0:00 हे दोस्तों वैलेंटाइंस की रात थी माइक अपने घर में बैठे हुए एकदम ब्रेकडाउन के कगार पर थे अपनी सिचुएशन से बहुत परेशान थे वो यह सोच रहे थे कि वो कैसे अपनी फैमिली को बताएंगे कि अब वोह लोग गरीब हो गए हैं देखो बात यह थी ना एक वक्त था जब माइक ने एक नहीं बल्कि दो मल्टी बिलियन डॉलर बिजनेसेस बिल्ड करके उन्हें सेल कर दिया था उनके सेकंड बिजनेस को सेल करने पर उन्हें 88000 ल मिले थे जो कि उस टाइम पर बहुत ज्यादा वैल्यू रखता था उन्हें यह लगने लगा था कि यार उन्हें बिजनेस का राज समझ में गया है उन्होंने कॉन्फिडेंस के साथ एक लविश लाइफस्टाइल जीना शुरू कर दी थी लग्जरी कार्स खरीदे महंगी जगह पर घर ले लिया रेंट पे और बड़े-बड़े लेवल पर पैसे खर्चे करने लगे जिसका रिजल्ट यह हुआ कि उनकी इनकम तो रुक गई थी बट उनके एक्सपेंसेस बढ़ने लगे और जल्दी उनके और जो बिजनेस थे वो भी कोलैक्स हो गए जिस वजह से
0:47 माइक अपने आखिरी $100 पे आ गए थे उनको अभी भी बहुत सारे बिल्स पे करने थे और कई सारी चीजों का प्रेशर था तब उन्होंने डिसाइड किया कि फाइनली हिम्मत करके वह अपनी फैमिली के सामने कन्फेस करेंगे और सब बताएंगे उन्होंने एक्सपेक्ट कर रहा था कि जब वो अपनी फैमिली को ये सारी चीजें बताएंगे तो सब बहुत रोएंगे धोएंगे और बहुत सारी चीजें होगी बट इसके बाद उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने माइक को हिला के रख दिया माइक ने जब अपनी परेशानी के बारे में अपने घर वालों को बताया तब उनकी जो छोटी बेटी थी उसने वो बात सुनी उसके पास एक पिगी बैंग था वो उसने लेके आई और उसने माइक से कहा कि डैडी हम इससे निकल जाएंगे आप फिक्र मत करना ये लो मेरे पैसे इस टाइम पे माइक को रिलाइज हुआ कि कैसे वो इस सिचुएशन में अब जिंदगी में कभी नहीं आना चाहता है इसीलिए फिर वो स्टडी करने लग गए उन्होंने एनालाइज करना स्टार्ट किया कि क्या गलती उन्होंने कर दी थी उन्हें रिलाइज हुआ कि
1:32 मैक्सिमम लोग है ना बिजनेस के गलत फॉर्मूला यूज कर रहे हैं और सही फार्मूला जो है उसके चार की प्रिंसिपल्स है जिन्हें सिक्स स्टेप में एक इंसान फॉलो भी कर सकता है क्या है वो चार की प्रिंसिपल्स और सिक्स स्टेप जिसे आपको भी फॉलो करना चाहिए एक सक्सेसफुल बिजनेस ओनर बनने के लिए वही आज के इस वीडियो में आपको सीखने मिलने वाला है एक बहुत ही अमेजिंग बुक की हेल्प से जिसका नाम है प्रॉफिट फर्स्ट देखो पुराना जो फार्मूला है ना वो कुछ ऐसा है सेल्स माइनस एक्सपेंस इज इक्वल टू प्रॉफिट दिस इज द ओल्ड फॉर्मूला अर्नी अपनी ड्रीम लाइफ जी रहे थे उनका एक लॉन केयर का बिजनेस था जो काफी सक्सेसफुल था ऑटम मतलब प्ज का जब मौसम होता है तब वो यूजुअली उसकी साफ सफाई कराते थे और उसके लिए चार्ज करते थे ना एक दिन जब वो एक क्लाइंट के लिए काम कर रहे थे तब उन्होंने देखा कि गटर पत्तों से भर चुका है तो उन्होंने सोचा कि चलो थोड़ा और पैसा कमाते हैं
