0:00 जब तुम सब कुछ छोड़ देते हो तब तुम वो पाते हो जो अमर है। अगर तुम इस वीडियो को देख रहे हो तो यूनिवर्स ने ये वीडियो तुम्हारे पास भेजी है। तो तुमको एक बात याद रखना है कि तुम खुद को इवॉल्व करने के लिए बुलाए गए हो। ये वीडियो तुमको इवॉल्व करेगी ना कि बस इंप्रूव करने के लिए क्योंकि इंप्रूवमेंट तो एक कॉस्मेटिक सर्जरी है। पर इवॉल्यूशन वो एक पुरानी आइडेंटिटी का अंतिम संस्कार है। वो तुम करोगे और तुम ही खुद को नया जन्म देने वाले हो। एक राहुल गांधी ने एक कथन कहा था बहुत पहले अपने इंटरव्यू के अंदर कि मैंने अपने पुराने सेल्फ को मार दिया। अब पुराने सेल्फ को मारने का मतलब यही होता है कि अपनी ओल्ड आइडेंटिटी को खत्म कर देना। अगर तुमको नए गोल्स अचीव करने हैं, बड़ी चीजों को अचीव करना है तो तुमको बड़ा बनना पड़ेगा। अंदर से बड़ा बनना पड़ेगा। मंक मोड सिर्फ एक इंटरनेट ट्रेंड नहीं है। यह एक स्पिरिचुअल बैटल फील्ड है जहां तुम अपने अंदर के शोर, डिस्ट्रैक्शंस और
0:46 विक्टिम उठकर तुम मार देते हो। और तुम नया जन्म देते हो। एक जन्म तुमको तुम्हारे मां-बाप ने दिया था और दूसरा जन्म तुम खुद को देने वाले हो जो बहुत ही ज्यादा पावरफुल होने वाला है। जो बहुत ही ज्यादा शिक्षित होने वाला है। यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो दुनिया की आवाजों से परेशान नहीं बल्कि उनका सोर्स समझना चाहते हैं। जो सिर्फ पैसा या सुकून नहीं बल्कि सत्य चाहते हैं बल्कि ट्रुथ चाहते हैं। आज से अगले 180 दिन तक तुम एक नई बॉडी के अंदर तुम एक नए दिमाग के अंदर तुम एक नए सोल के अंदर और एक नया इकोनॉमिक वेपन बनने वाले हो। क्या कहा तुम एक नए इकोनॉमिक वेपन बनने वाले हो। इस वीडियो के अंदर हम 360 डिग्री पर इंप्रूवमेंट करने वाले हैं। जिसमें पांच पार्ट होंगे जिसमें माइंड है, तुम्हारा बॉडी है, तुम्हारे फाइनेंससेस
1:33 है, तुम्हारा सोल है। राइट? तो बिना देरी करे अभी तुमको अशिक्षित से शिक्षित करते हैं। थ्री टू वन लेट्स गेट शिक्षित। [संगीत] हम पहले बात करते हैं माइंड की। पर माइंड की बात करने से पहले मैं तुमको एक चीज बताना चाहता हूं। काफी सारे लोगों ने सब्सक्राइब नहीं करा है तो सब्सक्राइब जरूर कर देना चैनल को और मैंने अपनी एप्लीकेशन के अंदर जिसका नाम था शिक्षित यूनिवर्सिटी है जो तुमको Android के प्ले स्टोर के अंदर मिल जाएगी। वहां से डाउनलोड करना। काफी सारे फ्री लेक्चर्स हैं। काफी सारे फ्री पीडीएफ है इन अ सिस्टमैटिक वे।
2:20 तो उसको डाउनलोड करना बहुत ज्यादा जरूरी है। राइट? अब हम बात करते हैं माइंड की। तुम वही सोच रहे हो जो तुमको सिखाया गया है। तुम्हारी कोई भी नया थॉट नहीं होता। इस दुनिया में कोई भी नया थॉट नहीं है। तुम्हारा दिमाग अभी तक इनहेरिटेड थॉट्स और सोशल प्रोग्रामिंग और डोपामिन के एडिक्शन का शिकार है। मंग मोड में तुम अपने मेंटल ऑपरेटिंग सिस्टम को तुम अपग्रेड करते हो। समझे? तुम अपने मेंटल ऑपरेटिंग सिस्टम को तुम अपग्रेड करते हो। इसमें हम पहली चीज सीखेंगे जिसको हम कहते हैं मेटाग्निशन प्रैक्टिस। अब मेटाग्निशन प्रैक्टिस के अंदर क्या करते हैं? दैट यू हैव टू ऑब्जर्व एव्री थॉट लाइक अ थर्ड पार्टी डिटेक्टिव। तुमको अपने थॉट्स को ऑब्जर्व करना है। क्योंकि तुम तुम्हारे विचार नहीं हो। तुमको अपने सारे बिलीव्स को तुमको
3:06 सवाल करना है कि क्या यह मेरा थॉट है या यह कंडीशनिंग का थॉट है? क्या यह मेरा एंबिशन है? या यह कहीं से एंबिशन मैंने बोरो करा है। कहीं से YouTube से बोरो करा है। कहीं से Instagram से बोरो करा है? या यह जो एंबिशन मेरे अंदर से आ रहा है वो असली है। अगर असली है तो इसका सोर्स क्या है? ये कहां से आ रहा है? फिर दूसरी चीज तुमको करनी है व्हिच इज कॉल्ड सिंबॉलिक जर्नलिंग। सिंबॉलिक जर्नलिंग में तुम क्या करते हो? तुम हर दिन लिखो। हर दिन लिखो। इसको इस तरह समझो कि अगर मैं एक जंगल होता तो मेरा सबसे अंधेरा कौन सा होता? सबसे ज्यादा बड़ा अंधेरा कौन सा होता? क्या मैं अपनी खामोशी से डरता हूं? या मैं उसमें मुक्त हूं। मैं उसमें सेटिस्फाइड हूं। यह कुछ जर्निलिंग होते हैं। कुछ जर्निंग के प्र्प्ट्स होते हैं। वो मैं अपनी
3:52 एप्लीकेशन के अंदर मैं एक पीडीएफ बना के जर्निंग के प्र्प्ट्स डाल दूंगा जिसमें तुमको बहुत सारे सेल्फ रिफ्लेक्शंस क्वेश्चंस मिलने वाले हैं। जिन सेल्फ रिफ्लेक्शन क्वेश्चंस को तुम पढ़ के अपने आप को एक्सप्लोर कर सकते हो। नेक्स्ट तुमको करना है व्हिच इज कॉल्ड द डोपामिन डिटॉक्स। ओह माय गॉड ब्रो डोपामिन डिटॉक्स। अगर तुमने अपना डोपामिन डिटॉक्स सही से कर लिया ना तो तुम सोच भी नहीं सकते कि तुम कितना आगे बढ़ जाओगे क्योंकि तुमको लगता है कि तुम डिप्रेस्ड हो। तुमको लगता है कि तुम एंशियस हो। इट्स जस्ट कि तुम्हारे डोपामाइन रिसेप्टर्स खराब हो चुके हैं। क्या करना है? रील्स, Netflix, पोर्न यह सब तुम्हारी कॉन्शियसनेस को चोक कर देते हैं। बिल्कुल रोक देते हैं। मंग मोड में तुम बोर्डम के थ्रू एक ट्रांस ढूंढते हो। बोडम के थ्रू एक नई आइडेंटिटी
