अर्थव्यवस्था | Economy Part 1 | 5 years PYQ discussion | UPSC Mains 2024

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो विजन आईएएस हिंदी द्वारा आयोजित एक सत्र है जिसमें यूपीएससी मुख्य परीक्षा के अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रश्नों पर चर्चा की गई है। सत्र का उद्देश्य न केवल प्रश्नों के उत्तर देना है, बल्कि यह भी समझना है कि प्रश्न क्यों पूछे गए और उनके पीछे का तर्क क्या है। इसमें परीक्षा की रणनीति, उत्तर लेखन के तरीके और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में मार्गदर्शन शामिल है।

मुख्य बातें:

  • मुख्य परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए रणनीति और संतुलित दृष्टिकोण का महत्व।
  • उत्तर लेखन में सरलता, स्पष्टता और विभिन्न आयामों को शामिल करने पर जोर।
  • आर्थिक विकास, बेरोजगारी, डिजिटलीकरण और संबंधित सरकारी नीतियों जैसे विषयों पर चर्चा।

परिचय और सत्र का उद्देश्य

इस सत्र का उद्देश्य मुख्य परीक्षा के अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रश्नों पर चर्चा करना है। इसमें प्रश्नों के पीछे के तर्क को समझना और यह अनुमान लगाना शामिल है कि भविष्य में किस प्रकार के प्रश्न महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पेपर तीन में अनुमान लगाने की संभावना अधिक होती है, जिससे इसमें अच्छा स्कोर किया जा सकता है।

मुख्य परीक्षा की रणनीति

मुख्य परीक्षा में केवल ज्ञान का परीक्षण नहीं होता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि आप विभिन्न घटकों को कितनी अच्छी तरह समझते हैं और उनका प्रबंधन कर सकते हैं। हर प्रश्न पर असाधारण उत्तर लिखने की कोशिश करने के बजाय, संतुलित दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है। पहले यह सुनिश्चित करें कि आप किसी भी प्रश्न को छोड़ेंगे नहीं, और फिर उन विषयों पर ध्यान केंद्रित करें जिनमें आप स्वाभाविक रूप से बेहतर हैं।

पेपर तीन में बेहतर स्कोर करने की रणनीति

पेपर तीन में अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रश्नों में अनुमान लगाना अपेक्षाकृत आसान होता है क्योंकि वे सिलेबस पर आधारित होते हैं। कृषि, संरचना, राजकोषीय नीति और श्रम जैसे विषयों से प्रश्न आते हैं। इसलिए, इन विषयों पर अच्छी पकड़ होने से बेहतर स्कोर किया जा सकता है।

उत्तर लेखन में ध्यान रखने योग्य बातें

उत्तर लिखते समय, यह न सोचें कि आपको हर प्रश्न में बहुत अधिक अंक लाने हैं। पहले यह सुनिश्चित करें कि आप कम से कम कुछ अंक प्राप्त कर सकें। इसके लिए, आपके पास कुछ मानक प्रक्रियाएं (एसओपी) होनी चाहिए, जैसे कि संबंधित मंत्रालय, डीपीएसपी, नियम, अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल और हाल की घटनाएं।

उत्तर लेखन में गलतियाँ और उनसे बचाव

परीक्षा हॉल में हर प्रश्न पर बहुत अधिक सोचने से बचें, क्योंकि इससे अगले प्रश्नों में आपका प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। हर प्रश्न में कुछ एसओपी का पालन करें और फिर प्रश्न की मांग को समझकर बेहतर उत्तर लिखें।

उत्तरों में बहुआयामी दृष्टिकोण का महत्व

किसी भी प्रश्न का उत्तर देते समय, केवल एक घटक के कई आयामों पर ध्यान केंद्रित न करें, बल्कि कई घटकों के एक-एक या दो-दो आयामों पर विचार करें। इसमें वित्तीय, संरचनात्मक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और नैतिक पहलुओं को शामिल करना चाहिए।

उत्तर लेखन की शैली और तकनीकें

उत्तर लेखन में कोई मानक विधा नहीं है। आप जिस तरीके से अपनी बात को प्रभावी ढंग से कह पाते हैं, वही सही तरीका है। अपने उत्तरों को संक्षिप्त और सारगर्भित रखें। चार्ट, पाई डायग्राम और अंडरलाइनिंग का उपयोग करें। सरल भाषा का प्रयोग करें और अलंकृत भाषा से बचें।

परिचय और निष्कर्ष का महत्व

एक अच्छा परिचय पूरी स्क्रिप्ट लिखने के बाद शुरू होता है। उत्तर लिखते समय, पहले एक मिनट सोचें और फिर एक फ्लो बनाएं। परिचय में कोई घटना, डेटा या स्कीम हो सकती है।

समय प्रबंधन और उत्तर लेखन में अनुशासन

परीक्षा में समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। हर प्रश्न को सात-आठ मिनट में खत्म करने का अनुशासन होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात सबसे पहले कहनी चाहिए।

भारतीय अर्थव्यवस्था: योजना, संसाधन और प्रगति

2019 के एक प्रश्न पर चर्चा की गई जिसमें पूछा गया था कि क्या आप इस मत से सहमत हैं कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की स्थाई समृद्धि और निम्न मुद्रास्फीति के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है। अपने तर्कों के समर्थन में कारण दीजिए।

जीडीपी, मुद्रास्फीति और अर्थव्यवस्था के मानक

किसी भी अर्थव्यवस्था को समझने के लिए सात मुख्य संकेतक होते हैं: जीडीपी, मुद्रास्फीति, औद्योगिक उत्पादन, मुद्रा गुणक, राजकोषीय घाटा, चालू खाता घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार। इन संकेतकों के आधार पर अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।

भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना

भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना इसलिए की जाती है क्योंकि दोनों देशों की डेमोग्राफी लगभग एक जैसी है और दोनों निवेशकों के पसंदीदा हैं। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे आर्थिक युद्ध ने भारत को आगे बढ़ने का एक अनूठा अवसर दिया है।

संभावित जीडीपी और उसके निर्धारक

संभावित जीडीपी उस अधिकतम जीडीपी को कहते हैं जो कोई देश अपनी पूंजी, श्रम और कौशल का अधिकतम उपयोग करके बना सकता है। भारत में संभावित जीडीपी प्राप्त न कर पाने के कई कारण हैं, जिनमें बेरोजगारी, कौशल की कमी और पूंजी का महंगा होना शामिल है।

जीडीपी गणना विधि में परिवर्तन (2015)

2015 में जीडीपी गणना प्रणाली में दो बड़े बदलाव किए गए: आधार वर्ष को 2011-12 कर दिया गया और जीडीपी फैक्टर कॉस्ट के स्थान पर जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) की गणना शुरू की गई।

वी-आकार का पुनरुत्थान

वी-आकार का पुनरुत्थान अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार को दर्शाता है। कोविड-19 महामारी के बाद भारत ने वी-आकार का पुनरुत्थान किया, जिसका मुख्य कारण सरकार द्वारा किया गया अतिरिक्त व्यय था।

श्रम उत्पादकता में वृद्धि

श्रम उत्पादकता का मतलब है कि एक लेबर एक निर्धारित समय पर कितना उत्पादन कर रही है। भारत में आर्थिक विकास श्रम उत्पादकता में वृद्धि के कारण संभव हुआ है।

श्रम उत्पादकता और रोजगार सृजन

हमें ऐसे जॉब्स क्रिएट करने चाहिए जो लेबर दक्षता को बढ़ा सकते हों। इसके लिए, कौशल प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और तकनीकी नवाचार से संबंधित जॉब्स को प्रोत्साहित करना चाहिए।

डिजिटलीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था में डिजिटलीकरण की स्थिति क्या है, इस पर चर्चा की गई। डिजिटलीकरण से संबंधित चुनौतियों में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन शामिल हैं।

भारत में बेरोजगारी की प्रकृति

भारत में सबसे ज्यादा बेरोजगारी संरचनात्मक है। संरचनात्मक बेरोजगारी तब होती है जब कौशल और बाजार की आवश्यकताओं में मेल नहीं होता।

बेरोजगारी की गणना और सुधार के सुझाव

भारत में बेरोजगारी की गणना के लिए पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे मेथड का उपयोग किया जाता है। इस पद्धति में सुधार के लिए टाइम यूज्ड मेथड का इस्तेमाल करना और सैंपलिंग को बेहतर करना आवश्यक है।

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Transcript

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0:00 [संगीत]

1:18 सबका स्वागत है और जैसा आप जानते हैं कि इस सेशन का उद्देश्य प्रीवियस क्वेश्चन पेपर जो मेंस के हैं जो अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए टॉपिक्स हैं उन पर परिचर्चा करने का है लेकिन इससे पहले आगे बढ़े कुछ एक बातें यहां पर करनी जरूरी है पहले तो यह कि इस डिस्कशन में हम सिर्फ इस बात की तरफ ध्यान नहीं देंगे कि क्वेश्चन क्या आया था या उसको कैसे लिखा जाना चाहिए थोड़ा उसकी तारतम्यता समझने की कोशिश की जाएगी कि क्वेश्चन क्यों आया था या उसके पीछे के क्या लॉजिक होता ताकि जब आगे आपको प्रिडिक्ट करना हो तो आप अनुमान लगा पाए कि इस तरह के क्वेश्चन महत्त्वपूर्ण है यहां से प्रश्न आ सकते हैं क्योंकि मेंस के एग्जाम में इकोनॉमिक्स या

2:06 जो पेपर थ्री है अगर आप पेपर थ्री को ध्यान से देखें तो पेपर थ्री में प्रिडिक्टिबिलिटी ज्यादा है वहां आपके गेस करने की संभावना थोड़ी ज्यादा होती है आप अनुमान लगा सकते हो कि यह टॉपिक्स के आ सकते हैं इनसे हम ज्यादा स्कोर कर सकते हैं इसलिए कोई बहुत ताज्जुब की बात नहीं है अगर आप बहुत ध्यान से देखो जो सिलेक्टेड कैंडिडेट्स हैं या जिन्होंने ठीक-ठीक स्कोर किया है भले सिलेक्शन नहीं भी हुआ तो देखोगे कि उनका पेपर वन में वह तुलनात्मक रूप से कम नंबर पा रहे हैं पेपर टू पेपर थ्री में अच्छा स्कोर कर रहे हो क्योंकि पेपर टू पेपर थ्री दोनों ऐसे पेपर है जिसमें प्रिडिक्टिबिलिटी एलिमेंट ज्यादा है आप अनुमान लगा सकते हो पेपर वन बहुत ओपन एंडेड है कहां से कहां पूरी ज्योग्राफी उसमें आ रही पूरी हिस्ट्री उसमें आ रही है पूरा सामाजिक मुद्दे उसमें

2:51 आ रहा है तो काफी ओपन एंडेड हो गया पेपर टू में एक लिमिट है कि हां भाई आपको पता है सामाजिक न्याय में बातें होती हैं आपको पता है कि हां पॉलिटी में शासन में ये बातें हैं पेपर थ्री उस लिहाज से थोड़ा और ज्यादा उसमें एलिमेंट ऑफ प्रिडिक्टिबिलिटी आता है क्योंकि अगर आप 250 नंबर के पेपर को देखोगे तो करीब 100 से 120 नंबर के सवाल आपके अर्थव्यवस्था के होते हैं रफले थोड़ा कम भी हो सकता है थोड़ा ज्यादा भी हो सकता है और उसके अलावा अगर आप देखोगे जो साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्वेश्चन है इसमें साइंस एंड टेक्नोलॉजी वाले जितने भी क्वेश्चन रहते हैं ज्यादातर क्वेश्चन आपके जो करंट अफेयर्स है उनके इर्दगिर्द चलते हैं और इसके अलावा जो है जो इंटरनल सिक्योरिटी है इनके क्वेश्चन में प्रिडिक्टिबिलिटी है आपको पता होता कि ये चीजें चल रही है यह महत्व की है यही कारण

3:37 है कि पेपर वन और पेपर पेपर टू और पेपर थ्री में लोग ज्यादा स्कोर करते नजर आते हैं आपकी भी रणनीति कुछ वैसी ही होनी चाहिए बाकी आपके ऊपर है कि आप किन पेपरों में ज्यादा सहज महसूस करते हो पर हां यह बात समझना बहुत जरूरी है कि मेंस परीक्षा में आपके सिर्फ नॉलेज का टेस्ट नहीं मैं आपके पहले पा मिनट थ कुछ चीजों पर पहले बात कर लेते हैं तब मुख्य विषय पर आएंगे मेंस की परीक्षा जो भी विद्यार्थी लिख रहा है मिस्टर ए मिस्टर बी मिस्टर सी मैम डी जितने लोग मेंस की परीक्षा लिख रहे हैं उनकी जानकारी कमोवेश बराबर है उनकी जानकारी में बहुत अंतर नहीं होता क्योंकि लगभग सभी प्रीलिम्स निकाल के आए तो बेसिक पढ़ के आए हैं आप भी जानते हो कि प्रीलिम्स बिना बेसिक पढ़े नहीं निकल सकता

4:24 अनलेस अटिल आप बहुत ज्यादा एक्सट्रीमली लकी हो जाए वो बहुत रेर ऑफ द रेयर केस हो गया पर पर अधिकांश स्थिति में आपने ठीक ठाक पढ़ाई कर ली है तो कोई बहुत अंतर नहीं है आपके और आपके कंपट के बीच में तो अंतर आ कहां रहा है फिर अंतर आता है कि आप उन घटकों को समझ पाए कि कहां पर मैं ज्यादा बेहतर स्कोर कर सकता हूं कहां पर मुझे मैनेजिंग ऑर्डर रखना चाहिए यह समझना बहुत जरूरी कि आप हर बॉल पर सिक्स ट नहीं कर सकते क्क वर्ल्ड कप का दौर है तो मैं एग्जांपल लूंगा हर बॉल और कल तो राहुल शर्मा जी ने कुछ ज्यादा कमाल ही कर दिया था तो हर बॉल पे आप सिक्स हिट नहीं कर सकते ये आपको समझना चाहिए अगर आप ये सोचोगे कि आप हर बॉल पर सिक्स हिट करते हो तो आप एक ओवर सेधा नहीं खेल सकते इसलिए बहुत जरूरी कि पहली चीज जो

