0:18 नमामि धनवंतरि मादी देवम सुरा सुर त पाद पद्मम लोके जरा भय मृत्यु नाश दातार मशम विविध षध ना शंखमणि दध तम रत घट चारु तोर भी चतुर भी सूक्ष्म
1:09 स्वच्छा दि रुतम शुख परि फलसन मालि मम भोज [संगीत] नेत्रमणि ार [संगीत] पितांबरा वंदे धन्वंतरम निखिल गद मिव प्रौढ दावा अगनि नीलम
2:04 प्रणाम सभी लोग को मैं वैद्य अरविंद पाठक आप सभी लोग का स्वागत करता हूं आइए आज हम लोग एक अलग तरह का बीमारी के बारे में पढ़ेंगे जो दिखता तो सामान्य है लेकिन उसको जानना और समझना बहुत जरूरी है मैंने आप लोगों को एक ग्रुप में एक वो भेजा एक रिपोर्ट भेजा तो वह पार्किंसन की पेशेंट है उनका डायग्नोसिस नहीं हुआ आयुर्वेद के हिसाब से नहीं हुआ और एलोपैथी का डायग्नोसिस से आयुर्वेद का कुछ भी दवाई दिया जा रहा है और वो 30 साल से बेड रेडन है और चलने फिरने उठने बैठने में तकलीफ हो रही है ना एलोपैथी ठीक कर पा रहे है ना आयुर्वेद ठीक कर पा रहे है तो मैंने पूछा कि किसी डॉक्टर ने आपसे हेतु वगैरह पूछा बोले नहीं ऐसा किसी ने नहीं पूछा फिर वो ट्रीटमेंट क्या चीज का दे रहे है जब हेतु संप्राप्ति नहीं कर रहे तो मैं सभी लोगों को प्रणाम करता हूं हमारा आयुष दर्पण का
2:52 जो प्लेटफार्म है सभी को मैं प्रणाम करता हूं यह प्लेटफॉर्म एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां पर हम लोग रोज शाम को 7:00 बजे मिलते हैं और हम लोग यहां पर हर व्याधि के बारे में हर रोज एक नया व्याधि के बारे में चर्चा होती है और यहां पर एक मिनट मैं अन म्यूट करने का ऑप्शन देता हूं यहां पर हम लोग अलग-अलग व्याधियों को पढ़ते हैं कभी भी रिपीट नहीं होता कोई भी चीज कोई भी बात हर चीज नहीं होती है तो क्योंकि व्याधि भी बहुत हो रही है तो आज हम लोग एक मन्या स्तंभ टट कलिस करके एक बीमारी है जो आजकल बढ़ रही है वह क्या होती है कैसे होती है क्यों होती है उसका क्या चिकित्सा करना चाहिए इस पर हम आज बात करने वाले हैं तो मैं अपने आप को हटा देता हूं यहां पर और आप लोग ना स्लाइड
3:39 शो से देखिए पीपीटी बना के मैं लाया हूं खास आप लोग के लिए लाया हूं ताकि आप लोग को समझ आए कि मैं क्या बोलना चाहता हूं आप लोग मुझे तो देख रहे हैं लेकिन आप लोग यह व्याधि को देखिए इसको बोलते हैं टोट कोलिस ठीक है इसको बोलते हैं मन्या स्तंभ यह क्या है क्यों होता है तो इसको हम देखेंगे तो मन्या स्तंभ एक तज नानात्सु कंट्रक्शन होता है कौन से मसल का तो स्टर्नो मस्टड मसल जो रहता है स्टर्नो मस्टड मसल का कंट्रक्शन हो जाता है शॉर्ट हो जाता है टाइट हो जाता है और जो हेड होता है सिर होता है वह स्लाइटली फिक्स्ड हो जाता है और जिस साइड कांट्रैक्ट हुआ है
4:26 उस साइड वो ड्रॉन मतलब वो उस उस साइड झुक जाता और चेहरा भी पूरी तरह से शोल्डर के पास चला जाता है तो इसको हम लोग टॉर्टिकॉलिस मॉडर्न मेडिसिन में बोलते हैं और इसको तीन टाइप का बोला गया है एक है कंजना टॉर्टिकॉलिस जिसमें पेनलेस फ्लेक्शन होता है दर्द नहीं होगा लेकिन उसमें और हेड का रोटेशन हो जाएगा उस साइड में और नेक जो रहता है उसका भी हो जाएगा और एक साइड में हो जाएगा जहां पर स्टर्नो मस्टड मसल है आप लोग को डायग्राम में दिख रहा हो इस तरह का कंट्रक्शन हो जाता है तो टॉर्टस इसका मतलब है ट्विस्टेड कलिस मतलब नेक और कॉलर है ना तो टोर्टो कोलिस टॉर्टिकॉलिस
