Joel 2:18-32 Believers, The Merciful God Abundantly Blesses His People Who Call Upon His Name. #msj

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो योएल के दूसरे अध्याय के 18-32 पदों का सारांश प्रस्तुत करता है, जिसमें परमेश्वर की दया, करुणा और अपने लोगों के प्रति जलन का वर्णन है। मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • परमेश्वर अपने लोगों को बहुतायत से आशीष देता है जो उसका नाम पुकारते हैं।
  • पश्चाताप और प्रायश्चित आवश्यक हैं ताकि परमेश्वर दया करे और विपत्ति दूर करे।
  • परमेश्वर अपने लोगों के लिए जलन रखता है और उन पर तरस खाता है, उनकी भौतिक और आत्मिक आवश्यकताओं को पूरा करता है।
  • अंतिम दिनों में, परमेश्वर अपना आत्मा सब लोगों पर उंडेलेगा, और जो कोई यहोवा का नाम लेगा वह उद्धार पाएगा।

परिचय: योएल 2:18-32 का सारांश

योएल नबी विश्वासियों को याद दिलाता है कि दयालु परमेश्वर अपने लोगों को बहुतायत से आशीष देता है, खासकर उन लोगों को जो उसका नाम पुकारते हैं। यूएल में, यहूदा के लोग विद्रोह का जीवन जी रहे थे, जिसके कारण परमेश्वर ने टिड्डियों की महामारी भेजी। इस विपत्ति के कारण बर्बादी, भूखमरी और सूखा पड़ा। नबी उन्हें पश्चाताप करने और प्रायश्चित करने के लिए कहता है, क्योंकि यह विपत्ति यहोवा के भयानक दिन की ओर इशारा कर रही है। पश्चाताप करने से परमेश्वर दया करेगा।

परमेश्वर का दृष्टिकोण बदलता है

योएल के दूसरे अध्याय के 18वें पद में कहानी में एक बदलाव आता है। पहले परिस्थिति खराब थी, लेकिन अब जब लोग प्रायश्चित कर रहे हैं, तो परमेश्वर का दृष्टिकोण अपने लोगों के प्रति बदलता है। वह उन पर दया करता है और उन्हें बहुतायत से आशीष देता है। 18वें पद से लेकर तीसरे अध्याय के अंत तक, परमेश्वर अपने लोगों के प्रति दयालु हो जाता है और उन्हें भौतिक और आत्मिक आशीषों से भर देता है।

भौतिक आशीषें: योएल 2:19-27

19वें पद से लेकर 27वें पद तक, परमेश्वर यहूदा गोत्र के लोगों को भौतिक आशीषों से भर देता है। वह उन्हें अन्न, दाखमधु और तेल देगा, जिससे वे संतुष्ट रहेंगे। परमेश्वर उनके शत्रुओं से उनकी रक्षा करेगा और उनके सम्मान को पुनः स्थापित करेगा। जो लोग पहले उनका ठट्ठा उड़ाते थे, वे अब उनका सम्मान करेंगे। परमेश्वर उनके लिए भोजन का प्रावधान करेगा, उनकी इज्जत को बचाएगा और उन्हें सुरक्षा प्रदान करेगा।

परमेश्वर की जलन और तरस

योएल 2:18 में कहा गया है कि परमेश्वर अपने देश के लिए जलन रखता है और अपने लोगों पर तरस खाता है। जब परमेश्वर देखता है कि उसके लोग पराजित और प्रताड़ित हैं, और वे उसकी ओर मुड़ते हैं, तो वह उन पर दया करता है। प्रायश्चित और पश्चाताप आवश्यक हैं। परमेश्वर जलन रखने वाला परमेश्वर है, जिसका अर्थ है कि वह चाहता है कि उसके लोग पूरी तरह से उसके प्रति समर्पित रहें। वह तरस खाने वाला परमेश्वर भी है, जो करुणा दिखाता है और क्रोध में विलंब करता है।

शारीरिक आवश्यकताएं और सुरक्षा

परमेश्वर अपने लोगों से कहता है कि वह उन्हें अन्न, दाखमधु और तेल देगा, जो बहुतायत का चित्रण है। जिनके पास ये चीजें हैं, वे सुरक्षित और संपन्न हैं। परमेश्वर न केवल उनके लिए भोजन का प्रावधान करेगा, बल्कि वह उन्हें उनके शत्रुओं से भी बचाएगा। वह उनके सम्मान और इज्जत की चिंता करेगा और उसे पुनः स्थापित करेगा।

भयभीत होने की आवश्यकता नहीं

परमेश्वर अपने लोगों को बताता है कि उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है। समय बदल गया है, और अब उन्हें भविष्य की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें आनंदित और मगन होना चाहिए क्योंकि परमेश्वर महान काम कर रहा है। न केवल परमेश्वर के लोगों को, बल्कि उनके जानवरों को भी डरने की आवश्यकता नहीं है। सब कुछ हरा-भरा और फलवंत होगा।

प्रभु में मगन होना

अब समय रोने का नहीं है, बल्कि आनंद मनाने का है। लोगों को परमेश्वर को धन्यवाद देना चाहिए और उसकी स्तुति करनी चाहिए। उन्हें परमेश्वर में मगन होना चाहिए, न कि केवल भौतिक आशीषों में। परमेश्वर ने उन्हें स्वीकार किया है और क्षमा किया है, जिसके कारण उनके जीवन में बदलाव आया है।

पुरानी वाचा में भौतिक आशीषें

पुरानी वाचा के अंतर्गत, परमेश्वर के लोगों को सब लोगों के सामने अलग होना था। वे सच्चे परमेश्वर की आराधना करते थे, और परमेश्वर उन्हें बहुतायत से भौतिक चीजें देता था। उस समय, बहुतायत को मापने का तरीका था कि उनके पास खाने, पीने और पहनने के लिए बहुत कुछ हो। यह स्पष्ट हो जाता था कि वे सच्चे परमेश्वर के लोग हैं।

लौटा दिया जाएगा

परमेश्वर कहता है कि वह सब कुछ लौटा देगा जो लूट गया था। जो कुछ भी उजड़ गया था, वह वापस आ जाएगा। परमेश्वर ने ही उनके ऊपर विपत्ति भेजी थी, और वही उन्हें वापस देगा। परमेश्वर संप्रभु है और सब कुछ के ऊपर नियंत्रण रखता है। वह सब कुछ में अपनी महिमा कर रहा है और लोगों को अपनी ओर खींच रहा है।

दयालु परमेश्वर

परमेश्वर दयालु है। वह अपने लोगों को बहुत कुछ देगा, और वे संतुष्ट हो जाएंगे। वे अपने प्रभु की स्तुति करेंगे। परमेश्वर ने लोगों को भौतिक आशीषें इसलिए दीं ताकि वे प्रभु में आनंदित हों और उसके नाम की स्तुति करें। परमेश्वर चाहता है कि उसे हर एक बात के लिए श्रेय मिले।

आत्मिक आशीषें: योएल 2:28-32

परमेश्वर केवल भौतिक बातों में ही रुचि नहीं रखता, बल्कि वह आंतरिक, आत्मिक और अनंत तक के लिए भी चिंता करता है। वह अपने लोगों पर अपना आत्मा उंडेलेगा। पुराने नियम में, परमेश्वर विशेष लोगों को अभिषिक्त करता था, लेकिन अब वह अपना आत्मा सब लोगों पर उंडेलेगा।

पवित्र आत्मा का कार्य

परमेश्वर का आत्मा मरे हुए को जीवन देता है। नबी परमेश्वर के आत्मा में होकर के नबूवत करते हैं। मूसा परमेश्वर के आत्मा में होकर के अगवाई का काम करता है, और वही आत्मा 70 अगुओं में दिया जाता है। मूसा चाहता है कि सब में परमेश्वर का आत्मा पाया जाए और सब लोग नबूवत कर सकें।

सब लोगों पर आत्मा

योएल नबी कहता है कि परमेश्वर अपने लोगों पर सब लोगों पर अपना आत्मा उंडेलेगा। पुत्र और पुत्रियां, वृद्ध और जवान सब लोग स्वप्न देखेंगे और दर्शन देखेंगे। परमेश्वर सब लोगों से बात करेगा। एक समय आएगा कि सब के सब जानेंगे कि प्रभु कौन है और सब के सब परमेश्वर के आत्मा का अनुभव करेंगे।

यहोवा का महान और भयानक दिन

यहोवा का दिन आने वाला है, और उस दिन लहू और अग्नि दिखाई देगा। सूर्य अंधकार में हो जाएगा, और चंद्रमा लहू में बदल जाएगा। यह सब भयानक होगा, लेकिन परमेश्वर के लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जो कोई यहोवा का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा।

उद्धार

जो कोई यहोवा का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा। परमेश्वर ने जिन्हें बुलाया है, वे उसे पुकारेंगे और उनका उद्धार होगा। प्रेरितों के काम में, पेंथिकोस के दिन परमेश्वर का आत्मा उंडेला गया। अब, परमेश्वर सब लोगों से कहता है कि वे उसके नाम को पुकारें।

प्रार्थना और धन्यवाद

जब हम इस खंड को पढ़ते हैं, तो हमें परमेश्वर को धन्यवाद देना चाहिए उसकी करुणा, प्रेम और प्रतिज्ञाओं के लिए। हमें धन्यवाद देना चाहिए कि वह हमारे लिए प्रावधान करने वाला परमेश्वर है, न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि आत्मिक रूप से भी। हमें धन्यवाद देना चाहिए कि उसने हमें अपना आत्मा दिया है और हमें अपना बनाया है। हमें उसके नाम को लेने के द्वारा उद्धार का पाया जाना है।

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Transcript

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0:00 [संगीत] अगर जो उसके दूसरे अध्याय उसके 18 पद 32 पद तक अगर हम यहां पे अपने समझने के लिए इसको सारांशित करें जो नबी है वो विश्वास से कहना चाहता है विश्वासियों यह बात ध्यान दो कि जो दयालु परमेश्वर है वो अपने लोगों को बहुतायत से आशीषित करता है। दयालु परमेश्वर अपने लोगों को बहुतायत से आशीषित करता है। जो उसका नाम पुकारते हैं। कौन लोग? वह लोग जो उसका नाम पुकारते हैं। उसके लोग कौन लोग जो उसका नाम पुकारते हैं। उसके लोग जो उसका नाम पुकारते हैं उन्हें यहोवा परमेश्वर बहुतायत से आशीषित करता है। ठीक है?