5:12 दिमाग में आनी चाहिए आउट नहीं होना है मतलब क्वेश्चन करना है भले एक नंबर दो नंबर पांच नंबर कुछ भी हो पहला चीज आउट नहीं होना आपको उल्टा चलना चाहिए ऐसा मेरा सुझाव है बजाय इस सोचने की क्योंकि देखिए वैसे बातें करने में बड़ा अच्छा लगता है कि हां खूब बढ़िया इंट्रोडक्शन लिखेंगे उसमें ये बातें लिखेंगे खूब बया कंक्लूजन लिखेंगे उसमें यह बातें लिख वो सारी बातें सही है लेकिन लेकिन जब आप वहां व्यवहारिक रूप से कुछ एग्जामिनेशन हॉल में बैठते हो अभी-अभी आपने प्रिलिम्स दिया होगा तो आपने महसूस किया होगा कि एग्जामिनेशन हॉल का अपना अलग प्रेशर होता है उस प्रेशर में आपके पास सात आठ मिनट मिलते हैं ले दे के क्वेश्चन लिखने के लिए उसमें बहुत ज्यादा सोचना और बहुत ज्यादा शायद उतना विवेकी नहीं है तो आपको पहले ही आपके पास एक रणनीति होनी चाहिए कि कौन से से टॉपिक्स

5:59 हैं कौन से ऐसे पेपर्स हैं जिनमें मैं स्वाभाविक रूप से बेहतर कर सकता हूं पेपर थ्री का जो इकोनॉमिक्स वाला सेक्शन है वो एक ऐसा सेक्शन है जिसमें अनुमान लगाना थोड़ा आसान इसलिए हो जाता है क्योंकि ज्यादातर वो क्वेश्चन जो पूछ रहे होते हैं वो सिलेबस पड़े अच्छे से डिजाइन कर कर दिया उन्होंने तो अगर आप ध्यान से देखो जैसे कृषि से क्वेश्चन आ ही रहा होता है और सच से क्वेश्चन आ ही रहा होता है तो अगर पांच छह क्वेश्चन आ रहे हैं सात क्वेश्चन तो उसमें से एकाद क्वेश्चन आपका कृषि का है एक संरचना का है एक आद क्वेश्चन आपका राजकोषीय नीति इत्यादि से जुड़ा हुआ है एक क्वेश्चन आपका श्रम रोजगार इन सब चीजों से जुड़ा हुआ है अर्थव्यवस्था की योजनाओं इत्यादि जो है संबंधित तो चकि सिलेबस को बड़े अच्छे से उन्होने मेंस वाले पेपर में डिजाइन किया

6:44 हुआ है इसलिए आसान हो जाता है आपके लिए अनुमान लगाना कि यहां कौन-कौन से टॉपिक्स बन सकते हैं कहां से सवाल आ सकता है एक तो यह बात और इस वजह से पेपर थ्री को अपने अपर बर्ग निंग में रखिएगा अपर बर्ग निंग में पेपर टू पेपर थ्री होना चाहिए क्योंकि वहां पर प्रिडिक्टिबिलिटी एलिमेंट है कुछ भी बड़ा हुआ जैसे आप देखिए आपको य बात अजीब लगी होगी अजीब लगी होगी कि डिफेंस प इतना क्वेश्चन क्यों पूछ लिया इन्होने प्रिलिम्स में अब यह बात आपको अजीब तब नहीं लगती जब आपको दिखता कि इस बार के बजट में सबसे ज्यादा बजट आवंटन डिफेंस सेक्टर को किया गया है तो हम क्या देखना चाह रहे आप कितने जागरूक है अलर्ट कितने हैं अगर आप जिस चीज को सरकार वरीयता दे रही डिफेंस सेक्टर को सरकार वरता दे रही तमाम कारणों

7:31 से आपका सबसे ज्यादा बजटीय आवंटन डिफेंस सेक्टर में किया गया तो जिस चीज पर इतना ज्यादा बजटीय आवंटन है आपको अंदाजा है कि उसमें क्या-क्या चल रहा है कहां पर खर्च होने वाला है क्यों खर्च होने वाला है वो ने बेसिक चीजें पूछी उससे जुड़ी हुई अगर आप बहुत ध्यान से देखो तो बहुत बेसिक चीजें पूछी जा रही थी कि हां भाई आपको डिफेंस सेक्टर के बारे में जानकारी है कि नहीं क्योंकि युद्ध जैसी स्थिति बन रही है और ऐसे में डिफेंस सेक्टर आपका आपकी प्राथमिकता देख रहा है तो अब मान लीजिए रेल है रेलवे इस समय भारत सरकार के कुछ बहुत महत्त्वपूर्ण डेवलपमेंट में से एक है तो जब हम क्वेश्चन अभी करेंगे तो हम यह भी मैं आपको बताने की कोशिश करूंगा कि क्वेश्चन उस साल क्यों पूछा गया ताकि आपको एक अनुमान लगने लगे कि अच्छा यह चीज हुई है अभी हाल फिलहाल में तो उससे यह सवाल बन सकता है संभावना कि हां ये चीजें हो सकती

8:18 हैं एक और बात कि चूंकि सिलेबस में आपका बहुत अच्छे से लिखा हुआ चीजें ये ये हैं इन परे आपको ध्यान रखना है तो आपके पास आपके जो मेंस के नोट्स है उन नोट्स में मुख्य बातें पता होनी चाहिए हमेशा जब आप एग्जामिनेशन हॉल में जाएं जब भी आप कोई क्वेश्चन देखें तो दो चीज मैं यहां पर आपसे कहूंगा पहले तो जब भी आप कोई क्वेश्चन पढ़े तो तुरंत मत सोचिए कि इस क्वेश्चन में 12 में 13 नंबर ले आऊंगा 12 नंबर क्वेश्चन है 12 में 12 नंबर लाऊंगा 12 में 10 नंबर लाऊंगा आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए कम से कम चार पाच छ नंबर जरूर आए आउट नहीं होना है और चार पाच छ नंबर लाने के लिए एक एसओ पी है स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर कहा जाता है कि जितना आप शांति के दिनों में रिहर्सल करते हैं

9:06 युद्ध के दिनों में उतना खून कम बहता है आपको यह पता होना चाहिए मोटे मोटे 40 50 ऐसे टॉपिक हैं जिनके बारे में आपके पास बिफोर हैंड इंफॉर्मेशन होनी चाहिए भाई कोई ना कोई फ्लैगशिप स्कीम होगी कोई मुख्य स्कीम होगी कोई ना कोई मंत्रालय होगा कुछ ना कुछ महत्त्वपूर्ण डटा होगा अब जैसे उदाहरण के लिए मान लीजिए खाद्य प्रसंस्करण की बात करें तो खाद्य प्रसंस्करण में ले देखिए चा स्कीम है जो बड़ी स्कीम है किसान संपदा है इसके अलावा जो है टॉप टू टोटल है प्रधानमंत्री माइक्रो फॉर्मलाइजेशन है अ यह जो है और उसके बाद पीएलआई सेक्टर है अ खाद्य प्रसंस्करण के लिए ये चार पांच बड़ी स्कीम है जो आपको पता होना चाहिए इसके लिए एक अलग मंत्रालय है उसका बजटीय आवंटन है और आप जानते हो यह आपके पास डाटा बिफोर हैंड होना चाहिए कि खाद्य प्रसंस्करण सबसे

9:53 ज्यादा रोजगारी समय उत्पन्न कर रहा है विशेषकर महिला सशक्तिकरण अब यह सब आपके पास अगर पीछे पहले जगह लिखा हुआ है तो आप उसका प्रयोग कर पाते हो एक और बात जो आपको जरूर ध्यान रखनी चाहिए मेंस में जो अक्सर विद्यार्थी गलती करते हैं तो पहली बात तो यह कि आप हर क्वेश्चन में बहुत ज्यादा एग्जामिनेशन हॉल में सोचने की जहमत मत उठाइए क्योंकि अगर आप पहले पाच 10 क्वेश्चन में बहुत सोच लेंगे तो अगले 10 क्वेश्चन में आपका दिमाग थक चुका होगा और फिर उसमें होगा क्या कि आप बहुत एवरेज लिखोगे तो उससे बेहतर है कि आप हर क्वेश्चन में पहले तो कुछ एसओ पी दिमाग में रखिए कोई संबंधित मिनिस्ट्री होगी कुछ डीपीएसपी हो सकता है कोई नियम होगा कोई इंटरनेशनल प्रोटोकॉल होगा कुछ हुआ होगा अभी हाल फिलहाल में जो उस चीज से

10:38 जुड़ा हुआ होगा वह सब आपको दिमाग में आने चाहिए कोई स्कीम होगी फ्लैगशिप स्कीम कोई मंत्रालय हो गया वह सब आपके दिमाग में रहे तो आपको यह तो मालूम हो गया कि हां भाई इस क्वेश्चन में 12 में से तीन-चार नंबर यह तो आ ही रहे हैं अब आपके आगे की लड़ाई आती है कि हां उस क्वेश्चन में क्या पूछा गया है डिमांड ऑफ क्वेश्चन क्या है उसको कैसे समझा जाए उस पे आपको कितनी जानकारी है क्योंकि ये तो जानकारी आपके पास है अब इसके बाद क्वेश्चन आप समझ पा रहे हो कि नहीं डिमांड आपके उसमें आ रही है कि नहीं और वहां पर थोड़ा जो बेहतर कर पाए कुछ क्वेश्चन में तो वहां सात आ 10 पहुंच जाएंगे किसी में बहुत बेहतर नहीं कर पाए तो पाच छ रह जाएगा तो इस तरह से आप देखोगे कि आप एवरेज आउट कर रहे हो तो यह बहुत जरूरी कि आप हर क्वेश्चन में अगर आप हर क्वेश्चन में पांच पांच नंबर भी लाते हो और 20 क्वेश्चन करते हो तो भी आपका 50 पर

11:24 स्कोर हो गया और आप देखें एवरेज स्कोर 50 पर से नीचे ही है तो इसलिए मैं फिर कहूंगा आज के सेशन का यह जो आगे आगामी सेशन है उसका उद्देश्य महज इंफॉर्मेशन शेयर करना नहीं है कि फला क्वेश्चन आया फला चीज है कुछ रणनीति पर बात भी है क्योंकि इंफॉर्मेशन लगभग सबकी एक जैसी है जो मेंस लिख रहा है लगभग एक जैसे स्रोत सब पढ़ रहे हैं तो वहां पर अंतर कहां आएगा अंतर आपकी सरण नीति में आएगा कुछ लोग हर क्वेश्चन में सोचेंगे कि नहीं बिल्कुल एक्स्ट्राऑर्डिनरी लिखते हैं बहुत ज्यादा एक्स्ट्राऑर्डिनरी होने की कोशिश मत करिएगा आप ऑर्डिनरी रहिए एकद सिचुएशन ऐसी मिलेगी एकद क्वेश्चन ऐसा मिलेगा जो आपको अपने डोमेन में दिखेगा जहां पर बेहतर कर पाओगे तो पांच सात क्वेश्चन जो आए उसमें से दो तीन क्वेश्चन ऐसे हो जिसमें आपने सामान्य भी लिखा है और दो तीन क्वेश्चन

12:10 ऐसे हैं जिनमें आपने बेहतर लिखा तो आप देखेंगे कि आप अपनी संभावनाएं बढ़ा रहे हैं और जो सोचेंगे कि नहीं हर क्वेश्चन को बहुत एक्स्ट्राऑर्डिनरी करेंगे वो इतना ज्यादा प्रेशर में आ जाएंगे पहले कुछ क्वेश्चंस में ही तो वहां पर वो शायद फिर काउंटर प्रोडक्टिव हो सकता है एक बात आई होप मेरी बात आपको तार्किक लग रही है कोई भी बात इसलिए नहीं मत मानिए क्योंकि मैं कह रहा हूं आपकी तर्क पर फिट बैठना चाहिए एक और बात जो अक्सर हम मिस कर जाते हैं और मेंस के लिहाज से उसको समझना बहुत जरूरी है जैसे मैं आपसे पूछूं एक उदाहरण के लिए अगर मैं आपसे पूछूं कि वह क्या घटक है जिसकी वजह से यह क्लासरूम संभव हो पाया जिस क्लासरूम में हम बैठे हैं हम और आप वह क्या घटक है जिसकी वजह से क्लासरूम संभव हो पाया तो आपका क्या जवाब आएगा एग्जाम मैं फिर से बोल रहा हं व्ट आर

12:56 दोस फैक्टर्स वो क्या घ है जिसकी वजह से यह क्लासरूम संभव हो पाया इंफॉर्मेशन विजन आईस का प्लेटफॉर्म क्वेश्चन को जरा ध्यान सुनि हां आने वाला मेंस एग्जामिनेशन रणनीति कैसी होनी चाहिए संसाधन और जी टेबल चेयर रूम बिल्कुल ठीक आई होप मैं बन पाऊंगा चलिए एक अच्छा

13:44 शिक्षक और स्मार्ट बोर्ड जैसी चीजें और क्या मुझे ध्यान से सुन रहे थे मैंने अभी दो बार बोला व्हाट आर दोस फैक्टर्स मैं खुद ही बता रहा हूं एक से ज्यादा है इसलिए क्वेश्चन को निष्पक्ष होकर पढ़ना बहुत जरूरी चीज है अपने प्रेजुड से लड़ना शायद सबसे पहले लड़ाई है मैं खुद ही कह रहा हूं कि व्ट आर दोस फैक्ट इससे ज मदद क्या करूं मैंने तो य कहा ही नहीं कि व्ट इज द फैक्टर आर फैक्टर्स मैं तो बोल रहा व्ट आर दोस फैक्टर्स वह क्या कारक है जोस क्लास को संभव बना पाए अच्छा कभी आपने इस तरह से सोचा ध्यान से कि जीएस में चार ही पेपर क्यों छह क्यों नहीं आठ क्यों नहीं तीन

