HALL 3 CGPSC PRE IND GEO )( JALWAYU) BY PRABHAKAR SIR

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो पृथ्वी और सूर्य की स्थिति, कर्क और मकर संक्रांति, उत्तरायण और दक्षिणायण, और ग्रीष्म ऋतु के बारे में जानकारी प्रदान करता है। मुख्य बातें हैं:

  • पृथ्वी की सूर्य के सापेक्ष चार स्थितियाँ और उनका ऋतुओं पर प्रभाव।
  • कर्क संक्रांति (21 जून) और मकर संक्रांति (22 दिसंबर) का महत्व।
  • उत्तरायण और दक्षिणायण की अवधारणा और भारत पर उनका प्रभाव।
  • ग्रीष्म ऋतु में उत्तर भारत के विशाल मैदानों में लू का चलना और मानसून गर्त का निर्माण।

परिचय

प्रारंभिक अभिवादन और कक्षा की शुरुआत। पिछली कक्षा में पढ़ाए गए विषयों की संक्षिप्त पुनरावृत्ति, जिसमें कोरिओलिस बल भी शामिल है, जो घूमती हुई वस्तुओं पर लगता है और उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में अलग-अलग दिशाओं में काम करता है।

पृथ्वी और सूर्य की स्थिति

पृथ्वी और सूर्य के सापेक्ष स्थान की व्याख्या। पृथ्वी सूर्य के चारों ओर पश्चिम से पूर्व की ओर एंटीक्लॉकवाइज दिशा में घूमती है और 23 डिग्री पर झुकी हुई है। कर्क रेखा और मकर रेखा का परिचय, जो पृथ्वी पर महत्वपूर्ण अक्षांश रेखाएँ हैं।

कर्क और मकर संक्रांति

कर्क संक्रांति की व्याख्या, जब सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत होता है, और मकर संक्रांति, जब सूर्य मकर रेखा पर लंबवत होता है। भारत उत्तरी गोलार्ध में स्थित है, और कर्क रेखा इसके बीच से गुजरती है, इसलिए जब सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत होता है, तो भारत में गर्मी होती है।

ऋतुओं का क्रम

मुख्य ऋतुओं (ग्रीष्म, वर्षा, शीत) और उनके संक्रमणकालीन ऋतुओं (बसंत, शरद) का क्रम। मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर की चार महत्वपूर्ण तिथियों का उल्लेख, जो ऋतुओं के परिवर्तन को दर्शाती हैं।

महत्वपूर्ण तिथियाँ और ऋतुएँ

21 जून को कर्क संक्रांति होती है, जब दिन सबसे बड़ा और रातें छोटी होती हैं। 21 मार्च को बसंत विषुव होता है, जब दिन और रात बराबर होते हैं। 23 सितंबर को शरद विषुव होता है, जब दिन और रात फिर से बराबर होते हैं। 22 दिसंबर को मकर संक्रांति होती है, जब रात सबसे बड़ी और दिन छोटे होते हैं।

उत्तरायण और दक्षिणायण

उत्तरायण की व्याख्या, जब सूर्य उत्तरी गोलार्ध की ओर बढ़ता है, और दक्षिणायण, जब सूर्य दक्षिणी गोलार्ध की ओर बढ़ता है। उत्तरायण में भारत में तापमान बढ़ता है, जबकि दक्षिणायण में तापमान घटता है।

आईटीसीजेड (Intertropical Convergence Zone)

आईटीसीजेड की अवधारणा का परिचय, जो एक निम्न दबाव वाला क्षेत्र है जहाँ व्यापारिक पवनें मिलती हैं। यह क्षेत्र 30° उत्तर और 30° दक्षिण अक्षांशों के बीच स्थित है और डोलड्रम के संचलन का क्षेत्र है।

आईटीसीजेड और व्यापारिक पवनें

उत्तरायण के दौरान, दक्षिणी गोलार्ध से उत्तरी गोलार्ध की ओर पवनें चलती हैं, जिससे उत्तरी गोलार्ध में उच्च तापमान और निम्न दबाव बनता है। दक्षिणायण के दौरान, उत्तरी गोलार्ध से दक्षिणी गोलार्ध की ओर पवनें चलती हैं, जिससे दक्षिणी गोलार्ध में उच्च तापमान और निम्न दबाव बनता है।

ग्रीष्म ऋतु

ग्रीष्म ऋतु (मार्च-जून) के बारे में जानकारी। इस समय सूर्य का उत्तरायण होता है, और उत्तर भारत के विशाल मैदानों में स्थानीय पवनें चलती हैं, जिन्हें लू कहा जाता है। लू गर्म और शुष्क होती है।

लू और शीत लहर

लू और शीत लहर के बीच अंतर। शीत लहर हिमालय से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण होती है, जबकि लू गर्म हवाओं के कारण होती है।

हिमालय का प्रभाव

हिमालय भारत के लिए एक जलवायु अवरोधक के रूप में कार्य करता है, जो मानसून को वापस भेजता है और ठंडी हवाओं को रोकता है। हिमालय से आने वाली ठंडी हवाओं का प्रभाव उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में महसूस किया जाता है।

शिवालिक और मानसून गर्त

शिवालिक पर्वतमाला के दक्षिण में उच्च तापमान और निम्न दबाव की स्थिति बनती है, जिसे मानसून गर्त कहा जाता है। मानसून गर्त ग्रीष्म ऋतु में बनता है और दक्षिणी गोलार्ध से हवाओं को आकर्षित करता है, जिससे भारत में मानसून आता है।

मानसून गर्त की अवधारणा

मानसून गर्त एक निम्न दबाव वाला क्षेत्र है जो शिवालिक के दक्षिण में बनता है। यह क्षेत्र दक्षिणी गोलार्ध से हवाओं को आकर्षित करता है, जिससे भारत में मानसून आता है।

बाढ़ के कारण

बाढ़ के विभिन्न कारणों की व्याख्या, जिसमें ग्लेशियरों का पिघलना, बादल फटना और मानसून शामिल हैं। बादल फटना एक जलवायु विक्षोभ का परिणाम है, जो हाल के वर्षों में अधिक बार हो रहा है।

सारांश और आगामी कक्षा

आज की कक्षा का सारांश और आगामी कक्षा में मानसून के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करने का वादा। छात्रों को आज पढ़ाए गए विषयों को समझने और आगामी कक्षा के लिए तैयार रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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Transcript

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0:23 चलो गुड मॉर्निंग अरे गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग सर बहुत घमंडी लोग हो तुम अब मैं तुम लोग गुड मॉर्निंग नहीं बोलूंगा वो बेकार सुप्रभात हां वो भी ठीक है वैसे सुप्रभात से सुप्रभाकर बोल सकते हो कोई दिक्कत नहीं है ठीक चलो तो हम लोग कल कहां तक पहुंचे थे वो गोला भर लिए थेस ठीक है ग्रीष्म ऋतु स्टार्ट नहीं किए थे ठीक कोरियोलिस बल बताया था मैं कि एक ऐसा बल होता है जो उस उसी ऑब्जेक्ट में लगेगा जो ऑब्जेक्ट क्या होती है घूमती है। अगर वो ऑब्जेक्ट नहीं घूमेगा तो उसमें

1:09 ऐसा कोई बल काम नहीं करेगा। नियम यह बताया गया था कि अगर मान लो ऐसा कुछ चीज घूम रहा है तो उसके उत्तरी गोलार्ध में डायरेक्शन अलग रहेगा और उसके दक्षिणी गोलार्ध में डायरेक्शन क्या रहेगा? अलग रहेगा। उत्तर में जो भी जैसे भी जा रहा है हाई से लो हाई से लो। ठीक है? तो वो अपने दाई ओर मुड़ जाएगा। किधर मुड़ेगा? दाई ओर। वो याद रखना है। और नीचे में कहां मुड़ेगा? बाई ओर। तो अभी हम लोग जो आज पढ़ेंगे वो पढ़ते हैं। पृथ्वी और सूर्य की स्थिति। पृथ्वी और किसकी स्थिति? सूर्य की स्थिति।

2:00 लोकेशन ऑफ अर्थ एंड सन देखो देखो यहां ध्यान दो फिर कांसेप्ट स्किप कर जाएगा नहीं तो तो पहले तो सूर्य है तो सूर्य का रंग हमको लाल बनाना पड़ेगा ऐसे बीचोंबीच एक रेखा जाती है सूर्य के ऐसा मान लेते हैं और एक लाइन हमको यहां पर मिलता है। फिर बनाना है अर्थ पृथ्वी।

2:51 पृथ्वी को बड़ा बना रहा हूं तो इसका मतलब यह नहीं कि पृथ्वी बड़ी है सूर्य से। पृथ्वी सूर्य से काफी छोटी है। बट उसमें थोड़ा अपने को काम करना है इसलिए पृथ्वी को बड़ा बनाया जा रहा है। यह सूर्य है और यह क्या है? पृथ्वी है। पृथ्वी को बड़ा बना रहा हूं। बाकी ध्यान से सुन लो कि पृथ्वी सूर्य से बहुत क्या है? छोटी है। ठीक

3:45 तो पृथ्वी के चार कंडीशंस कितने चार तो शुरू में बताया था कि एक घूर्णन गति होती है और एक होता है परिक्रमण गति ये है सन तो ऐसे करके घूमता है ठीक है क्लॉक की एंटीक्लॉक एंटीक्लॉक पश्चिम से पूर्व की ओर ऐसे ही पढ़े तो ऐसे घूम रहा है। पृथ्वी झुकी हुई है 23 डिग्री पर। कितने डिग्री पर? 23 डिग्री। तो 23 डिग्री पर झुकी है। तो ये उसका नॉर्थ साउथ।

4:32 और ये उसका ईस्ट वेस्ट। यह उसका नॉर्थ साउथ। और क्या रहेगा? ईस्ट वेस्ट। यह उसका नॉर्थ साउथ और क्या रहेगा? ईस्ट वेस्ट। यह रहेगा उसका नॉर्थ साउथ और ये क्या रहेगा? ईस्ट वेस्ट। बाकी दो रेखा और पढ़े हो। एक का नाम कर्क रेखा, एक का नाम मकर रेखा। तो ऊपर में मिलता है अपने को कर्क रेखा। नीचे क्या मिलेगा? मकर रेखा। मैं सिर्फ एक ही रेखा बना रहा हूं यहां पर ताकि कम से कम लाइन रहे और ऊपर में क्या