2:18 उन्होंने बोला कि मैं आपके लिए गटर भी साफ कर दूंगा गटर मतलब वो नाले वाली गटर नहीं बट जो वो पाइप वाली गटर होती है जो छत से लगी हुई होती है वो ना उसको जब साफ करने के लिए वो छत पर गए तब उन्होंने नोटिस किया कि कुछ शिंगल्स जो रेक्टेंगल टाइल्स होती है घरों के ऊपर वो भी मिसिंग है तो बिना सोचे समझे उन्होंने कहा कि मैं आपके लिए रूफिंग सर्विस भी करके दे सकता हूं बट बात यहां पे रुकी नहीं उन्होंने चिमनी रिपेयर का भी काम ले लिया यह सब कुछ उन्हें लग रहा था कि काफी आसान है और इसमें उन्हें एक्स्ट्रा पैसे कमा लेंगे वो जिसके साथ उन्होंने इस नए सर्विस को देना स्टार्ट किया बेसिकली उनके दिमाग में था कि मैं अपने बिजनेस को एक्सपेंड कर रहा हूं बड़ा बना रहा हूं लेकिन असलियत में उनकी मुश्किलें इससे शुरू हो रही थी बिकॉज हर नई सर्विस के साथ नए खर्चे बढ़ते जा रहे थे नए लैडर रूफिंग गियर्स ब्रिक्स एक्स्ट्रा टूल्स ट्रेनिंग पीपल ओवरहेड हर
3:05 नए काम के लिए नए इन्वेस्टमेंट करने पड़ रहे थे जिसकी वजह से धीरे-धीरे पहले जो वो अपना सिंपल सा बिजनेस कर रहे थे जिसमें अच्छा प्रॉफिट आ रहा था अब वह प्रॉफिट गायब होने लग गया उनका बिजनेस एक प्रॉफिटेबल बिजनेस बनने के बजाय एक कैश ईटिंग मनस्टर बन चुका था जिसमें जितना भी पैसा उसे खिलाओ सब वो खा लेता था और यही है द ओल्ड फार्मूला ट्रैप जहां पे बहुत ज्यादा मेहनत करने के बाद भी सेल्स बढ़ने के बाद भी एक्सपेंसेस इतने बढ़ चुके थे कि प्रॉफिट ना के बराबर हो रहा था और यही सबसे बड़ा ट्रैप है जिसमें कई बिज़नेस ओनर्स फंस जाते हैं माइक भी इसी ट्रैप में फंसे थे और इसीलिए उन्होंने एक नए सिस्टम को फॉलो करना स्टार्ट किया इनफैक्ट यह सिस्टम इतना ज्यादा पावरफुल साबित हुआ उनके लिए प्लस दूसरों के लिए भी बिकॉज़ लगभग 175000 कंपनीज ने इस सिस्टम को यूज़ करा
3:50 है और अपने आप को प्रॉफिटेबल बनाया और सिस्टम का कोर है प्रॉफिट फर्स्ट अप्रोच प्रॉफिट फर्स्ट अप्रोच सबसे बेस्ट अप्रोच है और इसी से वह नया फॉर्मूला भी बनता है और यह बहुत ज्यादा काम करता है बिकॉज ये ह्यूमन साइकोलॉजी को समझकर बनाया गया है जिसके पीछे दो सबसे बड़े साइकोलॉजिकल रीजन है पहला पार्किंसन लॉ आपने चीज नोटिस करोगे ना किसी होमवर्क को करने के लिए अगर आप अपने आपको को एक हफ्ता दो तो आपको एक हफ्ता लग जाएगा एक महीना दोगे तो एक महीना लग जाएगा और एक साल दोगे तो एक साल लग जाएगा पाकिस्तान लॉ ये बोलता है ना कि जितने भी ज्यादा रिसोर्सेस टाइम पैसा या स्पेस आपके पास होता है आप उतना ही ज्यादा उसका यूज करते हो किसी भी काम को खत्म करने के लिए बिजनेस के टर्म्स में देखा जाए तो ये बात सेम अप्लाई होती है जितना आपके पास टाइम पैसा स्पेस होगा उतना आप उसको यूज़ करोगे अपना धंधा बनाने के लिए बट वहीं पे आपने देखा होगा ऐसे भी कई सारे लोग होते हैं जो कम पैसे में कम टाइम लगा