14:29 क्यों नहीं पहले दो थे चार हुए फिर चार क्यों अब थोड़ा सा एग्जांपल समझते हैं वो क्या फैक्टर्स है जिन्ने इ क्लास को पॉसिबल बना है मैं क्यों बताना चाह रहा हूं क्योंकि यहां से आपको एक क्लू मिलेगा जो शायद आपको मेंस में हर सब्जेक्ट में और इकोनॉमिक्स में भी अच्छे नंबर लाने में सहयोग कर पाएगा जो इस सेशन का उद्देश्य भी है क्या फैक्टर्स हैं सबसे पहली बात देखिए आप सबने एक-एक बात कही वो सब सही थे गलत इसमें से किसी ने नहीं बोला कि किसी ने गलत बोला सबने सही बोला सबने आंशिक बोला बस सही सबने बोला है पर सबने आंशिक बोला है बात समझ में आ रही सही बोला सबने फिर मैं कह रहा हूं मेंस लिखने वाला हर विद्यार्थी सही ही बोल रहा होता है लेकिन आंशिक बोल रहा होता है तो किसी ने कहा

15:14 कुर्सी में चाहिए वो अव संरचना पर बात ज्यादा संभावना इंजीनियर रहे होंगे न की उसी उसी तरफ नजर गई अ संरचना पर नजर आई किसी ने कहा उद्देश्य होना चाहिए यह होना चाहिए व्यवस्था होनी चाहिए मैनेजमेंट चाहिए अगर आप देखि मोटा मोटा चार चीजें निर्धारित करती हैं अव संरचना जरूरी थी अगर ये अ संरचना नहीं होती माइक नहीं होता यह सब नहीं होता तो शायद क्लास संभव नहीं थी हम नीचे मेट्रो पर बैठ के तो क्लास नहीं कर सकते थे कहीं ना कहीं कुछ प्रबंधन चाहिए था कि कौन शिक्षक होगा कौन विद्यार्थी होंगे कहां बैठेंगे वहां पर एसी चलेगा उसकी व्यवस्था कैसे होगी किसी ने इसको मैनेज किया होगा तभी तो संभव है दूसरा घटक प्रबंधन और प्रबंधन के लिए कुछ नियम होते हैं नियम कानून हो उनको पता होना चाहिए कि ये नियम है इत्यादि इत्यादि तीसरा

16:00 बहुत बड़ा घटक है आपको लग रहा हो मैं पढ़ाने आया हूं मैं पढ़ा के कमाने आया हूं दोनों फर्क है मैं पूरा ईमानदारी से बोल रहा हूं अक्सर आपको लोग कहते पढ़ाने आया हूं अपूर्ण है वो आंशिक है पढ़ा के कमाने आया ताकि बात पूरी हो सके कि हा एटली उद्देश्य क्या है दोनों ही उद्देश्य है और चौथा घटक एक कहीं ना कहीं सांस्कृतिक नैतिक पक्ष भी है इतने आसानी से इतने तमीज से आप बाहर नहीं बैठते हो यही में अगर आप बाहर आपसे मिला हो तो उसे अलग तर से बिहेव करते एक नैतिक पक्ष है कि नहीं चार चीजें हो गई और संरचना राजनीतिक प्रशासनिक आर्थिक और नैतिक सांस्कृतिक तो कोई ताज्जुब नहीं जीएस का के चार पेपर है पहला पेपर संरचना की बात करता है दूसरा

16:46 राजनीतिक की बात करता है तीसरा आर्थिक की बात करता है चौथा नैतिक सांस्कृतिक ऐसे रैंडम नहीं आ गया य इसके रीजन है अब मुझे जरा वापस चलते क्वेश्चन पर आप सबके अंदर एक चीज नेचुरली आई जब आप कोई भी क्वेश्चन पढ़ते हो कहीं भी आपसे कोई भी प्रश्न पूछा जाता है तो आपका एक नेचुरल माइंड है जो एक चीज को प्राथमिकता देगा ज्यादातर लोग वही रुक जाते हैं उसी को ज्यादा लबरेट करते हैं मेंस में लिखते समय आपका ध्यान इस तरफ रहना चाहिए कि एक ये तो दिमाग में आया ही बाकी तीन क्या है इसका वित्तीय पक्ष क्या है इसका संरचनात्मक पक्ष क्या है इसका राजनीतिक पक्ष क्या जैसे महिला सशक्तिकरण प आप लिख रहे हो जैसे आप लिख रहे हो मान लीजिए कि भारत में कृषि को कैसे बेहतर किया जाए तो अब कृषि बेहतर करने में सिर्फ आपको आर्थिक

17:32 पक्ष सोचले काम नहीं चलेगा आपको उसका सांस्कृतिक पक्ष भी देखना होगा कि उसमें ऐसा क्या किया जा सकता है कैसे जागरूकता लाई जा सकती है कैसे दृष्टिकोण को बदला जा सकता है आपको उसका राजनीतिक पक्ष भी देखना होगा और संरचनात्मक घटको को भी देखना होगा कि किस वजह से चीज वहा नहीं पहुंच रही है तब आप देख इसीलिए अब मैं लाइन अपनी कंक्लूजन की लाइन है किसी भी चीज का आंसर देते समय विश्लेषण कर समय सिर्फ एक घटक के बहुत सारे आयाम ना सोचिए बल्कि बहुत सारे घटकों के एक एक दो दो आयाम सोचिए आप क्या करते हो एक घटक के बहुत सारे आम लिख के चले जाते हो और आप सोचते हो कि फिर आप सोचते हो कि नंबर कम क्यों मिला मैंने तो इतना अच्छा लिखा था 10 नंबर क्वेश्चन दो ही नंबर क्यों दे रहे क्योंकि आपने लिखा एक चौथाई तो नंबर तो एक

18:20 चौथाई में दे स ढाई में दूंगा ई में आपने बहुत अच्छा लिखा दो नंबर मिल गए और वही किसी ने दो घटक इसलिए यंगस्टर ज्यादा स्कोर कर पा रहे क्योंकि उनका दिमाग एक डायमेंशन में बहुत तो चल नहीं रहा तो व इधर उधर भी सोच रहे य भी कुछ लिखले कुछ तो खाना पूर्ति कर दे तो उस खाना पूर्ति करने के चक्कर में इधर उधर भी सोच रहे हैं और आयाम भी सोच रहे हैं आपको यह लिबरे अपने सोच में लाना चाहिए क्यों क्योंकि ब्यूरोक्रेसी का जॉब प्रबंधन का है और आपसे उम्मीद की जाती कि आपके अंदर जैसे मान लीजिए आपसे कहा जाता कि आप इस क्लास को मैनेज करिए तो आपको चारों चीज सोचनी पड़ती उसको बिना सोचे प्रबंधन हो नहीं पाता बल्कि पांचवी चीज भी है पर्यावरण तो कोई ताज्जुब नहीं अगला जब चेंज होगा तो पूरा पेपर पर्यावरण का आएगा पर्यावरण डिजास्टर मैनेजमेंट मेरी बात अभी आपको अतिशयोक्ति लग सकती है ये सैद्धांतिक रूप

19:07 से दिख रहा है कि अगर जब भी कभी परिवर्तन करेंगे तो पूरा पेपर आएगा इसका संधारण क्लाइमेट चेंज डिजास्टर मैनेजमेंट क्योंकि ये नए चुनौतियों के रूप में दिख रहे हैं तो यह मोटा बात फिर मैं क कि तार्किक लग रही कि नहीं आपको तो जब भी आप मेंस में कहीं भी क्वेश्चन के बारे में विश्लेषण करें किसी भी पेपर में तो आपको ये सोचना चाहिए कि किस तरफ हम ज्यादा झुकाव दे जसे पेपर वन के टॉपिक्स में संरचना की तरफ ज्यादा झुकाव होना चाहिए पेपर थ्री के टॉपिक्स में वित्तीय चीजों प तरफ तकनीकी की तरफ ज्यादा झुकाव होना चाहिए पेपर फोर तो वो तो घोषित रूप से एथिक्स है तो बात ही खत्म हो गई इसलिए उन्होंने केस स्टडीज पूछा है क्योंकि एथिक्स को समझने का सबसे तरीका केस स्टडीज है कि आप समझ पा रहे हो कि नहीं कि इसमें किस तरह का दिक्कत आ रहा है तो पहले मैंने दो बातें आपको तक कहीं अगर मैं इसको नट शल में कहूं पहला यह कि

19:54 आप हर क्वेश्चन में बहुत ज्यादा एक्स्ट्राऑर्डिनरी होने की कोशिश मत करिए आपके पास पहले से ही कुछ मटेरियल बिफोर हैंड तैयार होना चाहिए एग्जामिनेशन हॉल में जाने से पहले जो भी सिलेबस के टॉपिक्स हैं जिसमें कोई मिनिस्ट्री होगी कुछ डाटा होगा कुछ स्कीम्स होंगी वो आपके नोट्स में भी होते हैं और तमाम जो करंट अफेयर्स आता है मेंस 365 उन सब में भी रहते हैं तो वो एक तो हो गया उसके साथ आप जब एग्जामिनेशन हॉल में जाओगे तो कम से कम अपने 12 में चार पांच की तैयारी तो पूरी हो गई अब अगले चार पांच आप कितने पाओगे उसमें ये डिपेंड करेगा कि आपने क्वेश्चन का विश्लेषण कितने अच्छे से किया और जब विश्लेषण करें जब भी आप सुझाव दें सोचे तो आप उसमें वित्तीय घटक भी सोचिए आप उसमें संरचनात्मक घटक भी सोचिए सोचिए कि क्या इसमें कोई सांस्कृतिक नैतिक पक्ष भी है तो यह सारी बातें जो है

20:40 आपके आंसर को बेहतर बनाती हैं इसलिए आंसर कई बार आप सुनते हो कि आंसर मल्टी डायमेंशन होना चाहिए क्योंकि मल्टी डायमेंशन होने पर ही आप ज्यादा बेहतर प्रबंधन कर पाओगे पर्यावरण की चीजों को रिमोट भी हो तो भी लिखिए आजकल तो पर्यावरण लगभग हर चीज में आप देखते हो उसकी बात होती है तो पर्यावरण की चीजों को भी रिमोट भी हो तो भी जोड़िए आपके अर्ध गिर्द जो कुछ भी हो रहा है डिजिटल चीजें हैं उसको जोड़िए उससे क्योंकि लगभग हर चीज को आप डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ रहे हो तो यह आपके मेंस के आंसर को बेहतर बनाएंगे तो यह दो बातें मैं चाहता था कि पहले तो आप ये जाने कि हर एक चीज की कुछ एसओ पी आपके पास होनी चाहिए हर एक टॉपिक्स में जो आपने अपने तैयारी के समय बनाई हुई है और कुछ टॉपिक्स में आप जो है जब वहां पे क्वेश्चन का विश्लेषण करें तो देखें कि इसके

21:25 विभिन्न आयाम क्या हो सकते हैं एक ही चीज पे चार बातें करने से बेहतर है चार चीजों पर हम पहले एक एक मुख्य मुख्य बातें कर ले एक चीज और भी है जो भी तरीका हो जिस तरीके से आप अपनी बात को प्रभावी ढंग से कह पाए वह सही तरीका है लेखन का उत्तर का क्योंकि उत्तर लेखन को लेकर कोई मानक वो नहीं है थोड़ा सा अगर मैं पीछे जाऊं तो अभी तो खैर आउट ऑफ फैशन है इंडिया में तो नहीं है पढ़ाई में लेकिन अभी भी कैंब्रिज में आप जाओ हावर्ड में जाओ ल में जाओ तो वहां अभी भी चलता है वहां राइटिंग अभी भी होती एसे कई तरह के होते हैं हम एसे राइटिंग बहुत वहां का इंपोर्टेंट पेपर है तो एसे राइटिंग में एक होता है सिनॉप्टिक एसे सिनॉप्टिक एसे क्या होता है वह पूरी

22:12 जो आपकी बात है उसको कुछ कम शब्दों में कहना की जो बहुत जल्दी में है वह उसको पढ़ ले और उसका काम चल जाए इसको बोलते हैं सिनॉप्टिक एसे आपके आंसर सिनॉप्टिक एसे टाइप के होने चाहिए यूपीएससी जो छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखती है इतना तक ध्यान रखती है कि आंसर में यह मत करिएगा वह लिख के आता है आपको इंस्ट्रक्शन गाइडलाइन में ना कि आंसर में यह मत करिएगा यह मत करिएगा आपको नहीं लगता अगर कोई मॉडल आंसर होता तो शेयर करते आपसे कि देखिए मॉडल आंसर ऐसा आंसर होना चाहिए ऐसा नहीं है तो उसका मतलब आंसर लिखने की कोई स्टैंडर्ड विधा नहीं है आप जिस तरीके से अपनी बात को प्रभावी ढंग से कह पाते हो जैसे अधिकांश लोगों ने देखा है कि सब चकि शब्द आपके पास कम है समय भी कम

22:57 है तो था थी पे क्यों वेस्ट करना बेहतर है चार्ट बना दिया पाई डायग्राम में कह दिया तो पाई ज्यादा चीजें बोल गए कि नहीं उस को था थही लिखने में चलते तो ज्यादा टाइम लगता है अंडरलाइन करना एक स्वीकृत प्रणाली है आप न्यूजपेपर में भी देखते हो अंडरलाइन रहता है बोल्ड हो जाता है कोई इंपॉर्टेंट चीज होती है तो अगर आप मेंस में आंसर लिखते समय चीजों को अंडरलाइन कर रहे हो तो स्वीकार है और आधिकारिक डॉक्यूमेंट में भी किया जाता है अगर आप कभी सरकारी दस्तावेज देखोगे तो उसमें भी अंडरलाइंड होते हैं व तो व अंडरलाइन करने की प्रवृत्ति अगर आपके अंदर है तो अच्छा आवश्यक ये नहीं कि हर चीज को अंडरलाइन कर रहे हैं आपका अंडरलाइनिंग से भी पता चलता है कि आपकी प्राथमिकताएं क्या है कि आप किसको प्राथमिक मानते हो तो अंडरलाइनिंग अगर आप करते हैं तो करिए और अगर आपकी आदत नहीं है तो कुछ इंपॉर्टेंट चीजों में की जा सकती है अंडरलाइनिंग बाकी पैराग्राफ में लिखें