4:38 का पोर्टल तुम खोलते हो जिससे यूनिवर्स तुमको वह चीज देता है जो चीज तुम चाहते हो। सबसे पहले रियलाइजेशन सबसे पहले तुमको रियलाइज करना पड़ेगा कि तुम आखिर चाहते क्या हो? समझे? तुम आखिर चाहते क्या हो। क्योंकि काफी सारे लोगों को ना एक चीज लगती है कि यार मैं यह चाहता हूं। पर रियलिटी के अंदर उनको नहीं पता कि वह क्या चाहते हैं। वह सिर्फ एक इनफ्लुएंस थॉट्स इन्फ्लुएंस माइंड से वो चीजों को रियलिटी के अंदर ले आना चाहते हैं। पर वो नहीं ले आ पाते क्योंकि वो उनका इमसेल्फ नहीं चाहता। इसलिए उनको काम करने में मेहनत करने में परेशानी होती है। उनको काम करने मेहनत करने में बहुत दिक्कत होती है। क्योंकि जो चीज तुम्हारे अंदर से आती है ना सर वो अनंत तक जाती है। इसको लिख लो।
5:25 जो चीज अंदर से आएगी वो चीज अनंत तक जाएगी और जो चीज अंदर से नहीं आएगी वो कहीं तक नहीं जाएगी। इसको अपना मंत्र बना लो कि जो चीज अंदर से आती है वो अनंत तक जाती है और जो चीज बाहर से आती है वो कहीं भी नहीं जाती। यह मैं तुमको अपने एक्सपीरियंस के साथ बता पा रहा हूं क्योंकि मैंने जिंदगी में बहुत सारी चीजें करी हैं। मैंने अपने अर्ली स्टेज में कॉलेज टाइम में मैंने मॉडलिंग करा है। मैंने एक्टिंग करा है। काफी सारे शूट्स एंड शोज़ करें हैं। मैंने फिटनेस ट्रेनर मैं रहा हूं। मैंने जो जो चीज मेरे दिमाग के अंदर आए वो सब चीजें करी है मैंने। इवन थोड़ा सा नेटवर्क मार्केटिंग के अंदर भी मेरे को किसी ने कोई खींच के ले गया था जैसे आप लोगों को खींच के ले जाता है। जॉब करा है मैंने। काफी टाइम जॉब करा है। उसके बाद मैंने गवर्नमेंट जॉब्स की प्रिपरेशन करी। कैट क्रैक करा। काफी सारे गवर्नमेंट जॉब्स क्रैक करे। काफी सारे
6:12 एटेक कंपनीज़ का मैं ब्रांड कंसलटेंट रहा। जब तुम इतनी सारी चीजें कर लेते हो ना तब तुम हमेशा अपने आप से पूछते हो। यह हैबिट मेरे अंदर बहुत पहले से थी। मैं हमेशा अपने आप से पूछता था कि यार मैं इसको ले कहां तक ले जाऊंगा? पैसा आ रहा है कोई बात नहीं। रिस्पेक्ट फैमिली में मिल रही है। पर क्या मेरे को यही चाहिए? क्या चाहिए आखिर मेरे को? और सिर्फ तुमको सोचना नहीं है। तुमको एग्जीक्यूट करना है। तो अगेन अगर तुम अपने अर्ली स्टेजेस के अंदर हो। अगर तुम अपने टीनएजर के अंदर हो तो अपने आप को जितना ज्यादा एक्सप्लोर कर सकते हो तुम उतना ज्यादा एक्सप्लोर करो। एक्सप्लोर करने का मतलब यह नहीं होता कि सिर्फ बैठ के सोचना क्योंकि आज के जो यूथ है आज का जो यूथ है वो हमेशा सिर्फ सोचता ही रहता है। लॉ ऑफ
6:58 अट्रैक्शन मैनिफेस्टेशन ये तो बहुत बाद में आता है। सबसे पहले तुमको पता तो करना पड़ेगा कि तुमको चाहिए क्या? ज्यादातर लोगों का लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन मैनिफेस्टेशन इसलिए नहीं करता क्योंकि वो जो चीज मांग रहे हैं ना वो उनके लिए है ही नहीं। और यूनिवर्स और भगवान यह सृष्टि बहुत ज्यादा समझदार है। तुमको वही देगी जिस चीज के लिए तुम डिर्व करते हो। जो चीज एक्चुअली में तुम्हारे लिए है। इसका सिंपल सा एक तुमको मेथड बताता हूं। अगर तुमको काम करने में बहुत ज्यादा मजा आता है। ठीक है? तुम चाहे 10 घंटे करो, चाहे तुम 12 घंटे करो, 15 घंटे करो और तुमको ऐसा लगता है कि यार मेरे को और करना चाहिए था। तुम सुबह उठने के बाद तुम एक्साइटेड होते हो। तुम सोने को प्रोकस्टिनेट करते हो कि नहीं यार मेरे को काम करना है तो इसका मतलब यह है कि तुमको अपनी चीजें मिल चुकी हैं। अगर तुम यह सब चीजें नहीं कर रहे ना तो इसका मतलब यह है कि अभी भी तुमको एक्सप्लोर करना है। सो लगे रहो बस एक्सप्लोर करने
7:46 पे। अब हम दूसरा पार्ट देखेंगे व्हिच इज योर बॉडी दैट यू हैव टू बिल्ड अ वेपन। योर बॉडी इज अ वेपन। योर वेपन ऑफ विल जो तुम खुद से बिल्ड करते हो। अब तुमको एक चीज समझना है कि बॉडी बिना कॉन्शियसनेस का कोई वैल्यू नहीं है। बॉडी बिना कॉन्शियसनेस की कोई वैल्यू नहीं देती है। और कॉन्शियसनेस और कॉन्शियसनेस बिना डिसिप्लिन बॉडी का सिर्फ एक इल्लुजन है। समझो इस चीज को। अगर तुम्हारी बॉडी कॉन्शियस है तो वह तुमको सही सिग्नल्स देगी। अगर बॉडी के अंदर कॉन्शियसनेस नहीं है तो कुछ भी नहीं होगा। अभी काफी सारे लोगों ने यह बोला होगा कि अरे यार भैया तो बीच