5:20 बना रहा हूं मैं? कर्क रेखा। ठीक है? डायरेक्शन लिख देता हूं ताकि क्लियर हो जाए। जिनको समझ में नहीं आ रहा है। ये नॉर्थ और ये क्या है? साउथ। ये क्या रहेगा? ईस्ट। और ये क्या रहेगा? वेस्ट। यहां क्या रहेगा? नॉर्थ। फिर साउथ। फिर ईस्ट और वेस्ट। यहां क्या रहेगा? नॉर्थ और साउथ और ईस्ट और वेस्ट। फिर क्या रहेगा? नॉर्थ। फिर साउथ फिर ईस्ट और वेस्ट ऐसा ठीक है। यह जो रेखा है इसको बोलते हैं कर्क बोलते हैं कि मकर बोलते हैं मकर रेखा। इसको बोलते हैं हम लोग क्या बोलेंगे? कर्क रेखा। ऊपर में कर्क रेखा, नीचे में मकर रेखा। और

6:06 जो बीचोंबीच गई है उसको क्या बोलते हैं? भूमध्य रेखा। ये तो सुने होंगे कहीं ना कहीं। यह भूमध्य रेखा है। यह भी क्या है? भूमध्य रेखा। तो अब ध्यान से देखना। यहां जो सूर्य है वो सीधे-सीधे एकदम सीधे-सीधे जिस रेखा पर एकदम परपेंडिकुलर दिख रहा है। किस पर दिख रहा है अपने को? कर्क रेखा पर। सूर्य इस समय किस रेखा में पड़ रहा है? क्या बोलेंगे? कर्क रेखा। तो इस समय होता है कर्क संक्रांति। क्या बोलते हैं? कर्क संक्रांति। क्या बोलेंगे? कर्क संक्रांति। जब सूर्य

6:52 कर्क रेखा पर एकदम परपेंडिकुलर पड़ता है तो उसे क्या बोलते हैं? कर्क संक्रांति बोलते हैं। क्या बोलेंगे? कर्क संक्रांति। संक्रांति। और जब सूर्य मकर रेखा पर परपेंडिकुलर पड़ता है तब बोलते हैं क्या बोलते हैं? मकर संक्रांति। एक है कर्क संक्रांति और एक क्या है? मकर संक्रांत। दो संक्रांति हो गया। अर्थ अगर पूछे कि कर्क संक्रांति क्या होता है? कि सूर्य की ऐसी स्थिति जब सूर्य कर्क रेखा पर एकदम क्या पड़े? परपेंडिकुलर। लंबवत बोलते हैं। क्या बोलते हैं? लंबवत। लेकिन जब सूर्य मकर रेखा में लंबवत पड़ता है। जब सूर्य मकर रेखा में या ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीिकॉर्न में परपेंडिकुलर पड़ता है तब उसको क्या बोलते हैं? मकर संग्रह। ये दोनों समझ में आए? ठीक।

7:38 फिर देखो मैं आपको बताया था कि बेसिकली हमारे पास मेन जो ऋतुएं हैं तीन होती हैं। पहला है मान लो ग्रीष्म ऋतु फिर उसके बाद वर्षा ऋतु फिर क्या है? सिर ऋतु। फिर यह भी बताया था कि गर्मी के पहले कौन होता है? कौन सा होता है? बसंत। और ठंडी के पहले सरद। सरद। ये सीक्वेंस याद करना जरूरी है। क्यों? देखो। अब मेरे को थोड़ा बताना। भारत कौन से गोलार्ध में है? उत्तरी की दक्षिणी उत्तरी। तो हमारे भारत के पास मकर रेखा ही कर्क रेखा कर्क रेखा और इवन कर्क रेखा तो बीचोंबीच जाती है। कर्क रेखा भारत के कहां जाती है? बीचोंबीच। तो देखो जब सूर्य कर्क जब सूर्य की स्थिति कर्क पर परपेंडिकुलर पड़ रही है। मतलब भारत के बीचोंबीच पड़ रही है। कहां पड़ रही? भारत

8:23 के बीचोंबीच। और भारत के बीचों-बीच पड़ना मतलब पूरे भारत को गर्म करना। और पूरे भारत को गर्म करना मतलब पूरे भारत में ठंडी फैलाना, गर्मी फैलाना, गर्मी फैलाना। तो गर्मी का मौसम होता है जून। क्या होता है? जून। मैं आपको चार डेट दे रहा हूं। ठीक है? स्टार्ट हमको मार्च से करना है। कब से करना है? मार्च। तो मार्च से देखो स्टार्ट करना है। ये फिक्स कर दिया हूं पहले ही। चार तारीख होती है। चार डेट्स हमको याद करनी है। एक मार्च। फिर दो महीना गैप कर लो। अप्रैल और मई। तो अगला क्या होगा? जून। फिर दो महीना गैप कर लो। जुलाई, अगस्त और सितंबर। फिर 2 महीना गैप कर लो। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर। फिर दो महीना गैप कर लो। जनवरी, फरवरी और मार्च। फिर दो महीना गैप कर लो। अप्रैल, मई और

9:08 जून। मतलब मैं कह रहा हूं दो-द महीने के इंटरवल में हमारे पास डेट्स हैं चार। तो देखो पहला महीना मार्च, फिर जून, फिर सितंबर और दिसंबर। क्या-क्या? मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर। क्या-क्या? मार्च, जून, सितंबर दिसंबर। नहीं याद होता है तो मार्च तो याद हो सकता है ना? तो मार्च से आप गैप कर लो दो-द महीने का। कितने महीने का? तो बताता हूं मार्च के बाद अप्रैल मई क्रॉस अगला महीना जून जुलाई अगस्त क्रॉस सितंबर अक्टूबर नवंबर क्रॉस दिसंबर हो गया खत्म। अब इस भारत में रह रहे हो इतने साल से तो इतने साल से तो मालूम है ना अगर मैं कहूं कि भाई जून की बात है। तो आपको इतना तो समझ में आना चाहिए कि जून में हमारे यहां इंडिया में ठंड नहीं पड़ती। क्या पड़ती? गर्मी। मैं कह रहा हूं दिसंबर के समय की

9:55 बात है। दिसंबर में हमारे यहां क्या पड़ती है? ठंडी पड़ रही है। यह कह रहा हूं मार्च की बात है तो मार्च में हमारे ठंडी और क्या? गर्मी। सितंबर में कह रहा हूं सितंबर में हम ठंड में एंटर करते हैं और गर्मी क्या होती है? खत्म। मतलब उमस वाली गर्मी। मतलब ये चार दिन चार जो हमारे पास डेट्स हैं उसमें जो कर्क संक्रांति है ये जो समय होता है, ये होता है 21 जून का समय होता है। कब का समय होता है? 21 जून। तो मैं बोला हूं कि भाई जून के पहले या जून के पहले जून में सूर्य जून में सूर्य जो है यह कौन सी रेखा पर परपेंडिकुलर पड़ता है? क्या बोलोगे? कर्क रेखा पर। तो इस समय दिन बड़ा और रातें छोटी।

10:42 दिन बड़ा होगा, रातें क्या होंगी? छोटी। और दिन तो ऐसा है कि 14 घंटे का दिन। कितने घंटे का? 14 घंटे का दिन। और 10 घंटे की क्या होगी? रात। 14 घंटे का दिन होता है और 10 घंटे की रात। टोटल होना 24 घंटे लगभग कहीं ना कहीं। फिर देखो जैसे ही यह बात खत्म हो गया कि भाई ग्रीष्म काल है। कर्क संक्रांति है। माने मैं इसको कहीं ना कहीं एक सामान्य शब्दों में ग्रीष्म ऋतु लिख सकता हूं। कौन सा ऋतु? ग्रीष्म ऋतु। माने ये समर की बात है। समर सीजन की बात है यह। तो भाई ग्रीष्म के पहले क्या आता है? शरद की बसंत बसंत। तो पहले वो आएगा। बट

11:28 यहां पर देखो सूर्य सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ रहा है। कहां पड़ रहा है? भूमध्य रेखा। यहां भी वैसे ही बनाया हूं ताकि सीधे ये मालूम पड़े कि ये दो वो कंडीशन है जब सूर्य सीधे कहां पड़ता है? भूमध्य रेखा पर पड़ता है। कहां पड़ता है? भूमध्य रेखा पर। तो ये अभी बोले हो कि गर्मी के पहले बनता है बसंत। क्या पड़ता है? बसंत। और यह समय देखो इसके पहले जून के पहले क्या आएगा? मार्च म यह समय 21 मार्च का समय क्या है? 21 मार्च कि डे इज इक्वल टू नाइट। दिन और रात क्या होंगे? बराबर। दिन और रात क्या होंगे? बराबर। ठीक है? तो दिन और रात बराबर होते हैं। कब होते हैं? 21 मार्च। और यह समय बसंत का है क्योंकि रेखा सीधे

12:15 क्योंकि सूर्य सीधे कर्क रेखा सॉरी सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ रही है इसलिए हम इसे कहते हैं बसंत विषुव कहते हैं। क्या कहते हैं? बसंत विषुव। तो बसंत विषुव की स्थिति ये कौन से डेट पर पड़ती? क्या बताओगे? 21 मार्च। मार्च में महसूस करो ना। मार्च में गर्मी चालू नहीं होती है। माने मार्च में गर्मी बहुत नहीं होती है। सिर्फ थोड़ा-थोड़ा क्या होता है? चालू होता है। फरवरी खत्म। ठंड भी थोड़ी सी बनी रहती है और गर्मी भी क्या हो जाता है? चालू हो जाता है। माने हम मौसम क्या करते हैं? उस समय चेंज करते हैं। तो दिन और रात क्या हो जाएंगे? बराबर। कब होता है? 21 मार्च। फिर बोला हूं दो-द महीने का इंटरवल रहेगा। मार्च हुआ, फिर अप्रैल हुआ, फिर मई हुआ, फिर क्या हो गया? जून। फिर दो महीने का इंटरवल ले लो। जुलाई और अगस्त। तो क्या हो गया यहां पे? सितंबर। डेट है 23 सितंबर।

13:05 इस समय भी दिन और रात क्या होते हैं? बराबर। लेकिन भाई गर्मी खत्म जून के बाद अपन आ रहे हैं आगे ठंडी की ओर तो ठंडी के पहले क्या पड़ता है शरद तो इसको बोलते हैं शरद विषु बोलते हैं क्या बोलते हैं इसको शरद विषु ठंडी के पहले पड़ेगा शरद किसके बाद पड़ेगा पहले के बाद पहले ठीक है अब देखो इधर आ गए तो सूर्य इस समय पड़ रहा है कहां कहां पड़ रहा है? मकर रेखा पर। कहां पड़ रहा है? मकर रेखा पर। इसीलिए हम बोलते हैं इसको मकर संक्रांति। तो देखो ये बोला हूं दो-द महीने का इंटरवल है। सितंबर के बाद अक्टूबर और क्या रहेगा? नवंबर। तो अगला क्या होगा? दिसंबर। तो मकर संक्रांति की