5:11 ऐसे बनता है तो इसमें क्या होता है टॉर्टिकॉलिस सिमम रिलेटेड टू टर्निंग और बेंडिंग ऑफ द नेक ऐसा होता है अब इसमें अगर हम लोग मसल्स देखें हम लोगों ने एनाटॉमी पढ़ा है सब तो यहां पर प्लेनियर सर्वि साइज मसल होता है स्पले मसल होता है फिर स्लेन मसल होते एंटीरियर मीडिल पोस्टीरियर ट्रेपीजियस मसल होता है पीछे के साइड में मैस्टर मसल होता है ऊपर जो हम खाना चबाते हैं जिसे डाई गैस्ट्रिक मसल होता है गले का मूवमेंट करने में स् स्टनो क्ड मस्टड मसल स्टर्नल हेड क् हेड उससे जुड़ा हुआ रहता है तो यहां पर जो स्टर्नो क्ले क्ड मस्टड
5:57 मसल है उसी में प्रॉब्लम होती है कि वो ट्विस्ट हो जाता है अभी मैंने एक कंजना इटल टाइप का बताया जो बचपन से हो जाता है दूसरा एक्यूट टॉर्टिकॉलिस होता है जिसमें सीवियर नेक पेन होता है मसल में स्पाज म होता है कब क्योंकि डिस प्रोलेप्स हो जाता है जो सर्वाइकल एरिया में जो हमारा वर्टेब्रा है सर्वाइकल एरिया कल मेरे पास ऐसे एक पेशेंट आई थी पेशेंट तो c1 c2 c3 c4 c56 6 से सभी में ये बलज हो गया था बहुत ज्यादा डिस प्रोलस हो जाता तो उसमें ऐसे ही सिर ऐसे ही हो गया था और वो 10 साल से परेशान है फिजियोथेरेपी कराया इंजेक्शन लाया सब कुछ करा दिया लेकिन वो ठीक नहीं हो रही थी उसी तरह से कभी-कभी
6:43 पपो फेसियल जॉइंट होता है सब लक्सेशन हो जाता है मतलब वहां के जो ये जो वर्टेब्रा होते हैं ना वो चिपक जाते हैं उसके जो जॉइंट होते हैं एक दूस में चिपकने लगते हैं कभी फैरिंजाइटिस की वजह से होता है कभी सर्वाइकल लिंफ एडिनाइटिस होता है कभी जुवेनाइल क्रॉनिक टिस की वजह से ये होने लगता है बहुत सारे कारण होते हैं क्रॉनिक अर्थराइटिस अगर होगा जॉइंट में सर्वाइकल एरिया में तो भी ये हो जाता है प्रॉब्लम इसी तरह से स्पास्मो टॉर्टिलास टॉर्टिकॉलिस यह जो रहता है यह एक्स्ट्रा पिरामिडल सिस्टम में होता है जो 25 से 50 साल के जज में होता है और नेक जो रता है एक साइड में ट्विस्ट हो जाता है इसके बारे में माधव निदान में बहुत अच्छे से बताया है उन्होंने बोला है दिवा स्वप्ना समस्थान विव उधव निरीक्षण ही
7:30 मन्या स्तंभ प्रकृति स लेम आवृत मतलब जो लोग दिन में बहुत ज्यादा सोते हैं विषम स्थान पर सोते हैं आप लोगों ने रेलवे का बोगी में देखा होगा जो जनरल क्लास में लोग ट्रेवल करते हैं आदि भारत जो गरीब लोग हैं तो वो लोग कैसे भी सो जाते हैं तो जब उठते हैं ना तो उनको कितना ज्यादा तकलीफ होता है और जिसको तकलीफ होता है उसको ही पता रहता है कि क्या तकलीफ है उसी तरह से बहुत देर तक कोई ऊपर देख रहा है कुछ काम ऐसे रहते हैं जैसे टावर को देखना है जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहते हैं या टेक्निकल इंजीनियर रहते हैं जो ऐसे टावर वगैरह बनवा रहे हैं या पेड़ कटवा रहे हैं या पहाड़ पे कुछ देखने का काम हो रहा है या फिर जो एटीसी जो रहता है एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम जहां से जहाज उड़ा के
8:17 कंट्रोल किया जाता है एरोप्लेन का फाइटर प्लेन वगैरह तो ऊपर देखा देखना पड़ता है एक सेइड से टिल्ट होके तो अगर कोई भी चीज अति प्रवृत्ति संगो वा शरणम ग्रंथ पिवा तस की दृष्टि होती है मास्स तस की दृष्टि है संग हो रहा है यहां पर आवरण जैसे संप्राप्ति होर है एक ही दिशा में देखना पड़ रहा है तो इन सब से वायु का प्रकोप हो जाता है किसी भी चीज का अति योग अगर होगा तो यह स्टर्नो क्लोराइड क्ले मस्टड मसल में यह कंट्रक्शन हो जाता है बहुत ज्यादा गर्दन की हलचल नहीं होती है शूल बहुत ज्यादा होता है और अत्यंत आशु कररी होने से कभी कभी सुख साध्य होता है लेकिन कभी कभी कृ साध्य हो असाध्य भी हो जाता है अभ हम चिकित्सा पर बाद में आएंगे तो
