न बदलना है कोई प्रश्न बढ़ाना है कुछ एक्स्ट्रा उससे पूछना है या कोई बात आप इस बंदे से नहीं पूछनी है तो वो चेंजेज ये खुद कर सकता है ठीक है तो ये पहली विधि थी आपकी प्राथमिक की विधि है वि का नाम था प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान विधि जैसा कि आपको पता चला कि इसमें अनुसंधान करता या गणक स्वयं जाता है प्रभावित व्यक्ति स्वरा एकत्रित करता है इसमें प्रमुख गुण क्या है यह मेथड आपको मौलिक सूचना देगा
17:41 शुद्ध सूचना देगा भरोसे के लायक सूचना देगा और लोच शलता मतलब जब आप चाहो तब आप किसी प्रश्न को बदलना है तो अनुसंधान करता बदल भी सकता है अब आओ इस मेथड के अवगुण की तरफ बढ़ो देखो जरा क्या है प्रमुख अवगुण क्या है अवगुण के नाम पे इस मेथड में तीन कमियां हैं यह प्रणाली अनुसंधान के विस्तृत क्षेत्र के लिए उपयोगी नहीं है कहने का क्या मतलब ये मेथड तब नहीं लगेगा जब एरिया बहुत बड़ा है क्योंकि अगर एरिया बहुत बड़ा है तो अनुसंधानकर्ता एक-एक व्यक्ति से कैसे मिल सकता है या अपने गणक को भी वो हर व्यक्ति से प्रत्यक्ष रूप से मिलने के लिए कैसे भेज सकता है तो आपको पता होना चाहिए कि ये सिर्फ सीमित क्षेत्र में ही लगता है छोटे एरिया में ये मेथड
18:27 लगा सकते हो लेकिन बड़े एरिया ये मेथड नहीं लगते है उसके अलावा व्यक्तिगत पक्षपात होने की संभावना होती है पक्षपात कैसे होगा अनुसंधान करता स्वयं मिलने गया है प्रत्यक्ष प्रभावित व्यक्ति से और जब दो लोग जो दोनों प्रभावित है इसे सर्वे करना है और यह प्रभावित व्यक्ति है तो हो सकता है कि यहां पर पक्षपात हो जाए देखो क्या है इस विधि में अनुसंधान करता व्यक्तिगत पक्षपात के कारण परिणाम के दोष पूर्ण होने की होने का डर बना रहता है मतलब कि अगर अनुसंधानकर्ता ने एक भी बात भेदभाव वाले तरीके से उससे पूछ ली सूचना देने वाले से तो वो सूचना गलत दे देगा या गलत सूचना हमें मिलेगी तो फिर परिणाम के गलत होने के चांसेस होते हैं और लास्ट पॉइंट कि ये मेथड खर्चीली विधि खर्चा ज्यादा आएगा इस विधि में धन अधिक खर्च होता है तथा मेहनत भी लगती है क्यों
19:12 क्योंकि क्या हो रहा है इस मेथड में अनुसंधान करता या गणक स्वयं जा रहा है प्रभावित व्यक्ति के पास तो यह प्राथमिक मेथड में जो प्राथमिक आंकड़े हैं उसके अंदर यह पहला था आपके पास क्या प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान विधि ठीक है चलो जी अच्छा बेटा एक बात और बोलूंगा आप जिस भी बुक से पढ़ रहे होंगे तो उसमें हो सकता है कि तीन से ज्यादा गुण अवगुण दिए हुए हो लेकिन आप कोशिश करना कि दो से तीन गुण अवगुण हर मेथड के याद कर लेना ठीक है चलो अभी हमने उसमें चार आपको गुण बता दिए और तीन अवगुण बता दिए आगे बढ़ते हैं आगे देखो क्या है अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान नाम में जाओ नाम से ही आप समझ जाओगे अप्रत्यक्ष मतलब इस बार अनुसंधान करता प्रत्यक्ष व्यक्ति से नहीं मिलने वाला है अभी मैंने
19:58 आपको एग्जांपल बो दिया था ना कि कार वाले ने बाइक वाले को टक्कर मार दी तो बाइक वाले को कम चोट लगी थी और पुलिस वाला आया सीधा बाइक वाले से पूछताछ कर रहा था तो यहां और कार वाले से तो यहां पे क्या था यहां पे था प्रत्यक्ष लेकिन अब मान लो कि कार वाले को चोट बाइक वाले को चोट ज्यादा लगी है और लोग उसे लेके चले गए हैं हॉस्पिटल एडमिट करने के लिए तो अब जब पुलिस आएगी तो बाइक वाला तो है नहीं प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित व्यक्ति तो अस्पताल में है जब पुलिस उस एक्सीडेंट वाली जगह पे पहुंची तो अब पुलिस किससे पूछताछ करेगी आसपास जो लोग देख रहे थे जो लोग देख रहे थे वो थे अप्रत्यक्ष लोग और अब पुलिस वाले उनसे मौखिक तौर पर अनुसंधान करने वाली है मतलब पूछताछ करने वाली उम्मीद करता हूं समझ गए अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान विधि प्रत्यक्ष व्यक्ति मिला
