0:00 [संगीत] हमारा चैनल ड्रग्स, अल्कोहल या किसी अन्य नशीले पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा, समर्थन या प्रोत्साहित नहीं करता है। इस प्लेटफार्म पर साझा की गई सामग्री केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्यों के लिए है। हम एक सकारात्मक और जिम्मेदार वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सामुदायिक दिशा निर्देशों का पालन करते हैं। दर्शकों से सावधानी पूर्वक सामग्री देखने का अनुरोध किया जाता है। नमस्कार जी। बहुत-बहुत स्वागत आप सबका आने और आप सबका जुड़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत से ग्रहों की हम लोग बात करते हैं।
0:47 ज्योतिष की एक असीमित ज्ञान की पूर्णता का प्रयास करने में मनुष्य लगा हुआ है। सच्चाई की बात यह है कि यह इतना अनंत ज्ञान है कि इसके बारे में जितनी भी बात की जाए सदैव कम रहेगी। हमारे ज्योतिष शास्त्र के अंदर कुछ ग्रहों को लेके ऐसा मिथक है जिनके बारे में बात नहीं होती। राहु और केतु उपग्रह माने गए हैं। उपग्रह मींस जो होते तो नहीं है लेकिन वह कार्य करते हैं। वह छाया ग्रह हैं। उल्टे चलते हैं सदैव। छाया का मतलब जो हमारे शरीर से उलट चले। क्योंकि सूर्य की रोशनी से उलट चलने का मतलब हो गया छाया है। शैडो प्लनेट्स यानी ये दिखते नहीं। इल्लुजन क्रिएट करते हैं। मालूम ही नहीं क्या होता है। राहु सांप का मुंह है और केतु उसका
1:32 शरीर है। तो हमारे शरीर में जो भी अगला हिस्सा है वो मुंह है और पिछला हिस्सा उसका शरीर है। यानी कि यह उंगली राहु गई तो यह केतु बन गया। अब यह राहु हो गया तो यह केतु बन गया। यह पूरा राहु बन गया तो यह केतु बन गया। यह मुंडी हमारा राहु है तो यह हमारा केतु है। यह दो ग्रह ऐसे हैं जिनका बहुत पावरफुल इंपैक्ट आता है क्योंकि यह चंद्रमा और सूर्य से एसोसिएटेड है जो हमारे सोलर सिस्टम की जान है। और इन्हीं ग्रहों के द्वारा अलग सभ्यता में कहा जाता है ड्रैगन हेड ड्रैगन टेल। और यह दो ग्रहों के लिए अड़ंगेबाजी, पंगेबाजी करते-कराते हैं हम। सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि ये सात ग्रह जिसके सात दिन है और राहु, केतु ऐड करने के बाद तीन और ग्रहों की बात छोड़ देते
2:19 हैं जो हैं इंद्र, वरुण और यम। यदि हम अपने सोलर सिस्टम में देखें तो इसमें सूर्य के साथ सारे ग्रह जो लगे हुए हैं उसमें एक इंद्र, वरुण और यमराज यानी अंग्रेजी नाम यूरेनस, नेप्च्यून और प्लूटो ये साथ में हैं। सूर्य के साथ है बुध, फिर शुक्र, धरती, माता, मंगल ग्रह, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, यूरेनस, नेप्च्यून और प्लूटो। यूरेनस आज के सब्जेक्ट के अंदर क्लास में हम ले रहे हैं इस ग्रह के बारे में बात। यह इंद्र है। अरुण है। अरुण अरुण देव अरुण संगीिता भी आती है। जैसे एक भृगु संगीिता आती है। ऐसे अरुण संगीिता भी आती है। अरुण सूर्य का सारथी है। यानी सूरज का जो रथ खींचता है उसका नाम अरुण है। याद रखें ये सब
3:04 कॉन्शियसनेस के पोर्टल्स हैं। सूरज का रथ खींचने वाला कौन है? कोई कॉन्शियसनेस है। कोई चेतना है जो ब्रह्मांड के अंदर ब्लैक होल के साथ सेटेरियस है। हमारा ब्लैक होल है हमारे मिल्की वे का। उसकी तरफ घसीट के लेकर जा रहा है। तो कोई महासुर्य है वहां की ओर जा रहा है। अरुण उसका रथ खींच रहा है। रथ खींचने वाली कॉन्शसनेस का नाम अरुण है और यह कॉन्शसनेस के देवता का नाम इंद्र है। ये दो अलग एंटिटीज़ है। दोनों को अलग-अलग वेदों में पुराणों में अलग तरीके से बताया गया है। यही हर्षल है। यही हमारा यूरेनस है। इस प्लेनेट के आगे के दो प्लेनेट्स नेप्च्यून और प्लूटो है। प्लूटो हमारा यमराज है। नेप्च्यून हमारा वरुण देव है। जब हमारे बनना शुरू हुआ सोलर सिस्टम तो
3:50 सूरज के टुकड़े टूट-टूट के आगे की ओर गिरते गए। अब इसके अंदर बृहस्पति हमारा सबसे बड़ा ग्रह है। ये ग्रह काट देता है रोशनी को। इसके पीछे अंधकार की दुनिया है। ये ऐसे एक्सपेंड हुआ और फिर ये छोटा हो के इस तरह चला गया। ये सूर्य की रोशनी को काट देता है। तो यहां तक तो खूब रोशनी है। इसके पीछे अंधकार शुरू। अंधकार का प्रथम देवता शनि हो गया। यह यहां पर मिट्टी है। मिट्टी मिट्टी मिट्टी यानी पत्थर है। यहां गैस है। गैस जॉइंट्स गैस जॉइंट्स कहते हैं। गैस के गोले हैं। पूरा बृहस्पति पूरा शनि गैस के गोले हैं। बहुत बड़े। इसके ऊपर हम अपने देश पृथ्वी से स्पेसशिपिप को लैंड नहीं करा सकते क्योंकि है ही नहीं। पत्थर कहीं मिलता ही नहीं। कहीं कोने में जाके। इसके ठीक आगे बर्फ के प्लनेट्स हैं। बर्फ बनी
4:37 हुई है। पूरा बर्फ यानी कि पता ही नहीं कितना ज़हरीले है। कह नहीं सकते। अब इसके ठीक पीछे जब सूरज की रोशनी नहीं पड़ी तो ये कूल डाउन होना शुरू हो गया हमारा सोलर सिस्टम और ये प्लूटो बिल्कुल समझो यमराज मौत कोई दावत देने वाली बात है कुछ नहीं है पानी भी ऐसा है फ्रोजन सुपर फ्रोजन कह सकते हैं ये मिथेन इतना ज्यादा है यूरेनस पर नेप्च्यून पर जुपिटर से स्टार्ट हो जाता है कि यहां डायमंड की बारिश होती है यानी पानी की बूंदों की बजाय डायमंड गिरता है सोच के चलिए कितना ज्यादा हारश कंडीशंस होंगी कितना भारी भरकम क्या मालूम वहां भी माइक्रोब्स हो जीवन हो सकता है जहां सूर्य है और जहां जल है यानी यानी सूर्य और चांद वहां जीवन है। जहां मां है, जहां पिता है, वहां जीवन है। आपके पास जीवन आता है। जहां स्त्री तत्व है, जहां पुरुष तत्व है, वहां जीवन है। अर्ध नारी, ईश्वर, शिव और शक्ति जहां होंगे, वहां जीवन आएगा ही आएगा। इस
5:23 शनि के ठीक आगे यूरेनस है। ये जुपिटर इन सबको अपनी ओर निगलने को लगा हुआ है। सूर्य अपनी ओर खींच रहा है। सूर्य बहुत ज्यादा विशाल है। इसलिए खींच यही लेता है। पर ये जुपिटर को भी खींच के ना खा जाए इसलिए शनि इसको पकड़ता है और शनि को पकड़ता है। यूरेनस इसको पकड़ता है। ये ये तो ये पीछे को खींच के एक रबड़ बैंड की तरह खींच कर हमारे सोलर सिस्टम को चला रहे हैं। इंद्र एक ऐसा पावरफुल ग्रह है जिसके कारण से हमारे सोलर सिस्टम में बृहस्पति को बड़ा भयंकर सपोर्ट मिलता है। और यह अरुण देव माना गया है। यानी अरुण जो सूर्य का रथ खींचने वाला है। तो सूर्य से पूर्ण रूप से एसोसिएटेड है। कैसे? बहुत ज्यादा सुपर मध्यम रोशनी से। क्योंकि ये इतनी ज्यादा मध्यम रोशनी है यहां सूर्य की कि इसको बस कहा गया है कि शुरुआत में आभा में जरा सा दिखता है सूर्य के। ये बड़ी सुंदर कहानी है हमारे पुराणों में। के एक बड़ी सुंदर
6:10 आभा लिए हुए सूरज का रथ खींचता है। ये सूरज है। इसका रथ खींच रहा है। और रथ को खींचने वाला अरुण अपनी शक्ति के द्वारा यूरेनस पर बैठा हुआ उसको शक्ति दे रहा है। अब ये पीछे क्यों बैठा? आगे क्यों नहीं बैठा? यह सब तो बातें हैं क्योंकि कथाएं सूचक हैं। यह कहानियां मात्र है जिसके कारण से हमारे को एक आम व्यक्ति को समझाने के लिए सिर्फ एग्जांपल सेट किया जाता है। ये साइंस की बातें हैं। ये क्यों जरूरी हैं? यह इसलिए जरूरी है कि यह चीज हमारे शरीर में भी काम करती है। इसी प्रकार हमारे शरीर के अंदर पोर्टल्स बने हुए हैं। हम इंद्र की आज बात कर रहे हैं। इंद्र कोई भगवान नहीं है। इंद्र मृत्यु को प्राप्त होता है। जब आपके कर्म बहुत बहुत बहुत अच्छे हैं। लेकिन इतने अच्छे नहीं है कि मोक्ष हो जाए तो आपको इंद्र की पदवी मिलती है। आज हमारे दुनिया के अंदर बहुत
6:57 बड़े-बड़े इंद्र हैं। ज़करबर्ग एक बहुत बड़ा इंद्र है। ऐसे ही हमारा एलन मस्क बहुत बड़ा इंद्र है। कि कर्म इतने तो अच्छे हैं कि यार कमाल ही हो जाए पर मोक्ष नहीं हुआ तो यही उनको स्वर्ग मिल गया है। इस प्रकार जो स्वर्ग शब्द की कल्पना कही गई है यानी कल्पना भी पूरी कर सकते हैं यार। मतलब ऐसी अजीब अजीब कल्पना कर रहा है वो कि मंगल ग्रह के पोल पे बम परमाणु बम गिरा देते हैं तो वहां से बर्फ पिघलेगी। मंगल का एटमॉस्फेयर चेंज होगा। सोचिए कैसी कमाल की बात है। ऐसा विचित्र यानी कि अपना ही स्वर्ग रस डालेंगे। ऐसी कृपा परमात्मा ने यहीं धरती पर उनके ऊपर कर दी है। तो ऐसे बहुत से लोग हैं मात्र यही नहीं। यह इंद्र यह इंद्र के समान है। इंद्र वो देवता है जो मृत्यु को प्राप्त करता है। यानी ये सुपर ह्यूमन है। ये भगवान नहीं है। पर ये देवों का देवता है। यानी कि
7:44 पूरा देवेंद्र नाम है। ये सारे के सारे जितने भी देवता है उन सबका देवता है। राजा। तो इंद्र कौन हुआ? राजा। यानी यूरेनस को एक राजा की संज्ञा दी गई है। नेप्च्यून उसके भी आगे जाता है। वह और भी बवंडर है। लेकिन आज इंद्र की क्लास है। यह राजा है। राजा इंद्र का क्या काम है? राज करेंगे यार। राजसी ठाट है। अब ये राजा बना किसकी कृपा से? क्योंकि भगवान तो नहीं है। अब सूर्य भगवान है। इंद्र क्या हुआ? राजा जो कि पुनः मृत्यु को प्राप्त भी करता है तो सूर्य की कृपा से यह है तो यह प्रथम आदित्य माना जाता है। 12 आदित्य होते हैं। इंद्र भी एक आदित्य है। इसके पास हमारे वास्तु के अंदर भी विवसवान के ठीक साथ में S7 S8 की तरफ बढ़ता हुआ इलाका