23:45 पॉइंट्स में लिखें वोह आपके ऊपर है आप जिस माध्यम में अपनी बात को प्रभावी ढंग से कह पाओ बहुत ज्यादा अलंकृत भाषा का प्रयोग करने की जरूरत नहीं क्योंकि उससे कोई बहुत लाभ नहीं होने वाला हां यह जरूर है आपकी ऊर्जा भी मतलब वेस्ट होगी आपकी ऊर्जा भी मतलब वेस्ट होगी आप कोशिश करें कि सरल भाषा जो आपकी सरल आपके हिसाब से जो आपकी सुगरा भाषा है उसमें आप लिखें और कोशिश करें चार्ट है फ्लो डायग्राम है इन सब से क्या होता है शब्द बच जाते हैं आप ज्यादा बातें कह पाते हो और थोड़ा भाषा से भी जो भाषा पर ऊर्जा व होती उससे बच जाते हैं तो वह करना चाहिए इसमें कहीं दो मत नहीं है खुशवंत सिंह हालाकि गलत कारणों से भी चर्चित है वो लेकिन खुशवंत सिंह एक बहुत

24:30 अच्छे लेखक है इसमें कहीं दो मत नहीं खुशवंत सिंह ने अपनी किताब लव ट्रुथ एंड लिटिल मैला में लिखा है एक अच्छे एक अच्छा इंट्रोडक्शन पूरी स्क्रिप्ट लिखने के बाद शुरू होता है जब पूरी स्क्रिप्ट किताब की बन जाती है उसके बाद इंट्रोडक्शन अच्छा लिखा जाता है आपको अभी हम करेंगे उस चीज को कि जब भी आप मेंस के आंसर लिखें तो पहले एक मिनट सोचिए क्वेश्चन को जब आप सोचेंगे तो आपके दिमाग में सा बनेगा कि यह बात करेंगे यह बात करेंगे यह बात करेंगे यह बात करेंगे और एक फ्लो बनने लगेगा क्या पहले आता है क्या बाद में आना चाहिए दो बातें होंगी एक तो क्याक बातें करने वाले हैं क्या पहले आना चाहिए क्या बाद में आना चाहिए और आपको लगभग पूरी कितनी बात कहनी समझ में आ गया इसके बेसिस पर फिर आपका इंट्रोडक्शन होना चाहिए कि हा कोई घटना

25:18 हुई होगी आप वहां से शुरू कर सकते हैं या कोई डाटा होगा वहां से शुरू कर सकते हैं इकोनॉमिक्स में घटना डटा कोई स्कीम हो सकती है वहां से शुरू कर सकते हैं तो वहा अभ करेंगे भी उसको कि हां इस आंसर को आप ऐसे भी लिख सकते थे कोई ऐसे भी लिख सकता था और मैं कोशिश करूंगा एक से अधिक मॉडल आपसे शेयर करूं क्योंकि अलग-अलग तरीके से क्वेश्चन लिखे जा सकते हैं तो एक यह बात भी है और एक और इंपॉर्टेंट बात तो पहली बात में फिर से अगर मैं इसको कंक्लूजन यह पॉलिसी मेजर स्कीम है इसकी हम बात करेंगे ही करेंगे दूसरा मैंने आपसे कहा कि विश्लेषण करते समय सिर्फ एक घटक जो आपका स्वाभाविक है उसी पर मत सोचिए उसके अलावा भी सोचिए और उन आयामों को भी कोशिश करिए

26:05 कि उसमें रखें और तीसरी बात जो है मैंने आपसे यह भी कही कि यह भी कोशिश करें कि जिसमें सुग्रास लिखे अंडरलाइन करने की प्रवृत्ति को आधिकारिक रूप से स्वीकृत किया जाता तो कर सकते हैं एक अच्छा इंट्रोडक्शन तब आएगा जब आपके दिमाग में पूरा आंसर आ जाएगा तो आपको स्वत ही पता चल जाएगा बात कहां से शुरू करनी है स्वत ही पता चल जाता है कि बात कहां से शुरू करनी फिर वह हर एक व्यक्ति का अपना स्टाइल हो सकता है एक और बात है जो मैं यहां चाहूंगा आपसे करना जिसको लेकर आपके मन में कई बार संशय होता है जैसे मैं यूनिवर्सिटी से भी जुड़ा हु तो मैं आपको बताऊ यूनिवर्सिटीज में एक चीज बहुत कॉमन होती है जब कॉपी चेक करते समय हम लोग देखते हैं कि पहला क्वेश्चन जो है वह एक घंटे में लिखा जाता है पांच क्वेश्चन आते हैं दूसरा क्वेश्चन 45 मिनट

26:52 में तीसरा क्वेश्चन आधे घंटे में चौथा क्वेश्चन 15 मिनट में पांचवा क्वेश्चन 5 मिनट में यह स्टैंडर्ड है पहला क्वेश्चन एक घंटे में पांचवा क्वेश्चन 5 मिनट में अब पहले क्वेश्चन में एक घंटे में आपने कितना भी अच्छा कर लिया होगा तो 10 पर एक्स्ट्रा मिलेंगे और पांचवा क्वेश्चन जो थोड़ा सा अच्छा लिखते तो कम से कम 50 60 नंबर पाते परसेंट 50 60 पर नंबर पाते जो भी नंबर मार्किंग सिस्टम हो वहां पर रह जाते 10 20 पर पर अच्छी डील नहीं है एक दो नंबर एक्स्ट्रा पाने के चक्कर में आपने आ 10 नंबर गवा दिए य अनुशासन आपके अंदर आना बहुत जरूरी है और यह आपको एग्जामिनेशन परिसर से पहले लाना होगा कि सात आठ मिनट में क्वेश्चन खत्म करना है तो खत्म करना

27:38 है फिर बात अधूरी रह जाए तो भी चलेगा यह टेंटेशन छोड़ना होगा कि यह लाइन भी लिख लेते तो ठीक रहता अब यहां पर दूसरी बात ज्यादातर समय आप वह जवाब देते हो व्ट बेस्ट यू आर नोइंग इंस्टेड व्ट क्वेश्चन इज आस्किंग जो आपको बढ़िया पता वो लिखते हो सोचते प्रभावित हो जाएगा आदमी बजाय से क्वेश्चन क्या पूछ रहा है एक चीज होती है मीडिया में बहुत यूज किया जाता है उसको बोलते हैं इनवर्टेड पिरामिड ऑफ राइटिंग आज आप न्यूजपेपर जाकर पढ़िए तो आप देखेंगे कि जो सबसे इंपॉर्टेंट बात है वो पहले पैराग्राफ में कही गई है सबसे इंपॉर्टेंट बात पहले पैराग्राफ में और उसका पूरे का निचोड़ हेडलाइन है पूरे का निचोड़ हेडलाइन है एक ही लाइन में लिख दिया कि जैसे इंडियन एक्सप्रेस

28:23 में आज था कि हां इंडियंस है स्टिक द ऑस्ट्रेलियन बॉक्स टू गेट इन टू सेमीज पूरी खबर है यही है इंट्रोडक्शन यह आपका इंट्रोडक्शन है एक लाइन में पूरी बात होगी नहीं पूरे सिनोप्सिस जो लिखा गया उसका जो आधे पेज में खबर थी उसकी उसका पूरा निचोड़ है कि नहीं है यह आपका इंट्रोडक्शन है इसको मीडिया में बोलते हैं इनवर्टेड पिरामिड ऑफ राइटिंग सबसे जरूरी बात सबसे पहले कही जाती है सबसे जरूरी बात आप सबसे पहले कहते हो तो पहला पैराग्राफ में सब कुछ होता है खबर दूसरे पैराग्राफ में एडिशनल चीजें और आखिरी पैराग्राफ में मीटिंग कहां हुई थी खाने में क्या था कितने लोग आए थे यह सब ताकि अगर आप जल्दी में भी है तो पहले पैराग्राफ को पढ़कर आपको न्यूज पता चल जाए और जल्दी में तो हेडलाइन पढ़ के पता चल जाए और अगर खाली टाइम है तो आखिरी तक

29:10 पढ़िए इस एग्जामिनेशन में आपको आंसर लिखते समय इनवर्टेड पिरामिड ऑफ राइटिंग पर ध्यान रखना चाहिए जो आपके क्वेश्चन की सबसे इंपॉर्टेंट बात है वह सबसे पहले लिखी जानी चाहिए जो क्वेश्चन का डिमांड है व सबसे पहले लिखा जाना चाहिए बाकी बातें बाद में आप उल्टा करते सोचते कि नहीं थोड़ा उसको भी बाद के लिए थोड़ आगे भी चलते हैं थोड़ा बहुत इंट्रोडक्शन उसके बाद बढ़िया सबसे इंपोर्टेंट बात सबसे पहले कहनी चाहिए य ठीक वैसे जैसे आपको किसी से आप मिलने जा रहे हो तो कोशिश करि कि सबसे पहले सबसे जरूरी बात कह दीजिए क्योंकि हो सकता है फिर इसके बाद सिचुएशन बदल सकती है अब देखिए आप लोग उसको अलग दिशा में ले गए वो अलग चीज हो गई पर मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि होता है आप आप सिस्टम में जाएंगे तो आपको पता चलेगा

29:56 प्राइम मिनिस्टर आपको एक मिनट मिलता है अ एक मिनट में भूमिका बनाने में लगे तो तो चला गया फिर आपको एटली टू द पॉइंट बात करनी होती है अगर आपको एक मिनट दिया गया प्राइम मिनिस्टर से मिलने को तो एक मिनट में सारी बात बतानी है कि सर यह पूरी सिचुएशन है यह आर्ट आप में देख रहे हैं व यह एकेडमिक टेस्ट नहीं है मेंस एग्जामिनेशन लिखना सिर्फ एकेडमिक टेस्ट नहीं है आप में कुछ कौशल देखा जा रहा है जो इस जॉब के लायक है कि नहीं है आपको कल ब्रीफिंग होगी इतने बड़े बड़े डॉक्यूमेंट होंगे और आपको मीडिया को पेज में लिख के देना होगा कि क्या था पूरी रिपोर्ट आपको आना चाहिए अब तो नहीं है अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग हो पेरेंट्स जिन्होंने सिविल सर्विसेस दिया अगर मतलब ग्रैंड पेरेंट्स हो 60 वाले तो बताएंगे पहले तो बॉक्सेस मिलते थे 180 बॉक्स बना

30:43 होता था अब तो फिर भी कहते हैं 180 वर्ड में लिखना है पहले तो बाकायदा 180 बॉक्स होते थे ताकि एक भी शब्द ऊपर नीचे ना हो जिसको बोलते हैं टेलीग्राम वाली राइटिंग टेलीग्राफिक राइटिंग ऐसे टेलीग्राफिक कम्युनिकेशन भी होता है बिल्कुल टू द पॉइंट कोई भी इधर उधर नहीं ज्यादातर शिक्षक में तो बहुत कमी होती है वो ज्यादा भूमिका बहुत बनाते हैं टू द पॉइंट बिल्कुल जो जरूरी बात है उतना ही कहना है क्योंकि आप देखोगे दिन भर इतनी जरूरी बातें है कि आपके पास भूमिका बनाने का समय कहां [संगीत]

32:09 तो वह टेलीग्राफिक कम्युनिकेशन भी यही वजह है कि आपको कम शब्द दिए गए कम शब्द की आप कम शब्द बात कह पाते हो कि नहीं यूनिवर्सिटी में तो आदत पनी जितने ज्यादा पेजेस भरेंगे उतना ज्यादा नंबर मिलेंगे ए कॉपी बी कॉपी सी कॉपी डी कॉपी कैसा क्या लिख रहे हो भाई डी कॉपी चाहिए लेकिन वहां प उल्टा है वहां पर चल जाता है यहां पर बिल्कुल आप देखिए आपको 150 वर्ड्स दिए गए हैं जगह भी है और ये भी लिखा गया है कि जगह बच जाए तो क्रॉस करना क्रॉस करना तो जाहिर सी बात आपको इतने में ही लिखना है समय भी लिमिटेड है तो आपकी आपका कम्युनिकेशन बहुत टेलीग्राफिक होना चाहिए तो मैं हमेशा मजाक में भी कहता था पीटी के पहले अगर आपको ध्यान हो जो मेरे विद्यार्थी मैं कहता भी था कि अब समय आ गया कि आप कोई जो है आपसे कुछ पूछे तो आप पूछे उससे पहले चार ऑप्शन

32:55 बताओ तो मैं आपको जवाब बताऊंगा अब समय है कि आप कहिए जो भी सवाल कोई कितना भी लंबा चौड़ा सवाल पूछे आपको आधे मिनट से कम में आंसर देना है सी यू कैन डट आप कोशिश करके देखिए कि आप आधे मिनट में जवाब दे पा रहे हो कि नहीं अगर हां तो टेलीग्राफिक की तरफ आप धीरे-धीरे जा रहे हो वो थोड़ा सा आपको स्किल बनानी होगी और यह मत सोचिए कि हम थोड़े बहुत अलंकृत शब्द लिख देंगे फ्रेजस लिख देंगे तो उससे कोई इंप्रेस हो जाएगा तो ये तीन चार चीजें आपको ध्यान रखनी मैं फिर कहूंगा इनवर्टेड पिरामिड ऑफ राइटिंग जानिए सबसे जरूरी बात सबसे पहले कहिए हो सकता है जैसे मैं आपको एक छोटा सा उदाहरण और दूं तो शायद आप कनेक्ट कर पाए बात को अगर कोई रेडियो से जुड़ा हो तो जानता होगा जो रेडियो की न्यूज पढ़ते हैं पौ से 9 की न्यूज आती है ना तो आपने देखा होगा न्यूज खत्म होने से पहले बीप बचने

33:40 लगता है टी टी टी टी टी पा सेकंड बचता है वो बीप एक्चुअली न्यूज रीडर के लिए क्या होता है एक इशारा होता है वहां एक लाल रंग की बत्ती होती है वो जलने लगती है अब आपके पास कितना भी च चीज छूट गई हो छोड़ दो आपको आखिरी लाइन बोलनी होती है कि बीच में कितनी भी न्यूज आप उसको स्किप कर देते हो ट्रेनिंग दी जाती है क्योंकि समय बहुत महत्त्वपूर्ण है आपको 9 बजे तक खत्म कर देना है तो 20 तो जब आप इंपॉर्टेंट चीजें कह चुके हो पहले ही तो कोई बात नहीं यह बात नहीं बताएगी कि मीटिंग कहां थी समोसा खाया था कि नहीं खाया था इससे फर्क नहीं पड़ेगा तो आंसर लिखते समय अगर आपने इंपॉर्टेंट चीज पहले लिख दी है और लगभग सा मिनट आपका हो गया है तो आपके पास आप क्विकली कंक्लूजन प जाओ और यह थोड़ा आपको रिहर्स करना