4:36 के कम स्पेस का यूज करके भी अच्छा धंधा बना लेते हैं वो भी प्रॉफिटेबल बिजनेस और यही है पार्किंसन लॉ की पावर और दूसरा है प्राइमस इफेक्ट आपने ये कहावत सुनी होगी ना फर्स्ट इंप्रेशन लास्ट इंप्रेशन या फिर अगर आप कहीं पे घूमने जाते हो अगर उस घूमने की जगह पे जो पहला ही आपका एक्सपीरियंस है वो बेस्ट हो जाता है तो पूरा ट्रिप अच्छा लगने लगता है जबकि पहला एक्सपीरियंस ही खराब हो जाता है तो कई बार लोगों को पूरा ट्रिप खराब लगने लग जाता है और इसके पीछे जो साइकोलॉजिकल प्रिंसिपल है उसे बोलते हैं प्राइमस इफेक्ट जो हमारे दिमाग में चीज सबसे पहले आती है हम उस पर ही सबसे ज्यादा फोकस करते हैं ये दोनों रीजन की वजह से प्रॉफिट फर्स्ट अप्रोच काम करता है जो अर्नी यूज नहीं कर रहे थे एक और चीज होती है जो किसी भी बिजनेस को ग्रो करने में हेल्प करती है वो होता है एफिशिएंट बिजनेस मैनेजमेंट जो अर्नी नहीं कर रहे थे अर्नी जब अपने बिजनेस को एक्सपें कर रहा था नए लैडर्स रूफिंग
5:22 गियर्स ब्रिक्स एक्स्ट्रा टूल ट्रेनिंग ओवरहेड्स हर नए काम के लिए उसे नए इन्वेस्टमेंट की जरूरत पड़ रही थी इसके साथ-साथ एक और बहुत बड़ी प्रॉब्लम यह हो रही थी कि वो इतनी सारी चीजों को अच्छे से मैनेज नहीं कर पा रहा था जिस वजह से धीरे-धीरे उसका जो पहले बिजनेस काफी प्रॉफिटेबल था अब ज्यादा सेल्स करने के बाद ब्यूज का प्रॉफिट खत्म होते जा रहा था अगर आप भी अर्नी की तरह अपने बिजनेस के हर एस्पेक्ट को मैनेज करने में स्ट्रगल कर रहे हो चाहे वो अकाउंटिंग हो इन्वेंटरी या सीआरएम या भले और भी बाकी के बिजनेस टास्क आपके लिए एक प्रॉपर सिस्टम होना सबको जरूरी होता है ओडू एक ऐसा ईआरपी सॉफ्टवेयर है जो आपके बिजनेस के हर पार्ट को एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर लाता है इमेजिन करिए जितना दिक्कत आप आपको अलग-अलग सॉफ्टवेयर टूल यूज़ करने में होती है ू उस सब को एक जगह पे सिंपलीफाई करता है ये क्लाउड बेस्ड ऑन प्रेमा सलूशन आपको अपने सेल्स परचेसिंग इन्वेंटरी प्रोजेक्ट
6:08 मार्केटिंग ह्यूमन रिसोर्स सब कुछ मैनेज करने की फ्रीडम देता है और क्योंकि सब कुछ डिजिटल है आपको रियल टाइम अपडेट्स मिलते रहते हैं और आप अपने बिजनेस को कहीं से भी एक्सेस कर सकते हो और सिर्फ एक्सेस नहीं अच्छे से इजली मैनेज भी कर सकते हो बस एक क्लिक में जैसे डू का अकाउंटिंग ऐप आपका मैनुअल काम कम और ऑटोमेशन इंक्रीज करेगा प्लस एआई से इनवॉइस को बैंड ट्रांजैक्शन से मैनेज कर सकते हो फिर इनके रिक्रूटमेंट पप से आप सारे जॉब्स एप्लीकेशंस इजली मैनेज कर सकते हो ड से ही वेबसाइट भी बिल कर सकते हो और अपनी पर्सनल चॉइस से सारे कस्टमाइजेशन करके और तो सिर्फ इतना ही नहीं अगर आपका कोई बिज़नेस है तो ऑनलाइन स्टोर से भी इनके ई-कॉमर्स ऐप से क्रिएट कर सकते हो यही से इन्वेंटरी को ट्रैक और मैनेज कर सकते हो डिजिटली औरतो और ू के डैशबोर्ड ऐप से एक ही जगह पे आप अपने बिजनेस के इंपॉर्टेंट मैट्रिक्स डाटा को देख सकते हो जिससे आप सब कुछ अच्छे से