8:31 जो है वो हमारा इंद्र का है। जो घर के अंदर भी होता है। E5 का एरिया हमारा सूर्य का होता है। सूर्य के ठीक साथ में महेंद्र बैठा हुआ है। वो E4 का है। जयंत के बाद महेंद्र। इसके पास इतनी शक्ति है कि आपके पास जितना भी स्वर्ग जैसी स्थिति बन सकती है, यह वही बनाके देता है। यह आपके पास कम्युनिकेशन देता है। यह बड़े-बड़े लोगों से मिलवाता है। इसके पास आपके जितने भी स्पेस के एल स्पेस का कार्य होता है, जितना आपका रिसर्च का काम होता है, सब इसके पास है। आपके जीवन के अंदर अगर ईडी ने छापा मार दिया है, आपको जीएसटी वालों ने पंगा डाल दिया है। आपका इंद्र नाराज है। आपकी कुंडली के अंदर यूरेनस यूरेनस कहां बैठा है? वहीं पर पंगे कर रहा है या बढ़िया वाले करेगा। राजा कैसे पंगे करता है? यह मौज करेंगे। इंद्र की कथाएं बहुत
9:16 सुंदर सूचक है। क्या करता है इंद्र? प्रोटेक्टर पूरे स्वर्ग की प्रोटेक्शन। अगर आपका घर में आप ये कहते हैं यार स्वर्ग जैसी जिंदगी है यानी इंद्र बहुत पावरफुल है। आपकी कुंडली के अंदर यूरेनस बहुत पावरफुल बैठा हुआ है। अगर आप ये कहते हैं साला जिंदगी नर्क है तो आप ये मान के चलें आपने अभी-अभी इंद्र को स्पॉइल किया है। आपकी कॉन्शियसनेस घर के अंदर अगर यह बार-बार बोलती है यार ये क्यों जिंदगी है झंड है यार? बर्बाद हो गया है। साला नर्क हो रखा है। आपका स्पॉइल्ड इंद्र चलेगा। स्पॉइल्ड इंद्र क्या करता है? अय्याशी कराएगा। भोग और विलास में डालेगा। एडिकशंस देगा गंदी गंदी और बर्बाद करेगा। प्रोटेक्शन खराब करता है। अग्नि स्थापित जो होती है हमारे घर के अंदर उसको नाश करता है। अग्नि हमारा धन का फ्लो है। यानी धन का फ्लो अंदर आने के बजाय बाहर जा रहा है। आपके घर में भोजन नहीं बनेगा। आपका घर
10:03 का भोजन बाहर से आया करेगा अक्सर और वो भी खराब। यानी कि वो भी मिल बांट के ना खाए। जिनके घरों में इंद्र डिस्टर्बड होता है। यह मान के चलें ये वो चेतना वो कॉन्शसनेस है कि चार लोग हैं और चारों को अलग सब्जी पसंद है। चार लोग हैं चारों के अलग नखरे हैं। ये आपके घर में डिस्टर्बड। घर में डिस्टर्बड मतलब आपने चेतना से खराब किया। आपकी कुंडली के अंदर इंद्र को आपने खराब किया। इसको इस प्रकार समझे जैसे हमने पिछली क्लास में बात की। यदि आप स्वयं की इज्जत करते हैं और खुद को गिफ्ट देते हैं तो आपने लग्न मजबूत कर दिया। अगर आप जिंदगी के बारे में रो रहे हैं, पिट रहे हैं, नर्क है, नर्क है, आप यमराज को बुला रहे हैं। और अगर आप कह रहे हैं मजा भाई, बहुत बढ़िया यार, कोई दिक्कत नहीं है। तो आप इंद्र को स्थापित कर रहे हैं। आपकी कुंडली में जहांजैसा इंद्र स्थापित है, वो इंप्रूव होता है। राशि
10:48 वाइज बात अलग चलेगी। ऐसे बहुत से लोग हैं जो पूजा पाठ कर रहे हैं। जय हनुमान ज्ञान गुण सागर ध्यान कहीं और लगा हुआ है। वो इंद्र स्पइल कर रहे हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं। अरे आइए शर्मा जी वर्मा जी अरे भाई साहब कहां थे आप? जैसे ही वो गए दफा कर पागल आदमी है यार ये निकलते ही उसकी बुराइयां शुरू। कोई बंदा मिला टीचर मिला। अरे प्रणाम आपको भाई साहब नमस्कार। कैसे हैं? है तो तो साले कमीना मन में गालियां बक रहे हैं। आप अपना इंद्र डिस्टर्ब कर रहे हैं। इंद्र बहुत ताकतवर और बहुत तगड़े पोर्टल पर बैठा हुआ है। यह राशि नंबर एक दो तीन चार इत्यादि इत्यादि लगी हुई है। मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या इत्यादि इत्यादि लगी है। यह हमारा नाभि का एरिया है। यह हमारा जल चक्र है। यह हमारा
11:34 स्थिर रूट चक्र है। धरती, भूमि, नाभि पर हमारे अग्नि है। एक नंबर राशि यह मंगल से शुरू होती है। शुरुआत क्या होती है? ब्रह्मचारी होता है शुरू में व्यक्ति। हनुमान जी पहले हम क्या थे? मां के गर्भ से प्लेसेंटा से जुड़े हुए हैं और नाभि पर ही हम पैदा हो रहे हैं। छोटे से बेबी से मल्टीसेल्यूलर ऑर्गेनिज्म हम बन जाते हैं। इस मल्टीसेल्यूलर ऑर्गेनिज्म का जीवन नाभि पर भाड़ में जाए कि कॉन्शियसनेस से चलता है। आपने अपने जीवन में पेट में जो भी डाला पेट नहीं पूछता क्या लफड़ा? क्या खा रहे हो? आपने अच्छा भोजन किया, वेज खाया, नॉनवेज खाया, शराब पी, सोम रस पिया, सारा का सारा नाभि पर जाकर स्वाहा वो से शक्ति निकालती है और शक्ति निकाल के बचे हुए को मलमूत्र बना देती है। इस नाभि के ऊपर दो
12:20 राशियां काम करती हैं। मेष राशि और वृश्चिक राशि। हृदय चक्र पर दो राशियां काम करती है। वृष राशि और तुला राशि। यह नाभि के पोर्टल पर एक नंबर की राशि जो है यह मंगल की है। यह मंगल ग्रह की है। ब्रह्मचारी हनुमान जी के बारे में सब जानते हैं। हनुमान जैसा देवता हो नहीं सकता। पूरी रामायण के अंदर हनुमान ही राम के भक्त प्रेमी भाई मित्र सखा सब कुछ सीता माता के लिए पूरी कहानी सबको पता है। मंगल देवता के ही एट्रिब्यूट्स के कारण आठ नंबर की राशि इंद्र के पास है। इंद्र देवता भी नाभि पर रहते हैं। हनुमान जी के पास क्या है कि मुंह खोल करके सूरज को खाने चले गए। छोटा बेबी इतना मासूम है। भाड़ में जाए
13:06 कोई लेनदेन नहीं है। अकेले ही छलांग मार के नदी पार कर गए। इंद्र के पास भी वही अग्नि का तत्व है। हनुमान जी ने तो पूछ से ही जला मारा था। पूरी लंका ही खत्म कर दी। लंका मींस अहंकार। आपके अहंकार का सत्यानाश तबाही बर्बाद। अब यही पोर्टल का आप ये मान के चलें। एक तरफ इदा नाड़ी है, एक तरफ पिंगला है। एक तरफ यस है, एक तरफ नो है। तो, यह जो पॉजिटिव वाले हनुमान जी का सिस्टम है, यही डिफरेंट साइड के हनुमान जी का पोर्टल बन गया। ये इंद्र है। इंद्र क्या है? भोगी। विलासी मौज करेंगे भाई। ऐश करेंगे। हनुमान जी क्या कहते? कुछ नहीं चाहिए। मैं तो त्याग में हूं। मैं भक्ति में हूं। ये कहता हुआ हेलो मेरी भक्ति करो। मेरी पूजा करो। जब ये कथा बनी है बड़ी सुंदर। जब इंद्र की पूजा पाठ लोगों ने बंद कर दी गोकुल में तो उसने कहा मैं इनको पानी से
13:54 भिगो भिगो के मार दूंगा, बारिश दे दूंगा, बांट दे दूंगा, तबाह कर दूंगा। ऐसी तैसी दूसरे देवता का नाम कैसे ले रहे हैं? तो कृष्ण कॉन्शियसनेस कृष्णा कृष्णा कॉन्शियसनेस ने पर्वत गोवर्धन उठा के छोटी उंगली चच्ची उंगली इसके ऊपर प्रोटेक्शन करी और इंद्र का घमंड तोड़ दिया तो इंद्र घमंड करता है हनुमान जी नी में है महाशक्तिशाली इंद्र बहुत शक्तिशाली है देवेंद्र है देवताओं स्वर्ग का राजा है और सोच के चलें जब तक ये अपने स्वर्ग में है तब तक इस स्वर्ग को पकड़ने में लगा रहता है यानी मोह माया सब मोह माया है ये इंद्र है लोग कहते है ना क्या रखा भैया दुनिया में सब मोह माया यस इस नाभि पर ही भाड़ में जाए और इसी नाभि पर सब मोह माया है। नाभि कहती है स्कूटर चला के जा रहा है मांगेराम मजा आ रहा है एकदम से नाभि ने
14:41 मुंडी घुमा दी हैं गोलगप्पे वाला खैर यार साइड में लगाया भाई दो प्लेट दे दे ये जो गोलगप्पे नाभि ने मांगे हैं ये इंद्र ने मांगे हैं ये जो नाभि मांग रही है आपको बुला रही है बोल रही है हमारे शरीर के पोर्टल बोलते हैं दिल अचानक किसी को देख के धड़क जाता है मन करता है यार इससे बात करें। अचानक नाभि कहती है आज तो यार पिज़्ज़ा हो जा भाई। यह नाभि बोल रही है। यह इंद्र है। ये भोग करता है। विलासिता करता है। इंद्र बदनाम कर दिया बेचारा अच्छा खासा देवता। अप्सराएं अप्सराएं अप्सराएं। अप्सरा की पेंसिल ही देखी। हमने अप्सरा जिंदगी में आज तक नहीं देखी। लेकिन इंद्र बेसिकली एक फियरलेस देवता है और बहुत ताकतवर है। इसके पास कमाल की
15:26 शक्ति है। आप सुनेंगे तो आपको हैरानी हो जाएगी कि ये इतना ज्यादा ताकतवर है कि इसके अकेले के पास राहु और केतु को सेट करने की ताकत है। आप सोच के चलें जितनी हम दारू पीते हैं, सिगरेट पीते हैं, पी पी के लोग बुरे हाल हो जाते हैं। वो मरते क्यों नहीं? उनकी बॉडी के अंदर लिवर फेल नहीं, किडनी फेल नहीं। ऐसा क्यों? क्योंकि इंद्र बहुत पावरफुल है। सोच के चले कितना बड़ा प्रोटेक्टर है। यह आपके स्वर्ग की रक्षा करता है ना और स्वर्ग की रक्षा के लिए झुक कर भीख मांगने विष्णु के पास भी चला जाता है। के यार मैं भीख मांगने आया हूं भाई मुझे दे दो यार मेरी हेल्प कर दो। यानी कि साम, दाम, दंड भेद, नौटंकी बात, झूठ, फरेब किसी किस्म का रूप बदलने में माहिर यह इंद्र है। जबरदस्त रिसर्च वर्क ये करता है। जब शुभ हो तो आपको ये नई डिस्कवरीज, नए इन्वेंशंस देता है। जितनी धरती पे
16:11 इन्वेंशनंस हुई है, स्पेस रिलेटेड, आर्कियोलॉजी रिलेटेड जितनी की खतरनाक किस्म के फार्मूलाज़ बनाए जाते हैं, सारे इंद्र के पास है। नई-नई सोच, नए-नए विचार, नई-नई डिस्कवरीज यार कैसे सेवक लाए जाए? कैसे पार्टी की जाए? कैसा सुंदर भव्य स्ट्रक्चर बनाया जाए। रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाते हैं। धांसू एंबियंस होता है। धांसू प्लेट होती है। यह इंद्र है। आपका शोष आपकी टशन कितनी तगड़ी है। आपका यह इंद्र है। अगर आपके पास बैठे बिठाए इंद्र की कृपा है कुंडली में तो आपकी टशन ही तगड़ी होगी। आपका शोष ही तगड़ा होगा। और यदि यह इंद्र कंट्रोलोल्ड है, स्टेबल है और सूर्य देव की इस पर कृपा है। हालांकि ये देवेंद्र है। देवताओं का राजा है। लेकिन देव गुरु बृहस्पति की कृपा यदि इस
16:57 पर हो जाए यानी विष्णु की तो उनसे भीख मांग के वापस स्वर्ग ले लेता है। बृहस्पति कौन है? यहां हमारा जल चक्र है। नौ नंबर राशि। इसके पास हमारा लिवर है। जब भी स्वर्ग बॉडी का गड़बड़ होता है उल्टा सुल्टा खान या पान से इमीडिएटली बृहस्पति लीवर की कृपा से बॉडी फिर ठीक हो जाती है। यानी आपको अपनी कुंडली के अनुसार बृहस्पति के उपाय करने हैं। आपकी बॉडी डी डिटॉक्स हो जाएगी। लोग जा रहे हैं। हम तो तमिलनाडु जा रहे हैं। हम तो वहां जा रहे हैं। डिटॉक्स कराएंगे। धन की बलि देते ही ग्रह शांत हो जाता है। तो वो एक अलग तरीका है। बुध जो है इसका दान करो। यानी गिफ्ट करो, पैसे देकर आओ, इलाज में डालो। इलाज है मंगल, बुध है धन, रुपया और डिटॉक्स करने के लिए बृहस्पति प्रसन्न। इसलिए कहा जाता है कि पैसे कहीं देके आ जाते हो गुरुदेव। बृहस्पति खुश हो जाता है मेरा बेटा आया