34:29 पड़ेगा कोशिश करिएगा कि आराम से घर पर बैठ के घड़ी वच स्टॉप वच का यूज करके आप 8 मिनट प अपनी स्टॉप वच सेट करिए देखिए 8 मिनट प क्वेश्चन के आधे प पहुंचे कि नहीं फिर दो तिहाई प पहुंचे कि नहीं पहले तो हो सकता है आप आधे पर भी ना पहुंचे फिर दो तिहाई पर पहुंचेंगे फिर धीरे धीरे आप देखेंगे आप 80 पर 90 पर तक क्वेश्चन के पहुंचने लगे हैं सा मिनट में और वो बहुत निर्णायक चीज है ऐसे बहुत सारे बच्चे हैं जो कहते हैं क्वेश्चन छूट गया है और क्वेश्चन मैंने पता ना कि वो सबसे बड़ी रणनीतिक भूल है कि आपका क्वेश्चन छूट जाए क्वेश्चन छूट जाना रणनीतिक भूल है नहीं आता बिल्कुल बात अलग है लेकिन कम से कम क्वेश्चन पढ़ा जाना चाहिए कि हा इसमें कुछ मेरे पास है कहने लायक एक दो नंबर का भी कि नहीं तो यह कुछ बातें हैं चकि पहला

35:15 दिन था मेरा आपसे तो मैं चाहता था पहले इन बातों को आप समझ ले और आई होप मैं आपको तार्किक साउंड कर रहा हूं मैं फिर कू कि इसलिए नहीं क्योंकि मैं कह रहा हूं मान लीजिए आपकी बात आपके तर्क पर भी फिट बैठ चाहिए तो इनवर्टेड पिम ऑफ राइटिंग को लिखिए प्रेसीजन रखिए विश्लेषण में ध्यान रखिए कि बहुत सारे आयामों को देखें विशेषकर पर्यावरणीय आयाम है वित्तीय आयाम है संरचनात्मक आयाम है राजनीतिक आयाम है इत्यादि इत्यादि और कोशिश करिए कि आपके पास पहले से कुछ एसओ पीस तैयार हो जो कम से कम कही जाए और हर क्वेश्चन में इंप्रेस करने की कोशिश मत करिए अपनी बात कहिए आप अपनी बात कहिए सरल तरीके से सहज तरीके से और अगर आप में वो जो है अपनी बात को ठीक-ठीक कह पाए तो जाहिर सी बात है अच्छा संवाद कहा भी जाता है मीडिया में बहुत फेमस लाइन है कि गुड कम्युनिकेशन इज वन

36:03 वेर द रीडर और लिनर हैज लीस्ट पेन टू अंडरस्टैंड एक अच्छा संवाद वह होता है जिसमें सुनने वाले को पढ़ने वाले को कम जहमत उठानी पड़े ताकि उसका ध्यान आप क्या कह रहे हो इस परे रहे अब आप सोच के देखिए आप मुझसे बोल रहे हो और आप ले आए कोई ढूंढ के डिक्शनरी से बहुत मुश्किल वर्ड तो संवाद टूट गया दरअसल वहां संवाद टूटा ऐसा नहीं कि संवाद बहुत अच्छा हो गया या तो मुझे साथ में बताइए किस वर्ड का ये मीनिंग होता है तो अगली बार न्यूज़पेपर में पढ़ते समय ध्यान दीजिएगा एक अच्छा न्यूज़पेपर या अच्छा स्पीकर कोई अच्छा ऑरेटर बोलते समय बताता है इस शब्द का यह मतलब होता है ऐसा नहीं कि उसको आपके अंग्रेजी प डाउट है वो ये सुनिश्चित करना चाह रहा है कि मैं जो कह रहा हूं ठीक-ठीक वैसे समझे तो यह अ कुछ-कुछ बातें हैं और इसका

36:48 सबसे अच्छा तरीका है कि आप जो सर ये मेट्रो में सरकारी विज्ञापन देखते हो ना एक-एक लाइन के लिखे होते हैं आपको क्या लगता है उ उनको शेक्स वाली अंग्रेजी नहीं आती है एक एक लाइन में सरकार ने क्यों लिखा हुआ है एडवर्टाइजमेंट सीधा-सीधा संवाद वह सबसे तरीका लिखने का कहीं जाने की जरूरत नहीं एनसीआरटी में कैसे छोटे-छोटे सेंटेंस बनाए गए कैसे एक एक लाइन में बात कही गई है वह आपका संवाद होना चाहिए वह तरीका है लिखने का जो यहां पर आपको विज्ञापनों में दिखता है क्योंकि वहां पर भी टेलीग्राफिक ही होना पड़ेगा कम स्पेस है एक एक एक लाइन का वैल्यू है एक एक लाइन के लाखों रुपए जा रहे हैं एक एक लाइन के लाख फलत लिख नहीं तो यह आपको ध्यान रखना कि यहां भी एक एक लाइन के लाखों जाएंगे भा सैलरी जोड़ के देखिए तो

37:34 लाखों गए कि नहीं एक लाइन पर तो इसलिए बहुत जरूरी है कि हर एक शब्द का मायने होना चाहिए तो यह कुछ बातें हैं जो ध्यान में रखना चाहिए ओवरऑल सभी संदर्भों में और विशेषकर इकोनॉमिक्स में क्यक इकोनॉमिक्स में और प्रेसीजन है आई हो बात स्पष्ट रही बात तार्किक लग रही है आपको चलिए अब अगर हम विषय पर आए तो यहां पर मैंने कोशिश की कि जो प्रेजेंटेशन है वो पिछले 2019 से 2023 के क्वेश्चन को हमने टॉपिक्स जो सिलेबस में दिए उसी हिसाब से बांटा है कि इस सिलेबस में यह टॉपिक है और उसके अंतर्गत यह बात होनी चाहिए तो पहला जो टॉपिक आपका है भारतीय अर्थव्यवस्था योजना संसाधन को जुटाना प्रगति विकास रोजगार जैसे सब विषय जो उन्होंने पहला टॉपिक दिया हुआ उसके संदर्भ

38:19 में अगर क्वेश्चंस को देखें तो यह 2019 का क्वेश्चन है कि क्या आप इस मत से सहमत है कि सकल घरेलू उत्पाद या जीडीपी की स्थाई समृद्धि तथा निम्न मुद्रा स्फीति के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है अपने तर्कों के समर्थन में कारण दीजिए क्वेश्चन पढ़ते समय जल्दी बाजी मत करिएगा पहली बात और हो सके तो दोनों भाषा में पढ़िए क्योंकि कई बार हिंदी के कुछ शब्द ऐसे होते हैं कि शायद वह आपके आप आप उसको ठीक ठीक इंटरप्रेट ना कर पा रहे हो अंग्रेजी में क्वेश्चन को देखें तो डू यू एग्री विद द व्यू दैट स्टडी जीडीपी ग्रोथ एंड लो इंफ्लेशन हैव लेफ्ट द इंडियन इकॉनमी इन गुड शेप गिव रीजन इन सपोर्ट ऑफ योर आर्गुमेंट अब यहां पर देखिए

39:06 क्वेश्चन के ठीक ठीक दो हिस्से हैं पहला तो यह पूछ रहे हैं डू यू एग्री क्या आप इस बात से सहमत है तो उसका सीधा-सीधा मतलब भी क्या है आप थोड़ा सहमत हो सकते हैं थोड़ा असहमत हो सकते हैं कुछ लोग सहमत हो सकते हैं कुछ लोग असत हो सकते य तो मतलब हु जब मैं आपसे पूछ रहा हूं डू यू एग्री और अगर मैं आपसे कहता कि हां विगत कुछ वर्षों में जीडीपी कम की स्थाई प्रगति रही और मुद्रा स्थिति कम रही मतलब अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में तो वहां पर मैं फिर आपसे स्टेटमेंट की फेवर में पूछ रहा था यहां पर इन्होंने कहा है कि आपको लगता है ऐसा है और अगर है तो आप अपने आर्गुमेंट को जो है इसमें बताएं कि हा किन आधार पर अब फिर वही बात है अब यह क्वेश्चन में देखिए पहले तो एस ओपी पर चलते हैं कि क्या आपके नोट्स

39:54 में जरूर होगा आपने जीडीपी के बारे में पढ़ा ही है कि जीडीपी क्या होती है और जीडीपी की स्थाई समृद्धि स्थिर कीमतों पर जीडीपी स्थिर कीमतों पर ज्यादा महत्त्वपूर्ण है अब आपके पास एक डाटा जरूर होगा होना चाहिए आपके मेंस की तैयारी के सम आपके पास डटा जरूर होना चाहिए कि जीडीपी की स्थिर कीमतों पर वृद्धि कितनी रही है औसतन हम देखें तो पिछले सात सा पा चार पाच सालों में 6 से 7 पर की रही स्थिर कीमतों पर चालू कीमतों तो बहुत ज्यादा हो सकती है चालू कीमतों तो बहुत ज्यादा हो सकती स्थिर कीमतों पर जो है और इसलिए जब भी हम जीडीपी की प्रगति दर बोलते हैं जो लोग क्लासेस में रहे उनको ध्यान आ रहा होगा ये बात कि जब जीडीपी की प्रगति दर बोलते हैं तो किसकी बात होती है स्थिर कीमतों पर ना कि चालू कीमतों पर चालू कीमतों तो आप 19 पर

40:41 से ग्रोथ कर रहे हो वो तो इंफ्लेशन बढ़ रहा है तो आपका जब भी जीडीपी की बात होती जीडीपी आप सुनलो ना जीडीपी ग्रोथ 7 पर 65 पर तो किसकी बात हो रही स्थिर कीमतों पर स्थिर कीमतों का मतलब आधार वर्ष वाली कीमतें अब मैं यहां प फिर कहूंगा कि यहां पे हम वो डिबेट नहीं करेंगे जीडीपी क्या है मैं मान के चल रहा हूं आपको बेसिक बातें पता है जीडीपी है क्या मौद्रिक मूल्य किसी दिए गए वित्तीय वर्ष में किसी दिए गए वित्तीय वर्ष में कुल अंतिम उत्पादित वस्तुओं सेवाओं का मौद्रिक मूल्य देश की भौगोलिक सीमा के या देश की आर्थिक सीमा के अंतर्गत यह संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा है यूनाइटेड नेशन सिस्टम ऑफ नेशनल अकाउंटिंग यूएनएस ये परिभाषित करता है क्योंकि मौद्रिक मूल्य है मौद्रिक मूल्य है तो अगर मान लीजिए ₹

41:27 की एक रोटी बनती है और 10 रोटियां बनी एक साल में तो र हो गया जीडीपी बनी दही रोटी पर रोटी कीमत हो गई 20 रप तो जीडीपी कितना हो गया 200 तो फिर तो बहुत बढ़िया जीडीपी बढ़ाने के लिए कीमत बढ़ा दीजिए जीडीपी बढ़ जाएगी इसीलिए जीडीपी चालू कीमत पर को हम अच्छा नहीं मानते हम मानते हैं जीडीपी स्थिर कीमत पर अब व डिबेट आपने क्लासेस में सुना होगा जहां भी आपने पढ़ा है तो एक तरफ तो यह सवाल पूछ रहा कि जीडीपी की स्थाई समृद्धि या यू कहे कि स्थिर कीमतों पर जो जीडीपी की प्रगति दर है वो क्या महत्त्वपूर्ण है और दूसरा आपको यह पता होना चाहिए कि मुद्रा स्थिति क्या होती है और मुद्रा स्फीति क्यों महत्त्वपूर्ण हो जाती है जब हम समृद्धि की बात करते हैं मुद्रा स्फीति की दर कम होना और जीडीपी की

42:13 दर बढ़ना मतलब ओवरऑल उत्पादन बढ़ रहा है ओल उत्पादन बढ़ रहा है उत्पादन बढ़ रहा है तो जाहिर सी बात है अर्थव्यवस्था का सुचक चल रहा है जॉब क्रिएट हो रही है निवेश हो रहा है पूंजी बढ़ रही है आप कह सकते हो क्योंकि आप जानते हो कि डीपी में चार घटक होते हैं सी जीी आई और एक्स माइनस एम अगर अब देखि आपके दिमाग में आ रही चीज तो एक तो इन्होंने यह पूछने की कोशिश की कि आप अपने तर्क में समर्थन दीजिए अब यह क्वेश्चन आपको पहले तो यह समझ में आया कि जीडीपी की स्थाई समृद्धि इसके बारे में थोड़ी बात होनी है थोड़ी बात इंफ्लेशन के बारे में होनी है और फिर आपको बताना है कि हां ऐसा है और इसके यह घटक है परब यहां पर अलग-अलग विद्यार्थियों के पास अलग अलग तर्क हो सकते हैं यह तो आपका एसओ

42:59 पी हो गया कि इस क्वेश्चन में कम से कम जीडीपी की परिभाषा तो बताऊंगा ही कि स्थिर कीमत पर जीडीपी क्या होती है मुद्रा स्फीति के बारे में एक दो लाइन लिखूंगा ही और मुद्रा स्फीति कैसे कम होना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा होता है अगर मुद्रा स्मिति की दर कम है बहुत कम हो जाए तो भी गड़बड़ है पर मुद्रा स्मिति की दर अगर जिसको बोलते ना सरकती मुद्रा स्मिति क्रीपिंग इंफ्लेशन उसके बीच में तो अच्छी बात है तो कम मुद्रा स्फीति का होना और जीडी की स्थाई प्रगति होना निसंदेह अर्थव्यवस्था के सु चक्र को दर्शाता है जिससे क्या होगा उत्पादन बढ़ेगा जॉब्स क्रिएट होंगी और पूंजी का निर्माण होगा और अर्थव्यवस्था आगे तरक्की करेगी या प्रगति करेगी ठीक यह तो आपने एक बेसिक बात हो गई जो आप लिख सकते हो अब यहीं पर देखिए अलग

