Earthquake Engineering ( भूकंप अभियांत्रिकी )|-Full Revision-(The Real मैराथन) - by Ashwini Sharma

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो भूकंप इंजीनियरिंग का एक व्यापक पुनरावलोकन प्रदान करता है, जिसमें डिप्लोमा परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। वीडियो में भूकंप की परिभाषा, प्रकार, कारण, भूकंपीय तरंगें, भूकंप प्रतिरोधी संरचनाओं का निर्माण, आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई है।

मुख्य बातें:

  • भूकंप की परिभाषा और वर्गीकरण
  • भूकंप के कारण और टेक्टोनिक प्लेट सिद्धांत
  • भूकंपीय तरंगें और सिस्मोग्राफ
  • भूकंप प्रतिरोधी संरचनाओं का निर्माण
  • आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य
  • रेट्रोफिटिंग तकनीक

भूकंप इंजीनियरिंग का परिचय

यह वीडियो भूकंप इंजीनियरिंग का एक त्वरित पुनरावलोकन है, जो डिप्लोमा परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें भूकंप से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विषयों को कवर किया जाएगा, जिससे छात्रों को कम समय में परीक्षा के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।

भूकंप की परिभाषा और प्रकार

भूकंप पृथ्वी की सतह पर अचानक होने वाली गति है, जो भूकंपीय तरंगों के कारण होती है। भूकंप को उनके स्थान (इंट्राप्लेट और इंटरप्लेट), गहराई (उथला, मध्यम और गहरा), और उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। इंट्राप्लेट भूकंप टेक्टोनिक प्लेटों के बीच में आते हैं, जबकि इंटरप्लेट भूकंप प्लेटों की सीमाओं पर आते हैं। गहराई के आधार पर, उथले भूकंप सतह के करीब होते हैं, जबकि गहरे भूकंप गहराई में होते हैं।

भूकंप के कारण

भूकंप के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें पटल संकुचन, ज्वालामुखी विस्फोट, प्रत्यास्थ प्रतिक्षेप सिद्धांत, पृथ्वी के घूमने की गति में परिवर्तन और टेक्टोनिक प्लेटों की गति शामिल हैं। टेक्टोनिक प्लेट सिद्धांत सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत सिद्धांत है, जो बताता है कि पृथ्वी की सतह कई बड़ी और छोटी प्लेटों से बनी है जो धीरे-धीरे चलती हैं। जब ये प्लेटें टकराती हैं या एक-दूसरे से रगड़ती हैं, तो भूकंप आते हैं।

भूकंपीय तरंगें और सिस्मोग्राफ

भूकंपीय तरंगें भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली ऊर्जा हैं। दो मुख्य प्रकार की भूकंपीय तरंगें हैं: बॉडी तरंगें और सतह तरंगें। बॉडी तरंगें पृथ्वी के अंदर से गुजरती हैं, जबकि सतह तरंगें सतह के साथ चलती हैं। सिस्मोग्राफ एक उपकरण है जिसका उपयोग भूकंपीय तरंगों को मापने के लिए किया जाता है। सिस्मोग्राफ द्वारा रिकॉर्ड किए गए डेटा का उपयोग भूकंप के परिमाण और तीव्रता को निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है। भूकंप का परिमाण रिक्टर पैमाने पर मापा जाता है, जबकि तीव्रता संशोधित मरकली पैमाने पर मापी जाती है।

विभिन्न प्रकार की भूकंपीय तरंगें

भूकंपीय तरंगों को दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: बॉडी तरंगें और सतह तरंगें। बॉडी तरंगें पृथ्वी के आंतरिक भाग से होकर गुजरती हैं, जबकि सतह तरंगें पृथ्वी की सतह के साथ चलती हैं। बॉडी तरंगों में प्राथमिक तरंगें (P-तरंगें) और द्वितीयक तरंगें (S-तरंगें) शामिल हैं। P-तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें हैं जो ठोस, तरल और गैसों से गुजर सकती हैं, जबकि S-तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं जो केवल ठोस पदार्थों से गुजर सकती हैं। सतह तरंगों में लव तरंगें और रेले तरंगें शामिल हैं।

पारंपरिक भवनों पर भूकंप का प्रभाव

विभिन्न प्रकार के निर्माणों का भूकंप के दौरान अलग-अलग व्यवहार होता है। कच्ची ईंटों और मिट्टी के गारे से बने भवन भूकंप के प्रति बहुत कमजोर होते हैं और आसानी से ढह जाते हैं। ईंट चिनाई वाले भवन भारी होते हैं और भूकंप के दौरान अत्यधिक जड़त्व बल का अनुभव करते हैं। प्रबलित कंक्रीट भवन बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन अगर उन्हें ठीक से डिजाइन और निर्मित नहीं किया गया है तो वे भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। लकड़ी के घर भूकंप के प्रति सबसे कम संवेदनशील होते हैं क्योंकि वे हल्के होते हैं और जड़त्व बल का अनुभव कम करते हैं।

भूकंप के दौरान संरचनात्मक विफलता

भूकंप के दौरान संरचनाओं में कई प्रकार की विफलताएँ हो सकती हैं, जिनमें आउट-ऑफ-प्लेन विफलता, इन-प्लेन विफलता, डायाफ्राम विफलता और कनेक्शन विफलता शामिल हैं। आउट-ऑफ-प्लेन विफलता तब होती है जब दीवारें भूकंपीय बलों के लंबवत दिशा में झुक जाती हैं। इन-प्लेन विफलता तब होती है जब दीवारें भूकंपीय बलों के समानांतर दिशा में कतरनी बलों का अनुभव करती हैं। डायाफ्राम विफलता तब होती है जब छत या फर्श भूकंपीय बलों को दीवारों तक स्थानांतरित करने में विफल रहता है। कनेक्शन विफलता तब होती है जब संरचना के विभिन्न घटक एक साथ जुड़े रहने में विफल रहते हैं।

भूकंप प्रतिरोधी संरचनाओं का निर्माण

भूकंप प्रतिरोधी संरचनाओं का निर्माण करने के लिए, कई कारकों पर विचार किया जाना चाहिए, जिनमें साइट का स्थान, निर्माण सामग्री, ज्यामितीय आकार, संरचना का द्रव्यमान और निर्माण में निरंतरता शामिल है। संरचनाओं को मजबूत और स्थिर बनाने के लिए विशेष निर्माण विधियों, जैसे कि फ़्रेमयुक्त निर्माण और बॉक्स-प्रकार के निर्माण का भी उपयोग किया जा सकता है।

भूकंपीय क्षेत्र और भारत में भूकंप

भारत को भूकंपीय गतिविधि के स्तर के आधार पर चार भूकंपीय क्षेत्रों में विभाजित किया गया है: क्षेत्र II, III, IV और V. क्षेत्र V सबसे अधिक सक्रिय है, जबकि क्षेत्र II सबसे कम सक्रिय है। भारत का लगभग 65% क्षेत्र क्षेत्र III से क्षेत्र V में आता है।

रेट्रोफिटिंग: परिभाषा, आवश्यकता और सिद्धांत

रेट्रोफिटिंग मौजूदा संरचनाओं को भूकंप प्रतिरोधी बनाने की प्रक्रिया है। रेट्रोफिटिंग की आवश्यकता तब होती है जब संरचनाएं भूकंपीय रूप से असुरक्षित होती हैं या क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। रेट्रोफिटिंग के मुख्य सिद्धांतों में निरीक्षण और विश्लेषण, प्राथमिकता निर्धारण, कुशल कारीगरी और संरचना के आकार और संरचना में सुधार शामिल हैं।

चिनाई वाली इमारतों की रेट्रोफिटिंग

चिनाई वाली इमारतों की रेट्रोफिटिंग में नींव को मजबूत करना, मेहराबों को मजबूत करना, ढलान वाली छतों को मजबूत करना और दीवारों को मजबूत करना शामिल है। नींव को मजबूत करने के लिए, दीवार के दोनों किनारों पर प्रबलित कंक्रीट के फुटिंग जोड़े जा सकते हैं। मेहराबों को मजबूत करने के लिए, टाई रॉड स्थापित किए जा सकते हैं। ढलान वाली छतों को मजबूत करने के लिए, हल्की सामग्री का उपयोग किया जा सकता है और क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर ब्रेसिंग जोड़ी जा सकती है। दीवारों को मजबूत करने के लिए, फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक शीटें जोड़ी जा सकती हैं या चिनाई वाले खंभे स्थापित किए जा सकते हैं।

आरसीसी इमारतों की रेट्रोफिटिंग

आरसीसी इमारतों की रेट्रोफिटिंग में स्लैब को मजबूत करना, बीम को मजबूत करना, दीवारों को मजबूत करना, कॉलम को मजबूत करना और नींव को मजबूत करना शामिल है। स्लैब को मजबूत करने के लिए, मोटाई बढ़ाई जा सकती है या प्रबलित कंक्रीट की परत जोड़ी जा सकती है। बीम को मजबूत करने के लिए, जैकेटिंग विधि का उपयोग किया जा सकता है। दीवारों को मजबूत करने के लिए, कंक्रीट जैकेट जोड़ी जा सकती है। कॉलम को मजबूत करने के लिए, जैकेटिंग विधि का उपयोग किया जा सकता है। नींव को मजबूत करने के लिए, क्षेत्रफल बढ़ाया जा सकता है या जैकेटिंग विधि का उपयोग किया जा सकता है।

प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली

प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली आपदा संभावित क्षेत्रों में लोगों को समय पर चेतावनी देने के लिए स्थापित की जाती है। इन प्रणालियों में सेंसर, संचार नेटवर्क और चेतावनी प्रसार तंत्र शामिल हैं। प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का उद्देश्य लोगों को आपदा के लिए तैयार करने और जान बचाने में मदद करना है।

आपदा प्रबंधन

आपदा प्रबंधन में आपदा को कम करने, संकट में फंसे लोगों को बाहर निकालने और आपदा के प्रभावों से राहत दिलाने के उपाय शामिल हैं। आपदा प्रबंधन में बचाव कार्य, राहत कार्य और पुनर्वास कार्य शामिल हैं। बचाव कार्यों में आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शामिल है। राहत कार्यों में भोजन, पानी, आश्रय और चिकित्सा सहायता प्रदान करना शामिल है। पुनर्वास कार्यों में आपदा से प्रभावित लोगों को सामान्य जीवन में वापस लाने में मदद करना शामिल है।

बचावकर्मी और बचाव योजना

बचाव कार्यों में तीन प्रकार के लोग शामिल होते हैं: उत्तरजीवी, अप्रशिक्षित कार्यकर्ता और प्रशिक्षित कार्यकर्ता। उत्तरजीवी वे लोग हैं जो आपदा से बच जाते हैं, लेकिन वे बचाव कार्यों में मदद करने के लिए योग्य नहीं होते हैं। अप्रशिक्षित कार्यकर्ता वे लोग हैं जो मानव सहानुभूति के कारण आपदा क्षेत्र में सहायता करने के लिए आते हैं, लेकिन वे प्रशिक्षित नहीं होते हैं। प्रशिक्षित कार्यकर्ता वे लोग हैं जो बचाव कार्यों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं। बचाव योजना में आपदा क्षेत्र का पता लगाना, समस्या को हल करने की प्रक्रिया, संभावित समाधान और अंतिम योजना का विकास शामिल है।

बचाव सुरक्षा और उपकरण

बचाव कार्यों के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करना महत्वपूर्ण है। बचाव कर्मियों को हेलमेट, दस्ताने, बूट और धूप का चश्मा पहनना चाहिए। उन्हें अपने पास पानी की बोतल रखनी चाहिए और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों में इन्फ्रारेड कैमरे, ध्वनिक उपकरण, बायो रडार, सीढ़ी, क्रेन, मास्क, रबर बूट, कोट, दस्ताने, लोडर, ट्रक, बुलडोजर और फावड़ा शामिल हैं।

मलबा सफाई और हताहत प्रबंधन

बचाव कार्यों के बाद, मलबे को हटाना और हताहतों का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण है। मलबे को हटाते समय, पानी और बिजली की आपूर्ति काट दी जानी चाहिए, और श्रमिकों को सुरक्षात्मक उपकरण पहनने चाहिए। हताहतों के प्रबंधन में घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान करना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शामिल है।

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Transcript

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0:00 आज की वीडियो में हम लोग जो अर्थक्वेक इंजीनियरिंग है उसका पूरा रिवीजन करेंगे जितना भी आप लोगों ने पढ़ कर है नहीं कर है ये उतना डिप्लोमा के एग्जाम के पॉइंट ऑफ व्यू से उतना ज्यादा लेंडी वाला सिलेबस उसका है ही नहीं अब कुछ सब्जेक्ट होते हैं इनको बहुत ज्यादा समय देना पड़ता है कुछ ऐसे सब्जेक्ट होते हैं जिनको बहुत कम समय देकर के भी आप अच्छा नंबर ला सकते हैं फिर उसके बाद भी तमाम तरह के सवाल जो है 2 घंटे में रिवीजन कर देते हैं बिल्कुल क्योंकि मेरी क्लासेस और जो पेड़ वाली होती है उसमें मैं बहुत लंबी लंबी क्लासेस लेता हूं यार जो भी चलता है तो वह दिखने समझने के लिए क्लासेस थोड़ा सा समझने क्या है लेकिन ज्यादातर एग्जाम के लिए ट्रेंड करने का है मैं वह सिलेक्टेड बातें ही बोलूंगा और अगर आपको

0:47 इस मैराथन क्लास के ऊपर जरा सा भी ऐसा लगे की शायद 2 घंटे में या कम समय में हम लोग पूरा नंबर नहीं ला पाएंगे अपना 2 घंटे आप मुझे दे करके देख लीजिए नंबर आता है की नहीं आता है आपका एग्जाम है इतना साफ का सिलेबस है उतना कंप्लीट करने में और उतना लिखने में आपको दिक्कत नहीं दिक्कत तब होती है जब आपको समझना पड़ता है सीखना पड़ता है चीजों को उसमें लगेगा लिए मुद्दे पर बात करते हैं मैं एक पीडीएफ प्ले करके आपको वो नोट्स भी आपको पुरी प्रोवाइड कर दूंगा फ्री ऑफ कॉस्ट कहां से आप नोट्स ले सकते हैं तो आप देख रहे होंगे स्क्रीन पर जो है आपको बड़े आराम से दिख रहा होगा यहां पे वेबसाइट

1:32 सिविल टेक्नोलॉजी [संगीत] क्लासिक है जो सीखने समझने के लिए क्लासेस अब आगे चलते हैं मुद्दे पर हम ठीक है वो हम लोग स्टार्ट करते हैं पूरा और कंप्लीट करेंगे इसी में पूरा अर्थक्वेक और बिल्कुल ये दिमाग से निकल के बस हमको अपना 2 घंटा दे दीजिए फिर देखिए ये क्या होता