17:44 बुध गया। बहुत अच्छी बात। इसलिए आपको डिटॉक्स करना है बॉडी। शरीर के स्वर्ग, प्रेम का स्वर्ग, पतिप का, बच्चे के साथ का स्वर्ग इस सबका रिस्पांसिबिलिटी इंद्र के पास है। आपका आठ नंबर राशि का इंद्र नाभि पे स्थापित भाड़ में जाया करता है। लेकिन ये स्वाद मांगता है। एक नंबर राशि कहती है खिला दो कुछ भी खा लेंगे। आटा घोल के पी लेंगे। नो प्रॉब्लम। आठ नंबर कहता है नहीं भाई। अपन तो यार कुछ जरा ऊपर से नमक, मिर्च, चटनी, वटनी डाली जाए स्वाद आएगा जिंदगी का मजा। तो जिंदगी का मजा मजे से लेने वाले उन लोगों का इंद्र और नाभि का पोर्टल बहुत ज्यादा पावरफुल होता है। अब आपकी कुंडली में जहां प्लूटो जहां यूरेनस स्थापित है वहां के हिसाब से जिस राशि में वो है वैसा इफेक्ट आपका ऑन हो
18:30 जाता है। पावरफुल हो जाता है। मान लेते हैं यदि आपकी कुंडली के अंदर यूरेनस खराब राशि में बैठा है और आपने इस प्रकार का व्यवहार शुरू किया कि हम तो भोग करेंगे, विलास करेंगे, पार्टी करेंगे तो आपकी ऐसी तैसी फेर देगा, बर्बाद कर देगा। और यही अगर अच्छा है कुंडली के अंदर तो आपकी तो लाइफ में 400 गुना मजा आएगा। तो कई लोग कहते हैं यार समझ नहीं आता इनकी पार्टियां खत्म नहीं होती। भगवान इन्हें पैसे ही दिए जा रहा है। समझ नहीं आ रहा ये लोग पी पी के पागल हो जाते हैं। इनके लिवर को कुछ होता ही नहीं है। इसकी अय्याशियां देखो यार कैसे इन लोगों ने काम कर रखे हैं। अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भी नहीं बोलते। और इनके बच्चों के तो भाई बिनेस धंधे पानी खुल रहे हैं। भाई कल तक तो सड़क पे थे ये। जब से इन्होंने ऐश अय्याशी दो नंबर ढाई नंबर के काम शुरू किए हैं यार ये तो रॉकेट बन गए। यह सारी कृपा इंद्र की है
19:17 और इंद्र बड़ा कमाल है। यह इधर-उधर से सारे सपोर्ट ले लेता है। यह कहता है मैं तुझसे भी ले लूंगा, तुझसे भी ले लूंगा लेकिन मैं स्वर्ग तो बचा के रहूंगा। यानी कि आपका नाभि का पोर्टल सबसे मजबूत होना चाहिए। नाभि आपकी डरती है या नाभि आपकी मस्त है। डिपेंड इस पर करता है। हम नाभि पर डरते भी हैं। यदि आप रोलर कोस्टर पर बैठे हैं और ऊपर से आपका झूला गिर रहा है। एकदम नाभि सिकुड़ जाती है। हमें डर महसूस होता है। नाभि सिकुड़ जाती है, अंदर घुस जाती है। यानी नाभि अगर आपकी मजबूत है तो आप अपने जीवन के अंदर बड़े से बड़े खतरे को उड़ा देते हैं। जब जब सिकुड़ी तो नीचे के चक्र की ओर जाना शुरू हुए। जब नहीं सिकुड़ी तो आप ऊपर के चक्र पर हैं। और नाभि से नीचे के चक्र जो है वो डेंजरस है। कुंडलिनी यहीं स्थापित अटकी रहती है। यहां तो रहना ही है उसने। बृहस्पति और शनि के
20:04 पोर्टल के ऊपर कुंडली ने रहना ही है। लेकिन यहीं से ऊपर की क्लाइंबिंग कुंडली की यही आपका कुंडलिनी जागरण है। यह घूम फिर के तो आती है लेकिन फिर अल्टीमेटली यहीं बैठ जाती है आराम से। अब जो वैचारिक क्षमता के लोग हैं उनकी कुंडलिनी की शक्ति जब ऊपर जाती है तो उनको नए-नए आईडियाज आते हैं। नई-नई डिस्कवरी तो सबसे पहले कुंडलिनी को क्लाइम करके यहां आना है। इंद्र ऐसा देवता है जो भयभीत भी होता है और भयभीत करता भी है। यह इतना पावरफुल है कि इसके पास वज्र है। यह अग्नि मंगल अग्नि का गोला है। सूर्य का सेनापति। इसी से अग्नि लेता है। सुदर्शन चक्र, त्रिशूल और इंद्र का वज्र यह सबसे पावरफुल माने गए हैं। इसके द्वारा इंद्र पूर्ण रूप से हर चीज नष्ट करता है। अगर आप पार्टी कर रहे हो और आप मस्त हैं तो ये नाभि जो है ना
20:51 आपकी ऐश अय्याशी की सारी चीजें भी उड़ा के खत्म कर देगी। आपकी बॉडी को कुछ नहीं होगा। आपके स्वर्ग बना रहेगा। अगर आप डर-डर के खा रहे हैं जो कि लोगों का पॉइंट होता है। और लीजिए भाई साहब थोड़े चने छोले ले लीजिए। हाय अच्छे तो लग रहे हैं लेकिन ना थोड़ा मिर्ची है। अच्छा दे दो थोड़े से दे दो। इंद्र डिस्टर्बड्ड आपके पास पनीर आया। ओ यार ये ग्रेवी बहुत टेस्टी लग रही है लेकिन ना थोड़े मोटे हो जाएंगे। अच्छा थोड़ा सा दे दो। अब इंद्र देवता कह रहे हैं मैं सिकुड़ूं के मैं फैलूं। और वहीं पर हमारे लाला जी बैठे हैं जो कह रहे हैं अरे आ दे पेल देंगे भाई आ दे आ दे। उन्हें कुछ नहीं हो रहा। उनके सारे ऑर्गन्स सारी पावर से कार्य कर रहे हैं। ना इंद्र ने बृहस्पति को डिस्टर्ब किया है ना इंद्र ने मंगल को डिस्टर्ब। इंद्र मजे में चल रहा है। इसकी सिर्फ एक
21:38 ही प्रॉब्लम है। ये असुरों से भयभीत रहता है। जो कथाओं में भी कहा गया कि असुरों से हम जब अपने जीवन में कोई चीज मांगते हैं। ईश्वर हमें यह दे दे। तो ये क्या मांगते हैं? हम मांगते इंद्र की भीख है। पार्टी दे दे, सोफा दे दे, बढ़िया पलंग दे दे, गाड़ी दे दे, पैसा दे दे, स्विस बैंक में अकाउंट खोल। सबको स्वर्ग का स्यापा चाहिए। ऐसी कल्पना दे रखी है कि मुझे रूप दे दे, मुझे पैसा दे दे, मेरे को शक्ति दे दे। भाई कुछ और चाहिए ही नहीं किसी को। ज्ञान कोई नहीं मांगता। बृहस्पति की क्लास नहीं हो रही आज। सबको पार्टी ऐश की चीज चाहिए। अच्छा आ गई। उसके बाद क्या ऐश कर रहे हैं? वो फिर डरेंगे। वो डरा हुआ इंद्र है जो स्वर्ग ना छीन जाए। पैसे तो पड़े हैं। कैसे करें यार? जेब में पड़े हैं। गर्मी लग रही है भाई। पैसे लॉकर में पड़े चोर ना आ जाए। जितने लोग ये डरे बैठे
22:26 हैं भाई पांच खोखे इकट्ठे हो गए अपने पास। साला ईडी वाले तो नहीं आ जाएंगे। ईडी वाले कहते हैं हां कॉल आ गई। हम आ गए भाई साहब लीजिए। वह डरा हुआ इंद्र है। अगर यही इंद्र महान शक्तिशाली हो तो इसके पास वज्र है और वज्र से यह हर चीज हर बड़े से बड़े राक्षसों की कहानियां वृतासुर की कहानी है उसको ये नष्ट करके समाप्त कर देता है। इसी के पास एरावत हाथी है। अब इंद्र के पास एरावत हाथी की सफारी है। क्या कमाल की बात है। हाथी के बारे में हम जानते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान होता है। और यह शब्द कहे जाते हैं कि कृष्ण को भी एरावत को शांत करने के लिए सुदर्शन चक्र का इस्तेमाल करना पड़ा। कहानी है यानी कृष्णा कॉन्शसनेस जो यहां स्पेस एलिमेंट पर रहती है। ये राहु और बुध तक को पकड़ती है। इसके ठीक नीचे जो है राम की कॉन्शियसनेस है जो
23:13 सूर्य की है। यह 12 कला है। ये 16 कला संपूर्ण है। एरावत हाथी इतना शक्तिशाली माना गया है। हाथी कौन है? हाथी होता है राहु। गृह हाथी होता है केतु वाला। सफेद हाथी इसके पास सफेद हाथी है। सफेद हाथी होता है चंद्रमा। चंद्रमा। अब चंद्रमा को तो खा जाता है राहु। अब आप सोच के चले अब हम हम सब बैठे हैं। कई लोग जुड़े हुए हैं। सब ये जानते हैं कि यार मन को ना खाता रहता है कोई। और राहु की क्लास होगी तो बात होगी इल्लुजन की। मन को कोई खाता रहता है। मन कचोट रहा है। खराब हो रहा है। कुड़ रहा है। सड़ रहे हैं। मेरी वाइफ ने, मेरे हस्बैंड ने, मेरे बच्चे ने, मेरे पड़ोसी ने ऐसा क्यों कह दिया, वैसा क्यों कर दिया? अपनी तो इज्जत ही नहीं है। राहु खा रहा है मन को। खचर खचर खचर नोच रहा है। कुंडली में चंद्र राहु का कॉम्बिनेशन यदि आ जाए तो वह व्यक्ति सारे टाइम कुड़ता
24:00 सड़ता है और स्वयं से लड़ता है। यानी उसकी नाभि स्वयं का पोर्टल नाभि उसका सत्यानाश हो जाता है। अब मजे की बात है इंद्र अकेला देवता है जो नाभि का ही केंद्र है। अगर नाभि आपकी मस्त है तो आपकी नाभि राहु को काबू कर लेती है। इंद्र एक ऐसा देवता है। अगर हम अपनी कुंडली के अंदर यूरेनस के उपाय करते हैं तो उन उपायों से आपका राहु काबू आता है। राहु के पास सारा सोशल मीडिया है। सोशल मीडिया में बंदा बदनाम होता है। राहु कब करता है गड़बड़? जब बृहस्पति आउट हो गया। गुरु नहीं है तो आप बकवास भौक देंगे। कुछ गंद मचा दिया। गुरु की एब्सेंस के अंदर क्या किया आपने? राहु एक्टिव हो गया। यह राहु बाद में काबू कैसे होगा? इसलिए आपके ऊपर कोर्ट चलेगा, कचहरी चलेगी, केस होंगे और आप हारेंगे। यानी
24:46 आपके अंदर अहंकार आया। बृहस्पति अशुद्ध होने का मतलब अहंकार और उसी टाइम राहु चौड़ा हो गया कि मैं तो बर्बाद कर दूंगा। फिर वह ऐसी हरकत करता है कि आपको जेल ले जाता है। और जेल जाने के पश्चात ये काबू कौन कर सकता है? राहु को काबू करने की शक्ति सिर्फ सिर्फ सिर्फ लक्ष्मी के पास है या फिर इंद्र के पास है। अब इंद्र जैसे देवता की बातें ही नहीं होती। इंद्र यूरेनस प्लेनेट की बात ही कुंडलियों में कहीं है ही नहीं। मैंने खुद बहुत YouTube छाना। कहीं से चोरी का माल मिल जाए। मिलता ही नहीं यार। है ही नहीं। अब बड़ी मजे की बात है। नहीं वैसे तो हम चोरी का ही माल पेल रहे हैं। पता नहीं किस जन्म से जाना है यह। यह यह राहु जो है इसके ऊपर सवारी करता है। ये तो अगर आपकी कुंडली के अंदर आप यूरेनस को पावरफुल करते हैं। कैसे करते हैं बात होगी। तो आपका