43:44 अलग य अब अगर कोई ऐसे लिख रहा है और इसका तर्क देरहा तो आपने 12 में से चार पाच नंबर का काम कर लिया पहले जीडीपी की परिभाषा दी फिर बताया कि जो है मुद्रा स्फीति का दर कम होना क्या क्यों महत्वपूर्ण है मुद्रा स्पति क्या और उसका दर क्यों कम होना चाहिए और कैसे मुद्रा स्मिति की दर अगर कम है और जीडीपी की स्थाई कीमतों पर वृद्धि अधिक है तो ये बताता है कि अर्थव्यवस्था में ज्यादा जो है निवेश बढ़ेगा अर्थव्यवस्था का जो सुख चक्र है वह तेज बढ़ेगा और जितना तेजी से सु चक्र बढ़ेगा उतना अर्थव्यवस्था की प्रगति के लिए ठीक अब यहां पर यह तो बेसिक इंफॉर्मेशन है जो सबके नोट्स में होगी और आपको इस्तेमाल करनी चाहिए किसी को अगर याद आ रहा हो तो आप यहां पर कुछ चीजें और जोड़ सकते हैं जैसे मुझे लिखना होता तो मैं यहां से शुरू

44:30 कहां से करता एक स्टेटमेंट होता है हर साल बजट में आता है इसको बोलते हैं मैक्रो इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट एक स्टेटमेंट होता है एफआरबीएम के अंतर्गत मैक्रो इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट अ आपने बजट में इसके बारे में सुना है बजट में एक स्टेटमेंट आता है वो दरअसल बताता है कि हमारी समिट अर्थव्यवस्था कैसी चल रही है मैक्रो इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट पूरा एक रिपोर्ट कार्ड होता है कि आपकी अर्थव्यवस्था कैसी चल रही है किसी भी अर्थव्यवस्था को अब जरा ध्यान सुनिए किसी भी अर्थव्यवस्था जैसे आप मैं आपसे पूछूं कि मैं स्वस्थ हूं कि स्वस्थ हूं कैसे जानेंगे कुछ इंडिकेटर यूज करेंगे ना इनका बॉडी वेट कितना है फैट कितना है जो है ब्लड प्रेशर कितना है शुगर लेवल कितना है कुछ इंडिकेटर्स होंगे ना ऐसे ही समिट

45:18 अर्थशास्त्र में मैक्रो इकोनॉमिक्स में मोटे-मोटे सात इंडिकेटर कहे जाते हैं जो किसी अर्थव्यवस्था को बता सकते हैं यह सातों मैक्रो इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट में आते हैं एक बहुत इंपोर्टेंट दस्तावेज होता है इसीलिए हालांकि ये क्वेश्चन आ भी चुका है इन्होंने एक बार पूछा था कि माइक्रो इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट किसके अंतर्गत दिया जाता है एफआरबीएम के अंतर्गत वो सात क्या-क्या है पहले तो जीडीपी की क्या स्थिति है जीडीपी की स्थिति चालू कीमत स्थिर कीमतों पर जीवीए की स्थिति क्या है जीवीए की स्थिति क्या है जीडीपी जीवीए में थोड़ा अंतर होता है ठीक जीडीपी की स्थिति क्या है एक हो गया दूसरा आपके इंफ्लेशन की स्थिति क्या है इंफ्लेशन में दोनों बातें डब्ल्यू पीआई कितना सीपीआई कितना तीसरा आपका औद्योगिक उत्पादन कितना है इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन कितना है आईआईपी कितना है इंडेक्स ऑफ

46:04 इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन कितना है और उसमें दोनों बातें आ गई एट कोर इंडस्ट्रीज एक इंडेक्स होता है वो उसकी क्या स्थिति है चौथा मुद्रा गुणक कितना है m3 कितना चल रहा है m3 और मुद्रा गुणक आप समझते हो m3 और मुद्रा गुणक की क्या स्थिति बन रही है अगर यह ठीक है आपका m3 और मुद्रा गुणक ठीक है तो इसका मतलब क्या अर्थव्यवस्था में वित्तीय व्यवस्था ठीक है और तेजी से प्रगति हो रही है पांचवा आपका राजकोषीय घाटा कितना है जीडीपी के संदर्भ में छठवां आपका चालू खाता घाटा कितना है जीडीपी के संदर्भ में सातवा आपका फॉरेक्स रिजर्व कितना है भुगतान संतुलन के संदर्भ में यह सात चीजें मोटा-मोटा किसी अर्थव्यवस्था के मानक होते हैं समझने के लिए कि अर्थव्यवस्था कैसी चल रही है अर्थव्यवस्था

46:52 कैसी चल उसके साथ ये मानक हो गए बात क्लियर हुई कौन-कौन से यह सब आता है उसमें तो पहला हो गया जीडीपी जीडीपी जीवीए को मैं साथ में बोल रहा हूं जीडीपी और जीवीए में थोड़ा अंतर होता आप जानते हो जीडीपी हम निकालते हैं मार्केट प्राइस प 2015 के बाद से जीडीपी मार्केट प्राइस प ही निकाली जाती फैक्टर कॉस्ट खत्म कर दिया गया और जीवीए निकालते हैं बेस प्राइस प बेसिक प्राइस प ठीक तो जीडीपी जीवीए की क्या स्थिति है मुद्रा स्थिति की क्या स्थिति है दोनों सीपीआई डब्ल्यू पीआई आपके यहां इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन कैसा है आईआई कैसा है एट कोर इंडस्ट्रीज को मिलाकर मुद्रा मुद्रा प्रसार की क्या स्थिति है मतलब m3 और मुद्रा गुणक कितना है जैसे इंडिया का मुद्रा गुणक लगभग पाच के आसपास है मुद्रा गुणक लगभग पाच के आसपास है आपका

47:39 राजकोषीय घाटा जीडीपी के संदर्भ में कितना है राजकोषीय घाटा अच्छा जब राजकोषीय घाटा बोलेंगे तो उसी में पब्लिक डेट की बात भी आ जाती है कि पब्लिक डेट की क्या स्थिति है आपका चालू खाता घाटा कितना है और फॉरेक्स रिजर्व कितना है यह तो मेन हो गए इसके अलावा कुछ सब्सिडियरी भी होता है सब्सिडरी में फिर हम इसी के घटक के रूप में देखते हैं कि चालू खाता घाटा में क्या स्थिति बन रही है जीडीपी के संदर्भ में टैक्स कलेक्शन कितना है जीडीपी के संदर्भ में यह सारी चीज बट ये सात और यह सातों इंडिकेटर्स जैसे इंडिया की आज के अर्थव्यवस्था की बात करें तो जीडीपी ठीक चल रही है जीडीपी ग्रोथ रेट हमारा साढ़े सात के आसपास है जबकि बहुत सारे देशों में स्थिति बहुत खराब हो गई है आसपास में अगर हम कंपेयर करें तो भी तो जीडीपी वाला टिक

48:25 बॉक्स ओके है गन में है इंफ्लेशन एक लगातार सरदर्द बना हुआ है और आरबीआई की मोनेटरी पॉलिसी कह रही है मोनेटरी पॉलिसी रिपोर्ट कि अभी 2025 के आखिर तक लगभग ऐसे रहेगा अभी दो दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस में मौद्रिक नीति समिति के एक सदस्य हैं जयंत वर्मा उनका इंटरव्यू आया था बड़ा अच्छा इंटरव्यू था वो जयंत वर्मा आप जानते हो मौद्रिक नीति समिति के प्रोफेसर जयंत वर्मा सदस्य हैं उनका रिपोर्ट आया था कि हां ओवरऑल क्या है स्थिति तो ये मान के चला जाइए कि 2025 तक अभी फिलहाल थोड़ी बहुत मुद्रा स्पी हालाकि कंट्रोल हम कर रहे हैं आसपास में देखिए ईरान की क्या हालत हो गई ईरान में तो यह हालत है कि लोग क्रिप्टो की तरफ जा रहे हैं और य चिंता का विषय है ईरान में क्योंकि क्रिप्टो का यूज होना क्योंकि इंफ्लेशन को कंट्रोल करने इसलिए देखिए

49:11 पीटी में क्वेश्चन भी था उस पर कि क्या सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी इंफ्लेशन को कंट्रोल करती है नहीं क्रिप्टो करती है अब ये आपको भले करंट अफेयर ना पता चल रहा हो लेकिन कुछ भी ऐसा नहीं पूछा जाता जो उस समय संदर्भ में ना हो तो मोटा मोटा हम इंडिया की जीडीपी ठीक है इंफ्लेशन की स्थिति आज की अगर हम बात करें तो थोड़ी एलो बॉक्स में कहूंगा मैं इसको एलो टिक बोलूंगा ग्रीन नहीं है बिल्कुल थोड़ा एलो टिक में रेड भी नहीं है पर लो है करंट अकाउंट डेफिसिट इंडिया का कम हुआ है रिलेटिवली क्योंकि अभी आप देखें तो एफडीआई इनफ्लो बढ़ा है फिर से तो करंट अकाउंट डेफिसिट हमारा कम है फिस्कल डेफिसिट हम कंट्रोल कर रहे हैं फिस्कल ग्लाइडिंग पाथ पर है मतलब हम राजकोष घाटे को लगातार कम कर रहे हैं अभी अनुमान था अंतरिम बजट में

49:57 5.1 अब यह सब आपके डाटा पहले से तैयार होने चाहिए यह आपको रूटीन उसमें तैयार भी है तो 5.1 आपका जो है राजकोषीय घाटा अब यहां पर मुझे लिखना होता तो मैं ऐसे लिखता किसी भी अर्थव्यवस्था समिट अर्थव्यवस्था के की प्रगति के मानकों में यह प्रमुख मानक रखे जाते हैं एक लिस्ट बना दी अब मैं इन दो पर फोकस करता जिसकी उन्होने बात की तो पहले ही कु लाइन में मैंने बता दिया भाई मेरे आंसर को हल्के मत लेना मैं समझ रहा हूं कहां डाल रहे हो और हवा का स्पीड किस तरफ है अब मैंने एक लाइन में बताया कि जीडीपी हम इन इन चीजों पर देखते हैं फिर जीडीपी क्या और इंडिया का थोड़ा आंकड़ा कि इंडिया की जीडीपी की क्या स्थिति रही है यह क्वेश्चन क्यों आया था इसका भी रीजन है अब यहां पर मैं मेरे अंदर

50:43 का मास्टर निकल के आ रहा है 2019 के इकोनॉमिक सर्वे में पूरा एक चैप्टर इसी बात पर था 2019 का इकोनॉमिक सर्वे का पूरा एक चैप्टर था जिसमें अर्थव्यवस्था के सुचक को दर्शाते हुए दिखाया गया था कि जीडीपी की स्थिति अच्छी होना और इंफ्लेशन कम होना इंडिया को एक पोजीशन दे रहा अच्छी इन कंपेरिजन टू चाइना क्योंकि चाइना उस समय मेल्ट डाउन की तरफ जा रहा था 2019 में चाइना की अर्थव्यवस्था थोड़ी कमजोर पड़ रही थी उनका जीडीपी ग्रोथ रेट कम हो रहा था जीडीपी ग्रोथ तुलनात्मक रूप से कम हो रहा था हमारा जीडीपी रोट बढ़ा हुआ था उस समय भी हम करीब ढ़ के आसपास थे स्थिर कीमतों पर तो यह हमें एक अच्छी पोजीशन दे रहा था तो अब कोई चाहे तो वहां से भी लिख सकता है कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं में जहां

51:28 अनेक अर्थव्यवस्था जैसे चीन मेल डाउन के दौर में भारत लगातार जीडीपी की प्रकृति दर को दिखा रहा अभी आपके बहुत सारे तरीकों से इंट्रोडक्शन लिखा जा सकता था आपके ऊपर था कि उस समय दिमाग में क्या आया आपके पास एक मान तो अब यह जब लाइन लिखोगे तो आप पांच नंबर से एक नंबर आगे बढ़े हो छ साढे वाले ग्रुप में गए तो पहले आप इस क्वेश्चन में क्या करोगे पहले आप बताओगे कि जीडीपी क्या दूसरा बताओगे कि मुद्रा स्फीति क्या फिर आप बताओगे कि कैसे किसी अर्थव्यवस्था के लिए जीडीपी की स्थाई प्रगति होना और मुद्रा स्फीति का नियंत्रित होना यह बताएगा कि अर्थव्यवस्था का सुचक चलता है सु चक्र चलेगा अर्थात नि अगर व्यय ज्यादा होगा मुद्रा स्थिति ज्यादा होगी आपकी कमाई ज्यादा है पर खर्चे भी ज्यादा है तो पूंजी

52:15 कहां से बनेगी और पूंजी नहीं बनेगी मैं हमेशा कहता हूं मेरे जो विद्यार्थी हो तो क्लास में ध्यान होगा उनको मैं हमेशा कहता हूं मुझे कभी इंप्रेस नहीं करता कि आप कितना कमाते हो मुझे ये इंप्रेस करता है आप कितना बचाते मैं कभी इस बात से इंप्रेस आपका पैकेज कितना है मुझे छ महीने का अपना पासबुक दिखाओ देखूं तो पैसा खर्च कैसे करते हो आप एक करोड़ कमा रहे हो और 90 लाख खर्च कर दे किसी काम के नहीं हो और वही आप 50 लाख कमा रहे हो और आप जो है 20 लाख खर्च कर रहे हो तो आपको पता है 5 साल में आप बहुत आगे निकल जाओगे उस करोड़ वाले से साइकोलॉजी ऑफ मनी में य मॉर्गन हाउल पूरी बात करते हैं यह बिल्कुल मैटर नहीं करता आप कितना कमा रहे हो आप कितना पूंजी बना रहे हो क्योंकि जितना पूंजी बनाएंगे उससे और पूंजी बनेगी इसीलिए ग्रॉस फिक्स कैपिटल को हम इतना