9:05 ऐसे एक पेशेंट थे रशिया से आए थे व हरिद्वार में थे और यहां आयुष दर्पण के चिकित्सक ने मेरे से दवाई मंगवाया था तो उनको मैंने यह तेल वगैरह नस वगैरह दिया और अभ का तेल दिया तो उसे ठीक हो गए लेकिन होता है ऐसा पाया जाता है तो इसमें बात और कफ के वजह से बढ़ता है कफ ने आवरण कर दिया वायु पर वायु को स्तंभ ऐसे होने लगता है वायु का भी जो रुक्ष गुण है य बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और कफ के आवरण की वजह से स्तंभ हो जाता है तो इसीलिए इसको मन्या स्तंभ बोलते हैं लेमना आवृत मन्या स्तंभ प्रकृत सव लेम आवता ऐसा बोला गया है अभी देखिए ये जो स्टर्नो क्ले मस्टड
9:52 मसल है तो उसमें ये बहुत हो गया ऐसे बच्चे देखिए कैसे ऐसे ही रहते हैं वो सीधा हो ही नहीं पाते कितना मुश्किल होता है उनको इसमें क्या होता है एनलार्जमेंट ऑफ नेक मसल पॉसिबली प्रेजेंट एट बर्थ अ सिमेट्री ऑफ इफट साइड फ्रॉम स्लीपिंग ऑन द अफेक्टेड साइड एलिवेशन ऑफ द शोल्डर ऑन द अफेक्टेड साइड स्टफ ऑफ द नेक मसल्स लिमिटेड रेंज ऑफ मोशन और हेडेक बहुत ज्यादा होता है अभी आजकल यह क्यों बढ़ रहा है जो लोग मोबाइल ऐसे कान में लगा के सुनते रहते हैं मोबाइल ऐसे बिना हेडफोन के या बिना एयरफोन के करते रहते हैं ना उनको य ज्यादा हो रहा है जो कंजना होता है वो कैसे रहता है हेड टिटेड टुवर्ड्स अफेक्टेड मसल कांट्रैक्टेड स्टेनो क्लोनाइड क्लोनाइड मस्टड मसल चिन
10:37 पॉइंट अवे फ्रॉम कंटक्ट मसल ऐसा होता है स्टर्नो क्लेडर मसल तो देखिए ऐसा होता है ठीक है तो अभी आप लोग इसके बारे में क्या बोलना चाहेंगे अभी आप लोगों ने देख लिया है आप लोग ने पेशेंट भी देखे होंगे या आप लोग तो पढ़े लिखे सब लोग है आप लोग बताइए कि आपको इस बारे में क्या कहना है डॉक्टर हरिहर सर आप कुछ बोलेंगे इस बारे में अनुरीता मैडम आप एनाटोमी की प्रोफेसर है कुछ बोलिए इस टॉपिक पर नहीं सर आपने बहुत अच्छे से लिया और सबसे मेन चीज क्या है कि आजकल का जो लाइफ स्टाइल है उस इस लाइफ स्टाइल में यह सबसे ज्यादा तनाव सर्वाइकल रीजन में आ रहा है
11:22 और आपने जो इतना डीप जो स्के ट्रंगल है अपना डािक ट्रंगल है उन सारी चीजों को शो करके तो लोगों को इतना ध्यान में रखना सबसे पहली चीज कि आपको आपके सर्वाइकल का ख्याल रखने के लिए नेक एक्सरसाइज करना एंड पोरल चेंजेज ड्यू टू लैपटॉप एंड मोबाइल जो हम कंटीन्यूअस नीचे एक्सटेंशन जो देते हैं पूरे सर्वाइकल रीजन को वो बहुत ज्यादा गलत है दूसरा चीज आपने जो भी यहां पर ये बताया इसकी वजह से जो भी लाइन ऑफ ट्रीटमेंट है उस इसम त शमन या बाकी के इसके साथ में जो रावेद या फिर मन्या की जगह पर जो हम स्नेहन उपना करते हैं वो इतना तुरंत फायदा देता है हम खेलते वक्त में भी कभी कभी हमारे स्प और
12:10 ध्यान में आ जाता है तो उस इसम भी तो आपने बहुत आप तो सारा लाइन ऑफ ट्रीटमेंट ले ही रहे लेकिन पर्टिकुलर एक चीज जो मैं फोकस करना चाहूंगी हमारा जो स्नी मसल है उसके बराबर पीछे से मतलब हमारा आगे से क्लेविकल रहता है स्टकल का जो भी जोड़ है उसके बराबर पीछे जो स्कलिसिंगर तो सबला में उस पर लॉज होती है मतलब वो फर्स्ट रिप को क्रॉस करने के बाद में उस आर्टरी को सबक्लावियन बोला जाता है और वैसे ही हमारा जो जो हमारा ये फर्स्ट रिब है अगर गलती से वो एक्स्ट्रा रिब रहा और वो हमेशा यूजुअली यूनिक यूनिलैटरल ही रहता है बहुत कम जने