20:43 नहीं इसलिए अनुसंधानकर्ता ने मौखिक तौर पर मुह जवानी कुछ क्वेश्चन पूछ लिया किससे अप्रत्यक्ष व्यक्ति से देखो क्या है पढ़ो अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान वह विधि है जिसमें किसी समस्या से अप्रत्यक्ष रूप से संबंध रखने वा वाले व्यक्ति से मौखिक पूछताछ द्वारा आंकड़े एकत्रित किए गए हैं ठीक है एग्जांपल आप इसे पढ़ लेना बाकी मैंने एग्जांपल आपको एक दे भी दिया है इस मेथड की अच्छी बातें क्या है पहली अच्छी बात विस्तृत क्षेत्र मतलब जब आप प्रत्यक्ष विधि में हो तो आपने एक सूचना कर्ता को पकड़ा सूचना देने वाले व्यक्ति को तो वो सिर्फ अपने बारे में बता पाएगा लेकिन इस मेथड में क्या है आप प्रत्यक्ष व्यक्ति से तो पूछताछ कर नहीं रहे आप अप्रत्यक्ष व्यक्ति से पूछताछ कर रहे हो तो वो ज्यादा से
21:28 ज्यादा लोगों के बारे में सूचना दे पाएगा जैसे मैं एक एग्जांपल देता हूं आपको एक गांव के बारे में जानना है कि उस गांव में गरीबी कितनी है तो आप गांव के एक-एक आदमी से ना मिलके आप उस गांव के मुखिया के पास पहुंचे ठीक है और उस मुखिया से आपने पूछताछ की कि इस गांव में कितने लोग रहते हैं उनकी वो कितना कमाते हैं कितना खर्च करते हैं तो एक मुखिया पूरे गांव के बारे में जो है आपको सूचना दे देगा तो मतलब कि विस्तृत क्षेत्र में अगर आपको सूचना चाहिए तो आप अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान विधि को लागू कर सकते हो दूसरा यह विधि कम खर्चीली होती है कम खर्चीली क्यों क्योंकि अप्रत्यक्ष व्यक्ति एक अप्रत्यक्ष व्यक्ति आपने पकड़ा वो 10 लोगों के बारे में आपको इंफॉर्मेशन सूचना दे देगा तो कम खर्चीला है धन कम लगेगा इसमें समय भी कम लगेगा उसके बाद विशेषज्ञों की समझी मतलब ये कि
22:14 जो अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान विधि होती है इसमें विशेषज्ञ लोगों की राय ली जा सकती है क्यों राय ली जा सकती है विशेषज्ञ किसे कहते हैं एक्सपर्ट जो उस चीज के बारे में बहुत कुछ जानते हो है ना तो इसमें आप आपको प्रत्यक्ष व्यक्ति से तो मिलना नहीं है तो अप्रत्यक्ष व्यक्ति कोई भी हो सकता है और कोई भी हो सकता है तो किसको हम चुनेंगे जो उस चीज के बारे में बहुत ज्यादा डिटेल में जानता हो और जो डिटेल में जानता होगा उसे आप क्या बोलोगे विशेषज्ञ बोलोगे तो मतलब अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान विधि में हमें विशेषज्ञ से राय मिल जाती है ये भी इसका एक गुण है और लास्ट पॉइंट कि ये मेथड आसान है सरल विधि है सरल क्यों है क्योंकि प्रत्यक्ष वाले में एक-एक व्यक्ति से मिलना पड़ेगा अप्रत्यक्ष वाले में एक व्यक्ति ब बहुत सारे लोगों के बारे में सूचना दे देगा ठीक
23:00 है तो आप इसको देख लीजिए उम्मीद करता हूं कि अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान भी आपको ठीक है अगर स्क्रीनशॉट लेना है तो आप ले लो इसका स्क्रीनशॉट मीनिंग और उसके प्रमुख गुण अब आ जाओ अवगुण की तरफ अप्रत्यक्ष विधि में कमियां क्या है पहली कमी शुद्धता की कमी क्यों शुद्धता की क्यों कमी क्योंकि जिससे आपने बात की है आप मतलब अनुसंधान करता अनुसंधानकर्ता ने जिससे बात की है वो प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित नहीं है तो वो सारी बातें सही तरीके से नहीं बता पाएगा सोचो ना थोड़ा सा सोच के देखो वो बाइक वाले को टक्कर लगी थी तो एक्युरेटली क्या हुआ वो तो बाइक वाले को ज्यादा पता होगा जो आसपास लोग देख रहे थे उन्होंने उन्हें उतना पता नहीं चला होगा है ना तो प्रत्यक्ष जो विधि है उसमें शुद्धता ज्यादा है और अप्रत्यक्ष वाले में शुद्धता की कमी होती है तीसरा पक्षपात