0:47 बहुतयत से आशीषित करता है। बिलीव मर्सफुल गॉड अबंडेंटली ब्लेस पीपल हु कॉल अपॉन ह नेम। ऑलाइट अगर आपको याद होगा यूएल में क्या चल रहा है यहां पर घटना क्या चल रही है यहां पर यहूदा के लोग हैं ये लोग विद्रोह का जीवन व्यतीत कर रहे हैं ऐसा प्रतीत होता है इसीलिए इनके ऊपर प्रभु जी ने इस बड़ी विपत्ति को भेजा है और ये विपत्ति है टिड्डियों की महामारी है इस टिड्डियों की वजह से वहां पर बर्बादी है वहां पर विपत्ति है वहां पे उसके वजह से सब कुछ उजड़ गया है तहसनहस हो गया वहां पर उनके पास कुछ बचा नहीं है। भूख मरी है, सूखा पड़ा है। एंड ऐसी परिस्थिति

1:34 में उनसे कहा जाता है कि पश्चाताप करो, प्रायश्चित करो। अगर तुम पश्चाताप करोगे, प्रायश्चित करोगे, प्रभु के पास आओगे तो प्रभु जी दया करेंगे। और यह जो विपत्ति है यह चिन्हित कर रहा है, इशारा कर रहा है आगे की ओर एक और भयानक यहोवा के दिन की। तो तुम अगर विपत्ति देखकर के तुम डर रहे हो, तुम सोचो बड़ा भयानक हो गया। बड़ा गड़बड़ हो गया। अभी कुछ भयानक नहीं हुआ है। अभी विपत्ति आने वाली है। प्रभु का दिन आने वाला है। वह और भयानक होगा। तो यह जो भयानकता देख रहे हो जो भयावह तुम देख रहे हो जो भयंकर देख रहे हो जो डरावनी परिस्थिति देख रहे हो यह उस आने वाले यहोवा के दिन प्रभु के दिन द लॉर्ड्स डे से सामने कुछ भी नहीं होगा। यह उसकी ओर

2:19 चिन्हित कर अभी भी समय है। अभी भी पश्चाताप करो। मौका है। पश्चाताप करो। यही बात पिछली बार भी हमने देखा था। पश्चाताप करो क्योंकि प्रभु का दिन भयंकर है, भयानक है और प्रभु जी तुम पर दया करेंगे। तो ऐसा तो दूसरे अध्याय में जब हम लोग ने 12 पद से लेकर के 17 पद में देखा था तो वहां पे उनको आह्वान दिया गया था। उनको बुलाहट दी गई थी। येूदा के लोगों को इनको बुलाहट दी गई थी। आओ तुम लोग जो कि तुम लोग आ करके परमेश्वर के सामने पश्चाताप को करो प्रायश्चित करो। और यहां पर अगर आप अगर आपको याद होगा 12 दूसरे अध्याय के 12 पद से ले 17 पद में जब यहां बात की जाए थी तो वहां पर लोग यहोवा से कहते प्रभु जी अपने नाम के निमित्त अगर हमारे साथ समस्या है अगर हम लोग ठीक

3:05 नहीं है तो आपका नाम खराब हो रहा है प्रभु जी आपकी नाम धराई हो रही है क्योंकि हम तो आपके लोग हैं प्रभु जी आप कुछ करिए तो यह कह करके वहां पर लोग प्रभु जी से विनती करते हैं विनय करते हैं एंड देन हमारे आज के सेक्शन में आज के खंड में चैप्टर टू व 18 में तो एक टर्न अराउंड है एक एक मोड़ है एक फिराव है यहां पे 18 पद में कहानी में यहां पे बदलाव है यहां पे जो परिस्थिति चल रही वहां पे यूएल के समय में यहां पे अब फर्क आ गया है तो 18 पद को देखिए यहां पे यहां पे अभी तक की परिस्थिति खराब है अभी तक परिस्थिति विपरीत है भयानक है महामारी है सूखा है सब गड़बड़ है सब कुछ लुट गया है उज उजड़ गया है। प्रायश्चित करना है।

3:51 पश्चाताप करना है। और इन्होंने ऐसा प्रतीत सबको बुलाया है। प्रायश्चित करने के संपूर्ण सब लोगों ने इनके अगों ने बुलाया है। याजकों ने बुलाया है। इनके पुरोहितों ने बुलाया सब लोग संपूर्ण देश सब समाज सब लोग आकर के व्यक्तिगत प्रायश्चित है। सामाजिक प्रायश्चित है। स्वयं कर रहे हैं। प्रायश्चित साथ में मिलकर के पश्चाताप कर रहे हैं। तो जब ऐसा हो रहा है तो 18 पद में यहां पे एक बदलाव है। 18 पद से लेकर के तीसरे अध्याय के अंत तक में प्रभु जी का का दृष्टिकोण अपने लोगों के प्रति बदलता है। वो उन पर दया करता है। उनको बहुतायत से आशीषित करता है। एंड दूसरे अध्याय में 18 पद से लेकर के 32 पद में हम दो मोटे-मोटे प्रकार की आशीषे प्रभु को देखते हैं। यहां पर उन लोगों के लिए उस

4:36 समय खास तौर से 19 पद से लेकर के 27 पद में 19 पद से लेकर 27 पद में यहां पे उनको प्रभु जिनको भौतिक आशीषों से भर देते हैं। भौतिक आशीषों से उनके वहां पर जो उनके जो शारीरिक आशीषें यहां पर हम स्पष्ट उस समय इजराइलियों को ये जो यहूदा गोत्र के लोग हैं ये लोग इनको 19 पद से लेकर के 27 पद में प्रभु जी इनको भौतिक आशीषों से पुनः ऐसा हो रहा है प्रभु जी इनको देते हैं यहां पे ठीक है एंड फिर 28 पद से लेकर 32 पद में प्रभु जी एक बड़ा काम करें समझ से बाहर बुद्धि से बाहर आत्मिक आशीषों से भी परिपूर्ण करें इनको क्योंकि बाइबल का परमेश्वर दयालु परमेश्वर है। वो कृपालु परमेश्वर है। वो अपने लोगों पर आशीषें उंडेलना पसंद करता है। उसको भाता है। उसको

5:24 वो चाहता है अपने लोगों पर अपनी कृपा दिखाना अपने फेवर को दर्शाना अपने स्नेह को दर्शाना। तो यहां पे मोटे-मोटे दो तरीके से यहां पे हैं और तीसरे अध्याय से अगर आप लोग देखेंगे तो संपूर्ण देश पर कैसे प्रभु जी उनके राजनीतिक स्थिति पर प्रभु जी क्या कर रहे हैं लेकिन फिलहाल के लिए हम लोग आज के अपने खंड के लिए 19 पद से लेकर 27 पद में शारीरिक आवश्यकताएं प्रभु जी कैसे उनकी पूरी करेंगे उनको शारीरिक आशीष देंगे एंड 28 पद से ले 32 पद में कैसे प्रभु जी उनको अत्यंत आत्मिक आशीषे देंगे सो देन व 18 में इससे पहले हम 19 देखें क्योंकि प्रभु जी क्या है यहां पे देखें क्योंकि प्रभु जो यहोवा है जो यहोवा परमेश्वर है। वो अपने देश के लिए जलन रखता है और अपने लोगों पर तरस खाता है। जब प्रभु जी अपने लोगों की परिस्थिति

6:11 देखते हैं कि उनके उनके लोग जब प्रभु देखते हैं कि उनके लोग पराजित स्थिति में है। उनके लोग प्रताड़ित किए जा रहे हैं। उनके लोगों के सामने विपरीत परिस्थिति है। एंड जब उसके लोग उसकी ओर मुड़ते हैं। यू सी दैट तो खराब स्थिति नम्र कि अपने आप को उसकी ओर मुड़े तो प्रायश्चित एंड पश्चाताप अत्यंत आवश्यक है। कुड़कुड़ाना नहीं है। उस पर दोष नहीं लगाना है। लेकिन पलट करके उससे विनती मांगनी है। अपने पापों को अंगीकार करके उसके सामने आ करके जो भाषा वहां पे इस्तेमाल की गई उपयोग की वहां पर कह रहे हैं विलाप करो। विलाप करो। रो करके

6:56 गिड़गिड़ाओ और केवल अपने कपड़े मत फाड़ो खाली ऊपरी दिखावे का प्रायश्चित मत करो लेकिन भीतरी अंदरूनी दिल से मन से सच में बदलाव लेकर के आओ सच में अपने पापों को अंगीकार करो प्रायश्चित करो मानो प्रभु के सामने आओ एंड जब तुम ऐसा करोगे वस 18 प्रभु जी का जो चरित्र है जो हमारा परमेश्वर जो यहोवा परमेश्वर जो बाइबल का परमेश्वर जो इजराइल का परमेश्वर यहूदा का परमेश्वर है जो सच्चा परमेश्वर जीवित परमेश्वर देखिए दो चीजें वो जलन रखने वाला परमेश्वर है और वो तरस करने वाला परमेश्वर है। तरस खाने वाला परमेश्वर है। वो जलन रखता है वो अपने लोगों से यहां पे जो यहां पे भाषा है वो अपने लोगों के लिए अपने देश के लिए वो है ये जो इजराइली लोग हैं जो यहूदा गोत्र के ये जो लोग हैं ये ये इनके