25:33 राहु आपकी जेब में है। जो शुरू में हमने बात की कि सर्पेंट का हेड होता है वह राहु होता है और उसकी पूछ बॉडी जो केतु होता है। अब आप देख के चलेंगे सारा के सारे बादल जो होते हैं वो केतु है। केतु बादल अगर आपके आंखों के आगे आ जाए सूरज को भी ढाप देता है। आपको अंदाजा नहीं रहता कहां है। तो राहु और केतु दोनों इतने पंगेबाज प्लनेट्स हैं कि आपकी बुद्धि को समझ ही नहीं आता। राहु तो बेबस करता है बॉडी ही नहीं है उसके पास और केतु कहता है मैं अंधा हूं मुझे दिख ही नहीं रहा। अगर आपके आकाश मंडल में काले बादल है आपको समझ ही नहीं आएगा। अगर घर आप देखेंगे मैचेस वगैरह में फुटबॉल मैच हो रहा है क्रिकेट मैच फग आ गई तो पता ही नहीं कौन खेलेगा भाई घर जाओ अपने तो केतु लॉक कर देता है लाइफ को और इसके पास क्या कहानी है इसके पास वज्र है ये एक वज्र जो लाइटनिंग हम कहते हैं जो बिजली कड़कती है वह बिजली फेंक के मारता
26:19 है और बादल को फाड़ देता है और फाड़ करके वो पानी बरसा देता है चंद्रमा को रिलीज़ करता है यानी कि इंद्र इतना पावरफुल है यदि इसके उपाय किए जाते हैं कुंडली के अनुसार तो तो यह राहु को भी जेब में लेके घूमता है बल्कि सवारी करता है। यानी राहु इसकी मदद करता है। राहु कहता है बॉस किधर को जाना है बताओ मुझे। केतु कहता है बॉस मैं बाय गॉड मुन्ना को मन को तो सोच विचार सारी शक्तियां पानी पानीपानी कर दिया। ईगो खत्म सारे रास्ते ही नहीं सोच रहे। हम ऐसे बैठे होते हैं। क्या करें? और ऐसे हम लंबेल लंबे टाइम बैठते हैं। 84 साल की यात्रा है इसकी सूर्य के इर्दगिर्द। सूर्य के अराउंड सात वर्ष एक राशि में काटता है। 12 * 7 84 12
27:05 राशियों में 7 वर्ष प्रति राशि के हिसाब लंबेल लंबे टाइम के लिए हम लोग इसी में जीते रहते हैं। या तो लंबे-लंबे टाइम कोर्ट कचहरी चल रही है। ईडी के केस में फंसे हुए हैं। इल्जाम लगा हुआ है या लंबे टाइम तक पार्टी चल रही है भाई। मजे कर रहे हैं। 7 साल का स्वर्ग है। 7 साल बिना स्वर्ग है। सात साल लड़ाई कर रहे हैं। सात ये जो लंबे-लंबे टाइम कहते हैं ना यार समय कब बदलेगा? यह सारी कहानियां शनि से शुरू होती है। शनि ढाई साल के पंगे डालता है। उसके पश्चात आपका यह सात साल के पंगे डालता है। 14 साल के पंगे डालता है वरुण और 21 साल के पंगे डालता है हमारी लाइफ के अंदर प्लूटो यमराज। पर शुरुआत यहां से होती है। तो सूर्य के अराउंड 84 साल लगा के हर राशि के अंदर सात साल। तो आपके जन्म के समय आपका यूरेनस जहां था सात साल के
27:51 लिए समझ लो वहां की पावर तो पकड़ के बैठा ही है। अब उसमें 5 साल बचे हैं, तीन बचे हैं जो बचे हैं। फिर अगली राशि यानी आपके पूरे जन्म काल में हो सकता है एक चक्र की कहानी ही बैठेगी क्योंकि ये इतने लंबे टाइम लेता है घूमने में सूर्य के इर्द-गिर्द ये बड़े दूरगामी इफेक्ट देता है। अब लोग कहते हैं इसके फास्ट इफेक्ट्स कैसे आएंगे? ये तो बहुत लंबेलंबे टाइम चलता है। यह कॉरेस्पोंडेंस यानी कंजक्शन के अंदर असर डालता है। चंद्रमा हर ढाई दिन में एक राशि बदलता है। 12 राशियों में चंद्रमा जब घूमता है तो जब आपकी कुंडली में बैठे हुए यूरेनस वाले घर में आता है उन ढाई दिन में वैसी फीलिंग आती है कि हाय क्या करें? जब एक महीने के लिए सूर्य उस राशि में आता है तो उस एक महीने के लिए वैसी फीलिंग आती है जैसा यू बैठा है। और ग्रह सारे काम कर रहे हैं। लेकिन समझना है
28:36 हमें कि यार परसों तक बिज़नेस सही चल रहा था। यह कल से गड़बड़ क्या हुई है? कुछ भी कर लो 72 घंटे लेकर चलते हैं हम जिसे हम ढाई दिन कवरेज कहते हैं कि छनू का टाइम ढाई दिन का है। तीन दिन का भाई 72 घंटे डॉक्टर भी कहता है 72 घंटे देखूंगा। तो चंदा मामा बड़े से बड़े ग्रह को जब जब छूता है तो शॉर्ट शॉट छोटे छोटे छोटे-छोटे इफेक्ट्स दे देता है। तो आपकी कुंडली में अगर आपने लॉन्ग टर्म के लिए अपना इंद्र सेट कर दिया जो सात साल तो एक एक राशि की पार्टी देगा ही। तो आप ये मान के चलो कि कितने लंबे टाइम की पार्टी है। मजा है। आप संघर्ष करोगे। लफड़े होंगे। ऐश खत्म नहीं होगी। स्वर्ग ऐश हो सकता है अय्याशी। अगर बिगड़ा हुआ है तो अय्याशी है। नहीं तो ऐश तो अय्याशी भी खत्म नहीं करने देगा। और सबसे बड़ी बात क्या होगी? उस अय्याशी को
29:23 अगर आपने जागृत अवस्था में किया। जागृत अवस्था के बारे में बताते हैं। अगर जागृत अवस्था में किया है तो उस अय्याशी के अंतर्गत आपका राहु और केतु दोनों जेब में है। इसकी ऐसे मैं माफी चाहूंगा शब्द है प्रमोशन करने के लिए नहीं बोल रहा। लेकिन सिगरेट जो होती है धुआं वो सारी केतु है जो दारू पी रहे हैं हम शनि और राहु है। वो आपको डिस्ट्रॉय ही नहीं कर सकता। अब ये मान के चलें के हमने हमने तो मतलब जिसने भी खूब सारी शराब पी ली। अब खूब सारी शराब पी ली। सुबह-सुबह माथे में दर्द हो गया। बहुत से लोगों को माथा फटता है, दर्द हो जाता है। गुरजीव ओशो की कहानियों में बहुत नाम लिया गया गुरुजीव का। बहुत बड़ा सेंट रहा है रशिया में। वो अपने आए हुए शिष्य को पहले दारू पिलाता था। अब आप सोच के चले दारू पिला रहा है। शनि ठोक दिया बॉडी के अंदर। राहु ठोक
30:08 दिया। खूब सारी दारू चली गई। क्या वो अभी भी होश में है? क्या सूर्य अभी भी पावरफुल है? आपका सूर्य नष्ट नहीं होता दारू पीने से। यानी राहु ने सूर्य पर ग्रहण नहीं लगाया। शनि ने अंधकार से सूर्य को नष्ट नहीं किया। आपका सूर्य चैतन्य है। यह साक्षी भाव करने लायक शिष्य है। यानी उसको पूरा रियलाइजेशन है के आधी बाटली पी के भी गाड़ी चलाता है। मजे में घर पहुंचता है। उसका सूर्य कितना मजबूत है। हैरानी की बात होती है। लोग कहते हैं यार इतनी दारू पी के बंदे ने एक्सीडेंट नहीं ठोका। यह मरा क्यों नहीं यार? इसे घर कौन लाया? क्योंकि सूर्य की शक्ति लेता है इंद्र। अरुण। अरुण देव सूर्य का ही सारथी है तो वही मध्यम रोशनी के साथ चलता है। यदि आपके अंदर साक्षी भाव है ऐश और अय्याशी करते हुए आपका बाल भी बांका नहीं
30:56 होगा। आपने खूब सारी दारू पी ली वैसे शराब जो है वो शनि हो गई। लोग अक्सर शनि और राहु मिक्स करते हैं। अगर कुंडली ठीक नहीं हो कुंडली में ग्रह अलव ना करें तो कभी बियर और विस्की मिक्स ना करें। अगर आप बियर जो पूर्ण राहु है उसको विस्की से मिक्स करेंगे। साथ में पानी डालेंगे तो चंद्रमा नष्ट होगा। बहुत सारी दारू पीने से बॉडी से साल्ट का लॉस होता है। साल्ट क्या है आपका? हम कौन सी जगह जा रहे हैं? पर जरूरी बातें हैं। क्योंकि इंद्र की बात हो रही है। आज तो अलाउड है। तो बहुत सारा साल्ट का लॉस होता है। ये नमक बॉडी से जब निकल जाता है यानी मिनरल्स एंड साल्ट्स तो हमारा सिर पे जहां जेली की तरह पूरा पानी ही पानी है ब्रेन। चंद्रमा ही चंद्रमा है। उसको बांधने वाला सूर्य कम हो जाता है बॉडी से। जैसे ही सूर्य बॉडी से कम हो जाता है, हमारे सिर में दर्द होता है। इसे कहते हैं हैंगओवर। इस हैंग ओवर के कारण अगले दिन सुबह हम
31:42 कहते हैं क्या करें? ब्लड सप्लाई बढ़ाने के लिए डिस्प्रेनिया कुछ और ले लेते हैं। जब ऐसी स्थिति बनती है शराब पीने वाला शराब पिएगा। आप कहेंगे नहीं नहीं गंदी बात शराब ना पिए। भैया आपका अगर इंद्र बैठा हुआ खराब राशि में तो ये अय्याशी करा के छोड़ेगा। और याद रखो जब तक इसको खुश रखोगे किडनी लीवर फेल ना होगा। ऐसे केसेस हैं जिसमें बहुत स्मोक करने वाले लोगों को डॉक्टर्स कहते हैं यार इसको एक सिगरेट दे दो भाई वैसे ही मर जाएगा। जो बहुत बुरे हालात में नशा करने वाले लोग हैं उनके लिए तो यह सजा बन जाती है कि उनके लिए दी जाता है उनको नशा थोड़ा सा ताकि बॉडी फिर रिकवर करे क्योंकि बॉडी बर्बाद कर चुके हैं वो पीपी के उन्होंने साक्षी भावन नहीं रखा अगर आप पी रहे हैं स्मोक कर रहे हैं ड्रिंक कर रहे हैं जुआ खेल रहे हैं तो वो जुारी हैं आप जो जुए के अंदर जुआ खेलते
32:29 हुए भी सूर्य के कारण से इंद्र अयाशी करते हुए भी आप जीतेंगे ऐसा क्यों होता है यार एक मामा जीतते रहते हैं हमेशा पत्ते खेल खेलते टाइम बाकी बंदे हार जाते हैं। बाकी लोगों की बैंड बच जाती है। यह मामा जी ने अपना सूर्य साक्षी भवन रखा है। हम क्रोध करते हैं। सड़ते हैं। जुपिटर खराब हो गया। बृहस्पति का नाश पीट दिया कुंडली में हमने। भय भय भौक रहे हैं। ग्लास तोड़ दिया। चीजें तोड़ दी। घर के बर्तन भांडे सब तोड़फोड़ कर दिए। इंद्र का सत्यानाश कर दिया। क्योंकि सूर्य बह गया सूर्य। अरे साक्षी भाव है। पता है तुम्हें गुस्सा आ रहा है। क्यों कर रहे हो? नहीं करोगे। इसलिए ज्ञान कृष्ण कॉन्शियसनेस क्या करती है? गुस्सा मैं मेरी मर्जी से करूंगा। भाई तुम्हारी मर्जी से नहीं करूंगा। तुम मुझे गाली बको कुछ करो। नहीं शिशुपाल मैं तुम्हें 100 मौके दूंगा।
33:14 सुदर्शन तभी आएगा जब तुम 100वीं गाली बकोगे। क्या इतनी शक्ति है हमारे अंदर? इतना कंट्रोलोल्ड यदि आपने सूर्य को किया है। आपका इंद्र हमेशा बेस्ट फल देगा। हमेशा बेस्ट फल देगा। और बेस्ट फल के लिए तो तड़प रहे हैं सारे। यार धांसू शरीर हो धांसू पत्नी पति धांसू बच्चे धांसू सा बंगला हो मकान गाड़ी पैसा और क्या चाहिए मांग तो यही रहे हैं धरती पर मंदिरों में भिखारी मांगने क्या जा रहे हैं बहुत बड़ी गाड़ी से उतर के भिखारी आता है मंदिर में करने क्या जाता है भगवान में कुछ मांगने नहीं आया अबे झूठे अभी बोलेगा जो है वैसे ही रहने दियो तूने अभी मांगा है हम बहुत बड़े मांगते हैं और भगवान सबको भिखारियों को देता रहता है अंग संग उसके चलता है जो उसका साथी बनता है ऐसा साथी बनने के लायक हम हो नहीं पाते