6:55 एनालाइज कर पाओगे और बेटर बिजनेस डिसीजन ले पाओगे और सबसे अच्छी बात यह सब आप एकदम फ्री में कर सकते हो क्योंकि ू की पहली ऐप एकदम फ्री है वो भी अनलिमिटेड नंबर ऑफ यूजर्स के लिए जिसके लिए आपको कोई क्रेडिट कार्ड यूज़ करने की जरूरत नहीं है इनका कस्टमर सपोर्ट और होस्टिंग भी आपको सारे एप्स के लिए लाइफ टाइम फ्री मिलेगा विदाउट एनी लिमिट इसलिए आप अभी जाके उसे चेक आउट कर सकते हो लिंक मैंने डिस्क्रिप्शन और पिट कमेंट में डाल दी है ना कमिंग टू फ्रेश फार्मूला ऑफ बिजनेस प्रॉफिट फर्स्ट सिस्टम के चार कोर प्रिंसिपल्स है जिसे आपको एक-एक करके फॉलो करना है ताकि आप इस अप्रोच को अच्छे से अप्लाई कर सको अपने बिजनेस में जिसमें से पहला है यूज स्मॉलर प्लेट 2006 में यूपीएस दुनिया की सबसे बड़ी पासर डिलीवरी सर्विस में से एक है उन्होंने डिसाइड किया उन्हें अपनी कॉस्ट को कम करना चाहिए एफिशिएंसी इंप्रूव करना चाहिए ताकि प्रॉफिट बढ़े तो इसके लिए उन्होंने सॉल्यूशंस ढूंढना चालू किए नाउ
7:42 बात ये थी ना जब उन्होंने कॉस्ट कटिंग के बारे में सोचना स्टार्ट किया तो उन्हें एक बहुत इंटरेस्टिंग सा सलूशन मिला सलूशन क्या था पता है उन्होंने अपने हजार ड्राइवर्स को ये चीज बोल दी कि अब से जब भी आप गाड़ी चला रहे होंगे अगर आपको लेफ्ट टर्न लेने का वक्त आएगा तो आप लेफ्ट टर्न मत लेना और राइट ही लेना भले से आपको थोड़ा लंबा घूम के जाना पड़े फिर भी राइट लेना नाउ ये चीज कई सारे ड्राइवर्स को स्टुपिड लगी कि यार लेफ्ट एंड क्यों लेने मना कर रहे हैं बट बात ये थी ना कि यूपीएस वाले लोगों ने एक चीज नोटिस करी थी कि जो उनके जितने भी ड्राइवर्स होते थे वो जब लेफ्ट टर्न लेने जाते थे तो यूजुअली उन्हें ट्रैफिक लाइट ज्यादा मिलती थी जिसकी वजह से उन्हें वहां पे वेट करना पड़ता था ट्रैफिक लाइट के ग्रीन होने का और जब तक वो लोग वेट करते थे तब तक गाड़ी ऐसी खड़ी होती थी इंजन चलता रहता था और फ्यूल वेस्ट होता रहता था तो इस फ्यूल वेस्ट को बचाने के लिए उन्होंने ये सिंपल चीज ड्राइवर्स को करने बोली ना आपको लगे
8:29 कि यार क्या स्टुपिड चीज है इससे क्या ही फर्क पड़ा होगा बट आपको बता दूं उनके इस छोटे से स्टेप लेने की वजह से क्या हुआ पता है उन्होंने लगभग 6 मिलियन डॉलर्स बचा लिए क्योंकि गाड़ी लंबी चल रही थी तो फ्यूल एफिशिएंसी मिल रही थी बट गाड़ी रुकने की वजह से फ्यूल एफिशिएंसी कम हो रही थी और यह बात सिर्फ एक गाड़ी के लिए नहीं थी बल्कि उनकी हजारों गाड़ियों के लिए थी जो डेली बेसिस पे काम कर रही थी चलो आपसे एक क्वेश्चन पूछता हूं अगर आप खाना खाने बैठे हो और आपकी जो प्लेट है वह बहुत बड़ी हो तो आपको लगता है कि आप ज्यादा खाना खाओगे जितना जरूरी है उससे शायद ज्यादा खा लोगे अगर आप हां बोल बोल रहे हो तो आप बिल्कुल सही बोल रहे हो जब हमारे सामने ज्यादा खाना रखा जाता है तो ऑटोमेटिक हम थोड़ा ज्यादा खा लेते हैं बट वहीं कम खाना दिया जाता है तो हम कम खाते हैं बट उसमें भी सेटिस्फाइड हो जाता है और ये एक स्ट्रेटेजी है जो साइकोलॉजिकल लेवल पे यूज करी जाती है और यही चीज कई बार लोग वेट लॉस के टाइम पे यूज करते हैं और कहीं
