Post Office Monthly Income Scheme Explained | Post Office MIS Scheme | SAGAR SINHA

Sagar Sinha www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) और एक स्मार्ट कॉम्बो ट्रिक के बारे में है जिससे सरकारी गारंटी के साथ 8.8% तक का वार्षिक रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। इसमें एमआईएस की कार्यप्रणाली, योग्यता, निवेश सीमा, समय से पहले निकासी के नियम, और मासिक आय की गणना शामिल है। इसके अतिरिक्त, एमआईएस से प्राप्त मासिक ब्याज को पोस्ट ऑफिस की आरडी में पुनर्निवेश करके रिटर्न को बढ़ाने की रणनीति बताई गई है, जिससे प्रभावी रिटर्न 8.8% तक पहुंच सकता है। वीडियो में टैक्स निहितार्थों, उपयोगिता, और खाता खोलने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया है।

मुख्य बातें:

  • एमआईएस एक सरकारी गारंटी वाली योजना है जो मासिक आय प्रदान करती है।
  • एमआईएस से प्राप्त ब्याज को आरडी में पुनर्निवेश करके रिटर्न को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह योजना रिटायर लोगों, फ्रीलांसरों, और युवा कमाने वालों के लिए उपयुक्त है।
  • ब्याज आय कर योग्य है, लेकिन टीडीएस नहीं काटा जाता है।

परिचय: पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस)

यह वीडियो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) के बारे में है, जो सरकारी गारंटी के साथ 14% वार्षिक रिटर्न की संभावना प्रदान करती है। यह वीडियो एमआईएस के साथ एक सरल ट्रिक का प्रदर्शन करता है जिससे कम से कम 8.8% वार्षिक रिटर्न सरकारी गारंटी के साथ प्राप्त किया जा सकता है। यह स्टॉक मार्केट के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर सरकारी गारंटी और स्मार्ट कॉम्बो के उपयोग पर केंद्रित है।

एमआईएस क्या है और यह कैसे काम करता है?

एमआईएस, यानी मंथली इनकम स्कीम, एक पोस्ट ऑफिस स्कीम है जो हर महीने आय प्रदान करती है। इस योजना में 5 साल का कार्यकाल होता है, जिसमें एक बार एकमुश्त राशि जमा की जाती है, और उस पर मिलने वाला ब्याज हर महीने सीधे बचत खाते में जमा होता है। सरकार इसकी गारंटी देती है, जिससे मूलधन सुरक्षित रहता है। वर्तमान में, इस पर 7.4% प्रति वर्ष का ब्याज मिलता है, जिसका भुगतान मासिक रूप से किया जाता है।

एमआईएस कौन खोल सकता है और निवेश सीमाएं

कोई भी भारतीय नागरिक व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त खाता खोलकर एमआईएस में निवेश कर सकता है। माता-पिता नाबालिग बच्चों के नाम पर भी खाता खोल सकते हैं। न्यूनतम निवेश ₹1000 से शुरू होता है, जबकि एकल खाते के लिए अधिकतम निवेश सीमा ₹9 लाख और संयुक्त खाते के लिए ₹15 लाख है। सरकार ने यह सीमा इसलिए लगाई है ताकि अल्ट्रा-रिच लोग इस योजना का दुरुपयोग न कर सकें और यह आम लोगों के लिए उपलब्ध रहे।

समय से पहले निकासी और जुर्माना

एमआईएस खाते को 5 साल से पहले भी बंद किया जा सकता है, लेकिन इस पर जुर्माना लगता है। एक से तीन साल के भीतर बंद करने पर मूलधन पर 2% का जुर्माना लगता है, जबकि तीन से पांच साल के भीतर बंद करने पर 1% का जुर्माना लगता है। परिपक्वता पर, मूलधन और अंतिम महीने का भुगतान वापस मिल जाता है। यदि आपको एक-दो साल में पैसे की आवश्यकता हो सकती है, तो पूरी राशि एमआईएस में न डालें, बल्कि कुछ राशि को उच्च तरलता वाले विकल्पों में रखें।