2:17 है खत्म हो जाती है या नहीं हो जाती थी ठीक है लिए देखते हैं क्या है सबसे पहले सबसे पहले हम लोग यहां पर देखते हैं तो अर्थव्यवस्था मतलब होता है की भाई जो हमारा अचानक से जो हमारा ऊपर का सरफेस है ये नोट्स हिंदी में है बट मैं फिर से वही कहता हूं की दोनों भाषाओं में लेक्चर पॉसिबल नहीं हो पता है ठीक है ना तो किसी एक ही भाषा में हम लोग लेकर चलते हैं ऑडियंस ज्यादा हिंदी केसली और बाकी इंग्लिश का वैसे तो मैंने इंग्लिश वालों के लिए अब हम लोग बात करते हैं की अगर सरफेस पर अचानक से कोई गति महसूस हो आपको तो हम लोग

3:06 कहते हैं की यहां पर भूकंप आया हुआ परिभाषा के रूप में किताब में कॉपी में कैसे लिखेंगे सामने लिखा गया है की जो भू- प्रेस यानी सरफेस में आपका स्मार्ट यानी अचानक से आने वाले एलो रे और झटका यानी भूकंप की तरंगे जिससे भूमि पर आधारित प्रत्येक जो निर्जीव पिंड में कंपन होने लगता है भूकंप कहलाता है जिस क्षेत्र में ये झटका तीव्र होते हैं यानी तेज झटका आते हैं वहां चारों तरफ विनाश और मकान रह जाते हैं सके नीचे ढाल जाती हैं पाइप के फैट जाती है तमाम तरह भूकंप इफेक्ट जो आप देखते हैं वो सब यानी भूकंप की अपनी एक परिभाषा या भूकंप कैसा महसूस होता है अब भूकंप यदि बटवारा किया जाए की कितने टाइप के भूकंप होते हैं तो आप देखिए यह सब इंपॉर्टेंट क्वेश्चन की पुरी लिस्ट है यह

3:53 पुरी लिस्ट इंपॉर्टेंट क्वेश्चन की भूकंप का जो हम लोग बटवारा करेंगे ना की भूकंप का इस टाइप से भूकंप को बनता जाता है तो एक चीज जान लीजिएगा भूकंप के केस में आपका क्लासिफिकेशन ऑफ अर्थक्वेक है यानी किस आधार भूकंप को बनता गया तो पहला है किस आधार पे किसी चीज को बांटने की कई तरीके होते हैं ठीक है ना यानी किसी भी चीज का बंटवारा कई आधार पे मैं आप ही से पूछ डन की आप कितने प्रकार के व्यक्तियों को जानते हैं तो आप का सकते हैं की हम दो तरह के लोग जानते हैं एक दुष्ट होते हैं और एक समझदार और अच्छे व्यक्ति होते हैं मैं कहूंगा नहीं कुछ गोरे होते हैं और कुछ काले होते हैं तो कहेंगे आपने तो रंग के आधार पर बताया तो मैं कहूंगा नहीं नहीं आपको समझदारी के आधार पर बता रहे द इसका मतलब बांटने की कई तरीके हो सकता है तो पहला तरीका की लोकेशन क्लासिफिकेशन यानी

4:38 भूकंप किस जगह पर है उसे जगह पर उसका किया गया तो एक होता है कहां पाया जाता है कहां पाया जाने का मतलब होता है दो तरह का मुख्य रूप से एक इंटरप्रेटर पर होता है एक इंट्रा प्लेट होता है इंट्रा प्लेट इंट्रा प्लेट और एक होता है इंटरप्रेट यह दोनों भूकंप में क्या डिफरेंस है यह दोनों अर्थक्वेक में क्या डिफरेंस है एक चीज जान लीजिएगा यह भूकंप टेक्टोनिक प्लाटों की सीमाओं पर घटते हैं यानी सीमाओं पर का मतलब होता है जानते हैं पृथ्वी की जो ये गोली है ना पृथ्वी का जो ये पूरा गोली है आप जानते होंगे हम लोग ना किसी ना किसी प्लेट पर है पृथ्वी ऐसे गोल है पुरी आप पृथ्वी के ऊपर कुछ प्लान ऐसे चिपकी हुई हैं लेते हैं प्लेट का मतलब होता है की वो

5:24 तिरछी विषय ऐसे टाइप करके कुछ चिपका हुआ है कभी अंडे को चम्मच मार दीजिए कच्चा अंडा दीजिए उसको चम्मच फैट नहीं जाता है उसी तरह से पृथ्वी के ऊपर कुछ प्लेट चिपकी हुई और हम उन्हें प्लाटों के ऊपर टर रहे होंगे हम लोग मैग्मा के ऊपर टर रहे हैं और उसके लड़े मारे जा रहे हैं हम लोग ज़मीन ज्यादा कहने का मतलब यह पुरी जमीन ही एक दूसरे से चलाएं मैन है प्लाटिंग khisakti है आगे पीछे होती हैं पुराना इतिहास में नहीं khanalunga बस मैं इतना कहना चाहता हूं यह प्लान एक दूसरे से जब टकराती हैं तो भूकंप आते हैं अभी टेक्टोनिक प्लेट की थ्योरी सामने आएगी लेकिन जब ये प्लान जैसे एक प्लेट है दूसरी प्लेट है तो इनके कहीं बीच में यदि भूकंप आया ना तो उसको इंट्रा प्लेट कहते हैं और जब कभी इनके किनारो पर आए तो उसको इंटरप्लेट कहते हैं ठीक है ना यानी पृथ्वी पर ऐसे प्लेट ऐसे थी और दूसरी

6:12 जैसे मैन लीजिए भारत इस प्लेट पे है मैन लीजिए भारत इस प्लेट पे पूरा भारत ही एक प्लेटफार्म होगा और कई दूसरे तो यह दोनों प्लाटों के बीच में अगर कहीं भूकंप आए तो उसको हम लोग कहते हैं देखें यहां पर इंटरप्रेट लिखा है यह भूकंप किसी टेक्टोनिक प्लेट के मध्य क्षेत्र यानी दो प्लान हैं इसकी आप ऐसे samjhiega प्लान यह एलिवेशन में समझेंगे एलिवेशन मैन लीजिए एक प्लेट की गहराई है दूसरा प्लेट यहां कहीं ए रहा है अगर कहीं सीमाओं पर ए रहा है प्लाटों पर इधर इधर इन जगह पर तो इसको कहेंगे हम लोग क्या इंटरप्रेट यानी यहां पर इंटरप्लेट अर्थक्वेक और इंट्रेपलेट अर्थ पर की डेफिनेशन लिखी गई है हम बटवारा कर रहे द किसका इंटरप्रेट और इंट्रा प्लेट दो तरीके

6:57 से बंटवारा की लोकेशन के बेसिस पर ये भूकंप आएगा ठीक है ना अब यहां पर हम लोग बात करते हैं यहां प्लाटों के मध्य क्षेत्र यानी हम लोग का सकते हैं प्लाटों के मध्य क्षेत्र में आई तो ये और नहीं तो इस पर अब दूसरा चीज हम लोग बात करते हैं इसी तरह से एक और आधार है मापने का हम लोगों का वह है आपका गहराई के आधार पे यानी फोकल डेथ के आधार पर अभी हम फोकल डेप्थ होता क्या है उसको भी समझना है पहले यह तो समझ गए ना की इंटरप्लेट इंटरप्रेट क्या है जैसे आप लोग जो भूकंप देखते हैं ना जो जनरली आप लोग भूकंप देखते हैं वो कौन सा होता है ज्यादातर वो इंट्रा प्लेट होता है मतलब जैसे प्लान में देखिएगा प्लान का मतलब ये होता है सब नक्शा पूरा इंडिया कैसे वह दिखाएं आप

7:43 यह samjhiega ये पृथ्वी है ठीक है ना यहां पर है इंडिया इंडिया के चारों तरफ जानते हैं हिमालय रेंज पुरी वो टेक्टोनिक प्लेट खत्म होती इन लोग लेडीज पर भारत है और दूसरा से यूरोपियन वाले प्लेट आती है तो ये भारत के ऊपर कहीं पर कोई भूकंप ए रहा है तो वो क्या है आपका इंट्रा प्लेट यानी विभिन्न प्लेट के ऊपर ऊपर ही ए रहा लेकिन जहां दो प्लान आपस में मिल रही हैं उनकी बाउंड्री पर जब ए रहा है तो उसको हम लोग इंटरप्लेट रहेंगे बात समझ में यानी एक प्लेट ऐसे दूसरी प्लेट ऐसे दोनों आके मिल रही हैं तो बाउंड्री है एक दूसरे की तो दोनों बाउंड्री पर या बाउंड्री के पास ए रहा है तो वो एक प्लेट पुरी ऐसे बड़ी है ये पुरी बड़ी प्लेट है

8:30 अब बड़ी प्लेट पर कहीं भी ए रहा है तो इंट्रा प्लेट विभिन्न प्लेट इसको कहेंगे हम लोग विभिन्न प्लेट ठीक है ना अभी यार समझो मत पूरा डायग्राम देख करके बस इतना जा रहा हूं की आपका जो इंटरप्लेट होता है वो होता है कहां प्लेट की सीमाओं पर यानी बाउंड्री पर ये कहां होता है बाउंड्री ऑफ प्लेट जबकि इंट्रा प्लेट जो होता है वो विभिन्न प्लेट होता विभिन्न डी प्लेट यानी दो प्लेट है अपनी-अपनी प्लेट पर इनका दूसरे प्लेट पर होने वाला उसको बोलते हैं अच्छे से जानते होंगे भूकंप जब आता है तो पृथ्वी के अंदर कहीं आता है असल में पूरा भूकंप जो ऐसे आता है वो पृथ्वी के कहीं अंदर आता है और उसकी सबसे नजदीकी दूरी

9:18 होती सरफेस से उसका फोकल डेथ कहलाता है आप कुछ दिनों पहले कुछ दिनों के बाद लगभग हमको लगता है 8 साल हो गए होंगे नियर अबाउट जब आप सुने होंगे अभी दिल्ली में कुछ दिनों पहले आया था तो हर भूकंप का जानते हैं की कहीं पर ओरिजिन पॉइंट होता है मतलब ये अर्थ का पूरा थिकनेस है उसके अंदर कहीं पर कोई घटना ghatil हुआ उसका असर पहले यहां पड़ेगा उससे दूरियां और भी है फोकल डिस्टेंस अलग चीज होता है लेकिन फोकल डेप्थ होता है वो सबसे नजदीकी गहराई जो उसे पॉइंट के ऊपर है ठीक है ना यह पृथ्वी है तो पृथ्वी के अंदर कोई चीज यहां पर हुआ यह सब दूरियां तो दूर हो गई सबसे नजदीक तो ये होगा ना तो इसी को कहते हैं फोकस अभी मैं दिखाऊंगा इसको आपको samjhaunga अभी ठीक है ना तो फोकल डेथ के

10:03 आधार परिधि देखा जाए तो सेलो अर्थ में कुछ होते हैं सेल अर्थ कौन सा होते हैं जिन bhukampon का फोकस फोकस मतलब जहां घटना होती है पृथ्वी के अंदर भूमि सतह से 70 किलोमीटर तक की दूरी होएगी अंदर हमें कुछ दिनों पहले भूकंप पृथ्वी के अंदर डेली भूकंप आते हैं और भी बहुत ज्यादा लेकिन वो ऊपर तक आते-आते कमजोर पद जाते हैं इसलिए हम लोग उतना पता नहीं चलता है लेकिन जब वो काफी नजदीक ए जाते हैं जैसे 70 किमी से कम गहराई से भी ए रहा है भूकंप तो उसको बोलते हैं सेल हो लेकिन 70 से 300 हो जाए 70 से 300 किलोमीटर तक की गहराई यदि हो जाए तो इसको हम लोग बोलते हैं इंटरमीडिएट मतलब माध्यम गहराई का भूकंप आया है यानी इसको इंटरमीडिएट अर्थ पर बोलते हैं लेकिन

10:51 तीन सौ से लेकर 700 किलोमीटर तक डेप्ट हो जाएगी तब इसको बोलेंगे हम लोग दी पर तीन तरह के सेलो इंटरमीडिएट और डी ये दोनों हो गए उसके बाद आपका आता है क्लासिफिकेशन किस आधार पर प्लेट क्लासिफिकेशन एंड प्लेट पर उसे भूकंप ऐसे होते हैं जो टेक्टोनिक अर्थ पे होते हैं और कुछ होते हैं नॉन टेक्टोनिक टेक्टोनिक का मतलब वो होता है ऐसे ऐसे भूकंप जो टेक्टोनिक प्लाटों से टकराने से या उनकी स्लाइडिंग से होते हैं मैंने बोला पुरी पृथ्वी कुछ एन कुछ प्लाटों पर बनी हुई है और वह प्लान जो है आपस में टकराती हैं तो वह जैसे आप इसी टेक्टोनिक प्लाटों का वजह से ही आप जानते हिमालय पर्वत बना है जिसको

11:36 आप फोल्डेड माउंटेन बोलते हैं तो यह समय ज्योग्राफी के कारण है ठीक है ना एक प्लेट जैसे मैन लीजिए पुरी प्लेट थी लिए दूसरी प्लेट इसके अंदर जाने लगी तो ये वाली प्लेट ऐसे उत इस वजह से सामने प्लेट टकराई लेकिन एक प्लेट को अंदर जाना पड़ेगा अब ये अंदर जैसे ही ऐसे जाएगी दूसरी वाली उठेगी और ये उठ-उठ कर के यहां मुड़ मुड़ करके तो सब दो चीजों को आपस में टकरा तो इनका किनारा ऐसे मोड के उठने लगेगा ऊपर और वही बन गया हिमालय पर्वत समझ रहे हैं बात आपको हिमालय पर्वत क्या है वो न्यू सबसे नया फोल्डेड अमाउंट में ठीक है तो आप भी जाने ये टेक्टोनिक प्लेटो के तराने से या उनकी स्लाइडिंग से जो भूकंप आते हैं उनको हम लोग कहते हैं टेक्टोनिक अर्थ पे और अर्थ