9:14 ना कहीं इनडायरेक्टली यही चीज आप बिजनेस प भी यूज कर सकते हो जैसा यूपीएस ने किया जब आप अपने एक्सपेंसेस के प्लेट को छोटा करने की कोशिश करोगे तो ऑटोमेटिक आपको नए रास्ते मिलने लग जाएंगे ऑटोमेटिक आपको समझ में आएगा कि कैसे आप कम खर्चा करके भी प्रॉफिट ले सकते हो प्रॉफिट से अपना पेट भर सकते हो जब आप अपने फाइनेंस को मैनेज करते हैं अगर आप पूरे रेवेन्यू को एक बड़ी प्लेट की तरह ट्रीट करोगे तो आपको टेंप्टेशन होगा कि सब खर्च कर दिया जाए इसका रिजल्ट एक्सपेंसेस ज्यादा होंगे प्रॉफिट कम होगा लेकिन अगर आप जानबूझ के प्लेट को छोटा रखते हो अपने ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को लिमिट कर देते हो तो आप अपने बिजनेस को ज्यादा एफिशिएंटली चला पाओगे सेकंड सर्व सीक्वेंशियल जोस और जॉर्ज दो बेस्ट फ्रेंड थे जिन्होंने साथ मिलकर एक ऑटोमेटिव रिपेयर बिजनेस शुरू किया पहले उन्होंने सोचा कि सब कुछ सॉर्टेड है उनका मानना था कि ज्यादा सेल्स मतलब ज्यादा पैसे मिलेंगे और लोग ज्यादा
10:00 अमीर बनेंगे इसीलिए उन्होंने जल्दी-जल्दी नए सर्विसेस ऑफर करना स्टार्ट किए और अपनी टीम को भी एक्सपेंड कर लिया लेकिन हर नए सर्विस के साथ उन्होंने देखा कि उनके एक्सपेंसेस भी बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि उन्हें नए टूल्स ज्यादा स्टाफ और ज्यादा ओवरहेड्स लेना पड़ रहा है और 2 साल के अंदर उनका रेवेन्यू तो बढ़ गया लेकिन उनके एक्सपेंसेस इतने ज्यादा बढ़ गए कि मंथ के एंड तक उनके पास प्रॉफिट कुछ नहीं बचता था तभी उन्होंने माइक की किताब द टॉयलेट पेपर एंटरप्रेन्योर फर्स्ट सिस्टम को अपने बिजनेस में इंप्लीमेंट करने का फैसला लिया उन्होंने सर्व सीक्वेंशियल प्रिंसिपल को अपने बिज़नेस में अप्लाई किया जैसे कि फॉर एग्जांपल जब आप कोई खाना खाने जाओ अगर आप स्टार्टिंग में हेल्दी सैलेड खा लो और हेल्दी हेल्दी चीजें ज्यादा खा लोगे और जो बाद में थोड़ा बहुत खराब भी खाओगे तो उससे आपको इतना शुगर स्पाइक नहीं आएगा ऐसे ही आप जब बिजनेस से पहले प्रॉफिट निकालना शुरू कर दोगे तो इससे आप अपने बिजनेस को
10:47 ग्रो कर सकते हो यह चीज समझने के बाद उन्होंने एक प्रॉफिट अकाउंट खोला और हर सेल्स के छोटा सा पोर्शन मतलब सिर्फ 5 पर उस अकाउंट में उन्होंने डालना चालू कर दिया और बाकी बचे पैसों से उन्होंने अपने एक्सपेंसेस को मैनेज करना चालू किया यह छोटा सा चेंज बहुत पावरफुल साबित हुआ ऑब् वियस स्टार्टिंग में कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ा लेकिन धीरे-धीरे उनका प्रॉफिट अकाउंट बढ़ने लगा एक्सपेंसेस के लिए उनके पास ज्यादा पैसे नहीं बचे इसलिए वह नेचुरली अपने बिजनेस को और एफिशिएंट बनाने लग गए और धीरे-धीरे उनका जो प्रॉफिट था वो 4 सालों के अंदर महीने के 7 पर से 20 पर तक बढ़ गया ऐसे ही आप भी कुछ कर सकते हो कई बार लोगों को लगता है उनके बिजनेस में इतना प्रॉफिट है ही नहीं तब आप स्टार्ट स्मॉल स्ट्रेटजी भी यूज़ कर सकते हो आप सिर्फ 1 पर प्रॉफिट भी निकालना स्टार्ट कर दो लेकिन पहले प्रॉफिट निकालो और उसके बाद बाकी सारे एक्सपेंसेस की फिक्र करना यह