34:02 क्योंकि हम हर समय हर हर समय हम अपने स्वर्ग के लिए रोते हैं। अगर ऐसा इंद्र है जो डरा हुआ है बहका हुआ है तो आपके राहु और केतु आपको नोच खाएंगे। अगर इंद्र ऐसा है जो महान शक्तिशाली है तो आपने अपने यूरेनस के दम के ऊपर आपका लिवर किडनीज़ पूर्ण रूप से बचा लेना है। आपका हैंगओवर नहीं होगा। बाकी हैंग ओवर हटाने के लिए जब ऐसी स्थिति हो जाए तो आपकी बॉडी में बताना पूरा बनता है। रह गया है। पूछ नहीं रहा कोई। आपकी बॉडी के अंदर जो साल्ट लॉस हुआ है उसके बाद इमीडिएटली जब आप फ्री फंड हो जाओ सोने के से ठीक पहले थोड़ा सा नमक पानी के साथ ले लीजिए। ये आपकी बॉडी को वापस जोड़ेगा। इसी नमक का फायदा होता है। यह आपकी बॉडी के अंदर आपके हार्ट की हीलिंग करता है। एक नमक है धरती पर सेल्टिक साल्ट। सी ई एल टी आई सी। नमक कौन
34:50 है? सूर्य। नमक सूर्य है। यही साक्षी भाव है। पूरे समुद्र को भी साफ रखता है। समुद्र में हलचल कौन मचाता है? बिजली आकर कड़क के गिरती है समुद्र के अंदर। फाड़ देती है उसे और समुद्र में तूफान आने शुरू हो जाते हैं। पर इंद्र ठंडा ही वहां जाके होता है। क्योंकि इतनी बड़ी बिजली हजारों वोल्ट की करंट कहां जाके शांत होगा? पानी में जाता है। इसलिए लोग कहते हैं ना बिजली कड़क रही है। स्विमिंग पूल से निकल जाओ। कहीं व ना आ जाए। क्योंकि वो अपने आप को शांत करने के लिए जाते हैं नीचे। यह सेल्टिक साल्ट अकेला है। एक ऐसी नदी है यूरोप में जहां पर यह साल्ट निकलता है। इसके अंतर्गत ऐसी स्थिति है इसे खुला रखोगे ना इसका नमक सूखता ही नहीं। वो गीला ही रहता है। यानी इसमें चंद्रमा है। कुछ कृपा ही है। इसमें चंद्रमा साथ रहता है। वाष्पित नहीं होता और सूरज इसको गायब नहीं कर पाता। ये गीला ही रहता है हमेशा। या
35:36 आपके हार्ट के अंदर अगर ब्लॉकेज है तो ब्लॉकेज भी खोलता है। आपके हार्ट में ब्लॉकेज क्यों है? जिंदगी बेकार है, खराब हो गई। सूर्य का नाश अच्छा नाश है क्यों सूर्य का? सिर्फ सिर्फ सिर्फ इंद्र की वजह से क्योंकि सबको हो रहा है यार पार्टी नहीं हो रही यार मजा ही नहीं है जिंदगी में साला रोमांस नहीं है जिंग नहीं है मस्ती नहीं है नोट नहीं है फलाना नहीं है ढिमकाना नहीं है तीन लोगों ने कल पूछा आज दो पूछ रहे हैं हमारा रोना ही स्वर्ग का है जिसने तो इसके ऊपर काबू कर लिया वो तो बन गया देवगुरु बृहस्पति और जिसने नहीं किया वो अपने सूर्य का भी नाश कर रहा है कभी भी जीवन में अपने जीवन को मत कोसो कभी मत बोलो नर्क है कभी मत रो पिटो के हाय भाई ये बच्चे वैसे क्यों नहीं हुए तैसे क्यों नहीं हुए नो कंपैरिजन आप इंद्र वीक कर रहे हो जो है मेरा स्वर्ग है संत क्या
36:22 कहता है मेरे पास सब है आई हैव एनफ बहुत है इंद्र जेब में ले घूमता है लक्ष्मी माता पीछे पीछे आती है लक्ष्मी क्यों पीछे आती है अभी बात होगी इसकी सेल्टिक साल्ट ये लेंगे और इसके अलावा कैनन पेपर होता है वो लाल मिर्च होती है खास किस्म की सी से स्टार्ट होता है कैनन पेपर थोड़े से लहसुन के साथ वो भी केतु है थोड़े लहसुन के साथ लाल मिर्च यह खास लाल मिर्च है। कैनन पेपर यह लीजिए लेंगे अगर हम ऑलिव ऑयल लेकर के वर्जिन ऑलिव ऑयल तीनों को मिक्स करके रोज पीना चाहिए। आपके हार्ट की ब्लॉकेजेस खुल जाती हैं। सेल्टिक साल्ट लेंगे यह आपके हार्ट की ब्लॉकेजेस खोलता है। ये आपका हैंग ओवर उड़ाता है। ये आपके ब्रेन को पूर्ण नरिशमेंट देता है। आपके शरीर के अंदर सूर्य को मजबूती से स्थापित करता है। और इसके ही दम पर आपके राहु और केतु आपकी
37:08 बॉडी को डिस्ट्रॉय नहीं कर सकते। आपकी बॉडी डिस्ट्रॉय नहीं होगी। मींस स्वर्ग है भाई। सबसे पहला दुख काया रोगी है। सबसे बड़ा सुख निरोगी काया। तो आपके शरीर के सुख को अगर आप ले पा रहे हैं तो गाड़ी सही चल रही है तो आप भी सही चल रहे हो। ड्राइवर फिट है। इस ड्राइवर को फिट रखने के लिए आप भोग और विलास की इच्छा सारे जीवन करेंगे। आप पूरे जन्म चाहेंगे मुंह के अंदर गोलगप्पे का टेस्ट पता चले। आप हमेशा चाहेंगे सुंदर कपड़े पहने अच्छे लगे। आप चाहेंगे सब लोगों से प्रेम से मिले। सब आपको प्रेम करें। यह सब इंद्र है। अगर ऐसा होता है जीवन में प्यार नहीं मिल रहा, शांति नहीं मिल रही, बड़ा नया कपड़ा नहीं मिल रहा, गिफ्ट ही नहीं आती, यार स्वर्ग नाम की चीज़ नहीं है। आपका इंद्र बिगड़ा हुआ है और इंद्र की स्थिति सुधारने के लिए आपको सूर्य की शक्ति को सेट करना पड़ेगा। इसके
37:54 दम पर ही आपको स्वर्ग मिलेगा। स्वर्ग मिलता है लक्ष्मी से। लक्ष्मी माता यह कहा जाता है इंद्र देवता अमरावती के महल में रहते हैं और स्वर्ग लोक स्वर्ग लोक की कल्पना ही कल्पना है भैया ये होता है वो होता है नदियां बह रही है पैसा है फलाना है लक्ष्मी मैया अच्छा लक्ष्मी मैया वहां अलग बैठी हुई है लक्ष्मी ने इतना वैभव दे रखा है इतना वैभव है भगवान बंदा कहता है क्या चाहिए विष्णु जी के चरणों में रहती है माता लफड़ा ये है बंदे भीख मांग मांग के मर गए विष्णु जी के पास अपने कार्यक्रम चल रहे हैं कि लक्ष्मी मैया पैर दबा रही है। अब यह कमाल की बात हो गई। जो लक्ष्मी माता है, यह इंद्र को क्यों मिलती है? यह जो हमारा नाभि का पोर्टल है, जहां हम लक्ष्मी मैया की बात कर रहे हैं। यह है नाभि। यह है इंद्र आठ नंबर राशि है यहां
38:43 वृश्चिक। यह यह राशि के बिल्कुल साथ में एक नंबर है और यह मंगल ग्रह हनुमान कॉन्शियसनेस इसकी राशि है। जो एक नंबर राशि है मेष राशि बोलते हैं। ये स्टार्ट होती है अश्विनी भरणी कृतिका। भरणी नक्षत्र जो है उसकी योनि जो है गज है। गज राहु हाथी और जो पिछली राशि हम लेते हैं जो इसके पहले 12 नंबर राशि है ये केतु के पास है। लेकिन जिस प्रकार मंगल के दम पर इंद्र चलता है। उस प्रकार बृहस्पति के दम पर केतु चलता है। तो बृहस्पति ग्रह यह रेवती नक्षत्र होता है। केतु को दे रखे है। इसने 12 नंबर राशि अपनी। केतु इसका स्वामी है। एक प्रकार से बृहस्पति का पूर्ण कंट्रोल है।
39:30 केतु के यहां पर रेवती नक्षत्र है। लास्ट लास्ट नक्षत्र होता है रेवती। इसकी योनि भी गज है। यह गज दो ही लोगों के पास है। बाकी पूरे के पूरे नक्षत्र के कहानी के अंदर कहीं नहीं है। एक लक्ष्मी माता के पास है। और दूसरा इंद्र के पास है। ये यानी जो हाथी है यह बहुत बड़ा प्रतीक है। और ये सारे सफेद हाथी हैं। गृह हाथी नहीं है। यानी केतु को तो साइड करके रखा हुआ है वज्र के द्वारा। ऐसी की तैसी भाई बादल नहीं आएगा बीच में। आपकी आंखों के आगे अंधेरा नहीं है। यदि आपका गुरु सेट है तो केतु कुछ ना करेगा। केतु कहेगा ठीक है हुजूर आला हुकुम करो आप क्या करना है? मैं तो पूछूं इसीलिए गाय की सेवा करते हैं। शुक्र केतु केतु सेट होता है। ये सारे के सारे सुख की स्थितियां कैसे बनती हैं? ये तब
40:15 बनती हैं जब आपको बुद्धि का सहारा मिलता है। बुद्धिमान कौन है? हाथी। लक्ष्मी के आसपास हाथी खड़े करने का क्या मतलब है? अदरवाइज एरावत हाथी दे रखा है। इंद्र दौड़ रहा है। उसके ऊपर कहानियां बना रखी हैं। क्योंकि आपका राहु सेट है और राहु ने चंद्रमा को काबू नहीं किया। आपका मन खुश है। नहीं तो मन खसे उठता रहता है। जिनका चंद्र केतु साथ होता है उनके भी मन पे बादल छाए होते हैं। बोल ही नहीं पाते। पूरा एक्सप्रेशन ही नहीं होता। कॉन्फिडेंस की टोटल कमी होती है। आपके इंद्र की पावर की वजह से आपको हाथी की सवारी मिलेगी। हाथी की सवारी वाले कौन लोग हैं? धरती पर बहुत लोग हैं। बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमते हैं। फोर व्हीलर गाड़ी होती है। यह हाथी होता है। टू व्हीलर स्कूटर होता है। जो बाइक होती है। ये घोड़ा होता है। यदि
41:01 चंद्रमा अच्छा हो जाए तो आपको घोड़ा मिलता है। साइकिल से शुरुआत होती है इसके अंदर। और उसके बाद अगर आपका हाथी का ग्रह बहुत अच्छा है। राहु बहुत अच्छा है। और इंद्र की शक्ति है तो बहुत पावरफुल बढ़िया धांसू गाड़ी नहीं गाड़ियां मिलती हैं। तो अगर आपको लग्जरीज चाहिए लाइफ में गाड़ियां ही गाड़ियां चाहिए। गहना, सोना, चांदी, गुच्ची, अरमानी, वसाचे तो ये सारे के सारे इंद्र के पास है। एवरीथिंग और अगर ये आपको भोग में लेने हैं, विलासिता में लेने है, मस्ती में लेने हैं तो इंद्र का अच्छा होना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह आपको सांसारिक स्वर्ग जो कि कल्पना का है चिजी्जी वाला उसकी ऊंचाइयों पर ले जाता है। क्योंकि ये अनश्वर नहीं है। मृत्यु होती है। इसलिए
41:48 यह भगवान नहीं है। यह अवतार नहीं है। यह देवों का देवता सुपर ह्यूमन है। यानी कि इसकी आप पूजा करते हैं तो भी ठीक नहीं करते तो भी कोई बात नहीं है। यह आपके लिए इष्ट योग्य देवता नहीं है। लेकिन आप यदि कर्म ही ऐसा कर रहे हैं कि यार मजा आ रहा है, बढ़िया चल रहा है भाई तो समझो आपने इंद्र एक्टिवेट किया हुआ है कुंडली के अंदर। इंद्र की बहुत बड़ी कमी है। वह सजा बहुत जल्दी देता है। उसकी बहुत बड़ी खासियत है। वह गिफ्टें बहुत ज्यादा देता है। उसकी बहुत सबसे सुंदर बात यह है कि वो कहता है खाओ, खिलाओ, उड़ाओ, मस्ती मारो। तो आप गुण देखें कितनी बढ़िया बात है ये। आप देख के चलेंगे कुछ धर्म ऐसा है जिसके अंदर ये चीजें अप्लाई होती हैं। खूब खिलाओ, पिलाओ, खूब मजे करो, सब कुछ करो। कितना पैसा आता है, कितना सामान आ रहा है। कैसे आ रहा है? क्योंकि वो कह रहा है पार्टी पूरी करेंगे। कमी कोई नहीं
