Hanuman chalisa ki Siddhi. Hanuman chalisa kaise siddh Karen.

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो उन लोगों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है जो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कोई विशेष अनुभव नहीं हो रहा है। इसमें हनुमान जी की पूजा करने और चालीसा का पाठ करने के सही तरीके बताए गए हैं, जिसमें आसन देना, राम दरबार की पूजा करना, और पाठ के बाद हनुमान जी को विदा करना शामिल है। वीडियो में विश्वास और संकल्प के महत्व पर जोर दिया गया है, और यह भी बताया गया है कि गुरु दीक्षा लेकर साधना करने से सफलता मिल सकती है।

  • हनुमान चालीसा का पाठ करते समय हनुमान जी को आसन देना चाहिए।
  • राम दरबार की पूजा करने के बाद ही हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
  • पाठ के बाद हनुमान जी को विदा करना चाहिए।
  • गुरु दीक्षा लेकर साधना करने से सफलता मिलती है।

हनुमान चालीसा साधना में सफलता के उपाय

यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान जी की साधना करते हैं, लेकिन उन्हें सिद्धि प्राप्त नहीं हो रही है या उनकी कृपा का अनुभव नहीं हो रहा है। लेखक बताते हैं कि वे दर्शकों की शंकाओं का समाधान करने के लिए यह वीडियो बना रहे हैं, और वे अपने विश्वास और संकल्प के साथ साधना करते रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वे दर्शकों से चैनल को लाइक और शेयर करने और अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए भी कहते हैं।

हनुमान चालीसा पाठ की सही विधि

लेखक बताते हैं कि भारत में हनुमान जी, शिव जी और मां दुर्गा के मंदिर सबसे अधिक पाए जाते हैं। एक हनुमान भक्त ने उनसे पूछा कि वे लंबे समय से हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं हो रहा है, न ही कोई संकेत मिल रहे हैं और न ही उनके काम बन रहे हैं। लेखक बताते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले स्नान करके पूजा-पाठ करना चाहिए, जिसमें गुरु पूजा और गणेश पूजा शामिल हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले को राम-राम का जाप करना चाहिए।

हनुमान जी को आसन देने का महत्व

लेखक बताते हैं कि हनुमान चालीसा को प्रभावी बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। हनुमान चालीसा का पाठ करते समय, पहले पूजा करें और फिर हनुमान जी को आसन दें। यदि आप मंदिर में हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं, तो आसन देने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि आप घर में पढ़ रहे हैं, तो आसन देना आवश्यक है क्योंकि मंदिर में हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा होती है, जबकि घर में केवल फोटो होती है।

हनुमान जी का आवाहन और प्रार्थना

लेखक बताते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले, जमीन पर आसन लगाकर बैठें और हनुमान जी को एक आसन प्रदान करें। बगल में जल का लोटा रखें और हनुमान जी से प्रार्थना करें कि वे उस आसन पर विराजमान हो जाएं। उनसे यह भी प्रार्थना करें कि वे राम कथा शुरू करते समय वहां आकर विराजमान हों। यदि आप रामायण, सुंदरकांड या हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं, तो आप इस तरह बोल सकते हैं: "कथा प्रारंभ होते आओ वीर हनुमान राम लखन सिया जानकी और सदा करें कल्याण।" आपके घर में राम दरबार की फोटो भी होनी चाहिए, और आपको राम दरबार की मूर्तियों की पूजा करने के बाद ही चालीसा का पाठ करना चाहिए।