7:42 लोग हैं प्रभु के लोग हैं। अपने लोगों के लिए जलन उनके लिए चिंता करता है। उनके प्रति समर्पित है। वो उनको उनको उनके उनके उत्तम उनकी उन उत्तम स्थिति को देखना चाहता है। तो जब कई बार लोग जब जलन शब्द को देखते हैं तो लोग नकारात्मकता से सोचते हैं तो जब परमेश्वर जलन रखता है तो नकारात्मक नहीं है। हम और आप जलन रखते हैं तो नकारात्मक है क्योंकि हम लोग चिढ़ते हैं। इसलिए जलन रखते हैं। लेकिन यह जो यहां पे जो जलन है पहली बात दो तरह के प्रभु जी जलन रखते हैं कि प्रभु जी नहीं चाहते कि हम उसको छोड़कर किसी और के पास जाएं। जैसे एक विवाह में एक पति अपनी पत्नी के लिए जनन रखता है। वो नहीं चाहता कि उसकी पत्नी किसी और के साथ उसका कुछ लेना देना हो। उसी तरह यहोवा परमेश्वर चाहता है कि उसके लोग संपूर्णता से उसके

8:28 साथ उसके प्रति समर्पित रहे। एंड जब वो उसको छोड़ के दूसरी दूसरी ओर जाते हैं तो प्रभु जी जलन रखते हैं। तो यहां पर सकारात्मक अर्थ है प्रभु जी क्योंकि उनसे स्नेह रखता है। उनसे चिंता रखता है। उनके प्रति समर्पित है। उनके लिए वो सब कुछ करने के लिए तैयार है। उनसे उनसे वाचा बांधी है। उनका एकमात्र परमेश्वर है। वो अपने देश अपने लोगों के लिए जलन रखने वाला परमेश्वर और साथ ही साथ वो तरस खाने वाला परमेश्वर है। वो स्नेह करने वाला परमेश्वर है। वो करुणा दिखाता है। वो बार-बार करुणा दिखाता है। क्रोध में केवल क्रोधित नहीं होता। परमेश्वर के परमेश्वर का का गुण क्या है? वो विलंब से कोप करने वाला परमेश्वर है। एंड वो अति करुणामय परमेश्वर है। उसकी करुणा की कोई सीमा नहीं है। वो अत्यंत प्रेम कर तो नो ध्यान यहां पे जो

9:14 ये जो वर्स 18 है क्यों यहां पे आया? यहां पे ये दर्शा रहा है। यद्यपि हमने पाप किया। यद्यपि उन लोगों ने यहोदा के लोगों ने पाप किया। विद्रोह किया यदि उन्होंने लेकिन उन्होंने प्रायश्चित किया तो केवल प्रायश्चित करने की वजह से प्रभु नहीं आ रहे लेकिन प्रभु जी का तो ये गुण है प्रभु जी तो समर्पित है अपने लोगों के लिए प्रभु जी तो अपने लोगों से प्रेम करते हैं प्रभु जी तो अपने लोगों को करुणा दिखाना चाहते हैं क्योंकि ये उनका गुण है ये ऐसे हैं इसलिए तभी तो प्रभु जी उनकी ओर कान लगाते हैं। तभी तो अपने लोगों की बातों को सुनते हैं। इसीलिए वर्स 19 टू 27 द ग्रेट रिवर्सल एक बड़ा बदलाव होता है। उल्टा फेर बदल हो जाता है। तो पहले दूसरे अध्याय में जब हमने कहा था हमने चित्रात्मक रीति से

10:00 बार-बार बार-बार अलग-अलग रीति से हमने वहां पे क्या देखा था? कैसे कितनी कमी हो गई है वहां पे। कितनी घटी है वहां पे। कितनी समस्या है वहां पे। और मैंने आपको बताया था कि ये उस समय ये किसानी पर आधारित एग्रीकल्चर कृषि कृषि पर आधारित वह समाज है वहां पे इसीलिए व 19 में 19 पद में पहली बात प्रभु जी कहते हैं अपने लोगों से कहते हैं भाई सुनो मैं तुम्हें क्या दूंगा क्या दूंगा मैं तुम्हें तीन मैं अन्न दूंगा दाखस दूंगा और तेल दूंगा यही बात जो पहले अध्याय उसके 10वें पद में गायब हो गई थी पहले अध्याय उसके 10व पद में अगर आप देखेंगे खेत उजड़ गए हैं। भूमि विलाप करती है। इसीलिए अनाज नष्ट हो गया है। दाख सूख गया है और शुद्ध

10:46 तेल उपलब्ध नहीं है। मतलब सब कुछ उजड़ गया। सब कुछ बर्बाद हो गया। कुछ बचा नहीं है। कुछ बचा नहीं है। कभी-कभी आपके घरों में जब आप लोग आटा जब रोटी बनाने जा रहे हैं और आपने ध्यान नहीं दिया। आप खरीदारी आपने में आपने आपको ध्यान नहीं रहा और आपने क्या किया? डब्बे को हिला के नीचे से खुरचन निकालने की रोटी बनाने की कोशिश करते हैं आटा बनाने की। लेकिन उस उस डब्बे में अब इतना भी नहीं बचा है कि आप उसे एक रोटी भी बना सकते हैं। उससे भी गए गुजरी परिस्थिति है यहां पे। उससे भी गई गुजरी परिस्थिति है। लेकिन व्हेन जब क्योंकि प्रभु जी का चरित्र कैसा है? प्रभु जी कैसे हैं? प्रभु जी का गुण कैसा जो बाइबल का मनुष्य वो प्रेमी है, दयालु है, कृपालु है, वो क्षमा करता है, वो स्नेह करता है,

11:32 वो चिंता करता है, वो वाचा बांधता है। वो अपने लोगों को छोड़ता नहीं, अपने लोगों से फिर भी प्यार करता है। दैट इज व्हाई जब उसके लोग उसके पास आते हैं। जब लोग प्रायश्चित करते हैं, जब लोग क्षमा मांगते हैं। वर्स 19 प्रभु जी क्या कह रहे हैं? जो तुम्हारा ज्ञात हो वो मैं तुमको दे दूंगा। व 19 एक के बाद ये तीन चीजें अनाज और वह दाखरस और वो तेल। ये तीनों चीजें बहुतायत का चित्रण है ये उस समाज में विशेष तौर से उनके लिए अत्यधिक जिसके पास ये है वो ठीक है वो सुरक्षित है उसके पास संपन्नता है भोजन की कमी नहीं होगी और तुम्हारे पास इतना होगा वर्स 19 में ही के तुम तुम संतुष्ट रहोगे तुम तृप्त हो जाओगे तुम्हारा पेट भर जाएगा काफी होगा तुम्हारे

12:20 पास तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं होगी और क्योंकि तुम्हारे पास बहुत अच्छे होगा। इसलिए जो दूसरे लोग हैं, जो मेरे लोग नहीं है, वह जो अन्य लोग हैं, वह जानते हैं कि तुम मेरे लोग हो। अभी तक क्योंकि तुम्हारे पास नहीं था, तुम्हारी कमी को देखकर के तुम्हारा ठट्ठा उड़ाते थे और उसकी वजह से मेरा नाम खराब हो रहा था। फिर क्या होगा? उसके बाद वह मेरा नाम को खराब नहीं होगा। वर्स 19 उसके बाद तुम्हारी निंदा नहीं होगी। तुम्हारी निंदा नहीं अर्थात मेरा नाम नहीं खराब होगा। क्योंकि तुम मेरे लोग हो। तुम्हारा मजाक उड़ाया जा रहा है। तुम्हारा ठट्ठा उड़ाया जा रहा है। तो मेरी नाम धरा और ऐसा नहीं होने दूंगा मैं क्योंकि मैं तुम्हारे साथ बहुतायत से तुम्हें पुनः स्थापित करूंगा। ना सिर्फ प्रभु जी उनके लिए भोजन का

13:06 प्रावधान करेंगे लेकिन व 19 आगे 20 पद में इनके शत्रुओं से इनको बचाएंगे। प्रभु जी प्रभु जी इनका भोजन का उपयोग करेंगे। प्रभु जी इनके लाज इनके सम्मान इनके इज्जत की चिंता करेंगे। उसको पुनः स्थापित करेंगे। लोग जो पहले ठठा उड़ाते थे लोग लोगों का लोगों का खरा नाम खराब होता था। उसके कारण प्रभु जी का नाम खराब होता था। वो अब नहीं होगा। साथ ही साथ में इनको प्रभु जी सुरक्षा भी प्रदान करेंगे 20वें पद में। और यहां पे उत्तर की सेना को लेकर लोग अलग-अलग तरह के आंकलन लगाते हैं। मेरे हिसाब से यहां पे येत्मक रीति से फिर भी बात की जा रही है उस बड़े झुंड से टिड्डियों के लेकिन कुछ लोग सोचते हैं

13:52 अलग-अलग कोई सेना हो सकती है। हम नहीं जानते ये स्पष्टता नहीं है। लेकिन हमको इतना मालूम है बीज पद नहीं ये जो उत्तर की सेना है। अलग-अलग समय में बंधवाई में जाने से पहले अधिकतर चाहे असुरी लोग या बेबीलोनी लोग उन लोग के लिए उपयोग किया जाता है यह भाषा लेकिन बाद में अह बंधवाई से आने के बाद उसके बाद यह सामान्य रीति से वह जो भी इजराइल के शत्रु हैं जो भयंकर है भयानक है उनके लिए सामान्य रीति से उपयोग जेनेरिक सामान्य रीति से उपयोग किए जाने लगा तो उत्तर की ओर से ऐसा प्रतीत होता है कोई शत्रु है जो इनको नाश करना चाहता है जिनको को बर्बाद करना चाहता है जो जिनको ढा देना चाहता है प्रभु जी कह रहे तुम डरो नहीं तो चाहे ये भीड़ है शत्रुओं की चाहे ये बड़ा ढेर है टिड्डियों