42:35 छोड़ेंगे। यह दान की बात नहीं हो रही है। दान नहीं है। इंद्र में कोई दान दानवीर तो कर्ण था। इंद्र उंद्र का कोई लेन देन नहीं। वो कहता है पार्टी खाओगे बढ़ाओगे तुम भी खाओ तुम भी पियो। तुम भी मजे करो। ऐसे व्यक्ति का इंद्र बढ़ता है। और इंद्र बढ़ने से क्या होता है? आपके जीवन में साजो समान चिज्जियां बहुत ज्यादा बढ़ती हैं और वो चिज्जियां बढ़ने के कारण आपके शरीर का स्वर्ग पूर्ण रूप से प्रोटेक्टेड रहता है। हमारे शरीर में दो ही जगह है। हमारे शरीर के पोर्टल्स को आप देखेंगे तो यहां पर ये एरिया है जहां पर ये भी मिल गई। ये भी मिल गई। पोर्टल सूर्य और चंद्रमा का एक पोर्टल ये है दूसरा पोर्टल हमारा नाभि का है जो सबसे इंपॉर्टेंट है
43:22 नाभि और तीसरा पोर्टल हमारा है प्रजनन प्रजनन केंद्र ये तीन पोर्टल्स हैं जहां राशि नंबर एक है यहां एक नंबर राशि है। आठ नंबर राशि है। चार नंबर राशि है। पांच नौ और 12 यह राशियां हैं जहां पर आदि अंत और मध्य तीन नाड़ियां मिलती हैं। यानी आपकी जीवन के अंदर चिजी्जी बनाने की मैनिफेस्टेशन के पोर्टल्स। हम कौन से केंद्र पर शरीर में है? वहां से जब विश करते हैं तो आपको कॉस्मोस देता है। हम कॉस्मोस से क्या
44:08 मांगते हैं? कई बेवकूफ मौत भी मांगते हैं। तेरी नहीं तो मेरी हो जाए, मेरी नहीं तो उसकी हो जाए, पड़ोसी की हो जाए, सत्यानाश हो जाए। हम बहुत अलग-अलग तरीके से मांगते हैं। तो हमारा जो मंगतापन है वो तीन मुख्य पोर्टल है। यहां पर मध्यम मध्य नाड़ी हो गई हमारी सुषुम्ना एक हो गई आदि एक अंत्य। इदा पिंगला और बीच में सुषुम्ना। ये तीनों नाड़ियों के इन पोर्टल्स को टच करते हैं। ये तीन ये छह राशियां हैं। दो चार छह जहां पर ये तीनों नाड़ियों का पोर्टल अंतरिक्ष से कनेक्ट होता है। ये हमारा स्वाधिष्ठान केंद्र है ये नाभि। नाभि के पास ही इंद्र है। आपको स्वर्ग लोक की जितनी चीजें मांगनी है नाभि पे ध्यान करके मांगी जाती हैं। ज्ञान की चीजें मांगोगे यहां से मांगोगे। संतान चीजें आगे कुछ बनाएं। अगली संतति के लिए दें। डीएनए रिलेटेड वो सारी
44:55 उसके नीचे वाटर चक्र पे आप कहां से वाइब्रेट कर रहे हैं? हमें अक्सर तो पता ही नहीं होता क्योंकि वो हाल है कि बेहोशी में ही चल रहे हैं हम। बिन पिए नशे में जी रही है दुनिया। आप ये ना सोचे शराब पीना पाप है। हम शराब पीने की बात कर रहे हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो शराब पी के भी होश में हैं। और ऐसे लोग हैं जिन्होंने शराब पी ही नहीं और बेहोश हैं। अगर आपको रियलाइजेशन ही नहीं है, आप क्या सोच रहे हैं? आप कर क्या रहे हैं? कहां जा रहे हैं? तो आपका गुरु भी आपको कुछ टीच नहीं कर सकता। क्योंकि सारे टाइम आप इंद्र में फंसे हुए हैं। बैठे हैं आप शिवालय के अंदर और प्लान चल रहा है आपका कि पिक्चर देखनी है उतने बजे पॉपकर्न खाएंगे वहां पर जाके मस्ती करेंगे। आपके दिमाग में कुछ का कुछ चल रहा है। यह सब इंद्र भ्रष्ट कर देता है आपको। अब इंद्र होना भी आवश्यक है कि आपके पास चीजें भी हो लेकिन उस रूप रंग रस में
45:42 आप पागल ना हो जाए। चार युग बीतने के पश्चात 432000 वर्ष का एक युग होता है। चतुर युग बीतने के बाद जब 71 बार वह बीत जाते हैं। चार युग * 71 टाइम्स 71 इसे एक मनवंतर कहते हैं। हर मनवंतर का एक इंद्र है। फिर इंद्र बदल दिया जाता है। इतनी लंबी आयु है इंद्र की। यानी जो कॉस्मिक आयु के सिस्टम में देख के चल तो इंद्र बहुत ज्यादा लंबी आयु वाला देवता है और यह मालिक कहा जाता है एक मनवंतर का। ऐसे मनवंतर चलते चले जाते हैं लगातार और
46:28 ब्रह्मा की जो 311 ट्रिलियन इयर्स की ऐज है उसके अंदर कई बार ये बदलते हैं। इसे प्रजापति भी कहा जाता है। यानी लगभग लगभग ब्रह्मा जैसा ब्रह्मा के बच्चे मान के चलो। ये पोर्टल्स हैं जहां से आप मांगते हैं। तो आपने इंद्र के लिए जो मांगा अब आपकी कुंडली में इंद्र जैसा बैठा हुआ है यूरेनस अगर खराब राशि का बैठा है और आप उससे बढ़िया मांग रहे हैं तो नहीं देगा। फिर हम रोते पिटते मैनिफेस्टेशन क्यों नहीं हो रही है? हमारी बॉडी विटामिन डी की गोली खाई तो ठीक ठीक हो गया। फिर छोड़ दी तो फिर कम हो गया। यानी बॉडी विटामिन डी नहीं बना रही। यानी आपके बॉडी का ये पोर्टल खराब है। तो पहला संकेत ये होगा आपकी नाभि में गड़बड़ है। अगर आपका सांस जल्दी फूलने लगा है। अगर आपका पेट खराब रहता है। आपका हाजमा ठीक नहीं है। भैया पहले वो ठीक करो। कुछ मांग बैठोगे उन
47:14 दिनों में हमने तो परमात्मा से मांग लेना है। उल्टा ही फेंक के मारेगा वो। आप कहोगे हमारी पुकार क्यों नहीं सुन रहा वो भाई? इसीलिए लंबी-लंबी तपस्या कर रहे हैं। जो ज्ञानी व्यक्ति है वो जानता है पहले ठीक क्या? पहले बॉडी का पोर्टल ठीक करो। आपकी नाभि ठीक होनी चाहिए। ना भी डरी हुई नहीं होनी चाहिए ना भी राहु केतु को सेट करके चलनी चाहिए यानी आप किसी इल्लुजन में नशे में नहीं है फालतू के सपने नहीं देख रहे फालतू की बकवासबाजी में नहीं किसी दूसरे के बहकावे में नहीं है अगर बहकावे में आना है तो गुरु के आओ और गुरु आपको बेवकूफ बना रहा है तो फल वो लेगा दुख दरिद्रता का आप बेवकूफ बन के लूट लोगे सोचो कोटा पूरा हो गया आगे अच्छा मिलेगा लेकिन इंद्र का पोर्टल नाभि का पोर्टल है जो आपको चिजी देगा आ हा बहुत सारा मजा आया जी स्वर्ग बना तो जब किसी की लाइफ के अंदर स्वर्ग नहीं बन रहा है। मींस वो डरा रहता
48:00 है। उसको डर रहता ही है। वह सारे टाइम भोग ही नहीं पाता है। लोगों के पास पैसा है, कपड़ा है, अलमारियों में पड़ा है। आए हुए गिफ्ट जो है वो अलमारी में पड़े सड़ जाते हैं। ऐसा होता है कि बच्चे भोग के ऐश पार्टी करते हैं। माता-पिता कह रहे हैं हम तो कमा-कमा के मर गए। सबने अपना इंद्र डिस्टर्ब किया हुआ है। इंद्र कुंडली के अंदर कहां बैठा है? यह यूरेनस की पोजीशन से बैठता है। आप सोच के चल इंद्र कितना ज्यादा आवश्यक है। कितना इंपॉर्टेंट है। हमारी सारी ज्ञानेंद्रियां और कर्मेंद्रियां ये इंद्र है। अब बताओ कौन व्यक्ति है जो अपनी ज्ञानेंद्रियों के बिना जी सकता है? आंख, नाक, कान, छूना, टच, स्वाद सब कुछ त्वचा ये सारी तो हमारी
48:45 ज्ञानेंद्रियां इसी से तो पता चलता है हमारा। नहीं तो हमें कैसे पता? अगर आपके मुंह का स्वाद खराब है, आपको स्वास की तकलीफ है, कानों का लफड़े ईएनटी के पेशेंट बने बैठे हुए हो, त्वचा में कोई रोग आ रहा है। आपका इंद्र डिस्टर्बड है। त्वचा क्या होती है? केतु। केतु कौन है? बादल। बादल से बारिश कौन कराता है? इंद्र। बिजली कड़का के। यानी इंद्र को ठीक कर लो। त्वचा ठीक होगी। इंद्र ठीक करने के लिए क्या करना है? नाभि। नाभि के बाद किस पे जाना है? गुरु के पास। बृहस्पति ठीक करना है कुंडली के अंदर। लीवर वो डिटॉक्स करेगा तो ठीक होगी स्किन। त्वचा के सारे रोग इंद्र के पास है। जीभ बोलने में बदतमीज हो। गंदा ही बोलते हो। बकवास करे बिना भौके बिना चैन नहीं पड़ता। इंद्र डिस्टर्बड है। अरे यार तू भी खा ले भाई। मैंने भी खा लिया पार्टी कर यार। कोई बात नहीं भाई दफा कर। वैसे हम नाभि को क्या कहते हैं? भाड़ में
49:31 जाए केंद्र। भाड़ में जाएगा केंद्र है। हनुमान जी तटस्थ थे। हिले नहीं गलती से भी। इंद्र कौन है? या चालाक है। यह अपना स्वर्ग बचाने के लिए नौटंकी, चालाकी, रूप बदलना, छिछोरापन, घटियापन सबका असर कर सकता है। हमारे साथ दुख की बात यह है कि हम अपने शास्त्रों में बताई गई अच्छी चीजों को भुला देते हैं। बुरी याद रखते हैं। इंद्र बदनाम कर दिया गया बेचारा अच्छा खासा देवता कि ये तो सेक्स के लिए दूसरों को पत्नियों को उठा के ले जाता था। यह भी एक लीला है। ये भी एक माया है। इसके अतिरिक्त जो हजारों चीजें अच्छी वो भूल गए। उसकी बात ही नहीं करनी। ओशो ने एक लेक्चर क्या दे दिया? संभोग से समाधि। कह दिया सेक्स गुरु है। एक सेक्स का ही स्यापा है। सेक्स को गंदा बोलने वाले सब व्यक्तियों का इंद्र खराब होता है और इंद्रियों पे इफेक्ट आता है। इंद्रियां क्या कर रही है? देख रही है इसको बढ़िया
50:17 अच्छा लग रहा है। लेकिन नहीं नहीं पाप नहीं करेंगे। करेंगे क्या? खा कर दिया तुमने। तुम कर चुके हो। तुम्हारी इंद्रियां इसी पर लगी हुई है। कर्म इंद्रियां अलग कार्य कर रही है। एक्सकशन का काम हो रहा है। प्रजनन का कार्य हो रहा है। हाथ काम कर रहे हैं। मुंह काम कर रहा है। पैर काम कर रहे हैं। पांच कर्मेंद्र पांच ज्ञानेंद्रियां ये काम कर ही रही है। 11वा मन है। मुन्ना उसकी सेटिंग कैसे करी? ये अलग कहानी। लेकिन ये इंद्रियां अगर डिफेक्टेड है ढंग से पैर नहीं कहले जाते। हाथ ढंग से नहीं चल रहा है। मींस आपने अंदर कुड़कुड़ के सड़ के सबको गालियां बक रखी है। अपने जीवन के स्वर्ग को अगर आपने नष्ट नहीं करना है टीम की तरह काम करो। इंद्र के पास बहुत बड़ी टीम है। पूरी टीम ले जाता है। वो हमला करता है और खत्म कर देता है। वृतासुर नाम के असुर को इसने जिसने सारे के कहते हैं
51:04 वो सांप की शक्ल का था और उसने सारे धरती का पानी सोख लिया था। तो सांप ने क्या किया? चंद्रमा को खा गया। राहु और केतु यह चंद्रमा यहां बैठे चंद्रमा को खराब कर देते हैं। उसका पेट फाड़ा इंद्र ने अपने वज्र के प्रहार से और सारा पानी वापस धरती को दे दिया। तो आपके जीवन के अंदर जब आंसू तक नहीं निकल रहे हैं। आप रो भी नहीं पा रहे हैं। और आपको यह लग रहा है हम करें क्या? अंदर पानी सूख चुका है। पानी खत्म हो गया। मींस आपको डब्ल्यूबीसी की प्रॉब्लम सारी की सारी एलर्जीज़ आपकी इंद्र की वजह से हैं। जितने लोग लैक्टोस इनटोलरेंट है, पानी से संबंधित जितनी भी प्रॉब्लम्स हैं, जिनको खानपान से दिक्कत होती है, फूड एलर्जी टेस्ट कराते हैं, उन सबका आपका यूरेनस खराब है कुंडली के अंदर।