12:21 पे क्यों और भी रीजन होते हैं जैसे ये तो प्लेट टकराई प्लाटों के नीचे यदि कोई विस्फोट हुआ ए रहा है कहीं पर कहीं पर ज्वालामुखी फटा रहे या कहीं पर परमाणु बम फटा दिया जाए तो हर केस में जब पृथ्वी में कंपन हुआ तो वो नॉन टेक्टोनिक हुआ और कुछ हुआ टेक्टोनिक सबसे बड़ा कारण टेक्टोनिक थ्योरी को माना जाता है वैसे और भी कारण होते हैं उन कर्म को नॉन टेक्टोनिक अर्थव्यवस्था गया एपीसेंट्रल डिस्टेंस के आधार पर एपीसेंटर डिस्टेंस क्या होता है सब समझ में ए जाएगा ये जान लीजिएगा की पृथ्वी है ये यहां पर आया भूकंप मैन लीजिए कोई दिक्कत तो इसको बोलते हैं फोकस फोकस के ऊपर इस पॉइंट पर ये पॉइंट माना जाएगा की ये वो बिंदु है जहां भूकंप सबसे पहले pramaav डालेगा लेकिन किसी इससे दूर पर भी

13:07 तो पता चलता है यहां पर भी तो पता चलेगा इस दूरी को कहते हैं आप सेंट्रल डिस्टेंस इस दूरी को क्या बोलते हैं एपीसेंटर डिस्टेंस ये फोकस था अभी दिखाऊंगा तो अगर ज्यादा दूरी पे हो तो ज्यादा पता नहीं चलेगा क्योंकि वे वहां पहुंचने पहुंचने न्यूट्रलाइज हो जाएंगे कम उनका प्रभाव पड़ेगा तो अभी भी कहीं पर कोई भूकंप आए उसका असर कुछ दूर तक रहता है भाई यदि हमारे काफी पास ए रहा है मैं यहां पर हूं अब भूकंप मेरे काफी पास है तो वो कहा जाएगा स्थानीय भूकंप है यानी लोकल आया है यानी इस भूकंप का प्रभाव केंद्र की 1° के क्षेत्र तक होता है मतलब यह है ना यहां से 1 डिग्री का एंगल बनाओ यहां से डिग्री का एंगल चारों तरफ उतना ही वस्त्र डालता है भूकंप तो इसको बोलते हैं लोकल अर्थक्वेक

13:52 लेकिन यही चीज एक से 10 डिग्री तक का असर डालने लगे जितने पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर दें तो इसको बोलते हैं क्षेत्रीय यानी समझ अर्थक्वेक हो गया और दूरस्थ मतलब हुआ डिस्टेंस अर्थक्वेक डिस्टेंस अर्थक्वेक का मतलब हुआ क्या आपका दुरस्त या 10 डिग्री से भी अधिक दूरी के क्षेत्र का अभी डिग्री में क्यों नापा जा रहा है जरा दूरी को डिग्री में कैसे napenge बस इतना जाने का आप ऐसे हैं यहां पे आप यहां पे यहां पे भूकंप आया यहां से 1 डिग्री के एंगल पे चारों तरफ वही चीज 1° करके उन्हें हम यहां पे सोचिए ना ऐसे कोई शंकु बनाया ना ये सीधा था यहां से 1 डिग्री घुमा दीजिए चारों तरफ तो ये जितना क्षेत्र आया ना वो 1° के क्षेत्र कहा जाएगा इसी तरह 10 डिग्री ऐसी तरीके से

14:38 10 डिग्री से ज्यादा प्रभाव पड़ने लगा तो samjhiega उसको बोलेंगे अभी तक हमने कितने कितने त्रिकोण से bhukampon को मार लिया हमने बनता था bhukampon को कैसे कैसे सब सबसे पहला जो हमने बनता था भूकंप को आप देख लीजिएगा bhukampon को मारते चले ए रहे हैं क्लासिफिकेशन मतलब लोकेशन इंटर और इंटरप्लेट दो आधार पे बनता फिर फोकल डेप्ट के आधार पर बनता तो सेलो इंटरमीडिएट और दीप फिर हमने इसको बनता इसपे टेक्टोनिक प्लेटो क्या प्लेट क्लासिफिकेशन यानी टेक्टोनिक और नॉन टेक्टोनिक फिर हमने बनता आप सेंट्रल डिस्टेंस के अकॉर्डिंग तो लोकल जोनल और डिस्टेंस तीन तरह के आते मतलब भूकंप को बनता लोगों ने अब ये भी हमारे पास क्वेश्चन आया यानी अगर हम लोगों को ऐसा क्वेश्चन ए गया की भूकंप कितने प्रकार

15:25 के होते हैं उनका वर्गीकरण के लिए तो कर लेंगे ना bhukampon का वर्गीकरण कर लेंगे इस नोट्स को केवल दो-तीन घंटा लगेगा रिवाइज करके जाएगा आपका पेपर आप पढ़े हो चाहे आप पढ़े हो बढ़िया जाने वाला है चिंता मत करिएगा उसकी ठीक है अब आता है तो उसके कई थ्योरी सामने आती है केवल एक ही वजह नहीं अर्थक्वेक आने की उसके पीछे अलग-अलग लोगों ने बहुत सारे रीजन दिए तो पहला रीजन जो आया पटल संकुचन पटल संकुचन या क्रस्ट का श्री के यानी देखो ये पृथ्वी है ऐसे तुमको मालूम होगा की ये जो हमारी पृथ्वी है ना इसके ऊपर की लेयर क्रस्ट कही जाती है पतली लेयर क्रस्ट होती है इसके

16:11 अंदर पूरा पानी ऐसे भरा होता है इसको मेंटल बोलते हैं आप बीच में एक ठोस मतलब प्लाज्मा स्टेट में पदार्थ होता है जिसको हम लोग आपका कोर कहते हैं तो क्रश पापड़ी होती है और मेंटल लिक्विड होता है प्लाज्मा सेमी सॉलिड होता है तो अगर देखो तुम जानते हो पृथ्वी जो है ना पहले पहले बहुत गर्म थी तो जब ये ठंडा होना शुरू हुआ अंदर तो गर्म है ऊपर ठंडा है तो जब कोई चीज सिकुड़ना चाह रही हो और अंदर से उसे पर क्या हो रहा है एक तरीके से ये गरम है पूरा और अन ऊपर वाला सिकुड़ का ठंडा हो तो यह सिकुड़ रहा है यह फैला रहा है एक तनाव की स्थिति बनी हुई है कई बार ऐसा होता है की जगह-जगह से पृथ्वी फैट जाती है तनाव से आप की सूची एक बॉल लीजिए उसके अंदर खूब गर्म चीज भरते जाइए अब पानी बाहर बनाने निकल पाए उसे केस में वो जगह से बाल

16:57 क्रैक्ड करेगी की नहीं एक तनाव के कारण इसलिए इस थ्योरी को बोला गया क्या इस थ्योरी का नाम रखा गया क्रस्ट श्रिंक के क्रस्ट मतलब वो जो ऊपरी लेयर है राष्ट्र मतलब वो जो ऊपरी लेयर है उसका स्प्रिंग करना मतलब सिकुड़ना ये थ्योरी है तो लिखा गया की पृथ्वी शुरू में आग वी गैसों का गोला थी जो कर्म वर्ष पूर्व से अलग होकर वर्तमान स्थिति में आर्टिकल 30 गोले की ऊपरी सतह धीरे-धीरे ठंडी होकर सिक्योरिटी जा रही है इससे कुणाल के कारण पृथ्वी के अंदर आंतरिक तनाव उत्पन्न होते हैं और इनकी सीमा पार कर जाने पर भूगर्भ काटने टूट कर कंपन पैदा करती हैं तो एक तरीका हुआ इसका रीजन जो हुआ अटल का संकुचन यानी दूसरा ज्वालामुखी और मैग्मा जब

17:44 पृथ्वी के अंदर क्या होता है बताइए बाहर निकलने की कोशिश करता है तब उसे क्षेत्र का भूमि जो है वो कहां अपने लगता है जहां भी ज्वालामुखी विस्फोट होता है ना वहां पर उसके अगल-बगल भूकंप ए ही जाते हैं जहां भी ज्वालामुखी का विस्फोट होता है उसके अगल-बगल भूकंप ए ही जाते हैं ये जान लीजिए क्लियर है तो उसे केस में आप यहां पे samjhiega अगला एक थ्योरी आया की क्रस्ट सिकुड़ रहा

18:30 है दूसरा ज्वालामुखी विस्फोट के कारण भूकंप आते हैं तीसरा इलेक्ट्रिक रिबॉर्न इलास्टिक rebondh को थोड़ा सा आप वैसे samjhiega की कोई चीज प्रत्यास्थ यानी इसको बोलते हैं हम लोग प्रत्याशित pratikshep सिद्धांत इसका मतलब हुआ ना कोई भी चट्टान जो है ना अंदर जो है वो फैल रही है गर्मी के कारण फैल रही है लेकिन जब उन पर दबाव जरूरत से ज्यादा लगे जिससे पृथ्वी के अंदर मैन लीजिए कोई चीज उपस्थित उसको आप टेंपरेचर

19:15 इसके लिए हम पूरा स्ट्रक्चर नहीं पढ़ाएंगे आपको मतलब हेल्दी एक चीज और ध्यान रखिएगा अगर आप केवल मेरे थ्योरी वाली क्लास कर रहे हैं आजकल से मैराथन क्लास में ज्यादातर बच्चे यह देखते हैं की मैं चीजों को बहुत लाइक्ली में बताता हूं बहुत थियोरेटिकल वे में बताता हूं बेटा क्योंकि तुम उसी में हम से मिले हो यह भी जान लो किसी चीज को न्यूमेरिकल समझना है तो थोड़ा समय देकर पढ़ो ये यूट्यूब पे 2 घंटे की क्लास में नहीं होने वाली चीज है मैं आज तुमसे उपस्थित हूं बस इसलिए की तुमको मैं आज तुम्हारा एग्जाम सही कर डन बस इतना ही के लिए उपस्थित डिटेल में पढ़ना हो तो एप्लीकेशन है और हो सके यार थोड़े पैसे खर्च करके ठीक से पढ़ लिया करो बचपन से हम लोगों को एक बात सुनाई जा रही है की मेहनत से पढ़ करो मेहनत से पढ़ करो

20:01 जो खुद नहीं पड़ा है वह भी अपने बच्चों को इसके लिए कोर्स कर कोई तो वजह होगी यह चोरी हमेशा से चली ए रही है की पढ़ तुम जीवन में कोई भी कम करो चाहे जरूरी नहीं की तुम इंजीनियर बानो लेकिन आज पढ़ लो की बहुत ज्यादा जरूरी है इसका वजह हमें जान चुके हैं हमारी उम्र बहुत ज्यादा नहीं है मैंने भी एक समय पर कुछ गलतियां कारी लेकिन फिर भी मैं कहता हूं की तुम आज पढ़ लो कैसे भी पढ़ लो इतना जान लो बहुत जरूरी है थोड़ा सा इंटरेस्ट लेकर जरूर से पढ़ो तब भी जब तुम्हें इंजीनियर ना बन्ना हो तब भी पढ़ो मेरा कहने का यह मतलब है जितने भी बड़े-बड़े बिलेनियर लोग द ना लोग कहते हैं पढ़ पढ़ कोई नहीं छोड़ता उन्होंने कॉलेज छोड़ा था पढ़ नहीं छोड़ी

20:48 कॉलेज छोड़ना पढ़ छोड़ने में बहुत अंतर इसमें देखो इस नोट्स में मिस्टेक बहुत ज्यादा है ठीक है आपको मैं उसको अपने मतलब मैंने नहीं लिखा है बट ये है की थोड़ा स्पेलिंग मिस्टेक तुमको मिलेगा उसको ठीक कर लेना ठीक है तो एक चीज यहां पर ध्यान रखिएगा ये जो सिद्धांत है इसका ये उसे सिद्धांत का मतलब होता है की हमारे विचार से भूकंप ऐसे ए सकता है तो खुद जो बड़े-बड़े इंजीनियर और वैज्ञानिक द ना उन्होंने अपने विचार के लिए भूकंप आने के पीछे उन विचारों की बात हम लोग कर रहे हैं और उन विचारों में ये चीज आया की इस

21:33 सिद्धांत का प्रतिपादन अमेरिका के प्रसिद्ध भू वैज्ञानिक यानी जियोलॉजिकल इंजीनियर रहोगे या साइंटिस्ट ने किया था उन्होंने कहा इस सिद्धांत पर निर्भर करती है मतलब क्या होता है वह जो पत्थर होता है ना रबर की तरह ठीक है लचीलापन का मतलब थोड़ा गर्म अवस्था में रहती है ना वो दर सिकुड़ सकती है और रबर का तर्जुमा तो नहीं खींच के तुम बढ़ा लोग मतलब हान होता है सालों पर तनाव बढ़ता है वो फैलती हैं वह मुड़ जाती हैं परंतु जब तनाव सिल के लचीले पंथ की सीमा से अधिक हो जाता यानी कभी उनको इतना फैलना पद जाए जितनी उनकी लिमिट

22:18 नहीं थी तो वो टूटेंगे और टूटेंगे तो अलग-अलग करो में टूटेंगे और जब टूटती है ना तो इनके बीच में पैदा हो जाती है दरार और दरारें में किसी कारण विस्थापन होता है यानी दो काटने जो टूट के अलग हुई हैं या एक दूसरे को टक्कर मार दी तुम चट्टानों का मतलब छोटा-छोटा टुकड़ा समझ रहे हो यहां चट्टानों का मतलब एक-एक देश है यहां बड़ी चट्टानों का मतलब विकृति ऊर्जा यानी जब ये टकराती है तो इससे एनर्जी जेनरेट होती है जिससे पृथ्वी की सतह पर भूकंप ए जाता है तो ये सब कारण एक थ्योरी है इलास्टिक रिबन थ्योरी ये भी है इलास्टिक रीबन का मतलब इलास्टिक ली दो चीज ऐसे लड़ रहे हैं आपस में और चूंकि एक

23:05 दूसरे को ढाबा रही हैं तो एनर्जी रिलीज हो जा रही है कोई भी सिस्टम रबर खींच के छोड़ो तो रबर को खींचते हो तो उसमें एनर्जी से होती है और वही एनर्जी फिर तुमको वापस चोट लगती है ठीक है ना पृथ्वी के घूमने की गति को प्रभावित कर दिया उसने इतना बड़ा दम बना दिया अब उसमें क्या हुआ तुम जैसे ये समझो ये गोल पृथ्वी है गेंद है अपना बैलेंस देखे घूम रहा है और तुम उसी गेंद के ऊपर सोचो एक गेंद है बड़ी गेंद है फुटबॉल समझ लो फुटबॉल ले लिए और उसके फुटबॉल के ऊपर तुम एक लोहा रख दुख कहीं पर अच्छा फुटबॉल को कोई उंगली पे नाचा रहा है सपोर्ट कोई फुटबॉलर फुटबॉल को

