0:00 जीवे जीवे जुग जुग जीवे जीवे अपनी झल्ली शुक्र गुजारी >> बहुत दर्द हो रहा है ना >> ओए ना जी ना मेरी चाची ने तो मुझे इससे भी ज्यादा मारा हुआ है कई बार। हां, एक बार तो ना उन्होंने मुझ पे जलते हुए कोयले भी फेंक दिए थे। अब तो दर्द-दर्द होना बंद ही हो गया है। लेकिन हां चाची ने मुझे पैर के सिवा मेरे बाजू पे मारा होता ना तो ज्यादा अच्छा
0:46 होता। कम से कम मैं सतामू तो खेल सकती होती। हां ले बातों ही बातों में टाइम वेस्ट कर दिया ना आपने मेरा। मुझे बड़े सारे काम है। आज अमू की पेटी खुलने की रस्म है। मुझे सबको इनवाइट करने जाना है। अब मैं चलती हूं। ह लो जी मैं आप दोनों को इनवाइट करना तो भूल ही गई। आप दोनों भी जरूर आइएगा। ठीक है चंगा जी। हां। ये दुनिया भी बड़ी अजीब है यार। सच में पता नहीं अच्छे लोगों के साथ ही इतना बुरा क्यों होता है। एक नूर है और एक मेरी मनो मां। पता है अमृत के गृह प्रवेश के समय उन्हें
1:34 हमारे साथ होना चाहिए था। लेकिन बीजी के डर से बेचारी अपने रूम से बाहर ही नहीं निकली। मैं गया भी था उन्हें बुलाने। लेकिन पता है उन्होंने आने से मना कर दिया होगा। पता नहीं वो दिन कब आएगा जब मनु मां भी इस घर की हर खुशी का हिस्सा बनेगी। चले एककार [संगीत] करता पुरख निर्भ निर्
2:22 अकाल मूत अजुनी सेम गुरु प्रसाद [संगीत] सतनाम श्री वाहेगुरु बाबा जी अमू और मास्टर जी की जोड़ी हमेशा हमेशा बनाए रखना उनकी रक्षा करना सच्चे बादशाह [संगीत] [प्रशंसा]
3:09 मेरी बहू मेरे मेरे निर्भर की बूटी पुत्तर जी [प्रशंसा] [संगीत] क्यों रे पुत्र ज्योती रहे रब तुझे और निर्भर को जिंदगी भर ढेर सारी खुशियां बख्शे >> मुझे और मास्टर जी को लेकिन ये है कौन >> पुत्र एक मिनट रुका एक मिनट बस मैं मैं
3:55 अभी आई [संगीत] तू बैठ पुत्र तू बैठ मैं ना बस बस अभी आती हूं हां एक मिनट बैठ बस [संगीत] कि वो >> आज आपको इनवाइट करने आई हूं। आज वो >> वही तो मैं वही सोच रही हूं। मुझे मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा कि तुम मुझसे यहां मिलने आई है। पता है पुत्त आज मैं इतनी खुश हूं। इतनी खुश हूं कि मैं बता ही नहीं
4:41 सकती। >> हेलो आपने तो बता दिया। >> पुत्र ये >> ये मैं नहीं >> पुत्र मेरे निर्भयर की बूटी मेरी बहू मेरी अमृत मुझसे मिलने आई है। ले पुत्तर ये ये कंगन ना तेरे लिए रखे हैं। ले पहन ले। >> नहीं आंटी जी मैं अमृत नहीं हूं। ये कंगन मैं नहीं पहन सकती। ये तो मेरी अम्मू के लिए है। मैं अमू की दोस्त नूर। सब मुझे छल्ली-छल्ली बुलाते हैं। क्या हुआ आंटी जी? मैंने आपको नाराज कर दिया। सॉरी सॉरी।