13:51 स्थिति बनती है आपका 23 दिसंबर को। 22 दिसंबर को। कब बनती है? 22 दिसंबर। तो 22 दिसंबर में बताओ दिसंबर के महीने में हमारे यहां ठंडी रहती है गर्मी? ठंडी। और ठंडी तब रहेगी जब सूर्य हमसे दूर रहेगा। तो दूर है मतलब दिन हमारे यहां छोटा और रातें हमारे यहां बड़ी तो सबसे बड़ी रात कब होती है आपका 22 दिसंबर आने वाला है 10 12 दिन बाद तो जिस दिन होगा उस दिन पेपर में लिखा रहेगा आज सबसे लंबी रात होगी आज दबा के सो कोई दिक्कत नहीं ठीक है तो यहां पर 14 घंटे का रात और 10 घंटे क्या होगा दिन ठीक है ना अभी रातें क्या होती जा रही है बड़ी होती जा रही हैं और दिन क्या होता जा रहा है छोटा होते जा रहा है गर्मी में दिन क्या हो जाते हैं बड़े हो जाते और रातें क्या होती है? छोटी। दिन का बड़ा होना या

14:36 छोटा होना यह पूरा डिपेंड करता है सूर्य की स्थिति पर। अब सूर्य की स्थिति कैसे बोल रहा हूं? सूर्य तो कहीं ना कहीं साल भर पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है। ठीक है? बट नोटिस ये करने वाली बात है। पहले इसको रट लेते हैं फिर समझ में आ जाएगा। देखो मकर संक्रांति कब मनाते हैं वो बात अलग है। लेकिन मकर संक्रांति की स्थिति कब बनती है? वो बात भी अलग है। तो संक्रांति की स्थिति कब बनती है? 22 दिसंबर। अदरवाइज सबको पता है कि जो तिले लड्डू वाला फेस्टिवल है कौन सा मकर संक्रांति वो कब मनाते हैं? 14 जनवरी पतंग काटते हैं। ठीक गुड़ी पाड़वा बोलते हैं शायद कई-कई राज्यों में बहुत सारे नाम हैं। तो वो है मकर संक्रांति अलग है। बट मकर संक्रांति का स्थिति कब बनता है? कब बनता है? 22 दिसंबर। और मकर संक्रांति कब मनाया जाता है? 14 जनवरी।

15:23 ठीक है? ये दो चार डेट हमको याद रखना है। चार डेट ऐसे याद कर सकते हो। स्टार्ट कहां से करना है? मार्च से। मार्च से स्टार्ट करोगे ना मार्च के बाद फिर अप्रैल मई और फिर जून जुलाई अगस्त और सितंबर अक्टूबर नवंबर और दिसंबर मार्च जून सितंबर और दिसंबर उसमें डेट देख लो 21 232 22 23 नहीं 21 23 22 तो 2121 232 में 21 मार्च 21 जून 23 सितंबर और 22 दिसंबर अब महीने को आप महसूस तो करो कम से कम ठंड पड़ेगा हमारे यहां दिसंबर में दिसंबर में ठंड पड़ेगा क्योंकि सूर्य हमसे क्या है? दूर है। और अगर सूर्य हमसे दूर है ये कह रहा हूं तो हम तो उत्तरी गोलार्ध में है। सूर्य इस समय कहां होगा? दक्षिणी गोलार्ध गोलार्ध मतलब

16:09 उत्तरी गोलार्ध और कौन सा? दक्षिणी गोलार्ध। दूसरा ये कह रहा हूं मान लो मार्च का महीना है तो मार्च के महीने में ना तो ज्यादा ठंडी ना तो ज्यादा गर्मी। दोनों क्या होंगे? बराबर। वैसे ही सितंबर का महीना होता है जब दिन और रात दोनों क्या हो जाएंगी? बराबर। तो सब जगह पर कहीं ना कहीं कुछ चीजें मिल रही हैं। सबसे लंबा दिन, सबसे बड़ा दिन 21 जून को बनेगा और सबसे लंबी रात कब बनेगी? 22 दिसंबर। और दिन और रात बराबर दो बार होगा। एक होगा आपका 21 मार्च को और एक होगा 23 सितंबर। ठीक है? मकर संक्रांति का डेट क्या रहेगा? 22 दिसंबर। और कर्क संक्रांति का डेट क्या रहेगा? 21 जून। बसंत विषु का डेट क्या रहेगा? 21 मार्च। और शरद विषु का डेट क्या रहेगा? 23 सितंबर। शरद विशु का क्या रहेगा? 23 सितंबर। सबसे बड़ा दिन कब

16:55 बनेगा? सबसे बड़ा दिन 21 जून। सबसे बड़ी रात 22 दिसंबर। तो सबसे बड़ी रात में रात क्या होगी? बड़ी दिन छोटे। डेट 22 दिसंबर। इस स्थिति को हम लोग क्या बोलते हैं? मकर संक्रांति। और सबसे बड़ा दिन कब होगा? 21 जून। दिन बड़े रातें छोटी। कौन सी संक्रांति? कर्क संक्रांति। बसंत विषु कब बनेगा? 21 मार्च। दिन और रात दोनों बराबर है। और शरद विषु कब बनेगा? 23 सितंबर। दिन और रात दोनों बराबर। ठीक है ना? 21 23 22 अगर उस पूरे ईयर को कैलकुलेट करना है तो। तो जो डेट कभी-कभी होता है ना कि भाई कंफ्यूज हो जा रहे हैं।

17:40 तो मार्च से स्टार्ट करो। दिसंबर में खत्म करो। डेट कंफर्म कर लो कि 21 दो बार है। फिर क्या है? 23 फिर 22 होता क्या है? 21 22 23 होता है तो गलत हो सकता है। तो 21 है फिर 21 है फिर क्या है 23 है और फिर क्या है 22 ठीक ये बोल ये याद रहेगा मकर संक्रांति अलग है कर्क संक्रांति अलग है शरद विषु अलग है बसंत विषु अलग है शरद विषु बसंत विषु में दिन और रात क्या होंगे बराबर विषुव देखो विषु मतलब विषुवत रेखा और विषुवत रेखा मतलब भूमध्य रेखा माने पृथ्वी के एकदम से बीच में अगर सूर्य पड़ रहा है तो दिन और रात क्या होंगे बराबर जब कर्क रेखा में पड़ रहा है तो दिन क्या होगा बड़ा रातें क्या होंगी छोटी जब नीचे पड़ रहा है मकर रेखा में दिन क्या होंगे? छोटे और रात क्या होंगी? बड़ी। क्योंकि भारत कहां है? उत्तरी गोलार्ध। हमारे बीचोंबीच जाने वाली रेखा कौन सी? कर्क रेखा।

18:28 ठीक है? अब ये तो हुआ। दूसरा देखो इसी चीज को मैं और तरीके से समझाता हूं। जैसे क्योंकि देखो हमारे पूरे भारत हमारे पूरे पृथ्वी में छ महीने का दिन होता है और छ महीने क्या होती है? रात। पूरे भारत में 6 महीने का क्या होगा? दिन और 6 महीने क्या होगी? रात। ठीक। तो ऐसे में यहां पर जो हम लोग यहां पर लाइन देखें ये यहां पे ये 0 डिग्री ऊपर में 23.5 डिग्री नीचे 23.5 डिग्री 66.5 डिग्री

19:14 ऊपर कितना है? 66 पुराने वाले मैप जो अपन देखें तो 23 में कर्क रेखा और 66 में आर्कटिक रेखा 23 में मकर रेखा और 66 में अंटार्कटिक रेखा कल डोलड्रम बताया हूं क्या डोलड्रम सर बताया हूं ना कितने डिग्री पर 5° नॉर्थ और 5° साउथ उस बेल्ट में प्रेशर क्या रहता है लो कि हाई लो लो प्रेशर नहीं हाई नहीं लो प्रेशर रहता है। हाई टेंपरेचर और क्या रहेगा? लो प्रेशर। भाई याद रखना है ना? गलत क्यों करना है उसको? जब बोल रहा हूं बीच में टेंपरेचर ज्यादा है तो प्रेशर कम। जितना ज्यादा होगा टेंपरेचर उतना प्रेशर

19:59 लो। तो बीच में जो है जो बेल्ट है ना 5° नॉर्थ वाला, 5° साउथ वाला। उसी को डोल्टर्न बोलते हैं। और देखो सब कहीं ना कहीं अक्षांश रेखाएं हैं। तो हमको अक्षांश रेखाएं दिखती हैं क्या? नहीं। शुरू में पढ़े ना भाई कि अक्षांश कैसी रेखाएं हैं? काल्पनिक रेखाएं। ये सब इमेजिनरी स्टडीज हैं। केवल काल्पनिक अध्ययन है। उसी आधार पर हमने तय किया है कि भाई ये 5° नॉर्थ में 5° साउथ में जो लो प्रेशर का बेल्ट रहता है। मैं लाइन खींचूं अलग बात है। बाकी सारे के सारे हवाएं ऐसे एक तरह से वेव्स के तौर पे होती हैं। कहीं पर ज्यादा कहीं पर कम। तो एक जो बेल्ट है वो बेल्ट एकदम सीधा नहीं रहता है। कैसे रह सकता है? सोचने वाली बात है। एयर है। लेकिन लगभग ये कह सकती है हां भाई थोड़ा सा यहां पे एक ही तरह का प्रेशर बना रहता है। उसको डोलड्रम बोलते हैं। क्या बोलते हैं? डलड्रम जो लो प्रेशर बेल्ट रहती है। क्या रहती है? लो प्रेशर वेट। तो अब देखो इसी

20:46 में ये बोल रहा हूं कि अभी जो पीछे डायग्राम बना हुआ है उसी को मैं यहां पर लोकेट कर रहा हूं। सूर्य का सूर्य का इंपैक्ट भारत में कैसे पड़ता है? अब देखो ये तो मैं बोल दे रहा हूं ना भाई सूर्य बड़ा है पृथ्वी से। तो जब सूर्य बड़ा है पृथ्वी से तो मैं अगर मैं सूर्य को पृथ्वी के ऊपर दिखाऊंगा तो मेरे को इससे बड़ा सूर्य बनाना पड़ेगा। सूर्य का आकार पृथ्वी से क्या है? बड़ा है। तो अगर मैं चाह रहा हूं कि आप समझो सूर्य पृथ्वी पे कैसे चढ़ता है, कैसे उतरता है तो मेरे को उसके लिए सूर्य को क्या करना पड़ेगा? छोटा बनाना पड़ेगा। नहीं तो सूर्य तो पृथ्वी से और क्या है वो? बड़ा है। अब बड़ा ही है और उसको मैं दिखाऊंगा तो कहीं ना कहीं पृथ्वी पूरा क्या होगा? ढक जाएगा। इसलिए मैं छोटा सूर्य बना रहा हूं। ठीक है? ताकि उसका हम लोग मूवमेंट दिखा सकें पृथ्वी के अलग-अलग