23:52 उंगली पे नाचा रहा है नच-नीच में फुटबॉल तुम ले जा के उसी पर एक लोहा रख दे बीच में छोटा सा टुकड़ा छोटा सा टुकड़ा अनबैलेंस हो जाएगा की नहीं तो हम लोग पृथ्वी पर किसी एक जगह पर इतना ज्यादा पानी इकट्ठा करने लगे नदियां चुपचाप जा रहे हैं वही लोग बता हुआ रहता कोई दिक्कत नहीं है लेकिन हम क्या करें इकट्ठा इतना बड़ा दीवाल बनाकर पानी रोक दिया चीन की पूरा पृथ्वी के घूमने की गति प्रभावित हो गई बात समझ रहे हैं तो बड़े-बड़े जलता या फिर फुटबॉल के अंदर कहीं पर ठोस फुटबॉल अंदर से खाली ना हो और उसके अंदर होल कर दो तो कहीं पर ज्यादा बढ़ जाना या कहीं पर अचानक घाट जाना दोनों ही कारण है किस चीज का अनबैलेंस का और यही अनबैलेंस सिन भूकंप का कारण बनती है ठीक है ऊंचे बाघों पीछे

24:37 बंद हो के पीछे बंद का दीवार है उसके पीछे बने विशाल जलाशय में जब करोड़ तन पानी एकत्रित होकर भूमि पटल पर दाब डालता है अथवा भूमि के भीतर खोदी गई खदानों और सुरंग में जब बहुत गहरी चली जाती है तब लाखों वर्ष कायम लाखों वर्षों से कायम जो भूपटल है हमारा सरफेस है उसकी स्थिरता गड़बड़ हो जाती है और bhukampon को जन्म देती है किसके भूकंप आने के भूकंप आने के कर्म में क्या-क्या था सबसे पहले थी आपका कारण है यहां पर तुमने चार कारण है चार

25:23 कारण कौन-कौन से हैं पहला कारण तुमने देखा पटेल संकुचन दूसरा ज्वालामुखी का मैग्मा यानी वोल्कानिक विस्फोट 13 तीसरा इलास्टिक रिबाउंड थ्योरी चौथा जो आपका है पांचवा टेक्टोनिक प्लेट्स सबसे ज्यादा मणि जाने वाली थ्योरी है टेक्टोनिक प्लेट की पुरी आपको मालूम है मैंने अभी-अभी बताया था थोड़ी देर पहले की टेक्टोनिक प्लेट का मतलब पृथ्वी के सतह पर पाया जाने वाली प्लान ये प्लान जब किसी वजह से आपस में क्या होती है तो उनको हम लोग कहते हैं की देखिए पृथ्वी के चट्टानी कपड़े वी मेंटल ऊपर ही ठोस कठोर भाग जिनकी मोटाई लगभग 100 से 150 यानी ये 100 से 150 मिलीमीटर सॉरी किलोमीटर मोती लेते एक दूसरे से टकराए या एक दूसरे के अंदर जाएं एक दूसरे तो इसमें काफी एनर्जी रिलीज होती तो पूरा पटल हिल

26:11 जाता है तुम्हें मैं ये दोनों हाथ टकरा रहा हूं केवल यही दिक्कत ए रही है नहीं ये यहां आने वाले भूकंप तो प्लेट द लेकिन जो पूरा सत्ता हिल जा रहा है उसको infrap प्लेट कहेंगे अब एक मिनट मेंटल चार्ज प्लेट कहते हैं इन प्लाटों का क्षेत्र कुछ हजार वर्ग किलोमीटर से लेकर लाख वर्ग किलोमीटर है आपको मालूम है भारत का क्षेत्रफल अब सोचिए प्लेट कितनी बड़ी है ये प्लेट ये प्लान जो है साधा गतिमान रहती मतलब यह प्लान हल्की हल्की हिलती हैं इन प्लाटों की सापेक्ष

26:58 गति के कारण प्लाटों की सीमाओं में विरूपण होता रहता है यानी दो प्लान को जो ये बाउंड्री जो हमें विरूपण होता है इस विकृति के कारण पिंडों के रूप में आकर में परिवर्तन होता और उसमें स्प्रे एनर्जी संचित हो जाती है जब पिंडों पर लगने वाला प्रबल एक सीमा से अधिक हो जाता है तब काटने bhangrit हो जाती है यानी काटने में जो प्रबल है वो एक लिमिट से अधिक हो जाए तब काटने bhangit हो जाती है और इनमें संचित स्टेन एनर्जी एक स्थिर मतलब समझ लो किसी चीज को टकरा और वो टकराएगा ना तो वो ऐसे मोड फिर खुलेगा तो इसके अंदर एक जो पोटेंशियल से हुआ वो होता है स्ट्रेन एनर्जी ठीक है तो यहां पर यह तरंगों को जन्म देती है जब ये तरंगे अपने केंद्र के चारों तरफ फैलती हुई पृथ्वी के सतह पर पहुंचती हैं तो इसे कंप्लीट करते हैं जिसे

27:43 भूकंप आते हैं तो आप यह जान लीजिए की यानी एक थ्योरी ये भी कम कर रही है और ये इसमें एक चीज likhiyega अगर कभी पूछ दे की टेक्टोनिक प्लेटो की पुरी क्या है समझाना पड़ेगा आपको यह हम जो बता रहे हैं उसमें क्वेश्चन क्या आएगा उसको फिल्टर करना samjhiega क्वेश्चन क्या बन सकता है पहला bhukampon का वर्गीकरण करिए दूसरा बन सकता है की भूकंप आने के कारण कोई स्पष्ट करिए उसके बाद आपका इसमें ए सकता है कर्म में यानी इतने सारे टूरिज्म है उसे पॉइंट के तो इतनी सारी थिअरीज आई उसमें से 5 किमी अगर इन पांचो को ना पूछ के खाली इतना ही पूछे ये टेक्टोनिक प्लेट थ्योरी क्या है समझाइए तो ये है पुरी और उसमें कितनी प्लेट है जानते हैं हमारे देश में कई आप पृथ्वी के ऊपर कई बड़ी-बड़ी प्लान हैं तो कई छोटी-छोटी प्लेट है तो जो महाद्वीपीय प्लान हैं यानी कॉन्टिनेंटल प्लेट्स हैं

28:31 और कुछ क्या है कुछ छोटी प्लेट है सब कॉन्टिनेंटल उसमें उत्तरी अमेरिका प्लेट यानी जो पूरा उत्तरी अमेरिका नक्शे पर कमी देखिएगा ग्लोब पर पूरा उत्तरी अमेरिका ने एक साथ ऐसे जुड़ा हुआ दिखेगा आप कभी भारत को देखें अगर भारत को विश्व के नक्शे पर देखेंगे ना तो भारत ऐसे नीचे दिखाई देगा फिर ऊपर ऐसे बढ़ता हुआ पुरी प्लेट है भारत में छोटा सा हिस्सा है उसे लैंड पार्ट का समझिए बंटवारा किया गया है हम लोग प्राकृतिक रूप से भारत से नहीं बाते भारत की जो बाउंड्री है वह प्राकृतिक थोड़ी है की यहां के बाद पाकिस्तान हो जाएगा हमने मार्क लिया इसके बाद पाकिस्तान लेकिन प्रकृति खुद भी बांट ली है सात बड़े-बड़े डीपीओ में पुरी दुनिया को समझ रहा है उसमें से आपका अमेरिकन प्लेट है दक्षिण

29:16 में उत्तरी अमेरिका दक्षिणी अमेरिका के प्लेट है फिर अफ्रीका के प्लेट है माना जाता है की पहले भारत का हिस्सा था अलग हुआ था यूरेशियन प्लेट है इंडो ऑस्ट्रेलियाई प्लेट है अंटार्कटिक प्लेट है प्रशांत प्लेट है ये सात जो है जो है बड़ी-बड़ी प्लान हैं उसके अलावा अप महाद्वीपीय छोटी-छोटी प्लान हैं कैरेबियन प्लेट है फोकस प्लेट है ना आज का प्लेट है फिलिपींस प्लेट है ये सब छोटी-छोटी प्लेट samjhiega जो अभी बात बार-बार हो रही थी की टर्म निम्न को समझाइए उसमें पूछेगा क्या फोकस डिस्टेंस हायपोसेंटर या फोकस डिस्टेंस उसे बिंदु कहते हैं जहां पर भूकंप आता है इसको

30:02 हायपोसेंटर या फोकस डिस्टेंस कहते हैं यह फोकल डेप्थ होती है मैन लीजिए ये पृथ्वी थी तो सबसे नजदीक यहां पे ये केंद्र नहीं है ये ध्यान रखिएगा पृथ्वी का केंद्र कहीं यहां पे है तो आप ये मत sochiyega केंद्र से तो सब दूरियां बराबर होगा सर जी नहीं केंद्र यहां है पृथ्वी का ठीक है अब केंद्र यहां है तो अब भाई यहां पे भूकंप आया है तो यहां से सबकी दूरी समान होगी लेकिन यहां आएगा तो ये फोकल डेप्ट होगी यहां से जो नजदीकी दूरी होगी ये वाली दूरी अधिक होगी तो इसको फोकल डिस्टेंस आएंगे फोकल डिस्टेंस जहां पर यह आया इसको कहते हैं एपीसेंटर एपी सेंटर का मतलब होता है वो बिंदु जिस पर भूकंप का प्रभाव

30:52 किया गया था तो कहा गया था की 1° पर लोकल एक से 10° तक जोनल 10° के बाद डिस्टेंस तीन टाइप का क्लासिफिकेशन अभी पीछे किया गया था तो आप जर्बर मतलब माने हमारा घर मैन लीजिए यहां यहां में तो हम जितना ये महसूस करेगा ना उतना नहीं महसूस करेंगे इससे इतनी दूरी बढ़ती जाएगी यानी आप सेंटर डिस्टेंस बढ़ाने के साथ साथ भूकंप की तीव्रता है इंटेंसिटी क्या होती है घटती जाती है इसमें और आपका ये है ग्राउंड लेवल ये फोकस या हायपोसेंटर यहां भूकंप आया हायपोसेंटर से सरफेस की नजदीक की दूरी डिस्टेंस क्या होता है जो आपका जहां ऑब्जर्वर होता है वहां से भूकंप के केंद्र की दूरी होती है उसके बाद एपीसेंटर क्या है सरफेस पर एपीसेंटर से

31:38 ऑब्जर्वर के बीच की दूरी हम खड़े हैं उसकी दूरी जो है वो एपीसेंटर डिस्टेंस कहलाती है इन्हीं चीजों को भाषा के रूप में लिखा गया है देखिए उद्गम केंद्र जिसको सेंटर कहते हैं पृथ्वी के गर्भ में जिस बिंदु पर भूकंप का उद्गम सकता है उसे फोकस रफ्तार पॉइंट कहते हैं भूकंप का फोकस से जितनी गहराई पर होगा भू पृष्ठ से जितनी गहराई पर होगा उतनी अधिक दूरी तक bhupesht पर इसका प्रभाव पड़ेगा यानी एक चीज जान लीजिएगा अगर यह पृथ्वी है अगर कोई भूकंप यहीं आया है यही आया इसी जगह पे तो इतना ही प्रभाव डालेगा लेकिन अगर कोई ज्यादा गहरा होगा तो इतना दूर पृथ्वी का पहले केवल इतना हिस्सा प्रभावित था अब आपका इतना हिस्सा प्रभावित होगा क्योंकि गहराई बात समझ में ए रहा तो ये आपका हुआ किसका

32:25 उद्गम महसूस किया रहेगा वही बात यहां लिखा गया आप सेंटर आप सेंटर क्या था मैंने आपको बताया था भूकंप के उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर ऊर्ध्वाधर में धरती की सतह पर स्थित भूपेंद्र भूकंप का एपीसेंटर कहलाता है लंबवत होने के कारण भूकंप के फोकस से इसकी डेप्थ कम होती है जिसके कारण भूकंप की तरंगे सबसे पहले इसी स्थान पर पहुंचती है सही बात है ना भूकंप की तरंगे सबसे पहले कहां पहुंचेंगे यानी यहां से भी तरंगे निकली जो करेंगे तो सबसे पहले यही पहुंचेंगे आप सेंटर पे तो उसी को लिखा गया यहां पे यहां पे एपीसेंटर पर तो कहा गया की लंबवत कम होने का भूकंप फोकस इसकी डेथ कम होती है जिसके कारण भूकंप की तरंगे सबसे पहले इस स्थान पर पहुंचती है तथा भूकंप से इस स्थान की सबसे अधिक छाती होती

33:10 है सबसे अधिक छपी एपीसेंटर की होती है अब हम लोग बात करते हैं और एपिक क्या होता है यह डिस्टेंस तो आप अगर नोट्स लिए होंगे तो इन चीजों को थोड़ा ठीक करते जाएगा किसी ऑब्जर्वर से एपीसेंटर के बीच की सीधी दूरी को एपीसेंटर डिस्टेंस कहते हैं तो ये सब इन चारों चीजों को समझा दिया गया है जो ऊपर दिखाई गई थी डायग्राम में इनका अलग-अलग भी कई बार दो नंबर में पूछ सकता है एक साथ भी पूछ सकता है ठीक है ना तो आप यहां समझ गए होंगे आप एक चीज और जान लीजिए

33:57 सिस्मोग्राफ के बारे में सिस्मोग्राफ क्या होता है ये एक उपकरण है जो भूकंप को मापता है सिस्मोग्राफ क्या है एक उपकरण है जो भूकंप को मापता है यानी सिस्मोग्राफ सीस्मोग्राफ एक अत्यंत संवेदनशील उपकरण संवेदनशील का मतलब काफी सेंसेटिव है जमीन हल्का सा बिजली तो यह चलने लगेगा ये जमीन पर ऐसे सेट किया जा रहा है जैसे की जमीन मिलती है ना इसमें लगा हुआ रोलर चलने लगता है और ये तुरंत भूकंप ऐसे ऐसे पेन लगी रहती है उसमें वो चलने लगता है हमें दिखाऊंगा मैं उसका डायग्राम जो भूमि में होने वाली छोटी से छोटी हलचल को दर्ज कर लेता भूकंप लेखी भूकंप लेखी यानी सिस्मोग्राफ को भूकंप लेखी बोलते हैं सिस्मोग्राफ उसे उपकरण को कहते हैं और जो चैट जो ये बनाता है ना जो क्षेत्र जो