8:33 में अटक गए। दिस इज नेचुरल थिंग। जब तक तुम लोगों की कमियों को देखते रहोगे ना तब तक तुम जिंदगी में कभी भी ग्रो नहीं कर पाओगे। और जो मैंने पहले करा था वो एक बाय पर्पस करा था। जिससे कि मैं वीडियो से ही तुमको मैं सिखा सकूं चीजों को। प्रैक्टिकिटी के अंदर मैं तुमको सिखा सकूं। मेरी जितनी भी वीडियोस होती हैं उन हर वीडियो का उन हर लेक्चर का जो एक-एक वर्ड होता है जो एक-एक चीज सेंटेंस होता है एक-एक जो एक्शन होता है जो मैं हैंड मूवमेंट्स भी कर रहा हूं जो लाल चश्मा भी पहना है जो ये ग्रीन वॉच भी पहनी है इन सबका एक पर्पस है इन सब चीजों का एक साइकोलॉजिकल एक मीनिंग है ये सब जो वीडियोस हैं ये तुम्हारे माइंड को रीोग्राम करेंगी और लोगों से ज्यादा
9:19 राइट अब हम बात करते हैं स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जब तुम अपनी बॉडी को डेली रेजिस्टेंस देते हो ना, जब तुम आउटर रेजिस्टेंस देते हो तो उससे तुम्हारा इनर रेजिस्टेंस बढ़ता है। जब तुम पेन में दर्द में खुद से जाते हो, वॉलंटरली जाते हो तो तुम्हारा कैरेक्टर शेप होता है। यह चीज को लिख लो। या तो दर्द को खुद से चुनो। या तो तुम्हें दर्द को खुद से चुनना है। वरना जब जिंदगी दर्द देगी ना वह तुमको बहुत ज्यादा दर्द देने वाली है। क्योंकि वह दर्द तुमने खुद से नहीं चुना। मैं फिर से बता रहा हूं कि तुमको दर्द को खुद से चुनना है। यू हैव टू चूज वंटरीली पेन। अपने बॉडी को वंटरीली पेन देना है। मेहनत करके, वर्कआउट करके अपने माइंड को
10:05 वंटली पेन देना है। रीड करके, मेडिटेशन करके, जर्नलिंग करके। अब दूसरी चीज आती है व्हिच इज कॉल्ड इंटरमिटेंट फास्टिंग। वेरी पावरफुल चीज वेरी मैजिकल थिंग। क्योंकि फास्टिंग इज नॉट अबाउट फूड। इट्स अबाउट द रिमेंबेंस कि तुम मशीन नहीं हो। तुम एक चॉइस हो। एक मशीन को एक फ्यूल की जरूरत पड़ती है। एक एक्सटर्नल फ्यूल की जरूरत पड़ती है। समझ रहे इस चीज को? ह्यूमन और मशीन के अंदर डिफरेंस होता है इनर सेल्फ का, इनर कॉन्शियसनेस का। एक मशीन को जरूरत पड़ती है फ्यूल की, चार्ज होने की, बैटरी होने की। अगर मशीन की बैटरी खत्म हो जाए तो वह वर्क नहीं करेगी और वह खुद से बैटरी को जनरेट भी नहीं कर सकती। वह खुद से एनर्जी को जनरेट भी नहीं कर सकते। उसको
10:51 कुछ ना कुछ सोर्स चाहिए। सेम तुम्हारे साथ नहीं होता। तुम्हारे अंदर अनलिमिटेड एनर्जी हैं। उसके लिए तुमको फास्ट करना होता है। तुमको भूखा रहना होता है। फास्टिंग के ऊपर मैं एक डिटेल्ड वीडियो बताऊंगा। क्योंकि अगेन दिस इज द पार्ट ऑफ लॉ ऑफ अट्रैक्शन। दिस इज द पार्ट ऑफ लॉ ऑफ मैनिफेस्टेशंस। फिर नेक्स्ट चीज आती है व्हिच इज योर स्लीप सन एंड स्टिलनेस 3 एस को लिख लो स्लीप सन एंड स्टिलनेस तुमको ना अपना सर कार्डियन रिदमम सॉरी इफ आई प्रोनाउंस द नेम रॉन्ग बिकॉज़ आई एम नॉट द इंग्लिश टीचर सर कार्डियन रिदमम हर एक इंसान का अलग होता है। वो तुमको समझना पड़ेगा। अपना टाइमिंग्स तुमको समझनी पड़ेगी कि तुम किस
11:38 टाइम पर सबसे ज्यादा फंक्शन करते हो। सबसे ज्यादा मेंटली फंक्शन करते हो, सबसे ज्यादा फिजिकली फंक्शन करते हो। मैं एक तुमको एक जनरल जो एक जनरल लोगों का एक स्ेड्यूल बता देता हूं। जो मेजॉरिटी ऑफ द लोगों का एक सर्कड रिदमम होता है। सर्कराडियन रिदमम 10:00 बजे सो जाना। राइट? 10:00 बजे तुमको सो जाना है। 5:00 बजे तुमको उठ जाना है। कितने घंटे की नींद हो गई? मेरे कमेंट्स के अंदर जरूर बताना। सुबह की सनलाइट मोस्टेंट थिंग सनलाइट एक एनर्जी है तुमको जादू बनना है याद है ना जादू है ना वो बनना है सनलाइट सबसे ज्यादा पावरफुल है और मिनिमम 3 लीटर पानी पीना है 3 लीटर पानी पीना है तुम्हारा ना बॉडी एक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट
12:24 है जब भी तुम कोई गलत इनपुट डालोगे जब भी तुम कुछ गलत इनपुट डालोगे तो वह गलत फ्रीक्वेंसी ही क्रिएट करेगा जब भी तुम कुछ गलत इनपुट अंदर डालोगे इसको हम बायो एनर्जेटिक इंसाइट कहते हैं। जब भी तुम एक गलत इनपुट डालोगे तो वो गलत फ्रीक्वेंसी ही प्रोड्यूस करेगा और वो गलत फ्रीक्वेंसी के साथ हमेशा गलत एकशंस होने वाले हैं। मंक मोड एक तुम्हारे जो अंदर की एनर्जी हैं उसको एक डिवाइन एनलाइटमेंट के अंदर लेके आएगा। सबसे पहला काम तुम्हारा यह है कि अपने बॉडी को सही करो। फिजिकली सही करो। इसलिए तुम्हारा ब्रेन सही से नहीं चलता