21:31 जगह पर। तो पहला जो हमको स्थिति मिलेगा सूर्य का वो कहां पर मिलेगा देखो। शुरुआत हम लोग करते हैं कर्क भूमध्य रेखा से करते हैं। यह समय एक बार ऐसा रहता है। मान लो ये पहला कंडीशन ये सबको पता है ये जो लाइन है ये कितना डिग्री पे है आपका? 0 डिग्री। दूसरा कंडीशन हम देखते हैं यहां पर। तो ये जो यहां पे दिखता है अपने को चीजें

22:19 ये है भूमध्य रेखा। ये समय है 21 मार्च का। बोला ना 21 मार्च में सूर्य भूमध्य रेखा पर स्थित होता है। कहां पर स्थित होता है? भूमध्य रेखा पर। यहां भी देख लो वही बात बोल रहा हूं। 21 मार्च को सूर्य कौन सी रेखा पर पड़ता है? भूमध्य रेखा। ठीक? तो यहां भी वही लिखा हूं कि 21 मार्च को सूर्य कहां पर है? भूमध्य रेखा। फिर मार्च से ऊपर बढ़ना चालू हुए। तो मार्च के बाद हमको मिलता है अप्रैल, मई और जून। तो 21 जून को सूर्य कहां पहुंच गया आपका? कर्क रेखा।

23:09 ये देखो। 21 जून को सूर्य कहां पहुंच गया आपका? कर्क रेखा। और क्या बन गया? कर्क संक्रांति। ठीक है? समझ में आया? फिर सूर्य वापस आएगा। तो सूर्य जब वापस आएगा तो वापस नीचे आएगा भूमध्य रेखा की ओर। फिर से आकर रुक गया कहां पर? भूमध्य रेखा। तो 21 जून के बाद यहां पर हमको मिलेगा 23 सितंबर। और फिर नीचे आएगा तो यहां पे क्या होगा? 22 दिसंबर। फिर वापस चढ़ेगा। यह प्रोसेस चलता है। सूर्य की किरणें ऐसे पड़ती हैं भारत के पृथ्वी के ऊपर। भारत के ऊपर नहीं पूरे पृथ्वी के ऊपर।

23:54 तो बोला था ना क्लॉक नहीं एंटीक्लॉक। ऐसा भी समझ सकते हो। तो पहले 21 मार्च में थे। फिर कहां चले गए? 21 जून में। फिर कहां गए? 23 सितंबर में। और फिर 22 दिसंबर में। फिर कहां चले गए? 21 मार्च। यही साइकिल चलते रहता है। तो अगर मैं यह बोल दिया हूं कि छ महीने ऊपर में गर्मी, नीचे ठंडी या छ महीने नीचे गर्मी या ऊपर ठंडी। कैसे छ महीने? मार्च से लेकर के सितंबर तक सूर्य जो है ना उत्तर में है। कहां? उत्तर। तो 6 महीने उत्तर में क्या पड़ेगी? गर्मी। कहीं कभी कम, कभी ज्यादा। लेकिन बाकी के छह महीने सितंबर से कब तक आपका? मार्च तक सूर्य कहां है? दक्षिणी गोलार्ध में। उस समय दक्षिण में क्या पड़ेगी? गर्मी। ऊपर क्या पड़ेगी? ठंडी। मार्च से गर्मी स्टार्ट होता है। भारत आपको पता है भारत इसी रेखा

24:41 के बीचोंबीच में है। कौन सी रेखा के? कर्क रेखा। तो सूर्य चढ़ रहा है और फिर क्या हो रहा है? उतर रहा है। तो जब चढ़ेगा तो हमारे यहां गर्मी भी क्या होगी? चढ़ेगी। हमारे नजदीक आएगा ना? जैसे ही यह कम होना चालू होगा वापस गर्मी कम होगी। तो सितंबर के बाद देखो गर्मी कम होना चालू हो जाता है। क्योंकि भारत से सूर्य क्या हो जाता है? दूर हो जाता है। सितंबर से कब के बीच में? दिसंबर के बीच में भारत से सूर्य क्या हो रहा है? दूर हो रहा है। और दिसंबर से 21 मार्च तक फिर से हमारे यहां पास आना चालू हो जाता है। और जैसे ही हमारे नजदीक आएगा गर्मी कम गर्मी बढ़नी चालू होगी और ठंडी कम होनी चालू होगी। इस समय देखो 21 सितंबर से लेकर कब

25:27 तक? 22 दिसंबर। हमसे काफी दूर है सूर्य। यह भारत है। तो भारत के नजदीक सबसे कब आता है सूर्य? क्या बताओगे? 21 जून। मार्च नहीं 21 जून। क्यों? क्योंकि 21 जून में तो एकदम सूर्य हमारे ऊपर है। 21 जून को सूर्य एकदम भारत पर है कि नहीं? है। 21 मार्च को भारत के ऊपर है क्या? नहीं। वो तो भारत के पास आ रहा है। 23 सितंबर को भारत के पास है कि दूर है? दूर है। तो भाई जून के बाद तो हमारे यहां ठंडी माने गर्मी कम होना क्या होता है? चालू। मैं उमस की बात नहीं कर रहा हूं। मैं बात करूं गर्मी की। गर्मी अलग है, उमस एकदम अलग। तो जून के बाद से गर्मी कम, बारिश ज्यादा।

26:14 बारिश खत्म, ठंडी स्टार्ट होना चालू होगा। ठंडी पीक पकड़ेगा, फिर वापस गर्मी स्टार्ट हो जाएगा। ये साइकिल चलता है। यह सूर्य है। सूर्य की किरणें कब-कब कहां-कहां पड़ती हैं? यह इस प्रकार समझ सकते हो। स्टार्ट होता है 21 मार्च से। फिर 21 जून। फिर क्या रहेगा? 23 सितंबर। फिर क्या रहेगा? 22 सितंबर। यह डायग्राम समझ में आया? सर। ठीक है? यह भी समझ में आयास क्लियर है? तो यह बताओ इसमें 21 जून को क्या होगा? मकर संक्रांति कर्क संक्रांति की कर्क संक्रांति और शरद विषु कब होगा? 23 सितंबर सितंबर और बसंत विषु 21 क्लियर है ना सबको? सर अगर वो मौसम सीक्वेंस में नहीं याद करो तो

27:01 नहीं समझ पाओगे। यह गर्मी का समय यह ठंडी का समय ठंडी के पहले काहे का शरद और गर्मी के पहले कौन सा बसंत बस साइकिल क्लियर होना चाहिए दूसरा यह है कि जब ये सूर्य उत्तरी गोलार्ध की ओर चढ़ रहा है नॉर्दन हेमिस्फयर की ओर चल रहा है तो यह जो समय है यह जो समय है इस वाले घटना को बोलते हैं उत्तरायण क्या बोलते हैं उत्तरायण माने सूर्य का उत्तरी गोलार्ध में चढ़ना सूर्य का कौन से गोलार्ध में चढ़ना कौन से गोलार्ध में? उत्तरी गोलार्ध में चढ़ना

27:47 क्या कहलाता है? उत्तरायण। तो 0° से नीचे आना नीचे इसको क्या बोलेंगे? दक्षिणायन। सूर्य का दक्षिणी गोलार्ध

28:32 की ओर बढ़ना क्या कहलाता है? दक्षिणायण। समझ में आया? उत्तरायण दक्षिणायण क्लियर है सबको? अगर कहीं पर लिखा है उत्तरायण हो रहा है तो क्या बोलेंगे? 0 डिग्री से ऊपर जा रहे हैं। और कहीं कह रहा है कि दक्षिणायन हो रहा है तो क्या बोलेंगे? 0 डिग्री से नीचे जा रहे हैं। तो दक्षिणायन में हमारे यहां तापमान कम हो कि ज्यादा? कम कि ज्यादा? दक्षिणायन में जब दक्षिणायन होगा तो उस समय भारत में टेंपरेचर क्या होगा? और उत्तरायण में भारत में तापमान क्या होगा? बढ़ेगा। ठीक है? लिख देता हूं यहां पर।

29:24 अब खुद सोचो टेंपरेचर बढ़ेगा तो प्रेशर कम कि ज्यादा कम ठीक है वैसे ही यह कह सकते हैं कि दक्षिणायन में क्या होगा घटेगा देख लो उत्तरायण दक्षिणायन 23 सितंबर से 22 दिसंबर मैप में देखना है वो सर्कल जो बना है 23 सितंबर से क्या बोल रहा हूं 22 दिसंबर में सूर्य भारत के पास है कि दूर तो हमारे यहां क्या होगी?

30:10 ठंडी। ठंडी की गर्मी? ठंडी। भाई सूर्य पास हो तो गर्मी लगेगी। और दूर है तो क्या रहेगी? ठंडी। 21 मार्च से 21 जून का समय। भारत में क्या होगी? गर्मी। ये क्लियर है? 21 जून से 23 सितंबर के बीच भारत में गर्मी कम होती नजर आएगी। बढ़ती कम होती नजर आएगी। 22 दिसंबर से 21 मार्च के बीच भारत में क्या? गर्मी बढ़ना चालू होगी। तुरंत नहीं बढ़ेगी। धीरे धीरे धीरे बढ़ेगी। तो, यह दो डायग्राम आपको क्लियर हुए। अब इसमें हम चालू करते हैं एक शब्द। उसको बोलते हैं हम लोग आईटीसीड बोलते हैं। क्या बोलते हैं? आईटीसीड। मैं आपको सिर्फ अभी कांसेप्ट बता दे रहा हूं कि कहां-कहां कैसे-कैसे होता है। क्योंकि आगे चल के बोल दिया उत्तरायण। और समझे नहीं तो फिर ऐसे में दिक्कत होगा।

30:58 ठीक है? इसलिए बातों को ध्यान से सुनना और इमेजिन करना। मानसून पूरा खेल इमेजिनेशन का ही है। एक छोटा सा कांसेप्ट है। फिर अपन आते हैं। सीधे मौसम पर आते हैं। उसको बोलते हैं आईटी सीज़ेड। क्या है? आईटी सीज़ेड। तो इसको बोलते हैं इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जन जोन क्या बोलते हैं इसको? इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जन जोन अंतः उष्णकटिबंधीय

31:47 अभिसरण क्षेत्र हिंदी में टफ पड़ रहा होगा तो हिंदी याद कर लो इंग्लिश याद कर लो आई टी सी जेड आई से एंटर टी से ट्रॉपिकल सी से कन्वर्जन और फिर जोन कन्वर्जन लिखा है क्या लिखा है कन्वर्जन कन्वर्सेशन नहीं क्या लिखा है कन्वर्जन इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जन जोन हिंदी में क्या बोलेंगे अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र ठीक है तो यह क्या होता है देखो भाई जब हम लोग अभी एक दो दिन से पृथ्वी पढ़ ही रहे हैं बार-बार डोड्रम आपको बता ही दिया हूं कहीं ना कहीं तो 0 डिग्री के ऊपर पांच और 0 डिग्री के नीचे पांच को हम लोग क्या