मासिक आय की गणना

एमआईएस पर ब्याज दर 7.4% प्रति वर्ष है, जो समय-समय पर बदलती रहती है। ₹1 लाख के निवेश पर ₹617 प्रति माह, ₹3 लाख पर ₹1850 प्रति माह, ₹5 लाख पर ₹3083 प्रति माह, ₹7.5 लाख पर ₹4617 प्रति माह, और ₹9 लाख (एकल खाते में अधिकतम) पर ₹5550 प्रति माह मिलते हैं।

स्मार्ट कॉम्बो ट्रिक: एमआईएस से आरडी

एमआईएस से प्राप्त मासिक ब्याज को पोस्ट ऑफिस की आरडी (आवर्ती जमा) में जमा करके रिटर्न को बढ़ाया जा सकता है। आरडी पर वर्तमान में 6.7% प्रति वर्ष का ब्याज मिलता है, जो तिमाही चक्रवृद्धि है। उदाहरण के लिए, यदि आप ₹5 लाख एमआईएस में डालते हैं, तो आपको ₹3083 प्रति माह मिलेंगे। यदि आप इस राशि को आरडी में जमा करते रहते हैं, तो 5 साल बाद आपको लगभग ₹2.20 लाख का अतिरिक्त लाभ होगा, जिससे प्रभावी रिटर्न 8.8% प्रति वर्ष हो जाएगा।

एमआईएस का उपयोग कौन कर सकता है?

एमआईएस रिटायर लोगों और माता-पिता के लिए उपयुक्त है जिन्हें सुरक्षित मासिक आय की आवश्यकता होती है। फ्रीलांसर और क्रिएटर भी इसका उपयोग कर सकते हैं ताकि प्रोजेक्ट के धीमे होने पर आय का एक स्रोत बना रहे। युवा कमाने वाले जो कम जोखिम चाहते हैं, वे भी एफडी से बेहतर रिटर्न के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। युवाओं को सलाह दी जाती है कि पहले नियमित आय का स्रोत बनाएं, फिर जोखिम भरे निवेशों में जाएं।

टैक्स निहितार्थ

एमआईएस से मिलने वाला ब्याज कर योग्य है और आपकी कुल आय में जुड़ जाता है, जिस पर आपके आयकर स्लैब के अनुसार कर लगता है। एमआईएस पर टीडीएस नहीं काटा जाता है, लेकिन आपको अपनी आय में इसे दिखाना होगा और कर का भुगतान करना होगा। यही नियम आरडी के ब्याज पर भी लागू होता है।

चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  1. एमआईएस में निवेश की जाने वाली राशि तय करें (₹1 लाख से ₹9 लाख एकल खाते के लिए, ₹15 लाख संयुक्त खाते के लिए)।
  2. अपने बचत खाते को लिंक करें ताकि मासिक ब्याज सीधे जमा हो जाए।
  3. उसी दिन या उसी सप्ताह में आरडी में जमा करें।
  4. मासिक जमा का ट्रैक रखें।
  5. टैक्स फाइल करते समय एमआईएस और आरडी के ब्याज को जोड़ें।
  6. 5 साल बाद परिपक्वता पर, मूलधन और आरडी की राशि वापस प्राप्त करें और आगे की योजना बनाएं।

सामान्य बातें

आरडी और एमआईएस की दरें बदलती रहती हैं। आरडी में जमा करना न भूलें, अन्यथा चक्रवृद्धि का लाभ कम हो जाएगा। समय से पहले निकासी पर जुर्माना लगेगा। टैक्स को अनदेखा न करें। पूरी राशि एमआईएस में न डालें, आपातकालीन निधि अलग रखें। आप किसी भी पोस्ट ऑफिस शाखा में खाता खुलवा सकते हैं।