11:33 चीज आपको बिजनेस में बहुत एफिशिएंट बनाएगा इसके साथ-साथ थर्ड प्रिंसिपल याद रखना जो है रिमूव टेंप्टेशन लौरा एक ग्रोइंग मार्केटिंग एजेंसी की ओनर थी और व भी वैसे ही स्ट्रगल कर रही थी जैसे कि हर एंटरप्रेन्र्दे बिल आ जाता कोई नया प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करने का मन होता तो वो उसे कर डालती जिसके वजह से प्रॉफिट अकाउंट वापस से लो हो जाता ना इस चीज से लौरा काफी फ्रस्ट्रेटेड थी उन्हें पता चल गया था कि उन्हें अपने प्रॉफिट को प्रोटेक्ट करना पड़ेगा प्रॉफिट को टच ना करना उनके लिए इंपॉसिबल हो रहा था तभी उसने रिमूव टेंप्टेशन का प्रिंसिपल अपने बिजनेस में अप्लाई करना स्टार्ट किया लौरा ने अपने लिए एक नया प्रॉफिट अकाउंट बनाया और वो अकाउंट उन्होंने एक ऐसे बैंक में खोला जो उनके घर से एक घंटा दूर था इस बैंक में उन्होंने कोई ऑनलाइन बैंकिंग का ऑप्शन
12:18 नहीं लिया हर ट्रांजैक्शन में विथड्रावल फीस अलग से थी पैसे का एक्सेस करना इतना इनकन्वेनिएंट था कि उन्हें 10 बार सोचना पड़ता था पैसे निकालने से पहले ना इस वजह से क्या हुआ कि धीरे-धीरे लौरा का जो प्रॉफिट अकाउंट था ना वो ग्रो होने लगा पैसे को दूर रखने की साइकोलॉजिकल बैरियर की वजह से उनमें डिसिप्लिन आ गया जब भी कोई बिजनेस में इमरजेंसी आती तब भी वह एफिशिएंटली अपने खर्चों को मैनेज करती थी और ऐसे ही कुछ आप भी कर सकते हो अपने बिजनेस में जो भी टेंप्टेशन आते हैं उसके और आपके बीच में आपको एक बड़ा बैरियर क्रिएट करना चाहिए जैसे लौरा ने किया इसके साथ-साथ फोर्थ प्रिंसिपल भी अप्लाई करना बहुत जरूरी है जो है एम फोर्स द रिदम अपने बिजनेस करियर की शुरुआती दिनों में माइक अपने बिल्स को काफी कटिक तरीके से हैंडल करते थे वो बिल्स को तब तक पाइल अप होने देते थे जब तक सिचुएशन एकदम क्रिटिकल नहीं हो जाती यह तरीका बहुत स्ट्रेसफुल होता था क्योंकि उन्हें कभी अच्छे से पता ही नहीं
13:03 चल पाता था कि उनका पैसा कहां जा रहा है कब जा रहा है कैसे जा रहा है उनके वेंडर्स बार-बार कॉल करके पेमेंट की डिमांड करते माइक को ऐसा लगता था कि पूरे महीने भर उन्हें बस पैसे देने ही पड़ते हैं ये सब चीज से माइक परेशान थे तब उन्होंने डिसाइड किया कि वोह 10/25 का रिदम अपने बिजनेस में इंप्लीमेंट करेंगे बेसिकली उन्होंने क्या किया कि हर बिल पर फॉरन रिएक्ट करने के बजाय या कुछ टाइम बाद रिएक्ट करने के बजाय उन्होंने दो डेट्स डिसाइड करी 10th और 255th उन्होंने डिसाइड किया किन इन दो दिनों को वह सारे बिल्स पे करेंगे अपने फंड्स एलोकेट करेंगे और इसी टाइम पर वह अपने इनकम अकाउंट से पैसे निकालकर ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस ओनर्स कंपनसेशन टैक्सेस प्रॉफिट अकाउंट यहां हर जगह प वो उसे ट्रांसफर करेंगे यह फिक्स्ड रिदम बनाने की वजह से उन्हें बहुत अच्छे से समझ में आने लग गया कि एक्चुअल में उनके बिजनेस में कितना प्रॉफिट हो रहा है कितना पैसा जा रहा है कब जा रहा है उनके वेंडर्स