5:26 >> अरे नहीं नहीं पुत्तर जी कोई गल नहीं। मैं मैं बिल्कुल नाराज नहीं हूं। और तू इतनी घबरा क्यों गई? लेकिन पुत्तर जी ये तेरे पैरों में अलता ये ओ ये तो गलती से लग गया था। हां लेकिन आप कौन हो आंटी जी? ना ही शादी में नजर आए ना किसी फंक्शन में। >> मैं मैं निर्वेयर की बड़ी मम्मी मनप्रीत कौर से >> हां मनप्रीत मम्मी मतलब मन्नू मां >> हां मन्नू मां आज ना अमू की बेटी को लाई की रस्म है और मैं सबको इनवाइट करने जा
6:13 रही हूं तो मैं आपके पास भी आई हूं। आप भी जरूर आइएगा। हम सब आपका इंतजार करेंगे। हां मैं मैं नहीं आ सकती। मुझे बहुत ही जरूरी काम है। मैं नहीं आ सकती हां। नहीं आ सकती। कमाल है। पन्नुमा ने आने से मना क्यों कर दिया? [संगीत] कम ऑन अमृत जल्दी से पेटी खोलो अब बताओ अपने पिक से हम सबके लिए क्या गिफ्ट्स लाई हो >> बीजी नहीं आए ना
7:00 >> नूरनी को बुलाने गई है एक बार बीजी आ जाए फिर >> आदत डाल लो अमृत बीजी एक बार अपसेट हो जाए फिर तो उन्हें रब भी नहीं बना सकता यहां आना तो दूर उन्होंने तो अपने कमरे से भी बाहर नहीं निकलना। >> वैसे कहना तो नहीं चाहिए लेकिन फिर भी कह ही देती हूं। अब तो बीजी और भी ज्यादा अपसेट हो जाएंगी। तुमने उस नूर को जो भेज दिया बीजी को बुलाने के लिए। >> ना पुत्तर। सब हैं यहां पर। अच्छा नहीं लगता। पेटी खोलो। [संगीत] अब लाली बुआ हमें लगता है कि हमें बीजी का वेट करना चाहिए।
7:46 [संगीत] अमृत मैंने कहा ना पेटी खोलो। आज बीजी अपने कमरे से बाहर नहीं आएंगी। बैठी होगी बुड्ढ अपने कमरे में। [संगीत] अब कैसे मनाऊं बीजे जी को? कैसे खुश करूं इन्हें? [संगीत] >> ए लड़की यहां क्या कर रही है? [संगीत] >> ये तू कर क्या रही है? बीजी जी बीजी जी
8:34 >> बीजी जी >> ये बीजी जी क्या होता है? >> अरे आप मुझसे बड़े हो ना और बड़ों के नाम के आगे जी लगाते और आपका नाम बीजी है तो फिर मैं आपको बीजी तो नहीं बोल सकती इसलिए बीजी जी >> बीजी जी आज ना आज अमू की पेटी खुलाई की रस्म है और मैंने सबको इनवाइट किया है। सब लोग आ गए। आप भी चलो ना बीजी जी। मैंने कहीं नहीं जाना। तू जा यहां से। चल। >> अरे गई क्यों नहीं अभी तक? >> जी जी। >> अरे क्या कर रही है? >> नहीं नहीं आप प्लीज नाराज मत होना। मैं ना सच्ची यहां रहने नहीं आई हूं। वो तो अम्मू ने जबरदस्ती यहां रोक लिया है। बस एक बार फंक्शन खत्म हो जाए तो मैं खुद चली जाऊंगी यहां से। माय गॉड दी सॉ सच्ची मुच्ची।
9:20 हां। जीजी जी। मास्टर जी की मम्मी भी नहीं आ रही है और उनके डैडी जी तो पहले ही स्टार बन गए हैं। अगर आप भी नहीं आए ना तो उनकी रस्म में कोई बड़ा नहीं होगा। फिर उनको बहुत दुखी महसूस होगा और अकेला लगेगा और अगर वो दुखी हो गए ना तो मेरी अम्मू को भी दुखी हो जाना है। क्या आप ऐसा चाहोगे कि दोनों इतनी बड़ी रस्म में दुखी हो? नहीं ना बीजी जी प्लीज ना मेरे साथ चलो ना। प्लीज ना चलो ना। चलो ना चलो ना बीजी जी। चलो चलो चलो चलो चलो। हिस्स >> कम ऑन अमृत पेटी खोलो और नहीं तो क्या मम्मी ने कहा ना प्लीज पेटी खोलो खोलो अमृत >> लेकिन निर्भयर पीसी के बिना कैसे >> डोंट वरी अमृत मैं उन्हें मना लूंगा