हनुमान चालीसा पाठ के बाद

लेखक बताते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ पूरा होने के बाद, हनुमान जी को विदा करना आवश्यक है। आप इस प्रकार कह सकते हैं: "कथा समाप्त होते विदा हो हनुमान राम लखन सिया जानकी सदा करें कल्याण।" इसके बाद, अपनी हनुमान चालीसा उठाएं और धरती माता को छुएं। फिर अपना आसन उठाएं और अपनी पुस्तक को धरें। अंत में, अपनी सभी शक्तियों और देवी-देवताओं से प्रार्थना करें कि यदि कोई गलती हो गई हो तो क्षमा करें और आप पर दया करते रहें। इस प्रकार की भावना से हनुमान चालीसा पढ़ने से आपको अवश्य हनुमान जी की कृपा प्राप्त होगी और आपको संकेत भी मिलेंगे।

गुरु का महत्व

लेखक बताते हैं कि गुरु का सानिध्य प्राप्त करना और गुरु दीक्षा लेकर ही साधना करना चाहिए। गुरु की शक्ति आपके साथ रहेगी क्योंकि सबसे पहले गुरु को ही पूजा जाता है और प्रणाम किया जाता है, फिर गणेश जी को और फिर अन्य शक्तियों को। लेखक दर्शकों से इसे गहराई से समझने और मन से साधना करने के लिए कहते हैं, ताकि उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण हों। वे दर्शकों और उनके परिवारों को धन्यवाद देते हैं और मंगल कामना करते हैं।

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Transcript

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0:00 गुरु चरणों में नमन आज का विषय रहेगा हमारा जो लोग हनुमान चालीसा पढ़ने हैं रोज हनुमान जी की साधना करते हैं उनकी सिद्धि करना चाहते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें बहुत लोगों को हो नहीं रही है काफी दोनों से वह साधना भी कर रहे हैं हनुमान चालीसा का पाठ भी कर रहे परंतु उन्हें कुछ महसूस नहीं हो रहा तो मेरे प्यार दोस्तों मित्रों की वीडियो तो मैं सभी दाल रहा हूं हर प्रकार की जैसे कोई पूछता है उसे प्रकार की वीडियो में डालता हूं उनकी शंकाओं के समाधान के लिए यह वीडियो दाल रहा हूं वैसे आप अपने विश्वास

0:46 और संकल्प से जो साधना करते हैं आप इस को नित करके करते रहे उनकी कृपा अवश्य प्राप्त होगी आप गौर से सुन और इस चैनल को लाइक शेर मित्रों को बताएं और अच्छा लगे तो कमेंट अच्छा करें बड़ा लगे तो आप बड़ा भी करें मित्रों क्योंकि हमारे वीडियो बनाने का उद्देश्य यह आपके घर परिवार की उन्नति हो और आप जो

1:33 साधना या जो मेहनत आपका रहे वह सफल हो परंतु विश्वास और संकल्प तो आपका ही रहेगा वह तो आपको ही करना है और नियम भी आपको अपने हैं और संकल्प भी आपको अपनाना है और फिर क्रिया भी आपको करनी है अगर यह सब आप समय से निर्धारित होकर नहीं करेंगे तो फिर लाभ प्राप्त कैसे होगा यह बहुत सरल क्रिया है और सबसे सरल वैसे सबसे ज्यादा हमारे भारत में हिंदू धर्म में हनुमान जी के और शिवा जी के मां दुर्गा के ही मंदिर मिलेंगे तो मैं मित्रों एक हनुमान जी के सेवक ने पूछा है की काफी दोनों से हम हनुमान

2:20 चालीसा पढ़ने हैं उसका लाभ प्राप्त नहीं हो रहा ना हमें कोई संकेत मिलते ना हमारा कुछ कम नहीं हो रहा है मित्रों आप हनुमान चालीसा पढ़ने हैं पूजा पहले तो आप नहा धोकर पूजा पाठ करते होंगे जो भी अपने घर में एस्टीमेट जो भी गुरुदेव हैं जो समय वैसे गुरु पूजा पहले करें फिर गणेश पूजा करें फिर और देवों की पूजा करें यह हर वीडियो में मैं बताता हूं उसके बाद जो आपने संकल्प ले रखा वह करें या तो जब करें या हनुमान चालीसा करें वैसे हनुमान चालीसा वाले को एक मारा जब करना चाहिए राम राम की अगर अपनी हनुमान चालीसा को प्रभावी बनाना है तो आवश्यक