13:10 क्योंकि तुम्हारी बॉडी फिक्स नहीं है। अब काफी सारे हमारे बॉडी बिल्डर भाई देख रहे होंगे। काफी सारे हमारे सो कॉल्ड फिटनेस एंथूजियास्ट लोग देख रहे होंगे जिनको एस्थेटिक का 14 भी बोलते हैं और यह अगेन काफी सारे लोगों के बात ऑफेंड करने वाली है क्योंकि ना आज के टाइम पे जिम जाने का मतलब फिटनेस तो है ही नहीं लोगों का। जिम जाने का मतलब सिर्फ उनको यह है कि भाई मेरे को एक अच्छे से अच्छी बॉडी बनानी है और जल्दी बनानी है। अब चाहे उसके लिए उनको स्टेरॉइड्स लेना पड़े, चाहे उनको उसके लिए कुछ भी लेना पड़े। मेजॉरिटी ऑफ द यूथ जिनके पास इंटरनेट का एक्सेस है उनके दिमाग में कहीं ना कहीं एक चीज आती होगी कि यार मेरे को भी ऐसी ग्रीक गॉड वाली फिजिक चाहिए।
13:56 राइट? और वो गलती कहां करते हैं? मैं यह अपने पॉडकास्ट में भी बताया है। ठीक है? और यह चीज मैंने काफी सारी वीडियोस के अंदर पहले बताई है कि तुम्हारा ना बॉडी समझो। बॉडी एक टूल है जिससे कि तुम्हारा माइंड अच्छे से फंक्शन कर सके। अपने बॉडी को एक टूल को ले चलो कि भाई मेरे को बॉडी इसलिए हेल्दी रखना है क्योंकि मेरा माइंड हेल्दी हो सके। मेरा इमोशंस हेल्दी हो सके। पर आज के टाइम पर उल्टा हो रहा है। लोग पता नहीं कितने सारे चीजें अपने बॉडी के अंदर डालते हैं जिससे उनका इमोशनल डिसबैलेंस हो जाता है। उनके हॉर्मोंस खराब हो जाते हैं और वो अच्छा फील ही नहीं कर पाते हैं और फिर उसकी वजह से उनको डिप्रेशन आता है। हर चीज का एक सिस्टम होता है। हर चीज को तुमको प्रायोरिटी देनी पड़ेगी। अगर तुम्हारी प्रायोरिटी ही यही है कि यार मेरे को फिटनेस के अंदर ही करियर बनाना है
14:43 तो उसको अच्छे से करो। पढ़ाई करो फिटनेस की, डिग्री करो फिटनेस की, कोर्सर्सेस करो फिटनेस के। अगर तुमको यह सब चीज नहीं करनी है, फिटनेस में करियर नहीं बनाना है, तुमको बॉडी बिल्डर नहीं बनना है, देन स्टार्ट वर्किंग ऑन योर ब्रेन। ठीक है? बॉडी को एज अ 10 ईयर गेम ले चलो। माइंड और बॉडी को 10 साल का गेम ले चलो कि भाई 10 साल तक मेरे को रेगुलर एक्सरसाइज करनी है। 10 साल तक मेरे को रेगुलर माइंड पर काम करना है। तुम 99% लोगों से तुम आगे निकल जाओगे। क्योंकि लोग सिर्फ बॉडी पर काम करते हैं। माइंड पर काम नहीं करते। सोल पर काम नहीं करते। बॉडी पर काम करना, जिम जाना, वर्कआउट करना, रनिंग करना, कार्डियो करना, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना, पैलाटेज करना, मल्टीपल चीजें करना तुम्हारे माइंड में एक
15:29 एनर्जी बनाता है। एक ब्लड का फ्लो क्रिएट करता है। अब उस माइंड को भी तो यूज़ करना पड़ेगा। माइंड को कहां यूज़ करोगे? अब माइंड जब तुम्हारा प्रोडक्टिव चीजों के अंदर यूज़ नहीं होगा, तब तुम डिस्ट्रक्टिव चीजों के अंदर ही यूज़ करने वाले हो माइंड को। राइट? नाउ अब हम तीसरी चीज आते हैं वि इज योर सोल योर सीक्रेड इनर रेबेलियन माइंड पर काम कर लिया बॉडी पर काम कर लिया अब हम सोल की बात करेंगे आत्मा सब ने सुना है कि आत्मा क्या होती है और काफी सारे लोग तो आत्मा से डर भी जाते हैं आत्मा का कोई कांसेप्ट नहीं है वो तुम हो तुम्हारी वो रियलिटी है और तुम उसे भूल चुके हो तुम अपने आत्मा से कनेक्टेड नहीं हो तुम अपने आत्मन से कनेक्ट नहीं हो इसको हम आत्मा को थोड़ा सा और बड़ा करते हैं। इट्स आत्मन। आत्मन मतलब
16:16 अंदर का मन। तुम्हारे अंदर का मन। अपने अंदर के मन से कनेक्ट हो जाओ। कैसे होना है मैं बताऊंगा। और अगर तुमने अभी तक सब्सक्राइब नहीं करा ना तो प्लीज सब्सक्राइब जरूर करो। ठीक है? इससे हमारी कम्युनिटी बड़ी होगी। इससे हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को अशिक्षित से शिक्षित बना पाएंगे। और शेयर करा करो तुम वीडियोस को। मैं देखता हूं काफी सारे लोग शेयर नहीं करते हैं जो बहुत गलत करते हो तुम और Instagram पर भी हमारी बहुत अच्छी फैमिली है उसको भी जॉइ करना है राइट नाउ अब क्या करना है साइलेंस को प्रैक्टिस करना है डेली 60 मिनट्स सिर्फ एक घंटा सिर्फ बैठ जाओ कोई गोल नहीं कोई मंत्र नहीं कोई सिमुलेशन नहीं सिर्फ रहो सिर्फ रहो सिर्फ
17:03 एग्जिस्ट करो उस मोमेंट में स्टार्टिंग में प्रॉब्लम होगी गलत थॉट थॉट्स आएंगे, बुरे थॉट्स आएंगे, अच्छे थॉट्स आएंगे, डिस्ट्रक्टिव थॉट्स आएंगे, डिप्रेसिव थॉट्स आएंगे। पर उन विचारों को जज नहीं करना है। क्योंकि तुम विचार नहीं हो। यू आर नॉट विचार। मेडिटेशन इस दुनिया की सबसे ज्यादा पावरफुल चीज है। अगर तुमने सिर्फ 60 डेज तक मेरी गाइडेड मेडिटेशन कर ली तो तुम सोच भी नहीं सकते। तुम्हारे अंदर कितनी ज्यादा एनर्जी रहेगी। तुम प्रोकस्टिनेशन बंद कर दोगे। तुम डिसिप्लिन के अंदर रहोगे। तुम्हारे इमोशंस तुम्हारे कंट्रोल के अंदर आ जाएंगे। और मैं बहुत जल्दी एक इमोशंस पर एक डेडिकेटेडली दो दिनों की वर्कशॉप ल्च करने वाला हूं। तो उसके लिए अगेन Instagram पर फॉलो करने Instagram पर ही मैं अपडेट डालने वाला हूं। राइट?
