0:00 नमस्कार। मंगल अपनी राशि को परिवर्तित करने जा रहे हैं। मंगल कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं। अब मंगल अभी तक सिंह राशि में केतु के साथ चल रहे थे। मंगल और केतु की युति बिल्कुल अच्छी नहीं होती है। पिछले 40 45 दिनों से मंगल और केतु सिंह राशि में भ्रमण कर रहे थे। अब मंगल सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं और कन्या राशि में अगले 45 दिनों तक रहेंगे। यह गोचर 28 जुलाई को हो रहा है। 28 जुलाई को शाम को 7:59 पर मंगल सिंह राशि को छोड़ देंगे और कन्या राशि में पहुंच जाएंगे और यहां पर यह रहेंगे 13 सितंबर 2025 तक। यानी मंगल
0:47 कन्या राशि में बैठकर 28 जुलाई से 13 सितंबर तक क्या प्रभाव हमारे आपके जीवन पर लाने वाले हैं? इसी बात को समझेंगे। इस वीडियो को आप अपनी लग्न राशि पर या चंद्र राशि पर समझिएगा। इस गोचर को आप अपने लग्न या चंद्र राशि पर समझ सकते हैं। इससे आप बिल्कुल सटीक अनुभव करेंगे। आइए सबसे पहले मेष राशि की बात करते हैं। मेष राशि वालों के लिए अगर हम इस मंगल के गोचर को देखें तो मंगल आपके रोग स्थान से गोचर करने जा रहे हैं। छठे घर से। अब मंगल मेष राशि के लिए आपकी ही राशि के मालिक होते हैं। आपकी ही राशि के मालिक रोग भाव में प्रवेश कर रहे हैं। छठे घर में प्रवेश कर रहे हैं। छठा घर रोग ऋण
1:33 शत्रु का होता है। अगला 45 दिन आपके लिए अच्छा नहीं रहेगा। यहां पर मंगल आपकी हेल्थ के लिए, आपके मन के लिए, आपके रिश्तों के लिए, आपके धन के लिए बिल्कुल अनुकूल नहीं रहते हैं। राशि के मालिक आपके होकर छठे घर में प्रवेश कर रहे हैं। अगले 43 44 दिन 45 दिन आपके डिस्टर्ब रहने वाले हैं। बात बाद बात में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, क्रोध, स्वास खराब होना, आलस्य होना, मन बिल्कुल अजीब सा रहना, चिड़चिड़ापन रहना यह सब अगले आने वाले समयों में आप देख सकते हैं। क्योंकि यह रोग स्थान पे मंगल का गोचर हो रहा है। कर्ज स्थान पे हो रहा है तो पैसे फंस सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें। तो अगले 40 45 दिन कोई बड़े इन्वेस्टमेंट से निवेश से आप बचें अन्यथा आपको नुकसान होगा। हालांकि
2:20 मंगल छठे घर में होते हैं तो इसे कहते हैं कि कहीं ना कहीं व्यक्ति शत्रुओं पर विजय पाता है। मंगल छठे घर का होने पर व्यक्ति थोड़ा विल पावर उसकी स्ट्रांग रहती है। मंगल की दृष्टि भाग्य भाव में है तो भाग्य का थोड़ा सा सपोर्ट आपके जीवन में रहेगा। सबसे ज्यादा यहां पे ध्यान रखना है अपने स्वास्थ्य का, पैसों का, धन का। अगले 40 45 दिन अगर आप सिर्फ इतनी ही बात मान लेते हैं कि कोई इन्वेस्टमेंट बड़ा ना करें। किसी को पैसे देने लेने से बचें। कर्ज ना दें, कर्ज ना लें तो भी यह मान के चलिए कि आप निश्चित तौर पर फायदे में रहेंगे। इसका बचाव आप रख के चलें। तो अगले 40 45 दिन आपको सावधानी से चलने हैं। चोट दुर्घटना इन सबका ध्यान रखना है क्योंकि छठे घर में