23:47 होने की संभावना है सपोज करो पुलिस वाले ने जिस तीसरे बंदे से पूछना शुरू किया वो तीसरा व्यक्ति जो कार वाला है जिसने उस बाइक वाले को टक्कर मारी थी उसका फ्रेंड था सोच के देखो पुलिस वाला आया कार वाले ने बाइक वाले को टक्कर मारी है और पुलिस वाला बाइक वाला एडमिट है मान लो अब पुलिस वाला जिस बंदे से पूछताछ कर रहा है वो कार वाले व्यक्ति का मित्र है उसी से पुलिस वाला पूछताछ कर रहा है तो क्या वो व्यक्ति अपने फ्रेंड की कमी बताएगा वो सारी कमी किसकी बता देगा बाइक वाले की कि भाई वो गलत चला के आ रहा था या उसने जो है ओवरटेक करने की कोशिश की मतलब पक्षपात होने की संभावना होती है इस विधि में आगे बढ़ी गलत परिणाम अरे भाई जब पक्षपात होगा तो सूचना गलत आएगी और सूचना गलत आएगी तो परिणाम भी गलत आने के चांसेस होते हैं ये इस मेथड के
24:33 अवगुण है उम्मीद करता हूं ठीक हुआ आप यहां तक ले लो स्क्रीनशॉट आगे बढ़ते हैं और आगे है प्रश्नावली और अनुसूचियों के माध्यम से सूचना संग्रहण देखो जी जो आपका प्राथमिक विधि है प्राइमरी मेथड प्राथमिक आंकड़े उसमें आपने प्रत्यक्ष मौखिक प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान पढ़ा अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान पढ़ा और अब तीसरा है प्रश्नावली विधि बच्चे प्रश्नावली विधि के अंदर आपको टोटल प्रश्नावली विधि के अंदर आपको टोटल दो विधियां पढ़ाई जाएगी डाक विधि और गणक विधि पहले प्रश्नावली विधि को समझो देखो यार अनुसंधान करता चाहता है कि जब कोई गणक या
25:18 कोई मतलब जब हम किसी से सूचना पूछे मान लो एरिया बहुत बड़ा है एरिया बहुत बड़ा है जहां से सर्वे करना है और अनुसंधान करता चाहता है कि जब हम किसी व्यक्ति से सूचना एकत्रित करें तो जो मैं चाहता हूं अनुसंधान करता बस वही प्रश्न उससे पूछे जाए मतलब इधर-उधर के कोई प्रश्न नहीं पूछे जाए मैं एक अनुसंधान करता और मैं चाहता हूं मात्र ये 10 क्वेश्चन मैं सूचना देने वाले व्यक्ति से पूछूं अब हर व्यक्ति से अनुसंधान करता खुद मिल पाए ये तो बड़ा मुश्किल है तो अनुसंधान करता क्या करता है अपने उद्देश्य को जिस बात प उसे सर्वे करना है उस बात को ध्यान रखते हुए एक प्रश्न पत्र बना लेता है एक प्रश्नावली बना लेता है उस प्रश्नावली में कई सारे क्वेश्चंस वो लिख देता है और अब इन्हीं क्वेश्चंस के ब पे सर्वे होना है और इसलिए इस विधि को हम प्रश्नावली विधि कहते हैं देखो बच्चा इस विधि में अनुसंधान करता
26:04 सबसे पहले अनुसंधान के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए किस बात को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एक प्रश्नावली तैयार करता है और अब दो रास्ते हैं एक इस प्रश्नावली को वो क्या कर सकता है डाक के द्वारा मेल करके अनु जो सूचना प्रदान करता है उसके पास भेज सकता है दूसरा क्या कर सकता है जो गणक है गणक मुझे उम्मीद है गणक कौन है आपको मैं बता चुका अनुसंधानकर्ता की मदद करने वाले लोग जो सर्वे करने में अनुसंधानकर्ता की मदद करेंगे मान लो मैं सर्वे करने वाला हूं पूरी दिल्ली का और दिल्ली बहुत बड़ी है मुसे अकेले नहीं हो पाएगा तो मैंने 20 पर 20 लोग अपने पास रख लिए जो मेरी मदद करेंगे इस सर्वे में है ना तो 20 लोग क्या है गणक तो पहला रास्ता कि अनुसंधान करता इस प्रश्न पत्र को सीधा सूचना वा देने