34:43 रिकॉर्ड है उसको ग्राम बोलते हैं यानी सिस्मोग्राफ इसे डी रिकॉर्ड बाय सिस्मोग्राफ ठीक है ना यानी यहां पर हम लोग का सकते हैं की यहां पर हम लोग का सकते हैं क्या देखिए यहां पे हलचल का भूकंप का फोकस फोकस संबंधित जानकारी उसी से प्राप्त होती है भूकंप की भूकंप तरंगों के आयाम के आधार पर रीडिंग की जाती है सिस्मोग्राफ द्वारा सीस्मो ग्राफ द्वारा खींचा गया ग्राफ बुक सिस्मोग्राफ कहलाता है यानी भूकंप ले वो भूकंप एक ही है भूकंप लेख का मतलब सिस्मोग्राफ कहलाता है बहुत तेज जहां पे जमीन मूव करें तो सिस्मोग्राफ नहीं ठोस चट्टान पर गहरी न्यू बनाकर sthap किया

35:29 जाता है जैसे कभी रेन गेज देखें वर्षा मापने के लिए जगह जगह पे लगाया जाते हैं उसी तरह सीस्मोग्राफ भी मौसम विभाग लगता है भूकंप के तीव्रता नापने के लिए ठीक है ना और कोई बाहरी हलचल नहीं होनी चाहिए पता चले जहां लगाया वहीं बगल में जेनरेटर चल रहा था बहुत बड़ा और धरती वैसा ही कहां पड़ेगी ट्रेन चल रही थी वहीं कहां पर थी वो ऐसे ही हिलने डुलने वाली जगह पर नहीं लगाना है ट्रेन चलने से कुछ जगह पर धरती हल्के खुल्के हिलती है उसको भी नाप ले भुगतान सजना पर गहरी न्यू बनके तब इसको लगाया जाता है तो ये ठीक से कम करता है अब एक चीज जान लीजिएगा ये हल्का सा इसका डायग्राम आपके सामने है ये देखिए एक सपोर्ट के लिए पूरा ये मासोनरी का बना हुआ है इसमें एक छड़ लगी हुई है यहां पे रोलर लगा रहता है जिस पर कगार ऐसे लगा रहता है और जब ये रिकॉर्डर चलता है ना तो कागज के ऊपर क्या बनता है यहां पे रोटेटिंग ड्रम

36:16 तू वॉच है यहां पे ड्रम चलता है और यहां फैट फैट फैट लिखता रहता है तो रोलर से कागज पे लिखा हुआ मिल जाता है डायग्राम बनाने मत जाएगा याद रहे तो बना दीजिएगा आपकी मर्जी मैंने अगर कम समय हो तो डायग्राम को स्किप कर दीजिएगा तो ये चलता रहता है पूरा और नोट कर देता है पूरा उसे पर रीडिंग ठीक है ना अब इंपॉर्टेंट चीज होता है मेग्नीट्यूड ऑफ अर्थ पर अर्थक्वेक का परिमाण परिमाण का मतलब होता है जो मेग्नीट्यूड है इसका जो इसके परिमाण है तो कितना अर्थ है वह देखिए जीरो से नौ तक की संख्या दिखाई जाती है जिस जो अर्थ क्या है मेग्नीट्यूड को बताती है मेग्नीट्यूड और इंटेंसिटी में थोड़ा अंतर मेग्नीट्यूड फिक्स होता है की कितने परिमाण का भूकंप आया और फिक्स होता है इंटेंसिटी डिपेंड करती है की हम कितना दूर

37:01 है हम दूर जाएंगे तो हमारे लिए कोई इंटेंसिटी नहीं है हमारे लिए कोई खतरा नहीं है कहने का मतलब हुआ की मेग्नीट्यूड मतलब होगा कितने मैप का भूकंप है ठीक है ना हमारे ऊपर दुख आया दुख का एक लिमिट होता तो बताते कितना आया लेकिन आपको कितना महसूस हुआ ये डिपेंड करता है की आप हमारे कितना नजदीक है जितना नजदीक होंगे इंटेंसिटी आपको भी पड़ेगा हमसे दूरी बना लीजिए हमारा दुख आपका दुख है तो इंटेंसिटी तो फिक्स है लेकिन अलग-अलग लोगों पर वो अलग-अलग प्रभाव डालती है मेरे अंदर जो आया दिक्कत भूकंप की परिमाण एंड मेग्नीट्यूड फिक्स होता है लेकिन इंटेंसिटी क्या होती है बदलती जाती है ठीक है भूपेन के समय विमुक्त होने वाली फ्री होने वाली ऊर्जा के मापन को भूकंप का परिमाण कहते हैं यह रिएक्टर पैमाने पर आता जाता है या पैमाना पृथ्वी के त्वरण पर आधारित

37:48 है और तरंगों के आयाम का मापन करता है और सिस्मोग्राफ द्वारा पढ़ा जाता है इस पैमाने पर जीरो से नौ तक की संख्या होती है रिएक्टर पैमाना लागू कनकी पैमाना है रिएक्टर पैमाने पर एक परिमाण बने जानते हैं जब भूकंप 4 से 5 होता है तो वो 10 गुना बढ़ता है रिएक्टर स्केल पर जो यूनिट बढ़ती है ना एक-एक अंक वो स्थल में 10-10 गुना बढ़ती है तो कहने का मतलब हुआ यहां पर बढ़ाया गया है देखिए अधिक देखिए लगभग 31 * अधिक भूकंप को रिप्रेजेंट करता है यानी परिमाण बढ़ाने पर लगभग ये 10 गुना होता है लगभग 10 गुना बढ़ता है यानी अगर भूकंप के लक्षणों को देखें तो बहुत छेद मतलब हल्का भूकंप 350 कहे 3.6 से 4.3 तक छेद मतलब बहुत कम उससे

38:37 कम फिर साधारण भूकंप हो जाएगा कुछ तीव्र हुआ लेकिन 5:30 से 6.01 तक तीव्र हो गया ये झटका ज्यादा देगा ये इसका ये विनाशकारी हुआ डिस्ट्रक्टिव होने लगा धीरे-धीरे ये प्रलय पृथ्वी पर विनाश हो जाएगा यदि 8.1 से 9.0 का क्या ए जाए तब रोड स्टार्ट करके सब बराबर कर देगा यानी ये मेग्नीट्यूड है पूरा ठीक है ना यह पूरा क्या है मेग्नीट्यूड है और मेग्नीट्यूड का मतलब भी मैंने आपको समझाया की स्केल पर दिखाया जाता है ठीक है अब एक चीज आती है यहां पे मेग्नीट्यूड तो एक चीज था अब एक चीज आती है इंटेंसिटी इंटेंसिटी ऑफ अर्थक्वेक में दिया आप समझेंगे जब भूकंप की दृष्टि छाती को तीव्रता में कहा जाता है मतलब इसकी जो छाती हो रही है इससे भूकंप की तीव्रता कहते हैं मी यानी

39:24 मोडिफाइड मरकरी इंटेंसिटी पैमाने पर रखा जाता है या भिन्न भिन्न स्थान पर अलग-अलग होती है तथा दूरी के अनुपात में घटती जाती है जैसे-जैसे दूरी पड़ेगा तीव्रता घटती जाएगी ठीक है ना हम पृथ्वी के utkendra से यानी एपीसेंटर से जितना दूर जाएंगे भूकंप का प्रभाव उसी अनुपात में कम होता जाएगा तीव्रता ज्ञात करने के लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं होती यह भूकंप क्षेत्र में विद्यमान लोगों का अनुभव और दृष्टि परीक्षणों पर निर्भर करती है जो वहां रह रहा है वही बताया कितना तीव्रता भूकंप के दौरान उसे क्षेत्र में धरती के कंपन और उससे प्रभावित वस्तुओं की दशा मनुष्यों पशुओं की संवेदनशीलता का अध्ययन करके भूकंप की तीव्रता ने दर की जाती है भूकंप की तीव्रता रोमन अंकों में दर्शी जाती है ठीक है भूकंप की तीव्रता निम्न कारकों पर निर्भर करती है क्या-क्या है परिमाण पर देखो

40:09 मेग्नीट्यूड ही रहेगा तो इंटेंसिटी भूमिगत क्षेत्र की दूरी यानी एपीसेंटर डिस्टेंस फोकस की गहराई उसे पर भी भूकंप की अवधि यानी कितनी देर तक भूकंप आया उसे पर भी छाती ज्यादा हो सकती है संरचना का प्रकार डायग्राम को देखेंगे एक ही साथ सारा व्यक्ति क्लियर हो जाएगा तो मैं पहले उसको दिखाता हूं लिए देखते हैं उसे वेब के डायग्राम है ये एस वेव है ये रिले वेव है और ये लव है ठीक है ना अब इसमें डिफरेंस क्या है थोड़ा-थोड़ा सब में देख लीजिए ठीक है एक

40:56 डिफरेंस इसमें ये पद जाता है की देखिए अगर हम लोग वेव्स को बताते हैं वेव्स को बताते हैं तो दो तरीके से बेसिकली बनती जा सकती हैं एक बाती जा सकती है बॉडी में बॉडी वेव्स और दूसरा जो हो सकती है वो होती हैं सरफेस क्या होती हैं एक होता है आपका पी वेब और एक होता है एकलव्य और दूसरा लिखा हुआ है यहां पर आपके सामने दूसरा कौन सा होता है आपका समझ गए की एक वेब यह है यहां पर एक वेब यह है यह दोनों सरफेस में आती हैं और यह

41:43 दोनों किस्म आती है बॉडी अंतर क्या है ना पहली बात सरफेस और बॉडी वेव में दिक्कत कहां होती है क्या अंतर होता है तो आप देख रहे होंगे इसमें पूरा ये बॉडी एक साथ हरकत कर रहा है जैसे यहां पर देखिए हल्का सा ढाबा हुआ कंप्रेशन आपको ढाबा हुआ कैसे महसूस होगा यहां रेखाएं नजदीक नजदीक है वर्टिकल वाली लाइंस को देखिए वो नजदीक नजदीक बात समझ में ए रही है ना और यहां पर और और बाकी जो नीचे वाली है उसमें देखिएगा सरफेस का हो रहा है लव वे में केवल सरफेस का कंप्रेशन हो रहा है और इसमें रिले में भी सरफेस का हो रहा है अच्छा यह और यह एक जैसा नहीं दिख रहा आपको

42:28 कहने का मैटर है की ये दोनों में से ही चीज हो रही हैं दोनों में देखो ये दोनों और ये दोनों आपस में सिमिलर है ठीक है लेकिन मैटर अंतर कहां से हो रहा है इसमें पुरी बॉडी का और देखो ये पूरा घुमा हुआ है और इसमें नीचे वाला देखो फिक्स है केवल ऊपर की सरफेस भूमि हुई है यानी जब पुरी बॉडी प्रभावित हो रही हो एक मोटाई तो उसको बॉडी में केवल सत्ता पे वो चीज हो रही है औरत तो सरफेस पे बाकी पी वेव में क्या होता है कंप्रेशन होता है क्योंकि जो तरंगों की दिशा होती है ना वो इस डायरेक्शन में होती है क्यों मतलब ये पार्टिकल है जैसे यहां से चली मतलब भूकंप के कारण यहां से चली तो ये वेव अपने आगे वाले को टक्कर मारेगी फिर ये वाली अपने आगे वाले को टक्कर फिर ये वाली अपने आगे वाले को एक दूसरे को आगे की तरफ धक्का

43:15 देती चलेंगे यानी ये वेव्स ऐसे चल रहे हैं और यह वेब जो चल रही है ना वह इनमें जो ऐसे ऐसे मूवमेंट हो रहा ऐसे-ऐसे मूवमेंट हो रहा मतलब यह ऐसे-ऐसे चल रही है ऊपर नीचे गति करते हुए चल रही है इनकी में जो वेब के चलने की दिशा है पार्टिकल उसके परपेंडिकुलर मूव कर रहा है तो भाई एक में पार्टिकल पैरेलल वो सीधा की तरफ जा रहा है और एक में परपेंडिकुलर मूव कर रहा है ये डिफरेंस क्रिएट करता है दोनों में इसमें भी वही चीज हो रहा है एक में पार्ट जो है आगे की तरफ मूव कर रहे हैं इसमें और इस वाले में जो है वो ऊपर नीचे मूव कर रहा है लेकिन अच्छा इसका रिलेशन जो है इस पे है और इसका रिलेशन जो है इससे लेकिन बस यह जो पुरी बॉडी में हो रहा था वो किस्म हुआ केवल

44:01 ऊपरी सतह में होगा ठीक है अब इसको ऐसे समझिए आप देख लीजिएगा भाई एक सेकंड में देखिएगा तो मैं यही चीज बता रहा था अभी आप देखेंगे 1 सेकंड ठीक है बहुत अधिक ऊर्जा उत्सर्जित होती है यह हेडिंग है आपका तरंगों के रूप में चारों तरफ फैल जाती है टाइप्स ऑफ वेव में अगर हम लोग चलते हैं तो कौन-कौन सा होता है तो पहले बॉडी वेव्स ए गए बॉडी वेव मतलब जो पुरी पिंड में तरंगे बॉडी में पृथ्वी के भीतरी सतह से पारित होती है सरफेस तो नहीं भीतरी सातों से दो प्रकार की होती है प्राइमरी वेव और laungitudinal वेव इन्हीं को पी वेब बोलते हैं ठीक है ना प्राइमरी वेव और

44:47 लोंगीतूडिनल वेव लोंगीतूडिनल लंबाई की दिशा में चलने वाली यानी इसमें देखो ये तरंगे सभी ठोस द्रव गैसों से पारित हो जाती हैं यह ध्वनि तरंगों के समरूपी होती है ध्वनि तरंग क्या होती हैं लोंगीतूडिनल होती है पार्टिकल्स एक दूसरे के किस डायरेक्शन में क्या कर रहे होते हैं गति करते रहते हैं जैसे हमने बोला आपका यह मतलब यहां से मैंने बोला तो यह ध्वनि तरंगे आप पढ़े होंगे फिजिक्स वल्लाह इस तरीके से एक दूसरे को टक्कर मारते हुए चलते हैं जबकि लाइट की ये ट्रांसवर्स होती हैं वो जैसे हम लाइट ऐसे जा रही है तो उसके जो ऐसे मूव करेंगे पार्टी का बात समझ में ए रही है ना यानी माध्यम के जो कान होते हैं वो परपेंडिकुलर मूव करते हैं

45:33 transvar में और इसमें माध्यम के कान इंद्र डायरेक्शन ऑफ आ आपका वे मूव करते हैं ये तरंगे ध्वनि तरंगों के इनकी वेवलेंथ कम होती है तथा आवृत्ति अधिक होती है पी तरंगे जिन चट्टानों से प्रसारित होती हैं उनके कानों को अपनी तरफ खींचती हैं मतलब इस चट्टान से भी भूकंप आया और गया इनके पार्टिकल को आगे ले जाएगा बिल्कुल अपनी तरफ खींचे आगे की ओर dhakelti है लगभग 15 किलोमीटर पर सेकंड की गति रखती है और बड़े bhukampon के दौरान महसूस किया जा सकता है यहां पे ये इसमें टेलीग्राम उतना अच्छे से नहीं समझ में आएगा लेकिन आपको तो एग्जाम में यही बनाना पड़ेगा तो देखिए यहां जगह-जगह पे डांस लाइन में है यानी यहां इसका पुश हुआ है फिर पुल हुआ है फिर पोस्ट