14:40 का चाहे कोई भी है जो इनके ऊपर हमला करना चाहता है चाहे जो भी है जो इनको बर्बाद करना चाहता है 20 पद ने वो दूर कर दिए जाएंगे यहां पे प्रभु जी उनको बचाएंगे इनको उनसे बचाएंगे वह बल्कि बर्बाद हो जाएंगे उनकी स्थिति इतनी इतनी खराब होगी कि उनके लाशों का ढेर लग जाएगा और जैसे गर्मी में सड़ते हैं अगर कोई जानवर हम लोग घर के आसपास कोई जानवर मर जाता है बदबू आती है आप कल्पना करिए उससे कहीं बढ़कर के दुर्गंध आएगी क्योंकि शत्रुओं के लाशों की ढेर लगी होगी 20 वर्स 20 द पॉइंट बीइंग जो मुख्य बात यहां पे प्रभु जी तुम्हारे लिए भोजन का उपयोग करेंगे प्रभु जी तुम्हारी इज्जत को बचाएंगे और प्रभु जी तुमको

15:26 सुरक्षा प्रदान करेंगे तुम्हारे शत्रुओं को तहसनहस कर देंगे। नाउ इमेजिन कल्पना करिए उस समय उस समय जब यवल नबी ये कह रहा होगा इजराइलियों से इन लोगों से प्रभु के जनों से यह जो अभी अत्यंत अत्यंत बर्बादी का जिन्होंने सामना किया है। इन्हों जिन्होंने जो लगभग सब कुछ जिनका सब कुछ लुट गया था। कुछ नहीं बचा था। जो आशाहीन थे निराश थे। उनके कानों में यह आवाज सुनकर के उनको कितना ढाढस मिला होगा। उनको कितना प्रोत्साहन मिला होगा यहां पर क्या प्रभु जी स्वयं कह रहे हैं वर्स 19 यहोवा अपने लोगों से कहता है यहोवा परमेश्वर अपने नबी के द्वारा जब नबी बोल रहा है तो मानो स्वयं यहोवा उनसे कह रहा है और प्रभु

16:13 जी उनको उत्साहित कर रहे हैं। उनको प्रतिज्ञा दे रहे हैं। उनको आशा दे रहे हैं। उनको आगे के जीवन के लिए उनको स्थिरता प्रदान करने की बात कर। क्यों? क्योंकि उसका चरित्र है ये। क्योंकि उसका गुण है ये। क्यों? क्योंकि अपने लोगों को भूलता नहीं है। क्यों? क्योंकि अपने लोगों को त्यागता नहीं है। क्यों? क्योंकि अपने लोगों की वो चिंता करता है। क्यों? अपने लोगों के अत्यंत विद्रोह, पाप, दुष्टता के बाद भी जब उसके पास उसके लोग आते हैं तो उन्हें बहुत से आशीषित करता है। इस बात को याद रखिए कि बाइबल परमेश्वर कभी आप पलट के उसके पास आएंगे। आप एक कदम बढ़ाएंगे वो 20 कदम आपके पास आएगा। कहने का मतलब यह है कि वो हमारे पहल से बढ़कर के हमारे हमको स्व हमको स्वीकार करने के लिए हमेशा सर्वदा

17:01 तैयार रहता है। प्रभु जी शत्रु को 20 पद में जो उत्तर की सेना है उनको नाश करेंगे क्योंकि इन्होंने दुष्टता के काम किए हैं। इन्होंने गंदे काम किए। क्या काम किया इन्होंने? प्रभु के लोगों को परेशान किया है। प्रभु के लोग उसकी आंख की पुतली के समान है। जो उसकी आंख की पुतली को छुएगा वो नाश तो होगा ही होगा। नाउ रिमेंबर याद रखिएगा यह सब कुछ हो रहा है परमेश्वर की योजना के अंतर्गत। प्रभु जी उनको उपयोग कर रहे हैं अपना काम कर अपना न्याय लाने के लिए। लेकिन क्योंकि वो लोग प्रभु के लोगों पर न्याय लेकर के दंड प्रभु के लोगों के ऊपर अत्याचार कर रहे हैं जो कि प्रभु जी का न्याय है लेकिन क्योंकि वो लोग अत्याचार कर रहे हैं इसलिए वो लोग भी प्रभु जी से क्या होंगे दंडित होंगे दंड

17:48 को पाएंगे नॉट ओनली दिस ना से प्रभु जी इनको इस प्रकार की आशीष देता है 21 पद पुनः प्रभु जी उनको बताता है कि तुम अब डरने की आवश्यकता नहीं है समय बदल गया अब अब अब ये जो पुरानी परिस्थिति वैसी नहीं रहेगी तुम अब तुमको खाली जोड़ जोड़ के जीने की जरूरत नहीं है। अब तुमको डरने की आवश्यकता नहीं। कल क्या होगा? तुम्हें भविष्य की चिंता नहीं करनी। अनिश्चित अनिश्चयता अब तुम्हारे पास नहीं आएगी। बल्कि तुम क्या करोगे? अब तुम्हारा प्रतितुत्तर क्यों? क्या होगा? क्योंकि तुम प्रभु के पास आए ना। नोटिस अगेन अगेन परमेश्वर के चरित्र को ध्यान में रखते हुए क्योंकि तुम प्रभु के पास आए हो। क्योंकि तुमने प्रायश्चित किया है क्योंकि तुमने पश्चाताप किया है क्योंकि तुमने अंगीकार किया है क्योंकि तुम रोए हो अपने पापों पर क्योंकि तुमने विलाप किया है क्योंकि तुम

18:34 बिलखि बिलख करके रोए क्योंकि तुमने बाहरी ढोंग नहीं रचा क्योंकि धर्म के काम नहीं किए वरन वास्तविक अंदर भीतरी बदलाव आए इसलिए व 21 प्रभु जी मैं मगन हो और आनंदित हो प्रभु जी महान काम कर रहे हैं संपूर्ण देश सब प्रभु के जन तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है ना सिर्फ प्रभु के लोगों के लिए प्रभु के लोगों के जानवरों को डरने की जरूरत है। पहले उसके उनके जानवर क्या होते हुए थे? भूखे मर रहे थे। बिना पानी के मर रहे थे उनके जानवर। अब उनके जानवरों को भी डरने की जरूरत नहीं। जब प्रभु जी देते ना हिंदी में कहावत जब प्रभु जी देते हैं जब ऊपर वाला देता है तो छप्पर फाड़ के देता है। यहां प्रभु जी दे रहे हैं उनको दे रहे हैं। उनके जानवरों को दे रहे हैं। उनके लिए सब कुछ उत्तम ही उत्तम होगा। सब कुछ बढ़िया होगा। इसीलिए 22 पद में यहां पे

19:20 क्या लिखा है यहां पे? क्या होगा? डरो मत। मत डरो। सब कुछ हरा भरा हो गया है। सब कुछ हरा भरा है। सब कुछ बढ़िया है। सब कुछ पनप रहा है। सब कुछ फलवंत हो रहा है। बढ़ोतरी हो रही है। अत्यधिक हो रहा है। प्ल्टी आई मीन ये ये थोड़ा बहुत थोड़ा थोड़ा-थोड़ा नहीं है। ये बूंदबूंद नहीं टपक टपक रहा है। यहां पे भयंकर बरसात हो रही है। यहां पर अत्यधिक बहुतायत के साथ तभी तो यहां पर 22 पद में हर जगह जहां आप नजर उठाकर देखेंगे वहां आपको भरपूरी और भरपूरी और सफलता और सफलता और उत्तमता और बढ़िया और सही और ज्यादा और

20:07 अधिक बस 22 वह जो लुट गया था वह जो बर्बाद हो गया था वह अब फर्क हो गया इसीलिए इसीलिए व 23 अब तुम क्या करो अब समय रोने का नहीं है अब समय विलाप करने का नहीं है तुमने अपने पापों के कारण विलाप किया है तुम बिलख बिलख के रोए हो तुमने पश्चाताप किया है अब तुम आनंद मनाओ तुम प्रभु को धन्यवाद दो उसकी स्तुति करो उसकी प्रशंसा करो 23 पद में प्रभु जी में मगन हो नोटिस नोटिस करें व 23 में यह जो भौतिक आशीष है प्रभु जी आपको दे रहे हैं यह जो प्रभु प्रभु जी इनमें मगन मत हो इनमें आनंद मत बनाओ

20:53 क्योंकि यह तो प्रभु जी की ओर से तुमको दी गई है तो प्रावधान है उसके लेकिन तुम आनंद किस में बनाओगे तुम प्रभु जी में आनंद बनाओगे तुम अपना अपनी खुशी किस में पाओगे उस आशीषों के दाता में तुम खुशी पाओगे जो आशीषे उसने दी हैं उनमें खुशी ढूंढने की आवश्यकता मत करो 23 पद में 23 प प्रभु जी मैं मगन हूं प्रभु जी ने क्योंकि क्यों क्योंकि तुम्हें उसने स्वीकार किया है। तुम्हें उसने क्षमा किया है। तुम्हें उसने क्षमा करने के कारण अब तुम्हारे साथ तुम्हारे जीवन में बदलाव है। एंड अगेन जब यहां पे भाषा यहां पे 23 पद में बात की जा रही है बरसात की। पहली बरसात और पिछली मतलब आखिरी बरसात मौसम अच्छा है। जब बरसात

21:42 आनी है तब आ रहा है। ये उस तरह की नहीं है जो पिछले हम लोग कई दिनों से बादल देख रहे हैं। अब आएगा और आता है और चला जाता है धोखा दे के। आशा बढ़ाता है शायद मौसम अच्छा हो जाएगा। जहां वहां पे बरसात पहली भी आएगी बरसात और आखिरी भी आएगी बरसात। जो चाहिए जैसी जरूरत है इस फसल के लिए चाहिए तब भी आएगी। कभी-कभी बरसात शुरू के फसल में अच्छी होती है और कभी-कभी बरसात फसल के बीच में अच्छी होती है और कभी-कभी बरसात फसल के बाद में अच्छी होती है। तो जैसी बरसात की आवश्यकता तुमको है जो तुमको जरूरत है आई मीन देख रहे प्रभु ये प्रभु दे रहे हैं तो कितना दे रहे हैं लो भाई तुम्हें कितना चाहिए यहां पे एक के बाद यहां पे प्रभु जी 23 पद में इसीलिए