12:55 इसका जो प्रंस है बहुत कम रहता है लेकिन उन लोगों को बहुत जल्दी एक हाथ में नमने एक हाथ में सीवियर दर्द या फिर अगर मूवमेंट होती है तो बहुत सीवियर पेन होता है तो ये अगर किसी को भी वहां पर वो सर्वाइकल जो आपका जो फर्स्ट रिब है आपका वो फर्स्ट रिब वहां पर उसको डायरेक्टली अटैच नहीं होती है वो साइड में अटैच होती है जिसकी वजह से जो कभी-कभी अगर गलती से सब क्लेविन के वहां पर उसका टच हुआ या फिर आपका वो आर्टरी टच हुई या फिर नर्व टच हुई हमारी जो ब्रैकल प्लेक्सस प्लेक्सस का सबसे नीचे वाला जो ये है सीव से लेकर सी से और उसके बाद में जो टीव है वो टीव का भी ए जो है वो हमारी स्केल मसल की बैक साइड में तो वो जो आपका नेक वाला रीजन है
13:40 अगर वहां पर उसमें कंप्रेशन आ जाता है बाकी का सारा चीज तो बहुत सीवियर और वो यूनिलैटरल ही होता है और वो ध्यान में आता है आप पपेट करते तो भी ध्यान में आता है या फिर आप नेक मूवमेंट देते तो भी ध्यान में आता है कुछ लोगों को एक करवट प बहुत बड़ा बड़ा तकिया या बड़ा लोड लेकर सोने का आदत है अभी अगर मैं आपके हाथ को दोनों हाथों को पूरा एक हाथ को एक रस्सी से और दूसरे हाथ को एक रस्सी से कंटिन्यू स्ट्रेच करो तो क्या आपको शोल्डर में आपके इसम एरिया में जो भी स्प्रेन है वो बढ़ेगा कि नहीं दर्द होगा कि नहीं फिर आप अपनी जो भी आपको मालूम है कि हमारी जो सर्वाइकल ये छोटी छोटी जो हमारी वर्टेब्रा है ना उस वर्टेब्रा के एक दूसरे से ऊपर से नीचे तक इंटर वर्टेबल भी मसल रहती है और वो ऊपर के बराबर जो आपका लाइन है वहां से लेकर नीचे इंसर्ट रहता है तो इसकी वजह से वहां का जो
14:27 सप्लाई वहां का जो न सप्लाई आपको सबको मालूम होना चाहिए हमारा जो भी डोर्सल स्पाइनल कॉर्ड का जो भी डोर्सल रूट्स है हमारे पीछे की जो है वो हमारा सेंसरी एरिया को दिया हुआ है और जो हमारा वेंट्रल रूट्स है हमारे सारे जितने भी स्पाइनल कॉर्ड के वो वेंट्रल रूट हमारा सेफली अंदर जो भी हमारा जो भी कैनाल वगैरह डाइजेस्टिव वहा वो आगे की तरफ होता है इस वजह से वो भी प्रेशर आपको ध्यान में देना पड़ता है व सारा आपने एकदम मन्या समम भले ही टॉपिक है लेकिन आपने उसके अलाइड बहुत अच्छी अच्छी चीज ली जो छोटी छोटी चीजें लेकिन डिफरेंशियल डायग्नोसिस में भी काम आती है और ट्रीटमेंट करते वक्त भी इसका ध्यान रखना पड़ता है थैंक यू सर थैंक यू थैंक यू तो क्या है ना यह बहुत जरूरी है हर चीज को जानना ऐसे नहीं ब्लाइंड नहीं करना है कि
15:13 इसमें कौन-कौन से मसल्स इवॉल्वड है यह देखिए है ना अगर हम लोग एनाटॉमिकली यह हर चीज को जानेंगे समझेंगे तो हम लोग को यह समझ आएगा अभी ये जो ट्रेपज मसल है इसके पीछे भी जो स्कैपुला एरिया है वहां पे एक मसल होता है जिसको सुप्रा स्पाइनेट मसल बोलते हैं तो एक डॉक्टर आई थी मेरे पास एमबीबीएस एमडी डॉक्टर तो वो जिम में बहुत ज्यादा वजन उठा ली और वो भी ट्रेनर के साथ में वहां पर उनका टेयर हो गया तो वो एक साल से हाथ नहीं उठा पा रही है तो जिम के वजह से भी कभी-कभी ऐसी चीजें हो जाती है उनको मैंने नस से दिया और अपने तेल वगैरह से ठीक किया उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि मसल टेयर हील कैसे होगा उनको डॉक्टर्स ने
15:58 कहा कि सर्जरी करेंगे सर्जरी कराने के बाद स्विचिंग कराने के बाद भी नहीं ठीक हो रहा था वो ऐसे ही ऐसे ही थी वो जैसे यह सिटम दिख र है ना ऐसे ही थी पूरा हाथ नहीं उठा प रही थी तो आयुर्वेद में है इलाज लेकिन हम लोग हेतु पर ज्यादा विचार करते हैं तो पहले तो ट्रीटमेंट पार्ट पर आते हैं थोड़ा इसमें ऐसा बताया कि ट्रीटमेंट का प्लानिंग करना है कि कौन सा मसल इवॉल्वड है ब्लाइंड नहीं करना है हम पढ़े लिखे डॉक्टर है सभी को एनाटॉमी पढ़ाया जाता है हर मसल के बारे में ओरिजिन इंसर्ट पढ़ाया जाता है तो एमआरआई का आजकल सुविधा उपलब्ध है पेट स्कैन उपलब्ध है आप एमआरआई करके देखिए कौन से मसल्स का इवॉल्वमेंट है डायग्नोसिस पूरा अच्छे से मॉडर्न में अगर हो रहा है तो हो रहा है चिकित्सा हम आयुर्वेद का