26:51 वाले व्यक्ति को मेल करके भेज दे और दूसरा रास्ता कि अपने गणकोर और गणकोर दे और बोले कि तुम क्षेत्र में जाओ और एकएक व्यक्ति से मिलो और उससे मात्र यही प्रश्न कुछ ऊपर से नहीं जो प्रश्न मैंने तुझे लिख के दिए हैं गणक बस ये प्रश्न जाके सूचना देने वाले व्यक्ति से पूछ के और इसमें भर के लेके आ जाओ उम्मीद करता हूं ठीक है ये मेथड स्क्रीनशॉट लेना है तो ले लो प्रश्नावली विधि क्या है विधि प्रश्न पत्र बनाया जाएगा और फिर प्रश्न पत्र को या तो डाक से भेज दोगे और नहीं डाक से नहीं भेजना तो अपने गणकोर जाके बोलो कि सूचना भर के ले आए चले आगे इससे आओ आगे देखो डाक विधि के बारे में जैसा कि मैंने आपको पहले ही समझा दिया यहां पर लिखा हुआ भी इसे पढ़ भी लेते हैं इस विधि में प्रश्नावली सूचना देने वाले व्यक्ति
27:37 के पास डाक द्वारा भेज दी जाएगी और प्रश्नावली के साथ इस बात को ध्यान देना प्रश्नावली के साथ एक पत्र और भेजा जाएगा जिसमें जांच के उद्देश्य को स्पष्ट किया जाएगा तथा सूचना देने वाले को यह विश्वास दिलाया जाएगा कि उसके द्वारा भेजी गई सूचना को गुप्त रखेंगे देखो प्रश्न पत्र भी भेजेंगे डाक सिह और उस प्रश्न पत्र के साथ एक और पत्र भेजेंगे उस पत्र में दो यहां दो बातें लिखी है एक्चुअल में तीन बातें लिखी जाती है पहला हम जांच क्यों कर रहे हैं दूसरा आप निश्चिंत रहे आप जो भी सूचना हमें देंगे हम उसे गुप्त रखेंगे किसी को नहीं बताएंगे और तीसरा रिक्वेस्ट टू रिटर्न कि भैया ये प्रश्न पत्र भरने के बाद हवाई जहाज बना के उड़ा मत देना उस प्रश्न पत्र को हमें लौटा देना ताकि हमें सूचना मिल पाए ये अनुसंधान करता वो जो
28:23 विशेष पत्र होता है उसमें तीन बातें और लिखता है ठीक है चलो जी इसमें थड के गुण क्या है कम खर्चीली विधि कम खर्चीली है ना सीधा मेल कर दो किसी गणक की कोई जरूरत नहीं किसी को वेतन वेतन देने की जरूरत नहीं इन्वेस्टिगेटर बैठा हुआ है बैठे बैठे उसने एक पेपर बनाया एक क्वेश्चन पेपर प्रश्नावली बनाई और सूचना देने वाले को अब तो का टाइम है कर दो मेल कर दो पहले था कि डाक के द्वारा भेज दो ठीक है दूसरा मौलिकता इसमें बहुत ज्यादा होती है देखो क्या लिखा है ये मेथड कैसा मेथड है मौलिक मेथड है कैसे मौलिक 10 प्रश्न थे अनुसंधान करता ने पेपर भेजा सूचना देने वाले व्यक्ति को सूचना देने वाले ने 10 प्रश्न के उत्तर भरे और जो आंसर उन्होंने भरा वही पेपर हमारे पास आया अनुसंधान कर्ता के पास तो मतलब बीच में उन प्रश्न के आंसर में
29:08 कोई चेंज तो नहीं हो पाया जो उन्होंने आंसर दिया करेक्ट वही आंसर हमारे पास आया तो मतलब बिल्कुल मौलिक होता है कोई मिलावट नहीं हो सकती इस मेथड में है ना तो मौलिकता बहुत ज्यादा होती है और विस्तृत क्षेत्र बड़ा एरिया कवर कर सकते हो एक प्रश्नावली बनानी है और जितने लोगों को मन करे उतने लोगों को आप क्या कर दो मेल कर दो सूचना एकत्रित कर लो कर लो जी स्क्रीनशॉट उम्मीद करता हूं यहां तक सबको समझ में आ रहा है यार बच्चों किसी को कोई भी समस्या हो कुछ ऐसा लगता हो कि यार सर आपके अंदर यह वाली बात बहुत अच्छी है तो वो भी कमेंट में लिख देना और किसी को पढ़ाने में कोई भी समस्या नजर आ रही हो कि सर यारी इस चीज को थोड़ा सा आप इंप्रूव कर लो तो वो बात भी आप लिख देना ठीक है सर बोल लो भाई बोल लो भैया बोल लो जो भी बोलना है बोल लो जो समस्या है वो कमेंट में बोल देना लेकिन ठीक है चलो आगे बढ़ते