32:35 बोलते हैं डोलड्रम ये ठीक है डलड्रम डोलेगा कहां डोलेगा तो भाई वो नॉर्थ भी जाएगा और कहां जाएगा साउथ 5° नॉर्थ और 5° साउथ बट एट मैक्स जहां जहां तक जा सकता है ऊपर और एट मैक्स जहां तक जा सकता है नीचे। मतलब कि 30° हम लोग पढ़े ऊपर और 30° हम लोग क्या पढ़े? नीचे। तो 30° नॉर्थ और 30° साउथ। इनके बीच का क्षेत्र नहीं इसके बीच का क्षेत्र ही

33:21 आई टीसी कहलाता है। जहां ड्रम मोमेंट होता है। माने कल मैं लाइन बताया था। यहां पे एक रेखा एक लाइन हवा का ऐसे गया था। ये कौन सी पवनें हैं? कौन सी पवनें हैं? व्यापारी। ऊपर से नीचे भी अपन आए थे। ये भी कौन सी पवन है? व्यापारी। तो हो सकता है कि कभी-कभी जैसे मान लो अभी आप माने ना कि यहां जीरो यहां 21 मार्च का समय है। यहां 21 जून का समय है। यहां पर

34:09 23 सितंबर का समय है। यहां पे 22 सितंबर का समय है। तो यहां जब सूर्य चढ़ेगा तो क्या बोलेंगे? उत्तरायण। यहां होगा तो तो उत्तरायण में सूर्य हमारे यहां पास आ रहा है। हमारे तो टेंपरेचर हमारे यहां क्या होगा? बढ़ेगा। टेंपरेचर बढ़ेगा तो हमारे इस वाले हिस्से में क्या होगा? हाई टेंपरेचर। सूर्य तो एक ही है। इस दौरान जो ऊपर हमने हाई टेंपरेचर लिखा है जब यहां पर सूर्य बढ़ रहा है उत्तरायण में जो सूर्य यहां बढ़ रहा है तो यहां पे क्या बन जाएगा? हाई टेंपरेचर। पूरे उत्तरी गोलार्ध में बन जाएगा हाई टेंपरेचर। और अगर हाई टेंपरेचर है तो क्या होगा? लो प्रेशर। तो इसी समय जब सूर्य ऊपर चढ़ रहा है उस समय नीचे वाले हिस्से में क्या

34:56 होगा? लो टेंपरेचर और क्या होगा? हाई प्रेशर। सूर्य एक ही जगह पे रह सकता है। दोनों स्थान पे नहीं रह सकता है। मैं जो एग्जांपल बता रहा हूं वो बता रहा हूं उत्तरायण का। काहे का? उत्तरायण। उत्तरायण में सूर्य की वजह से उत्तरी गोलार्ध में टेंपरेचर क्या हो रहा है? बढ़ रहा है। हाई टेंपरेचर होने की वजह से क्या हो रहा है? लो प्रेशर हो रहा है। बट उसी मोमेंट पर साउथ वाले हिस्से में लो टेंपरेचर हो रहा है और हाई प्रेशर हो रहा है। और बोला हूं प्रेशर कहां से कहां जाएगा? हाई से लो। तो ये हवाएं ऊपर जाने की क्या करेंगी? कोशिश किसको क्रॉस करके 0° नीचे से ऊपर जाएंगी। इनको थोड़ी पता है कि ये 0 डिग्री है। कि भारत है ये हिंद तो जाएंगी। जहां प्रेशर डिफरेंस दिखा हवाएं

35:43 क्या करेंगी? तो जब उत्तरायण होता है तो उस समय पवनें कौन से हेमिस्फीयर से या कौन से गोलार्ध से कौन से गोलार्ध की ओर चलती हैं? तो दक्षिणी गोलार्ध से उत्तरी गोलार्ध की ओर चढ़ेंग। बट उस समय चलते समय वो इन लो प्रेशर वाले बेल्ट को ये लो प्रेशर है। क्योंकि यहां आपने बोला है हाई टेंपरेचर और लो प्रेशर। यह क्या है? डोल ट्रंप ढकेलेंग इसको और ढकेल करके अधिकतम ले जाएंगे। कहां तक जाएंगे? आपका 30 डिग्री तक। उसके ऊपर नहीं जाएंगे। क्यों नहीं जाएंगे? क्योंकि सूर्य यहां से टर्न ले लिया है 23.5 डिग्री से कि ये जो बेल्ट है ये बेल्ट का ऊपर जाना और अब देखो नीचे कैसे आएगा? क्योंकि मान

36:29 लो सूर्य वापस नीचे आ गया इधर दक्षिणायन में। दक्षिणायन जब होगा तो सूर्य कहां होगा? 0 डिग्री से कहां पर आएगा? 23.5 डिग्री साउथ की नॉर्थ साउथ। इस घटना को हम लोग क्या बोलेंगे? दक्षिणायन। इस समय दक्षिणी गोलार्ध में टेंपरेचर हाई कि लो हाई प्रेशर लो। इसी मोमेंट पर ऊपर में क्या रहेगा? लो टेंपरेचर और हाई प्रेशर। ठीक है? तो भाई ऊपर हाई प्रेशर है। नीचे क्या है? लो प्रेशर है। कब? जब उत्तरायन की दक्षिणायन दक्षिणायन। तो दक्षिणायन के समय पर अब ये ऊपर से हवाएं कहां आएंगी? नीचे। तो इसको ढकेल कहां लाएंगी? नीचे। डोल ड्रम ही ऊपर और क्या होगा? नीचे। बोला हूं ना कि आईटी से 30° नॉर्थ और 30° साउथ के बीच

37:16 का क्षेत्र है। जहां आई जिसे क्या बोलते हैं? आईटी सीज़ेड कहते हैं। जहां डोलड्रम क्या करता है? मूवमेंट होता है। डड्रम मूवमेंट कैसे होगा? इन व्यापारिक पवनों के कारण। और ये हमारी बने क्यों धकेलेंगी? प्रेशर डिफरेंस के कारण। और प्रेशर डिफरेंस क्रिएट क्यों होगा? क्योंकि सूर्य की उपस्थिति के कारण बात समझ में आ रही है क्या? ठीक है? सूर्य रहेगा तो सारा खेल होगा और सूर्य रहेगा और सूर्य जहां रहेगा उसके हिसाब को पूरा इमेजिन करना पड़ेगा। डल्ट्रम डोलते रहता है। 30° नॉर्थ तक और 30° साउथ। इस पूरे ज़ोन को बोलते हैं क्या बोलते हैं? आई टीसी जेड। कल हम लोग गरजस्ता चालीसा पढ़े हैं।

38:01 प्रचंड पसा चीखता साठा। ठीक। हां। यह हुआ हमारे पास एक नया कांसेप्ट। उसको बोलते हैं क्या बोलते हैं? आईटीसीड। आई से क्या बोलेंगे? इंटर। टी से ट्रॉपिकल। सी से कन्वर्जन और जोन हिंदी में क्या बोलते हैं? अंतः उष्ण कटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र। क्लियर है ना? ये जो बताया हूं आईटीसी? अब देखो अब हम स्टार्ट करते हैं यहां से। उसको बोलते हैं हम लोग पहले ग्रीष्म ऋतु पढ़ते हैं। क्या पढ़ेंगे? ग्रीष्म ऋतु। पूरा महसूस करना गर्मी जब पड़ती है तो कैसा लगता है? ठीक? चलो। तो हम पहला मौसम पढ़ने जा रहे हैं।

38:57 ग्रीष्म ऋतु तो ग्रीष्म ऋतु में देखो भाई समझो अब यहां पे आप कि मैं क्या बोलना चाह रहा हूं इस समय तो इसका टाइम बताना है आपको तो समय की शुरुआत होती है गर्मी की कब से होती है मार्च अप्रैल और खत्म होता है कब होता है मई जून ये अपन लिखे दूसरा पॉइंट गर्मी का मौसम है। तो मैं बोला हूं ना मार्च से स्टार्ट

39:44 हुआ है। जून में क्या हुआ है? खत्म। और मार्च में अभी हम लोग देखें 21 मार्च को सूर्य कौन सी रेखा पर रहता है? 21 मार्च बोल रहा हूं। कहां होगा? विषुवत में कि कर्क रेखा में? और 21 जून को सूर्य कहां रहेगा? ठीक है ना? इस समय सूर्य का क्या होगा?

40:34 बताओ बताओ उत्तरायण वाले कितने लोग हो भाई उत्तरायण ही होगा क्या होगा उत्तरायण तुक्का मार के ये नहीं करना एकदम से महसूस फिर मतलब करना है भाई मैं बोलता हूं ना मार्च से कब तक जून तक क्या होगा उत्तरायण नहीं समझ में आ रहा है क्या आ तो हाथ खड़े क्यों नहीं किए बाकी लोग नहीं कई लोग नहीं किए थे गद्दार लोग दक्षिणायन वाले लोग हां इसलिए हो सकता है हाथ नहीं खड़े क्या पता अगर मान लो गलत हो तो कहीं खत अरे समझो ना इसको यार गर्मी के मौसम में गर्मी तभी लगेगी जब

41:20 सूर्य मेरे क्या होगा पास आएगा और सूर्य का मेरे म भारत के पास आना मतलब कहलाता है उत्तरायण ठीक दूसरा इस समय भारत के विशाल मैदान में ठीक है ना उत्तर भारत के कौन से भारत के उत्तर भारत के विशाल मैदान में

42:06 स्थानीय पवनें चलेंगी। क्या चलेंगी? स्थानीय पवनें चलेंगी। इसको क्या बोलेंगे? लू। क्या बोलते हैं? ताप लहरी। इट स्टोक कहते हैं जो अब लू सुन देखे हुए कहीं ना कहीं दिखता तो नहीं कहां देखे होंगे महसूस किए हो ना तो भाई लू क्या रहता है गरम कि ठंडा कीला कि सूखा सूखा गर्म और क्या होती है शुष्क

42:52 पवनें होती गर्मी सॉरी जो लू जो है 12 महीने चलता है कि गर्मी में चलता है? ठीक है? और लू से देखो देखो अब समझा रहा हूं यहां पे कि जब लू अभी देखो अभी कुछ दिन पहले अलर्ट आया है। कुछ दिन क्या कल ही अलर्ट आया है कि अब कुछ दिन तक आगामी तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ में कोल्ड वेव का क्या जारी किया गया है? अलर्ट। मैं सरकार ने पहले कह दिया है कि अब अगले तीन दिन तक सरगुजा में, बिलासपुर में, दुर्ग में, रायपुर में, संभाग में कोल्ड वेव का अलर्ट है। ठीक है। तीन दिन तीन सप्ताह नहीं तीन दिन तीन सप्ताह में पूरा पैकअप हो जाएगा।