22:28 क्योंकि बरसात उत्तम हो रही है क्योंकि प्रभु जी अपनी आशीष एंड अगेन ये सब चित्रण ऑल दिस इमेजरी पिक्चर ऑल द डिपेक्शन ये सब ये सब पट्रेल ये सब क्या है ऑल दी ये सब दिखाता है परमेश्वर की दया को परमेश्वर करुणा को। सो इन डिटेल्स में मत फंस जाइए। ये जो जो विस्तार है वृतांत में बारिश का मतलब ये होता है। पहली बारिश का मतलब ये होता है। दूसरी बारिश का मतलब ये होता है। ये ये सब के चक्कर में मत पड़िए। अलग-अलग रीति से इन डिफरेंट वेज़ इन इन मेनी डिफरेंट वेज़। कई अलग-अलग रीति से जो लेखक है यहां पे जो नबी है वो हमसे कह रहे हैं प्रभु जी हम पर दया करें। उस समय वहां पे उनके लिए उनको कैसे पता चलेगा दया कर रहा है प्रभु? भौतिक चीजों के द्वारा। उस समय पुराने नियम में तो आपको यह बात को ध्यान रखना है। जब भी बाइबल पढ़ते हैं तो आपको

23:14 ध्यान रखना है पुराने नियम में पुरानी वाचा अंडर द ओल्ड कवें पुरानी वाचा के अंतर्गत में पुरानी वाचा के अंतर्गत पुरानी रिमेंबर दिस थिंग उसके अंतर्गत में वहां पर प्रभु के लोगों को सब लोगों के सामने फर्क होना था। अपने चरित्र में, अपने जीवन में, अपनी आराधना में, अपनी उपासना में, अपने समाज में जहां वो लोग सच्चे परमेश्वर की आराधना करते पुराने नियम में पुरानी वाचा के अंतर्गत क्योंकि वो प्रभु के लोग हैं। प्रभु जी उनको बहुतायत से देता प्रभु उनको बहुतायत से भौतिक चीजें देता उनके लिए और उस समय कोई 20 मंजिल का मकान तो बनाते नहीं थे लोग। हवाई जहाज तो होता नहीं था। गाड़ियां तो होती नहीं थी। तो उस समय बहुतायत का कैसे मा कैसे मापा जा सकता था बहुतायत को कैसे

24:00 पता किया जा सकता है किसी के पास बहुत है आ जब उनके पास खाने के लिए बहुत है जब उनके पास पीने के लिए बहुत है जब उनके पहनने के लिए बहुत है कैसे मालूम चलेगा कि ये सच्चे प्रभु के लोग हैं ये लोग झूठे प्रभु के लोग हैं। आ जो सच्चे प्रभु के लोग हैं उनके पास बहुत है। क्योंकि प्रभु जी नियंत्रण करते हैं। पूरे भौगोलिक जोग्राफिकल एंड जो जो क्लाइमेट है जो वातावरण है उसके ऊपर बरसात के ऊपर उसका नियंत्रण है धूप के ऊपर उसका नियंत्रण है भूमि के ऊपर उसका नियंत्रण है तो वो उनको अनाज उपज अच्छी देगा क्योंकि वो परमेश्वर उसी ने सब कुछ बनाया है तो क्या बड़ा ही टेंजिबली बड़ा ही आप उसको मूर्त रीति से पकड़ करके जो दिख सकता है जो अपनी

24:46 ज्ञानेंद्रियों से हम देख सकते हैं समझ सकते छू सकते हैं, सूंघ सकते हैं। हम जान सकते हैं। उसके द्वारा स्पष्ट हो जाता लोगों के सामने कि यह सच्चे लोग हैं। प्रभु के सच्चे प्रभु के सही लोग हैं या सच्चे प्रभु के लोग नहीं है। अगर उनके पास है या नहीं तो इसीलिए यही तो पुराने नियम में बार-बार व्यवस्था विवरण में हो गया चाहे निर्गमन में हो गया। प्रभु जी ने बार-बार मेरी आज्ञाओं का पालन करोगे। मेरे अनुसार चलोगे। मेरे वचन के अनुसार चलोगे तो तुम्हारे पास होगा। मेरे अनुसार नहीं चलोगे। मेरे विरोध में चलोगे, मेरी आज्ञाओं का पालन नहीं करोगे। तुम मुझको छोड़ के दूसरे लोग पीछे जाओगे। तुम तुम अपने हाथों के बनाए हुए ईश्वर की आराधना करोगे तो तुम्हारे पास नहीं होगा। आशीषे बनाम भौतिक चीजें उस समय था सीधे-सीधे

25:32 तो इस बात को हमेशा ध्यान रखिएगा। जब पुराने नियम को पढ़ रहे हैं। इसीलिए बहुत सावधान होना चाहिए। अगर आप योल की पत्री के दूसरे अध्याय के 18 पद से लेकर के 27 पद को आप कल सुबह उठकर के और फिर क्लेम करने लगे कोट करने लगे आप प्रभु जी आपने कहा था खलियानों को भरा होगा तुम्हारा फिर जाके सुबह जाकर के फिर अलमारी खोल के देख भरा कि नहीं भरा है या फ्रिज खोल के देख भरा है कि नहीं भरा है तो आपने क्या किया उसको गलत समझ लिया पुरानी वाचा के अंतर्गत पुराने नियम में इजराइली लोगों के लिए प्रभु के जो जान है उस समय जो एक ही जाति के लोग हैं उनके लिए और प्रभु जी ने उनके लिए ऐसा किया ही किया है। व 24 में उनके खलियान भरे हुए हैं। गोडाउंस उनके भरे हुए हैं उनके पास। उनके उनके यू नो उनके उनके

26:20 उनके जो है बैंक में पैसे की कमी नहीं है उनके पास। उस समय बैक देन उस समय वो जब चाहते थे स्विगी से या zomato से या zpto से जो चाह थे वो ऑर्डर कर सकते थे। बहुत था उनके पास व 24 में उनको चिंता करने की जरूरत नहीं थी उनके यहां उस समय उनके पास होम डिलीवरी आराम से हो जा रही थी इतना ज्यादा था उनके पास वो खुद तो लेते लेते थे अपने पड़ोसियों को भी दे देते थे व 24 बहुत कुछ होगा खाना होगा डाक मधु होगा तेल होगा व 25 प्रभु जी क्या कह रहे हैं इतना दूंगा तुमको मैं इतना दूंगा तुमको है जो लूट गया था वो भी लौटा दूंगा मैं तो पिछले

27:06 दो तीन चार पांच साल से हमको नहीं मालूम कितने समय से महामारी थी हमको नहीं मालूम कितने समय से टिड्डियां थी हमको नहीं मालूम कितने समय से समस्या चल रही थी हमको नहीं मालूम कितने समय से वो लोग उजड़ गए थे वो लोग जो सब कुछ उजड़ गया था लूट गया था बर्बाद हो गया था वर्स 25 प्रभु जी क्या कह रहे हैं वो सब कुछ वो सब कुछ जो उजड़ गया था वो सब कुछ वापस आ जाएगा आएगा नाउ नोटिस करिए व 25 में नोटिस करिए प्रभु जी क्या कह रहे हैं जो जो दल वाली रेंगने वाली उजाड़ने वाली कुतरने वाली ये टिड्डियां अर्थात मेरे भेजे हुए दल ने खा लिया था तो ये समस्या किसने भेजी थी उनके ऊपर प्रभु जी ने भेजी थी ये विपत्ति किसने

27:53 भेजी थी उनके ऊपर प्रभु जी ने भेजी थी ये न्याय किसने डाला था उनके ऊपर प्रभु जी ने डाला था तो प्रभु जी हैं जो देते हैं और प्रभु प्रभु जी हैं जो लेते हैं। प्रभु जी अपनी मर्जी के अनुसार कुछ लोगों के जो धर्म ज्ञान है जो ईश्वर ज्ञान है उनके जो बिबिकल बाइबल या नॉलेज है उनके अंदर यह कैटेगरी नहीं है कि प्रभु जी हम पर समस्या भी डालते हैं। उनको ये नहीं समझ में आता है। ये प्रभु जी करें क्योंकि प्रभु जी समप्रभु हैं। क्योंकि प्रभु जी सार्वभौमिक है क्योंकि प्रभु जी सब कुछ के ऊपर नियंत्रण करते हैं। क्योंकि प्रभु जी के हाथ से बाहर कुछ नहीं गया है। तो जो कुछ भी प्रभु जी कर रहे हैं। सब कुछ में अपनी महिमा कर रहे हैं। वो उसके द्वारा आपको और हमको अपनी ओर खींच रहे हैं। अपने बारे में बार-बार हमको बता रहे हैं। लौट आओ, पलट जाओ, फिर जाओ, मुड़ जाओ, सच्चे प्रभु के

28:41 पीछे आओ। अब हम और आप क्या उसकी आवाज को सुन पा रहे हैं? क्या हम उसकी बात को सुन पा रहे हैं? क्या हम देख पा रहे हैं कि नहीं देख पा रहे? ये आपके, आपको पूछना है, अपने से हमको पूछना है। जब उनके ऊपर विपत्ति आई डिड्डी की, तो उनकी आंखें खुल गई। जब उनकी आंखें खुल गई तो वह लौट आए पश्चाताप किया प्रायश्चित किया जब उन्होंने पश्चाताप किया प्रायश्चित किया क्योंकि यह प्रभु जी का चरित्र है दया करने वाला वो अपने लोगों के लिए जलन रखता है स्नेह रखता है इसलिए उन्होंने प्रभु जी ने उनके ऊपर अत्यंत आशीषों को भेज दिया यह प्रभु जी का काम है ये प्रभु जी की दया नोटिस करिए आई मीन अगर हम और आप होते प्रभु शायद तो हम और आप ऐसा नहीं करते क्योंकि हम और आप क्या कहते हैं एक बार हो गया अब बार-बार नहीं करेंगे बट द लॉर्ड गॉड इज मर्सफुल वो दयालु परमेश्वर है। दैट