29:56 हैं आगे डाक विधि के गुण हो गए हमारे गुण के बाद आप आ जाओ डाक विधि के अवगुण कमिया क्या है डाक विधि में शुद्धता की कमी शुद्धता की कमी कैसे मैं बताता हूं ना आपने प्रश्न पत्र भेजा सूचना देने वाले को सूचना देने वाले को पता है किस प्रश्न पत्र को मैं भर देता हूं अनुसंधान करता देख तो रहा नहीं है जो मन करे वो भर दिया उसने तो शुद्धता की कमी सीमित उपयोग अरे भाई जब सूचना देने वाला व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं होगा तो आप डाक विधि नहीं लगा सकते हो क्योंकि प्रश्न पत्र उसे भेजोगे पढ़ा लिखा तो है नहीं वो आपने जो प्रश्न पूछा ना वो उस प्रश्न को पढ़ पाएगा ना उसका वो जवाब दे पाएगा लिख के है ना तीसरा देखो तीसरा क्या है कमी उदासीनता उदासीनता को इंग्लिश में कहते हैं लैक ऑफ इंटरेस्ट
30:43 मतलब कि जो सूचना देने वाला व्यक्ति है वो कहेगा कि मैं क्यों इंफॉर्मेशन दूं सपोज करो अगर मैं अभी आप लोगों को वापस भेज दो तो आप में से ज्यादातर लोग इसमें उदासीनता दिखाएंगे लैक ऑफ इंटरेस्ट की मैं सूचना नहीं दे रहा क्या जरूरत है सूचना देने की तो वही यहां पे बोला गया कि अनुसंधान करता क्या करता है जो सूचना प्रदान करता है वो सूचना देने के टाइम उदासीनता दिखाता है मतलब वो इंटरेस्ट नहीं दिखाता कि ये मेरे से रिलेटेड कोई बात है नहीं तो मैं सूचना नहीं दे रहा या मुझे सूचना देने की कोई जरूरत नहीं है ठीक है तो ये तीन इसकी कमियां है देख लीजिए एक बार आप तीनों ले लीजिए स्क्रीनशॉट इस मेथड में शुद्धता की कमी होती है क्योंकि सामने वाला कुछ भी इंफॉर्मेशन भर के दे देगा
31:30 सीमित उपयोग जब लोग पढ़े लिखे नहीं होंगे तो आप ये मेथड यूज नहीं कर सकते और इंफॉर्मेशन देने वाला अगर उसका इंटरेस्ट नहीं है ज्यादा तो वो कहेगा मैं सूचना नहीं दे रहा हूं क्योंकि अनुसंधान करता तो गया नहीं सिर्फ एक पेपर गया है देखो अगर मैं आपसे कभी सामने से मिलूं और मैं कुछ पूछूं तो शायद से आप मुझे बता दो लेकिन अगर मैं आपको एक प्रश्नावली भेज दूं उसमें कोई क्वेश्चन पूछूं तो आप में से कुछ लोग हो सकता है मुझे आंसर ना दे उस बात का ठीक है तो यही यहां पे बोला गया कि उदासीनता होती है चलिए बच्चा पाटी आगे देखिए क्या है गणक विधि अरे वो हमने प्रश्नावली विधि में दोनों मेथड देख लिए थे कि प्रश्नावली में एक तो होता है डाक से भेज दो और दूसरा अगर डाक से नहीं भेजना तो अपने गणकोर लोग हैं कि आओ भैया हेल्पर लोगों आओ ये लो सब लोग प्रश्नावली ये लो प्रश्नावली
32:17 और जाओ जाके एरिया में जाके सर्वे करके लेके आ जाओ तो उसे हम गणक विधि कहते हैं देखो क्या लिखा हुआ है इस विधि में अनुसंधान के उद्देश्य को ध्यान में रखकर एक प्रश्नावली तैयार कर ली जाती है और इस प्रश्नावली को लेकर सूचना देने वाले व्यक्ति के पास कौन जाता है जनक नहीं गणक जाता है ठीक है कौन जाता है गणक जाता है स्वयं गणक स्वयं जाके सूचना लेके आता है मतलब फॉर्म बन गया प्रश्नावली बन गई अनुसंधानकर्ता ने गणक को बुलाया प्रश्नावली दी गणक गए सूचना एकत्रित की फॉर्म उनको देना नहीं है उनसे क्वेश्चन पूछ के खुद भरना है गणक को भर के सूचना लेके आ गए प्रमुख गुण क्या है इस मेथड के देखो इस विधि में व्यक्तिगत संपर्क हो पाता है सोचो जो प्रश्नावली विधि है उसके अंदर जो डाक विधि है उसमें आपने प्रश्न पत्र मेल कर