13:50 को भी बराबर टाइम प पैसे मिलने लग गए तो वो भी खुश और माइक भी खुश ये चार की प्रिंसिपल्स है प्रॉफिट फर्स्ट अप्रोच के जो आपको समझना और अपनी लाइफ में अप्लाई कर करना बहुत जरूरी है इसके साथ-साथ अब हम आते हैं कि कैसे आप इन चारों प्रिंसिपल्स को लेके कैसे आप सिर्फ छह स्टेप्स में प्रॉफिट फर्स्ट अप्रोच को अपने बिजनेस में बेस्ट तरीके से अप्लाई कर सकते हो और इसके लिए हम एक बिजनेसमैन के एग्जांपल लेंगे अमित अमित का इलेक्ट्रॉनिक्स के शॉप का बिजनेस था शुरुआत में उसने एक लॉयल कस्टमर बेस बना लिया था बिजनेस अच्छा चल रहा था लेकिन धीरे-धीरे उसे महसूस होने लगा कि सेल्स बढ़ने के बावजूद भी उसके बैंक अकाउंट में ज्यादा पैसे रहते नहीं है हर महीने इनकम आती थी लेकिन एक्सपेंसेस में ही चली जाती थी रेंट एंप्लॉई इन्वेंटरी और काफी सारी चीजें बेसिकली एक क्लासिक एंटरप्रेन्र्दे में अच्छे से पढ़ा और उसे ऐसे छह स्टेप्स में अपने बिजनेस में फॉलो
14:37 करना चालू किया जिसने उसके बिजनेस को 10x ग्रो कर दिया बहुत ही कम टाइम में क्या थे वो छह स्टेप्स जो उसने लिए वेल पहला स्टेप था क्रिएट फाइव चेकिंग अकाउंट्स अमित ने एक बैंक सिलेक्ट किया और वहां पे पांच नए अकाउंट्स खुले हर अकाउंट को एक स्पेसिफिक पर्पस के लिए असाइन करा जिसमें से फर्स्ट था इनकम यह अकाउंट उसके शॉप्स के सेल रेवेन्यू को होल्ड करता था सेकंड अकाउंट था ऑपरेटिंग एक्सपेंस जिसे ओपेक्स बोलते हैं यह अकाउंट डे टू डे बिजनेस खर्चों के लिए जैसे कि रेंट यूटिलिटीज और स्टाफ वेजेस के लिए था थर्ड अकाउंट था ओनर्स कंपनसेशन अमित को पता था कि उसे अपने लिए रेगुलर पे लेना होगा वरना वह जिंदगी भर अपने बिजनेस का गुलाम बनके रह जाएगा इसलिए उसने पर्सनल पे चेक के लिए एक अलग अकाउंट बनाया फिर था टैक्सेस अमित जानता था कि टैक्स बिल को टाइमली पे करना कितना क्रुशल है और लास्ट प्रॉफिट सबसे इंपोर्टेंट
15:23 अकाउंट उसने खोला अपने ग्रोथ और बिजनेस को बढ़ाने के लिए जो था प्रॉफिट अकाउंट यह चीज करने की वजह से क्या हुआ कि पहली बार लाइफ में अमित को अपने सारे फाइनेंस क्लियर दिखने लग गए फिर इसके बाद अमित ने लिया स्टेप नंबर टू फाइंड योर एलोकेशन परसेंटेज वो अपने फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स के साथ बैठा अपने करंट एक्सपेंसेस को उसने एनालाइज करना स्टार्ट किया उसने देखा कि उसकी ऑलमोस्ट सारी इनकम ऑपरेशनल एक्सपेंसेस में चली जा रही है और प्रॉफिट के लिए कुछ भी नहीं बचता तब उसने प्रॉफिट फर्स्ट सिस्टम को यूज करना स्टार्ट किया इनिशियली परसेंटेज जीरो पे था तब उसने डिसाइड किया कि वो एटलीस्ट 1 पर प्रॉफिट लेना स्टार्ट करेगा मतलब स्टार्ट स्मॉल वाला प्रिंसिपल अप्लाई करेगा ओनर्स कंपनसेशन में उसने 20 पर रखा टैक्सेस के लिए 15 पर थे और ऑपरेटिंग एक्सपेंस जो था वह 64 पर था यहां पे एक सबसे इंपॉर्टेंट
16:08 चीज उसने स्टार्ट करी बेसिकली प्रॉफिट साइड निकालना उसने स्टार्ट किया और यह छोटा सा शिफ्ट उसके लिए बहुत गेम चेंजिंग साबित हुआ इसके बाद उसने लिया स्टेप नंबर थ्री जो था एस्टेब्लिश टारगेट एलोकेशन परसेंटेज टैब्स अमित को पता था कि यह इनिशियल परसेंटेज सिर्फ एक स्टार्टिंग पॉइंट है उसका गोल तो यह था कि धीरे-धीरे वह प्रॉफिट को बढ़ाए और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को कम करें जैसे-जैसे उसने बिजनेस को एफिशिएंट बनाने लगा उसने अपने लिए फ्यूचर के लिए टारगेट एलोकेशन परसेंटेज सेट किए उसका टारगेट ये था व एक साल में प्रॉफिट को 5 पर तक लेके आएगा ओनर कंपनसेशन को भी वो 30 पर पे करेगा टैक्सेस तो 15 पर ही रहेंगे और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को 50 पे लेके आएगा ये उसका आइडियल गोल था जो उसने सेट कर दिया फिर वो आया स्टेप नंबर फोर पे एलोकेट फंड्स ट् वाइस अ मंथ अभ सिर्फ एक स्ट्रिक्ट फाइनेंशियल रूटीन को अडॉप्ट किया हर महीने