16:44 करेंगे लेकिन हमको मालूम होना चाहिए हमको दिव्य दृष्टि नहीं मिला है कि ऋषि मुनि आंख बंद करके सब कुछ देख लेते थे वो संजय है वो बैठे हैं वहां पे हस्तिनापुर में और कुरुक्षेत्र में वहां युद्ध हो रहा है और उनको सब चीज दिख रहा है ऐसे आपको या मेरे को न दिव्य दृष्टि प्राप्त इसीलिए हमको यहां पर डायग्नोसिस करने का जो टूल्स है मॉडर्न जमाने में उसका हेल्प लेना ही पड़ता है चिकित्त्सा का सिद्धांत आयुर्वेद का रहेगा डायग्नोस्टिक वो रहेगा तो इसमें पहले तो यह देखना चाहिए कि स्नेहन और स्वेदन सबसे इफेक्टिव रहता है मेडिसिन के अलावा तो स्थानिक स्नेहन संवाहन संवाहन भी होना चाहिए और स्वेदन होना चाहिए तो बाह्य स्नेहन के लिए क्योंकि पेन सीवियर हो रहा है अगर सीवियर हो रहा है तो ठीक है नहीं पेन हो र तो भी कोई बात नहीं महाविषगर्भ
17:31 तेल का प्रयोग किया जाता है तेल को लगाकर अनुलोम गति से संवाहन करना चाहिए अनुलोम गति से और बाद में ताप स्वेद या नाड़ी स्वेद किया जाता है औषधी द्रव्य महावा विंसक रस समीर पन्न का उत्कृष्ट लाभ दिखाई देता है इसी तरह से बाद गजंकुश रस जिसमें वत्सना रहता है वह अगर दो दो गोली सुबह शाम दे तो बहुत अच्छा मन्या स्तंभ में पेन को रिलीव करता है इसी तरह से महा विध्वंसक रस जो रहता है वो स्पाज म जब रहता है मसल्स में ट्विस्टिंग रहता है बहुत ज्यादा तो या फिर वहां पे इंफ्लेमेशन रहता है टेयर रहता है इंजरी रहता है तो वहां जो वो ज्यादा शोत है और पेन है वेदना है उसको महाबाद धंसक र ठीक करता है फिर योगराज गुग्गुल यह दो दो गोली दिन में तीन बार
18:18 देने से बहुत अच्छा फायदा होता है फिर अश्वगंधा चूर्ण दो ग्राम शंटी चूर्ण दो ग्राम इसको अगर हम दूध के साथ दे खाने के बाद तो बहुत अच्छा फायदा होता है अश्वगंधा जो है वो मसल का टेयर है उसको रिपेयर कर देता है अश्वगंधा मास धातु पर काम करने वाला है मांस की अग्नि को भी बढ़ाता है क्योंकि अश्वगंधा उष्ण है और वह अपने प्रभाव से मांस धातु पर काम करता है इसलिए अश्वगंधा को और शुं शंटी जो है वो दीपन पाचन भी करता है और वायु का अनुलोम करता है और शंटी के साथ अश्वगंधा दे नहीं तो ऐसे अश्वगंधा खाएंगे तो पचता नहीं है डाइजेस्ट नहीं होता है गुरु होता है रंड पाक 10 ग्राम अगर ले तो बहुत अच्छा फायदा होता है दूध के साथ ले तो मन्या स्तम टॉर्टिकॉलिस में बहुत अच्छा फायदा होता है इसी तरह से सप्त गुण तेल अगर वहां पर लगाए और अभ्यंग किया जाए और बहुत जोर से नहीं
19:04 करना है हल्के हाथ से करना है जितना पेशेंट को सह पाए भले टाइम लगे तीन महीना छ महीना धीरे धीरे इसको ठीक करना है क्योंकि स्नेह अध्याय में बोला है कि सुखी लकड़ी को भी हम लोग बेंड कर सकते हैं और जो बेंड है उसको सीधा कर सकते हैं स्नेहन करके तो यह तो मसल्स है इसमें तो जीव है आत्मा है इसमें तो मतलब आत्मा का प्रभाव है प्राण का उसमें मतलब संचरण हो रहा है ब्लड सर्कुलेशन हो रहा है तो जीवित चीज को हम लोग ठीक कर सकते हैं तो तो आवरण भी ठीक हो जाता है महाविषगर्भ तेल वगैरह जो तेल है सप्त गुण तेल है तो उससे वह आवरण निकल जाता है कफ का महानारायण तेल भी बहुत अच्छा काम करता है सवादी तेल या प्रसारिणी तेल भी बहुत अच्छा काम करता है इस तर से पत्र पोटली स्वेत जहां पर स्तंभ है तो