खाता कैसे खोलें

किसी भी पोस्ट ऑफिस शाखा में जाएं और एमआईएस खाता खोलने का फॉर्म लें। फॉर्म भरें, व्यक्तिगत विवरण, नामांकित व्यक्ति का विवरण और जमा राशि दर्ज करें। आवश्यक दस्तावेज (आधार, पैन, फोटो) संलग्न करें। चेक, नकद या डिमांड ड्राफ्ट से राशि जमा करें। आपको एक पासबुक मिलेगी जिसमें जमा और मासिक ब्याज की प्रविष्टियां होंगी। एमआईएस से प्राप्त ब्याज को आरडी या पीपीएफ में स्थानांतरित किया जा सकता है।

पुनरावलोकन

एमआईएस एक सरकारी समर्थित 5 साल की मासिक भुगतान योजना है, जिसमें 7.4% प्रति वर्ष का ब्याज मिलता है। आरडी पर 6.7% प्रति वर्ष का ब्याज मिलता है, जो तिमाही चक्रवृद्धि है। दोनों को मिलाकर, एमआईएस ब्याज को आरडी में जमा करके प्रभावी रिटर्न 8.8% प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। यह योजना सुरक्षा और मासिक आय प्रदान करती है, और एफडी से बेहतर परिणाम देती है। जोखिम लेने से पहले एक मजबूत आधार बनाएं।

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Transcript

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0:00 क्या ऐसा हो सकता है कि पोस्ट ऑफिस की सरकारी स्कीम के तहत 14% एनुअल रिटर्न वाला कोई स्कीम हो जहां सरकार की गारंटी भी मिले? तो आज इसी बारे में बात करेंगे। पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम यानी कि एमआईएस के बारे में आज बात करने वाले हैं। और सिर्फ एमआईएस ही नहीं मैं आपको एक ऐसी सिंपल ट्रिक भी दिखाने जा रहा हूं जिससे कम से कम 8.8 एनुअल रिटर्न सरकारी गारंटी के साथ आप ले सकते हैं। और बता दूं सरकारी गारंटी का मतलब होता है जीरो रिस्क और रिटर्न की पूरी गारंटी। तो आज जो हम बात करने वाले हैं वो स्टॉक मार्केट का रोलर कोस्टर छोड़कर गवर्नमेंट की गारंटी प्लस स्मार्ट कॉम्बो का जुगाड़ यह सिखाने वाला हूं।

0:45 अब सबसे पहले एमआईएस होता क्या है? कैसे काम करता है? पहले ये समझ लेते हैं। एमआईएस मतलब होता है मंथली इनकम स्कीम। जैसा कि नाम से समझ में आ रहा है। मंथली इनकम। हर महीने इनकम घर में आता है। पोस्ट ऑफिस की स्कीम है। 5 साल का टेन्यर है। मतलब आप जो पैसा डालेंगे वो 5 साल तक ही रखना है। और इसमें पैसा लमसम पैसा एक बार जमा होगा सिंगल टाइम में। उस पर हर महीने इंटरेस्ट आपके सेविंग अकाउंट में अपने आप क्रेडिट होता जाता है। गवर्नमेंट की गारंटी है, प्रिंसिपल सेफ है। इंटरेस्ट इसमें मिलता है 7.4% पर एनम। और पे आउट मंथली आता है। आप सोचेंगे अरे आपने तो 8.8 बोला है और 14% भी बोला है शुरुआत में। बताऊंगा भैया वो भी बताऊंगा। अभी थोड़ा सा सांस ले लीजिए। आगे सुनिए। अब सवाल ये है