43:37 तीन संभाग अच्छा हां चार हो गए लेकिन वैसे तो रायपुर को भी शामिल कर लो ना उसमें। ठीक है। राजधानी इज्जत तो थोड़ा तो कोल्ड वेव कहने का मतलब है कि शीत लहर। क्या है? शीत लहर। वैसे हीट वेव होता है। तो हीट वेव को बोलते हैं क्या बोलते हैं? लू बोलते हैं। अभी ठंडी का मौसम है तो अभी लू तो चलेगा नहीं। अभी ठंडी का मौसम है तो क्या चलेगा? कोल्ड वेव। तो इस समय देखो शीत लहर हमारे यहां है। अब सोचो बस्तर का इसमें नामोनिशान नहीं है। जबकि बस्तर में ठंड लग रही है। मैटर करता है कि ठंड है कैसी? ठंड-ठंड में फर्क होता है। एक गुलाबी ठंड और एक जानलेवा ठंड। यह जो ठंड अलर्ट है, यह क्या है? जानलेवा। और इससे ज्यादा ठंड आपको बस्तर फील होगा।

44:24 लेकिन इस ठंड से आपकी मौत हो सकती है। क्योंकि यह ठंडे यह जो हवाएं हैं ना विंड है ये कटीली होती है। कैसी होती है? कटीली। कटीली क्यों होती है? देखो बस्तर को हमने शामिल किया नहीं है। यूपी आप देखे हो लोकेशन कहां पर है? यूपी का लोकेशन हिमालय के एकदम क्या है? पास। ठीक? एक चीज। और यूपी के पास पड़ता है हमारा सरगुजा संभाग। सरगुजा के नीचे आता है बिलासपुर संभाग। उन्हीं के नीचे आता है पैरेलल में दुर्ग और कौन सा रायपुर संभव यहीं तक इफेक्ट है और यूपी हिमालय के पास पड़ता है गर्मी में क्या हुआ है कि गर्मी के समय अभी सोचो अभी ठंडी पड़ रहा है तो हमारे पास सूर्य है कि हमसे दूर सूर्य है दूर और हमसे दूर है मतलब अभी दक्षिणी में कि उत्तरी में दक्षिणी में

45:09 तो दक्षिणी में हाई टेंपरेचर और लो प्रेशर क्रिएट हुआ होगा अगर सूर्य मान रहे हो कि दक्षिण में है तो दक्षिण में क्या हुआ होगा हाई टेंपरेचर और लो प्रेशर भारत कौन से गोलार्ध में है? उत्तरी गोलार्ध में। और सूर्य अभी इस समय कहां है? दक्षिणी गोलार्ध में। तो भारत में जो सूर्य है ही नहीं तो इस समय क्या होगा? लो टेंपरेचर और हाई प्रेशर। हवाएं कहां से कहां जाती है? हाई प्रेशर से लो प्रेशर। और उत्तरी गोलार्ध से दक्षिणी गोलार्ध। भारत उत्तरी गोलार्ध में है। बट हवा को जा रहा है उत्तर से कहां? दक्षिण। बीच में आएगा भारत। और इस समय जब हवाएं वापस जा रही हैं तो उस समय हवाएं हवाएं वापस जा कहां से रही हैं? क्या पूरे देश में शीत लहर का स्थिति बनता है? क्या नहीं? क्योंकि देखो पूरे मतलब मैं विश्व के बाकी देश की बात कर रहा हूं। इस समय हमारे यहां शीत लहर क्यों बनता है? क्योंकि हमारे पास

45:54 हिमालय है। क्या है? हिमालय। हिमालय मानसून को वापस भेज रहा है। पानी गिर चुका है। उसको हम कल पढ़ेंगे। आज ये बता रहे हैं गर्मी अभी आज की मैं बात बता रहा हूं। अभी के समय पे हवाएं क्या हो रही है? वापस हो रही है। इसको भूल जाना। इसकी बात कर रहा हूं। हीट वेव कोल्ड वेव क्यों हो रहा है? है कोल्ड इसलिए हो रहा है क्योंकि कोल्ड मतलब ठंडी-ठंडी हवाएं आ रही है। हिमालय से वापस हवाएं आ रही है। हिमालय भारत के लिए क्लाइमेट बैरियर है। ये मानसूनल बैरियर है। जलवायु को रोकता है हिमालय क्योंकि ऊंचाई उसकी क्या बहुत ज्यादा तो हिमालय से आने वाली हवाएं गर्म होंगी। ठंडी ठंडी और देखो हिमालय से आने वाली बर्फीली हवाएं बर्फ के साथ चलती हैं। पहली बात तो लेकिन हमारे यहां इंपैक्ट नहीं पड़ता उसका। क्यों नहीं पड़ता? क्योंकि हिमालय के बाद तो पहले यूपी बढ़ेगा। क्या

46:41 बढ़ेगा? यूपी। अपने आप में बड़ा स्टेट है। यूपी में चलता है शीत लहर बहुत तेज। क्योंकि उस समय उन ठंडी हवाओं में छोटे-छोटे बर्फ के टुकड़े भी क्या होते हैं? शामिल होते हैं। अगर मैं ये कह दिया कि बर्फ के टुकड़े हैं तो उन हवाओं का वेट क्या हो जाएगा? ज्यादा। और वो ऊपर नहीं कहां बहेंगी? नीचे। और नीचे हम सब रहते हैं। तो ठंड के मौसम में जो शीत लहर है उस शीत लहर से उसी यूपी बिहार के लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए शीत लहर में भी यूपी और बिहार वाले ही निपटते हैं। क्योंकि वो ठीक हिमालय कहां है? वो नीचे है। जैसे ही मैं मान लो ये दो चार लाइन यूपी और बिहार है। उसके बाद जो चौथा लाइन है वो क्या है? छत्तीसगढ़। हिमालय, यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़। तो भाई वहां जाते-जाते वो जो बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े हैं वो क्या होंगे? पिघल जाएंगे।

47:29 क्या हो जाएंगे? पिघल जाएंगे। और पिघलेंगे तो बर्फ का इफेक्ट तो नहीं पड़ेगा बट वह बर्फ की ठंडकता तो बनी रहेगी। अब बर्फ पिघलेगा तो देखना कुछ दिन बाद इसी बस्तर के एरिया में जहां-जहां बोला गया है कोल्ड वेव ठंड तो पड़ेगी पड़ेगी। ठीक है? बारिश की संभावनाएं भी हो सकती है। बारिश क्यों होगा उसको हम कल पढ़ेंगे। अभी मैं बता रहा हूं कि इस इस मौसम की जो बारिश है, ठंडी की बारिश होती है। बारिश होना मतलब मानसून होना। क्या होना? मानसून। तो मानसून अगर आता है तो वापस भी क्या होगा? जाएगा। और जाएगा तो फिर वापस कैसे आएगा? और इसको रोकने वाला कौन है? हिमालय। हिमालय रोका है। अब क्या करा उसने? वापस मानसून की विदाई हो रही है। फिर होगा। फिर

48:14 वापस आएगा। यही आना चलते रहता है। तो कहने का मतलब है कि कोल्ड वेव का रीज़न यह है कि यह उस हिमालय से आने वाली ठंडी हवाओं का असर है जो हमारे सरगुजा अंचल में, बिलासपुर अंचल में और दुर्गा अंचल में और कहां पे? रायपुर अंचल में पड़ रहा है। रायपुर में कम क्यों पड़ता है? क्योंकि उधर बाजू में समुद्र है उड़ीसा वाला। और समुद्र में इतना औकात रहता है कि वो पूरे टेंपरेचर को मैनेज कर ले। चाहे गर्मी हो, चाहे क्या हो? ठंडी हो। क्योंकि समुद्र के आसपास के राज्यों में 12 महीने का टेंपरेचर सेम रहता है। मैं उमस की बात नहीं कर रहा हूं। किसकी बात कर रहा हूं? टेंपरेचर। टेंपरेचर और उमस बहुत अलग चीज है। टेंपरेचर ये टेंपरेचर की बात है। लेकिन जब टेंपरेचर का हम बात करते हैं कहीं ना कहीं पानी के वाष्पीकरण से तब किस में कन्वर्ट हो जाता है वो? उमस। टेंपरेचर बढ़ेगा। समुद्र

49:01 अब्जॉर्ब कर लेगा। ठीक है? लेकिन समुद्र के एब्सॉर्ब करने के साथ-साथ कहीं ना कहीं वो आपका इवापोरेशन बढ़ जाता है। एक बात ये दूसरा अच्छा ये बताओ ये सोचने वाली बात है कि जब ये गर्म हवाएं चल रही है तो मैंने बोला लू इधर क्यों आ गई? उत्तर भारत के मैदान अब उसको छोड़ो इधर आओ। ग्रीष्म ऋतु में लू बहता है। क्या बहता है? लू। तो लू बह रहा है। कहां बह रहा है? कहां लिखा देखो? उत्तर भारत के विशाल मैदान में। कहां बह रहा है? उत्तर के विशाल मैदान में जो लोकल विंड्स हैं, स्थानीय पवन है, इन्हीं लोकल विंड्स को मैंने नाम दिया है। क्या नाम दिया है? लू। आखिर यही क्यों बहा? भाई गर्मी में क्या पढ़ा है हमने? कि 21 मार्च से लेकर के 21 जून तक सूर्य हमारे भारत के क्या आता है? पास। बट ये तो 23. डिग्री है।

49:49 कितना डिग्री है? साडे और हिमालय तो और ऊपर है। 23 मतलब कर्क रेखा ना? कर्क रेखा में हिमालय के कोई राज्य आते हैं क्या? नहीं। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और वेस्ट बंगाल। झारखंड, वेस्ट बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम। हिमालय पूरा बर्फ से बना हुआ है। हिमालय पूरा किससे बना है? बर्फ। और बर्फ का नेचर होता है टेंपरेचर क्या करना? खींचना। तो गर्मी के मौसम की बात कर रहा हूं। गर्मी महसूस करो। ठंडी का नहीं। कौन से मौसम का? गर्मी। तो जब यह सूर्य चढ़ रहा है तो इस सूर्य की गर्मी को कौन खींचेगा? कौन खींचेगा? हिमालय। तो सूर्य की हवाएं या उस गरम क्षेत्र की