19:51 इसमें छह पत्ते रहते हैं और भी पत्ते यूज कर सकते हैं लेकिन छह पत्ते हमें सिखाए गया है अर्क का पत्ता शिगर का पत्ता फिर निर्गुंडी का पत्ता इमली का पत्ता रण का पत्ता और करंज का पत्ता इसको लाके पीसेज पिसेस करना है और सरसों के तेल में फ्राई कर देना है थोड़ा तेल ज्यादा रहेगा फ्राई करने के बाद कपड़े में डालना है और फिर पोटली बनाना है और दूसरे हाथ से सुखो सना है कि नहीं वो देख के और वहां पे स्वेदन करना है उससे बहुत अच्छा पेशेंट को रिलीफ लगता है और उसके बाद में उसको आधा घंटा करके ऐसे दो-तीन पोटली से करें और उसको फिर गर्म करें और जलला नहीं चाहिए पत्ते हल्का ही रहना है और उसके बाद में वो निचोड़ के जो तेल और रस निकल रहा है निचोड़ से उसको पूरा अभ्यंग करना है वहा पर वो करने से क्या होता है पूरा अब्जॉर्ब
20:38 हो जाता है फिर उसी को लेकर बांध देना है वहां पर जितना देर बांधें उससे मन्या स्तंभ ठीक हो जाता है आवरण जन्य संप्राप्ति पूरा ठीक होती है तो इसलिए तुर पत्र अर्क पत्र चिंचा पत्र इमली का पत्ता निर्गुंडी पत्र से स्पाज है वो ठीक हो जाता है यहां पर बहुत ज्यादा हीट नहीं देना चाहिए अगर ज्यादा हीट द तो भ्रम हो सकता है और कैरोट आर्टरी भी पास में रहती है तो बहुत ज्यादा गर्म नहीं करना है इसी तरह से अर्क लेप करने से बहुत अच्छा फायदा होता है और आहार विहार में हमें ठंडा एसी में रहना ठंडी हवा ठंडा पानी पीना या फिर हिल स्टेशन में गए वहां सब नहीं जाना है तो इससे बहुत अच्छा फायदा होता है और एकांगवीर रस इसमें बहुत अच्छा काम करता है
21:24 क्योंकि एक साइड में हो तो एकांगवीर रस बहुत अच्छा काम करता है राना तकद के साथ दे बलारिष्ट दे मसल्स को बल मिलता है उसी तरह से अश्वगंधा अवलेह दे बहुत अच्छा काम करता है अब आप लोग बता आपको कुछ कहना है तो आप लोग कह सकते हैं रंड पाक खाने से बहुत अच्छा फायदा होता है अगर आमवा जैसे सम प्राप्ति है तो आमवात की चिकित्सा कर क्योंकि आम अगर पेट में है तो व जाके और वहां पर स्वेलिंग करेगा तो आमवात जैसे चिकित्सा करें तो बहुत अच्छा फायदा होता है अब आप लोग कुछ बताना चाहते हैं बता सकते हैं बोलिए अनुरीता मैम क्या चिकित्सा देंगे पल्लवी मैम कुछ बोलिए आप शशि मैम कुछ बोलना चाहेंगे मर्म पॉइंट क्या कर सकते हैं शशि मैम वीडियो ऑन करके बताए कौन से म
22:11 जी सर जी सर सर इसमें जो बैक के मर्म है वह काफी काम करेंगे अंश के मर्म भी काफी काम करेंगे और गोमुखासन वगैरह करते हैं तो वहां से जो मर्म स्लेट होता वो भी बहुत बढ़िया काम करता है और जो भी नेक एक्सरसाइज है जैसे फॉरवर्ड बेंडिंग बैकवर्ड बेंडिंग होती है साइड में और टोटल लेटरल होती है और पूरा रोटेशन होता है तो जो नेक की एक्सरसाइ है अगर वो करते तो बहुत शानदार रिजल्ट आता है पचर हमेशा बहुत सही रखना होता है और मैंने देखा है कि जिन लोग को स्ट्रेस की जितनी ज्यादा तकलीफ होती है तो उनको सर्वाइकल वगैरह की बहुत प्रॉब्लम होती है और साथ में ऐसा होता है कि जैसे आपने बताया कंप्यूटर वगैरह पर जो लोग काम करते हैं उनके साथ प्रॉब्लम होती है बच्चे कई बार गलत प में पड़ते है तो ने एक्सरसाइज अगर आप करते हैं खाने पीने का