3:17 थोड़ा दीपक लगाया और बैठ गए साथ बार एक बार 11 बार कई कई लोग 11 आदमी जब कर रहे हैं मगर इसमें आपने एक बहुत बड़ी गलती कर राखी है जब भी आप हनुमान चालीसा पढ़े पहले पूजा कर ली पूजा करके जब आप बैठेंगे तो सर्वप्रथम आपको हनुमान जी को एक आसन देना होगा कपड़े का छोटा सा बनाकर इतना चौकोर कर लेने उसे आसन देना है राम जी का मंत्र जब करने से पहले राम जी की कोई चौपाई बोलने से पहले और हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले इन सबसे पहले पूजा तो आपने कर ली वहां मंदिर में स्थापित है

4:03 और अगर आप मंदिर में हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं तो फिर वहां आसन देने की जरूर नहीं है अगर आप घर में पढ़ें तो आपको आसन देना है क्योंकि मंदिर में हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा होती है वहां साक्षात हनुमान जी विराजमान रहते हैं परंतु आपके घर में तो कोई मूर्ति नहीं है आपने तो केवल फोटो लगा राखी है प्राण प्रतिष्ठा भी नहीं कर राखी इसलिए आप जो गलती वो कर रहे हैं घर में हनुमान जी की कृपा इसलिए प्राप्त नहीं होती है हमारे एक शिष्य ने उनको हनुमान जी की बहुत शक्ति प्राप्त हुई आवास भी हुआ परंतु बोले की महाराज जी हमको कुछ महसूस हो रहा है पर हम बहुत परेशान हो

4:48 जाते हैं उससे घर में आवाज आई है चलने की तो हमने कहा भाई क्या-क्या आप करते हो तब उन्होंने बताया की हम हनुमान चालीसा भी करते हैं तब हमने उनको उपाय बताया की भाई आपने शिष्य बने सब कुछ बने परंतु आपने हमको यह नहीं बताया की हम हनुमान चालीसा भी करते हैं तो हम उसका भी उपाय आपको बताते तो आपको हम यहां उपाय बता रहे हैं जो भी हनुमान चालीसा करता है वह सर्वप्रथम पूजा करने के बाद जब जमीन पर आसन लगा के बैठे तो हनुमान जी को एक आसन प्रधान करें और बगल में लूट रखें जल का और आसन प्रधान करने के बाद हनुमान जी से प्रार्थना करें प्रार्थना कैसे करना है की हनुमान जी उसे पर विराजमान हो जाए

5:34 उनसे यह प्रार्थना करिए की हनुमान जी अब मैं राम कथा शुरू करता हूं और आप यहां आकर विराजमान हुई अगर आप रामायण पढ़ने पहले या सुंदर कांड पढ़ने फिर हनुमान चालीसा पढ़ने हैं तो आप इस तरह बोल सकते हैं कथा प्रारंभ होते आओ वीर हनुमान राम लखन सिया जानकी और सदा करें कल्याण तो वैसे आपके घर में राम दरबार की फोटो भी होना चाहिए जो जहां पूजा करते हैं क्योंकि राम दरबार की जो मूर्तियां हैं उनमें सबकी आपको पूजा करने के बाद ही आपको यह चालीसा पढ़ना है

6:21 अगर आप राम की पूजा नहीं करेंगे हनुमान चालीसा पढ़ेंगे तो कृपा नहीं आएगी पूजा करने के बाद आसन देव आसन देकर आप बैठे और हनुमान जी का आह्वान करें उसे आसन पर उनको विराजमान करें आप महसूस करें की हनुमान जी बैठे हैं फिर उसके बाद रामायण की कोई चौपाई जो आपकी कामना की हो आप उसे पढ़ें अगर आपको कहानी शंका है कम में तो आप इसको पढ़ सकते हैं शंका वाली एक उसमें है की आ राम रमापति करधन लहू खींचे मोर मिटेनदेव जब किसी कार्य में संदेह होता है तो इस चौपाई को पढ़ें उसके बाद दूसरी चौपाई आप पढ़ें की