3:07 मंगल है। उपाय कर लीजिएगा। हनुमान जी की उपासना करते रहिए। इससे सब ठीक रहेगा। वृषभ राशि वालों के लिए मंगल पांचवें घर में प्रवेश कर रहे हैं। फिफ्थ हाउस में 12वें घर और सातवें घर के मालिक होते हैं। पंचम भाव में मंगल का प्रवेश एजुकेशन के लिए लव लाइफ के लिए आप प्रेम आदि के जीवन में हैं। तो निश्चित अगला 40 45 दिन डिस्टर्ब आप अपना देखेंगे। तनाव में देखेंगे। पंचम भाव में मंगल है तो एजुकेशन में भी कहीं ना कहीं डिस्टरबेंस आ सकती है। पेट की बीमारी परेशान कर सकती है। फ्रेंड से किसी फ्रेंड से झगड़े हो सकते हैं। इसका ध्यान रखें। तो पांचवें घर के मंगल में थोड़ा सा सावधानी रखनी है। संतान की तरफ से चिंता संतान के स्वास्थ्य की
3:53 कुछ दिक्कतें हो सकती हैं। तो मंगल का कन्या राशि में प्रवेश आपके पांचवें घर से हो रहा है। अच्छा नहीं है। मंगल की दृष्टि चौथी अष्टम भाव में पड़ रही है। आठवें घर में चंद्र मंगल का प्रभाव आठवें घर में मंगल का प्रभाव व्यक्ति को दुर्घटना चोट चपेट से बचना चाहिए। तो इस सावधानी से आपको चलना चाहिए। मंगल की आठवीं दृष्टि आपके 12वें घर में पड़ रही है तो कुछ व्यय भी पैसों का खर्च भी अचानक हो सकता है अगले 40 42 दिनों में तो वृषभ राशि वालों के लिए मंगल का पंचम भाव में पांचवें घर में प्रवेश बहुत अच्छा नहीं है। इसका ध्यान आप रख के चलिएगा। यहां पे ज्यादातर चीजें परेशानी में रहती हैं। उपाय क्या किया जाए वृषभ राशि वालों के लिए? एक तो आपको लाल मसूर की दाल हर मंगलवार को दोपहर
4:42 में दान आप करते रहिए। दूसरा गौशाला में गायों को गुड़ का दान करते रहिए। इससे लाभ मिलेगा और सात्विक आहार लेते रहिए। मिथुन राशि की बात करें मंगल को लेकर मंगल आपके चौथे घर से प्रवेश कर रहे हैं। चौथा घर कुंडली का क्या होता है? सुख का, माता का, भूमि का, जमीन का। मंगल जब यहां पर जाएंगे तो सबसे ज्यादा बड़ा प्रभाव आपकी मां पर आएगा। इस बात का ध्यान रखिए। अगर आपकी मिथुन राशि है तो अगले 40 42 दिन अपनी माताजी का बड़ा ध्यान रखिएगा। क्यों? क्योंकि जो मंगल चतुर्थ भाव में प्रवेश कर रहे हैं, यह कहां के मालिक होते हैं? छठे घर के मालिक होते हैं। छठा घर किस चीज का होता है? रोग का होता है, बीमारियों का
5:27 होता है। तो जब रोग और बीमारियों का मालिक चतुर्थ भाव यानी माता के घर में गोचर कर रहा है तो मां के स्वास्थ्य को देखिए ज्योतिष में ग्रहों का बड़ा सिंपल सा सिस्टम है। ग्रह जहां का मालिक होता है, जहां पर गोचर करता है, वैसा ही प्रभाव डालता है। लग्न का मालिक भाग्य पर गोचर करेगा। भाग्य को प्रबल करेगा। लग्न का मालिक पंचम में गोचर करेगा। ज्ञान को बढ़ाएगा। रोग का मालिक चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। डिस्टर्ब करेगा। जहां का मालिक है जिस स्थान पर गोचर कर रहा है वहां से संबंधित रिश्ते पर प्रभाव डालेगा। माता का घर है चौथा घर चौथे घर में मंगल का प्रवेश मां के स्वास्थ्य को खराब करता है। अब चकि छठा घर रोग ऋण शत्रु का भी