1:32 कौन एमआईएस खोल सकता है? मिनिमम मैक्सिमम कितनी कितना इसमें डाल सकते हैं? ये समझाता हूं पहले। इंडियन इंडिविजुअल्स मतलब भारत का कोई भी नागरिक इसमें खोल सकता है। या तो सिंगल खोल सकता है या जॉइंट अकाउंट बना के खोल सकता है। डिफरेंस होता है क्या वो भी बताता हूं। पेरेंट्स माइनर बच्चों के नाम पर भी इसको खोल सकते हैं। यानी कि 10 साल से अगर ऊपर का बच्चा है अगर वो साइन कर सकता है तो वह खुद भी ओपन कर सकता है। 5 साल का टेन ईयर फिक्स है। यानी कि मिनिमम टिपिकली आप ₹1000 से शुरू कर सकते हैं। और मैक्सिमम ₹9 लाख तक का अगर आपका सिंगल अकाउंट है तो ₹9 लाख मैक्सिमम डाल सकते हैं। अगर जॉइंट अकाउंट है तो ₹15 लाख मैक्सिमम डाल सकते हैं। जॉइंट अकाउंट का मतलब क्या होता है? घर में आप दो-तीन लोग मिलकर के एक साथ आपने

2:17 अकाउंट खुला लिया है। हस्बैंड वाइफ या बाप बच्चे बाप बेटे ऐसा करके। अब लिमिट क्यों है? सवाल ये आता है कि भैया इतनी बढ़िया स्कीम है तो 9 लाख क्यों 15 लाख क्यों? 25 30 लाख 1 करोड़ भी होना चाहिए। सर लिमिट इसलिए जरूरी है कि सरकार मंथली इंटरेस्ट देती है। जो आप कहीं भी रीइन्वेस्ट कर करके और ब्याज कमा सकते हो। बहुत बड़े टिकट्स को रोकने के लिए यह अपर कैप लगाया जाता है। नहीं तो अल्ट्रा रिच सिर्फ यही स्कीम में भर देंगे भैया अपना पैसा। सरकार ने स्कीम ये आपके लिए बनाई है ना कि अंबानी जैसे मोटे पार्टी के लिए। सोचो ना इतना बड़ा रिटर्न है तो अंबानी जैसे लोगों को अगर लिमिट फ्री मिल गया वो तो कितना भी पैसा डाल करके इतना कमा लेंगे। तो सरकार का वो इंटेंशन नहीं है। अच्छा। क्या 5 साल

3:05 से पहले भी इस अकाउंट को बंद कर सकते हैं? कर सकते हैं? बिल्कुल कर सकते हैं। लेकिन थोड़ी सी पेनल्टी लगेगी। कितना लगेगा? अगर एक से 3 साल में आप इसको क्लोज कर देते हो तो 2% पेनल्टी लगेगी ऑन प्रिंसिपल। यानी कि अगर आपने ₹5 लाख डाल रखा है तो ₹5 लाख पर 2% पेनल्टी यानी कि ₹10,000 पेनल्टी लगेगा। अच्छा अगर आपने तीन से 5 साल में क्लोज किया तो 1% पेनल्टी लगेगी। यानी ₹ लाख पर 1% पेनल्टी हुआ। ₹5,000 पेनल्टी लगेगा। 5 साल के बाद मैच्योरिटी पर प्रिंसिपल और लास्ट मंथ का पे आउट ये दोनों मिल जाता है। तो 5 साल के बाद विड्रॉ करने पर कोई दिक्कत नहीं है भाई क्योंकि प्लान ही ऐसा है और अपने आप 5 साल बाद यह क्लोज भी हो जाता है। अब यहां पे आपके लिए एक टिप है