10:09 वो अभी बहुत अपसेट है एंड आई नो जब वो अपसेट होती है ना तो जल्दी नहीं मानती [संगीत] इनकी यह रस्म भी खराब हो गई। गुड वेरी गुड। बस कुछ ही घंटों की बात है। उसके बाद तो ये दोनों मरने ही वाले हैं और फिर सब कुछ मेरा। [संगीत] >> वो देखो। बीजी आ गई [संगीत] बीजी
10:55 [संगीत] >> मम्मी ये पीछे कहां से आ गए >> मेनु की पता [संगीत] [प्रशंसा] थैंक यू बी जी। [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] >> थैंक यू। >> थैंक यू बीजी। >> चलो आ जाओ स्टार्ट करते हैं। [संगीत]
11:43 ये आपके लिए >> थैंक यू >> सरताज ये तुम्हारे लिए [संगीत] ये आपके लिए >> जरा पुत्र रमनीक दी ये आपके लिए। >> थैंक यू अमृत। >> ये तुम्हारे लिए। >> थैंक यू भाभी। >> ये किसके लिए पुत्त? >> ये मनु मां के लिए।
12:30 [संगीत] निर् बताया नहीं तुझे कि उस औरत से हमारा कोई नाता नहीं है और तेरा भी कोई नाता नहीं होना चाहिए। [संगीत] उसके लिए कुछ करना तो दूर की बात है। उसका नाम भी नहीं लेना है तुझे। और खबरदार जो कभी उससे मिलने गई तो >> जी [संगीत]
13:19 >> पी जी हम आपके लिए भी कुछ लाए >> क्या लाई है पुत्तर [संगीत] सच्चे पाशाह श्री गुरु नानक देव जी की साखी >> बे आसरे दासरा [संगीत] तू निटे ओ [संगीत] तू निटे ओ
14:04 >> धन्य भाग चल चल पुत्तर इन्हें बाबा जी के दरबार में रख देते हैं। >> जहाज है [संगीत] एक कुंकार सना करता पुरख निर्भ निर् अकाल मूत अजुनी सेम गुरु प्रसाद [संगीत]
14:50 ये रस्म का ड्रामा खत्म हो तो मैं असली तमाशा शुरू करूं। मुझसे अब इन दोनों को जिंदा देखा ही नहीं जा रहा है। [संगीत] अब ये बता कि मेनू मेरा तोहफा कब दे रही है? >> पीजी आप बताइए आपको क्या चाहिए? आपका हुकुम सर आंखों पर। >> अमृत पुत्तर मुझे इस घर का वारिस दे दे। बे आसरे [संगीत] आसरा
15:37 तू बोल पुत्त >> देगी ना मुझे मेरा वारिस >> अम्मा चुप क्यों है कुछ बोल क्यों नहीं रही है? हो >> अरे तुसी टेंशन ना लो बीजी और गुस्सा तो बिल्कुल मत होना। मेरी अम्मू ना बड़ी चंगी कुड़ी है। आप जो मांगोगे ना ट्यव करके दे देगी। अमू और मैं शुरू से ही ऐसे हैं। हम किसी चीज को ना नहीं करते। आपको बारिश चाहिए ना बीजी। है ना? मेरी अम्मू तो यूं दे देगी। आप जरा भी फिक्र ना करना। [संगीत] और हां
16:24 अगर अमू आपको वारिस नहीं देगी तो मैं दे दूंगी। [संगीत] लड़की क्या बकवास कर रही है? तुझे पता भी है कि तूने क्या कह दिया है? >> ये कहना क्या चाहती है तू? मतलब क्या है तेरी बात का? >> लाली बुआ नूर का कहने का वो मतलब नहीं था।