29:27 इज व्हाई व 26 में व 26 प्रभु जी क्या कहते हैं? 26 में प्रभु जी कहते हैं कि तुम्हारे पास बहुत होगा। तुम संतुष्ट हो जाओगे। एक ही बात को घुमा घुमा कर है और क्योंकि तुम्हारे पास बहुत होगा क्योंकि तुम संतुष्ट हो जाओगे। इसलिए क्या होगा? तुम अपने प्रभु की स्तुति करोगे। संतुष्ट होकर के खुद में मगन नहीं होगे। जिस संतुष्ट होकर के खुद में मग्न नहीं होगे। यहीं की बातों में फंस के नहीं रह जाओगे। यह है चीज है। यह बहुत आशीष है। उस समय भी पुरानी वाचा में भी जो भौतिक आशीषे प्रभु ने दी थी लोगों को इसलिए नहीं दिया था कि वो लोग खाए पिए मौज करें और बस यहीं रह जाए। उस समय भी पुरानी वाचा के अंतर्गत भी

30:14 प्रभु ने जब उनको भौतिक आशीषे दी हैं जो प्रभु जी ने उनको बहुतायत से दिया है यह इसलिए दिया है ताकि वो प्रभु में आनंदित हो वो प्रभु में मगन हो और वो क्या करें यहां पे 26व वे पद में प्रभु के नाम की स्तुति करें उसके नाम की स्तुति जिसने उनके लिए काम किया है ये उनकी मेहनत नहीं है ये उनकी क्षमता नहीं है ये उनकी सोच नहीं है एंड एंड प्रभु प्रभु जी जलन रखने वाले परमेश्वर हैं। मतलब वो चाहते हैं कि उनको श्रेय मिले हर एक बात के लिए। जब हमारे जीवन में उत्तमता होती है, जब हमारे जीवन में बहुतायत होती है, जब हमारे जीवन में फलवंत जब हम फलों को देखते हैं, जब हमारे जीवन में प्रावधान होता है, जब हमारे जीवन में जब उपलब्ध होता है, जब हमारे जीवन में प्रभु जी हमारे लिए उपलब्ध

31:00 कराते हैं, प्रावधान कराते हैं। हमको देते हैं जब प्रभु जी प्रभु जी के के मंशा यह है, इच्छा यह है, प्रभु जी को भाता यह है कि उसके लोग उसको देख करके उसको जान करके उसने क्या किया है? उसके काम की वजह से उसको धन्य, उसकी महिमा करें। इट्स नॉट दैट कॉम्प्लिकेटेड। इतना जटिल नहीं है। लेकिन हम और आप क्या कहते हैं? इजराइली लोग हम और आप सत्य को जानने के बाद भी प्रभु जी के उपकारों को हम भूल जाते हैं। हे मेरे मन यहोवा को धन्य कह उसके किसी उपकार को तू कभी भी ना भूलना। हमारे आपकी समस्या क्या है? हमारे आपकी समस्या क्या है? हम और आप क्या कहते हैं? हमारा क्या कहते हैं? कहां दिया है? इतना भी कहां दिया है? आप बहुतायत बहुतायत

31:47 कह रहे हैं हमारे पास तो है भी नहीं दृष्टिकोण की बात है यहां पर दृष्टिकोण की बात है 26 पद में प्रभु जी कह रहे हैं जब तुम धन्यवाद दोगे जब तुम स्तुति करोगे तब तुम मेरे लोग तुम मेरे लोग ये जान जाओगे क्योंकि तुम प्रभु की मेरी आशीषों का अनुभव कर रहे हो तुम लज्जित नहीं होगे और तुम्हारे अब नए जीवन के द्वारा तुम्हारे बदले हुए जीवन के द्वारा तुम्हारे बदले प्रति उत्तर के द्वारा व 27 में लोग देखने पाएंगे मेरी गवाह मेरे नाम को लोग प्रशंसा करेंगे तब लोग जाने पाएंगे मैं कौन हूं और तुम कौन हो तब लोग जाने पाएंगे मैं ही तुम्हारा परमेश्वर हूं क्योंकि तुमने अपनी आंखें मेरी ओर उठाई है क्योंकि तुमने अपनी आशा मेरे ऊपर लगाई है तुम हमेशा सर्वदा

32:35 आनंदित रहोगे और तुम लज्जित नहीं होगे जिसने जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई और उनका मुंह कभी काला नहीं होने पाया। तो यहां पर पहला खंड में यहां पर 18 पद से लेकर के 27 पद में मुख्यता 19 पद से लेकर 27 पद में हम यहां पर उस समय उनके लिए तब बैक देन देन गड उस समय उनके लिए यहां पे भौतिक आशीषों का यहां पे वर्णन किया गया है। लेकिन देन नॉट ओनली दैट व 28 टू 32 इट्स वेरी इंटगिंग बड़ी रोचक बातें यहां पे घटना होती है। यह बात यहां पे अद्भुत बात यहां पे देखते हैं। यहां पे एक बड़ा अद्भुत काम करते प्रभु जी पुरानी वाचा के अंतर्गत भी प्रभु

33:20 जी इस बात को लेकर के रुचि रखते थे कि केवल भौतिक बातें नहीं केवल शारीरिक बातें ही नहीं केवल वो चीज जिनको छुआ जा सके केवल वही केवल वही चीज जिसको देखा जा सके केवल वही चीज नहीं जिसको जिसको हम पकड़ सकते हैं केवल वही चीजें जो हमारी ज्ञानेंद्रियां देखती है केवल वही नहीं लेकिन प्रभु जी उससे बढ़कर के हमारे भीतर आंतरिक आत्मिक जो अदृश्य है और जो अनंत तक के लिए है आत्मिक आंतरिक अदृश्य और अनंत तक के लिए है उसकी चिंता प्रभु जी करते हैं। नाउ इस खंड में प्रभु जी यहां पे केवल 27 पद तक रुक सकते थे। गॉड कुड हैव यू न वहां पर रुक सकता था। लेकिन प्रभु जी

34:05 क्या कह रहे हैं भाई खाली रोटी कपड़ा मकान में मत फंस जाओ। उस समय भी कह रहे है प्रभु जी आप पुरानी वाचा के अंतर्गत जहां पे रोटी कपड़ा मकान बहुत जरूरी था क्योंकि बिना रोटी कपड़ा मकान के हमको पता नहीं चलता कि यहोवा परमेश्वर सच्चा परमेश्वर है कि नहीं है क्योंकि अभी पैंथिकस का दिन आया नहीं है क्योंकि अभी यीशु मसीह आए नहीं है अभी अभी उद्धार का काम कम संपूर्ण हुआ नहीं है तो जब उस समय वहां पे उनके लिए भौतिक शारीरिक जो दिखने वाली छूने वाली चीजें महत्वपूर्ण है। लेकिन उनके लिए भी प्रभु जी ने ये ठहरा दिया ये नियंत्रण कर दिया कि वे भी जाने कि अत्यधिक आवश्यक चीज क्या है और गहरी बात क्या है और बड़ी आवश्यकता क्या है और कौन सी चीज है जिसको उन्हें जिसकी उन्हें आवश्यकता है वर्स 28 टू 32 उनको एक नए आत्मा के काम की जरूरत

34:54 है उनके जीवन में उनके भीतर एक बदलाव की जरूरत है वर्स 28 प्रभु जी क्या करेंगे अपने आत्मा को उन पर उंडेलेंगे। प्रभु जी अपने आत्मा को सब लोगों पर उंडेलेंगे। एंड अगेन ये पुराने नियम के अंतर्गत ये एक एक बड़ी बात है। क्योंकि क्या हो रहा है? पुराने नियम में परमेश्वर क्या कर देते हैं? विशेष लोगों जो नबी हैं जो याजक हैं और जो राजा हैं इन लोगों को द प्रॉफेट प्रीस्ट एंड किंग इन लोगों को विशेष काम के लिए अभिषिक्त किया जाता था। निर्धारित किया जाता था। उनके ऊपर तेल से उनका अभिषेक किया था। वो जो चिन्ह आत्मक रीती से उनके ऊपर आत्मा का अभिषेक होता था और उसके द्वारा क्या होता था परमेश्वर का आत्मा उनको इस योग्य करता था कि वो लोग

35:39 प्रभु का काम कर सकें। एंड हम बार-ब में अलग-अलग खंडों में आप पढ़ेंगे तो आप देखेंगे कैसे परमेश्वर पवित्र आत्मा कार्य करता है। उदाहरण के तौर पे यकेल उसका 37व अध्याय में बाद में देखिए उसके 37व अध्याय में आप देखेंगे ये परमेश्वर का आत्मा स्पिरिट ऑफ द लॉर्ड वही है जो मरे हुए को जीवन देता है। सूखी हड्डियों में जान लेकर के आता है। अगर आप मेरे अगर आप पढ़ेंगे जजेस को न्यायियों को तो आप पढ़ेंगे वहां पे न्याय लोग अक्सर परमेश्वर के आत्मा में होकर के कार्य को करते हैं। न्याय खास तौर से 11 अध्याय उसके 29 पद को आप बाद में आगे देख सकते हैं। आप देखेंगे पुराने में नबियों ने परमेश्वर के आत्मा में हो करके नबूवत की भविष्यवाणियां की प्रभु जी के वचन को लोग तक लेकर के आए पहला साम उसका 10वां अध्याय उसका 10वां उदाहरण के तौर पे और ना सिर्फ इतना लेकिन अगर आप गिनती में आए गिनती उसका नंबर्स गिनती उसके 11