6:13 होता है तो एक बात और ध्यान में रखिएगा कि जब रोग ऋण शत्रु का मालिक चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा तो ऐसे में आपको कर्ज लेकर घर नहीं बनाना चाहिए। कर्ज लेकर आपको गाड़ी नहीं लेनी चाहिए या इस समय आप घर गाड़ी भूमि जमीन ले ही लीजिए ही मत क्योंकि वह विवादित हो जाएगी परेशानी में हो जाएगी क्योंकि छठा घर शत्रुओं का भी है कोर्ट कचहरी का भी है तो बहुत बड़ी अब देखिए यह सब राशिफल देखना ग्रह का गोचर देखना बहुत बड़े फायदे की बात है अगर आप मिथुन लग्न के हैं मिथुन राशि के हैं तो इस समय घर भूमि जमीन गाड़ी से संबंधित निर्णय मत लीजिए कंस्ट्रक्शन घर में मत कराइए आइए मां के स्वास्थ्य का ध्यान रखिए अपने कोई बड़े निर्णय इस समय मत लीजिए इसका ध्यान रखिए मंगल की दृष्टि चतुर्थ
7:01 भाव मंगल की दृष्टि चतुर्थ भाव से दशम भाव पर है करियर के लिए ठीक है फाइनेंशियल फाइनेंशियली आप चीजों को बेहतर पाएंगे क्योंकि मंगल की आठवीं दृष्टि 11वें घर में पड़ रही है तो पैसे आएंगे घर करियर में भी चीजें ठीक चलेंगी कुछ किसी से मनमुटाव हो सकता है लेकिन जो ज्यादा दिक्कत घर भूमि भूमि जमीन प्रॉपर्टी मांग इन पर ध्यान रख के चलिएगा। उपाय क्या करने चाहिए आपको? लाल मसूर की दाल दोपहर में मंगलवार को और शनिवार को दान करते रहिए। इससे लाभ मिलेगा। हनुमान जी की उपासना करते रहिए। प्रतिदिन ओम हन हनुमते नमः इस मंत्र का जप करते रहिए। कर्क राशि वालों के लिए मंगल के गोचर को देखें तो तीसरे भाव से मंगल का गोचर हो रहा है। कर्म भाव और पंचम भाव के मालिक मंगल होते हैं। थर्ड
7:49 हाउस से करियर में परेशानी कम होगी या करियर में अगर कोई प्रॉब्लम है तो उन परेशानियों का हल मिल जाएगा। वर्किंग प्लेस पर चल रही डिस्टरबेंस स्ट्रेस कम होगा आपका। व करियर से रिलेटेड या आजीविका से रिलेटेड कुछ नए स्त्रोत कुछ नए विकल्प कुछ नए ऑप्शन देखने को मिलेंगे आपको। ठीक है? तो थर्ड हाउस में मंगल का गोचर करियर को लेकर तो ठीक है। अह क्यों? क्योंकि मंगल की दृष्टि आपके करियर स्थान पर ही पड़ेगी। तो जब कोई ग्रह अपने ही राशि अपने ही भाव को दृष्टि डालता है तो वो वहां पर बैठने से ज्यादा मजबूत उस चीज को कर देता है तो मंगल की दृष्टि आठवीं दृष्टि आपके
8:37 कर्म भाव पर पड़ेगी तो यह मंगल का गोचर करियर कर्म भाग्य इन तीनों चीजों को लेकर बढ़िया है। इसमें कहीं दो राय नहीं है। गड़बड़ कहां पे होगा? छोटे भाई बहनों के स्वास्थ्य से व उनके साथ संबंधों से। गड़बड़ कहां होगा? मंगल की चौथी दृष्टि रोग भाव में तो पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर रोग को लेकर स्वयं के स्वास्थ्य को लेकर तो इन सब चीजों का ध्यान रख के चलिएगा। बाकी यहां पे बहुत सकारात्मक है। पड़ोसियों से या कलीग से थोड़ा सा सामंजस्य बैठा के आपको चलना पड़ेगा। बाकी भाग्य करियर के लिए अनुकूल है। कर्क राशि वालों के लिए भगवान शिव की पूजा करते रहना चाहिए। सिंह राशि की बात करें। मंगल