22:57 थोड़ा सा खल पता पर रखना पड़ता है और साथ में ममा तो अ म बहुत बढ़िया काम करता है टोटल आप हाथ वाले भी करोगे तो वो भी बहुत अच्छा काम करेगा और नेक वाली सार एकर काम करेंग मुसार जब यहा से होंगे यज पीछे से पूरा टच होता है इस तरीके से करेंगे तो शोल्डर ब स्ट्रेट हो जाता है तो जब शोल्डर जितना सही रहता है नेक सही रती है तो इस तरीके से म आराम आ जाता है जी सर थक सर बहुत अच्छा बताया आपने मैम इसमें जब हमें आमवा उ त बात ऐसा दिख रहा है तो हमें ये क्या सोचना चाहिए यहां पर आम पाचन करना है स्रोतस की शुद्धि करना है रक्त पर कार्य करने वाली चिकित्सा देना है तो उसके लिए अगर आमवा जन्य है तो लेप करना है स्वेदन करना है रक्तमोक्षण करना है वात शामक
23:44 उपचार करना है तो लता करंज आदि का प्रयोग कर सकते हैं लता करंज का बीज की मज्जा का प्रयोग कर सकते हैं उसे शोध कम हो जाता है उसी तरह से गुग्गुल कल्प है जैसे अमृता गुग्गुल कैशर गुग्गुल महा युगराज गुग्गुल त्रयोदशांग गुग्गुल मृदु विरेचन देते हैं एरण तेल देते हैं गंधव तकी देते हैं नस्य देने से बहुत अच्छा फायदा होता है और मरी वेना तेल कुम चुक आदि तेल बहुत ही अच्छा काम करता है तो ऐसे बहुत सारी चिकित्सा है अवस्था के हिसाब से और पेशेंट का अग्नि कैसा है उस हिसाब से हम लोग चिकित्सा करते हैं तो हमें फायदा होता है और आयुर्वेद से टाइम लगता है एक दिन में नहीं होगा धीरे धीरे धीरे धीरे वो ठीक हो जाता है उसके अलावा और भी बहुत सारी चिकित्सा है जैसे कि हम लोग भल्ला का प्रयोग कर सकते हैं कंडीशन
24:31 देख के गुग्गुल का प्रयोग कर सकते हैं शिला जतु का प्रयोग कर सकते हैं पिपली देवदार लता करंज वरुण का प्रयोग कर सकते हैं तो बहुत ही अच्छा फायदा होता है अब आप लोग बताइए कुछ डॉक्टर महेंद्र सर आपने ऐसे पेशेंट देखे हैं सर य मन स्त की जनरल मिलता है इसम क्या हाथ में भी दर्द होता है हाथ ऊपर नीचे भी नहीं होता और गर्दन में भी होता है संग में पीठ में होता उसम जो अपनी नस है और इसने स्वेदन और आम पाचन तो फर्स्ट में है उसके बाद में इसी से आराम करीब करीब मिल जाता है जो पेशेंट आए मेरे पास तो न और संग मेंदन और अपने योगराज योगराज को ल दे दिया या महारा के साथ में और जदा
25:16 यदि सूजन वगैरा दिखती है तो उसम फर हम दशांग लेप का भी प्रयोग कर देते हैं उसी से रिलीफ मिल जाता है इसी तरह से हम लोग अगर योगराज गुल फिर महायोगराज धंसक रस समीर पनक रस वाद गजंकुश रस एकांगवीर रस बृहत वाद चिंतामणि रस त्रैलोक्य चिंतामणि रस चतुर्भुज रस इसका प्रयोग करते हैं अगर इसमें पित्त का भी अनुबंध है जैसे जलन वगैरह भी हो र है तो शेकर जटा मंसी दुरा लबा इसका पांट बना के देते हैं या हिम कल्पना देते हैं कफा अनुबंधन पर समर्पण भल्ला तक बहुत सारी दवाइयां है अनलिमिटेड दवाइया आयुर्वेद में पूरा वनस्पतियां इतनी सारी है आयुर्वेद की तमक हम लोग यूज कर सकते हैं को फायदा होता है लेकिन सबसे पहले यह देखना चाहिए कि एक ही दिन में नहीं करना है कि वो मसल्स में
26:03 इतना हो जाए स्ट्रेन पड़े की तकलीफ हो धीरे धीरे करना है जितना तेल बर्ब होगा उतना हीलिंग होगा उतना धीरे धीरे वो लूज होगा आयुर्वेद में स्लो एंड स्टेडी और कंटिन्यू ऐसे इलाज करें तो जरूर य ठीक हो जाता है चलिए आप लोग और कुछ बोलना चाहते हैं अनुरीता मैम कुछ बोलना चाहती है तो बोल सकती हैं डॉक्टर सुरेंद्र शर्मा जी आपका पीड़ांतक वटी पीड़ांतक तेल काम करेगा इसमें पतंजलि का सर बोलिए जी सर जी सर बिल्कुल करेगा सर आजकल तो सर आपने जो सारे ट्रीटमेंट है पहले से सब बता दिया सर बाकी मेरे पास बताने के लिए इस कुछ र नहीं सब कुछ तो आपने बताया और जब मसल्स में वीकनेस रहा कभी कभी