36:25 अध्याय में तो वहां पे आप देखेंगे मूसा मूसा परमेश्वर के आत्मा में होकर के नबूवत का काम करता है। अगवाई का काम करता है और फिर वही आत्मा जो मूसा के भीतर है वो लगभग 70 अगुओं में दिया जाता है। 70 रगों में दिया जाता है काम करने के लिए और फिर वहां पर क्या होता है निर्गमन उसके गिनती गिनती उसके 11 अध्याय में जब ऐसा होता है फिर उसके बाद गिनती उसके 12 अध्याय में गिनती उसके 12 अध्याय में हम देखेंगे कि वहां पर बात क्या थी कि प्रभु जी के आत्मा के द्वारा लोग दर्शन देखेंगे प्रभु के आत्मा के द्वारा लोग नबूवत करेंगे सपने देखेंगे क्योंकि गिनती उसके 11 अध्याय उसके 29वें पद में नंबर्स 11 29 नंबर 11 29 में आप बाद में देखिएगा उसको वहां वहां पर मूसा ये कहता है मैं तो ये चाहता हूं कि सबके

37:12 पास सब में परमेश्वर का आत्मा पाया जाए केवल कुछ ही लोगों में नहीं मैं तो चाहता हूं सब में परमेश्वर का आत्मा पाया जाए और सब लोग नबूवत कर सकें सब लोग प्रभु की बातों को बोल सके क्योंकि मूसा परमेश्वर के सामर्थ में हो के उसके आत्मा में हो के उसकी बातों को लोगों तक पहुंचाता है। नबूवत करता है। उसकी शिक्षा देता है। उसके साथ में कुछ लोग हैं जिनको परमेश्वर ने मूसा के द्वारा उस पर उन पर सामर्थ्य दिया है। अपना सामर्थ दिया है और इसी बात को उठाते हुए आई थिंक इट्स कनेक्टेड उससे निर्गमन वहां पे सॉरी गिनती से गिनती से 11 अध्याय गिनती 12 अध्याय से कनेक्टेड यहां पर एक तरह से जो बात वहां पे मूसा ने कही थी काश सब में काश सब में एक्चुअली

37:58 जस्ट टर्न वि क्विकली तो अगेन यहां पे हमारे पास अभी पूरा संदर्भ को देखने का टाइम नहीं है। बाद में देख सकते क्या चल रहा है यहां पे कुछ लोग हैं जो लोग जलन कर रहे हैं चिढ़ रहे हैं परेशान हो रहे हैं इस काम को देख के व 29 में मूसा कहता है क्या तुझे मेरे कारण जलन होती है क्योंकि वो नबी है वो प्रभु की आत्मा में होकर के लोगों को बातें बता रहा है अच्छा होता है कि यहोवा के सारे लोग सब लोग नबी होते अच्छा होता तो एक तरह से वो वो आशा कर रहा है वो अपेक्षा कर रहा है ही विशेस बट एक तरह से वो भविष्यवाणी कर रहा है एक तरह से वो नबूवत कर रहा है वो आगे की और प्रोफेटिकली नभवती आत्मा में होकर के बोल रहा है। एंड देन व 29 में वो कहता है अच्छा यहोवा के सभी सारी प्रजा के लोग मतलब सब लोग जो सब इजराइली लोग हैं सब लोग नबी होते हैं और

38:46 यहोवा अपना आत्मा उनमें डाल देता तो यह है उसकी इच्छा क्योंकि पुराने नियम में अभी भी जो लोग हैं यद्यपि परमेश्वर का आत्मा काम करता है। लोगों को नया बनाता है। लोगों को नया जन्म पुनरु जीवन का काम परमेश्वर के आत्मा के द्वारा पुराने नियम में हो रहा है। लेकिन विशेष तौर से जो लोगों के भीतर परमानेंट स्थाई रीति से रहने के द्वारा लोगों को अगवाई करने का काम वो कुछ ही चुनिंदा लोगों में हो रहा है। एंड तो यहां पे मूसा इस बात की प्रार्थना करता है। और इस बात को ध्यान में रखते हैं। यल नबी कहता है 28 पद में इसके बाद यह सब होने के बाद ये सारी इनकी भौतिक आशीषे पूरी करने के बाद अब मैं अपने लोगों पर सब लोगों पर

39:32 नोटिस करिए सब लोगों पर एक नहीं दो नहीं खाली आदमियों पर नहीं खाली पुरुषों पर नहीं खाली महिलाओं पर नहीं खाली बूढ़ों पर नहीं नोटिस करिए वर्स 21 में पुत्र और पुत्रियां वृद्ध और जवान तो यहां पे जो स्वप्न देखने और दर्शन देखने की बात है ये गिनती उसके 12 अध्याय जो हमने छ से आठ में ये देखने का तरीका प्रभु की बातें प्रभु बात करते हैं लोगों से सपनों में और दर्शन में पुराने नियम में पुरानी वाचा के अंतर्गत उस समय प्रभु की बातें लोगों तक पहुंचाने के लिए तो वो कह रहा है केवल कुछ लोग नहीं लेकिन अब ऐसा होगा कि सब लोग प्रभु की बात करेंगे एक समय आएगा कि सब के सब जानेंगे प्रभु कौन है एक समय आएगा कि सब के सब के अनुभव करेंगे परमेश्वर के आत्मा काम कर याद करिए

40:20 यहां पर क्या होगा नई वाचा एक नई वाचा प्रभु जी कुछ करने वाले हैं देन उसके बाद व 29 में खाली ये कुछ खास लोगों में नहीं होगा हर उम्र के लोगों पे होगा हर तबके के लोगों में होगा जो इजराइल के लोग हैं जो प्रभु के जन हैं उन सब में सबके पास होगा प्रभु जी अपना काम करेंगे वस 29 जो सबसे महत्वपूर्ण काम करेंगे जो सबसे बड़ा काम करेंगे वो उनको अपना आत्मा देंगे तभी हो और उसके बाद एंड जी भविष्य के बारे में प्रभु जी बात कर रहे हैं कुछ ना कुछ प्रभु जी तुम्हारे लिए अच्छा करेंगे तुम्हारी शारीरिक आवश्यकता पूरा करेंगे लेकिन वहीं पर मत रुक जाओ तुम्हारे लिए बड़ी आत्मिक आवश्यकता पूरी करेंगे तुम्हारे लिए एक बड़ा अद्भुत काम करेंगे अपने आत्मा को उलेंगे वस 30 में एंड देन अगेन इन पदों को

41:07 लेकर कई बार लोग बहुत परेशान हो जाते हैं ज्यादा ज्यादा परेशानी जो मुख्य बात यहां पे चल रही है व 30 में येत्मक रीति से ये चिन्हात्मक रीति से प्रभु जी एक दिन जब वो वापस आएंगे, एक दिन जब यहोवा का दिन आएगा तो वहां पे क्या होगा? वहां पे बड़ा भयंकर काम होगा। क्या काम होगा? लहू और अग्नि दिखाई देगा। लहू और अग्नि न्याय को दर्शाता है। लहू और अग्नि होगा और धुआं का खंभा। धुंया खंबा प्रभु जी बादल खंबा। आंख खंबा प्रभु जी की उपस्थिति को याद है निर्गमन में जब वो लोग सीने पर्वत पे चढ़ रहे हैं तो वहां पे आंख दिखाई दे रही है। बादल दिखाई दे रहे हैं। आवाज दिखाई दे रही है। चिंगारी दिखाई दे रही है। गर्जन दिखाई दे रहा है। अलग-अलग धुआ दिखाई दे रहा है। यह सब भयानक भयाव है। परमेश्वर की उपस्थिति प्रभु जी आने वाले हैं। एक समय

41:54 वो वापस आएंगे। भयानक काम होगा। दैट इज व्हाई व 31 में मैं आने वाला हूं। मेरा बड़ा काम होने वाला है। इससे पहले मैं आऊं मैं तुमको अपना आत्मा दूंगा। मैं तुम्हें अब तैयार करूंगा। आत्मिक रीति से तैयार करूंगा। मैं तुम्हें अपने लोग बनाऊंगा। बस 31 क्योंकि प्रभु का दिन आने वाला है। तो सब कुछ जो तुम देखते हो सूर्य और चंद्रमा ये जो दिखता है तुम्हें स्थाई लगता है वो स्थाई नहीं है। ये अस्थाई है। इसमें भी बड़ा बदलाव आएगा। अब इन सब चीजों को लेकर के कई बार लोग बहुत परेशान है। न्यूजीलैंड किसी साइंटिस्ट ने नासा के साइंटिस्ट ने यहां पे ये देखा उसने। ये देखा खून पाया, लाल पाया। इसकी बात ही नहीं हो रही है। नन ऑफ़ दैट नन ऑफ़ दैट बिज़नेस। इन सब के चक्कर में पड़िए नहीं। आने वाले समय में प्रभु का जब दिन आने वाला है। समथिंग भयानक, समथिंग

42:40 भयावह एंड समथिंग कुछ ऐसा जो सब दिखेंगे। अगर सूर्य के साथ कुछ होगा और चंद्रमा के साथ कुछ होगा। अगर उसका रंग बदलेगा, उसका उसका रूप बदलेगा, उसका भेष बदलेगा, सबको दिखाई देगा। कुछ छिपेगा नहीं। सब जग जाहिर होगा। एंड उसी के साथ बदला होगा। मतलब भयानक कांड होने वाला है। मतलब भयंकर बात होने वाली है। लेकिन तुम क्यों चिंता करोगे? तुम तो प्रभु के लोग हो ना। व 31 ये जो भयानक दिन आने वाला है। नोटिस करिए व 31 यहोवा को जो महान और भयानक दिन आने वाला है। जब वो आएगा उससे पहले ये सब होने लगेगा। उथल-पुथल होगा और बड़ा अभी टिड्डियों ने उथल-पुथल किया है। कुछ भी

43:25 नहीं था। टिड्डियों ने परेशान किया है। कुछ भी नहीं परेशानी नहीं हुई है। टिड्डियों ने बर्बाद किया है। कुछ नहीं है। जब प्रभु जी दिन आएंगे तो सूर्य और चंद्रमा भी हिल जाएंगे। दैट इज़ व्हाट इट सेइंग? डस इट मेक सेंस मेरी बात समझ में आ रही है? लुक इन द चैप्टर टू में। चैप्टर टू वर्स 11 चैप्टर टू वर्स 11 उसमें वहां पे लिखा है यहोवा का दिन बड़ा और अति भयानक है। यह का दिन अति भयानक है। कौन उसे सह सकता है? कौन उसे सह सकता है? क्योंकि अग्नि होगा, बादल होगा, धुआं होगा, लहू होगा और और क्या होगा वहां पर? भयंकर दिखाई देगा। क्योंकि सूर्य अंधकार में हो जाएगा, चंद्रमा लहू में बदल जाएगा। क्या यह सूर्य ग्रहण होगा कि चंद्र ग्रहण होगा? क्या होगा हमको?