33:02 दिया तो पर्सनली कोई बंदा गया नहीं है तो इसलिए अनुस जो सूचना प्रदान करता है शायद से आपको सूचना ना दे या सही सूचना ना दे लेकिन गणक विधि में क्या है गणक खुद दरवाजे पे खड़ा है खुद खड़ा है सूचना लेने के लिए तो व्यक्तिगत संपर्क हुआ तो शायद से वो सही सूचना दे दे दूसरा शुद्धता इसमें ज्यादा होती है क्योंकि मैंने आपको बोला कि अगर आप कहीं प जाकर खड़े हो गए तो सामने वाला बंदा शायद से शुद्ध सूचना दे ठीक है उसके अलावा विस्तृत क्षेत्र ये पॉइंट जो है विस्तृत क्षेत्र आप कवर कर पाओगे देखो डाक विधि की तुलना में तो विस्तृत नहीं होगा ये डाक से तो कम होता है लेकिन बाकी मेथड की तुलना में विस्तृत क्षेत्र है क्योंकि जब अनुस जब गणक जाएगा तो उसे प्रश्न सोचना नहीं है सोच के नहीं पूछना है बल्कि वो 10 प्रश्न लिखे हुए हैं वही 10 प्रश्न पूछने तो काम थोड़ा सा तेज
33:48 होगा तो बड़े एरिया को आप कवर कर पाओगे तो ये तीन आपके गुण है ले लो बच्चा स्क्रीनशॉट चलो आगे चलते हैं अवगुण की तरफ चलते हैं देखो इस मेथड के अवगुण क्या है खर्चीली विधि है क्योंकि आपको बहुत सारे गणक रखने पड़ेंगे उनको सैलरी देनी पड़ेगी गणकोर होता बड़ी मुश्किल हो जाएगी क्योंकि जिस एरिया में आपको सर्वे करवाना है वहां पे आपको उस भाषा को बोलने वाले लोग भेजने पड़ेंगे लोग एजुकेटेड हो पढ़े-लिखे लोग हो सिंसियर लोग हो ऐसे लोग आपको चाहिए तो ऐसे लोगों का मिलना बड़ा मुश्किल है गणकोर हो पाना एक मुश्किल काम है एक तो खर्चीली विधि गणक को सैलरी देनी पड़ेगी दूसरा अच्छे गणक अच्छे इनोमिनेट मिलना मुश्किल है और अधिक समय लगेगा डाक विधि में क्या था कि एक ही बार एक क्लिक प सबके पास मेल चला गया वो इंफॉर्मेशन भर के दे देंगे लेकिन इसमें क्या है गणक खुद जाएगा तो
34:35 जाने का समय आने का समय प्रश्न पूछने का समय तो समय बहुत लगता है इस मेथड में क्या उम्मीद करूं ठीक है आ जाओ जी अच्छी प्रश्नावली या अनुसूची की प्रमुख विशेषताएं बच्चों मैं आपको बताऊं ये बहुत इंपॉर्टेंट प्रश्न है बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है कई बार कई बार यह प्रश्न पूछा जा चुका है कि अच्छी प्रश्नावली के अंदर क्याक गुण होते हैं वेरी वेरी इंपोर्टेंट क्वेश्चन है ये यार तुम बताओ ना तुम हो अनुसंधानकर्ता और तुम्हें किसी टॉपिक पर सर्वे करना है और एक प्रश्न पत्र बनाना है तो तुम किन-किन बातों का ध्यान रखोगे मान लो मान लो तुम्हें एक क्वेश्चन पेपर बनाना है बच्चों का स्कूल में पेपर लेने के लिए तो क्या क्या ध्यान रखना है पहला पहला कम नंबर ऑफ क्वेश्चन हो सर्वे
35:21 के टाइम प क्योंकि अगर आप ज्यादा क्वेश्चन दे दोगे तो जो सूचना प्रदान करता है वो कहेगा मैं क्यों दू इतने क्वेश्चन का आंसर दूस दूसरा क्वेश्चन को प्रॉपर सीक्वेंस में प्रॉपर सीरियल वाइज सेट करना है तीसरा अनावश्यक प्रश्न नहीं पूछने हैं चौथा मैथ्स से रिलेटेड कोई प्रश्न नहीं पूछना है क्योंकि कैलकुलेशन करना सबको नहीं आता है अगला कोई भी ऐसा प्रश्न नहीं पूछना है जिस परे वाद विवाद हो सकता है जैसे कि हिंदू मुसलमान को लेकर कोई क्वेश्चन नहीं पूछना क्योंकि वो झगड़े का विषय होता है ठीक है तो ऐसा कोई प्रश्न नहीं पूछना है उसके अलावा प्रश्नों को कोशिश करें कि जो एमसीक्यू क्वेश्चन होते हैं टिक वाले या तो टिक वाले क्वेश्चन हो या यस और नो वाले प्रश्न हो ठीक है सीमित क्वेश्चन को रखना है कम क्वेश्चन को रखना है प्रश्नावली बनाने के बाद अनुसंधानकर्ता को खुद एक बार उसको टेस्ट कर लेना चाहिए कि प्रश्न सही