9:22 द्वितीय भाव में प्रवेश कर रहे हैं। दूसरे घर में प्रवेश कर रहे हैं। सिंह राशि वालों के लिए मंगल जो दूसरा भाव होता है वह कुटुंब का है। परिवार का है। फैमिली का है। जब दूसरे भाव में मंगल जाएंगे तो यह फैमिली में डिस्टरबेंस लाएंगे, झगड़े ला सकते हैं। मनमुटाव ला सकते हैं। स्ट्रेस ला सकते हैं। दूसरे भाव में मंगल का होना व्यक्ति को क्रोध गुस्से से बहुत ध्यान रखना चाहिए। व्यक्ति को भाषा का बड़ा ध्यान रखना चाहिए। मंगल जब द्वितीय भाव में होंगे तो लेनदेन फाइनेंशियली आप जो पैसों का कुछ लेनदेन करते हैं तो उसमें सावधानी रखनी चाहिए। हालांकि भाग्यवश धन की प्राप्ति होगी क्योंकि मंगल की आठवीं दृष्टि भाग्य पर पड़ रही है औरकि भाग्येश
10:08 भी मंगल है और वही धन भाव में बैठे हुए हैं तो भाग्यवश आपको धन की प्राप्ति होगी। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा बचाव अगले 40 45 दिन आप याद रखिएगा आपके परिवार में झगड़े अवश्य होंगे। गुस्से की वजह से, क्रोध की वजह से, गलत बोलेंगे आप उसकी वजह से झगड़े बढ़ेंगे आपके। तो सिंह राशि वालों को अपने फैमिली में, परिवार में, पटेदारों से, भाई से बड़ा ध्यान रखिए क्योंकि झगड़े अगले 40 42 दिनों में हो सकता है। और क्या सावधानी रखनी है? मंगल की सातवीं दृष्टि अष्टम भाव में पड़ रही है। तो गाड़ी ड्राइविंग बहुत ध्यान से करिए। रोड पर बहुत ध्यान से निकलिए। बड़ी यात्रा कर रहे हैं तो सावधानी से करिए। क्यों? क्योंकि मंगल की दृष्टि शनि पर पड़ रही है और शनि और मंगल
10:54 एक दूसरे को दृष्टि डाल रहे हैं। दूसरे भाव और आठवें भाव से जो कि शनि षष्ठेस भी हैं। रोग के भी मालिक हैं। तो दुर्घटना अचानक चोट चपेट लगने के योग बन सकते हैं। जब तक कन्या राशि में मंगल रहेंगे सावधानी रखनी है आपको। उपाय क्या करने चाहिए आपको? हनुमान जी की पूजा करते रहें। हनुमान चालीसा, हनुमान अष्टक का पाठ अवश्य करते रहें। इससे लाभ मिलेगा आपको। कन्या राशि के लिए यदि बात करें तो मंगल आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं। आपकी राशि में प्रवेश मंगल का अष्टमेश होकर मंगल अष्टम भाव के मालिक हैं और आपकी राशि में प्रवेश कर रहे हैं। आपकी राशि में गोचर कर रहे हैं। बिल्कुल अच्छा नहीं है। बिल्कुल बढ़िया नहीं है। आपकी राशि में मंगल का होना चिड़चिड़ापन लाएगा, गुस्सा लाएगा,
11:40 क्रोध लाएगा, अग्रेशन लाएगा, ईगो लाएगा। औरकि अष्टमेश मंगल है तो ऐसे में किसी से झगड़े झंझट ना हो। ध्यान रखें। मंगल की दृष्टि पत्नी सप्तम पे पड़ रहा है। पत्नी भाव पे पड़ रहा है तो दांपत्य जीवन में भी डिस्टरबेंस ना हो। ध्यान रखिए। गाड़ी भूमि ड्राइविंग बहुत ध्यान से करिए क्योंकि भूमि जमीन प्रॉपर्टी के स्थान चतुर्थ भाव पे भी मंगल की दृष्टि पड़ रही है तो इस समय पे बहुत जरूरी ना हो तो कोई कंस्ट्रक्शन घर बनाना भूमि जमीन गाड़ी लेना इन सब से जुड़ा निर्णय ना लें तो ज्यादा अच्छा रहेगा कन्या राशि वालों के लिए हम बता रहे हैं उपाय क्या करना चाहिए कन्या राशि वालों को गौशाला में गायों को गुड़ डालते रहिए गुड़ दान करते रहिए। इससे