16:55 उसने फर्स्ट और फिफ्थ तारीख को चुना जहां पे वो अपनी इनकम अकाउंट को अच्छे से मैनेज करेगा फॉर एग्जांपल जब उसके शॉप में 1 लाख का रेवेन्यू जनरेट होगा तो इन तारीख को अपने फंड्स को एलोकेट करेगा जैसे कि फॉर एग्जांपल 1 लाख का रेवेन्यू जनरेट हुआ है तो उसमें से 1 पर मतलब 1000 वो प्रॉफिट के अकाउंट में डाल देगा ओनस कंपनसेशन मतलब खुद अपने लिए 20000 रखेगा फिर बाकी टैक्सेस वाले अकाउंट में डालेगा 15 पर और 64 वो डालेगा ऑपरेशनल एक्सपेंस पे ये चीज करने के बाद अमित ने देखा कि उसका फोकस और उसका दिमाग उसको अलग-अलग आइडियाज अलग-अलग चीजें बता रहा है कि कैसे वो अपने ओक्स को कम कर सकता है जो पहले कभी नहीं हो रही थी और यह चीज उसको सरप्राइजिंग लगने लगी इसके बाद उसने स्टेप नंबर फाइव किया था जो इंक्रीज प्रॉफिट ग्रैजुअली जैसे कुछ महीने बीते अमित एफिशिएंट होने लग गया उसने नए-नए तरीके ढूंढे खुद से और दूसरे बिजनेस
17:42 ओनर से सीख के उसने सप्लायर से बेटर रेट्स नेगोशिएट करना स्टार्ट कर दिया ऐसे अप्लायंस ज्यादा बेचना स्टार्ट किया जिसमें प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा हो और ऐसे ही धीरे-धीरे उसका बिजनेस ग्रो करने लग गया जहां पहले वो प्रॉफिट सि 1 पर लेता था उसने उसे बढ़ा के उसने 8 महीने में ही उस परसेंटेज को 4 पर पे ला दिया फिर उसने लिया स्टेप नंबर सिक्स मूव प्रॉफिट्स टू अ सेपरेट बैंक क्योंकि उसके प्रॉफिट बढ़ते जा रहे थे टेंप्टेशन बढ़ सकता था सेविंग अकाउंट सेम था इसलिए उसने लास्ट एक ड्रास्ट्रिंग अकाउंट खोला जिसमें वो रेगुलरली अपने प्रॉफिट्स को उसने डालना स्टार्ट कर दिया पर्पसली उसने ऐसे बैंक में डाला जिसकी ऑनलाइन फैसिलिटी खराब थी या फिर चार्जेस बहुत ज्यादा थे जिससे उसके जो टेंप्टेशन है कि यार प्रॉफिट में से निकाल लेता हूं खर्चे के लिए वो कम हो एंड गेस व्हाट यही
18:27 एक फार्मूला यूज़ करने के बजाय जिसका कोड था सेल्स माइनस प्रॉफिट इज इक्वल टू एक्सपेंस ये एक सिंपल न्यू फार्मूला को इन छह स्टेप्स में उसने अप्लाई करा जिसकी वजह से ही उसने अपने एक छोटे से बिजनेस को एक फ्रेंचाइज्ड कर दिया और 300 से भी ज्यादा आउटलेट्स उसने खोल दिए इंडिया भर में देखो दोस्तों प्रॉफिट फर्स्ट का जो अप्रोच है वो काफी सिंपल है बट जितनी सिंपल ये चीज है उतनी ज्यादा ये चीज पावरफुल है आपके बिजनेस के लिए आप इन्हें अपने बिजनेस में अप्लाई करना स्टार्ट करो ये थी प्रॉफिट फर्स्ट की समरी बाय सीकन आप कमेंट करके जरूर बताना कि और कौन से बिजनेस बुक की समरी आप ऐसे ही देखना होगे ऐसी और समरी देखते रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन जरूर दबाना मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में टिल देन बा बाय