36:07 है या नहीं है आंसर देने में जो सूचना देने वाला व्यक्ति होगा उसे सूचना देने में सुविधाजनक रहेगा या नहीं रहेगा तो इन कुछ बातों को ध्यान रख के आपको प्रश्नावली बनानी है ठीक है देखो क्या-क्या लिखा हुआ है एक बार देख लेते हैं यहां भी प्रश्नों की संख्या कम हो ताकि सूचना देने वाले के लिए आसानी हो सरल प्रश्न हो आसान प्रश्न रखने हैं आपको प्रश्नों का उचित क्रम रखना है पहले के बाद दूसरा दूसरे के बाद तीसरा अनुचित प्रश्न नहीं पूछने हैं अननेसेसरी प्रश्न नहीं पूछने हैं मतभेद रहित प्रश्न होने चाहिए कोई ऐसा क्वेश्चन नहीं होना चाहिए जिसमें दो लोगों की कंट्रोवर्सी हो जाए झगड़ा हो जाए ठीक है गणना ना करनी पड़े मतलब वो मैथ की कैलकुलेशन ना करनी पड़े पूर्व परीक्षण प्रश्नावली बनाने के बाद एक बारी खुद अनुसंधान कर्ता को उसे टेस्ट कर लेना चाहिए दिशा निर्देश
36:53 इंस्ट्रक्शंस का होना जरूरी है जैसे आपको जब स्कूल में पेपर देने जाते हो जब क्वेश्चन पेपर मिल है तो ऊपर कुछ लाइने लिखी होती है कि ये क्वेश्चन इतने से यहां तक इतने नंबरों का है उसके अलावा क्वेश्चन में यस और नो में आंसर देना है और वाले पार्ट कहां कहा पर लिखे हुए तो ये सारी इंफॉर्मेशन गिवन होती है तो वैसे ही दिशा निर्देश देने ताकि जो सूचना देने वाला व्यक्ति उस प्रश्नावली को आसानी से भर पाए सत्यता की जांच हो प्रश्न ऐसे हो जो यस और नो में हो और ताकि सामने वाला बंदा सही बोल रहा है या गलत बोल रहा है इस बात को आसानी से पकड़ा जा सके और अगली चीज प्रश्नावली को लौटाने की प्रा ना रिक्वेस्ट टू रिटर्न कहीं ऐसा ना हो कि अनुसंधान कर्ता ने क्या किया सॉरी सूचना देने वाले व्यक्ति ने क्या किया प्रश्न भरे और भरने के बाद जो भी क्वेश्चन थे उन सबका आंसर दिया और आंसर देने के पास अपने
37:38 पास ही रख लिया तो फिर अनुसंधानकर्ता के पास तो सूचना आई नहीं ना प्रश्नावली वहीं पर रह गया इंफॉर्मेशन देने वाले व्यक्ति के पास ही रह गई प्रश्नावली तो फिर सूचना नहीं आ पाई तो इसलिए आपको उसको रिक्वेस्ट करना है कि भाई साहब भरने के बाद लौटा देना क्योंकि हम इस सूचना के बिहा पर कुछ कुछ क्या कर रहे हैं कुछ परिणाम निकालने वाले किसी समस्या का समाधान निकालने वाले हैं ठीक है चलो बच्चों तो ये ले लो भाई स्क्रीनशॉट ये बहुत इंपोर्टेंट क्वेश्चन है मैं फिर से बोल रहा हूं कई बार छह मार्क्स में भीय क्वेश्चन पूछा गया है जिसमें आपको ये कुछ पॉइंट्स को डिस्कस करके देना है चलो आगे है बच्चे द्वितीयक आंकड़ों का संकलन द्वितीयक आंकड़े हमारी बात शुरू में ही हो गई थी आंकड़ों के दो टाइप है प्राथमिक और द्वितीयक प्राथमिक मतलब अनुसंधान करता खुद लाया और द्वितीयक मतलब
38:24 किसी और व्यक्ति या संस्था ने इकट्ठा किया है और वहां से आप के लेकर आ गए तो उसे कहते हैं द्वितीयक आकड़े ठीक है तो द्वितीयक आंकड़े वो आंकड़े जिसे अनुसंधान कर्ता खुद इकट्ठा नहीं कर रहा किसी और व्यक्ति और संस्था ने इकट्ठा किया है और द्वितीयक आकड़ों के दो प्रकार है दो है द्वितीयक आकड़ों के अंदर देखो प्रकाशित स्रोत और अप्रकाशित स्रोत दो है द्वितीय काकड़ के अंदर प्रकाशित और अप्रकाशित स्रोत बोलो डन है प्रकाशित स्रोत क्या है और अप्रकाशित क्या है जरा समझने की कोशिश करो देखो बेटा जब कोई बंदा किसी भी टॉप टॉपिक के ऊपर सर्वे करता है तो अगर उसने सर्वे इसलिए किया कि उसका कोई पर्सनल जरूरत थी पर्सनल नीड थी तो वो उसको सर्वे करने के बाद वो सारी सूचना अपने पास ही रख लेता है ठीक है जैसे सपोज करो कि आपकी