46:21 फिर पूल मतलब इस डायरेक्शन में कम कंपन जो है ऊर्जा की दिशा ये है कंपन भी इसी दिशा में हो रहा है कंपन ऐसे ऐसे हो रहा है और ऊर्जा की दिशा भी यही ऊर्जा मतलब वेव तो अब सेकेंडरी में क्या होता है ये तरंगे विद्युत चुंबकीय तरंगों की भांति होती है विद्युत चुंबकीय तरंगे मतलब जो लाइट की तरंगे मैंने बोला ना लाइट और साउंड में दोनों में डिफरेंस साउंड इस डायरेक्शन में मूव करता है कम पर और जो लाइट होती है वो इस डायरेक्शन में कंपन करती है ऐश करेंगे केवल यहां पर ठोस likhiyega यहां पर likhiyega द्रव और गैसों में आप ऊपर नहीं होता ठीक है ना यानी द्रव और गैस में शेयर नहीं होता है इस वजह से केवल ठोस से जा सकती है

47:12 व्यस्त तरंगों की गति 4 से 7 किलोमीटर पर सेकंड से उसका 15 किलोमीटर पर सेकंड का इसका 4 से 7 किलोमीटर पर सेकंड ये तरंगे संरचनाओं पर पी की अपेक्षा अधिक प्रभाव डालती हैं क्योंकि वाक्य में संरचनाओं आगे चली थी इसमें ऊपर नीचे मूव करने लगता है इस वजह से ये ज्यादा प्रभाव डालती हैं और यहां पर इनका डायग्राम देखिए पुरी बॉडी अब डाउन अब डाउन यानी कंपन की डायरेक्शन देखो कुछ इस टाइप से दिख रहे हो उसमें कंपन का डायरेक्शन कैसा था उसमें ऐसा दिखाया गया था इसमें क्या है देख रहा है ये दोनों डायरेक्शन में कंपन हो रहा है और ऊर्जा की जो दिशा है वो इस डायरेक्शन में जा रही है यानी आपको दोनों ही पुरी अच्छा पुरी मोटाई एक लेयर अच्छी खासी अंदर की तरफ मूव कर रही है तो ये दोनों बॉडी हालांकि एक में

47:59 कंपनी डायरेक्शन में ऐसे ऐसे हो रहा था वैसे ही स्प्रिंग को खींच के छोड़ दो लेकिन यदि तुम किसी स्प्रिंग के आगे पीछे होती और अगर हम लोग इसकी बात करें तो इसमें ऐसे-ऐ चल रहा है जैसे कोई रस्सी खींच दी गई उधर तक करते राष्ट्रीय कीचो तो लहरों बनती उसे टाइप से चल रही है लेकिन पुरी बॉडी से जब बात करेंगे हम सरफेस की सरफेस वेव्स के बारे में तो ये सप्ताह ही तरंगे अब देखो saptahi तरंगे भूमि की सत्ता पर पिंड tanavon के atirik क्रिया का उत्पन्न होती हैं आप बॉडी में वेव रहेगी तो उसके वजह से सरफेस पे बन जाती है उसमें पहली आती है लव वेव पहली आती है लव वे और दूसरी आती है रिले ठीक है ना तो लव में जो होता है उसमें क्या लाभ करेंगे

48:45 27 तरंगों में सबसे तेज गति से मतलब यह सबसे तेज गति से चलती हैं लव तरंगे एस तरंगों की भांति कानों में सत ही गति उत्पन्न करती परंतु उनका कोई udghatak नहीं होता ये 36 साल में गति करती हैं मतलब बताती है और यहां पर बात करेंगे लव थर्मो की ऊर्जा काफी अधिक होती परंतु वेवलेंथ कम होने का विद्वान क्षमता कम होता है अब ये देखिए ये भी जा रहा है लेकिन नीचे सीधा है ऊपर से ऐसे जा रहा है बात समझ में तो ये एक तरीके से ये जो अपन डाउंस हो रहा है वो एस वेव की तरह ही हो रहा है और उसके बाद जो रिले हुए बात ये है रिले वेव जो आती है

49:32 उसमें क्या होता है इसको ठीक कर लीजिएगा ठीक है ना रे उसमें क्या होता है ये तरंगे झील की लहरों की भांति मुंह में के सत्ता के साथ-साथ तीन तरंगों को लड़ा उसने कारण है भूमि के कानों को इधर-उधर विस्थापित करती हैं रिले तरंग के कारण पदार्थ की कानों का उद्धव ताल में दीर्घ वृत्ति पथ पर दोलन होता है भावनाओं में भूकंप के समय जो हिलोरा उठाती है उनका अधिकतर कारण रिले भी होती है बात समझना डायग्राम इसका कैसा बना हुआ है तो आप देख लीजिए यहां पे उसमें जो था इसमें यहां पर देखो दोनों में अगर तुम इनको क्लियर कर लोग तो ज्यादा सही रहेगा यहां

50:18 इस वाले डायग्राम से अगर तुम क्लियर कर लेते हो तो वो ज्यादा सही रहेगा ऐसे समझो यहां पर देख रहे हो इन दोनों में अंतर समझ लो उसमें तो समझ में ए रहा था इसमें क्या है इसमें ऐसे-ऐसे गई हुई है ना ये पुरी इनका यहां पे और ये देखो यहां पे ऐरो ऐसे बना हुआ है दाएं बाएं तरफ यानी ये इनका udghatak नहीं होता है इसमें लिखा था पढ़ने से दिन का udghatak नहीं होता है मतलब ऊपर और नीचे तो नहीं उठेंगे तो फिर उठ रही थी लेकिन ये ऐसे ऐसे इस टाइप से करेंगे तो जैसे आप चल रहा हो

51:05 समझना था लेकिन वह सांप तो ऐसे एक्चुअली चलता है तो वो इस टाइप से तो यह लव हुआ तो दोनों में डिफरेंस याद रखना असल में तुम दोनों को एक साथ मैच कर के याद रखोगे तो ज्यादा अच्छा याद रख पाओगे दोनों को मैच कर के याद रखोगे देखना है यहां पे एक साथ में फिर कर दे रहा हूं यहां पर ध्यान से समझ लो यहां पे ये समझो इस karyalation इससे मैंने बताया था रिले और वेब का और ये भी एस फिर इसको भी ऐसे की तरह क्यों कहा गया क्योंकि दिखता है इसमें एक जैसा देखो इसमें ज्यादा अप एंड डाउंस देखेंगे इसमें वही चीज दाए-बाय तो डायग्राम में दिख नहीं पाएगा दाएं बाएं वाली चीज इस वजह से हल्का सा उठा उभरा दिख रहा है क्योंकि ये आगे है वो पीछे है इस टाइप से ऐसा दिख रहा है आपको दिखने में ये तीन एक जैसे लग रहा

51:50 होंगे लेकिन ऐसा है नहीं ये ये अपेक्षाकृत कम है ये दाएं बाएं हुआ है इसलिए ऐसा छोटा सा दिख रहा है ये और ये एक दूसरे का डायरेक्ट रिलेशन दिखने में उसी जैसा दिखेगा बस नीचे ऊपर की जगह पर दाएं आया होगा क्लियर है तो आप ये याद रखिएगा ऐसे samjhiega ना की बॉडी वेव्स में पी और एस है दो हैं जो प्राइमरी वेव ऑफ सेकेंडरी वेव इनका पूरा नाम है और ले और लव है ठीक है ना तो आप यह samjhiega पी जो है ना वो एल के करीब है इसको ध्यान रखिएगा और एस जो है वो आर के करीब है आर के ठीक बाद एस आता है ठीक है ना तो इस टाइप से आप याद रखेगा इन दोनों को एक साथ रखना है मतलब वह एक जैसा भी है उनका डायग्राम बनाना है बस इसमें नीचे सीधा करिएगा उसमें ये एग्जाम के लिए मैं बता रहा हूं ठीक है अब आगे चलते हैं हम

52:36 लोग आप अपनी चीज पर मुद्दे पर ये वेव्स के बारे में हो गया अब किसके बारे में हम लोग देखेंगे तो लिए अगली चीज हमारा है चलो भूकंप को हर तरीके से तुमने पढ़ लिया जितना भी वो था अपना तौर तरीका उससे अपने अर्थ पे आपको पूरा देख लिया ठीक है ना कितने टाइप होते हैं क्लासिफिकेशन उसका करना सिख लिया मतलब हर चीज हम लोगों ने देख ली अब अर्थक्वेक के जो बेसिक क्वेश्चन है उसे खत्म नहीं उसके बारे में जो जानकारी थी वो खत्म लेकिन अब हम किसके बारे में देखेंगे अब हम देखेंगे की जो ये अर्थक्वेक पर हम लोगों को दिक्कत खाली अर्थव्यवस्था

53:22 टॉपिक है की बिहेवियर ऑफ ट्रेडिशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन यानी जो पहले से परंपरागत रूप से बने हुए बिल्डिंग थी बिल्डिंग्स की बात नहीं बिल्ट बिल्ट कंस्ट्रक्शन का मतलब होता है जो पुराने बनावट है चाहे वो पहले तो अर्थव्यवस्था यही है मैन लेते द लेकिन अब हम जब उनके बिहेवियर के बारे में सोचें तो जैसे पहले जो स्ट्रक्चर बनते द उन पर अर्थक्वेक का क्या असर पड़ता था वही चीज देखना बिहेवियर ऑफ डिफरेंट कंस्ट्रक्शन ड्यूरिंग अर्थक्वेक यानी अलग-अलग प्रकार के भावनाओं का भूकंप की व्यवहार ठीक है ना व्यवहार में हम लोग देखेंगे पहले क्या है कच्ची intonity गारे के भवन पहले जो होता था वो कच्ची एट के भवन बनते द ठीक है ना तो उनका क्या भी है बेयर होगा देखो तुमको

54:10 इसको एग्जाम में कैसे करना है ऐसे आए तो तुम टॉपिक याद रखो की भाई अगर पूछा की पुराने भावनाओं में ऐसी क्या दिक्कत थी अर्थक्वेक से रिलेटेड देखो इसमें जो पूरा अर्थ में सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक है ना वो है आपका रेट्रो फिटिंग एक तो पूरा अर्थक्वेक का डेफिनेशन वगैरा उससे कहीं ना कहीं आना है तो पीछे भी पढ़े हैं दूसरा आगे आपका है जो रेट्रो फिटिंग का प्रक्रिया है ठीक है ना तो एक चीज यहां पर जान लेना ध्यान से मेरी बात समझना जो टेक्निकल पॉइंट है जैसे मैंने अभी वेव्स को ठीक से समझाया वेव्स को डायग्राम दिखा के समझाया लेकिन एक चीज जान लो कुछ जगह ऐसे हैं जहां उनको कॉमन बातें याद रखनी है वो एग्जाम देते समय ही तुमको लिखना है उसे समय जैसे इस तरह के भावना

54:56 में क्या दिक्कत आएगी तुमको जो समझ में ए रहा हो ना वो सब लिख डालो दिक्कतें इतनी है तुमको ठीक से बस तुमको जहां टेक्निकल जहां में कुछ ऐसा पूछे जो कॉमन ना हो वहां पे फोकस करना ठीक है ना वहां पर अपनी कहानी मत रखना नहीं तो गड़बड़ जाएगा फिर वही तो वहीं पे चेक करता है या गारा का जो मसाला की जगह पर किया गया है उसमें क्या अंतर ए जाएगा तो वो तो तुम अंतर क्या मतलब एक तरीके से भूकंप पर क्या असर डालेगा तो बिहेवियर उसका क्या हुआ वो बहुत बड़ी बात नहीं है तुम भी जानते हो टूट जाएगा होगा वह ढेर में बदल जाएगा उसे पर क्रैकर्स ए जाएंगी यही सबना होगा बिल्डिंग में भूकंप आने पर चाहे कोई भी चीज हो कोई भी चीज हो लेकिन यही पूछ दे की यही क्वेश्चन को बदलकर पूछे

55:45 आउट फैलियर क्या होता है तो तुम अब इसमें क्या बनाओगे तुमको मालूम है नहीं इसमें तो तुम क्या बनाओगे एक चीज जान लो इस जो फैलियर के टाइप है उनको ठीक से पढ़ना पड़ेगा अभी आएगा आगे ये सब तो पहले एग्जाम जब कोई भी कोई अच्छा नंबर पता है और वो भी उतना नहीं पड़ता है उसका कारण बस इतना समझो वो ये जानता है की इस चीज को ठीक से करना है और वो इसी वीडियो में तुम जान जाओगे इसी वीडियो में तुमको पता चल जाएगा मेरा सीधा सा फंडा है दोस्त बहुत सीधा फंडा है तुम जो आज इस वीडियो से उम्मीद करके आए हो की मैं पास आऊंगा अच्छे नंबर तो वो मेरा उद्देश्य में पूरा करवाऊंगी एवं इन सिंगल लेक्चर में पूरा कराऊंगा ये नहीं मैं तुमसे बता रहा हूं ठीक है तो देखो पहली बात की ऐसे टाइप के क्वेश्चन को खाली

56:30 रीडिंग लगा के एक बार नोट्स को जाना ताकि तुम्हारे पास शब्द 31 के भाव में भूकंप का क्या असर पड़ेगा मैं एक पढ़ के सुनाता हूं की मिट्टी के बारे में चिनॉय मैड में सुंदरी कहलाता है अभी हम जानते हैं ये काफी सस्ते होते तो ग्रामीण क्षेत्र में बनाए जाते हैं मिट्टी कार्य के कच्चे मकान यानी जो कच्चे मकान मतलब जो मिट्टी का पूरा मकान बनता था उसकी बात ठीक है ना बनाया कच्चे मकान भूकंप का बहुत कम प्रतिरोध कर पाते हैं और शीघ्र धराशाही हो जाते हैं भूकंप के समय सबसे अधिक छाती कच्चे मकान को भी पहुंचती है कच्चे मकान की अपरूपण तनाव और संपीडन समर्थ बहुत कम होती है मिट्टी गारें के बहुत ही कच्चे मकान भूकंप के झटको को जेल नहीं पाते हैं और धराशाई क्या नहीं जानते द इसमें से सब जानते द कहने का अर्थ यहां पे है की तुम इसका जान लिए फिर ब्रिक मैं सन रही ईंट की