51:50 और इसको ठीक करने के लिए इसका स्टोन पहना जाता है, वाइट मूंगा पहना जाता है। इसके लिए डायमंड पहना जाता है। डिपेंड्स कुंडली में कौन सवाल आएगा? कहीं-कहीं यूरेनस नेप्च्यून के साथ कंजक्शन में चलता है तो ओपल पहनाया जाता है। अभी बात होती है उसकी। पर यह इंद्रियां ही आपके जीवन का बेस है जिसके दम पर आप चलते हैं। आपका जीवन चलता है। इन सब में नाश अगर कहीं हो रहा है तो सीधा जाकर के इंद्र को देखो। आपकी कुंडली में कहां बैठा है भाई? क्या कर रहा है और किसकी मदद से सेट होगा। क्योंकि यह लंबे टाइम चलेगा। इसलिए जितने लंबे-लंबे इलाज चल रहे हैं ना ये इंद्रियों से संबंधित। किसी को इरेक्टाइल डिसफंक्शन है। किसी का पेट ही ठीक नहीं होता। किसी बंदे को हाजमा ही सेट नहीं है। कोई बैठकर के यही रोना रो रहा है कि मेरे तो त्वचा ही खराब हो चुकी है। स्किन ही परमानेंट दाग परमानेंट दाग लगा देता है। पूरे जन्म के लिए आपके सौंदर्य स्वर्ग खराब कर देगा। आप कंचा नहीं लग
52:38 रहे। आप मक्खन नहीं लग रहे। आपको देख के खुद को ही शर्म आ रही है। शीशा तोड़ने का मन कर रहा है। आपका यूरेनस खराब है। बहुत मजेदार होते हैं ये ग्रह। हमारे को एक वीडियो मिला है। है तो दूसरे का देखते हैं। बड़ा मजेदार हिसाब किताब। सूर्य जितना बड़ा है ऐसे-ऐसे प्लनेट्स अलग-अलग घूम रहे हैं। यह यूरेनस यूरेनस की ऑर्बिट बड़ी मजेदार है। यहां से चलता है ये। ये गया गया यहां पहुंचा और ये यहां जाके सोच के चलिए कितना पास आ गया। इसके दूसरा ग्रह हमारा नेप्च्यून ये इसके साथ आ गया। और ये ओवरलैप कर गए। ये इधर निकल गया। ये इधर निकल गया। इसकी एक वीडियो है। अगली बार देखते हैं मिलती है तो थोड़े से टेडूमेडू चलते हैं दोनों। तो ये जो गोलगोला गोला गोला घूमे जा रहा है ना
53:25 ये अलग-अलग घूमते हैं। देरी और पीछे से खींच के चलते हैं। यूरेनस जो है इसके सेंटर के अंदर जो प्लनेट है उसका जो गोला है बीच का वो थोड़ा शिफ्टेड है। इसका मैग्नेटिक सिस्टम भी बिल्कुल अलग है। इसीलिए हमें कभी-कभी तो वितृष्णा हो जाती है। कई चीजों से कुछ नहीं चाहिए। दफा करो। मोह माया है सब। और कई बार पागलों की तरह भी आगे आ जाते हैं। जैसे मान के चलेंगे यह गोला अगर है यूरेनस का ऐसा एक प्लनेट है। यह ऐसा बना हुआ है। तो इसका जो गोला होता है पेट में होना चाहिए या सेंटर में। इसका गोला पेट में नहीं है। इसका गोला थोड़ा सा इधर शिफ्टेड है। और इसकी रिंग्स यहां है। ये रिंग्स हैं इसकी। बजाय रिंग्स जो ऐसे और प्लनेट्स की होती है। सैटर्न की भी रिंग्स हैं। ऐसे होती है इसकी ऊपर से हैं। इसका टिल्ट ही
54:13 निराला है। इसीलिए शुक्र ग्रह और यूरेनस ये दोनों उलट चलते हैं। इसलिए संसार के अंदर शुक्र जबरदस्त आकर्षण पैदा करता है। भोग देता है और विलासिता देता है इंद्र। यूरेनस। इसलिए बहुत से लोगों के लाइफ में चीजें तो हैं। विलासिता और ऐश और मस्ती नहीं है। ना शरीर की है ना पति पत्नी के बीच रोमांस जिंग है मस्ती है। वो खाते पीते थे तो डर के घर बनाते हैं तो डर डर के लोन पे ही काम चलता है। बाकियों को अपने आप मिल रहा है। हैरानी की बात है। कुछ लोग पट्ठे कुछ नहीं करते। उनको इतना मिल कैसे जाता है? और वो भी इतना ज्यादा लक्ष्मी माता बुरी तरह मेहरबान है। हाथी यहां भी काम कर रहे हैं। वहां भी फिजिकली वाकई बहुत जरूरी है। इसलिए आपकी नाभि नहीं उतरती अगर आप कोर स्ट्रेंथ अच्छी करते हैं। जिम जाके सारी एक्सरसाइज छोड़ दो। बॉडी बनाने के चक्कर
54:59 में मत रहो। कोर स्ट्रेंथ डेवलप करो। सिर्फ कोर। अगर आपका कोर मजबूत है और आपके डोले नहीं है। कोई फर्क नहीं पड़ता। आप डोले वालों से ज्यादा अच्छी एक्सरसाइज करोगे। यह फंक्शनल ट्रेनिंग से होता है। पिलाट वगैरह होते हैं। वह इसी के अंदर है। कैलस्थेनिक्स उसी में है। बॉडी इतनी अच्छी नहीं दिखेगी लेकिन आपका कोर स्ट्रेंथ बहुत तगड़ी होगी। नाभि ताकतवर है। सब ठीक है। सर वो कैसे नाभि स्टंग है। सुपरमैन पुश अप्स कर सकते हैं। आप तो नाभि स्ट्रांग है। पर वो कैसे बताऊं? नहीं वैसे आप डरते नहीं है। आप घबराते नहीं है। आपका खाना पूरा पचता है। सांस लेते हुए आपको तकलीफ नहीं होती। नींद आपको बहुत बढ़िया आती है। आपकी नाभि स्ट्रांग है। आपकी नाभि सेंटर में है बॉडी के हमेशा जितने मर्जी कद काठी का व्यक्ति है। उसका
55:46 निचला हिस्सा भी बढ़िया चल रहा है। ऊपर का भी ना नीचे रोग है ना ऊपर रोग है। सब तरफ स्वर्ग है। नाभि स्ट्रांग है। ये सूर्य चंद्र इत्यादि इत्यादि ऐसे पोर्टल्स हमारे शरीर में बने हुए हैं। इंद्र देवता यहां बैठे हुए हैं। अब इंद्र जो है इसको मंगल के समान हम पूर्ण रूप से लेकर चल सकते हैं कि किस प्रकार काम करता है। तो आपकी कुंडली में आपका 7 साल के लिए लगातार हर बार राशि चेंज करेगा। तो कम से कम हो सकता है 70 साल की उम्र में सात आठ राशियां आप गोल-गोल घूम लें। तो आपका कोई ना कोई गुड पीरियड आ जाए। अच्छा इंद्र देवता जो हैं ये मंगल के राशि में एक नंबर में होंगे यानी कि तो गुड होंगे ही होंगे। ये एक नंबर है आपका। एक दो तीन चार पांच छ 7 8 9
56:34 10 11 12 ये मंगल की राशि में होंगे तो अच्छे होंगे चाहे तो वज्र है इनके पास कोई दिक्कत वाली बात ही नहीं है ताकत सारी मिलती है धड़ाधड़ अब उसके पश्चात ये सूर्य के साथ है यार अरुण देव की तरह रथ खींच रहे हैं सूर्य के जाके तो ये हाथ जोड़ के खड़े हो जाते हैं कि प्रभु कृपा करें यानी आपने सारी ऐश अय्याशी मौज मस्ती स्वर्ग जब सूर्य आपके साथ है तो प्रकाशमान है। क्या कमी है? पिता का आदर कर लिया। पांच नंबर राशि का अगर आपका यूरेनस बैठा हुआ है तो बहुत बढ़िया फल है। कमाल का मजा आएगा। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। इंद्र आपका छह नंबर का है। हाथी मिल गया भाई। अब अगर ये चंद्रमा ठीक नहीं है कुंडली में तो हाथी मिलेगा ग्रे कलर का। जो कि नास पीट के रख देगा। बीमारियां भी देगा। अब ये हाथी सफेद चाहिए इसलिए
57:20 चंद्रमा। तो पिता और माता यानी कि शिव और शक्ति इसकी कृपा तो बहुत जरूरी चाहिए। अगर इंद्र इंद्र की चाहिए यानी आपका साक्षी भाव सेट होना चाहिए। तो कुंडली के अंदर आप सूर्य और चंद्र को इंप्रूव करके भी अपना इंद्र इंप्रूव कर सकते हैं। अब ये यहीं पर आके बुध की राशि में आता है। इंद्र आकाश का देवता माना जाता है। ये आकाश का पोर्टल है। गर्दन जो गला है। दोनों राशियों में बढ़िया फल देता है। बड़ी विचित्र सी बात है। देव गुरु है ये। राहु के ऊपर भी सवारी करता है। राहु का यह मित्र मित्र नहीं है। राहु हाथ जोड़ता है। आइए महाराज घर आए हैं। तो राहु स्वागत करता है यहां और राहु जब यहां आता है तो ऐसी तैसी फेर देता है। राहु यहां आके तंग करता है। आपके पेट में डलती है ना शराब,
58:05 अय्याशी, खराबी, बर्बादी और क्या करता है? बुद्धि भ्रष्ट कर देता है। ऊपर का पोर्टल उड़ा देता है। ये खत्म। सोच समझ भी खत्म कर देता है। 1% भी फल नहीं देता। वरुण जो है सात नंबर इंद्र यहां आकर के लाइटनिंग फेंक के मारता है और सत्यानाश कर देता है। यानी कि वरुण के अंदर की इतनी हलचल देता है लेकिन वरुण की विशालता देखें। वो कहता है कोई बात नहीं मरने दो। आई विल को एक्सिस्ट। मैं तेरे साथ चलूंगा। अंतरिक्ष में भी वरुण और यूरेनस दोनों के दोनों एक दूसरे के साथ थोड़ा सा ओवरलैपिंग करते हैं। है तो दूर बहुत दूर टेढ़ी सी है इनकी मूवमेंट सारी की सारी। इंद्र शुक्र के साथ अय्याशी बना देता है। बुरी तरह दो नंबर राशि में भयंकर अय्याशी कराता है। सात नंबर राशि में अय्याशी बर्बादी तक लेकर जाता है। बिल्कुल बर्बादी तक। अब आप
58:52 सोचें ये दिल है हृदय। हृदय के अंदर आपके अगर ऐश अय्याशी घुस गई। सारे टाइम डर घुस गया। मैं तो स्वर्ग ही बनाऊंगा। अकेला स्वर्ग नहीं है संसार। आपको सहज भी होना है। लेकिन यह जरूर है कि ऐसी स्थिति में इंद्र पावरफुल बड़ा होता है। क्योंकि उसको शुक्र और वरुण इन दोनों के पास जाकर के धमाल मचाने के लाइसेंस मिल जाता है। और है यह कैसा देवता? कहा जाता है अहिल्या के साथ इसने शारीरिक संबंध बनाया। रूप बदल के, भेष बदल के यह अय्याशी है। और तब श्री राम ने अहिल्या जो पत्थर रूपी थी, गौतम ऋषि ने श्राप दिया। कथा है शॉर्टकट बोल रहा हूं मैं। तब जाकर के वो रिलीज हुई। तो राम कौन है? हृदय चक्र 12 कला संपूर्ण सूर्यवंशी तो राम जब यहां स्थापित होते हैं तब जाकर के ही मुक्ति मिल पाती है ऐश
59:37 और अय्याशियों से क्योंकि राम कौन है? मर्यादा तो हृदय के लिए इंद्र डेंजरस है। लीवर के लिए फिट है। किडनी के लिए बिल्कुल फिट है। हृदय के लिए बहुत डेंजरस है। इसलिए आपकी अय्याशियां आपके हृदय को डेंजरसली डिफेक्टेड कर सकती हैं। इसलिए जिन घरों में दिल तोड़े जाते हैं। अय्याशी कर रहा है कोई बंदा या बंदी और पता लगा परिवार छूटने टूटने के कगार पे आ गया। दिल का मेल खत्म। तो बहुत सामंजस्य बहुत तालमेल चाहिए इसके अंतर्गत आपको। यही इंद्र जब बृहस्पति के साथ होता है, बृहस्पति के घर जाता है तो बिल्कुल प्रणाम करके चलता है। देव गुरु है। रास्ते निकाल के देते हैं। एक तरह से विष्णु यही है। विष्णु का स्थान बृहस्पति के साथ ही है। यहीं पर है क्षीर सागर। यहीं पर बैठे होते हैं विष्णु। बृहस्पति की राशि में जब जाता है तो बहुत कमाल होता है। हाथ जोड़ के खड़ा होता है। कहता है जी प्रभु कहां है।