17:11 >> नूर तुझे पता भी है बारिश क्या होता है? >> ले क्यों नहीं पता होगा? बिल्कुल पता है। [संगीत] >> बारिश वाली दवा खाने की गैस भगाओ गोलियां। मैं आपको लाके दूंगी बीजी। फिर देखना बीजी। आपका पेट ट्य करके साफ हो जाएगा। और कबज़ कबज़ का तो नामो निशान नहीं रहना है। पता है मेरी चाची को भी ना गैस की दिक्कत थी। मैंने उनकी बारिश की गोलियां दी। ओए होए होए पूछो ही मत। चाची ने जो बम फोड़े, जो रॉकेट उड़ाए आय हाय हाय बाकियों की नाक जरूर सड़ी लेकिन चाची को आराम जरूर मिल गया था। >> जीजी त टेंशन ना लो। मैं आपको भी ना बारिश की गोलियां लाके दे दूंगी। [संगीत]
17:59 तू सच कह रही है क्या क्या सच में तेरी बारिश की गोलियां इतनी असरदार है >> आो बी जी बड़ी असरदार गोली अंदर गैस बाहर >> ऐसा कर वो गोली मेरे लिए जरूर लाके देना हैं [संगीत] [हंसी] अमू सारे हंस क्यों रहे थे? मैंने कुछ गलत कर दिया क्या? >> नहीं नहीं तूने कुछ भी गलत नहीं किया। >> फिर ठीक है। तेरी अम्मा कहती है तो ठीक किया होगा। >> होए लड्डू।
18:44 बुड्ढ को वारिस चाहिए। कोई वारिसिस नहीं आएगा क्योंकि सेखोस की सारी प्रॉपर्टीज सारे बिनेसेस पे सिर्फ मेरा और मेरे सरताज का हक है। [संगीत] क्या हुआ लाली बुआ? >> कुछ नहीं पुत्र मैं नेकलेस ठीक कर रही थी। >> थैंक यू लाली बुआ। योर मोस्ट वेलकम। ये बड़े बुजुर्ग भी ना विले ही बच्चों पर प्रेशर डालते रहते हैं।
19:31 लेकिन तू ना उनकी बात एक कान से सुन और दूसरे कान से निकाल दे। बताओ जरा अभी से वारिस मांग रहे। अरे अभी तो तेरे निर्वेर की जिंदगी शुरू हुई है। घूमो फिरो एंजॉय करो मौजा मारो। वारिस का क्या है? वारिस तो आता रहेगा। लेकिन लाली बुआ पीजी ने कुछ गलत भी नहीं कहा। अगर हमारा और तेरे पैर का बेबी थोड़ा जल्दी हो जाता है। अच्छा ही है। एक बार बेबी हो गया ना तो तुम दोनों की लाइफ जलेबी की तरह हो जानी है। पूरा दिन दोनों आगे पीछे घूमते रहना उसके। सारा दिन सुसु पोटियों में निकल जाना है।
20:17 बीजी ने तो ऐसे ही प्रेशर डाला था रमनीक पे। क्यों रमनीक? आहो मम्मी सही कह रहे हो त >> तो अभी तो तुम दोनों एंजॉय करो और बेबी नहीं अपना हनीमून प्लान करो [संगीत] >> लगता है मॉम डैड आ गए हम अभी आते हैं। [संगीत] मम्मी कहना तो नहीं चाहिए लेकिन फिर भी कह देती हूं आप अमृत को इतना लेक्चर क्यों दे रही थी इसकी जरूरत क्या है आप तो आज रात निर्
21:07 को मारने वाली है ना तू ठीक कह रही है रमनीक पर ना फारिस सुनते ही मेरा दिमाग खराब हो गया था। गुस्सा आ गया था मुझे बहुत। मैं भूल गई थी कि आज रात अमृत और निर्वेयर की आखिरी रात है। लेकिन मम्मी आप ही काम करोगे कैसे? देखी जा नजारे क्योंकि मैं हूं लाली
21:54 जिदी हर गल निराली [संगीत] >> 1 घंटे बाद 10:00 बजे का टाइमर सेट कर दिया है। निर्भेर और अमृत की मौत की उल्टी गिनती शुरू। >> ये आवाज कैसे आ रही है? घड़ी की टिकटिक जैसी।