57:17 जो पहले बनते द मकान पहले मतलब अब भी बनी रहे इस वाले मकान तो अभी बन रहा है भूकंप क्रोधी तो नहीं बनते द उसकी बात करें ट्रेडिशनल मतलब पुराने समय का एक चिन्ह के भवन बहुत भारी होता है जिसके कारण भूकंप के समय इन पर अत्यधिक जड़त्व बाल लगता है जड़त्व बाल क्या होता है कोई चीज अपनी अवस्था में बनी रहना चाहती है और जब यह आगे बढ़ती है तो उसको बढ़ाने का प्रयास करती है तो देखो अगर बढ़ जाए तो कोई दिक्कत नहीं है भूकंप के समय जो संरचना है ऐसे ऐसे हिल गई वो ठीक है कोई दिक्कत नहीं है बस यह ना हो की एक खिल जाए दूसरा जैसे जब भारी बिल्डिंग होती तो फाउंडेशन आगे चला जैसे वे भाई जमीन पर फाउंडेशन को ले गए आगे ऊपर वाला हिस्सा और वहीं रह गया तो ये गया आगे वो अभी तलाश से टूट जाएगा इसका मतलब यहां पर ये होता है की अगर हम लोग जड़त्व जड़त्व एक बहुत बड़ा

58:04 रीजन होता है किसी भी ऐसे स्ट्रक्चर के फैल होने का जितने भारी स्ट्रक्चर होते हैं ना उनको नीचे से ज्यादा भारी बनाना चाहिए ऊपर धीरे-धीरे कम करना चाहिए रीजन नीचे भारी रहेगा तो ऊपर वाले कोई भी दिक्कत कहीं ऐसा देखो की कलम छोटे-छोटे हो मतलब कॉलम पतले पतले हो अच्छा ऊपर भारी लगा लिया तुरंत भूकंप से गुजर जाएगा रीजन क्योंकि कॉलम हल्के हैं तो गलत तो बोल ऊपर जा रहा है जितना आप पृथ्वी के करीब भारी रहेंगे उतना बच्चे रहेंगे पृथ्वी से ऊपर की तरफ भारी जैसे बुर्ज खलीफा देखो ऐसे ऐसे बनाया जाए स्ट्रक्चर हो तो उसमें जड़त्व ज्यादा कम करता है अब आगे लिखा है साधारण चेन्नई की दीवारों की टेंशन कम होती चीन की दीवार है समांतर

58:50 होती है उसमें कहां बेंडिंग वो जेल पाएगा आपका एट का दीवार उसमें थोड़ा होती ही नहीं है टेंशन या डायग्नल कंप्रेशन उपस्थित हैं और ये आप आरसीसी में पड़े टेंशन कंपनी जो जानते हो सब लिखना की स्ट्रक्चर क्यों फैल होता है अभी तुमने गारा का देखा तो तुम्हें मैं सन रही का देखा फिर रिइंफोर्स कंक्रीट हाउसेस यानी कंक्रीट का भी बना हो देखो बिल्कुल जरूरी नहीं की कंक्रीट का स्ट्रक्चर होगा तो नहीं गिरेगा कंक्रीट के स्ट्रक्चर में यदि प्रॉपर अर्थक्वेक के लिए एनफोर्समेंट नहीं की गई है तो वो गिरेगा ठीक है अब यहां पर देखो सदा कंक्रीट की टेंसिले स्ट्रेंथ कम होती है इनकी टेंसिले स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए इसमें इस बात ही छोड़ो का प्रॉब्लम दिया जाता है आरसीसी के भावनाओं का भूकंप में

59:37 व्यवहार अच्छा होता है मतलब बाकी तीन जो द उनसे तो अच्छा है लेकिन आज बात इसमें भी व्यवस्था ना हो अर्थक्वेक के लिए कोई भी उतना अच्छा कम नहीं करें करार सी सी भावनाओं में अच्छी तनातनी होती है praballit कंक्रीट भावनाओं के फैलियर का कारण निम्न ग्रेड के कंक्रीट प्रॉब्लम क्षणों को गलत स्थिति में रखना स्तंभ में ताई की कमी का आती है अत्यधिक कंपन मैं झुकाव के कारण आर्थिक संरचना भूकंप के दौरान क्षतिग्रस्त हो जाती है ढीली और मृदा पर मतलब जहां पर जहां पर फाउंडेशन बनाई गई है वहां अगर लूट सॉइल हो तो उनके सेटलमेंट होने पर भी vandhrasai हो जाते हैं फिर अगला आता है टिंबर हाउसेस लकड़ी के घर भूकंप की दृष्टि से तब से कम भर के कारण मतलब अपना लकड़ी के घर जो होते हैं उनका कम उनका जो बाहर होता है वो सबसे कम

1:00:22 होता है ऊपर जितनी चीज पढ़ा है सबसे कम इसलिए अच्छा निर्माण कर रहे द जापान वगैरा में जहां आए दिन भूकंप आते हैं वहां लकड़ी के घरों को प्रेफर किया था क्योंकि भारी कम है तो जड़त्व वाला कम नहीं देखो जितना ज्यादा किसी चीज का मास होता है उसमें innersia भी उतना ज्यादा होता है तो उच्च भूकंप वाले क्षेत्र जैसे जापान असम आदि में लकड़ी का भी प्रचलन है लकड़ी के भावनाओं की विफलता का कारण है इनके गिरने का कारण लकड़ी का पुराना पढ़ कर सर जाना है या दिमाक का प्रकोप यह सब खराब करते हैं भूकंप के झटको के कारण लकड़ी के कलम और gardanon का टूट जाना प्रकाश ही होने के मुख्य कारण बताया क्या हम लोग पढ़े हम लोग पढ़े अर्थक्वेक का पुरानी संरचनाओं यानी जो पहले से बनने की जो तकनीक है उन तरह के

1:01:09 संरचनाओं में क्या दिक्कत आया तो तीन-चार तरह की संरचनाओं ली हमने और भूकंप में सबकी दिक्कतें प्लस पॉइंट नेगेटिव पॉइंट्स अब देखा इन सब में पाया की अर्थी थी बटोर था लकड़ी वाला उससे भी बटोर है क्योंकि इसका भर बहुत कम है तो भूकंप का उतना असर नहीं पड़ता है लेकिन इसका फैलियर दूसरे वजह से हो जाता है ठीक है तो हमने तीन-चार चीजों का देखा अब हमने देखा यहां पे स्ट्रक्चरल फैलियर ड्यूरिंग अर्थव्यवस्था

1:02:03 यह बिल्डिंग ठीक है ना और भूकंप इधर से ए रहा था यहां यह भूकंप इस पर पड़ा क्योंकि ऐसे जमीन पर से भूकंप ऐसे ऐसे टक्कर मारे तो इस दीवार पर जो भूकंप के सामने पद गई उसका जो फैलियर होगा ना उसको कहेंगे वो है आउट प्लेन फैलियर और आउट प्लेन फली और क्यों होता है वह दीवार ना ऐसे पिचक जाएगी बिल्डिंग हो जाएगी इसकी तो इस पर कम करता है क्या

1:03:03 इस दिशा में इन प्लेन आउट प्लेन और इन प्लेन क्या है अब देख लीजिएगा यहां पे का रहा है की भवन की जो संरचना संरचनात्मक दीवार हैं भूकंप या गति के anulomb यानी परपेंडिकुलर पड़ती है उनमें उन्हें फ्लेक्सिबल और कहते हैं फ्लेक्सिबल मतलब उनका मुद्दा होगा फ्लैक्सिबिलिटी जिम talbahar बनकर आता है तलवार मतलब प्लेन से बाहर निकल के बैंक भूकंप ही वालों की दिशा में न्यूनतम मोटाई होने के कारण क्योंकि बाल ऐसे लग रहा था इनकी मोटाई दिशा में कम है ठीक है ना और इस दिशा में मतलब अगर इधर से आता भाई उसको फाड़ देता सरकार के न्यूनतम मोटाई होने का इसकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है तो दीवार बाहर की तरफ पलट जाती है पलटने पर दीवार आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाती है

1:03:50 बैंक पर दीवार में तनाव प्रबल उपस्थित हैं और चिनॉय सनन में बहुत कमजोर होती है अतः इसमें दरारें उत्पन्न हो जाती है और दीवार हो जाती है वो क्या था और इस पर देखो दरारें फटी हुई है यह सब्सक्राइब गए हैं उसके बाद दीवार के मध्य में खड़ी विवाह khadirar यानी ये दीवार है इसके बीच में कहीं एन कहीं मध्य में फैट जाएगा क्योंकि वो भिन्न हुई थी दीवार लिंटेल का मतलब ये वाले लेवल पे देखो दरार की स्थिति भले तुम आ कहीं भी बना के दिखा दिए लेकिन एक चीज का ध्यान रखना आउट प्लेन

1:04:37 होगा उसका सही डेफिनेशन क्या है वो उसी दीवार पर पड़ता है जो दीवार उसकी दिशा के लैंब दिशा में पड़ती है उसी तरीके से अगर इन प्लेन फैली हो तब के केस में क्या होगा तो इन प्लेन फ्लोर यहां पे यह स्पेलिंग हमेशा प्लेन रहेगा यह वाला प्लेन ठीक है गति के समांतर खड़े रहती हैं जिन्हें siarwal कहते हैं उनमें अत्यधिक बैंक सियार मतलब जो इस टाइप था उसके साइड में अतिरिक्त बनकर ताल भीतर विफलता आती है कम लंबाई और कम लंबाई चौड़ाई अनुपात का ही दीवारों में तरंग के कारण छाती दारा रहे द शादी की लंबाई चौड़ाई मतलब लंबाई यदि किसी दीवार की बहुत ज्यादा है उसकी तुलना में

1:05:23 कम चौड़ा है तो उसमें उसे दीवार में तन के कारण जो है क्षैतिज दरारे आती हैं और अधिक लंबाई चौड़ाई अनुपात यानी लंबाई देखो कम मतलब अगर ये बॉक्स स्ट्रक्चर है एक स्ट्रक्चर ये हुआ आपका एक स्ट्रक्चर यह हुआ ठीक है ना और एक स्ट्रक्चर ऐसा हुआ एक स्ट्रक्चर ऐसा हुआ तो इसको जानते हैं क्या कहते हैं इसको बोलते हैं तो देखो कम लंबाई और चौड़ाई के अनुपात की दीवारों में कारण क्षैतिज दारा रहे हैं मतलब इसमें जो दारा रहे हैं वो छाती जाएंगे अधिक लंबाई चौड़ाई अनुपात के दीवारों का रूप में मिलता है कारण विकर्ण ताना डराने पड़ती हैं यानी ये ऐसे ऐसे

1:06:08 दारा रहे हैं ऐसे दारा रहेंगी इसमें ऐसी और इस टाइप से दरारें आएंगे ध्यान रखिएगा ये ये भी आपका इस दीवार पे आया भूकंप के गति की दिशा ऐसे है भूकंप की गति की दिशा ऐसे तो इनमें इस टाइप से कम करती हैं दीवारें इस प्रकार की विफलता के भीतर विफलता कहलाती है अब भीतर विफलता में देखिएगा दोनों हम अलग-अलग दिखाएं हैं एल / बी रेश्यो क्या है यहां पे एल / बी रेश्यो रिलेटिवली क्या है कम है और यहां पर दरारें की स्थिति कैसी देखिए यह कहीं पर ऐसे क्रैक किया हुआ दिख रहा है कहीं पर वर्टिकल देखिए यहां पे ये सब दारा दिखा रहे हैं भूकंप की गति की दिशा ये है यानी इस दिशा में भूकंप ए रहा है तो ये साइड में वॉल पद रही थी इनका दिखा एक ही में दिखा दिया गया है तो प्रवेश प्रवेश पर

1:06:55 उद्धार ए रहे हैं मतलब यहां दरवाजा rahental के ऊपर दरारें के संगम पर तो ये सब दारा रहे कॉमन आप देखेंगे ना तो एक ही जैसी दिखती है बस एक चीज ध्यान रखिएगा इस पर सियार ज्यादा आता है तो इसको आप हमेशा कर्तव्य का नाम इसमें जरूर लीजिएगा उसमें कार्टन कर रहा हूं का भले मत नाम लीजिएगा ठीक है ना तो ये दो मतलब हम पढ़ रहे हैं की संरचना में फैलियर कितने टाइप के होते हैं देखिए हम लोग क्या पढ़ रहे द हम लोगों ने पढ़ा स्ट्रक्चर फैलियर ड्यूरिंग अर्थक्वेक तो स्ट्रक्चर फैलियर में आउट प्लेन और इन प्लेन लेकिन तीसरा होता है दया फ्रॉम फैलियर दया फ्रॉम क्या होता है पटल पर उपस्थित चलता है तो भाई कॉलम और फाउंडेशन को तो आराम से साफ ले जाएगा लेकिन छत वगैरा पर वो वो वहीं पर रहने की अपनी कोशिश करता है

1:07:42 तो छात्र छात्र यदि बहुत भारी हो गई ना तो वो जड़त्व कद बहुत देरी से फैल होती है तो वो उसी लेवल पर उपस्थित जहां से अगल बगल की दीवारों पर स्थानांतरित होते हैं इससे दीवार में अपरूपण को बांधकर होता है chhatpataal को यानी छत को इन भूकंप की दृढ़ तो बालों को दीवारों पर अंतरित करने के लिए क्षैतिज बाल में बनकर समर्थन होना चाहिए या क्रिया डायाफ्राम एक्शन कहलाती है daframekshan का मतलब होता है छत का जैसे हम यहां से फाउंडेशन को आगे बढ़ा देंगे और ऊपर से जो छत चल रही थी यदि वो अपना अपने आप को तुरंत दीवारों के साथ कनेक्टेड नहीं महसूस करेंगे तो गिर जाएगी हो सकता है बिल्डिंग आगे चली जाए यानी उसे केस में होता क्या है मैंने बिल्डिंग वगैरा ऐसे ही नीचे तो पहले सीधा ऐसे खड़ा था अब क्या हुआ यह आगे चला

1:08:27 गया और यह ऐसे बन गया ऐसे अब तो ये गिरेगा इतना या इसका गिरना है बस यही चीज है भूकंप आया ऐसे हो गया ये तुरंत कॉलम पर ट्रांसफर करें अपनी चीजों को तो इसको कहते हैं हम लोग नया फ्रॉम एक्शन बात समझ में अब आरसीसी स्लैब में जो 36 बाल पर्याप्त वेडिंग स्ट्रेंथ रखती है फ्रॉम की भांति कम करते हैं डायाफ्राम मतलब पूरा आपस में अंतर कनेक्टेड है परंतु कास्ट मतलब लकड़ी का या ईंट का आरसीसी वगैरा छ से करेक्ट रहती है मतलब ऊपर की जो छत है वो क्षणों द्वारा कलम से कनेक्ट रहती है तो पर्याप्त बिल्डिंग स्ट्रेंथ भी रखती है तो उसको कहते हैं की उसके अंदर विजिट डायाफ्राम पूरा स्ट्रक्चर