50:34 हवाएं जो गरम-गरम हवाएं हैं, यहां तक पहुंचेंगी। कहां तक पहुंचेंगी? हिमालय। उनको थोड़ी ना फर्क पड़ता बीच में यूपी है या फिर क्या है? बिहार। तो गर्म हवा को जब यह सट से खींचेगा हिमालय तो पिघलेगा वह क्योंकि उसका तो प्रॉपर्टी है। भले ही बर्फ दिखने में सफेद है बट वो हीट क्या करता है? वो एब्जॉर्ब करता है। और हीट अब्सॉर्ब करने वाले का कलर वाइट की ब्लैक? ब्लैक। इसीलिए बर्फ को हम लोग ब्लैक बॉडी कहते हैं। क्या बोलते हैं? ब्लैक बॉडी। दिखने में कैसा है? सफेद। वाइट है। लेकिन बॉडी काहे का एग्जांपल है? ब्लैक बॉडी। क्योंकि वो क्या कर रहा है? हीट को क्या कर रहा है वो? अब्सॉर्ब अब वो गरम-गरम हवा खींचेगा। गर्म है, सूखा है। गर्मी का मौसम है। तो बीच में जो यूपी बिहार वाले उन लोग दूर से क्या होते हैं? चपेट में आ जाते हैं। और

51:21 उनकी क्या हो जाती है? मौत हो जाती है। अभी शीत लहर वही लोग मरे थे। कौन लोग? यूपी और बिहार। गर्मी वही लोग मर रहे हैं। कहां यूपी और बिहार बिकॉज़ ऑफ़ हिमालय। हिमालय से वापस भी जाएंगे तो आप चपेट में आओगे। क्योंकि बोला ना बर्फ के छोटे-छोटे कण। वो ऊपर नहीं कहां रहेंगे? नीचे। तो यूपी, बिहार। अब सूखी हवाएं आ रही है। हिमालय खींच रहा है गर्मी में तो भी बीच में कौन चपेट में आया? यूपी और बिहार। तो यूपी बिहार में बहुत प्रकोप रहता है दोनों का। लू का भी और किसका? शीत लहर का भी। क्योंकि इसका नेचर ही वैसा है कि ये गरम-गरम हवाओं को क्या करेगा? खींचेगा। तो ऐसे में देखो जो ये हिमालय का सबसे आखिरी वाला रेंज है उसका नाम होता है। क्या नाम होता है? शिवालय। अब ध्यान से सुनना। इसमें जो टर्म आता है वो क्या है? कौन से माउंटेन की बात किया? शिवालय। और मैं लिखा हूं ना कि लू कहां

52:07 पैदा हो रहा है? क्या बोलेंगे? उत्तर भारत के विशाल मैदान उत्तर भारत के विशाल मैदान लू पैदा हो गया तो मैदान तो कहीं ना कहीं शिवालिक के नीचे चालू हो जाता है और मैं कह रहा हूं कि पूरा हीट खींच रहा है कौन खींच रहा है हिमालय तो हिमालय गर्म हो गया क्या हिमालय तो ठंडा रहेगा गर्म तो होगा शिवालिक का नीचे वाला हिस्सा जहां बर्फ है देखो हिमालय की इतनी औकात नहीं कि सूर्य के टेंपरेचर को कहीं ना कहीं वो रोक सके वो केवल लेते जाएगा लेते जाएगा लेते जाएगा पूरा हिमालय को क्या कर जाएगा? पिघलते जाएगा और जितना पिघल जाएगा अलग बात है। लेकिन उस चक्कर में जितना खींचेगा तो ठीक शिवालिक के नीचे जो स्टेट है कौन सा उत्तर प्रदेश म शिवालिक के गिरिपथ में शिवालिक के फुट

52:52 हिल्स में वेरी वेरी हाई टेंपरेचर की हवाएं जमा होना क्या हो जाएंगी? चालू हो जाएंगी। शिवालिक के उत्तर में कि शिवालिक के दक्षिण में शिवालिक के दक्षिण में। लिंग को तोड़ना नहीं। समझना मैं क्या इमेजिन करा रहा हूं। ट्रांस हिमालय, वृहद हिमालय, मध्य हिमालय और शिवालिक। शिवालिक के नीचे पड़ता है उत्तर प्रदेश। वहीं से स्टार्ट होता है उत्तर भारत का विशाल मैदान। तो भाई शिवालिक में हवा तो पूरा चढ़ेगा ऐसा नहीं चढ़ेगा। गर्म हवा चढ़ेगा बट गर्म हवा चढ़ने से हिमालय ठंडा नहीं होगा। गर्म हवा चढ़ने से हिमालय ठंडा नहीं होगा। हिमालय ठंडा हो जाता है क्या? नहीं। कभी नहीं होता ठंडा। क्योंकि वो है ही इतना ठंडा। गर्म नहीं होगा। हमेशा क्या बना रहेगा? ठंडा। हिमालय गर्म रहेगा कि ठंडा रहेगा? ठंडा। भले गर्म हवाएं उसमें क्या हो रही है? चढ़ रही हैं। फ्रिज खोल दो ना। फ्रिज गर्म

53:38 होता है क्या? नहीं। वो क्या रहता है? ठंडा। मौसम चाहे कोई सा भी। और ऐसा भी नहीं कि आप फ्रिज खोल दोगे तो आपका रूम क्या हो जाएगा? गर्म हो जाएगा। दोनों बॉडी अपने-अप में काम करती है। लेकिन ये है कि फ्रिज के दरवाजे के पास हल्का-हल्का क्या लगेगा? ठंडा लगेगा। पर थोड़ा दूर जाएंगे तो हमको क्या लगना चालू हो जाएगा? गर्म। वो ट्रांसमिशन या उसको बोलते हैं हम लोग संक्रमण का क्षेत्र। जहां पे आपको ठंडा लगना क्या होता है? चालू होता। तो मैं यह बोल रहा हूं कि एक बहुत हाई टेंपरेचर इस शिवालिक के नीचे पर आकर जमा हो जाता है। जो वेरी वेरी ध्यान से सुनना यहां पे। ठीक है ना? ये इसको लिख के खत्म कर सकता हूं। समझा रहा हूं यहां पे। वेरी वेरी हाई टेंपरेचर। गर्मी का मौसम है ना? ठंडी का नहीं। वेरी

54:24 वेरी हाई टेंपरेचर। शिवालिक के कहां पर? नीचे। उत्तर की दक्षिण दक्षिण में जमा हो जाएगा। तो जब आप मान रहे हो वेरी वेरीरी हाई टेंपरेचर है तो जहां हाई टेंपरेचर है वहीं पर क्या होता है? लो प्रेशर। तो अगर वेरी वेरीरी हाई टेंपरेचर है तो वेरी वेरीरी क्या होगा? लो प्रेशर। लो प्रेशर का बेल्ट ये जाके जमा होता है शिवालिक के कहां पर? दक्षिण में। यहीं पर वेरी वेरी लो प्रेशर ज़ोन को हम लोग बोलते हैं मानसून गर्त। इस मौसम में शिवालिक के दक्षिण में शिवालिक के कहां पर? दक्षिण में

55:09 और ये भी लिख दिया हूं ना कि इस समय उत्तर भारत के विशाल मैदान में क्या बहता है? क्या बहता है? लू और लू का टेंपरेचर क्या होगा? ज्यादा ही कम ज्यादा। लू गरम है कि ठंडा? गरम। गरम मतलब हाई टेंपरेचर। लो टेंपरेचर हाई टेंपरेचर। तो हाई टेंपरेचर बहुत ज्यादा हो जा रहा है। तो इस मौसम में शिवालय के दक्षिण में अति या फिर इसको इंग्लिश में लिख लेते हैं वेरी हाई टेंपरेचर एंड वेरी लो प्रेशर की कंडीशन क्रिएट होती है। इसे ही

56:04 मानसून गर्त कहते हैं। क्या कहते हैं? मानसून गर्त। सवाल क्या उठता है? देखो मानसून गर्त। ड्रोट ड्रोट को बोलते हैं क्या बोलते हैं मानसून गर्त मानसून गर्त कहां बनता है क्या बताएंगे शिवालिक के दक्षिण में मानसून गर्त जहां बनता है वहां पर प्रेशर क्या रहता है आपका वेरी लो प्रेशर कौन तो हाई बोल रहा था भाई अरे मानसून गर्त को समझो मानसून गर्त मतलब गड्ढा काहे का गड्ढा बन रहा है मानसून का गड्ढा बन रहा है कहां पर बन रहा है शिवालिक के दक्षिण में बन रहा है और जहां पर बन रहा है वहां पर प्रेशर कैसा है? वेरी लो

56:51 प्रेशर है। या फिर यह भी बोल सकता हूं कि टेंपरेचर वहां पे क्या? वेरी हाई है। मानसून का अर्थ कौन से ऋतु में बनता है? गर्मी की ठंडी गर्मी। कहां बनता है? शिवालिक के दक्षिण में। प्रेशर लो टेंपरेचर हाई प्रेशर। लो टेंपरेचर हाई। लोकेशन शिवालिक के दक्षिण में या उत्तर भारत के मैदान कौन सी ऋतु में? अब अगर यहां पर ये मान लिए हो कि इस उत्तर भारत के मैदान में लो प्रेशर हो चुका है। क्या हो चुका है? लो प्रेशर। तो हाई टेंपरेचर है। तभी लो प्रेशर है। हाई टेंपरेचर इसलिए है क्योंकि हमारे पास सूर्य पास है। तो हमारे यहां हाई टेंपरेचर लो प्रेशर। तो

57:36 इसी समय पर साउथ में दक्षिणी गोलार्ध में क्या होगा? लो टेंपरेचर और हाई प्रेशर। तो क्या बताया हूं? हवाएं कहां से कहां आएंगी? हाई प्रेशर से लो प्रेशर। म उत्तर से दक्षिण आएंगी। दक्षिण से उत्तर? दक्षिण से उत्तर कल आएंगी। क्योंकि आज हमने देखा है कि शिवालिक में क्या बन चुका है? मानसून गर्त। गर्त को भरने, गड्ढा को भरने के लिए हवाएं तो आएंगी। क्योंकि यहां पर वेरी लो प्रेशर है ना। तो अभी अगर वेरी लो प्रेशर है तो उधर क्या होगा? वेरी हाई प्रेशर। तो वेरी हाई प्रेशर की हवाएं कहां आएंगी? वेरी लो प्रेशर को भरने आएंगी मानसून के साथ। ठंडी में मौसम चल रहा है। ठीक है? बट मैं पढ़ा क्या हूं आपको? गर्मी। तो गर्मी को

58:21 ही पढ़ना। तो ये बारिश होगी कल। मानसून के पहले ठीक है। कल आएगा कल बिजली कड़केगा। हल्का सा तेज थाएं से हवा चलेगा। और कल छतरी ले आओगे ताकि भीगो मत। कल मानसून का भारत में होगा प्रवेश। क्या होगा? प्रवेश। फिर ठंड का मौसम पढ़ेंगे। ये समझ में आया? इसको लिख के खत्म कर सकते हैं। ऐसा नहीं लेकिन मैं वही है थोड़ा सा मानसून को बहुत इम्मीनान से पढ़ाता हूं। इसलिए आप लिंक मत तोड़ा करो। क्योंकि इसको पढ़ाने में जितना मजा आता है उतना तुमको पढ़ने में मजा आएगा। तुम हवाओं को अगर जज कर लिए तो। इसमें तो गाना है। चलने लगी हवाएं। वो चलता है लेकिन उसका संबंध जलवायु से नहीं है। वो तो गाना गा रहे हैं सारे लोग पी पा के। ठीक है? तो इस समय सूर्य का उत्तरायण होता है। इस समय उत्तर भारत के विशाल मैदान में