53:01 महत्व देते हैं लो क्लास में उनको ध्यान आ र वा तो ये इंपॉर्टेंट बिल्कुल नहीं है गांव वाले फिर भी समझदार है उनको इससे बहुत फर्क नहीं पड़ता कि फुर चला रहे हो या केल्विन क्लीन के कपड़े पहने हुए खेती कितनी है सोना ना है कि नहीं पूंजी कहां है वो पूंजी पर ध्यान देते हैं उनको इससे बहुत इंप्रेस वो लोकल विजडम है आप बहुत ब्रांडेड कपड़े में तो लोग इंप्रेस हो जाए गा अरे हटाओ खेत है नहीं कपड़े पहन के घूम रहे हैं वो आपको लग रहा हो कि व्यंग है पर अपने आप में पूरी अर्थशास्त्री समझ है वो वह अपनी अर्थशास्त्री समझ है क्योंकि जितनी आपके पास पूंजी बनती जाएगी उससे और पूंजी बनेगी उससे और पूंजी बनेगी और अगर आपका यह क्रम बढ़ता रहा तो सिर्फ प्रगति

53:48 महत्त्वपूर्ण नहीं है क्या महत्त्वपूर्ण है व्यय कम हो व्यय कम कब होगा जब मुद्रा स्थिति कम होगी तो आप यहां बताएंगे कि अर्थव्यवस्था के सु चक्र के लिए प्रगति के साथ-साथ व्यय का कम होना ताकि पूंजी बढ़ सके निवेश बढ़ सके जितना ज्यादा निवेश होगा उतना अर्थव्यवस्था और आगे बढ़ेगी तो जब भी जैसे इस समय अब मैं थोड़ा टेक्निकल जा रहा हूं इस समय जो हमारी जीडीपी है उसका 60 पर हम देख रहे लोग निजी वय कर रहे हैं तो निजी व ज्यादा होगा तो पूंजी निर्माण कम हो जाता है स्वाभाविक और निजी व ज्यादा है क्यों महंगाई ज्यादा है अभी इस स्थ थोड़ी आप देख रहे हो कि लोगों की बचत अभी अपने पीछे रिपोर्ट भी देखा होगा कि कॉमन हाउसहोल्ड की बचत कम हो गई है पढ़ा कि नहीं रिपोर्ट

54:34 कॉमन हाउसहोल्ड की बचत कम हो गई है क्यों कम हो गई क्योंकि व्यय ज्यादा हो रहा व्यय ज्यादा क्यों हो रहा क्योंकि महंगाई है महंगाई है और इसलिए जो है अर्थव्यवस्था में आपको बताना होगा अर्थव्यवस्था के सु चक्र के लिए महाज उत्पादन या जीडीपी की प्रगति काफी नहीं होती यह भी जरूरी कि लगातार पूंजी निर्माण होता रहे पूंजी निर्माण के लिए जरूरी है कि व्यय कम रहे और व्यय क तभी होगा जब मुद्रा स्फीति नियंत्रित रहेगी तो अब आपको यह बताना होगा जिस भी तरीके से आप लिख पाए जिस भी जो भी तरीका हो मैं इस क्वेश्चन में कोशिश करता एक फ्लो डायग्राम बनाने की कि कैसे अर्थव्यवस्था में जीडीपी जीडीपी से पूंजी निर्माण पूंजी निर्माण से और आय के स्रोत यह अर्थव्यवस्था का सुचक बनाते हैं इसको

55:19 बोलते हैं अर्थव्यवस्था का सु चक्र और और अधिक पूंजी निर्माण कब होगा जब मुद्रा स्मिति कम होगी तो यह मोटा-मोटा आपने जीडीपी की परिभाषा लिखी इंफ्लेशन के बारे में लिखा और यह स्पष्ट किया कि क्यों मैं ये कह रहा हूं कि इंफ्लेशन कम रहेगा तो पूंजी निर्माण ज्यादा होगा पूंजी निर्माण जितना ज्यादा होगा उतना आर्थिक प्रगति आगे होगी तो यह पूरा क्वेश्चन का मर्म था मुझे शुरू करना होता तो मैं यहां से शुरू करता कि किसी भी अर्थव्यवस्था को जांचने के लिए जांचने के लिए यह सात बड़े मानक देखे जाते हैं जैसे कि मैक्रो इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट बजट का देखता है भले मैक्रो इकोनॉमिक फ्रेम स्टेटमेंट आपको याद ना हो लेकिन कम से कम यह बात पता होनी चाहिए क्वेश्चन पूछा क्यों गया था क्योंकि एक डिबेट उस समय आ रहा था इंडिया वर्सेस चाइना की

56:05 जीडीपी को लेकर कि चाइना की जीडीपी तो तेज हो रही थी लेकिन मेल डाउन की स्थिति बन रही थी इंफ्लेशन ज्यादा होने की वजह से तो ओवरऑल यह जो है एक क्वेश्चन अच्छा क्वेश्चन था अब यूपीसी की यही स्टाइल है यह चीज मुझे बहुत अच्छी लगती है यूपीएससी की यूपीएससी क्वेश्चन ऐसा पूछती है कि हो सकता है आपको करंट अफेयर ना पता हो आप सोच के देखो क्या संभव है कि मैंने जितना जो भी करंट अफेयर है सब पढ़ा होगा तो मैं क्वेश्चन ऐसे पूछूं कि करंट अफेयर ना भी पढ़ा हो तो भी बेसिक समझ तो होगी ना तो आप बेसिक समझ वाला उत्तर दीजिए और करंट अफेयर पता है तो बड़ी अच्छी बात तो जिसको पता होगा उसने ऐसे लिखा होगा कि भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं में की तुलना करते समय या इस उभरती अर्थव्यवस्थाओं में ब्राजील

56:50 उस समय ब्राजील में भी आप देख रहे हो कि ब्राजील का भी इंफ्लेशन रेट ज्यादा चल रहा था अभी इस समय इंडिया ईरान को देखें अगर हम तो इंडिया ईरान बांग्लादेश पाकिस्तान इन सब में हमारी इसीलिए बार-बार आईएमएफ कह रहा है इंडिया के बारे में कि इंडिया इज द साइनिंग शर्ट इन द डर्टियर ल्री य आईएफ का ऑफिशियल स्टेटमेंट है कि इस समय सभी देशों में महंगाई बढ़ी हुई है पर इंडिया ऐसा है जिसमें महंगाई बढ़ी हुई लेकिन बाकियों की तुलना में कम है बा जो एक अच्छी स्थिति ी इसलिए बोल रहे हैं साइनिंग शर्ट इन द लांड्री में सभी गंदे हैं लेकिन यह सबसे साफ शर्ट दिख रही है उन सब में तो महंगाई यहां भी है लेकिन तुलनात्मक रूप से कम उस समय स्थिति बहुत अच्छी थी अर्थव्यवस्था की 2017 18 और 1819 को अगर हम देखें क्योंकि लगातार अर्थव्यवस्था हमारी जीडीपी विकास

57:36 दर का औसत जो है करीब करब साढ़े सात का आ रहा था और इंफ्लेशन काफी कंट्रोल था इंफ्लेशन काफी कंट्रोल था करंट अकाउंट डेफिसिट उस समय डेढ़ पर आ गया था नीचे आ गया था काफी नीचे आ गया था तो यह मोटी मटी बात रही अब इसको जैसे भी आप लिखते तो मैं इसको ऐसे लिखता कि किसी अर्थव्यवस्था में यह घटक होते हैं जीडीपी की समृद्धि दर से यह आशय है इन्फ्लेशन से ये आशय और रिफरेंस भी देता कि इन्फ्लेशन वस्तुत ऐसे सीपीआई डब्ल्यूपी आई के संदर्भ में देखा जाता है भारत में अगर मुझे याद हो बड़ी अच्छी बात है कि सीपीआई की औसत दर इतनी रही है जो बताता है कि हां बचत में वृद्धि हो रही है और बचत की दर याद हो उस समय 2019 में लगभग 30 पर के आसपास थी तो बचत की दर अधिक है जो अर्थव्यवस्था में आगे पूंजी निर्माण को और

58:22 बेहतर करेगा जिससे अर्थव्यवस्था का सुचक और तेजी से बढ़ेगा तो यह मैं समर्थन दे रहा हूं क्वेश्चन का दूसरा हिस्सा कि जो है क्यों ऐसा मैं कह रहा हूं कि इससे और ज्यादा प्रगति हो पाएगी और यह भारत की अर्थव्यवस्था को अच्छी स्थिति दे रहा है जी नहीं यहां पर दो बातें हैं यह क्वेश्चन है जो ये पैराडाइम है पूरा इकोनॉमिक्स में पैराडाइम ऑफ थिफ्ट बोलते हैं इसको जो यह कहता है कि अगर सब बचाएंगे खर्च नहीं करेंगे तो फिर अर्थव्यवस्था में मांग कहां से क्रिएट होएगी अर्थव्यवस्था में मांग कहां से क्रिएट होगी दो चीजें होती है एक ये होता है कि मांग का संकुचित हो जाना और एक होता है कीमतों का बढ़ जाना दो अलग-अलग बातें हैं

59:08 मांग बढ़ी हो मांग संकुचित होना तब होता है जब अर्थव्यवस्था में संभावनाएं कम दिखते हैं तो आपकी व्यय में भी अगर हम भारत जैसे देश में देखें जहां ऑलरेडी इतनी ज्यादा जनसंख्या है जहां ऑलरेडी इतना ज्यादा डोमेस्टिक डिमांड है आपकी घरेलू मांग इतनी ज्यादा है वहां पर स्वाभाविक मांग की प्रवृत्ति ही बहुत ज्यादा है स्वाभाविक मांग की प्रवृत्ति बहुत ज्यादा है ऐसे में यह सोचना अविवेकी है या यह डर अविवेकी है कि अगर लोग ज्यादा व्यय नहीं करेंगे तो कहीं ऐसा ना हो कि अर्थव्यवस्था संकुचित हो जाए वह तब होता है जब किसी भी कारण से किसी भी कारण से अर्थव्यवस्था में एकदम से जो आपकी मूलभूत मांग है उसमें कमी आ जाए तो मांग में तो

59:56 कमी नहीं आ रही है और व्यय बढ़ रहा है तो बचत कम हो रही है अगर मांग में मात्रात्मक कमी आती तब तो मैं कहता जैसे मान लीजिए 10 रोटी लोग डिमांड कर रहे थे और उसके वजह से आठ रोटी डिमांड करने लगे तब तो आप कहते कि अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है रोटी 10 ही डिमांड की जा रही है पर पहले 10 रोटी के लिए र पर रोटी खर्च हो रहा था अब 10 रोटी के लिए र पर रोटी खर्च हो रहा है तो आपकी बचत कम हो गई कि नहीं तो वो जो है बताता है ओवरऑल कि इसीलिए हम इंफ्लेशन में भी अब यहां क्लासरूम नहीं है तो उतना दूर नहीं जाएंगे लेकिन इंफ्लेशन में भी डिमांड साइड इंफ्लेशन को हम ज्यादा वरीयता देते हैं कि डिमांड साइड इंफ्लेशन की क्या स्थिति बन रही अगर इंफ्लेशन की वजह से इंफ्लेशन की वजह से बचत कम हो रही है स्वाभाव ता भारत जैसे देश में अभी तो हम

1:00:42 अपने स्वाभाविक मांग तक पहुंचे ही नहीं है अभी तो हम ऊर्जा में देख लीजिए वैश्विक ऊर्जा मांग काम एक तिहाई है जो साफसाफ बताता है ऊर्जा में एक तिहाई होने का मतलब क्या तो कोई मजाक है कि जो है इतना बड़ा यूनिट इंडिया में लगा रहा है उसको दिख गया है डकन इतना बड़ा तामझाम लेक क्यों आया इंडिया उसको दिख गया कि अरे यहां तो भी एसी लगे ही नहीं है अभी तो हर घर में एसी लगना है उसको मांग दिख रही डकन आपने बहुत बड़ा इन्वेस्टमेंट किया आज कल में न्यूज में आपको मिल भी जाएगा या तो आज आ गया हो तो कल आएगा सो जो है डाकन इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट क्यों कर रहा है अभी स्वाभाविक मांग अभी मोबाइल का डिमांड एनर्जी एनर्जी को बहुत अच्छा इंडिकेटर मानते डिमांड का पर कैपिटा एनर्जी कंजन इंडिया का वैश्विक डिमांड का एक तिहाई है

1:01:28 जो साफसाफ बताता है कि अभी तो इंडिया अपने नेचुरल मांग पर तो पहुंचे नहीं है नेचुरल मांग प भी कहां पहुंचा है वो अभी तो आप बहुत सोच समझ के खर्च कर रहे हो एक्चुअल डिमांड तो अभी आनी बाकी है ये एक अलग डायमेंशन कि वो एक अलग डिबेट हो गया इस क्वेश्चन में वो नहीं था हां अब यह एक चीज है यहां पर यह मैं उम्मीद कर रहा था कि सवाल कोई ना कोई उठाएगा कि तर्क में जो है गिव रीजन इन सपोर्ट ऑफ योर आर्गुमेंट पूछा इन्होने कि आप जिस आर्गुमेंट पर हो यहां पर मैंने मैं जानता हूं कि अक्सर लोग सलाह ही देते हैं कि जब भी ऐसा सवाल हो तो दोनों तर तरफ बात करिए दोनों तरफ बात करिए कि हां भी ना भी इत्यादि इत्यादि यहां पर यह बात फिट फॉर ऑल नहीं है एक बात मैं आप

1:02:15 सभी से पूरी विनम्रता से बोल रहा हूं कि तथाकथित सलाह जो आप सुनते हो बार-बार यहां समझने की जरूरत कोई फिट फॉर ऑल फार्मूला नहीं है कि हर क्वेश्चन में यह चीज होगी ही होगी फिट फॉर ऑल फार्मूला नहीं यहां पर उने खुद योर शब्द लिखा है आपका जो आर्गुमेंट है आप उसके पक्ष में बोलिए अगर आपका आर्गुमेंट हा है तो आप उसके पक्ष में बोलिए अगर आर्गुमेंट नाम है तो उसके पक्ष में बोलिए और मैं आपसे यह कहूंगा कि ऐसे किसी क्वेश्चन में अधिकांशत आप हां वाली साइड पर रहिएगा जब तक आप बहुत श्यर ना हो कि नहीं यह तो बिल्कुल अपोजिट बात हो रही है क्योंकि आपने कोई बहुत बहुत शोध किया नहीं है आपकी इंफॉर्मेशन बहुत लिमिटेड है