3:50 कि अगर आपको एक दो साल में पैसा चाहिए होता है मतलब चाहिए हो सकता है। तो मैं कहूंगा पूरा का पूरा पैसा आप एमआईएस में ना डालो। थोड़ा अमाउंट हाई लिक्विडिटी वाले में रखो जहां पर आप एनी टाइम कभी भी पैसा निकाल सकते हो। इसमें वही पैसा डालो जो आप 5 साल तक लॉक कर सकते हो। ठीक है? अब मंथली इनकम कितनी मिलेगी यह जानते हैं। इंटरेस्ट है जैसा मैंने आपको बताया 7.4% फिलहाल बदलता रहता है। गवर्नमेंट अलग-अलग टाइम पर डिसाइड करती रहती है। अब अगर आप इसमें ₹1 लाख एक बार में डाल देते हो तो ₹617 पर मंथ आपको मिलता है। अगर ₹ लाख डाल देते हो तो ₹1850 पर मंथ मिलता है। अगर 5 लाख डालते हो तो ₹383 पर मंथ मिलता है। 7.5 लाख डालोगे तो ₹4617 मंथ मिलता है। 9 लाख डाल दिया जो कि सिंगल

4:37 अकाउंट में मैक्सिमम है तो ₹550 पर मंथ मिलता है। अब आते हैं उस कॉम्बो ट्रिक पर जहां पर हमको रिटर्न बढ़ाना है जो मैंने शुरुआत में जहां से शुरू किया था। तो ये रिटर्न बढ़ाने का कॉम्बो है भैया एमआईएस टू आरडी और साथ में यह भी समझेंगे क्या सच में 14% रिटर्न मिल सकता है? तो सुनो अब यहां पर आता है स्मार्ट कॉम्बो। एमआईएस से जो मंथली इंटरेस्ट आता है आपके पास उसे इसी पोस्ट ऑफिस की आरडी में डाल दो। मतलब पोस्ट ऑफिस का एक और आरडी अकाउंट खुलवा लो। इंटरेस्ट आया उसको रिकरिंग डिपॉजिट आरडी में डाल दिया। अब आरडी का जो इलस्ट्रेटिव रेट है इन दिनों पोस्ट ऑफिस का वो 6.7% पर एनम है और साथ में ये क्वार्टरली कंपाउंडिंग वाला है और आरडी का 10 ईयर आप 5 साल ही रखो। अब एग्जांपल मान लो कि आपने ₹5 लाख एमआईएस

5:26 में डाल दिया है। एमआईएस से आएगा आपको ₹383 पर मंथ। 5 साल में एमआईएस इंटरेस्ट आपको टोटल मिल जाता है ₹185000 एमआईएस इंटरेस्ट मंथली पे आउट का हमने टोटल जोड़ करके आपको बताया और अगर यह ₹383 आपने पर मंथ आरडी में डालते रहे मतलब इधर आपके पास एमआईएस से आया और इधर उठा के आपने वही पैसा आरडी में डाल दिया तो 60 महीने के डिपॉजिट का सम 1884980 यह वो पार्ट है जो एज इंटरेस्ट आपने एमआईएस से कमाया था और इसी इसी पैसे को आप आरडी में भी डालते जा रहे हो तो आरडी से भी कंपाउंडिंग होता रहेगा वो पैसा तो लगभग 334000 के आसपास आपका आरडी से भी कमाई हो जाता है तो टोटल मिला के अगर आप देखो तो

6:12 आरडी मैच्योरिटी होने की मैच्योरिटी होने के बाद आपको लगभग ₹25 लाख मिल जाता है अब देखो पहले एमआईए से इंटरेस्ट आपने टोटल कमाया 1.84 लैक्स मगर जब उस कमाए हुए इंटरेस्ट को मंथली बेसिस पर आप आईडी में डालते रहे तो वही पैसा 5 साल बाद 2.20 लैक्स मतलब लगभग ₹5 लाख बन जाता है। इसी को कहते हैं इन्वेस्टमेंट रोलिंग। मतलब आप एक जगह से इन्वेस्टमेंट का ब्याज कमा रहे हो। उस ब्याज को कहीं और डाल रहे हो और उस ब्याज पर भी ब्याज कमा रहे हो। तो बॉटम लाइन क्या है? एमआईएस अगर अकेला है तो 1.85 लाख आपको पे आउट कमा के देता है। लेकिन एमआईएस को अगर आरडी से जोड़ दिया तो 1.85 प्लस ₹34,000 एक्स्ट्रा ₹5 लाख बन