12:28 लाभ मिलेगा आपको। तुला राशि वालों के लिए यदि हम बात करें मंगल को मंगल के लिए तो मंगल 12वें घर से प्रवेश कर रहे हैं। 12व घर में प्रवेश कर रहे हैं। मंगल का जो गोचर है वो सप्तमेश के मालिक हो के 12वें भाव में जा रहे हैं। धनेश देखिए धन भाव के मालिक मंगल होते हैं। तुला राशि वालों के लिए सेकंड हाउस के मालिक दूसरे भाव के मालिक। जब सेकंड लॉर्ड धन भाव का मालिक 12वें भाव में यानी व्यय भाव में यह बैंक बैलेंस को खाली करता है। यह बैंक बैलेंस को कम करता है। दूसरा भाव जब 12वें भाव से कनेक्ट होता है तो खर्च बढ़ता है। यानी आप व्यक्ति सेविंग्स अपनी खर्च करता है। दूसरा भाव फैमिली का है। तो परिवार से कोई ना कोई झंझट बनता है। कोई बीमार हो सकता
13:14 है। कोई हॉस्पिटलाइज हो सकता है। आप अस्पताल जा सकते हैं देखने क्योंकि द्वितीय भाव 12व भाव 12वां भाव अस्पताल का है। दूसरा भाव धन का है तो पैसों का खर्च अस्पताल में हो सकता है। व्यय हो सकता है। इसका ध्यान रखें। 12वें भाव में मंगल का गोचर अनुकूल नहीं है। शुभ नहीं है। मंगल का गोचर 12व भाव में अच्छा नहीं है। क्योंकि धनेश व्यय भाव में बड़ा सिंपल सी बात है। धन भाव का मालिक व्यय भाव में मंगल की दृष्टि सप्तम भाव पर पड़ेगी। सप्तम भाव में दांपत्य स्थान पर पड़ेगी तो दांपत्य जीवन में भी कटुता आएगी, खटास आएगी, डिस्टरबेंस आएगी। मंगल की दृष्टि रोग भाव में भी पड़ेगी। शनि के साथ आप आपस में मंगल शनि देखेंगे। रात की नींद
13:59 डिस्टर्ब होगी। यहां पे चोट चपेट दुर्घटना के योग बनते हैं। तो ध्यान रखें। तो इसमें मुख्य रूप से जो चीजें आपके साथ होंगी वह एक लाइन खर्च बढ़ेगा। फाइनेंसली बैंक बैलेंस एकदम से खाली होगा। 10,000, 20,000 ऐसे ही आपका डेबिट करेंगे एक-एक बार में। तो यह चीजें आपकी शुरू होंगी तुला राशि वालों के लिए। ध्यान रखिएगा सब कुछ अच्छा रहे। उपाय क्या करना चाहिए आपको यहां पे? एक तो हर मंगलवार को आपको लाल फल का दान या आप किसी बुजुर्ग व्यक्ति को यदि आप लाल फल या जूस आप पिला दें तो इससे आपको लाभ मिलेगा।
14:44 दूसरा आप हर मंगलवार के दिन हनुमान जी की उपासना करते रहिए। अस्पताल में किसी की किसी को जूस दान कर दीजिए। अस्पताल में किसी को चाय पिला दीजिए। या अस्पताल जाकर किसी की दवा करा दीजिए। तो जो आपके घर वालों के अस्पताल जाने के योग बन गए हैं इस समय वह कहीं ना कहीं कम हो जाएगा या कट जाएगा तो यह आप कर दीजिए। वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल के गोचर की देखें बात करें तो मंगल आपके 11वें घर से भ्रमण करेंगे। वृश्चिक राशि वालों के लिए आपकी ही राशि के मालिक होते हैं मंगल और लाभ भाव में प्रवेश कर रहे हैं। कई मामलों में यह गोचर आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। कारण क्योंकि लग्नेश जैसे अभी हमने पूर्व में अह तुला राशि के लिए बताया कि धन भाव