59:09 क्या चलता है? स्थानीय पवनें चलती है। इसे क्या कहते हैं? लू। लू क्या होती है? गर्म और सुस्त। इस मौसम में शिवालिक के दक्षिण में वेरी हाई टेंपरेचर या फिर क्या बोलेंगे? वेरी लो प्रेशर की कंडीशन बनती है। उसी को क्या बोलते हैं? मानसून गर्त। तो मानसून गर्त कहां बनेगा? शिवालिक के दक्षिण में। मानसून गर्त कौन से मौसम में बनता है? ग्रीष्म ऋतु में मानसून गर्त में उस जगह का तापमान ज्यादा कि कम ज्यादा और प्रेशर कम रटना नहीं है समझना है नहीं समझे कल और पूछ लेना ये ग्रीष्म ऋतु का चैप्टर क्लोज लू कब बनेगा ग्रीष्म ऋतु उत्तर भारत के विशाल मैदान में उस समय बहुत हाई टेंपरेचर की वजह से बहुत लो प्रेशर हो जाता है उसी लो प्रेशर को हम लोग क्या बोलते हैं मानसून गर्त शिवालिक के दक्षिण में

59:57 शिवालिक के ऊपर क्यों नहीं मर सकता ऊपर है ना गर्म हवाएं तो गई हैं लेकिन वो गर्म हवाएं हिल शिवालिक के ऊपर चढ़ने के बाद वो क्या हो चुकी हैं? ठंडी हो चुकी। लेकिन जहां ठंडी नहीं हो रही है वो क्या है? शिवालिक का दक्षिण वाला वहां क्यों ठंडी होंगी? बर्फ वहां थोड़ी ना है। बर्फ तो शिवालिक के ऊपर है। हवाएं चढ़ेंगी पिघलेगा। पिघल गए पानी में बट उसके चलते हिमालय कन्वर्ट हिमालय ठंडा नहीं होने वाला। हिमालय तो क्या गर्म रहेगा। इसलिए गर्मी में भी हां ठीक। हिमालय ठंडा रहेगा। लेकिन फिर भी देखो टेंपरेचर का बढ़ना फिर भी उसमें उस क्षेत्र का क्या रहता है वो ठंडा माने गर्मी के मौसम में वहां का टेंपरेचर 30 35° चला जाता है कितना 30 35 और गर्मी में

1:00:42 हमारे यहां का तापमान कितना 45 से 50 वहां का 30 35 इक्वल टू यहां का 45 और 50 वहां वाले लोग एकदम से ऐसे एकदम से ढूंढरा घूमते रहते हैं एकदम से बिना एकदम नॉर्मल पतले कपड़े पहन के तुम जाओगे उस समय भी वहां तुमको क्या पहनना पड़ेगा जैकेट कि तुम हो गम क्षेत्र वाले लोग हॉट गाइस ठीक है? और वो ठंडे वाले क्षेत्र कोल्ड पीपल तो उनको गर्मी में भी गर्मी लगेगा ऐसा नहीं है। लेकिन तुम अगर उस समय वहां जाओगे कहां जाओगे? हिमालय वाले क्षेत्र में तो उस समय तुमको वहां भी क्या लगेगी? ठंडी। क्योंकि तुम गर्मी में कितना झेलते हो? 45 से 50। वहां कितना मिला उस समय? 35। तो वहां तुमको ठंडा लगेगा ना यार। और उन लोग अभी अगर यहां आ जाएं तो लोग नॉर्मल घूमते रहते हैं। ऐसे ही घूमते हैं नॉर्मल।

1:01:29 वो लोग गर्मी में आएंगे तो उनकी मौत हो सकती है। क्योंकि गर्मी का टेंपरेचर वो सह नहीं पाएंगे वो लोग। कहां 35° और कहां पे? 45°। फिर उन लोग हम लोग को देख के अरे यार बहुत ज्यादा झेल लेते हो तुम लोग गर्मी। जैसा देश वैसा आपको टेंपरेचर बना के चलना पड़ेगा। ठीक है? समझ में आया? यस सर। समझा पाया हूं मैं? यस सर। ठीक है। चलो इसको कल समझ के आना आगे और पढ़ेंगे। हिमालयता है उस कंडीशन लो से हाई में जा रहा है। कहां लो से हाई जा रहा है? गरम हवा कौन खींच रहा है? हिमालय। ठीक है। हिमालय है लो टेंपरेचर। हां बिल्कुल गर्मी में। हां। हां।

1:02:14 हाई प्रेशर है। हां। हाई प्रेशर। नहीं तो ये देखो ना ये मत सोचो कि ये क्या बोलते हैं? ठंडा क्षेत्र है। भाई सूर्य का टेंपरेचर देखो। सूर्य कहां पर पड़ रहा है? कर्क रेखा पर पड़ रहा है। कर्क से ऊपर चढ़ता तो मान भी लेते हैं। कर्क पे पड़ने के कारण से सारा का सारा लो ट हाई टेंपरेचर कहां पे आ रहा है? कर्क रेखा। हाई टेंपरेचर और क्या होगा? लो प्रेशर। ठीक है? ऊपर में उससे भी लो टेंपरेचर है। तो हवा इधर क्यों आ रही है? हवा इसलिए आ रही है? क्योंकि ये ट क्योंकि बर्फ का नेचर है इसलिए हवा इधर आ रही है। खींच रही है। क्यों खींच रही है? क्योंकि उसको पिघलना है। इसी चलते ही प्रेशर डिफरेंस उल्टा होने के बावजूद भी हवाएं कहां आती हैं? हिमालय की ओर आते हैं क्योंकि वो जितना बहुत बड़ा सोर्स है उसको सोर्स बोलते हैं जहां वो कभी खत्म होने वाला है नहीं हिमालय तो वो भी अपने आप में बड़ा एक क्षेत्र है हिमालय का जब तक उसमें बर्फ रहेगा तब तक टेंपरेचर क्या करेगा वो

1:03:01 खींचेगा इसलिए हमको लू पड़ जाता है वहां पे उत्तर भारत में ठीक है जो नहीं समझ में आएगा कल पूछ लेना क्लाइमेट को केवल विषय के हिसाब से मत पढ़ो क्लाइमेट को एक स्टडी के हिसाब से पढ़ो ठीक चलो उत्तर प्रदेश प्रदेश में उत्तर प्रदेश जैसे देखो यह जो है ना यह उत्तर भारत का विशाल मैदान में क्या आएगा यूपी आएगा बिहार आएगा हमारा ऊपर वाला हिस्सा भी आ जाता है कहीं ना कहीं बिलासपुर भी आ जाता है ठीक है राजस्थान भी आ जाता है क्योंकि हम लोग पढ़े ना उत्तर भारत के विशाल मैदान में राजस्थान को भी पढ़े बाढ़ बाढ़ तो आएगा यहां पे ठंडी के मौसम में अभी देखो बारिश हुई थी बारिश में बाढ़ आना बादल के फटने के कारण से होता है और गर्मी में बाढ़ इधर क्यों आता है

1:03:46 क्योंकि उसमें बर्फ क्या होता पिघल जाता है। हमारे क्षेत्र में बाढ़ तब आएगा जब मानसून चलेगा। बट उत्तर में हिमालय में बाढ़ तभी आएगा जब गर्मी में भयंकर ज्यादा पानी बर्फ क्या होगा? पिघल जाएगा। लेकिन अभी कुछ दिन पहले बाढ़ आई थी। पंजाब में बाढ़ आई थी ना? यस सर। तो अभी कुछ दिन पहले तो बारिश का मौसम था। कुछ दिन पहले मौसम काहे का था? बारिश का। ध्यान से सुनना। ठीक है ना? थोड़ा सा और सब्र रखो। यह बोल रहा हूं कि ठंडी के मौसम में इधर बाढ़ नहीं आएगा। उत्तर में गर्मी में बाढ़ आए कि नहीं आएगा? आ सकता है। अगर ग्लेशियर ज्यादा पिघला तो। अभी ठंडी के ठीक पहले बारिश हुआ था। क्या हुआ था? बारिश। ठंडी के पहले वर्षा ऋतु होती है। तो वर्षा ऋतु में। ठीक है? तो वर्षा ऋतु

1:04:32 में क्या होता है कि वहां पे पानी गिरा नहीं है। फिर भी क्या आ गया वहां पे? बाढ़ आ गया। क्यों? बादल के फटने के कारण से क्लाउड ब्रस्टिंग बोलते हैं। तो बादल क्यों फटता है? जब बादल हैवी हो जाएगा तब क्या होगा? वो फट जाएगा। हैवी क्यों हो गया? हाई टेंपरेचर की वजह से बादल एकदम घनेघने हो गए। ग्लेशियर पिघलता है तो बाढ़ आने के चांसेस कम रहते हैं। लेकिन बादल जब फटता है ना तो बहुत सारा पानी अचानक से क्या होता है? नीचे आता है। तो बादल फटना यह क्लाइमेटिक डिस्टरबेंस का एक रिजल्ट है। जो घटनाएं पांच छ साल में होती थी, वह अब एक साल में दो-तीन बार हो जा रही है। और इसलिए पंजाब जैसे राज्य को सामना करना पड़ता है किसका? बाढ़ का सामना करना पड़ता है। पंजाब फ्लड में डूब गया था। उत्तराखंड भी कहीं ना कहीं फ्लड में क्या होता? डूब गया। नहीं तो उत्तराखंड में कौन सा मानसून

1:05:17 जाने वाला है? तो पश्चिम बंगाल के डूबने का कारण वही पता कि ग्लेशियर से होते हुए गंगा में पानी का आना। तो उत्तराखंड इज अ सोर्स ऑफ गंगा। याद है? सर। ठीक है ना? लेकिन गंगा और वेस्ट बंगाल का डूबने का यह भी रीजन था ना कि बारिश में ही तो गंगा में क्या जाएगा? पानी जाएगा। गंगा में दोनों सोर्स ऑफ इनकम हो सकते हैं। एक तो बादल का फटना भी और मानसून का जाना भी। गंगा मैदानी इलाके में है और वहां तक तो मानसून का पानी जाएगा। वो कैसे जाएगा? कल देखेंगे। बारिश कैसे होगी तब मालूम पड़े गंगा में पानी क्यों आया है। ठीक है? कल का जो भी सवाल है कल देखेंगे। आज टाइम हो गया। बाकी जो भी आपका सवाल कल बिल्कुल पूरा एंटरटेन करूंगा। ठीक? फिलहाल इतना समझ के आना बाकी बातें कल

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