17:48 अब फिर आता है योर सबकॉन्शियस रिपेरेंटिंग। हर रात सोने से पहले अपना जो इनर चाइल्ड है जो तुम्हारा बचपना था उससे कहो कि यार मैं तुझको सुनता हूं। मैं तेरी बात सुन रहा हूं। मैं तुझको एक्सेप्ट करता हूं। जो भी चीज हुआ वो हो गया। कोई बात नहीं। अब हम आगे बढ़ेंगे। मैं तेरे साथ हूं। मैं तेरे साथ हूं। समझो इन सब चीजों को। अभी एक तुमको बहुत ही एक सीक्रेट एक्सप्रेशन बताता हूं। और यह काफी सारे लोग करते नहीं है। पर करना हर किसी इंसान को चाहिए। दैट क्रिएट करो। अगर तुम क्रिएट नहीं करोगे तुम डिस्ट्रॉय करोगे। हिटलर को उसके मां-बाप ने आर्ट क्रिएट नहीं करने दी थी। इसलिए उसने
18:34 डिस्ट्रॉय करा। क्रिएट करो समथिंग। आर्ट, म्यूजिक, डांस, जर्नलिंग फॉर योरसेल्फ। अगर कुछ आर्ट क्रिएट कर रहे हो तो यह मत सोचो कि यार मेरे को दुनिया को दिखाना है, दुनिया इसको देखेगी तो क्या सोचेगी? अगर तुम्हारे दिमाग में यह आ रहा है ना कि अगर मेरे आर्ट को दुनिया देखेगी तो क्या सोचेगी? अगर मेरे म्यूजिक को दुनिया देखेगी तो क्या सोचेगी? तब तुम कभी भी जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाओगे। और मैं सिर्फ यह नॉर्मल लोगों के लिए बात कर रहा हूं। जिनको लाइफ में आगे बढ़ना है। अगर तुम्हारा कोई प्रोफेशन है म्यूजिशियन बनना या फिर आर्ट बनना तो उसके लिए अलग एक चीज है। उसके लिए अलग प्रोसेस हो जाता है। क्योंकि जब तक तुम एक्सप्रेस नहीं करोगे ना तब तक तुम रिप्रेस करते रहोगे उस चीज को। कुछ तुमको सीक्रेट बुक्स बता रहा हूं जो तुमको पढ़नी है, पढ़नी है, पढ़नी है।
19:21 व्हिच इज योर गीता। गीता विल गोइंग टू टीच यू। दैट यू हैव टू डू योर ड्यूटी विदाउट अटैचमेंट। क्योंकि लोग ना गीता को बहुत आजकल गलत तरीके से पोट्रे करा जा रहा है। भागवत गीता को हमेशा इस तरीके से पोट्रे करा जा रहा है। कृष्ण जी को इस तरीके से पोट्रे करा जा रहा है कि भाई लोग मेहनत नहीं कर रहे हैं। लोग एस्केप कर रहे हैं। बस लोगों ने मेहनत करना बंद कर दिया। वो स्पिरिचुअलिटी के नाम पे वो भागवत गीता के नाम आई डोंट नो कौन तुमको ये ऐसे भागवत गीता सिखा रहा है कि नहीं तुमको मेहनत नहीं करना है। तुमको हार्ड वर्क नहीं करना है। सिर्फ तुमको अलग बैठना है। सिर्फ तुमको मंत्र चटिंग करनी है। पढ़ेगा कौन भागवत गीता? पढ़ेगा कौन? उपनिषद्स। [संगीत]
20:06 पढ़ेगा कौन? वेद, पढ़ेगा कौन? वेदांत। हां। देखो भगवान ने तुमको जो शरीर दिया है ना उससे उसको इस्तेमाल करने के लिए दिया। तो इस शरीर को इस्तेमाल करो क्रिएट करने में जिससे कि और लोगों की लाइफ आसान हो सके। अगर भगवान ने तुमको कुछ अनफेयर एडवांटेजेस दिया ना तो उन अनफेयर एडवांटेजेस का इस्तेमाल करो। जब तुम अपनी बॉडी का इस्तेमाल नहीं करते, अपने माइंड का इस्तेमाल नहीं करते तब तुम सबसे ज्यादा अनग्रेटफुल रहते हो। और जब भी तुम अनग्रेटफुल रहते हो तब तुम बहुत लो फ्रीक्वेंसी पर वाइब्रेट करते हो। आई गेस तुमको अब समझ में आ रहा होगा कि भाई तुम्हारी मैनिफेस्टेशंस काम क्यों नहीं कर रहे? क्योंकि तुम चल ही उल्टे रहे हो। पता नहीं तुम किन लोगों को फॉलो करते हो। आई हैव नो आईडिया। आई हैव आईडिया बट आई एम
20:53 नॉट गोइंग टू नेम। तुम कमेंट्स के अंदर नाम बता सकते हो कि जो मेरे लॉयल स्टूडेंट्स हैं उनको पता है। अब एक बुक आती है ताऊतेचिंग। हंसना नहीं है। ताऊते चिंग सुनजू की बुक है। इसमें तुमको यह समझ में आएगा कि फ्लो किस तरीके से करते हैं। सरेंडर किस तरीके से करते हैं। फ्लो स्टेट के बारे में अगेन मैंने शिक्षित कोर्ट के अंदर बताया हुआ है जो तुम अगेन डिस्क्रिप्शन में जाकर देख सकते हो। मार्कस और एलियस के मेडिटेशंस पढ़नी है। वो तुम्हें स्टॉइक फायर बताएंगे। स्टॉइसिज्म अगेन भागवत गीता में से एक टर्म निकला है। भगवत गीता में स्टॉइसिज्म को शून्य स्टेट कह देते हैं। व्हिच इज इनडिफरेंस टू पेन एंड प्लेजर कि अगर तुम्हारे पास प्रॉब्लम आएगी तब तुम दर्द में नहीं होगे। अगर तुम्हारे पास सुख