15:32 के मालिक व्यय भाव में गोचर कर रहे हैं। यह बुरा है। वैसे ही वृश्चिक के लिए बता रहा हूं कि लग्न के मालिक लाभ में गोचर कर रहे हैं। तो यह फायदा है। यह बहुत फायदा है। बड़ी सिंपल सी बात है। कि कोई चीज अब आप इसमें कोई बहुत बड़ी ज्योतिष लगाने की आवश्यकता ही नहीं है। बहुत सिंपल सी चीज है कि किस भाव का मालिक कहां पे गोचर कर रहा है वैसे ही प्रभाव देता है और यह अनुभव की बात है। अनुभव की बात है। कितनी बार हमने लोगों के साथ देखा है कि वो भाव तो वृश्चिक राशि वालों के केस में आपकी राशि के मालिक जब 11वें भाव में गोचर कर रहे हैं तो फाइनेंशियली आप मजबूत होते जाएंगे। फायदा आएगा, पैसा मिलेगा, पैसा आएगा, लाभ मिलेगा, गेन होगा, आगे बढ़ेंगे।
16:19 फाइनेंशियली यह मंगल बेहतर करेगा और यही नहीं मंगल 11वें भाव में बैठकर चौथी दृष्टि से धन भाव को भी देखेंगे। यानी आपका बैंक बैलेंस भी बढ़ेगा, सेविंग्स भी बढ़ेगी। तो वृश्चिक राशि वालों के लिए अच्छा है। फाइनेंशियली बेहतर होगा, धन आएगा, लाभ मिलेगा, बैंक बैलेंस भी बढ़ेगा। हालांकि मंगल रोग के भी मालिक होकर 11वें भाव में है। तो अगर हम भावात भावम से देखें तो छठे से छठे मंगल चले गए हैं। कुछ धन बीमारियों पे जा सकता है। उसका ध्यान रखें या अपने स्वास्थ्य का थोड़ा ख्याल रख के चलेंगे। ठीक है? भाषा का वाणी का क्रोध गुस्से की वजह से नुकसान हो सकता है। इसका ध्यान रखें। कुल मिलाकर वृश्चिक राशि वालों के लिए यह गोचर अनुकूल है। इसमें
17:04 कहीं कोई दो राय नहीं है। परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उपाय के तौर पर आपको हनुमान जी की उपासना करते रहना चाहिए। धनु राशि के लिए बात करें, सेजिटेरियस की बात करें तो मंगल आपके कर्म भाव में गोचर कर रहे हैं। धनु राशि वालों के लिए पंचम भाव और 12वें भाव के मालिक होते हैं। कर्म भाव पे मंगल का गोचर बढ़िया है। बहुत अच्छा है। करियर को लेकर करियर में नई ऊर्जा, नई एनर्जी, जोश आएगा जो एक कहीं ना कहीं अगर आप आलस्य फील कर रहे होंगे करियर में या काम करने में आपको नया ऊर्जा नहीं आ रही थी, नई स्ूर्ति नहीं आ रही थी, नई सोच नहीं आ रही थी, तो वह आएगी अगले 1 महीने में। मंगल का यहां पर गोचर एजुकेशन
17:52 को लेकर, एजुकेशन से लाभ को लेकर, इन्वेस्टमेंट को लेकर, इन्वेस्टमेंट से लाभ को लेकर बहुत अच्छा रहेगा। कर्म भाव में मंगल का जब गोचर होता है, धनु राशि वालों के लिए, तो विदेश से लाभ मिलता है। क्यों? क्योंकि विदेश भाव के मालिक मंगल होते हैं। तो यदि आप फॉरेन जाना चाहते हैं या आप विदेश में नौकरी प्रयास कर रहे हैं या किसी तरीके से आपका कोई काम है तो अगले 40 42 दिन आपको यहां पे लाभ मिलेगा। तो एजुकेशन से लाभ पढ़ाई लिखाई को लिए अच्छा है। यानी आप कोई कॉलेज वगैरह के लिए प्रयास कर रहे थे तो वो मिल जाएगा। अह करियर के लिए बहुत अनुकूल है। यह अच्छा है। बढ़िया है। कहीं कोई परेशानी की बात नहीं है। धनु राशि वालों के लिए एक उपाय जरूर करते रहने चाहिए। ओम ब्रम बृहस्पतय
18:40 नमः इस मंत्र का जप अवश्य आप करते रहें। मकर राशि के लिए बात करें। मंगल भाग्य भाव से गोचर शुरू करने वाले हैं। बेहतरीन बात है। मकर राशि वालों के लिए भाग्य भाव में जब मंगल गोचर प्रारंभ करेंगे अच्छा होगा। अगर आप मकर राशि के हैं तो आपने देखा होगा कि जून और जुलाई बहुत अनुकूल आपका नहीं रहा होगा। चाहे फाइनेंशियली कहा जाए या हेल्थ को देखा जाए तो कहीं ना कहीं आप डल स्ट्रेस डिस्टर्ब झगड़े में कहीं ना कहीं आप परेशान हुए होंगे। दिक्कत आई होगी। लेकिन अब यह मंगल वहां से निकलकर भाग्य में जा रहे हैं। तो भाग्य सुख भाव का मालिक भाग्य में केंद्र का मालिक त्रिकोण में बेहतरीन बात है। घर भूमि जमीन प्रॉपर्टी को लेकर अच्छा है। भाग्य