44:12 लेकिन हमको यह मालूम है, प्रभु का दिन बड़ा और भयानक है। कौन सह सकता है उसको? कौन सह सकता है? वॉर्स 32 वर्ष 32 तुमको डरने की जरूरत नहीं है भाई। तुमको परेशान होने की जरूरत नहीं है। तुम्हें यहां पे आकलन लगाने की जरूरत नहीं है। तुमको कयासे लगाने की जरूरत नहीं है। तुमको बैठ के कैलकुलेशन करने की जरूरत नहीं है। तुमको चंद्रमा और सूर्य के पोजीशन को स्टडी करने की जरूरत नहीं है। तुमको कोई ये सब एस्ट्रोनॉमिक जो भी बाहर जो भी चल रहा है अंतरिक्ष में जो भी उसके लिए परेशान ना हो। डू नॉट वरी अबाउट दैट। उसकी चिंता मत करो। तुम पर इतना बड़ी-बड़ी दया हुई है तुम पर। मैंने अपना आत्मा दे दिया तुमको। तुम क्या करोगे वर्स 32 में? जो कोई यहोवा का नाम लेगा

45:00 वो उद्धार पाएगा। दैट्स इट। डू नॉट वरी। फियर नॉट फियर नॉट वन। क्या लिखा है यहां पे? हे देश मत डरो। क्या हो? आनंदित और मगन हो। आनंदित और मगन। वर्स 23 हे सयन के लोगों आनंद मनाओ। अपने परमेश्वर यहोवा में मगन हो। वर्स 32 जो कोई यहोवा का नाम लेगा वो क्या करेगा उसके लिए क्या होगा वो उद्धार पाएगा तुम क्यों परेशान हो रहे हो सूर्य को हिलने दो चंद्रमा को हिलने दो अग्नि को आने दो बादल को आने दो अंधकार को आने दो तूफान को आने दो टिड्डियों को आने दो उत्तर की सेनाओं को आने दो दुश्मनों को

45:46 आने दो भुखमरी को आने दो परेशानी को आने दो जो कुछ भी आए तुम मत चिंता करो तुम क्या करो यहोवा का दिन आने वाला कौन उसका सामना करना पाएगा? तुम नहीं करने पाओगे। लेकिन अगर तुम्हारे भीतर उसका आत्मा है तो तुम उसका सामना करोगे। क्यों? क्योंकि तुमने उसके नाम को पुकारा है। क्योंकि तुमने उस भरोसा किया और तुम्हारा उद्धार शायद होगा। मे बी परहैप्स पॉसिबबली पता नहीं क्या करेंगे। नो नो नो नो नो नो जो कोई उसके नाम को पुकारेगा। अमेन 32 वर्स अमेजिंग अमेजिंग। क्योंकि प्रभु ने क्या कहा है? जो उद्धार पाने वाले लोग होंगे अर्थात बचने वाले जिन्हें यहोवा ने क्या किया है यहोवा ने बुलाया है आप सोच रहे हैं आपने उसे बुलाया है आप सोच रहे हैं आपने उसे चुना है आप

46:33 सोच रहे हैं आपने उस पर भरोसा किया है आप सोच रहे हैं आपने निर्णय लिया है आप सोच रहे हैं आपने पहल किया है आप सोच रहे हैं आप जान गए उसको लेकिन उसने जिसको बुलाया है उसने जिसको बचाया है वो उसको पुकारेगा उसका उद्धार होगा बाकी सब चीजें चिंता मत करिए इससे बड़ी आशीष और कुछ नहीं है। इजराइलियों को पुरानी वाचा के अंतर्गत योना सॉरी योल उनको कह रहा है देखो प्रभु जी तुमको भौतिक आशीष तो देंगे लेकिन ये तो खाली ट्रेलर है। ये तो खाली इशारा है। ये तो खाली प्रोटोटाइप है। ये तो खाली इंगित कर रहा है। कुछ बड़ी आशीष की ओर और कौन सी वो आशीष है? वो अपना आत्मा तुमको स्वयं देगा। तुम्हें अपना बनाएगा। तुम उस पर भरोसा करोगे। तुम उस पर विश्वास करोगे तो तुम बचाए जाओगे। और क्यों बचाए जाओगे? क्योंकि उसने पहले बुलाया है। उसने तुम्हें बचाया है। देखिए कितना अद्भुत परमेश्वर है हमारा। कितना

47:19 दयालु परमेश्वर है। क्यों? क्योंकि वो जलन रखने वाला परमेश्वर है। क्यों? क्योंकि वो करुणामय परमेश्वर है। क्यों? क्योंकि वो तरस खाने वाला परमेश्वर है। क्यों? क्योंकि वो आप पे तरस करके आपको उसने बचाया। हमको उसने बचाया। ये बात जो है प्रेरित काम उसके दूसरे अध्याय में। 17 पद में इसको कोट किया देखिए। प्रेत काम उसके दूसरे अध्याय में। कब? पेंटकोस के दिन। पेंथिक के दिन क्या हुआ? परमेश्वर का आत्मा उंडेला गया। किस पर उंडेला गया? केवल इजराइलियों पर नहीं। जब यूएल के नबी लोग जब यूएल नबी बोल रहे हैं तो वो लोग सोचे खाली इजराइलियों की बात हो रही है। लेकिन जब हम नए नियम में आ रहे हैं। नई वाचा के अंतर्गत आ रहे हैं तो केवल इजराइली नहीं केवल यहूदी नहीं अब यहूदियों से लेकर के सब दुनिया में सब पर फैलने लगेगा। 17 पति यहां पे यहूदी

48:05 पृष्ठभूमि के लोग हैं। 17 पद में परमेश्वर कहता है अंतिम दिन में ऐसा होगा कि अपना आत्मा सब लोगों पे उंडेलूंगा। एंड देन व यहां पे 17 से लेकर 21 पद तक कोटिंग योवेल को लेकर के तो इसका हम और आप क्या करेंगे? हम और आप क्या करेंगे? यह हमको और आपको स्मरण देता है। प्रभु जी के अद्भुत योजना को प्रभु जी के अद्भुत काम को हमको क्या करना है? हमें प्रभु के नाम को पुकारना है। इसीलिए प्रेग हम उसके चौथे अध्याय उसके 12 पद में वहां पे लिखा है किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं है। किसी दूसरे के द्वारा क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्य में कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया है। जिसके द्वारा हम उद्धार पाए। कौन सा नाम दिया गया है यीशु नासरी का यीशु मसीह का प्रभु यीशु मसीह का तो आप और हम क्या करेंगे आप और हम किस चीज के पीछे भागेंगे

48:50 रोम उसके 10 अध्याय उसके 11 12 13 14 अध्याय पद में भी यही लिखा है रोमियो उसका 10 अध्याय 13 किसके द्वारा हम उद्धार पाएंगे किसका नाम को पुकारेंगे जब हम उसके नाम को पुकारेंगे प्रभु जी ने हम पर दया की है प्रभु जी ने हम पर आशीष हमको आशीषे दी है तो मेरा प्रश्न आपसे आज की शाम को यह है कि आज आज के इस ऐसा इस अध्ययन में ये है कि जब आप इस खंड को पढ़ते हैं तो आपके दिमाग आपकी आंखें कहां टपक फंस जाते हैं। आपकी आंखें अगर उसके 18 पद से लेकर खाली 27 पद में रुक जाती हैं कि अरे हमको क्या मिलेगा या तो आप उसमें फंस जाएंगे या तो फिर आप केवल 28 पद में फंस जाएंगे। अरे मैं नबूवत करूंगा मैं दर्शन देखूंगा। या फिर आपकी आंखें जाएंगी व 32 में मैं उसके नाम को

49:37 पुकारूंगा। क्योंकि पवित्र आत्मा का उंडाला जाना संपूर्ण कलीसिया के लिए पवित्र आत्मा के द्वारा संपूर्ण कलीसिया पर स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रभु जी ने अपने लोगों को अपने लिए चुन लिया है उनको जिनको बुलाया है उनको बचा लिया है अब वो उसके लोग हैं। इस काम के द्वारा जो प्रभु जी ने पवित्र आत्मा के द्वारा लगभग 2000 साल पहले किया अब वो आपको और हमको हमसे भी आपसे कलीसिया से भी यही कह रहे हैं कि आओ अब तुम मेरे नाम को पुकारो जिन्होंने मेरे नाम को पुकारा है मेरे लिए जिए अपने आप को मेरे लिए समर्पित करें तो हम और आप क्या करेंगे हम और आप जब इस खंड को पढ़ेंगे तो हम प्रभु को धन्यवाद देंगे उसकी करुणा के लिए हम धन्यवाद देंगे उसके प्रेम के लिए हम धन्यवाद देंगे उसकी प्रतिज्ञाओं के लिए हम धन्यवाद देंगे उसकी नबूवतों के लिए हम धन्यवाद देंगे कि वो हमारे लिए प्रावधान

50:23 करने वाला परमेश्वर है केवल शारीरिक नहीं लेकिन हमारी सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता वो आत्मिक आवश्यकता कौन सी आत्मिक आवश्यकता है? पवित्र आत्मा का दिया जाना अपना बनाना उसके नजदीक आना और उसके नाम को लिए जाने के द्वारा उद्धार का पाया जाना तो क्यों नहीं आप इस बात के लिए धन्यवाद देंगे उसको क्यों नहीं आप आभारी होंगे उसके लिए उसके प्रति और क्यों नहीं आप उसकी स्तुति करेंगे क्यों नहीं आप उसकी आराधना करेंगे आइए हम लोग प्रार्थना करें ओम [संगीत]

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