21:39 आ रहा है तब भी तुम खुश नहीं होगे। इट्स ऑल शून्य स्टेट बिकमिंग जीरो शुड बी योर एम ऑफ लाइफ। क्योंकि सोल को नरिश करने का मतलब है कि अपने होने को श्रद्धा के साथ संबोधन करना। ठीक है? नाउ बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज के ऊपर बात करते हैं। व्हिच इज योर मनी वि इज योर फाइनेंससेस व्हिच इज योर मनी व्हिच इज योर फाइनेंससेस। नाउ मनी को ना जैसे मैंने अपने बहुत सारे वीडियोस के अंदर बताया दैट मनी इज अ एनर्जी। राइट? नाउ इस पार्ट में हमको एक चीज समझना है दैट हाउ यू कैन डू एनर्जेटिकस्ट ऑफ़ मनी। बिकॉज़ पॉवर्टी इज नॉट सिंपलीसिटी। समझो इस चीज को। पॉवर्टी का मतलब गरीबी का मतलब गरीब रहने का मतलब
22:26 यह नहीं है कि ब्रो आई एम लिविंग अ वेरी सिंपल लाइफ। नो ब्रो नो मनी इज द मोस्ट पावरफुल स्पिरिचुअल एनर्जी। क्योंकि तुम मनी को अटेन करने के लिए तुम अपना डिसिप्लिन लगाते हो। तुम अपना नॉलेज लगाते हो। तुम चीजों का सैक्रिफाइस करते हो। तुम लर्न करते हो। तुम एग्जीक्यूट करते हो। तुम फेल होते हो। तुम उस फेलिंग के साथ तुम लर्निंग लेते हो। राइट? बिकॉज़ अगेन आई एम टेलिंग यू पॉवर्टी इज अ मेंटल डिसऑर्डर। पॉवर्टी इज अ मेंटल डिसऑर्डर। आई एम सेइंग दिस थिंग। अगर तुम पैसों को नफरत करते हो या फिर जो लोग पैसे कमाते हैं तुम उनसे नफरत करते हो। तुम कभी भी पैसे नहीं कमा पाओगे। क्योंकि तुम इनडायरेक्टली तुम यूनिवर्स को यह कह रहे हो कि भैया यूनिवर्स मेरे को पैसे नहीं चाहिए। क्योंकि जो चीज इसके पास है मैं तो उसको नफरत करता हूं। यू आर हेटिंग दैट मनी। यू आर हेटिंग दैट पर्टिकुलर मनी।
23:15 और जब तक तुम एस लॉन्ग एज यू आर हेटिंग द मनी। यू कैन नॉट बी एबल टू मेक मनी ब्रदर। अंडरस्टैंड ऑल दी थिंग्स। क्योंकि हर चीजों के लिए तुमको वैल्यू देना पड़ता है। कोर्सेज, बुक्स, फूड, वर्कआउट, बॉडी, एवरीथिंग। अब यह करना कैसे है? सबसे पहली चीज है हाई इनकम स्किल। कोई भी एक हाई इनकम स्किल पकड़ो। राइट? जो चीज पढ़ रहे हो, वो चीज तुम पढ़ते रहो। तुम कॉपीराइटिंग सीखो। तुम डिजिटल प्रोडक्ट बनाना सीखो कि कैसे डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते हैं। स्टार्ट कंसल्टिंग अगर तुमको लगता है कि तुम किसी एक चीज के अंदर बहुत ज्यादा अच्छे हो वो लोगों को सिखाओ। कंसल्ट करो उस चीज के अंदर। एडिटिंग सीखो। तुम लर्न करना सीखो कि लर्न कैसे करते हैं। अगर मैं कहता हूं
24:02 कि यार मैं बहुत पावरफुल माइंडसेट कोच हूं। मैं बहुत पावरफुल इस कंट्री का सबसे बड़ा मैनिफेस्टेशन कोच हूं। सबसे वैलएबल मैनिफेस्टेशन कोच हूं। तो इट मींस कि मेरे को मैंने अध्ययन करा है। मैंने वो स्किल्स को लर्न करा है। राइट? सो सेम यू हैव टू डू। यू हैव टू लर्न समथिंग देन टीच बिल्ड क्रिएट एंड मोनेटाइज। डोंट हेट मनी जहां से जहां से पैसे देके तुमको सिंपल से पैसों का रूल बताता हूं। जहां से पैसे देके तुम्हारा वक्त बच रहा है। जस्ट पे दैट मनी। जब भी तुम लर्निंग पर इन्वेस्ट करते हो तब तुम अपना जो लर्निंग कर्व होता है वो तुम छोटा करते हो। इमेजिन करो कि तुम्हारे पास कोई बुक नहीं
24:49 है। कोई कॉलेज नहीं है। कोई यूनिवर्सिटीज नहीं है। कोई कोर्सेज नहीं है। कोई शिक्षित कोड नहीं है। कोई शिक्षित यूनिवर्सिटी नहीं है। कोई शिक्षित टॉक्स नहीं है। कोई बड़े-बड़े YouTube चैनल ये लर्निंग नहीं है। तुमको एक छोटी सी चीज सीखने में 10 साल लग जाएंगे। पर आज तुम्हारे पास सोर्सेज हैं, रिसोर्सेज हैं जहां से तुम लर्न कर सकते हो। ठीक है? नेक्स्ट चीज बताता हूं। फाइनेंसियल ट्रैकिंग। अपने पैसों को देखो कि तुम पैसों को इन्वेस्ट कर रहे हो या तुम डिसइन्वेस्ट कर रहे हो। अगेन इन्वेस्टिंग का एक रूल बता देता हूं। यह मेरे बहुत ही अच्छे मित्र ने जो कि अगेन ही इज़ अ मल्टा मल्टाइल मिलनेयर। रियल मिलनेयर ब्रो नॉट द फेक मिलनेयर। मैंने उनसे पूछा कि भैया मेरे को पैसे इन्वेस्ट करना स्टार्ट करना है। तो बेसिक्स एक बार
25:35 बता दो कि मतलब इन्वेस्ट करने हैं या नहीं करने। उन्होंने मेरे से एक चीज बोली अरे यह मेरे से उन्होंने आई गेस तीन से चार साल पहले बोल दी कि शिखर जब तक तुम्हारे बैंक अकाउंट के अंदर लिक्विड एक से ₹1.5 करोड़ नहीं हो तब तक तुमको इन्वेस्ट मार्केट में नहीं करना है क्योंकि मार्केट हमेशा वहीं रहने वाली है। तुमको खुद पर इन्वेस्ट करना है। खुद की लर्निंग्स पर इन्वेस्ट करना है। तुमको बुक्स पर इन्वेस्ट करना है। तुमको अच्छे डाइट पर इन्वेस्ट करना है। अपने फिटनेस पर इन्वेस्ट करना है। क्योंकि अपने बिजनेस पर इन्वेस्ट करना है। अपने एक विज़न पर इन्वेस्ट करना है कि वो तुमको ज्यादा रिटर्न देगा। उसके बाद मैंने वहीं पर इन्वेस्ट करा। मैंने अपने बॉडी पर इन्वेस्ट करना स्टार्ट करा। अपने स्किल्स पर इन्वेस्ट करना स्टार्ट करा। मैंने कोर्सेज पर इन्वेस्ट