19:28 बढ़ेगा। नई अपॉर्चुनिटीज मिलेंगी। नए मौके मिलेंगे। आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे। फायदा होगा। लाभ मिलेगा। अनुकूल स्थितियां हैं। तो मकर राशि वालों के लिए भी मंगल का गोचर बेहतरीन है। लाभ भाव के मालिक हो के भाग्य भाव में रुके हुए पैसे मिल जाएंगे। पैसे कहीं कुछ फंसा था पैसा इंश्योरेंस का, कर्ज का, ऋण का, कोई भी पैसा आपका फंसा था क्लेम का। प्रयास कर लीजिए। अगले 40 42 दिन में मिल जाएगा। अगले 40 42 दिन में रुके पैसे फंसे कोई दे नहीं रहा था। प्रयास करिए। आप दो-चार बार उससे बोलिए मिल जाएगा। बिल्कुल मिल जाएगा। दिमाग घूम जाएगा उस व्यक्ति का क्योंकि ग्रह योग ऐसे हैं। लेकिन शर्त यही है मकर लग्न आपकी होनी चाहिए। मकर लग्न यदि आपकी है तब यह
20:14 बात हमारी सही होगी। हेल्थ भी सुधरेगी आप देखिएगा स्वास्थ्य भी सुधरेगा आपका। तो मकर राशि वालों के लिए भी अच्छा है। गोचर अच्छा है। उपाय डॉग्स को फीड कराते रहिए। घर के आसपास जो डॉग्स हैं उनको फीड कराते रहिए। कुंभ राशि वालों के लिए मंगल अष्टम से गोचर कर रहे हैं। आठवें घर के मंगल अच्छे नहीं होते हैं। अष्टम में मंगल का गोचर है। करियर के मालिक मंगल होते हैं। अब जब करियर का मालिक अष्टम में जाता है तो वर्किंग प्लेस पर तनाव बढ़ता है। स्ट्रेस आता है। पॉलिटिक्स शुरू हो जाती है या नौकरी जाने का डर आने लगता है। खतरा शुरू हो जाता है। तो अगले 40 42 दिन आपकी नौकरी के लिए ठीक नहीं है। आपके करियर के लिए ठीक नहीं है। वर्किंग प्लेस पर बॉस, अधिकारी, कलीग इनसे संबंधों को लेकर ठीक
21:01 नहीं है। दशम भाव पिता का है। पिता के स्वास्थ्य, पिता के साथ संबंधों को लेकर ठीक नहीं है। अष्टम भाव में जब मंगल होता है तो बहुत सारे केसेस में देखा है यदि व्यक्ति को पेट की प्रॉब्लम रहती है तो वह बढ़ जाती है। पाइल्स की प्रॉब्लम पर बहुत परेशान अष्टम का मंगल कराता है या यूरिन फंक्शन यूरिन पार्ट से संबंधित दिक्कतें यहां पे डालता है। तो इन सब चीजों को लेकर ध्यान रखिएगा। अगर ऐसी कोई तकलीफ पूर्व में है या आपको रहती है तो अपना विशेष ध्यान रखिएगा। अष्टम में मंगल होने पर व्यक्ति को दुर्घटना, गाड़ी, वाहन इन सब पर आपको थोड़ा सावधानी से चलना चाहिए। ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा यहां पे प्रभाव करियर को लेकर पड़ेगा। ज्यादा यहां पे प्रभाव स्वास्थ्य को लेकर पड़ेगा। मंगल की दृष्टि धन भाव पर है। भाषा को लेकर बड़ा