1:09:21 है क्योंकि छत आगे तो चली गई अब आगे तो चली गई है लेकिन उसका जो यक पीछे रह गई है आगे जड़त्व देखिए क्या है ये जड़त्व का मतलब भूकंप भूकंप जो है इस डायरेक्शन से ए रहा होगा ऐसे और जड़त्व का अर्थ उधर ही रह गई होगी तो इसको कैसे जड़त्व ट्रांसफर नहीं हुआ तो फिर होगा देखिए चित्रा में दीवारें दीवारें भी की तुलना में अधिक निर्णय ये सब बताया जाए ना मैं दायरा में कमरे के सभी दीवारों पर बराबर पलट सकते हैं अतः दीवार भी पर अधिक जड़ तो बाल आएगा और वह पलट जाएगी मतलब ये समझाया गया है की जड़त्व बाल के प्रभाव में इसको आप नहीं भी लिखेंगे डायग्राम बनाया गलत तो बाल में ऊपर अगर रिजल्ट वाले में ट्रांसफर जल्दी होता है फ्लेक्सिबल वाला ट्रांसफर कम होता है तो इसलिए वो फैल होती है ठीक है फिर आता है कनेक्शन फैलियर तीन तरह

1:10:11 और उसके बाद आपका आता है आपका अगला वाला जो आता है वो आता है diframe और कनेक्शन फैलियर मतलब जोड़े भूकंप के समय उत्पन्न जड़त्व बाल छत से छत स्लैब से दीवारों की ओर दीवानों से नीचे न्यू पर चला जाना चाहिए मतलब भूकंप के समय जो बाल है ना वो ऊपर से होता हुआ नीचे चला गया इनके लिए छात्र फ्लैग दीवारों के न्यू में संधि यानी सक्षम होना चाहिए था लैब्स स्लैप जो है वो कनेक्टेड हो भीम से भीम कनेक्टेड हो कॉलम से तो कनेक्शन अच्छा होना चाहिए लेकिन भूकंप से ये सब देखिए सारे जैसे जोड़ होते हैं ना वो फैट जाएंगे जब ये बाल ऐसे कम करता है देखिए दीवार मुडी है जड़त्व बाल मतलब भूकंप का जो डायरेक्शन होगा उसे दिशा में इस टाइप से दीवारें

1:10:56 मुडी हुई है दोनों और मोड़ने के कारण जाहिर के बात ये पलटेगा तो ये दोनों दीवार खड़ी रह जाएंगी और यहां ज्वाइन फैल हो जाएगा लेकिन यदि जॉइंट अच्छे से बना हुआ है इन दोनों का यह दोनों दीवाने अपनी जगह पर खड़े रहेंगे तो यहां पर जॉइंट में फैलियर होते हैं तो उसी को ये समझाया गया है की कनेक्शन फैलियर यानी सारे तरह के जॉइंट क्या होते हैं कनेक्शन फैलियर में सारे तरह के जॉइंट क्या होता है ब्रेक होते हैं लेकिन यदि सब एक में जुड़े हो तो एक चीज होती है देखो एक एक यदि चौक बिल्डिंग है चौकोर मतलब चारों तरफ से दिवाली क्या है एक मैप किए हैं तो इसको गिरने के चांस भूकंप बहुत कम होते हैं क्योंकि इस पर होता है बॉक्स एक्शन क्या होता है बॉक्स एक्शन ये ये दीवार गिरेगी तो ये दोनों जो ये दीवार मैन लीजिए ये

1:11:41 सीधे वाले खड़ी वाली है तो ये इन दोनों को सपोर्ट करेगी जब इधर से भूकंप आएगा तो उन दोनों उसको सपोर्ट करेंगे तो हर चारों दीवारें एक दूसरे को प्रॉपर सपोर्ट करते हैं तो ऐसे में बॉक्स सेक्शन होता है यार बिल्डिंग के जो ब्लॉक बनते हैं कभी देखे होंगे बड़ी-बड़ी बिल्डिंग होती हैं एक पूरा ब्लॉक ऐसे है एक पूरा ब्लॉक कैसे बनाएं इसमें कई लोग रहते हैं पूरा एक ब्लॉक ऐसे बना हुआ है ऐसे तो इनको आपस में ऐसा घर हो जैसे हॉस्टल की बिल्डिंग की बीच में पार्क होता है चारों तरफ क्या होती है बिल्डिंग होती है तो अगर उसको चारों तरफ से घेरा जाना तो बॉक्स एक्शन तैयार होता है और बॉक्स सेक्शन सबसे स्टेबल स्ट्रक्चर होता है अर्थक्वेक के लिए ठीक है अब आगे आता है पांचवा नॉन स्ट्रक्चरल वो चार तो द ही आपके डायाफ्राम और उसके बाद आपका कनेक्शन फिर नॉन स्ट्रक्चर फैलियर यह

1:12:28 वह फैलियर होते हैं जो स्ट्रक्चर का फैलियर नहीं वो सब कहीं स्ट्रक्चरल फैलियर द मतलब उनके होने से बिल्डिंग गिर जाएगी लेकिन नॉन स्ट्रक्चरल वो होते हैं जिसमें क्या है मुंडेर विभाजक दीवार जल बनता है टंकी जीना छज्जा आदमी भवन के asangatmak भटक बिल्डिंग तो यह घटक यदि मुख्य दीवारों में अच्छी प्रकार से नहीं दबाए गए हैं तो भूकंप के कारण यह प्राप्त की भांति कार्य करेंगे और

1:13:15 क्षतिग्रस्त हो जाएंगे लीवर की तरह टूट जाएंगे और संरचनात्मक विफलता से ताकि भवन की मूल स्थिरता वी सामर्थ्य प्रभावित नहीं होती परंतु यह भवन की शोभा घटा देते हैं मतलब ये सब टूटेगा तो ऐसे तो बिल्डिंग नहीं गिरेगी लेकिन ये बिल्डिंग को बुरा तो lagvaenge ना खराब तो फुल होगा तो यह सबसे टाइप्स ऑफ फैलियर तो पंच फैलियर हमने बाद की स्ट्रक्चर में चार और एक नॉन के लिए ठीक है ना उसके बाद आपका आता है फंडामेंटल टाइम पीरियड यानी भूकंप के बारे में एक टेक्निकल टर्मिनोलॉजी है ठीक है ना क्या है भूकंप के समय जब भूमि आगे पीछे गति करती है तब इस पर खड़ी संरचनाओं भी इसके साथ हिलोरे मारते हैं सही बात है यदि ये पूछ दिया अगर दो नंबर में या पंच नंबर में तो बताना पड़ेगा की फंडामेंटल टाइम पीरियड क्या होता है वैसे आप जानते हैं टाइम

1:14:01 पीरियड क्या होता है आवर्तकाल जिसको बोलते हैं आप जानते हैं कोई बिल्डिंग रहेगी करना है इसका टाइम पीरियड ज्यादा होता है देर तक ऐसे ही लेंगे बहुत ऐसे ही लेंगे छोटा सा घर ऐसे होके हो गया था उसका टाइम पीरियड कम होता है कहने का मतलब है भूकंप के समय जब भूमि आगे पीछे करती है तब इस पर खड़ी संरचनाओं भी इसके साथ हिलोरे खाती है यदि भवन एन में पदार्थ का बना है तो इसका दोलन अधिक होता है परंतु सभी भवन अपनी बनावट परिस्थिति के कारण कुछ ना कुछ आवर्धन की क्षमता रखते हैं अवधन मतलब धीरे-धीरे वो गति कम होगी सावधान के कारण

1:14:47 भवन का दोलन मंद पड़ने लगता है और उसे कल के बाद ये है मंडन समाप्त हो जाता है और भवन अपनी मूल स्थिति में ए जाता है और दोलन का परिभाषा दिया दुल्हन का एक चक्र दोलन मतलब ये घूमने दोलन का एक चक्कर पूरा करने में जितना समय लगता है इससे इसे उसे समय का फंडामेंटल टाइम पीरियड कहते हैं उसे भवन का हर बिल्डिंग की अपना फंडामेंटल टाइम पीरियड होता है उसकी फ्लैक्सिबिलिटी पर निर्भर करता है यानी टी क्या होगा सरल डोल नहीं भवन दो ताली है मतलब सिंपल स्टोरी बिल्डिंग है तो 0.05 सेकंड कितना ही देर तक होगा 10 से 20 ताली वाला एक से दो सेकंड तक होगा आरसीसी की जो चिमनी होती है चिमनी आप

1:15:34 देख रहे होंगे बड़ी-बड़ी| 6 सेकंड बाहर सिर्फ मैन यानी दम है तो दें काफी redeed होता है जनरली इस वजह से उसका कम होता है नहीं तो बाकी झूला पुल वगैरा कोई ऐसे झूला पुल लगा पुल तो देर तक खिलता है वह ऐसे ही रहा होता है भूकंप ये था फंडामेंटल टाइम पीरियड इसको याद रखिएगा फिर आता है मोठ से मतलब अलग-अलग तरह के भावनाओं का जो बनावट होता है उसको समझना तो एक किस टाइप का शॉप सबसे अच्छा होता है या उसको बनाते समय किया गया है क्या है द्रव्यमान vighnata को दृष्टि में रखते हुए मतलब द्रव्यमान और रखते हुए प्लान में संरचना सरल वी सम्मिट

1:16:20 उपन्यास क्यों होनी चाहिए भवन का प्लान जो बिल्डिंग का प्लान है वो 36 तथा उसे दिशाओं में सिमिट्रिकल होना चाहिए अनियमित विन्यास मतलब उल्टा सीधा जो आप संरचनाओं बनाने का प्रयास करेंगे तो भूकंप के समय उसमें मरोड़ उत्पन्न होते हैं जो भवन के लिए घटक होते हैं ठीक है एल टी ह यू ये सब जो बिल्डिंग होती है ना ilakaar की ब्लॉक टी आकर का ब्लॉक ये सब ना भूकंप की दृष्टि से सही नहीं है बॉक्स सेक्शन नहीं हो रहा है ना बॉक्स का मतलब आयताकार बनाया क्योंकि अनियमित आकृति और मुहर्रम के समय किसी ब्लॉक को छाती पहुंचती है यदि ऐसा विन्यास रखना है ऐसा बनाना ही पद गया तो आप एल बना रहे हैं तो गैप रखिए जैसे यहां पर पूरा दिखाया गया है देखिए ये एक ब्लॉक है इसमें कई लोग रहते हैं एक इधर ब्लॉक है इनको आपस में जोड़ा

1:17:06 गया ये भूकंप के समय जल्दी ही रहेगा या तो इसको चारों तरफ से ऐसे बंद ब्लॉक बनाया एक ब्लॉक यहां एक ब्लॉक यहां एक ब्लॉक यहां ठीक है एक बिल्डिंग दूसरी बिल्डिंग दो तीन बिल्डिंग दो बिल्डिंग यानी इनके बीच में गैप चाहिए होगा ना की एक दूसरे को क्या करती हैं मतलब छाती नहीं पहुंचती है एक दूसरे से इंडिकेट ठीक है तो इस टाइप का शॉप सही नहीं है ऐसा बनाना चाहिए यही बात उसमें ऊपर लिखी गई है ठीक है ना अब ए रहा है कंस्ट्रक्शन एंड प्लानिंग ऑफ अर्थक्वेक रेजिस्टिंग बिल्डिंग यानी आपको ऐसा स्ट्रक्चर बनाना है जो अर्थक्वेक को रेसिस्ट करें तो उसके लिए आप क्या-क्या उपाय करेंगे तो पहला उपाय इसमें ध्यान रखिएगा इस पूरे में की भूकंप भावनाओं का निर्माण इस प्रकार करना जाना चाहिए की

1:17:52 भूकंप के झटका को सह सके तथा अपने स्थान पर भूकंप आने पर स्थिर नजर ए ना हो भूकंप भी भूकंप प्रधि भावनाओं का प्लानिंग सर डिजाइनिंग करते समय क्या-क्या ध्यान रखेंगे पहला चीज साइट लोकेशन मैंने कहां चयन करें भूकंप की दृष्टि से संरचना के लिए सही स्थल का चयन मृदु और कमजोर मृदा भवन निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है भूमि चपटी और समतल होनी चाहिए धनु भूमि का भूकंप के समय बोला गया है की स्थल पर मृदा समान होनी चाहिए डेली वसंत रितु ये सब पूरा बताया कम प्रभावित हो तो पहला सही जगह चुनिए मिट्टी वगैरा सही हो पहली बार उसको पढ़

1:18:40 लीजिएगा पीडीएफ ये पुरी पीडीएफ आप डाउनलोड कर सकते हैं सिविल टेक्नोलॉजी solution.in पर जाकर के वेबसाइट है या फिर ऐप से भी डाउनलोड कर सकते हैं कलेक्शन ऑफ कंस्ट्रक्शन मटेरियल मतलब आपने साइड तो अच्छा चुना लेकिन बनाने के लिए जो पदार्थ होते हैं वो हल्के निर्माण पदार्थ जिनका समर्थ और बाहर का अनुपात अधिक हो मतलब सामर्थ्य ज्यादा हो और बाहर कम हो तो समर्थ भर का अनुपात क्या होगा बढ़ जाएगा ये भूकंप की दृष्टि से अच्छे रहते हैं तो यही सब मटेरियल सहित अच्छी रहे जहां ठीक-ठाक जमीन हो दूसरा मटेरियल अच्छा चुनिए तीसरा उसका ज्योमैट्रिकल शॉप अभी पीछे पड़ा है की ज्योमैट्रिकल शॉप कैसा रखना चाहिए तो वही चीज को समझाया की प्लांट सरल जमिति का होना चाहिए भावनाओं भूकंप की दृष्टि से ठीक नहीं वही बात बताया है यानी पहला की अर्थव्यवस्था के

1:19:26 लिए क्या है पहला चीज सही साइट लोकेशन हो जगह सही और दूसरा मटेरियल सच करिए तीसरा भवन जब बना रहा है तो उसका स्ट्रक्चर मैंने पूरे स्ट्रक्चर का जो द्रव्यमान है ना वो जड़त्व उसके समानुपाती जितना ज्यादा एनआरसी का ठोस उतना ज्यादा गिरने का चांस रहेगा इस वजह बिल्डिंग का अपना जो शॉप है उसको सही रखिए उसका मास भी न्यूनतम रखने का प्रयास करिए कम से कम रखने का प्रयास करिए और ये ध्यान रखिए की क्योंकि जड़त्व से नीचे तक जाते हैं इसलिए निचली मंजिलों को बालों को झेलना पड़ता है

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