26:21 करना स्टार्ट करा। मैंने मेंटोरशिप्स पर इन्वेस्ट करना स्टार्ट करा। मैंने बुक्स पर इन्वेस्ट करना स्टार्ट करा। और डिसइन्वेस्टमेंट क्या होती है? डिसइन्वेस्टमेंट भी बता देता इट्स अ वेरी शिक्षित कांसेप्ट। यह मैंने शिक्षित कोड के अंदर सिखाया था। डिस्क्रिप्शन में लिंक है। डिस्वेस्टमेंट वो होती है जो तुमसे तुम्हारी एनर्जी छीन लेती है। जो तुमको तुम एक डोपामिन एडिक्ट बना देती है। फॉर एग्जांपल तुम्हारे पास ₹100 हैं। ठीक है? मान लेते हैं यू हैव ₹100। अगर तुम वो ₹100 जंक फूड में इन्वेस्ट कर रहे हो। जंक फूड में तुम पैसे खर्च कर रहे हो तो वह डिसइन्वेस्टमेंट है क्योंकि जंक फूड से सिर्फ तुमको जीभ का टेस्ट मिलेगा अंदर से तुम खराब हो जाओगे अगर तुम ₹100 में से
27:07 तुम ₹20 के केले ले रहे हो कुछ फ्रूट्स ले रहे हो और तो वह तुम्हारे लिए इन्वेस्टमेंट के अंदर आ जाएगा सेम तुम्हारे पास ₹1000 हैं तुम वो ₹1000 अगर तुम Netflix Amazon या फिर मूवीज में खर्च कर रहे हो वो डिसइन्वेस्टमेंट है। अगर तुम कोर्सेज बुक्स लर्निंग में खर्च कर रहे हो वो इन्वेस्टमेंट है। नेक्स्ट आता है मिनिलिज्म। कम तरीके से जियो। अपना ना इमोशनल कंजमशन खत्म करो। मैं मिनि मिनिलिज्म ये नहीं कह रहा हूं कि तुमको खर्च ही नहीं करना है। मैं कह रहा हूं तुम्हारा इमोशनल कंजमशन खत्म करो। इमोशनल कंजमशन का मतलब है कि यार आज ना मेरा मन कर रहा है मैं शॉपिंग पे चला जाता हूं। पूछो अपने आप से कि एक्चुअली में क्या तुमको कपड़ों की जरूरत है? क्या तुम्हारे पास कपड़े नहीं है?
27:54 तुम्हारे दिमाग में आएगी कि यार आज ना जोatो से आर्डर कर लेते हैं। बाहर से आर्डर कर लेते हैं। क्यों भाई? घर पर खाना नहीं बना। इसको हम कहते हैं मिनिममलिज्म। क्योंकि एव्री यूज़लेस पोजीशन इज अ एनर्जेटिक लीकेज। समझो एनर्जेटिक लीकेज को लिख लो कि भाई मैं वहां पर कभी भी इन्वेस्ट नहीं करूंगा जहां से मेरी एनर्जी बर्बाद हो जाए। राइट? जहां से एनर्जी बर्बाद हो जाए। इसका ना एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक्स समझना है तुम्हें। दैट मनी इज अ क्रिस्टलाइज्ड एनर्जी। मतलब एक वो एनर्जी है जो एक रियल फॉर्म के अंदर क्रिएट हो चुकी है। मंक मोड तुम्हें पैसा कमाना नहीं सिखाएगा। यह तुमको पैसे को संभालना सिखाएगा। क्योंकि बिना उसका गुलाम बने, बिना पैसों
28:40 का गुलाम बने तुम जिंदगी में बहुत सारे चीजें अचीव कर सकते हो। क्योंकि जो एक चीज समझो इस चीज को आजकल मैं Instagram पर देखता हूं लोग सोना फ्लट करते हैं। इतनी बड़ी-बड़ी चेनें पहने हुए हैं। राइट? देयर इज अ सेइंग बाय मकाई विलली दैट ट्रू रूलर्स डू नॉट फ्लट गोल्ड। दे बिल्ड सिस्टम्स दैट प्रिंट इट। जो असली रूलर्स होते हैं, जो असली पावरफुल लोग होते हैं, वह कभी भी चीजों को फ्लंट नहीं करते। तो वो एक ऐसा सिस्टम क्रिएट करते हैं जो चीजों को बिल्ड करें। ठीक है? अब बात आती है भैया सिस्टम कैसे क्रिएट करें? अब हम सिस्टम के ऊपर बात करेंगे। बिकॉज़ इट्स अ रिचुअल ऑफ योर डिवोशनल डिसिप्लिन।
29:26 राइट? लिख लेना इस चीज को। 4:30 बजे उठना है। उठने के बाद ब्रेथ वर्क करना है। अगर गाइडेड मेडिटेशन है तो तुम गाइडेड मेडिटेशन देखना। वरना सिर्फ तुमको बॉक्स ब्रीथिंग करनी है। चार सेकंड तक सांस अंदर करना है। चार सेकंड्स तक होल्ड करना है। और चार सेकंड्स तक एक्सेल करना है। फिर उसके बाद जर्नलिंग करनी है। 10 से 15 मिनट्स यू हैव टू राइट योर थॉट्स। 6:00 बजे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी है। योगा करनी है। ज्यादा नहीं। 40 से 45 मिनट। 45 मिनट्स ऑफ़ वर्कआउट। दैट्स इट। 45 मिनट से ऊपर नहीं जाना। अगर तुम कह रहे हो कि भैया 45 मिनट क्या बकवास कर रहे हो? 45 मिनट के अंदर कहां से बॉडी बन जाएगी? एक ना बॉडी बिल्डर हैं माइक में। प्लीज उनको जरूर देखना। उनके बारे में जरूर पढ़ना।