26:51 मसल्स बहुत वीक हो गए हमें एमआरआई में दिख रहा है तो वहां पर शाली शिक पिंड स्वेत बहुत ही अच्छा काम करता है तो शाली शिक पिंड स्वेत बनाने के लिए हम लोग क्या करते हैं तो बला नाम का चूर्ण है वो लेते हैं बला वनस्पति का चूर्ण अश्वगंधा विदारण गण के द्रव्य है दूध डालते हैं और चावल धो के डालते हैं खीर बनाते हैं और पोटली में डाल के और फिर उसको कोष करके रगड़ हैं जितना वो जाएगा उतना मसल्स को ताकत मिलेगा उसको एक घंटा दो घंटा रोज सेशन करें या हफ्ते में दो तीन बार करें मसल्स को स्ट्रेंथ मिलती है तो नेक अच्छा हो जाता है दोनों साइड भी कर सकते हैं बहुत अच्छा रिलीफ हो जाता है जिसका नेक सीधा हो गया वोह लोग तो बहुत खुश हो जाते हैं जी लेकिन यह टोटो कलिस है इसको अलग
27:36 समझना चाहिए इसने इसमें कौन सा मसल है स्टेनो क्लेडर मसल इसी को फ्रोजन शोल्डर से नहीं जोड़ना चाहिए फ्रोजन शोल्डर की मसल्स अलग होते हैं विश्वाची और होता है ये मन्या स्तंभ है हां और डॉक्टर सर बोलिए आप डॉक्टर गंगवार सर आप कुछ बोलना चाह रहे हैं हां प्रणाम सर सर मेरा विचार है करता हूं अगर आम ज तो करना और जैसे को च है या फ स नमक से या फिर जो है जो रेता होता है सेसे कर सकते है सिंपल और उसके बाद जो
28:24 है आपका आवाज चला गया सर सर आपका आवाज चला गया कोई बात नहीं ठीक है तो यह देखिए यह सारे मसल कौन ककन से रहते हैं इसमें इव मेन स्टन लड़ाई मसल जो रते है वो कांट्रैक्ट हो जाता है शार्टनिंग हो जाता है और बच्चे जो है उसका सिर कैसे टेढ़ा है बोलिए सर बोलिए सर आपका आवाज ही नहीं आ रहा था गंगवार सर जी हां सर अब फिर से बोलिए आप क्या बोल रहे थे पूरा बात कंप्लीट करिए मैं ये कह रहा हूं सर क्या कहते हैं अगर ये आम जन है तो तो रूजन करना चाहिए जब आम खत्म हो जाए
29:12 उसके बाद जो है इसकी मन्या बस्ती करनी चाहिए प्रसारण ल वग से और मैं तो देता हूं सर है पंचामृत लोल है इस तरह से महावा विक रसर रस है और जसे आपने क बताया बाता रसराज रस तो इनसे बहुत लाभ होता है पेशेंट को फटाफट रिकवरी होती है जी ठीक है बहुत अच्छा बताया सर आपने ठीक है तो ये छोटा सा व्याधि है छोटा नहीं जिसके लिए है वो बड़ा है लेकिन इस पर यही सब दवाइयों से ठीक होता है यही लाइन ऑफ ट्रीटमेंट है इसी के पैरेलल और भी बहुत सारी दवाइयां यूज किया जा सकता है तेलों में तो बहुत सरा जैसे कार्प हत्याद तेल है प्रभंजन तेल है फिर वेदना शम बहुत सारे
29:58 तेल है शल्लकी का टेबलेट आता है वो अच्छा काम करता है फिर मीठा सुरंजन का लेप लगाने से फायदा होता है लेप भी लेप कल्पना जो है वो बहुत ही अच्छा है सुं वगर का लेप लगाए हां सर हरि हर सर क्या बोल रहे हैं हे वर्धमान पिपली प्रयोग इसमें हां वो भी है लेकिन छोटे बच्चे को तो नहीं देंगे बड़ों को दे सकते हैं और कोल कुद चूर्ण है या कोटम चूर्ण है उसका उद्वतना करने से कफा वृत बात है कफ का निकल जाता है कोल कुलथा चूर्ण का लेप लगा सकते हैं गर्म पानी में या महानारायण तेल में गर्म करके और उसका लेप लगाकर रखें तो उसकी ऊष्मा से जो कफा वृत वात है कफ भी कम हो जाएगा आवरण भी कम होगा वात भी कम हो जाएगा बहुत अच्छा फायदा होता है इसी तरह से और बहुत सारे
30:45 लेप है आरग वद अध्याय जब देखेंगे तो उसमें बहुत सारे द्रव्य बताए हैं जो चरक सूत्र स्न सेकंड चैप्टर है उसम उसके द्रव्य लेक उसमें बहुत सारे हैं जो मन्या स्तंभ के लिए बताए उसका तो अभी हम सेशन बंद कर देते हैं आप लोग सोचिए समझिए आपके पास पेशेंट आएंगे अभी तो थियोरेटिकल बात हुआ है यहां पे लेकिन जब पेशेंट आते हैं आप ठीक करेंगे तो आप लोग को और अच्छा अनुभव आएगा ठीक है तो अभी मैं सेशन बंद करता हूं 9:00 बजे फिर मिलते हैं थैंक यू प्रणाम सभी लोग को