1:00:23 यहां जाता है इसको फाड़ देता है। मैं ही मैं हूं। किसी की नहीं सुनूंगा। किसी के बाप की नहीं सुनूंगा। इसलिए 12व घर में भी जब जाता है तो वज्र के प्रहार से बादल फाड़ फाड़ के पानी निकाल देता है। एक प्रकार से यहां 10 नंबर का जाता है। बहुत मस्त है। शनि के घर गया। शनि तो सेवक है। शनि कहता है राजा जी आए हैं। हां जी प्रणाम। सूर्य से तो शत्रुता मैं कर लूंगा। इंद्र से शत्रुता नहीं करता है शनि इतना। लेकिन शत्रु तो है। क्योंकि यह सूर्य का ही रिप्रेजेंटेटिव है। इसीलिए शनि जब एक नंबर में जाता है तो नीच का होता है बर्बाद। पेट्रोल को आग में डाल दो क्या हाल करेगा? और पेट्रोल को चिंगारी पर डाल दो तो क्या करेगा? यानी कि इंद्र जब यहां जाता है तो यह हाथ जोड़कर स्वागत करता है। इंद्र जब यमराज के यहां जाता है। यमराज क्या है? मृत्यु। अब मृत्यु के घर में स्वर्ग पहुंच जाए यार
1:01:09 कितनी बढ़िया मौत होगी। बंदा कहेगा यार मैं तो मरने से पहले सारा स्वर्ग यहीं देख लिया। कितनी शानदार राशि है। अगर आपका इंद्र यूरेनस इस राशि में आता है। आपके पूरे जीवन काल में जब भी 11 नंबर की राशि में विचरण करता हुआ आपका यूरेनस आ जाता है तो बड़ा स्वर्ग जैसी फीलिंग महसूस होती है। लेकिन स्वर्ग कहां महसूस होता है? अगर यही आपका 11 नंबर राशि छठे घर में पड़ गई तो शत्रुओं के साथ रो पट के स्वर्ग होगा। जेल में स्वर्ग महसूस करोगे। ये फर्क है राशियों के और स्थान के परिवर्तन का। कुंडली में कहां-कहां बैठा इंद्र और कैसे-कैसे फल देता है। 12 घरों के अंदर अगर इंद्र बैठा है यानी यूरेनस आपकी कुंडली के अंदर बैठा है तो अगर
1:01:55 आपका एक नंबर राशि का है यह राशि के हिसाब से होना चाहिए था। हमने भाव लिख दिए हैं। इंद्र एक नंबर राशि का है तो मंगल के घर का ही है। जिससे शक्तिशाली लेता है वो लाजवाब है। अब इंद्र का लाजवाब समझ लीजिए। इंद्र का लाजवाब कैसा है? इंद्र का लाजवाब है रक्षा करने वाला शक्तिशाली राजा जो अपने स्वर्ग की प्रोटेक्शन करता है। यह हनुमान कॉन्शियसनेस नहीं है जो कहता है कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। मुझे भक्ति रखनी है और भाड़ में जाए सब दफा होए। यह कहता है मुझे तो साम्राज्य चाहिए। यानी कि ऐसा व्यक्ति लाजवाब भोगी होगा। मस्त मलंग होगा और बहुत मस्ती के अंदर अपने जीवन को चलेगा और सबको साथ लेकर चलाएगा। बहुत लाजवाब। दो नंबर का यदि होता है तो भड़का हुआ इंद्र है। यानी कि यह शब्द कहे जाते हैं।
1:02:41 अलग-अलग कहने की बात क शराब भी पीता है, मीट भी खाता है। इंद्र यानी कि भोग विलास है, ऐश अयाशी ये सब भी करता है और रक्षा भी करता है, खजाना भी बढ़ाता है। देवलोक के अंदर देवताओं को संभालता भी है। एक चीज बताइए आप हाउसेस बताते हैं या राशि। यह राशि बता रहे हैं। अब इसके अंदर राशियों का खेल है। अब यहां दो नंबर राशि का इंद्र है। यहां है, वहां है। वह अलग-अलग कहानी हो जाती है। यह लग्न का है। ग्रहों को समझ लो। याद रखिए यह जो पहला घर है ना यह खुद को आइडेंटिफाई करता है। सेल्फ यह धन को कुटुंब को यह भाई-बहन पराक्रम इसके पास आपकी संपत्ति है। संपत्ति बताता है। यह
1:03:28 संतान विद्या इसके पास शत्रु है। यह आपका साथी है। पार्टनरशिप यह मृत्यु है और ब्रैकेट में ससुराल भी यह आपका भाग्य है। पिता है यह मां है। पिता हो गए। यह कर्म लाभ खर्च इत्यादि इत्यादि ये यही रहेंगे। यहां पर जो ग्रह बैठा है जिस जगह उस ग्रह के अनुसार फल होगा। जैसे यह एक मकान का घर है। इस मकान के घर के अंदर यह मकान का ही फैसला करके देगा। अब यहां खराब ग्रह बैठा है बुरी राशि के अंदर तो मकान बनेगा ही
1:04:14 नहीं। पूरे जन्म कुछ भी कर लो। अगर यहां अच्छा ग्रह बैठा है तो मकान बनेगा ही। शनि इत्यादि जैसे ग्रह है तो बिन मांगे मिलेगा। सूर्य जैसा मिला बैठा है तो महल मिला करके देगा। यह अपने आप ही देगा। ये इसका यही काम है। यह साथी का घर है। यहां बुरा ग्रह बैठा है तो तलाक कराएगा। शैतान ग्रह बैठा है तो मल्टीपल रिलेशन अफेयर कराएगा। केतु जैसा ग्रह बैठा है तो रिश्ते कराएगा तुड़वा देगा। रिश्ते कराएगा तुड़ा देगा। बृहस्पति जैसा बैठा है या दृष्टि है अफेयर कराएगा छुड़ा देगा। इंद्र जैसा बैठा है मल्टीपलीसिटी कर देगा। ऐश की अय्याशी करा देगा। ये इस प्रकार से ग्रहों का हिसाब किताब अलग-अलग चलेगा। तो जब हम एक नंबर राशि की बात कर रहे हैं तो मंगल का घर है। यह दो नंबर राशि की बात कर रहे हैं। शुक्र का है। यह शुक्र का है। यह बुध का है। यह चंद्रमा का है। यह पांचवा जो है
1:05:00 सूर्य का है। छठा राहु का है। सातवां वरुण का है। आठवां इंद्र का है। नौ बृहस्पति 10 शनि 11 यमराज प्लूटो और 12वां केतु। यह इनकी राशियां है। अब यह इनके घर भी हैं। काल पुरुष की कुंडली में यह स्थापित माने जाते हैं। लाल किताब भी इसी प्रिंसिपल पर चलती है कि भैया यही घर है। तो जैसे वरुण का यही स्थापित घर है। इंद्र का यही स्थापित घर है। यही देगा और साइंसेस इसके पास ही आती है सारी। ज्ञान इसी के पास आता है। इसी के पास मृत्यु भी आती है। आप अपने जीवन में सुख देखते हो। से सुख जब नहीं मिलता तो सुख से पांचवा एक दो तीन चार पांच मृत्यु ही ज्ञान बन जाता है
1:05:45 तो आप मृत्यु की बातों में ज्ञान ढूंढते हो इसीलिए ऑकल्ट साइंस में घुस जाते हो और ये जाने से ही आपका यह घर जो है मृत्यु को साफ कर देता है आप मरते नहीं हो ज्ञान आ जाता है इस प्रकार से स्थिति चलती है इसमें तो जब आपका इंद्र अलग-अलग राशियों में बैठा है और घर भी है जैसे एक नंबर राशि का इंद्र है लाजवाब अब यहां दो नंबर का होता आप शैतान स्वभाव के होते तीन नंबर का आपका होता कल्पवृक्ष होता कल्पवृक्ष इंद्र के पास कल्पवृक्ष है मतलब आपके पास क्या नहीं होता तीन नंबर का और आप कहते मेहनत करी नहीं कुछ नहीं करी रेडीमेड कहां में ले जा रहा है भाई अब यहां तीन नंबर का चला गया कल्पवृक्ष तीन नंबर का इंद्र कल्पवृक्ष देता है ये तीन नंबर क्या करेगा यह भाई बहनों के साथ है भाई बहनों का सगा है ये अपने भाई बहनों के लिए कल्पवृक्ष बन के
1:06:31 रखेगा सारी जिंदगी उनको देता लेता रहेगा कार्यक्रम करता रहेगा पालेगा पोसेगा रोएगा डरेगा डराएगा उनकी रक्षा करेगा संभालेगा उनके उनको पूरी ऐश कराएगा कल्पवृक्ष है फिर आखिर में रोएगा मैं लुट गया क्योंकि काम ही आएगा दूसरे के लिए यह अपने लिए कल्पवृक्ष है यही चार नंबर का इंद्र बैठा है तो चार नंबर क्या है चंद्रमा की राशि चंद्रमा जब इसके घर आता है तो चंद्रमा इसको बर्बाद कर देता है चंद्रमा क्या है पानी ये क्या है बिजली पानी बिजली के ऊपर अग्नि है अग्नि हो गई और बिजली हो गई दो अलग उस पे गिरेगा तो खत्म शॉर्ट सर्किट मार के खत्म कर देगा। इसलिए चंद्रमा नीच का होता है आठ नंबर राशि के अंदर। पर आज इंद्र की क्लास है। पर इंद्र जब इसके घर जाता है चिंगारी गर्म करने तो क्या करता है? गर्म कर देता है उसे। आपने पानी में र डाली है गरम-गरम
1:07:17 पानी करने की। र डाल के छोड़ दो। पानी को भी उबाल देती है। तो चंद्रमा क्या करेगा? या भटक गया तो इंसान के खून के अंदर क्या होगा? खून में गर्मी आ गई बहुत ज्यादा। ऐसे व्यक्ति के खून में गर्मी रहेगी। ब्लड रिलेटेड प्रॉब्लम्स आएंगी उसको। अगर तो शनि चंद्रमा का दोष है तो कैंसर फैंसर भी हो सकता है। यह प्रॉब्लम्स भी क्रिएट करेगा। पांच नंबर का इंद्र यहां पर हो जाएगा तो सूर्य के घर का है। हाथ जोड़ के चलेगा। नेता ही ना बना दे कहीं। अगर बुध 10वें घर में अच्छा हो या उसका लिंक हो बुध छठा आठवां बारवा नहीं होगा तो पॉलिटिक्स में डाल देगा। मंगल पावरफुल होगा। मंगल से ही शक्तियां लेकर इंद्र पॉलिटिशियन भी बनाता है क्योंकि बातें कराता है। राजा है ना आप छोटे राजा हैं कि बड़े राजा हैं पर इंद्र के दम पर है। अब कुंडली में अगर अच्छा बैठा हुआ है इंद्र तो आप कुछ भी करोगे आप राजा रहोगे। पहले आप छोटे से अपने सोसाइटी
1:08:04 के प्रेसिडेंट बन जाओगे। फिर आप लोकल एरिया के प्रेसिडेंट बन जाओगे। फिर पता लगा आप काउंसलर बन गए। फिर एमएलए एमपी ऐसे-से बढ़ते जाओगे। उठाता जाएगा ये। तो इसके पास ये कला है ही कि राजपाट में डाले। पांचवा छठा जो है यह अरावत हाथी की सवारी करता है राहु शिक्षा देगा लोगों को संभालेगा भटके हुए मुसाफिरों को सेट करेगा क्योंकि राहु सम्मोहन है सम्मोहन को सेट करके रखता है छह नंबर राशि का इंद्र यहां ये लग्न की बात हो रही है सात नंबर का हो जाएगा तूफान मचा देगा बिजली कड़का कड़का के ऐसी की तैसी कर देगा इतना गंद मचाएगा सोसाइटी के अंदर इतने क्लेश मचाएगा लोग कहेंगे हाथ जोड़ो इसे जहां जाएगा ऐसे आशियां बर्बादियां करा देगा आठ नंबर अपने घर का हो गया बिल्कुल स्थापित है राजा की तरह रहेगा मौज करेगा मस्ती नौ नंबर का यहां रहेगा तो बृहस्पति के घर गया है नौ
1:08:49 नंबर बृहस्पति का घर है वहां जाके कंट्रोल फुल मस्ती लेकिन कंट्रोलोल्ड हां भाई ठीक है ठीक है सब ऐश कर रहे हैं खा रहे पी रहे हैं लाओ लाओ यार अपन भी करेंगे खाएंगे पिएंगे ऐश करेंगे उड़ाओ यार खिलाओ सबको दो और आदर सहित क्योंकि बृहस्पति के हैं 10 नंबर का हो गया मस्ती पूरी शनि महाराज है ब्लैंक ब्लाइंड क्या हो रहा है पर्दे के अंदर छुपा कोई पता ही नहीं शनि अंधकार का देवता दारू पार्टी भी
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