7:01 जाता है। अब एक्स्ट्रा अपलिफ्ट आपको कितने का मिल गया? ₹34,000 एक्स्ट्रा। अब इसकी वजह से अगर आप परसेंटेज कैलकुलेट करो तो 1.4% पर एनम 5 लाख के प्रिंसिपल पर आपको एक्स्ट्रा मिलने लग गया। तो आप देखो इफेक्टिव रिटर्न जो बन के आया 7.4% आपको एमआईएस दे रहा है और 1.4% हमने एक्स्ट्रा पा लिया तो 8.8% का पर एनम का इफेक्टिव रिटर्न अपना बन गया भैया। तभी मैंने कहा था कि एक ऐसा जुगाड़ जिससे 8.8% पर एनम बन जाता है। है ना मजेदार चीज? 8.8% फिक्स सरकारी गारंटी के साथ कौन दे रहा है भैया आज? किधर भी नहीं मिल रहा। ठीक है? अब यहां पर मिथ है। कुछ लोग मिथ पाल लेते हैं। वो क्या करते हैं? वो एमआईएस वाला 7% और आरडी वाला 7% जो

7:49 मोटा-मोटी मिल रहा है दोनों को जोड़ करके कह देंगे कि भैया 14% रिटर्न मिल रहा है। ऐसा नहीं होता है चाचा। उधर सात इधर सात जोड़ करके 14 कर दिए वो नहीं होता है। थोड़ा सा मैथ लगाइए। अच्छा कौन यूज़ कर सकते हैं इसको? रिटायर लोग रिटायर पेरेंट्स जिनको मंथली कैश फ्लो सेफ चाहिए। हर महीने कुछ ना कुछ आता रहे। फिर फ्रीलांसर्स यूज़ कर सकते हैं। क्रिएटर्स जिनको ब्रिज इनकम चाहिए। जब प्रोजेक्ट स्लो हो जाए। जब अपना काम धंधा स्लो हो जाए इधर से कुछ ना कुछ आता रहे वैसे वाले लोग यंग अर्नर्स जो नए-नए हैं भैया डाउन साइड रिस्क नहीं चाहते तो एफडी से बेहतर निकालना चाहते हैं तो कुछ ना कुछ उधर भी आता रहेगा अब यहां पर एक बात यंग लोगों के लिए कहना चाहूंगा देखो पहले मैं कहता हूं कैश फ्लो सेट करो फिर हाई रिस्क को चस करना ये उनके लिए है जो डायरेक्ट स्टॉक्स

8:34 में कूदते हैं ना जो डायरेक्ट रिस्की एसेट में कूदते हैं ना उनके लिए कह रहा हूं कि पहले कैश फ्लो मतलब रेगुलर इनकम का एक जुगाड़ बना लो तब रिस्की एसेट में घुसना वो समझदारी है। अब टैक्स के बारे में पूछोगे टैक्स कितना लगता है भैया पोस्ट ऑफिस एमआईएस पर? तो देखो जो इंटरेस्ट आपको मिल रहा है वो टैक्सेबल है। एमआईएस से हर महीने जो आपको इंटरेस्ट मिल रहा है वो आपकी टोटल इनकम में जुड़ जाता है। टोटल इनकम मतलब आप जहां से भी धंधे पानी नौकरी चाकरी जहां से भी कमा रहे हो उसी का ये भी पार्ट बन जाता है। तो आपकी टोटल इनकम इतनी बन गई तो वो टोटल इनकम के हिसाब से आपको टैक्सेबल बन जाता है। मतलब टैक्स उस पर लगता है। आपको अपनी इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है। अब एग्जांपल ले लो कि अगर आप 20% के टैक्स स्लैब में आते हो और सालाना आपने इंटरेस्ट कमा लिया ₹60,000 तो उस पर 12% सॉरी 20% यानी कि