21:49 ध्यान रखिएगा। वाणी को लेकर बड़ा ध्यान रखिएगा। परिवार में झगड़े झंझट ना हो। ध्यान रखिएगा। तो यह कुंभ राशि वालों के लिए इस गोचर को लेकर थोड़ा हम इसलिए भी ज्यादा बोल रहे हैं क्योंकि राहु आपकी राशि में है। तो जब राशि में राहु है, अष्टम में मंगल है भैया तो अपने स्वास्थ्य का, ड्राइविंग का, दुर्घटना का, नौकरी का, पांव का, पेट का ध्यान रख के चलिएगा। दांपत्य जीवन का भी बड़ा ध्यान। दांपत्य जीवन में वैसे भी आपने डिस्टरबेंस कुछ ना कुछ देखनी शुरू हो गई होंगी। एक दो ढाई महीनों से या पत्नी का स्वास्थ्य खराब रहा होगा या पति है तो पत्नी का पत्नी है तो पति का क्या कर लिया जाए उपाय एक तो आप कुंडली कभी दिखा लीजिए लेकिन उपाय अभी फिलहाल करिए घर के आसपास जो डॉग्स घूमते
22:36 हैं उनको फिट कराइए जो अंधे हैंडीकैप्ड हैं बूढ़े लोग हैं उनकी मदद आप करिए तो इससे आपको साढ़ेसाती में भी आराम मिलेगा सप्तम के केतु में भी आराम मिलेगा अष्टम के मंगल हनुमान जी की उपासना करिए हर मंगलवार शनिवार में से किसी दिन यदि सुंदरकांड कर सके तो बहुत अच्छा है। नहीं तो कम से कम इतना उपाय जरूर करिए। अगली राशि मीन पाइसिस की बात करें। मीन राशि वालों के लिए दो-तीन बातें हैं। एक तो साढ़ेसाती है। दूसरा शनि आपकी ही राशि में है। और जो मंगल का गोचर है वह आपके सप्तम में जा रहा है। सातवें घर में जा रहा है। सेवंथ हाउस सातवां घर। सातवां घर क्योंकि भाग्य के मालिक मंगल होते हैं। सप्तम में जा रहे हैं। केंद्र का और त्रिकोण का
23:22 संबंध हमेशा ही अनुकूल होता है। शुभ होता है। अच्छा होता है। लेकिन सप्तम भाव दांपत्य जीवन का है। मैरिटल लाइफ का है। और जब सप्तम में मंगल होंगे लग्न में शनि बैठे हैं तो शनि और मंगल की आपस में दृष्टि पड़ेगी। यह बात अच्छी नहीं है। जब शनि देखिए भाई शनि पर मंगल की दृष्टि और मंगल पर शनि की दृष्टि सप्तम भाव तो प्रभावित हुआ और मंगल और शनि के कॉम्बिनेशन को कतई शुभ नहीं माना जा सकता है। यह मैरिटल लाइफ को डिस्टर्ब करता है। गुस्सा, क्रोध, झगड़े, झंझट, मनमुटाव, डिस्टरबेंस करता है। और अगर पहले से ये चीजें आपके जीवन में है खूब तो बड़ा विस्फोटक या बड़ी परेशानियां ज्यादा परेशानियां
24:07 रिश्ता टूटने के कगार पे आ सकता है इस वक्त में और पहले से सब प्रेम मधुर संबंध हैं तो इतना परेशान होने की बात नहीं है। छोटे-मोटे मनमुटाव झगड़े के बाद चीजें सॉल्व हो जाएंगी। डेली इनकम बढ़ेगी। भाग्यवश फाइनेंशियली लाभ भी होगा और क्योंकि मंगल की कर्म भाव पर चौथी दृष्टि है तो करियर को लेकर भी लाभ मिलेगा यानी करियर भाग्य डेली इनकम फाइनेंशियली गेन यह मंगल कराएंगे पार्टनरशिप स्वास्थ्य मैरिटल लाइफ गुस्सा क्रोध यह चीजें डिस्टर्ब करेंगे गारंटी हमारी है नोट करके रखिए जो प्रेडिक्शन मैं देखता देता हूं डंके की चोट पे होती है और बिल्कुल जिम जिम्मेदारी से होती है। आप इसे कागज में लिखिए। एक महीने अनुभव करिए तो आप मुझे
24:54 बताइए। बहुत सारे लोग अनुभव करते हैं। आप कमेंट में हमें बताते हैं। बहुत शुक्रिया। बहुत धन्यवाद हमारा यह कार्यक्रम देखने के लिए। शेयर कर दीजिएगा, लाइक कर दीजिएगा। अपॉइंटमेंट लेना है तो स्क्रीन पर नंबर चल रहा है। इन नंबरों पर आप संपर्क करिएगा। बहुत शुक्रिया। बहुत धन्यवाद। नमस्कार