30:11 माइक में एम आई के ई स्पेस एम ई एन टी जेड ई आर उन्होंने ऐसे बॉडी बिल्डर्स को तैयार करा है ना। वो सिर्फ बॉडी बिल्डर्स हैं। हफ्ते में 4 से 5 घंटे वर्कआउट कराते थे। बस दैट्स इट। यकीन नहीं हो रहा जाकर देखना। उसके बाद 8:00 बजे लर्न करो। अपने स्किल वर्क पर काम करो। यूज़लेस लर्निंग नहीं करनी है। वो लर्न करनी है जिसका तुम्हारे पास ऐ हो कि ठीक है मैं यह लर्न करने के बाद मैं आगे बढ़ सकता हूं। यह मेरे काम में काम आएगा। राइट? और अगर इस बीच में तुमको कुछ भी खाना नहीं खाना है। ठीक है? 12:00 बजे तक कुछ भी मील नहीं लेनी है तुमको। 12:00 बजे तुमको धूप लेनी है। ठीक है? 12:00 बजे से पहले ही धूप ले लेना। फिर उसके बाद तुमको खाना खाना है। राइट? राइट? फिर तुम्हारे
30:57 पास 12:00 से 6:00 बजे तक का टाइम है। अगर तुम जॉब करते हो वो अपने हिसाब से कर लेना। वो फिर पर्सनलाइज रूटीन बनाना पड़ता है। राइट? 6:00 बजे जब भी घर पे आओ, जब भी पढ़ाई खत्म हो जाए, जॉब खत्म हो जाए वॉक करने चले जाओ। 10-15 मिनट वॉक करो। वॉक के साथ-साथ गाने मत सुनो। रिफ्लेक्ट करो कि यार आज मैंने क्या-क्या चीजें अचीव करी हैं। क्या थॉट्स आए हैं मेरे अंदर। राइट? उसके बाद 9:00 बजे सोने से पहले सीक्रेड टेक्स्ट राइटिंग करो। सीक्रेट टेक्स्ट टेक्स्ट राइटिंग की जो भी किताबें तुम पढ़ रहे हो जो भी चीज तुम्हारे दिमाग के अंदर आ रही हैं वो रात में लिखो। उसके बाद फिर सीक्रेड टेक्स्ट रीडिंग करो। भागवत गीता पढ़ो, उपनिषद पढ़ो, जो भी जिस भी रिलीजन में तुम बिलीव करते हो, प्लीज उसकी
31:42 किताबें पढ़ना स्टार्ट करो। ग्रेटट्यूड के साथ। यह ना तुम्हारा रूटीन नहीं है। इसको तुम रिचुअल जब तक तुम रूटीन बोलते रहोगे ना तुम्हारा सबकॉन्शियस माइंड कहेगा कि यार यह तो बहुत ज्यादा मुश्किल है। इसको रिचुअल बोलो। यह दिन तुम्हारा तब बन जाएगा और हर एक कर्म तुम्हारी तपस्या बनेगा। और तुम एक मंक की तरह रिब्थ लेने वाले हो। और इसको अपनी जिंदगी भर तक तुमको अपने साथ लेकर जाना है आने वाले 6 महीने तक। अब इसके बाद मेरी मंक मोड पर वीडियो नहीं आएगी। इसी वीडियो को सेव करके रख लेना। राइट? क्योंकि समझो इस चीज को। जब सब कुछ जला दोगे ना, जब सब कुछ जला दोगे, अपनी आइडेंटिटी बता दो, अपनी आइडेंटिटी जला
32:28 दोगे। इसके बारे में मैंने अपने पार्ट वन वाले मंक मोड पे मैंने बताया डिस्क्रिप्शन के अंदर मैं लिंक डाल दूंगा। जब सब कुछ जला दोगे तब जो बचेगा वही असली तुम बनोगे। 6 महीने के बाद जब तुम अपना ही रिफ्लेक्शन को पहचान नहीं पाओगे ना तुम्हारी आंखों में क्लेरिटी होगी। चलने में एक अथॉरिटी होगी और तुम्हारे होने में एक डिविनिटी होगी। तुम्हारी आंखों में क्लेरिटी होगी। तुम्हारे चलने में अथॉरिटी होगी और तुम्हारे होने में एक डििनिटी होगी। लोग तुमसे पूछेंगे कि क्या किया भाई? क्या किया तूने? हमको भी सिखा प्लीज। जिससे कि 2026 हम अच्छे से स्टार्ट कर सकें। तब तुम कहोगे कि कुछ नहीं करा मैंने। बस मैं एक शिक्षित मंक बना। तो मुस्कुरा के कहोगे
33:16 मैं अपने डिस्ट्रैक्शन से दूर चला गया। अपनी फॉल्स आइडेंटिटी से दूर चला गया और अपनी इमोशनल स्लेवरी से मैं दूर चला गया और मैं खुद से मिला। मैंने बनाया अपना एक शिक्षित माइंडसेट शिक्षित विचारों के साथ। यह तुम्हारा मंक मोड का पाथ है। यह कोई ट्रेंड नहीं है। यह कोई फेज नहीं है। इस प्रोसेस में तुम बहुत सारी चीजें सीखोगे। दर्द भी होगा, रोना भी आएगा पर रुकना नहीं है। रुकना नहीं है। अभी इसी के साथ यह वीडियो खत्म होती है। और अगर तुमने अभी तक हमारी एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं करी है, सब्सक्राइब नहीं करा है, सब्सक्राइब करो, Instagram पर फॉलो करो। जो जो चीज तुम कर सकते हो, वह चीज करो और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करो।
34:02 अपनी बहन के साथ शेयर करो, अपने भाई के साथ शेयर करो। अपने तीन बेस्ट दोस्तों के साथ शेयर करो। कल ऑफिस में काम करते हो। अपनी गर्लफ्रेंड के साथ शेयर करो। अपने बॉयफ्रेंड के साथ शेयर करो। अपने कलीग के साथ शेयर करो। जिसको भी तुम सबसे ज्यादा प्यार करते हो उसके साथ शेयर करो। और ऐसे ही अपने आपको अशिक्षित से शिक्षित बनाते रहो। स्टे शिक्षित। और