9:24 लगभग ₹12500 के आसपास का आपका टैक्स बन जाता है। टीडीएस कटता है कि नहीं? सर पोस्ट ऑफिस एमआईएस पर टीडीएस नहीं कटता। मतलब पूरा पैसा आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको टैक्स नहीं देना। टैक्स तो देना है आपको। जब आप रिटर्न भरते हो, आपका सीए जब साल में एक बार रिटर्न भरेगा, उस समय आपको अपना इंटरेस्ट इनकम दिखाना पड़ेगा। और यही बात आरडी के इंटरेस्ट पर भी एप्लीकेबल होता है। उससे जो आप इंटरेस्ट कमाएंगे उस पे आपको टैक्स भरना पड़ेगा खुद से। अब एक बार रिवीजन करा देता हूं स्टेप बाय स्टेप। सर देखो स्टेप वन क्या है? कि डिसाइड करो प्रिंसिपल कितना डालना है एमआईएस में? 1 लाख से 9 लाख आप सिंगल अकाउंट पे डाल सकते हो। अगर जॉइंट अकाउंट खुलवाया है तो 15 लाख डाल सकते हो मैक्सिमम। दूसरा यह काम

10:11 करो सेविंग अकाउंट को लिंक करवा दो। मंथली क्रेडिट अपने आप आपके सेविंग अकाउंट में आता रहेगा एमआई से जो इंटरेस्ट कमाई होगी। तीसरा स्टेप यह है कि सेम दिन या वीक में आरडी में डिपॉजिट करते जाओ। जो इधर से कमाई हो रही है वो डिसिप्लिन बना लो। चौथा स्टेप यह है कि एक्सेल या नोट में मंथली डिपॉजिट का ट्रैक रखो। क्वार्टर एंड पे आरडी कंपाउंडिंग समझो कि कितना हो रहा है। अब पांचवा स्टेप यह है कि टैक्स फाइल करते वक्त एमआईएस और आरडी का इंटरेस्ट ऐड करो। टीडीएस नहीं लगता इसका मतलब टैक्स नहीं लगेगा। ऐसा नहीं होता है। आपको खुद से भरना होता है साल के अंत में। स्टेप सिक्स 5 साल पर मैच्योरिटी होगी। प्रिंसिपल तो वापस आएगा ही। आरडी की मैच्योरिटी भी अलग

10:57 से वापस आएगी। अब ये दोनों जब आ जाए तो फिर डिसाइड करो आगे का प्लान क्या करना है? इसको रिन्यू कर देना है या खत्म कर देना है। यह गोल बेस्ड एलोकेशन आपको करना चाहिए। अब कॉमन बातें कुछ जो आपके मन में आ रही होंगी वो बता देता हूं। देखो रेट्स जो है इसके आरडी के और एमआईएस के चेंज होते रहते हैं। क्वार्टरली रिव्यू आता है इसलिए इलस्ट्रेटिव मैंने आपको यहां पर इस वीडियो में बताया। डिसिप्लिन का ब्रेक करोगे तो आरडी में डालना मिस कर दिया तो कंपाउंडिंग का मजा कम हो जाएगा। चाचा प्रीमेच्योर एग्जिट यानी कि 5 साल से पहले अगर एग्जिट कर दिया तो पेनल्टी को मत भूल जाना वो लगेगा। टैक्स को इग्नोर मत करना। टीडीएस नहीं कटेगा। इसका मतलब यह नहीं है कि टैक्स नहीं लग रहा। आपको खुद से जमा करना है। सब पैसा एमआईएस में मत डालो।