1:03:00 ऐसे में जो एक बेसिक आइडिया है उसी आईडिया को सपोर्ट करना ज्यादा ठीक है बजाय इसके कि तो उन्होंने योर आर्गुमेंट लिखा है तो मेरे ख्याल से मेरा ऐसा मानना है कि इस तरह के क्वेश्चन में हमें बहुत ज्यादा इस पर फोकस नहीं करना चाहिए कि हां इसका एक काउंटर आर्गुमेंट भी कोई लिखा जाए काउंटर एग्रीमेंट तब होता है जब आप कहते कि गिव रीजंस इन सपोर्ट और अगेंस्ट ऑफ द आर्गुमेंट वो खुद कहते हैं मैं आपसे कह रहा हूं कि गिव रीजन इन सपोर्ट ऑफ योर आर्गुमेंट जो भी आपका आर्गुमेंट है पक्ष में है तो भी प्रतिपक्ष में है तो भी और मैं फिर कहूंगा कि ऐसे किसी क्वेश्चन में ज्यादा कोशिश यही करिए कि आप पक्ष में ही रहे पक्ष में रहे कारण यह है क्योंकि आपने जब तक कि कोई ऐसी वाकई बहुत अजीब बात ना

1:03:47 कह दी जाए कई बार ऐसा हो सकता है लेकिन ज्यादातर क्वेश्चन में आपको कोशिश यही होनी चाहिए कि आप उस अरमेस्टिस के साथ जाए अरम स्टेटमेंट के साथ जाए उस क्वेश्चन को माने तो हां अगर मैं फिर कहूंगा कि एक तो आपके पास 150 शब्द है इस क्वेश्चन में कितने देखिए 1 स शब्द ठीक जनरली यूपीएससी का स्टाइल यही है कि अगर 10 नंबर का क्वेश्चन तो मोटा मटा आप समझ लो कि एक नंबर के लिए कितने वर्ड मिल रहे 15 वर्ड 15 वर्ड रली आपके पास सा मिनट है तो इसमें बहुत ज्यादा क्रॉस आर्गुमेंट की जरूरत नहीं है हां आप चाहे तो एकद बात लिख सकते हैं कि हालांकि इनके अतिरिक्त और घटकों का भी ठीक होना जरूरी है राजकोष घाटा ठीक होना चाहिए

1:04:32 इत्यादि इत्यादि वो आपके ऊपर है लेकिन मैं इस क्वेश्चन में मेरी जो समझ कथ मैं फिर कहूंगा कि मैं क्लेम नहीं कर रहा कि आई नो एवरीथिंग लेकिन इस क्वेश्चन में मैं अनावश्यक काउंटर आर्गुमेंट पर नहीं जाता नहीं जाता क्योंकि क्वेश्चन ने खुद कहा इन योर आर्गुमेंट आप अपने आर्गुमेंट के सपोर्ट पर बताइए कि हां जो है ये तो आप वही बात हो गई कि वकील से आप कहो कि आप अपने क्लाइंट के विरोध वाला भी पक्ष बताइए आप अपने क्लाइंट के विरोध वाला पक्ष बताइए या तो आप पब्लिक प्रोसेक होते कि आप दोनों की बताए बताइ कि दोनों में हां ना यहां तो आपसे पूछा जा रहा अपने आर्गुमेंट के यह मेरा तर्क है मैं गलत भी हो सकता हूं मैं इसको दावा नहीं कर रहा अगर किसी ने आपसे कहा कि नहीं हर क्वेश्चन में मत और प्रतिम होना चाहिए तो मैं आपके विवेक प छोड़ता हूं पर मैं इस क्वेश्चन में योर

1:05:18 आर्गुमेंट का मतलब यही समझ रहा हूं कि आपको आप जो सोच रहे हो उसके पक्ष में रीजन दीजिए ठीक [संगीत] बात क्लियर हो गई अगले सवाल पर चले तो यह सवाल क्यों आया था उसका रीजन था क्योंकि डिबेट चाइना वर्सेस इंडियन इकोनॉमी का हो रहा था यह चाइना और इंडिया इकॉनमी की इतनी तुलना क्यों करते हैं आप मैं अब दूसरे अब इस सेशन के उद्देश्य

1:06:04 पर आ रहा हूं ताकि आगे खबरों पर आप ध्यान रखें इंडिया और चाइना की इतनी तुलना क्यों की जाती है लगभग एक जैसी कंडीशन है लगभग एक जैसी कंडीशन है डेमोग्राफिकली डेमोग्राफिकली लगभग जनसंख्या इत्यादि को लेकर लगभग जैसे कंडीशन है और यह दोनों निवेशकों के प्रसन भी हैं निवेशकों के जितने भी विदेशी निवेशक हैं उभरती अर्थव्यवस्थाओं में इंडिया ब्राजील चाइना यह कुछ उनके पसंद भी है पसंद भी है और जो अमेरिका और चाइना का आर्थिक वॉर चल रहा है एक जो इकोनॉमिक वॉर अमेरिका चाइना के बीच में है अ देख रहे उसका असर तो यूएसए बंड प क्वेश्चन तक भी

1:06:49 दिखाई पड़ रहा है क्योंकि डर यही है ना कि य अगर डिफॉल्ट कर गया तब क्या करेंगे अगर हम देखें तो जो अमेरिका और चाइना के बीच में जो वॉर यह इंडिया को एक जेनन मौका दे रहा है आगे बढ़ने का इसको डीकपलिंग थ्योरी कहा जा रहा है डीकपलिंग का मतलब आप चाइना से अपने आप को हटा रहे हो और फिर आपको उसी की कैलिबर की इकॉनमी चाहिए कोई भी विदेशी निवेशक उसी इकॉनमी में जाना चाहेगा जहां की स्थानीय मांग बहुत हो वह इंडिया को एक नेचुरल पोजीशन देता है तो यह सब कुछ रीजन है कि हम इंडिया चाइना का कंपैरिजन क्यों कर रहे होते हैं और अमृत सेन ने तो अपनी किताब में लिखा भी है कि अगर इंडिया के तुलना किसी देश से की जानी चाहिए तो सिर्फ चाइना है साइज डेमोग्राफी इन सब चीजों को दिमाग में रखते हुए तो यह क्वेश्चन उस चीज पर बेस था लेकिन फिर भी चलिए आपको अगर आप

1:07:37 वो करंट अफेयर नहीं भी पता होता तो यह पता होना हां एक चीज मैं जरूर कहूंगा अगर आपसे संभव हो पाए तो आज क्लास के बाद एक बार बजट स्टेटमेंट में एफआरबीएम क्या होता है उसको जरूर देख लीजिएगा एफआरबीएम क्या-क्या चीजें लिखी होती है उसमें आठ 10 चीजें हैं वो आपको पता होनी चाहिए डिटेल होता है बल्कि अगर एक मिनट लगे तो मैं आपको दिखा ही दूं ताकि कनेक्शन समझ में क्लासेस मेंक मैं इसको हमेशा डिस्प्ले करता हूं क्या चीज है पर अगर मैं यहां पर क्विकली जालू इंडियन बजट अब तो नए बजट की बात भी हो रही है देखते हैं मैडम इस बार क्या अब देखो यहां पर एक डॉक्यूमेंट है ना

1:08:24 स्टेटमेंट ऑफि पॉलिसी अंडर एफआरबीएम एक्ट यह एफआरबीएम के अंतर्गत आता है दो इसमें डॉक्यूमेंट होते हैं एक को कहा जाता है माइक्रो इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट और एक को मीडियम टर्म फिस्कल पॉलिसी हालांकि यूपीएससी ने पूछा यह किसके अंतर्गत आता है तो एफआरबीएम के अंतर्गत आता है अब इसमें एक बैलेंस प अच्छे से डॉक्यूमेंट लिखा हो होता है हिंदी में भी है इसको हिंदी में लिंक प जाएंगे तो तो ये प्रक्ष से लिखा होता है पूरी अर्थव्यवस्था का एक तरह से बैलेंस शीट है कुंडली है पूरी अर्थव्यवस्था की है कि विश्व की इकॉनमी कैसी रही है भारत की इकॉनमी कैसे र है तो इन सब से आपको पूरी अंदाजा लगता है

1:09:10 कि हम विश्व की तुलना में कहां खड़े हैं इसकी को पढ़ लेते तो आपका आंसर हो जाता वैसे ही कि जो है क्या है तो इसमें देखिए कितना अच्छे से लिखा है ग्रोथ मोमेंटम ऑफ क्वार्टर टू ऐसे ऐसे था ये इंडिकेटर बता रहे हैं एक होता है हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर जो तेजी से बदल रहे होते हैं जैसे अगर मूवी टिकट तेजी से बिक रहा है तो इसका मतलब क्या लोगों के पास लीजर टाइम है और खर्च करने का मन भी है तभी तो हो रहा है इस बार दीपावली में लोगों ने खूब सामान खरीदा कपड़े ज्यादा खरीदे पिछले दीपावली की तुलना में पिछले दो दीपावली की तुलना में क्योंकि पिछले लोग डरे हुए थे पता नहीं कोविड की स्थिति कैसी होगी अब थोड़ा उनको लगे नहीं ठीक है अब सब कुछ सामान्य हो गया है तो ये हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स कहे जाते हैं अब इसमें वो सारी चीजें खैर ये पूरा बड़ा अच्छे से डॉक्यूमेंट होता है जो पूरा अर्थव्यवस्था की कुंडली है एक तरह से कि क्या है अर्थव्यवस्था इसका अगर हम देखें

1:09:55 तो एक जहां पे ये देखिए यह पूरा एक तरह से जैसे ब्लड रिपोर्ट नहीं होती डॉक्टर जो देखता है कि हां क्या है टीएलसी डीएलसी पता जो भी होता हो वो कैसा चल रहा है तो यहां पर देखिए क्या-क्या चीजें हैं जीडीपी की क्या स्थिति है आईआईपी की क्या स्थिति है डब्ल्यूपी आई कैसे है सीपीआई कैसे है m3 की क्या स्थिति है आपका करंट अकाउंट की क्या स्थिति है फॉरेन एक्सचेंज की क्या स्थिति है और डेफिसिट कितने यह सात अर्थव्यवस्था के वो कहे जाते हैं इंडिकेटर्स कि कोई भी अर्थव्यवस्था कितना अच्छा काम कर रही है अगर ये इंडिकेटर ठीक है जैसे ब्लड रिपोर्ट में हां सब ठीक है और इसमें कुछ गड़बड़ है तो उसका मतलब कहीं कुछ है जिसको फिक्स करने जाने की जरूरत है तो यह आर्गुमेंट बहुत स्ट्रांग हो जाता है कि नहीं अगर आपका इंफ्लेशन कम है और जीडीपी की ग्रोथ रेट ज्यादा है तो इसका मतलब आप प्रगति कर रहे हो इस डॉक्यूमेंट

1:10:42 को पढ़िए आराम से मेंस के लिहाज से बहुत इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट है इसको आप कई जगह पर मैंने बताया ना कि जो एसओ पी है कि आपके दिमाग में कुछ चीजें होनी चाहिए कि हां माइक्रो इकोनॉमिक फ्रे स्टेटमेंट एक अच्छा चीज होती है जिसका इस्तेमाल कर सकते हैं आंसर लिखते समय तो आई होप आपको क्वेश्चन समझ में आ गया अगला क्वेश्चन जो है वह है डिफाइन पोटेंशियल जीडीपी एंड एक्सप्लेन इट्स डिटर्मिननेंट व्ट आर द फैक्टर्स ट हैव बीन इन्हेबिटिंग इंडिया फ्रॉम रिलाइजिंग इट्स पोटेंशियल जीडीपी अब यह क्वेश्चन उन क्वेश्चन में से है जो तो आपको आता था तो नहीं आता था इसमें बहुत ज्यादा कुछ कर नहीं सकते या तो आपको पोटेंशियल जीडी पता होगा या तो नहीं पता होगा लाक जो लोग क्लासरूम उ ध्यान क्लासरूम में नियमित रूप से बात करते हैं और इसलिए बारबार कह रहा

1:11:29 हूं मैं हमेशा कहता हूं एनसीईआरटी को ना पढ़ना इस इम्तिहान में एक रणनीतिक भूल है को आप कितनी भी किताबें पढ़ लीजिए अगर जी सर आप इंग्लिश वाला भी पढ़ सकते हैं अगर आपको लग रहा कम से कम मैक्रो इकोनॉमिक्स जरूर पढ़िए मैक्रो इकोनॉमिक्स जरूर पढ़िए और उसमें एक काम और कर सकते हैं अगर एनसीआरटी आपको कॉम्प्लेक्शन पढ़ लीजिए बाकी छोड़ सकते हैं लेकिन मैक्रो इकोनॉमिक्स जो आता है ना क्लास 12थ वाला मैक्रो इकोनॉमिक्स का सेक्शन उसको जरूर पढ़िए वो अच्छी बुकलेट है समिट अर्थशास्त्र जिसको आप बोलते हो क्योंकि भले एकद लाइन में से लेकिन प पोटेंशियल जीडीपी का वहां जिक्र है वहां जिक्र है कि हां क्या होता है पोटेंशियल जीडीपी प सवाल क्यों आया था इसका रीजन अब

1:12:16 ये करंट अफेयर्स से भी जुड़ा हुआ था वर्ष देखिए कौन से साल आया 2020 2020 में मैं आपको याद दिला दूं कि 2020 का मेंस कोविड की वजह से पोस्टपोन हुआ था बाद में हुआ 2021 के शुरू में हुआ था एक खबर उस समय बहुत तेजी से आ रही थी कि बहुत सारी देशों की जीडीपी जो है वह उनकी पोटेंशियल जीडीपी से ज्यादा हो गई है बहुत सारी कंट्रीज की जीडीपी पोटेंशियल जीडीपी से ज्यादा दिख रही थी जो चिंता का विषय था ऐसा ओईसीडी ने कहा ओईसीडी एक संस्था है आप जानते हो 38 देशों का एक समूह है ओईसीडी उसने यह चीज बताई थी कि कुछ देशों की जीडीपी जो है वोह पोटेंशियल जीडीपी से ज्यादा हो गई है तो उन्होंने सवाल पूछा कि पोटेंशियल जीडीपी क्या है आपने करंट अफेयर्स में अगर ये पढ़ा होता

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