39:10 क्लास 11थ का जो आपका रिजल्ट है वो सारा रिजल्ट कहां पे है आपके स्कूल में रखा होगा आपके क्लास टीचर के पास रखा होगा और अगर किसी को चाहिए तो यहां पे इस केस में उस व्यक्ति को उस अनुसंधान कर्ता को आपके क्लास टीचर के पास जाना पड़ेगा और उससे आंकड़े मांग के लाने पड़ेंगे तो ये है द्वितीयक आंकड़े और दतक में कौन से हैं मांग के लाना पड़ा ना तो अप्रकाशित अप्रकाशित स्रोत है ठीक है अप्रकाशित स्रोत देखो क्या लिखा है द्वितीयक आकड़ों का अप्रकाशित स्रोत भी होता है जैसे सरकार विश्वविद्यालय निजी संस्थाएं व्यक्तिगत अनुसंधान करता विभिन्न उद्देश्यों के लिए के लिए ऐसे आंकड़े संकलन करती है जिन्हें प्रकाशित नहीं किया जाता है मतलब किसी न्यूजपेपर में किसी मैगजीन में कहीं पर पब्लिश नहीं करते सपोज करो मेरे पास जो है कुछ स्टूडेंट पढ़ते हैं 200 बच्चे पढ़ते
39:56 हैं मेरे पास तो उन बच्चों का मैंने टेस्ट लिया अब टेस्ट लिया तो उनका जो रिजल्ट है वो रिजल्ट मेरे पास है और मैंने अपने पास रख रखा है ठीक है आप में से किसी को कोई सर्वे करना है और वो रिजल्ट आपको चाहिए तो आपको मुझसे आके मांगना पड़ेगा तो वो क्या है अप्रकाशित स्रोत है वहीं पे देखो प्रकाशित स्रोत की खास बात क्या होती है अनुसंधान करता जो दूसरा अनुसंधान करता है जिसने सूचना एकत्रित की है तो वो व्यक्ति अपना काम करने के बाद वो सारा डाटा वो सारे आंकड़ों को अगर क्या करता है सरकारी प्रकाशन कर देता है मतलब सिंपल ये कि किसी न्य न्यूजपेपर में किसी मैगजीन में ठीक है google2 से निकाल लो सपोज अगर आपको ये जानना है कि दिल्ली में कोरोना के टोटल कितने केस आए कितने लोगों की डेथ हुई ठीक है कितने लोगों को वैक्सीनेशन हुआ
40:41 वैक्सीनेशन लग पाया टीका लग पाया तो ये सारी बातें अगर आपको जाननी है तो सब कहां मिलेगा कौन सा बच्चा ऐसा है जो फर्स्ट आया है टेस्ट में तो क्या ये google2 नंबर में पूछ लेते हैं कि प्रकाशित स्रोत के कुछ एग्जांपल दो देखो पहला क्या है सरकारी प्रकाशन सरकार कई बार कई टॉपिक पे आंकड़े इकट्ठा करती है और उसे फिर न्यूज़पेपर मैगजीन कहीं पे प्रकाशित कर देती है अर्ध सरकारी अर्ध सरकारी मतलब एनजीओ भी कई बार डाटा इकट्ठा करती है न्यूज़पेपर या मैगजीन में उसे प्रकाशित कर
41:26 देती अ समितियों और अयोग्य की रिपोर्ट मतलब कि सरकारी समितियां होती है उनकी रिपोर्ट पत्र पत्रिका से डाटा इकट्ठा किया जा सकता है अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय इंटरनेशनल प्रकाशन जो किया जाता है वहां से डाटा इकट्ठा कर सकते हो उसके अलावा बहुत सारी संस्थाएं हैं जैसे आईएमएफ इनका डाटा होता है वर्ल्ड बैंक का होता है मतलब ये बहुत सारे स्रोत है जहां से आप द्वितीयक आकड़े इकट्ठा कर सकते हो तो बच्चों ये हमारा था कलेक्शन ऑफ डाटा का पार्ट फर्स्ट इसमें हमने ये पढ़ लिया कि कि प्राथमिक आंकड़े क्या है द्वितीयक आंकड़े क्या है आंकड़े क्या है प्राथमिक आंकड़े और द्वितीयक में अंतर क्या होता है प्राथमिक आंकड़ों को इकट्ठा करने के स्रोत क्या है उसके गुण अवगुण द्वितीयक आंकड़ों के स्रोत क्या है गुण अवगुण ये सब आपने पढ़ लिया तो उम्मीद करता हूं कि आप सबको अच्छे से समझ में आया होगा तो यार वो क्या
42:13 बार-बार बोलूं यार लाइक कर देना अगर पसंद आता है मन करे तो शेयर कर देना ना करे तो मत करना यार कोई बात नहीं बाकी हां हम आपके साथ हैं कोई भी समस्या हो आप हमें टेक्स्ट कर देना और रोशन सर का नंबर भी शायद से बहुत सारे बच्चों के पास चला गया होगा तो सर को मैसेज कर देना या फिर कमेंट कर देना सीधा वीडियो के नीचे कमेंट कर देना जो भी समस्या होगी हमारी कोशिश करेंगे हम कि उसे दूर किया जाए चलो बच्चों बाय पढ़ते रहो बढ़ते रहो तरक्की करते रहो बाय