11:42 पूरा का पूरा मत डाल डालो। इमरजेंसी फंड अपने पास अलग रखो। इंश्योरेंस अलग रखो और गोल बेस्ड इन्वेस्टिंग अलग रखो। कहां खाता खुलवा सकते हैं? यह भी समझा देता हूं। किसी भी पोस्ट ऑफिस के ब्रांच में जाओ उधर खुलवा लो। कुछ बड़े पोस्ट ऑफिस अब ऑनलाइन फॉर्म भी देने लग गए हैं। लेकिन फाइनल प्रोसेस अभी भी ब्रांच विजिट के बाद ही होता है। पोस्ट ऑफिस जाओ और एमआईएस अकाउंट ओपनिंग का फॉर्म ले लो। फॉर्म भरो। पर्सनल डिटेल डालो। नॉमिनी डिटेल डालो, डिपॉजिट अमाउंट डालो। डॉक्यूमेंट अटैच करो। कौन से डॉक्यूमेंट? आधार, पैन, फोटो। उसके बाद चेक, कैश या डिमा डिमांड ड्राफ्ट से आप अमाउंट जमा कर सकते हो। आपको वहां से पासबुक मिल जाएगा जिसमें डिपॉजिट प्लस मंथली इंटरेस्ट एंट्रीज भी होंगी। उसमें इंटरेस्ट हर महीने आपके लिंक्ड पोस्ट ऑफिस

12:27 के सेविंग अकाउंट में आ जाता है। उसी से आपके बैंक अकाउंट में भी क्रेडिट हो जाता है। आप चाहो तो इस इंटरेस्ट को निकाल लो या फिर किसी और स्कीम जैसे मैंने बताया कि आरडी या पीपीएफ में ट्रांसफर कर सकते हो। एमआईएस वाले इनकम को मंथली आरडी में आपको खुद ट्रांसफर करना होगा या ऑनलाइन कर दो या फिर ऑफलाइन कर सकते हो। भैया ऑटो डेबिट वाला फीचर आपको थोड़ा पोस्ट पोस्ट ऑफिस में जाकर के चेक करना पड़ेगा। हर पोस्ट ऑफिस आपको ये ऑटो डेबिट वाला हो सकता है ये स्कीम ना दे। अब एक बार फिर से रिककैप करा देता हूं। एमआईएस का मतलब गवर्नमेंट बैक 5 साल मंथली पे आउट वाला स्कीम 7.4% पर एनम इलस्ट्रेशन आरडी अलग से 6.7% पर एनम क्वार्टरली कंपाउंडिंग के साथ दोनों को मिलाया। कॉम्बो बना दिया। एमआईएस इंटरेस्ट आरडी में डालो। इफेक्टिव हो

13:13 जाएगा 8.8% पर एनम। 14% नहीं है। ये ध्यान रखिएगा। यूज़ केस क्या है? सेफ्टी रखो। मंथली कैश फ्लो आएगा। एफडी से बेटर आउटकम ये आपको निकाल के दे देता है। अब एक बात रिस्क लेना है तो पहले बेस स्ट्रांग बनाओ। कैश फ्लो पावर होता है। अब लास्ट में मुझे आप यह बताओ कि आप एमआईएस में कितना डालना चाहोगे? 1 लाख, 3 लाख, 5 लाख या 9 लाख? क्या आप इंटरेस्ट को आरडी में डालोगे? अगर सच में डालोगे तो मुझे यस लिख के जरूर बताना। तो मुझे समझ में आएगा कि भैया कितने लोगों को मेरा ओपिनियन समझ में आया। एफडी वर्सेस एमआईएस आप किस टीम में हो? एफडी वाले हो या एमआईएस वाले हो यह भी मुझे कमेंट बॉक्स में लिख के जरूर बताना। बाकी इतना डिटेल में जो एनालिसिस करके आपको चीजें बताई अगर कुछ नया लगा तो मुझे कमेंट बॉक्स में जरूर लिख के बताइए। यह बात तो पता ही नहीं थी। इतनी सॉलिड तरीके

14:00 से आपने गजब बना दिया। ऐसे लिख के बताते हो तो मुझे समझ में आता है भैया फ्रूटफुल कुछ दिया मैंने

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