7:09 जहां पर कृपा आराम की ही ता पर कृपा करें सब कोई उसे समय वहां हनुमान जी का आवन करके पहले से उनको बिठा ले फिर इतना पढ़ने के बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें की प्रभु हनुमान जी अब मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं आप मेरे ऊपर कृपा बनाए रखें इस प्रकार हाथ जोड़कर आप हनुमान चालीसा का एक पाठ करें 5 पाठ करें 7 पाठ करें जो आपने संकल्प ले रखा है उन पाठकों को यथावत आप करते जैन और पाठ करने के बाद आपको यह नितांत आवश्यक है पाठ जैसे ही आपका पूरा होता है जब पहले जब करें फिर चौपाई बोले फिर हनुमान चालीसा का पाठ करें फिर उसके बाद

7:54 हनुमान जी को विदा करना है आपको कैसे करना है की कथा समाप्त होते विदा हो हनुमान राम लखन सिया जानकी सदा करें कल्याण इस प्रकार से आप बोलकर हनुमान जी को वहां से आप विदा करेंगे फिर आप उठाएंगे अपनी अपनी हनुमान चालीसा आपको याद है तो आप धरती माता को अवश्य छुएंगे दो-तीन बार उसके बाद अपना आसन उठाएं और अपनी पुस्तक है तो पुस्तक धरने और लास्ट में साड़ी शक्तियां जो आपकी देवी देवता जो भी आप पूजा करते हैं उनको प्रार्थना करें की मुझे कोई गलती हो गई तो क्षमा करें मैं आपका सेवक हूं मेरे ऊपर दया करते रहे कृपा करते रहे इस प्रकार की भावना से आप हनुमान चालीसा पढ़ेंगे आपको

8:43 अवश्य हनुमान जी की कृपा होगी और आपको अवश्य संकेत भी मिलेंगे कुछ आवाज भी होगा और हमारे एक शिक्षक को तो हनुमान जी ने दर्शन दिए हैं अचानक वो नहीं पहचान पाया जब उसने हमको बताया तो हमने कहा की भाई आपको तो हनुमान जी के दर्शन हुए और उनको तो बहुत सारे अनुभव हुए हैं और वह तपस्या ऐसी करता है परंतु वह गुप्त कर रहा था जब उसको थोड़ी सी परेशानी तब हमसे उसने पूछा की गुरु जी अब क्या करूं वह हमारा सबसे एक नंबर का शिष्य है जिसने 15 दिन में बिंदु त्राटक को सिद्ध करके अपने कार्य सारे सफल कर लिए हैं मैं आज भी लोगों को बोलना हूं की बिंदु त्राटक की

9:29 बीड़ी वीडियो देखिए करिए और सफलता प्राप्त करिए कोई भी कार्य होगा उससे संपूर्ण हो जाएगा आप किसी भी प्रकार की चिंता ना करें इस से सर कार्य में करवाऊंगी यदि कोई करें तो मगर मेरी यही आप लोगों से अपील है प्रार्थना है की आप गुरु का सानिध्य प्राप्त कर लेने और गुरु दीक्षा लेकर ही करें गुरु की शक्ति आपके साथ रहेगी क्योंकि सबसे पहले गुरु को ही पूजा जाता है प्रणाम किया जाता है फिर गणेश जी को फिर और शक्तियों को करते हैं मेरे मित्रों आप इसको गहराई से समझे और साधना कर रहे हैं तो मां से करें आपकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होगी मैं आपको आपके परिवार को

10:14 धन्यवाद देता हूं मंगल कामना करता हूं जय माता

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